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Yasin Malik Divorce: 8 साल से नहीं हुई पत्नी मुशाल से बात, अब तलाक का लिया फैसला

नई दिल्ली तिहाड़ जेल में बंद कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक ने अपनी पत्नी से तलाक की इच्छा जताई है। आतंकवाद के मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे यासीन मलिक ने जेल से अपने परिवार के लिए एक भावुक खत लिखा है। इस खत में उसने अपनी पत्नी मुशाल मलिक को तलाक देने के फैसले का जिक्र किया है। जम्मू की TADA/POTA अदालत में दाखिल 25 पन्नों के एक हलफनामे में यासीन मलिक ने अपनी पत्नी के अलावा मां और 13 साल की बेटी रजिया सुल्ताना के लिए भी संदेश भेजा है। हलफनामे में यासीन मलिक ने लिखा है कि पिछले आठ साल से वह अपनी पत्नी मुशाल से ना फोन पर बात कर पा रहा है और ना ही वीडियो कॉल पर उसे देख पाया है। यासीन मलिक ने कहा है कि जेल में रहते हुए उसे कभी परिवार से संपर्क की इजाजत नहीं मिली। पत्नी मुशाल के नाम लिखे संदेश में यासीन मलिक ने कहा कि उसने बहुत दर्द में यह फैसला लिया है। मलिक ने लिखा, “मैं नहीं चाहता कि मुशाल अपनी पूरी जिंदगी इस हालात का बोझ उठाकर या एक विधवा की तरह जिए। मैं चाहता हूं कि वह सम्मान और उम्मीद के साथ अपनी जिंदगी का नया अध्याय शुरू करे।” फांसी का डर दरअसल यासीन मलिक को फांसी की सजा मिलने का डर है। हलफनामे में उसने कहा है कि उसके सामने फांसी की सजा या जेल में लंबे समय तक रहने की आशंका है। ऐसे में वह अपनी पत्नी को इस रिश्ते से आजाद करना चाहता है, ताकि उसे अनिश्चितता और चिंता में जिंदगी न गुजारनी पड़े। बेटी से क्या बोला यासीन? अपनी 13 वर्षीय बेटी रजिया सुल्ताना के लिए यासीन मलिक ने लिखा कि वह अपनी दादी का ख्याल रखे और हर दिन कम से कम पांच मिनट उनसे बात जरूर करे, ताकि इस मुश्किल समय में उन्हें अपने परिवार का साथ महसूस हो। हालांकि हलफनामा सामने आने के बाद रजिया सुल्ताना ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। एक वीडियो जारी कर उसने कहा है कि अगर उसके पिता ने सच में उसकी मां को तलाक दे दिया, तो वह अपनी जान दे देगी। 2019 से तिहाड़ जेल में बंद है मलिक गौरतलब है कि यासीन मलिक 2019 से ही टेरर फंडिंग के मामले में जेल में बंद है। मई 2022 में एनआईए की विशेष अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि NIA ने लगातार यासीन की आजीवन कारवास की सजा को मृत्युदंड में बदलने की मांग की है। फिलहाल जम्मू में उसके खिलाफ एक हत्या के मामले की सुनवाई भी चल रही है।

मथुरा-वृंदावन व अन्य तीर्थों को जाने वाली बसों और बस स्टेशनों पर परिवहन व्यवस्था सुदृढ़ की जाए: परिवहन मंत्री

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं की राह होगी सुगम और सुरक्षित, योगी सरकार ने बनाई मजबूत व्यवस्था मथुरा-वृंदावन व अन्य तीर्थों को जाने वाली बसों और बस स्टेशनों पर परिवहन व्यवस्था सुदृढ़ की जाए: परिवहन मंत्री बसों व बस स्टेशनों पर संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं की अधिकारी करें प्रभावी निगरानी: प्रबंध निदेशक लखनऊ  श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए योगी सरकार ने परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने 4 सितंबर को मनाए जाने वाले श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व के मद्देनजर बसों और बस स्टेशनों पर सुदृढ़ परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा, लीला स्थली वृंदावन और प्रमुख धार्मिक स्थल गोवर्धन में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचेंगे है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन आदि प्रमुख धार्मिक स्थलों में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था की दृष्टि से आवश्यक सतर्कता बरती जाए। बसों के संचालन के साथ-साथ बस स्टेशनों पर भी विशेष निगरानी रखी जाए। यात्री की सुरक्षा को लेकर रहें सतर्क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु एन सिंह ने सभी क्षेत्रीय और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को सर्तक रहने के लिए कहा है। अधिकारियों से कहा गया है कि अपने-अपने क्षेत्रों के बस स्टेशनों, प्रमुख बस अड्डों और धार्मिक स्थलों को जाने वाले मार्गों पर संचालित बसों में विशेष सतर्कता बरतें। साथ ही बसों एवं बस स्टेशनों पर संदिग्ध व्यक्तियों व वस्तुओं की प्रभावी निगरानी, चेकिंग करने के लिए कहा गया है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस व प्रशासन देने के लिए कहा।

US Open में Aryna Sabalenka की ड्रेस बनी चर्चा का विषय, बोलीं- ‘लोग क्या सोचते हैं, किसे परवाह?’

