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ग्रामीण जल प्रदाय, तकनीक आधारित मॉनिटरिंग और प्रबंधन मॉडल का किया अध्ययन

भोपाल उड़ीसा के पंचायती राज एवं पेयजल मंत्री रबी नारायण नायक के नेतृत्व में आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित की कार्यप्रणाली का अध्ययन किया। प्रतिनिधिमंडल ने निगम की संस्थागत व्यवस्था, परियोजना क्रियान्वयन प्रणाली, तकनीक आधारित मॉनिटरिंग, संचालन एवं संधारण (ओ एंड एम), वित्तीय प्रबंधन तथा मानव संसाधन विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। मंत्री नायक ने मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा अपनाई गई आधुनिक और नवाचार आधारित व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि इनमें से कई व्यवस्थाओं को उड़ीसा में भी लागू करेंगे। प्रबंध संचालक, म.प्र. जल निगम के.वी.एस. चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल को जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश में संचालित ग्रामीण नल-जल योजनाओं की प्रगति, डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था, रियल टाइम निगरानी प्रणाली, परियोजनाओं के संचालन एवं संधारण मॉडल, ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपयोग एवं विद्युत भुगतान की व्यवस्था, क्षमता विकास (ट्रेनिंग) कार्यक्रमों तथा तकनीक आधारित प्रबंधन प्रणाली पर विस्तृत जानकारी साझा की। इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश जल निगम के संस्थागत ढांचे, सुशासन, वित्तीय मॉडल, परियोजना क्रियान्वयन, 'जल रेखा' एवं 'पंचायत दर्पण' जैसे तकनीकी नवाचारों की कार्यप्रणाली तथा ग्रामीण जलापूर्ति प्रबंधन की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर विचार-विमर्श किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने इन व्यवस्थाओं को ग्रामीण पेयजल सेवाओं के प्रभावी संचालन के लिए उपयोगी बताते हुए इनके व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी भी प्राप्त की। बैठक में दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच संस्थागत ढांचे, वित्तीय स्वायत्तता, परियोजनाओं के क्रियान्वयन, गुणवत्ता नियंत्रण, डिजिटल गवर्नेंस तथा भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। उड़ीसा के पेयजल मंत्री नायक ने कहा कि मध्यप्रदेश जल निगम ने जिस पेशेवर एवं परिणामोन्मुखी कार्यप्रणाली को विकसित किया है, वह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायी मॉडल है। अध्ययन भ्रमण के माध्यम से प्राप्त अनुभव उड़ीसा में ग्रामीण जल प्रदाय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उड़ीसा के प्रतिनिधिमंडल में पंचायती राज एवं पेयजल विभाग के आयुक्त-सह-सचिव गिरिश एस.एन., पेयजल एवं स्वच्छता निदेशक विनीत भारद्वाज, अतिरिक्त सचिव श्रीमती मधुस्मिता सामल, इंजीनियर-इन-चीफ रत्नाकर सियाल सहित विभाग एवं स्टेट पीएमयू के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। बैठक में मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की।  

योगी सरकार का बड़ा फैसला, बेरोजगारी भत्ता और रोजगार गारंटी योजना एक जुलाई से शुरू

लखनऊ  यूपी में कल यानी एक जुलाई से रोजगार और काम को लेकर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। यूपी की योगी कैबिनेट ने काम नहीं तो बेरोजगारी भत्ता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी दी है। राज्य सरकार यूपी में एक जुलाई से मनरेगा के स्थान पर विकसित भारत- रोजगार और आजीविका के लिए गांरटी मिशन ग्रामीण (वीबी जीरामजी) योजना लागू करने जा रही है। इस योजना की खास बात यह होगी कि पंजीकरण के बाद मजदूरों को 15 दिनों में काम न दिया गया तो उसे 16वें दिन से दैनिक बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। इतना ही नहीं 15 दिनों तक भुगतान न होने की स्थिति में मजदूर को 0.05 प्रतिशत की दर से विलंब मुआवजा भी दिया जाएगा। ग्राम विकास विभाग के इस प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दी गई। कैबिनेट मंजूरी के साथ ही एक जुलाई से यूपी में इस योजना लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। इस योजना में कुल खर्च का 60% केंद्र और 40% राज्य सरकार देगी। योजना ग्रामीण क्षेत्र के मजदूरों को रोजगार देने की गारंटी देगी। योजना को चार श्रेणियों में बांटा गया है। जल संबंधी काम, मूल ग्रामीण अवसंरचना (विकास कार्य), आजीविका देना व मौसम संबंधी घटनाओं व आपदाओं से निपटने के लिए विशेष तैयारी करना है। जिला मध्यवर्ती और ग्राम स्तर की पंचायतें योजना के नियोजन, कार्यान्वयन और निगरानी के लिए प्रमुख प्राधिकरण होंगी। एक साल में 125 दिन का काम ग्रामीण क्षेत्र के अकुशल शारीरिक रूप से काम करने वालों को योजना में एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन का रोजगार दिया जाएगा। मास्टर रोल बंद होने की तारीख से 15 दिनों के अंदर मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। ऐसा न होने पर 0.05 प्रतिशत रोजाना के हिसाब से विलंब मुआवजा दिया जाएगा। खेती के लिए व्यस्तम मौसम में 60 दिन आरक्षित रखा जाएगा। इस दौरान वीबी जीरामजी योजना के तहत कोई काम नहीं किया जाएगा। प्रदेश स्तर और जिलों में बनेगी संचालन समिति मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद होगा। मुख्य सचिव या राज्य सरकार द्वारा नामित अपर मुख्य सचिव के पद से अनिम्न स्तर के किसी अधिकारी की अध्यक्षता में संचालन समिति गठित होगी। जिलों में डीएम कार्यक्रम समन्वयक और पंचायत स्तर पर खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यक्रम अधिकारी होगा। वह रोजगार की मांग के अवसरों के साथ भुगतान कराने का जिम्मेदार होगा। ग्राम पंचायत का काम व उत्तरदायित्व मुख्यत: परिवारों का पंजीकरण और ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करना, काम के आवेदन प्राप्त करना और विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करना होगा। मुफ्त मेडिकल और दुर्घटना बीमा का भी लाभ कार्यस्थल पर उपस्थिति बायोमेट्रिक से दर्ज होगी। योजना में काम के दौरान किसी तरह की दुर्घटना होने पर जरूरत के अनुसार मुफ्त उचार मिलेगा। मौत या निशक्त होने पर प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से पैसा दिया जाएगा। सभी कामों के लिए जिला स्तर पर सामग्री की लागत 40 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी। वार्ड, ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर शिकायतें प्राप्त करने के लिए हर सप्ताह कम से कम एक दिन किसी को नामित किया जाएगा। हर श्रमिक को सुनवाई का मौका दिया जाएगा। अधिनियम में किसी भी प्रावधान के उल्लंघन पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा।

