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दुर्ग: BSP ने 119 कार्मिकों को किया सम्मानित, उत्कृष्ट प्रदर्शन पर दिए गए पुरस्कार

भिलाई नगर. सेल – भिलाई इस्पात संयंत्र की ऐतिहासिक नेहरू अवार्ड योजना के अंतर्गत वर्ष 2025 के लिए नेहरू पुरस्कार वितरण समारोह का प्रथम चरण शनिवार को आयोजित किया गया। दो दिवसीय इस पुरस्कार वितरण समारोह के प्रथम दिन संयंत्र के कुल 119 पुरस्कारों को तीन श्रेणियों-जवाहर पुरस्कार, नेहरू पुरस्कार तथा जवाहर लाल नेहरू समूह पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि कार्यकारी निदेशक प्रभारी (बीएसपी) एवं कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) अजय कुमार चक्रवर्ती रहें व विशिष्ट अतिथि के तौर पर कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार, कार्यकारी कार्यपालक निदेशक (संकार्य) तुषार कांत, कार्यपालक निदेशक (माइंस) कमल भास्कर तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ। विनीता द्विवेदी उपस्थित रहीं। नेहरू पुरस्कार वितरण समारोह के प्रथम दिवस जवाहर पुरस्कार श्रेणी में 33 अधिकारियों को उनके व्यक्तिगत योगदान के लिए सम्मानित किया गया। नेहरू पुरस्कार श्रेणी में 63 कमर्चारियों को व्यक्तिगत उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कार प्रदान किया गया, जबकि जवाहर लाल नेहरू समूह पुरस्कार श्रेणी में 23 समूहों को उनके सामूहिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। प्रथम चरण में कुल 119 पुरस्कारों से अधिकारियों एवं कमर्चारियों को संयंत्र की प्रगति एवं उत्कृष्ट कार्य निष्पादन में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में ए।के। चक्रवर्ती ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि ये पुरस्कार उनके समर्पण, प्रतिबद्धता तथा संगठन की प्रगति में दिए गए उत्कृष्ट योगदान का सम्मान हैं। उन्होंने कहा कि यद्यपि ये पुरस्कार व्यक्तिगत रूप से प्रदान किए जाते हैं, किंतु वे पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों के भी प्रतीक हैं। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन) जे एन ठाकुर ने अतिथियों, पुरस्कार विजेताओं एवं उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए नेहरू पुरस्कार योजना की रूपरेखा एवं वर्ष 2025 के पुरस्कारों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने संयंत्र की सतत प्रगति एवं उत्कृष्ट निष्पादन के लिए निरंतर योगदान देने का आह्वान किया। समारोह में कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन) सुश्री प्रियंका मीणा ने किया व धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन) श्री निवेश विजयन ने दिया। प्रशस्ति पत्र हेतु विजेताओं के नाम का वाचन सहायक प्रबंधक (मानव संसाधन) मिहिर मनोहर तथा उप प्रबंधक (मानव संसाधन) समायला अंसारी ने किया। इस अवसर पर इस्पात बिरादरी के सदस्य एवं पुरस्कार विजेताओं के परिजन उपस्थित रहे।

कटनी वन्यजीव त्रासदी! जहरीला तालाब बना काल, 14 चीतल-सांभर मरे, टाइगरों की सुरक्षा पर सवाल

