samacharsecretary.com

कवर्धा में दही हांडी उत्सव में पहुंचे डिप्टी सीएम विजय शर्मा, उत्सव में लिया हिस्सा

रायपुर : उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा कवर्धा में आयोजित दही हांडी उत्सव में हुए शामिल शर्मा ने हाथी-घोड़ा-पालकी, जय कन्हैयालाल की का जयघोष कर उत्सव का उल्लास और भी बढ़ा दिया रायपुर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा शनिवार को कवर्धा शहर के गांधी मैदान तथा भारत माता चौक में आयोजित दही हांडी उत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा रानी की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने परंपरा अनुसार सभी ग्वाला भाइयों का तिलक लगाकर स्वागत किया और उन्हें दही हांडी उत्सव में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। यादव समाज के प्रतिनिधियों ने उन्हें पारंपरिक सम्मान स्वरूप खुमरी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सभापति रामकुमार भट्ट, नितेश अग्रवाल सहित समस्त पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, शहरवासी और यादव समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने समस्त शहरवासियों एवं प्रदेशवासियों को कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने मंच से ही सभी उपस्थित जनों के साथ “हाथी-घोड़ा-पालकी, जय कन्हैयालाल की” का जयघोष कर उत्सव का उल्लास और भी बढ़ा दिया।        उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि गोविंदा उत्सव कवर्धा की गौरवशाली परंपरा है, जो समाज में एकता, भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने आगे कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हम सभी को धर्म, कर्म और कर्तव्य के प्रति प्रेरित करता है। कृष्ण लीला हमें यह संदेश देती है कि अन्याय और अधर्म पर सदैव धर्म की विजय होती है। शर्मा ने सभी युवाओं से आह्वान किया कि वे भगवान कृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और समाज की सेवा में सक्रिय भूमिका निभाएं। दही हांडी उत्सव के दौरान हजारों की संख्या में शहरवासी, समाजजन और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। पूरा शहर कृष्ण भक्ति और जयघोष से गुंजायमान रहा।

भारतीय महिला टीम की जीत पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी शुभकामनाएं, खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला

रायपुर : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को शानदार जीत पर दी बधाई रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने महिला एशिया कप 2026 में पाकिस्तान के खिलाफ शानदार जीत दर्ज करने पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की यह जीत केवल एक मैच की जीत नहीं, बल्कि हमारी बेटियों की मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की जीत है। टीम ने शानदार खेल भावना और बेहतरीन प्रदर्शन के साथ देशवासियों को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का लगातार शानदार प्रदर्शन देश की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी है। खिलाडि़यों की मेहनत और समर्पण यह संदेश देता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। मंत्री चौधरी ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सभी खिलाडि़यों को भविष्य के मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश को अपनी बेटियों पर गर्व है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टीम आगे भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाएगी।

सत्य निकेतन में बड़ा हादसा, अचानक ढही बिल्डिंग; 2 छात्रों को सुरक्षित निकाला, NDRF का रेस्क्यू जारी

