samacharsecretary.com

तमिलनाडु में थलपति विजय की राजनीति से कांग्रेस में हलचल, गठबंधन पर उठे सवाल

नई दिल्ली लोकसभा चुनाव 2029 अभी दो साल दूर है, लेकिन तमिलनाडु में इसे लेकर पेच फंसा हुआ है। कुछ महीने पहले ही सत्ता में आए तमिलनाडु सीएम सी. जोसेफ विजय को उनकी पार्टी लगातार पीएम फेस प्रोजेक्ट करने की कोशिश कर रही है। इससे साथी दल कांग्रेस असहज नजर आ रहा है। पिछल कई दिनों से चले आ रहे इस विवाद को दोबारा हवा उस वक्त मिली जब कांग्रेस के पूर्व राज्य प्रमुख के. सेल्वापेरुंथगाई ने तमिलझा वेट्री कड़गम (TVK) के साथ कांग्रेस के गठबंधन पर ही सवाल उठा दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन करती है, उसे एक बाद पर सहमत होना चाहिए कि 2029 में राहुल गांधी की पीएम पद के उम्मीदवार होंगे। कांग्रेस की तमिलनाडु इकाई के पूर्व अध्यक्ष ने टीवीके के साथ पार्टी के गठबंधन को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि अगर वह पीएम फेस को लेकर राहुल गांधी को स्वीकार नहीं करते हैं, फिर उनके साथ गठबंधन करने का मतलब ही क्या है। सेल्वापेरुंथगाई ने साफ किया कि प्रधानमंत्री पद के लिए राहुल गांधी ही दावेदार हैं। पूर्व कांग्रेस राज्य अध्यक्ष के इस बयान सांसद प्रवीण चक्रवर्ती ने टिप्पणी की। हालांकि, उन्होंने थलपति विजय की पार्टी को लेकर नरम रुख अपनाया। उन्होंने मतभेदों को कमतर बताते हुए आने वाले समय में गठबंधन को मजबूत रखने पर सहमति जताई। तमिलनाडु के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष पर सांसद का निशाना पूर्व तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष की बात का जवाब देते हुए सांसद प्रवीण चक्रवर्ती ने कहा कि पार्टी के पूर्व राज्य प्रमुख को फिलहाल गठबंधन पर बोलने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और TVK के रिश्ते को लेकर कोई अनिश्चितता नहीं है और बताया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत दोस्ताना रही है। कांग्रेस और टीवीके के बीच में असमंजस की स्थिति गौरतलब है दोनों पार्टियों के बीच यह विवाद उस समय शुरू हुआ था, जब विजय की पार्टी से बड़े नेताओं ने इस तरह के दावे किए थे कि वह अब मुख्यमंत्री नहीं बल्कि प्रधानमंत्री पद के दावेदार हैं। इससे दोनों पार्टियों के बीच में थोड़ी असहज करने वाली स्थिति बनी थी। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों की तरफ से सब कुछ ठीक होने का संकेत दिया गया। राहुल गांधी की होंगे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार- मणिकम टैगौर अभी कुछ दिन पहले तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी ने अपने गठबंधन के नाम पर मुहर लगाने के लिए सभी गठबंधन साथियों को बुलाया था। इस बैठक में कांग्रेस पार्टी के नेता भी पहुंचे थे। इस दौरान तमिलनाडु का कांग्रेस के अध्यक्ष मणिकम टैगोर ने दोनों पक्षों के बीच में सब कुछ ठीक होने के संकेत दिए। इसके साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी की 2029 में कांग्रेस पार्टी की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। हालांकि, इसके बाद भी दोनों पार्टियों के बीच में एक असहज करने वाली स्थिति बनी हुई है। दोनों पार्टियों के बीच में यह मतभेद इसलिए भी अहम माने जा रहे हैं। क्योंकि तमिलनाडु में कांग्रेस पार्टी डीएमके का साथ छोड़कर टीवीके के साथ आ चुकी है। ऐसे में आने वाले लोकसभा चुनाव में भी वह विजय की पार्टी के साथ ही खड़ी नजर आ सकती है।

मोदी के जन्म दिन के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर का आयोजन, रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र देकर किया उत्साहवर्धन

