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22.97 करोड़ की परियोजना से पलामू में एआई, डेटा साइंस और रोबोटिक्स शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

रांची राज्य सरकार ने रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) जैसी आधुनिकतम तकनीक में शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इस उद्देश्य से सरकार ने पलामू स्थित गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कालेज में चार क्षेत्रों में सेंटर आफ एक्सीलेंस विकसित करने की योजना स्वीकृत की है। पांच वर्ष की इस परियोजना पर 22.97 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस परियोजना के तहत ही स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए पलामू इंजीनियरिंग कालेज में जीईसी इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी। कुल परियोजना लागत में से एक करोड़ रुपये इसके शेयर कैपिटल के रूप में मिलेंगे। इस परियोजना का उद्देश्य सिविल कंस्ट्रक्शन तथा टाउन प्लानिंग के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार तथा परामर्श सेवाओं को प्रोत्साहित करना, ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित पेशेवरों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों के लिए विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित करना है। साथ ही इससे उद्योग प्रेरित अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं का डेटा विश्लेषण, बीटेक, एमटेक एवं पीएचडी शोधार्थियों के अनुसंधान कार्यों में सहयोग प्रदान करना है। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन चारों सेंटर आफ एक्सीलेंस से न केवल पलामू इंजीनियरिंग कालेज, बल्कि राज्य के छह राजकीय पालीटेक्निक संस्थानों के विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षण में लाभ मिलेगा। सेंटर आफ एक्सीलेंस के लिए रोबोटिक्स लैब, डेटा साइंस लैब, रिन्यूअल ईनर्जी लैब, टाउन प्लानिंग लैब, अर्थक्वेक इंजीनियरिंग लैब, वेस्ट टू इनर्जी कंजरवेशन लैब आदि की स्थापना की जाएगी। राज्य सरकार ने इस परियोजना की स्वीकृति के पहले आइआइटी (आइएसएम), धनबाद से टेक्निकल वेटिंग कराई थी। संस्थान स्तर पर होगी निगरानी समिति जीईसी पलामू इनाेवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर फाउंडेशन द्वारा एक संस्थान स्तर पर निगरानी समिति गठित की जाएगी। इस समिति में सेंटर आफ एक्सीलेंस के फैकल्टी इंचार्ज, इंडस्ट्री पार्टनर के प्रतिनिधि, संबंधित विभागाध्यक्ष, मेंटर संस्थान के प्रतिनिधि रहेंगे। यह समिति सेंटर आफ एक्सीलेंस के संचालन तथा निगरानी का दायित्व निभाएगी। राज्य के भीतर एवं बाहर स्थित मेंटर संस्थानों की की पहचान करना तथा उन्हें सेंटर आफ एक्सीलेंस के संचालन में सहायता के लिए परामर्श या अनुदान प्राप्त करने में सहयोग प्रदान करने की भी जिम्मेदारी समिति निभाएगी। ये पालीटेक्निक संस्थान जुड़ेंगे सेंटर आफ एक्सीलेंस से – राजकीय पालीटेक्निक, रांची – राजकीय महिला पालीटेक्निक, रांची – राजकीय पालीटेक्निक, जमशेदपुर – राजकीय पालीटेक्निक, आदित्यपुर – राजकीय पालीटेक्निक, लातेहार – राजकीय पालीटेक्निक, सिमडेगा इन चार क्षेत्रों में तैयार होगा सेंटर आफ एक्सीलेंस     सिविल कंस्ट्रक्शन तथा टाउन प्लानिंग     रोबोटिक्स एंड आटोमेशन     डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस     सस्टनेबल एंड रिन्यूअल ईनर्जी टेक्नोलाजी  

अब बिना इंटरनेट AI से पढ़ेंगे बच्चे, समस्तीपुर के स्कूलों में शुरू होगी स्मार्ट शिक्षा

