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उज्जैन में शाही मस्जिद को लेकर तनाव, पथराव के बाद पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

उज्जैन शाही मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों की भीड़ जमा हो गई है। इसके बाद एक बार फिर से बवाल बढ़ गया है। मुस्लिम समाज के लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी है। साथ ही पत्थर फेंकने लगे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस आंसू गैस के गोले दागे हैं। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती है। सुबह में जमा हुए मुस्लिम समाज के लोग उज्जैन में शांति के बाद भोर में मुस्लिम समाज के लोग घर लौट गए थे। कुछ देर पहले समाज के लोगों की भीड़ वहां फिर से जमा होने लगी। इसके बाद नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। लोगों को रोकने के लिए 500 मीटर के एरिया को बैरिकेड कर दिया गया था। सोमवार सुबह हुआ पथराव  उज्जैन में आज सुबह नगर निगम की कार्रवाई से पहले ही शाही मस्जिद हटाने का विरोध शुरू हो गया. अचानक से यहां पुलिसबल की तरफ पथराव शुरू हो गया. जिसके बाद पुलिस ने   उपद्रव को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े हैं. कुछ देर तक पथराव के बाद पुलिस ने एक्शन तेज कर दिया और भीड़ को तितर-बितर किया गया. हालांकि मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई है. लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी के दौरान महिला टीआई पुष्पा पांचाल के हाथ में चोट लगी है।  उज्जैन के टंकी चौराहे पर भीड़ जमा हुई उज्जैन के टंकी चौराहे बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी है. यही पर पत्थरबाजी हुई है. बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने विरोध के दौरान मस्जिद परिसर में जाने की कोशिश की है. जिन्हें पुलिस ने रोक दिया है. मस्जिद के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात है. स्थिति को नियंत्रण में रखने की लगातार कोशिश हो रही है. शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने के विरोध में मुस्लिम महिलाओं ने उज्जैन के नाका नंबर-5 पर चक्का जाम किया है. यहां बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क पर बैठी हैं. जिसकी वजह से सुबह से उज्जैन शहर का ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ है. यहां भी पुलिसबल महिलाओं को हटाने में जुटी है।  उज्जैन में 2000 पुलिसकर्मी तैनात  कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उज्जैन शहर में करीब 2000 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. जिसमें RAF और STF के जवान भी शामिल हैं. शहर के काजी खलीकुर्रहमान  के साथ प्रशासन ने बातचीत की है।  उज्जैन में क्या शाही मस्जिद का यह मामला दरअसल, उज्जैन में सिंहस्थ-2028 को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की कवायद जारी है. इसी क्रम में गोपाल मंदिर रोड पर प्रस्तावित चौड़ीकरण को लेकर शाही मस्जिद का मामला सामने आया है. मस्जिद को चौड़ीकरण की कार्रवाई से प्रभावित किए जाने की आशंका के चलते मुस्लिम समाज ने विरोध दर्ज कराया है. इसको लेकर हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर हुई है. एकलपीठ से याचिका खारिज होने के बाद युगलपीठ में अपील की गई है. शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी थी. अब सोमवार को सुनवाई प्रस्तावित है. शाही मस्जिद के इमाम मोहम्मद इब्राहिम ने धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचने की आशंका जताते हुए प्रशासन से इसे बचाने की अपील की है. फिलहाल सोमवार सुबह कार्रवाई शुरू होने से पहले ही विवाद बढ़ता जा रहा है।  भीड़ ने शुरू कर दी पत्थरबाजी इसके बाद भीड़ ने नारेबाजी करते हुए पुलिस प्रशासन की टीम पर पत्थरबाजी शुरू कर दी है। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोल दागे हैं। शाही मस्जिद के पास स्थिति को देखते हुए 2500 से अधिक जवानों की तैनाती की गई है। साथ ही दूसरे जिलों से भी बल बुलाया गया है। पूरे शहर में अलर्ट जारी स्थिति को देखते पूरे शहर में अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस बल हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। आंसू गैस के गोले से भीड़ को हटाया जा रहा है। एसपी समेत अन्य लोग वहां मौजूद हैं। क्यों हो रहा है विवाद सड़क चौड़ीकरण को लेकर उज्जैन शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा तोड़ा जाना है। इसे लेकर मुस्लिम समाज के लोग विरोध कर रहे हैं। इसी को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों के साथ पुलिस की मीटिंग हुई थी। रात में मामला सुलझ जाने के बाद सुबह में फिर से विवाद बढ़ गया है। इसके बाद प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने की कवायद शुरू कर दी है।

छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध – राजेश अग्रवाल

विश्व पर्यटन दिवस पर ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का आयोजन छत्तीसगढ़ के पर्यटन को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की पहल, देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा बीटूबी बैठक में पर्यटन कारोबारियों के बीच व्यावसायिक साझेदारी पर जोर, उत्कृष्ट कार्य करने वाले पर्यटन हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार से किया गया सम्मानित छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध – राजेश अग्रवाल रायपुर,  विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल एवं छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का आयोजन मेफेयर लेक व्यू रिसॉर्ट, नवा रायपुर में किया गया। आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को देश-विदेश के पर्यटन बाजार से जोड़ना, पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देना तथा प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए पर्यटन उद्योग से जुड़े विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाना था। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों, विशेषकर पड़ोसी राज्यों के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटलियर्स, होम-स्टे संचालकों तथा विदेशी टूर एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने की। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे, एलियांज इंडिया एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीप भगत, छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष जसप्रीत भाटिया, कपिल जैन, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही कलेक्टर विजय दयाराम के., होटल मेफेयर के जीएम नीलेश, जिला पंचायत जीपीएम के सीईओ मुकेश रावटे सहित पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि एवं पर्यटन मंडल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र है। छत्तीसगढ़ के पास बस्तर की जीवंत जनजातीय संस्कृति, सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता, चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे जलप्रपात, सिरपुर की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत, राजिम की धार्मिक आस्था, भोरमदेव की स्थापत्य कला और बारनवापारा का वन्यजीवन जैसी विविध पर्यटन संपदाएं हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, कारीगरों एवं कलाकारों के लिए बाजार तथा ग्रामीण एवं जनजातीय समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर तैयार करना भी है। अग्रवाल ने कहा कि ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस’ पर्यटन कारोबारियों को देश-विदेश के पर्यटन बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। इससे व्यावसायिक साझेदारी बढ़ाने, नए पर्यटन बाजारों से जुड़ने, नए टूर पैकेज विकसित करने तथा छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को अधिक से अधिक पर्यटकों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने रायपुर में निर्माणाधीन फिल्म सिटी, भोरमदेव कॉरिडोर और जशपुर के मयाली क्षेत्र में पर्यटन विकास जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। पर्यटन मंडल अध्यक्ष ने बताया आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव या औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। देश-विदेश के पर्यटन कारोबारियों और विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाकर व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने तथा छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रैवल एजेंट्स और टूर ऑपरेटर्स पर्यटन विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बीटूबी बैठक के माध्यम से नए पर्यटन पैकेज तैयार करने और व्यावसायिक साझेदारी विकसित करने के अवसर मिले हैं। उन्होंने ट्रैवल एजेंट्स से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को अपने टूर पैकेज में शामिल करने और प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को देश-दुनिया तक पहुंचाने में सहयोग करने का आह्वान किया। 400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां पर्यटन मंडल से जुड़ीं नीलू शर्मा ने बताया कि दिल्ली, भुवनेश्वर, पुणे और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में रोड शो एवं विभिन्न राष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों में सहभागिता के माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और पर्यटन सुविधाओं का प्रचार-प्रसार किया गया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से जुड़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस नेटवर्क को और विस्तारित किया जाएगा। डिजिटल तकनीक और एआई से पर्यटन को नई दिशा देने पर जोर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने अपने प्रस्तुतीकरण में विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम क्पहपजंस ।हमदकं ंदक ।तजपपिबपंस प्दजमससपहमदबम जव त्मकमेपहद ज्वनतपेउ के संदर्भ में छत्तीसगढ़ पर्यटन की संभावनाओं को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में निरंतर सीखने, नए प्रयोग करने और नई संभावनाओं की तलाश की आवश्यकता है। डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग पर्यटन संबंधी जानकारी, प्रचार-प्रसार, पर्यटक अनुभव, कंटेंट निर्माण और पर्यटन स्थलों की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रभावी माध्यम के रूप में किया जा सकता है। प्रस्तुतीकरण में छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा, जलप्रपात, वन्यजीव, गुफाएं, जनजातीय संस्कृति, सामुदायिक पर्यटन, होम-स्टे, साहसिक पर्यटन और ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत को विस्तार से प्रस्तुत किया गया। चित्रकोट, तीरथगढ़, कुटुमसर-कैलाश-दंडक गुफाएं, मैनपाट, जशपुर, बस्तर दशहरा, सिरपुर, भोरमदेव, ढोलकल गणेश, नारायणपाल और मल्हार जैसे पर्यटन एवं विरासत स्थलों की संभावनाओं को रेखांकित किया गया। उन्होंने बताया कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के साथ पर्यटन विकास की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। होम-स्टे के लिए 82 लाभार्थियों के 280 से अधिक कमरों की पहचान, डिजिटल रिजर्वेशन के लिए पर्यटन मंडल की वेबसाइट एवं मोबाइल ऐप तथा निवेशक बैठकों और रोड शो के माध्यम से बाजार पहुंच बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सिरपुर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान, शक्तिपीठ कॉरिडोर, डेस्टिनेशन साइनेज एवं सुविधाओं सहित विभिन्न पहलें प्रगति पर हैं। स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में कार्य पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा कि पर्यटन को केवल भ्रमण का विषय न मानकर विकास, रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाना होगा। स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़कर रोजगार और आय के … Read more

मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ नेक्स्ट यूथ कॉन्क्लेव में हुए शामिल, विभिन्न क्षेत्रों की युवा प्रतिभाओं का किया सम्मान

