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जाम के बीच मोबाइल चलाते मिले 3 ट्रैफिक पुलिसकर्मी, वेतन रोका; 2 महिला पुलिसकर्मियों पर भी एक्शन

 पटना  मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान ड्यूटी में लापरवाही व अनुशासनहीनता बरतना एक महिला पुलिसकर्मी और महिला गृहरक्षक को महंगा पड़ गया। यातायात पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी से बिना सूचना गायब मिली महिला सिपाही निशा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं, महिला गृहरक्षक रुचि कुमारी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जा रही है। मामला दो सितंबर का है। मुख्यमंत्री के चैंबर आफ काॅमर्स में कार्यक्रम के मद्देनजर यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए रूट लाइन की जांच की जा रही थी। बाटा मोड़ से गायब मिली थीं दोनों पुलिसकर्मी इसी दौरान बाटा मोड़ पर यातायात संचालन के लिए महिला पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। जांच के क्रम निशा कुमारी और रूचि कुमारी अपने निर्धारित पोस्ट से अनुपस्थित पाई गई। बिना पूर्व सूचना या अनुमति के अपने ड्यूटी स्थल से वापस चली गई थी। मुख्यमंत्री के वीआईपी कार्यक्रम जैसे अति महत्वपूर्ण अवसर पर ड्यूटी से इस तरह गायब रहना गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता और आदेशों के उल्लंघन माना गया। मामले में निशा कुमारी को तत्काल प्रभाव से जीवनयापन भत्ता पर निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय यातायात संचालन निर्धारित किया गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है। जाम के बीच केबिन में मोबाइल चलाते मिले तीन यातायात पुलिसकर्मी, वेतन रोका शहर में यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद कई इलाकों में जाम की समस्या बनी रहती है। इसकी एक वजह ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की लापरवाही भी सामने आ रही है। यातायात एसपी के औचक निरीक्षण में बाकरगंज पोस्ट पर इस तरह का मामला उजागर हुआ है। सड़क पर यातायात का दबाव बढ़ा था, बावजूद यातायात व्यवस्था संभालने की बजाय तीन यातायात पुलिसकर्मी केबिन के अंदर मोबाइल चलाते मिले। तीनों पुलिसकर्मियों का वेतन रोक इनसे सात दिनों में स्पष्टीकरण मांगा गया है। पांच सितंबर की शाम करीब 6:45 बजे बाकरगंज यातायात पोस्ट का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान एएसआई रविन्द्र कुमार मंडल, महिला सिपाही गीता कुमारी और गृहरक्षक सूरज कुमार केबिन में बैठकर मोबाइल का इस्तेमाल करते पाए गए। निरीक्षण के समय सड़क पर जाम की स्थिति बनी हुई थी। जबकि शाम पांच से रात आठ बजे तक पिक आवर में कर्मियों को केबिन से बाहर रहकर यातायात संचालन कराने का निर्देश है। इसके बावजूद तीनों ने निर्देश की अनदेखी की। रविन्द्र कुमार मंडल और गीता कुमारी का वेतन तत्काल प्रभाव से धारित कर दिया गया है। गृहरक्षक सूरज कुमार के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए अलग से प्रतिवेदन भेजा जा रहा है। इसी तरह कारगिल यातायात पोस्ट पर दो महिला पुलिसकर्मियों को मोबाइल चलाते हुए मिली। इनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई।  

सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में उत्कृष्ट योगदान के लिए कलेक्टर रत्नाकर झा सम्मानित

सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में उत्कृष्ट योगदान के लिए कलेक्टर रत्नाकर झा सम्मानित अनूपपुर  सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि वर्ष 2024-25 में जिले द्वारा निर्धारित लक्ष्य से अधिक धनराशि एकत्रित कर सराहनीय योगदान देने पर कलेक्टर रत्नाकर झा को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कर्नल अरुण शुक्ला, सैनिक कल्याण अधिकारी, शहडोल एवं विशाल आमने, कल्याण संयोजक द्वारा कलेक्टर रत्नाकर झा को प्रशंसा पत्र भेंट किया गया। उल्लेखनीय है कि अनूपपुर जिले ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि वर्ष 2024-25 में निर्धारित लक्ष्य 3 लाख 63 हजार रुपये के विरुद्ध 4 लाख 23 हजार 550 रुपये की धनराशि एकत्रित कर लक्ष्य से अधिक योगदान दिया है। इस उपलब्धि के लिए जिले के प्रयासों की सराहना की गई है।

