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सत्य निकेतन हादसे के बाद एक्शन में CM रेखा गुप्ता, दिल्ली के कई इलाकों में होगी बुलडोजर कार्रवाई

नई दिल्ली सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एमसीडी को अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने का निर्देश दिया है। मंगलवार को 17 इमारतों को ध्वस्त किए जाने के बाद बुधवार को दिल्ली के कई इलाकों में बुलडोजर ऐक्शन लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि नगर निगम के सभी वरिष्ठ अधिकारी ग्राउंड पर रहें। उन्होंने दिल्ली के सभी पीजी-हॉस्टल का सघन निरीक्षण करने को कहा है और अवैध निर्माण पर तेजी से कार्रवाई करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी आदेश दिया है कि जो भी निर्माण अवैध पाया जाता है उसके लिए दोषी अधिकारियों की पहचान की जाए। बिल्डिंग रिकॉर्ड खंगाला जाए और यह पता लगाया जाए कि किस वर्ष और किसके अधिकार क्षेत्र में उसका निर्माण किया गया था। ताबड़तोड़ चल रही है कार्रवाई सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम ने खतरनाक और अवैध भवनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को निगम ने अलग-अलग इलाकों में 17 इमारतों को ध्वस्त किया और पांच संपत्तियों को सील कर दिया। इसके अलावा 9 लोगों को कारण बताओ नोटिस, दो को सीलिंग नोटिस और 15 को ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया गया है। किन इलाकों में कार्रवाई मंगलवार को एमसीडी ने सैदुलाजाब, लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, तिलक नगर, करमपुरा, करोलबाग, रमेश नगर, मानसरोवर गार्डन, चांदनी चौक और नेहरू विहार समेत कई इलाकों में कार्रवाई की। इन इलाकों में बड़ी संख्या में अवैध इमारतों का निर्माण किया गया है। किसी मकान का नक्शा पास नहीं कराया गया है तो कई को तय मापदंड से अधिक ऊंचा बनाया गया है। कई इमारतों का ढांचा बेहद कमजोर पाया गया है। बड़े पैमाने पर जारी किए गए हैं नोटिस सोमवार को दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शीर्ष सरकारी और एमसीडी अधिकारियों के साथ बैठक की और अधिकारियों को पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास वाले इलाकों में निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए। खासतौर पर उन मकानों का निरीक्षण करने को कहा गया है, जिनमें प्रथम दृष्टया ऊंचाई और मंजिल संबंधी नियमों का उल्लंघन किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, एक से 8 सितंबर के बीच नगर निकाय ने 48 संपत्तियों के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की और 15 संपत्तियों को सील किया। इसी अवधि के दौरान, निगम ने अनधिकृत निर्माण के लिए 90 कारण बताओ नोटिस, सीलिंग के लिए 124 कारण बताओ नोटिस और 66 तोड़फोड़ आदेश जारी किए। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक जून से 31 अगस्त के बीच एमसीडी ने 959 संपत्तियों के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की और 456 संपत्तियों को सील किया। इस अवधि के दौरान अनधिकृत निर्माण के लिए 1,461 कारण बताओ नोटिस, सीलिंग के लिए 590 कारण बताओ नोटिस और 687 तोड़फोड़ आदेश जारी किए गए।

8th Pay Commission में बढ़ेगी मिनिमम सैलरी? ₹68 हजार की मांग से पेंशन तक, पुडुचेरी मीटिंग से पहले 7 बड़े अपडेट