मंत्री नेताम बोले- धर्म स्वातंत्र्य विधेयक के तहत शिकायत मिलते ही होगी प्रमुखता से कार्रवाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लेकर चल रही सियासी बहस के बीच कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम का बड़ा बयान सामने आया है। विपक्ष द्वारा नए कानून के लागू न होने और पुराने एक्ट के तहत FIR दर्ज किए जाने के आरोपों पर मंत्री ने साफ किया कि इस तरह की कोई शिकायत होगी, तो प्रशासन प्रमुखता से ध्यान देकर कार्रवाई करेगा। धर्म स्वातंत्र्य विधेयक के लिए चिंतित है कांग्रेस वहीं उन्होंने आगे कहा कि ये अच्छी बात है कि कांग्रेस धर्म स्वातंत्र्य विधेयक के लिए चिंतित है। बहुत जल्दी लागू होगा। भाजपा की सरकार में अच्छे-अच्छे लोग कभी राम मंदिर का नाम नहीं लेते थे वे भी मंदिर जाना शुरू कर दिए। समय के अनुसार उनका परिवर्तित चेहरा दिखाई दे रहा है और उनके मुख से ऐसी बाते की जा रही ये समय का तकाजा है। यह एक न्यायपूर्ण व निष्पक्ष न्यायशास्त्र का स्थापित सिद्धांत है कि एक बार जब कोई भी कानून पारित हो जाता है, जिसमें कि संविधान विरोधी और दमनकारी प्रावधान हों तो निजी स्वतंत्रता, निजता और स्वायत्तता के मुद्दों में राज्यसत्ता की निगरानी, प्रताड़ना और दखलंदाजी शुरू हो जाती है। यह एक सामूहिक आकार लेते हैं जब इन कानूनों का इरादा ही संप्रदाय निरपेक्ष न होकर बहुसंख्यवादी हो। यही “धर्मांतरण विरोधी“ कानूनों के साथ हो रहा है जो 2020 से एक के बाद एक भाजपा शासित राज्यों में पारित किये जा रहे हैं। सभी को संवैधानिक चुनौती दी हुई है। इससे पहले कि यह आलेख ऐसे प्रतिबंधात्मक विधेयकों की पृष्ठभूमि और इतिहास में जाये, जबरन धर्म परिवर्तन के मामलों के मुद्दे के पीछे “तथ्य एवं आंकड़ों“ – डाटा – पर ध्यान देना होगा। “जबरन धर्मांतरण“ का मुद्दा बार–बार उछाला जाता है उन संगठनों के जरिये जो आम तौर पर महिलाओं की स्वायत्तता और मर्जी पर राज्यसत्ता का नियंत्रण चाहते हैं। यह इत्तेफाक नहीं है कि यह ताकतें और आवाजें बहुसंख्यवादी और श्रेष्ठतावादी नज़रिये का प्रतिनिधित्व करती हैं। यह नज़रिया जीने के अधिकार, कानून के समक्ष समानता, गैरभेदभाव, आस्था, धर्म व पूजा की स्वतंत्रता के अकाट्य संवैधानिक सिद्धांतों के खिलाफ जाता है। इनके वर्तमान में केंद्र में और कई राज्यों में सत्ता में होने के कारण यह संकीर्ण और पक्षपाती रवैया अतिश्योक्तियों में दिख रहा है जबकि इस नज़रिये के पक्ष में कोई विश्वसनीय तथ्य या आंकड़े मौजूद नहीं हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में रामगढ़ महोत्सव-2026 का भव्य समापन

