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ड्राइविंग सीखने के दौरान हुई मुलाकात, मुस्लिम युवक से शादी के बाद धर्म परिवर्तन का दावा; लंदन का मामला

अमृतसर  अमृतसर की रहने वाली सिख युवती को ग्रूम कर मुस्लिम बना दिया गया। वह करीब 2 साल पहले पढ़ाई के लिए गई लंदन गई थी। अब वह पिछले 1 महीने से अपने माता-पिता को फोन नहीं कर रही थी। जब परिवार को शक हुआ तो सिख कम्युनिटी के लोगों से संपर्क किया। दोस्तों ने जब ढूंढ़ा तो युवती मुस्लिम के घर मिली। सिख समुदाय के लोगों ने दरवाजा खटखटाया तो पूछा कि कमलप्रीत कौर यहीं रहती है। इस पर मुस्लिम महिला ने उसे आइरा कहकर आवाज दी जिससे कंफर्म हो गया कि वह मुस्लिम बन चुकी है। युवती से जब पूछा गया कि तुम पिता का फोन क्यों नहीं उठा रही और बात क्यों नहीं कर रही तो उसका सीधा जवाब था कि आप फोन कर बता दो। मैं भी बता दूंगी मुझे कोई समस्या नहीं है। र्मिक प्रतीकों को त्यागने पर परिजनों को हुआ शक एक पंजाबी समाचार चैनल से बातचीत में पीड़ित परिवार ने अपना दर्द बयां करते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। युवती की मां के अनुसार, अमृतधारी होने के बावजूद उनकी बेटी ने अचानक गुरुद्वारे जाना और रोजाना का नितनेम (पाठ-पूजा) बंद कर दिया था। जब परिवार ने उसे समझाने का प्रयास किया, तो उसने धार्मिक परंपराओं पर सवाल उठाने शुरू कर दिए और उसका व्यवहार अचानक चिड़चिड़ा व आक्रामक होने लगा। बाद में परिजनों को पता चला कि वह एक पाकिस्तानी मूल के युवक के संपर्क में थी। परिवार की लाख कोशिशों और समझाइश के बावजूद युवती घर छोड़कर चली गई और कड़ा व सिरी साहिब जैसे पवित्र धार्मिक प्रतीकों को उतार दिया। अब लाचार माता-पिता ने समुदाय और प्रशासन से अपनी बेटी की सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है। पश्चिमी देशों में सिर उठा रहा ग्रूमिंग गैंग का नेटवर्क ब्रिटेन समेत कई पश्चिमी देशों में सक्रिय ग्रूमिंग नेटवर्क को लेकर लंबे समय से गंभीर सवाल उठते रहे हैं। सामाजिक संगठनों और विश्लेषकों के अनुसार, ये गिरोह सोची-समझी रणनीति के तहत अन्य समुदायों की नाबालिग बच्चियों और कम उम्र की युवतियों को झूठे प्रेमजाल में फंसाते हैं। इसके बाद उनका भावनात्मक और शारीरिक शोषण कर उन्हें अपना मूल धर्म छोड़ने और इस्लाम कबूल करने के लिए विवश किया जाता है। स्थानीय स्तर पर ऐसी कई घटनाएं पहले भी दर्ज हो चुकी हैं, जिन पर ब्रिटिश संसद से लेकर मानवाधिकार मंचों तक बहस हो चुकी है। नाबालिगों को निशाना बनाए जाने से बढ़ा आक्रोश ब्रिटेन में इस तरह के गिरोहों की सक्रियता ने सिख समुदाय को गहरे संकट में डाल दिया है। इससे पहले लंदन के हाउसलो इलाके में भी 14 वर्षीय एक मासूम सिख बच्ची को बहला-फुसलाकर अगवा करने और एक फ्लैट में बंधक बनाकर प्रताड़ित करने का जघन्य मामला सामने आया था। उस घटना के बाद भी पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों की सुस्त कार्यप्रणाली को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन हुए थे। अब ताजी घटना के बाद प्रवासी समुदाय ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से इन संगठित गिरोहों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। लड़की के पिता ने बताया कैसे बेटी को फंसाया..     मुस्लिम ट्रैक्सी ड्राइवर से ड्राइविंग सीखने लगी: अमृतसर के अमृतधारी सिख परिवार की लड़की कमलप्रीत कौर करीब 2 साल पहले पढ़ाई के लिए लंदन गई थी। वहां ड्राइविंग सीखने के दौरान 6 महीने पहले वह पाकिस्तानी मूल के एक मुस्लिम ड्राइविंग टीचर के संपर्क में आ गई। परिजनों का आरोप है कि उस व्यक्ति ने लड़की का ब्रेनवॉश करके उसे अपने जाल में फंसा लिया और उसका धर्म परिवर्तन करवा दिया।     आरोपी पहले से कर चुका दो शादियां: पीड़ित परिवार के अनुसार, आरोपी पहले से ही दो शादियां कर चुका है। उसने लड़की को उसके परिवार से पूरी तरह से अलग कर दिया है और उसका नाम बदलकर आइरा रख दिया है। लड़की ने पिछले एक महीने से अपने माता-पिता के फोन उठाने बंद कर दिए हैं, जिससे चिंतित होकर परिजनों ने मीडिया और सिख समुदाय से मदद की गुहार लगाई।     बेटी धार्मिक थी और नितनेम करती थी: लड़की के पिता ने बताया कि उनकी बेटी पहले बहुत धार्मिक थी और नियमित रूप से पाठ व सेवा करती थी। आरोपी ने उसका मानसिक रूप से धर्मांतरण कराकर उसकी धार्मिक पहचान को दूर कर दिया है। पिता को आशंका है कि उनकी बेटी का शोषण किया जा सकता है या उसे किसी गलत हाथों में बेचा जा सकता है, इसलिए वे बहुत टेंशन में हैं।     बेटी को मुस्लिम के चंगुल से छुड़ाया जाए: पीड़ित परिवार ने केंद्र सरकार, ब्रिटेन की सिख संस्थाओं और स्थानीय गुरुद्वारा कमेटियों से अपील की है कि वे एकजुट होकर उनकी बेटी को सुरक्षित बाहर निकालें। उन्होंने मांग की है कि लड़की को आरोपी के चंगुल से आजाद कराकर जल्द से जल्द भारत वापस भेजा जाए ताकि उसको फिर से सिखी के साथ जोड़ा जा सके।

