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ईंधन संकट से बड़ी राहत! भारत ने अगस्त तक का LPG और कच्चे तेल का इंतजाम कर लिया

नई दिल्ली  मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते वैश्विक स्तर पर ईंधन की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है. लेकिन इस संकट के बावजूद भारत में रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं होने वाली है. इसका कारण यह है कि भारतीय रिफाइनरियों ने बेहद सूझबूझ के साथ देश में कम-से-कम अगस्त 2026 तक के लिए कच्चे तेल और एलपीजी (LPG) का इंतजाम कर लिया है।  उद्योग सूत्रों के अनुसार, भारतीय कंपनियों ने हाल के हफ्तों में अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) और अन्य वैश्विक विक्रेताओं से कच्चे तेल और एलपीजी की रिकॉर्ड खरीद की है. इस वजह से अगस्त तक की घरेलू जरूरतों को पूरा करने करने की व्‍यवस्‍था हो गई है।  ऐसे आ रहा है तेल सप्लाई को बिना किसी रुकावट के जारी रखने के लिए भारतीय रिफाइनरियां भारतीय कंपनियां फ्री-ऑन-बोर्ड (FOB) आधार पर समंदर के बीचों-बीच ही एक जहाज से दूसरे जहाज में क्रूड और एलपीजी ट्रांसफर करके खेप उठा रही हैं.इसे शिप-टू-शिप (Ship-to-Ship) ट्रांसफरकहते हैं. इसके लिए एडीएनओसी अपने फुजैराह स्टोरेज, जिर्कू और दास द्वीप (Das Island) से कच्चे तेल की खेप भारतीय रिफाइनरियों को उपलब्‍ध करा रहा है. इसके अलावा मलेशिया और ओमान के सोहार क्षेत्र में भी यह री-लोडिंग सुविधा दी जा रही है. भारत के लिए एलपीजी की मुख्य लोडिंग सोहार से की जा रही है।  भारतीय रिफाइनरी के एक अधिकारी ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर बताया कि भारत के पास अब एलपीजी का कम-से-कम जुलाई के मध्य तक का पर्याप्त स्टॉक है और कच्चे तेल को लेकर भी अगस्त तक कोई समस्या नहीं होगी।  HPCL ने खरीदा 40 लाख बैरल मुरबान क्रूड सरकारी तेल कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) धड़ाधड़ तेल खरीद रही है. व्यापारिक सूत्रों के ने बताया कि एचपीसीएल ने अगस्त डिलीवरी के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से 40 लाख बैरल मुरबान (Murban) क्रूड की बड़ी खेप खरीदी है. यह सौदा टोटलएनर्जीज की ट्रेडिंग शाखा टोट्सा और ‘मर्कुरिया’ के जरिए जुलाई के डेटेड ब्रेंट बेंचमार्क से करीब 40 सेंट प्रति बैरल प्रीमियम पर तय हुआ है. इससे ठीक एक हफ्ते पहले HPCL ने अपनी 1.80 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता वाली राजस्थान रिफाइनरी के लिए ब्राजील और पश्चिम अफ्रीका से भी 20 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा था।  लैटिन अमेरिका और अफ्रीका से आ रहा तेल केवल एचपीसीएल ही नहीं, बल्कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) और मैंगलोर रिफाइनरी (MRPL) जैसी अन्य दिग्गज भारतीय कंपनियों ने भी स्पॉट टेंडर के जरिए ताबड़तोड़ खरीदारी की है. मिडिल ईस्ट में युद्ध छिड़ने के बाद भारत ने समय रहते अपनी रणनीति बदलते हुए पारंपरिक खाड़ी देशों से निर्भरता घटाकर लैटिन अमेरिका और अफ्रीका से तेल का आयात बढ़ा दिया था. सऊदी अरब से भी भारत को लगातार बैकअप सपोर्ट मिलता रहा। 

INS महेंद्रगिरि और INS मालवन की एंट्री तय, जुलाई में भारतीय नौसेना की ताकत होगी दोगुनी