रायपुर रामगढ़ केवल एक सांस्कृतिक आयोजन का केंद्र नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा, प्रकृति पूजा, आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। सरगुजा की यह पवित्र भूमि प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर है। अनेक प्राचीन ग्रंथों में रामगढ़ का उल्लेख मिलता है, जो इसकी ऐतिहासिक महत्ता को प्रमाणित करता है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के ऐतिहासिक दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 के  समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि जनश्रुतियों के अनुसार त्रेतायुग में वनवास के दौरान भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण ने इस क्षेत्र में समय व्यतीत किया था। सीताबेंगरा गुफा आज भी श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है तथा रामगढ़ की हवाओं और शिलाओं में रामायण की स्मृतियां आज भी जीवंत हैं। उन्होंने कहा कि सीताबेंगरा गुफा भारत की सबसे प्राचीन नाट्यशालाओं में से एक मानी जाती है, जहां हजारों वर्ष पूर्व सांस्कृतिक आयोजन और नाट्य प्रस्तुतियां होती थीं। वहीं जोगीमारा गुफा अपनी प्राचीन भित्तिचित्र कला के लिए विश्वविख्यात है। हाथीपोल जैसी प्राकृतिक शैल संरचना तथा यहां के प्राचीन शिल्प हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साक्षी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकवि कालिदास द्वारा मेघदूतम् की रचना इसी क्षेत्र में किए जाने का उल्लेख मिलता है, जिससे रामगढ़ का साहित्यिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार रामगढ़, सीताबेंगरा और जोगीमारा जैसी ऐतिहासिक धरोहरों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। यहां पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक इस क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य से परिचित हो सकें। उन्होंने कहा कि जिस भव्यता के साथ इस वर्ष रामगढ़ महोत्सव का आयोजन हुआ है, उसी भव्यता के साथ यह महोत्सव प्रतिवर्ष आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में सरगुजा जिले में 2,387 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। प्रदेश में लोगों के पक्के आवास का सपना तेजी से साकार हो रहा है। 18 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति प्रदान की गई है तथा प्रतिदिन लगभग 1,600 आवास बनकर तैयार हो रहे हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस के कारण बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। पुनर्वासित नक्सलियों तथा विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों को भी आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों से 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। 13 लाख किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस प्रदान किया गया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 1,000 रुपये अंतरित किए जा रहे हैं। रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन कराया गया है। तीर्थयात्रा दर्शन योजना के अंतर्गत देश के 19 प्रमुख तीर्थस्थलों को शामिल किया गया है, जहां वरिष्ठ नागरिक अपनी इच्छा के अनुसार दर्शन कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए विभिन्न विभागों में लगातार भर्ती प्रक्रिया संचालित की जा रही है। आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रारंभ की गई है, जिसके माध्यम से लोगों की शिकायतों का प्रभावी समाधान किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने रामगढ़ के विकास के लिए 1 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही क्षेत्रवासियों की मांग पर उदयपुर एवं डूमरडीह को मिलाकर नगर पंचायत के गठन की घोषणा भी की। इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि रामगढ़ महोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककला और गौरवशाली परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन का सशक्त माध्यम है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य कर रहा है। कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने सभी को रामगढ़ महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लगभग 50 वर्षों से आयोजित हो रहा यह महोत्सव ऐतिहासिक, पौराणिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने पहाड़ी कोरवा बच्चों का कराया शाला प्रवेश, टूरिज्म इन्फ्लूएंसर्स को किया सम्मानित मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने मंच से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय के छह बच्चों का शाला प्रवेश कराया। उन्होंने बच्चों को तिलक लगाकर मिठाई खिलाई तथा स्कूल बैग, वॉटर बॉटल सहित अध्ययन सामग्री प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने 26 से 30 जून तक सरगुजा जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर विशेष डॉक्यूमेंट्री तैयार करने वाले टूरिज्म इन्फ्लूएंसर्स को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया। समापन समारोह में विधायक  प्रबोध मिंज, विधायक  रामकुमार टोप्पो, विधायक शकुंतला पोर्ते, विधायक उद्देश्वरी पैंकरा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्व विजय सिंह तोमर सहित अन्य विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

पहली बार यूपी पहुंचेंगे नितिन नवीन, संगठन में नई धार और चुनावी रणनीति पर रहेगा फोकस

