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दुर्लभ वन्यजीव सेंडबोआ तस्करी मामले में आरोपियों को 2 वर्ष का सश्रम कारावास

दुर्लभ वन्यजीव सेंडबोआ तस्करी मामले में आरोपियों को 2 वर्ष का सश्रम कारावास 10 वर्ष पुराने प्रकरण में अदालत ने सुनाया फैसला, प्रत्येक पर ₹5 हजार का जुर्माना भोपाल  भोपाल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दुर्लभ वन्यजीव सेंडबोआ की तस्करी से जुड़े लगभग 10 वर्ष पुराने मामले में 2 आरोपियों को 2 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह निर्णय अपराध क्रमांक 59/2016 (दिनांक 22 अगस्त 2016) में 29 जून 2026 को सुनाया गया। स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, मध्यप्रदेश तथा क्राइम ब्रांच भोपाल को प्राप्त सूचना के आधार पर 22 अगस्त 2016 को राहुल नगर झुग्गी बस्ती स्थित मंदिर के पास मुख्य मार्ग से 2 संदिग्धों को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में उनकी पहचान भोपाल निवासी अमन वामने और वरुण विश्वकर्मा के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उनके पास मौजूद कपड़े के थैले से एक जीवित दुर्लभ वन्यजीव सेंडबोआ बरामद किया गया। क्राइम ब्रांच ने वन्यजीव को विधिवत जब्त कर दोनों आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सुनवाई के दौरान क्राइम ब्रांच के साथ स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, मध्यप्रदेश के तीन शासकीय अधिकारियों ने अभियोजन पक्ष के साक्षी के रूप में न्यायालय में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए। विशेष लोक अभियोजकों की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 2 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।  

चानौत जल आंदोलन तेज, 24 गांवों ने संभाली जिम्मेदारी, दो घंटे हाईवे रहा जाम

हांसी पेयजल की मांग को लेकर चल रहे चानौत के आंदोलन ने सोमवार को नया और निर्णायक मोड़ ले लिया। आंदोलनकारियों ने दोपहर एक बजे से तीन बजे तक हांसी-बरवाला मार्ग पर टेंट गाड़कर रोड जाम कर दिया, जिससे हाइवे पर दो घंटे तक वाहनों के पहिए थम गए सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। यातायात को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया, जबकि आंदोलन के बीच धरना समिति ने बड़ा एलान करते हुए कहा कि अब यह लड़ाई केवल चानौत की नहीं रहेगी, बल्कि रोघी और बूरा खाप के 24 गांव बारी-बारी से आंदोलन की जिम्मेदारी संभालेंगे। धरना समिति ने घोषणा की कि अब प्रतिदिन एक गांव पूरे आंदोलन का संचालन करेगा। जिस गांव की बारी होगी, उसी दिन उस गांव की पंचायत, महिला शक्ति और ग्रामीण धरनास्थल पर पहुंचकर व्यवस्था संभालेंगे। आंदोलन को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। इसी को लेकर मंगलवार को 24 गांवों के सरपंचों और धरना समिति की संयुक्त बैठक भी बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय होगी। गांव में टी-कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग गांव में टी-कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर 16 मई से आंदोलन लगातार जारी है। धरना समिति का कहना है कि उनकी मांग आज भी वही है और जब तक गांव को टी-कनेक्शन से पानी नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। समिति ने दावा किया कि सरकार चाहे जितना समय लगा दे, ग्रामीण पीछे हटने वाले नहीं हैं। धरना समिति के सदस्यों ने बताया कि आंदोलन को लगातार चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। पहले प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए। इसके बाद चार जुलाई को धरनास्थल से ट्रैक्टर मार्च निकाला गया और गांव के जलघर तक मानव श्रृंखला बनाकर विरोध दर्ज कराया गया। सोमवार का हाइवे जाम उसी आंदोलन की अगली कड़ी था। हाल ही में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने एनएचआइ से एनओसी नहीं मिलने का हवाला देते हुए भाखड़ा पाइप लाइन का कार्य रोक दिया था। इसके बावजूद ग्रामीणों का कहना है कि उनका संघर्ष पाइप लाइन के लिए नहीं, बल्कि टी-कनेक्शन के माध्यम से गांव को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए है। जाम के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम पूरे समय मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने स्थिति पर लगातार नजर रखी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। निर्धारित समय पूरा होने के बाद आंदोलनकारियों ने जाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद हाइवे पर यातायात सामान्य हो सका। अब 24 गांव मिलकर लड़ेंगे पानी की लड़ाई धरना समिति के अनुसार अब रोघी और बूरा खाप के 24 गांव आंदोलन को नई मजबूती देंगे। हर दिन एक गांव धरनास्थल की पूरी जिम्मेदारी संभालेगा। उसी गांव के ग्रामीण, पंचायत और महिलाएं पूरे दिन आंदोलन का संचालन करेंगी। समिति का कहना है कि इस व्यवस्था से आंदोलन लगातार चलता रहेगा और सरकार पर समाधान निकालने का दबाव भी बढ़ेगा। मंगलवार को सभी 24 गांवों के सरपंचों की बैठक में इसकी विस्तृत रूपरेखा तय की जाएगी।  