‘हनुमान अंश’ के गायक सुनील लोधी से मिले CM मोहन यादव, आंखों के इलाज का कराया ऐलान

नीम करोली बाबा के जीवन पर बनी फिल्म 'हनुमान अंश' बॉक्स ऑफिस पर आंधी बनकर आई है. 2 करोड़ में बनी फिल्म ने अब तक 111 करोड़ रुपये कमा डाले हैं. फिल्म के साथ-साथ इसकी स्टारकास्ट और सिंगर भी चर्चा में आ चुके हैं. फिल्म का गाना 'मैंने तेरे ही भरोसे' खूब सुना जा रहा है. इस गाने को बुंदेलखंड के नेत्रहीन सिंगर सुनील लोधी ने गाया है. 'मैंने तेरे ही भरोसे' सुनकर हनुमान भक्त सुनील लोधी के मुरीद हो गए हैं. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ के बुंदेली गायक सुनील लोधी से मुलाकात की. मुलाकात के दौरान सीएम ने सरकार की ओर से सुनील की आंखों के इलाज कराने का ऐलान किया. साथ ही उन्हें एक लाख रुपये की सम्मान निधि देने की भी घोषणा की गई. सीएम आवास में हुई मुलाकात 4 सितंबर 2026 को सुनील लोधी अपने माता-पिता के साथ भोपाल स्थित सीएम आवास पहुंचे. वहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनका स्वागत किया. सुनील ने तंबूरा बजाते हुए अपना मशहूर भजन सीएम को सुनाया. सीएम ने उनकी आवाज और प्रतिभा की खूब तारीफ की. मुख्यमंत्री ने सुनील से वादा किया कि सरकार उनकी आंखों का इलाज कराएगी. इसके लिए स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स से जांच करवाई जाएगी. इलाज के बाद देखा जाएगा कि रोशनी लौट सकती है या नहीं. सीएम ने सुनील की संगीत शिक्षा पूरी कराने में भी मदद का भरोसा दिलाया. साथ ही सुनील को प्रदेश के संस्कृति विभाग से जोड़ने की भी बात कही. प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए सीएम ने सुनील को एक लाख रुपये की सम्मान निधि देने का ऐलान किया. यह राशि उनकी मेहनत और सफलता के सम्मान में दी जा रही है. सीएम ने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली कलाकारों को आगे बढ़ने के लिए हर संभव मदद मिलेगी. मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर किया. वीडियो में सुनील का भजन गाते हुए दिखाया गया है. सीएम ने लिखा कि सागर जिले के प्रतिभाशाली युवा बुंदेली गायक सुनील लोधी और उनके माता-पिता का सम्मान किया गया. सुनील लोधी ने कहा कि उन्हें इतना प्यार मिलकर बहुत अच्छा लगा. उन्होंने बताया कि हनुमान जी की कृपा से ही यह फिल्म इतनी अच्छी बनी. सीएम से मिलकर उन्हें बहुत खुशी हुई. अब उन्हें उम्मीद है कि उनकी आंखों की रोशनी लौट सकती है.

इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान टीम की बढ़ी मुश्किलें, PCB ने जब्त किए खिलाड़ियों के मोबाइल

 बर्मिंघम पाकिस्तानी क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा एक और विवाद में घिर गया है. एजबेस्टन में होने वाले सीरीज के तीसरे और आखिरी टेस्ट से पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने टीम के कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए. ये फोन आखिरी टेस्ट खत्म होने तक बोर्ड के पास ही रहेंगे. हालांकि किन खिलाड़ियों के फोन लिए गए हैं और बोर्ड ने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।  पाकिस्तानी समाचार चैनल 365 News की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि टीम के सदस्यों के मोबाइल फोन पीसीबी को सौंप दिए गए हैं. पीसीबी ने भी अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि फोन लेना किसी टीम प्रोटोकॉल, अनुशासनात्मक प्रक्रिया या किसी अन्य वजह से जुड़ा है. कहीं ये तो नहीं कि पीसीबी को अब मैच फिक्सिंग का डर सता रहा है।  इस घटनाक्रम ने सबसे बड़ा सवाल खिलाड़ियों की निजता को लेकर खड़ा किया है. खास तौर पर यह जानना अहम है कि किसी खिलाड़ी का फोन कितने समय तक अपने पास रखा जा सकता है और किन परिस्थितियों में उसमें मौजूद निजी जानकारी तक पहुंच बनाई जा सकती है।  ICC का नियम काफी सख्त इंटरनेशनल क्रिकेट में खिलाड़ियों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) के नियम काफी सख्त हैं. मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम समेत प्रतिबंधित क्षेत्रों में खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ मोबाइल फोन या किसी अन्य कम्युनिकेशन डिवाइस का इस्तेमाल नहीं कर सकते. ऐसे इलाकों में जाने से पहले खिलाड़ियों को अपने फोन सुरक्षित स्थान पर जमा करने होते हैं. इस नियम का मकसद मैच की अखंडता बनाए रखना और खिलाड़ियों या सपोर्ट स्टाफ के अनधिकृत संचार को रोकना है. लेकिन मैच के दौरान फोन रखने पर रोक का मतलब यह नहीं है कि बोर्ड किसी खिलाड़ी का निजी मोबाइल कई दिनों तक अपने पास रखे. दोनों परिस्थितियां अलग-अलग हैं।  हालंकि आईसीसी के एंट्री करप्शन कोड में इंटीग्रिटी जांच के दौरान अधिकृत अधिकारियों को फोन से जुड़ी व्यापक जानकारी मांगने का अधिकार है. अगर अधिकारियों के पास उचित आधार हो कि किसी डिवाइस में जांच के लिए जरूरी सामग्री मौजूद है, तो खिलाड़ी से मोबाइल सौंपने या उसमें मौजूद जानकारी उपलब्ध कराने को कहा जा सकता है।  ऐसी जांच में फोन के कॉल रिकॉर्ड, इंटरनेट रिकॉर्ड, मैसेज, चैट, फोटो, वीडियो, ऑडियो और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज तक शामिल हो सकते हैं. कुछ परिस्थितियों में खिलाड़ी से फोन का पासवर्ड या एक्सेस कोड भी मांगा जा सकता है. वैध मांग का पालन नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान भी है. अभी तक ना तो पीसीबी ने ऐसी किसी जांच की पुष्टि की है और ना ही किसी खिलाड़ी पर सट्टेबाजी, मैच फिक्सिंग या भ्रष्टाचार से जुड़ा आरोप लगाया गया है।  आईसीसी के एंटी करप्शन कोड और पीसीबी के अपने अधिकार क्षेत्र में भी अंतर है. पीसीबी के पास खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट, टीम नियमों या आंतरिक अनुशासन व्यवस्था के तहत अलग प्रावधान हो सकते हैं. लेकिन बोर्ड ने फिलहाल यह नहीं बताया है कि आखिर किस नियम के तहत खिलाड़ियों के फोन कब्जे में लिए गए हैं। 

वाराणसी में बाढ़ प्रभावितों के राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

