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मध्य प्रदेश में 43 जिलों के लिए वर्षा चेतावनी, एंट्री के बाद थमा मानसून; 2-3 दिन और नहीं मिलेगी राहत

भोपाल  मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश के बाद उसकी रफ्तार थम सी गई है। मौसम विभाग ने राज्य के 43 जिलों में आज शनिवार को मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि कुछ इलाकों में अत्यधिक वर्षा की संभावना भी जताई गई है। विभाग के अनुसार, मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है। सामान्य स्थिति में इस समय तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन सिस्टम के कमजोर पड़ने के कारण इसमें 2-3 दिन की और देरी होने की संभावना है। खासतौर पर ग्वालियर-चंबल संभाग में मानसून सबसे देर से पहुंचने वाला है।. मानसून ने 24 जून को दी थी दस्तक गौरतलब है कि प्रदेश में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी। पहले ही दिन इंदौर, धार, आलीराजपुर, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी जिलों में मानसून के आगमन की आधिकारिक घोषणा कर दी गई थी। हालांकि, इसके बाद से परिस्थितियां थमी हुई हैं, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि आगामी 48 से 72 घंटों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए मौसम अनुकूल हो रहा है। शनिवार को इन जिलों में भारी बारिश का अनुमान इस बीच, शनिवार को राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा और सागर संभाग समेत प्रदेश के करीब 40 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं, ग्वालियर-चंबल संभाग, नीमच, मंदसौर और बुंदेलखंड के कुछ हिस्सों में छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं। एमपी के कई हिस्सों में दिखा आंधी-बारिश का दौर इससे पहले, शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी और भारी बारिश का दौर देखने को मिला। सिवनी में करीब दो इंच और उज्जैन में डेढ़ इंच से ज्यादा पानी बरसा। शाजापुर, दतिया, राजगढ़ और मंडला समेत कई इलाकों में मौसम बदला रहा। इस बदलते मौसम के बीच बालाघाट और देवास जिलों से दर्दनाक हादसे भी सामने आए, जहाँ आकाशीय बिजली गिरने और दीवार ढहने की अलग-अलग घटनाओं में कुल 5 लोगों की असमय मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। कहां-कहां है अलर्ट? मौसम केंद्र ने रीवा, सागर, जबलपुर, शहडोल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल सहित कुल 43 जिलों में आज बारिश-आंधी का येलो अलर्ट जारी किया है। कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का भी अनुमान है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों में खड़ी फसलों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। खासकर सोयाबीन, मक्का और दलहन की फसलों पर अतिरिक्त नजर रखने की जरूरत है। कब तक सुधरेगा मौसम? मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले 48-72 घंटों में एक नया सिस्टम सक्रिय होने की उम्मीद है, जिसके बाद राज्य भर में मानसून की गति बढ़ सकती है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी और श्योपुरकलां जैसे उत्तरी जिलों में सामान्य बारिश में सबसे ज्यादा देरी हो सकती है। वर्षा के आंकड़ों में सुधार पिछले तीन दिनों की बारिश से प्रदेश की औसत वर्षा की स्थिति में सुधार हुआ है। 1 जून से अब तक सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि 24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत थी। लगातार बारिश के कारण बारिश का घाटा घटा है, हालांकि पूर्वी मध्य प्रदेश में अब भी सामान्य से काफी कम वर्षा हुई है। एमपी में तेज बारिश…सिवनी में 2 इंच पानी गिरा इससे पहले शुक्रवार को तेज आंधी और बारिश का दौर रहा। सिवनी में करीब 2 इंच पानी गिर गया। शाजापुर के शुजालपुर, अकोदिया समेत आसपास के इलाकों में झमाझम बारिश हुई। उज्जैन में डेढ़ इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, दतिया, इंदौर, राजगढ़, शिवपुरी, मंडला, रीवा, सागर, बालाघाट, खंडवा, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। बालाघाट के बैहर तहसील के बिरवा ग्राम पंचायत में बिजली गिरने से 2 बच्चों सहित 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग झुलस गए। मृतकों की पहचान लल्की मेरावी, झामसिंह ताराम (35) और सतीश वलके के रूप में हुई है। वहीं, देवास के खटांबा गांव में सूरज की पूजा के दौरान आंधी-बारिश से गैलरी गिर गई। हादसे में 2 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची समेत 3 लोग घायल हो गए। मृतकों की पहचान लक्ष्मीबाई और भगवंताबाई के रूप में हुई है। आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। खरगोन में तापमान सबसे कम 30 डिग्री पहुंच गया। खंडवा में 30.1 डिग्री, सागर में 31.1 डिग्री, छिंदवाड़ा में 31.8 डिग्री, बैतूल में 32.7 डिग्री, सिवनी-उमरिया में 33.2 डिग्री, धार में 33.4 डिग्री, नर्मदापुरम में 33.8 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में भोपाल-इंदौर में 33.8 डिग्री, उज्जैन में 33.5 डिग्री, जबलपुर में 36.7 डिग्री और ग्वालियर में 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।    

