samacharsecretary.com

भाग्यश्री का ब्यूटी सीक्रेट: चेहरे पर लगाती हैं मलाई, जानें क्या हैं फायदे

उम्र बढ़ने के साथ त्वचा में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं. स्किन पहले के मुकाबले ड्राई, डल और कम इलास्टिक नजर आ सकती है. ऐसे में मॅच्योर स्किन को एक्स्ट्रा मॉइश्चर और केयर की जरूरत होती है. बॉलीवुड एक्ट्रेस भाग्यश्री भी अपनी फिटनेस और नेचुरल ब्यूटी को लेकर अक्सर चर्चा में रहती हैं. 57 साल की उम्र में भी उनकी स्किन पर नजर आने वाला ग्लो कई लोगों का ध्यान खींचता है. भाग्यश्री अपनी फिटनेस और ब्यूटी का खास ख्याल रखती हैं और हाल ही में उन्होंने अपने मॉर्निंग स्किनकेयर रिचुअल से जुड़ा एक आसान सा सीक्रेट शेयर किया है, जिसे आप भी आसानी से अपने घर पर फॉलो कर सकती हैं. हमारी रसोई में इस्तेमाल होने वाली कई चीजें हमारी स्किन के लिए किसी जादू से कम नहीं होती है और ऐसी ही एक चीज भाग्यश्री भी अपने चेहरे रोजाना सुबह लगाती हैं. आइए आपको भाग्यश्री का ब्यूटी सीक्रेट बताते हैं. भाग्यश्री चेहरे पर लगाती हैं मलाई भाग्यश्री ने अपने इस ब्यूटी रिचुअल को मजेदार अंदाज में शेयर करते हुए कहा, 'कान्हा ने खाया माखन और हमने लगाई मलाई!' यानी चेहरे की देखभाल के लिए महंगे प्रोडक्ट्स के बजाय वह दूध की मलाई जैसे आसान घरेलू उपाय को भी अपनी रूटीन में जगह देती हैं. खासतौर पर मॅच्योर स्किन के लिए मॉइश्चराइजिंग बेहद जरूरी है, क्योंकि उम्र के साथ स्किन का नेचुरल ऑयल कम हो सकता है और ड्राइनेस बढ़ सकती है. चेहरे पर मलाई लगाने से क्या होता है? दूध से बनी मलाई में फैट होता है, जो त्वचा को मुलायम और मॉइश्चराइज महसूस कराने में मदद कर सकता है. वहीं दूध में मौजूद लैक्टिक एसिड स्किन की ऊपरी लेयर पर मौजूद डेड स्किन को हल्के तौर पर हटाने में मदद कर सकता है. इससे स्किन कुछ समय के लिए ज्यादा सॉफ्ट और फ्रेश नजर आ सकती है. इसके अलावा ठंडी मलाई या ठंडे दूध का इस्तेमाल स्किन को ठंडक और सुकून देने वाला एहसास भी दे सकता है. खासकर जब स्किन रूखी या खिंची-खिंची महसूस हो रही हो, तब यह एक सिंपल होम केयर रिचुअल हो सकता है. ऐसे करें इस्तेमाल अगर आप भी इसे ट्राई करना चाहती हैं तो चेहरे को पहले अच्छी तरह साफ कर लें. इसके बाद ताजी मलाई की बहुत पतली लेयर चेहरे पर लगाएं. कुछ मिनट हल्के हाथों से मसाज करें और करीब 5 से 10 मिनट बाद चेहरे को नॉर्मल पानी से धो लें. इसके बाद अपनी स्किन टाइप के हिसाब से मॉइश्चराइजर और दिन में सनस्क्रीन लगाना न भूलें. इस बात का रखें ध्यान हालांकि, हर स्किन पर घरेलू नुस्खे एक जैसा असर नहीं करते. अगर आपकी स्किन बहुत ऑयली, एक्ने-प्रोन या सेंसिटिव है, तो चेहरे पर मलाई लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें. किसी तरह की एलर्जी या जलन महसूस हो तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें.