मुंबई  भारतीय नौसेना जुलाई में दो स्वदेशी युद्धपोतों को सेवा में शामिल करने की तैयारी कर रही है. 21 जून को तीन युद्धपोतों – INS दुनागिरी, INS संशोधक और INS अग्रय के ऐतिहासिक ट्रिपल कमीशनिंग के तुरंत बाद यह एक्सपेंशन हो रहा है. स्टेल्थ फ्रिगेट INS महेंद्रगिरि और एंटी-सबमरीन वारफेयर वेसल INS मालवन की कमीशनिंग जुलाई में होगी।  INS महेंद्रगिरि: प्रोजेक्ट 17A का अंतिम और शक्तिशाली फ्रिगेट INS महेंद्रगिरि प्रोजेक्ट 17A नीलगिरी क्लास का सातवां और अंतिम जहाज है. इसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने बनाया है. विशाखापट्टनम में कमीशन किया जाएगा. यह जहाज भारतीय नौसेना के स्वदेशी युद्धपोत निर्माण का प्रमुख मील का पत्थर है. इसमें लगभग 75 प्रतिशत पार्ट्स स्वदेशी हैं।  नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन किया गया यह स्टेल्थ फ्रिगेट मल्टी-डायमेंशनल युद्ध के लिए तैयार है. इसमें एंटी-एयर, एंटी-सर्फेस और एंटी-सबमरीन क्षमताएं हैं. ब्रह्मोस मिसाइल और मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम से लैस यह जहाज दुश्मन के लक्ष्यों को दूर से भेदने में सक्षम है. एडवांस स्टेल्थ फीचर्स के कारण रडार पर पकड़ना मुश्किल है. लगभग 6700 टन वजन वाला यह जहाज हेलिकॉप्टर भी ऑपरेट कर सकता है।  INS मालवन: तटीय क्षेत्रों का सबमरीन शिकारी INS मालवन एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) प्रोग्राम का दूसरा जहाज है. कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा बनाया गया यह 80 मीटर लंबा और लगभग 1100 टन वजन का जहाज कोच्चि में कमीशन होगा. यह मुख्य रूप से तटीय जल क्षेत्रों में सबमरीन निगरानी और हमले के लिए डिजाइन किया गया है।  जहाज टॉरपीडो, एंटी-सबमरीन रॉकेट, एडवांस्ड सोनार और आधुनिक रडार से सुसज्जित है. यह माइन वॉरफेयर और लो-इंटेंसिटी समुद्री अभियानों में भी सक्षम है. महाराष्ट्र के ऐतिहासिक तटीय शहर मालवन के नाम पर रखा गया यह जहाज 2003 तक सेवा दे चुके पुराने माइंसवीपर की विरासत को आगे बढ़ाएगा. इसमें 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री है, जिसमें कई एमएसएमई इकाइयों द्वारा विकसित सिस्टम शामिल हैं।  भारतीय महासागर क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियां हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियां, सबमरीन मूवमेंट और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है. ऐसे में INS महेंद्रगिरि जैसे स्टेल्थ फ्रिगेट लंबी दूरी की पेट्रोलिंग और बहु-आयामी युद्ध के लिए उपयोगी होंगे. वहीं, INS मालवन तटीय सुरक्षा और सबमरीन खतरे से निपटने में मजबूती देगा।  नौसेना का लक्ष्य 2026 में रिकॉर्ड संख्या में जहाज शामिल करना है. इससे बेड़े की संख्या 150 से ज्यादा हो जाएगी और समुद्री सुरक्षा मजबूत होगी. 21 जून की ट्रिपल कमीशनिंग के बाद जुलाई में दो और स्वदेशी युद्धपोतों का शामिल होना भारतीय नौसेना के आधुनिकीकरण का सिलसिला जारी रखेगा।  INS महेंद्रगिरि और INS मालवन समुद्री सुरक्षा को नई ऊंचाई देंगे. यह भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन की कहानी को मजबूत करता है. आने वाले समय में और कई स्वदेशी प्लेटफॉर्म्स जुड़ेंगे, जो हिंद महासागर में भारत की स्थिति को और मजबूत बनाएंगे। 

पुरी रथयात्रा 2026 की तैयारियां तेज, अंतिम चरण में रथ निर्माण; मूर्तिकारों की कला बनी आकर्षण

