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नवा रायपुर में 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का भव्य आगाज

नवा रायपुर में 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का भव्य शुभारंभ राज्यपाल रमेन डेका ने किया ‘Chhattisgarh Local Body Election Year Book–2026’ का विमोचन रायपुर,   छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर अटल नगर में 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का आज भव्य शुभारंभ हुआ। लगभग 11 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद छत्तीसगढ़ को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिला है। सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने दीप प्रज्वलित कर किया।           शुभारंभ समारोह के विशेष अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने ‘Chhattisgarh Local Body Election Year Book–2026’ के प्रथम संस्करण का विमोचन भी किया। यह प्रकाशन छत्तीसगढ़ में स्थानीय निकाय निर्वाचन की प्रक्रिया, उपलब्धियों, नवाचारों और चुनावी व्यवस्थाओं का महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत करता है।           उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने स्थानीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायतों की निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक सशक्त, पारदर्शी, समावेशी और तकनीक-सक्षम बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में स्थानीय स्वशासी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है और इनके निर्वाचन की प्रक्रिया में निरंतर सुधार तथा आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग आवश्यक है।           इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने सम्मेलन में देशभर से आए राज्य निर्वाचन आयुक्तों, वरिष्ठ अधिकारियों एवं निर्वाचन विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए सम्मेलन के उद्देश्यों और स्थानीय निकाय निर्वाचन को अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।             छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव विकास  शील ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने स्थानीय स्वशासन, निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावी बनाने तथा प्रशासन और निर्वाचन संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय के महत्व पर अपने विचार रखे। सम्मेलन के दौरान स्थानीय निकाय एवं पंचायत चुनावों से जुड़े समसामयिक विषयों, डिजिटल पहलों, तकनीकी नवाचारों तथा निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उपायों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है।             समारोह में राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह एवं आयोग की सचिव श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी सहित आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और अतिथियों का स्वागत किया। सम्मेलन के प्रथम दिन डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग, निर्वाचन प्रबंधन में नवाचार, पारदर्शिता तथा स्थानीय निकाय निर्वाचन की प्रक्रियाओं को अधिक सुगम और प्रभावी बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर परिचर्चा की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयुक्तों की स्थायी समिति के अध्यक्ष विजय देव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। स्थायी समिति के संयोजक सुधांशु पांडे ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।            दो दिवसीय यह सम्मेलन देश में स्थानीय लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने, निर्वाचन व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीक के समावेश तथा विभिन्न राज्यों के अनुभवों और नवाचारों को साझा करने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच के रूप में आयोजित किया जा रहा है। कल  17सितम्बर को छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय नवा रायपुर अटल नगर में स्टैंडिंग कमिटी की बैठक होनी है। इसके बाद, नया रायपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी केपिटल सिटी, नया रायपुर के निर्माण और विकास के बारे में प्रस्तुतीकरण होगा। तत्पश्चात सभी अतिथियों को नया रायपुर के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जायेगा, जिसमें छत्तीसगढ़ विधानसभा, छत्तीसगढ़ आदिवासी संग्रहालय एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का भ्रमण भी शामिल है।

