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पंजाब में मानसून ने दी दस्तक, फिरोजपुर में तेज बारिश से गर्मी से मिली बड़ी राहत

फिरोजपुर. शुक्रवार सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बारिश ने बड़ी राहत दी है। सुबह से लगातार हो रही वर्षा के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण में ठंडक घुल गई। बारिश शुरू होते ही सड़कों और बाजारों का नजारा भी बदल गया। लोगों ने गर्मी से राहत मिलने पर खुशी जताई। ठंडी हवाओं के चलने से मौसम सुहावना हो गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम में आए इस बदलाव से जहां आम जनजीवन को राहत मिली है, वहीं किसानों ने भी बारिश को फसलों के लिए लाभदायक बताया। हालांकि, लगातार बारिश जारी रहने पर कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका भी बनी हुई है। फिलहाल लोगों के लिए यह बारिश भीषण गर्मी से राहत लेकर आई है।

कनाडा का बड़ा फैसला! FIFA फैंस के हजारों वीजा आवेदन खारिज, देखें किस देश के कितने लोगों को मिला प्रवेश

 टोरंटो FIFA World Cup 2026 के दौरान कनाडा में मैच देखने के लिए दुनियाभर से आए हजारों फुटबॉल प्रशंसकों की वीज़ा अर्जियां खारिज कर दी गईं. कनाडा के इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज़ एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) के आंकड़ों के अनुसार, 14 नवंबर 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच World Cup से जुड़े लगभग 17,000 विजिटर आवेदन प्रोसेस किए गए, लेकिन इनमें से केवल 41 प्रतिशत को ही मंजूरी मिली। सबसे ज्यादा आवेदन घाना से आए थे. टोरंटो में पनामा के खिलाफ अपनी टीम का मैच देखने के लिए 1,725 घानाई प्रशंसकों ने आवेदन किया था, लेकिन इनमें से सिर्फ 185 लोगों को ही वीज़ा मिला यानी लगभग 89 प्रतिशत आवेदन खारिज कर दिए गए।  पाकिस्तान के आवेदकों की स्थिति भी काफी खराब रही. कुल 1,250 आवेदनों में से केवल 110 को मंजूरी मिली, जबकि 1,140 आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए. भारत से आए 1,225 आवेदनों में 355 को स्वीकृति मिली और 870 लोगों को वीज़ा नहीं मिला।  इसके विपरीत, कोलंबिया के प्रशंसकों को बड़ी राहत मिली. हालांकि कोलंबिया की टीम कनाडा में कोई ग्रुप स्टेज मैच नहीं खेल रही है, फिर भी वहां से आए 1,630 आवेदनों में 1,130 को मंजूरी दी गई. पनामा के 910 आवेदनों में से 850 को स्वीकृति मिली, जो सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले देशों में शामिल रहा।  IRCC के मुताबिक, कनाडा में प्रवेश के लिए यात्रियों को या तो Temporary Resident Visa (TRV) या Electronic Travel Authorization (eTA) की जरूरत होती है. eTA प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान और तेज होती है, जबकि विजिटर वीज़ा के लिए यात्रा कार्यक्रम, वित्तीय दस्तावेज और अन्य प्रमाण देने पड़ते हैं।  आंकड़ों से पता चला कि eTA पात्र देशों के नागरिकों की स्वीकृति दर 96 प्रतिशत रही, जबकि वीज़ा की आवश्यकता वाले देशों के लिए यह दर केवल 32 प्रतिशत थी. ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, क्रोएशिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों के सभी आवेदन मंजूर कर दिए गए, जबकि सीरिया, युगांडा और श्रीलंका जैसे देशों के एक भी आवेदक को वीज़ा नहीं मिला।  IRCC का कहना है कि कनाडा FIFA World Cup 2026 के दौरान दुनिया भर से आने वाले खिलाड़ियों, अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों और प्रशंसकों का स्वागत करने के लिए तैयार है. हालांकि सुरक्षा और आव्रजन नियमों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।  बिलकुल। नीचे सभी देशों की पूरी टेबल दी गई है, जिसे आप अपनी खबर में शामिल कर सकते हैं। देश मंजूर रिजेक्ट घाना 185 1,540 कोलंबिया 1,130 500 पाकिस्तान 110 1,140 भारत 355 870 पनामा 850 60 नाइजीरिया 110 675 चीन 420 260 हैती 35 575 मिस्र 225 325 मेक्सिको 200 270 इक्वाडोर 260 140 डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो 15 370 ब्राजील 250 105 ऑस्ट्रेलिया 345 0 बांग्लादेश 45 240 वेनेजुएला 100 145 अल्जीरिया 65 180 ब्रिटेन 215 15 केन्या 20 205 जॉर्डन 40 175 तुर्की 90 95 जर्मनी 170 0 सेनेगल 25 145 ग्वाटेमाला 100 60 पेरू 110 45 इथियोपिया 30 110 कैमरून 15 100 होंडुरास 50 60 अल सल्वाडोर 50 45 ईरान 10 85 गिनी 5 80 सीरिया 0 85 युगांडा 0 85 मोरक्को 35 45 लेबनान 20 60 जमैका 45 30 ट्यूनीशिया 40 30 क्रोएशिया 65 0 इराक 10 55 श्रीलंका 0 65 न्यूजीलैंड 60 0 नेपाल 20 40 कोस्टा रिका 50 5 फिलीपींस 40 15 सूडान 0 55 यमन 0 55 मलेशिया 45 5 डोमिनिकन रिपब्लिक 25 25 वियतनाम 25 25 सऊदी अरब 45 0 आइवरी कोस्ट 15 30 पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कांगो 0 45 लीबिया 0 45 बेल्जियम 40 0 स्विट्जरलैंड 40 0 अर्जेंटीना 35 5 निकारागुआ 20 20 रूस 20 20 उज्बेकिस्तान 10 30 फिलिस्तीन 5 35 फ्रांस 35 0 इटली 35 0 दक्षिण अफ्रीका 25 10 जिम्बाब्वे 25 10 मंगोलिया 15 20 अज़रबैजान 5 30 जॉर्जिया 5 30 स्पेन 30 0 इंडोनेशिया 20 10 बुरुंडी 0 30 पुर्तगाल 25 0 रवांडा 5 20 बोलीविया 20 0 कतर 20 0 अल्बानिया 10 10 यूक्रेन 10 10 बुर्किना फासो 0 20 सिएरा लियोन 0 20 तंजानिया 0 20 आयरलैंड 15 0 इजराइल 15 0 मॉरीशस 15 0 नीदरलैंड 15 0 रोमानिया 15 0 स्वीडन 15 0 त्रिनिदाद एवं टोबैगो 15 0 कजाखस्तान 10 5 थाईलैंड 10 5 अफगानिस्तान 0 15 क्यूबा 0 15 माली 0 15 आर्मेनिया 10 0 चिली 10 0 मैसेडोनिया 10 0 नॉर्वे 10 0 सर्बिया 10 0 गाम्बिया 0 10 लाइबेरिया 0 10 ताजिकिस्तान 0 10 ऑस्ट्रिया 5 0 बहरीन 5 0 बुल्गारिया 5 0 कंबोडिया 5 0 डेनमार्क 5 0 गुयाना 5 0 हांगकांग 5 0 मकाऊ 5 0 अंगोला 0 5 बेलारूस 0 5 चाड 0 5 डोमिनिका 0 5 कोसोवो 0 5 मॉरिटानिया 0 5 म्यांमार 0 5 सेंट किट्स एंड नेविस 0 5 राज्यविहीन (Stateless) 0 5 टोगो 0 5 जिन देशों के सभी आवेदन रिजेक्ट हुए सीरिया, युगांडा, श्रीलंका, सूडान, यमन, लीबिया, अफगानिस्तान, क्यूबा, माली, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कांगो, बुर्किना फासो, सिएरा लियोन और तंजानिया इन देशों के किसी भी आवेदक को वीज़ा नहीं मिला. जिन देशों के सभी आवेदन मंजूर हुए ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, क्रोएशिया, न्यूजीलैंड, सऊदी अरब, फ्रांस, इटली, स्पेन, पुर्तगाल, आयरलैंड, इजराइल, नीदरलैंड, स्वीडन, रोमानिया और नॉर्वे समेत बेल्जियम, स्विट्जरलैंड, मॉरीशस, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, आर्मेनिया, चिली, मैसेडोनिया, सर्बिया, ऑस्ट्रिया, बहरीन, बुल्गारिया, कंबोडिया, डेनमार्क, गुयाना, हांगकांग, मकाऊ, बोलीविया और कतर के सभी आवेदनों को मंजूरी दी गई.  