मोदी के जन्म दिन के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर का आयोजन, रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र देकर किया उत्साहवर्धन लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत लखनऊ विश्वविद्यालय स्थित आरोग्य भवन में बलरामपुर चिकित्सालय द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी, पूर्व मंत्री नटवर गोयल एवं लखनऊ उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीरज बोरा ने रक्तदाताओं से भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने रक्तदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि स्वस्थ, संवेदनशील एवं सशक्त समाज के निर्माण के लिए रक्तदान आवश्यक है। रक्तदान के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की सहायता की जा सकती है और यह सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण है। विधायक डॉ. नीरज बोरा ने कहा कि समाज के प्रत्येक स्वस्थ एवं सक्षम व्यक्ति को आगे आकर नियमित रूप से रक्तदान करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने लोगों से स्वयं रक्तदान करने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करने की अपील की। शिविर में महानगर उपाध्यक्ष सौरभ वाल्मीकि, मंडल अध्यक्ष रमन निगम, विशाल गुप्ता, डॉ. अमिता कन्नौजिया, डॉ. मनीषा बैनर्जी एवं डॉ. अंकिता सिंह सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

WhatsApp यूजर्स के लिए बड़ी खबर, नए फीचर से मिलेगा खास शॉर्टकट

नई दिल्ली WhatsApp यूजर्स के लिए खुशखबरी है. अब इस इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप के अंदर न्यू शॉर्टकट मिलेगा, जिसकी मदद से चैट और चैनल्स के कंटेंट को सर्च किया जा सकेगा. न्यू फीचर की जानकारी Wabetainfo ने शेयर की है और बताया है कि नया फीचर iOS के लिए रोलआउट किया है।  WhatsApp में आने वाले न्यू शॉर्टकट फीचर का नाम सर्च शॉर्टकट फॉर चैट्स एंड चैनल्स है. जब भी यूजर्स किसी चैट्स को स्क्रॉल करेंगे तो मोबाइल स्क्रीन पर टॉप राइट पर एक सर्च आइकन नजर आने लगेगा, जिसकी मदद से चैट्स आदि को सर्च कर सकेंगे।  WhatsApp के इस फीचर्स की जानकारी इससे पहले अगस्त में सानने आई थी और अब आखिरकार इसको लॉन्च कर दिया गया है. रिपोर्ट्स में दावा किया है कि न्यू फीचर पहले की तुलना में ज्यादा बेहतर है।  कैसे काम करेगा WhatsApp का न्यू शॉर्टकट फीचर जब भी यूजर्स किसी चैटिंग के दौरान ऊपर की तरफ स्क्रॉल करते हैं तो स्क्रीन के बाद सबसे ऊपर एक नया सर्चिंग बटन नजर आएगा. जब यूजर्स जैसे ही चैट के सबसे नीचे वापस पहुंचते हैं, तब यह बटन फिर से गायब हो सकते हैं।  Wabetainfo का पोस्ट  इससे पता चलता है कि न्यू सर्च बटन सिर्फ सर्चिंग के दौरान ही नजर आएगा और उसके बाद ऑटोमेटिक गायब हो जाएगा. जब यूजर्स को ऊपर की तरफ सर्च आइकन नजर आएगा, उस पर क्लिक करके वे सर्च मोड को एक्टिवेट कर पाएंगे।  सर्च मोड एक्टिवेट करने के बाद जैसे ही यूजर्स जिस मैसेज को सर्च करना चाहते हैं, उसका कोई कीवर्ड एंटर करना होगा. इसके बाद स्क्रीन पर संबंधित चैट्स नजर आने लगेंगी। 