पुडुचेरी आठवें वेतन आयोग की टीम आज 9 सितंबर, बुधवार को पुडुचेरी में है, जहां कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के साथ मीटिंग होने वाली है. इससे पहले चेन्नई मीटिंग संपन्न हुई. देश के करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख से ज्‍यादा पेंशनर्स के लिए चेन्नई मीटिंग से बड़े अपडेट्स सामने आए हैं।  चेन्नई में 7 और 8 सितंबर को हुई आयोग की बैठकों में डाककर्मियों से जुड़े संगठन, पेंशनर ग्रुप, GPO पेंशनर्स फोरम, कुछ अन्‍य कर्मचारी संगठन शामिल हुए और सैलरी, पेंशन, भत्तों समेत अन्‍य मुद्दों पर भी अपनी मांगें रखीं और सुझाव दिए. चेन्नई के ITC Grand होटल में हुई इन मीटिंग्‍स में संगठनों का फोकस सैलरी रिवीजन, अलाउंसेज और पेंशन रिफॉर्म पर रहा. आइए जानते हैं, चेन्नई मीटिंग से आए 5 बड़े अपडेट्स क्‍या हैं।  1). GPO पेंशनर्स फोरम ने रखी मांगें  चेन्नई मीटिंग में GPO पेंशनर्स फोरम के प्रतिनिधियों ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के सदस्‍यों के सामने सैलरी, पेंशन में संशोधन, भत्तों में बढ़ोतरी और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों में सुधार का सुझाव दिया. खास तौर पर डाक कर्मियों के करियर की दिक्कतों, जरूरतों और सुधारों पर जोर दिया।  2). सैलरी में सुधार की स्‍थाई व्‍यवस्‍था हो  संगठन के प्रतिनिधियों ने मीटिंग के दौरान सैलरी स्‍ट्रक्‍चर में बदलाव की मांग की. उन्‍होंने सैलरी में संशोधन के लिए एक स्थाई व्यवस्था पर जोर दिया. साथ ही मौजूदा पे-मैट्रिक्स सिस्टम की जगह रनिंग स्केल लागू करने की मांग की. संगठन का मानना है कि इस व्‍यवस्‍था से कर्मचारियों की बेहतरी होगी।  3). 68,000 रुपये मिले न्‍यूनतम वेतन  चेन्नई मीटिंग में केंद्रीय कर्मचारियों का न्‍यूनतम वेतन यानी मिनिमम बेसिक सैलरी बढ़ाकर 68,000 रुपये किए जाने का सुझाव दिया गया है. GPO पेंशनर्स फोरम के सदस्‍यों ने  NC-JCM और शुरुआती कुछ संगठनों के सुझाव के अनुसार, न्‍यूनतम वेतन 69,000 रुपये किए जाने की बात उठी थी।  4). सालाना इंक्रीमेंट 6 से 7 फीसदी हो  चेन्‍नई में एम्प्लॉई संघ ने एनुअल इंक्रीमेंट हाइक यानी सालाना वेतन बढ़ोतरी की मांग उठाई. संगठन ने मौजूदा 3% इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 6 से 7 फीसदी करने का सुझाव दिया. NC-JCM स्‍टाफ साइड यानी नेशनल काउंसिल ऑफ द जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी ने भी इस विषय को ऑलरेडी पुश किया हुआ है. NC-JCM ने सालाना इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 6 से 7% करने का प्रपोजल दिया है।  5). ओल्‍ड पेंशन स्‍कीम बहाल हो   GPO पेंशनर्स फोरम ने पेंशन व्‍यवस्‍था में बड़े बदलाव की मांग रखी है. इनमें रीस्टोरिंग ऑफ ओल्ड पेंशन स्कीम यानी पुरानी पेंशन स्‍कीम को फिर से बहाल करने की मांग की है. इसके अलावा फैमिली पेंशन को बढ़ाने की भी मांग की है. पेंशन के अन्‍य स्ट्रक्चर्स पर भी बात हुई है।  6). भत्तों और सुविधाओं पर भी सुझाव  अपकमिंग फिटमेंट फैक्टर, डियरनेस अलाउंस, हाउस रेंट अलाउंस पर भी बात हुई. चेन्नई GPO पेंशनर्स फोरम के प्रतिनिधियों ने अन्‍य मांगों के साथ-साथ कम्यूटेशन की रकम की वसूली में राहत, MACP फायदों में बदलाव, बेहतर भत्ते और छुट्टी के फायदे पर बात रखी. साथ ही सोशल सिक्‍योरिटी को और मजबूत करने वाल उपायों की मांग की।  7). महिला कर्मि‍यों और दिव्यांगों के लिए मांग पेंशनर फोरम के प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों के लिए बेहतर सुविधाओं के साथ-साथ करियर की अन्‍य जरूरतों के बारे में भी बातें की और प्रोमोशन जैसे मसलों पर भी जोर दिया. डाक विभाग में महिला कर्मचारियों और दिव्यांगों से जुड़ी जरूरतों और मुद्दों पर भी संगठन ने आयोग के सामने पक्ष रखा।  आज पुडुचेरी में अहम मीटिंग  चेन्नई में 7 और 8 सितंबर को मीटिंग खत्‍म होने के बाद केंद्रीय वेतन आयोग की टीम आज पुडुचेरी में मीटिंग करने वाली है. इस मीटिंग में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े अलग-अलग संगठनों के शामिल होने की संभावना है. मीटिंग में सैलरी, पेंशन, भत्तों, फिटमेंट फैक्‍टर, हेल्‍थ स्‍कीम समेत अन्‍य मुद्दों पर बात हो सकती है। 

