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गुकेश, निहाल और विदित ने दिलाई जीत, अर्जुन की हार से क्लीन स्वीप से चूका भारत

समरकंद (उज्बेकिस्तान) विश्व चैंपियन डी गुकेश, निहाल सरीन और विदित गुजराती ने शानदार जीत दर्ज की, लेकिन अर्जुन एरिगेसी की मुकाबले के अंतिम दौर में हुई चूक के कारण भारत क्लीन स्वीप से चूक गया। भारतीय पुरुष टीम ने बुधवार को 46वें विश्व शतरंज ओलिंपियाड में अपने अभियान की शुरुआत थाइलैंड पर 3-1 की जीत के साथ की। निहाल सरीन भारत की ओर से सबसे पहले जीत दर्ज करने वाले खिलाड़ी रहे। उन्होंने थानादोन कुलप्रुएथानोन को हराया। इसके बाद गुकेश ने शानदार आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए फारिस राशिद को मात दी। विदित गुजराती ने तुप्फाह खुमनोर्काएव के विरुद्ध आसान जीत दर्ज कर भारत की जीत पक्की कर दी। हालांकि, अर्जुन एरिगेसी को प्रिन लाओहाविरापाप के विरुद्ध हार का सामना करना पड़ा। वह मुकाबले के अधिकांश हिस्से में मजबूत स्थिति में थे। सफेद मोहरों से खेल रहे अर्जुन ने मिडिलगेम के अंतिम चरण में बड़ा फायदा हासिल करने का मौका गंवा दिया और मुकाबला छठे घंटे तक खिंच गया। 20 वर्षीय लाओहाविरापाप ने समय की कमी के बावजूद अपना धैर्य बनाए रखा और अर्जुन की अंतिम गलती का फायदा उठाया। मात से बचने का कोई रास्ता नहीं बचने पर अर्जुन ने बाजी छोड़ दी। शुरुआती दिन अर्जुन अकेले बड़े नाम नहीं थे जिन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। अमेरिका के शीर्ष रेटेड खिलाड़ी लेवोन अरोनियन को इराक के अली एहसान आर्यन ने ड्रा पर रोक दिया। वहीं, भारतीय महिला टीम ने अपने अभियान की शुरुआत डोमिनिकन रिपब्लिक के विरुद्ध शानदार 4-0 की जीत से की। भारत की शीर्ष रैंकिंग वाली खिलाड़ी कोनेरू हंपी ने सफेद मोहरों से फ्रांसेस्का रामिरेज लुजोन को हराकर जीत के साथ शुरुआत की। आर वैशाली ने मिगुएलिना डी ला रोसा मार्टिनेज के विरुद्ध सहज जीत दर्ज की। वंतिका अग्रवाल को मैरी लोली गोंजालेज पेगुएरो के विरुद्ध जीत हासिल करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ी। मुकाबला ड्रा की ओर बढ़ता दिख रहा था, लेकिन उनकी प्रतिद्वंद्वी की एक गलती के बाद रुख और माइनर पीस वाले एंडगेम की स्थिति बनी, जिसमें वंतिका का आगे बढ़ा हुआ पास्ड प्यादा निर्णायक साबित हुआ। बी साविताश्री ने भी ओलिंपिक में पदार्पण करते हुए कार्ला म्या नुनेज डियाज को हराकर जीत दर्ज की।

Flipkart Big Billion Days Sale का ऐलान, 9 अक्टूबर से शुरू होगी बड़ी सेल, मिलेंगे बंपर ऑफर्स