यूपी में शिक्षक भर्ती का बड़ा मौका, 15,000 से अधिक पदों पर जल्द होगी नियुक्ति

प्रयागराज  नौकरी के इंतजार में बैठे अभ्यर्थियों को लिए राहत भरी खबर है। यूपी में जल्द ही शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने 15,000 से अधिक शिक्षक पदों पर भर्ती की घोषणा की है। आयोग ने मंगलवार शाम भर्ती से जुड़े दो विज्ञापन जारी किए। इसके साथ ही सहायक अध्यापक और प्रवक्ता (पीजीटी) के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सहायक अध्यापक भर्ती के तहत कुल 12,405 पदों पर ऑनलाइन भर्ती की जाएगी। इसमें माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक अध्यापक (अशासकीय सहायता प्राप्त) के 897 पद और जहां बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक अध्यापक (शहरी) के 11,508 पद शामिल हैं। वहीं, प्रवक्ता संवर्ग भर्ती के तहत प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 2,607 रिक्त पदों पर विज्ञापन जारी किया गया है। तीन और चार दिसंबर को होगी परीक्षा सहायक अध्यापक भर्ती भी ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन बुधवार से शुरू हो जायेंगे। वहीं शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर रहेगी और आवेदन में संशोधन करने की अंतिम तिथि 19 अक्टूबर तक रहेगी और परीक्षा तिथि तीन और चार दिसंबर होंगी और पीजीटी की ऑनलाइन पंजीकरण 18 सितंबर से शुरू होगा और शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर रहेगी। आवेदन में संशोधन 21 अक्टूबर तक किया जाएगा और परीक्षा तिथि: 15 और 16 दिसंबर रहेगी। अभ्यर्थियों के लिए आरटीआर व्यवस्था लागू आयोग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन (आटीआर) व्यवस्था लागू की गई है। यह प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। विस्तृत विज्ञापन और निर्देश पुस्तिका के लिए अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा की इस भर्ती में प्रदेश के शिक्षामित्रों को कोई वेटेज या वरीयता का जिक्र नहीं है। जबकि, 25 जुलाई 2017 को उच्चतम न्यायालय के निर्णय में शिक्षामित्रों को समान्य शिक्षक भर्तियों में वरीयता देने के निर्देश हैं। राज्य सरकार को विचार करते हुए 26 सालों से सेवा दे रहे शिक्षामित्रों को इस भर्ती में वेटेज देना चाहिए।

विजय शाह के खिलाफ अभियोजन को मंजूरी नहीं, MP सरकार सुप्रीम कोर्ट में देगी रिपोर्ट