साइबर अपराध पर पुलिस की नई पहल, 14 थानों में खुलीं साइबर डेस्क; नजदीकी थाने में ही मिलेगी मदद

जिले के सभी 14 थानों में शुरू हुई साइबर डेस्क अब साइबर अपराध की शिकायत के लिए जिला मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं, नजदीकी थाने में ही मिलेगी पुलिस सहायता शहडोल   जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं साइबर ठगी से पीड़ित नागरिकों को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले के सभी 14 थानों में साइबर डेस्क की शुरुआत की गई है। साइबर डेस्क के माध्यम से नागरिक अपने नजदीकी थाने में ही साइबर अपराध एवं ऑनलाइन ठगी से संबंधित शिकायत दर्ज कराकर आवश्यक पुलिस सहायता प्राप्त कर सकेंगे। पुलिस अधीक्षक शहडोल डॉ. संजय अग्रवाल ने बुढार थाने में फीता काटकर साइबर डेस्क का शुभारंभ किया। इस पहल से साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों के लिए नागरिकों को जिला मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी। संबंधित थाना स्तर पर ही शिकायत प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साइबर डेस्क के माध्यम से ऑनलाइन ठगी, साइबर धोखाधड़ी, सोशल मीडिया से संबंधित अपराध एवं अन्य साइबर अपराधों की शिकायतों पर प्राथमिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इससे साइबर अपराधों की सूचना पुलिस तक शीघ्र पहुंचने के साथ ही पीड़ितों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। पुलिस विभाग द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं और तत्काल नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। साथ ही ऑनलाइन लेन-देन करते समय सतर्कता बरतें और किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। जिले के सभी थानों में साइबर डेस्क की शुरुआत से साइबर अपराधों के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई को थाना स्तर तक और अधिक प्रभावी बनाने तथा आमजन को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

दंतेवाड़ा के शिक्षक कैलाश देवांगन का बिजली बिल हुआ शून्य, पा रहे स्वच्छ ऊर्जा का लाभ

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना दंतेवाड़ा के शिक्षक कैलाश देवांगन का बिजली बिल हुआ शून्य, पा रहे स्वच्छ ऊर्जा का लाभ रायपुर,  केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नागरिकों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। इस योजना के माध्यम से लोग न केवल स्वच्छ ऊर्जा अपना रहे हैं, बल्कि अपने बिजली खर्च में भी उल्लेखनीय बचत कर रहे हैं। दंतेवाड़ा जिले के बड़े तुमनार निवासी और मोफलनार माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक श्री कैलाश कुमार देवांगन इसके प्रेरक उदाहरण बने हैं। गाँव के पहले हितग्राही बने कैलाश, मासिक खर्च में भारी बचत         कैलाश कुमार देवांगन अपने गाँव के पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने मार्च 2026 में इस योजना का लाभ उठाते हुए अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कराया। उन्होंने बताया कि पहले उनके 4 सदस्यीय परिवार का मासिक बिजली बिल करीब 1,000 से 1,200 (लगभग 200 यूनिट खपत) आता था। लेकिन सोलर प्लांट लगने के बाद से उनका बिजली बिल पूरी तरह समाप्त हो गया है। सरकारी सब्सिडी से आसान हुई राह        श्री देवांगन को मार्च माह में आयोजित शिक्षकों की एक बैठक के दौरान इस योजना की विस्तृत जानकारी मिली थी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी इस योजना की सबसे बड़ी खासियत है, जिससे आम परिवारों के लिए सौर ऊर्जा संयंत्र लगाना बेहद आसान हो गया है। उन्होंने अन्य नागरिकों से भी इस योजना का लाभ उठाकर अपने बिजली बिल को कम करने की अपील की है। आर्थिक लाभ के साथ पर्यावरण संरक्षण भी        शिक्षक कैलाश देवांगन का मानना है कि यह योजना केवल आर्थिक बचत का ज़रिया नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान देती है। भविष्य में बिजली की बढ़ती माँग और दरों को देखते हुए सौर ऊर्जा एक टिकाऊ विकल्प है। जिला प्रशासन एवं विद्युत विभाग ने भी जिले के नागरिकों से ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ से जुड़कर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया है।