Flipkart पर बड़ी सेल का ऐलान हो गया है, जिसका नाम बिग बिलियन डेज सेल है. कंपनी ने ऐप पर पोस्टर जारी करके बताया है कि 9 अक्तूबर से Flipkart Big Billion Days सेल शुरू होगी. 24 घंटे पहले प्लस और ब्लैक मेंबर्स को अर्ली एक्सेस मिलेगा. Flipkart बिग बिलियन डेज सेल के दौरान स्मार्टफोन, होम अप्लायंस, स्मार्ट टीवी, वॉशिंग मशीन और मोबाइल असेससरीज आदि को सस्ते दाम में खरीदा जा सकेगा. सेल के लिए अलग से पेज तैयार किया है, जिसमें बताया है कि इस सेल के दौरान 10 परसेंट का इंस्टैंट कैशबैक मिलेगा. इंस्टैंट कैशबैक के लिए चुनिंदा बैंक के कार्ड का इस्तेमाल करना होगा. फ्लिपकार्ट सेल में टॉप डील्स मिलेंगी फ्लिपकार्ट सेल के पेज पर बताया है कि जल्द ही टॉप डील्स का खुलासा किया जाएगा. सेल के दौरान कई प्रोडक्ट के दाम में गिरावट, डबल डिस्काउंट आदि का फायदा उठाया जा सकेगा. iPhone पर बंपर ऑफर फ्लिपकार्ट BBD सेल के दौरान iPhone पर भी बंपर ऑफर्स मिलेगा. सेल के दौरान iPhone 16, iPhone 17 और कई पुराने मॉडल्स पर ऑफर्स देखने को मिलेंगे. ऐपल ने हाल ही में iPhone 18 Pro सीरीज लॉन्च की है, जिसपर बैंक ऑफर्स का फायदा उठाया जा सकता है. मोबाइल असेसरीज फ्लिपकार्ट की अपकमिंग सेल के दौरान मोबाइल असेसरीज पर कई बड़ी डील्स देखने को मिलेंगी. सेल के दौरान मोबाइल चार्जर, केबल, कवर, TWS और पावर बैंक आदि को सस्ते दाम में खरीदा जा सकेगा. स्मार्ट टीवी और होम अप्लायंस पर ऑफर फ्लिपकार्ट BBD सेल के दौरान होम अप्लायंस और स्मार्ट टीवी, एयर कंडीशनर (AC), फ्रिज और वॉशिंग मशीन पर भी कमाल की डील्स देखने को मिल सकती है. सेल के दौरान बैंक ऑफर्स की मदद से कीमत को काफी कम किया जा सकेगा.  

विश्वविद्यालय लिपिकों के वेतनमान पर सरकार ने मांगी राय, 12 कुलपतियों को भेजा पत्र

 चंडीगढ़  विश्वविद्यालयों के लिपिकों का वेतनमान बढ़ाने के मुद्दे को लेकर सरकार ने गेंद विश्वविद्यालयों के पाले में डाल दी है। वेतनमान में संशोधन का फैसला विश्वविद्यालयों पर छोड़ते हुए वित्त विभाग ने संबंधित सभी छह विभागों से राय मांगी है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऑल हरियाणा यूनिवर्सिटीज इंप्लाइज फेडरेशन मांग कर रहा है कि वित्त विभाग द्वारा सभी विभागों के लिपिकों में वेतनमान में संशोधन को लेकर 8 फरवरी 2024 और 30 जून 2026 को जारी आदेशों को विश्वविद्यालयों के लिपिकों के लिए भी लागू किया जाए। पिछले महीने फेडरेशन के पदाधिकारी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मिले थे, जिसके बाद मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने वित्त विभाग को मामले में सकारात्मक कदम उठाने को कहा है। वित्त विभाग की वेतनमान संशोधन शाखा द्वारा उच्चतर शिक्षा, कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन, खेल, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान तथा कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के उच्च अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा गया है कि विश्वविद्यालय कर्मचारियों की किसी भी श्रेणी के पे-लेवल पर संबंधित विश्वविद्यालय के कुलपति की सिफारिशों के बिना विचार नहीं किया जा सकता। यदि फेडरेशन की मांग स्वीकार किए जाने से विश्वविद्यालयों पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ता है तो उसे संबंधित यूनिवर्सिटी को अपने संसाधनों से वहन करना होगा। सभी विभाग अपने संसाधनों से खर्च उठाने की स्थिति बताएं और स्पष्ट करें कि उनके नियंत्रण में आने वाले विश्वविद्यालय फेडरेशन की मांग स्वीकार होने की स्थिति में अतिरिक्त वित्तीय भार अपने संसाधनों से वहन करने की स्थिति में हैं या नहीं। पत्र की प्रति 12 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को भी भेजी गई है। इनमें गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार, लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय हिसार, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद, चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय भिवानी, महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय कैथल, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल, श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र, दीन दयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय करनाल और दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय सोनीपत शामिल हैं। अब संबंधित विभागों से मिलने वाली रिपोर्ट और विश्वविद्यालयों की वित्तीय क्षमता की जानकारी के आधार पर फेडरेशन की मांग पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एशियन गेम्स क्रिकेट में बारिश का कहर, बांग्लादेश को मिला सेमीफाइनल का टिकट