 पुरी  भगवान जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा के लिए तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। पुरी में रथों के निर्माण कार्य ने तेजी पकड़ ली है, जहां पारंपरिक सेवक अपनी पूरी निष्ठा के साथ रथों को भव्य रूप देने में जुटे हैं। रथ निर्माण की अद्यतन स्थिति  रथों के निर्माण में तकनीकी और कलात्मक दोनों पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्य महाराणा की देखरेख में साथी महाराणा और भोई सेवकों के सहयोग से निर्माण कार्य निरंतर जारी है।         द्वार बेढ़ा और पटाबाड़िया: तीनों रथों के लिए निर्धारित 12 द्वार बेढ़ों में से प्रत्येक रथ के लिए दो-दो द्वार बेढ़ों का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।   वहीं, रथों की वेदी के चारों ओर 'पटाबाड़िया' (लकड़ी की घेराबंदी) का कार्य अंतिम चरण में है। 13 परस्त पोटल स्थापित होने के बाद, शेष चार कोनों पर भी जल्द ही काम पूरा कर लिया जाएगा।         कलात्मक नक्काशी: रूपकार सेवकों की मेहनत रथों की सुंदरता में चार चांद लगा रही है। तीनों रथों के 24 नाटगोड़ों में से 12 पर कंदर्प रूप की नक्काशी पूरी हो चुकी है।   शेष 12 पर काम तेजी से चल रहा है, साथ ही पूर्ण हो चुकी प्रतिमाओं को पॉलिश और अलंकृत करने का काम भी जारी है।         कलश और पंखुड़ी: रथों के बड़े कलश पेंडी और 32 पंखुड़ियों का निर्माण कार्य संपन्न हो चुका है, जो रथों की भव्यता को और बढ़ा रहे हैं। तकनीकी और सुरक्षात्मक कार्य निर्माण के साथ-साथ रथों की मजबूती पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दोलवेदी स्थित अस्थायी कमारशाला में ओझा कमार सेवक रथों के जोड़ स्थानों के लिए लोहे के उपकरण तैयार कर रहे हैं।  इसमें एल-क्लैम्प, यू-क्लैम्प और कलश कांटे शामिल हैं। इसके अलावा, पहियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महाराणा सेवकों द्वारा धुरी (पई) के जोड़ स्थानों पर नट-बोल्ट की सहायता से लोहे की प्लेटें फिट की जा रही हैं। नाटगोड़ों पर चढ़ाया जा रहा रंगों का लेप  चित्रकार सेवकों की सक्रियता ने रथों को जीवंत कर दिया है। पोटल पाराभाड़ी पर रंगाई का काम पूरा होने के बाद, अब पार्श्व देव-देवियों की प्रतिमाओं, शिखर डमरू, आंवला, उलट शुआ और नाटगोड़ों पर रंगों का लेप चढ़ाया जा रहा है।  इन बाहरी सजावटों के साथ रथ अब धीरे-धीरे अपने दिव्य स्वरूप में ढल रहे हैं। विभिन्न सेवकों की इस सामूहिक सक्रिय भागीदारी से यह स्पष्ट है कि रथयात्रा की तैयारियां अपने पूर्णता की ओर अग्रसर हैं, जिससे भक्तों में उत्साह का माहौल है। 

भोपाल स्टेशन बनेगा नए दौर की पहचान, 350 करोड़ की लागत से मिलेगा मंदिर जैसा स्वरूप

भोपाल राजधानी के मुख्य रेल द्वार भोपाल जंक्शन रेलवे स्टेशन को जल्द ही एक नया और भव्य स्वरूप मिलने जा रहा है। रेलवे ने इस स्टेशन के कायाकल्प के लिए करीब 350 करोड़ रुपये के पुनर्विकास प्रोजेक्ट का प्रस्ताव तैयार किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत भोपाल जंक्शन को एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान देते हुए भव्य मंदिर शैली के अग्रभाग के साथ अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस किया जाएगा। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर आधारित इस परियोजना के लिए टेंडर और बिड से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज फाइनल कर अंतिम मंजूरी के लिए रेलवे बोर्ड को भेज दिए गए हैं, जहां से हरी झंडी मिलते ही धरातल पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। रानी कमलापति के बाद दूसरा पीपीपी स्टेशन इस बड़े बदलाव के बाद भोपाल जंक्शन शहर का ऐसा दूसरा रेलवे स्टेशन बन जाएगा, जिसे पीपीपी मॉडल के तहत पुनर्विकसित किया जा रहा है। इससे पहले भोपाल के ही रानी कमलापति रेलवे स्टेशन को इसी मॉडल पर विश्वस्तरीय बनाया जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, इस नए प्रोजेक्ट के जरिए स्टेशन के मौजूदा बिल्ट-अप एरिया को 4,238 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 6,532 वर्ग मीटर किया जाएगा। इस बढ़े हुए दायरे से स्टेशन परिसर के भीतर यात्रियों को मिलने वाली सेवाओं और खाली स्पेस को बड़े पैमाने पर विस्तार देने में मदद मिलेगी। यात्रियों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं स्टेशन के भीतर आधुनिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर खाका तैयार किया गया है, जिससे यात्रियों का सफर और सुगम हो सके। परियोजना के प्रमुख बिंदुओं को इस प्रकार समझा जा सकता है:     स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार को पारंपरिक और भव्य मंदिर कला की थीम पर डिजाइन किया जाएगा।     यात्रियों की सुविधा के लिए पूरी तरह से वातानुकूलित (AC) प्रतीक्षालय और बेहतर बैठने की व्यवस्था होगी।     परिसर के भीतर आवागमन को आसान बनाने के लिए नए लिफ्ट और फुट ओवरब्रिज बनाए जाएंगे।     स्टेशन पर मौजूद प्रसाधनों को अपग्रेड कर विश्वस्तरीय और स्वच्छ बनाया जाएगा।     बढ़े हुए निर्मित क्षेत्र के कारण यात्रियों को विभिन्न प्रकार की कमर्शियल सेवाएं भी स्टेशन के भीतर मिल सकेंगी। मंजूरी मिलते ही शुरू होगा निर्माण रेलवे प्रशासन का कहना है कि जैसे ही रेलवे बोर्ड से इस 350 करोड़ रुपये के बजट वाले प्रोजेक्ट को क्लीयरेंस मिल जाएगा, निर्माण एजेंसियां जमीन पर काम शुरू कर देंगी। इस पुनर्विकास से न केवल भोपाल जंक्शन पर यात्रियों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि भोपाल आने वाले पर्यटकों को स्टेशन से बाहर निकलते ही शहर की ऐतिहासिक और हेरिटेज पहचान की पहली झलक देखने को मिलेगी।