50 साल पुरानी जमीन का रिकॉर्ड बदलेगा, गम्हरिया में जियाडा को मिलेगा मालिकाना हक

जमशेदपुर सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया अंचल में लगभग 50 वर्ष पूर्व अधिग्रहित की गई 3000 एकड़ सरकारी भूमि के म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है। क्या था मामला? करीब 50 साल पहले झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (जियाडा) के लिए इस भूमि का अधिग्रहण कर रैयतों को मुआवजा दे दिया गया था। लंबे समय तक राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त न होने के कारण ऑनलाइन पोर्टल पर जमीन पुराने रैयतों के नाम ही दिख रही थी। इसी विसंगति का फायदा उठाकर भू-माफिया द्वारा सरकारी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री की जा रही थी। इससे अंचल कर्मचारियों और बिचौलियों के पौ बारह थे। अब क्या होगी कार्रवाई? गम्हरिया के अंचल अधिकारी (सीओ) प्रवीण कुमार के अनुसार, जियाडा के ऑनलाइन आवेदन के बाद प्रभावित पक्षों को नोटिस जारी कर आपत्तियां मांगी जा रही हैं। विधिवत सुनवाई के बाद सरकारी अभिलेखों में जियाडा का मालिकाना हक दर्ज कर दिया जाएगा, जिससे धोखाधड़ी पर पूरी तरह लगाम लगेगी। औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार आदित्यपुर-गम्हरिया औद्योगिक क्षेत्र वर्तमान में गंभीर भूमि संकट से जूझ रहा है। जमीन न होने के कारण नए उद्योगों की स्थापना के लिए 500 से अधिक आवेदन लंबित हैं। इस म्यूटेशन प्रक्रिया और हाल ही में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद जियाडा को सुगम भूमि आवंटन सुनिश्चित करने में बड़ी सफलता मिलेगी, जिससे क्षेत्र में भारी निवेश के नए मार्ग प्रशस्त होंगे।  

Punjab Congress Crisis: बघेल की बैठक में नहीं पहुंचे चन्नी, दिल्ली में हाईकमान से करेंगे शिकायत

चंडीगढ़  पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर शुरू हुआ विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। पार्टी हाईकमान की ओर से मतभेद दूर करने की जिम्मेदारी संभाल रहे पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल मंगलवार को भी लगातार दूसरे दिन नेताओं के साथ बैठक करेंगे। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और वरिष्ठ नेता परगट सिंह के दिल्ली में होने के कारण वे इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। बघेल मंगलवार को सबसे पहले पंजाब कांग्रेस भवन में जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद हाल ही में गठित चुनाव समिति, कोर कमेटी तथा अन्य समितियों के अध्यक्षों के साथ अलग-अलग बैठक कर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा करेंगे। सोमवार को उन्होंने चुनाव समिति के अध्यक्ष डॉ. अमर सिंह, विजय इंदर सिंगला, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से वन-टू-वन मुलाकात कर संगठन की स्थिति पर फीडबैक लिया था। पार्टी के भीतर चल रहे असंतोष की तस्वीर हुई स्पष्ट  चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं के बैठक में शामिल न होने से पार्टी के भीतर चल रहे असंतोष की तस्वीर और स्पष्ट हो गई है। चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और परगट सिंह फिलहाल दिल्ली में हैं। सूत्रों के अनुसार चन्नी समर्थक नेता कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात कर संगठनात्मक नियुक्तियों और प्रदेश नेतृत्व से जुड़े अपने पक्ष को रखने की तैयारी में हैं। इस बीच मंगलवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के विदेश दौरे से लौटने की भी संभावना है। सूत्रों के मुताबिक चन्नी ने राहुल गांधी से मिलने का समय मांगा है। हालांकि मुलाकात का समय तय नहीं हुआ था। माना जा रहा है कि चन्नी गुट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व और हालिया संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर अपनी आपत्तियां सीधे केंद्रीय नेतृत्व के सामने रख सकता है। उधर, प्रताप सिंह बाजवा भी चन्नी गुट और वड़िंग गुट के बीच संवाद स्थापित कर विवाद सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सहमति बनती नजर नहीं आई है। पार्टी के भीतर दो धड़ों के बीच खिंचतान बरकरार रहने से विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। बघेल ने कहा चन्नी से हुई है उनकी बात भूपेश बघेल ने कहा कि उनकी चरणजीत सिंह चन्नी से फोन पर बात हुई है। चन्नी फिलहाल शहर से बाहर हैं और एक-दो दिन में लौटेंगे। उनके लौटने के बाद उनसे अलग से बैठक कर पंजाब की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बघेल का कहना है कि वह सभी नेताओं से व्यक्तिगत स्तर पर बातचीत कर मतभेद दूर करने और पार्टी को एकजुट कर चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।  