LDA की दो नई आवासीय योजनाओं का होगा शुभारंभ, 72 से 450 वर्गमीटर तक मिलेंगे प्लॉट

लखनऊ राजधानी लखनऊ में अपना प्लॉट लेने का एक बार फिर मौका आ गया है। अगले हफ्ते गणेश चतुर्थी के अवसर पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की दो नई नैमिष नगर और वरुण बिहार आवासीय योजनाओं का शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसी दिन योजनाओं में प्लॉटों की बुकिंग प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। एलडीए ने मुख्यमंत्री से योजनाओं के शुभारंभ के लिए समय मांगा था। जिस पर गणेश चतुर्थी के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने की सहमति मिली है। संभावना है कि 13 या 14 सितंबर को मुख्यमंत्री दोनों महत्वाकांक्षी योजनाओं का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। दोनों योजनाओं में 72 से लेकर 450 वर्गमीटर के प्लाट होंगे। एक साथ छह हजार भूखंडों के लिए शुरू होगा पंजीकरण एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि दोनों योजनाओं में एक साथ करीब छह हजार भूखंडों की बुकिंग खोली जाएगी। गणेश चतुर्थी के दिन से ही ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो जाएगा। शहर के विस्तार को नई दिशा देंगी दोनों योजनाएं वरुण विहार योजना आगरा एक्सप्रेसवे के निकट लगभग 6,580 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही है। वहीं नैमिष नगर योजना सीतापुर रोड पर करीब 3,600 एकड़ क्षेत्र में आकार ले रही है। दोनों परियोजनाएं शहरी विस्तार को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। 72 से 450 वर्ग मीटर तक के प्लॉट दोनों योजनाओं में विभिन्न आय वर्गों के लिए 72 वर्ग मीटर से लेकर 450 वर्ग मीटर तक के भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे। ये भूखंड 18 मीटर से लेकर 45 मीटर चौड़ी सड़कों पर स्थित होंगे। इससे आवासीय सुविधाओं के साथ बेहतर यातायात और सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा। 21 से 22 लाख शुरुआती कीमत एलडीए ने दोनों योजनाओं के लिए भूखंडों की दरें भी तय कर दी हैं। वरुण विहार योजना में भूखंड लगभग 2,800 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से उपलब्ध होंगे। नैमिष नगर योजना में दर लगभग 3,200 रुपये प्रति वर्ग फुट रहेगी। बेहतर लोकेशन और विकसित आधारभूत सुविधाओं को देखते हुए इन दरों को प्रतिस्पर्धी माना जा रहा है। यानी सबसे छोटे प्लॉट की कीमत करीब 21 से 22 लाख के बीच होगी। सई नदी पर बनेगा दो लेन का पुल वहीं, राजधानी में जाम की समस्या को दूर करने और ट्रैफिक की रफ्तार को बढ़ाने के लिए हरौनी और भटगवां पाण्डेय के बीच हुलासखेड़ा के सामने सई नदी पर दो लेन पुल के निर्माण के लिए शासन स्तर पर सहमति मिली है। करीब 19.94 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल की कुल लंबाई 1571.23 मीटर प्रस्तावित है, जिसमें सई नदी के ऊपर पुल का मुख्य हिस्सा 90 मीटर लंबा होगा। क्षेत्रीय विधायक राजेश्वर सिंह ने पुल निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था। शासन के निर्देश पर सेतु निगम ने निर्माण का खाका तैयार कर अनुमोदन के लिए शासन को भेजा था। 26 अगस्त को शासन ने इस पर सहमति जता दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि एक-दो महीने में वित्तीय स्वीकृति मिल जाएगी।  

राजनांदगांव में प्रस्तावित फर्टिलाइजर प्लांट बनेगा विकास का नया इंजन, उद्योग और रोजगार को मिलेगी गति: मुख्यमंत्री साय गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट से बदलेगी राजनांदगांव की तस्वीर, औद्योगिक विकास के साथ बढ़ेंगे रोजगार के अवसर: CM साय