स्पेन ने लुइस डे ला फुएंते पर जताया भरोसा, 2032 तक बढ़ेगा कोच का कॉन्ट्रैक्ट

मैड्रिड   स्पेन को 2026 फीफा विश्व कप में चैंपियन बनाने वाले कोच लुइस डे ला फुएंते 2032 तक अपने पद पर बने रहने के लिए अनुबंध बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं। स्पैनिश फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष राउल लूजन ने यह जानकारी दी। लुइस डे ला फुएंते का अनुबंध बढ़ाए जाने के मतबल यह हुआ कि स्पेन उन्हीं के नेतृत्व में फीफा विश्व कप 2026 में उतरेगी। वर्ल्ड फुटबॉल समिट में लूजन ने कहा कि डे ला फुएंते के रहने का फैसला, जो उनकी मौजूदा डील यूरो 2028 के बाद तक चलेगी, उनके नतीजों, काम और बड़े पैमाने पर सार्वजनिक समर्थन पर आधारित था। उन्होंने कहा, "उनके नतीजे खुद बोलते हैं, और उनका काम करने का तरीका खुद बोलता है। जनता उन्हें प्यार करती है और उनकी तारीफ करती है।" डे ला फुएंते, स्पेन के पूर्व अंडर-21 कोच, जिन्होंने 2022 वर्ल्ड कप के बाद लुइस एनरिक की जगह ली, ने स्पेन को 2023 यूईएफए नेशंस लीग, यूरो 2024 और फीफा विश्व कप 2026 का खिताब दिलाया है। फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने लियोनेल मेसी की कप्तानी वाली मजबूत अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर खिताब जीता था। यह स्पेन का दूसरा विश्व कप खिताब था। ठीक 2 साल पहले स्पेन ने यूरोपियन शोपीस में इंग्लैंड को 2-1 से हराया था। लूजान ने कहा, "मैंने उनका अनुबंध बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है क्योंकि वह आर्थिक हालात में टॉप-10 कोच में नहीं थे, और अब वह होंगे। हम अनुबंध को फाइनल कर रहे हैं ताकि वह और सालों तक हमारे साथ रहें। वह 14 साल से हमारे साथ हैं और मैं चाहता हूं कि वह अपना करियर यहीं खत्म करें।" डे ला फुएंते, जिन्होंने स्पेन की निचली लीग से अपना कोचिंग करियर शुरू किया था, एनरिक की जगह लेने से पहले स्पेन के यूथ सेट-अप में नौ साल बिताए, 2015 में यूरोपियन अंडर-19 चैंपियनशिप, 2019 में यूरोपियन अंडर-21 चैंपियनशिप और टोक्यो में 2021 ओलंपिक्स में रजत पदक जीता।  

भारतीय वायुसेना को मिलेंगे नए तेजस और HTT-40 ट्रेनर विमान, HAL का बड़ा कार्यक्रम आज

 बेंगलुरु  हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) आज 18 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में भारतीय वायु सेना (IAF) को लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस के फाइनल ऑपरेशनल क्लियरेंस (FOC) ट्विन सीटर ट्रेनर और HTT-40 बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट सौंपे जाएंगे।  पवन हंस लिमिटेड (पीएचएल) को ध्रुव नेक्स्ट जनरेशन (एनजी) हेलिकॉप्टर दिए जाएंगे. यह कार्यक्रम रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू की उपस्थिति में होगा. वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार और HAL सीएमडी रवि के. सहित कई अधिकारी रहेंगे।  यह समारोह भारत की आत्मनिर्भरता यात्रा में एक मील का पत्थर है. यह दिखाता है कि HAL और उसके उद्योग साझेदार घरेलू एयरोस्पेस इकोसिस्टम को मजबूत करने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. देश अब सैन्य और नागरिक दोनों क्षेत्रों के लिए एडवांस प्लेटफॉर्म डिजाइन, विकसित और निर्माण करने में सक्षम हो रहा है।  क्या-क्या सौंपे जाएंगे LCA तेजस के ट्विन सीटर ट्रेनर अंतिम दो विमान हैं जो मूल 40 विमानों के ऑर्डर को पूरा करेंगे. यह ऑर्डर 2006 और 2010 में दिया गया था. इनमें 32 सिंगल सीटर और 8 ट्विन सीटर शामिल थे. अंतिम दो ट्रेनर एफओसी कॉन्फिगरेशन में हैं. इससे आईएएफ को लड़ाकू पायलटों के प्रशिक्षण के लिए स्वदेशी जेट मिलेंगे जो असली तेजस फाइटर जैसा अनुभव देते हैं।  HTT-40 बेसिक ट्रेनर भी पहली खेप में दिए जाएंगे. यह स्वदेशी टर्बोप्रॉप ट्रेनर है. इसके लिए 70 विमानों का ऑर्डर है. पहले इंजन सप्लाई में देरी हुई थी लेकिन अब डिलीवरी शुरू हो रही है. यह शुरुआती पायलट ट्रेनिंग के लिए महत्वपूर्ण है।   ध्रुव एनजी हेलिकॉप्टर नागरिक उपयोग के लिए हैं. पवन हंस ने 10 हेलिकॉप्टर ऑर्डर किए थे. इनमें से चार इस समारोह में दिए जाएंगे. ये ऑफशोर ऑपरेशन, इमरजेंसी मेडिकल सर्विस और यात्री परिवहन में काम आएंगे. इनमें आधुनिक ग्लास कॉकपिट और सुरक्षा फीचर हैं।  आत्मनिर्भरता और उद्योग का विस्तार सरकार एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में स्वदेशी डिजाइन, विकास और निर्माण को उच्च प्राथमिकता दे रही है. इन प्लेटफॉर्मों का शामिल होना विदेशी निर्भरता कम करने की दिशा में एक और कदम है. HAL अब सिर्फ सैन्य विमान नहीं बल्कि नागरिक हेलिकॉप्टर भी बना रहा है. इससे उद्योग की क्षमता बढ़ रही है।  तेजस प्रोग्राम लंबे समय से चल रहा है. एमके-1ए के बड़े ऑर्डर भी पाइपलाइन में हैं. HTT-40 पायलट ट्रेनिंग को स्वदेशी बनाएगा. ध्रुव एनजी नागरिक उड्डयन को मजबूत करेगा. यह सब मिलकर भारत को वैश्विक एयरोस्पेस हब बनाने में मदद करेगा।  18 सितंबर का समारोह सिर्फ डिलीवरी नहीं बल्कि देश की तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन है. रक्षा और नागरिक क्षेत्रों में स्वदेशी प्लेटफॉर्म आने से आत्मनिर्भरता मजबूत होगी. HAL और उसके साझेदार आगे और ज्यादा उन्नत विमान और हेलिकॉप्टर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं. यह घटना भारतीय रक्षा और उड्डयन उद्योग के लिए गर्व का क्षण है। 