सीधी और सच्ची बात साहस के साथ रखें युवा, नई सोच को दें नई पहचान : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ नेक्स्ट यूथ कॉन्क्लेव में हुए शामिल, विभिन्न क्षेत्रों की युवा प्रतिभाओं का किया सम्मान युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और रचनात्मकता से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री रायपुर,   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आज की जनधारा मीडिया समूह द्वारा आयोजित ‘छत्तीसगढ़ नेक्स्ट यूथ कॉन्क्लेव’ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर प्रदेश का नाम रोशन करने वाली युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया। उन्होंने आज की जनधारा की 36वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रकाशित ‘आज की जनधारा साहित्यिक वार्षिकी-2026’ का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री साय ने युवाओं से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का युवा प्रतिभाशाली, परिश्रमी और संभावनाओं से भरपूर है। युवाओं की नई सोच, ऊर्जा और रचनात्मकता प्रदेश के भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति है। युवाओं को अपनी बात सीधी, सच्ची और साहस के साथ रखनी चाहिए तथा अपने विचारों और कार्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ युवाओं के सामने अवसरों का नया संसार खुला है। आवश्यकता इस बात की है कि वे अपनी प्रतिभा को पहचानें, बड़े लक्ष्य तय करें और पूरे आत्मविश्वास के साथ उन्हें हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और नए विचारों को साकार करने के लिए व्यापक अवसर मिल रहे हैं। आज भारत का युवा नवाचार, स्टार्टअप, विज्ञान, तकनीक, खेल, कला-संस्कृति सहित हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है। छत्तीसगढ़ के युवाओं में भी अपार सामर्थ्य है और वे अपनी प्रतिभा तथा परिश्रम से विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे प्रेरणादायी प्रयासों को सामने लाने और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने का सशक्त माध्यम बना है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, पोषण और जनभागीदारी के संदेश का उल्लेख करते हुए ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान की चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनगा पोषण का सहज और स्थानीय स्रोत है। इसे जनभागीदारी से घर-घर तक पहुंचाकर स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के संकल्प को और मजबूत किया जा सकता है। प्रकृति और संस्कृति छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी पहचान मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक समृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा प्रदेश प्रकृति की अनुपम देन से समृद्ध है। यहां के वन, पहाड़, जलप्रपात, गांवों का सहज जीवन और विविध लोक परंपराएं छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान देती हैं। उन्होंने मधेश्वर पहाड़ और वहां की शिवलिंग सदृश प्राकृतिक संरचना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में अनेक ऐसे स्थल हैं, जिनमें पर्यटन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की असली आत्मा यहां के गांवों, लोकजीवन और संस्कृति में बसती है। सादरी सहित प्रदेश की विभिन्न बोलियां, लोककला, लोकगीत और नागपुरी संगीत हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध बनाते हैं। नई पीढ़ी को आधुनिकता के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी जड़ों, भाषा-बोली और सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़े रहना चाहिए। संघर्ष से ही मिलता है आगे बढ़ने का संबल मुख्यमंत्री साय ने अपने जीवन के अनुभव युवाओं के साथ साझा करते हुए कहा कि कम उम्र में ही उनके सिर से पिता का साया उठ गया था और परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। उन्होंने खेती-बाड़ी करते हुए परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं और अपने छोटे भाइयों की शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया। जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें संघर्ष करना और जिम्मेदारियों से पीछे न हटना सिखाया। उन्होंने युवाओं से कहा कि जीवन में परिस्थितियां हमेशा अनुकूल नहीं होतीं, लेकिन कठिनाइयों से घबराने के बजाय उनका सामना करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। परिश्रम, धैर्य और संकल्प के साथ किया गया प्रयास व्यक्ति के लिए आगे बढ़ने के नए रास्ते खोलता है। कार्यक्रम में प्रसिद्ध कलाकार पीयूष मिश्रा ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला एवं संस्कृति की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से पंडवानी की महान कलाकार पद्म विभूषण स्वर्गीय श्रीमती तीजन बाई के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी अद्भुत कला के माध्यम से महाभारत के विभिन्न पात्रों को मंच पर जीवंत किया और पंडवानी को देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाई। मिश्रा ने कार्यक्रम में अपने प्रसिद्ध गीत ‘आरंभ है प्रचंड’ की प्रस्तुति भी दी। मुख्यमंत्री साय ने कॉन्क्लेव में सम्मानित युवा प्रतिभाओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं के विचारों, उपलब्धियों और प्रतिभा को समाज के सामने लाने के साथ उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार कृष्णा दास,मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, आज की जनधारा के प्रधान संपादक सुभाष मिश्रा उपस्थित सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान की सराहना