श्रेयस अय्यर कप्तान, तिलक वर्मा उपकप्तान; एशियन गेम्स टीम में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली एशियन गेम्स 2026 के लिए टीम इंडिया में कुछ फेरबदल हुए हैं. पुरुष सेलेक्शन कमेटी ने 15 सदस्यीय टीम चुनी है, जिसमें युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भी मौका दिया गया है. वहीं स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या इस टीम में जगह नहीं बना पाए हैं. टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में रहेगी, जबकि तिलक वर्मा को उपकप्तान बनाया गया है. विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संजू सैमसन और ईशान किशन संभालेंगे. वैभव सूर्यवंशी को मिला एशियन गेम्स का टिकट वैभव सूर्यवंशी के लिए यह एक और बड़ा मौका है. 15 सदस्यीय एशियन गेम्स टीम में उन्हें शामिल किया गया है. वैभव को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की T20I सीरीज के लिए भी चुना गया है. यानी सेलेक्टर्स ने युवा वैभव पर लगातार भरोसा कायम रखा है. एशियन गेम्स में उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट के बड़े मंच पर अपनी बल्लेबाजी दिखाने का मौका मिलेगा. हार्दिक पंड्या टीम से बाहर एशियन गेम्स के लिए चुनी गई टीम में हार्दिक पंड्या का नाम नहीं है. टीम में ऑलराउंडर के तौर पर शिवम दुबे, नीृतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर को जगह दी गई है. टीम में गेंदबाजी विभाग की कमान जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर के हाथों में होगी. इनके अलावा वरुण चक्रवर्ती और रवि बिश्नोई स्पिन विभाग को मजबूत करेंगे. हर्षित राणा की जगह यश ठाकुर की एंट्री सेलेक्शन कमेटी ने हर्षित राणा को लेकर भी बड़ा अपडेट दिया है. हर्षित राणा रिहैबिलिटेशन के दौरान अच्छी तरह आगे बढ़ रहे थे, लेकिन 7 सितंबर को मैच सिमुलेशन में गेंदबाजी करते समय उन्हें रेक्टस फेमोरिस स्ट्रेन हो गया. इसके बाद उन्हें चोट के कारण अफगानिस्तान T20I सीरीज और एशियन गेम्स, दोनों टीमों से बाहर कर दिया गया है. उनकी जगह विदर्भ के तेज गेंदबाज यश ठाकुर को शामिल किया गया है. यश ठाकुर का रिकॉर्ड क्या कहता है? 27 साल के यश ठाकुर हाल ही में भारत के जिम्बाब्वे दौरे पर T20I डेब्यू कर चुके हैं. उन्होंने वहां दो मुकाबले खेले और चार विकेट अपने नाम किए. यश का घरेलू T20 रिकॉर्ड भी अच्छा है. उन्होंने 76 टी20 मैचों में 114 विकेट लिए हैं. इस दौरान उनकी इकोनॉमी रेट 8.20 रही है. अब यश के सामने लगातार दो बड़े मौके हैं. वह अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की T20I सीरीज में भारत की टीम का हिस्सा होंगे और इसके बाद एशियन गेम्स के लिए भी उपलब्ध रहेंगे. अफगानिस्तान सीरीज की टीम भी बदली अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की T20I सीरीज के लिए भारत की अपडेटेड टीम में 15 खिलाड़ी हैं. श्रेयस अय्यर कप्तान और तिलक वर्मा उपकप्तान हैं. टीम में अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर शामिल हैं. अफगानिस्तान T20I सीरीज के लिए भारत की अपडेटेड टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, यश ठाकुर. एशियन गेम्स की 15 सदस्यीय टीम: एशियन गेम्स के लिए भारत की टीम में भी 15 खिलाड़ी चुने गए हैं. इसमें वैभव सूर्यवंशी और यश ठाकुर दोनों को जगह मिली है. एशियन गेम्स 2026 के लिए भारत की टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उपकप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वैभव सूर्यवंशी, यश ठाकुर. बीसीसीआई  सचिव देवजीत सैकिया की ओर से जारी बयान में हर्षित राणा के चोटिल होने और यश ठाकुर को उनके रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किए जाने की जानकारी दी गई. ध्यान रहे एश‍ियन गेम्स 19 स‍ितंबर से शुरू होकर 4 अक्टूबर तक चलेंगे, जहां भारतीय टीम सीधे क्वार्टर फाइनल में 28 स‍ितंबर को खेलेगी. वहीं अफगान‍िस्तान के ख‍िलाफ टी20 सीरीज 13 स‍ितंबर से शुरू हो रही है. बाकी दो मैच 15 और 17 स‍ितंबर को होंगे. अफगान‍िस्तान सीरीज के सारे मैच द‍िल्ली के अरुण जेटली स्टेड‍ियम में होने हैं.