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाने के लिए अपने कील-कांटे दुरुस्त करने में जुट गई है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की टीम का गठन हो गया है और वो अपनी ब्रिगेड के साथ सियासी तानाबाना बुनने में जुट गए तो सीएम योगी अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा कर सियासी माहौल बनाने में जुटे हैं. इसी मिशन को धार देने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन यूपी के दो दिवसीय दौरे पर पहुंच रहे। सूबे की सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने के लिए बीजेपी ने अपने तरकश से तीर चलाने शुरू कर दिए हैं, जिससे विपक्ष के दांव को फेल किया जा सके. बीजेपी ने अपनी चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए 'मिशन मोड' में पूरी तरह से उतर चुकी है।  मिशन-2027  को धार देने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 3 और 4 जुलाई को लखनऊ के दौरे पर रहेंगे. नितिन नवीन का यह दौरा उस समय हो रहा है, जब पंकज चौधरी के नेतृत्व में प्रदेश कार्यकारिणी का गठन कर दिया गया है. ऐसे में माना जा रहा है कि टीम पंकज को चुनावी मंत्र देने के लिए नितिन नवीन लखनऊ का दौरा हो रहा है?  नितिन नवीन का लखनऊ दौरा  उत्तर प्रदेश में बीजेपी की नई कार्यकारिणी गठित होने और नितिन नवीन के पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनका यूपी का पहला दौरा हो रहा है. इसीलिए राजनीतिक गलियारों में इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव के बाद यह शीर्ष नेतृत्व का पहला बड़ा दौरा है।  नितिन नवीन का दो दिनों लखनऊ दौरा काफी अहम है. तीन और चार जुलाई को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीति नवीन उत्तर प्रदेश के संगठन की समीक्षा करेंगे नवगठित राज्य संगठन के साथ पहली बैठक होगी. नितिन नवीन के लखनऊ दौरे पर सीएम योगी आदित्यनाथ और  दोनों उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य और बृजेश पाठक सहित सभी मंत्री विधायक सांसद और संगठन के सभी लोग मौजूद रहेंगे।  नितिन नवीन का यूपी दौरा क्यों अहम नितिन नवीन का दो दिवसीय लखनऊ प्रवास केवल एक औपचारिक दौरा नहीं है बल्कि उनका मुख्य फोकस आगामी विधानसभा चुनावों के लिए रोडमैप तैयार करना है. इसीलिए उनके यूपी प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री से लेकर दोनों डिप्टीसीएम सहित सभी मंत्री और बीजेपी के सभी सांसद और विधायक को लखनऊ में रहने के दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं।  बीजेपी अध्यक्ष 3 और 4 जुलाई को वे राज्य के वरिष्ठ नेताओं, क्षेत्रीय प्रभारियों और संबद्ध संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सिलसिलेवार बैठकें करेंगे. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों डिप्टीसीएम के साथ आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी उनकी मुलाकात की संभावना है. ऐसे में साफ है कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना ही उनके एजेंडे में सबसे ऊपर है।  नवीन नई टीम को देंगे चुनावी मंत्र बीजेपी उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों को धार देने में जुट गई है. इसके लिए हाल ही में प्रदेश इकाई में व्यापक फेरबदल किया है. यूपी अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में नई टीम का गठन हो चुका है, जिसमें 19 उपाध्यक्ष, आठ महासचिव और 19 सचिवों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा यूपी के सभी 6 क्षेत्रीय अध्यक्ष को बदल दिया गया है।  प्रदेश संगठन के गठन के बाद अब बारी टीम पंकज को 'एक्टिव मोड' में लाने की है. जानकारों का कहना है कि नितिन नवीन अपने इस दौरे के जरिए परखेंगे कि नई टीम जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी है और कार्यकर्ताओं के साथ उनका तालमेल कैसा है.लखनऊ दौरे के दौरान नितिन नवीन सिर्फ संगठन के लोगों से ही नहीं मिलेंगे बल्कि सरकार के साथ भी बैठक करेंगे।  जमीनी कार्यकर्ताओं से लेंगे फीडबैक बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन का यूपी में सिर्फ बड़े नेताओं से मुलाकात ही नहीं करेंगे बल्कि उनके साथ मंथन भी करेंगे. नितिन नवीन सूबे में क्षेत्रीय स्तर के संगठन मंत्रियों और जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ भी बैठकें करेंगे.  वह जानना चाहते हैं कि यूपी की जनता के बीच इस समय क्या माहौल है और विपक्ष के दांव काट ढूंढने के लिए क्या किया जाना चाहिए।  नितिन नवीन के दो दिवसीय दौरे का आखिरी मकसद साल 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए एक मजूबत रोडमैप तैयार करना है ताकि बीजेपी यूपी में सत्ता की हैट्रिक लगा सके. 2024 के चुनाव में हुए नुकसान को देखते हुए बीजेपी कोई भी रिस्क लेने के मूड में नहीं है. ऐसे में अब देखना है कि नितिन नवीन क्या सियासी मंत्र देते हैं और किस तरह की रणनीति के धार देने का काम करते हैं? 