पंजाब में बीजेपी की बड़ी तैयारी, हर सीट का फीडबैक जुटाकर अमित शाह को भेजी जाएगी रिपोर्ट

चंडीगढ़  भारतीय जनता पार्टी ने मिशन फतेह पंजाब के तहत अपनी तैयारी तेज कर दी है। पंजाब में कमल कैसे खिलाना है और इसके लिए कितना प्रयास करना पड़ेगा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पंजाब प्रवास के दौरान इस पर काम शुरू कर दिया है। वे यहां कार्यकर्ताओं, नेताओं, व्यापारियों, कृषि विशेषज्ञों और आम मतदाताओं से मिलकर पंजाब के मुद्दों को न केवल समझेंगे, बल्कि चुनाव से पहले पंजाब में पार्टी की स्थिति के मद्देनजर अपनी फीडबैक रिपोर्ट भी तैयार करेंगे जिसे वे भाजपा नेता अमित शाह को सौंपेंगे।  दरअसल, पश्चिम बंगाल के बाद इस बार भाजपा का फोकस पंजाब पर है। दोनों ही बॉर्डर स्टेट हैं। भाजपा ने पंजाब में अकेले दम पर सरकार कभी नहीं बनाई। इस बार पार्टी ने सत्ता पर काबिज होने का लक्ष्य रखा है। इसी के चलते भाजपा जमीनी स्तर पर हर तरह की संभावनाओं को खंगाल रही है। नितिन नबीन का दौरा भी इसी से संबंधित है। भाजपा पंजाब में एक-एक सीट पर अपनी कमजोर और मजबूत कड़ियों पर मंथन करेगी। इसके लिए केवल चंद नेताओं से ही चर्चा नहीं की जाएगी बल्कि प्रदेश के 3500 से अधिक शक्ति केंद्र प्रमुखों से पार्टी की मौजूदा सियासी पकड़ पर प्रतिक्रिया जुटाई जाएगी। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसदों, पूर्व सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों व युवा नेताओं से अलग-अलग मुलाकात करेंगे और उनसे मालवा, दोआबा व माझा में पार्टी की स्थिति जानेंगे और पंजाब उन मुद्दों व मांगों पर चर्चा करेंगे जिन्हें चुनाव में प्रमुखता से उठाया जा सके। इन नेताओं से नबीन विरोधियों की ताकत और उनकी कमजोरियों पर भी विमर्श करेंगे। हाल ही में हुए पंचायत और निकाय चुनाव की समीक्षा भी की जाएगी। उधर, पार्टी हाईकमान ने यह भी साफ कर दिया है कि मिशन पंजाब के लिए पार्टी के नए और पुराने कैडर में भी अच्छे तालमेल में रहे। पार्टी के पास जहां पहले से ही समर्पित नेताओं व कार्यकर्ताओं की फौज है। वहीं, पिछले कुछ समय से विभिन्न दलों को छोड़कर आए कई नेताओं ने भाजपा में अपना सियासी सफर शुरू किया है। उन्हें पूरा मान-सम्मान मिले, उनकी मौजूदगी का पार्टी को लाभ भी पहुंचे मगर पुराने नेताओं के साथ उनका बेहतर सामंजस्य बना रहे, इसके लिए भी राष्ट्रीय अध्यक्ष एकजुटता का पाठ पढ़ाकर जाएंगे। जोहल से समझेंगे किसानों के मुद्दे पंजाब में किसान और किसानी एक बड़ा फेक्टर रहे हैं। अपने प्रवास के दौरान नितिन नबीन पंजाब के किसानों से जुड़े मसलों को समझेंगे। केंद्र के तीन कृषि कानूनों के संदर्भ में हुए आंदोलन के बाद से पंजाब का किसान भाजपा से छिटका रहा है मगर पार्टी अब किसानों का समर्थन चाहती है। पंजाब में किसान और किसानों के मुद्दे क्या हैं, इस पर वे कृषि अर्थशास्त्री सरदारा सिंह जोहल से मिलकर विमर्श करेंगे। राज्यपाल से सूबे के जानेंगे हालात पंजाब प्रवास के दौरान नबीन पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से भी उनके आवास पर मुलाकात करेंगे। सूबे में इस वक्त क्या वर्तमान हालात हैं, इस पर एक औपचारिक चर्चा करेंगे। वे भाजपा के सभी जिलाध्यक्षों व पदाधिकारियों से भी सियासी हालात पर बात करेंगे। पंजाब के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों राष्ट्रीय अध्यक्ष की मुलाकात पंजाब के कुछ प्रख्यात शख्सियतों से भी करवाएंगे। इस दौरान भी पंजाब में भाजपा की स्थिति पर बातचीत होगी।  