‘हनुमान अंश’ फिल्म देखेंगे CM विष्णु देव साय, आज होगा खास फिल्म शो

रायपुर. 7 अगस्त को एक फिल्म रिलीज हुई 'हनुमान अंश' जिसने देखते ही देखते बॉक्स ऑफिस पर कई धुरंधरों को पछाड़ दिया, क्योंकि इस फिल्म ने अपने बजट से ज्यादा की कमाई कर डाली. फिल्म की इतना चर्चा हो रही है कि अब छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय भी फिल्म हनुमान अंश देखने जा रहे हैं. वो आज शाम को एक निजी मॉल में फिल्म देखेंगे, उनके मंत्री भी इस फिल्म को देखने जाएंगे. महज 2 करोड़ बजट मे बनी ये फिल्म कई रिकॉर्ड अपने नाम कर रही है. ऐसा माना जा रहा है कि शायद वो इस फिल्म को टैक्स फ्री कर दें.  सीएम योगी से मिली हनुमान अंश की टीम  फिल्म 'हनुमान अंश' की टीम ने हाल ही में लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विशेष मुलाकात की. इस प्रतिनिधिमंडल में फिल्म के निर्माता, लेखक-निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, मुख्य अभिनेता शोभिनव और फिल्म से जुड़े अन्य प्रमुख कलाकार एवं टीम सदस्य शामिल थे. मुलाकात के दौरान विशाल चतुर्वेदी और शोभिनव ने मुख्यमंत्री को फिल्म की विषयवस्तु और उसकी आध्यात्मिक यात्रा के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 'हनुमान अंश' श्रद्धेय संत बाबा नीम करोली के जीवन, उनकी आध्यात्मिक साधना और भगवान हनुमान के प्रति उनकी अटूट भक्ति को केंद्र में रखकर बनाई गई है. मुख्यमंत्री योगी ने फिल्म से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों की सराहना की और पूरी टीम को फिल्म की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं. विचारों के इस सकारात्मक आदान-प्रदान और आत्मीय बातचीत ने इस मुलाकात को कलाकारों और निर्माताओं के लिए एक यादगार अनुभव बना दिया.

भोपाल में बिना अनुमति कमर्शियल गतिविधियों पर गिरेगी गाज, हाईकोर्ट ने दिया 7 दिन का समय