रायपुर : नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति के साथ खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति के साथ खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अंतागढ़ के लामकन्हार में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान की सराहना मुख्यमंत्री ने कहा – छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित नवाचारों को मिल रही राष्ट्रीय पहचान मुनगा के पोषण लाभों को जन-जन तक पहुंचाने और हर घर में पौधा लगाने का किया आह्वान ग्राम लामकन्हार में शिक्षा, अधोसंरचना एवं सामुदायिक सुविधाओं के लिए 85 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसर में लगाया अमरूद का पौधा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम लामकन्हार स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी का श्रवण किया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के अलग-अलग हिस्सों में जनभागीदारी से हो रहे सकारात्मक बदलावों और नवाचारों को ‘मन की बात’ के माध्यम से राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ के प्रयासों का उनके द्वारा लगातार उल्लेख किया जाना प्रदेशवासियों के परिश्रम और सहभागिता का सम्मान है। इससे हमारे स्थानीय प्रयासों को नई पहचान मिलने के साथ ही बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान कुपोषण के विरुद्ध छत्तीसगढ़ की लड़ाई को जनभागीदारी से और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुनगा सहज उपलब्ध होने के साथ पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत है। इसके पत्ते, फल और फूल भोजन में उपयोग किए जाते हैं तथा इनमें आयरन सहित अनेक पोषक तत्व पाए जाते हैं। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों और विद्यार्थियों से अपने घरों में मुनगा का पौधा लगाने तथा इसके पोषण संबंधी लाभों के प्रति अन्य लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने पोषण से लेकर स्वच्छता, पर्यावरण और ‘वोकल फॉर लोकल’ तक विभिन्न विषयों पर किया संवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति, जनगणना में नागरिकों की भागीदारी, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों से संवाद किया। प्रधानमंत्री ने सितंबर माह को कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई को समर्पित पोषण माह के रूप में रेखांकित करते हुए देश के विभिन्न हिस्सों में पोषण को लेकर किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। इसी क्रम में उन्होंने छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान की चर्चा की। इस अभियान के माध्यम से लोगों को पौष्टिक मुनगा अर्थात मोरिंगा को दैनिक खान-पान का हिस्सा बनाने और इसके पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के नवाचारों की ‘मन की बात’ में लगातार हो रही चर्चा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित प्रयासों और नवाचारों को लगातार स्थान दे रहे हैं। इससे पहले बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक, मल्हार में प्राप्त ऐतिहासिक ताम्रपत्र और कोरिया जिले के ‘5 प्रतिशत जल संचय मॉडल’ जैसे प्रयासों की प्रधानमंत्री द्वारा सराहना की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरिया जिले का ‘5 प्रतिशत जल संचय मॉडल’ स्थानीय आवश्यकता और जनभागीदारी से निकला एक प्रभावी समाधान है। इसके अंतर्गत किसान अपने खेत के पांच प्रतिशत हिस्से में जल संचयन की व्यवस्था करते हैं। इससे आवश्यकता के समय फसलों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होता है और भूजल स्तर बढ़ाने में भी सहायता मिलती है। ऐसे नवाचार बताते हैं कि स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी से किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी व्यापक बदलाव का आधार बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ‘मन की बात’ में ऐसे कार्यों को देश के सामने लाकर उनसे जुड़े लोगों का उत्साहवर्धन करते हैं। साथ ही देश के अन्य क्षेत्रों के लोगों को भी अपने गांव, शहर और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए आगे आने की प्रेरणा मिलती है। नक्सलवाद के प्रभाव से निकलकर विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा क्षेत्र मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर के साथ कांकेर का यह क्षेत्र भी लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय और असुरक्षा का वातावरण था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। शांति और सुरक्षा का वातावरण मजबूत होने के साथ दूरस्थ अंचलों में विकास के नए अवसर भी निर्मित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अंचल दशकों तक विकास की मुख्यधारा से अपेक्षाकृत दूर रहा, लेकिन अब सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, संचार, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ को निरंतर सहयोग मिल रहा है। राज्य सरकार भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ क्षेत्र में शांति के साथ समृद्धि और विकास को गति देने में जुटी है। लामकन्हार के विकास के लिए 85 लाख रुपए की सौगात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर ग्राम लामकन्हार में शिक्षा, अधोसंरचना और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार के लिए कुल 85 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने लामकन्हार में शीतला मंदिर के पास सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपए, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन निर्माण के लिए 37 लाख रुपए, छोटे पारा में … Read more

छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा’ अभियान का किया उल्लेख

रायपुर : मुनगे से पोषण की बेहतरीन पहल: ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा’ अभियान का किया उल्लेख पोषक तत्वों से भरपूर मुनगा स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण प्रदेशभर में अब तक कुल 10 लाख 29 हजार 831 मुनगा के पौधे का वितरण स्थानीय स्तर पर सहज उपलब्ध संसाधनों और जनभागीदारी को जोड़ने वाली पहल की प्रशंसा रायपुर कुपोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ की एक स्थानीय पहल अब राष्ट्रीय मंच तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने पोषण की चुनौती से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और जनभागीदारी को जोड़ने वाली इस पहल की सराहना की। छत्तीसगढ़ में सितंबर माह को पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 12 सितंबर को ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान की शुरुआत की। अभियान का उद्देश्य मुनगा के पौधे को घर-घर पहुंचाने के साथ उसके पोषण संबंधी लाभों के प्रति परिवारों को जागरूक करना है। मुनगा या सहजन छत्तीसगढ़ में स्थानीय स्तर पर सहज उपलब्ध है। पोषक तत्वों से भरपूर मुनगा स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। विटामिन ए, सी, कैल्शियम, आयरन और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व के साथ ही औषधीय गुणों से युक्त है। मुनगा को अपने भोजन में पौष्टिक आहार के रूप में शामिल करने की पहल बेहतरीन है। मुनगे के पेड़ को पेड़ तेजी से बढ़ता है और अपेक्षाकृत कम देखभाल की जरूरत होती है। मुनगा पोषण, औषधीय गुणों एवं हरियाली के दृष्टिगत महत्वपूर्ण पौधा माना गया है। स्थानीय भोजन और पोषण से जोड़ते हुए राज्य सरकार ने इसे कुपोषण के खिलाफ अभियान का हिस्सा बनाया है। खासतौर पर महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के पोषण के लिए ध्यान केंद्रित कर ’हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान चलाया गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों को इस अभियान का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है, जहां पोषण जागरूकता के साथ परिवारों को मुनगा के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ’हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान के तहत प्रदेशभर में विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों एवं जनमानस के घरों के लिए व्यापक तौर पर मुनगे के पौधे का वितरण किया गया है, जिसके अंतर्गत प्रदेशभर में अब तक कुल 10 लाख 29 हजार 831 मुनगा के पौधें का वितरण का किया गया है। जिलों में क्रमशः बस्तर जिले में 25,244, कांकेर जिले में 43,071, दंतेवाड़ा में 7,056, नारायणपुर में 21,224, बीजापुर में 15699, सुकमा में 4,835, कोंडागांव में 31983, सरगुजा में 43754, कोरिया में 19022, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 11939, सूरजपुर में 64599, बलरामपुर में 27107, जशपुर जिले में 1,62271 पौधे लगाएं गए है। इसी प्रकार रायपुर जिले में 23948, महासमुंद में 6420, धमतरी में 48833, बलौदाबाजार में 28398, गरियाबंद में 10527, दुर्ग में 42474 राजनांदगांव जिले में 3480, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 21991, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 39222, कबीरधाम में 75776, बेमेतरा में 19575, बालोद में 50933, बिलासपुर में 14965, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 43007, जांजगीर-चांपा में 57653, सक्ती में 6425, कोरबा में 1,01,002, रायगढ़  में 41,776, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 9,824, मुंगेली जिले में 6,518 पौधे लगाएं गए है। इस पहल की खास बात यह है कि इसमें किसी महंगे या बाहरी संसाधन के बजाय स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध पौधे को पोषण अभियान का माध्यम बनाया गया है। यानी घर के आंगन में लगा एक पौधा परिवार के भोजन में पोषण बढ़ाने के साथ कुपोषण के खिलाफ जागरूकता का भी जरिया बने। ‘हर घर मुनगा’ को केवल पौधरोपण अभियान के रूप में नहीं देखा जा रहा है। इसके जरिए पौधरोपण, पोषण जागरूकता, आंगनबाड़ी सेवाओं और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