नई दिल्ली दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में रव‍िवार को बड़ा हादसा हो गया. तीन मंज‍िला बिल्डिंग गिरने से बड़ी संख्या छात्र मलबे में दब गए. दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं. पुल‍िस और प्रशासन के अधि‍कारी भी मौके पर पहुंच रहे हैं. बताया जा रहा है कि हादसा करीब 1 बजकर 30 मिनट पर हुआ है. रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन जारी है।  सत्य निकेतन में बिल्डिंग का मलबा हटाने का काम जारी, मौके पर दमकल की 12 गाड़ियां मौजूद सत्य निकेतन इलाके में एक हॉस्टल की इमारत के गिरने के बाद अब मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चलाया जा रहा है. मौके पर जेसीबी के साथ-साथ दमकल की भी 12 गाड़िया मौके पर मौजूद हैं. अंदर फंसे लोगों को जल्द से जल्द निकालने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।  सीएम रेखा गुप्‍ता ने घटना पर जताया दुख सीएम रेखा गुप्‍ता ने घटना पर दुख जताया है. उन्‍होंने एक्‍स पर जानकारी दी क‍ि, ''RK पुरम के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना से बहुत चिंता है. DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्ध स्तर पर बचाव कार्य कर रही हैं. एहतियात के तौर पर बगल की इमारत को खाली करा लिया गया है। फँसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद पहुँचाने की हर संभव कोशिश की जा रही है. हालात पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियाँ आपसी तालमेल के साथ काम कर रही हैं। हर नागरिक की सुरक्षा और भलाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।  सीएम बोलीं- हर संभव कोशिश जारी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सत्य निकेतन में हुए हादसे पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें राहत-बचाव अभियान चला रही हैं।  उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर हादसे से सटी इमारत को खाली करा लिया गया है. रेखा गुप्ता ने कहा कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल मदद देने की हर संभव कोशिश की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी एजेंसियां आपसी तालमेल से काम कर रही हैं. नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।  फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. मलबा पूरी तरह हटने के बाद ही पता चलेगा कि हादसे में कितने लोग फंसे थे और कितने लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।    दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस हादसे पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि जल्द से जल्द लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है. राहत और बचाव कार्य जारी है।  दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी इस हादसे पर दुख जताया है. उनका कहना है कि NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, DDMA, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की बचाव टीमें मौके पर मौजूद हैं और जो लोग फंसे हैं उन्हें निकालने की हर संभव कोशिश की जा रही है।  ये हादसा मोती बाग के सत्य निकेतन स्थित शिव मंदिर के पास की है, जहां एक बहुमंजिला इमारत अचानक ढह गई. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं।  दोपहर 1 बजकर 33 मिनट पर मिली हादसे की जानकारी फायर डिपार्टमेंट को 1 बजकर 33 मिनिट पर इस हादसे की जानकारी मिली. फायर डिपार्टमेंट की 12 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं. राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है और टीमें लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं. 3 से 4 लोगों को मलबे से निकाला भी जा चुका है और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।  जानकारी के मुताबिक, इस बिल्डिंग में एक पीजी चल रहा था जिसकी वजह से मलबे में कई छात्रों के दबे होने की आशंका है. रेस्क्यू टीमों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी मलबा हटाने और लोगों को निकालने में जुटे हैं।  विधायक ने लिया हालात का जायजा आरके पुरम के विधायक अनिल शर्मा ने दुर्घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'ये बहुत दुखद घटना है. इससे ज्यादा दिल दहला देने वाली कोई बात नहीं हो सकती. स्टूडेंट्स अलग-अलग जगहों से इस बिल्डिंग में PGs में पढ़ने और रहने आते हैं, बिल्डिंग गिर गई है. हालांकि ये बताना मुश्किल है कि कितने स्टूडेंट्स हैं. चाहे वो पांच हों, दस हों, या बीस. लेकिन हमें पक्का पता है कि स्टूडेंट्स अंदर फंसे हुए हैं।   चश्‍मदीद ने कहा- बच्चे चिल्ला रहे हैं, हमें बचाओ, हमें बचाओ चश्मदीद युवक ने कहा, "मेरी दुकान पास ही है. हम अंदर बैठे थे तभी अचानक हमें भूकंप जैसी गड़गड़ाहट की आवाज़ सुनाई दी. हम तुरंत बाहर भागे, वहां बहुत धुआं और धूल थी. पूरी इमारत गिर चुकी थी. कुछ शव निकाले गए और चार ऐसे बच्चों को भी बचाया गया जिनकी सांसें चल रही थीं. मलबे के अंदर से अभी भी आवाज़ें आ रही हैं. बच्चे चिल्ला रहे हैं, 'हमें बचाओ, हमें बचाओ!'… वहां कम से कम 25-30 बच्चे थे. पास ही लड़कों और लड़कियों का PG था. 4-5 लोगों को बचाया गया है; 2-3 शव निकाले गए हैं और और भी शव मिलने की आशंका है. वे बेसमेंट बना रहे थे।  'बिल्डिंग गिरते ही हम भागकर निकले' हादसे के वक्त मौके पर मौजूद एक चश्मदीद ने बताया कि इमारत अचानक गिर गई. लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले चारों तरफ धूल का गुबार फैल गया. आसपास मौजूद लोग तुरंत वहां से भागे. चश्मदीद के मुताबिक, मलबे में 20 से 30 लोग दबे हो सकते हैं. एक अन्य चश्मदीद ने भी बताया कि मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि हादसे के वक्त इमारत के अंदर कितने लोग मौजूद थे।  मलबे के नीचे से फोन कर रहे लोग मौके पर पहुंचे आरके पुरम के विधायक अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि कुछ लोग मलबे के नीचे से फोन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कई लोग अभी अंदर फंसे हो सकते हैं. बचाव अभियान लगातार जारी है।  स्थानीय … Read more

