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Jio का ₹3,599 वाला धांसू प्लान, 365 दिन की वैलिडिटी के साथ रोज 2.5GB डेटा

अगर आप Jio का सिम इस्तेमाल करते हैं और बार-बार रिचार्ज कराने से परेशान हैं, तो आपके लिए एक लंबी वैलिडिटी वाला प्लान काम का हो सकता है. Jio ने अपनी एनिवर्सरी के मौके पर ₹3,599 का एक प्लान पेश किया है. इस प्लान में यूजर्स को लंबे समय तक रिचार्ज की टेंशन नहीं रहती. इस प्लान की सबसे बड़ी खासियत इसका डेटा बेनिफिट है. इसमें रोज 2.5GB डेटा मिलता है. यानी अगर आप हर दिन YouTube देखते हैं, Instagram चलाते हैं या WhatsApp पर वीडियो कॉल करते हैं, तो आपके पास रोज इस्तेमाल करने के लिए अच्छा डेटा रहेगा. पूरे साल चल सकता है प्लान ₹3,599 के इस प्लान की वैलिडिटी 365 दिनों की है. यानी एक बार रिचार्ज कराने के बाद करीब एक साल तक दोबारा रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी. रोज 2.5GB डेटा के हिसाब से देखें तो पूरी वैलिडिटी के दौरान यूजर को काफी ज्यादा डेटा मिलता है. इसके साथ यूजर्स को अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग की सुविधा भी मिलती है. यानी किसी भी नेटवर्क पर बात करने के लिए अलग से पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है. इसके अलावा रोज 100 SMS भी मिलते हैं. जिओ के दूसरे फायदे भी मिलेंगे इस प्लान में जिओ की तरफ से मिलने वाले कुछ दूसरे बेनिफिट्स भी शामिल हैं. हालांकि, प्लान लेने से पहले यह जरूर देख लेना चाहिए कि आपके इलाके में जिओ की 5G सर्विस अवेलेबल है या नहीं और आपके फोन में 5G सपोर्ट करता है या नहीं. अगर आप ऐसा रिचार्ज चाहते हैं जिसे बार-बार कराने की जरूरत न पड़े, तो ₹3,599 वाला यह प्लान एक लंबी समय का ऑप्शन हो सकता है. खासकर उन लोगों के लिए, जो पूरे साल के लिए एक ही बार रिचार्ज कराकर टेंशन खत्म करना चाहते हैं.

15 साल के वैभव सूर्यवंशी को देखने उमड़ा हुजूम, आउट होते ही खाली हुआ स्टेडियम

 चेन्नई दलीप ट्रॉफी (2026-27) फाइनल के पहले दिन (6 सितंबर) चेन्नई का एमए चिदंबरम स्टेडियम पूरी तरह वैभव सूर्यवंशी के रंग में रंगा नजर आया. 15 साल के इस युवा बल्लेबाज को देखने के लिए करीब 12 हजार दर्शक चेपॉक पहुंचे और पूरे दिन उनके नाम के नारे लगाते रहे. वैभव ने भी 37 गेंदों में 44 रनों की तेज पारी खेलकर फैन्स का भरपूर मनोरंजन किया. हालांकि, उनके आउट होते ही कई दर्शक स्टेडियम से निकल गए. लेकिन वैभव ने दिन का खेल खत्म होने के बाद जो किया, उसने वहां मौजूद फैन्स का दिल जीत लिया l ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच जारी इस मुकाबले के लिए चेपॉक में सुबह से ही दर्शकों की भीड़ जुटने लगी थी. BCCI (भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड) ने फाइनल को बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) से चेन्नई इसलिए शिफ्ट किया था, ताकि ज्यादा से ज्यादा फैन्स मैदान में आकर मुकाबला देख सकें. इस फैसले का असर मैच शुरू होने से पहले ही दिखाई देने लगा. C, D और E ब्लॉक के निचले स्टैंड सुबह 9:30 बजे तक भर गए थे. दर्शकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए TNCA (तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन) को तीन और स्टैंड खोलने पड़े l स्टेडियम में मौजूद फैन्स लगातार वैभव सूर्यवंशी का नाम लेकर उनका हौसला बढ़ा रहे थे. कई दर्शक चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की पीली जर्सी में भी नजर आए. वैभव ने शुरुआत में तेज गेंदबाजों के खिलाफ संभलकर बल्लेबाजी की, लेकिन इसके बाद उन्होंने रफ्तार पकड़ ली. मोहम्मद सिराज के खिलाफ तो वैभव ने अपना आक्रामक अंदाज खुलकर दिखाया. सिराज के एक ओवर में वैभव ने 14 रन बटोरे. वैभव और अभिनमन्यु ईश्वरv ने मिलकर 100 रन की ओपनिंग साझेदारी पूरी की l शॉर्ट गेंद पर फंसे वैभव सूर्यवंशी साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने वैभव सूर्यवंशी के खिलाफ रणनीति बदलते हुए उन्हें डीप मिडविकेट और लॉन्ग लेग की दिशा में बड़े शॉट खेलने के लिए उकसाया. वैभव ने कुछ देर तक इस जाल में फंसने से परहेज किया, लेकिन चामा मिलिंद की शॉर्ट गेंद पर वह अपना विकेट गंवा बैठे. उस गेंद पर वैभव ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले के ऊपरी हिस्से से लगकर डीप मिडविकेट की तरफ चली गई. वहां मौजूद सब्स्टीट्यूट फील्डर तनय त्यागराजन ने उनका कैच पकड़ लिया. वैभव ने 37 गेंदों पर 44 रन बनाए, जिसमें पांच चौके के अलावा एक छक्का शामिल रहा l वैभव सूर्यवंशी के आउट होने के बाद स्टेडियम में मौजूद कुछ दर्शक बाहर निकलने लगे. इनमें कई ऐसे फैन्स थे, जो खास तौर पर 15 वर्षीय बल्लेबाज को देखने चेपॉक पहुंचे थे. लेकिन दिन का खेल खत्म होने पर वैभव ने उन्हें निराश नहीं किया. शाम करीब 5:03 बजे खिलाड़ी पवेलियन की ओर लौटने लगे तो वैभव कुछ देर मैदान पर रुके और उस स्टैंड की तरफ चले गए, जहां से पूरे दिन उनका नाम पुकारा जा रहा था. फैन्स ने बाड़ के दूसरी तरफ से कैप, नोटबुक, कागज और जर्सी आगे बढ़ाई. वैभव ने भी बिना जल्दबाजी किए उनको ऑटोग्राफ दिए l