ट्रंप-मोदी की दोस्ती पर बड़ा खुलासा, सर्जियो गोर बोले- सुबह 6 बजे अचानक किया PM मोदी को फोन

 नई दिल्ली भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इंडो-पैसिफिक कमांड का नाम बदलने को लेकर हुए विवाद को खारिज करते हुए कहा कि "लेटरहेड पर लिखे नाम" से कोई फर्क नहीं पड़ता, बल्कि यह देखना चाहिए कि अमेरिका असल में क्या कर रहा है. अमेरिकी राजदूत ने इस बात को खारिज किया कि भारत-अमेरिका के बीच संबंध कमजोर हो रहे हैं।  US-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम लीडरशिप समिट को संबोधित करते हुए गोर ने कहा कि भारत आज भी किसी भी अन्य देश की तुलना में अमेरिका के साथ ज़्यादा सैन्य अभ्यास करता है और रक्षा अधिकारियों के बीच नियमित द्विपक्षीय दौरे होते हैं।  गोर की ये टिप्पणी 'इंडो-पैसिफिक कमांड' से 'इंडो' शब्द हटाने को लेकर हुए विवाद के बाद सामने आई हैं. 1947 में बनी US पैसिफिक कमांड अमेरिका की सबसे पुरानी यूनिफाइड कमांड्स में से एक है, जिसका दायरा अमेरिका के पश्चिमी तट से लेकर भारत की पश्चिमी सीमा तक फैला है।  लेटरहेड से क्या फर्क पड़ता है US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की बढ़ती अहमियत को देखते हुए पैसिफिक कमांड का नाम बदलकर 'इंडो-पैसिफिक कमांड' कर दिया गया था. इस महीने की शुरुआत में, अमेरिका ने इस यूनिफाइड कमांड का पुराना नाम बहाल कर दिया।   गोर ने कहा, "मैं बस एक बात कहना चाहता हूं क्योंकि नाम बदलने को लेकर बहुत से लोगों ने काफी हंगामा किया था. मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि लेटरहेड पर क्या नाम लिखा है, बल्कि यह देखना चाहिए कि अमेरिका असल में क्या कर रहा है।  अमेरिकी राजदूत ने कहा, "हां, नाम बदला गया; लेकिन हम अभी भी वहां मौजूद हैं. भारत आज भी किसी भी दूसरे देश की तुलना में अमेरिका के साथ कहीं ज़्यादा मिलिट्री एक्सरसाइज़ करता ह. हर महीने कुछ न कुछ होता रहता है, चाहे भारतीय सैनिक यहां आएं या अमेरिकी सैनिक उस क्षेत्र में जाएं। उन्होंने कहा कि अगले दो हफ़्तों में भारतीय नौसेना का एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका का दौरा करेगा।  कमजोर नहीं हुए हैं भारत-अमेरिका के संबंध गोर ने उन सुझावों को भी खारिज कर दिया कि दोनों देशों के बीच संबंध कमजोर हो गए हैं; उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर रिश्ते मजबूत स्थिति में हैं। उन्होंने कहा, "तो जो विशेषज्ञ ऑनलाइन बैठकर ट्वीट करते हैं और कहते हैं कि यह रिश्ता मुश्किल में है, उन्हें असलियत देखनी चाहिए. चाहे व्यापार हो, रक्षा हो या लोगों के बीच आपसी संबंध हों. हर मामले में यह रिश्ता मजबूत स्थिति में है।  गोर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत के साथ संबंधों को बहुत महत्व देते हैं और व्यापार, तकनीक, रक्षा और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।  भारत में अमेरिकी राजदूत ने एक घटना का जिक्र किया जब ट्रंप ने मियामी से मोदी को फोन करने का फैसला किया; ये तब हुआ था जब ट्रंप वहां 'अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप' (UFC) के मुकाबले देख रहे थे।  भारत में सुबह 6 बज रहे थे, ट्रंप बोले- PM मोदी को फोन लगाइए… गोर ने बताया, "यह कुछ महीने पहले की बात है. राष्ट्रपति मियामी में UFC कार्यक्रम में थे और हम बैकस्टेज बैठे थे, तभी उन्होंने मुझसे कहा, 'चलो प्रधानमंत्री मोदी को फोन करते हैं।  गोर ने ट्रंप की बात याद करते हुए कहा, "मैंने कहा सर वहां (भारत में) सुबह के 6 बजे हैं.' उन्होंने कहा, 'वह (मोदी) जाग रहे होंगे. वह (मोदी) मेरी तरह ही हैं।  गोर ने बताया कि जब तक वह नई दिल्ली में कुछ लोगों से बात कर पाते, तब तक ट्रंप UFC के मंच पर पहुंच चुके थे और आखिरकार मोदी के साथ बातचीत अगले दिन के लिए तय की गई।  गोर ने कहा कि इस घटना से ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच के रिश्ते की असलियत पता चलती है।  अमेरिकी राजदूत गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा, "इस कहानी का मुख्य संदेश यह है कि जब आप किसी के दोस्त होते हैं, तो हर चीज पहले से तय करने की ज़रूरत नहीं होती." उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति सच में प्रधानमंत्री को अपना दोस्त मानते हैं।  उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री के साथ उनका जुड़ाव उनके पहले कार्यकाल से ही है. भारत से जुड़ी उनकी अच्छी यादें हैं. और यह एक बहुत बड़ा फायदा है।  गोर ने कहा, "अमेरिका भारत के साथ मिलकर काम करना चाहता है." उन्होंने आगे कहा कि आने वाले दो साल दशकों तक चलने वाले द्विपक्षीय संबंधों को आकार देने के लिए बहुत अहम होंगे।  गोर ने बताया कि ये अगले दो साल रिश्ते को आने वाले कई दशकों के लिए एक नई दिशा देंगे. इसलिए जो भी इसमें शामिल हो रहा है, वह इसे एक लंबे समय के प्रोजेक्ट के तौर पर देखे. यह एक या दो साल का मामला नहीं है, बल्कि हम आज जो बोएंगे, वही हमें आने वाले दशकों तक आगे ले जाएगा। 

