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गुलाबचंद कटारिया और CM सुखविंदर सुक्खू की मुलाकात, पंजाब-हिमाचल से जुड़े कई मुद्दों पर मंथन

चंडीगढ़ हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया से पंजाब लोकभवन में मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच कई द्विपक्षीय मुद्दों पर बैठक होगी। बैठक में शानन पावर प्रोजेक्ट हिमाचल प्रदेश को सौंपने, चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश की हिस्सेदारी 7:19 फीसदी करने और चंडीगढ़ में हिमाचल भवन के नए परिसर के निर्माण के लिए भूमि देने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।

बिहार में पंचायत सचिव की नियुक्ति जन्म से 9 महीने पहले, वरीयता सूची पर उठे सवाल

पटना बिहार में पंचायती राज विभाग ने पंचायत सचिवों की वरीयता सूची जारी की है। राज्य में स्नातक उत्तीर्ण पंचायत सचिव को प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी बनाया जाएगा। यह सूची राज्य में कार्यरत पंचायत सचिवों का एक अप्रैल 2026 के आधार पर जारी की गई है। विभाग के संयुक्त सचिव मो. वसीम अहमद ने जिलों के डीएम और जिला पंचायत राज पदाधिकारी (डीपीआरओ) को पत्र भेजा है। इस सूची में एक ऐसी गड़बड़ी सामने आई है जिसे जानकर कोई भी हैरान हो जाएगा। सूची में दी गई सूचना को सही मानें तो एक पंचायत सचिव को जन्म से 9 माह पहले ही नौकरी मिल गई। पंचायती राज विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा है कि वरीयता सूची में किसी सेवानिवृत्त, मृत या त्याग पत्र दिये हुए पंचायत सचिव का नाम हो या किसी पंचायत सचिव का नाम छूट गया हो तो डीपीआरओ पूर्ण विवरण के साथ विभाग को सूची उपलब्ध करायेंगे। वरीयता सूची में दावा और आपत्ति साक्ष्य के साथ 30 दिनों के अंदर उपलब्ध कराना होगा। इस अवधि में दावा या आपत्ति नहीं मिलने पर माना जायेगा कि औपबंधिक वरीयता सूची में कोई त्रुटि नहीं है। इसके बाद अंतिम रूप से वरीयता सूची का प्रकाशन कर दिया जायेगा। इस तरह पंचायत सचिवों की लंबी मांग पूरी हो जाएगी। इसे लेकर पंचायत सचिवों ने हड़ताल भी की थी। सूची में कई खामियां: संघ बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने कहा है कि इस लिस्ट में अन्य कई खामियां हैं। वरीयता सूची में अनुकंपा के आधार पर नियुक्त दर्जन भर से अधिक स्नातक उत्तीर्ण पंचायत सचिवों का नाम नहीं है। सूची में कई प्रकार की गलतियां हैं। जन्म के 9 माह पहले ही मिल गई नौकरी औपबंधिक वरीयता सूची को देख आप चौक जायेंगे। इस सूची में सारण जिला के पंचायत सचिव सुदर्शन राम को उनके उनके जन्म के पहले ही नौकरी मिल गई है। सुदर्शन राम की जन्म तिथि 19 नवंबर 1969 अंकित है। जबकि इनकी पंचायत सचिव पद पर नियुक्ति तिथि 28 जनवरी 1969 अंकित है।

Punjab News: ED ने मंत्री संजीव अरोड़ा की ₹55.57 करोड़ की संपत्ति की अटैच, दुबई कंपनियों के नाम पर बिलिंग का आरोप