भोपाल  ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना के पराक्रम की जानकारी देशवासियों के बीच लाने वाली सैन्य अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित बयान देने वाले मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कुंवर विजय शाह के खिलाफ अब आगे मुकदमा नहीं चलाया जाएगा। कैबिनेट की अनुशंसा पर एमपी के राज्यपाल की मुहर लग चुकी है। अब इस केस को आगे बढ़ाने की अनुमति न देने की रिपोर्ट प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट भेजी जाएगी। बता दें कि, कैबिनेट की अनुशंसा पर मंगलवार को राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भी मुहर लगा दी है। वहीं, गृह विभाग ने अपने स्तर पर मामले का परीक्षण कराकर आदेश प्रारूप मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया है। एक-दो दिन में यहा से हरी झंडी मिलते ही गृह विभाग अभियोजन की स्वीकृति न देने संबंधी आदेश जारी कर उसकी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट भेज देगा। क्या है पूरा मामला? आपको बता दें कि, मोहन कैबिनेट में मंत्री विजय शाह ने पिछले साल यानी 11 मई 2025 को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। मंच को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि, उन्होंने (आतंकियों ने) कपड़े उतार-उतारकर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उन्हीं की बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेज दिया।' विजय शाह के इस बयान के बाद विपक्षी दलों के साथ-साथ आम जन ने भी उनकी शब्दावली पर सवाल उठाए थे। जमकर बवाल मचने के बाद हाईकोर्ट ने मामले पर संज्ञान लिया था। कर्नल सोफिया पर टिप्पणी करके विवादों में आए थे विजय शाह भारत ने पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर चलाकर आतंकवादियों की कमर तोड़ दी और पाकिस्तान के दांत खट्टे कर दिए थे. इसके बाद भारत की तरफ से मीडिया ब्रीफिंग में कर्नल सोफिया कुरैशी ने हिस्सा लिया था. तब विजय शाह ने कथित तौर पर उनको लेकर विवादित टिप्पणी कर दी थी. बाद में विजय ने अपने बयान के लिए माफी भी मांगी थी और उन्होंने कहा था कि उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया था।  खामोश हो गए विजय शाह इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम और राहत की खबरों के बीच जब मीडिया ने भोपाल में मंत्री विजय शाह से सवाल पूछे, तो उन्होंने पूरी तरह चुप्पी साध ली. इस दौरान उनके चेहरे पर एक राहत भरी मुस्कान बनी रही. उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि नौ कमेंट्स. वह अब इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं।  लगातार 8 बार से विधायक है कुंवर विजय शाह कुंवर विजय शाह मकराई रियासत शाही परिवार से ताल्लुक रखते हैं. बताया जाता है कि उनके परिवार ने कई सदियों तक मकराई पर शासन किया. वह हरसूद विधानसभा से लगातार 8 बार से विधायक हैं और कांग्रेस उनके अभेद किले को जीत नहीं पाई है. उनकी गिनती बीजेपी के बड़े नेताओं में होती है और उनकी अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ है।  कर्नल सोफिया कुरैशी पर कथित टिप्पणी के मामले में मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह को बड़ी राहत मिली है. कैबिनेट ने उनके खिलाफ मुकदमा न चलाने का फैसला लिया था, जिसे अब राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने भी मंजूरी दे दी है. इसके बाद राज्य सरकार का गृह विभाग सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट भेजेगा कि मंत्री के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न की जाए।  कैबिनेट रिपोर्ट के अनुसार, विजय शाह अपने बयान के लिए लिखित और मौखिक रूप से चार बार से अधिक माफी मांग चुके हैं. इसके अलावा, सरकार के पांच सूत्रीय स्पष्टीकरण में कहा गया है कि इस मामले में किसी ने शिकायत दर्ज नहीं कराई थी, उन्होंने कर्नल सोफिया का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया था और उनका इरादा सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने या उनका अपमान करने का नहीं था।  पिछले साल भारत द्वारा आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी ने एक मीडिया ब्रीफिंग में हिस्सा लिया था. इस दौरान मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह ने उन पर कथित तौर पर विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद यह मामला कानूनी विवाद और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।  SIT ने सौंपी रिपोर्ट मंत्री विजय शाह की इस टिप्पणी पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी के निर्देश दिए। आगे मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की गई। एसआईटी ने जांच करके सीलबंद रिपोर्ट न्यायालय में पेश की। साथ ही, विजय शाह के विरुद्ध मुकदमा चलाने के लिए अभियोजन की स्वीकृति मांगी थी। लगातार मामला टलने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए सरकार को शीघ्र निर्णय करने के निर्देश दिए थे। कैबिनेट की अनुशंसा पर राज्यपाल की मुहर पिछली बार 31 अगस्त को सुनवाई से पहले 25 अगस्त को कैबिनेट की बैठक में राज्यपाल (सक्षम प्राधिकारी) से मुकदमा न चलाने संबंधी अनुशंसा का फैसला लेकर प्रस्ताव भेजा, जिसे अनुमोदन के साथ उन्होंने लौटा दिया है। सूत्रों की मानें तो गृह विभाग ने विधि एवं विधायी विभाग से आदेश के प्रारूप का परीक्षण कराकर मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा है। यहां से स्वीकृति मिलते ही विभाग सरकार के फैसले के आधार पर आदेश जारी कर रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट भेजेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल पटेल से की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल पटेल से की सौजन्य भेंट भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार की सुबह लोक भवन पहुंचकर सौजन्य भेंट की। भेंट के दौरान विभिन्न सम-सामयिक विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल पटेल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर प्रदेश में 17 सितम्बर 2026 से प्रारंभ हो रहे एक माह की अवधि के 'सेवा संकल्प अभियान' एवं 'स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना-2026' के तहत प्रदेश के 50 लाख लोगों को उनके पट्टे की पक्की रजिस्ट्री कराकर संबंधितों को नि:शुल्क वितरण करने के लिए राज्य सरकार द्वारा की जा रही व्यापक तैयारियों की जानकारी दी।  