राजनांदगांव में प्रस्तावित गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट से औद्योगिक विकास और रोजगार को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से की आत्मीय भेंट इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 सहित प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा अध्यक्ष  डॉ. रमन सिंह से उनके रायपुर स्थित निवास पर आत्मीय भेंट की। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच राजनांदगांव में गेल (इंडिया) लिमिटेड के प्रस्तावित गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 तथा प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजनांदगांव में गेल (इंडिया) लिमिटेड का प्रस्तावित गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट क्षेत्र के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना साबित होगा। इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होने के साथ सहायक उद्योगों और व्यावसायिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे राजनांदगांव सहित आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश में नई संभावनाओं वाले उद्योगों के विस्तार के साथ आधुनिक तकनीक और उच्च मूल्य आधारित विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 इसी दिशा में छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आधुनिक विनिर्माण के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने की महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं और निवेश के लिए नई संभावनाएं बनी हैं। हमारा प्रयास है कि प्रदेश में आने वाला निवेश स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, क्षेत्रीय विकास और आर्थिक समृद्धि का माध्यम बने। राजनांदगांव की प्रस्तावित फर्टिलाइजर परियोजना भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।

सड़क पर क्यों भटक रहे ‘तारक मेहता’ के गोली यानी कुश शाह? राहगीरों से कर रहे खास गुजारिश

तारक मेहता का उल्टा चश्मा सिटकॉम सालों से फैंस को एंटरटेन करता आ रहा है. शो में आने वाले कैरेक्टर्स को करोड़ों लोग चाहते हैं. उनकी घर-घर में पहचान है. फिर क्यों शो के गोली का किरदार निभाने वाले कुश शाह को सड़क पर उतरना पड़ा. वो राह चलते लोगों से गुजारिश करते दिखे. अब ये गुजारिश क्या है, और वो क्यों लोगों से ऐसे बात कर रहे हैं, इसकी एक बड़ी वजह है. आइये आपको बताते हैं. क्यों भटक रहे 'गोली'? वैसे घबराने की जरूरत नहीं है. क्योंकि गोली यानी कुश किसी मुसीबत में नहीं हैं. वो बिल्कुल चुस्त-दुरुस्त और हैप्पी हैं. दरअसल, यूट्यूब व्लॉगिंग की इस बढ़ती दुनिया में कुश भी कदम रख चुके हैं. उन्होंने अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया है. इसके लिए उन्होंने मजेदार कंटेंट को चुना है. कुश ने इसकी झलक अपने इंस्टाग्राम पर भी दिखाई. वो मुंबई की सड़कों पर भटकते हुए राह चलते लोगों से उनके घर जाकर खाना बनाने की रिक्वेस्ट की. कुश ने कहा कि लोगों ने मुझे इतने सालों तक बहुत प्यार दिया है. अब वक्त है कि मैं उन्हें पेबैक करूं. मेरी खुद की हॉबी है, खाना बनाना सिर्फ खाना नहीं. एक्टर ने लोगों से कहा कि वो उनके घर जाकर खाना बनाना चाहते हैं और उन्हें खिलाना चाहते हैं. एक-एक कर कुश ने कई लोगों से पूछा, काफी हिचकिचाते नजर आए, तो वहीं कुछ बहुत खुश दिखाई दिए.  कुश फाइनली एक घर में जाते हैं और वहां जाकर खाना बनाकर खिलाते हैं. अपने चहेते सितारे को देखकर गली-मोहल्ले के लोग भी बहुत खुश होते हैं. बच्चे गोली… गोली कहकर चीयर करते दिखते हैं. गोली का ये आइडिया फैंस के बीच खूब पॉपुलर हो रहा है. कमेंट कर फैंस पूछ रहे हैं कि हमारे घर कब आओगे. वहीं शो में सोनू का किरदार निभा चुकीं झील मेहता और पलक सिंधवानी ने भी रिएक्ट किया और कहा कि- हमारे घर कब आ रहे हो और खूब खुशी जाहिर की. क्यों छोड़ा था TMKOC? कुश ने तारक मेहता का उल्टा चश्मा शो से 16 साल तक जुड़े रहे. 2024 में उन्होंने इसे फाइनली अलविदा कह दिया. वजह बताते हुए कुश का कहना था कि वो आगे की पढ़ाई के लिए विदेश जाना चाहते थे और वहीं कोई और करियर ऑप्शन तलाशना चाहते हैं. हालांकि लगता है कुश का वो प्लान काम नहीं कर पाया, तभी उन्हें भारत में ही यूट्यूब के जरिए नए मौके तलाशने पड़ रहे हैं.

