samacharsecretary.com

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बम्हनीडीह के विकास की नई यात्रा का किया शुभारंभ

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बम्हनीडीह के विकास की नई यात्रा का किया शुभारंभ हसदेव नदी पर पुल, बिजली विभाग का सब डिवीजन कार्यालय और सर्वसुविधायुक्त मंगल भवन की घोषणा रायपुर स्थानीय स्वशासन लोकतंत्र की सबसे सशक्त कड़ी है और नगर पंचायतें केवल प्रशासनिक इकाइयाँ नहीं, बल्कि नागरिकों की आकांक्षाओं को धरातल पर उतारने का प्रभावी माध्यम हैं। नवगठित नगर पंचायत बम्हनीडीह के प्रथम जनप्रतिनिधियों के कंधों पर केवल एक नगर के विकास की नहीं, बल्कि एक नई कार्यसंस्कृति और जनविश्वास की नींव रखने की जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह में नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष रमेश कुमार डडसेना एवं सभी पार्षदों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ उन्हें दायित्व सौंपा है, उसका प्रतिफल पारदर्शी प्रशासन, संवेदनशील कार्यशैली और विकास के रूप में दिखाई देना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बम्हनीडीह के विकास को नई गति देने वाली तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए दहिदा-बम्हनीडीह के बीच हसदेव नदी पर पुल निर्माण, बिजली विभाग का सब डिवीजन कार्यालय तथा सर्वसुविधायुक्त मंगल भवन के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल आधारभूत संरचनाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधासंपन्न बनाना है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में विकास को नई गति देते हुए हर वर्ग के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को पक्के घर, किसानों को उनकी उपज का सम्मानजनक मूल्य, महिलाओं को महतारी वंदन योजना के जरिए आर्थिक संबल तथा युवाओं के लिए रोजगार और अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण केवल बड़े शहरों के विकास से नहीं, बल्कि बम्हनीडीह जैसे उभरते नगरों को सशक्त बनाने से होगा। राज्य सरकार ऐसे सभी नगरीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, बेहतर नागरिक सेवाओं और सुनियोजित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बम्हनीडीह नगर पंचायत जनभागीदारी, सुशासन और विकास का एक आदर्श मॉडल बनकर उभरेगी तथा आने वाले वर्षों में क्षेत्र की नई पहचान बनेगी। समारोह में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक किरण सिंह देव ने भी जनता को संबोधित किया।  इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, नारायण चंदेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. साहा बोले- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास की नई ऊंचाइयों पर भारत

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है: त्रिपुरा मुख्यमंत्री डॉ. साहा ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के क्षेत्र में नवीनतम ज्ञान, शोध और प्रशिक्षण का सशक्त मंच है MIDCOMS : उप मुख्यमंत्री शुक्ल 28 वें AOMSI मिड-टर्म कॉन्फ्रेंस एवं 14 वें पीजी कन्वेंशन—MIDCOMS 2026 का किया शुभारंभ भोपाल त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तीव्र गति से परिवर्तन और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, अधोसंरचना और तकनीक सहित सभी क्षेत्रों में देश की प्रगति उल्लेखनीय है। डॉ. साहा भोपाल में एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया (AOMSI) के 28वें मिड-टर्म कॉन्फ्रेंस एवं 14वें पीजी कन्वेंशन—MIDCOMS 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी जैसे विशेषज्ञता आधारित क्षेत्रों में निरंतर प्रशिक्षण, शोध और आधुनिक तकनीकों का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के सम्मेलन चिकित्सकों, विशेषज्ञों और विद्यार्थियों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने तथा नवीनतम उपचार पद्धतियों से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. साहा ने कहा कि त्रिपुरा में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। एमबीबीएस सीटों में कई गुना वृद्धि की गई है। राज्य ने जीएसटी संग्रह, कानून-व्यवस्था एवं अन्य विकास संकेतकों में भी बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि बेहतर चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं विकसित एवं सशक्त भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा एवं उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन भी किया। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सशक्त अर्थव्यवस्था, आधुनिक अधोसंरचना, आयुष्मान भारत योजना, चिकित्सा शिक्षा विस्तार, टेलीमेडिसिन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित स्वास्थ्य सेवाओं से देश का स्वास्थ्य क्षेत्र नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भी चिकित्सा शिक्षा, सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं, ट्रॉमा केयर और आधुनिक स्वास्थ्य अधोसंरचना का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि MIDCOMS 2026 जैसे राष्ट्रीय सम्मेलन युवा सर्जनों और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को नवीनतम ज्ञान, व्यावहारिक प्रशिक्षण, शोध और नवाचार से जोड़ते हैं। देश के वरिष्ठ विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उन्हें अधिक दक्ष, आत्मविश्वासी और संवेदनशील चिकित्सक बनने के लिए प्रेरित करेगा। AOMSI के अध्यक्ष डॉ. आशीष गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया। पीपुल्स ग्रुप के वाइस चेयरमैन रोहित पंडित AOMSI के महासचिव डॉ. कलारामन बालारामन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। तीन दिवसीय सम्मेलन में देशभर से आए 1300 से अधिक ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन, विशेषज्ञ, शिक्षकगण, स्नातकोत्तर विद्यार्थी एवं प्रतिनिधिगण भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के क्षेत्र में नवीनतम शोध, आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण एवं नवाचार पर विचार-विमर्श किया जाएगा।  