तीसरे चरण में प्रदेश में जल संवर्धन के 10 हज़ार 514 करोड़ के 3 लाख 62 हज़ार कार्य पूर्ण

भोपाल  जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल से ही प्रकृति का उद्भव और जीवन का विकास है। सबसे पहले पृथ्वी पर जलचर आए। जल से ही जीवन है। जल तत्व में सभी तत्व समाहित हैं। हम जब जल संरचनाओं को देखते हैं तो हमारा मन आनंद से भर जाता है। जल से स्नान के बाद हमें ताज़गी मिलती है। हमारे पूर्वजों ने जल के महत्व को समझा और निरंतर जल संरचनाओं का निर्माण किया। आज हमारा दायित्व है कि हम उन सब का संरक्षण करें एवं उन्हें सहेजें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में जल संरक्षण और संवर्धन का अभियान चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में भी गत 3 वर्षों से यह अभियान वृहद रूप से जन सहयोग से चलाया जा रहा है और बड़ी संख्या में जल संरचनाओं का संरक्षण एवं पुनरुद्धार किया गया है। आज यहां जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन कार्यक्रम है, परंतु मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल अलनीनो के प्रभाव से कम वर्षा का अनुमान है, इसलिये प्रदेश में अमृत सरोवर रैन वॉटर हार्वेस्टिंग, नदी संरक्षण जैसे जल स्रोतों के संरक्षण कार्य निरंतर जारी रहेंगे। गत 19 मार्च से लगभग 100 दिन प्रदेश में चले जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत प्रदेश में जल संवर्धन के 10 हज़ार 514 करोड़ की लागत से 3 लाख 63 हज़ार कार्य कराए गए। इन कार्यों में भरपूर जन समर्थन एवं जन सहयोग मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को राजगढ़ जिले के भैंसवा माता क्षेत्र में प्रदेश में चले जल गंगा संवर्धन अभियान के तीसरे चरण के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 252 करोड़ 65 लाख रुपए के 31 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। उन्होंने भैंसवा माता क्षेत्र के विकास के लिए 20 करोड़ रुपए प्रदान करने की घोषणा भी की। कार्यक्रम का शुभारंभ कन्या-पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में पंच तत्वों, विशेष रूप से जल का विशेष महत्व है। हमारे यहां हर पवित्र कार्य जल के साथ ही होता है। प्रसिद्ध कवि रहीम ने भी पानी की महत्ता बताई। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत राजगढ़ जिले में बहुत अच्छा कार्य हुआ है। इस कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश में चिन्हित छह सर्वश्रेष्ठ जिलों में राजगढ़ जिले का भी नाम शामिल है। इसके लिए उन्होंने सभी संबंधितों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि का आधार सिंचाई की सुविधा है। गत 20 वर्षों में हमारी सरकारों में प्रदेश में सिंचाई के रकबे में तेजी से वृद्धि हुई है। हर खेत तक पानी पहुंचाना हमारा संकल्प है और हम उसे पूरा कर रहे हैं। हमारी सरकार द्वारा किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम भी दिलवाया जा रहा है। हमारी सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2625 रुपए कर दिया है। किसानों को किसान सम्मन निधि दी जाती है। हमारी सवा करोड़ बहनों को लाडली बहना योजना का लाभ दिया जा रहा है। बच्चों को उनकी शिक्षा के लिए हर संभव सुविधा दी जा रही है। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय बनाए जा रहे हैं, जो उत्कृष्ट शिक्षा के केंद्र हैं। ये विद्यालय हमें सांदीपनि ऋषि, भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की याद दिलाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की निस्वार्थ मित्रता एवं प्रेम को आज पूरी दुनिया याद करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि विश्व का सबसे बड़ा मेला, हमारी सनातन संस्कृति का प्रतिबिंब, सिंहस्थ उज्जैन मध्यप्रदेश में आयोजित होता है। इसे भव्य, दिव्य बनाने और श्रद्धालुओं के स्नान आदि की सुविधाओं के लिए उज्जैन एवं आसपास के क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को शिप्रा नदी के स्वच्छ एवं पावन जल में सहजता एवं सुविधापूर्वक, बिना किसी परेशानी के स्नान एवं उज्जैन तीर्थ के दर्शन हो सकें। पानी की प्रत्येक बूंद का संरक्षण कर भावी पीढ़ी का भविष्य करें सुरक्षित : मंत्री पटेल पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में अब तक हुए सभी कार्य प्रामाणिकता के साथ हुए है। इस साल बारिश के मौसम में कम वर्षा का अनुमान है इसलिए जल संचयन और जल स्त्रोतों का संरक्षण निरंतर जारी रखना आवश्यक है। हम सभी को पानी की एक-एक बूंद संचित कर भावी पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित करना है। राज्य सरकार और सभी अधिकारी-कर्मचारी जनभागीदारी से जल संरक्षण के प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री पटेल ने जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन को मां भैंसवा के पवित्र स्थल पर रखने के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संरक्षण के लिए किए भगीरथी प्रयास : राज्यमंत्री डॉ.टेटवाल तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाएं को बढ़ाने के लिए भागीरथी प्रयास किए हैं। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 के अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। जल संरक्षण के इस अभियान में पंचायतों को जोड़कर जनभागीदारी से कुएं, बावड़ी, तालाब, नदियों की सफाई और प्राचीन जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार किया गया है। राज्यमंत्री टेटवाल ने सांदीपनि विद्यालय, पीकेसी परियोजना से पानी, भैंसवा माता लोक निर्माण सहित अनेक निर्माण कार्यों की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। सांसद रोमल नागर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में विरासत से विकास की यात्रा अनवरत जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पर भगवान बाबा महाकाल और मां बिजासन की विशेष कृपा है। सारंगपुर में 251 करोड़ रूपए की लागत से भैंसवा माता धार्मिक स्थल शेत्र का विकास किया जा रहा हैl रोजगार के स्थानीय साधन उपलब्ध कराते हुए यहां बहनों को कौशल विकास का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। साथ ही संस्कृत वैदिक पाठशाला, गोशाला, योग केंद्र और सामुदायिक भवन तैयार करने के कार्य किए जा रहे हैं। राज्य सरकार के यह प्रयास समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजगढ़ जिले के सारंगपुर विकासखण्ड में प्रसिद्ध भैंसवा माता मंदिर … Read more

