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अब स्कूल से गायब हुए तो तुरंत घर पहुंचेगा मैसेज, चंडीगढ़ के 111 सरकारी स्कूलों में नई व्यवस्था

चडीगढ़. घर से निकलकर स्कूल न जाने के बजाय पार्कों या मार्केट्स में घूमना अब आसान नहीं होगा। स्कूल बंक करते ही तुरंत अभिभावकों के पास मैसेज पहुंच जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की अटेंडेंस को स्कूल मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एसएमआईएस) से जोड़ दिया है। यह व्यवस्था 111 सरकारी स्कूलों के करीब 1.70 लाख छात्रों के लिए लागू की गई है। अब कोई विद्यार्थी सुबह गैरहाजिर पाया जाता है तो माता-पिता के मोबाइल नंबर पर टेक्स्ट मैसेज भेजा जाएगा। स्कूल शुरू होने के करीब एक घंटे के अंदर अभिभावकों को पता चल जाएगा कि उनका बच्चा स्कूल पहुंचा है या नहीं। स्कूल शिक्षा विभाग के डायरेक्टर नितिश सिंगला का कहना है कि नई व्यवस्था से स्कूल बंक करने वाले विद्यार्थियों पर नजर रखने के साथ-साथ माता-पिता और शिक्षकों के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलेगी। कई बार विद्यार्थी स्कूल पहुंचने से पहले ही पार्कों या मार्केट में चले जाते हैं। कुछ स्कूल के समय बाहर बैठकर मस्ती करते हैं और क्लास छोड़ देते हैं। माता-पिता को अकसर यह पता नहीं चलता था कि उनका बच्चा स्कूल पहुंचा है या नहीं। स्कूल की ओर से भी गैरहाजिर छात्र की जानकारी तुरंत माता-पिता तक नहीं पहुंच पाती थी। अब नई व्यवस्था के जरिए इस समस्या को दूर करने की कोशिश की गई है। स्कूल मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम को छात्रों की अटेंडेंस से जोड़ा गया है। दाखिले के समय स्कूल रिकॉर्ड में दर्ज माता-पिता के मोबाइल नंबर पर टेक्स्ट मैसेज भेजकर बताया जाएगा कि छात्र स्कूल में मौजूद नहीं है। इससे छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा। नई व्यवस्था के तहत छात्रों को सुबह की प्रार्थना सभा के बाद अटेंडेंस के समय क्लास में मौजूद रहना होगा। छात्र स्कूल समय के दौरान बाहर जाना चाहता है तो माता-पिता की अनुमति जरूरी होगी। बिना अनुमति गेट पार नहीं करने दिया जाएगा। इसका मकसद स्कूल के समय छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखना और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।  इस तरह की अटेंडेंस व्यवस्था ज्यादातर निजी स्कूलों में पहले से लागू थी। अब स्कूल शिक्षा विभाग ने इसे सरकारी स्कूलों में भी शुरू कर दिया है। 

पूर्व डीजीपी बृजलाल ने सपा अध्यक्ष पर लगाया तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप

अखिलेश रोज गढ़ते हैं फर्जी नैरेटिव, बंधुराष्ट्र के लिए राष्ट्र प्रथम जरूरी- बृजलाल पूर्व डीजीपी ने सपा अध्यक्ष पर लगाया तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप आतंकियों के मुकदमें वापस लेने और मुजफ्फरनगर दंगे को लेकर साधा निशाना मुलायम सिंह यादव सरकार में मेरठ पीएसी कैंप हमलों से जुड़े मुकदमे वापस लेने का भी लगाया आरोप बृजलाल बोले- पीडीए का मतलब परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी, जनता तुष्टिकरण की राजनीति को नकारेगी लखनऊ राज्यसभा सांसद एवं पूर्व पुलिस महानिदेशक बृजलाल ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव रोज कोई न कोई फर्जी नैरेटिव गढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव सत्ता में आने पर बंधुराष्ट्र बनाने की बात कर रहे हैं, लेकिन बंधुराष्ट्र के निर्माण के लिए पहली आवश्यकता राष्ट्र प्रथम की भावना है। पार्टी हित और निजी हित बाद में होना चाहिए। बृजलाल ने आरोप लगाया कि सपा की अब तक की राजनीति विशुद्ध तुष्टिकरण पर आधारित रही है। आतंकवाद के मुद्दे पर सपा को घेरा बृजलाल ने कहा कि भारत में इस्लामिक आतंकवाद का अंतिम लक्ष्य देश को गजवा-ए-हिंद के जरिए इस्लामिक राष्ट्र बनाना है। आतंकवादी देश और समाज के सबसे बड़े दुश्मन हैं, इसलिए सभी को मिलकर उनके कुत्सित इरादों को विफल करना चाहिए। वोट बैंक की राजनीति के लिए अखिलेश यादव और उनकी पार्टी आतंकियों के साथ खड़ी नजर आती रही है। मुख्यमंत्री बनने के बाद वर्ष 2013 में अखिलेश यादव ने आतंकियों से जुड़े 14 चार्जशीट वापस लेने का आदेश दिया था। इनमें रामपुर सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर हमला, न्यायालयों में हुए बम धमाके और अन्य आतंकी घटनाओं से जुड़े मामले शामिल थे। लखनऊ, वाराणसी और अयोध्या ब्लास्ट का भी किया जिक्र पूर्व डीजीपी ने कहा कि 23 नवंबर 2007 को लखनऊ, वाराणसी और अयोध्या की अदालतों में आतंकियों ने धमाके किए थे, जिनमें करीब डेढ़ दर्जन वकील और अन्य लोग मारे गए। इसी समूह से जुड़े आतंकियों पर 22 मई 2007 के गोलघर ब्लास्ट का भी आरोप था। इन मामलों में गिरफ्तार आतंकियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसे अखिलेश सरकार ने वापस लेने का प्रयास किया। बृजलाल ने कचहरी ब्लास्ट के मामलों में गिरफ्तार खालिद मुजाहिद और हकीम तारिक कासमी का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट भी वापस लेने की कोशिश की गई। इसके बाद अखिलेश सरकार ने उनके समेत तत्कालीन सेवानिवृत्त डीजीपी विक्रम सिंह, दो एसपी, डीएसपी सहित 38 पुलिसकर्मियों पर हत्या की साजिश का मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि खालिद और हकीम की बाराबंकी में हुई गिरफ्तारी से जुड़े मुकदमे को भी वापस लेने का प्रयास किया गया, लेकिन न्यायालय के हस्तक्षेप से ऐसा नहीं हो सका और हकीम तारिक कासमी को आजीवन कारावास की सजा हुई। केवल अखिलेश यादव ही नहीं, बल्कि उनके पिता मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में भी आतंकियों से जुड़े कई मुकदमे वापस लिए गए थे।  मुजफ्फरनगर दंगे को लेकर भी अखिलेश पर हमला बृजलाल ने अखिलेश यादव के भाईचारे के दावे पर भी सवाल उठाए। 2013 के कवाल कांड और उसके बाद हुए मुजफ्फरनगर दंगे का जिक्र करते हुए कहा कि 26 अगस्त 2013 को मलिकपुरा, शामली निवासी सचिन और गौरव कवाल गांव गए थे, जहां शाहनवाज कुरैशी से विवाद हुआ। अगले दिन दोबारा हुए विवाद में शाहनवाज की चाकू लगने से मौत हुई और इसके बाद सचिन तथा गौरव की भीड़ ने हत्या कर दी। बृजलाल ने आरोप लगाया कि अपराधियों को पकड़ने के बाद तत्कालीन मंत्री आजम खान ने उन्हें छुड़वा दिया। उन्होंने कहा कि इसके बाद मामला बढ़ता गया और मुजफ्फरनगर में साम्प्रदायिक दंगा हुआ, जिसमें 60 लोगों की मौत हुई तथा करीब 50 हजार लोगों को राहत शिविरों में रहना पड़ा। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी केवल मुस्लिम राहत शिविरों में गए, जबकि हिंदू राहत शिविरों में नहीं गए। अखिलेश यादव पर भी पीड़ित हिंदुओं की सुध नहीं लेने का आरोप लगाया और कहा कि उस दौरान अखिलेश सैफई महोत्सव में व्यस्त रहे। सिर्फ अपने सरकारी आवास पर मुस्लिम नेताओं को स्टेट प्लेन से बुलाकर बातचीत की, जबकि पीड़ित हिंदुओं की कोई सुध नहीं ली गई। कब्रिस्तान, बेटियों और मदरसों की योजनाओं को लेकर निशाना बृजलाल ने कहा कि अखिलेश भाजपा पर लोगों को बांटने का आरोप लगाते हैं, लेकिन उनके शासनकाल के कामकाज में हिंदुओं के साथ भेदभाव दिखाई देता है। मुख्यमंत्री बनने के बाद मुस्लिम कब्रिस्तानों की बाउंड्री के लिए अलग बजट आवंटित किया गया, जबकि हिंदू श्मशान घाटों के लिए ऐसा प्रावधान नहीं किया गया। उन्होंने हमारी बेटी, उसका कल योजना का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि 10वीं पास मुस्लिम बेटियों को उच्च शिक्षा या विवाह के लिए एकमुश्त 30 हजार रुपये दिए गए, जबकि हिंदू बेटियों के लिए ऐसी व्यवस्था नहीं थी। पीडीए की बात करने वाले अखिलेश को पिछड़ों और दलितों की बेटियों की चिंता नहीं रही। बृजलाल ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में मुस्लिमों को उर्दू अनुवादक बनाकर लाभ पहुंचाया गया, लेकिन संस्कृत के उत्थान के लिए ऐसा प्रयास नहीं किया गया। मदरसों के आधुनिकीकरण के नाम पर धन खर्च किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अन्य स्कूलों की अनदेखी हुई। उन्होंने योगी सरकार की कायाकल्प योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत स्कूलों के भवनों का कायाकल्प किया गया और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। सरकारी योजनाओं में 20 प्रतिशत वरीयता का आरोप बृजलाल ने कहा अखिलेश सरकार में सरकारी योजनाओं में मुसलमानों को 20 प्रतिशत वरीयता दी गई, जबकि दलितों और पिछड़ों की चिंता नहीं की गई। लखनऊ और गाजियाबाद में हज हाउस बनाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि हिंदू तीर्थयात्रियों के लिए काशी, मथुरा, अयोध्या, विंध्याचल और चित्रकूट समेत बौद्ध तीर्थों की अनदेखी की गई। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए अखिलेश यादव रोजाना नए-नए फर्जी नैरेटिव गढ़कर प्रदेशवासियों को भ्रमित कर रहे हैं। अखिलेश का लक्ष्य तुष्टिकरण के जरिए परिवार की सरकार बनाना है। उन्होंने इसे पीडीए यानी परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी करार देते हुए कहा कि परिवारवादी सरकार अब उत्तर प्रदेश में नहीं बनेगी।