बच्चों के बेहतर पोषण पर जोर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से बोलीं बेबी रानी मौर्य- विकसित भारत की मजबूत नींव रखें

आंगनबाड़ी बहनें बच्चों के पोषण का ध्यान रख विकसित भारत की नींव रखें : बेबी रानी मौर्य   केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी बोलीं, योगी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने जनविश्वास को बनाया विकास की आधारशिला   देश के 14 लाख से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र स्वस्थ और सशक्त भारत के संकल्प को बढ़ा रहे आगे    वाराणसी नौवें राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ अवसर पर प्रदेश की महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि इस वर्ष पोषण माह की थीम ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ है। आंगनबाड़ी बहनों पर बच्चों के पोषण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। वे बच्चों के पोषण और प्रारंभिक विकास का ध्यान रखकर विकसित भारत की मजबूत नींव रखने का कार्य कर रही हैं।   बेबी रानी मौर्य ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर हॉट कुक्ड मील, सामुदायिक स्वामित्व एवं जवाबदेही, पोषण के साथ प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से मातृ स्वास्थ्य की चिंता जैसे आयामों को धरातल पर उतारा जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के लिए किताबें और खिलौने भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।   केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि पोषण माह अभियान कुपोषण से मुक्ति के साथ स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2018 में पोषण अभियान की शुरुआत की थी। आज पोषण का यह संकल्प जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ रहा है। सरकार की नीतियां जब जनता के जीवन से जुड़ती हैं तो वे संस्कृति का हिस्सा बन जाती हैं।   उन्होंने कहा कि देशभर में 14 लाख से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र स्वस्थ और सशक्त भारत के संकल्प की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने जनविश्वास को विकास की आधारशिला बनाया है। एक समय उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा गंभीर चिंता का विषय थी, लेकिन 2017 के बाद प्रदेश सरकार ने महिला सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता में शामिल किया।   केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री एवं मध्य प्रदेश के धार से सांसद सावित्री ठाकुर ने बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी को नमन करते हुए कहा कि पिछले आठ वर्षों में पोषण अभियान के अंतर्गत देशभर में 150 करोड़ से अधिक जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की गई हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। वहीं, सुकन्या समृद्धि योजना बच्चियों के भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य कर रही है।   विभिन्न प्रदेशों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने साझा किए अनुभव कार्यक्रम में विभिन्न प्रदेशों से आईं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए। गांधीनगर, गुजरात से आईं भावना ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति अब काफी बेहतर हुई है। लोगों का भरोसा बढ़ा है और वे अपने बच्चों को केंद्रों पर भेज रहे हैं। गर्भवती महिलाएं पोषाहार को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सलाह लेती हैं। बच्चों के जन्म के बाद भी अभिभावक उनके खानपान को लेकर मार्गदर्शन लेते हैं। कई बच्चे घर पर खाना खाने में आनाकानी करते थे, लेकिन केंद्र पर उनकी जरूरत को समझकर भोजन दिया गया तो वे चाव से खाने लगे।   तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई से आईं आर. शंकरी ने बताया कि जन्म से छह माह तक शिशुओं के स्वास्थ्य और विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। बच्चों का बेहतर विकास देखकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को खुशी होती है कि उनके प्रयास से देश का भविष्य बेहतर हो रहा है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण और बाल विकास के क्षेत्र का ‘फ्रंटलाइन वॉरियर’ बताया।   गोरखपुर के बसियाखोर आंगनबाड़ी केंद्र की संध्या सिंह ने बताया कि बच्चों का समय-समय पर वजन और लंबाई मापी जाती है। इससे उनके पोषण की स्थिति का पता चलता है। कुपोषण की ओर बढ़ रहे बच्चों की विशेष निगरानी की जाती है और उनके अभिभावकों से मिलकर खानपान एवं देखभाल के बारे में जानकारी दी जाती है।