बिहार में जमीन के रिकॉर्ड होंगे दुरुस्त, 90 लाख जमाबंदियों की त्रुटियां होंगी दूर

पटना भू-अभिलेखों को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और अद्यतन बनाने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का जमाबंदी अद्यतीकरण एवं नामांतरण उत्तराधिकार विशेष अभियान मंगलवार को शुरू हो गया। अभियान 31 अक्तूबर तक मिशन मोड में चलेगा। अभियान के तहत लगभग 90 लाख जमाबंदियों में सुधार होगा। राज्य में कुल साढ़े चार करोड़ जमाबंदी हैं। यानी हर पांचवें जमाबंदी में किसी न किसी तरह की त्रुटि है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, समाहर्ताओं और बंदोबस्त पदाधिकारियों को पत्र जारी कर अभियान को समय से पूरा करने का निर्देश दिया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जमाबंदी में रैयत का नाम, पिता का नाम, खाता-खेसरा, रकबा, लगान अथवा अन्य विवरण मूल अभिलेख से अलग पाए जाने पर उसे दुरुस्त किया जाए। शून्य रकबा, शून्य लगान तथा मिसिंग सूचनाओं को भी अभियान के दौरान ठीक किया जाएगा। डिजिटाइज्ड जमाबंदी को मूल जमाबंदी पंजी की स्कैन प्रति से मिलाकर त्रुटियों का सुधार करने के साथ-साथ मृत जमाबंदीदारों के वैध उत्तराधिकारियों के नाम से उत्तराधिकार नामांतरण की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने कहा है कि जमीन से जुड़े अभिलेखों में एक भी त्रुटि आम आदमी के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। विधिसम्मत समाधान जरूरी: दिलीप जायसवाल राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि मृत जमाबंदीदारों के नाम पर वर्षों से चली आ रही जमाबंदियों का भी समाधान जरूरी है। वैध उत्तराधिकारियों की पहचान कर नियमानुसार नामांतरण होगा। बता दें कि मृत जमाबंदीदारों की पहचान के बाद राजस्व कर्मचारी वंशावली तैयार करेंगे। डीएम और कमिश्नर स्तर पर अभियान की निगरानी होगी। सीओ रोज रिपोर्ट भूमि सुधार उप-समाहर्ता और अपर समाहर्ता को देंगे। विभाग भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा करेगा। यह होता है नुकसान ● जमीन की खरीद-बिक्री और निबंधन में परेशानी ● नाम और जमाबंदी में अंतर होने पर रजिस्ट्री पर रोक ● किसान क्रेडिट कार्ड या जमीन पर लोन लेने में परेशानी ● नाम मेल नहीं खाने से हजारों किसान योजना से वंचित यह होगा लाभ ● आम जनता को दाखिल-खारिज, रजिस्ट्री और लोन में राहत ● भूमि विवादों में कमी आने से न्यायालयों पर बोझ कम होगा ● जमाबंदी साफ होगी तो सर्वे की गति तेज होगी और खतियान सही बनेगा