लुधियान  प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में कार्रवाई करते हुए पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़ी कंपनी मैसर्स हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (पूर्व नाम-मैसर्स रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड) और संबंधित लोगों की 55.57 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क हुई कुर्क।  यह कार्रवाई कथित तौर पर मोबाइल फोन के फर्जी निर्यात से जुड़े करोड़ों रुपए के घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, दुबई की जिन कंपनियों के नाम पर मोबाइल निर्यात के बिल बनाए गए, वे भी कथित रूप से आरोपी पक्ष से जुड़ी हुई थीं। ईडी ने इस मामले के मुख्य आरोपी और कंपनी के तत्कालीन चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर को पहले ही गिरफ्तार किया है और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। एजेंसी ने संकेत दिया है कि मामले में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। इन शहरों की संपत्तियां हुईं कुर्क ED द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों में बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), जमीन, कमर्शियल स्पेस और आलीशान आवासीय अपार्टमेंट शामिल हैं। ये संपत्तियां लुधियाना, गुरुग्राम और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख शहरों में स्थित हैं और कंपनी, संजीव अरोड़ा तथा उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज हैं। कैसे खुला फर्जीवाड़े का यह खेल, जानिए..     गुरुग्राम में दर्ज FIR से शुरू हुई जांच: यह मामला सबसे पहले गुरुग्राम (हरियाणा) के उद्योग विहार थाने में दर्ज एक FIR के बाद सामने आया था। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराओं (जो पहले IPC की धारा 420, 467, 471 और 120-B थीं) के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया गया था। चूंकि ये मामले PMLA एक्ट के तहत आते हैं, इसलिए ED ने इसकी जांच अपने हाथ में ली थी।   कागजों पर बेच डाले ₹157 करोड़ के मोबाइल: ED की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। रियल एस्टेट सेक्टर की इस कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान करीब 157 करोड़ रुपये के मोबाइल फोन की बिक्री दिखाई थी। इसमें से करीब 102.50 करोड़ रुपए का मोबाइल एक्सपोर्ट दुबई (UAE) की दो कंपनियों मैसर्स फोर्टबेल टेलीकॉम FZCO और मैसर्स ड्रैगन ग्लोबल FZCO को करना दिखाया गया था।     शेल कंपनियों का नेटवर्क: एक ही नंबर और ईमेल से खुलीं फर्में: जब ED ने गहराई से जांच की तो पता चला कि जिन स्थानीय सप्लायर्स से मोबाइल खरीदना दिखाया गया था, वे असल में केवल कागजी (शेल) कंपनियां थीं। कई फर्में एक ही मोबाइल नंबर और एक ही ईमेल आईडी पर चल रही थीं। इनका काम सिर्फ फर्जी बिल बनाना और बिना किसी सामान की डिलीवरी के केवल कागजी एंट्री घुमाना था।     दुबई कनेक्शन भी खुद का ही: ED के मुताबिक, दुबई जिन कंपनियों को मोबाइल का निर्यात दिखाया गया, वे असल में कोई बाहरी कंपनियां नहीं थीं, बल्कि उनका रिमोट कंट्रोल भी इसी आरोपी ग्रुप के हाथों में था। यानी बिना किसी मोबाइल की आवाजाही के सिर्फ कागजों पर करोड़ों का एक्सपोर्ट-इंपोर्ट चल रहा था। ₹102.99 करोड़ की 'अपराध की कमाई ED ने अब तक की जांच में इस पूरे घोटाले से हुईअपराध की कमाई की कुल रकम करीब 102.99 करोड़ रुपए आंकी है। एजेंसी ने बीते 9 मई 2026 को इस मामले में धारा 17 के तहत बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया था, जिसके बाद मुख्य आरोपी संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार किया गया था। ED का कहना है कि मोबाइल एक्सपोर्ट के नाम पर की गई मनी लॉन्ड्रिंग की परतें खोली जा चुकी हैं, जबकि इस मामले में लोकल सेल (स्थानीय बिक्री) को लेकर जांच अभी भी जारी है, जिससे कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।  