निशिन (जापान)  एशियन गेम्स 2026 में क्रिकेट इवेंट की शुरुआत हो गई है। पहले महिलाओं के इवेंट हो रहे हैं। कुल 8 टीमें हिस्सा ले रही हैं और सभी मैच नॉकआउट हैं। बांग्लादेश की महिला टीम का पहले क्वार्टर फाइनल में चीन से सामना होता था। भारतीय समयानुसार सुबह 5:30 से कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में मुकाबला होना था लेकिन बारिश और मैदान गीला होने की वजह से मैच टॉस के बिना ही रद्द करना पड़ा। बांग्लादेश की टीम सेमीफाइनल में पहुंची अंपायरों ने आउटफिल्ड ठीक होने का इंतजार किया। लंबे समय तक इंतजार के बाद भी जब मैच के लिए परिस्थितियां अनुकूल नहीं हुईं। इसी वजह से अंपायर्स ने मैच को रद्द करने की घोषणा कर दी। मैच रद्द होने के बाद भी बांग्लादेश की टीम सेमीफाइनल में जगह बनाने में सफल रही है। वहीं दूसरी तरफ बिना मैच खेले ही चीन का सफर समाप्त हो गया है। इस तरह बांग्लादेश प्लेइंग कंडीशंस 16.10.2 (b) के तहत सेमीफाइनल में पहुंच गया। इस नियम के अनुसार, मैच रद्द होने की स्थिति में बेहतर रैंकिंग वाली टीम आगे बढ़ती है। महिला टी20 टीम रैंकिंग में चीन 35वें नंबर पर है तो बांग्लादेश का नंबर-10 है। इसी वजह से टीम को सेमीफाइनल में जगह मिल गई। भारत का क्वार्टर फाइनल मैच जापान से एशियन गेम्स 2022 में भारतीय महिला टीम ने क्रिकेट का गोल्ड जीता था। टीम अपने अभियान की शुरुआत जापान के खिलाफ खेलेगी। 18 सितंबर को दोनों टीमों के बीच सेमीफाइनल मुकाबला खेला जाएगा। इस मैच की शुरुआत भारतीय समय अनुसार सुबह साढ़े 10 बजे से होगी। अगर भारतीय टीम सेमीफाइनल में जाती है तो उनका सामना बांग्लादेश से ही होने की उम्मीद है। हाल में ही एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल में भारतीय महिला टीम ने बांग्लादेश को हराया था।

जापान पहुंचे भारतीय खिलाड़ी, आवास के लिए घंटों इंतजार; रोइंग टीम को खाना भी नहीं मिला