MP में प्रमोशन आरक्षण पर हाईकोर्ट सख्त, 50% से ज्यादा आरक्षण नहीं; मुख्य सचिव करेंगे निगरानी

जबलपुर  प्रमोशन में आरक्षण को लेकर मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि कर्मचारियों को प्रमोशन दिया जा सकता है, लेकिन आरक्षण की 50 प्रतिशत निर्धारित सीमा का उल्लंघन नहीं।  हाईकोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि इस मामले या सुप्रीम कोर्ट में लंबित आरबी राय और जरनैल सिंह मामलों में फैसला आने तक प्रमोशन में आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा का सख्ती से पालन हो। अदालत ने कहा- प्रमोशन के लिए विचार का अधिकार, लेकिन आरक्षण की सीमा जरूरी सुनवाई के दौरान भोपाल की वेटरनरी सर्जन डॉ. स्वाति तिवारी सहित अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर बहस हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से कर्मचारियों को लगातार प्रमोशन दिए जा रहे हैं। एक बार प्रमोशन मिलने के बाद संबंधित कर्मचारियों को बाद में पदावनत यानी रिवर्ट करना व्यावहारिक रूप से मुश्किल हो जाता है। वरिष्ठ अधिवक्ता ने आरबी राय मामले का हवाला देते हुए कहा कि स्पष्ट कानूनी स्थिति होने के बावजूद अब तक प्रभावित कर्मचारियों को रिवर्ट नहीं किया गया है। इंद्रा साहनी फैसले का हवाला डिवीजन बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ फैसले में निर्धारित 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा का उल्लेख किया। कोर्ट ने कहा कि कर्मचारियों को प्रमोशन के लिए विचार किए जाने का अधिकार है, लेकिन आरक्षण की निर्धारित 50 प्रतिशत ऊपरी सीमा का पालन भी जरूरी है। इसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि लंबित मामलों में अंतिम निर्णय आने तक प्रमोशन प्रक्रिया में 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर को होगी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह और अतिरिक्त महाधिवक्ता जान्हवी पंडित ने सरकार का पक्ष रखा।  