कृषि यंत्रीकरण को नई रफ्तार, मंत्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में किसानों को मिल रहा लाभ

रायपुर : कृषि मंत्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा बीजापुर के किसान को 35 लाख के आधुनिक कृषि यंत्र वितरित रायपुर कृषि मंत्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में प्रदेश में कृषि को आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों के आय बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के तहत कृषि यांत्रिकीकरण योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को बीजापुर जिले के ग्राम मांझीगुड़ा में किसान योगेश बांकड़े को उपलब्ध कराए गए आधुनिक कृषि यंत्रों का निरीक्षण किया गया।  कृषि मंत्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा इस अवसर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप, छत्तीसगढ़ जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा एवं सुकमा जिलों के कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। योजना के अंतर्गत किसान योगेश बांकड़े के लिए लगभग 35 लाख रूपए मूल्य के आधुनिक कृषि यंत्र स्वीकृत किए गए हैं, जिन पर 14 लाख रूपए की अनुदान राशि प्रदान की गई है। लाभार्थी को ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, कल्टीवेटर, सीड ड्रिल एवं स्प्रेयर जैसे आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे खेती अधिक वैज्ञानिक, समयबद्ध और लाभकारी बन सकेगी। निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में प्रदेश में कृषि यंत्रीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से किसानों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी, खेती की लागत एवं श्रम में कमी आएगी तथा कम समय में अधिक कार्य कर किसान बेहतर आय अर्जित कर सकेंगे। उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

बस्तर प्रवास के अनुभवों के आधार पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

रायपुर : महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का गोंडी एवं हल्बी भाषा में होगा व्यापक प्रचार-प्रसार- मंत्री राजवाड़े  बस्तर प्रवास के अनुभवों के आधार पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने, रिक्त पदों की भर्ती और बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के दिए निर्देश रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मंत्रालय महानदी भवन में महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने तथा जमीनी स्तर पर कार्यों में गति लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार,दोनों विभागों के संचालक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।   मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने हाल ही में बस्तर संभाग के प्रवास तथा केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी से हुई चर्चा के दौरान प्राप्त अनुभवों और सुझावों के आधार पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्थानीय भाषाओं में संवाद अत्यंत आवश्यक है। इस उद्देश्य से बस्तर संभाग में विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार गोंडी एवं हल्बी भाषा में किए जाने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं की सटीक जानकारी पहुंच सके। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बस्तर संभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं पर्यवेक्षक के रिक्त पदों को आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर शीघ्र भरने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन, पोषण, पेयजल, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया। बैठक में उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए सभी जिलों में नियमित मॉनिटरिंग, सतत निरीक्षण और प्रभावी फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने पोषण पुनर्वास केंद्रों (एनआरसी) में भर्ती बच्चों एवं उनकी माताओं को गुणवत्तापूर्ण उपचार, पौष्टिक आहार तथा बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। समीक्षा बैठक के दौरान समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने दिव्यांगजन एवं वृद्धजन कल्याण से संबंधित योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए बस्तर संभाग में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों के समयबद्ध वितरण, पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने तथा नियमित शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।उन्होंने सियान गुड़ी (डे-केयर सेंटर) एवं वृद्धाश्रमों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक के अंत में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बस्तर संभाग के प्रवास के दौरान यह स्पष्ट रूप से अनुभव हुआ है कि क्षेत्र में विकास और विश्वास का नया वातावरण निर्मित हुआ है। ऐसे में विभाग की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि शासन की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना तीव्र गति से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसका प्रभाव धरातल पर दिखाई दे। 