नई दिल्ली  भारतीय खिलाड़ी मंगलवार सुबह दो अलग-अलग बैच में जापान के लिए रवाना हुए। पहला दल मंगलवार सुबह और दूसरा कुछ घंटे बाद दोपहर में दिल्ली एयरपोर्ट से रवाना हुआ। बैंकाक में ठहराव के बाद पहला दल बुधवार सुबह करीब आठ बजे जापान के स्थानीय समय के अनुसार नागोया पहुंचा। इसके करीब एक घंटे बाद वे उस क्रूज जहाज पर पहुंचे, जो नागोया में खड़ा है। 12 घंटे से अधिक की थकाऊ यात्रा के बाद खिलाड़ियों को कुछ आराम मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, उन्हें आवास मिलने का इंतजार हर गुजरते घंटे के साथ बढ़ता गया और संबंधित अधिकारी समस्या का समाधान नहीं कर सके। भारतीय रोइंग टीम को नहीं मिली रहने की जगह एक भारतीय खिलाड़ी ने बताया कि हम सुबह करीब नौ बजे यहां पहुंचे थे और अब शाम के 6:30 बज चुके हैं, लेकिन हमें अभी तक वादा किया गया आवास नहीं मिला है। वह 30 सदस्यीय भारतीय रोइंग दल का हिस्सा हैं, जिसमें 17 पुरुष और पांच महिला खिलाड़ी शामिल हैं। हालांकि, बताया जा रहा है कि महिला रोइंग टीम को किसी अन्य स्थान पर ठहराया गया है। आयोजन समिति के अनुसार, करीब 4,000 खिलाड़ियों और अधिकारियों को कोस्टा सेरेना नामक क्रूज जहाज पर ठहराया जाना है। यह जहाज करीब 3,000 मीटर लंबा है और इसमें 1,500 केबिन हैं। इसके अलावा खर्च कम करने के लिए खिलाड़ियों और अधिकारियों को लकड़ी के कंटेनर जैसे बने हट्स और सामान्य होटल के कमरों में भी ठहराने की व्यवस्था की गई है। खिलाड़ियों को नहीं मिल रहा खाना भारतीय खिलाड़ी ने कहा कि हमने सोमवार शाम से ठीक से नींद नहीं ली है। पहले हम पुणे स्थित आर्मी रोइंग नोड से दिल्ली के लिए निकले और फिर अगले दिन सुबह जापान की उड़ान पकड़ी। रोइंग टीम के अलावा तीन अन्य भारतीय टीमें भी आवास के बिना इसी सुविधा में फंसी हुई बताई जा रही हैं। खिलाड़ी ने आगे कहा कि हमें अभी तक खाने के लिए भी कुछ नहीं मिला है। आयोजन समिति के सदस्यों ने सिर्फ पानी उपलब्ध कराया है। अभी तक हम घर से लाया हुआ खाना खाकर गुजारा कर रहे हैं। हम बिना खाने के कुछ समय रह सकते हैं, लेकिन हमें आराम की जरूरत है क्योंकि हमारी प्रतियोगिता 19 सितंबर से शुरू हो रही है। भारतीय रोवर्स गुरुवार सुबह से अभ्यास शुरू करने वाले हैं। शूटिंग सहित अन्य दलों के लिए भी स्थिति खराब रोवर्स की स्थिति अकेली नहीं है। शूटिंग सहित अन्य भारतीय टीमों और सुबह यहां पहुंचने वाले भारतीय ओलंपिक संघ के कुछ अधिकारियों को भी वैकल्पिक व्यवस्था तलाशनी पड़ी। जानकारी के मुताबिक, आयोजक अब खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए होटल के कमरे उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहे हैं। इसका मतलब है कि खिलाड़ियों को एक ही गेम्स विलेज में नहीं, बल्कि अलग-अलग स्थानों पर ठहराया जा सकता है। कमरों की कमी इसलिए भी पैदा हुई है क्योंकि आयोजकों ने एक जगह पर केंद्रीकृत गेम्स विलेज बनाने के बजाय खर्च कम करने के उद्देश्य से उसकी जगह क्रूज जहाज को चुना। अब यह देखना होगा कि खिलाड़ियों को आवास के लिए और कितनी देर इंतजार करना पड़ता है।

राजस्थान पंचायत चुनाव: 23 सितंबर को प्रधान-जिला परिषद, 24 को सरपंच-पंच की आरक्षण लॉटरी