समस्तीपुर. सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई अब सिर्फ किताब, कॉपी और कक्षा तक सीमित नहीं रहेगी। मोबाइल आधारित 'पढ़ाई' ऐप के जरिये बच्चे घर बैठे बिना इंटरनेट के भाषा और गणित की बुनियादी समझ विकसित करेंगे। एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) आधारित यह ऐप बच्चों की पढ़ने की क्षमता, उच्चारण और सीखने की गति का आकलन कर उनकी जरूरत के अनुसार सीखने में मदद करेगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिले के ताजपुर और मोरवा प्रखंड के चयनित सरकारी विद्यालयों में 'टेक्नोलाजी इन टीचिंग एट द राइट लेवल' कार्यक्रम का संचालन मार्च 2027 तक किया जाएगा। यह प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के सहयोग से लागू होगा। इस पहल में कक्षा तीन से पांच तक के बच्चों को शामिल किया जाएगा। कमजोर बच्चों की पहचान होगी आसान हर बच्चे की सीखने की क्षमता अलग होती है। कुछ बच्चे तेजी से सीखते हैं, जबकि कुछ को अतिरिक्त अभ्यास की आवश्यकता होती है। 'पढ़ाई' ऐप बच्चों के प्रदर्शन का वास्तविक समय में विश्लेषण कर यह बताएगा कि किस बच्चे को भाषा या गणित में अधिक सहायता की जरूरत है। इससे शिक्षकों को बच्चों के अधिगम स्तर के अनुसार मार्गदर्शन देने में सुविधा होगी। ऐप बताएगा कहां हो रही गलती एआई आधारित यह ऐप केवल अध्ययन सामग्री उपलब्ध नहीं कराएगा, बल्कि बच्चों की पढ़ने की क्षमता का भी मूल्यांकन करेगा। बच्चा जब पाठ पढ़ेगा तो ऐप उसकी आवाज सुनकर उच्चारण, पढ़ने की गति और त्रुटियों का विश्लेषण करेगा। इसके साथ ही 'असर' टूल पर आधारित गणितीय आकलन भी इसमें शामिल किया गया है। इससे बच्चों की बुनियादी भाषा दक्षता मजबूत होने के साथ आगे की पढ़ाई की मजबूत नींव तैयार होगी। घर पर भी मिलेगा अभ्यास का अवसर शिक्षा विभाग के अनुसार इस ऐप का उद्देश्य स्कूल की पढ़ाई का विकल्प बनना नहीं, बल्कि बच्चों को अतिरिक्त अभ्यास का अवसर उपलब्ध कराना है। स्कूल के बाद भी बच्चे अपनी सुविधा के अनुसार घर पर अभ्यास कर सकेंगे। इससे उन बच्चों को विशेष लाभ मिलेगा, जिन्हें अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग नहीं मिल पाता। साथ ही शिक्षक और अभिभावक भी बच्चों की वास्तविक सीखने की स्थिति को आसानी से समझ सकेंगे। एफएलएन सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम     यह पहल बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। डिजिटल उपकरणों को कक्षा आधारित शिक्षण प्रक्रिया से जोड़कर बच्चों के अधिगम स्तर का आकलन, उनकी आवश्यकता के अनुसार समूहीकरण और उचित शैक्षणिक सहयोग प्रदान करने में यह उपयोगी साबित होगी। – सुधीर कुमार, कार्यक्रम समन्वयक, प्रथम पढ़ाई' ऐप का प्रयोग सफल 'पढ़ाई' ऐप का प्रयोग सफल रहा तो बच्चों की पढ़ाई के आकलन, अभ्यास और सुधार की पूरी प्रक्रिया को नया डिजिटल आधार मिलेगा। यह पहल भविष्य में सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। – जमालुद्दीन, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान) शिक्षा विभाग, समस्तीपुर

3 जुलाई को कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी, गणेश पूजा से दूर होंगे सभी विघ्न और बाधाएं

 हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी का व्रत भगवान श्री गणेश को समर्पित माना जाता है. आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर पड़ने वाली कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी इस वर्ष 3 जुलाई को मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करने और व्रत रखने से जीवन के विघ्न दूर होते हैं, रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस बार इस व्रत का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है. शुभ तिथि और पूजा का मुहूर्त पंचांग के अनुसार आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी तिथि का आरंभ 3 जुलाई को सुबह 11:20 बजे होगा और इसका समापन 4 जुलाई को दोपहर 12:39 बजे होगा. उदया तिथि और चंद्रोदय के आधार पर व्रत 3 जुलाई को रखा जाएगा. ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:07 से 4:47 बजे तक रहेगा. लाभ-उन्नति मुहूर्त 7:12 से 8:56 बजे, अमृत मुहूर्त 8:56 से 10:41 बजे और अभिजीत मुहूर्त 11:57 से 12:53 बजे तक रहेगा. वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5:28 से 11:46 बजे तक रहेगा, जिसे पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है. ऐसे करें भगवान गणेश की पूजा व्रत के दिन प्रातः स्नान कर भगवान गणेश के समक्ष दीप प्रज्वलित करें और व्रत का संकल्प लें. पूजा में दूर्वा, लाल पुष्प, अक्षत, चंदन, धूप और दीप अर्पित करें. भगवान गणेश को मोदक या तिल के लड्डुओं का भोग लगाना शुभ माना जाता है. व्रत के दौरान सात्विक भोजन करें, केवल सेंधा नमक का प्रयोग करें और काले रंग के वस्त्र पहनने से बचें. रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का पारण करें. साथ ही जरूरतमंदों को अन्न और धन का दान करना भी शुभ फलदायी माना गया है.