यूएस ओपन में बड़ा उलटफेर, फ्रिट्ज-कोबोली-अनिसिमोवा का सफर खत्म; ज्वेरेव और गॉफ प्री-क्वार्टर फाइनल में

नई दिल्ली अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने अपने दूसरे ग्रैंडस्लैम टाइटल की उम्मीदें जिंदा रखते हुए चिली के अलेहांद्रो ताबिलो को सीधे सेटों में हराकर यूएस ओपन के प्री क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। महिलाओं के वर्ग में कोको गॉफ ने घरेलू दर्शकों को चैन की सांस लेने का मौका देते हुए अगले राउंड में जगह बना ली, जबकि कई अन्य अमेरिकी शनिवार को हारकर बाहर हो गए। जापान की नाओमी ओसाका कड़े संघर्ष के बाद अगले राउंड में पहुंची। 2022 की चैंपियन इगा स्वियातेक और एलेना रिबाकिना भी अपने-अपने मैच जीतकर अगले राउंड में पहुंच गई हैं। आखिरकार मिली आसान जीत लगातार पांच सेट के मुकाबले खेलने के बाद आखिरकार ज्वेरेव को एक आसान मैच मिला और उन्होंने चिली के ताबिलो को 6-2, 7-6(2), 6-2 से हराया। जीत के बाद उन्होंने कहा कि मैं सोचता हूं कि आज का दिन बीते कुछ दिनों से बहुत बेहतर रहा। मैंने बेसलाइन से खुद में बहुत सुधार किया है। मैं दूसरे सेट से नाखुश था। खासतौर से इसके अंत में शायद मेरा फोकस थोड़ा हिल गया था। मैं अच्छा नहीं खेल रहा था। लेकिन मेरे हिसाब से पहले और तीसरे सेट को देखें तो बाकी दिनों से मैं बहुत बेहतर था। पुरुष वर्ग में एक और दिग्गज पांचवें वरीय इटली के फ्लावियो कोबोली को बेल्जियम के अलेक्जांडर ब्लोक्स ने 6-7(4), 6-3, 6-0, 6-3 से हराते हुए बड़ा उलटफेर कर दिया। अमेरिकन वाइल्ड कार्ड एंट्री माइकल झेंग को फ्रांस के आर्थर गेआ ने 7-6(7), 3-6, 4-6, 6-3, 6-2 से हराया। अमेरिका के लर्नर टिएन ने चेक गणराज्य के याकुब मेंसिक को 6-3, 1-6, 6-7(2), 6-3, 6-4 से मात दी। मेजबान देश के टेलर फ्रित्ज इससे पहले न्यूयॉर्क में एक भी सेट नहीं हारे थे लेकिन अर्जेंटीना के फ्रैंसिस्को सेरुंदोलो ने उन्हें 3-6, 4-6, 6-3, 6-4, 6-4 से मात दी। स्वियातेक-सबालेंका प्री क्वार्टर फाइनल में आठवीं वरीयता प्राप्त इगा स्वियातेक ने एक बार फिर शानदार जीत हासिल की। महिला वर्ग के तीसरे दौर में आठ बार की ग्रैंडस्लैम चैंपियन स्वियातेक ने चेक गणराज्य की मैरी बोजकोवा को 7-6(3), 7-6(3) शिकस्त दी और प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। अब उनका सामना चीन की झेंग किनवेन से होगा। इसी तरह, गत चैंपियन एरिना सबालेंका क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई हैं। उन्होंने प्री क्वार्टर फाइनल में अमेरिका की टेलर टाउनसेंड को 6-4, 6-3 से हराकर आसान जीत हासिल की। दो बार की यूएस ओपन चैंपियन और 13वीं वरीयता प्राप्त नाओमी ओसाका ने बेल्जियम की एलीस मर्टेंस के विरुद्ध 6-3, 3-6, 7-5 से जीत हासिल की। इस मैच में ओसाका की कड़ी परीक्षा हुई और दूसरा सेट गंवाने के दौरान उनकी झुंझलाहट साफ दिख रही थी। हालांकि बाद में उन्होंने मैच पर कंट्रोल लेते हुए इसे अपने नाम किया। चौथी वरीयता कोको गफ ने इससे पहले स्पेन की क्रिस्टीना बुक्सा को बेहद आसानी के साथ 6-3, 6-4 से हराया। दूसरी वरीयता प्राप्त एलेना रिबाकिना का सफर भी बरकरार रहा, उन्होंने यूक्रेन की युलिया स्तारोदुब्त्सेवा को 7-6(6), 6-3 से मात दी। फ्रेंच ओपन चैंपियन मीरा आंद्रीवा ने चेक गणराज्य की निकोला बार्तुंकोवा को 6-2, 7-6(5) से हराया। मेजबान देश के 22वीं वरीयता प्राप्त मैडिसन कीज और 10वीं वरीयता प्राप्त अमांडा अनिसिमोवा को तीसरे राउंड में हार मिली और घरेलू प्रशंसक फ्लशिंग मीडोव्स में लगातार निराश हुए। चीन की झेंग क्विंवेन ने कीज को 1-6, 7-6(3), 7-5 से हराया। वहीं, दसवीं वरीयता अनिसिमोवा को आस्ट्रियाई खिलाड़ी अनास्तासिया पोतापोवा ने 6-2, 7-5 से हराया। युकी भांबरी और अनिरुद्ध चंद्रशेखर हारे भारत के युकी भांबरी और अनिरुद्ध चंद्रशेखर को पुरुष डबल्स के पहले दौर में हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही दोनों खिलाड़ियों का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया। भांबरी और उनके न्यूजीलैंड के जोड़ीदार माइकल वीनस को रयान सेगमैन और पैट्रिक ट्रहाक की अमेरिका की जोड़ी ने कड़े मुकाबले में 7-6 (4), 7-6 (3) से शिकस्त दी। यह हार भांबरी और वीनस के लिए निराशाजनक रही, क्योंकि दोनों ने पिछले साल यूएस ओपन के सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था। अनिरुद्ध चंद्रशेखर और बेलारूस के इवान ल्यूतारेविच की जोड़ी को भी पहले दौर में संघर्षपूर्ण मुकाबले में हार मिली। ब्रिटेन के आर्थर फेरी और जोशुआ पैरिस ने उन्हें 4-6, 7-5, 4-6 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई।