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर तेजी से काम, तैयार हो रहे शानदार स्टेशन और सुरंगें

अहमदाबाद देश में पहली बुलेट ट्रेन (India's First Bullet Train) चलाने की तैयारी जोरों पर है. इसके लिए जो रेलवे स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं उनपर काम रॉकेट की रफ्तार से चल रहा है. रेलवे मंत्रालय से लेकर रेल मंत्री तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब एक्स) पर इससे जुड़े अपडेट शेयर करते रहते हैं. Ministry Of Railway ने वापी-सूरत सेक्शन में बनाए जा रहे बुलेट ट्रेन रेलवे स्टेशन से लेकर इस ट्रैक पर सुरंगों के निर्माण से जुड़ा एक वीडियो शेयर किया है, जो तेजी से वायरल (Railway Viral Video) हो रहा है।  रेलवे के Video में क्या खास?  मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे की ओर से एक एक्स पोस्ट में वापी-सूरत सेक्शन पर बुलेट ट्रेन के ट्रैक और स्टेशन पर जारी काम का वीडियो शेयर किया है. इसमें साफ देखने को मिल रहा है कि कैसे इस हाई स्पीड रेल रूट में ट्रैक पर तेज रफ्तार से बुलेट ट्रेन को चलाने के लिए पहाड़ों को काटकर सुरंगें बनाने का काम किया जा रहा है, कैसे नदी के ऊपर ब्रिज ट्रैक बिछाया जा रहा है और इलेक्ट्रिफिकेशन का काम युद्धस्तर पर जारी है. इसके साथ ही बुलेट ट्रेन के मल्टी स्टोरी स्टेशन (Multi Story Bullet Train Station) की भी झलक रेलवे ने दिखाई है. इस वीडियो के कैप्शन में रेलवे ने लिखा, 'बुलेट ट्रेन का काम बहुत तेजी के साथ चल रहा है।  सूरत-वापी बुलेट ट्रेन सेक्शन कितना लंबा?  भारत की पहली बुलेट ट्रेन अगले साल संभावित 15 अगस्त से ट्रैक पर तेज रफ्तार से दौड़ती हुई नजर आएगी और इसके संकेत रेल मंत्री ने भी दिए हैं. ये देश की अपनी पहली Bullet Train होगी और ये पहली बार 508 किलोमीटर लंबे मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर शुरू की जाएगी. इसका 348 किलोमीटर का हिस्सा गुजरात में आता है और जिस वापी-सूरत सेक्शन का वीडियो रेलवे मिनिस्ट्री ने शेयर किया है, वो करीब 100 किलोमीटर का है।  बुलेट ट्रेन रूट पर 12 स्टॉपेज  अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन कॉरिडोर जहां 508 किलोमीटर लंबा है, तो वहीं इस सेक्शन में रेलवे की ओर से बुलेट ट्रेन के 12 स्टॉपेज तय किए गए हैं. पहला Bullet Train स्टेशन साबरमती रखा गया है, तो वहीं आखिरी मुंबई है. इनमें साबरमती-मुंबई (BKC) के अलावा ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद शामिल हैं।  इस स्पीड से चलेगी बुलेट ट्रेन बुलेट ट्रेन जब फुल स्पीड में होगी, तो 320 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी, जबकि अहमदाबाद से मुंबई के बीच औसतन 300 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बुलेट ट्रेन अगले साल से दौड़ेगी. बता दें, फिलहाल सबसे हाई स्पीड ट्रेनों के जरिये मुंबई से अहमदाबाद के बीच यात्रा करने में लगभग 6 घंटे का समय लगता है. बुलेट ट्रेन की शुरुआत के बाद यह दूरी महज 2 घंटे में पूरी की जा सकेगी. इससे न केवल यात्रियों के कीमती समय की बचत होगी, बल्कि दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक गतिविधियां भी बढ़ने वाली हैं। 

मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान में बड़ी उपलब्धि, 5,601 कैंपों में शिकायतों का मौके पर निपटारा

‘मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान’ के उद्देश्यों की पूर्ति की दिशा में "संपर्क अभियान 2026" को मिली बड़ी सफलता 5601 शिविरों में 2 लाख 46 हजार से अधिक शिकायतों का मौके पर निराकरण भोपाल  बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का उनके घर के नजदीक त्वरित समाधान उपलब्ध कराने तथा मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के उद्देश्यों की पूर्ति की दिशा में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा संचालित "संपर्क अभियान 2026" को उल्लेखनीय सफलता मिली है। 14 मई से प्रारंभ हुए इस विशेष अभियान के अंतर्गत भोपाल एवं ग्वालियर रीजन के 16 जिलों में अब तक 5,601 विशेष शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 2 लाख 46 हजार 297 उपभोक्ताओं की शिकायतों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया। अभियान के माध्यम से उपभोक्ताओं को स्थानीय स्तर पर सुविधाजनक एवं त्वरित समाधान उपलब्ध कराते हुए विद्युत सेवाओं में पारदर्शिता, सुगमता और उपभोक्ता संतुष्टि को बढ़ावा दिया जा रहा है। भोपाल रीजन के वृत्तों में लगे शिविर भोपाल रीजन के अंतर्गत शहर वृत्त भोपाल में 421 शिविरों में 25,736 शिकायतों का निराकरण किया गया। बैतूल (ओ एंड एम) वृत्त में 506 शिविरों में 30,838 शिकायतों का निराकरण, भोपाल (ओ एंड एम) वृत्त में 276 शिविरों में 10,412 शिकायतों का निराकरण, हरदा वृत्त में 150 शिविरों में 18,742 शिकायतों का निराकरण, नर्मदापुरम वृत्त में 399 शिविरों में 30,512 शिकायतों का निराकरण, रायसेन वृत्त में 282 शिविरों में 17,837 शिकायतों का निराकरण, राजगढ़ वृत्त में 396 शिविरों में 5,667 शिकायतों का निराकरण, सीहोर वृत्त में 377 शिविरों में 8,417 शिकायतों का निराकरण तथा विदिशा वृत्त में 238 शिविरों में 12,295 शिकायतों का निराकरण किया गया। ग्वालियर रीजन के वृत्तों में लगे शिविर ग्वालियर रीजन के अंतर्गत शहर वृत्त ग्वालियर में 331 शिविरों में 7,755 शिकायतों का निराकरण किया गया। वहीं अशोकनगर वृत्त में 165 शिविरों में 17,684, भिंड (ओ एंड एम) वृत्त में 315 शिविरों में 6,279, दतिया (ओ एंड एम) वृत्त में 195 शिविरों में 8,447, गुना वृत्त में 285 शिविरों में 9,688, ग्वालियर (ओ एंड एम) वृत्त में 258 शिविरों में 4,592, मुरैना वृत्त में 437 शिविरों में 18,180, श्योपुर (ओ एंड एम) वृत्त में 198 शिविरों में 5,231 तथा शिवपुरी वृत्त में 372 शिविरों में 7,985 शिकायतों का निराकरण किया गया। इन शिकायतों और सेवाओं पर हुआ त्वरित काम इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं की शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट समाधान करना है। शिविरों में मुख्य रूप से त्रुटिपूर्ण बिल, मीटर रीडिंग एवं अन्य बिलिंग संबंधी शिकायतों का तत्काल निराकरण किया गया। साथ ही मात्र 5 रुपये में नवीन ग्रामीण घरेलू एवं कृषि पंप कनेक्शन प्रदान किए गए। इसके अलावा भार वृद्धि, नाम परिवर्तन, श्रेणी परिवर्तन, स्थायी कनेक्शन विच्छेदन, अस्थायी कनेक्शन, ई-केवाईसी, अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC), बंद/खराब मीटर बदलना, स्मार्ट मीटर संबंधी शिकायतों का निराकरण, सर्विस केबल सुधार, वोल्टेज संबंधी समस्याओं का समाधान, ट्रांसफार्मर से जुड़ी शिकायतों का निराकरण, बिजली बिलों का आंशिक एवं पूर्ण भुगतान, अग्रिम भुगतान पर छूट, बकाया राशि जमा कराने सहित विभिन्न जनहितैषी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ प्रदान किए गए। 