BRICS समिट से पहले भारत-रूस की बड़ी डील, रीजनल एविएशन को मिलेगी नई उड़ान; जानें क्या है प्लान

नई दिल्ली नई दिल्ली में 12 से 13 सितंबर के बीच BRICS का 18वां शिखर सम्मेलन होने जा रहा है लेकिन उससे पहले ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच शुक्रवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय बातचीत की उम्मीद है। इस बातचीत में यूक्रेन और ईरान में जारी युद्धों पर चर्चा के साथ-साथ द्विपक्षीय आर्थिक और रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर विचार किया जाएगा। चर्चा है कि रूस BRICS समिट से पहले आयोजित हो रहे 'इनोप्रोम इंडिया' एग्जीबिशन में रूसी कंपनियां भारत में अपनी एविएशन मौजूदगी बढ़ाने के लिए भारतीय एविएशन कंपनियों के साथ कई विमान खरीद समझौतों को अंतिम रूप देने की तैयारी कर रही हैं। इन प्रस्तावित डील्स में 105 रीजनल पैसेंजर विमान खरीद की डील शामिल है। इस डील से भारत में क्षेत्रीय विमानन उद्योग को पंख लगने के आसार हैं। दरअसल, दोनों देशों के बीच बढ़ते एविएशन सहयोग में रूस के यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (UAC) का IL-114-300 रीजनल पैसेंजर विमान मुख्य आकर्षण बनकर उभरा है। UAC के CEO वादिम बादेखा ने कहा है कि पिछले छह महीनों में भारतीय पार्टनर्स के साथ बातचीत में काफी प्रगति हुई है और नई दिल्ली में 'इनोप्रोम इंडिया' (Innoprom India) एग्जीबिशन के दौरान कई समझौतों को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। ये एग्जिबीशन नई दिल्ली में 9 से 11 सितंबर तक आयोजित हो रहे हैं। किन-किन कंपनियों के साथ डील? प्रस्तावित डील्स में पिनेकल एयर (Pinnacle Air) के लिए 50 IL-114-300 विमान, एयर केरल (Air Kerala) के लिए 20 विमान और स्लीक एविएशन (Sleek Aviation) के साथ हुए MoU (समझौता ज्ञापन) के तहत 35 और विमानों की योजना शामिल है। ये घटनाक्रम उस शुरुआती समझौते के बाद हुए हैं, जिस पर UAC ने जनवरी में भारतीय कंपनी फ्लेमिंगो एयरोस्पेस (Flamingo Aerospace) के साथ छह IL-114-300 विमानों की संभावित सप्लाई के लिए हस्ताक्षर किए थे। दोनों पक्षों ने हैदराबाद में 'विंग्स इंडिया' (Wings India) एविएशन एग्जीबिशन के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। भारत में होगा SJ-100 रीजनल जेट का प्रोडक्शन रूस भारत को विमान मैन्युफैक्चरिंग के विस्तार के लिए एक संभावित बेस के तौर पर भी देख रहा है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट में कहा गया है कि UAC के अनुसार, भारत में SJ-100 रीजनल जेट के लोकल प्रोडक्शन पर बातचीत लगभग 80 फीसदी पूरी हो चुकी है और जल्द ही समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। UAC और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने इस साल की शुरुआत में भारत में SJ-100 के जॉइंट लाइसेंस्ड प्रोडक्शन से संबंधित एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। 'इनोप्रोम इंडिया' में 120 से अधिक कंपनियां शामिल बता दें कि एविएशन सेक्टर में यह सहयोग तब तेजी पकड़ रहा है जब रूस पारंपरिक डिफेंस प्लेटफॉर्म्स से आगे बढ़कर भारत के साथ इंडस्ट्रियल सहयोग को गहरा करना चाहता है। प्रस्तावित विमान डील्स भारत-रूस एयरोस्पेस संबंधों के सिविल एविएशन, रीजनल कनेक्टिविटी और विमान मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्रों में संभावित विस्तार का संकेत देती हैं। BRICS समिट से पहले नई दिल्ली में 9 से 11 सितंबर तक आयोजित हो रहे 'इनोप्रोम इंडिया' (Innoprom India) में 120 से अधिक रूसी और भारतीय कंपनियां एक साथ आई हैं।