लुधियाना बंद से हाईवे पर थमा ट्रैफिक, जालंधर-पानीपत NH पर घंटों फंसे वाहन

लुधियाना. लुधियाना के जालंधर बाईपास चौक पर स्थित बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर की मूर्ति की कथित छेड़छाड़ की घटना को लेकर आज शहर बंद का ऐलान किया गया है। दलित भाईचारे द्वारा जालंधर बाईपास चौक में जालंधर-पानीपत नेशनल हाईवे जाम कर दिया गया है। चौक को चारों तरफ से जाम करके विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है, इस दौरान ट्रैफिक जाम लग गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। आम लोगों को भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ रहा है। जालंधर से आने और जालंधर जाने वाली गाड़ियों को गुजरने नहीं दिया जा रहा है। समुदाय ने बेअदबी के विरोध में लुधियाना बंद का आह्वान किया है, जिसे देखते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने जालंधर बाईपास चौक पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी है, ताकि बंद के दौरान कोई अनहोनी न हो। मौके पर मौजूद SP नॉर्थ किक्कर सिंह भुल्लर ने कहा कि पूरी स्थिति शांतिपूर्ण और कंट्रोल में है। गौरतलब है कि दलित समुदाय ने आज सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक पूरे शहर की सड़कें और बाजार बंद रखने की अपील की है। समुदाय बाबा साहेब की मूर्ति और उसके आस-पास की सफाई कर रहा है। बंद के आह्वान को लेकर प्रशासन शहर में सुरक्षा और ट्रैफिक की स्थिति पर नजर रख रहा है।

UKSSSC ने शुरू की समूह ‘ग’ की भर्ती, युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा अवसर

देहरादून. उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने विभिन्न विभागों के अंतर्गत वैयक्तिक सहायक, आशुलिपिक, आशुलिपिक ग्रेड-तृतीय और आशुलिपिक ग्रेड-2/ स्टेनोग्राफर ग्रेड-2 के 101 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन प्रक्रिया 14 सितंबर से शुरू होकर 14 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। भर्ती में आवास विभाग में वैयक्तिक सहायक के सर्वाधिक 22 पद हैं। उत्तराखंड वन विकास निगम में 10, आयुक्त कुमाऊं मंडल में आठ, ग्राम्य विकास विभाग में आठ, स्टाम्प एवं निबंधन विभाग में सात, उच्च शिक्षा विभाग में छह और उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में पांच पद शामिल हैं। आयोग के सचिव एनएस डुगरियाल के अनुसार अभ्यर्थी के नाम और जन्मतिथि के सत्यापन के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र के साथ हाईस्कूल प्रमाण-पत्र तथा आधार कार्ड के दोनों तरफ की छायाप्रति अपलोड करना अनिवार्य होगा। आरक्षण से संबंधित श्रेणी का प्रमाण-पत्र भी अपलोड करना होगा। जिन पदों के लिए अनुभव प्रमाण-पत्र अनिवार्य है, उनके लिए संबंधित प्रमाण-पत्र भी देना होगा। संशोधन का मौका 17 से 19 अक्टूबर तक आयोग की वेबसाइट पर आवेदन पत्र में संशोधन 17 से 19 अक्टूबर तक किया जा सकेगा। लिखित परीक्षा की अनंतिम तिथि 20 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन संबंधी सहायता के लिए आयोग ने टोल फ्री नंबर 9520991172 और वाट्सऐप नंबर 9520991174 पर अभ्यर्थी संपर्क कर सकते हैं।

चंडीगढ़ में लीजहोल्ड संपत्ति को फ्रीहोल्ड कराने का सुनहरा मौका, 10 से 25 सितंबर तक कैंप