छत्तीसगढ़ में मानसून होगा एक्टिव, 7 दिन तक बारिश की संभावना; 3-4 दिन में पूरे प्रदेश को करेगा कवर

रायपुर  छत्तीसगढ़ में शनिवार से मौसम का स्वरूप बदलने वाला है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए अगले सात दिनों तक बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में भारी बारिश होने के भी संकेत दिए गए हैं, जिसके चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय तीन अलग-अलग मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। इन सिस्टमों के प्रभाव से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर मानसून पूरे छत्तीसगढ़ में पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा, जिससे अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। लगातार होने वाली बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है, क्योंकि इससे खरीफ फसलों की बुवाई और खेती के अन्य कार्यों को फायदा मिलेगा। हालांकि, अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर परेशानी की स्थिति भी बन सकती है।  अगले एक सप्ताह तक बारिश के आसार मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना बनी हुई है।पिछले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। अगले दो दिनों में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है। इन जिलों में पहुंच चुका है मानसून अब तक मानसून ने प्रदेश के 18 से अधिक जिलों में दस्तक दे दी है। इनमें शामिल हैं—     रायपुर     दुर्ग     धमतरी     गरियाबंद     महासमुंद     बलौदाबाजार     बेमेतरा     कबीरधाम     राजनांदगांव     मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी     खैरागढ़-छुईखदान-गंडई     कांकेर     कोंडागांव     नारायणपुर     बस्तर     दंतेवाड़ा     सुकमा     बीजापुर अगले 48 घंटे में इन जिलों में मानसून की एंट्री मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों के भीतर मानसून इन जिलों में भी दस्तक दे सकता है—     सरगुजा     सूरजपुर     बलरामपुर     कोरिया     मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर     जशपुर     कोरबा     गौरेला-पेंड्रा-मरवाही     बिलासपुर     मुंगेली     जांजगीर-चांपा     सक्ती     सारंगढ़-बिलाईगढ़     रायगढ़ हालांकि इन क्षेत्रों में प्री-मानसून की बारिश हो रही है, लेकिन भारतीय मौसम विभाग ने अभी तक इन जिलों में मानसून के आधिकारिक प्रवेश की घोषणा नहीं की है। तापमान में भी आएगी गिरावट बारिश के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज होने लगी है। पिछले 24 घंटे में बिलासपुर में अधिकतम 39.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम 23.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।मौसम विभाग का अनुमान है कि लगातार बारिश के चलते अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में और कमी आएगी तथा उमस से लोगों को राहत मिलेगी। अब तक 18 से ज्यादा जिलों में पहुंचा मानसून मानसून ने अब तक 18 से अधिक जिलों में स्ट्राइक किया है। इनमें मुख्य रूप से रायपुर, दुर्ग, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा सुकमा, बीजापुर शामिल हैं। इन जिलों में एंट्री बाकी सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, जशपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, रायगढ़। इन जिलों में अगले 48 घंटों में मानसून एंट्री कर सकता है। हालांकि, इन जिलों में प्री-मानसून की बारिश हो रही है, लेकिन IMD ने आधिकारिक तौर पर मानसून के पहुंचने की घोषणा इन जिलों में नहीं की है। बस्तर में सबसे बेहतर स्थिति; फिर भी 54% तक कम वर्षा प्रदेश में मानसून की पहली दस्तक का असर सबसे पहले बस्तर संभाग में दिखाई दे रहा है, लेकिन इसके बावजूद यहां सामान्य से कम पानी गिरा है: बस्तर जिला: यहां स्थिति सबसे बेहतर है। 142.7 मिमी सामान्य बारिश के मुकाबले 74.8 मिमी वर्षा हुई है (48% कम) दंतेवाड़ा: 107.7 मिमी सामान्य के मुकाबले 49.9 मिमी बारिश दर्ज हुई है (54% कम) सुकमा: यहां 60.3 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 54% कम है। कोंडागांव, बीजापुर: कोंडागांव में 51.9 मिमी और बीजापुर में 28 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मध्य छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा चिंता रायपुर: 90.1 मिमी के मुकाबले 25.3 मिमी बारिश, 72% कम धमतरी: 112.6 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमी दुर्ग: 113.9 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमी महासमुंद: 105.4 मिमी के मुकाबले 20.7 मिमी बलौदाबाजार: 81.3 मिमी के मुकाबले सिर्फ 14 मिमी कई जिलों में 80% से ज्यादा बारिश की कमी राजनांदगांव: 100.3 मिमी के मुकाबले 8.3 मिमी, 92% कम (सबसे गंभीर स्थिति) मोहला-मानपुर-चौकी: 95% कम बलौदाबाजार व सारंगढ़-बिलाईगढ़: 83% कमी सक्ती: 83% कम खरीफ सीजन के लिए अगले 10 दिन अहम प्रदेश में मानसून देर से आने और कमजोर होने के कारण बारिश बहुत कम हुई है। इस वजह से ज्यादातर जिलों में अभी तक बोनी (बुवाई) के लायक खेतों में जरूरी नमी नहीं बन पाई है। रायपुर में आज ऐसा रहेगा मौसम रायपुर में आज (शनिवार) गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 37°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रहने का अनुमान है।