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित, बढ़ाया उत्साह

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान समर्पण, अनुशासन और निरंतर परिश्रम से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्य एवं जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद, उज्ज्वल भविष्य के लिए दी शुभकामनाएं रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सक्ती जिला कार्यालय में आयोजित मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में राज्य एवं जिला स्तर पर बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं का सम्मान किया। मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनके भविष्य के लक्ष्य, करियर की योजनाओं और रुचियों की जानकारी ली। विद्यार्थियों ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉक्टर सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने की इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने उनके आत्मविश्वास और ऊँचे सपनों की सराहना करते हुए कहा कि समर्पण, अनुशासन, निरंतर अध्ययन और कठिन परिश्रम ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी बड़े लक्ष्य निर्धारित करते हैं और पूरी निष्ठा से उन्हें प्राप्त करने का प्रयास करते हैं, सफलता स्वयं उनके कदम चूमती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधनों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ का प्रत्येक विद्यार्थी अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़े और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्रसेवा की भावना को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज सम्मानित हुए विद्यार्थी केवल अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे जिले और प्रदेश का गौरव हैं। उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगी और उत्कृष्टता की नई संस्कृति को आगे बढ़ाएगी। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहब, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

उपमुख्यमंत्री ने गंडईखुर्द में प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में शेड निर्माण प्रस्ताव को दी स्वीकृति

रायपुर : कबीरधाम के गंडईखुर्द से वीबी-जी राम जी योजना का हुआ राज्य स्तरीय शुभारंभ कबीरधाम के गंडईखुर्द से वीबी-जी राम जी योजना का हुआ राज्य स्तरीय शुभारंभ उपमुख्यमंत्री ने गंडईखुर्द में प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में शेड निर्माण प्रस्ताव को दी स्वीकृति ग्रामीण विकास को नई दिशा देगी वीबी-जी राम जी योजना – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिनों का रोजगार, मजदूरी बढ़कर हुई 300 रुपये प्रतिदिन योजना में 318 प्रकार के विकास कार्य शामिल, जल संरक्षण से लेकर ग्रामीण अधोसंरचना तक मिलेगा बढ़ावा रायपुर,  ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आजीविका की नई गारंटी देने वाली विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण(वीबी-जी राम जी) योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ आज कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राष्ट्रीय स्तर पर योजना का शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति से किया। इस दौरान वे वर्चुअल माध्यम से ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित राज्य स्तरीय शुभारंभ समारोह से भी जुड़े रहे।  कबीरधाम के गंडईखुर्द से वीबी-जी राम जी योजना का हुआ राज्य स्तरीय शुभारंभ      केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) योजना लागू हो रही है। इस योजना का उद्देश्य है कि देश का कोई भी गरीब काम के अभाव में बेरोजगार न रहे। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना से जहां ग्रामीण मजदूरों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा, वहीं गांवों में विकास कार्यों को भी नई गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलेगी। चौहान ने कहा कि मजदूरों के पसीने का सम्मान हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। गरीबों की सेवा ही हमारे लिए भगवान की सेवा है।  कबीरधाम के गंडईखुर्द से वीबी-जी राम जी योजना का हुआ राज्य स्तरीय शुभारंभ       उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज पूरे देश में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी-जीरामजी) योजना का शुभारंभ हो रहा है और छत्तीसगढ़ में इसका राज्य स्तरीय शुभारंभ ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में योजना के तहत पहले कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि विकसित गांव से विकसित भारत के निर्माण का अभियान है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रत्येक गांव और पंचायत का समग्र विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए 3,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे और रोजगार की कोई कमी नहीं रहेगी।        उप मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि योजना के तहत 318 प्रकार के कार्यों को शामिल किया गया है। इनमें जल संरक्षण से जुड़े 107, ग्रामीण अधोसंरचना के 90, आजीविका संवर्धन के 86 तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित 35 प्रकार के कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब जॉब कार्ड के स्थान पर जीआरजी कार्ड जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जॉब कार्ड में केवाईसी कराने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत डबरी, चेकडैम, बोल्डर चेकडैम, रिचार्ज पिट, वर्षा जल संचयन, नहर लाइनिंग, ग्रामीण सड़क (धरसा), मुरमीकरण जैसे कार्य कर जल स्तर बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रत्येक पंचायत को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर अटल डिजिटल सेवा केंद्र, मुक्तिधाम में शेड, ग्रामीण अधोसंरचना सहित प्राथमिकता वाले कार्य शुरू करने होंगे।         उप मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत बाउंड्री वॉल, किचन शेड, शौचालय, सामुदायिक पशु शेड, सोलर एवं स्ट्रीट लाइट, ग्रामीण चौपाल, हाईमास्ट लाइट, स्व-सहायता समूहों के लिए वर्क शेड, कोल्ड स्टोरेज, खाद एवं खाद्यान्न गोदाम, सामुदायिक आटा चक्की, कृषि प्रसंस्करण केंद्र और हैंडलूम प्रोसेसिंग केंद्र जैसे कार्य भी किए जा सकेंगे। इससे रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प तभी साकार होगा, जब गांव आत्मनिर्भर और समृद्ध बनेंगे। इसी उद्देश्य से गांवों को ए, बी और सी श्रेणी में विभाजित कर योजनाबद्ध विकास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों में 11 लाख आवासों का निर्माण पूरा किया गया है, जो ग्रामीण विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अपील की कि वे व्यापक सोच के साथ अपने गांवों की विकास कार्ययोजना तैयार करें, ताकि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।         पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने कहा कि आज का दिन प्रदेश के लिए ऐतिहासिक है और सभी लोग इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने हैं। इस योजना के तहत मनरेगा में अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा तथा अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है।         कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेष पटेल, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। गंडईखुर्द को मिली पहली सौगात, शेड निर्माण प्रस्ताव को स्वीकृति       उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने वीबी-जी राम जी योजना के तहत प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि योजना की शुरुआत विकास कार्यों के साथ हो रही है। इस स्वीकृति के साथ ही गंडईखुर्द वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत प्रदेश की पहली ग्राम पंचायत बन गई, जहां विकास कार्य का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसी प्रकार प्रत्येक पंचायत की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए … Read more