विदाई से पहले फिर बरसेगा मानसून! सितंबर अंत में MP में बारिश का नया सिस्टम तैयार

भोपाल   मध्यप्रदेश में मानसून अब विदाई की ओर है, लेकिन बारिश का एक और दौर प्रदेश को तरबतर सकता है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 2 अक्टूबर के आसपास मानसून की सामान्य विदाई से पहले सितंबर के आखिरी सप्ताह में बंगाल की खाड़ी से बनने वाला नया सिस्टम बारिश बढ़ा सकता है. फिलहाल प्रदेश में सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम बारिश है, लेकिन मानसून के अंत तक यह कमी सामान्य सीमा के भीतर रहने के आसार हैं. जबकि प्रदेश की सामान्य मौसमी बारिश 37.3 इंच है।  7 प्रतिशत की कमी, फिर भी कोटा पूरा होने की उम्मीद कम मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, '' 1 जून से 17 सितंबर तक मध्यप्रदेश में दीर्घकालिक औसत से 7 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. वहीं, पूर्वी मध्यप्रदेश में कमी 2 प्रतिशत और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 11 प्रतिशत है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों में बारिश होने के बावजूद मानसून का पूरा कोटा हासिल होना मुश्किल है. हालांकि, अंतिम आंकड़ा सामान्य सीमा के भीतर रह सकता है।  सितंबर के आखिरी सप्ताह में फिर एक्टिव होगा मानसून मौसम केंद्र के अनुसार विदाई से पहले दक्षिण-पश्चिम मानसून का एक अच्छा दौर आ सकता है. बंगाल की खाड़ी में 18 सितंबर की शाम तक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है. इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम तक निम्न दबाव का क्षेत्र बन सकता है. वहीं, यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और मजबूत हुआ तो मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं. फिलहाल 20 सितंबर तक प्रदेश में कहीं भी अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट नहीं है. ऊपरी हिस्से से मानसून ट्रफ गुजर रही है और अरब सागर में भी कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है, लेकिन इनका मध्यप्रदेश पर बड़ा असर नहीं दिख रहा है. हालांकि, स्थानीय मौसम तंत्र से कुछ जिलों में तेज बौछारें पड़ सकती हैं।  32 जिलों में बारिश, हाटपिपलिया में पौने 2 इंच पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 32 जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई. भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, भिंड, मुरैना, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, मैहर, रीवा, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, अशोकनगर, धार, खरगोन, खंडवा, देवास और शाजापुर में बारिश दर्ज की गई है. सबसे अधिक बारिश देवास के हाटपिपलिया में करीब 45 मिमी रही. रहटगढ़ में 29.4 मिमी और सतना में 25.2 मिमी पानी गिरा।  बीते 13 साल में आखिरी सप्ताह में बारिश का ट्रेंड भोपाल के पिछले 13 साल के आंकड़े बताते हैं कि सितंबर के आखिरी सप्ताह में हर साल बारिश हुई है. कभी एक दिन तो कभी लगातार पांच दिन तक पानी बरसा. साल 2019 में पूरे सप्ताह बारिश हुई थी, जबकि 2025 में तीन दिन बारिश दर्ज की गई. 2023 और 2024 में सितंबर के अंतिम सप्ताह के दौरान एक दिन में दो इंच से ज्यादा बारिश भी रिकॉर्ड हुई थी। 

136 ग्राम पंचायतों के सचिव-प्रधानों पर कार्रवाई शुरू, यूपी में ₹13 करोड़ की रिकवरी