न्यूयॉर्क 2026 यूएस ओपन पहले से ही यादगार खेल क्षण पेश कर रहा है, लेकिन विश्व की नंबर एक खिलाड़ी आर्यना सबलेंका यह सुनिश्चित कर रही हैं कि सुर्खियां केवल उनके शक्तिशाली बेसलाइन खेल तक ही सीमित न रहें। बेलारूसी टेनिस स्टार ने हाल ही में टूर्नामेंट के सबसे चर्चित फैशन प्रदर्शनों में से एक को अंजाम देते हुए न्यूयॉर्क के हार्ड कोर्ट को अपने निजी रैंप पर उतारकर, उच्च फैशन के चरमवाद को विशिष्ट स्पोर्ट्सवियर के साथ मिश्रित किया। दुनिया की नंबर-1 महिला टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका एक बार फिर अपने खेल के साथ-साथ अपने लुक को लेकर भी चर्चा में हैं. US Open में उनके बोल्ड आउटफिट ने खूब सुर्खियां बटोरीं. ऑरेंज और ब्लैक रंग की जालीदार ड्रेस में कोर्ट पर उतरीं सबालेंका की स्पोर्ट्स ब्रा और शॉर्ट्स साफ नजर आ रहे थे. उनके इस लुक को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ फैन्स ने सवाल भी उठाए।  हालांकि, 28 साल की बेलारूसी बाला सबालेंका को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. आलोचनाओं पर उन्होंने बेहद बेबाक अंदाज में जवाब दिया. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, ‘लोग क्या सोचते हैं, किसे परवाह? मुझे यह पसंद है।  हर ग्रैंड स्लैम में अलग अंदाज सबालेंका ने बताया कि इस साल Nike के उनके आउटफिट्स को अलग-अलग ग्रैंड स्लैम के मेजबान शहर और वहां के खेलों से जोड़कर तैयार किया गया है. ऑस्ट्रेलियन ओपन के लिए सर्फिंग, फ्रेंच ओपन के लिए बैले और Wimbledon के लिए क्रिकेट से प्रेरणा ली गई थी।  US Open के लिए उनकी ड्रेस का थीम बास्केटबॉल रखा गया है. न्यूयॉर्क में इस थीम को चुनना भी खास है, क्योंकि इसी साल शहर की NBA टीम न्यूयॉर्क निक्स ने 53 साल बाद खिताब जीता था।  सबालेंका ने कहा कि न्यूयॉर्क में बास्केटबॉल थीम बिल्कुल फिट बैठती है. उनके मुताबिक, आउटफिट की यही विशिष्टता उन्हें सबसे ज्यादा पसंद है।  सिर्फ ड्रेस नहीं, ज्वेलरी ने भी खींचा ध्यान सबालेंका के इस लुक को और खास बनाया न्यूयॉर्क के Material Good की ज्वेलरी ने. उनकी ज्वेलरी की कुल कीमत करीब 127 कैरेट बताई गई. इससे पहले फ्रेंच ओपन में भी वह पारदर्शी अंदाज वाली ड्रेस और महंगी ज्वेलरी के साथ नजर आई थीं।  यानी सबालेंका का US Open लुक सिर्फ कोर्ट पर पहना गया एक आउटफिट नहीं था, बल्कि न्यूयॉर्क की स्पोर्ट्स संस्कृति को अपने अंदाज में पेश करने का एक फैशन स्टेटमेंट भी था।  कोर्ट पर नतीजा रहा मिला-जुला मिक्स्ड डबल्स में सबालेंका ने नोवाक जोकोविच के साथ जोड़ी बनाई, लेकिन दोनों को राउंड ऑफ 16 में हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद महिला सिंगल्स में सबालेंका ने अपने ऑरेंज आउटफिट के साथ जीत से शुरुआत की।  कोर्ट पर अपने बेखौफ अंदाज के साथ वह अपने बोल्ड और अनोखे फैशन स्टाइल के लिए भी अक्सर सुर्खियों में रहती हैं।  आर्यना सबालेंका ने मार्च 2026 में ब्राजीलियाई कारोबारी जॉर्जियोस फ्रैंगुलिस से सगाई की. दोनों 2024 से साथ हैं और फ्रैंगुलिस अक्सर उनके मैचों में उन्हें सपोर्ट करते नजर आते हैं. सबालेंका ने सोशल मीडिया पर सगाई का ऐलान करते हुए लिखा था, 'You & me, forever  अप्रैल 2026 में टेनिस स्टार ने सोशल मीडिया पर एक रोमांटिक वीडियो शेयर किया था, जिसमें फ्रैंगुलिस उन्हें पूल के किनारे घुटनों पर बैठकर प्रपोज करते नजर आए. सफेद गुलाब की पंखुड़ियों और फूलों से सजे इस खूबसूरत माहौल में सबालेंका ने उनका प्रपोजल स्वीकार किया।  अब उनकी नजर सिर्फ फैशन पर नहीं, बल्कि लगातार तीसरी बार US Open खिताब जीतने पर है. अगर वह ऐसा करने में सफल रहती हैं तो 2012 से 2014 तक सेरेना विलियम्स के बाद लगातार तीन US Open खिताब जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बन जाएंगी।  ऐसे में सबालेंका का संदेश साफ है- कोर्ट पर उनका फैशन चाहे जितनी चर्चा बटोरे, उनका असली जवाब ट्रॉफी के साथ आएगा।   

शामलात जमीन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, हरियाणा में 112 आरोपियों पर दाखिल हुई चार्जशीट