अब एक मंच पर मिलेगी पढ़ाई की पूरी डिजिटल सामग्री, PM e-VIDYA से छात्रों को मिलेगा बड़ा फायदा

डिजिटल शिक्षा को घर-घर पहुंचा रही योगी सरकार, पीएम ई-विद्या पर एक मंच में मिलेंगे पढ़ाई के जरूरी संसाधन – एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विद्यार्थियों को पढ़ाई से जुड़े आवश्यक संसाधन निःशुल्क उपलब्ध – डिजिटल लर्निंग को अधिक समावेशी, सुलभ और प्रभावशाली बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल – एंड्रॉयड और आईओएस दोनों उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है पीएम ई-विद्या ऐप – एससीईआरटी के माध्यम से डिजिटल संसाधनों को विद्यार्थियों और शिक्षकों तक पहुंचाने पर जोर लखनऊ  योगी सरकार शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल को लगातार विस्तार दे रही है। सरकार का जोर है कि डिजिटल संसाधन विद्यार्थियों की पहुंच से दूर रहने वाली सुविधा न होकर सीखने का सहज, सुलभ और प्रभावी माध्यम बनें। इसी दिशा में पीएम ई-विद्या डिजिटल प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों और शिक्षकों को पढ़ाई से जुड़े आवश्यक संसाधन एक ही मंच पर निःशुल्क उपलब्ध करा रहा है। एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान के मुताबिक, पीएम ई-विद्या के माध्यम से डिजिटल लर्निंग को व्यापक स्तर पर विद्यार्थियों तक पहुंचाने और उपलब्ध शैक्षिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। डिजिटल संसाधनों की आसान उपलब्धता विद्यार्थियों के सीखने के अवसरों को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। एक ही मंच पर सामग्री उपलब्ध होने से डिजिटल शिक्षा को अधिक समावेशी, सुलभ और प्रभावशाली बनाने में मदद मिलेगी। सोशल मीडिया के माध्यम से भी पीएम ई-विद्या ऐप के बारे में जानकारी साझा की जा रही है, जिससे विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक इससे जुड़ सकें।  ज्ञात हो कि योगी सरकार की डिजिटल शिक्षा नीति का लक्ष्य तकनीक को शिक्षा का विकल्प बनाने के साथ-साथ उसे सीखने की प्रक्रिया का प्रभावी सहयोगी बनाना है। पीएम ई-विद्या इसी सोच को व्यापक डिजिटल पहुंच में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एक मंच पर पढ़ाई के जरूरी संसाधन पीएम ई-विद्या को विद्यार्थियों के लिए डिजिटल शिक्षा के एक उपयोगी मंच के रूप में देखा जा रहा है। इसमें पढ़ाई से जुड़े आवश्यक डिजिटल संसाधनों तक एक ही स्थान से पहुंच बनाने की सुविधा है। इससे विद्यार्थियों को सीखने के लिए अलग-अलग माध्यमों पर निर्भरता कम होगी और डिजिटल सामग्री तक पहुंच अधिक सहज होगी। निशुल्क उपलब्ध डिजिटल संसाधन पीएम ई-विद्या की महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि डिजिटल लर्निंग से जुड़े संसाधन निशुल्क उपलब्ध हैं। इससे विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार डिजिटल माध्यम का उपयोग कर अध्ययन कर सकते हैं। शिक्षक भी उपलब्ध डिजिटल संसाधनों को अपनी कक्षा शिक्षण प्रक्रिया के सहयोगी माध्यम के रूप में उपयोग कर सकते हैं। एंड्रॉयड और आईओएस पर ऐप उपलब्ध पीएम ई-विद्या ऐप एंड्रॉयड और आईओएस, दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। एंड्रॉयड उपयोगकर्ता इसे गूगल प्ले स्टोर तथा आईओएस उपयोगकर्ता एप्पल ऐप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। इससे विभिन्न डिजिटल उपकरणों का उपयोग करने वाले विद्यार्थी और शिक्षक इस मंच से जुड़ सकते हैं। कोट: योगी सरकार प्रदेश के बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल संसाधनों के विस्तार पर विशेष जोर दे रही है। पीएम ई-विद्या जैसे प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों को एक ही स्थान पर पढ़ाई से जुड़े आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहज और प्रभावी बनाते हैं। हमारा प्रयास है कि तकनीक का लाभ प्रदेश के अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंचे और डिजिटल शिक्षा उनके सीखने का मजबूत माध्यम बने। संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा कोट: डिजिटल संसाधनों की आसान और निशुल्क उपलब्धता विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए सीखने और सिखाने के नए अवसर खोलती है। पीएम ई-विद्या के माध्यम से एक ही मंच पर शैक्षिक संसाधनों की उपलब्धता से डिजिटल लर्निंग को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। एससीईआरटी एवं विभागीय स्तर पर हमारा प्रयास है कि इन संसाधनों का विद्यालयी शिक्षण में अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो। मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक

नर्सिंग छात्रों के परीक्षा परिणाम पर डिप्टी CM शुक्ल ने की समीक्षा, हाईकोर्ट के आदेश पर जल्द कार्रवाई के निर्देश

नर्सिंग छात्रों के परीक्षा परिणाम के संबंध में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की समीक्षा हाईकोर्ट के आदेश के तारतम्य में आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित करने के निर्देश छात्रों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता, समाविष्ट संस्थानों को तत्काल सूचित कर परिणाम जारी करने की करें कार्यवाही भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में नर्सिंग छात्रों के परीक्षा परिणाम से संबंधित विषय की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों से वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेश के तारतम्य में संबंधित प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि छात्रों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप सभी आवश्यक प्रक्रियाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएं, जिससे पात्र छात्रों को उनके परीक्षा परिणाम प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि समाविष्ट संस्थानों को प्राथमिकता से सूचित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे संबंधित छात्रों के परीक्षा परिणाम जारी किए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो और विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक कदम समन्वय के साथ उठाए जाएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अनसूटेबल कॉलेजों के छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें सूटेबल कॉलेजों से संबद्ध/संलग्न किए जाने के विषय में भी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित प्रभावित न हों, इसके लिए नियमानुसार उपलब्ध विकल्पों पर शीघ्र कार्यवाही की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि न्यायालयीन आदेश , विभागीय नियमों एवं विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रकरण का निराकरण प्राथमिकता से किया जाए। साथ ही, संबंधित संस्थानों एवं विश्वविद्यालय के बीच आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करते हुए प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जाए। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस, एमपीएनआरसी के रजिस्ट्रार डॉ. उपेन्द्र धोटे सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।  