जयपुर  राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों को लेकर भजनलाल सरकार ने आरक्षण लॉटरी की तिथि तय कर दी है। जिला स्तर पर 23 सितंबर को जिला परिषद सदस्य, प्रधान एवं पंचायत समिति सदस्यों के पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। वहीं, उपखंड स्तर पर 24 सितंबर को सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा और लॉटरी निकाली जाएगी। आयुक्त और शासन सचिव डाॅ. जोगाराम ने बुधवार को इसके निर्देश जारी कर दिए हैं। बता दें कि पहले प्रधान, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के आरक्षण की लॉटरी 17 सितंबर और पंच, सरपंच की लॉटरी 18 सितंबर को निकाली जानी थी। लेकिन 15 सितंबर को इसे स्थगित कर दिया था। इसके पीछे वजह शहरी निकाय प्रमुखों का चुनाव बताया था। इससे पहले 16 अगस्त को भी पंचायत चुनाव की लॉटरी को स्थगित कर दिया गया था, तब 18 अगस्त को सरंपचों और वार्ड पंचों की लॉटरी निकाली जानी थी। लेकिन, अब पंचायतीराज आयुक्त जोगाराम ने बुधवार देर रात सभी कलेक्टरों को लेटर भेजकर 23 और 24 सितंबर को आरक्षण की लॉटरी निकालने के आदेश दिए हैं। सरकार ने पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को सही ठहराया इधर, राजस्थान सरकार ने निकाय और पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को सही ठहराया हैं। इस बारे में हाईकोर्ट में जवाब पेश किया गया है, जिसमें सरकार ने कहा है कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर लॉटरी के जरिए चुनाव में ओबीसी आरक्षण दिया गया है। सरकार का यह जवाब ऐसे समय आया है जब प्रदेश में प्रधान, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच और पंच के लिए लॉटरी निकालने की तारीख तय की गई है। जिला प्रमुख के पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी में 41 जिलों में से 5 पद ही ओबीसी के लिए आरक्षित हुए थे। सरकार ने अपने जवाब में कहा कि हमने सुप्रीम कोर्ट की 50 प्रतिशत की सीमा के अंदर ही एससी, एसटी और ओबीसी को आरक्षण दिया हैं। इसमें आयोग की सिफारिश को भी ध्यान में रखा गया है। पंचायत चुनाव में जिला प्रमुख के पदों के मुकाबले ओबीसी की सीटें नहीं बढ़ने पर हाईकोर्ट ने आर आर गोदारा की याचिका पर सरकार से जवाब मांगा गया था। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि सरकार ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया है। अब इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से पक्ष रखा जाएगा।

PM मोदी को क्यों पसंद है देव आनंद की ‘गाइड’? 15 साल की उम्र में देखी फिल्म ने छोड़ा गहरा असर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 76 साल के हो गए हैं. पीएम मोदी खुद कहते हैं कि वह फिल्मों के ज्यादा शौकीन नहीं हैं लेकिन एक फिल्म ऐसी है जिसने उन पर गहरा असर डाला है. वह कुछेक मौकों पर इस फिल्म का जिक्र भी कर चुके हैं. ऐसे में हम आपको उस फिल्म से जुड़ा पीएम मोदी का एक किस्सा बताने जा रहे हैं. पीएम मोदी को हिंदी फिल्मों के सदाबहार एक्टर देव आनंद साहब की क्लासिक फिल्म गाइड बहुत पसंद है. इस फिल्म में देव आनंद के साथ वहीदा रहमान ने काम किया है. खास बात यह है