टेक मार्केट में नए प्रोडक्ट्स की एंट्री, Galaxy A27 5G, TravelLite लैपटॉप और VlogMate Neo पेश

स्मार्टफोन की दुनिया में सैमसंग ने अपना नया और बेहद स्टाइलिश Samsung Galaxy A27 5G लॉन्च कर दिया है, जो शानदार AI फीचर्स और लंबे सॉफ्टवेयर अपडेट के साथ आया है। वहीं, कंटेंट क्रिएटर्स और व्लॉगर्स की सहूलियत के लिए पोर्ट्रोनिक्स ने VlogMate Neo नाम का एक बेहद किफायती एआई-पावर्ड वायरलेस माइक्रोफोन बाजार में उतारा है। इसके साथ ही, लैपटॉप सेगमेंट में कदम बढ़ाते हुए Acer ने बिजनेस और कमर्शियल यूजर्स के लिए Acer TravelLite लैपटॉप पेश किया है, जो इंटेल के सबसे नए प्रोसेसर से लैस है। दूसरी ओर, भारतीय मोबाइल ब्रांड Ai+ के Nova 2 Neo और Nova 2 Pro स्मार्टफोन पहली ही सेल में कुछ मिनटों में आउट ऑफ स्टॉक होने के बाद अब फ्लिपकार्ट पर अपनी अगली सेल के लिए पूरी तरह तैयार हैं।     सैमसंग ने भारत में अपना नया स्टाइलिश और किफायती स्मार्टफोन Samsung Galaxy A27 5G लॉन्च किया है, जिसकी शुरुआती प्रभावी कीमत कैशबैक के बाद 28,999 रुपये से शुरू हो गई है।     यह फोन 3 जुलाई से लाइट ग्रीन, लाइट पिंक और ब्लैक कलर्स में सैमसंग स्टोर्स, पार्टनर आउटलेट्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा ।     इस फोन की सबसे बड़ी यूएसपी इसका लंबा सॉफ्टवेयर सपोर्ट है।     स्पेसिफिकेशन्स की बात करें तो Galaxy A27 5G में 120Hz सुपर एमोलेड इन्फिनिटी-ओ डिस्प्ले है। फोन में 50MP का मेन कैमरा दिया गया है। भारी मांग के कारण वापस शुरू हुई इनकी सेल     भारतीय मोबाइल ब्रांड Ai+ ने Nova 2 Neo और Nova 2 Pro की 26 जून को फ्लिपकार्ट पर हुई पहली सेल में सारे डिवाइस चंद मिनटों में बिक गए।     भारी मांग को देखते हुए कंपनी ने इसकी अगली सेल 30 जून को दोपहर 12 बजे से दोबारा फ्लिपकार्ट पर लाइव हो गई है। इन दोनों स्मार्टफोन्स को 22 जून को पेश किया गया था।     ये दोनों ही स्मार्टफोन्स लेटेस्ट Android 16 पर आधारित भारत के पहले सॉवरेन मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम NxtQuantum OS पर काम करते हैं, जो यूजर्स को बेहद क्लीन और सुरक्षित सॉफ्टवेयर एक्सपीरियंस देता है। Acer ने पेश किया नया लैपटॉप     ​Acer ने भारतीय बाजार में कंपनियों, छोटे व्यवसायों (SMBs) और शैक्षणिक संस्थानों को ध्यान में रखकर अपना नया TravelLite TL24-54M बिजनेस लैपटॉप लॉन्च किया है।     इस लैपटॉप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह इंटेल की एडवांस 18A प्रोसेस नोड तकनीक पर बने Intel Core Series 3 प्रोसेसर से लैस है, जो बजट रेंज में भी शानदार एआई (AI) क्षमताएं और बेहतरीन पावर एफिशिएंसी देता है ।     सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद मजबूत है, जिसमें TPM 2.0, बायोस-लेवल सिक्योरिटी, प्राइवेसी कैमरा शटर और फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन जैसे फीचर्स दिए गए हैं।     इसमें 14 इंच का Full HD+ डिस्प्ले दिया गया है। परफॉर्मेंस को स्मूथ बनाने के लिए यह 64GB तक की DDR5 रैम और हाई-स्पीड PCIe Gen4 SSD स्टोरेज को सपोर्ट करता है। कीमत अभी कंपनी ने अनाउंस नहीं की है। एआई पावर्ड वायरलेस माइक्रोफोन     पोर्ट्रोनिक्स ने भारत में VlogMate Neo नाम का एक नया एआई पावर्ड टाइप-सी वायरलेस माइक्रोफोन लॉन्च किया है ।     इस डिवाइस की कीमत 3,999 रुपये है, लेकिन इसे 1,999 रुपये में खरीदा जा सकता है। यह माइक्रोफोन व्लॉगर्स, इन्फ्लुएंसर्स और टीचर्स के लिए बेहतरीन टूल है।     इसमें डुअल-माइक्रोफोन सिस्टम और AI नॉइज रिडक्शन दिया गया है, जो आसपास के फालतू शोर को हटाकर साफ आवाज रिकॉर्ड करता है ।     यह पूरी तरह प्लग-एंड-प्लेहै, यानी इसे स्मार्टफोन के टाइप-सी पोर्ट में लगाते ही यह बिना किसी अतिरिक्त ऐप के काम करने लगता है।     इसकी वायरलेस रेंज 30 मीटर तक की है, जिससे क्रिएटर्स बिना ऑडियो क्वालिटी खराब हुए दूर से भी वीडियो शूट कर सकते हैं।