यूपी डायलॉग’ में जुटे 100+ युवा, उत्तर प्रदेश के एक दशक के बदलाव पर हुई चर्चा

‘यूपी डायलॉग’ में जुटे 100 से ज्यादा युवा, उत्तर प्रदेश के एक दशक के बदलाव पर हुई चर्चा प्रदेश की अर्थव्यवस्था और एक्सप्रेसवे नेटवर्क पर हुई चर्चा – विशेषज्ञों ने कहा, ‘2017 में ₹52 हजार थी प्रति व्यक्ति आय, अब ₹1.20 लाख’ – जनजातीय समाज और युवाओं के लिए चल रही योजनाओं पर भी चर्चा लखनऊ, लखनऊ के हजरतगंज स्थित एसेंस बैंक्वेट में फ्रेंड्स ऑफ यूपी की ओर से यूपी डायलॉग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम 'उत्तर प्रदेश का एक दशक' रही। इसमें ‘फ्रेंड्स ऑफ योगी’ के 100 से ज्यादा युवा वॉलंटियर्स शामिल हुए। इस दौरान पिछले दस वर्षों में उत्तर प्रदेश में हुए बदलाव और आने वाले समय में प्रदेश के विकास को लेकर चर्चा हुई। कार्यक्रम में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर एम.के. अग्रवाल, प्रोफेसर अमित कुशवाह और पॉलिटिकल एनालिस्ट शशांक शेखर सिंह मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। इस दौरान युवाओं ने वक्ताओं से कई मुद्दों पर सवाल पूछे और उत्तर प्रदेश के भविष्य को लेकर अपने सुझाव भी दिए। आर्थिक बदलाव और एक्सप्रेसवे पर हुई चर्चा प्रोफेसर एम.के. अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति में आए बदलावों पर बात की। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में प्रदेश की जीडीपी में लगातार दो अंकों की बढ़ोतरी हुई है। उत्तर प्रदेश से होने वाले निर्यात में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने प्रदेश में लिंगानुपात बेहतर होने की बात भी कही। प्रोफेसर अग्रवाल ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में केवल एक एक्सप्रेसवे था, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर दस हो गई है। उन्होंने दावा किया कि देश के करीब 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं। ‘₹52 हजार से बढ़कर ₹1.20 लाख हुई प्रति व्यक्ति आय’ पॉलिटिकल एनालिस्ट शशांक शेखर सिंह ने कहा कि 2017 के मुकाबले उत्तर प्रदेश की आर्थिक और वित्तीय स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब रेवेन्यू सरप्लस की स्थिति में है। उनके मुताबिक वर्ष 2017 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय करीब 52 हजार रुपये थी, जो 2026 में बढ़कर करीब 1.20 लाख रुपये हो गई है। उन्होंने जनजातीय समाज के लिए किए जा रहे कामों का भी जिक्र किया। सिंह ने बताया कि 65 गांवों में लोगों को जमीन का मालिकाना हक दिया गया है। मुख्यमंत्री आवास योजना के जरिए जरूरतमंद परिवारों तक घर, बिजली और दूसरी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। वहीं, अभ्युदय योजना के जरिए युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग की सुविधा दी जा रही है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास में युवाओं की भागीदारी बेहद जरूरी है। युवाओं से प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर जागरूक रहने और अपने सुझाव सामने रखने की अपील भी की गई।

NHM कर्मचारियों ने मांगा समान वेतन, अनदेखी पर स्वास्थ्य सेवाएं ठप करने की चेतावनी