GST फर्जीवाड़े पर बड़ा एक्शन! 76 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग मामले में आदेश्वर चौरड़िया गिरफ्तार

राजनांदगांव. राज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी) द्वारा कर चोरी एवं फर्जी बिलिंग उजागर के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजनांदगांव स्थित मैसर्स आदेश्वर ट्रेड लिंक के संचालक आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार किया गया है। विभागीय जांच में सामने आया है कि फर्म द्वारा पिछले लगभग छह माह के दौरान करीब 76 करोड़ रुपये के लेन-देन केवल कागजी रूप से दर्शाए गए। उपलब्ध अभिलेखों, जीएसटी रिटर्न तथा अन्य दस्तावेजों के विश्लेषण में 8.22 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) संदिग्ध पाई गई, जिसके माध्यम से शासन को राजस्व हानि पहुंचाने का प्रयास किया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया कि फर्म ने पश्चिम बंगाल स्थित संदिग्ध फर्मों से आयरन एवं स्टील की वास्तविक खरीदी किए बिना करोड़ों रुपये के खरीदी बिल प्राप्त किए थे। इन बिलों के आधार पर फर्जी आईटीसी का लाभ लिया गया तथा आगे अन्य करदाताओं को भी इसका जांच के दौरान अधिकांश आपूर्तिकर्ता लाभ हस्तांतरित किया गया। फर्मों के जीएसटी पंजीयन निरस्त पाए गए। तथा उनके द्वारा वास्तविक व्यापार किए जाने के कोई विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं हुए। विभाग के अनुसार, यह पूरा लेन- देन केवल पेपर ट्रेडिंग (कागजी बिलिंग ) एवं बोगस आईटीसी नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होता है। जांच में यह भी सामने आया कि जिन फर्मों से खरीदी दर्शाई गई थी, उनमें से कई केवल फर्जी बिल जारी करने एवं अवैध आईटीसी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही थीं। उपलब्ध तथ्यों से संकेत मिलता है कि माल का वास्तविक आवागमन नहीं हुआ और केवल बिलों के माध्यम से कर लाभ प्राप्त करने की व्यवस्था बनाई गई थी। प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने के बाद राज्य कर विभाग ने आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में कई अन्य व्यक्तियों एवं फर्मों के भी इस नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। विभाग बैंक खातों, ई-वे बिल, परिवहन दस्तावेजों तथा संबंधित व्यापारिक इकाइयों की भूमिका की गहन जांच कर रहा है। राज्य कर विभाग का मानना है कि आगे की जांच में इस फर्जी बिलिंग नेटवर्क से जुड़े और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