रिश्वत के आरोप पर हरियाणा में बवाल, किसान ने XEN से की हाथापाई

टोहाना. दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के एक्सईएन कार्यालय में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। गांव गाजूवाला निवासी देवेंद्र व अन्य लोगों ने एक्सईएन कृष्ण कुमार के साथ हाथापाई की और जबरन उनके हाथ में रुपये पकड़ाने की कोशिश की। खुद को बचाने के लिए एक्सईएन स्टाफ कार्यालय की तरफ भागे, लेकिन हमलावर वहां भी पहुंच गए। वहां एक अधेड़ ने एक्सईएन को बगल में दबाने का प्रयास किया। घबराए एक्सईएन लगातार स्टाफ से डायल 112 पर कॉल कर पुलिस बुलाने की गुहार लगाते रहे। इसके बाद अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर उन्हें छुड़वाया। किसान का आरोप : दलाल के जरिए मांगे दो लाख हमला करने वाले किसान देवेंद्र ने एक्सईएन पर एपी (कृषि पावर) कनेक्शन के लिए दो लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया। देवेंद्र के अनुसार, उनका 2018 का कनेक्शन पेंडिंग है। पहले तीन लाख का एस्टीमेट बना, फिर बढ़ाकर सवा चार लाख कर दिया गया। एसई एसएस राय के रिवाइव करने के आदेश और पूरी राशि भरने के बाद भी कनेक्शन नहीं दिया गया, जिससे उन्हें 20 लाख का नुकसान हुआ है। देवेंद्र ने आरोप लगाया कि एक्सईएन अपने दलाल सुमित के जरिए काम करता है और छुट्टी के दिन उनके खेत में ड्रोन से फोटो व तहसीलदार से पैमाइश करवाई जा रही है। इस मामले में उन्होंने बिजली मंत्री अनिल विज और डीएचबीवीएन के एमडी को ईमेल भेजकर एक्सईएन को सस्पेंड करने और मंजूर हुए कनेक्शनों की जांच की मांग की है।

‘सतलुज’ फिल्म पर बनेगी समीक्षा कमेटी, जसवंत सिंह खालड़ा के उठाए सवालों को लेकर बढ़ी बहस