‘अंतरिक्ष की संभावनाएं असीमित’, पीएम मोदी ने बताया भारत का स्पेस मिशन प्लान

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पेरिस में चल रही इंटरनेशनल स्पेस समिट को वर्चुअली संबोधित किया. अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने इस समिट का न्योता देने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि सदियों से अंतरिक्ष हमारी कल्पनाओं को प्रेरित करता आ रहा है और आज ये पृथ्वी पर जिंदगियां बचा रहा है. उन्होंने कहा कि 'अंतरिक्ष की संभावनाएं असीमित हैं. हमारी जिम्मेदारी सामूहिक है.' संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 'भारत का दृष्टिकोण 'वसुधैव कुटुंबकम' पर आधारित है, यानी 'एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य'. यह भावना पृथ्वी से आगे भी जानी चाहिए. हम अंतरराष्ट्रीय कानूनों पर आधारित एक सुरक्षित और टिकाऊ अंतरिक्ष क्षेत्र का समर्थन करते हैं.' उन्होंने कहा, 'वैज्ञानिक डेटा का इस्तेमाल खुलेपन और ईमानदारी के साथ एक साझा लक्ष्य के लिए किया जाना चाहिए. भारत की अंतरिक्ष यात्रा इसी सोच को दर्शाती है.' पीएम ने की इसरो की तारीफ पीएम मोदी ने भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि 'ISRO की टेक्नोलॉजी और पार्टनरशिप न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया के काम आती हैं. इस वैश्विक भरोसे के पीछे भारतीय वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और टेक्नीशियनों की कई पीढ़ियों की मेहनत और लगन है. दिन-रात काम करके उन्होंने ISRO की साख बनाई है.' भारत के स्पेस मिशन के बारे में बताया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंटरनेशनल स्पेस समिट में भारत के स्पेस मिशन के बारे में भी दुनिया को बताया. उन्होंने कहा, 'चंद्रयान-3 ने भारत को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला देश बना दिया. आदित्य-L1 सूर्य के रहस्यों का पता लगा रहा है. पिछले साल, एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन का दौरा किया.' भारत की स्पेस जर्नी के भविष्य के बारे में बताते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'आगे की बात करें तो, हमारा लक्ष्य 2035 तक एक भारतीय स्पेस स्टेशन स्थापित करना और 2040 तक किसी भारतीय को चंद्रमा पर भेजना है.'  

AI से स्वास्थ्य और सुरक्षा तक छात्रों के नए आइडिया, UP RISE ने युवाओं को दिया नवाचार का मंच

युवाओं के नवाचार को योगी सरकार का प्रोत्साहन, यूपी राइज से हुनर को मिल रहा मंच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से स्वास्थ्य और सुरक्षा तक छात्रों ने प्रस्तुत किए नए विचार लखनऊ स्थित इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में दिखी युवाओं की प्रतिभा  इनोवेट8एक्स को पहला, स्कैनविडेंस को दूसरा व मेरिडियन टीम ने हासिल किया तीसरा स्थान लखनऊ विश्वविद्यालय में भी आयोजित होगा कार्यक्रम लखनऊ  उत्तर प्रदेश में युवाओं के नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में योगी सरकार की पहल यूपी राइज छात्रों को अपने नए विचारों को मंच देने का अवसर प्रदान कर रही है। इसी क्रम में लखनऊ की इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में आयोजित यूपी राइज कार्यक्रम में छात्रों ने तकनीक आधारित कई नए कारोबारी मॉडल और नवाचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में शॉर्टलिस्ट किए गए आइडिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थकेयर, सुरक्षा, कृषि, जल गुणवत्ता, रियल एस्टेट और पारंपरिक शिल्प जैसे क्षेत्रों से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल रहे। कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कई नए विचार कार्यक्रम में ध्रुव एक्स स्काईशील्ड का पोर्टेबल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित ड्रोन रोधी रक्षा तंत्र, निदानवाणी का स्वास्थ्य सेवा मंच, मेरिडियन का स्मार्ट पहनने योग्य मुद्रा निगरानी तंत्र और संवेदना का कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मानसिक स्वास्थ्य मंच प्रस्तुत किया गया। स्कैनविडेंस ने चिकित्सकों के लिए रोगी आंकड़ों के विश्लेषण और निदान में सहायक चिकित्सकीय मंच तैयार किया। वहीं जियोक्वेरी लैब ने संपत्ति संबंधी जानकारी, इनोवेट8एक्स ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी एवं सुरक्षा तंत्र, शिल्पसेतु ने कारीगरों को सीधे ग्राहकों से जोड़ने वाला डिजिटल बाजार और एग्रीक्यू ने सटीक कृषि के लिए स्वचालित तंत्र प्रस्तुत किया। इनोवेट8एक्स को पहला, स्कैनविडेंस को दूसरा स्थान प्रतियोगिता में इनोवेट8एक्स ने प्रथम स्थान हासिल किया। टीम में रमिश अदील, मुस्कान, फराज नदीम, लैबा रहमान, रेहान शेख और फैजान-ए-रजा शामिल रहे। दूसरे स्थान पर स्कैनविडेंस की टीम रही, जिसमें अनस खालिद, अब्दुल मलिक, अली हसन, अलीना फारूकी, अब्दुल रहमान और साहेर जहरा शामिल हैं। तीसरा स्थान मेरिडियन की टीम ने हासिल किया। इसमें इमामा बिन्त अनवर, अरिशा खानम, अब्दुल्ला अशरफ अली,  मोहम्मद सायम अशरफ, एमडी मामूनुर रशीद और हसन अब्बास नियाजी शामिल रहे। विशेषज्ञों ने परखी छात्रों की प्रतिभा छात्रों के विचारों और प्रस्तुतियों का मूल्यांकन हर्षित देसाई, सिमरन साहनी, पूनम खंडेलवाल और हर्षवर्धन जवेरी ने किया। यूपी राइज के माध्यम से छात्रों को अपने नवाचारों को कारोबारी मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इस पहल के माध्यम से छात्रों को बुकमायशो में प्रशिक्षण का अवसर भी मिलेगा। लखनऊ विश्वविद्यालय में भी यूपी राइज कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