यूपी में गर्मी का कहर जारी, 30 जून से बारिश और तेज हवाओं की संभावना

लखनऊ मॉनसून की कमजोर सक्रियता के बीच यूपी के अधिकांश हिस्से भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल राहत के आसार कम हैं। अगले 24 घंटों में पश्चिमी यूपी में मौसम शुष्क रहेगा। जबकि पूर्वी यूपी के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक हो सकती है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के लखनऊ द्वारा गुरुवार को जारी मौसम बुलेटिन के अनुसार पूर्वांचल के अनेक स्थानों पर लू तथा कुछ स्थानों पर भीषण लू चलने की संभावना है। राजधानी लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में आसमान मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है। यहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना व्यक्त की गई है। संगमनगरी का बढ़ा पारा प्रदेश में तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया। प्रयागराज 43.0 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश के सर्वाधिक गर्म शहरों में शामिल रहा, जबकि सुल्तानपुर में 42.9 डिग्री, लखीमपुर खीरी में 42.4 डिग्री, बलिया और फतेहपुर में 42.3 डिग्री तथा वाराणसी (बीएचयू) में 42.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। अधिकांश स्थानों पर तापमान सामान्य से चार से सात डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। लखनऊ में 40 तापमान राजधानी लखनऊ में गुरुवार को अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक है। शहर में दिनभर गर्म हवाओं और उमस का असर बना रहा तथा वर्षा नहीं हुई। मौसम के आंकड़ों के अनुसार सोमवार को सहारनपुर में अधिकतम तापमान 34.0 डिग्री सेल्सियस था, जो मंगलवार को बढ़कर 37.0 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। बुधवार को पारा 39.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि गुरुवार को यह 40.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। न्यूनतम तापमान भी 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा, जिससे उमस में काफी वृद्धि हुई। गुरुवार को सुबह से ही तेज धूप निकली और दोपहर के समय गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। छिटपुट बारिश की संंभावना मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रदेश में मानसून की सक्रियता बढ़ने तक गर्मी और लू से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है। हालांकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में छिटपुट वर्षा और गरज-चमक की गतिविधियां स्थानीय स्तर पर तापमान में मामूली गिरावट ला सकती हैं। इस दिन में मेघगर्जन की संभावना मौसम विभाग की मानें तो 29 जून को पूर्वी, 30 और 1 जून को यूपी के अंधिकाश हिस्सों में बारिश की संभावना है। इसे लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। यानी मेघगर्जन-वर्जपात के साथ झोकेजार हवा (40 से 50 किमी/घंटा) चलने के आसार हैं।

पंजाब में मानसून ने दी दस्तक, फिरोजपुर में तेज बारिश से गर्मी से मिली बड़ी राहत

फिरोजपुर. शुक्रवार सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बारिश ने बड़ी राहत दी है। सुबह से लगातार हो रही वर्षा के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण में ठंडक घुल गई। बारिश शुरू होते ही सड़कों और बाजारों का नजारा भी बदल गया। लोगों ने गर्मी से राहत मिलने पर खुशी जताई। ठंडी हवाओं के चलने से मौसम सुहावना हो गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम में आए इस बदलाव से जहां आम जनजीवन को राहत मिली है, वहीं किसानों ने भी बारिश को फसलों के लिए लाभदायक बताया। हालांकि, लगातार बारिश जारी रहने पर कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका भी बनी हुई है। फिलहाल लोगों के लिए यह बारिश भीषण गर्मी से राहत लेकर आई है।

कनाडा का बड़ा फैसला! FIFA फैंस के हजारों वीजा आवेदन खारिज, देखें किस देश के कितने लोगों को मिला प्रवेश