भाजपा का बूथ स्तर पर बड़ा अभियान, MP में ‘बूथ गौरव दिवस’ के तहत होंगे विशेष कार्यक्रम

भोपाल  भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में एक बड़ा अभियान शुरू का फैसला किया है। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा जारी पत्र के अनुसार आगामी 23 जून से 6 जुलाई तक पूरे देश सहित मध्य प्रदेश में 'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी संस्मरण पक्ष' का भव्य आयोजन किया जा रहा है। मध्य प्रदेश भाजपा इस पखवाड़े को जमीनी स्तर पर 'बूथ गौरव दिवस' और विशेष वैचारिक व्याख्यानों के रूप में मनाने जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर गठित केंद्रीय संचालन टोली में मध्य प्रदेश के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह को शामिल किया है, जो राज्य में इन सभी कार्यक्रमों की सीधी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। धारा 370 की समाप्ति और 'राष्ट्र प्रथम' पर केंद्रित विशेष व्याख्यान इस पखवाड़े का सबसे मुख्य वैचारिक केंद्र धारा 370 की समाप्ति रहेगा। व्याख्यानों और सम्मेलनों के माध्यम से कार्यकर्ताओं और जनता को बताया जाएगा कि कैसे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर डॉ. मुखर्जी के अखंड भारत के सपने को साकार किया गया है। इन विशेष व्याख्यानों के जरिए यह संदेश घर-घर पहुँचाया जाएगा कि 'राष्ट्र प्रथम' अब केवल एक भावना नहीं, बल्कि देश की जीवनधारा बन चुका है। तीन प्रमुख विषयों पर जिला कार्यकर्ता सम्मेलन राज्य के सभी जिलों में बड़े पैमाने पर जिला कार्यकर्ता सम्मेलनों की रूपरेखा तैयार की गई है। इन सम्मेलनों में तीन अलग-अलग प्रबुद्ध वक्ताओं द्वारा डॉ. मुखर्जी के सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान, एक केंद्रीय मंत्री के रूप में उनकी कार्यशैली और भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में उनके ऐतिहासिक योगदान पर केंद्रित विशेष व्याख्यान दिए जाएंगे। युवा मोर्चा के नेतृत्व में 'बाहरी परिसर' छात्र सम्मेलन प्रदेश के सभी प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों के बाहर युवा पीढ़ी और छात्रों को इस विचारधारा से जोड़ने के लिए छात्र सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार यह सभी कार्यक्रम शैक्षणिक परिसरों की सीमा से बाहर (आउटसाइड कैंपस) आयोजित होंगे, जिसकी पूरी कमान और नेतृत्व भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिम्मे सौंपा गया है। शहरों में नामकरण, प्रतिमा अनावरण और महा-वृक्षारोपण अभियान इस पखवाड़े के दौरान मध्य प्रदेश के प्रत्येक नगर और शहर में किसी प्रमुख चौराहे, उद्यान अथवा मार्ग का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया जाएगा और उनकी प्रतिमा या चित्र का अनावरण भी होगा। इसके साथ ही, चूंकि राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, इसलिए पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ प्रत्येक बूथ पर प्रभावी रूप से व्यापक वृक्षारोपण अभियान भी चलाया जाएगा।

भोपाल मंडल के 15 स्टेशनों की बदलेगी तस्वीर, यात्रियों को मिलेंगे सिनेमाघर और गेमिंग जोन