2017 के पहले बाढ़पीड़ितों को देते थे सूखी ब्रेड, अब मिलती है 26 सामानों वाली 50 किलो की किट : सीएम योगी वाराणसी में बाढ़ प्रभावितों के राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  मुख्यमंत्री ने कहा – पहले यही सामग्री, यही पैसा सपाई खाकर डकार जाते थे जिन किसानों की फसल डूबी है, उनका सर्वे कर मुआवजा देने का आदेश 10 वर्ष पहले 45 जिले बाढ़ से प्रभावित होते थे, दर्जनों जनपदों में मस्तिष्क ज्वर से बच्चे कालकवलित होते थे सीएम बोले, जब अच्छी सरकार आती है, अच्छी स्कीम लाती है, लूट-खसोट पर रोक लगाती है, गरीब को उसका हक उपलब्ध करवाती है मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर वितरित की राहत सामग्री लखनऊ/वाराणसी,  वाराणसी के विद्या विहार इण्टर कॉलेज में शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाढ़ प्रभावितों के राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि आज से 10 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश के 45 जिले बाढ़ से प्रभावित होते थे और दर्जनों जनपदों में मस्तिष्क ज्वर से बच्चे कालकवलित होते थे। मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, इतनी राहत सामग्री पहले नहीं मिलती थी। तब एक सूखी ब्रेड मिलती थी और हम देते हैं 50 किलो की किट, जिसमें 26 प्रकार के सामान होते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की डूबी फसलों का सर्वे किया जा रहा है। उन्हें भी मुआवजा देने के आदेश कर दिए गए हैं। सीएम योगी ने कहा कि उस समय न बच्चों के लिए दूध था, न गर्म भोजन, न राशन और न डिग्निटी किट। यही सामग्री या यही पैसा 2017 के पहले ये सपाई सब खा जाते थे। गरीब का हक खाकर डकार जाते थे। जब अच्छी सरकार आती है, अच्छी स्कीम लेकर आती है, लूट-खसोट पर रोक लगाती है और गरीब को उसका हक उपलब्ध करवाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गत वर्ष भी मुझे इस विद्यालय परिसर में आकर राहत कार्यों की समीक्षा करने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन ने क्या व्यवस्थाएं की हैं, इनका निरीक्षण करने का अवसर मिला था। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से बातचीत की और राहत सामग्री का भी वितरण किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष वरुणा नदी में जब गंगा जी का जलस्तर बढ़ता है तो वरुणा नदी बैक फ्लो करती है और उसके कारण निचले क्षेत्र में जलजमाव की समस्या खड़ी हो जाती है। आज से 10 साल पहले इसी सीजन में भीषण जलजमाव से लोगों का आवागमन बाधित होता था, उन्हें परेशानी होती थी। उन्होंने कहा कि आज मेरे साथ बाढ़ नियंत्रण के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह साथ में हैं। पिछले नौ-साढ़े नौ वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में प्रत्येक क्षेत्र में जो कार्य हुए हैं, उसके परिणाम वाराणसी में भी देखने को मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए नए कलेवर के रूप में एक नई काशी का हम सब दर्शन कर रहे हैं। काशी विश्वनाथ धाम हो, काशी के घाट हों, काशी के अंदर रेलवे स्टेशन हो, बस स्टेशन हो, एयरपोर्ट हो, सड़कों के चौड़ीकरण का कार्य हो, रिंग रोड का कार्य हो, जनता को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने का कार्य हो या बाढ़ पर प्रभावी नियंत्रण करने के लिए किए गए उपाय हों, ये सभी आज काशी में देखने को मिल रहे हैं। जिस प्रदेश में आज से 10 वर्ष पहले दर्जनों जनपदों में मस्तिष्क ज्वर से बच्चे कालकवलित होते थे, आज इस बात को देखकर संतुष्टि होती है कि कुल मिलाकर 14 ऐसे जिले हैं, जहां आज पानी थोड़ा-बहुत आया है। उन क्षेत्रों का हम दौरा कर राहत सामग्री वितरित कर रहे हैं। किट में 26 प्रकार के सामान हर प्रभावित परिवार को उपलब्ध करवाए जा रहे सीएम ने कहा कि व्यापक स्तर पर पूरा जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता भी युद्ध स्तर पर राहत कार्य के साथ जुड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो पैसा भेजा है, आपदा राहत निधि से उसी पैसे से सारी व्यवस्थाएं की जा रहीं हैं। इस किट में ढाई किलो लाई, कच्चा चना दो किलो, भुना चना दो किलो, चीनी एक किलो, 10 पैकेट बिस्किट, माचिस एक पैकेट, मोमबत्ती एक पैकेट, नहाने के दो साबुन, ढक्कनदार बाल्टी, तिरपाल, 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, दो किलो अरहर दाल, 10 किलो आलू। हल्दी, मिर्च, मसाले, एक लीटर रिफाइंड या सरसों का तेल, एक किलो नमक, सैनिटरी पैड, कपड़ा धोने के दो साबुन, एक तौलिया, एक सूती कपड़ा, 20 डिस्पोजेबल बैग, एक मग और 100 मिलीलीटर डिटॉल या सेवलॉन। यह 26 प्रकार के आइटम हर प्रभावित परिवार को उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। मौत पर 24 घंटे के अंदर प्रभावित परिवार को राहत की व्यवस्था सीएम योगी ने कहा कि पानी का फैलाव होता है तो सांप, बिच्छू और अन्य कीड़ों के द्वारा काटने की शिकायतें आती हैं। मनुष्य और वन्यजीव संघर्ष के कारण भी बहुत सारी जगह जनहानि की शिकायतें आती हैं। मकान ढहने या बिजली गिरने से भी समस्याएं आती हैं। इन सबको भी आपदा राहत के रूप में शामिल किया गया है। किसी की डूबने से मौत हो गई, आकाशीय बिजली से असामयिक मौत हो गई, किसी किसान की खेत में काम करते समय, बटाईदार के खेत में काम करते समय या उनके परिवार के सदस्य की खेत में काम करते समय मौत हो गई, तो आपदा राहत निधि से अगले 24 घंटे के अंदर उस परिवार को चार लाख रुपये की सहायता हर हाल में मिल जाए, यह व्यवस्था कर दी गई है। किसी गरीब का मकान जल गया, किसी गरीब का मकान बाढ़ में बह गया या बाढ़ में टूट गया, तो उसको तत्काल प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना में एक आवास उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि जब अच्छी सरकार आती है कोई भेदभाव किसी के साथ नहीं करती, सबको उसका अधिकार मिले और यही अधिकार देने के लिए और समीक्षा करने के लिए प्रधानमंत्री के निर्देश पर आज वे यहां पर आए हैं। 21 राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों के रहने की व्यवस्था  मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी के 16 वार्डों में 567 परिवार प्रभावित हैं, जिनमें 2,486 नागरिक रह … Read more