अब नंबर शेयर किए बिना होगी WhatsApp पर बातचीत, कंपनी ने लॉन्च किया नया प्राइवेसी फीचर

 नई दिल्ली WhatsApp जल्द अपने करोड़ों यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आने वाला है. अब किसी नए शख्स से बात करने के लिए आपको अपना मोबाइल नंबर देने की जरूरत नहीं पड़ेगी. जैसे टेलीग्राम पर यूजरनेम के जरिए कनेक्ट हो कर बातचीत कर सकते हैं, ठीक वैसे ही अब वॉट्सऐप में आ रहा है।  कंपनी ने आधिकारिक तौर पर नए Username फीचर का ऐलान कर दिया है. इस फीचर की मदद से लोग अपने फोन नंबर की जगह वॉट्सऐप यूजरनेम शेयर करके चैट शुरू कर सकेंगे।  कंपनी ने बताया है कि इस हफ्ते से यूजर्स अपने पसंद का यूजरनेम रिजर्व कर सकेंगे. हालांकि यह फीचर सभी यूजर्स के लिए धीरे-धीरे जारी किया जाएगा. जिन देशों में यह उपलब्ध होगा, वहां वॉट्सऐप खुद ऐप के अंदर नोटिफिकेशन देकर इसकी जानकारी देगा।  WhatsApp का यूजरनेम फीचर क्या है? अब तक वॉट्सऐप पर किसी से बात करने के लिए उसका मोबाइल नंबर होना जरूरी था. लेकिन नए फीचर के आने के बाद अगर आपने यूजरनेम बना लिया है, तो पहली बार आपसे संपर्क करने वाले शख्स को आपका मोबाइल नंबर नहीं दिखेगा. इससे आपकी प्राइवेसी पहले से ज्यादा मजबूत होगी।  वॉट्सऐप का कहना है कि आज कई लोग किसी इवेंट, क्लास, ऑफिस, सोसायटी या ग्रुप में जुड़ना चाहते हैं, लेकिन अपना निजी मोबाइल नंबर हर किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहते. इसी जरूरत को देखते हुए कंपनी यह फीचर लेकर आई है. अब लोग अपना यूजरनेम देकर बातचीत शुरू कर सकेंगे।  कंपनी के मुताबिक वॉट्सऐप पर दुनिया भर में 3 अरब से ज्यादा यूजर्स हैं. ऐसे में कई लोगों की पसंद एक जैसी हो सकती है. इसी वजह से कंपनी ने फीचर लॉन्च होने से पहले यूजरनेम रिजर्व करने का विकल्प शुरू किया है, ताकि यूजर्स अपनी पसंद का नाम पहले ही सिक्योर कर सकें।  अगर आपको यूजरनेम चुनने में परेशानी होगी तो वॉट्सऐप एक यूजरनेम जेनेरेटर भी देगा. यह आपकी पसंद के हिसाब से कुछ सुझाव दिखाएगा, जिनमें से आप कोई भी चुन सकते हैं।  यह फीचर खास तौर पर कंटेंट क्रिएटर, इंफ्लूएंसर, छोटे कारोबार और संस्थाओं के लिए भी काफी काम का होगा. अगर उनके पास पहले से इंस्टाग्राम या फेसबुक पर कोई यूजरनेम है, तो वे उसी यूजरनेम को वॉट्सऐप पर भी क्लेम कर सकेंगे. इससे सभी मेटा प्लेटफॉर्म पर उनकी एक जैसी पहचान बनी रहेगी।  वॉट्सऐप ने कहा है कि यह कोई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नहीं बनने जा रहा है. यहां यूजरनेम खोजने के लिए कोई पब्लिक डायरेक्ट्री नहीं होगी और न ही लोगों के यूजरनेम सर्च करके देखे जा सकेंगे. किसी व्यक्ति से संपर्क करने के लिए उसका सही यूजरनेम पता होना जरूरी होगा।  कंपनी ने सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए एक नया Username Key सिस्टम भी बनाया है. अगर कोई यूजर चाहे तो वह यह एक्स्ट्रा सिक्योरिटी ऑप्शन चालू कर सकता है. इसके बाद किसी नए शख्स को मैसेज भेजने के लिए सिर्फ यूजरनेम ही नहीं, बल्कि उस Key की भी जरूरत पड़ सकती है. इससे अनजान लोगों के लिए संपर्क करना और मुश्किल हो जाएगा।  वॉट्सऐप का कहना है कि यूजरनेम फीचर शुरू होने के बाद अगर आपने इसे चालू कर दिया है, तो किसी नए व्यक्ति या बिजनेस से पहली बार बातचीत करते समय आपका मोबाइल नंबर दिखाई नहीं देगा. इससे आपकी निजी जानकारी पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित रहेगी। अगर आपके पास वॉट्सऐप का नया वर्जन है, तो फीचर उपलब्ध होने पर आप Settings > Account > Username में जाकर अपना यूजरनेम रिजर्व कर पाएंगे. अभी यह सुविधा सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं हुई है. कंपनी आने वाले महीनों में इसे धीरे-धीरे दुनिया भर के यूजर्स तक पहुंचाएगी।  वॉट्सऐप का मानना है कि यूजरनेम फीचर उसकी प्राइवेसी स्ट्रैटिजी का अगला बड़ा कदम है. इससे यूजर्स को नए लोगों से बात करते समय अपना मोबाइल नंबर शेयर करने की मजबूरी नहीं रहेगी और वे पहले से ज्यादा  सुरक्षित तरीके से वॉट्सऐप का इस्तेमाल कर सकेंगे। 