मुहर्रम के ताजिया जुलूस को लेकर रायपुर पुलिस का अलर्ट, घर से निकलने से पहले जानें ट्रैफिक प्लान

रायपुर. देशभर में आज हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातम का पर्व मुहर्रम मनाया जाएगा. राजधानी रायपुर में भी पर्व को लेकर तैयारियां की गई है. प्रशासन और पुलिस की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. शहर में 26 जून को शहर में यातायात परिचालन में बदलाव किया गया है. पुलिस के एडवाइजरी के मुताबिक, रायपुर में लगभग दोपहर 2 बजे से कई इलाकों से ताजिया जुलूस निकालेगे. विभिन्न मार्गों से रात 10 बजे से चौबे कॉलोनी स्थित करबला तालाब में समापन होगा. रायपुर के राजा तालाब, मोमीन पारा, अमीन पारा, छोटापारा, बैजनाथपारा, नेहरू नगर, संजय नगर, टिकरा पारा सहित शहर के कुछ क्षेत्रों से ताजिया जुलूस निकाले जाएंगे. इस कारण यहां ट्रैफिक का दबाव देखने को मिल सकता है. रायपुर पुलिस ने जनता से डायवर्टेड रूट इस्तेमाल करने की सलाह दी है. ताजिया सवारी का निर्धारित मार्ग ताजिया जुलूस का मुख्य निर्धारित मार्ग नुरानी चौक से चौबे कॉलोनी के कर्बला तालाब तक रहेगा. ताजनगर, ईरानी डेरा और राजातालाब से निकलने वाले ताजिए नुरानी चौक पहुंचने के बाद पंडरी बस स्टैंड, मरही माता चौक, मौदहापारा मस्जिद गली, गुरूनानक चौक, राठौर चौक, रामसागर पारा, बढ़ई पारा, मोमिन पारा, आजाद चौक और आमापारा होते हुए आरकेसी के सामने से गुजरकर चौबे कॉलोनी स्थित कर्बला तालाब पहुंचेंगे. रायपुर शहर और जीई रोड से दुर्ग-भिलाई की ओर जाने वाले वाहन चालक शास्त्री चौक से महिला थाना चौक, कालीबाड़ी चौक और पचपेड़ी नाका होते हुए रिंग रोड-1 का उपयोग कर अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं. जीई रोड पर संचालित सिटी बसों के रूट में भी बदलाव किया गया है. शास्त्री चौक से जयस्तंभ चौक की ओर जाने के बजाय बसें कालीबाड़ी चौक, पचपेड़ी नाका और रिंग रोड-1 के रास्ते संचालित होंगी. ताजिया जुलूस के जीई रोड पर पहुंचने के दौरान टाटीबंध से शहर की ओर आने वाले वाहनों को टाटीबंध चौक से रिंग रोड-1 की तरफ और एनआईटी के पास से डंगनिया गोल चौक मार्ग की ओर डायवर्ट किया जाएगा.शहर से पुरानी बस्ती, लाखेनगर होते हुए सुंदर नगर, डंगनिया और दुर्ग-भिलाई जाने वाले लोग कालीबाड़ी चौक से संतोषी नगर जलगृह मार्ग और भाठागांव चौक होकर आवागमन कर सकते हैं. जुलूस के दौरान आजाद चौक से आश्रम तिराहा और चौबे कॉलोनी तक जीई रोड से जुड़ने वाले सभी संपर्क मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. इन मार्गों से आने वाले ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्तों की ओर डायवर्ट किया जाएगा. पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक शास्त्री चौक से चौबे कॉलोनी टर्निंग के बीच जीई रोड का उपयोग करने से बचें. जुलूस के समय जीई रोड पर आजाद चौक से आश्रम तिराहा- चौबे कॉलोनी तक मुख्य मार्ग के सभी संपर्क मार्गों से GE रोड पर आने वाले सभी वाहनों को डाइवर्ट किया जाएगा. पुलिस की अपील है कि दोपहर 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक जीई रोड में शास्त्री चौक से चौबे कॉलोनी टर्निंग तक का उपयोग न करें.