2 मिनट के अपीयरेंस के बाद रिया अहीर का सफर खत्म, वाइल्ड कार्ड एंट्री की चर्चा तेज

NEET प्रोटेस्ट से वायरल हुईं रिया अहीर बिग बॉस के मंच से ही बाहर हो गईं. 2 मिनट का अपीयरेंस देने के बाद ही सलमान खान ने जनता का फैसला सुनाते हुए उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया. हालांकि फैंस और सोशल मीडिया यूजर्स को ये रास नहीं आ रहा है. वो पोस्ट शेयर कर उन्हें वापस लाने की डिमांड कर रहे हैं l रिया को दिखाया बाहर का रास्ता CJP प्रोटेस्ट के दौरान छात्रों से भरी पुलिस की वैन को रोकने वाली रिया अहीर के साथ मुकाबले में पंजाबी एक्ट्रेस लव गिल थीं. दोनों में से किसी एक का चुनाव जनता की वोटिंग के जरिए होना था. इसमें लव गिल की जीत हुईं और रिया को बाहर कर दिया गया. लेकिन इससे पहले लव और रिया के बीच 2 मिनट का बैंटर चला जिसमें लव ने वायरल गर्ल को खूब खरी खोटी सुनाई. लव ने यहां तक कहा उस दिन ड्राइवर को वैन चला देना चाहिए था. आपको बाहर ही होना चाहिए, यहां पर सारे अपने हक के लिए खुद लड़ सकते हैं l रिया पर आरोप है कि उन्होनें चीप पब्लिसिटी के लिए कई तरीके अपनाए, ओवर कॉन्फिडेंस दिखाते हुए रिजल्ट से पहले ही खुद को बिग बॉस की कंटेस्टेंट घोषित कर दिया था. इतना ही नहीं रिपोर्ट्स हैं कि अपनी कम्पैटिटर लव गिल को लेकर भी लाइव वीडियोज में गलत बातें कही l ऐसे में जब रिया बिग बॉस की रेस से बाहर हुईं तो, सोशल मीडिया पर रिएक्शन्स की बाढ़ आ गई. उन्हें कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अडॉप्टेड बेटी बताते हुए लोगों ने कहा कि- अरे अरे, राहुल गांधी की अडॉप्टेड बेटी, खुद से घोषित की हुई जेन जी क्वीन, रिया अहीर यादव को ऑडियन्स ने पहले ही दिन बाहर का रास्ता दिखा दिया. और लव गिल जीत गईं. ऑडियन्स ने उनकी 140 रुपये वाली सब्सक्रिप्शन को रिजेक्ट कर दिया. लेकिन बावजूद इसके रिया को वाइल्ड कार्ड में एंट्री में लाया जाएगा l वाइल्ड कार्ड एंट्री होंगी रिया? दरअसल, ये कयास इसलिए लगाए जा रहे हैं क्योंकि पिछले सीजन में मृदुल तिवारी और शहबाज बदेशा के बीच भी ऐसा ही घमासान हुआ था. इसमें शहबाज प्रीमियर के दिन जनता के वोटों से हार गए थे, और बाहर हो गए थे. मृदुल को घर में एंट्री मिली थी. लेकिन फिर कुछ वक्त बाद शहबाज की वाइल्ड कार्ड एंट्री कराई गई था l उम्मीद की जा रही है कि रिया के साथ भी इस सीजन में ऐसा ही कुछ किया जाएगा. भले ही अभी वो बाहर हो गई हैं, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही वो बिग बॉस के घर में तूफान मचाने वापस लौटेंगी l   साथ ही रिया के फैंस को ये बेइज्जती नागवार गुजरी. सोशल मीडिया पर रिएक्शन्स की भरमार आ गई है. यूजर्स लिख रहे हैं कि रिया ने एक अच्छी नीयत से प्रदर्शनकारियों की मदद की थी, उनसे इस तरह की बातें कहना बिल्कुल गलत है. वहीं कई ने सलमान खान पर भी सवाल उठाए और कहा कि वो चुपचाप सुनते रहे. ऐसे में सोशल मीडिया पर उनकी वापसी की डिमांड की जा रही है. उन्हें टोटल बिग बॉस मैटेरियल बताते हुए वापस लाने की डिमांड की जा रही है l हाल ही में इस पर रिएक्ट करते हुए रिया ने एक वीडियो पोस्ट कर अपने फैंस का शुक्रियाअदा भी किया है l