डिफॉल्टरों को लीज वापस देने का मामला कोर्ट पहुंचा, सरकार से मांगा स्पष्टीकरण

ग्वालियर  मध्य प्रदेश में खनिज विभाग के अफसरों और खनन माफिया की सांठगांठ से चल रहे घोटाले को लेकर ग्वालियर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने राज्य सरकार के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया है। कोर्ट ने सरकार से सीधे पूछा। जब अवैध खनन करने वालों पर करोड़ों रुपए की पेनल्टी बकाया है, तो उनसे अभी तक वसूली क्यों नहीं की गई? सरकारी खजाने को चूना लगाने वाले इन डिफॉल्टरों को वापस खनन लीज किस आधार पर दे दी गई? यह तल्ख सवाल जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की युगलपीठ ने याचिकाकर्ता अकरम खान द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए किए हैं। मामले में राज्य सरकार की ओर से उपस्थित अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष सरकार का पक्ष रखने के लिए समय मांगा, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने एक सप्ताह की मोहलत दी है। अगली सुनवाई 6 जुलाई 2026 को होगी। साल 2017 से कुंडली मारकर बैठे हैं रसूखदार याचिका में बताया है कि जिले के खनन माफिया पर 305 करोड़ 97 लाख रुपए की भारी-भरकम जुर्माना राशि बकाया है। यह वसूली साल 2017 से लंबित है, लेकिन खनिज विभाग इसे वसूलने में पूरी तरह नाकाम रहा। नियमानुसार जुर्माना न चुकाने पर खदान संचालकों को 'ब्लैकलिस्ट' कर उनका खनन तुरंत रोका जाना चाहिए था। लेकिन, रसूखदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। रसूखदारों को तोहफे में मिली नई लीज याचिका में यह भी बताया कि हद तो यह हो गई कि पुराने करोड़ों रुपए दबाकर बैठे खनन माफियाओं की खदानें न सिर्फ रिन्यू (नवीनीकरण) कर दी गईं, बल्कि उन्हें नई जगहों पर खनन करने के लिए नई लीजें भी आवंटित कर दी गईं हैं। मतलब उनके पेनल्टी न चुकाने को पूरी तरह नजरअंदाज किया है। बिलौआ-बेरजा में 100 फीट तक खोद दी जमीन याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि ग्वालियर जिले के बिलौआ और बेरजा क्षेत्र में काले पत्थर (क्रशर गिट्टी) का सबसे बड़ा कारोबार है। यहां नियमों को ताक पर रखकर ऐसा अंधाधुंध अवैध खनन किया गया है जिसने पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाया है। बिलौआ में अवैध खनन करने वालों ने जमीन को 25 से 30 मीटर (करीब 100 फीट) गहरे गड्ढों में तब्दील कर दिया है। माफिया की जेब में गया राजस्व खनिज विभाग ने जब पूर्व में इनकी जांच की थी, तो बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन पाया गया था। माफिया यहां से कई हजार घनमीटर कीमती काला पत्थर निकालकर बाजार में बेच चुके हैं। जो करोड़ों रुपए सरकारी खजाने में आने चाहिए थे, वे सीधे माफिया की जेब में चले गए।  