अयोध्या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के दान में हेराफेरी मामले में पहली प्राथमिकी दर्ज

यूपी सरकार का कड़ा रुख, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में दर्ज हुई पहली एफआईआर  अयोध्या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के दान में हेराफेरी मामले में पहली प्राथमिकी दर्ज सीएम योगी के निर्देश पर गठित एसआईटी ने प्रारंभिक प्रतिवेदन में की हैं कठोर संस्तुतियां ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में दर्ज किया गया मामला एफआईआर में 8 नामजद के अलावा अज्ञात आरोपियों का भी उल्लेख आरोपियों से जारी है पूछताछ लखनऊ/अयोध्या  यूपी सरकार के सख्त रुख की वजह से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में 8 नामजद व अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ पहली एफआईआर दर्ज कर ली गई है। तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर सीएम योगी द्वारा गठित एसआईटी के प्रारम्भिक प्रतिवेदन में कठोर संस्तुतियां की गई हैं। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर  श्रीराम जन्मभूमि थाने में दर्ज की गई इस एफआईआर (अपराध संख्या 90/2026) में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61, 3(5) बीएनएस व 13(1)(a) पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। दरअसल, अयोध्या राम मंदिर में बीते दिनों दान चोरी का मामला सामने आया. यह चंदा चोरी का मामला मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए नकद दान और अन्य चढ़ावे में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है. उत्तर प्रदेश सरकार की एसआईटी की प्रारंभिक जांच के बाद मंदिर ट्रस्ट की शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. आरोप है कि दान की राशि में हेराफेरी, आपराधिक साजिश और भरोसे का उल्लंघन किया गया. कितने का गबन है और कौन-कौन इसके मास्टरमाइंड हैं, इसकी जांच जारी है।  राम मंदिर चंदा चोरी मामले में गुरुवार को बड़ा एक्शन बहरहाल, राम मंदिर चंदा चोरी मामले में गुरुवार देर रात तक हलचल थी. गुरुवार देर रात तक सबकी गिरफ्तारी हो गई. ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में एफआईआर दर्ज की गई. इस एफआईआर (अपराध संख्या 90/2026) में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया है।  एफआईआर में किस-किसका नाम, कौन-कौन अरेस्ट?     रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू (चम्पत राय का करीबी और ड्राइवर)     अनुकल्प मिश्र     अविनाश शुक्ला     करुणेश पांडेय     मनीष यादव     लवकुश मिश्र     रमा शंकर मिश्र     सुभाष श्रीवास्तव (गणना इंचार्ज और रिटायर्ड बैंक कर्मी)   करुणेश पांडेय का क्या रोल था राम मंदिर में चंदा चोरी में गिरफ्तार करुणेश पांडेय का काम मंदिर में चढ़ाए जाने वाले चढ़ावों का गणना कक्ष तक पहुंचाने का रोल था. श्रीराम मंदिर में जो भी चढ़ाया जाया करता था, उस चढ़ावे को गणना कक्ष सिर्फ ले जाने का ही नहीं बल्कि गेनने का काम था.  करुणेश पर आरोप है कि इन्होंने दानराशि चुराकर संपत्ति अर्जित की है।  रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू  श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू को गिरफ्तार किया गया. राम मंदिर में उनका काम व्यवस्थापक, मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन कराने से लेकर जनसुविधाओं का ध्यान रखता था. टुन्नू यादव अकेला ऐसा शख्स था, जो बेरोकटोक मंदिर में कही आ जा सकता है. टुन्नू यादव की गाड़ी बुलेट मंदिर के अंदर जाकर खड़ी होती थी. इनका काम दानपात्रों की देखरेख करना और उन्हें बेसमेंट तक पहुंचाने का था।    सुभाष चंद्र श्रीवास्तव  राम मंदिर चंदा चोरी में फंसे सुभाष चंद्र श्रीवास्तव एसबीआई से रिटार्ड बैंक कर्मी है. राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे वाले नोट गिनने की पूरी प्रक्रिया के इंचार्ज थे.  कैश काउंटिंग सेंटर के स्टाफ की निगरानी करना था. सुभाष कैश काउंटिंग सेंटर के स्टाफ का प्रभारी था।  लवकुश मिश्रा  अयोध्या के राम मंदिर में आने वाले तमाम चढ़ावा और नकदी को गिनने वाली टीम में लवकुश मिश्रा शामिल थे.  लवकुश मिश्र मंदिर में आने वाले चढ़ावे को गिनने का काम करता था. लवकुश मिश्र के घर से करीब 10 लाख रुपए बरामद हुए थे।  अनुकल्प मिश्रा  राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे को गणना कक्ष में गिनने की जिम्मेदारी अनुकल्प मिश्रा के पास थी. मंदिर में चढ़ावे वाले रुपये को गिनने के काम से लगभग दो साल से कर रहा था. श्रद्धालुओं की मदद के लिए बने सुविधा सेंटर में तैनात था, लेकिन वह नोट गिनने की प्रक्रिया में शामिल था. उस पर ऊपर चढ़ावा के वाउचर में गड़बड़ी करने का आरोप है. लवकुश मिश्रा का रिश्ते में साला लगता है।  मनीष यादव  मनीष यादव पर राम मंदिर के दानपात्रों में चढ़ाए गए चढ़ावे में नकली नोट निकालने और उसे गिनकर अलग रखने की जिम्मेदारी थी. मनीष पर भी चढ़ावा चोरी का आरोप है।  अविनाश शुक्ला राम मंदिर में चढ़ावे वाले पैसे और नकदी को दान पात्रों से निकालने और धनराशि को गणना कक्ष तक ले जाने का काम अविनाश शुक्ला करता था. वहां गिनती करने वाली टीम में शामिल था. अविनाश शुक्ला पर आरोप है कि इन्होंने दान राशि चुराने का काम किया है।  किन-किन धाराओं में केस दर्ज? आरोपियों के खिलाफ धारा 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61, 3(5) बीएनएस व 13(1)(a) पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।  एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट कब सौंपी? इस प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख सदस्य लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने बीते मंगलवार को टीम के अन्य दो सदस्यों के साथ शासन को प्रारंभिक प्रतिवेदन सौंपा था, जिसमें कठोर अनुशंसा हैं।  क्यों हुआ था एसआईटी का गठन इसके बाद ही गुरुवार को एफआईआर दर्ज किए जाने की कार्रवाई अंजाम दी गई है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के भेंट/चढ़ावा में चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने विशेष जांच का अनुरोध किया था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रकरण की जांच के लिए ट्रस्ट का गठन हुआ था।  एफईआईर में चंपत राय का नाम है या नहीं राम मंदिर दान चोरी मामले में जिन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की … Read more