प्रयागराज से वाराणसी तक ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का सर्वे जल्द शुरू, चार महीने में तैयार होगी डीपीआर

प्रयागराज  विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए प्रयागराज में 210 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इससे तीन तहसीलों के हजारों किसानों को फायदा मिलेगा। वहीं, इस संबंध में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर प्राथमिक सर्वे रिपोर्ट सोमवार को जिला प्रशासन को प्राप्त हो गई। अब विस्तृत सर्वे के दौरान अधिग्रहित की जाने वाली भूमि पर आने वाले काश्तकारों का आकलन किया जाएगा, जिसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज जिले की सोरांव, फूलपुर और हंडिया तहसीलों से होकर गुजरेगा। यूपीडा ने पूर्व में प्रशासन को भेजी रिपोर्ट में इन तीनों तहसीलों के 73 गांवों में भूमि की आवश्यकता बताई थी। इसके आधार पर संबंधित एसडीएम से सर्वे कराकर आवश्यक भूमि का विवरण मांगा गया। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार हंडिया तहसील में 78 हेक्टेयर, फूलपुर में 68 हेक्टेयर और सोरांव में 64 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी। प्रशासन का अनुमान है कि भूमि अधिग्रहण की जद में 400 से 500 काश्तकार आ सकते हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह संख्या फिलहाल अनुमानित है। लेखपालों की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद प्रभावित किसानों और भूमि का अंतिम आंकड़ा स्पष्ट हो सकेगा। ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के लिए सावन में शुरू होगा सर्वे का काम चित्रकूट से प्रयागराज होते हुए वाराणसी तक प्रस्तावित 294 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण का सर्वे सावन माह में शुरू होगा। इस परियोजना के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने भोपाल की कंसल्टेंट कंपनी नित्या नायारा का चयन किया है। अगस्त के पहले सप्ताह से एजेंसी चित्रकूट से सर्वे का कार्य शुरू करेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को दो हिस्सों में बांटा गया है। चित्रकूट से प्रयागराज तक सर्वे और भूमि अधिग्रहण की जिम्मेदारी एनएचएआई को सौंपी गई है, जबकि प्रयागराज से वाराणसी तक का कार्य सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय कराएगा। एनएचएआई के प्रयागराज डिप्टी मैनेजर प्रखर सिंह के अनुसार, भूमि अधिग्रहण और एलाइनमेंट का कार्य करीब चार महीने तक चलेगा। सर्वे के दौरान प्रयागराज की सदर तहसील, कौशाम्बी की मंझनपुर तहसील और चित्रकूट तक प्रस्तावित मार्ग का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इसमें यह तय किया जाएगा कि फोरलेन कॉरिडोर के निर्माण के लिए कितनी भूमि की आवश्यकता होगी। सर्वे पूरा होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर एनएचएआई मुख्यालय को मंजूरी के लिए भेजी जाएगी। परियोजना के पूरा होने से चित्रकूट, प्रयागराज और वाराणसी के बीच सड़क संपर्क बेहतर होगा और यात्रा अधिक तेज व सुगम बनने की उम्मीद है।  

मुख्यमंत्री सैनी ने नमो सिटी की घोषणा की, दिल्ली के व्यापारियों को मिलेगा बड़ा लाभ