लखनऊ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में कार्यरत करीब 98 हजार कार्मिकों के वेतन में असमानता दूर कर एकरूप वेतन नीति लागू करने की मांग तेज हो रही है। संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने सेवा अवधि, वरिष्ठता, पद, योग्यता, कार्य की प्रकृति और जिम्मेदारियों के आधार पर वेतन पुनर्निर्धारण के साथ कर्मचारियों को आउटसोर्स सेवा निगम में शामिल करने की मांग की है। मांगों की अनदेखी पर स्वास्थ्य सेवाएं ठप करने की चेतावनी दी गई है। एनएचएम कर्मियों को आउटसोर्स सेवा निगम में शामिल करने की मांग संघ के प्रदेश महामंत्री योगेंद्र उपाध्याय के मुताबिक, एनएचएम में 13 हजार सेवा प्रदाता (आउटसोर्स) और 75 हजार स्वास्थ्य समिति से अनुबंधित कार्मिक हैं। अन्य श्रेणियों को मिलाकर संख्या करीब 98 हजार है। ये स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। बावजूद इसके एनएचएम कर्मियों के लिए समान वेतन नीति नहीं बनी है। स्थायी एएनएम को करीब 40 हजार रुपये मासिक जबकि एनएचएम कर्मी को 11 हजार रुपये मिलता है। स्थायी लैब सहायक को करीब 40 हजार रुपये, जबकि एनएचएम कर्मी को 13 हजार रुपये मिलते हैं। चतुर्थ श्रेणी के सामान्य संविदा कर्मी को करीब 18 हजार रुपये और एनएचएम कर्मी को 10 हजार रुपये वेतन मिलता है। सभी वर्गों में वेतन विसंगति बनी हुई है। मध्य प्रदेश, बिहार और हरियाणा के अनुरूप वेतन निर्धारण किया जाए योगेंद्र उपाध्याय ने दावा किया कि वर्ष 2016 से एनएचएम कर्मियों की वेतन विसंगतियां दूर करने के सुझाव दिए जाते रहे हैं। मध्य प्रदेश, बिहार और हरियाणा समेत कुछ राज्यों में कार्य और दायित्व के अनुरूप वेतन का निर्धारण कर भी लिया। संघ के अनुसार, वर्ष 2018 से केंद्र सरकार के अनुमोदित आरओपी (रिकॉर्ड ऑफ प्रोसीडिंग्स) में एनएचएम के वेतन और मानव संसाधन संबंधी जरूरतों के लिए बजट का प्रावधान किया जा रहा है। स्वाइन फ्लू के चलते जनहित में आंदोलन की तिथि घोषित नहीं की जा रही है। स्थिति सामान्य होते ही आंदोलन शुरू किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वेस्ट जोन इंटर स्टेट बैडमिंटन प्रतियोगिता के विजेताओं को किया पुरस्कृत

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने वेस्ट जोन इंटर स्टेट बैडमिंटन प्रतियोगिता के विजेताओं को किया पुरस्कृत बिलासपुर.  बिलासपुर के तोरवा के डायमंड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेले गए वेस्ट जोन इंटर स्टेट बैडमिंटन प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों ने दमदार खेल कौशल का प्रदर्शन किया। तेज स्मैश, शानदार कोर्ट कवरेज और आखिरी अंक तक जीत के लिए संघर्ष ने मुकाबलों को रोमांच से भर दिया। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन उनकी मेहनत, अनुशासन और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने आज डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन एसोसिएशन की ओर से आयोजित प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ उसे और निखारने का बेहतर अवसर देती हैं। मैदान पर खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और खेल कौशल देखकर स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में बैडमिंटन की प्रतिभाएं लगातार आगे बढ़ रही हैं। श्री साव ने विजेता खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि खेल में जीत महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण निरंतर अभ्यास, अनुशासन और बेहतर करने की ललक है। ऐसी प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों को बड़े मुकाबलों का अनुभव मिलता है और वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होते हैं।

काली सूची वाली 14 कंपनियों को दोबारा काम देने पर घिरी कृषि निदेशालय, जांच के आदेश