छत्तीसगढ़ में सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति तेज

छत्तीसगढ़ में सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति तेज मुख्य सचिव ने की कल्याणकारी योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन की समीक्षा रायपुर  छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति और प्रत्येक पात्र परिवार तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू किए गए महत्वाकांक्षी सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति को लेकर आज उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने इस दौरान सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैश-बोर्ड पर दर्ज योजनाओं के क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने की चल रही कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की। डैश-बोर्ड के माध्यम से पारदर्शिता और निगरानी       सुघ्घर छत्तीसगढ़ ग्रामीण योजना के तहत शासन की विभिन्न योजनाओं के सभी पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए एक विशेष राज्य-स्तरीय डैश-बोर्ड तैयार किया गया है। इस डैश-बोर्ड पर राज्य एवं केंद्र शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं के सर्वेक्षित हितग्राहियों की सूची दर्ज है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि इस राज्य-स्तरीय डैश-बोर्ड में शासन की सभी योजनाओं की जिलेवार संतृप्ति का स्पष्ट विवरण होना चाहिए, ताकि पारदर्शिता और त्वरित गति से योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। प्रमुख योजनाओं की समीक्षा        बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निम्नलिखित प्रमुख योजनाओं के संतृप्तिकरण की स्थिति पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। प्रधानमंत्री किसान योजना एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड, राशन कार्ड एवं मुफ्त राशन वितरण, जॉब कार्ड एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महतारी वंदन योजना, कौशल विकास कार्यक्रम, प्रधानमंत्री जन-धन योजना व अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं के साथ ही, भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित बैठक के कार्यवाही विवरण के अनुसार संतृप्ति अभियान की प्रगति, ग्रेन्यूल आंकड़ों, बस्तर संभाग के अंतर्गत संतृप्तिकरण, नियद नेल्ला नार-2.0 और सुघ्घर छत्तीसगढ़ पोर्टल में राशन कार्ड के आधार पर हितग्राहियों की सूची की भी गहन समीक्षा की गई।        इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, सुशासन एवं अभिसरण और सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

भगवंत मान के ‘नकली पगड़ी’ तंज पर भड़के नायब सैनी, गुरुओं और पंजाब की जनता से माफी की मांग

चंडीगढ़  पंजाब में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भाजपा के लिए अहम राजनीतिक चेहरा बनते जा रहे हैं। पंजाब में उनका लगातार दौरा, सिर पर सजी दस्तार और पंजाबी भाषा में मतदाताओं से संवाद अब मात्र सियासी सक्रियता नहीं रह गया, बल्कि राजनीति में पहचान और प्रतीक की बहस का हिस्सा बन गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नायब सिंह सैनी की पगड़ी को ‘नकली’ बताकर एक अलग ही मुद्दे को हवा दे दी है, जिस पर अब दोनों दल आमने-सामने हो गए। नायब ने भी अपनी दस्तार को गुरुओं के सम्मान से जोड़ते हुए भगवंत मान पर पलटवार किए हैं। नायब सैनी जब पंजाब पहुंचते हैं तो उनका अंदाज स्थानीय रंग में नजर आता है। सिर पर पगड़ी और जुबान पर पंजाबी के जरिए वे पंजाबियों के बीच राजनीतिक संवाद कायम करने की कोशिश करते हैं। भाजपा के लिए यह पड़ोसी राज्य में नायब सैनी की स्वीकार्यता बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। भगवंत मान ने इसी रणनीति पर निशाना साधा है। इस पूरे विवाद ने फिलहाल पंजाब की चुनावी सियासत में एक नया सवाल खड़ा कर दिया है- क्या पंजाब की राजनीति में पगड़ी सिर्फ पहचान का प्रतीक रहेगी या आने वाले चुनाव में यह राजनीतिक दावे और जवाबी दावों का हथियार भी बनेगी। भगवंत मान ने आरोप लगाया था कि नायब सैनी अपनी गाड़ी में पगड़ी रखते हैं और चंडीगढ़ व पंचकूला से उसे सिर पर रखकर पंजाब पहुंचते हैं। उन्होंने तंज कसा कि शायद सैनी को लगता है कि ‘नकली पगड़ी’ पहनकर वे पंजाबियों का दिल जीत लेंगे या कोई राजनीतिक फायदा हासिल कर लेंगे। मान का यह हमला दरअसल सैनी के पंजाब दौरे और स्थानीय पहचान के साथ उनके जुड़ाव की कोशिश पर सीधा राजनीतिक सवाल है। भगवंत मान के बयान पर नायब सैनी ने बेहद तीखा पलटवार किया है। उन्होंने पगड़ी को राजनीतिक पहनावा मानने की बजाय इसे सिख गुरुओं की परंपरा, सम्मान और लोगों के स्वाभिमान से जोड़ दिया। सैनी ने कहा कि पगड़ी गुरु रूप है। भगवंत मान ने दस्तार को नकली पगड़ी कहकर जनता का अपमान किया है। नायब सैनी ने दो कदम आगे बढ़ते हुए भगवंत मान से माफी मांगने की मांग कर डाली। उन्होंने कहा कि अगर मान ने दस्तार को ‘नकली पगड़ी’ कहा है तो उन्हें उस पवित्र स्थान पर जाकर माफी मांगनी चाहिए, जहां गुरुओं ने इस दस्तार को सजाया था। मान को पंजाब के लोगों से भी माफी मांगनी चाहिए। सैनी ने गुरुओं के बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कुर्बानियों की वजह से ही समाज और देश आज इस मुकाम पर है। पगड़ी की राजनीति पर इस तरह बदला माहौल यह पलटवार सैनी के लिए सिर्फ अपने ऊपर लगे आरोप का जवाब नहीं है। उन्होंने विवाद को धार्मिक और भावनात्मक प्रतीक से जोड़कर इसकी राजनीतिक जमीन ही बदल दी है। जहां मान का निशाना सैनी के ‘पंजाबी अंदाज’ पर था, वहीं सैनी ने जवाब में दस्तार के सम्मान को केंद्र में ला दिया है। मान का हमला भाजपा के दावे को चुनौती देने की कोशिश पंजाब में भाजपा लंबे समय से अपने राजनीतिक आधार का विस्तार करने की कोशिश कर रही है। हरियाणा भाजपा के प्रभारी डॉ. सतीश पुनिया को पंजाब भाजपा का नया प्रभारी बना दिया गया है। वे भी पगड़ी पहनकर पंजाब में निकल पड़े हैं। ऐसे में नायब सिंह सैनी का लगातार पंजाब दौरा पार्टी की रणनीति में खास महत्व रखता है। भाजपा इस कनेक्ट को राजनीतिक पूंजी में बदलना चाहती है। यही वजह है कि सैनी की पगड़ी अब उनके व्यक्तिगत पहनावे से आगे निकलकर राजनीतिक संदेश बन चुकी है। दूसरी ओर, भगवंत मान के लिए चुनौती यह है कि भाजपा पंजाब में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए ऐसे चेहरों और मुद्दों को सामने ला रही है, जो प्रदेश की भाषा और संस्कृति से जुड़ाव का दावा करते हैं। मान का हमला भाजपा के इसी राजनीतिक दावे को चुनौती देने की कोशिश है।