भुवनेश्वर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हरियाणा ने डिस्कस थ्रो में रचा इतिहास

भुवनेश्वर भुवनेश्वर में आयोजित 65वीं नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हरियाणा की महिला खिलाड़ियों ने भारतीय एथलेटिक्स में नया इतिहास रच दिया। डिस्कस थ्रो स्पर्धा में स्वर्ण, रजत और कांस्य, तीनों पदक हरियाणा की बेटियों ने अपने नाम किए। इसके साथ ही तीनों खिलाड़ियों ने एशियन गेम्स के लिए निर्धारित क्वालिफाइंग मानक भी हासिल कर राज्य की खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया। पांच दिवसीय इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन 24 से 28 जून तक कलिंगा स्टेडियम, भुवनेश्वर (ओडिशा) में किया जा रहा है। प्रतियोगिता में हरियाणा के खिलाड़ी विभिन्न स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन कर पदक जीतने के साथ-साथ भारतीय टीम में जगह बनाने की दौड़ में भी आगे हैं। आगामी एशियन गेम्स का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आइची-नगोया (जापान) में होगा। एथलेटिक्स हरियाणा के महासचिव प्रदीप मलिक के अनुसार, भिवानी की सीमा ने 59.73 मीटर की शानदार थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीतकर एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में अपना स्थान लगभग सुनिश्चित कर लिया। वहीं महेंद्रगढ़ की सान्या यादव ने 56.05 मीटर की थ्रो के साथ रजत पदक और रोहतक की निधि रानी ने 55.92 मीटर की थ्रो के साथ कांस्य पदक जीतते हुए एशियन गेम्स का क्वालिफाइंग मानक हासिल किया। हैमर थ्रो स्पर्धा में भी हरियाणा के झज्जर निवासी आशीष जाखड़ ने 67.61 मीटर की थ्रो के साथ कांस्य पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। इस स्पर्धा में पंजाब के दमनीत सिंह ने 69.72 मीटर की थ्रो के साथ स्वर्ण तथा राजस्थान के परवीन कुमार ने 69.58 मीटर की थ्रो के साथ रजत पदक जीता। दोनों खिलाड़ियों ने भी एशियन गेम्स क्वालिफाइंग मानक हासिल किया। प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को एथलेटिक्स हरियाणा के अध्यक्ष दिलबाग सिंह, महासचिव प्रदीप मलिक, एएफआई ग्रीवेंस कमेटी के सदस्य राजकुमार मिटान तथा टीम कोच-मैनेजर जसवंत सिवाच और अजय कुमार ने बधाई देते हुए आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं।    