भोपाल  यदि आप एक व्यापारी हैं, स्टार्टअप चलाते हैं या निवेश के लिए किसी बड़े और गारंटीड फुटफॉल (ग्राहकों की भारी मौजूदगी) वाले स्थान की तलाश में हैं, तो भारतीय रेलवे आपके लिए एक बेहतरीन मौका लेकर आया है। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत पुनर्विकसित हो रहे 15 रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध वाणिज्यिक स्थानों (कमर्शियल स्पेस) के उपयोग के लिए बिज़नेस प्रपोजल मांगे हैं। यानी अब रेलवे स्टेशन सिर्फ ट्रेनों के आने-जाने का जरिया नहीं, बल्कि शहर के बड़े आर्थिक और व्यापारिक केंद्र (सिटी सेंटर) बनने जा रहे हैं। ड्राइव-इन सिनेमा से लेकर गेमिंग जोन तक रेल प्रशासन पारंपरिक दुकानों के ढर्रे से अलग हटकर ऐसे आधुनिक और यात्री-केंद्रित व्यावसायिक प्रस्तावों को बढ़ावा दे रहा है, जो स्टेशन परिसर को हाई-टेक लुक दे सकें। उद्यमी नीचे दी गई श्रेणियों या किसी अन्य नए आइडिया पर अपने प्रस्ताव दे सकते हैं। मनोरंजन और गैजेट्स: ड्राइव-इन सिनेमा, गेमिंग जोन, बाल मनोरंजन केंद्र और डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर। सुविधाएं और आतिथ्य: आधुनिक प्रतीक्षालय/लाउंज, पर्यटन एवं आतिथ्य सेवाएं और मल्टीफंक्शनल कॉम्प्लेक्स। बैंकिंग और टेक: डिजिटल बैंकिंग यूनिट, ई-लॉबी और हाई-टेक एटीएम। भोपाल मंडल के ये 15 स्टेशन बनेंगे 'बिजनेस हब' अमृत भारत योजना के तहत जहां नर्मदापुरम और शाजापुर स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण कर चुके हैं, वहीं 13 अन्य स्टेशनों पर काम तेजी से जारी है। इनमें शामिल हैं। हरदा, खिरकिया, बनापुरा, इटारसी, साँची, विदिशा, गंजबासौदा, अशोकनगर, गुना, रुठियाई, शिवपुरी, ब्यावरा-राजगढ़ और संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) स्टेशन पर बिजनेस सेंटर विकसित किए जाएंगे। टेंडर और ई-नीलामी से अलॉट होगी जगह, ऐसे करें शुरुआत पारदर्शी प्रक्रिया : इच्छुक कारोबारी संबंधित स्टेशन के मंडल वाणिज्य निरीक्षक से सीधे संपर्क कर सकते हैं। वे वहां उपलब्ध खाली स्थानों का निरीक्षण और सर्वेक्षण कर अपनी व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुसार प्रस्ताव तैयार कर सकते हैं। ऐसे होगा चयन : प्राप्त सभी प्रस्तावों का रेलवे बोर्ड की नीतियों के अनुसार परीक्षण किया जाएगा। जो प्रस्ताव व्यवहार्य पाए जाएंगे, उन्हें ई-नीलामी या टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा।     अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत स्टेशन केवल यात्री सुविधाओं के केंद्र ही नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश एवं आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे। रेलवे पारंपरिक व्यावसायिक गतिविधियों के साथ-साथ नवाचारी व्यावसायिक अवधारणाओं का स्वागत ही नहीं बल्कि बढ़ावा दे रहा है जिससे शहर के विकास में रेलवे और अधिक योगदान दे सके। – सौरभ कटारिया, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, भोपाल मंडल  

LPG यूजर्स अलर्ट! इंडेन, HP और भारत गैस ने जारी की चेतावनी, 30 जून से पहले करें यह काम