संजू देवी की जीत पर गदगद छत्तीसगढ़, डिप्टी CM साव ने कहा- बढ़ाया मान

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने एशियन गेम्स की कबड्डी गोल्ड मेडलिस्ट संजू देवी से बात कर दी बधाई, कहा आपने छत्तीसगढ़ का बढ़ाया मान संजू देवी ने राज्य सरकार के सहयोग और प्रोत्साहन के लिए जताया आभार रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने जापान में इन दिनों चल रहे एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य संजू देवी से वीडियो कॉल पर बात कर बधाई दी। साव ने बातचीत के दौरान संजू देवी की स्वर्णिम सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए उनसे कहा कि आपने देश के साथ छत्तीसगढ़ को भी गौरवान्वित किया है। आपकी मेहनत, संघर्ष और खेल के प्रति जुनून प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा। उप मुख्यमंत्री साव ने संजू देवी को आगे भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश और देश का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश को अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व है। बातचीत के दौरान संजू देवी ने आगे बढ़ने और अपने खेल को निखारने के लिए राज्य शासन तथा खेल विभाग की ओर से मिले सहयोग एवं प्रोत्साहन के लिए  आभार जताया। साव ने कहा कि संजू देवी की यह सफलता उनके समर्पण और लगातार संघर्ष का परिणाम है। खेल के प्रति उनका जुनून प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है। खासकर खेलों में आगे बढ़ने का सपना देख रही बेटियों को उनकी उपलब्धि नई प्रेरणा देगी। बिलासपुर के बहतराई खेल अकादमी में प्रशिक्षण ले रही कोरबा की संजू देवी भारतीय कबड्डी टीम की महत्वपूर्ण सदस्य है। भारत की ओर से खेलते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों में तीसरी स्वर्णिम सफलता हासिल की है। उन्होंने कबड्डी विश्वकप और एशियन चौंपियनशिप में भी भारत को विजेता बनाने में उम्दा प्रदर्शन किया था।

UNGA में भारत ने पाकिस्तान पर साधा निशाना, PoK से आतंकवाद तक शहबाज शरीफ के दावों का दिया जवाब