चंडीगढ़  हरियाणा में व्यापारियों के लिए 5000 एकड़ में "नमो सिटी" बनाई जाएगी। इसमें व्यापारियों और आम लोगों के लिए अलग प्रकार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में दिल्ली की विभिन्न मार्केट्स से जुड़े थोक व्यापारियों के साथ सीधा संवाद करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि हरियाणा में विश्वस्तरीय मार्किट स्थापित की जाएगी, जिसमें बेहतर से बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। उन्होंने व्यापारियों को अधिक संख्या में हरियाणा में निवेश करने का आह्वान किया। इस दौरान इलेक्ट्रानिक्स, मार्बल, ड्राई फ्रूट, लोहा मंडी समेत दिल्ली की कुल 26 व्यापारिक एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से सीधा संवाद किया और सुझाव दिए। दिल्ली के आसपास बनेगा प्लॉट मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के आसपास के इलाके में बड़ी व्यापारिक मार्किट व पूरा औद्योगिक इकोसिस्टम बनाने का फैसला लिया है ताकि व्यापारियों को खुला और सुविधायुक्त वातावरण मिल सके। अमृतसर की ड्राई फ्रूट मार्केट के व्यापारियों ने भी लगभग 280 प्लॉट लिए हैं और अब बड़ी ड्राई फ्रूट मंडी हरियाणा में स्थापित होगी। इसी तरह लुधियाना के व्यापारियों ने भी लगभग 180 प्लॉट लिए हैं। यह मार्केट विश्व स्तर की अलग पहचान वाली होगी, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करने में अहम कड़ी का काम करेगी। आने वाले 50 वर्षों को ध्यान में रखते हुए इतनी चौड़ी सड़कों और सुविधाओं के साथ इस मार्केट को विकसित किया जाएगा कि आवागमन में कोई दिक्कत न आए। निवेशकों को आसानी से मिलेगा अप्रूवल यह एक ग्रीन और पाल्यूशन मुक्त मार्केट होगी, जहां परिवार भी घूमने के लिए आ सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े निवेशकों के लिए कस्टमाइज्ड इंसेंटिव पैकेज, रोजगार आधारित प्रोत्साहन, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और टाइम बाउंड अप्रूवल जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। राई के नजदीक मारुति का बड़ा प्लांट तैयार हो गया है, जहां सालाना करीब 10 लाख गाड़ियां बनेंगी। साथ ही खरखौदा में आइएमटी और इलेक्ट्रिक व्हीकल जोन भी विकसित हो रहा है। इसके अतिरिक्त 600 एकड़ में एक बड़ी हार्टिकल्चर मंडी का निर्माण भी गति से चल रहा है, जो उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर तक की कनेक्टिविटी से जुड़ी होगी। कहा- हर समस्या के समाधान के लिए खुले हैं द्वार मुख्यमंत्री ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि हरियाणा सरकार उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने देगी और किसी भी समस्या पर सीधे मुख्यमंत्री से मिलने के द्वार खुले हैं। इस दौरान लोहा मंडी से जुड़े श्री केके गुप्ता, देवराज, राकेश यादव, मार्बल एसोसिएशन और राजेंद्र कपूर ने भी अपने सुझाव रखे, जिन पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रूप से सहमति जताते हुए संबंधित व्यवस्थाएं करने का आश्वासन दिया। वहीं उद्योग मंत्री राव नरबीर ने कहा कि दिल्ली के बाजारों में बहुत भीड़ भाड़ है। हरियाणा सरकार अलग-अलग औद्योगिक कलस्टर बनाकर व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं दे रही है। व्यापारी जो सोच लेकर हरियाणा में आएगा, उसे वह सभी सुविधाएं मिलेंगी। इस मौके पर दिल्ली हरियाणा भवन की रेजिडेंट कमिश्नर मोना श्रीनिवास, एचएसआइआइडीसी के एमडी सुशील सारवान, एचएसआईआईडीसी के कार्डिनेटर सुनील शर्मा मौजूद रहे।

झारखंड के सरकारी स्कूलों के नए टाइमिंग जारी, 9 बजे से 3 बजे तक होगी पढ़ाई

मेदिनीनगर/पलामू. एक जुलाई से झारखंड के सरकारी स्कूलों के संचालन समय में बदलाव लागू हो जाएगा। शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार पहली से 12वीं तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं अब सुबह नौ बजे से अपराह्न तीन बजे तक संचालित होंगी। हालांकि भीषण गर्मी के बीच इस निर्णय को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इन दिनों तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है और दोपहर के समय तेज धूप व उमस के कारण विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो सकती है। वर्तमान में पहली से आठवीं तक की कक्षाएं सुबह सात बजे से 11:30 बजे तक तथा नौवीं से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित हो रही हैं। वहीं शिक्षक सुबह सात बजे से अपराह्न एक बजे तक विद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। नए आदेश के लागू होने के साथ ही सभी कक्षाओं का संचालन सुबह नौ बजे से अपराह्न तीन बजे तक होगा। 4 जुलाई तक चलेगा मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता अभियान सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए 1 से 4 जुलाई तक विशेष जागरूकता एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला शिक्षा अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। आयोजित होंगी विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां अभियान के दौरान विद्यालयों में स्लोगन लेखन, चित्रांकन एवं पेंटिंग प्रतियोगिता, ''मेरी बात- मेरा संकल्प'', मासिक धर्म स्वच्छता पर समूह चर्चा, रोल प्ले, नुक्कड़ नाटक तथा सामूहिक संकल्प जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य किशोरियों में मासिक धर्म से जुड़े मिथकों को दूर करना और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।