नई दिल्ली सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया जा रहा है कि 30 जून 2026 के बाद इंडेन, भारत गैस और HP गैस के एलपीजी कनेक्शन काट दिए जाएंगे। हालांकि, सरकार ने ऐसी कोई लास्ट डेट घोषित नहीं की है, लेकिन जिन इलाकों में PNG की सुविधा उपलब्ध है, वहां एलपीजी से PNG में शिफ्ट होने का दबाव जरूर बढ़ गया है। क्या है नया LPG-PNG नियम? केंद्र सरकार ने मार्च 2026 में एक आदेश जारी किया था, जिसके तहत जहां PNG नेटवर्क उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को धीरे-धीरे PNG अपनाने के लिए कहा गया है। साथ ही "नो ड्यूल कनेक्शन पॉलिसी" लागू की गई है। इसका मतलब है कि अगर किसी उपभोक्ता के घर में PNG कनेक्शन सक्रिय है, तो वह नया LPG कनेक्शन नहीं ले सकता और कई मामलों में LPG कनेक्शन सरेंडर करना पड़ सकता है। क्या 30 जून डेड लाइन है? मार्च 2026 के आदेश में PNG अपनाने के लिए 90 दिन का समय दिया गया था, जो जून के अंत में पूरा हो रहा है। हालांकि, अभी तक पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह नहीं कहा है कि 30 जून के बाद सभी LPG कनेक्शन स्वतः बंद कर दिए जाएंगे। यानी 30 जून को देशभर में LPG कनेक्शन काटे जाने की खबर पूरी तरह सही नहीं है, लेकिन जिन क्षेत्रों में PNG उपलब्ध है, वहां भविष्य में LPG सप्लाई पर प्रतिबंध या सीमाएं लगाई जा सकती हैं। 10 लाख से ज्या परिवारों ने छोड़ा LPG पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार मार्च 2026 से अब तक 10.02 लाख PNG कनेक्शन एक्टिव किए गए और 3.22 लाख अतिरिक्त कनेक्शनों का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हुआ। इस दौरान लगभग 9.94 लाख नए उपभोक्ताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इतना ही नहीं, करीब 1 लाख परिवार LPG छोड़कर PNG अपना चुके हैं। सरकार PNG को क्यों बढ़ावा दे रही है? सरकार का मानना है कि PNG लगातार गैस सप्लाई देता है और सिलेंडर बुकिंग की जरूरत नहीं होती। यह सुरक्षित और पर्यावरण के लिए बेहतर है साथ ही डिलीवरी और परिवहन लागत कम करता है। HPCL और Indian Oil की सलाह HPCL ने उपभोक्ताओं से कहा है कि PNG "सुविधाजनक और निर्बाध" ऊर्जा समाधान है। वहीं इंडियन ऑयल ने भी पेट्रोलियम मंत्रालय के संदेश को साझा करते हुए PNG को क्लीन और ग्रीन फ्यूल बताया है। उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए? अगर आपके क्षेत्र में PNG सुविधा उपलब्ध है स्थानीय गैस डिस्ट्रिब्यूटर कंपनी से संपर्क करें और PNG कनेक्शन के लिए आवेदन करें। LPG और PNG दोनों कनेक्शन एक साथ रखने के नियमों की जानकारी लें। किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और आधिकारिक सूचना का इंतजार करें। क्या अभी LPG सिलेंडर बंद हो जाएंगे? नहीं। फिलहाल इंडेन, भारत गैस और HP गैस के घरेलू सिलेंडर की आपूर्ति जारी है। सरकार ने सिर्फ PNG को बढ़ावा देने और दोहरे कनेक्शन को रोकने की नीति अपनाई है। किसी भी बड़े कदम से पहले आमतौर पर अलग से आधिकारिक सूचना जारी की जाएगी।

IPL में ट्रेड का धमाका! हार्दिक पांड्या के RR जाने की चर्चा, MI को मिल सकता है नया कप्तान

मुंबई  इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें संस्करण को खत्म हुए अभी एक महीना भी नहीं हुआ है कि आगामी संस्करण से पहले होने वाले ट्रेड की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. कुछ दिन पहले सामने आया था कि दिल्ली कैपिटल्स ऋषभ पंत को वापस अपनी टीम में चाहती है, जो 27 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक वैल्यू के साथ LSG में गए थे. अब हार्दिक पांड्या को लेकर खबर आई है कि उनका और मुंबई इंडियंस का साथ छूट सकता है. MI और RR के बीच ट्रेड की चर्चा अभी शुरूआती दौर में है।  2015 में अपने पहले IPL संस्करण से लेकर 2021 तक हार्दिक पांड्या मुंबई इंडियंस के लिए खेले थे, लेकिन 2022 में गुजरात जायंट्स में कप्तान के रूप में शामिल हुए. GT को पहले ही साल अपनी कप्तानी में खिताब जिताने के बाद अगले साल (2023) उन्होंने टीम को फाइनल तक पहुंचाया. लेकिन 2024 में उनकी MI में वापसी हुई, टीम ने रोहित शर्मा को हटाकर हार्दिक को कप्तान बनाया लेकिन यहां वह सफल नहीं रहे. 2024 में MI अंक तालिका में सबसे नीचे पायदान पर रही, 2025 में टीम प्लेऑफ तक पहुंची और 2026 में टीम 9वें नंबर पर रही।  यशस्वी को लेना चाहती है मुंबई इंडियंस रिपोर्ट के अनुसार ट्रेड के जरिए मुंबई इंडियंस यशस्वी जायसवाल को अपनी टीम में चाहती है, इसके लिए वह अपने कप्तान को राजस्थान में जाने देगी. ये बातचीत अभी शुरूआती दौर में हैं. MI में रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग जोड़ी को लेकर पिछले सीजन काफी दिक्कतें हुई थी, अगर जायसवाल आते हैं तो ये अच्छी जोड़ी बन सकती है क्योंकि दोनों इंटरनेशनल में भी साथ में ओपन कर चुके हैं. सिर्फ हार्दिक नहीं, एक और बड़ा खिलाड़ी है जो मुंबई से अलग हो सकता है।  सूर्यकुमार हो सकते हैं बाहर, ये खिलाड़ी बन सकता है कप्तान BCCI ने सूर्यकुमार यादव को टी20 की कप्तानी से हटा दिया है, यहां तक की उनकी टी20 टीम में जगह भी नहीं बन रही. संभव है कि IPL 2027 में वह मुंबई इंडियंस में भी न दिखे. पिछले संस्करण उन्होंने 13 पारियों में 270 रन ही बनाए. हालांकि कई अन्य टीमें उन्हें खरीदकर कप्तान बनाने पर विचार कर सकती है।  मुंबई इंडियंस नए कप्तान के रूप में तिलक वर्मा को चुन सकती है, जो हाल ही में BCCI द्वारा नेशनल टी20 टीम के उपकप्तान चुने गए हैं. इन सभी पर फैसला MI की रिव्यू मीटिंग में होगा, जो अगले हफ्ते होगी।   