कि मोदी ने इस फिल्म को उस दौर में देखा था, जब उनकी उम्र महज 15 साल थी. बाद में उन्होंने बताया कि उस उम्र में देखी गई गाइड फिल्म ने उनके मन पर गहर असर डाला. गाइड फिल्म 1965 में रिलीज हुई थी. इसका डायरेक्शन विजय आनंद ने किया था और इसमें देव आनंद के साथ वहीदा रहमान मुख्य भूमिका में थीं. फिल्म की कहानी आरके. नारायण के 1958 में उपन्यास द गाइड पर आधारित थी. फिल्म की कहानी दरअसल राजू नाम के एक टूरिस्ट गाइड और रोजी के इर्द-गिर्द घूमती है. रोजी एक ऐसे विवाह में बंधी है जिसमें वह खुश नहीं है और आगे चलकर राजू की जिंदगी से जुड़ती है. फिल्म में व्यक्तिगत आजादी, रिश्ते, महत्वाकांक्षा, सामाजिक नजरिया और आध्यात्मिकता जैसे कई पहलू एक साथ सामने आते हैं. पीएम मोदी ने इस फिल्म से जुड़ी हुई जिस बात को सबसे ज्यादा याद किया. वह सिर्फ फिल्म की कहानी नहीं थी, बल्कि उसका मूल विचार था. उनके मुताबिक, गाइड का बुनियादी संदेश था कि हर व्यक्ति को मार्गदर्शन अपने अंतर्मन से ही मिलता है. वह खुद कहते हैं कि उन्होंने यह फिल्म उस समय देखी थी, जब उनकी उम्र ज्यादा नहीं थी. ऐसे में उन्होंने जब फिल्म के इस विचार को लेकर अपने दोस्तों से चर्चा की तो उस समय उनके दोस्तों ने उसे बहुत गंभीरता से नहीं लिया था. पीएम मोदी पर गाइड का असर सिर्फ उसके दार्शनिक विचार तक सीमित नहीं था. फिल्म में गांवों में सूखे और पानी की कमी जैसे सीन का उन पर असर हुआ यानी फिल्म में ग्रामीण भारत की वास्तविक समस्या का उन पर गहर असर हुआ. साल 2018 में लद्दाख के छात्रों का एक समूह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने उनके आवास पहुंचा था. बातचीत के दौरान एक छात्र ने उनसे पूछा कि वह किस तरह की फिल्में देखते हैं और उनकी पसंदीदा फिल्म कौन सी है? पीएम मोदी ने जवाब दिया कि उनके पास फिल्में देखने के लिए ज्यादा समय नहीं है लेकिन बचपन और युवावस्था में उन्होंने कुछ फिल्में देखी थीं जिनमें गाइड ने उनके मन में खास जगह बनाई. दिलचस्प बात यह है कि गाइड अपने समय की आम हिंदी फिल्मों से अलग थी. इसमें देव आनंद का किरदार राजू शुरुआत में एक टूरिस्ट गाइड है, लेकिन परिस्थितियां उसे ऐसी जगह ले जाती हैं जहां लोग उसे आध्यात्मिक व्यक्ति के रूप में देखने लगते हैं.  वहीं वहीदा रहमान की रोजी का किरदार भी उस दौर के सामाजिक ढांचे में एक महिला की अपनी इच्छा, पहचान और स्वतंत्रता की तलाश को सामने रखता है. फिल्म का यही सफर इसे केवल रोमांटिक कहानी से आगे ले जाता है. फिल्म गाइड का गाना आज फिर जीने की तमन्ना है और तेरे मेरे सपने जैसे गाने काफी पॉपुलर हुए थे और आज भी लोगों की जुबां पर हैं.  गाइड एक अंग्रेजी संस्करण भी बनाया गया था, जिसे टाड डेनियल्स्की ने निर्देशित किया था. पीएम मोदी ने कई मौकों पर देव आनंद की काफी सराहना भी की है. 26 सितंबर 2023 को देव आनंद की 100वीं जयंती पर मोदी ने उन्हें याद करते हुए कहा कि वह एवरग्री आइकॉन थे. उनकी कहानी कहने की शैली और सिनेमा के प्रति उनका जुनून बेजोड़ था. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि देव आनंद की फिल्मों ने सिर्फ मनोरंजन नहीं किया, बल्कि बदलते समाज और भारत की आकांक्षाओं को भी सामने रखा.