IAS नेहा का 50 दिन में दोबारा तबादला, बोलीं- ‘ट्रांसफर की धमकी देने वालों पर शिकायत के बाद मुझे ही हटा दिया’

 भोपाल एमपी में एक IAS अधिकारी के लगातार ट्रांसफर का मामला चर्चा में है. IAS अधिकारी नेहा मारव्या सिंह ने एक साल के भीतर चौथी बार अपना नाम ट्रांसफर लिस्ट में आने पर नाराजगी जताई है. उन्होंने IAS अधिकारियों के ग्रुप में अपना दर्द साझा करते हुए सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाए हैं।  5 सितंबर 2026 की ट्रांसफर लिस्ट का जिक्र करते हुए नेहा मारव्या सिंह ने लिखा कि वह बेहद परेशान हैं. उन्होंने कहा कि मौजूदा पद पर ज्वाइन करने के महज 50 दिन के भीतर ही उनका ट्रांसफर कर दिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर एक IAS अधिकारी इतना कमजोर कैसे हो सकता है कि उसके साथ काम करने वाले कर्मचारी ही उसे ट्रांसफर कराने में सफल हो जाएं? नेहा मारव्या सिंह का यह संदेश IAS अधिकारियों के ग्रुप में साझा किया गया है. इसमें उन्होंने अपने साथ हुए घटनाक्रम का सिलसिलेवार जिक्र करते हुए कहा कि वह लंबे समय से चुप्पी और धैर्य बनाए हुए थीं, लेकिन अब स्थिति इस स्तर तक पहुंच गई है कि उनके मातहत उन्हें ट्रांसफर कराने की धमकी देने लगे हैं।  एक साल में चौथी बार मेरा नाम ट्रांसफर लिस्ट में IAS अधिकारी ने अपने संदेश की शुरुआत सीनियर अधिकारियों और सहयोगियों को संबोधित करते हुए की. उन्होंने कहा कि वह समझती हैं कि IAS अधिकारी होने के नाते राज्य सरकार उन्हें जहां चाहे वहां ड्यूटी करने के लिए कह सकती है और उन्होंने हमेशा सरकारी आदेशों को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया है. लेकिन इस बार उन्हें यह ट्रांसफर बेहद निराशाजनक लग रहा है. अपने संदेश में नेहा मारव्या सिंह ने ट्रांसफर की वजह को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि उनके साथ काम करने वाले कुछ कर्मचारियों ने उनके खिलाफ ‘mutiny’ यानी विद्रोह जैसा माहौल बनाया. उनका कहना है कि इन कर्मचारियों का प्रशासनिक नियंत्रण सीधे उनके पास नहीं था, बल्कि उनका स्थापना संबंधी नियंत्रण विभाग के पास था।  नेहा के मुताबिक, इन कर्मचारियों ने उनकी टेबल पर आकर कथित तौर पर धमकी दी कि उनका ट्रांसफर करा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि उन्होंने मातहतों की कथित अनुशासनहीनता, फाइलें रोककर रखने और विभाग में उनके साथ किए गए कथित दुर्व्यवहार की जानकारी उचित माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई थी. उन्हें उम्मीद थी कि इस पर जरूरी कार्रवाई होगी. लेकिन उनके मुताबिक, कार्रवाई होने के बजाय उनका ही ट्रांसफर कर दिया गया।  क्या IAS अधिकारी इतना कमजोर है  अपने संदेश में नेहा मारव्या सिंह ने सबसे बड़ा सवाल इसी बात को लेकर उठाया. उन्होंने पूछा कि इस तरह के फैसले से नीचे तक क्या संदेश जाएगा? उनके शब्दों में, क्या एक IAS अधिकारी इतना कमजोर है कि उसके मातहत कर्मचारी भी उसके खिलाफ विद्रोह कर उसे ट्रांसफर कराने में सफल हो सकते हैं? उन्होंने यह भी कहा कि किसी अधिकारी के ज्वाइन करने के एक महीने के भीतर ही उसके खिलाफ इस तरह का माहौल बन जाना सामान्य बात नहीं है. उनके मुताबिक, किसी अधिकारी को नई जगह के कामकाज को समझने में ही समय लगता है।  उन्होंने अपने साथ हुए घटनाक्रम को अपमानजनक बताते हुए कहा कि मातहतों के कथित विद्रोह के कारण उनका ट्रांसफर किया गया. नेहा ने अपने संदेश में अपने छोटे कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उनकी पोस्टिंग का कार्यकाल कई बार सिर्फ 2-3 महीने का रह जाता है. ऐसे में जब तक वह किसी पद की जिम्मेदारी और कामकाज को समझ पाती हैं, तब तक उन्हें हटा दिया जाता है. उन्होंने लिखा कि ऐसी स्थिति में वह प्रभावी तरीके से काम कैसे कर सकती हैं  उन्होंने दावा किया कि उनके मातहतों को भी यह महसूस होने लगा है कि अगर वह उनके हिसाब से काम नहीं करेंगी तो वे उनका ट्रांसफर करा सकते हैं. यही बात उन्हें सबसे ज्यादा परेशान कर रही है।  बनाए रखी चुप्पी और धैर्य  IAS अधिकारी ने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने लंबे समय तक चुप्पी और धैर्य बनाए रखा. उन्होंने दावा किया कि उन्हें लंबे समय तक किनारे रखा गया और पर्याप्त काम नहीं दिया गया. उन्हें उम्मीद थी कि समय के साथ परिस्थितियां बेहतर होंगी. लेकिन उनके मुताबिक, स्थिति सुधरने के बजाय और खराब होती चली गई. अब स्थिति यह हो गई है कि उनके मातहत कर्मचारी ही उन्हें ट्रांसफर कराने की धमकी देने लगे हैं. अपने संदेश के अंत में नेहा मारव्या सिंह ने बेहद तल्ख टिप्पणी की. उन्होंने लिखा कि ‘Always conspirators win and I fail’, यानी उनके मुताबिक हर बार साजिश करने वाले जीत जाते हैं और वह असफल हो जाती हैं. उन्होंने कहा कि सिस्टम उन्हें विफल कर चुका है. उन्होंने यह भी लिखा कि आज वह निशाने पर हैं और कल कोई दूसरा IAS अधिकारी भी इसी तरह निशाना बन सकता है. उनका यह संदेश अब प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। 