कटनी. जिले में वन्य प्राणियों की लगातार संख्या बढ़ रही है। वन्य प्राणियों से जहां आमजन को खतरा है तो वहीं वन्य प्राणी भी आमजन से सुरक्षित नहीं है। इसका एक उदाहरण सामने आया है कि विजयराघगढ़ क्षेत्र में करौंदी-घुघरी के पास तालाब में जहर मिलाकर 14 निर्दोष वन्य प्राणियों (चीतल व सांभर) का शिकार किया गया। जिले के बरही क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव में बाघों का ठिकाना है, तो इसके साथ ही शाहडार के जंगल में बाघ और तेंदुए सहित वन्य प्राणियों की उपस्थिति लगातार बनी हुई है। घटना सामने आने के बाद अब बाघों और अन्य प्राणियों के जीवन को भी खतरा बना हुआ है। जलस्त्रोतों की बढ़ा दी गई है सुरक्षा जिले में सक्रिय शिकारी वन विभाग के जल स्रोतों के आसपास निगरानी न रखने का फायदा उठाकर इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। विजयराघवगढ़ की घटना से पहले भी जिले में एक बार जलस्त्रोत में जहर मिलाने की घटना हो चुकी है। ढीमरखेड़ा वन परिक्षेत्र में कुंड में जहर मिलाने से तेंदुए सहित अन्य वन्यप्राणियों की जान गई थी। घटना सामने आने के बाद अब वन विभाग अलर्ट हुआ है। जिले में जलस्त्रोतों के आसपास सुरक्षा व गश्त बढ़ाई गई है। दूसरी ओर शिकार करने वाले पकड़े गए तीनों आरोपियों को वन विभाग ने 14 दिन की रिमांड पर लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है कि घटना के पीछे कोई संगठित गिरोह तो शामिल नहीं है। बरही, शाहडार का जंगल स्थाई ठिकाना जिले के जंगलों में भी बाघों की मौजूदगी है, जिसमें विशेष रूप से बड़वारा वन परिक्षेत्र के बरही के करौंदीकला, खितौली, झिरिया, सलैया, कुआं सहित अन्य कई गांवों हैं, जिनके जंगलों में वनराज का ठिकाना है। विशेष रूप से कुआं बीट में बाघों की स्थाई मौजूदगी है और लगभग आठ बाघों का मूवमेंट यहां रहता है। इसके साथ ही बगल से लगे बांधवगढ़ के जंगल से भी बाघों का आना-जाना रहता है। दूसरी ओर ढीमरखेड़ा वन परिक्षेत्र का शाहडार का घना जंगल भी वन्य प्राणियों का पसंद का ठिकाना है। यहां पर भी बाघ का स्थाई ठिकाना है और उसके साथ तेंदुए, चीतल, मोर सहित अन्य वन्य प्राणी बड़ी संख्या में हैं। गर्मी के दिनों में वन्य प्राणी रात को प्यास बुझाने के लिए जंगल के किनारे से लगे गांवों के जलस्त्रोतों तक पहुंचते रहे हैं। विजयराघवगढ़ की घटना सामने आने के बाद अब बड़े वन्य प्राणियों पर जान का खतरा मंडराने लगा है। ढीमरखेड़ा में सामने आई थी घटना विजयराघवगढ़ के करौंदी-घुघरी में तालाब के पानी में जहर मिलाकर वन्य प्राणियों के शिकार की घटना जिले में पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी जिले में ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2010-11 में भी जिले के ढीमरखेड़ा वन परिक्षेत्र के करौंदी बीट के पास ऐसी घटना सामने आई थी, जिसमें एक प्राकृतिक जलस्त्रोत में शिकारियों ने जहर मिलाया था। उसका पानी पीने से तेंदुए, चीतल, मोर सहित अन्य वन्य प्राणियों की मौत हुई थी। ढीमरखेड़ा क्षेत्र में ही इस साल अप्रैल माह में वन विभाग की टीम ने तीन शिकारियों को वन्य प्राणियों को मारने लगाए गए करंट के तार के साथ पकड़ा था तो उमरियापान, ढीमरखेड़ा, बड़वारा क्षेत्र में करंट लगाकर शिकार करने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। घटना के बाद जागा वन अमला विजयराघवगढ़ के करौंदी-घुघरी में शुक्रवार की सुबह तालाब के किनारे 12 चीतल व दो सांभर मृत अवस्था में मिले थे। बड़ी संख्या में वन्य प्राणियों की मौत से वन विभाग सकते में आ गया था। आनन-फानन में डॉग स्क्वाड बुलाकर आरोपियों की तलाश शुरू की गई, जिसमें वन विभाग ने शिकार करने वाले तीन शिकारियों को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद सामने आया कि जंगल की सीमा से लगे जलस्त्रोतों के आसपास शिकारी सक्रिय न हों, इसको लेकर वन विभाग का फील्ड का अमला नजर नहीं रख रहा है और उसी का नतीजा था कि 14 निर्दोष वन्य प्राणियों की जान चली गई। घटना के बाद विभाग ने जहां तालाब का पानी खाली करा दिया है तो वहीं जलस्त्रोतों की सुरक्षा बढ़ाई गई है और अब नजर रखी जा रही है। अमले को दिया प्रशिक्षण वन्य प्राणियों की मौत के बाद अब वन विभाग के वनरक्षकों व अधिकारियों को जिले भर में ऐसे जलस्त्रोत जहां पर वन्य प्राणियों का आना-जाना रहता है, वहां पर तैनात करने के साथ गश्त करने और निगरानी रखने को लगाया गया है। शनिवार को डीएफओ सहित अन्य अधिकारियों ने फील्ड के अमले को पानी में जहर की जांच करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया, जिससे गश्त करते समय कर्मचारी पता लगा सकें कि पानी कोई जहरीला पदार्थ तो नहीं घोला गया है। वन विभाग की टीम बड़वारा के बांधवगढ़ की सीमा से लगे गांवों, बाघ, तेंदुए सहित अन्य वन्य प्राणियों के ठिकानों के आसपास, ढीमरखेड़ा के शाहडार व अन्य वन क्षेत्रों में भी लगातार निगरानी कर रही है। इनका कहना है विजयराघवगढ़ की घटना के बाद आरोपितों को पकड़ा गया है और उनसे रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की जा रही है। जिले में बाघों का ठिकाना है और ऐसे क्षेत्रों में विशेष निगरानी कराई जा रही है। जंगलों से लगे जलस्त्रोतों के आसपास गश्त बढ़ाने के साथ ही अमले को पानी की जांच करने के लिए भी जानकारी दी गई है। – गर्वित गंगवार, जिला वनमंडल अधिकारी