विद्यालयों में सुरक्षित और समावेशी माहौल पर जोर, हेल्थ दूत व प्रधानाध्यापकों को मिला प्रशिक्षण

 हजारीबाग हजारीबाग के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम के तहत जेंडर विषय पर दो दिवसीय जिला स्तरीय गैर-आवासीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का उद्देश्य विद्यालयों में जेंडर से जुड़े विषयों की समझ को मजबूत करना, संवेदनशीलता बढ़ाना और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, समान एवं समावेशी शैक्षणिक वातावरण तैयार करना रहा. इसमें जिले के चयनित 50 विद्यालयों के हेल्थ दूत, प्रधानाध्यापक और जिला स्तरीय साधनसेवियों (डीआरजी) ने भाग लिया. दो चरणों में आयोजित हुई कार्यशाला कार्यशाला का पहला चरण 15 सितंबर 2026 को आयोजित हुआ, जिसमें 50 विद्यालयों के स्वास्थ्य एवं आरोग्य दूत और जिला स्तरीय साधनसेवियों ने सहभागिता की. दूसरे चरण में 16 सितंबर को इन्हीं विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापकों के लिए विशेष सत्र आयोजित किया गया. दोनों चरणों में प्रतिभागियों को विद्यालयों में जेंडर से जुड़े मुद्दों को समझने, विद्यार्थियों के बीच संवेदनशीलता विकसित करने और उनके साथ सकारात्मक एवं प्रभावी संवाद स्थापित करने के व्यावहारिक तरीके बताए गए. समावेशी विद्यालयी माहौल बनाने पर जोर कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण का भी महत्वपूर्ण स्थान है. ऐसे में सभी बच्चों के लिए समान अवसर, सम्मानजनक व्यवहार और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना जरूरी है. प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि जेंडर संबंधी जागरूकता बढ़ाने से विद्यालयों में भेदभाव कम होगा और विद्यार्थी खुलकर अपनी बात रख सकेंगे. प्रशिक्षण में विद्यालय स्तर पर अपनाए जाने वाले व्यवहारिक उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई. कक्षा 6 से 12 तक के स्कूलों में चल रहा कार्यक्रम यह कार्यक्रम जिले के कक्षा 6 से 12 तक के सभी विद्यालयों में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और सेंटर फॉर कैटलाइजिंग चेंज (सी3) के संयुक्त प्रयास से संचालित किया जा रहा है. इसका उद्देश्य विद्यालयों में स्वास्थ्य, कल्याण और जेंडर समानता को बढ़ावा देना है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक और सामाजिक वातावरण मिल सके. ये अधिकारी और विशेषज्ञ रहे मौजूद कार्यशाला में जिला शिक्षा परियोजना कार्यालय से संजय तिवारी, डायट से रंजीत वर्मा, सी3 संस्था से मोहम्मद जियाउद्दीन, शिखा भसीन, ओम प्रकाश सिंह और अभिनव कुमार ने प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दिया. इसके अलावा जिले के डीआरजी, शिक्षक और अन्य शिक्षा कर्मियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई. कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने विद्यालयों में सीखे गए अनुभवों को लागू करने और विद्यार्थियों के लिए अधिक सुरक्षित, संवेदनशील तथा समावेशी शैक्षणिक माहौल तैयार करने का संकल्प लिया.  

खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ से युवाओं को मिल रहा खेलों में आगे बढ़ने का अवसर: सांसद हिमाद्री सिंह

खेलो इंडिया एवं फिट इंडिया से युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मिल रहा अवसर- सांसद  हिमाद्री सिंह खेल से खिलाड़ियों का होता है शारीरिक एवं मानसिक विकास- विधायक मनीषा सिंह  खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन से खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मिलता है अवसर- विधायक  जयसिंह मरावी गुड शेफर्ड कॉन्वेंट स्कूल शहडोल में राज्य स्तरीय बास्केटबाल प्रतियोगिता का आयोजन शहडोल   गुड शेफर्ड कॉन्वेंट स्कूल, शहडोल में 70वीं राज्य स्तरीय अंडर-17 बालक एवं बालिका बास्केटबाल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। प्रतियोगिता में प्रदेश के 09 संभागों की टीमें सहभागिता कर रही हैं। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं खेल ध्वज का ध्वजारोहण कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया।  शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने कहा कि खेल हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। खेलों के माध्यम से युवाओं को अपनी प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने का अवसर मिलता है। खेलो इंडिया एवं फिट इंडिया जैसे अभियानों के माध्यम से प्रदेश एवं देश के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है और विभिन्न खेल विधाओं में युवा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। सांसद ने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन से खिलाड़ियों को उच्च स्तर के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने और अपनी खेल प्रतिभा को और बेहतर बनाने का अवसर मिलता है। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खिलाड़ी पूरी खेल भावना, अनुशासन एवं एकाग्रता के साथ प्रतियोगिता में भाग लें और अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करें। उन्होंने कहा कि हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना और निरंतर प्रयास है। खिलाड़ियों को प्रतियोगिता से सीख लेकर भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयास करना चाहिए। विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि खिलाड़ियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नियमित रूप से खेल गतिविधियों में सहभागिता करने से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, एकाग्रता, नेतृत्व क्षमता एवं टीम भावना का विकास होता है। खेल खिलाड़ियों को चुनौतियों का सामना करने और विपरीत परिस्थितियों में भी निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय बास्केटबाल जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन शहडोल जिले के लिए गौरव का विषय है। इससे जिले के खिलाड़ियों को प्रदेश के विभिन्न संभागों से आए प्रतिभावान खिलाड़ियों के साथ खेलने और उनसे सीखने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवा प्रतिभाओं को बेहतर मंच प्रदान करते हैं तथा खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन में सुधार करने के लिए प्रेरित करते हैं। विधायक श्री जयसिंह मरावी ने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के विभिन्न संभागों से खिलाड़ियों के शामिल होने से उन्हें एक-दूसरे की खेल प्रतिभा को देखने और उनसे सीखने का अवसर मिलता है। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ-साथ आपसी भाईचारा एवं खेल भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रतिभा के साथ नियमित अभ्यास, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति आवश्यक है। खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में जीत और हार को समान भाव से स्वीकार करते हुए अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के खिलाड़ी ही भविष्य में जिला, प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं। कार्यक्रम को श्रीमती अमिता चपरा एवं श्री संतोष लोहानी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रभा मिश्रा, कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता, कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल, सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, नगर पालिका अध्यक्ष श्री घनश्याम जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सोहागपुर श्रीमती हीरावती कोल, जिला योजना समिति की सदस्य श्रीमती अमिता चपरा, श्री संतोष लोहानी, श्री सौरभ गोले, संयुक्त संचालक शिक्षा श्री उमेश धुर्वे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अतुल चौधरी, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री आनन्द राय सिन्हा, डीपीसी श्री अमरनाथ सिंह, कार्यक्रम में गुड शेफर्ड कॉन्वेंट स्कूल की प्राचार्य श्रीमती लीना रोज मैरी, पूर्व बास्केटबाल खिलाड़ी श्री जसबीर सिंह, भूतपूर्व सैनिक श्री जगदीश प्रसाद गुप्ता एवं श्री विष्णुप्रसाद विश्वकर्मा सहित पत्रकार, सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