चंडीगढ़. राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, फरीदाबाद ने पलवल जिले के ग्राम फास्टकू नगर, तहसील होडल की शामलात देह/भूमि को राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ कथित मिलीभगत कर गलत तरीके से बेचने और खरीदने तथा सरकार को राजस्व हानि पहुंचाने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ब्यूरो द्वारा इस मामले में 7 तत्कालीन सरकारी अधिकारियों/कर्मचारियों सहित कुल 112 आरोपियों के विरुद्ध माननीय न्यायालय में चालान (चार्जशीट) पेश किया गया है। चार्जशीट में तत्कालीन तहसीलदार होडल नरेश जोवल, मनबीर सिंह एवं ओम प्रकाश गोदारा, तत्कालीन रजिस्ट्री क्लर्क भगवान सिंह एवं भूप सिंह, तत्कालीन पटवारी ताराचन्द तथा तत्कालीन गिरदावर वीरेन्द्र सिंह के अलावा 105 ग्रामवासी, विक्रेता एवं खरीदार शामिल हैं। आरोपियों के विरुद्ध धारा 420, 120-बी, 409, 467, 468, 471 भारतीय दंड संहिता, धारा 13(1)(डी) सहपठित 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा धारा 13-ए, पंजाब विलेज कॉमन लैंड एक्ट, 1961 के तहत चालान माननीय न्यायालय श्री प्रतीक जैन, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, पलवल के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। उच्च न्यायालय के आदेश पर शुरू हुई थी जांच यह मामला सी.डब्ल्यूपी. नंबर 10058 ऑफ 2010 में माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ के आदेशों के अनुपालन में शुरू हुई जांच से सामने आया। मैसर्स क्रिस्टल बायोटेक कंपनी द्वारा गांव अतवा, जिला पलवल की शामलात देह की खरीद के संबंध में जांच के आधार पर थाना राज्य सतर्कता ब्यूरो (हरियाणा), गुरुग्राम में मुकदमा नंबर 13 दिनांक 14.05.2012 दर्ज किया गया था। इसके बाद माननीय उच्च न्यायालय द्वारा सी.डब्ल्यूपी. नंबर 10058 ऑफ 2010 तथा सी.डब्ल्यूपी. नंबर 8160 ऑफ 2011 में यह निर्देश दिए गए कि यदि मैसर्स क्रिस्टल बायोटेक कंपनी के अलावा अन्य व्यक्तियों द्वारा जिला पलवल के गांवों की शामलात भूमि से संबंधित वसिकाएं भी गलत पाई जाती हैं, तो उनकी भी जांच की जाए। 11 वसिकाओं में शामलात भूमि की खरीद-फरोख्त इसी क्रम में जांच क्रमांक 02 दिनांक 08.06.2012, पलवल में जांच के दौरान ग्राम फास्टकू नगर, तहसील होडल की शामलात देह की खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि कुल 11 वसिकाओं के माध्यम से ग्राम फास्टकू नगर की 1,856 कनाल 13 मरला शामलात देह/भूमि को ग्रामवासियों द्वारा राजस्व विभाग के तत्कालीन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ कथित सांठगांठ कर अनुचित तरीके से बेचने एवं खरीदने की कार्रवाई की गई। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संबंधित राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा वसिकाओं के पंजीकरण तथा इंतकाल दर्ज करने की प्रक्रिया में अपनी आधिकारिक भूमिका का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी भूमि की खरीद-फरोख्त हुई और सरकार को राजस्व की हानि पहुंची। जांच में आरोपों की पुष्टि के बाद दर्ज हुआ मुकदमा जांच क्रमांक 02/2012, पलवल के दौरान आरोपों की पुष्टि होने पर ग्राम फास्टकू नगर की शामलात भूमि को बेचने वाले ग्रामवासियों/ विक्रेताओं, खरीदारों तथा वसीका पंजीकरण एवं इंतकाल दर्ज करने वाले तत्कालीन सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अभियोग संख्या 36 दिनांक 10.11.2022 थाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, फरीदाबाद में दर्ज किया गया। मामले की विस्तृत जांच के उपरांत अब कुल 112 आरोपियों के विरुद्ध चालान माननीय न्यायालय में पेश किया गया है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा सरकारी भूमि एवं राजस्व से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार, मिलीभगत और पद के दुरुपयोग के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। ब्यूरो का उद्देश्य सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार प्रभावी कार्रवाई करना है।

2027 के मेनिफेस्टो पर मंथन, चंडीगढ़ में आज जनता से सुझाव लेगी कांग्रेस की राष्ट्रीय टीम

चंडीगढ़. पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपना चुनावी होमवर्क तेज कर दिया है। पार्टी हाईकमान की ओर से प्रदेश नेताओं को तैयारियों के निर्देश दिए जाने के बाद अब जमीनी स्तर पर फीडबैक जुटाने और चुनावी मुद्दों को धार देने की कवायद शुरू हो गई है। इसी सिलसिले में एआइसीसी की मीडिया टीम बुधवार को चंडीगढ़ पहुंच रही है। एआइसीसी के राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक हरि शंकर गुप्ता, समन्वयक विंग कमांडर अनूमा आचार्य, ईशान त्यागी, हरनाम सिंह और विक्रम लोहिया तथा पंजाब कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अर्शप्रीत खडियाल चंडीगढ़ में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर पार्टी का पक्ष सामने रखेंगे। सर्वे का काम लगातार जारी टीम के दौरे को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस की ओर से पंजाब में चुनावी माहौल को लेकर सर्वे का काम भी लगातार जारी है। वहीं, 2027 के चुनावी मेनिफेस्टो को लेकर मेनिफेस्टो कमेटी की दो बैठकें हो चुकी हैं। कमेटी के चेयरमैन डाॅ. अमर सिंह की अगुवाई में पंजाब कांग्रेस भवन में हुई बैठक में मेनिफेस्टो तैयार करने की प्रक्रिया और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। फीडबैक से तैयार होगा 2027 मेनिफेस्टो पार्टी की योजना पंजाब के सभी जिलों में विभिन्न वर्गों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं का फीडबैक लेने की है। इसी आधार पर 2027 का मेनिफेस्टो तैयार किया जाएगा। कांग्रेस अब चुनावी तैयारियों को संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ जनता के मुद्दों पर केंद्रित करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।