यात्री सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का बड़ा कदम, 30 दिन चलेगा विशेष जांच अभियान

लखनऊ अग्निकांड के बाद परिवहन विभाग अलर्ट, बसों में फायर सेफ्टी की होगी सघन जांच यात्री सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का बड़ा कदम, 30 दिन चलेगा विशेष जांच अभियान अग्निशमन यंत्र नहीं तो नहीं मिलेगा फिटनेस सर्टिफिकेट, परिवहन विभाग का सख्त निर्देश 23 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान, परिवहन मुख्यालय को देनी होगी रिपोर्ट लखनऊ  लखनऊ अलीगंज अग्निकांड के बाद योगी सरकार लोगों को सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क हो गई है। विभिन्न विभागों ने ऐसे हादसों को रोकने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने यात्री सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देश पर प्रदेशभर में अगले 30 दिनों तक विशेष अभियान चलाकर स्लीपर बसों, स्कूल बसों, स्टेज कैरिज बसों और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बसों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता की सघन जांच की जाएगी। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि लखनऊ अग्निकांड ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और उनकी प्रभावशीलता जनजीवन की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी संभागीय और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान के तहत फिटनेस जांच के समय वाहनों में लगे अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, क्षमता, वैधता, कार्यशीलता तथा उनके उचित स्थान पर स्थापित होने की विशेष रूप से जांच की जाएगी। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि अग्निशमन यंत्र निर्धारित अवधि के भीतर रिफिल अथवा सर्विस किए गए हों और उनकी वैधता समाप्त न हुई हो। फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने को लेकर शर्तें निर्देशों के अनुसार जिन वाहनों में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं पाए जाएंगे, अथवा उपकरण कार्यशील स्थिति में नहीं होंगे या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी होगी, ऐसे वाहनों को कमियां दूर होने तक फिटनेस प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा। साथ ही आवश्यक प्रवर्तन कार्रवाई भी की जाएगी। विशेष अभियान के दौरान प्रवर्तन अधिकारी बस अड्डों, प्रमुख मार्गों, टोल प्लाजा, जनपद सीमाओं और अन्य उपयुक्त स्थानों पर वाहनों की सघन जांच करेंगे। स्लीपर बसों की जांच में आपातकालीन निकास, हैमर, विद्युत वायरिंग और अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी पड़ताल की जाएगी। वहीं स्कूल बसों में अग्निशमन यंत्रों के साथ अन्य निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुपालन का सत्यापन भी किया जाएगा। जांच अभियान की मुख्यालय को देनी होगी रिपोर्ट परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों, बस संचालकों, परिवहन कंपनियों और विद्यालय प्रबंधन को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करने, अग्निशमन यंत्रों के नियमित अनुरक्षण और समयबद्ध परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह 30 दिवसीय विशेष अभियान 23 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा। सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को अभियान के दौरान की गई जांच और प्रवर्तन कार्रवाई का विस्तृत विवरण परिवहन मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

आज से बदल गए LPG के नियम! कच्चे तेल की कीमत घटते ही सरकार का बड़ा ऐलान, जानिए क्या बदला