 रांची कृषि निदेशालय ने काली सूची में डाली गई 14 कंपनियों को फिर से कार्यादेश देने के मामले की जांच कराने का निर्णय लिया है। इस मामले की जांच की जिम्मेदारी सभी जिलों के उपायुक्तों को सौंपी गई है। कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद राज्य के सभी जिला उपायुक्तों को इसकी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के जिला सचिव सह राज्य कार्यकारिणी सदस्य अजय कुमार सिंह ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के उप आयुक्त  योगेश ए. रौंडल से पत्राचार कर काली सूची में डाली गई 14 कंपनियों को फिर से कार्यादेश मिलने की जानकारी दी है शिकायत में कहा गया है कि झारखंड कृषि निदेशालय ने वर्ष 2023 में जिन 14 कंपनियों को गंभीर अनियमितता के आरोप में काली सूची में डाला था, उन्हें 30 दिनों के भीतर तार्किक आदेश देकर मुक्त कर दिया गया था। जबकि इन कंपनियों ने शर्तों का अनुपालन नहीं किया था। इन कंपनियों में मोहित इंडिया, मेक नाउ इंडस्ट्रीज, ग्लोबल मैकेनिकल इक्विपमेंट, प्रीमियर इरिगेशन एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड, निंबस पाइप्स लिमिटेड, मोहित पालिटेक प्राइवेट लिमिटेड, वेदांता पालीमर्स प्राइवेट लिमिटेड, रूंगटा इरिगेशन लिमिटेड, श्री भंडारी प्लास्टिक प्राइवेट लिमिटेड, भारत ड्रिप इरिगेशन एंड एग्रो, आरएम ड्रिप एंड स्प्रिंकलर सिस्टम लिमिटेड, समय इरिगेशन प्राइवेट लिमिटेड, दिनेश इरिगेशन प्राइवेट लिमिटेड व इरिलिंक ड्रिप इरिगेशन इंडस्ट्रीज शामिल हैं। शिकायत में कहा गया कि इन कंपनियों को मुक्त करने संबंधित तार्किक आदेश की पहली शर्त यह थी कि सभी किसानों के यहां लगे कम गुणवत्ता वाले उपकरणों के बैच बदलकर पुन: सीपेट से जांच कराकर रिपोर्ट कृषि निदेशक रांची को समर्पित करेंगे, जो जांच अब तक नहीं हो सकी है। शर्तों का अनुपालन नहीं होने पर इन कंपनियों को काली सूची में ही माना जाना था, लेकिन उन्हें फिर से कार्यादेश मिल गया और भुगतान भी हो गया। इसकी सीआइटी से जांच कराने की मांग की गई। इधर, यह मामला संज्ञान में आने के बाद कृषि निदेशक ने सभी उपायुक्तों केा इसकी जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।

कोड़ातराई में 1.21 करोड़ की लागत से बनेगा पीएम स्कूल भवन, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया भूमिपूजन

कोड़ातराई में 1.21 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा पीएम स्कूल भवन, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया भूमिपूजन शिक्षा में आधुनिक सुविधाओं के साथ नवाचार और स्टार्टअप की सोच विकसित करने पर दिया जोर रायपुर शिक्षक दिवस के अवसर पर वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड अंतर्गत कोड़ातराई में पीएम स्कूल भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। करीब 1.21 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस स्कूल भवन में विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। भवन निर्माण पूर्ण होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा के लिए बेहतर अधोसंरचना प्राप्त होगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि शिक्षा समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि वर्तमान तकनीकी दौर में विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करना जरूरी है। शिक्षक बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखें, बल्कि उनमें नई सोच, जिज्ञासा, सवाल पूछने और नवाचार की भावना विकसित करें। उन्होंने कहा कि बच्चों में इनोवेशन और स्टार्टअप की सोच विकसित करना समय की आवश्यकता है। विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षक समाज में ज्ञान और जागरूकता के विस्तार की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे बच्चों में सीखने और कुछ नया करने की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। सकरबोगा में ग्रामीणों से सीधा संवाद, सुनीं समस्याएं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने शनिवार सुबह रायगढ़ जिले के सकरबोगा गांव पहुंचकर ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं और स्थानीय जरूरतें सुनीं। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए क्षेत्र की प्राथमिक आवश्यकताओं की जानकारी ली और विकास कार्यों को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, पेयजल, सिंचाई, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। गांवों के विकास की योजनाएं स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं और सुझावों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही हैं, ताकि विकास का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचे। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष पुसौर श्रीमती हेमलता हरिशंकर चौहान, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती भाग्यवती डोलनारायण नायक, जनपद पंचायत सदस्य गोपी चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