चंडीगढ़. पंजाबी अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को लेकर केंद्र सरकार ने समीक्षा समिति (रिव्यू कमेटी) गठित की है। भाजपा के पंजाब अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की ओर से की गई अपील के बाद यह कमेटी बनाई गई है। इसकी पुष्टि भाजपा नेता आरपी सिंह ने की है। समिति फिल्म की विषयवस्तु, तथ्यों और इसमें दर्शाए गए घटनाक्रम की समीक्षा करेगी। दावा किया जा रहा है कि फिल्म केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से मंजूरी लिए बिना ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जारी की गई थी। यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष पर आधारित है। करीब तीन साल तक रिलीज अटकी रहने के बाद फिल्म को पहले तय नाम 'पंजाब 95' की जगह 'सतलुज' नाम से दो दिन पहले ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया था। हालांकि रिलीज के महज दो दिन बाद ही फिल्म को प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया। इसके बाद एक बार फिर जसवंत सिंह खालड़ा का मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। जसवंत सिंह खालड़ा ने आतंकवाद के दौर में पंजाब में कथित फर्जी मुठभेड़ों और लावारिस शवों के अंतिम संस्कार से जुड़े मामलों को उजागर करने का अभियान चलाया था। उन्होंने श्मशान घाटों, नगर निगम और अन्य सरकारी अभिलेखों से दस्तावेज जुटाकर दावा किया था कि उस दौर में करीब 25 हजार युवकों की कथित फर्जी मुठभेड़ों में हत्या कर उन्हें लावारिस बताकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके दावों ने उस समय पूरे देश में हलचल मचा दी थी और मानवाधिकार उल्लंघन का मुद्दा राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया था। इसी अभियान के दौरान 6 सितंबर 1995 को अमृतसर स्थित उनके घर के बाहर से उनका कथित अपहरण कर लिया गया। इसके बाद उनकी पत्नी परमजीत कौर खालड़ा ने न्याय के लिए लंबी कानूनी लड़ाई शुरू की। अगले दिन उन्होंने थाना इस्लामाबाद में अपहरण का मामला दर्ज कराया, लेकिन पुलिस लगातार यह कहती रही कि जसवंत सिंह खालड़ा उसकी हिरासत में नहीं हैं। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और मामले को अदालत तक पहुंचाया। पुलिस से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर परमजीत कौर ने 12 सितंबर 1995 को सुप्रीम कोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दायर की। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि सरकार बताए कि जसवंत सिंह खालड़ा कहां हैं और यदि वे किसी एजेंसी की हिरासत में हैं तो उन्हें अदालत के समक्ष पेश किया जाए। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार से जवाब तलब किया और बाद में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए 15 नवंबर 1995 को मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई की जांच और लंबी अदालती प्रक्रिया के बाद विशेष अदालत ने वर्ष 2005 में छह पुलिस अधिकारियों को दोषी ठहराया। बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चार दोषियों की सजा बढ़ाकर उम्रकैद कर दी। यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां 23 नवंबर 2011 को हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा गया। करीब 16 वर्ष तक चली इस कानूनी लड़ाई के बाद दोषियों की सजा कायम रही। अब फिल्म 'सतलुज' को लेकर बनी समीक्षा समिति के बीच जसवंत सिंह खालड़ा का संघर्ष और 1990 के दशक के पंजाब से जुड़े घटनाक्रम एक बार फिर सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बन गए हैं। समिति की रिपोर्ट के बाद फिल्म को लेकर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

CG में फर्जी खाद-बीज बेचने वालों पर सख्ती, 28 दुकानों का लाइसेंस निलंबित, 33 को नोटिस

जगदलपुर. खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद और बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने नकली और संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद-बीज के कारोबार पर सख्त रुख अपनाया है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कृषि विभाग ने जिलेभर में व्यापक जांच अभियान शुरू किया, जिसमें कई दुकानों में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की गई है। 33 दुकानों को नोटिस, 28 की बिक्री पर तत्काल रोक जांच के दौरान अब तक 33 खाद-बीज विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं नियमों के उल्लंघन और अनियमितता पाए जाने पर 28 दुकानों में खाद-बीज के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है, ताकि किसानों तक केवल प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद ही पहुंच सकें। 6 दुकानों से खाद-बीज जब्त, एक विक्रेता पर एफआईआर कार्रवाई के तहत 6 दुकानों से खाद-बीज जब्त कर संबंधित प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं। वहीं गंभीर अनियमितता के एक मामले में संबंधित विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा दो दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं, जबकि दो अन्य दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर प्रशासन ने कड़ा संदेश दिया है। स्टॉक और मूल्य सूची प्रदर्शित करना होगा अनिवार्य कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, नकली खाद-बीज की बिक्री या नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने सभी खाद-बीज विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी दुकानों पर उपलब्ध स्टॉक की स्थिति और निर्धारित बिक्री मूल्य को अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें। किसानों के हितों की रक्षा के लिए जारी रहेगा अभियान साथ ही कृषि विभाग के अधिकारियों को जिलेभर में लगातार निरीक्षण और जांच अभियान जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नकली या अमानक खाद-बीज की बिक्री करने वाले कारोबारियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

CM योगी ने कांग्रेस-सपा को घेरा, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में दिया बड़ा बयान