 टोरंटो FIFA World Cup 2026 के दौरान कनाडा में मैच देखने के लिए दुनियाभर से आए हजारों फुटबॉल प्रशंसकों की वीज़ा अर्जियां खारिज कर दी गईं. कनाडा के इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज़ एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) के आंकड़ों के अनुसार, 14 नवंबर 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच World Cup से जुड़े लगभग 17,000 विजिटर आवेदन प्रोसेस किए गए, लेकिन इनमें से केवल 41 प्रतिशत को ही मंजूरी मिली। सबसे ज्यादा आवेदन घाना से आए थे. टोरंटो में पनामा के खिलाफ अपनी टीम का मैच देखने के लिए 1,725 घानाई प्रशंसकों ने आवेदन किया था, लेकिन इनमें से सिर्फ 185 लोगों को ही वीज़ा मिला यानी लगभग 89 प्रतिशत आवेदन खारिज कर दिए गए।  पाकिस्तान के आवेदकों की स्थिति भी काफी खराब रही. कुल 1,250 आवेदनों में से केवल 110 को मंजूरी मिली, जबकि 1,140 आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए. भारत से आए 1,225 आवेदनों में 355 को स्वीकृति मिली और 870 लोगों को वीज़ा नहीं मिला।  इसके विपरीत, कोलंबिया के प्रशंसकों को बड़ी राहत मिली. हालांकि कोलंबिया की टीम कनाडा में कोई ग्रुप स्टेज मैच नहीं खेल रही है, फिर भी वहां से आए 1,630 आवेदनों में 1,130 को मंजूरी दी गई. पनामा के 910 आवेदनों में से 850 को स्वीकृति मिली, जो सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले देशों में शामिल रहा।  IRCC के मुताबिक, कनाडा में प्रवेश के लिए यात्रियों को या तो Temporary Resident Visa (TRV) या Electronic Travel Authorization (eTA) की जरूरत होती है. eTA प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान और तेज होती है, जबकि विजिटर वीज़ा के लिए यात्रा कार्यक्रम, वित्तीय दस्तावेज और अन्य प्रमाण देने पड़ते हैं।  आंकड़ों से पता चला कि eTA पात्र देशों के नागरिकों की स्वीकृति दर 96 प्रतिशत रही, जबकि वीज़ा की आवश्यकता वाले देशों के लिए यह दर केवल 32 प्रतिशत थी. ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, क्रोएशिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों के सभी आवेदन मंजूर कर दिए गए, जबकि सीरिया, युगांडा और श्रीलंका जैसे देशों के एक भी आवेदक को वीज़ा नहीं मिला।  IRCC का कहना है कि कनाडा FIFA World Cup 2026 के दौरान दुनिया भर से आने वाले खिलाड़ियों, अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों और प्रशंसकों का स्वागत करने के लिए तैयार है. हालांकि सुरक्षा और आव्रजन नियमों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।  बिलकुल। नीचे सभी देशों की पूरी टेबल दी गई है, जिसे आप अपनी खबर में शामिल कर सकते हैं। देश मंजूर रिजेक्ट घाना 185 1,540 कोलंबिया 1,130 500 पाकिस्तान 110 1,140 भारत 355 870 पनामा 850 60 नाइजीरिया 110 675 चीन 420 260 हैती 35 575 मिस्र 225 325 मेक्सिको 200 270 इक्वाडोर 260 140 डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो 15 370 ब्राजील 250 105 ऑस्ट्रेलिया 345 0 बांग्लादेश 45 240 वेनेजुएला 100 145 अल्जीरिया 65 180 ब्रिटेन 215 15 केन्या 20 205 जॉर्डन 40 175 तुर्की 90 95 जर्मनी 170 0 सेनेगल 25 145 ग्वाटेमाला 100 60 पेरू 110 45 इथियोपिया 30 110 कैमरून 15 100 होंडुरास 50 60 अल सल्वाडोर 50 45 ईरान 10 85 गिनी 5 80 सीरिया 0 85 युगांडा 0 85 मोरक्को 35 45 लेबनान 20 60 जमैका 45 30 ट्यूनीशिया 40 30 क्रोएशिया 65 0 इराक 10 55 श्रीलंका 0 65 न्यूजीलैंड 60 0 नेपाल 20 40 कोस्टा रिका 50 5 फिलीपींस 40 15 सूडान 0 55 यमन 0 55 मलेशिया 45 5 डोमिनिकन रिपब्लिक 25 25 वियतनाम 25 25 सऊदी अरब 45 0 आइवरी कोस्ट 15 30 पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कांगो 0 45 लीबिया 0 45 बेल्जियम 40 0 स्विट्जरलैंड 40 0 अर्जेंटीना 35 5 निकारागुआ 20 20 रूस 20 20 उज्बेकिस्तान 10 30 फिलिस्तीन 5 35 फ्रांस 35 0 इटली 35 0 दक्षिण अफ्रीका 25 10 जिम्बाब्वे 25 10 मंगोलिया 15 20 अज़रबैजान 5 30 जॉर्जिया 5 30 स्पेन 30 0 इंडोनेशिया 20 10 बुरुंडी 0 30 पुर्तगाल 25 0 रवांडा 5 20 बोलीविया 20 0 कतर 20 0 अल्बानिया 10 10 यूक्रेन 10 10 बुर्किना फासो 0 20 सिएरा लियोन 0 20 तंजानिया 0 20 आयरलैंड 15 0 इजराइल 15 0 मॉरीशस 15 0 नीदरलैंड 15 0 रोमानिया 15 0 स्वीडन 15 0 त्रिनिदाद एवं टोबैगो 15 0 कजाखस्तान 10 5 थाईलैंड 10 5 अफगानिस्तान 0 15 क्यूबा 0 15 माली 0 15 आर्मेनिया 10 0 चिली 10 0 मैसेडोनिया 10 0 नॉर्वे 10 0 सर्बिया 10 0 गाम्बिया 0 10 लाइबेरिया 0 10 ताजिकिस्तान 0 10 ऑस्ट्रिया 5 0 बहरीन 5 0 बुल्गारिया 5 0 कंबोडिया 5 0 डेनमार्क 5 0 गुयाना 5 0 हांगकांग 5 0 मकाऊ 5 0 अंगोला 0 5 बेलारूस 0 5 चाड 0 5 डोमिनिका 0 5 कोसोवो 0 5 मॉरिटानिया 0 5 म्यांमार 0 5 सेंट किट्स एंड नेविस 0 5 राज्यविहीन (Stateless) 0 5 टोगो 0 5 जिन देशों के सभी आवेदन रिजेक्ट हुए सीरिया, युगांडा, श्रीलंका, सूडान, यमन, लीबिया, अफगानिस्तान, क्यूबा, माली, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कांगो, बुर्किना फासो, सिएरा लियोन और तंजानिया इन देशों के किसी भी आवेदक को वीज़ा नहीं मिला. जिन देशों के सभी आवेदन मंजूर हुए ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, क्रोएशिया, न्यूजीलैंड, सऊदी अरब, फ्रांस, इटली, स्पेन, पुर्तगाल, आयरलैंड, इजराइल, नीदरलैंड, स्वीडन, रोमानिया और नॉर्वे समेत बेल्जियम, स्विट्जरलैंड, मॉरीशस, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, आर्मेनिया, चिली, मैसेडोनिया, सर्बिया, ऑस्ट्रिया, बहरीन, बुल्गारिया, कंबोडिया, डेनमार्क, गुयाना, हांगकांग, मकाऊ, बोलीविया और कतर के सभी आवेदनों को मंजूरी दी गई.  