 नई दिल्‍ली एलपीजी को लेकर सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. अभी तक जो भी नियम कायदे और पाबंदियां लागू थीं, उसे अब खत्‍म कर दिया गया है. लेकिन यह सिर्फ इंडस्ट्रियल और कमर्शियल LPG ग्राहकों के लिए ही है. सरकार ने नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड LPG की सप्लाई पर लगी सभी सेक्टर-वाइज पाबंदियां हटा दी हैं और सप्लाई को वेस्ट एशिया संकट से पहले के स्तर पर बहाल कर दिया है।  पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि संकट की शुरुआत में रोकी गई बल्क LPG की सप्लाई में भी ढील दी गई है. इसे संकट से पहले की खपत के स्तर का 50% कर दिया गया है, जिससे कमर्शियल और इंडस्ट्रियल कस्‍टमर्स को काफी राहत मिली है. यह बहाली LPG सप्लाई की स्थिति में हाल ही में हुए सुधार के बाद की गई है.  सरल शब्‍दों में कहें तो 50 फीसदी एलपीजी की सप्‍लाई अब कमर्शियल और इंडस्‍ट्री कस्‍टमर्स को की जाएंगी।  वेस्ट एशिया संकट के दौरान, घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने 'आवश्यक वस्तु अधिनियम' के तहत आदेश जारी किए थे. इन आदेशों के तहत C3-C4 स्ट्रीम्स का इस्तेमाल सिर्फ़ LPG उत्पादन के लिए करना जरूरी कर दिया गया था और उन्हें पेट्रोकेमिकल व अन्य डाउनस्ट्रीम इस्तेमाल से हटाकर LPG उत्पादन में लगाया गया था।  C3-C4 स्ट्रीम्स को लेकर बदलाव पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि घरेलू LPG उत्पादन में सुधार और इम्पोर्टेड LPG कार्गो की अनुमानित उपलब्धता को देखते हुए, सरकार ने LPG पूल में C3/C4 स्ट्रीम्स के डायवर्जन को कम करने का भी फैसला किया है. नॉन-LPG इस्तेमाल के लिए C3-C4 स्ट्रीम्स का बढ़ा हुआ आवंटन लागू किया जाएगा, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि घरेलू LPG की उपलब्धता पर कोई असर न पड़े।  घरेलू एलपीजी पर कोई असर नहीं सरकार ने साफ किया है कि पेट्रोकेमिकल सेक्टर के लिए C3-C4 गैसों का आवंटन बढ़ाने के बावजूद आम जनता के लिए घरेलू एलपीजी की उपलब्‍धता को कम नहीं किया जाएगा. सरकार यह तय करेगी कि घरेलू एलपीजी का उत्‍पादन कम से कम 40 टीएमटी हर दिन बना रहे. इसका मतलब है कि रसोई एलपीजी गैस की सप्‍लाई बनी रहेगी। कच्‍चे तेल के दाम में बड़ी गिरावट  जंग शुरू होने से पहले कच्‍चा तेल जिस लेवल पर पहुंचा था, अब उससे भी नीचे आ चुका है. ब्रेंट क्रूड की कीमत अब 72 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है. तेल की कीमतों में यह गिरावट तब आई है, जब होर्मुज को फिर से खोल दिया गया है और जहाज तेजी से होर्मुज पार कर रहे हैं। 

योगी सरकार की पारदर्शी भर्ती का बड़ा असर, होम्योपैथिक भेषजिक के 395 पदों पर हुआ चयन

योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती का असर, होम्योपैथिक भेषजिक के 395 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने गुरुवार को जारी किया परिणाम  397 पदों के सापेक्ष 395 अभ्यर्थियों का चयन, दो पद रहे रिक्त अनारक्षित वर्ग की कटऑफ 48.75, ओबीसी की 42.75 अंक रही योगी सरकार में निष्पक्ष और मेरिट आधारित भर्ती से युवाओं का बढ़ा भरोसा  लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध बनाकर युवाओं का भरोसा मजबूत किया है। इसी का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने होम्योपैथिक भेषजिक भर्ती के 397 पदों में से 395 पदों पर चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली। इसी क्रम में आयोग ने गुरुवार, 25 जून को भर्ती का अंतिम परिणाम और कटऑफ जारी कर दिया है। आयोग ने कुल 397 रिक्त पदों के सापेक्ष 395 अभ्यर्थियों का चयन किया है, जबकि दिव्यांग वर्ग की दो उपश्रेणियों में उपयुक्त अभ्यर्थी उपलब्ध न होने के कारण दो पद रिक्त रह गए। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से जारी सूचना के अनुसार लिखित परीक्षा तथा अभिलेख परीक्षण के आधार पर अंतिम चयन सूची तैयार की गई है। चयनित अभ्यर्थियों में 159 अनारक्षित, 83 अनुसूचित जाति, 7 अनुसूचित जनजाति, 107 अन्य पिछड़ा वर्ग तथा 39 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के अभ्यर्थी शामिल हैं। भर्ती परिणाम में महिला श्रेणी में 82 अभ्यर्थी चयनित हुई है। वहीं उत्कृष्ट खिलाड़ी श्रेणी के 7 पदों पर योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध न होने के कारण इन पदों पर मेरिट के अनुसार अन्य अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। आयोग ने श्रेणीवार कटऑफ भी जारी की है। अनारक्षित वर्ग की कटऑफ 48.75 अंक, अनुसूचित जाति की 38.75 अंक, अनुसूचित जनजाति की 34.50 अंक, अन्य पिछड़ा वर्ग की 42.75 अंक और ईडब्ल्यूएस की 38.50 अंक रही। आयोग के अनुसार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित श्रेणी के सात पदों में केवल चार अभ्यर्थी उपलब्ध हुए जबकि भूतपूर्व सैनिक श्रेणी के लिए कोई पात्र अभ्यर्थी नहीं मिला। इसी प्रकार दिव्यांगजन वर्ग की एलसी और एएवी उपश्रेणी में एक-एक पद रिक्त रह गया। आयोग ने स्पष्ट किया है कि रिक्त पदों को शासनादेशों के अनुरूप अनारक्षित श्रेणी में समायोजित किया गया है। चयनित अभ्यर्थियों की विस्तृत सूची और श्रेणीवार विवरण आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है।