वास्तु शास्त्र में तवा रखने के तरीके से जुड़ी मान्यताएं और उसके प्रभाव

 वास्तु शास्त्र में रसोई को घर का सबसे महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है. यह न केवल हमारे भोजन का स्रोत है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का मुख्य केंद्र भी है. रसोई में रखी हर छोटी-बड़ी वस्तु हमारे जीवन और भाग्य पर सीधा प्रभाव डालती है.  इनमें से एक सबसे सामान्य वस्तु है तवा. अक्सर जल्दबाजी में हम खाना बनाने के बाद तवे को उल्टा रख देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह मामूली सी आदत आपके घर की सुख-समृद्धि को दांव पर लगा सकती है? तवे का राहु से गहरा नाता वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, रसोई में उपयोग होने वाला तवा केवल लोहे या धातु का एक टुकड़ा नहीं है.  इसका सीधा संबंध राहु ग्रह से माना जाता है.  ज्योतिष शास्त्र में राहु को मायावी और नकारात्मकता का कारक माना गया है.  यदि आप तवे को सही ढंग से नहीं रखती हैं, तो यह घर में राहु दोष पैदा कर सकता है, जिससे पारिवारिक शांति और आर्थिक स्थिरता प्रभावित हो सकती है. उल्टा तवा रखने के नुकसान आर्थिक तंगी: मान्यता है कि तवे को उल्टा रखने से घर में धन का प्रवाह बाधित होता है. यह फिजूलखर्ची और आर्थिक नुकसान का संकेत हो सकता है. मानसिक तनाव: वास्तु के अनुसार, उल्टा तवा घर के सदस्यों के बीच कलह और मानसिक तनाव बढ़ाता है. इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है. स्वास्थ्य समस्याएं: रसोई में गंदगी या गलत तरीके से बर्तन रखने का सीधा असर घर की सेहत पर पड़ता है. यह परिवार के मुखिया के स्वास्थ्य को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है. वास्तु अनुसार सही तरीका साफ-सफाई है जरूरी: रोटी बनाने के बाद तवे को हमेशा अच्छी तरह धोकर और सुखाकर ही रखें. कभी भी गंदा तवा गैस पर या स्लैब पर न छोड़ें. सीधा रखें: उपयोग के बाद तवे को हमेशा सीधा करके ही रखें. यह सकारात्मक ऊर्जा के संचार में मदद करता है. नजरों से बचाएं: कोशिश करें कि तवे को ऐसी जगह रखें जहां बाहर से आने वाले लोगों की सीधी नजर उस पर न पड़े. रसोई में इसे किसी साफ और ढकी हुई जगह पर रखना सबसे उत्तम है. कपूर का प्रयोग: कभी-कभी आप तवे पर थोड़ा कपूर का प्रयोग कर सकती हैं, जो नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखने में सहायक माना जाता है.

12 हजार की नौकरी, लेकिन खाते से ₹165 करोड़ का ट्रांजैक्शन! CBI जांच में सामने आया पैसों का स्रोत