GST फर्जीवाड़े पर बड़ा एक्शन! 76 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग मामले में आदेश्वर चौरड़िया गिरफ्तार

राजनांदगांव. राज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी) द्वारा कर चोरी एवं फर्जी बिलिंग उजागर के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजनांदगांव स्थित मैसर्स आदेश्वर ट्रेड लिंक के संचालक आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार किया गया है। विभागीय जांच में सामने आया है कि फर्म द्वारा पिछले लगभग छह माह के दौरान करीब 76 करोड़ रुपये के लेन-देन केवल कागजी रूप से दर्शाए गए। उपलब्ध अभिलेखों, जीएसटी रिटर्न तथा अन्य दस्तावेजों के विश्लेषण में 8.22 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) संदिग्ध पाई गई, जिसके माध्यम से शासन को राजस्व हानि पहुंचाने का प्रयास किया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया कि फर्म ने पश्चिम बंगाल स्थित संदिग्ध फर्मों से आयरन एवं स्टील की वास्तविक खरीदी किए बिना करोड़ों रुपये के खरीदी बिल प्राप्त किए थे। इन बिलों के आधार पर फर्जी आईटीसी का लाभ लिया गया तथा आगे अन्य करदाताओं को भी इसका जांच के दौरान अधिकांश आपूर्तिकर्ता लाभ हस्तांतरित किया गया। फर्मों के जीएसटी पंजीयन निरस्त पाए गए। तथा उनके द्वारा वास्तविक व्यापार किए जाने के कोई विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं हुए। विभाग के अनुसार, यह पूरा लेन- देन केवल पेपर ट्रेडिंग (कागजी बिलिंग ) एवं बोगस आईटीसी नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होता है। जांच में यह भी सामने आया कि जिन फर्मों से खरीदी दर्शाई गई थी, उनमें से कई केवल फर्जी बिल जारी करने एवं अवैध आईटीसी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही थीं। उपलब्ध तथ्यों से संकेत मिलता है कि माल का वास्तविक आवागमन नहीं हुआ और केवल बिलों के माध्यम से कर लाभ प्राप्त करने की व्यवस्था बनाई गई थी। प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने के बाद राज्य कर विभाग ने आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में कई अन्य व्यक्तियों एवं फर्मों के भी इस नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। विभाग बैंक खातों, ई-वे बिल, परिवहन दस्तावेजों तथा संबंधित व्यापारिक इकाइयों की भूमिका की गहन जांच कर रहा है। राज्य कर विभाग का मानना है कि आगे की जांच में इस फर्जी बिलिंग नेटवर्क से जुड़े और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

मुहर्रम के ताजिया जुलूस को लेकर रायपुर पुलिस का अलर्ट, घर से निकलने से पहले जानें ट्रैफिक प्लान