सम्राट चौधरी सरकार का बड़ा फैसला, अब बिना सूचना नहीं होगा फैक्ट्रियों का निरीक्षण

पटना बिहार के निबंधित कल-कारखानों में अब इंस्पेक्टर राज नहीं चलेगा। राज्य की सम्राट चौधरी सरकार ने फैक्ट्रियों से इंस्पेक्टर राज को जड़ से खत्म करने का प्लान तैयार कर लिया है। इसके तहत अब औचक निरीक्षण पर रोक होगी और सरकार की मंशा है कि इससे संबंधित कार्यों को ऑनलाइन पोर्टल पर लाया जाए। इसके जरिए तरफ जहां काम में पारदर्शिता आएगी तो वहीं भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगा। नई योजना के तहत श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के अधिकारी औचक रूप से किसी भी कारखाने का निरीक्षण नहीं कर सकेंगे। अब विभाग की ओर से नामित अधिकारी ही कारखानों का निरीक्षण कर सकेंगे। निरीक्षण के पहले कारखाना संचालकों को संबंधित अधिकारी और निरीक्षण की तिथि की जानकारी दी जाएगी। जांच रिपोर्ट भी ऑनलाइन रहेगी। इससे कोई खामी बता कारखाना संचालकों से इंस्पेक्टर किसी तरह की अवैध उगाही नहीं कर सकेगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार राज्य में सामाजिक सुरक्षा (बिहार) नियमावली 2026 लागू की गई है। इसके तहत न केवल कामगारों को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी, बल्कि कारखाना संचालकों को भी इंस्पेक्टर राज से मुक्ति मिलेगी। सरकार लाएगी ऑनलाइन पोर्टल इसके लिए वेब आधारित निरीक्षण प्रणाली लाई जाएगी। इसमें निरीक्षण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित हो सकेगी। यह सरकार का ऑनलाइन पोर्टल होगा। कम्प्यूटर से ही एलॉटमेंट होगा कि कौन सा इंस्पेक्टर किस फैक्ट्री में जाएगा। इससे मालिक और इंस्पेक्टर की सेटिंग नहीं होगी। निरीक्षण से 15 दिन पहले कंपनी को ऑनलाइन बता दिया जाएगा कि उसके यहां निरीक्षण होने वाला है। वेतन, सुरक्षा और पीएफ सभी चीजों की ऑनलाइन होगी जांच कारखाना से जुड़ी सभी गतिविधियां ऑनलाइन ही जांच की जा सकेगी। मसलन कर्मियों को वेतन मिला या नहीं, सुरक्षा की क्या स्थिति है और पीएफ कट रहा है या नहीं। निरीक्षण के तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड करनी होगी ताकि मुख्यालय के अधिकारी उसे देख सकें। अगर कोई कमी निकली तो ऑनलाइन ही उसमें सुधारने का टास्क दिया जाएगा। कंपनी ने अपनी गलती सुधारी या नहीं, यह सब ऑनलाइन रहेगा। सुधार होने पर उसकी रिपोर्ट अपलोड करने पर इंस्पेक्टर कारखानों की जांच नहीं कर सकेगा। कोई परेशानी होने पर कामगार ऑनलाइन ही शिकायत करेंगे। इस ऑनलाइन व्यवस्था में सरकार को इसकी जानकारी रहेगी कि कौन कारखाना संचालक किस कानून का पालन नहीं कर रहा है। आंकड़ों पर एक नजर ● 7952 राज्य में निबंधित कारखानों की संख्या है ● 2000 कारखानों में 20 से अधिक कर्मी कार्यरत ● 120 कारखानों को खतरनाक श्रेणी में रखा गया है  