भिलाई खुर्सीपार निवासी अनिमेष सिंह के बैंक खाते में वर्ष 2020 में आए 165 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन मामले की जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो4 (सीबीआई) ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डबल बेंच के समक्ष बताया है कि उसे इस राशि के स्रोत और उसके आगे कहां-कहां हस्तांतरित किए जाने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो गई है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति आर.के. अग्रवाल की खंडपीठ में हुई। सीबीआई ने न्यायालय को अवगत कराया कि जांच के दौरान बैंकिंग रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों का विश्लेषण किया गया है। एजेंसी को अब यह जानकारी मिल चुकी है कि संबंधित राशि किन माध्यमों से खाते में पहुंची और बाद में उसका उपयोग अथवा हस्तांतरण किस प्रकार किया गया। सीबीआई ने कोर्ट से कहा है कि वह अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट आगामी सुनवाई में प्रस्तुत करेगी। मामले की अगली सुनवाई जुलाई के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित है। यस बैंक के खाते में हुई थी धनवर्षा यह मामला वर्ष 2020 में तब चर्चा में आया था, जब लगभग 12 हजार रुपये प्रतिमाह आय वाले खुर्सीपार निवासी अनिमेष सिंह के यस बैंक खाते में 165 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई थी। मामले को लेकर शिकायतें दर्ज कराई गईं और धन के स्रोत को लेकर सवाल उठे। इसके बाद अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी, सामाजिक कार्यकर्ता प्रभु नाथ मिश्रा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की थी। शुरुआत से ही राज्य सरकार में स्पष्टता का अभाव अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी का कहना है कि इस मामले में राज्य सरकार का रवैया शुरू से ही स्पष्ट नहीं रहा। उनके अनुसार, प्रारंभिक चरण में सरकार की ओर से न्यायालय को बताया गया था कि मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (एसीबी-ईओडब्ल्यू) से कराई जा रही है, लेकिन बाद में जांच की प्रगति और निष्कर्षों को लेकर लगातार अस्पष्टता बनी रही। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कांग्रेस सरकार और बाद में भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी न्यायालय के समक्ष मामले से संबंधित पूरी और सटीक जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई, जिसके कारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबी खिंचती रही। परत दर परत मामला उजागर होने की आशा त्रिपाठी का कहना है कि अब जब हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई जांच कर रही है, तब मामले की परत-दर-परत जानकारी सामने आ रही है। उनका दावा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर हो सकते हैं। फिलहाल सभी की निगाहें जुलाई के अंतिम सप्ताह में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जिसमें सीबीआई अपनी विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर सकती है।  

पति जहीर की गोद में झूमीं सोनाक्षी सिन्हा, बीच वेकेशन की रोमांटिक Photos ने जीता फैंस का दिल

मुंबई  बॉलीवुड के पावर कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल इन दिनों रोमांटिक वेकेशन पर हैं. 23 जून को कपल ने अपनी शादी की दूसरी सालगिरह सेलिब्रेट की. दोनों की रोमांटिक तस्वीरें इंटरनेट पर छाई हुई हैं।  सोनाक्षी-जहीर ने अब वेकेशन की कुछ नई तस्वीरें साझा की हैं. तस्वीरों में कपल की सिजलिंग केमिस्ट्री से आप भी नजरें नहीं हटा पाएंगे। वेकेशन फोटोज में सोनाक्षी और जहीर एक दूजे की बांहों में कोजी होते हुए दिखाई दे रहे हैं।  एक फोटो में जहीर इकबाल अपनी लेडी लव सोनाक्षी को बांहों में लेकर उन्हें गाल पर Kiss करते दिखे. सोनाक्षी भी खुशी से चहकती नजर आईं।  वेकेशन की इस तस्वीर में सोनाक्षी पति जहीर की गोद में बैठी हुई नजर आ रही हैं. कपल का किलर अंदाज फैंस का दिल जीत रहा है। सोनाक्षी इस फोटो में पति जहीर इकबाल की बांहों में बांहे डाली नजर आईं. कपल की मिलियन डॉलर स्माइल उनकी खुशी को जगजाहिर कर रही है।         सोनाक्षी का बीच लुक भी सुपर कूल है. व्हाइट शर्ट और डेनिम शॉर्ट्स में एक्ट्रेस स्टनिंग लगीं. उन्होंने ओपन हेयर और लाइट मेकअप के साथ अपना लुक कंप्लीट किया। जहीर भी अपनी पत्नी से ट्विनिंग करते नजर आए. व्हाइट शर्ट और जींस में सुपर डैशिंग लगे।  बीच पर सोनाक्षी-जहीर ने एक दूजे संग काफी हसीन पल बिताए. दोनों की सिजलिंग केमिस्ट्री देखकर किसी भी धड़कनें तेज हो सकती है।    बता दें कि सोनाक्षी और जहीर ने लंबी डेटिंग के बाद साल जून 2024 में सादगी से रजिस्टर मैरिज की थी. शादी के 2 साल बाद भी दोनों का रिश्ता किसी न्यूलीमैरिड कपल जैसा फ्रेश और प्यार से भरा ही लगता है.   