दिशा सालियान के पिता ने भेजा 500 करोड़ का मानहानि नोटिस, सात दिन में मांगी माफी

फिल्म मैनेजर दिशा सालियान की मौत एक गुत्थी बन गई है. दिशा की मौत के केस में कई बड़े-बड़े नाम सामने आए हैं. अब दिशा के पिता सतीश सालियन ने आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है. हाल ही में सीबीआई ने सतीश सालियान की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया था. अब उन्होंने दोनों नेताओं को 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है. नोटिस में दोनों के कुछ बयानों पर आपत्ति जताई गई है. सतीश सालियन ने माफी मांगने, बयान वापस लेने और 500 करोड़ का हर्जाना देने की मांग की है. इसके लिए सात दिन का समय दिया गया है. यह कानूनी नोटिस वकील अनुष्का सोनावणे के जरिए भेजा गया है. नोटिस में दोनों नेताओं से बिना शर्त, स्पष्ट और सार्वजनिक रूप से लिखित माफी मांगने को कहा गया है. माफी को सभी प्रमुख मीडिया संस्थानों में प्रकाशित कराने की मांग की गई है. इसके लिए प्रिंट मीडिया में ए4 आकार का विज्ञापन देने और राष्ट्रीय और राज्य स्तर के प्रमुख न्यूज चैनलों के साथ-साथ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कम से कम तीन मिनट का बिना शर्त वीडियो माफीनामा जारी करने को कहा गया है. दिशा के पिता की मांग नोटिस में कहा गया है कि आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख ने सतीश सालियान के बयानों और कानूनी कार्रवाई को लेकर झूठे, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक आरोप लगाए. सतीश का कहना है कि उनकी बेटी की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग को राजनीतिक मकसद से प्रेरित बताया गया. साथ ही यह भी कहा गया कि सीबीआई पहले ही दिशा सालियान मामले की जांच कर चुकी है और उन्हें क्लीन चिट दे चुकी है. नोटिस के मुताबिक, सतीश सालियान ने अपनी बेटी की मौत की स्वतंत्र जांच के लिए संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के तहत हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उनका दावा है कि याचिका में कई आरोपों, परिस्थितियों, विरोधाभासों और दस्तावेजी व इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को मेंशन किया गया था. नोटिस में कहा गया है कि आदित्य ठाकरे ने इस मामले की सुनवाई में हस्तक्षेप किया. उन्होंने केवल कानूनी पहलुओं पर सवाल नहीं उठाए, बल्कि सतीश सालियान की नीयत और उनकी विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने सतीश की कानूनी लड़ाई को राजनीतिक साजिश और उन्हें परेशान करने की कोशिश बताया. सतीश सालियान ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए कहा है कि इन्हें बिना किसी ठोस सबूत के लगाया गया. नोटिस में अनिल देशमुख के पिछले साल दिए गए उस बयान का भी जिक्र है, जिसमें उन्होंने सतीश की याचिका को आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की साजिश बताया था. सतीश का कहना है कि देशमुख खुद इस मामले में निष्पक्ष व्यक्ति नहीं थे, इसलिए उनका बयान और भी गंभीर और दुर्भावनापूर्ण था. क्या दिशा की मौत हत्या थी? दिशा सालियान के पिता लंबे समय से अपनी बेटी की मौत को लेकर सवाल उठाते आ रहे हैं. 2025 में उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मामले की दोबारा जांच की मांग की. उनके वकील ने कोर्ट में  दावा किया कि दिशा के साथ पहले यौन हिंसा हुई और उसके बाद उनकी हत्या कर दी गई. ये भी आरोप लगाया गया कि मामले को दबाने के लिए प्रभावशाली लोगों और पुलिस अधिकारियों की भूमिका रही. इन आरोपों की पुष्टि अभी CBI की जांच का विषय है. दिशा सालियान की मौत की शुरुआती जांच मुंबई पुलिस ने की थी. पुलिस की जांच में उनकी मौत को आत्महत्या बताया गया था. मार्च 2025 में सामने आई मुंबई पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट में भी दिशा की मौत को आत्महत्या बताया गया था और उनकी मानसिक परेशानी का जिक्र किया गया था. यानी अब CBI के सामने सबसे अहम सवाल यही है कि क्या पुराने निष्कर्षों से अलग कोई नया और ठोस सबूत सामने आता है.

रूस से तेल खरीद पर अमेरिकी दबाव, भारत बोला- 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

नई दिल्ली अमेरिकी संसद के निचले सदन (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में ‘सेंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट’ पारित होने के बाद भारत ने वाशिंगटन को दो टूक शब्दों में कड़ा कूटनीतिक संदेश दे दिया है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि भारत अपनी 1.4 अरब आबादी की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और वैश्विक बाजार की परिस्थितियों के हिसाब से अलग-अलग स्रोतों से तेल और गैस की खरीद जारी रखेगा. 16 सितंबर 2026 को पारित इस अमेरिकी विधेयक में रूस से ऊर्जा आयात करने वाले मुल्कों पर कड़े अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रावधान है, जिसका सीधा असर भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ सकता है।  नई दिल्ली ने साफ कर दिया है कि वह अपने राष्ट्रीय, व्यापारिक और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है. विदेश मंत्रालय के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में इस संवेदनशील मसले पर अमेरिकी अधिकारियों के साथ उच्च स्तर पर कई दौर की बेबाक बातचीत हो चुकी है. भारत ने अमेरिका को स्पष्ट समझा दिया है कि ऐसे एकतरफा फैसलों का असर न केवल द्विपक्षीय व्यापारिक रिश्तों पर पड़ेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में भी भारी उथल-पुथल मच सकती है. सरकार ने उद्योग जगत और व्यापारिक संगठनों के साथ मिलकर इस कानून से पैदा होने वाली चुनौतियों से निपटने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।  MEA के मुताबिक, भारत बदलती बाजार परिस्थितियों के अनुरूप ऊर्जा के विविध स्रोतों से खरीद जारी रखेगा. मंत्रालय ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में इस मुद्दे पर विभिन्न अमेरिकी अधिकारियों के साथ उच्च स्तर पर चर्चा हुई है. भारतीय पक्ष ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर इसके संभावित प्रभावों को भी स्पष्ट रूप से अमेरिका के सामने रखा है।  भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह अपने व्यापार और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है. सरकार इन घटनाक्रमों के प्रभावों से निपटने के लिए भारतीय व्यापार और उद्योग संगठनों के साथ मिलकर काम करेगी।  विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार ने अमेरिकी कांग्रेस में Sanctioning Russia and Iran Act के पारित होने का संज्ञान लिया है. भारत इस मामले में आगे होने वाले घटनाक्रम पर नजर रख रहा है. अमेरिकी कानून में रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रावधान शामिल है और इससे भारत समेत अन्य देशों पर असर पड़ सकता है। 