जहरीली शराब कांड में MP में 18 मौतें, 109 मरीज भर्ती; 30 आरोपी नामजद, CM ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

सागर  सागर में जहरीली शराब पीने से मौतों का आंकड़ा 18 पहुंच गया है। सोमवार सुबह महेश रावत (55) निवासी धुरमार ने बंडा अस्पताल, छापरी गांव की रहने वाली श्याम बाई अहिरवार (50) ने जिला अस्पताल और पापेट गांव निवासी कृष्ण कुमार लोधी ने मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ा। फिलहाल, 109 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस ने मामले में 30 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें से 10 को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे शराब के नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है। लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा और यशवंत ठाकुर को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस टीमें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।  सीएम मोहन यादव ने कहा-कड़ी कार्रवाई करेंगे सागर में मिलावटी शराब से मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक 18  लोगों की मौतों की सूचना है। कई प्रभावित अस्पताल में भर्ती ​हैं जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। ऐसे में मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। सागर की कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अस्पताल पहुंचकर प्रभावितों का हाल जाना और स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। इस बीच मिलावटी शराब मामले में कई प्रतिष्ठित लोगों के शामिल होने की आशंका है। हालांकि सीएम मोहन यादव ने मामले में कड़ी कार्रवाई की बात कही है। सागर में शराब पीनेवालों की स्क्रीनिंग भी कराने की अपील की जा रही है। सागर में हुए शराब कांड पर बीजेपी सरकार पर विपक्षी हमलावर हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में सरकार के संरक्षण में अवैध शराब का कारोबार खुलेआम चल रहा है। परिजन बोले- शराब पीने के बाद बिगड़ी तबीयत महेश के भतीजे श्रवण कुमार रावत ने बताया कि चाचा ने कल शाम को शराब पी थी‌‌, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी थी। वहीं, श्याम बाई के बेटे विट्ठल अहिरवार ने कहा- हम मामा के घर गमी में गए थे। मां घर में अकेली थी। उन्होंने गांव में किसी से मंगवाकर शराब पी ली। देर रात उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। सुबह उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई। राजेंद्र ने पूछा था- जहरीली शराब तो नहीं है बंडा थाने में दर्ज FIR के अनुसार, फरियादी अनूप सिंह लोधी ने बताया कि उसके गांव में करीब 8 लोग अवैध रूप से शराब बेचते हैं। 4 सितंबर को वह अपने भतीजे राजेंद्र लोधी के साथ जुझार लोधी की दुकान पर गया था। जुझार ने बताया कि बरेठी के लाइसेंसी शराब ठेकेदार यशवंत सिंह, मनीष लोधी और बंडा निवासी आशीष साहू ने आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रविंद्र, रोहित, अनिकेत गंधर्व और माखन के माध्यम से अपनी गाड़ी से नया सस्ता ब्रांड भेजा है। उसने कहा कि यह शराब दुकान से 20 रुपए सस्ती मिलेगी। अनूप ने कहा कि उसे आज शराब नहीं पीनी है। राजेंद्र ने पूछा कि नकली जहरीली शराब तो नहीं है। प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित अभी तक की जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि सागर में यूपी का रैकेट मिलावटी शराब की सप्लाई कर रहा था। सीएम मोहन यादव ने सागर जिले के प्रभारी मंत्री को तुरंत मौके पर पहुंचने को कहा है। प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जांच कमेटी भी गठित कर दी गई है। जुझार ने कहा- 20 रुपए सस्ती मिलेगी जुझार लोधी ने कहा- ब्रांड वही है और इसे मनीष व आशीष ने शराब के फार्मूले से बनाया है। उसने कहा कि यह बाजार से 20 रुपए सस्ती मिलेगी। राजेंद्र ने जुझार की दुकान से 70 रुपए में एक क्वार्टर देशी शराब खरीदी और पी। रात में घर लौटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे बंडा अस्पताल ले जाया गया, जहां से सागर रेफर किया गया। इलाज के दौरान राजेंद्र की मौत हो गई। करतार सिंह लोधी और दिग्विजय सिंह लोधी की भी शराब पीने से मौत हुई। पुलिस ने इन लोगों पर दर्ज की एफआईआर पुलिस ने जुझार लोधी, दिनेश सिंह, सौरभ लोधी, गोविंद लोधी, मनोहर लोधी, लाइसेंसी यशवंत ठाकुर, मनीष लोधी, आशीष साहू, आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रोहित, माखन, अनिकेत गंधर्व, विशाल लोधी, मंगल रजक, विशाल लोधी और राजा सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा, राम सिंह लोधी, चंद्रभान राजपूत, अरविंद यादव, भगवान सिंह और मान सिंह अहिरवार समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। ग्रामीण बोले- ततरवारा गांव से होती थी शराब की सप्लाई नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि नौराज ग्राम पंचायत के ततरवारा गांव में लंबे समय से अवैध शराब बनाई जा रही है। यहां से आसपास के गांवों में शराब की सप्लाई होती है। ग्रामीणों के मुताबिक, शराब बनाने के काम में कई प्रभावशाली और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग जुड़े हैं। उनकी दहशत के कारण ग्रामीण खुलकर नाम लेने से डरते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय पुलिस भी ततरवारा गांव में शराब के खिलाफ कार्रवाई करने से कतराती है। 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रहे एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि शराब मामले में बंडा और विनायका थाने में 25 से अधिक नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। उनसे शराब के नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें अलग-अलग स्थानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। मामले के सभी बिंदुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।