UPTET 2026: AI निगरानी में पहले दिन की परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न, सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

तीन दिवसीय यूपीटीईटी-2026 की पहले दिन की परीक्षा एआई निगरानी में शांतिपूर्वक संपन्न 02 जुलाई को दो पालियों में 955 केंद्रों पर 6.84 लाख अभ्यर्थी शामिल, 15 फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए 03 जुलाई को दो पालियां, 04 जुलाई को एक पाली में होगी परीक्षा, जारी रहेंगे कड़े इंतजाम   लखनऊ  शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET-2026) की लिखित परीक्षा तीन दिन 02, 03 व 04 जुलाई 2026 को आयोजित की जा रही है। गुरुवार को पहले दिन  प्रथम पाली पूर्वाह्न 09:30 बजे से 12:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपरान्ह 02:30 बजे से 05:00 बजे तक प्रदेश के 60 जनपदों के 955 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्वक, पारदर्शी एवं नकलविहीन वातावरण में संपन्न हुई। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि  परीक्षा के दौरान आयोग में स्थापित एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से उनकी, सदस्यगण, सचिव, परीक्षा नियंत्रक एवं उपसचिव की उपस्थिति में सभी परीक्षा केंद्रों की सघन निगरानी की गई। ए.आई. कैमरों के माध्यम से परीक्षार्थियों की गतिविधियों पर सतत दृष्टि रखी गई। एआई की मदद से संदिग्धों की जाँच के पश्चात प्रथम पाली में 07 एवं द्वितीय पाली में 08 फर्जी परीक्षार्थी, जो दूसरे परीक्षार्थियों के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे, पकड़े गए। इनके विरुद्ध विधिक कार्यवाही हेतु उन्हें स्थानीय पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त सभी केंद्रों पर परीक्षा सुचारु, शुचितापूर्ण एवं निर्विघ्न रूप से संपन्न हुई।  पहले दिन की दोनों पालियों में कुल 8,07,636 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 6,84,614 यानी 84.76% अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया। महिला परीक्षार्थियों की उपस्थिति 84.69% तथा पुरुष परीक्षार्थियों की उपस्थिति 84.86% रही। परीक्षा के सफल संचालन में जिला एवं पुलिस प्रशासन का सक्रिय सहयोग मिला। डॉ. प्रशांत कुमार ने जानकारी दी कि तीन दिवसीय यूपीटीईटी-2026 के तहत कल  03 जुलाई को भी दो पालियों में तथा 04 जुलाई को एक पाली में परीक्षा आयोजित होगी।  उन्होंने कहा कि शेष दो दिनों की परीक्षाएं भी इसी प्रकार एआई निगरानी, शुचिता व सुरक्षा के उच्च मानकों के साथ संपन्न कराई जाएंगी। अभ्यर्थियों से अपील है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचनाओं को ही प्रामाणिक मानें।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- स्वस्थ छत्तीसगढ़ के लिए योग को बनाएं जनआंदोलन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया योग को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने संभाला पदभार रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, संतुलित मन और अनुशासित जीवन का आधार है। उन्होंने प्रदेशवासियों से योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने अग्रवाल को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में योग आयोग प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार को नई गति देगा तथा योग को गांव-गांव, विद्यालयों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर प्रयासों से भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है। आज विश्व के 176 से अधिक देश 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाकर भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा का सम्मान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग और आयुर्वेद को नई दिशा देने के लिए आयुष मंत्रालय का गठन किया तथा पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को सशक्त बनाने के अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ में आयुर्वेद एम्स की स्थापना का आग्रह किया गया है। राज्य का लगभग 44 प्रतिशत वन क्षेत्र औषधीय वनस्पतियों से समृद्ध है, जिससे भविष्य में छत्तीसगढ़ आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और वेलनेस पर्यटन के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बन सकता है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाई है। उन्होंने कहा कि योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। विधायक किरण सिंह देव ने विश्वास व्यक्त किया कि संजय अग्रवाल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ योग आयोग प्रदेश के प्रत्येक गांव, शहर और परिवार तक योग की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी कार्य करेगा। समारोह में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक किरण देव, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बड़ी संख्या में योग साधक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

होम गार्ड्स की कराएं भर्ती, अग्निवीरों को दिया जाएगा सुरक्षा बलों की नियुक्ति में आरक्षण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