रायपुर. देशभर में आज हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातम का पर्व मुहर्रम मनाया जाएगा. राजधानी रायपुर में भी पर्व को लेकर तैयारियां की गई है. प्रशासन और पुलिस की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. शहर में 26 जून को शहर में यातायात परिचालन में बदलाव किया गया है. पुलिस के एडवाइजरी के मुताबिक, रायपुर में लगभग दोपहर 2 बजे से कई इलाकों से ताजिया जुलूस निकालेगे. विभिन्न मार्गों से रात 10 बजे से चौबे कॉलोनी स्थित करबला तालाब में समापन होगा. रायपुर के राजा तालाब, मोमीन पारा, अमीन पारा, छोटापारा, बैजनाथपारा, नेहरू नगर, संजय नगर, टिकरा पारा सहित शहर के कुछ क्षेत्रों से ताजिया जुलूस निकाले जाएंगे. इस कारण यहां ट्रैफिक का दबाव देखने को मिल सकता है. रायपुर पुलिस ने जनता से डायवर्टेड रूट इस्तेमाल करने की सलाह दी है. ताजिया सवारी का निर्धारित मार्ग ताजिया जुलूस का मुख्य निर्धारित मार्ग नुरानी चौक से चौबे कॉलोनी के कर्बला तालाब तक रहेगा. ताजनगर, ईरानी डेरा और राजातालाब से निकलने वाले ताजिए नुरानी चौक पहुंचने के बाद पंडरी बस स्टैंड, मरही माता चौक, मौदहापारा मस्जिद गली, गुरूनानक चौक, राठौर चौक, रामसागर पारा, बढ़ई पारा, मोमिन पारा, आजाद चौक और आमापारा होते हुए आरकेसी के सामने से गुजरकर चौबे कॉलोनी स्थित कर्बला तालाब पहुंचेंगे. रायपुर शहर और जीई रोड से दुर्ग-भिलाई की ओर जाने वाले वाहन चालक शास्त्री चौक से महिला थाना चौक, कालीबाड़ी चौक और पचपेड़ी नाका होते हुए रिंग रोड-1 का उपयोग कर अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं. जीई रोड पर संचालित सिटी बसों के रूट में भी बदलाव किया गया है. शास्त्री चौक से जयस्तंभ चौक की ओर जाने के बजाय बसें कालीबाड़ी चौक, पचपेड़ी नाका और रिंग रोड-1 के रास्ते संचालित होंगी. ताजिया जुलूस के जीई रोड पर पहुंचने के दौरान टाटीबंध से शहर की ओर आने वाले वाहनों को टाटीबंध चौक से रिंग रोड-1 की तरफ और एनआईटी के पास से डंगनिया गोल चौक मार्ग की ओर डायवर्ट किया जाएगा.शहर से पुरानी बस्ती, लाखेनगर होते हुए सुंदर नगर, डंगनिया और दुर्ग-भिलाई जाने वाले लोग कालीबाड़ी चौक से संतोषी नगर जलगृह मार्ग और भाठागांव चौक होकर आवागमन कर सकते हैं. जुलूस के दौरान आजाद चौक से आश्रम तिराहा और चौबे कॉलोनी तक जीई रोड से जुड़ने वाले सभी संपर्क मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. इन मार्गों से आने वाले ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्तों की ओर डायवर्ट किया जाएगा. पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक शास्त्री चौक से चौबे कॉलोनी टर्निंग के बीच जीई रोड का उपयोग करने से बचें. जुलूस के समय जीई रोड पर आजाद चौक से आश्रम तिराहा- चौबे कॉलोनी तक मुख्य मार्ग के सभी संपर्क मार्गों से GE रोड पर आने वाले सभी वाहनों को डाइवर्ट किया जाएगा. पुलिस की अपील है कि दोपहर 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक जीई रोड में शास्त्री चौक से चौबे कॉलोनी टर्निंग तक का उपयोग न करें.

अयोध्या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के दान में हेराफेरी मामले में पहली प्राथमिकी दर्ज