भोपाल  भोपाल के रिहायशी इलाकों में आवासीय भूखंडों पर चल रहे मॉल, होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को कोर्ट ने संबंधित पक्षकारों को निर्देश दिए हैं शहर में आवासीय और लो-डेंसिटी क्षेत्रों में अवैध निर्माण व गैर-कानूनी व्यावसायिक गतिविधियों पर संकट गहरा गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मॉल, होटल व व्यावसायिक संचालकों को वैधानिक अनुमति पत्र नगरनिगम को दिखाने का निर्देश दिया है। जिस पर निगम विधि पूर्वक उनकी पड़ताल करेगा। दूसरी ओर, शहर के लो-डेंसिटी इलाकों में तय सीमा से 10 गुना तक ज्यादा अवैध निर्माण हो चुके हैं। नगर निगम की नोटिस व सीलिंग कार्रवाई के बीच अफसर अब मास्टर प्लान के जरिए इन्हें नियमित करने का रास्ता तलाश रहे हैं, जिससे मास्टर प्लान का ड्राफ्ट फिर अटक गया है। मास्टरप्लान नियमित करने की प्लानिंग शहर के जिन क्षेत्रों को 2005 के मास्टर प्लान में लो-डॅसिटी तय कर निर्माण की लिमिट तय कर रखी है, वहां बेशुमार व बड़े निर्माण हो गए है। अब इन निर्माणों को मास्टर प्लान के रास्ते नियमित कराने की कोशिश की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आवासीय परिसरों से व्यावसायिक गतिविधि बंद कराने नगर निगम नोटिस और सीलिंग कर रहा है। दोनों ही पक्ष इसके लिए मास्टर प्लान को लागू करने की मांग कर रहे है। प्लानिंग एरिया के लो-डेंसिटी क्षेत्रों को नियमित करने बीते पंद्रह दिन से टीएंडसीपी और नगरीय प्रशासन के अफसर बैठकें कर रहे हैं। गौरतलब है कि लो-डेंसिटी एरिया में 10 हजार वर्गफीट जमीन पर 0.06 एफएआर से महज 600 वर्गफीट तक के निर्माण की अनुमति है, जबकि यहां दस गुना ज्यादा 6000 से 8000 वर्गफीट तक निर्माण हो गए। ये हैं लो-डेंसिटी के नियम ग्राम बैरागढ़ चिचली, नीलबड़ व मिंडोरी में लो-डेंसिटी तय है। इनमें 48 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर डेंसिटी तय है। इनमें निर्माण के लिए कम से कम 1000 वर्गमीटर यानि 10 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल जरूरी है। यहां निर्माण की अनुमति पर 0.06 एफएआर तय है। यानि 10 हजार वर्गफीट के प्लॉट पर 600 वर्गफीट निर्माण ही हो सकता है। इससे अधिक अवैध है। इसमें भी जमीन पर कुल अनुमति का छह फीसदी ही निर्मित किया जा सकता है। कार्रवाई का रास्ता साफ कोर्ट के आदेश के बाद रिहायशी क्षेत्रों में बिना वैध अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की स्थिति साफ हो गई है। अब संबंधित पक्षों को अपने व्यावसायिक उपयोग की वैध अनुमति साबित करने के लिए दस्तावेज निगम के सामने रखने होंगे। याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि यह रिहायशी इलाकों को बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि अब नगर निगम के सामने कार्रवाई करने के लिए स्पष्ट न्यायिक निर्देश हैं। ट्रैफिक-पार्किंग की समस्या से जूझ रहे रहवासी रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के कारण ट्रैफिक, पार्किंग, शोर और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे लोगों को भी कोर्ट के आदेश से कार्रवाई की उम्मीद है। रहवासी लवनीश भाटी ने कहा कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, अब कोर्ट के आदेश के बाद जमीन पर कार्रवाई की उम्मीद है। संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने भी फैसले का स्वागत करते हुए नगर निगम से रिहायशी इलाकों में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की मांग की है। समिति का कहना है कि जिनके पास वैध अनुमति नहीं है, उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। ये हैं स्थिति -कलियासोत कैचमेंट में साक्षी ढाबे के पास से अंदर के के क्षेत्र में निर्मित वीआइपी कॉलोनी में 600 वर्गफीट की जगह 6000 वर्गफीट के बंगले बना लिए। मामला कोर्ट में चला गया। -चार इमली, श्यामला हिल्स पर अवैध तौर पर बंगले बन गए। -नरसिंहगढ़ रोड पर लो-डेंसिटी में 12 बड़ी कॉलोनियां बन गईं। -मिंडोरी और संबंधित क्षेत्र में बड़े मकान, रेस्टोरेंट विकसित हो गए। -केरवा डेम से लगी जमीन लो-डेंसिटी है, लेकिन इसकी ओर जाने वाली रोड किनारे अवैध तौर पर कॉलोनियां विकसित हो गईं। कोर्ट ने कहा-कागजात दिखाएं नगर निगम करेगा सभी के परीक्षण आवासीय क्षेत्र के मॉल, होटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर अनुमति और वैधानिकता की जांच नगरनिगम भोपाल करेगा। हाईकोर्ट में सोमवार को 42 याचिकाओं पर सुनवाई हुई थी। वहीं, मंगलवार को दस नम्बर, कलियासोत और बड़ा तालाब के 50 मीटर दायरे में व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने सम्बंधी आदेश और शो-कॉज नोटिस को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हुई। शोकॉज नोटिस की याचिकाओं का निराकरण करते हुए कोर्ट ने नगर निगम को याचिकाकर्ताओं के जवाब का विधि के अनुसार परीक्षण कर कारण सहित आदेश पारित करने के निर्देश दिए थे। मकानों को तोड़ने के मामले में दलीलें पूरी नहीं हो सकीं। एकलपीठ ने मकान तोड़ने पर लगी रोक बरकरार रखते हुए अगली सुनवाई 15 सितंबर निर्धारित की है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत हाईकोर्ट के रुख का स्थानीय रहवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया है। याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने इसे शहर के आवासीय इलाकों को बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उनका कहना है कि अब अनुमति के नाम पर टालमटोल या बहानेबाजी नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि असली परीक्षा भोपाल नगर निगम की है, जिसे यह साबित करना होगा कि कानून सभी के लिए समान है, चाहे वह आम नागरिक हो या कोई प्रभावशाली व्यक्ति। शोर और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर चिंता जताई रहवासी लवनीश भाटी और संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के कारण पैदा हो रही ट्रैफिक, पार्किंग, अत्यधिक शोर और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर चिंता जताई। रहवासियों का कहना हैं कि वे वर्षों से इन दिक्कतों को झेल रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी।

मायावती की शर्त के बाद अशोक सिद्धार्थ का बड़ा ऐलान, राजनीति से लिया संन्यास; आकाश आनंद पर क्या बोले?