जिला परिषद चुनाव परिणामों पर विवाद, मुक्तसर में धांधली के आरोप; हाईकोर्ट जाने की तैयारी

श्री मुक्तसर साहिब. मुक्तसर में मंगलवार को जिला परिषद के चेयरमैन और वाइस चेयरपर्सन का चुनाव कर लिया है। वोटिंग के बाद आम आदमी पार्टी की गुरविंदर कौर मलोट को चेयरपर्सन चुना गया। वहीं वाइस चेयरपर्सन शिरोमणि अकाली दल की कुलविंदर कौर जस्सिआना सर्वसम्मति से चुन ली गईं, क्योंकि आप के पास वाइस चेयरमैन का कोई उम्मीदवार नहीं था। यह प्रक्रिया रेड क्रास भवन में की गई। शिअद ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पूर्व विधायक और जिला प्रधान कंवरजीत सिंह रोजी बरकंदी ने कहा कि प्रशासन ने सत्ता पक्ष के इशारे पर धक्केशाही की। उनका आरोप है कि जिले की 13 सीटों में से सात शिअद के पास थीं, जबकि आप के पास सिर्फ पांच और कांग्रेस के पास एक सदस्य था। शिअद नेता ने क्या दावा किया? ऐसे में चेयरमैन शिअद का बनना चाहिए था। शिअद नेता मनजिंदर सिंह बिट्टू ने दावा किया कि ब्लाक समिति के दो चेयरमैनों सहित उनके पास नौ वोटें थीं। उन्होंने कहा कि एक वोट रद कर दी गई और एक सदस्य की वोट को धक्के से आप में शामिल करके हमें 8-7 के फर्क से हराया गया। एसडीएम ने मंत्री और विधायक के दबाव में आकर मनमानी की। शिअद ने साफ कर दिया है कि वह इस पूरे मामले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। प्रशासन के अनुसार 17 सदस्यों का कोरम था। इसमें चेयरमैन चुनाव के लिए आप को आठ वोट मिले, शिअद को सात वोट मिले और एक वोट रद हो गया। कांग्रेस से संबंधित एक जिला परिषद सदस्य गैरहाजिर रहा। आप ने मनाया जश्न आप ने चेयरपर्सन बनने पर जश्न मनाया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डा. बलजीत कौर, विधायक जगदीप सिंह काका बराड़ और गिद्दड़बाहा से विधायक हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों के भाई सनी ढिल्लों मौजूद रहे। नवनियुक्त चेयरपर्सन गुरविंदर कौर मलोट ने कहा कि वह विकास कार्यों को प्राथमिकता देंगी और लोगों की समस्याएं हल करने के लिए तत्पर रहेंगी। वाइस चेयरपर्सन कुलविंदर कौर जस्सिआना ने कहा कि वह चेयरमैन के बराबर कुर्सी पर बैठकर लोगों का काम करेंगी। धक्केशाही करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा शिअद के पूर्व विधायक कंवरजीत सिंह रोजी बरकंदी ने कहा कि इससे हफ्ता पहले भी जब चेयरमैन का चुनाव होना था तो सत्ता पक्ष ने बायकाट कर दिया था। अब मंगलवार को दूसरी बार चुनाव हुआ था अधिकारियों ने सरेआम सत्ता पक्ष के कहने पर धक्केशाही की है।‌ऐसा करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। आप के पास चार महीने चेयरमैनशिप रहेगी और उसके बाद विधानसभा चुनाव में लोग इनको धक्केशाही का जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि सोमवार को चुनाव से एक दिन पहले उनका ब्लाक समिति का चेयरमैन पुलिस ने बिना वजह उठा लिया था। जिसे हमने देर शाम को रिहा करवाया। यह सरकार की बौखलाहट है।

किसानों को नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग के लिए किया जा रहा जागरूक