हर ब्लॉक में पांच चयनित एआरपी एवं एक नामित डायट मेंटर मिलकर संभालेंगे शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार की जिम्मेदारी

बुनियादी शिक्षा को नई गति, योगी सरकार ने एआरपी व्यवस्था का किया पुनर्गठन – हर ब्लॉक में पांच चयनित एआरपी एवं एक नामित डायट मेंटर मिलकर संभालेंगे शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार की जिम्मेदारी – सेवानिवृत्ति में केवल पांच वर्ष शेष होने पर भी पात्र, किसी भी विषय के शिक्षक कर सकेंगे आवेदन – माइक्रो टीचिंग प्रदर्शन हटाकर चयन प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया गया – पारदर्शी चयन, वार्षिक मूल्यांकन और क्षमता संवर्धन की नई व्यवस्था लागू – निपुण भारत मिशन और सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने पर रहेगा विशेष फोकस लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बुनियादी शिक्षा में गुणवत्ता सुधार को नई गति देने के लिए अकादमिक नेतृत्व व्यवस्था को और मजबूत बना रही है। इसी क्रम में समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित ब्लॉक संसाधन केंद्रों (बीआरसी) की अकादमिक व्यवस्था को नई संरचना देते हुए अकादमिक रिसोर्स पर्सन्स (एआरपी) प्रणाली का व्यापक पुनर्गठन किया गया है। अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश शासन पार्थ सारथी सेन शर्मा के हस्ताक्षर से जारी शासनादेश में एआरपी के चयन, कार्यदायित्व, प्रशिक्षण, मूल्यांकन और जवाबदेही संबंधी विस्तृत प्रावधान निर्धारित किए गए हैं। शासनादेश के अनुपालन में स्कूल शिक्षा महानिदेशक एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जुलाई तक रिक्त एआरपी पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि नए शैक्षणिक सत्र में ब्लॉक स्तर का अकादमिक सहयोग तंत्र पूरी क्षमता के साथ कार्य कर सके। विद्यालयों तक पहुंचेगा मजबूत अकादमिक सहयोग तंत्र नई व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक ब्लॉक में पांच चयनित एआरपी और एक नामित डायट मेंटर मिलकर शैक्षणिक सहायता टीम का गठन करेंगे। यह अकादमिक टीम विद्यालयों में शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने, शिक्षकों को सतत शैक्षणिक सहयोग प्रदान करने, कक्षा-कक्ष की चुनौतियों के समाधान तथा विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार की दिशा में कार्य करेगी। पारदर्शी और योग्यता आधारित चयन प्रक्रिया एआरपी का चयन पूरी तरह मेरिट आधारित होगा। नई व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक योग्य और अनुभवी शिक्षकों को इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक दायित्व से जोड़ा जा सके। अब सेवानिवृत्ति में केवल पांच वर्ष शेष रहने वाले शिक्षक भी एआरपी पद के लिए पात्र होंगे, जबकि पहले यह सीमा 10 वर्ष थी। अब किसी भी विषय के परिषदीय शिक्षक आवेदन कर सकेंगे, जबकि पहले केवल चयनित विषयों के शिक्षकों को ही पात्रता प्राप्त थी। चयन प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए माइक्रो टीचिंग का प्रावधान समाप्त कर दिया गया है। अब चयन केवल लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर होगा। जिला स्तर पर गठित चयन समिति पूरी प्रक्रिया का संचालन करेगी। निपुण भारत मिशन को मिलेगा जमीनी आधार निपुण भारत मिशन को बालवाटिका से कक्षा 5 तक विस्तारित करने की दिशा में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेगी। एआरपी विद्यालयों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन), गतिविधि आधारित शिक्षण, टीएलएम के प्रभावी उपयोग, प्रिंट-रिच वातावरण तथा बेहतर कक्षा प्रबंधन को बढ़ावा देंगे। साथ ही वे शिक्षकों को नवीन शिक्षण पद्धतियों और डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग में भी सहयोग करेंगे, जिससे ब्लॉक स्तर पर सतत शैक्षणिक सहयोग की मजबूत व्यवस्था विकसित होगी। प्रदर्शन आधारित जवाबदेही से बढ़ेगी गुणवत्ता नई व्यवस्था में एआरपी का कार्यकाल प्रदर्शन आधारित होगा। नियमित मूल्यांकन के आधार पर ही कार्यकाल का विस्तार किया जाएगा। इससे शैक्षणिक नेतृत्व में जवाबदेही, प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्टता को बढ़ावा मिलेगा। शासनादेश में एआरपी, एसआरजी और डायट मेंटर्स के लिए नियमित प्रशिक्षण तथा क्षमता संवर्धन कार्यक्रमों का भी प्रावधान किया गया है। शिक्षा सुधारों को मिलेगा नया बल प्रदेश में निपुण भारत मिशन, शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल शिक्षा, बालवाटिका, विद्यालय कायाकल्प और अधिगम गुणवत्ता सुधार जैसे कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। नई एआरपी व्यवस्था इन सभी प्रयासों को विद्यालय स्तर तक सशक्त रूप से पहुंचाने का माध्यम बनेगी। ब्लॉक स्तर पर मजबूत अकादमिक सहयोग तंत्र विकसित होने से शिक्षकों को निरंतर मार्गदर्शन मिलेगा, अधिगम परिणामों में सुधार आएगा और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के प्रयासों को नई मजबूती मिलेगी।