लखनऊ  बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर कर दिया है. इससे पहले मायावती ने 3 सितंबर 2026 को आकाश को राष्ट्रीय संयोजक के पद से हटाया था. अब उन्होंने आकाश को बसपा की प्राथमिक सदस्यता और पार्टी से भी पूरी तरह मुक्त कर दिया है।  दरअसल आकाश आनंद के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास का ऐलान किया है. इसे लेकर मायावती ने कहा कि उन्होंने अगर समय पर फैसला ले लेते तो आकाश के साथ ऐसा नहीं होगा।  मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति छोड़ने का फैसला सही समय पर नहीं लिया. अगर वो ये कदम पहले उठा लेते, तो बसपा, बहुजन मूवमेंट और खुद आकाश आनंद को लगातार मुश्किल और विपरीत परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता।  मायावती ने पिछले हफ्ते आकाश आनंद को राजनीति के लिए अपरिपक्व बताते हुए पार्टी के कोर्डिनेटर समेत सभी पदों से हटा दिया था। इसके बाद बुधवार को आकाश को दोबारा पद देने के लिए उनके ससुर अशोक के सामने एक शर्त रख दी थी। मायावती ने कहा था कि आकाश आनन्द के भविष्य के लिए अशोक सिद्धार्थ के पास अभी भी मौका है। वे अपनी महत्वकांक्षा त्याग कर राजनीति से पूरी तरह से संन्यास ले लें तो आकाश आनन्द को उनकी ज़िम्मेदारियां वापस देने पर विचार हो सकता है। 'जो व्यक्ति 'डबल माइंड' होकर काम…' मायावती ने आकाश आनंद के रुख पर अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने मुद्दा उठाया कि आकाश आनंद पहले हमेशा उनके एक्स पोस्ट को रिपोस्ट किया करते थे, लेकिन अशोक सिद्धार्थ से जुड़ी मायावती की पोस्ट को उन्होंने रिपोस्ट नहीं किया. मायावती के मुताबिक, ये इस बात का साफ संकेत है कि आकाश आनंद पार्टी से ज्यादा पारिवारिक रिश्तों को तरजीह दे रहे हैं. उन्होंने सवाल किया कि जो व्यक्ति 'डबल माइंड' होकर काम करेगा, वो बसपा का भला कैसे कर सकता है? मायावती ने अपने पोस्ट में आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ की मंशा पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि अगर सिद्धार्थ को सच में आकाश आनंद के भविष्य और बहुजन मूवमेंट की चिंता होती, तो वो बहुत पहले ही राजनीति से किनारा कर लेते. लेकिन उनकी नीयत और निजी महत्वाकांक्षाओं को लेकर अब भी सवाल बने हुए हैं।  2027 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का आह्वान पार्टी में इस बड़े बदलाव के बाद मायावती ने कार्यकर्ताओं को नया लक्ष्य सौंपा. उन्होंने बसपा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वो विरोधियों के सभी राजनीतिक हथकंडों का मजबूती से मुकाबला करें. उन्होंने उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों में 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' के सिद्धांत पर चलते हुए पूरी ताकत से जुटने और पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने की बात की।  मायावती को लिखा भावुक पत्र मायावती की शर्त के 24 घंटे के अंदर ही अशोक सिद्धार्थ ने भावुक पत्र लिखते हुए सक्रिय राजनीति के साथ ही सामाजिक जीवन से पूरी तरह संन्यास की घोषणा कर दी। उन्होंने मायावती और बसपा के प्रति अपनी अटूट निष्ठा भी जाहिर की है। अशोक सिद्धार्थ ने पत्र में स्पष्ट किया कि उनके लिए बहनजी का आदेश दुनिया की किसी भी चीज से बढ़कर है और उनके मार्गदर्शन के आगे पारिवारिक रिश्ते-नाते बेहद छोटे हैं। विरोधियों पर निशाना, आरोपों को बेबुनियाद भी बताया अशोक सिद्धार्थ ने पार्टी पर कब्जे के विरोधियों के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के कुछ साथी अफवाह फैला रहे हैं कि वे पार्टी पर कब्जा और आकाश आनंद को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। सफाई देते हुए कहा कि आकाश को सलाह देना तो दूर, बीते कई महीनों में उनसे मुलाकात केवल पार्टी कार्यक्रमों के सिलसिले में हुई है। कहा कि आकाश मेरे दामाद से पहले बहनजी के भतीजे हैं। उनके अंदर बहुजन मिशन का खून बहता है। मेरे जैसा मामूली कार्यकर्ता भला उन्हें क्या गुमराह करेगा? 35 सालों का सफर और मायावती के प्रति आभार अशोक सिद्धार्थ ने बसपा में 35 वर्षों के योगदान का जिक्र करते हुए लिखा कि मान्यवर कांशीराम और डॉ. भीमराव अंबेडकर के मिशन में मायावती की वजह से ही उन्हें एक आम कार्यकर्ता से संसद और विधानमंडल तक पहुंचने का मौका मिला। मिशन के लिए अगर जान भी देनी पड़े तो यह उनके लिए गर्व की बात होगी। अंत में यह भी लिखा कि आकाश आनंद को जिम्मेदारी देना या न देना पूरी तरह से बसपा सुप्रीमो का अधिकार है। उनके संन्यास को आकाश आनंद की पद पर वापसी से जोड़कर न देखा जाए। अगर बहनजी को लगता है कि उनके राजनीति में रहने से संतों, गुरुओं और महापुरुषों के बहुजन मिशन को नुकसान पहुंच रहा है तो वे तत्काल प्रभाव से राजनीतिक और सामाजिक जीवन से संन्यास ले रहे हैं।