प्रतापगढ़  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ में 384 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के पास कोई नया मुद्दा नहीं है, इसलिए वे समाज को जाति और आस्था के आधार पर बांटने की राजनीति कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पहले भगवान राम और भगवान कृष्ण के अस्तित्व को नकारती थी, लेकिन अब खुद को आस्तिक बताने लगी है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकारें धार्मिक स्थलों के पुनरुत्थान के लिए मिलने वाले धन को कब्रिस्तानों पर खर्च करती थीं और रामभक्तों पर गोलियां चलवाती थीं. योगी ने कहा कि देश अब कांग्रेस और सपा के चंगुल में फंसने वाला नहीं है।  हिंदू आस्था पर प्रहार की कोशिश- योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस कथित चोरी को आधार बनाकर हिंदू आस्था पर प्रहार करने की कोशिश की जा रही है, उसकी जांच के लिए पहले ही एसआईटी गठित की जा चुकी है और उन्होंने पहले ही कहा था कि एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी. उन्होंने सवाल उठाया कि वक्फ की उन जमीनों पर, जो गरीबों और कमजोर तबकों के हित में इस्तेमाल होनी चाहिए थीं, कथित कब्जों और अनियमितताओं पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस कभी क्यों नहीं बोलतीं।  CM योगी ने आरोप लगाया कि वक्फ की जमीनों की कथित लूट पर सपा और कांग्रेस के मुंह में फेविकॉल लग जाता है. उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस भगवान राम और भगवान कृष्ण को काल्पनिक बताती थी, तब क्या हिंदुओं की आस्था आहत नहीं होती थी. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब रामभक्तों पर गोलियां चलाई गईं, कांवड़ यात्रा रोकी गई और कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन में बाधाएं डाली गईं, तब भी हिंदू आस्था पर चोट पहुंची थी, लेकिन उस समय विपक्ष मौन रहा।  मुख्यमंत्री ने प्रतापगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के शंखनाद की भूमि है और पंडित मुनीश्वर दत्त उपाध्याय, बाबू लाल गौड़ तथा हरिवंश राय बच्चन जैसी विभूतियों की कर्मभूमि रही है. उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ कभी पिछड़े जिलों में गिना जाता था, लेकिन अब तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।  2017 से पहले किसान आत्महत्या करने को मजबूर थे- सीएम सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले किसान आत्महत्या करने को मजबूर थे, नौजवान पलायन करते थे, बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं थीं और गरीबों की सुनवाई नहीं होती थी. उन्होंने कहा कि पहले वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया की स्थिति थी, जबकि उनकी सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज की दिशा में काम किया है. उन्होंने बताया कि प्रतापगढ़ में मेडिकल कॉलेज बनने के बाद अब नर्सिंग कॉलेज का भी शिलान्यास किया जा रहा है और गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से जिले की कनेक्टिविटी को मजबूत किया गया है।  योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के सबका साथ, सबका विकास के मंत्र पर काम करते हुए गरीबों को आवास, मुफ्त इलाज और गैस सिलेंडर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराईं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस की 60 हजार भर्तियों में प्रतापगढ़ के युवाओं को भी अवसर मिला है और अब उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती प्रक्रियाओं में भी जिले के युवा सफल हो रहे हैं. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में नौकरियों की नीलामी होती थी और सैफई घराना भर्ती प्रक्रिया पर कब्जा जमाए रहता था, जिससे प्रतिभाशाली गरीब युवाओं को अवसर नहीं मिलता था. उन्होंने कहा कि अब काम करने का तरीका बदल गया है और उत्तर प्रदेश की प्रगति तथा युवाओं को मिल रहे रोजगार के अवसर विपक्ष को रास नहीं आ रहे हैं। 

मनसा देवी मंदिर में चढ़ावे की व्यवस्था होगी पारदर्शी, पुजारियों के लिए बिना जेब वाले कुर्ते अनिवार्य

 हरिद्वार उत्तराखंड के प्रसिद्ध मां मनसा देवी मंदिर में चढ़ावे की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए मंदिर ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लिया है. अब मंदिर में सेवा देने वाले सभी पुजारी बिना जेब वाले कुर्ते पहनेंगे. इसके साथ ही मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे की निगरानी के लिए सात सदस्यीय पर्यवेक्षण समिति का भी गठन किया गया है. मंदिर प्रशासन का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य श्रद्धालुओं के विश्वास को और मजबूत करना तथा चढ़ावे के प्रबंधन में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।  यह निर्णय हाल के दिनों में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर सामने आए विवाद के बाद लिया गया है. हालांकि मंदिर ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता की आशंका को खत्म करने और जवाबदेही बढ़ाने के लिए लागू की जा रही है. नई व्यवस्था के तहत पुजारियों के कुर्तों में किसी प्रकार की जेब नहीं होगी. वहीं, सात सदस्यीय समिति मंदिर में प्राप्त होने वाले दान और चढ़ावे की नियमित निगरानी करेगी. यदि जांच के दौरान किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. समिति के सभी सदस्यों को इस जिम्मेदारी के निर्वहन के लिए शपथ भी दिलाई गई है।  मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने मंदिर परिसर में इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था सर्वोपरि है. इसलिए चढ़ावे के प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और व्यवस्थित बनाने के लिए यह पहल की गई है। 