उदयपुर में CM भजनलाल का शक्ति प्रदर्शन, रोड शो से BJP ने शुरू किया चुनावी अभियान

उदयपुर उदयपुर नगर निगम चुनाव को लेकर भाजपा ने चुनावी अभियान का आगाज कर दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को लेकसिटी में रोड शो कर पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने के साथ कार्यकर्ताओं में जोश भरा। सूरजपोल चौराहे से शुरू हुआ मुख्यमंत्री का रोड शो बापू बाजार होते हुए देहली गेट बैंक तिराहे तक पहुंचा। रास्ते में जगह-जगह भाजपा कार्यकर्ताओं, विभिन्न समाजों और स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। रोड शो की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सूरजपोल चौराहे पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद वे खुली गाड़ी में सवार होकर रोड शो के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री के साथ जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी, भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़, सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, शहर विधायक ताराचंद जैन और ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा मौजूद रहे। भाजपा ने रखा 60+ का लक्ष्य उदयपुर नगर निगम चुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव माना जा रहा है। पार्टी लंबे समय से यहां नगर निगम बोर्ड पर काबिज रही है। इस बार 80 वार्डों में भाजपा ने 60 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। नए परिसीमन के बाद बदले राजनीतिक समीकरण, बागी प्रत्याशियों और संभावित भितरघात के बीच मुख्यमंत्री का रोड शो पार्टी के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। मेयर पद इस बार सामान्य होने और वार्डों के नए परिसीमन के चलते चुनावी मुकाबला और रोचक हो गया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने रोड शो के दौरान 'उदयपुर में फिर भाजपा' के नारे लगाए। कांग्रेस पर सीएम का हमला रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। जिन लोगों ने भ्रष्टाचार किया, उनके मंत्री और अधिकारी जेल में हैं और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कांग्रेस पर चुनाव के समय केवल मुद्दे उछालने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब उनका धरातल नहीं बचा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय तीन नगर निगमों को बढ़ाकर छह किया गया था, जिसे भाजपा सरकार ने समाप्त किया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। सीएम भजनलाल शर्मा ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले संकल्प पत्र में किए गए वादों में से 78 फीसदी पूरे किए जा चुके हैं। उन्होंने रामजल सेतु योजना, नर्मदा के पानी को आगे बढ़ाने और उदयपुर की देवास परियोजना को गति देने का जिक्र किया। उन्होंने रोडवेज को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के लोग कहते थे कि रोडवेज कभी मुनाफे में नहीं आ सकती। भाजपा सरकार ने एक हजार नई रोडवेज बसें खरीदी हैं और एक हजार और बसें खरीदी जाएंगी। 'ट्रिपल इंजन की सरकार जरूरी' मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निकाय और पंचायतों के विकास के लिए ट्रिपल इंजन की सरकार जरूरी है। सीएम ने कार्यकर्ताओं से एक-एक वार्ड में मजबूती से जुटने और भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का आह्वान किया।

बिहार के 5.80 लाख शिक्षकों को मिला शिक्षा मंत्री का संदेश, बच्चों के भविष्य निर्माण की दिलाई जिम्मेदारी