शेफाली वर्मा को आउट कर फातिमा सना ने किया सेंडऑफ, विवेक राजदान ने लगा दी फटकार

नई दिल्ली विमेंस एशिया कप 2026 के मुकाबले में पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना ने भारतीय बल्लेबाज शेफाली वर्मा को सेंडऑफ दिया, जो अब विवाद का विषय बन चुका है. शेफाली को 12 रनों के निजी स्कोर पर आउट करने के बाद फातिमा ने बल्लेबाज की तरफ इशारा करते हुए पवेलियन जाने का संकेत दिया. इस अंदाज पर कमेंटेटर एवं पूर्व भारतीय क्रिकेटर विवेक राजदान ने फातिमा की आलोचना की l शेफाली वर्मा ने पारीकी पहली ही गेंद परछक्का जड़ा था. इसके बाद सिंगल लेकर उन्होंने महिला टी20 इंटरनेशनल में 3000 रन पूरे किए. इसके बाद शेफाली ने फातिमा सना की गेंद पर चौका लगाया, लेकिन पाकिस्तान की कप्तान ने वापसी की. उन्होंने कॉट एंड बोल्ड के जरिए शेफाली की पारी खत्म कर दी. विकेट लेने के बाद उनका सेंडऑफ ही मैच के सबसे चर्चित पलों में शामिल हो गयाl फातिमा सना के जश्न पर विवेक राजदान ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी का हवाला देते हुए सवाल खड़ा किया. उन्होंने कहा कि पूरी पाकिस्तानी टीम सिर्फ 55 रनों पर आउट हुई और इसके बावजूद कप्तान शेफाली को बाहर जाने का इशारा कर रही थीं. राजदान ने कहा, 'अच्छा, बाहर का रास्ता दिखा रही हैं आप. आपकी पूरी टीम ने 55 रन बनाए हैं और आप शेफाली वर्मा को बाहर का रास्ता दिखा रही हैं l फातिमा सना ने झटके तीन विकेट हालांकि, गेंदबाजी में फातिमा सना ने पाकिस्तान की ओर से शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने शेफाली वर्मा के अलावा प्रतीका रावल और स्मृति मंधाना को भी पवेलियन भेजा. इसके बावजूद पाकिस्तान के बाकी गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों को रोक नहीं सके l टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तानी टीम ने एक समय बिना विकेट खोए 27 रन बना लिए थे, लेकिन इसके बाद भारतीय स्पिनर्स ने पूरी पारी का रुख बदल दिया. श्री चरणी और प्रेमा रावत ने तीन-तीन विकेट लिए, जबकि दीप्ति शर्मा ने दो विकेट झटके. पाकिस्तान के 10 विकेट सिर्फ 28 रनों के भीतर गिर गए और टीम 55 रनों पर ऑलआउट हो गई. यह उसका विमेंस टी20 इंटरनेशनल में सबसे कम स्कोर है l भारतीय टीम के सामने 56 रनों का लक्ष्य था. फातिमा समय ने तीन विकेट लेकर भारत को 29/3 तक जरूर पहुंचाया, लेकिन हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने इसके बाद कोई और मौका नहीं दिया. भारत ने 8.4 ओवर्स में 57/3 का स्कोर बनाकर सात विकेट से मुकाबला जीत लिया l