शाहजहांपुर ने फिर मारी बाजी, CM डैशबोर्ड रैंकिंग में टॉप पर; रामपुर दूसरे नंबर पर

सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में एक बार फिर शाहजहांपुर अव्वल, रामपुर को मिला दूसरा स्थान – जनशिकायतों के निस्तारण में मारी बाजी, फीड बैक में भी रहा अव्वल – अगस्त की रैंकिंग में रामपुर दूसरे व बरेली तीसरे स्थान पर – जन समस्याओं के प्रति सीएम योगी की गंभीरता का दिख रहा असर, प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा निस्तारण लखनऊ  योगी सरकार द्वारा पिछले साढ़े नौ वर्षों से प्रदेश में सुशासन और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का असर धरातल पर साफ देखा जा सकता है। सीएम डैशबोर्ड की अगस्त की रैंकिंग में एक बार फिर शाहजहांपुर ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं, रामपुर ने दूसरा और बरेली ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। रामपुर, शाहजहांपुर और बरेली के जिलाधिकारियों ने बताया कि उन्होंने यह उपलब्धि जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण, बेहतर फीडबैक और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधारात्मक पहल से हासिल किया है।   शाहजहांपुर ने 9.53 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया शाहजहांपुर के जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सीएम डैशबोर्ड की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप शाहजहांपुर में विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही सीएम डैशबोर्ड के जरिये मिलने वाली शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण तरीके से त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सीएम डैशबोर्ड की अगस्त माह की रैंकिंग में शाहजहांपुर को 10 में से 9.53 अंक प्राप्त हुए। इसी के साथ शाहजहांपुर ने प्रदेशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं रामपुर ने 9.48 अंक हासिल कर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। रामपुर ने 10 में से 9.48 अंक प्राप्त कर बाजी मारी रामपुर डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जिलों का मूल्यांकन कई मानकों के आधार पर किया जाता है। इसमें जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई, फीडबैक की गुणवत्ता और योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे पहलू शामिल होते हैं। उन्होंने बताया कि जुलाई में सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से जिले की 68 योजनाओं की मॉनीटरिंग की गई। इसमें से 65 कार्यक्रमों में जिले ने ए ग्रेड प्राप्त किया। जिले ने वैकल्पिक ऊर्जा, ऊर्जा, कृषि विभाग, समाज कल्याण, लोक निर्माण विभाग, नियोजन विभाग, ग्राम्य विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पशुपालन, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, मत्स्य विभाग, उद्योग विभाग, सहकारिता एवं सिंचाई के कार्यक्रमों में शत-प्रतिशत लक्ष्यों को प्राप्त करते हुए ए श्रेणी प्राप्त की है। सीएम डैशबोर्ड की अगस्त की रैंकिंग में रामपुर को 10 में से 9.48 अंक प्राप्त हुए। इसी के साथ एक बार फिर रामपुर ने सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा रामपुर पिछले कई माह से सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग में टॉप टेन में जिलों में बना हुआ है। वहीं बरेली ने 9.43 अंक हासिल कर प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। टॉप टेन जिलों में आजमगढ़, पीलीभीत और मैनपुरी ने स्थान प्राप्त किया सीएम डैशबोर्ड की अगस्त माह की रैंकिंग में कई जिलों ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए शीर्ष 10 में स्थान बनाया है। इसमें आजमगढ़ और पीलीभीत ने बराबर-बराबर 9.36 अंक हासिल कर चौथा, मैनपुरी ने 9.34 अंक हासिल कर पांचवा स्थान प्राप्त किया है। इसी तरह महराजगंज ने 9.27 अंक प्राप्त कर छठवां, अंबेडकरनगर ने 9.26 अंक प्राप्त कर सातवां, सुल्तानपुर ने 9.24 अंक प्राप्त कर आठवां, हरदोई ने 9.23 अंक प्राप्त कर नौवां और सोनभद्र ने 9.21 अंक प्राप्त कर टॉप टेन में जगह बनायी है।