 चंडीगढ़  लीजहोल्ड संपत्तियों को फ्रीहोल्ड में बदलवाने के इच्छुक चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के आवंटियों और संपत्ति मालिकों के लिए राहत की खबर है। हाउसिंग बोर्ड की ओर से कन्वर्जन प्रक्रिया को आसान बनाने और लोगों को एक ही जगह पर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जन सुविधा शिविर लगाया जा रहा है। शिविर में आवासीय इकाइयों के साथ व्यावसायिक संपत्तियों को फ्रीहोल्ड में बदलवाने के मामलों पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह शिविर 10 सितंबर से 25 सितंबर तक सभी कार्य दिवसों में आयोजित किया जाएगा। अवकाश के दिनों में कैंप नहीं लगेगा। आवंटी और संपत्ति मालिक सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक सेक्टर-9 डी स्थित चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड कार्यालय की छठी मंजिल के बहुउद्देशीय हॉल में पहुंच सकते हैं। बोर्ड का प्रयास है कि शिविर के माध्यम से कन्वर्जन से जुड़े मामलों की प्रक्रिया को सरल और जल्द पूरा किया जा सके। यह शिविर 10 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक सभी कार्य दिवसों में लगेगा। छुट्टी वाले दिन कैंप नहीं लगाया जाएगा। आवंटी और संपत्ति मालिक सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक सेक्टर-9 स्थित चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड कार्यालय की छठी मंजिल के बहुउद्देशीय हॉल में पहुंच सकते हैं। ये दस्तावेज साथ लेकर आएं कैंप में आने वाले आवंटियों और संपत्ति मालिकों को अपने साथ आवंटन पत्र या ट्रांसफर डीड की कॉपी, नवीनतम भुगतान रसीद, पहचान और पते का प्रमाण सहित कन्वर्जन से जुड़े अन्य जरूरी दस्तावेज लाने होंगे। दस्तावेज पूरे होने पर आवेदन की जांच और आगे की प्रक्रिया जल्दी पूरी हो सकेगी। पहले ऑनलाइन चेक कर लें शुल्क और बकाया CHB ने लोगों को सलाह दी है कि कैंप में आने से पहले अपने मामले में लागू कन्वर्जन शुल्क और किसी भी बकाया राशि की जानकारी बोर्ड के ऑनलाइन पोर्टल पर जांच लें। इससे उन्हें पहले से पता रहेगा कि कितनी राशि जमा करनी है और कैंप में प्रक्रिया पूरी करने में कम समय लगेगा। एक ही जगह मिलेगी सुविधा जन सुविधा शिविर का मकसद लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड कन्वर्जन से जुड़े काम को आसान बनाना है। CHB ने पात्र आवंटियों और संपत्ति मालिकों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है। दस्तावेज साथ लाना जरूरी सीएचबी ने आवंटियों और मालिकों से कहा है कि वे शिविर में आते समय अपने आवंटन पत्र या हस्तांतरण विलेख की प्रति, नवीनतम भुगतान रसीदें, पहचान और पते का प्रमाण तथा कन्वर्जन से संबंधित अन्य जरूरी दस्तावेज साथ लेकर आएं। दस्तावेज पूरे होने से आवेदन की जांच और आगे की प्रक्रिया में तेजी आएगी। पहले ऑनलाइन जांच लें शुल्क और बकाया बोर्ड ने आवेदकों को सलाह दी है कि कैंप में आने से पहले अपने मामले में लागू कन्वर्जन शुल्क और यदि कोई बकाया राशि है तो उसकी जानकारी सीएचबी के ऑनलाइन पोर्टल पर जांच लें। इससे आवेदकों को पहले से देय राशि की जानकारी मिल जाएगी और शिविर के दौरान आवेदन प्रक्रिया में अनावश्यक देरी से बचा जा सकेगा। सीएचबी ने सभी पात्र आवंटियों और संपत्ति मालिकों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है। बोर्ड के अनुसार, शिविर लोगों को लीजहोल्ड संपत्तियों को फ्रीहोल्ड में बदलवाने की प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

CG में निर्यात को मिलेगा बढ़ावा, साय कैबिनेट ने Export Promotion Policy 2026-30 पर लगाई मुहर

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में लिए गए निर्णयों के संबंध में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जानकारी दी। मंत्रिपरिषद ने राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को मंजूरी दी है। नई नीति के माध्यम से प्रदेश में मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, निर्यातकों को बेहतर बाजार पहुंच एवं व्यापार सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों में मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा। इस नीति के तहत ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों एवं प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच बढ़ाई जाएगी। इस नीति का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के निर्यात में गुणात्मक एवं मात्रात्मक वृद्धि के साथ प्रदेश को ‘राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों से और मजबूती से जोड़ना है। मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। लगभग 200 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं छात्रावास सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में प्रतिवर्ष 1,000 तथा अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को आज के उद्योगों की जरूरत के अनुरूप आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। NSTI की स्थापना से प्रदेश के युवाओं के लिए उन्नत कौशल प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा नवा रायपुर को देश में कौशल एवं तकनीकी शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। मंत्रिपरिषद ने राज्य शासन के अधीन कार्यरत स्थायी/अस्थायी शासकीय सेवकों, निगम-मंडल एवं स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों तथा नगर सैनिकों को अन्य शासकीय सेवाओं एवं उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत देते हुए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस निर्णय से शासकीय एवं संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को उच्च पदों एवं अन्य सेवाओं में आगे बढ़ने के अधिक और समान अवसर प्राप्त होंगे। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। मंत्रिपरिषद ने दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन भवन निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के समीप 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज उक्त भूमि के बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान है। इस निर्णय से दुर्ग में जिला न्यायालय के लिए आधुनिक एवं सुव्यवस्थित नवीन न्यायालय परिसर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा और न्यायिक अधोसंरचना को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।