वाशिंगटन  संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में भारत ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए कठपुतली शासन करार दिया। भारत ने पाकिस्तान के झूठ और पाखंड की कड़ी आलोचना की और साफ चेतावनी दी कि इस्लामाबाद द्वारा आतंकवाद को बढ़ावा देने के गंभीर परिणाम होंगे। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने राइट ऑफ रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण का करारा जवाब दिया। सेना की, सेना द्वारा और सेना के लिए सरकार पेटल गहलोत ने कहा कि मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर पाकिस्तान की बातें पूरी तरह पाखंड हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस देश की राजधानी को अपनी ही जनता से बचाने के लिए किले में बदला जा रहा हो, वह लोकतंत्र पर उपदेश न दे। उन्होंने कहा कि यह शासन सेना का, सेना द्वारा और सेना के लिए है। उनके कठपुतली नेता आते-जाते रहेंगे, लेकिन इसमें कोई भ्रम नहीं होना चाहिए कि असली ताकत किसके पास है। उन्होंने पाकिस्तान के 27वें संविधान संशोधन का हवाला दिया, जिसके तहत चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को कानूनी मुकदमों से आजीवन छूट दी गई है। कश्मीर भारत का अभिन्न अंग: PoK पर उठाए सवाल कश्मीर पर शहबाज शरीफ के बयानों को खारिज करते हुए भारत ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है और हमेशा रहेगा। गहलोत ने कहा कि अगर बात करनी ही है, तो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की स्थिति पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रावलकोट के लोगों से पूछिए कि वे किस तरह की बेहिसाब हत्याओं, हिंसा और बुनियादी अधिकारों के हनन का सामना कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि PoK में चुनावी धांधली और शरणार्थी सीटों को लेकर कई महीनों से जनता का भारी विरोध प्रदर्शन चल रहा है। 9/11 और ओसामा बिन लादेन की दिलाई याद शहबाज शरीफ द्वारा 2025 के तनाव के दौरान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की "हस्तक्षेप" की तारीफ करने पर भारत ने इसे विचित्र बताया। भारत ने याद दिलाया कि दुनिया ने हाल ही में 9/11 आतंकी हमलों की 25वीं बरसी देखी है। गहलोत ने कहा कि यह संदर्भ याद रखना जरूरी है, क्योंकि उस हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तानी सेना की प्रमुख अकादमी के ठीक बगल में सुरक्षित रह रहा था। भारत ने दी आतंकवाद पर सीधी चेतावनी सीमा पार आतंकवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए भारत ने स्पष्ट किया कि वह अपनी रक्षा करने के अधिकार का पूरा इस्तेमाल करेगा। भारत ने पिछले साल 7 मई को शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया, जो पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और PoK में मौजूद आतंकी ठिकानों पर किया गया था। गहलोत ने कहा कि भारत ने दिखा दिया है कि आतंकियों के पास अब भागने या छिपने की कोई जगह नहीं होगी। यदि पाकिस्तान आतंकवाद जारी रखता है, तो इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। धार्मिक असहिष्णुता पर शहबाज शरीफ के बयानों को भारत ने ढोंग बताया। गहलोत ने कहा कि जिस देश का मुख्य आधार ही ईशनिंदा कानून और कट्टरता रहा हो, वह दूसरों को सीख नहीं दे सकता। पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है, इसलिए खोखले बयानों से वैश्विक समुदाय को गुमराह नहीं किया जा सकता।

स्व. अशोक सिंघल की राष्ट्रसेवा को हमेशा याद रखा जाएगा: CM यादव

राष्ट्रसेवी स्व. अशोक सिंहल की सेवाएं याद रखी जाएंगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्व. सिंहल के जन्म शताब्दी वर्ष आयोजन और परिषद के सामाजिक समरसता कार्यक्रम में राज्य सरकार करेगी सहयोग भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रसेवी, विश्व हिंदू परिषद के शीर्ष नेता और सामाजिक समरसता, एकात्मकता की भावना सशक्त बनाने वाले स्व. अशोक सिंहल की सेवाएं सदैव याद रखी जाएंगी। मध्यप्रदेश सरकार विश्व हिंदू परिषद को स्व. सिंहल के जन्म शताब्दी वर्ष के आयोजन और सामाजिक समरसता कार्यक्रम के लिए समुचित सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नए रविन्द्र भवन सभाकक्ष में परिषद के पुरोधा और राष्ट्रवादी विचारधारा के वरिष्ठ नेता स्व. अशोक सिंहल के जन्म शताब्दी समारोह के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. सिंहल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी राष्ट्रसेवा और सुशासन के लिए आशीर्वाद दिया था।  जब हमारा राष्ट्र विभिन्न सामाजिक विसंगतियों से जूझ रहा था और एक समरस वातावरण की आवश्यकता थी, तब स्व. अशोक सिंहल ने एकात्मकता के भाव को सशक्त बनाने के ठोस प्रयास किए। भारतीय संस्कृति, राष्ट्रनीति और जातिगत सद्भाव को बढ़ाने में राष्ट्र के नागरिकों ने भी पूरा सहयोग दिया। आज  धारा 370 की समाप्ति और आतंकवाद, नक्सलवाद की समाप्ति जैसे कार्य हुए हैं। देश में तीव्र विकास का वातावरण बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में एक राष्ट्र, एक विधान, एक निशान की अवधारणा को जमीन पर उतारते हुए समान नागरिक संहिता लागू करने की पहल की गई। इसमें सभी समुदायों का व्यापक समर्थन मिला है। गौशालाओं को सहयोग, उन्नत नस्ल की बछिया देंगे, मथुरा में भगवान कृष्ण मुस्कराएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में घर-घर गोपाल का विचार लोकप्रिय हो रहा है। बड़ी गोशालाओं की स्थापना, शहरों में कांजी हाउस समाप्त कर देखभाल केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। वृद्ध गोवंश के लिए आहार की व्यवस्था की गई है। पंचायत स्तर तक गौपालक और गोवंश संरक्षण का कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रतिवर्ष उन्नत नस्ल की देसी बछिया वितरित करने का लक्ष्य है। गिर नस्ल के पशुधन से दूध के उत्पादन को बढ़ाने में सफलता मिलेगी। किसानों और पशुपालकों को इस समृद्धि का लाभ मिलेगा।  अयोध्या में भगवान राम मुस्करा रहे हैं। आने वाले समय में मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण मुस्कराएंगे। प्रदेश में जन्माष्टमी और गोवर्धन जयंती जैसे तीज त्यौहार मिलजुल कर मनाए जा रहे हैं। कार्यक्रम को रामप्रवेश देवाचार्य महाराज, गुफा मंदिर धाम, भोपाल और सुदेश शांडिल्य महाराज पीठाधीश्वर करुणाधाम आश्रम,विनायक राव देशपांडे, केंद्रीय सह संगठन महामंत्री,  चौधरी ओ.पी. गोदिया, राष्ट्रीय कार्यवाह अध्यक्ष, वाल्मीकि महासभा  और स्व. सिंहल के निकट सहयोगी परिषद के पूर्व पदाधिकारी और म.प्र. वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने संबोधित किया। कार्यक्रम में अशोक पांडे प्रान्त संघ संचालक, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पूज्य बुद्ध भूषण भदंत, रानी कमलापति बुद्ध विहार, विधायक रामेश्वर शर्मा के अलावा भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय भी उपस्थित थीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगठनों के पदाधिकारी और नागरिक मौजूद थे।  