Heatwave के बीच बारिश का कहर, 7 राज्यों में अगले एक हफ्ते तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

नई दिल्ली उत्तर भारत के कई राज्यों में भीषण गर्मी जारी है। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले चार से पांच दिनों तक विदर्भ, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और अगले दो दिनों तक छत्तीसगढ़ में हीटवेव चलने की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, अगले 48 घंटे के दौरान दक्षिण पश्चिम मॉनसून के महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा के बाकी हिससों, छत्तीसगढ़, झारखंड व बिहार के कुछ इलाकों में पहुंचने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं। इसके अलावा, इस हफ्ते पूर्वोत्तर भारत, उप हिमलयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश होने वाली है। आज 22 जून को मेघालय में कहीं-कहीं से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन सात राज्यों में अगले सात दिनों तक बहुत भारी बारिश पूर्वोत्तर भारत में अगले सात दिनों तक बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग के अनुसार, 22-28 जून के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बहुत भारी बारिश होगी। इसमें से 22-26 जून के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में आंधी तूफान और बिजली गिरने की भी चेतावनी है। 23-28 जून के दौरान अरुणाचल प्रदेश, 22-24 जून और 24-28 जून के दौरान असम, मेघालय में, 22-23 जून और 26-28 जून के दौरान नगालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा में कहीं-कहीं भारी बारिश होगी। कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल में भी बारिश बरसात दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल में 22-28 जून के दौरान, उत्तरी कर्नाटक में 22-25 जून के दौरान, दक्षिणी कर्नाटक में 23-24 जून के दौरान, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम में 22-24 जून और 28 जून को रायलसीमा में 22-25 जून और 28 जून को कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने वाली है। तटीय कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में 22-28 जून के दौरान, उत्तरी अंदरूनी कर्नाटक में 26-28 जून, दक्षिणी कर्नाटक में 22 जून, 25-28 जून के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम में 25-27 जून के दौरान रायसीमा में 26-27 जून के दौरान बहुत भारी बरसात होगी। जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश में बारिश का अलर्ट वहीं, पूर्वी भारत की बात करें तो 22-28 जून के दौरान अंडमान-निकोबार द्वीप, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में, 22-23 जून और 26-28 जून के दौरान गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, 28 जून को बिहार में, 22-23 जून के दौरान ओडिशा में काफी ज्यादा व्यापक बारिश होगी। 24-25 जून के दौरान गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, 22-28 जून के दौरान झारखंड, 22-27 जून के दौरान बिहार, 24-28 जून के दौरान ओडिशा में कहीं कहीं बारिश होगी। वहीं, उत्तर भारत की बात करें तो 22 जून को जम्मू कश्मीर, लद्दाख में काफी ज्यादा व्यापक बारिश होगी। 23-28 जून के दौरान जम्मू कश्मीर, लद्दाख, 22-28 जून के दौरान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में कहीं कहीं छिटपुट बारिश होगी। 22-26 जून के दौरान जममू कश्मीर, 22-25 जून के दौरान उत्तराखंड में कहीं-कहीं तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने वाली हैं। साथ ही, 22-26 जून के दौरान हिमाचल प्रदेश में तेज हवाएं चलने वाली हैं। 22-26 जून के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब में, 24 जून को पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं आंधी तूफान, बिजली गिरने और तेज आंधी चलने की संभावना है। साथ ही, 25-28 जून के दौरान पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी राजस्थान में तेज हवाएं चलने वाली हैं। 22 जून को हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लद्दाख में कहीं-कहीं ओले गिरेंगे।