महाकाल की भादौ सवारी आज होगी भव्य, 50 क्विंटल फूलों की होगी बारिश; 6 घंटे मिलेंगे दर्शन

उज्जैन  भादौ के दूसरे सोमवार पर आज उज्जैन में बाबा महाकाल की राजसी सवारी निकाली जाएगी। इसका मार्ग करीब साढ़े पांच किलोमीटर का होगा। सवारी में शामिल होने के लिए देशभर से श्रद्धालु आएंगे। इससे पहले सावन की चार और भादौ की एक सवारी निकल चुकी है। ये छठी और आखिरी सवारी है। इसमें केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादत्य सिंधिया पालकी का पूजन करेंगे। महाकाल की सवारी में 5 कलाकारों की एक ऐसी टोली भी शामिल होती है, जिनकी वेशभूषा और अंदाज श्रद्धालुओं का ध्यान खुद-ब-खुद खींच लेता है। खास तरह की पगड़ी, आभूषण और पारंपरिक हथियार वाले इस रूप में तैयार होने के लिए करीब दो घंटे तक मेकअप किया जाता है। इसके बाद 11 से 15 किलो तक की राजसी पोशाक पहनकर ये किरदार पूरी सवारी में पैदल चलते हैं। शिक्षक ने शुरू की परंपरा, 39 साल से निभा रहे किरदार महाकाल की सवारी में शामिल होने वाली इस टोली में स्वामी मुस्कुराके, स्वामी खिलखिलाके, स्वामी दिलमिलाके, स्वामी गुदगुदाके और पप्पू तलवार शामिल हैं। बाबा की पालकी के आगे चलने वाली यह टोली अलग-अलग राजसी किरदारों में नजर आती है। हर साल इनका लुक अलग होता है। इस टोली के मुखिया शैलेंद्र व्यास उर्फ ‘स्वामी मुस्कुराके’ 39 साल से लगातार महाकाल की सवारी में शामिल हो रहे हैं। वे उज्जैन के ही रहने वाले हैं। 1989 में शिक्षक की नौकरी के दौरान उन्हें पता चला कि पुराने समय में राजा अपनी राजसी वेशभूषा में महाकाल की सवारी में शामिल होते थे।इसी परंपरा से प्रभावित होकर उन्होंने पहली बार धोती-कुर्ता और साफा पहनकर सवारी में हिस्सा लिया। इसके बाद यह सिलसिला कभी नहीं टूटा। राणौजी सिंधिया ने परंपरा को दिया नया स्वरूप करीब सवा दो सौ वर्ष पहले मराठा शासनकाल में सिंधिया वंश के संस्थापक राणौजी सिंधिया ने महाकाल मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया और महाकाल की सवारी की परंपरा को नया स्वरूप दिया। उन्होंने सवारी में नए रथ, गजराज और लोक परंपराओं को शामिल किया, जिससे आयोजन और अधिक भव्य बन गया। राणौजी सिंधिया स्वयं भी सवारी में शामिल होते थे और पालकी के आगे चलकर भगवान महाकाल को राजाधिराज का सम्मान देते थे। इसके बाद स्वतंत्रता पूर्व काल तक सिंधिया और होलकर राजवंशों के प्रमुख भी महाकाल की सवारी में राजकीय रूप से शामिल होते रहे। पालकी के आगे चलना इस बात का प्रतीक माना जाता था कि राज्य के वास्तविक शासक स्वयं भगवान महाकालेश्वर हैं। सावन-भादौ में निकलती है महाकाल की सवारी विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर की सवारी हर वर्ष सावन और भादौ माह में सोमवार को निकलती है। सावन के सोमवारों के साथ भादौ माह के दो सोमवार भी भगवान महाकाल नगर भ्रमण पर निकलते हैं। भादौ माह के दूसरे सोमवार को निकलने वाली सवारी को अंतिम और राजसी सवारी के रूप में विशेष महत्व प्राप्त है। इस दौरान विभिन्न कलाकार, संगीतकार और लोक कलाकार शामिल होते हैं। भगवान महाकाल का आकर्षक श्रृंगार किया जाता है और सवारी के मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पूरी उज्जैन नगरी महाकाल के जयकारों से गूंज उठती है।  भक्तों की आस्था का प्रतीक है सवारी महाकाल की सवारी को भगवान महाकाल के प्रति श्रद्धा और आस्था का प्रतीक माना जाता है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान को फल, मिठाई, दूध और अन्य भोग अर्पित करते हैं। दूर-दूर से श्रद्धालु सवारी में शामिल होने के लिए उज्जैन पहुंचते हैं और बाबा महाकाल के जयकारों के साथ नगर भ्रमण में सहभागी बनते हैं। करीब 1100 साल पुरानी इस परंपरा ने राजा भोज के राजकीय उत्सव से लेकर सिंधिया और होलकर राजवंशों के दौर तक कई बदलाव देखे हैं। हालांकि, समय के साथ स्वरूप बदलने के बावजूद भगवान महाकाल की सवारी आज भी उज्जैन की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का सबसे भव्य आयोजन बनी हुई है।