गाड़ी का टैंक 42 लीटर, फिर भी भर गया 48 लीटर पेट्रोल; पेट्रोल पंप पर हंगामा

सारंगढ़-बिलाईगढ़. जिले के गुडेली क्षेत्र में स्थित डी.सी पेट्रोल पंप पर कार की टंकी की क्षमता से अधिक पेट्रोल भरने का मामला सामने आने के बाद जमकर विवाद हो गया। बंजारी निवासी अनुपम खूंटे अपनी महिंद्रा XUV 3XO (Mahindra XUV 3XO) में पेट्रोल भरवाने पहुंचे थे। पेट्रोल भरने के बाद मशीन की रीडिंग और बिल में दर्ज मात्रा देखकर उन्होंने पंप कर्मचारियों से सवाल किया, जिसके बाद मामला विवाद में बदल गया। 42 लीटर की टंकी, मशीन में 48 लीटर से ज्यादा की रीडिंग अनुपम खूंटे का कहना है कि उनकी Mahindra XUV 3XO की फ्यूल टंकी की क्षमता कंपनी के अनुसार करीब 42 लीटर है। इसके बावजूद पेट्रोल पंप की मशीन में 48 लीटर से अधिक पेट्रोल डाले जाने की रीडिंग दिखाई गई। बिल में भी कार की बताई गई क्षमता से करीब 7 लीटर अधिक पेट्रोल दर्ज था। यही अंतर देखकर ग्राहक ने पेट्रोल पंप कर्मचारियों से इस संबंध में जानकारी मांगी और आपत्ति जताई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर पेट्रोल पंप परिसर में काफी देर तक गहमागहमी की स्थिति बनी रही। डायल 112 को दी गई सूचना, पुलिस पहुंची मौके पर विवाद बढ़ता देख डायल 112 को सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम पेट्रोल पंप पहुंची और स्थिति को संभाला। इसके बाद ग्राहक और पेट्रोल पंप प्रबंधन, दोनों पक्षों को थाने ले जाया गया। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। पेट्रोल पंप प्रबंधन ने आरोपों को बताया गलत वहीं, पेट्रोल पंप प्रबंधन का कहना है कि पंप पर लगी मशीनें निर्धारित मानकों के अनुसार काम कर रही हैं। प्रबंधन ने किसी भी तरह की मशीन संबंधी गड़बड़ी से इनकार किया है। ऐसे में वास्तविक स्थिति क्या है, यह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। ग्राहक ने की निष्पक्ष जांच की मांग मामले में अनुपम खूंटे ने पुलिस से शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पेट्रोल पंप की मशीन की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कार की टंकी की क्षमता और मशीन में दर्ज पेट्रोल की मात्रा में इतना अंतर कैसे आया। नापतौल विभाग पर भी उठे सवाल घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पेट्रोल पंप की मशीनों की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। लोगों ने नापतौल विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल जिले में नापतौल विभाग के अधिकारी नहीं होने के कारण पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब जांच और तकनीकी परीक्षण के बाद ही यह साफ होगा कि मशीन में दर्ज पेट्रोल की मात्रा में अंतर का कारण क्या था।