पटना शिक्षक दिवस के दिन राज्य के सभी पांच लाख 80 हजार शिक्षकों को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पत्र भेजा। तीन पेज के इस पत्र में मंत्री ने शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका, उनके योगदान और समाज एवं राज्य के भविष्य निर्माण में उनकी जिम्मेदारी का उल्लेख किया है।शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के साथ उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षकों से राज्य के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ उनमें अच्छे संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बिहार का उज्ज्वल भविष्य आज के विद्यालयों और वहां पढ़ने वाले बच्चों से जुड़ा है। ऐसे में शिक्षक राज्य के भविष्य को संवारने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षकों ने इस पहल के लिए शिक्षा मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि वे शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे। शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित गोपालगंज और बांका की दोनों महिला शिक्षकों बधाई दी है। डाक विभाग: इंस्पेक्टर पदोन्नति परीक्षा के लिए आवेदन की तिथि 15 तक बढ़ी डाक विभाग ने इंस्पेक्टर पदोन्नति के लिए आयोजित होने वाली विभागीय प्रतियोगी परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (एलडीसीई) के लिए अब उम्मीदवार 15 सितंबर शाम 5:30 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 5 सितंबर निर्धारित थी। इस संबंध में डाक विभाग संचार मंत्रालय भारत सरकार के विभागीय परीक्षा अनुभाव ने अधिसूचना जारी की है। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि जो योग्य कर्मचारी किसी कारणवश समय पर आवेदन नहीं कर पाए थे, उन्हें एक और मौका मिल सके और कोई भी पात्र व्यक्ति इस पदोन्नति के अवसर से वंचित न रहे। यह परीक्षा 26 और 27 सितंबर 2026 को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के माध्यम से इंस्पेक्टर पदों पर 66.66 प्रतिशत विभागीय कोटे के तहत पदोन्नति दी जानी है। जो केवल डाक विभाग में पहले से ही कार्यरत कर्मचारियों के लिए है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पदोन्नति वर्ष 2026 की उन रिक्तियों के लिए होगी जो एक जनवरी 2026 से लेकर 31 दिसंबर 2026 के बीच खाली होंगी या हो सकती हैं। आवेदनों के सत्यापन का काम 16 सितंबर तक करना होगा। अगर किसी आवेदन में कोई गलती या कमी पाई जाती है तो उसे सुधारने के लिए उम्मीदवारों को 17 सितंबर तक का समय दिया गया है, जबकि पहले यह तारीख 11 सितंबर थी। इसके बाद जब उम्मीदवार अपने सुधरे हुए आवेदन दोबारा जमा करेंगे, तो नियंत्रण अधिकारी उन्हें 18 सितंबर तक जांचकर पास करेंगे। आवेदनों को अंतिम रूप देने और परीक्षा केंद्र आवंटित करने का काम नोडल अधिकारी अब 19 सितंबर तक करेंगे। प्रवेश पत्र 22 सितंबर शाम 5:30 बजे से डाउनलोड के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। इस परीक्षा का लाभ देश के सभी डाक सर्किलों के कर्मचारियों को मिलेगा। बिहार के सभी जिलों में तैनात पात्र डाक कर्मचारी इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं और अगर वे सफल होते हैं तो इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नत हो सकते हैं।

सोलर कैमरों से संवेदनशील ठिकानों की जासूसी, 13 आरोपियों के खिलाफ NIA ने दाखिल की चार्जशीट