टीम इंडिया के लिए बड़ी खुशखबरी, बुमराह को मिली फिटनेस क्लीयरेंस; हर्षित राणा की जगह यश ठाकुर

मुंबई  टीम इंडिया के स्टार पेसर को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) ने टीम इंडिया के स्टार पेसर जसप्रीत बुमराह को अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जाने वाली सीरीज और एशियन गेम्स के लिए फिट घोषित कर दिया है, तो वहीं चोटिल चल रहे हर्षित राणा दोनों ही बड़ी प्रतियोगिताओं से बाहर हो गए हैं. हर्षित राणा की जगह चयन समिति ने अफगान सीरीज और एशियन गेम्स दोनों के  लिए ही मीडिय पेसर यश ठाकुर को टीम में जगह दी है।  हर्षित राणा की जगर यश ठाकुर राणा  बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपने रिहैब के दौरान अच्छी प्रगति कर रहे थे, लेकिन 7 सितंबर को एक मैच सिमुलेशन के दौरान गेंदबाजी करते समय उन्हें रेक्टस फेमोरिस (मांसपेशियों) में खिंचाव आ गया और इसके बाद वह बाहर हो गए. वहीं, विदर्भ के 27 वर्षीय तेज गेंदबाज यश ने हाल ही में जुलाई में भारत के जिम्बाब्वे दौरे के दौरान अपना T20I पदार्पण (डेब्यू) किया था. उन्होंने दो मैच खेले और चार विकेट लिए. वह 50 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी मैचों में खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने 7.04 की प्रभावशाली इकोनॉमी रेट से 81 विकेट लिए हैं।   इसके चलते वह टीम इंडिया के आगामी दोनों असाइनमेंट से बाहर हो गए. सिलेक्टर्स ने उनकी जगह विदर्भ के तेज गेंदबाज यश ठाकुर को जगह दी है।  भारतीय टीम में बुमराह के लौटने से अफगानिस्तान के खिलाफ उसके पेस अटैक की धार बढ़ी है. बुमराह के साथ यहां तेज बॉलिंग में अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर मौजूद होंगे. भारत की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में होगी, जबकि तिलक वर्मा उपकप्तान की भूमिका में नजर आएंगे।  अफगानिस्तान टी20 सीरीज के लिए अपडेटेड टीम: श्रेयस अय्यर (कपतान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, यश ठाकुर 2026 एशियन गेम्स के लिए  अपडेटेड टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वैभव सूर्यवंशी, यश ठाकुर IND vs AFG टी20 सीरीज का शेड्यूल 13 सितंबर : पहला टी20 15 सितंबर : दूसरा टी20 17 सितंबर : तीसरा टी20

साइबर अपराध पीड़ित महिलाओं-बच्चों को बड़ी राहत, इंदौर के नए सेंटर में तकनीकी- कानूनी सहायता मुफ्त

महिलाओं-बच्चों के लिए इंदौर में शुरू हुआ साइबर वेलनेस सेंटर साइबर अपराध और डिजिटल नुकसान के पीड़ितों को मिलेगी मुफ्त तकनीकी और कानूनी सहायता – महिला बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया  इंदौर साइबर अपराध, ऑनलाइन उत्पीड़न और डिजिटल नुकसान का सामना कर रही महिलाओं और बच्चों को अब इंदौर में एक ही स्थान पर काउंसलिंग से लेकर कानूनी और तकनीकी सहायता तक मिल सकेगी। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने बुधवार को केंद्र का उद्घाटन किया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अहान फाउंडेशन के प्रोजेक्ट रिस्पॉन्सिबल नेटिज़्म और कोगटा फाउंडेशन के सहयोग से साइबर वेलनेस सेंटर का  इंदौर में शुभारंभ किया गया है। केंद्र का उद्देश्य साइबर घटनाओं के पीड़ितों और सर्वाइवर्स को तत्काल, मुफ्त और संवेदनशील सहायता उपलब्ध कराने के साथ प्रदेश में डिजिटल सुरक्षा और जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार के लिए मजबूत सहायता तंत्र तैयार करना है। केंद्र में साइबर नुकसान से प्रभावित लोगों को मुफ्त काउंसलिंग, मनो-सामाजिक एवं भावनात्मक सहायता, तकनीकी और कानूनी मार्गदर्शन तथा साइबर घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज कराने में सहयोग मिलेगा। इसके अलावा महिलाओं, बच्चों और समुदायों के लिए साइबर वेलनेस, डिजिटल रेजिलिएंस और साइबर अधिकारों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि महिलाओं और बच्चों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने में सक्षम बनाने के लिए सरकार, सामाजिक संस्थाओं और समुदाय को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं है, बल्कि इससे जुड़े मामलों में पीड़ितों को मानसिक और भावनात्मक सहारे की भी जरूरत होती है।  