महाराष्ट्र सड़क हादसे के घायलों से मिले विजय शर्मा, एम्स रायपुर पहुंचकर जाना हाल

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने एम्स रायपुर में महाराष्ट्र सड़क हादसे के घायलों से की मुलाकात विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेकर बेहतर इलाज के दिए निर्देश रायपुर  महाराष्ट्र के भंडारा जिले में नागपुर-रायपुर राजमार्ग पर हुए सड़क हादसे में घायल कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा क्षेत्र के लोगों से उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने एम्स रायपुर पहुंचकर मुलाकात की। मंगलवार देर शाम रायपुर एम्स पहुंचे शर्मा ने घायलों और उनके परिजनों से आत्मीयता से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।        उप मुख्यमंत्री शर्मा ने एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी मुलाकात कर घायलों के उपचार की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, चल रहे उपचार और आगे की चिकित्सा प्रक्रिया के संबंध में चर्चा की तथा सभी घायलों को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।        इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने ग्राम बांधाटोला निवासी पांच वर्षीय लुकेश पटेल, दो वर्षीय डाली पटेल और 26 वर्षीय ललिता पटेल से मुलाकात कर उनका हाल जाना। मासूम बच्चों सहित हादसे में घायल लोगों और उनके परिजनों के बीच पहुंचकर शर्मा ने उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि इस कठिन समय में सरकार और प्रशासन उनके साथ खड़ा है। उप मुख्यमंत्री शर्मा हादसे के बाद लगातार परिवार जनों से संपर्क बनाए हुए हैं, अस्पताल में भर्ती से लेकर घायलों के उपचार तक निरंतर संपर्क कर पीड़ित परिवारों को सहायता प्रदान कर रहे हैं। दिवंगतों के घर पहुंचकर पहले ही जता चुके हैं संवेदना         उल्लेखनीय है कि हादसे के बाद उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कबीरधाम जिले में दुर्घटना में दिवंगत हुए पीड़ितों के घर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की थीं और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था। इसी दौरान उन्होंने हादसे में घायल लोगों के परिजनों से भी मुलाकात कर उनके उपचार की जानकारी ली थी।