इन्वेस्ट यूपी-टीमलीज की बड़ी साझेदारी, GCC के लिए तैयार होगा स्किल्ड टैलेंट का विशाल पूल

जीसीसी के लिए प्रचुर टैलेंट उपलब्ध कराएगा इन्वेस्ट यूपी व टीमलीज का समझौता नए जीसीसी के लिए 90 दिन का मुफ्त वर्कफोर्स और एआई एडवाइजरी पैकेज मुहैया कराएगी टीमलीज   नोएडा-ग्रेटर नोएडा से आगे लखनऊ, कानपुर जैसे टियर-2/3 शहरों तक फैलेगा टैलेंट नेटवर्क लखनऊ/बेंगलुरु उत्तर प्रदेश में स्थापित किए जा रहे नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) को कुशल वर्कफोर्स उपलब्ध कराने के लिए 'इन्वेस्ट यूपी' ने टीमलीज ग्रुप के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। बेंगलुरु में गत दिवस “उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग 2026” आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद तथा टीमलीज सर्विसेज की एमडी एवं ग्रुप सीईओ सुपर्णा मित्रा व टीमलीज डिजिटल की सीईओ नीति शर्मा ने इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए। यह साझेदारी उत्तर प्रदेश को जीसीसी सेक्टर में निवेश के लिए प्रतिस्पर्धी और भरपूर टैलेंट की उपलब्धता वाला हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब ग्लोबल कंपनियां पारंपरिक मेट्रो शहरों से आगे बढ़कर नए शहरों में जीसीसी स्थापित कर रही हैं। उभरते जीसीसी शहरों में नौकरियों की वृद्धि 40-45% है, जबकि मेट्रो हब में यह 19% ही है। ऐसे में इन्वेस्ट यूपी व टीमलीज का यह समझौता नए जीसीसी के लिए नियुक्तियों में लगने वाला समय कम करेगा और शुरुआती चरण की टैलेंट भर्ती को आसान बनाएगा। यूपी का जीसीसी विजन 2031   जीसीसी पॉलिसी-2024 के तहत यूपी ने वर्ष 2031 तक 500 ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर्स स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए अब नोएडा-ग्रेटर नोएडा से आगे बढ़कर लखनऊ, कानपुर जैसे टियर-2 व टियर-3 शहरों पर फोकस किया जा रहा है। इस साझेदारी के तहत टीमलीज ग्रुप नए जीसीसी के लिए 'स्टार्टर पैकेज' देगा। इसमें किसी भी जीसीसी को सेटअप के लिए 90 दिनों तक वर्कफोर्स और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) परामर्श निःशुल्क मिलेगा। गौरतलब है कि हर चरण की भर्तियों, इंडक्शन/ऑनबोर्डिंग, एआई/मशीन लर्निंग जैसी विशिष्ट जरूरतों वाली नियुक्तियों, एआई रणनीति व उसके क्रियान्वयन में टीमलीज को विशेषज्ञता हासिल है। इस असर पर इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद ने कहा कि हम यूपी को भारत के अग्रणी जीसीसी डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की नींव रख रहे हैं। जब कंपनियां पारंपरिक स्थानों से आगे बढ़ रही हैं, तो यह जरूरी है कि टैलेंट के अवसर भी राज्य के उभरते केंद्रों तक पहुंचें। टीमलीज के साथ यह साझेदारी वर्कफोर्स की तैयारी मजबूत करेगी तथा उद्योग व कौशल विकास के संबंधों को नई गति देगी। नए उभरते क्षेत्रों में स्किल्ड मैनपावर से राज्य की विकास यात्रा तेजी से आगे बढ़ेगी। टीमलीज की एमडी एवं ग्रुप सीईओ सुपर्णा मित्रा ने कहा कि किसी नए जीसीसी का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करता है कि उसे कुशल मैनपावर कितनी जल्दी और कितनी बड़ी संख्या में उपलब्ध होता है। देशभर में 110 से अधिक जीसीसी पार्टनरशिप और यूपी में 1,470 से अधिक सक्रिय जीसीसी कर्मियों के साथ हम योजना स्तर पर ही कंपनियों को स्किल्ड वर्कफोर्स समेत तमाम तकनीकी आवश्यकताओं में मदद देने की स्थिति में हैं। इन्वेस्ट यूपी के साथ यह साझेदारी से यूपी में टैलेंट व स्किलिंग इकोसिस्टम और मजबूत होगा। टीमलीज ग्रुप 4,000 से अधिक नियोक्ताओं को हायरिंग, उत्पादकता और एंड-टू-एंड वर्कफोर्स समाधान उपलब्ध कराती है। कंपनी ने 25 साल में 24 लाख से अधिक पेशेवरों की प्लेसमेंट की है और दुबई व सिंगापुर तक अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी है।