भारत-अफगानिस्तान मैच में नहीं हुआ टॉस, बारिश से धुला मुकाबला; सेमीफाइनल में टीम इंडिया

 निशिन आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 की मेन्स क्रिकेट प्रतियोगिता में सोमवार (28 सितंबर) को भारतीय टीम का क्वार्टर फाइनल में सामना अफगानिस्तान से होना था. लेकिन बारिश और गीली आउटफील्ड ने पूरा खेल बिगाड़ दिया. निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में होने वाले इस मुकाबले को बिना टॉस कराए ही रद्द करना पड़ा।  इसी के साथ ही भारतीय मेन्स क्रिकेट टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई. भारतीय टीम बेहतर रैंकिंग के आधार पर सेमीफाइनल में पहुंची है. बता दें कि भारत आईसीसी की टी20 रैंकिंग में पहले और अफगानिस्तान 10वें नंबर पर है. भारतीय टीम 1 अक्टूबर को इसी मैदान पर सेमीफाइनल मुकाबला खेलेगी।  भारत का किससे होगा सेमीफाइनल? सेमीफाइनल में भारतीय टीम का सामना श्रीलंका और नेपाल के बीच होने वाले तीसरे क्वार्टर फाइनल के विजेता से होगा. इससे पहले पाकिस्तान और हॉन्ग कॉन्ग का भी क्वार्टर फाइनल मैच धुल गया था, जिसके चलते पाकिस्तानी टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई थी. पाकिस्तानी टीम सेमीफाइनल में बांग्लादेश या मलेशिया से खेलेगी।  बता दें कि भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश को सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह मिली थी. वहीं नेपाल, जापान, अफगानिस्तान, हॉन्ग कॉन्ग, मलेशिया और ओमान को ग्रुप मुकाबले खेलने पड़े थे. ग्रुप-ए से नेपाल और अफगानिस्तान ने क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालिफाई किया था. वहीं ग्रुप-बी से मलेशिया और हॉन्ग कॉन्ग ने अंतिम-8 में जगह बनाई थी।  एशियन गेम्स में मेन्स क्रिकेट मैचों के शेड्यूल 28 सितंबर- पाकिस्तान बनाम हॉन्ग कॉन्ग, बेनतीजा 28 सितंबर- भारत बनाम अफगानिस्तान, 29 सितंबर- श्रीलंका बनाम नेपाल, सुबह 5.30 बजे 29 सितंबर- बांग्लादेश बनाम मलेशिया, सुबह 10.00 बजे 1 अक्टूबर- पहला सेमीफाइनल (पाकिस्तान vs TBC), सुबह 5.30 बजे 1 अक्टूबर- दूसरा सेमीफाइनल (भारत vs TBC), सुबह 10.00 बजे 3 अक्टूबर- ब्रॉन्ज मेडल मैच, सुबह 5.30 बजे 3 अक्टूबर- फाइनल (गोल्ड मेडल मैच), सुबह 10.00 बजे अफगानिस्तान का स्क्वॉड: मोहम्मद अकरम, हसन ईसाखिल, करीम जनत, फैसल शिनोजादा, नजीबुल्लाह जादरान, मोहम्मद इशाक (विकेटकीपर), दरविश रसूली (कप्तान), नांगेयालिया खरोटी, अब्दुल्ला अहमदजई, फरीदून दाऊदजई, अरब गुल, इस्मत आलम, फरमानुल्लाह सफी, खालिद तानिवाल और इमरान मीर. भारत का स्क्वॉड: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, जसप्रित बुमरा, वॉशिंगटन सुंदर, यश ठाकुर, वैभव सूर्यवंशी और विप्रज निगम.