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने जितेंद्र मिश्रा, करगिल से ऑपरेशन सिंदूर तक दिखा चुके हैं दम; सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO का ऐलान हो गया है. भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को यह जिम्मेदारी मिली है. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वेस्टर्न कमांड की कमान संभाली थी।  कौन हैं एयर मार्शल जितेंद्र शर्मा? एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायु सेना के एक रिटायर्ड अधिकारी हैं, उन्होंने वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के तौर पर काम किया. इससे पहले, उन्होंने इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशन्स) के डिप्टी चीफ के तौर पर काम किया था. वे इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइज़ेशन और ट्रेनिंग के डिप्टी चीफ भी रह चुके हैं।  मिश्रा नेशनल डिफेंस एकेडमी, खड़कवासला और एयर फोर्स एकेडमी, डुंडीगल के पूर्व छात्र हैं. वे एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल, एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, मोंटगोमरी, अलबामा और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज के भी पूर्व छात्र हैं।  मिश्रा को 6 दिसंबर 1986 को एयर फोर्स एकेडमी से भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था. 38 साल से ज्यादा के करियर में, उन्हें 3000 घंटे से ज्यादा का फ्लाइट एक्सपीरियंस है. उन्होंने 18 से ज्यादा तरह के फाइटर, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर उड़ाए हैं।  स्क्वाड्रन लीडर के तौर पर, वे उस टीम का हिस्सा थे जिसने कारगिल युद्ध की शुरुआत में मिराज 2000 एयरक्राफ्ट पर लेजर-गाइडेड बमों को ऑपरेशनल बनाया था. इन बमों का इस्तेमाल बाद में ऑपरेशन सफेद सागर के दौरान टाइगर हिल और मुंथो ढालो पर हुए मशहूर हमलों में किया गया था।  ट्रस्ट में 3 नए सदस्यों को शामिल किया गया है. इनमें अयोध्या से मदन मोहन पांडेय, दिल्ली से महेश भागचन्दका और शिकोहाबाद से निर्मला यादव का नाम शामिल है।  चंपत राय, अनिल मिश्रा के इस्तीफे और विमलेंद्र मोहन के निधन के बाद ट्रस्ट के तीन पद खाली थे. जिसके बाद तीन लोगों को ट्रस्टी बनाया गया है. ट्रस्टी बने महेश भागचंदका अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं. वहीं, मदन मोहन पांडेय हाईकोर्ट में मंदिर पक्ष के वकील थे. तीनों ही राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में ऑनलाइन जुड़े।  राम मंदिर के नए CEO को जानें वायुसेना से रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO होंगे. बुधवार को ट्रस्ट की बैठक में उन्हें CEO चुना गया. रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा हाल ही में वायुसेना से रिटायर्ड हुए हैं. पाकिस्तान के खिलाफ 'ऑपरेशन सफेद सागर' और 'ऑपरेशन सिंदूर' में उनकी अहम भूमिका रही है।  1999 में कारगिल युद्ध के समय 'ऑपरेशन सफेद सागर' के दौरान उन्होंने मिराज 2000 से पाकिस्तानी सेना पर बमबारी की थी. वहीं, पिछले साल पहलगाम अटैक के बाद हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' की कमान इन्हीं के हाथों में थी।  'ऑपरेशन सिंदूर' में उनकी अहम भूमिका के लिए उन्हें पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था. इससे पहले 2024 में उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल और 2013 में विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था।  'ऑपरेशन सफेद सागर' में अहम भूमिका जीतेंद्र मिश्रा 6 दिसंबर 1986 को एयर फोर्स एकेडमी से वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल किया गया था. लगभग 40 साल के करियर में उन्होंने 3 हजार घंटे से ज्यादा उड़ान भरने का अनुभव है. उन्होंने 18 से ज्यादा तरह के लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर उड़ाए हैं।  स्क्वाड्रन लीडर के तौर पर, वह उस टीम का हिस्सा थे जिसने कारगिल युद्ध की शुरुआत में मिराज 2000 एयरक्राफ्ट पर लेजर-गाइडेड बमों को ऑपरेशनल बनाया था. इन बमों का इस्तेमाल बाद में 'ऑपरेशन सफ़ेद सागर' के दौरान टाइगर हिल और मुंथो ढालो पर हुए हमलों में किया गया था।  सीईओ के पास होंगी ये जिम्मेदारियां राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि पेशेवर प्रशासन और पारदर्शिता के लिए एक सीईओ बेहद जरूरी है. नए नियमों के तहत सीईओ के अधिकार और शक्तियां तय की जाएंगी. सीईओ ट्रस्ट के महामंत्री को रिपोर्ट करेंगे और उनके पास सभी प्रशासनिक, वित्तीय और वैधानिक अधिकार होंगे।  5500 से ज्यादा आवेदन आए राम मंदिर के पहले CEO पद के लिए कुल 5585 आवेदन आए. ट्रस्ट ने इनमें से तीन उम्मीदवार चुने उसमें से जितेंद्र मिश्रा को यह जिम्मेदारी मिली है. इसके लिए बुधवार को ट्रस्ट की बैठक हुई. बैठक में ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, स्वामी कमलनयन दास, अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन, ट्रस्टी महंत दीनेंद्र दास और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि सहित अन्य लोग मौजूद रहे।  कैसे चुना गया नया CEO सीईओ के चयन की प्रक्रिया में AI आधारित स्क्रीनिंग के साथ मैनुअल मूल्यांकन का इस्तेमाल किया गया. आवेदनों की जांच के लिए 600 अंकों का मूल्यांकन ढांचा तैयार किया गया था. प्रारंभिक मूल्यांकन में 3,577 उम्मीदवार शामिल हुए, जिनमें से 470 या उससे अधिक अंक पाने वाले उम्मीदवारों को चयनित किया गया. इसके बाद 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में 108 आवेदकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बातचीत की गई और अंतिम रूप से 16 उम्मीदवारों का इंटरव्यू किया गया।  राम मंदिर CEO का ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब मंदिर को मिले चंदा में कथित चोरी का विवाद चल रहा है. इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई है और ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और एक अन्य पदाधिकारी ने इस्तीफा दे दिया है।   

सीएम ने आउटसोर्स कर्मियों को वितरित किए बढ़ाए गए पारिश्रमिक के चेक, पांच तारीख तक सीधे अकाउंट में जाएगा पारिश्रमिक