बिहार बाढ़: 190 सामुदायिक रसोई में 2.51 लाख लोगों को मिल रहा भोजन, 1429 नावें तैनात

पटना राज्य में बाढ़ की वजह से 22 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित है। इस स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव कार्यों का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। नदियों के जलस्तर में हुई वृद्धि और बाढ़ की चुनौती से निपटने की दिशा में आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तत्परता से जुटा हुआ है। व्यापक राहत अभियानों के तहत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 190 सामुदायिक रसोई केंद्रों का सफल संचालन किया जा रहा है। इनके माध्यम से अब तक लगभग 2.51 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि इस आपदा की घड़ी में राज्य का कोई भी प्रभावित नागरिक भूखा न रहे और हर पीड़ित तक त्वरित सहायता पहुंचे। 12 जिलों में लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त 12 जिलों पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय एवं अरवल के 70 प्रखंडों की 368 ग्राम पंचायतों में लगभग 22.42 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। पांच सितंबर को संचालित 80 सामुदायिक रसोइयों की संख्या को बढ़ाकर रविवार को 190 कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त तीन राहत शिविरों का भी संचालन किया जा रहा है। यहां 1631 बाढ़ शरणार्थियों के लिए आवासन, भोजन एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं दी गई हैं। विभाग की ओर से अब तक प्रभावित परिवारों के बीच लगभग 65,700 पालीथीन शीट तथा 12,712 ड्राई राशन पैकेट बांटे जा चुके हैं। इसी तरह ड्राई राशन पैकेट का वितरण भी 11,700 से बढ़कर 12,712 हो गया है। 1429 नावों का हो रहा परिचालन   प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के सुरक्षित आवागमन के लिए 1,429 नावों का परिचालन कराया जा रहा है, जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए चलाए जा रहे चिकित्सा शिविरों की संख्या 118 से बढ़ाकर 171 कर दी गई है। राहत अभियानों को मजबूती देने के लिए एनडीआरएफ की 10 टीमों और एसडीआरएफ की 27 टीमों को विभिन्न जिलों में तैनात किया गया है। नदियों के जलस्तर की बात करें तो केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा नदियां विभिन्न स्थलों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंडक (वाल्मीकिनगर) और सोन (इंद्रपुरी) बराजों पर जलस्राव की प्रवृत्ति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार अगले दो दिनों में राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।  

20 साल की सेवा के बाद नियमित होने की आस, हरियाणा के अतिथि अध्यापकों ने सरकार से लगाई गुहार