नैनो उर्वरकों के उपयोग से लागत में कमी और उत्पादन में होती है वृद्धि किसानों को नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग के लिए किया जा रहा जागरूक राज्य में नैनो डीएपी का लगभग 2.47 लाख बोतलों का भंडारण और किसानों को 87 हजार से अधिक बोतलों का वितरण नैनो यूरिया का लगभग 2.86 लाख बोतलों का भंडारण और किसानों को 1.14 लाख बोतलों का वितरण रायपुर,   मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वैश्विक परिस्थितियों के कारण रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए राज्य में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें। कृषि विभाग द्वारा खरीफ वर्ष 2026 के दौरान सहकारी समितियों के माध्यम से नैनो उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। 26 जून 2026 की स्थिति में राज्य में नैनो डीएपी का लगभग 2.47 लाख बोतलों का भंडारण किया गया है, जिसमें से 87 हजार से अधिक बोतलों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। इसी प्रकार नैनो यूरिया का लगभग 2.86 लाख बोतलों का भंडारण किया गया है तथा 1.14 लाख बोतलों से अधिक का वितरण किसानों को किया जा चुका है। शेष मात्रा समितियों में उपलब्ध है, जिससे आगामी कृषि कार्यों के लिए किसानों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। राज्य सरकार किसानों को नैनो उर्वरकों के लाभों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चला रही है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया पारंपरिक ठोस रासायनिक उर्वरकों की तुलना में अधिक प्रभावी हैं। इनका उपयोग करने से उर्वरकों की मात्रा कम लगती है, पौधों द्वारा पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है, उत्पादन लागत घटती है तथा फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में वृद्धि होती है। साथ ही मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत कम करने तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से नैनो उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के किसान वैज्ञानिक खेती अपनाकर बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर सकें। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपने निकटतम सहकारी समिति एवं कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी प्राप्त करें तथा इन आधुनिक उर्वरकों का अधिक से अधिक उपयोग कर कृषि को लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने में सहभागी बनें।

नशा तस्कर मुकेश बनिया पर शिकंजा, 42 लाख की संपत्ति अटैच

रायपुर. नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आदतन एनडीपीएस आरोपी मुकेश उर्फ मुकेश बनिया की करीब 42 लाख रुपये की संपत्तियों पर SAFEMA सक्षम प्राधिकारी मुंबई ने फ्रीजिंग ऑर्डर की पुष्टि कर दी है। इससे आरोपी अब बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के इन संपत्तियों को बेच, गिरवी रख या हस्तांतरित नहीं कर सकेगा। बता दें कि इससे पहले गांजा तस्कर रवि साहू की संपत्ति अटैच की गई थी। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा शासन और पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर “सूखे नशे के विरुद्ध अभियान” चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत केवल नशा तस्करों की गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी ही नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा रही है। डीसीपी सेंट्रल जोन उमेश प्रसाद गुप्ता और एडिशनल डीसीपी तारकेश्वर पटेल के मार्गदर्शन में थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने मुकेश बनिया के आर्थिक नेटवर्क की विस्तृत जांच की। जांच में सामने आया कि आरोपी और उससे जुड़े लोगों के नाम पर एक मकान और तीन वाहन मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित धन से खरीदे गए थे। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ(1) के तहत इन संपत्तियों को फ्रीज करने का प्रस्ताव भेजा गया, जिसे SAFEMA ने मंजूरी दे दी। 31 आपराधिक मामलों का आरोपी है मुकेश पुलिस के अनुसार मुकेश बनिया रायपुर में लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा रहा है। उसके खिलाफ 31 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, हत्या, बलवा, मारपीट और गुंडागर्दी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। 26 फरवरी 2026 को सिटी कोतवाली पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त कार्रवाई में उसे गिरफ्तार किया गया था। उसके कब्जे से 6.119 किलोग्राम गांजा, एक देशी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, 2400 अल्प्राजोलम की नशीली गोलियां समेत अन्य सामग्री बरामद की गई थी। इससे पहले पुलिस ने आरोपी के आधुनिक तकनीक से संचालित गांजा हाइडआउट का भी खुलासा किया था। पहले PIT-NDPS के तहत हुई थी कार्रवाई आरोपी की लगातार आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए उसके खिलाफ पहले ही PIT-NDPS Act, 1988 के तहत डिटेंशन ऑर्डर जारी किया जा चुका है। इसके बाद पुलिस ने उसके आर्थिक स्रोतों की गहन जांच शुरू की, जिसके आधार पर संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की गई। अब होगी जब्ती की कार्रवाई पुलिस के अनुसार अब संबंधित पक्ष को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष यह साबित करना होगा कि संपत्तियां वैध आय से खरीदी गई हैं। यदि वे इसका प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाए तो नियमानुसार इन संपत्तियों को स्थायी रूप से शासन के पक्ष में जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुलिस का संदेश रायपुर पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई साफ संदेश देती है कि अब नशा तस्करों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी तक सीमित कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि अपराध से अर्जित उनकी अवैध संपत्तियों और आर्थिक नेटवर्क को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत समाप्त किया जाएगा। पुलिस ने बताया कि एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा के पर्यवेक्षण में निरीक्षक सतीश सिंह गहरवार ने वित्तीय जांच, दस्तावेजों के संकलन, राजस्व एवं परिवहन अभिलेखों की जांच तथा सफेमा के समक्ष समन्वय की पूरी प्रक्रिया पूरी की, जिसके बाद सक्षम प्राधिकारी ने फ्रीजिंग ऑर्डर की पुष्टि की।