भजनलाल शर्मा बोले- सेवा शिविरों में जनता की समस्याओं का हो स्थायी समाधान

 जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने का मजबूत माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन शिविरों का क्रियान्वयन सड़क, पानी, बिजली और चिकित्सा से जुड़ी समस्याओं के स्थायी समाधान के रूप में किया जाए। साथ ही, उन्होंने इन शिविरों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की प्रगति तथा वीबी-जी राम जी योजना के क्रियान्वयन के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने सेवा शिविरों में आने वाले नए प्रकरणों एवं लंबित प्रकरणों के निस्तारण की अलग-अलग सूची तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि यह सूची जिलेवार तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण सेवा शिविरों में वर्षों से लंबित राजस्व प्रकरणों का तुरंत निस्तारण किया जाए, जिससे ग्रामीणों को राहत मिल सके तथा इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। वहीं, उन्होंने शिविरों में सभी विभागों के कार्यों की प्रगति की निरंतर मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना को लेकर संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि 1 जुलाई से प्रदेश में इस योजना के क्रियान्वयन की सभी तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि यह योजना विकसित राजस्थान-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए वरदान साबित होगी।

मॉनसून सत्र से पहले कैबिनेट रीशफल की अटकलें, कई मंत्रियों के विभाग बदलने की चर्चा