घर में मधुकामिनी का पौधा लगाने से मिलेंगे ये फायदे, जानें सही दिशा और वास्तु नियम

मधुकामिनी (Madhu Kamini / Orange Jasmine) का पौधा अपनी खूबसूरत हरी पत्तियों और सफेद, भीनी-भीनी खुशबू वाले फूलों के लिए जाना जाता है. बागवानी और सौंदर्य के अलावा, वास्तु शास्त्र और ज्योतिष में भी इस पौधे का बहुत ऊंचा स्थान है.  इसे घर में लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और जीवन के कई वास्तु दोष दूर होते हैं. आइए विस्तार से जानते हैं मधुकामिनी के पौधे से जुड़े वास्तु नियम, इसके लाभ और रख-रखाव के सही तरीकों के बारे में. 1. पौधे को लगाने की सही दिशा वास्तु शास्त्र में दिशाओं का बहुत महत्व होता है.  किसी भी पौधे का शुभ फल तभी मिलता है जब उसे सही दिशा में लगाया जाए. उत्तर और पूर्व दिशा (ईशान्य कोण): मधुकामिनी के पौधे को हमेशा घर की उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व (ईशान्य कोण) दिशा में लगाना सबसे उत्तम माना जाता है.  यह दिशाएं देवताओं और सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र मानी जाती हैं.  इस दिशा में यह पौधा तेजी से सकारात्मक परिणाम देता है. किन दिशाओं में रखने से बचें: इस पौधे को घर की दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखने से बचना चाहिए, क्योंकि ये दिशाएं इसकी ऊर्जा के अनुकूल नहीं मानी जातीं. 2. मुख्य वास्तु लाभ सकारात्मक ऊर्जा का संचार: इस पौधे के फूलों की प्राकृतिक और भीनी खुशबू घर के वातावरण को तरोताजा रखती है. यह मानसिक तनाव को कम कर घर में शांति और सुकून भरा माहौल बनाती है. आर्थिक समृद्धि: वास्तु के जानकारों के अनुसार, यह पौधा घर में धन और बरकत को आकर्षित करता है.  इसे घर के मुख्य द्वार के पास या बालकनी में सही दिशा में रखने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है. पारिवारिक रिश्तों में मिठास: इसके नाम की तरह ही इसके प्रभाव से परिवार के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम, अपनापन और मधुर संबंध बने रहते हैं.  यह वैवाहिक जीवन में भी मिठास घोलने में मदद करता है. 3. रख-रखाव और वास्तु से जुड़े जरूरी नियम स्वच्छता का विशेष ध्यान: पौधे के आसपास का स्थान हमेशा साफ-सुथरा होना चाहिए.  गमले के पास किसी भी प्रकार का कड़ा-कचरा या गंदगी जमा न होने दें. सूखे पत्तों और शाखाओं को हटाएं: यदि पौधे की कोई टहनी या पत्तियां सूख जाएं, तो उन्हें तुरंत काटकर अलग कर दें.  वास्तु के अनुसार, घर में सूखा या मुरझाया हुआ पौधा नकारात्मक ऊर्जा का कारण बनता है. नियमित सिंचाई और देखभाल: पौधे को पर्याप्त धूप और पानी दें ताकि उसकी ताजगी बनी रहे. हरा-भरा और स्वस्थ पौधा घर में हमेशा सकारात्मकता और तरक्की लेकर आता है.