चाणक्य नीति: इन 3 चीजों को लेकर कभी न करें शर्म, वरना बढ़ सकती है परेशानी

आज के दौर में लोगों के बीच खुद को बेहतर दिखाने का दबाव काफी बढ़ गया है. अच्छी नौकरी, महंगी चीजें, बेहतर लाइफस्टाइल और आर्थिक स्थिति को लेकर लोग अक्सर दूसरों से अपनी तुलना करने लगते हैं. कई बार इसी दिखावे के कारण व्यक्ति अपनी वास्तविक जरूरतों और परिस्थितियों को छिपाने लगता है. आचार्य चाणक्य की नीतियां इससे बिल्कुल अलग सोच अपनाने की सीख देती हैं. उनके अनुसार कुछ ऐसी परिस्थितियां हैं, जिनके लिए व्यक्ति को न तो संकोच करना चाहिए और न ही दूसरों के सामने शर्मिंदा महसूस करना चाहिए l आर्थिक परेशानी छिपाने में न करें संकोच हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति हमेशा एक जैसी नहीं रहती. कभी किसी के पास पर्याप्त धन होता है तो कभी परिस्थितियां ऐसी बन जाती हैं कि खर्च चलाना भी मुश्किल हो जाता है.चाणक्य नीति के अनुसार आर्थिक तंगी ऐसी चीज नहीं है, जिसे लेकर इंसान को शर्म महसूस करनी चाहिए  l मुश्किल समय को छिपाने के बजाय उसे स्वीकार करके उससे बाहर निकलने की कोशिश करनी चाहिए. अपनी क्षमता के अनुसार मेहनत करना, नए कौशल सीखना और बेहतर अवसर तलाशना ज्यादा जरूरी है. सिर्फ लोगों को अपनी स्थिति बेहतर दिखाने के लिए कर्ज या अनावश्यक खर्च का सहारा लेना परेशानी को और बढ़ा सकता है  l ईमानदारी से किया कोई काम छोटा नहीं कई बार लोग काम को उसके पद और कमाई के आधार पर आंकने लगते हैं. यही वजह है कि कुछ लोग छोटा काम करने में भी झिझकते हैं . चाणक्य की सीख है कि ईमानदारी से किया गया कोई भी काम छोटा नहीं होता  l नौकरी छोटी हो या बड़ी, कारोबार हो या मेहनत-मजदूरी अगर व्यक्ति अपने काम को ईमानदारी से करता है तो उसे अपने पेशे पर गर्व होना चाहिए. मुश्किल समय में मिलने वाला कोई भी सही काम आगे बढ़ने का जरिया बन सकता है. काम से मिलने वाला अनुभव भविष्य में नए अवसरों के दरवाजे भी खोल सकता है  l भूख लगे तो खाना मांगने में न करें शर्म चाणक्य नीति में शरीर की मूल जरूरतों को भी महत्व दिया गया है. अगर किसी व्यक्ति को भूख लगी है तो सिर्फ लोकलाज या दूसरों के सामने अच्छा दिखने के लिए अपनी भूख को दबाना सही नहीं है l भोजन शरीर की बुनियादी जरूरत है . इसलिए समय पर खाना खाना या जरूरत पड़ने पर भोजन मांगना कोई शर्म की बात नहीं है. अपनी सेहत और शरीर की जरूरतों को नजरअंदाज करना समझदारी नहीं कही जा सकती l लोग क्या कहेंगे के डर से न रोकें खुद को अक्सर व्यक्ति अपनी जरूरतों से ज्यादा इस बात की चिंता करता है कि दूसरे उसके बारे में क्या सोचेंगे. आर्थिक स्थिति खराब हो तो उसे छिपाना, मेहनत का काम करने से बचना या भूख लगने पर भी संकोच करना इसी मानसिकता का हिस्सा हो सकता है  l चाणक्य की इस सीख का मूल भाव यही है कि दूसरों की राय से ज्यादा अपने आत्मसम्मान और जरूरतों को महत्व देना चाहिए . समाज की बातें हमेशा बदलती रहती हैं, लेकिन अपने जीवन की जिम्मेदारी व्यक्ति को खुद उठानी होती है l दिखावे से बेहतर है वास्तविकता को स्वीकार करना आज सोशल मीडिया के दौर में तुलना और दिखावे का असर और बढ़ गया है. किसी की महंगी कार, शानदार घर या लग्जरी लाइफ देखकर लोग अपनी जिंदगी को कमतर समझने लगते हैं. लेकिन दूसरों की जिंदगी देखकर अपनी क्षमता से ज्यादा खर्च करना समझदारी नहीं है l खुशहाल जीवन का मतलब सिर्फ महंगी चीजें होना नहीं है. आर्थिक अनुशासन, मेहनत, आत्मसम्मान और अपनी वास्तविक परिस्थितियों को स्वीकार करना भी उतना ही जरूरी है l चाणक्य नीति की यह सीख हमें याद दिलाती है कि जरूरत के समय मदद मांगना, ईमानदारी से काम करना और अपनी मूल जरूरतों को स्वीकार करना कमजोरी नहीं है. असली कमजोरी तब है, जब इंसान सिर्फ समाज के डर से अपनी जरूरतों और सच्चाई को छिपाता रहे l