राजस्थान संपर्क पोर्टल पर गाली-गलौज का मामला, PM मोदी-CM भजनलाल के खिलाफ अपशब्दों पर केस

  बांसवाड़ा बांसवाड़ा जिले में राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ गाली-गलौज और अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर बांसवाड़ा नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी ने युवक के खिलाफ राजतालाब थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। बता दें कि राजतालाब थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, अंबिका कॉलोनी निवासी प्रतीक नाम के युवक ने 7 सितंबर को राजस्थान संपर्क पोर्टल के 181 नंबर पर दो बार शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बिजली कटौती को लेकर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ अभद्र भाषा और अपशब्दों का प्रयोग किए जाने की बात सामने आई है। नगर परिषद आयुक्त ने ली शिकायत की जानकारी मामला सामने आने के बाद नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी ने शिकायत की जानकारी ली। जांच में सामने आया कि युवक प्रतीक बिजली की समस्या से आहत था। हालांकि, शिकायत में अपनी समस्या रखने के दौरान उसने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ अमर्यादित शब्दों और अपशब्दों का इस्तेमाल किया। राजतालाब थाने में युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज इसके बाद बांसवाड़ा नगर परिषद आयुक्त ने मामले को लेकर राजतालाब थाने में युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। मामला राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज की गई शिकायत से जुड़ा है। गौरतलब है कि राजस्थान संपर्क पोर्टल पर लोग अपनी विभिन्न समस्याओं और शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाते हैं। इस मामले में बिजली कटौती की समस्या को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन शिकायत में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया।

102-108 एंबुलेंस होंगी एकीकृत, मरीज की लोकेशन और हालत अस्पताल को मिलेगी तुरंत

पटना रेफरल व्यवस्था को सॉफ्टवेयर आधारित बनाया जाएगा, ताकि वास्तविक निगरानी हो सके। इसके अलावा 102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं को एकीकृत किया जाएगा। इमरजेंसी रेफरल के मामलों में एंबुलेंस में ही मरीज की स्थिति का आकलन कर डैशबोर्ड के माध्यम से कंट्रोल सेंटर को सूचित किया जाएगा। इमरजेंसी नेटवर्क के माध्यम से 102 एवं 108 सेवाओं को अस्पतालों से जोड़ा जाएगा। एंबुलेंस में उपलब्ध कियोस्क से सरकारी अस्पतालों में बेड की उपलब्धता की रियल टाइम जानकारी तथा मरीज की वर्तमान लोकेशन संबंधित अस्पताल को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए एम्स, आइजीएआइएमएस, पीएमसीएच, एनएमसीएच को पायलट प्रोजेक्ट में सम्मिलित किया जाएगा। ये सभी निर्देश स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने दिए, जो गुरुवार को राज्य स्वास्थ्य समिति के सभागार में हुई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। क्यूआर कोड आधारित बेड मैनेजमेंट बैठक में रेफरल व्यवस्था, स्मार्ट एंबुलेंस, टेली-मेडिसिन और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच एवं कार्यक्षमता बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में कमांड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने, क्यूआर कोड आधारित बेड मैनेजमेंट एवं बेड की रियल टाइम एंट्री सुनिश्चित की जाए मरीजों के खान-पान से संबंधित जानकारी एएनएम, आशा एवं जीविका दीदी से मिलेगी। आयुष चिकित्सकों द्वारा प्रभावी दवाओं की जानकारी भी संकलित की जाएगी। टेली-मेडिसिन सेवा को सुदृढ़ करने के लिए 104 सेवा को ई-संजीवनी से जोड़ने की संभावना देखी जाएगी। मंत्री ने एआई के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच एवं कार्यक्षमता बढ़ाने तथा मरीजों के डेटा के प्रभावी उपयोग का निर्देश दिया। बैठक में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय, बीएमएसआइसीएल के एमडी सुब्रत सेन आदि उपस्थित रहे।