अंबेडकरनगर यूपी के अंबेडकरनगर में गांवों में विकास कार्य के लिए शासन स्तर से दी गई धनराशि में ऑडिट के दौरान वित्तीय अनियमितता पकड़ी गई है। कहीं बिना कार्य कराए धन निकाल लिया गया है तो कहीं आधा अधूरा कार्य पर ही धनराशि में हेराफेरी की गई है। सत्यापन के बाद ऐसी 136 ग्राम पंचायतों से कुल 13 करोड़ रुपए की वसूली की कार्रवाई शुरू की गई है। ग्राम पंचायत सचिव और प्रधानों पर ऐक्शन शुरू हो गया हे। जिला पंचायत राज अधिकारी ने आरोपित सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी किया गया है। जबकि ग्राम प्रधान और सेवानिवृत्त सचिवों के खिलाफ ऑनलाइन आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। ग्राम पंचायतों में विकास के बजट से कराए गए कार्यों की ऑडिट टीम के जांच दौरान अभिलेख न प्रस्तुत करने व कार्य के स्थलीय सत्यापन में अनियमितता पाई जाने पर आरोपित ग्राम पंचायत के प्रधान और सचिव से कुल 13 करोड़ 37 लाख 53 हजार 854 ररुपए की वसूली की जाएगी। इसमें जिलाधिकारी स्तर से आरसी का अनुमोदन होने के उपरान्त पंचायती राज विभाग ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। विभागीय स्तर से तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी किया गया है। प्रधान और सेवानिवृत्त सचिवों से वसूली के लिए ऑनलाइन आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। कई रिटायर तो कई की मृत्यु भी हो चुकी यह अनियमितता वित्तीय वर्ष 211-12 से 2018-19 में ऑडिट के दौरान पायी गई थी। प्रकरण पुराना होने व विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी करने में विलम्ब होने के चलते कई सचिवों और ग्राम प्रधान की मृत्यु भी हो चुकी है। जबकि कई सचिव सेवानिवृत्त हो चुके हैं।अकबरपुर के सुबारपुर ग्राम पंचायत में वर्ष 2012-13 में ऑडिट के दौरान तीन प्रकरणों में 1881760 रुपए की अनियमितता पायी गई है, जिसमें पूर्व प्रधान से 940880 रुपए व तत्कालीन सचिव से 940880 रुपए की वसूली की जाएगी।  अकबरपुर नैली में वर्ष 2012-13 में ऑडिट के दौरान कुल 1163529 रुपए की अनियमिता पकड़ी गई है, जिसमें पूर्व प्रधान से 581764 रुपए तथा तत्कालीन सचिव से 581764 रुपए की वसूली की जाएगी। वहीं रोशनगढ़ ग्राम पंचायत में वर्ष 2013-14 में दो प्रकरणों में 1648294 रुपए की अनियमिता पायी गई है, जिसमें पूर्व प्रधान से 824147 व तत्कालीन सचिव से 824147 रुपए की वसूली की जाएगी। इसी तरह ऑडिट के दौरान विभिन्न वित्तीय वर्षों में जनपद की कुल 136 ग्राम पंचायतों में कुल 13 करोड़ 37 लाख 53 हजार 854 रुपए के गबन का मामला पकड़ा गया है। सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी इस बारे में डीपीआरओ उपेंद्र कुमार पांडेय का कहना है कि आरोपित सचिवों व ग्राम प्रधानों से धन के रिकवरी की कार्रवाई की जा रही है। सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी हो गया है। ग्राम प्रधान और सेवानिवृत्त सचिवों से वसूली के लिए ऑनलाइन आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। गबन में जिन अरोपितों की मृत्यु हो चुकी है उनकी वसूली संभव नहीं होगी।

PNS हुनैन को लेकर बड़ा दावा, समुद्र में गश्त करने वाले पाकिस्तानी पोत पर उठे सवाल