यूपी सरकार का कड़ा रुख, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में दर्ज हुई पहली एफआईआर  अयोध्या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के दान में हेराफेरी मामले में पहली प्राथमिकी दर्ज सीएम योगी के निर्देश पर गठित एसआईटी ने प्रारंभिक प्रतिवेदन में की हैं कठोर संस्तुतियां ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में दर्ज किया गया मामला एफआईआर में 8 नामजद के अलावा अज्ञात आरोपियों का भी उल्लेख आरोपियों से जारी है पूछताछ लखनऊ/अयोध्या  यूपी सरकार के सख्त रुख की वजह से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में 8 नामजद व अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ पहली एफआईआर दर्ज कर ली गई है। तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर सीएम योगी द्वारा गठित एसआईटी के प्रारम्भिक प्रतिवेदन में कठोर संस्तुतियां की गई हैं। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर  श्रीराम जन्मभूमि थाने में दर्ज की गई इस एफआईआर (अपराध संख्या 90/2026) में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61, 3(5) बीएनएस व 13(1)(a) पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। दरअसल, अयोध्या राम मंदिर में बीते दिनों दान चोरी का मामला सामने आया. यह चंदा चोरी का मामला मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए नकद दान और अन्य चढ़ावे में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है. उत्तर प्रदेश सरकार की एसआईटी की प्रारंभिक जांच के बाद मंदिर ट्रस्ट की शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. आरोप है कि दान की राशि में हेराफेरी, आपराधिक साजिश और भरोसे का उल्लंघन किया गया. कितने का गबन है और कौन-कौन इसके मास्टरमाइंड हैं, इसकी जांच जारी है।  राम मंदिर चंदा चोरी मामले में गुरुवार को बड़ा एक्शन बहरहाल, राम मंदिर चंदा चोरी मामले में गुरुवार देर रात तक हलचल थी. गुरुवार देर रात तक सबकी गिरफ्तारी हो गई. ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में एफआईआर दर्ज की गई. इस एफआईआर (अपराध संख्या 90/2026) में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया है।  एफआईआर में किस-किसका नाम, कौन-कौन अरेस्ट?     रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू (चम्पत राय का करीबी और ड्राइवर)     अनुकल्प मिश्र     अविनाश शुक्ला     करुणेश पांडेय     मनीष यादव     लवकुश मिश्र     रमा शंकर मिश्र     सुभाष श्रीवास्तव (गणना इंचार्ज और रिटायर्ड बैंक कर्मी)   करुणेश पांडेय का क्या रोल था राम मंदिर में चंदा चोरी में गिरफ्तार करुणेश पांडेय का काम मंदिर में चढ़ाए जाने वाले चढ़ावों का गणना कक्ष तक पहुंचाने का रोल था. श्रीराम मंदिर में जो भी चढ़ाया जाया करता था, उस चढ़ावे को गणना कक्ष सिर्फ ले जाने का ही नहीं बल्कि गेनने का काम था.  करुणेश पर आरोप है कि इन्होंने दानराशि चुराकर संपत्ति अर्जित की है।  रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू  श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू को गिरफ्तार किया गया. राम मंदिर में उनका काम व्यवस्थापक, मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन कराने से लेकर जनसुविधाओं का ध्यान रखता था. टुन्नू यादव अकेला ऐसा शख्स था, जो बेरोकटोक मंदिर में कही आ जा सकता है. टुन्नू यादव की गाड़ी बुलेट मंदिर के अंदर जाकर खड़ी होती थी. इनका काम दानपात्रों की देखरेख करना और उन्हें बेसमेंट तक पहुंचाने का था।    सुभाष चंद्र श्रीवास्तव  राम मंदिर चंदा चोरी में फंसे सुभाष चंद्र श्रीवास्तव एसबीआई से रिटार्ड बैंक कर्मी है. राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे वाले नोट गिनने की पूरी प्रक्रिया के इंचार्ज थे.  कैश काउंटिंग सेंटर के स्टाफ की निगरानी करना था. सुभाष कैश काउंटिंग सेंटर के स्टाफ का प्रभारी था।  लवकुश मिश्रा  अयोध्या के राम मंदिर में आने वाले तमाम चढ़ावा और नकदी को गिनने वाली टीम में लवकुश मिश्रा शामिल थे.  लवकुश मिश्र मंदिर में आने वाले चढ़ावे को गिनने का काम करता था. लवकुश मिश्र के घर से करीब 10 लाख रुपए बरामद हुए थे।  अनुकल्प मिश्रा  राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे को गणना कक्ष में गिनने की जिम्मेदारी अनुकल्प मिश्रा के पास थी. मंदिर में चढ़ावे वाले रुपये को गिनने के काम से लगभग दो साल से कर रहा था. श्रद्धालुओं की मदद के लिए बने सुविधा सेंटर में तैनात था, लेकिन वह नोट गिनने की प्रक्रिया में शामिल था. उस पर ऊपर चढ़ावा के वाउचर में गड़बड़ी करने का आरोप है. लवकुश मिश्रा का रिश्ते में साला लगता है।  मनीष यादव  मनीष यादव पर राम मंदिर के दानपात्रों में चढ़ाए गए चढ़ावे में नकली नोट निकालने और उसे गिनकर अलग रखने की जिम्मेदारी थी. मनीष पर भी चढ़ावा चोरी का आरोप है।  अविनाश शुक्ला राम मंदिर में चढ़ावे वाले पैसे और नकदी को दान पात्रों से निकालने और धनराशि को गणना कक्ष तक ले जाने का काम अविनाश शुक्ला करता था. वहां गिनती करने वाली टीम में शामिल था. अविनाश शुक्ला पर आरोप है कि इन्होंने दान राशि चुराने का काम किया है।  किन-किन धाराओं में केस दर्ज? आरोपियों के खिलाफ धारा 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61, 3(5) बीएनएस व 13(1)(a) पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।  एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट कब सौंपी? इस प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख सदस्य लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने बीते मंगलवार को टीम के अन्य दो सदस्यों के साथ शासन को प्रारंभिक प्रतिवेदन सौंपा था, जिसमें कठोर अनुशंसा हैं।  क्यों हुआ था एसआईटी का गठन इसके बाद ही गुरुवार को एफआईआर दर्ज किए जाने की कार्रवाई अंजाम दी गई है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के भेंट/चढ़ावा में चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने विशेष जांच का अनुरोध किया था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रकरण की जांच के लिए ट्रस्ट का गठन हुआ था।  एफईआईर में चंपत राय का नाम है या नहीं राम मंदिर दान चोरी मामले में जिन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की … Read more