शेयर बाजार में भारी गिरावट, Sensex 850 अंक लुढ़का; निवेशकों में मचा हड़कंप

मुंबई   घरेलू शेयर बाजार के लिए हफ्ते का पहला दिन बेहद खराब साबित हुआ. सोमवार 28 सितंबर को बाजार खुलते ही निवेशकों को तगड़ा झटका लगा. सेंसेक्स शुरुआती मिनटों में ही 850 अंक से ज्यादा नीचे लुढ़क गया. इसकी सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग मानी जा रही है. दरअसल अमेरिका ईरान के बीच चल रही तनातनी से कच्चे तेल का भाव 106 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।  कच्चे तेल में लगी आग का असर ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है. ब्रेंट फ्यूचर्स 2.1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 106.49 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. इस महीने में अब तक इसकी कीमतों में लगभग 18 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हो चुकी है. वहीं अमेरिकी क्रूड फ्यूचर्स भी 1.5 प्रतिशत बढ़कर 93.84 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है. कच्चे तेल के इस उबाल ने सीधे तौर पर भारतीय शेयर बाजार का सेंटीमेंट बिगाड़ दिया. सोमवार सुबह गिफ्ट निफ्टी 23,111 अंकों पर था, जिससे साफ हो गया था कि बाजार की शुरुआत बहुत सुस्त रहने वाली है. जैसे ही 9:15 बजे ट्रेडिंग शुरू हुई, हालात तेजी से बिगड़े. महज दो मिनट के भीतर 9:17 बजे सेंसेक्स 512 अंक टूटकर 73,383.70 पर आ गया. गिरावट का ये सिलसिला यहीं नहीं थमा, बल्कि 9:40 बजे तक सेंसेक्स 870 अंक का गोता लगा चुका था।  अमेरिका ईरान के बीच बढ़ा तनाव बाजार में मची इस तबाही के पीछे वैश्विक टेंशन मुख्य कारण है. अमेरिका ईरान के बीच शांति वार्ता फिलहाल पूरी तरह से अधर में लटक गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हरमुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के ईरानी प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. ट्रंप का कहना है कि ईरान सिर्फ समझौता करने के लिए बेताब है. वहीं ईरान का स्पष्ट रुख है कि इस विवाद को केवल कूटनीति से सुलझाया जा सकता है. मध्य पूर्व में हालात तब से ज्यादा खराब हैं जब फरवरी के अंत में अमेरिका इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमले किए थे. इस युद्ध ने तेल बाजार को पूरी तरह से अनिश्चितता में धकेल दिया है।  बाजार खुलते ही Sensex-Nifty में तेज गिरावट सोमवार को कारोबार की शुरुआत कमजोर रही। BSE Sensex शुक्रवार के 73,895.74 के स्तर से 73,734 के आसपास खुला और शुरुआती कारोबार में गिरावट बढ़ गई। कुछ ही देर में सेंसेक्स 73,000 के स्तर से नीचे चला गया और करीब 850 अंक तक फिसलता दिखाई दिया। NSE Nifty 50 भी दबाव में रहा। शुक्रवार को 23,140.50 पर बंद हुआ निफ्टी सोमवार को 23,000 के नीचे चला गया। शुरुआती कारोबार में इंडेक्स करीब 22,900 के आसपास कारोबार करता नजर आया। बैंकिंग और IT शेयरों पर भी दबाव बाजार में बिकवाली का असर कई प्रमुख सेक्टरों में दिखाई दिया। बैंकिंग और आईटी शेयरों में दबाव ने प्रमुख इंडेक्स की गिरावट को और बढ़ाया। इससे पहले भी बाजार में लगातार कमजोरी के बीच विदेशी निवेशकों की बिकवाली और महंगे कच्चे तेल को प्रमुख चिंता के तौर पर देखा जा रहा था। आपके मूल ड्राफ्ट में दिए गए ₹6 लाख करोड़ से ज्यादा मार्केट-कैप घटने के आंकड़े को प्रकाशित करने से पहले उसी समय के BSE market-cap डेटा से दोबारा मिलाना बेहतर रहेगा, क्योंकि शुरुआती कारोबार में यह आंकड़ा लगातार बदलता है। क्यों गिर रहा है शेयर बाजार? बाजार की ताजा गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजहों में अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल शामिल है। सोमवार को रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की उस पहल को खारिज कर दिया, जिसमें संघर्ष खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का प्रस्ताव शामिल था। इसके बाद तेल बाजार में फिर दबाव बढ़ा। Brent crude शुरुआती कारोबार में करीब $106 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। भारत के लिए महंगा कच्चा तेल चिंता का विषय है, क्योंकि इससे आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बनी चिंता भारतीय बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी सेंटीमेंट पर असर डाल रही है। 25 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने करीब ₹3,693.93 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने करीब ₹2,838 करोड़ की खरीदारी की थी। सितंबर में अब तक FII की बिकवाली भी काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। इससे पहले 25 सितंबर को खत्म सप्ताह में Sensex 0.54% और Nifty 0.88% नीचे रहा था। दोनों बेंचमार्क लगातार सातवें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुए थे। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली बाजार को कमजोर करने में विदेशी निवेशकों (FII) का भी बड़ा हाथ है. विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं. आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने 36.94 अरब रुपये (385.54 मिलियन डॉलर) के शेयर बेचे. इस महीने अब तक उन्होंने 1.8 अरब डॉलर की निकासी कर ली है. अगर इस पूरे साल की बात करें तो ये आंकड़ा 25.86 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है. इसी भारी बिकवाली की वजह से निफ्टी 50 व बीएसई सेंसेक्स लगातार सात सत्रों तक गिरे थे, जो रिकॉर्ड पर उनकी सबसे लंबी गिरावट में से एक है।  शुक्रवार की तेजी पर फिरा पानी सोमवार की इस भारी गिरावट ने शुक्रवार की रिकवरी को पूरी तरह से धो दिया. पिछले हफ्ते शुक्रवार को बाजार में थोड़ी राहत देखने को मिली थी. तब बैंकिंग, ऑटो, गैस शेयरों में खरीदारी के दम पर सेंसेक्स 315.20 अंक चढ़कर 73,895.74 पर बंद हुआ था. उस दिन निफ्टी ने भी 77.40 अंकों की छलांग लगाई थी. शुक्रवार को एक्सिस बैंक, महिंद्रा, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस जैसे शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई थी. इनमें एक्सिस बैंक सबसे ज्यादा 2.82 प्रतिशत चढ़ा था. लेकिन सोमवार को खुलते ही इस सारी बढ़त पर पानी फिर गया. निवेशकों का भरोसा डगमगाया हुआ है, जिससे बाजार में आगे भी काफी उतार-चढ़ाव रहने की आशंका बनी हुई है।