मुंबई  मंगलवार को जब अरब सागर में पाकिस्तान के PNS हुनैन की टक्कर भारतीय नौसेना के कोलकाता क्लास डिस्ट्रायर से हुई, तो यह कमजोर बनाम ताकतवर वाली स्थिति जैसी थी. एक और जहां PNS हुनैन 2,600 टन का ऑफशोर पेट्रोल वेसल (समुद्र में गश्त करने वाला जहाज़) है, वहीं INS कोलकाता भारत के सबसे ताकतवर और आधुनिक युद्धपोतों में से एक है और इसका वज़न PNS हुनैन से लगभग तीन गुना ज्यादा यानी कि 7,400 टन ज़्यादा है. साफ है कि पाकिस्तान ने भारत से पंगा लेने के लिए गलत और जहाज चुना था अगर उस वक्त भारत के युद्धपोत ने पलटकर पाकिस्तानी पोत को टक्कर मारी होती तो ये जहाज साफ डूब सकता था।  इस टक्कर का नतीजा सबके सामने था. पाकिस्तानी जहाज के अगले हिस्से में ज़बरदस्त टक्कर का निशान बन गया और उसे मरम्मत के लिए बंदरगाह लौटना पड़ा, जबकि भारतीय डिस्ट्रॉयर अपने ऑपरेशनल मिशन पर आगे बढ़ता रहा. विदेश मंत्रालय ने बताया कि INS कोलकाता को कोई ढांचागत नुकसान नहीं हुआ।  डिफेंस एनालिस्ट संदीप उन्नीथन ने इंडिया टुडे को बताया कि दोनों युद्धपोतों के बीच "बहुत बड़ा" अंतर है।  उन्नीथन ने कहा, "हुनैन एक ऑफशोर पेट्रोल वेसल है, जिसमें कुछ और मिसाइलें लगाकर उसकी मारक क्षमता थोड़ी बढ़ाई गई है. INS कोलकाता भारतीय नौसेना के सबसे बड़े फ्रंटलाइन जहाज़ों में से एक है. वह जहाज़ विशालकाय और शक्तिशाली है।  इस घटना से राजनयिक तनाव पैदा हो गया है और दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजनयिकों को तलब किया है. भारत ने कहा कि युद्धपोत उत्तरी अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर था, तभी पाकिस्तानी जहाज ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया. PNS हुनैन पाकिस्तान नौसेना के 'सी स्पार्क' अभ्यास के तहत उस इलाके में मौजूद था।  सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी जहाज़ तेज़ी से आगे बढ़ रहा था, तभी बहुत पास से गुज़रने की कोशिश में वह INS कोलकाता से टकरा गया. खबरों के अनुसार, PNS हुनैन में एक बड़ा डेंट पड़ गया और शायद उसमें दरार भी आ गई. OSINT अकाउंट 'War and Gore' ने दावा किया कि इस घटना में पाकिस्तान के चार लोग घायल हुए. हालांकि पाकिस्तान की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।  उन्नीथन ने कहा कि यह घटना पाकिस्तान के लिए बहुत बुरी साबित हो सकती थी. उन्होंने कहा, "अगर INS कोलकाता अपने क्रू की सुरक्षा के लिए मुड़कर पाकिस्तानी जहाज़ को टक्कर मार देता, तो वह पलटकर डूब जाता. पाकिस्तान ने बहुत खतरनाक पैंतरेबाज़ी की थी।    दोनों जहाजों के बीच फ़र्क सिर्फ़ साइज़ का नहीं है, बल्कि इस बात का है कि ये जहाज़ किस तरह की लड़ाई के लिए बनाए गए हैं।  INS कोलकाता में हथियारों और सेंसर का एक एडवांस्ड सिस्टम लगा है, जिसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक ज़मीन-से-ज़मीन पर मार करने वाली मिसाइलें शामिल हैं. इसमें लंबी दूरी तक मार करने वाली ज़मीन-से-हवा में मार करने वाली मिसाइलें, 360-डिग्री रडार, 76-mm की गन और AK-630 क्लोज़-इन वेपन सिस्टम भी लगे हैं।  दुश्मन की पनडुब्बियों से निपटने के लिए, इसमें टॉरपीडो लॉन्चर, रॉकेट लॉन्चर और आगे की तरफ़ लगा सोनार सिस्टम है. INS कोलकाता दो हेलीकॉप्टर (आमतौर पर सीकिंग और चेतक) भी ऑपरेट कर सकता है।  उन्नीथन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि INS कोलकाता को इस तरह डिज़ाइन किया गया था कि वह भारी हमले और कई बार टकराने के बावजूद लड़ाई में टिक सके।  इसकी ताकत और क्षमता 2021 में मुंबई से टकराए चक्रवात 'ताउते' के दौरान दिखी थी. चक्रवात के समय हवा की रफ़्तार 120 km/h तक पहुंच गई थी और लहरें नौ मीटर तक उठ रही थीं।  उन्नीथन ने बताया, "उस समय भारतीय नौसेना ने जो दो जहाज़ भेजे थे, वे INS कोलकाता और INS कोच्चि थे. इस साइज़ के यही दो जहाज़ ऐसे हैं जो तूफ़ान के बीच से गुज़रकर लोगों को बचा सकते हैं।  सीधे शब्दों में कहें तो INS कोलकाता बिल्कुल अलग तरह का जहाज़ है. जैसा कि X पर एक यूज़र ने बहुत सही बात कही, "आप डिस्ट्रॉयर से भागते हैं, उसकी तरफ़ नहीं दौड़ते! 'माउंटेन रैट्स' (Mountain Rats) नाम के X हैंडल से पोस्ट करने वाले एक डिफेंस एनालिस्ट ने कहा, "कितनी बेवकूफ़ी है कि 2500 टन का जहाज 7500 टन के डिस्ट्रॉयर से भिड़ने का फ़ैसला करता है।  हालांकि, यह पहली बार नहीं था जब किसी पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज़ ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में कोई दुस्साहस करने की कोशिश की हो. 16 जून, 2011 को अदन की खाड़ी में PNS बाबर भारतीय युद्धपोत INS गोदावरी के बहुत करीब से गुज़रा था. ऐसा लगता है कि पाकिस्तान इससे कोई सबक नहीं सीख रहा है।