यात्री सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का बड़ा कदम, 30 दिन चलेगा विशेष जांच अभियान

लखनऊ अग्निकांड के बाद परिवहन विभाग अलर्ट, बसों में फायर सेफ्टी की होगी सघन जांच यात्री सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का बड़ा कदम, 30 दिन चलेगा विशेष जांच अभियान अग्निशमन यंत्र नहीं तो नहीं मिलेगा फिटनेस सर्टिफिकेट, परिवहन विभाग का सख्त निर्देश 23 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान, परिवहन मुख्यालय को देनी होगी रिपोर्ट लखनऊ  लखनऊ अलीगंज अग्निकांड के बाद योगी सरकार लोगों को सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क हो गई है। विभिन्न विभागों ने ऐसे हादसों को रोकने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने यात्री सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देश पर प्रदेशभर में अगले 30 दिनों तक विशेष अभियान चलाकर स्लीपर बसों, स्कूल बसों, स्टेज कैरिज बसों और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बसों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता की सघन जांच की जाएगी। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि लखनऊ अग्निकांड ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और उनकी प्रभावशीलता जनजीवन की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी संभागीय और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान के तहत फिटनेस जांच के समय वाहनों में लगे अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, क्षमता, वैधता, कार्यशीलता तथा उनके उचित स्थान पर स्थापित होने की विशेष रूप से जांच की जाएगी। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि अग्निशमन यंत्र निर्धारित अवधि के भीतर रिफिल अथवा सर्विस किए गए हों और उनकी वैधता समाप्त न हुई हो। फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने को लेकर शर्तें निर्देशों के अनुसार जिन वाहनों में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं पाए जाएंगे, अथवा उपकरण कार्यशील स्थिति में नहीं होंगे या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी होगी, ऐसे वाहनों को कमियां दूर होने तक फिटनेस प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा। साथ ही आवश्यक प्रवर्तन कार्रवाई भी की जाएगी। विशेष अभियान के दौरान प्रवर्तन अधिकारी बस अड्डों, प्रमुख मार्गों, टोल प्लाजा, जनपद सीमाओं और अन्य उपयुक्त स्थानों पर वाहनों की सघन जांच करेंगे। स्लीपर बसों की जांच में आपातकालीन निकास, हैमर, विद्युत वायरिंग और अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी पड़ताल की जाएगी। वहीं स्कूल बसों में अग्निशमन यंत्रों के साथ अन्य निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुपालन का सत्यापन भी किया जाएगा। जांच अभियान की मुख्यालय को देनी होगी रिपोर्ट परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों, बस संचालकों, परिवहन कंपनियों और विद्यालय प्रबंधन को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करने, अग्निशमन यंत्रों के नियमित अनुरक्षण और समयबद्ध परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह 30 दिवसीय विशेष अभियान 23 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा। सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को अभियान के दौरान की गई जांच और प्रवर्तन कार्रवाई का विस्तृत विवरण परिवहन मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।