चंडीगढ़  हरियाणा के सरकारी स्कूलों में करीब दो दशक से सेवाएं दे रहे अतिथि अध्यापकों ने अपनी मांग को सरकार तक पहुंचाने के लिए गांधीगिरी का रास्ता अपनाया है। प्रदेशभर में अतिथि अध्यापकों ने एक साथ इंटरनेट मीडिया पर अभियान चलाकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा की सकारात्मक सोच को लेकर हजारों पोस्ट साझा कीं। अभियान का मकसद सरकार का ध्यान अपनी उस मांग की ओर आकर्षित करना है, जिसके तहत अतिथि अध्यापक खुद को नियमित करने की मांग कर रहे हैं। प्रदेश में करीब 12 हजार अतिथि अध्यापक लंबे समय से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। नियमित करने की उठी मांग उनका तर्क है कि जब वे लगभग 20 वर्षों से शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं और लगातार अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, तो उन्हें भी हरियाणा के सरकारी कालेजों में कार्यरत अतिथि अध्यापकों की तर्ज पर नियमित किया जाना चाहिए। राज्य सरकार करीब चार हजार कालेज लेक्चरर्स को पक्का कर चुकी है। इसी निर्णय को आधार बनाकर स्कूलों के अतिथि अध्यापक भी अपने लिए समान नीति की उम्मीद लगाए हुए हैं। अतिथि अध्यापकों के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ मुलाकात हो चुकी है। इसके अलावा शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा भी अतिथि अध्यापकों की मांग के प्रति सकारात्मक रुख जाहिर कर चुके हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने बैठक में इस विषय पर अधिकारियों के साथ चर्चा करने का भरोसा दिया था। ऐसे में अतिथि अध्यापकों को उम्मीद है कि सरकार उनकी करीब 20 साल पुरानी सेवा और अनुभव को देखते हुए कोई ठोस रास्ता निकालेगी। अतिथि शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा विषय वहीं, विधानसभा में भी विपक्ष की ओर से अतिथि अध्यापकों को नियमित करने का मुद्दा उठाया जा चुका है। इससे यह मामला अब केवल कर्मचारी संगठनों की मांग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और लंबे समय से अस्थायी आधार पर काम कर रहे अतिथि शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा विषय बन गया है। अतिथि अध्यापकों का ताजा इंटरनेट मीडिया अभियान इसी उम्मीद के साथ चलाया गया है कि सरकार के समक्ष अपनी बात आक्रामक आंदोलन की बजाय सकारात्मक तरीके से रखी जाए। हजारों पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के सकारात्मक रुख को सामने रखते हुए उनसे जल्द निर्णय लेने की अपील की गई है। अब निगाहें सरकार और शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई पर हैं।

मेसी की शानदार वापसी, अटलांटा के खिलाफ 2-2 ड्रॉ में दोनों गोलों में निभाई अहम भूमिका

 मियामी  हाल ही में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कहने वाले अर्जेंटीना के पूर्व कप्तान लियोनल मेसी ने अपनी मेजर लीग साकर (एमएलएस) टीम इंटर मियामी के लिए दो गोलों में सहयोग कर क्लब स्तर की शानदार फार्म जारी रखी। अर्जेंटीना टीम से रिटायर होने का फैसला लेने के बाद ये मेसी का पहला मैच था और अटलांटा युनाइटेड के विरुद्ध 2-2 के ड्रॉ में उन्होंने अपनी टीम के दोनों गोलों में मदद की। टीम के लिए दोनों गोल उरुग्वे के स्ट्राइकर लुइस सुआरेज और ब्राजील के मिडफील्डर कैसेमिरो ने किए जिन्होंने मेसी द्वारा लिए कार्नर पर हेडर के जरिए गोल किया। सुआरेज के गोल के लिए मेसी ने का पास वेनेजुएला के मिडफील्डर तेलास्को सेगोविया से होते हुए सुआरेज तक गया। अटलांटा की ओर से पराग्वे के मिडफील्डर मिगुअल अल्मीरान और स्विट्जरलैंड के स्ट्राइकर ब्रील एंबोलो ने गोल दागे। हालैंड के गोल से शीर्ष पर सिटीएर्लिंग हालैंड के सीजन के तीसरे गोल की मदद से प्रीमियर लीग क्लब मैनचेस्टर सिटी ने कोवेंट्री सिटी को 1-0 से हराकर अंकतालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। हालैंड ने 26वें मिनट में मैच का इकलौता गोल दिया। सिटी के अब तीन मैचों में नौ अंक हो गए हैं जबकि दूसरे नंबर पर मौजूद हल सिटी ने इतने ही मैचों में सात अंक जुटाए हैं। बाकी मैचों में टोटेंहम ने नाटिंघम फारेस्ट के विरुद्ध 0-0 के ड्रा के साथ इस सीजन के अपने पहले अंक कमा लिए। न्यूकासल ने बोर्नमथ के विरुद्ध 2-2 से ड्रा खेला जबकि क्रिस्टल पैलेस ने दो बार पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए फुलहम को 3-2 से मात दी। ब्रेंटफर्ड और संडरलैंड का मैच 1-1 की बराबरी पर छूटा। मार्टिनेज के गोल से जीता इंटरइटली की शीर्ष लीग सेरी आ में अर्जेंटीना के स्ट्राइकर लुतारो मार्टिनेज द्वारा इंजरी टाइम में किए गए गोल की मदद से इंटर मिलान ने नापोली को 3-2 से हरा दिया। डेनमार्क के स्ट्राइकर रासमस होयलुंद (50वें) और इटली के मिडफील्डर मत्तेओ पोलितानो (53वें मिनट) द्वारा किए गए गोलों की मदद से नापोली मैच में आगे चल रही थी लेकिन मार्टिनेज ने 56वें मिनट में इंटर का पहला गोल दाग आस जगाई और फिर मार्कस थुर्रम ने 82वें मिनट में मैच बराबर कर दिया और फिर (90+1 मिनट) में अपना दूसरा गोल कर मार्टिनेज ने इंटर को पूरे तीन अंक दिला दिए।