मुख्यमंत्री ने दिया आउटसोर्स सेवाकर्मियों को बड़ा उपहार उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ किया सीएम योगी ने, यूपीकॉस पोर्टल व वेबसाइट की लॉन्चिंग और लोगो का अनावरण भी  सीएम ने आउटसोर्स कर्मियों को वितरित किए बढ़ाए गए पारिश्रमिक के चेक, पांच तारीख तक सीधे अकाउंट में जाएगा पारिश्रमिक घटना-दुर्घटना, आपदा का शिकार होने पर निर्धारित श्रेणी के अनुसार परिवार को मिलेगा 20 से 40 लाख तक दुर्घटना बीमा कवर  3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों को ही नहीं, पारिवारिक सदस्यों समेत 17-20 लाख लोगों को मिलेगा निगम का लाभ: सीएम योगी ईपीएफ व ईएसआई का अंशदान भी जमा होगा, सरकार आउटसोर्स एजेंसी को देगी सर्विस चार्ज, कर्मचारी से नहीं होगी कटौती आउटसोर्स कर्मी को सीधे निकाल नहीं सकेगी कंपनी, पहले सरकार को बताना होगा, जांच के बाद होगा निर्णय ‘सैफई-रामपुर सिंडिकेट’ के बाद अब एजेंसियों के माध्यम से होने वाले आउटसोर्स कर्मियों के शोषण पर होगा प्रहार  किसी व्यक्ति की कृपा पर नहीं, बल्कि श्रेणी व शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप सुनिश्चित होगा पारिश्रमिक अकेला नहीं है आउटसोर्स कर्मी, उसकी समस्या को सुनने व सुलझाने का तंत्र विकसित किया सरकार ने: मुख्यमंत्री लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के आउटसोर्स कर्मियों को बुधवार को बड़ा उपहार दिया। इन कर्मियों से जुड़ी सभी समस्याओं को सुनने व सुलझाने के लिए सीएम ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ करने के साथ ही यूपीकॉस के पोर्टल व वेबसाइट की लॉन्चिंग और इसके लोगो का अनावरण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने आउटसोर्स कर्मियों को बढ़ाए गए पारिश्रमिक के चेक सौंपे तथा 40 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर भी प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम बनने से 3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों को ही नहीं, बल्कि उनके पारिवारिक सदस्यों समेत 17-20 लाख व्यक्तियों को इसका लाभ मिलेगा।  आउटसोर्स कर्मचारियों की गरिमा स्थापित करने का प्रयास   मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यूपी की साढ़े 9 वर्ष में विकास यात्रा का श्रेय नगर निकाय कर्मियों, पंप ऑपरेटरों, सचिवालयों, चिकित्सालयों व शासन व्यवस्था से जुड़े स्थायी, संविदा व आउटसोर्स कर्मियों को दिया। उन्होंने कहा कि यह शासन की जिम्मेदारी है कि हर व्यक्ति को गरिमा के अनुरूप सम्मान प्राप्त हो। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के जरिए हमारी सरकार का प्रयास इसी गरिमा व गौरव को स्थापित करना है। सरकार ने समझी पीड़ा, दूर की चिंता मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की व्यवस्था तीन खेमों में बंटी थी। एक तरफ कार्मिक, दूसरी तरफ एजेंसी और तीसरी तरफ सरकारी विभाग होता था। कर्मचारी समस्या लेकर अलग-अलग दरवाजों पर जाता था, लेकिन सुनवाई नहीं होती थी। वेतन की चिंता, सामाजिक व सेवा संबंधी सुरक्षा की गारंटी भी नहीं थी। तब इन कर्मियों का प्रश्न होता था कि आखिर मेरी पीड़ा कौन सुनेगा, मेरे परिवार की चिंता कौन करेगा। हमारा मानना है कि सरकार व कर्मचारी का रिश्ता केवल वेतन और कार्य का नहीं हो सकता, वह विश्वास और जिम्मेदारी का होता है। कर्मचारी का जीवन कागजों व कार्यालयों के चक्कर में न बीते। उसे महसूस होना चाहिए कि उसके बेहतर काम का रिकॉर्ड