बेसिक शिक्षा परिषद ने बीएसए से प्रमाणपत्रों की दोबारा जांच और एक्सेल डेटा मांगा

लखनऊ परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के विशेष परिस्थितियों में होने वाले अंतरजनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया फिलहाल दस्तावेजों की जांच में उलझ गई है। अधिकांश आवेदनों के साथ लगाए गए प्रमाणपत्र स्पष्ट नहीं होने के कारण उन्हें पढ़ने और सत्यापित करने में दिक्कत आ रही है। इसे देखते हुए बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव ने संबंधित जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) से प्रमाणपत्रों की प्रमाणित प्रतियां दोबारा भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी जरूरी जानकारी एक्सेल शीट के माध्यम से भी उपलब्ध कराने को कहा गया है।विशेष परिस्थितियों में अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए प्रदेशभर से करीब 7000 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें शिक्षक दंपती, दिव्यांग, कैंसर से पीड़ित व डायलिसिस करा रहे शिक्षकों के आवेदन शामिल हैं। इन सभी आवेदनों की स्क्रूटनी (जांच) की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कई प्रमाणपत्र अस्पष्ट होने के कारण जांच पूरी करने में समय लग रहा है। स्थानांतरण प्रक्रिया में देरी होने की संभावना ऐसे में स्थानांतरण प्रक्रिया में देरी होने की संभावना है। इस बीच परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नया शैक्षिक सत्र शुरू हो चुका है। ऐसे में परिषद शिक्षक-छात्र अनुपात (पीटीआर) के आधार पर आवेदन के आधार पर इन शिक्षकों का स्थानांतरण करना चाहती है, ताकि जिन जिलों में शिक्षकों की कमी है वहां संतुलन बनाया जा सके। प्रदेश में 1.11 लाख से अधिक परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें 93.91 लाख विद्यार्थी और 3.03 लाख शिक्षक हैं। पूरे प्रदेश का औसत पीटीआर 31 है, लेकिन जिलों के बीच इसमें बड़ा अंतर है। इटावा में एक शिक्षक पर औसतन 17 विद्यार्थी हैं। वहीं श्रावस्ती में सबसे अधिक 71 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक है। विद्यार्थियों की संख्या के लिहाज से सीतापुर सबसे बड़ा जिला है, जहां 3.26 लाख विद्यार्थी, 10,275 शिक्षक और 2,970 विद्यालय हैं। इसके बाद बहराइच में 3.23 लाख और लखीमपुर खीरी में 3.02 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यालयों की संख्या हरदोई में 2,825 और लखीमपुर खीरी में 2700 है। परिषद का प्रयास है कि स्थानांतरण के बाद जिलों के बीच शिक्षक-छात्र अनुपात को अधिक संतुलित बनाया जा सके।

अक्षय कुमार की ‘वेलकम टू द जंगल’ ने पहले दिन की कमाई से बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल

अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. 'वेलकम' फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म को दर्शकों का मिक्स्ड रिस्पॉन्स मिल रहा है. हालांकि, ज्यादातर रिव्यूज पॉजिटिव हैं. कई दिग्गद सितारों से सजी फिल्म ने बढ़िया ओपनिंग की है. आइए जानते हैं फिल्म की पहले दिन की कमाई कैसी रही. बॉक्स ऑफिस पर कैसा रहा फिल्म का कलेक्शन? 'वेलकम टू द जंगल' की रिलीज से पहले 25 जून को फिल्म के पेड प्रीव्यू शो रखे गए थे, जिससे फिल्म की कमाई की अच्छी शुरुआत हुई. अब फिल्म के पेड प्रीव्यू और पहले दिन की शुरुआती कमाई के आंकड़े भी सामने आ गए हैं. ट्रेड वेबसाइट Sacnilk के मुताबिक, अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' ने गुरुवार को पेड प्रीमियर से 3.75 करोड़ रुपये अपने खाते में किए. वहीं, फिल्म ने अपने ओपनिंग डे पर इंडिया में 15 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है. गुरुवार को हुए पेड प्रिव्यूज को मिलाकर फिल्म का कुल नेट इंडिया कलेक्शन 18.75 करोड़ रुपये और ग्रॉस इंडिया कलेक्शन 22.50 करोड़ रुपये हो गया है. वहीं, विदेशी मार्केट से फिल्म को 6.50 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन मिला है, जिसके बाद फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 29 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. हालांकि, ऑफिशियल आंकड़े आाना अभी बाकी है. 'भूत बंगला' को छोड़ा पीछे 'वेलकम टू द जंगल' ने अक्षय की पिछली फिल्म 'भूत बंगला' की ओपनिंग कमाई को पीछे छोड़ दिया है. 'भूत बंगला' ने भारत में पहले दिन 12.25 करोड़ की नेट ओपनिंग की थी. वहीं,  प्रीमियर से फिल्म की 3.75 करोड़ की कमाई हुई थी, जिससे फिल्म की ओपनिंग 16 करोड़ रुपये रही थी. वहीं, 'वेलकम टू द जंगल' ओपनिंग कमाई में इससे आगे निकल गई है. 'वेलकम टू द जंगल' की शुक्रवार को 10,892 शोज में कुल मिलाकर 26.46% की थिएटर ऑक्यूपेंसी देखी गई. इसमें मॉर्निंग शोज में 11%, दोपहर के शोज में 26.85%, शाम के शोज में 28.85% और रात के शोज में 39.15% की ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई. 'अल्फा' के आगे टिक पाएगी अक्षय की फिल्म? अक्षय कुमार की फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन तो कदम जमाती नजर आ रही है. लेकिन अब यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म ओपनिंग वीकेंड और उसके बाद वर्किंग डेज में कैसा परफॉर्म करती है. आने वाले दिनों में अक्षय की फिल्म को 'अल्फा', 'धमाल 4', और 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' जैसी कई नई थिएट्रिकल रिलीज से टक्कर मिलने वाली है. इस क्लैश का असर फिल्म की कमाई पर कितना पड़ेगा, ये देखने वाली बात होगी. बता दें कि फिल्म का पहला पार्ट 'वेलकम' साल 2007 में रिलीज हुआ था. फिल्म सुपरहिट हुई थी. इसके बाद फिल्म का सीक्वल 'वेलकम बैक' साल 2015 में आया था. अब अहमद खान फिल्म का तीसरा पार्ट वेलकम टू द जंगल लेकर आए हैं. फिल्म को मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला है, लेकिन ज्यादातर पॉजिटिव रिव्यूज हैं. फिल्म में अक्षय कुमार के साथ सुनील शेट्टी, रवीना टंडन, परेश रावल, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडीज समेत 32 सितारे हैं. फिल्म को अहमद खान ने डायरेक्ट किया है. अगर आपने ओपनिंग डे पर फिल्म को मिस कर दिया है तो अभी टिकट बुक करें और जल्दी से देख आएं 'वेलकम टू द जंगल'.