  लखनऊ देश के संवेदनशील स्टेशनों, महत्वपूर्ण स्थानों पर सोलर पैनल कैमरा लगाकर पाक स्थित संदिग्ध संगठन को जानकारी भेजने के मामले में एनआईए ने शनिवार को 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। आरोपपत्र में खुलासा हुआ कि जूते में छुपा कर 12 भारतीय सिम कार्ड दुबई भेजे गए थे। चार्जशीट के अनुसार, आरोपी सरदार जोरा सिंह ने अन्य आरोपियों की मदद से 15 फरवरी को दिल्ली कैंट स्टेशन का दौरा किया। इसके बाद स्टेशन पर सोलर पैनल कैमरा लगाया और पाकिस्तानी संगठन को लाइव प्रसारण उपलब्ध कराई। कैमरे का उपयोग करके सैन्य प्रातिष्ठानों की वीडियो भी ली गई। आरोपियों ने कैमरों को चलाने के लिए शिवा बाल्मीकि के नाम से पंजीकृत सिम का प्रयोग किया। आरोपी साने इरम ने भारतीय सिम के साथ व्हाटसऐप इंस्टॉल करने के लिए सरदार जोरा सिंह को दो ओटीपी भेजी थी। राज और शिवा वाल्मीकि ने कौशांबी के कोरियर से जूते में छिपाकर 12 भारतीय सिम दुबई भेजे थे। एनआईए ने विशेष न्यायाधीश ने आरोपी प्रवीण, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि, रितिक गंगवार, समीर उर्फ शूटर, दुर्गेश निषाद, नौशाद, गगन कुमार, विवेक, शिवराज, मीरा ठाकुर और शाने इरम सहित 13 आरोपियों के ख़िलाफ़ सुनवाई शुरू कर दी है। पाक की सोलर कैमरे तक पहुंच: एनआईए एनआईए की ओर से अदालत को बताया गया कि संदिग्ध पाकिस्तानी संगठन के निर्देश पर आरोपी प्रवीण व शिवराज ने दो जेसीएल के साथ 25 फरवरी को सोनीपत रेलवे स्टेशन का दौरा किया इन आरोपियों ने रेलवे स्टेशन पर सोलर पैनल कैमरा लगाया और पाकिस्तानी संगठन को लाइव कैमरे की पहुंच प्रदान की। यह भी बताया गया कि आरोपियों ने दिल्ली कैंट के कैमरों को चलाने के लिए शिवा बाल्मीकि के नाम से पंजीकृत सिम का प्रयोग किया जबकि आरोपी साने इरम ने भारतीय सिम के साथ वॉट्सएप इनस्टॉल करने के लिए सरदार जोरा सिंह को दो ओटीपी भेजी थी। इसके साथ ही साथ शिवा वाल्मीकि, ऋतिक गंगवार और सुहैल मलिक ने छह कंप्यूटर माउस भेजे थे। जबकि राज बाल्मिक और शिवा वाल्मीकि ने कौशांबी के ब्लू डॉट कोरियर से दुबई में स्पोर्ट्स शूज की एक जोड़ी भेजी थी और दोनों मौके पर शिवा वाल्मीकि के मोबाइल नंबर का उपयोग खेप बुक की गई थी। चार्जशीट में आगे कहा गया कि सरदार जोरा सिंह और विक्की जद्दू के निर्देश पर गाजियाबाद के ब्लू डार्ट कोरियर के ज़रिए जूते में छुपा कर 12 भारतीय सिम कार्ड दुबई भेजे गए थे। बताया गया कि संदिग्ध पाकिस्तानी संगठन के निर्देश पर उनके द्वारा जीपीएस मैप कैमरे का उपयोग करके विभिन्न सैन्य प्रातिष्ठानों की वीडियो तस्वीर ली गई। अब तक 21 आरोपी गिरफ्तार कर भेजे गए जेल कोर्ट में बताया गया कि इस मामले में अब तक 21 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें से 5 नाबालिग आरोपियों के खिलाफ एनआईए ने इसी साल 18 मई को गाज़ियाबाद के किशोर न्याय बोर्ड में अपनी रिपोर्ट दाखिल की थी। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने देश की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ आपराधिक साजिश रची। वे प्रतिबंधित व अति संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध रूप से घुसे, वहां जासूसी कैमरे लगाए, और फोटो-वीडियो को जियो-टैगिंग के साथ दुश्मन देश में बैठे हैंडलरों को भेजा। साथ ही आरोपियों ने दुश्मन देश से जुड़े लोगों को भारतीय सिम कार्ड उपलब्ध कराए और उन्हें संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सटीक जीपीएस लोकेशन के साथ फोटो-वीडियो जुटाने में मदद की। इससे देश की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना को बताया दुर्भाग्यपूर्ण, दोषियों पर सख्त कार्रवाई का दिया भरोसा

घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, जांच कराकर दोषियों पर होगी सख्त कार्यवाही : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में शराब के सेवन से मृत्यु होने का समाचार अत्यंत दुःखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सागर जिले के प्रभारी मंत्री एवं अधिकारियों को घटना की तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जांच के पश्चात इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को विदेश दौरे पर रवाना होने से पहले नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह बात कही।  

2 करोड़ की फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने मचाया तहलका, 31वें दिन 100 करोड़ के पार पहुंची कमाई

बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों फिल्म 'हनुमान अंश' की दहाड़ सुनाई दे रही है. कमाई के मामले में फिल्म गर्दा उड़ा रही है. छोटे बजट में बनी इस फिल्म ने बिग बजट की फिल्मों को धूल चटा दी है. दर्शक सीनेमाघरों में खिंचे चले आ रहे हैं. आइए जानते हैं कि फिल्म ने अब तक कितनी कमाई की है. 'हनुमान अंश' की धुआंधार कमाई नीम करौली बाबा की जिंदगी पर बनी फिल्म 'हनुमान अंश' का 31वें दिन (रविवार) भी डंका बज रहा है. Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म का अब तक भारत में कुल ग्रॉस कलेक्शन 117.46 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि कुल नेट कलेक्शन 99.29 करोड़ तक पहुंच गया है. फिल्म की धुआंधार कमाई अभी भी जारी है. हालांकि, रविवार के अंतिम आंकड़े शाम तक ही आएंगे. महज 2 करोड़ के बजट में बनी फिल्म ने एक महीने के अंदर 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है. यह अपने आप में किसी चमत्कार से कम नहीं है. दिलचस्प बात यह है कि टॉक्सिक और मिर्जापुर, बंटवारा 1947 जैसी बड़ी स्टारकास्ट की फिल्मों के सामने भी हनुमान अंश मजबूती से खड़ी है. डायरेक्टर ने नहीं ली फीस फिल्म के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने कहा कि इस फिल्म के लिए उन्होंने अपनी फीस माफ कर दी थी. The Raunac Podcast में फिल्म को लेकर बात करते हुए विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि उन्होंने फिल्म को डायरेक्ट करने के साथ इसे प्रोड्यूस भी किया है. उन्होंने बताया कि फिल्म डायरेक्ट करने के लिए उन्होंने बिल्कुल भी फीस नहीं ली थी. विशाल बोले- मैं इस फिल्म का निर्माता और निर्देशक भी हूं, इसलिए मैंने फिल्म के लिए अपनी फीस माफ कर दी थी. उन्होंने यह भी बताया कि इस फिल्म को बनाने के दौरान सेट पर खास बातों का ध्यान रखा गया था. विशाल बोले- सेट पूरी तरह से शाकाहारी था और हम हर दिन हनुमान चालीसा का पाठ करते थे. असल में, फिल्म की रिलीज से लगभग 4.5 महीने पहले मैं सिर्फ फ्रूट डाइट पर था. 'हनुमान अंश' 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. इसकी शुरुआत काफी धीमी रही थी. फिल्म ने पहले दिन लगभग 10 लाख रुपये का कलेक्शन किया था. हालांकि, तीसरे हफ्ते में फिल्म ने रफ्तार पकड़ी. फिल्म को डिवोशनल स्टोरीलाइन और वर्ड-ऑफ-माउथ का फायदा मिला.  

वन कर्मचारियों को नहीं हटाएगी पंजाब सरकार, मंत्री लाल चंद कटारू ने किया बड़ा ऐलान

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए नीतियां बनाने के दृढ़ इरादे को दोहराते हुए वन एवं वन्य जीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने आज कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं में वन कर्मचारियों का महत्वपूर्ण स्थान है। आज डेमोक्रेटिक वन कर्मचारी यूनियन, पंजाब के साथ एक बैठक के दौरान वन मंत्री ने यूनियन की सभी मांगों को धैर्यपूर्वक सुना और जायज़ मांगों को उच्च स्तर पर उठाने का विश्वास दिलाया।डेमोक्रेटिक वन कर्मचारी यूनियन, पंजाब के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में मंत्री ने कर्मचारियों की मांगें सुनीं और जायज मांगों को उच्च स्तर पर उठाने का आश्वासन दिया। फील्ड वर्करों के कार्य को खतरनाक कार्यों की श्रेणी में शामिल करने की मांग पर उन्होंने इसे सरकार के समक्ष उठाने की बात कही। कटारूचक्क ने स्पष्ट किया कि कोई भी चल रहा कार्य ठेके पर नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वन विभाग में अब तक 1,458 कर्मचारियों को नियमित किया गया है। इनमें इस वर्ष 516 और पिछले वर्ष 942 कर्मचारी शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार अब तक 70 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार दे चुकी है और सभी नियुक्तियां मेरिट के आधार पर की गई हैं। बैठक में पीसीसीएफ धर्मिंदर शर्मा, एपीसीसीएफ प्रतिमा श्रीवास्तव और एपीसीसीएफ चर्चिल कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इस मामले को सरकार के उच्च स्तर पर उठाएंगे फील्ड वर्करों द्वारा किए जाने वाले कार्यों को खतरनाक कार्यों की श्रेणी में शामिल करने की मांग के संबंध में कटारूचक्क ने कहा कि वे इस मामले को सरकार के उच्च स्तर पर उठाएंगे। बैठक के दौरान मंत्री ने विश्वास दिलाया कि किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा क्योंकि राज्य सरकार कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके अलावा, कोई भी चल रहा कार्य ठेके पर नहीं दिया जाएगा। ये रहे उपस्थित कटारूचक्क ने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने वन विभाग में 1,458 कर्मचारियों को नियमित किया है, जिसमें इस वर्ष 516 कर्मचारी और पिछले वर्ष 942 कर्मचारी शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार द्वारा अब तक 70,000 से अधिक नौकरियां दी गई हैं और हर एक नौकरी मेरिट के आधार पर दी गई है, जो राज्य सरकार के कर्मचारी-हितैषी रवैये को दर्शाता है। इस अवसर पर अन्य के अलावा पी.सी.सी.एफ. (वन बल प्रमुख) धर्मिंदर शर्मा, ए.पी.सी.सी.एफ. (प्रशासन) प्रतिमा श्रीवास्तव और ए.पी.सी.सी.एफ. (पनकैम्पा) चर्चिल कुमार भी उपस्थित थे।