"स्कूल चलें अभियान के दौरान ही कराएं सांदीपनि विद्यालय भवनों का लोकार्पण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव होम गार्ड्स की कराएं भर्ती, अग्निवीरों को दिया जाएगा सुरक्षा बलों की नियुक्ति में आरक्षण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव समय पाबंदी के लिए मंत्रालय, सतपुड़ा और विंध्याचल में लगाई जाएंगी बॉयोमेट्रिक मशीन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भेल से भूमि वापस लेने के लिए केंद्र सरकार से करें समन्वय यूनियन कार्बाइड की भूमि पर बनेगा भव्य स्मारक ग्रामीण क्षेत्रों आबादी की नि:शुल्क रजिस्ट्री के लिए चलेगा अभियान धार्मिक एवं तीर्थ स्थलों पर धर्मशाला, सराय, अन्न क्षेत्र निर्माण के लिए धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं को दें प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न प्रासंगिक विषयों की अद्यतन प्रगति एवं आगामी कार्यवाही की समीक्षा बैठक लेकर दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य शासन की प्राथमिकता वाले विषयों पर त्वरित कार्यवाही की जाए। अभियान चलाकर लक्ष्य पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इन दिनों स्कूल चलो अभियान चल रहा है। 15 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के दौरान अधिकाधिक सांदीपनि विद्यालय भवनों को लोकार्पण एवं स्कूलों का युक्तियुक्तकरण कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को इसी सत्र में अधिकतम लाभ मिल  सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय प्रदेश का सबसे बड़ा उत्कृष्ट नवाचार है। स्कूल शिक्षा विभाग इसकी राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर ब्रांडिंग के लिए कार्य योजना तैयार करे। उन्होंने कहा कि चित्रकूट के विकास के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। यहां सती अनुसुईया मंदिर परिसर, सती अनुसुईया मल्टी फैसिलिटी सेंटर और गुप्त गोदावरी मंदिर परिसर का निर्माण होना है, यह काम तेजी से पूरा कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदाकिनी नदी जोड़ो परियोजना के लिए उत्तरप्रदेश सरकार तैयार है। जल्द ही दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री की बैठक में इस परियोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी धार्मिक महत्व के तीर्थ स्थलों (जैसे माँ नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक, चित्रकूट, ओंकारेश्वर, महेश्वर, दतिया, ओरछा, मैहर आदि) में धर्मशाला, सराय, अन्न क्षेत्र, प्याऊ, पेयजल टंकी, अस्पताल एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग के भवन निर्माण के लिए धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं को प्रोत्साहन दिया जाए। यह प्रोत्साहन रजिस्ट्री शुल्क में छूट, अनुदान या अन्य रियायत स्वरूप में किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मंत्रालय में विभिन्न प्रासंगिक विषयों पर विभागों की अद्यतन प्रगति एवं आगामी कार्य योजना (कार्यवाही) के संबंध में समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन सहित अन्य प्रमुख सचिव एवं सचिव स्तर के अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के भारत हेवी इलेक्ट्रीकल्स लिमिटेड (भेल) को शासन द्वारा दी गई जमीन की भेल के लिए वर्तमान में अनुपयोगी भूमि उनसे वापस लेने के प्रयास किए जाएं। इसके लिए केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय से समन्वय कर यह कार्रवाई जल्द से जल्द की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) की रासायनिक कचरे से मुक्त भूमि पर एक भव्य स्मारक का निर्माण होना है, इसके लिए एप्को कार्य योजना तैयार करे और वर्तमान में गुजरात के भुज में तैयार म्यूजियम का मौका मुआयना कर भोपाल में भी ऐसा ही भव्य स्मारक तैयार करने के लिए विधिवत् प्रस्ताव दे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी की नि:शुल्क रजिस्ट्री के लिए राज्य के 53 हजार गांवों में अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए।  उन्होंने कहा कि इसके लिए गाँव-गाँव शिविर लगाकर ग्रामीणों के पंजीयन किए जाएं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि घोषित करने की प्रकिया को और भी सरल बनाया जाए। ग्रीष्मकाल में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था के लिए पहले से बेहतर तैयारी कर ली जाए। इस वर्ष प्रदेश के किसी भी जिले में पेयजल परिवहन की स्थिति निर्मित नहीं हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न मंदिरों में महाकालेश्वर मंदिर की तरह होमगार्ड्स के पदों का सृजन किया जाए और मंदिर समिति के वहन पर इनकी नियुक्ति की जाए। अग्निवीरों को मध्यप्रदेश पुलिस में विशेष सशस्त्र बल (आरक्षक पद) की नियुक्ति में 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपर मुख्य सचिव गृह को निर्देशित किया कि वे इस संबंध में अतिशीघ्र कार्यवाही करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन की व्यवस्था है कि सभी शासकीय सेवक कार्य दिवसों में सुबह 10 से शाम 6 बजे तक कार्यालय में रहकर अपने पदेन कार्य  सम्पन्न करें। समय की पाबंदी सबके लिए जरूरी है। राज्य मंत्रालय, विध्याचल एवं सतपुड़ा में  अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तय समय पर उपस्थिति एवं रवानगी के लिए बॉयोमेट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न विभाग अपने-अपने स्कूल चला रहे हैं, इन सभी स्कूलों को युक्तियुक्तकरण किया जाए। सभी वर्गों के छात्रावासों को संयुक्त रूप से एक छात्रावास में परिवर्तित कर विद्यार्थियों को यहां रखा जाए। इससे उनमें समरसता का भाव विकसित होगा। इन्हें समरसता छात्रावास का नाम दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट एवं ममलेश्वर के विकास के लिए भूमि की आवश्यकता है। इसके लिए वन भूमि का उपयोग कर लिया जाए। बताया गया कि इस कार्य के निमित्त भूमि आवंटन की कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राम वन गमनपथ परियोजना एवं श्रीकृष्ण पाथेय के निर्माण में तेजी लाएं और इसे समय-सीमा में पूरा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन की दताना-मताना हवाई पट्टी के स्थान पर नवीन हवाई अड्डे के निर्माण कार्य में शीघ्र कार्यवाही की जाए। प्रयास करें कि यहां जल्द से जल्द यहां भूमि-पूजन कर लिया लाए। बताया गया कि नए हवाई अड्डे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण किया गया है। इसके लिए धारा 11 की कार्रवाई भी की जा चुकी है। जल्द ही नवीन हवाई अड्डे निर्माण का भूमि-पूजन करवाया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विभागों के अधिकारियों को दिए गए लक्ष्यों की जल्द से जल्द पूर्ति के लिए कार्य योजना बनाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।  