टेनिस स्टार डार्डेरी के US Open से बाहर होते ही सुर्खियों में आईं गर्लफ्रेंड ब्रियाना, डांस स्टूडियो की तस्वीरें वायरल

नई दिल्ली US Open में टेनिस स्टार लुसियानो डार्डेरी का सफर भले ही रुक गया, लेकिन उनकी गर्लफ्रेंड ब्रियाना गुआग्लियार्डो ने सोशल मीडिया पर ऐसा ग्लैमर बिखेरा कि फैन्स की नजरें तस्वीरों पर थम गईं. बैले स्टूडियो में ब्रियाना का बोल्ड अंदाज सामने आया तो कमेंट बॉक्स तारीफों से भर गया।  24 साल के डार्डेरी ने US Open में शानदार खेल दिखाते हुए राउंड ऑफ 16 तक का सफर तय किया, लेकिन वर्ल्ड नंबर-2 अलेक्जेंडर ज्वेरेव के सामने उनका बल्ला… यानी रैकेट, ज्यादा देर नहीं चल सका. ज्वेरेव ने उन्हें सीधे सेटों में 6-2, 6-2, 7-6(3) से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। कोर्ट पर इटली के डार्डेरी का सफर खत्म हुआ, तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर उनकी गर्लफ्रेंड का ग्लैमरस अंदाज चर्चा में आ गया।  बैले स्टूडियो में ब्रियाना का बोल्ड अवतार ब्रियाना सिर्फ मॉडल नहीं हैं, बल्कि प्रशिक्षित बैले डांसर भी हैं. अर्जेंटीना में वह अपनी डांस अकादमी चलाती हैं. आमतौर पर वह डार्डेरी के मुकाबलों में उन्हें चीयर करती नजर आती हैं, लेकिन इस बार US Open में उनकी मौजूदगी नहीं दिखी।  इसकी वजह चाहे जो रही हो, ब्रियाना ने सोशल मीडिया पर अपनी मौजूदगी का एहसास जरूर करा दिया। डांस स्टूडियो से शेयर की गई तस्वीरों में वह बेहद ग्लैमरस और आकर्षक अंदाज में पोज देती नजर आईं. पेल येलो क्रॉप टॉप और ब्राउन पोल्का-डॉट आउटफिट ने उनके बैले लुक को बोल्ड टच दिया. तस्वीरों में उनका कॉन्फिडेंस और अदाएं फैंस का ध्यान खींचने के लिए काफी थीं।  तस्वीरें आईं तो फैन्स बोले- 'गॉडेस!' ब्रियाना की तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर कमेंट्स की झड़ी लग गई. किसी ने उन्हें 'गॉडेस' यानी देवी कहा, तो किसी ने 'टोटल ब्यूटी' लिखकर तारीफ की. एक फैन ने स्पैनिश में उन्हें 'Hermosísima' कहा, जिसका अर्थ है बेहद खूबसूरत।  और यही वजह है कि डार्डेरी की US Open हार के बाद भी उनके नाम से जुड़ी ग्लैमर स्टोरी सुर्खियों में बनी हुई है।  अगर ब्रियाना आर्थर ऐश स्टेडियम में ज्वेरेव के खिलाफ डार्डेरी का मुकाबला देखने पहुंचतीं, तो टेनिस के साथ-साथ स्टैंड्स में भी ग्लैमर का मुकाबला देखने को मिलता. फिलहाल डार्डेरी कोर्ट से बाहर हैं और ब्रियाना अपनी अदाओं से सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं।     