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में फेरबदल को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि संसद के मॉनसून सत्र से पहले कैबिनेट में बड़ा फेरबदल हो सकता है। इस फेरबदल में कई मंत्रियों को बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है। वहीं विवादों में रहे मंत्रियों के पोर्टफोलियो में भी बदलाव किया जा सकता है। चर्चा यह भी है कि पूर्व आईएएस अधिकारी और आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास को वित्त मंत्री बनाया जा सकता है और निर्मला सीतारमण को शिक्षा मंत्रालय का जिम्मा मिल सकता है। बता दें कि NEET पेपर लीक मामले के बाद धर्मेंद्र प्रधान का विरोध तेज हो गया है। कई संगठन उनके इस्तीफे का मांग कर रहे हैं। ऐसे में मोदी कैबिनेट में फेरबदल करके बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। मोदी कैबिनेट के संभावित नए मंत्री 1- नीतीश कुमार 2- शक्तिकांत दास 3- सुखेंदु शेखर राय 4- तरुण चुग 5- राघव चड्ढा 6- श्रीकांत शिंदे 7- अनुराग ठाकुर इनके बदल सकते हैं पोर्टफोलिया, या फिर बाहर का रास्ता 1- मनोहरलाल खट्टर 2- रवनीत सिंह बिट्टू 3- अश्विनी वैष्णव 4- धर्मेंद्र प्रधान 5- निर्मला सीतारमण 6- हरदीप सिंह पुरी 7- नितिन गडकरी शक्तिकांत दास के अनुभव का फायदा उठाना चाहती है सरकार? पूर्व आईएएस और आरबीआई गवनर्र शक्तिकांत दास इस समय 69 साल के हैं। सरकार के साथ काम करने और वित्तीय मामलों का उनका लंबा अनुभव है। अगर उन्हें वित्त मंत्री बनाया जाता है तो पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और पूर्व वित्त मंत्री सीडी देशमुख की श्रेणी में शामिल हो जाएंगे। सीडी देशमुख आरबीआई के पहले गवर्नर थे और उन्हें 1950 से 1956 तक वित्त मंत्री के तौर पर काम करने का मौका मिला। वहीं डॉ. मनमोहन सिंह 1982 से 1985 तक आरबीआई गवर्नर रहे। इसके बाद 1991 से 1996 तक देश के वित्त मंत्री रहे। इसके बाद 2004 से 2014 तक वह देश के प्रधानमंत्री भी रहे। डॉ. मनमोहन सिंह ऐसे अकेले ही व्यक्ति थे जो कि आरबीआई गवर्नर, वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री रह चुके हैं। शक्तिकांत दास की बात करें तो वह किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। हालांकि उन्हें 6 महीने के अंदर ही राज्यसभा भेजा जा सकता है। अटकलें हैं कि उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजा जा सकता है। नवंबर 2026 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटें खाली हो जाएंगी। क्यों वित्त मंत्रालय के लिए योग्य माने जा रहे शक्तिकांत दास? शक्तिकांत दास को वित्त मंत्री के पद के लिए योग्य माना जा रहा है। उन्हें टैक्स और निवेश के साथ ही आर्थिक नीति की गहरी जानकारी है। इसके अलावा वित्त मंत्रालय में काम करते हुए वह 8 बजट तैयार करने में शामिल रह चुके हैं। इसके अलावा 2018 से 2024 तक आरबीआई गवर्नर रहने के दौरान उन्हें वैश्विक स्तर पर भी पहचान मिली। उन्हें A+ रेटिंग के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई पुरस्कार भी मिले हैं। विधानसभा चुनावों का भी रखा जाएगा ध्यान कैबिनेट में फेरबदल में आने वाले यूपी, पंजाब के विधानसभा चुनावों को भी ध्यान में रखा जाएगा। नीट पेपर लीक के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान विवादों में घिर गए हैं। ऐसे में उनपर कार्रवाई हो सकती है। वहीं पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की जगह भी पंजाब से राघव चड्ढा या फिर किसी सिख चेहरे को लाया जा सकता है। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। पंजाब से इस समय रवनीत सिंह बिट्टू केंद्रीय मंत्रिमंडल में हैं। वहीं राजनीतिक जानकारों का कहना है कि नीतीश कुमार को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है। इसके अलावा नए चेहरों में महाराष्ट्र से श्रीकांत शिंदे का नाम शामिल हो सकता है जो कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे है। श्रीकांत शिंदे ही शिवसेना यूबीटी के 6 सांसदों को एनडीए के साथ लेकर आए हैं। वहीं टीएमसी छोड़कर एनसीपीआई में जाने वाले सुखेंदु शेखर को भी केंद्रीय मंत्रीमंडल में जगह दी जा सकती है। कैबिनेट रीशफल में सबकी निगाहें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर टिकी होंगी। हालांकि अटकलें यही हैं कि निर्मला सीतारमण को कैबिनेट से बाहर नहीं किया जाएगा बल्कि शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जाएगी। वहीं धर्मेंद्र प्रधान को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं है। वहीं कई जानकारों का कहना है कि अगर धर्मेंद्र प्रधान से शिक्षा मंत्रालय ले लिया जाता है तो यह संदेश जाएगा कि सरकार झुक गई है। इसके अलावा नौकरशाही से कैबिनेट में आए दो मंत्रियों की भूमिका कम की जा सकी है। इनमें अश्विनी वैष्णव और हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मंत्रिमंडल में होने वाले फेरबदल में आरएसएस की पसंद का ध्यान रखा जा सकता है। बीते दिनों आरएसएस के पदाधिकारियों के साथ बीजेपी की बैठक भी हुई थी। विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए रवनीत बिट्टू को पंजाब में चुनाव का जिम्मा दिया जा सका है और तरुण चुग को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।

भारत-अमेरिका रिश्तों पर रुबियो का बड़ा बयान, व्यापार समझौता अंतिम चरण में

नई दिल्ली अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की खुलकर सराहना की है। साथ ही, उन्होंने भारत को तेजी से उभरती वैश्विक शक्ति बताया है। व्हाइट हाउस में समाचार एजेंसी IANS को दिए इंटरव्यू में रुबियो ने कहा कि अमेरिका भारत को अपना करीबी साझेदार और सहयोगी मानता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने आर्थिक क्षेत्र में अच्छी प्रगति की है और अब वैश्विक स्तर पर लिए जाने वाले अहम फैसलों में उसकी भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। रुबियो ने कहा, "हम प्रधानमंत्री मोदी और उनके काम के बड़े प्रशंसक हैं।" मार्को रुबियो ने भारत-अमेरिका संबंधों को पहले से कहीं अधिक मजबूत बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बेहद घनिष्ठ संबंध हैं, जो दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात बेहद सकारात्मक रही। दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। उनके अनुसार, यह समझौता अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है और जल्द ही इसकी घोषणा हो सकती है। डोनाल्ड ट्रंप कब करेंगे भारत की यात्रा अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि राष्ट्रपति ट्रंप अगले वर्ष की शुरुआत में भारत की यात्रा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा की तैयारियां जारी हैं और इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती मिलेगी। रुबियो ने बताया कि भारत और अमेरिका रक्षा, ऊर्जा, खनिज, आपूर्ति श्रृंखला, समुद्री सुरक्षा तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग जैसे कई अहम क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में भी बड़ी भूमिका निभाना चाहता है और दोनों देशों के बीच क्वाड सहयोग भी आगे बढ़ेगा। मार्को रुबियो ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय की भी सराहना करते हुए कहा कि इस समुदाय ने अमेरिका के विकास में अहम योगदान दिया है और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में सेतु का काम किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत और सबसे पुराने लोकतंत्र अमेरिका के बीच कई साझा मूल्य और हित हैं, जिनके आधार पर भविष्य में और व्यापक सहयोग संभव है। रुबियो के ये बयान ऐसे समय आए हैं जब भारत-अमेरिका व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और रणनीतिक सहयोग लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं।