गंगा की बाढ़ में डूबा भागलपुर का सिल्क हब, जीआई टैग वाले तीन उत्पादों पर खतरा

पटना बिहार के रेशमी शहर की आर्थिक रीढ़ बाढ़ के थपेड़ों से टूट गई है। भागलपुर में गंगा की उफनाती लहरों और बाढ़ की विभीषिका ने न केवल लाखों लोगों को बेघर किया है, बल्कि यहां की पहचान माने जाने वाले तीन वैश्विक ब्रांड (तसर सिल्क, कतरनी धान और जर्दालू आम) के वजूद पर भी गहरा संकट खड़ा कर दिया है। बता दें कि तसर सिल्क, कतरनी धान और जर्दालू आम को जीआई टैग दिया गया है। कृषि और उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की बाढ़ से भागलपुर की अर्थव्यवस्था को ऐसा झटका लगा है, जिससे उबरने में सालों लग सकते हैं। नाथनगर और चंपानगर के सिल्क हब इस समय पानी में पूरी तरह डूबे हुए हैं। आर्थिक मामलों के स्थानीय जानकार अधिवक्ता राजेश सर्राफ ने बताया कि भागलपुर का सिल्क उद्योग लगभग 50 फीसदी घरेलू और 50 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर है। पावरलूम मशीनों और कच्चे माल के पानी में डूबने से करोड़ों का नुकसान हुआ है। नाथनगर स्थित बुनकर समाज के इनायत अंसारी बताते हैं कि विदेशों से मिले ऑर्डर की समय पर डिलीवरी नहीं होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में हमारी साख खतरे में है। यदि बुनकरों का बनारस या कोलकाता पलायन शुरू हुआ, तो इस पारंपरिक क्लस्टर को भारी क्षति पहुंचेगी। दूसरी ओर, जिले की कृषि अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ कतरनी धान और जर्दालू आम के बागों को भी प्रकृति का कहर झेलना पड़ रहा है। सुल्तानगंज के आभा रतनपुर निवासी कृषक एवं निर्यातक मनीष कुमार सिंह बताते हैं, बाढ़ का पानी लंबे समय तक खेतों में जमा रहने के कारण कतरनी धान के नाजुक पौधे पूरी तरह सड़ जाएंगे। इस अनूठे सुगंधित चावल का अंतरराष्ट्रीय बाजार ठप होने के कगार पर है। जर्दालू आम के बगीचे में जलभराव पर चिंता जताते हुए वो कहते हैं कि बगीचों में जलभराव सबसे खतरनाक होता है। पीरपैंती के आम उत्पादक पप्पू यादव कहते हैं कि बगीचे में एक सप्ताह से अधिक दिनों तक पानी जमा रह गया तो पेड़ सूख जाएंगे। इससे आम की उत्पादकता में कमी आएगी। सिल्क बुनकरों को विशेष राहत पैकेज मिले : चैंबर भागलपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष रामगोपाल पोद्दार बताते हैं कि बुनकर और किसान कर्ज के बोझ तले दबे हैं। सरकार को इस संकट से निपटने के लिए सिल्क बुनकरों के लिए विशेष राहत पैकेज और किसानों के लिए फसल बीमा का त्वरित भुगतान सुनिश्चित करना होगा, तभी इन जीआई टैग उत्पादों को बचाया जा सकता है। सरकारी आंकड़े में (सालाना) सिल्क: 100 करोड़ कतरनी धान की पैदावार : 2000 एकड़ कतरनी धान का कारोबार: 30 करोड़ जर्दालू आम की प्रतिवर्ष पैदावार-बाजार : 10,000 मीट्रिक टन