कांकेर के कोरर नक्सली केस में कोर्ट का बड़ा फैसला, खूंखार नक्सली प्रभाकर और राजे कांगे को 7-7 साल जेल

कांकेर  छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले अंतर्गत आने वाले कोरर थाना क्षेत्र में साल 2015 में सुरक्षाबलों की संयुक्त पुलिस पार्टी पर घात लगाकर किए गए जानलेवा नक्सली हमले के मामले में 9 साल के लंबे इंतजार के बाद अदालत का फैसला आ गया है. एनआईए एक्ट एवं अनुसूचित अपराध की विशेष न्यायाधीश विभा पाण्डेय की अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और केस डायरी के आधार पर प्रतिबंधित नक्सली संगठन के शीर्ष कैडर SZDCM प्रभाकर राव और उसकी पत्नी DVCM राजे कांगे सहित कुल 5 आरोपियों को दोषी पाया है. अदालत ने मुख्य आरोपी प्रभाकर राव और उसकी पत्नी राजे कांगे को बलवे की धारा 147 के तहत 2-2 साल की कैद तथा विधि विरुद्ध क्रिया-कलाप निवारण अधिनियम (UAPA) की धारा 38(2) व 39(2) के तहत 7-7 साल के सश्रम कठोर कारावास की सजा सुनाई है।  सजा पाने वाले दोनों नक्सली दंपत्ति बस्तर के जंगलों में पिछले चार दशकों से लाल आतंक का खौफनाक नेटवर्क चला रहे थे. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 40 सालों से नक्सली संगठन में सक्रिय प्रभाकर राव के खिलाफ अकेले कांकेर जिले के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, बारूदी सुरंग विस्फोट और लूट जैसे गंभीर अपराधों के कुल 64 मामले दर्ज हैं. शासन की ओर से उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था. वहीं, उसकी पत्नी राजे कांगे पर 36 गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे और उस पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था।  2015 के हमले के दौरान आखिर हुआ क्या था? साल 2015 में कांकेर जिले का कोरर थाना क्षेत्र घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच नक्सली गतिविधियों का बड़ा केंद्र माना जाता था. उस दौरान जिला पुलिस और सुरक्षाबलों की एक संयुक्त टुकड़ी पेट्रोलिंग के उद्देश्य से कोरर के जंगलों की तरफ रवाना हुई थी. नक्सलियों के शीर्ष लीडर प्रभाकर राव और उसकी पत्नी राजे कांगे को पहले से ही सुरक्षाबलों की मूवमेंटकी भनक लग चुकी थी. उन्होंने अपनी पूरी सशस्त्र नक्सली टुकड़ी के साथ पहाड़ी और घने पेड़ों के पीछे घात लगा रखा था. जैसे ही पुलिस पार्टी नक्सलियों द्वारा तय किए गए डेंजर जोन में दाखिल हुई, नक्सलियों ने बिना संभलने का मौका दिए अंधाधुंध गोलाबारी शुरू कर दी और पुलिस जवानों को निशाना बनाकर आईईडी से हमला करने का प्रयास किया।  अचानक हुए इस भीषण हमले के बावजूद जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की. जवानों की ओर से मुंहतोड़ और कड़ा जवाब मिलता देख, भारी पड़ता पलड़ा महसूस कर प्रभाकर राव, उसकी पत्नी राजे कांगे और उनके साथी घने जंगलों, पहाड़ियों और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले थे. इस घटना के बाद कोरर थाने में नक्सलियों के खिलाफ जानलेवा हमला, बलवा, विस्फोटक कानून और यूएपीए के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी व विवेचनात्मक कार्रवाई शुरू की गई थी।