CM विष्णु देव साय 8 जुलाई को करेंगे डूमरतराई नवीन थोक बाजार का लोकार्पण और नामकरण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 8 जुलाई को करेंगे डूमरतराई के नवीन थोक बाजार का नामकरण एवं लोकार्पण  आधुनिक अधोसंरचना से व्यापार, रोजगार तथा आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति रायपुर  छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा डूमरतराई, रायपुर में विकसित अत्याधुनिक नवीन थोक बाजार का लोकार्पण अब 8 जुलाई 2026 को छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री इस आधुनिक व्यावसायिक परिसर का नामकरण भी करते हुए इसे प्रदेशवासियों एवं व्यापारियों को समर्पित करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय मंत्री आवास एवं पर्यावरण ओ पी चौधरी करेंगे। उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम पूर्व में 5 जुलाई 2026 को आयोजित होना था, किन्तु छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्म विभूषण तीजन बाई जी के निधन के कारण घोषित राजकीय शोक के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था। अब यह कार्यक्रम 8 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर लगभग 36 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह आधुनिक थोक बाजार सुव्यवस्थित व्यापारिक गतिविधियों, चौड़ी सड़कों, पर्याप्त पार्किंग, बेहतर यातायात प्रबंधन तथा आवश्यक नागरिक सुविधाओं से सुसज्जित है। यह बाजार रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापारिक विकास को नई दिशा देने के साथ प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करेगा। डूमरतराई व्यापारिक परिसर का विकास चरणबद्ध रूप से किया गया है। फेज-1 में लगभग 76 करोड़ रुपये की लागत से 536 व्यावसायिक दुकान एवं हॉल निर्मित किए गए, जिससे प्रदेश के व्यापारियों को सुव्यवस्थित एवं आधुनिक व्यवसायिक सुविधाएँ उपलब्ध हुईं। वहीं फेज-2 के अंतर्गत लगभग 145 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति से विभिन्न श्रेणियों की 154 स्वतंत्र व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया गया है। व्यापारियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का समुचित प्रावधान किया गया है। दोनों चरणों के पूर्ण होने से प्रदेश को एक आधुनिक एवं सुव्यवस्थित थोक व्यवसायिक परिसर उपलब्ध होगा। प्रदेशवासियों एवं व्यापारियों को समर्पित किए जाने वाले इस आधुनिक व्यापारिक परिसर को राज्य के व्यापार, विकास और समृद्धि का नया प्रतीक माना जा रहा है यह ‘थोक बाजार' प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा, रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा तथा रायपुर को एक सुव्यवस्थित व्यापारिक केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त बनाएगा। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल प्रदेश में आधुनिक शहरी अधोसंरचना के विकास का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। डूमरतराई का यह नवीन थोक बाजार व्यापारियों की वर्षों पुरानी आवश्यकता को पूरा करेगा तथा उन्हें सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं आधुनिक व्यापारिक वातावरण उपलब्ध कराएगा। लोकार्पण  एवं नामकरण समारोह में माननीय मंत्री वन एवं जलवायु केदार कश्यप, मानिए मंत्री कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोज़गार गुरु खुशवंत साहेब, माननीय सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल, माननीय सांसद राज्यसभा श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक राजेश मूणत, माननीय अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल अनुराग सिंह देव, माननीय विधायक   मोतीलाल साहू, पुरन्दर मिश्रा, सुनील सोनी, माननीय महापौर रायपुर श्रीमती मीनल चौबे, माननीय अध्यक्ष जिला पंचायत रायपुर नवीन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, व्यापारी, नागरिक तथा मंडल के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। नवीन थोक बाजार' छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की गुणवत्ता, नवाचार एवं जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है । यह परियोजना आने वाले वर्षों में प्रदेश के व्यापार, निवेश, रोजगार सृजन तथा आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।