TMC अकाउंट फ्रीज मामला: हाईकोर्ट ने अर्जेंट सुनवाई से किया इनकार, ममता बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें

कलकत्ता कलकत्ता हाईकोर्ट से मंगलवार को ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी को बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने पार्टी के तीन बैंक खातों को फ्रीज करने के खिलाफ दायर याचिका पर अर्जेंट सुनवाई करने से स्पष्ट मना कर दिया है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस सौगत भट्टाचार्य कर रहे हैं. उन्होंने ममता गुट की याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से मना कर दिया. उन्होंने आगे कहा कि इस केस की सुनवाई भी आम मामलों की तरह ही होगी, यानी जो नंबर तय है, उसी लिस्टिंग के अनुसार सुनवाई की जाएगी। ममता गुट के वकील किशोर दत्ता ने कोर्ट को बताया कि टीएमसी के तीन बैंक खातों पर रोक लगा दी गई है. इस वजह से इन खातों से किसी भी तरह का पेमेंट और लेन-देन नहीं हो पा रहा है. वकील ने कहा कि इन खातों में लगभग 440 करोड़ रुपये की भारी रकम फंसी हुई है. उन्होंने इस संकट को देखते हुए कोर्ट से तुरंत सुनवाई करने की अपील की, लेकिन अदालत ने उनकी ये मांग मानने से साफ इनकार कर दिया। बैंक खातों में 440 करोड़ जमा तृणमूल कांग्रेस के जिन तीन बैंक खातों पर रोक लगाई गई है, उनमें लगभग 440 करोड़ रुपये जमा हैं। यह कार्रवाई बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी के समर्थक कुछ विधायकों द्वारा बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के साइबर अपराध थाने में दर्ज कराई गई शिकायतों के बाद की गई है। शिकायत में उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कर खातों की विस्तृत जांच कराने की मांग की थी।विधायकों ने अपनी शिकायत में बैंक खातों में जमा धन के स्रोत पर सवाल उठाते हुए सभी लेन-देन की जांच कराने की मांग की। उन्होंने जांचकर्ताओं से यह पता लगाने का आग्रह किया कि खातों में जमा धन वैध स्रोतों से आया है या फिर कथित अवैध गतिविधियों, जैसे 'कट मनी' की वसूली, सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और घोटालों से अर्जित रकम से जुड़ा हुआ है। बता दें कि फलता के चुनाव के बाद कई ऐसे वीडियो सामने आए थे जिनमें लोगों को कटमनी वापस की गई थी। दरअसल सरकारी योजनाओं को लाभ देने के लिए वसूला गया धन कट मनी कहा जाता है। आरोप है कि ममता बनर्जी की सरकार में धड़ल्ले से लोगों से कटमनी वसूली जाती थी। तय समय से होगी सुनवाई सोमवार को मामले की शीघ्र सुनवाई की मांग किये जाने पर अदालत ने बैंक, पुलिस और राज्य सरकार को पक्षकार बनाने तथा उन्हें नोटिस जारी करने का निर्देश दिया था. मंगलवार को सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद फिर से त्वरित सुनवाई का अनुरोध किया गया, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया. न्यायमूर्ति ने दोहराया कि मामले की सुनवाई तय प्रक्रिया के अनुसार ही होगी. इस मामले में राज्य सरकार भी एक पक्ष है. राज्य की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से अनुरोध किया कि यदि त्वरित सुनवाई संभव नहीं है, तो कम से कम गुरुवार को पक्षों को अपनी दलीलें रखने का अवसर दिया जाये।  बागी विधायकों की शिकायत पर हुई कार्रवाई टीएमसी के इन बैंक खातों पर ये कार्रवाई बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी से जुड़े कुछ विधायकों की शिकायत के बाद हुई है. इन विधायकों ने बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी. अपनी शिकायत में उन्होंने इस मामले की पूरी जांच करने और एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।  इन बागी विधायकों ने खातों में जमा करोड़ों रुपयों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने जांच टीम से मांग की है कि इस पैसे के सोर्स की जांच की जाए. वे पता लगाना चाहते हैं कि ये पैसा ईमानदारी की कमाई का है या फिर किसी गलत काम से आया है. उन्हें शक है कि ये पैसा कट-मनी (कमीशन), पब्लिक फंड की हेराफेरी और किसी बड़े घोटाले का हो सकता है।