कप्तान अनमोल इक्का का गोलों का धमाका, अकेले दागे 6 गोल; भारत सेमीफाइनल में

मोकी  कप्तान अनमोल इक्का ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए छह गोल किए जिससे मौजूदा चैंपियन भारत ने बुधवार को चीनी ताइपे को 15-0 से रौंदकर जूनियर एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह पक्की की। अनमोल ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने के अपने कौशल का शानदार नमूना पेश किया। भारतीय टीम पहले क्वार्टर में गोल नहीं कर पाई थी लेकिन इसके बाद उसने शानदार खेल दिखाया और दनादन गोल दागे।भारत ने पहले क्वार्टर में गेंद पर कब्जा बनाए रखा लेकिन वह ताइपे की रक्षापंक्ति को भेदने में नाकाम रहे। भारत ने दूसरे क्वार्टर में पांच मिनट के अंदर तीन गोल किए। आर्यन जेस (17वें मिनट), प्रभदीप सिंह (18वें मिनट) और गुरसेवक सिंह (22वें मिनट) ने स्कोरलाइन 3-0 कर दिया। भारत ने हाफ टाइम तक दागे 6 गोल इसके बाद अनमोल (25वें मिनट) ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपना पहला गोल किया। अर्जुन संतोष हरगुडे ने 28वें मिनट में गोल दागा, जबकि अगले ही मिनट अनमोल ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। इस तरह से भारत ने हाफ टाइम तक 6-0 की बढ़त बना ली थी। भारत ने जारी रखा आक्रामक रवैया भारत ने इसके बाद भी आक्रामक रवैया अपनाया तथा तीसरे क्वार्टर के शुरुआती तीन मिनट के भीतर दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। अनमोल ने इन दोनों को गोल में बदलने में किसी तरह की गलती नहीं की। अजीत यादव ने भी 35वें मिनट में गोल करके स्कोरशीट पर नाम दर्ज कराया, जबकि अनमोल ने गोल करने का सिलसिला जारी रखा। उन्होंने 45वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपना पांचवां गोल किया और भारत को 10-0 से आगे कर दिया। भारतीय टीम ने अंतिम 15 मिनटों में भी मनमाफिक गोल किए। हरपाल ने 48वें मिनट में मैदानी गोल दागा जिसके बाद अनमोल ने 51वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर मैच का अपना छठा गोल किया। इसके बाद हरपाल ने अपना दूसरा गोल दागा, वहीं आर्यन जेस ने दो गोल किए।

झारखंड में मतदाता सूची को लेकर सख्ती, कोई पात्र नागरिक नाम जुड़ने से न रहे वंचित

रांची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बुधवार को सभी उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर एसआइआर के तहत दावा-आपत्ति एवं सुनवाई, युवा मतदाता पंजीकरण तथा मतदाता सेवाओं से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सभी कार्य भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दावा-आपत्ति की सुनवाई के दौरान अनावश्यक भीड़ न लगने दें। एक साथ अधिक लोगों को बुलाने की जगह टोकन सिस्टम के माध्यम से क्रमवार सुनवाई कराई जाए। प्रत्येक व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का समुचित अवसर दिया जाए तथा उपलब्ध दस्तावेज एवं तथ्यों के परीक्षण के बाद नियमानुसार निर्णय लिया जाए। उन्होंने जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को लंबित मामलों एवं प्रतिदिन हो रहे निष्पादन की नियमित समीक्षा करें। एक से पांच फार्म-6 वाले मतदान केंद्रों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने शून्य तथा एक से पांच फार्म-6 वाले मतदान केंद्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कहा, ऐसे मतदान केंद्रों की मतदान केंद्रवार समीक्षा करते हुए बीएलओ के माध्यम से उन नए एवं युवा पात्र भारतीय नागरिकों की पहचान की जाए, जिनकी आयु एक अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष पूर्ण हो रही है, लेकिन उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। ऐसे सभी पात्र नागरिकों से निर्धारित प्रक्रिया के तहत फार्म-6 एवं आवश्यक घोषणा-पत्र प्राप्त कर उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे। साथ ही साहिबगंज में सामने आई अनियमितता की पुनरावृत्ति किसी अन्य जिले में न हो, इसके लिए आवेदन, दस्तावेज, सत्यापन एवं निर्वाचन डेटा पर प्रभावी निगरानी रखी जाए तथा किसी भी अनियमितता पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब कार्यक्रमों की तैयारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने 19 एवं 20 नवंबर को राज्य स्तर पर आयोजित होने वाले इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब कार्यक्रमों की तैयारियां अभी से प्रारंभ करने का निर्देश दिया। इसके लिए ईएलसी को-आर्डिनेटर नियुक्त कर स्पष्ट जिम्मेदारी निर्धारित की जाए। स्कूल एवं कॉलेज स्तर पर कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर विद्यार्थियों एवं युवा मतदाताओं के बीच ईसीनेट का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा उन्हें उपलब्ध डिजिटल मतदाता सेवाओं की जानकारी दी जाए। उन्होंने एनवीएसपी पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन तथा ईसीनेट की ‘बुक ए काल’ सुविधा के माध्यम से प्राप्त मतदाताओं की शिकायतों एवं समस्याओं पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।