EPFO Rule Change: PF निकासी की 3 नई कैटेगरी, करोड़ों कर्मचारियों के लिए बदले नियम

 नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी (EPFO) ने अपने लगभग आठ करोड़ एक्टिव सदस्यों से संबंधित नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. इनमें एक सबसे अहम ये है कि 12% पीएफ अंशदान सिर्फ 15,000 रुपये प्रति माह की वेतन सीमा तक ही अनिवार्य है. इससे अधिक अंशदान अब स्वैच्छिक माना जाएगा. इससे कर्मचारियों को यह तय करने के लिए अधिक आजादी मिलेगी कि वे अपनी सैलरी का कितना हिस्सा अपने पीएफ खाते में जमा करना चाहते हैं।  EPFO Rule 2026 में संगठन ने अनिवार्य पीएफ कंट्रीब्यूशन के रूप में 1,800 रुपये की लिमिट को बरकरार रखा है. इसलिए अब 1 लाख रुपये प्रति माह का मूल वेतन पाने वाले कर्मचारी को भी, ईपीएफ के तहत भविष्य निधि में सिर्फ 1,800 रुपये का योगदान देना होगा, जबकि ऐसे कर्मचारी जो रिटायरमेंट के लिए अधिक बचत (Saving) करना चाहते हैं, वे इस अनिवार्य राशि से अधिक योगदान कर सकते हैं, लेकिन इसको स्वैच्छिक माना जाएगा. ये अनिवार्य और अतिरिक्त पीएफ कंट्रीब्यूशन के बीच स्पष्ट अंतर दर्शाएगी।  कम या खत्म कर सकेंगे एक्स्ट्रा कंट्रीब्यूशन बीते कारोबारी दिन नोटिफाई EPF Scheme 2026 के प्रावधानों पर नजर डालें, तो एक कर्मचारी वैधानिक वेतन सीमा से अधिक वेतन पर स्वैच्छिक आधार पर एक्स्ट्रा पीएफ कंट्रीब्यूशन का ऑप्शन चुन सकता है. वहीं एंप्लॉयर चाहे तो स्वैच्छिक अंशदान के बराबर राशि दे सकते हैं, लेकिन ऐसा करना उनके लिए अनिवार्य बिल्कुल भी नहीं है. कर्मचारी और नियोक्ता किसी भी समय एक्स्ट्रा कंट्रीब्यूशन को कम या बंद कर सकते हैं।  पीएफ निकासी कैटेगरी में कटौती पीएफ में जमा पैसों की निकासी के लिए पहले से तय 13 कैटेगरी को अब तीन तक सीमित कर दिया गया है. नई ईपीएफ योजना में केंद्रीय न्यासी बोर्ड यानी CBT द्वारा अक्टूबर में अनुमोदित निकासी सुधारों को भी लागू किया गया है. इन बदलावों का उद्देश्य निकासी प्रक्रिया को और सरल बनाना और सालाना निकासी की संख्या को बढ़ाना है।      Essential Needs: बीमारी, शिक्षा और विवाह     Housing Needs: खरीद, निर्माण और आवास संबंधित अन्य खर्च     Special Circumstances: पहले की तमाम कैटेगरी में शामिल अन्य आपात स्थितियां खाते में रखनी होगी 25% राशि  EPFO सदस्यों को कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के अंशदान सहित अपनी पात्र राशि का 100% तक निकालने की अनुमति होगी. हालांकि, उन्हें खातों में कुल योगदान का कम से कम 25% हिस्सा रखना होगा. इसका उद्देश्य रिटायरमेंट फंड का एक हिस्सा सुरक्षित रखना है. बता दें कि ईपीएफओ की सदस्यता से संबंधित नियमों में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है।  नियोक्ताओं के लिए क्या बदलेगा?  हर नियोक्ता को EPF Scheme 2026 के लागू होने के 15 दिनों के भीतर Form-V में कंसोलिडेटेड रिटर्न डिटेल पेश करनी होगी. रिटर्न में सभी कर्मचारियों का डेटा शामिल होना चाहिए, इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, UAN नंबर, ग्रॉस वेजेस और ईपीएफ वेजेस शामिल होंगे।