आयरलैंड बनाम भारत दूसरा टी20: पिच रिपोर्ट में गेंदबाजों को शुरुआती मदद के संकेत

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस आयरलैंड दो मैच की टी20 सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला आज यानी रविवार, 28 जून को खेला जाना है। यह मैच भी बेलफास्ट के उसी मैदान पर खेला जाएगा, जहां पहले टी20 में मेजबानों ने भारत के खिलाफ बड़ा उलटफेर किया था। आयरलैंड ने 34 रनों से पहला टी20 जीत सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। यह इंटरनेशनल क्रिकेट में आयरलैंड की भारत पर पहली जीत है। इस जीत से मेजबानों का काफी कॉन्फिडेंस बढ़ा होगा, ऐसे में आज उनकी नजरें सीरीज में 2-0 से भारत का सूपड़ा साफ करने पर होगी। वहीं श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम इंडिया सीरीज और इज्जत दोनों बचाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। आईए एक नजर भारत बनाम आयरलैंड मैच की पिच रिपोर्ट पर डालते हैं- IND vs IRE पिच रिपोर्ट बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब की पिच पहले टी20 जैसे खेलने की उम्मीद रहेगी। शुरुआत में सीमर्स को थोड़ी मूवमेंट और एक्स्ट्रा बाउंस के साथ कुछ मदद मिल सकती है। हालांकि, मैच आगे बढ़ने के साथ पिच धीमी होने की संभावना है, जिससे स्ट्रोक खेलना थोड़ा और मुश्किल हो जाएगा। पिच को देखते हुए टॉस जीतने वाली टीम पहले बैटिंग चुन सकती है। बेलफास्ट T20I रिकॉर्ड मैच- 28 पहले बैटिंग करते हुए जीते गए मैच- 11 (37.93%) दूसरे बैटिंग करते हुए जीते गए मैच- 16 (55.17%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 11 (37.93%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 16 (55.17%) बिना नतीजे वाले मैच- 1 (3.57%) हाईएस्ट स्कोर- 190/5 लोएस्ट स्कोर- 53 हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 180/4 एवरेज रन पर विकेट- 17.61 एवरेज रन पर ओवर- 6.78 एवरेज स्कोर पहले बैटिंग करते हुए- 120 IND vs IRE हेड टू हेड भारत और आयरलैंड के बीच टी20 क्रिकेट के इतिहास में कुल 9 मैच खेले गए हैं, जिसमें से 8 बार टीम इंडिया ने तो 1 बार आयरलैंड ने जीत दर्ज की है। आयरलैंड अपने जीत के रिकॉर्ड को आज और सुधारना चाहेगी। IND vs IRE स्क्वॉड आयरलैंड टीम: टिम टेक्टर, रॉस अडायर, हैरी टेक्टर, लोरकन टकर (विकेट कीपर), बेंजामिन कैलिट्ज़, गैरेथ डेलानी, जॉर्ज डॉकरेल, लियाम मैकार्थी, मैथ्यू हम्फ्रीज़, जय मूंद्रा, मैथ्यू होलार्ड, स्टीफन डोहेनी, रूबेन विल्सन, गेविन होए इंडिया टीम: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेट कीपर), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, वाशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, सूर्यांश शेडगे, वैभव सूर्यवंशी, प्रिंस यादव, रवि बिश्नोई