और अधिकारों को सुरक्षित रखा जा रहा है। वह अकेला नहीं, उसकी समस्या को सुनने का भी तंत्र है। समय से वेतन, भविष्य निधि, बीमा अधिकार, मेहनत के अनुरूप मानदेय हर कार्मिक का अधिकार है और सरकार ने यही सुनिश्चित किया है। सामाजिक के साथ आर्थिक भेदभाव भी नहीं होना चाहिए सीएम ने कहा कि जब कर्मचारियों से मानदेय पूछते थे तो कोई 8 हजार, कोई  11 हजार बताता था। जो 9 हजार बताते थे, उन्हें भी 6 हजार ही मिलता था। हमारा मानना है कि सामाजिक भेदभाव दूर करने के लिए आर्थिक भेदभाव भी दूर किया जाना चाहिए। व्यक्ति को मेहनत का उचित मानदेय मिलना ही श्रम का सम्मान है। उसे सामाजिक सुरक्षा की गारंटी, बल्कि घटना-दुर्घटना पर बीमा कवर भी मिलना चाहिए। हमारी सरकार ने संवेदनशीलता को सुशासन की पहली शर्त मानते हुए आउटसोर्स सेवा निगम का गठन किया। इसके माध्यम से हर कार्मिक को संस्थागत सुरक्षित भविष्य प्राप्त होगा। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद अधिकार किसी व्यक्ति की कृपा पर नहीं, बल्कि मेहनत से प्राप्त होगा। व्यवस्था में बिचौलियों की जगह नहीं होगी। पोर्टल पर सारी जानकारी उपलब्ध होगी। अब कर्मचारी अकेला नहीं है, निगम उसके साथ होगा।  20 लाख लोगों को मिल सकेगा सुरक्षा कवर  मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसी को समय पर अधिकार मिलता है तो उसका लाभ केवल एक व्यक्ति को नहीं मिलता। बच्चे की पढ़ाई, मां की दवाई, बेटी का भविष्य सुनिश्चित होता है। परिवार को भरोसा मिलता है कि मेहनत बेकार न जाएगी। सरकार निगम के माध्यम से 20 लाख लोगों को सुरक्षा कवर प्रदान करना चाहती है। अब सरकारी विभाग, आउटसोर्स एजेंसी व कर्मचारी आधुनिक, पारदर्शी, तकनीक आधारित व्यवस्था से जुड़ जाएंगे। मैनपावर की आवश्यकता का आकलन, रिक्तियों का पूर्वानुमान व मानव संसाधन की योजना बनाई जा सकेगी।  श्रेणी व शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप होगा पारिश्रमिक  सीएम ने कहा कि राज्य सरकार की आरक्षण नीतियों के अनुरूप योग्यता व मेरिट के आधार पर भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन व पारदर्शी होगी। भर्ती, पोस्टिंग, उपस्थिति, मानदेय, ग्रेच्युटी, बीमा व सेवा लाभ की डिजिटल मॉनिटरिंग भी होगी। कर्मचारी अब सेवा विवरण, अकाउंट, उपस्थिति, भुगतान व कटौती आदि एक ही जगह देख सकेगा। यहीं शिकायत दर्ज कराकर समय से निराकरण भी पा सकेगा। श्रेणी व शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप प्रत्येक कर्मचारी का पारिश्रमिक भी सुनिश्चित होगा।  पांच तारीख तक अकाउंट में जाएगा पारिश्रमिक  मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 से 5 तारीख तक सीधे बैंक अकाउंट में पारिश्रमिक जाएगा। नियमित रूप से ईपीएफ व ईएसआई का अंशदान भी जमा होगा। सरकार आउटसोर्स एजेंसी को सर्विस चार्ज देगी, वे कर्मचारी के पैसे से कटौती नहीं सकेंगे। कंपनी किसी आउटसोर्स कर्मी को निकाल नहीं सकेगी। वह पहले सरकार को बताएगी, जिसकी जांच होगी। कंपनी की रिपोर्ट गलत हुई तो कर्मचारी का उत्पीड़न नहीं हो पाएगा। मातृत्व अवकाश सहित सभी वैधानिक सेवा लाभ भी मुख्यमंत्री ने कहा कि हम ईएसआई अंशदान का पैसा ईएसआई अस्पतालों में निशुल्क उपचार के लिए देंगे, यदि वहां किसी उपचार की सुविधा नहीं मिली तो आयुष्मान भारत से इसे जोड़ेंगे। इससे आउटसोर्स कर्मी व परिवार को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर भी मिलेगा। मातृत्व अवकाश सहित सभी … Read more