पिज्जा रेस्टोरेंट की आड़ में चल रहा था ड्रग सिंडिकेट! अमेरिका में पंजाबी युवक गिरफ्तार, 40 किलो कोकीन जब्त

जालंधर अमेरिका के कैलिफोर्निया (California) में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट (Drug Syndicate) का पर्दाफाश करने का दावा किया है।पुलिस के अनुसार, पंजाब (Punjab) निवासी कवंलप्रीत पिज्जा रेस्टोरेंट (Pizza) की आड़ में कथित तौर पर कोकीन और अन्य नशीले पदार्थों की सप्लाई का नेटवर्क चला रहा था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पिज्जा डिलीवरी की आड़ में ड्रग्स का कारोबार जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी पिज्जा बिजनेस और डिलीवरी नेटवर्क का इस्तेमाल कथित तौर पर ड्रग्स की सप्लाई के लिए करता था। पुलिस का आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए स्थानीय स्तर पर कोकीन और मेथ जैसे नशीले पदार्थ पहुंचाए जाते थे। बताया जा रहा है कि आरोपी ने धीरे-धीरे एक बड़ा सप्लाई नेटवर्क तैयार कर लिया था और इससे भारी रकम कमाता था। रेड में 40 किलो कोकीन, पिस्तौल और कैश बरामद गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी के घर और उससे जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान करीब 40 किलो कोकीन, कई पिस्तौलें और बड़ी मात्रा में अमेरिकी डॉलर बरामद किए गए। हथियारों की बरामदगी ने जांच को और गंभीर बना दिया है। अधिकारियों को आशंका है कि ड्रग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग भी इस अवैध गतिविधि में शामिल हो सकते हैं। अवैध तरीके से अमेरिका में रहने का भी आरोप जांच में आरोपी के अमेरिका (US) में अवैध तरीके से रहने की बात भी सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस अब उसके इमिग्रेशन रिकॉर्ड के साथ-साथ कथित ड्रग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। उम्रकैद तक की सजा का सामना कर सकता है आरोपी इतनी बड़ी मात्रा में कोकीन, हथियारों की बरामदगी और कथित ड्रग तस्करी के आरोपों के चलते आरोपी को अमेरिकी कानून के तहत गंभीर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। दोष सिद्ध होने पर उसे लंबी जेल की सजा, यहां तक कि उम्रकैद, और भारी आर्थिक दंड का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि अंतिम सजा अदालत के फैसले पर निर्भर करेगी। पुलिस अब कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए जांच और छापेमारी आगे बढ़ा रही है।

मोहसिन रजा को योगी सरकार ने दी नई जिम्मेदारी, यूपी अल्पसंख्यक आयोग की संभालेंगे कमान

लखनऊ यूपी के पूर्व मंत्री मोहसिन रजा को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। मोहसिन रजा को यूपी अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। मोहसिन रजा इससे पहले वह योगी सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज विभाग में राज्य मंत्री रह चुके हैं। मोहसिन रजा के साथ ही आयोग में आठ सदस्य भी नामित किए गए हैं। संदीप जैन, अंशुमान कुमार सिंह मैसी, हनप्रीत सिंह बेदी, मोहम्मद असलम, परविंदर सिंह, नेहा खान, सैयद सिराज अब्बास रिजवी और रूमाना सिद्दीकी को सदस्य बनाया गया है। मोहसिन रजा साल 2017 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद उन्हें मंत्री बनाया गया था। अब पूर्व मंत्री मोहसिन रजा को उत्तर प्रदेश रअल्पसंख्यक आयोग की कमान दी गई है। कैबिनेट रैंक मिलने के साथ उनकी नई जिम्मेदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आपको बता दें कि नई जिम्मेदारी मिलने से कुछ समय पहले ही 12 अगस्त को मोहसिन रजा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में मोहसिन रजा ने उत्तर प्रदेश के वक्फ बोर्डों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। इस दौरान मोहसिन रजा ने दोनों वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की जिला स्तर पर एसआईटी जांच कराने की मांग उठाई थी। इन्हें मिली जिम्मेदारी मोहसिन रजा – लखनऊ संदीप जैन – कैलाशगंज चौक एटा अंशुमान कुमार सिंह मैसी – एनआईटी कैंपस लोधीपुर शाहजहांपुर हनप्रीत सिंह बेदी – लालबाग पचेंडा रोड गांधी कॉलोनी मुजफ्फरनगर मोहम्मद असलम – ग्राम पाउली फतेहपुर परविंदर सिंह – आलमबाग लखनऊ नेहा खान – ग्राम बूढ़नपुर कुर्की बाजार अकबरपुर अंबेडकरनगर सैयद सिराज अब्बास रिजवी – निजामाबाद आजमगढ़ रूमाना सिद्दीकी – लखनऊ कौन हैं मोहसिन रजा मोहसिन रजा ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत एमआरएफ पेस फाउंडेशन ( चेन्नई में स्थित ) से की थी। मोहसिन रजा रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया है। इसके अलावा मोहसिन रजा ने मॉडलिंग और फिल्म उद्योग में भी अपना करियर बनाया। उन्होंने डीडी नेशनल पर प्रसारित होने वाले टेलीविजन ड्रामा 'नीम का पेड़' में अभिनय किया । उन्हें 1995 में "प्रिंस लखनऊ" का खिताब भी मिला।इसके बाद 2013 में मोहसिन राज भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और पार्टी के प्रवक्ता बने। 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद उन्हें राज्य मंत्री बनाया गया। अगस्त 2019 (उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल फेरबदल) में रजा को अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्य मंत्री नियुक्त किया गया। मोहसिन रजा का जन्म 15 जनवरी 1968 को उन्नाव शहर में हुआ था। मोहसिन ज़मींदारों के एक परिवार से आते हैं। वे स्वर्गीय सैयद जिना रज़ा नक़वी के पुत्र हैं।

भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से धोया, फैन ने कोच वहाब रियाज से की भारत को हराने की मांग

नई दिल्ली महिला एशिया कप 2026 में भारत ने पाकिस्तान को करारी हार दी है। इसके बाद एक पाकिस्तानी फैन ने टीम के कोच से भारत को हराने की मांग की तो वह मैदान से दूर निकल गए। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें फैंस को पाकिस्तानी कोच से भारत को हराने की मांग करते हुए सुना जा सकता है। फैंस की बात सुनने के बाद वहाब रियाज ने पहले उन्हें कुछ समझाने की कोशिश की। हालांकि, जब फैन अपनी मांग दोहराता रहा तो वह मौके से निकल गए। वायरल वीडियो महिला एशिया कप 2026 का है। इस वीडियो में पाकिस्तान की दो महिला खिलाड़ियों को आपस में रेस लगाते हुए भी देखा जा सकता है। हालांकि, पाकिस्तानी फैन की मांग और कोच वहाब रियाज के रिएक्शन के कारण सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से हराया भारत और पाकिस्तान की महिला टीम के बीच मुकाबला 5 सितंबर को हुआ था। इस मुकाबले में पाकिस्तान की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए महज 55 रन पर सिमट गई थी। ओपनर मुनीबा ने 13 और शवाल ने 14 रन बनाए थे। इन दोनों के अलावा कोई भी खिलाड़ी दहाई का आंकड़ा नहीं छू पाया था। भारत ने 8.4 ओवर में तीन विकेट खोकर आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया था। पूरे मैच के दौरान पाकिस्तान की टीम कभी भी मुकाबले में नहीं दिखी थी। भारत पर मिली जीत से पाकिस्तान क्रिकेट का पतन- यूसुफ पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद यूसुफ ने क्रिकेट टीम के पतन के लिए भारत पर मिली जीत को जिम्मेदार ठहराया है। यूसुफ के अनुसार साल 2021 में टी20 विश्व कप में पाकिस्तान ने भारत को हराया था। इसके बाद से पाकिस्तानी खिलाड़ी सातवें आसमान पर पहुंच गए थे। उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि उन्होंने सब हासिल कर लिया है, क्योंकि यह विश्व कप में भारत पर पाकिस्तान की पहली जीत थी। इसके बाद खिलाड़ियों को समझ नहीं आया कि क्या करना है। यही वजह है कि इस जीत के बाद पाकिस्तान सिर्फ दो बार किसी आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचा। इसमें एक टी20 विश्व कप का फाइनल और एशिया कप का फाइनल शामिल है। महिला एशिया कप में भारत की राह आसान महिला एशिया कप में टीम इंडिया सेमीफाइनल में जगह बना चुकी है। भारत का सामना बांग्लादेश और यूएई के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा। पाकिस्तान ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है और पाकिस्तान का मुकाबला श्रीलंकाई टीम से है। ऐसे में भारत और पाकिस्तान फाइनल में दोबारा भिड़ सकते हैं। हालांकि, पाकिस्तान, श्रीलंका या किसी अन्य एशियाई टीम की तुलना में भारतीय महिला टीम बेहद मजबूत है। ऐसे में टीम इंडिया के चैंपियन बनने की राह आसान है।