भारत पर पहली जीत, महिला टीम की वर्ल्ड कप में पहली जीत से आयरलैंड ने रचा इतिहास

ब्रिस्टल  26 और 27 जून की तारीख आयरलैंड क्रिकेट के इतिहास में अमर हो गई हैं। इन 2 दिनों के भीतर आयरिश क्रिकेट समर्थकों को वो खुशियां मिल गई जिसके लिए उनकी आंखें तरस गई थी। पहले पुरुष टीम ने टी20 मुकाबले में भारत के खिलाफ पहली जीत दर्ज की। तो वहीं महिला टीम ने वेस्टइंडीज को मात देकर टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार जीत का स्वाद चखा। निश्चित रूप से आयरलैंड क्रिकेट ने विश्व पटल पर अपना नाम रौशन कर दिया है। महिला टीम ने रचा इतिहास 27 जून को महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-2 में आयरलैंड का सामना वेस्टइंडीज से हुआ। आयरिश कप्तान गैबी लुइस ने टॉस जीतने के बाद विपक्षी टीम को पहले बल्लेबाजी करने का न्योता दिया। विंडीज टीम की पारी किसी भी मौके पर रफ्तार पकड़ती हुई नजर नहीं आई। शिनेल हेनरी 27 रन बनाकर सर्वाधिक निजी स्कोर बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। जिसके बूते उनकी टीम 128 रन बनाने में कामयाब हुई। 129 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ओर्ला प्रेंडरगास्ट ने 44 गेंदों में 63 रन की पारी खेलकर मुकाबले को एकतरफा कर दिया। सलामी बल्लेबाज एमी हंटर के 28 रन का साथ मिलने से उनक काम आसान हो गया। आयरलैंड ने 18.1 ओवर में 6 विकेट शेष रहते जीत हासिल कर ली। साल 2009 में शुरू हुए महिला टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में लगातार 31 हार के बाद ये उनकी पहली जीत है। पुरुष टीम ने पहली बार भारत को हराया महिलाओं से पहले पुरुषों ने आयरलैंड क्रिकेट फैंस को खुशियां दी। 26 जून को खेले गए मुकाबले में मेजबानों ने भारतीय टीम को 34 रन के अंतर से मात दी। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए लॉर्कन टकर की टीम ने 183 रन का लक्ष्य दिया था। जिसके जवाब में सुपरस्टार खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम 18.5 ओवर में 148 के स्कोर पर ढ़ेर हो गई। इंटरनेशनल लेवल पर 11 मुकाबलों के बाद आयरिश टीम की यह भारत के खिलाफ पहली जीत थी। सीरीज जीतने का मौका आयरलैंड के पास अब भारत के खिलाफ सीरीज जीतने का सुनहरा मौका है। हालांकि 2 मैचों की श्रंखला को वे अब हार नहीं सकते हैं लेकिन दूसरे मैच में जीत दर्ज कर दुनिया को दिखा सकते हैं कि अब उनकी टीम किसी से कम नहीं है। पहला मैच हारने के बाद दबाव टीम इंडिया के ऊपर रहने वाला है।  

पीएम मोदी बोले- सोना न खरीदने और कार पूलिंग अपनाने की अपील का देशभर में दिखा असर

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने 'मन की बात' रेडियो कार्यक्रम के 135वें एपिसोड के जरिए देश की जनता को संबोधित कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने देश के रक्षा क्षेत्र में बढ़ते आत्मनिर्भरता के कदमों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमारा देश अब समुद्र से लेकर आकाश तक सुरक्षित और आत्म निर्भर है। पीएम मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर देश-विदेश में हुए कार्यक्रमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा प्रस्तावित योग दिवस के मौके पर दुनिया भर के करोड़ों लोगों ने योग किया था। इसके बाद पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के बीच देशवासियों की दी गई सलाहों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोगों ने न सिर्फ इन सलाहों को माना, बल्कि उस पर अमल भी किया। पीएम मोदी ने कहा कि देश के कई परिवारों ने फैसला किया है कि वह शादी विवाह में सोना नहीं खरीदेंगे। अगर जरूरत पड़ी भी तो वह पुराने सोने को गलाकर नए जेवर बना लेंगे। इसके अलावा पीएम ने बताया कि कई लोगों ने अपनी विदेश यात्राएं रद्द कर दी, तो कई लोगों ने साथ मिलकर कार पूलिंग को भी अपनाने का काम किया है। इसके अलावा लोगों ने पेट्रोल और डीजल के उपयोग को भी कम करने का जबरदस्त प्रयास किया है। बता दें, पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया के संकट से निपटने के लिए लोगों को सोने को न खरीदकर विदेशी मुद्रा बचाने की अपील की थी। इसके अलावा उन्होंने लोगों से सोना न खरीदने और कार पुलिंग करने की सलाह दी थी। हरगिला की यात्रा, अविश्वास से विश्वास तक की यात्रा पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में असम के हरगिला पक्षी के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कैसे असम में विलुप्ती की कगार पर आए हरगीला पक्षी को लोग अंधविश्वास की वजह से मार रहे थे। पीएम ने बताया कि हरगिला पक्षी हमारे पर्यावरण को साफ करने में मदद करता है। लेकिन असम में लोग अंधविश्वास की वजह से इसे मिटाने पर तुले हुए थे। आलम यह था कि जिस पेड़ पर हरगिला के घोंसले होते थे, वह उस पेड़ को ही काट देते थे। इसके बाद एक जीव विज्ञानी ने इस पर ध्यान दिया और लोगों को इससे जोड़ा। इसके बाद आज लोग हरगिला को लेकर अपने विचार बदल रहे हैं। हरगिला को बचाने वाली इस टीम को हरगीला आर्मी कहते हैं।

राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: सभी आरोपियों के ठिकानों पर छापे, पुलिस करेगी कस्टडी रिमांड की मांग

अयोध्या अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. इस केस की जांच कर रही टीमों ने रविवार को अयोध्या में रहने वाले सभी आरोपियों के घरों पर छापेमारी की है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अपनी जांच में तेजी ला रही है, ताकि इस पूरे मामले से जुड़े तथ्यों का पूरी तरह खुलासा हो सके. पुलिस इस मामले के हर एक पहलू को गहराई से देख रही है, जिससे सच्चाई सामने आ सके. जांच टीम ने अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए अयोध्या में रहने वाले आरोपियों के घरों पर कार्रवाई की है. पुलिस की अलग-अलग टीमें अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मुख्य आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, मनीष यादव, करुणेश पांडे और रमा शंकर मिश्रा के घर पहुंचीं. इन सभी ठिकानों पर पुलिस पूरी बारीकी से तलाशी ले रही है, ताकि केस से जुड़े अहम सबूत जुटाए जा सकें. जांच टीमें एक-एक घर के कोने खंगाल रही हैं ताकि कोई भी सबूत छूटने न पाए. दो नाम छोड़कर बाकी सभी के परिवारों से पूछताछ कार्रवाई के दौरान लोकल मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस इन आरोपियों के परिवार के सदस्यों से कड़ी पूछताछ कर रही है. हालांकि, जांच टीम सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और प्रतापगढ़ के रहने वाले अविनाश शुक्ला को छोड़कर बाकी सभी आरोपियों के परिजनों से सवाल-जवाब करने में जुटी है. साथ ही पुलिस आस-पड़ोस में रहने वाले लोगों से भी इन आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है. पुलिस यह जानना चाहती है कि इन लोगों की गतिविधियां पिछले कुछ समय में कैसी रही हैं. इस मामले की गहराई से जांच कर रही टीमें सिर्फ चोरी की कड़ियों को ही नहीं जोड़ रहीं, बल्कि आरोपियों की कमाई के जरियों का भी पता लगा रही हैं. अपराध के जरिए जो पैसा या संपत्ति जुटाई गई है, उसके सोर्स को ट्रेस किया जा रहा है. आरोपियों के पास मौजूद संपत्तियां कहां से आईं और उनके पास फंड कहां से आ रहा था, इसकी पूरी हिस्ट्री निकाली जा रही है. पुलिस बैंकों के खातों और लेन-देन की भी जांच कर रही है, ताकि यह साफ हो सके कि पैसे को कहां-कहां भेजा गया या किस काम में इस्तेमाल किया गया. इस मामले में गिरफ्तार किए गए ये सभी आरोपी राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे और कैश को गिनने के काम से जुड़े हुए थे. जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि इन्होंने वहीं से पैसों का हेरफेर किया. जांच टीमों ने अब तक इस मामले में करीब 79 लाख 85 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं. इस मामले में पुलिस ने चोरी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज किया है. यह बड़ी कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई तीन सदस्यों की SIT की शुरुआती रिपोर्ट के बाद शुरू हुई है. कोर्ट ने दो दिन पहले ही सभी आठ आरोपियों को 29 जून तक के लिए जेल भेजा था. पुलिस सोमवार को इन सभी आरोपियों को दोबारा कोर्ट में पेश करेगी. मामले की कड़ियों को जोड़ने और आगे की पूछताछ के लिए पुलिस अदालत से इन सभी की कस्टडी रिमांड मांगेगी, ताकि बाकी की रकम और संपत्ति का भी पता लगाया जा सके.