7.8% GDP Growth के बावजूद टेंशन! PM मोदी के सलाहकार ने बताईं अर्थव्यवस्था के सामने 3 बड़ी चुनौतियां

नई दिल्ली भारत की GDP ग्रोथ पहली तिमाही में 7.8% रही है, जो उम्मीद से बेहतर है. लेकिन इस रफ्तार को आगे भी बनाए रखना आसान नहीं होगा. प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल वैश्विक अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों और अल नीनो को आगामी दिनों में भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने तीन सबसे बड़ी चुनौतियों के रूप में देख रहे हैं।   एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में संजीव सान्याल ने कहा कि 7.8% की ग्रोथ किसी एक सेक्टर के दम पर नहीं आई है. मैन्युफैक्चरिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और कंस्ट्रक्शन समेत अर्थव्यवस्था के कई आयामों ने इसमें योगदान दिया है. उनके मुताबिक, पब्लिक और गवर्नमेंट इंवेस्टमेंट मजबूत बना हुआ है, जबकि प्राइवेट कंपनियां भी निवेश कर रही हैं।  7% की ग्रोथ भी संतोषजनक सान्याल ने 7.8% की ग्रोथ को उम्मीद से ज्यादा मजबूत बताया. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा वैश्विक माहौल में इतनी तेज ग्रोथ को लगातार बनाए रखना मुश्किल हो सकता है. उन्होंने कहा कि अगर आने वाली तिमाहियों में भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ 7% के आसपास भी बनी रहती है, तो वह इससे काफी संतुष्ट होंगे. उनके मुताबिक, मौजूदा ग्रोथ का आधार व्यापक है और यह सिर्फ किसी एक सेक्टर पर निर्भर नहीं है।  वैश्विक अनिश्चितता बनी बड़ी चुनौती संजीव सान्याल ने ईरान में युद्ध, ग्लोबल ट्रेड में आई बाधाओं और टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता को भारत के लिए अहम जोखिम बताया. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया भारत के लिए महत्वपूर्ण एक्सपोर्ट मार्केट है. इसके अलावा इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं, जिनकी ओर से भेजी जाने वाली रेमिटेंस भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है. लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण यह पूरा क्षेत्र संवेदनशील बना हुआ है।  तेल की कीमतें भी निभाएंगी भूमिका कच्चे तेल की कीमतें भी भारत के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है. संजीव सान्याल के मुताबिक, भारत ने रूस, अमेरिका और वेनेजुएला समेत अलग-अलग देशों से आयात कर अपने सप्लाई सोर्स को डायवर्सिफाई किया है. उन्होंने माना कि विश्व में बनी विपरीत परिस्थितियों के कारण भारत को कुछ बाहरी दबावों का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि, उनका कहना है कि इन चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था फिलहाल अच्छी स्थिति में है।  अल नीनो और मॉनसून का भी असर सान्याल ने अल नीनो को भी जोखिम के तौर पर गिनाया. उनके मुताबिक, इसका कुछ असर कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है. हालांकि, उन्होंने कहा कि फिलहाल इसके प्रभाव की तुलना यूरोप के कुछ हिस्सों में देखे गए गंभीर सूखे से नहीं की जा सकती।  मॉनसून अभी जारी है, इसलिए इसका अर्थव्यवस्था और ग्रोथ पर कुल कितना असर पड़ेगा, इस पर अभी निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।  बेरोजगारी और महंगाई पर क्या बोले? पीएम मोदी और केंद्र सरकार ने पहली तिमाही के जीडीपी आंकड़ों को वैश्विक अनिश्चितता के बीच देश की बड़ी उपलब्धि बताया. वहीं विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस ने बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक असमानता का मुद्दा उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश की. इन चिंताओं पर संजीव सान्याल ने कहा कि उपलब्ध हार्ड डेटा घर-परिवारों पर व्यापक दबाव की तस्वीर नहीं दिखाता. उनके मुताबिक, सरकारी लेबर सर्वे के आंकड़े गांव और शहर दोनों में बेरोजगारी दर में धीरे-धीरे कमी की ओर इशारा करते हैं. हालांकि, उन्होंने पढ़े-लिखे युवाओं में बेरोजगारी को एक चिंता माना।  महंगाई को लेकर उन्होंने कहा कि मौजूदा 4-5% के स्तर को भारत के पुराने आंकड़ों के संदर्भ में देखना चाहिए. करीब एक दशक पहले देश में महंगाई अक्सर 8-12% के दायरे में रहती थी. संजीव सान्याल ने मजबूत उपभोक्ता मांग के संकेत के तौर पर गाड़ियों की रिकॉर्ड बिक्री और एयर कंडीशनर जैसे कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की खरीद का भी जिक्र किया. उनके मुताबिक, ये आंकड़े बताते हैं कि घरेलू खपत में अभी मजबूती बनी हुई है।  नई GDP मेथडोलॉजी का किया बचाव सान्याल ने GDP की नई मेथडोलॉजी और बेस ईयर में बदलाव का भी बचाव किया. उनका कहना था कि कोविड का दौर सामान्य आर्थिक गतिविधियों को प्रतिबिंबित नहीं करता था, इसलिए उस समय बेस ईयर को अपडेट करना मुश्किल था. उनके मुताबिक, 2024 में अर्थव्यवस्था ज्यादा सामान्य स्थिति में लौटने के बाद बेस ईयर को अपडेट किया गया. उन्होंने कहा कि मजबूत GDP आंकड़ों की झलक कॉरपोरेट मुनाफे और कार बिक्री जैसे दूसरे आर्थिक आंकड़ों में भी दिखाई देती है।  संजीव सान्याल ने माना कि आने वाली तिमाहियों में GDP ग्रोथ की रफ्तार कुछ कम हो सकती है. ऐसे में ग्लोबल ट्रेड, तेल की कीमतों और मॉनसून से जुड़े जोखिमों पर नजर रखना जरूरी होगा. हालांकि, मौजूदा तस्वीर में भारतीय अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी मजबूती यह है कि ग्रोथ कई सेक्टर से आ रही है. यही व्यापक आधार आने वाले समय में अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों के बीच सहारा दे सकता है। 

उत्तर प्रदेश और जर्मनी के बीच निवेश, नवाचार एवं औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर हुई सार्थक चर्चा

उत्तर प्रदेश और जर्मनी के बीच निवेश, नवाचार एवं औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर हुई सार्थक चर्चा लखनऊ  उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को लखनऊ स्थित कैम्प कार्यालय में जर्मनी के प्रतिनिधिमंडल से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश और जर्मनी के बीच निवेश, नवाचार, कौशल विकास तथा औद्योगिक सहयोग को और अधिक मजबूत करने की संभावनाओं पर सार्थक एवं सकारात्मक चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज निवेश, उद्योग और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में निवेश के अनुकूल वातावरण, बेहतर आधारभूत सुविधाओं तथा कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता से वैश्विक निवेशकों के लिए व्यापक संभावनाएं सृजित हुई हैं। उन्होंने जर्मनी के साथ आर्थिक एवं औद्योगिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर बल दिया। बैठक में दोनों पक्षों के बीच तकनीकी सहयोग, नवाचार, कौशल विकास, रोजगार सृजन तथा औद्योगिक निवेश के क्षेत्रों में संभावित साझेदारी पर भी विचार-विमर्श हुआ। इससे उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार एवं कौशल विकास के नए अवसर सृजित होने तथा प्रदेश में आधुनिक तकनीक और निवेश को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं हैं। इस अवसर पर राउनहेम, जर्मनी के महापौर श्री डेविड रेंडल, इनोवेशन हब राइनमेन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री स्टीफन विट्टेकाइंड, जर्मन इंडियन बिजनेस अलायंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री निर्मल रमन, जर्मन इंडियन बिजनेस अलायंस के अध्यक्ष श्री सेल्वाकुमार पेरियासामी सहित अन्य प्रतिष्ठितजन उपस्थित रहे।