लॉर्ड्स में बड़ा मुकाबला: भारत की किस्मत दांव पर, नेट रन रेट भी बनेगा अहम फैक्टर

नई दिल्ली आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 अपने सबसे रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है. ग्रुप-ए से सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दो टीमों का फैसला अब आखिरी दिन (28 जून) होगा. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने अब तक चार में से तीन मुकाबले जीतकर खुद को मजबूत स्थिति में जरूर रखा है, लेकिन सेमीफाइनल का टिकट अभी पक्का नहीं हुआ है. रविवार (28 जून) को क्रिकेट के मक्का लॉर्ड्स पर दो मुकाबले खेले जाएंगे. पहले मैच में बांग्लादेश का सामना साउथ अफ्रीका से होगा, जबकि दूसरे मुकाबले में भारत की टक्कर ऑस्ट्रेलिया से होगी. इन दोनों मैचों के नतीजे तय करेंगे कि सेमीफाइनल में कौन-कौन सी टीम पहुंचेगी. चारों ग्रुप मैच जीत चुकी ऑस्ट्रेलियाई टीम 8 अंकों और +4.724 के शानदार नेट रनरेट के साथ सेमीफाइनल के दरवाजे पर खड़ी है. दूसरी ओर भारत 6 अंकों और +2.268 नेट रन रेट के साथ दूसरे स्थान पर मौजूद है. साउथ अफ्रीका ने भी नीदरलैंड्स को 88 रन से हराकर अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा है. ऐसे में ग्रुप-ए से दूसरे सेमीफाइनलिस्ट के लिए भारत और साउथ अफ्रीका के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है. भारत के लिए सबसे अच्छा और सीधा रास्ता ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत है. यदि भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया को हरा देती है तो उसके 8 अंक हो जाएंगे. हालांकि इसके बाद भी कहानी खत्म नहीं होगी. अगर साउथ अफ्रीका भी बांग्लादेश को हरा देता है, तो दोनों टीमों के 8-8 अंक होंगे और फैसला नेट रनरेट से होगा. वहीं अगर बांग्लादेश साउथ अफ्रीका को हरा देता है, तो भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया को रौंदकर सीधे सेमीफाइनल में पहुंच सकती है. ऑस्ट्रेलिया से हार तो क्या होगा? हालांकि ऑस्ट्रेलिया से हार की स्थिति में भारत 6 अंकों पर ही रहेगा. तब भारतीय टीम की नजरें पूरी तरह बांग्लादेश और साउथ अफ्रीका के मुकाबले पर टिकी होंगी. अगर बांग्लादेश साउथ अफ्रीका को हरा देता है, तो भारत और साउथ अफ्रीका बराबर अंकों पर रहेंगे. ऐसे में नेट रन रेट तय करेगा कि सेमीफाइनल में कौन जाएगा. लेकिन अगर साउथ अफ्रीका जीत जाता है, तो भारत का सफर यहीं समाप्त हो जाएगा. इंग्लैंड के मौसम को देखते हुए बारिश की संभावना को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. अगर भारत और ऑस्ट्रेलिया का मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो जाता है, तो दोनों टीमों को एक-एक अंक मिलेगा. यानी भारत के 7 अंक हो जाएंगे. इस स्थिति में टीम इंडिया को बांग्लादेश की जीत की दुआ करनी होगी. यदि साउथ अफ्रीका अपना मैच जीत लेता है, तो भारत टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा. भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक बात उसका नेट रनरेट है. बांग्लादेश पर मिली जीत के बाद भारत का नेट रन रेट +2.268 पहुंच गया है, जो साउथ अफ्रीका से बेहतर है. यही कारण है कि कई संभावित स्थितियों में भारत को बढ़त मिल सकती है. हालांकि टीम मैनेजमेंट किसी भी तरह के गणित पर निर्भर नहीं रहना चाहेगा. ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ जीत हासिल कर भारत अपने दम पर सेमीफाइनल का टिकट हासिल करना चाहेगा. अब लॉर्ड्स के मैदान पर भारतीय टीम की सबसे बड़ी परीक्षा होनी है. कप्तान हरमनप्रीत कौर, सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना, ऑलराउंडर शेफाली वर्मा और मिडिल ऑर्डर बैटर जेमिमा रोड्रिग्स जैसे खिलाड़ियों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी. वहीं गेंदबाजी विभाग से भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी.

राजस्थान में किसानों की आय बढ़ाने के लिए मशरूम खेती पर विशेष अभियान, व्यापक प्रशिक्षण की योजना

उदयपुर  कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल ने उदयपुर संभाग के दौरे के दौरान कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि में नवाचार, प्राकृतिक खेती तथा उच्च मूल्य वाली फसलों को प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में प्रदेश के सभी जिलों में मशरूम की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा तथा किसानों को व्यापक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। उदयपुर संभाग के कृषि अधिकारियों की समीक्षा बैठक में आयुक्त ने निर्देश दिए कि Farmers Fertilisers Framework (FFS) को संभाग के सभी जिलों में तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा, ताकि उर्वरकों का पारदर्शी, वैज्ञानिक एवं प्रभावी वितरण सुनिश्चित हो सके और किसानों को समय पर आवश्यक सुविधाएं मिलें। बैठक में कृषि शिक्षा को अधिक सशक्त बनाने पर भी जोर देते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि राजकीय कृषि महाविद्यालयों के व्याख्याता आधुनिक तकनीक के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करें, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं नियमित शिक्षा उपलब्ध हो सके।  गोयल ने प्रताप विश्वविद्यालय को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए, जिससे कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं कौशल विकास को नई गति मिल सके। दौरे के दौरान उन्होंने मशरूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा प्राकृतिक खेती से संबंधित गतिविधियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती, मूल्य संवर्धन तथा मशरूम उत्पादन के संबंध में अधिक से अधिक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। आयुक्त कृषि ने कहा कि कृषि विभाग का लक्ष्य किसानों तक नई तकनीक, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण एवं बेहतर सेवाएं पहुंचाकर कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाना है। इसके लिए सभी अधिकारी योजनाओं का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।