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पितृपक्ष में 28 सितंबर को द्वितीया श्राद्ध, जानें कुतुप काल और पूजा विधि

 पितृपक्ष में 28 सितंबर को द्वितीया तिथि का श्राद्ध किया जाएगा. इस दिन उन पितरों का श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मृत्यु हिंदू पंचांग के अनुसार किसी भी महीने के कृष्ण पक्ष या शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को होती है. इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं. मान्यता है कि चावल, दूध, शहद, घी और काले तिल से बना पिंड पाकर हमारे पितृ शांत होते हैं और अपनी कृपा बनाए रखते हैं. द्वितीया तिथि श्राद्ध आश्विन कृष्ण द्वितीया तिथि 27 सितंबर को रात 08 बजकर 58 मिनट से लेकर 28 सितंबर को शाम 07 बजकर 13 मिनट तक रहेगी. ऐसे में उदिया तिथि के अनुसार, द्वितीया तिथि का श्राद्ध 28 सितंबर दिन सोमवार को किया जाएगा. श्राद्ध और तर्पण का श्रेष्ठ मुहूर्त शास्त्रों में पितरों के तर्पण और श्राद्ध के लिए कुतुप वेला को सबसे उत्तम माना गया है. यह समय दोपहर के आस-पास पड़ता है. 28 सितंबर को कुतुप काल दोपहर 11:48 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक रहेगा. लेकिन अलग-अलग शहरों में इसका समय एक-दूसरे से थोड़ा अलग हो सकता है. इसलिए पंचांग देखकर समय सुनिश्चित कर लें. द्वितीया तिथि के श्राद्ध की विधि? द्वितीया तिथि के श्राद्ध में आटे, चावल या जौ से बनाए गए गोल पिंड पितरों को अर्पित करने की परंपरा है. पिंडदान करने के बाद जल में काले तिल मिलाकर पितरों का तर्पण किया जाता है. पितरों का तर्पण करते वक्त हाथ में कुशा जरूर रखें. कुश एक प्रकार की घास होती है, जिसकी अंगूठी बनाकर दाएं हाथ की अनामिका उंगली में पहनी जाती है. श्राद्ध के बाद गरीब ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दान-दक्षिणा दें. आखिर में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें. श्राद्ध के दौरान गाय, कुत्ते, कौवे और चींटियों के लिए भोजन का एक अंश निकालकर अलग रख दिया जाता है, जिसे पंचबलि कहा जाता है. कहते हैं कि इन जीवों के माध्यम से हमारे पितृ भोजन ग्रहण करते हैं और प्रसन्न होते हैं. इससे पितृ दोष समाप्त हो जाता है और उन्हें शांति मिलती है.

अक्टूबर में बनेंगे कई दुर्लभ राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

जल्द ही अक्टूबर का महीना शुरू होने वाला है. अक्टूबर 2026 का महीना वैदिक ज्योतिष के दृष्टिकोण से बेहद हलचल भरा और दुर्लभ राजयोगों का निर्माण करने वाला रहेगा. इस महीने कई बड़े ग्रह अपनी चाल और राशि बदलकर अत्यंत शुभ योगों का निर्माण करेंगे. आइए जानते हैं अक्टूबर 2026 में कौन सी तारीख को कौन सा ग्रह राजयोग बनाएगा और किन राशियों को इसका सबसे बड़ा लाभ मिलेगा. बुधादित्य राजयोग (17 अक्टूबर 2026) ग्रह व स्थिति: 17 अक्टूबर को सूर्य देव कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे, जहाँ बुध देव पहले से ही विराजमान रहेंगे. सूर्य और बुध की इस युति से 'बुधादित्य राजयोग' का निर्माण होगा. लक्ष्मी नारायण राजयोग (20 अक्टूबर 2026) ग्रह व स्थिति: 20 अक्टूबर को धन, वैभव व सौंदर्य के कारक शुक्र देव अपनी स्वराशि तुला में गोचर करेंगे, जहाँ बुध पहले से मौजूद होंगे. जब भी बुध और शुक्र एक साथ आते हैं, तो 'लक्ष्मी नारायण राजयोग' बनता है. मालव्य राजयोग (20 अक्टूबर 2026) ग्रह व स्थिति: 20 अक्टूबर को शुक्र देव अपनी स्वयं की राशि तुला में प्रवेश कर केंद्र भाव को प्रभावित करेंगे. जब शुक्र अपनी स्वराशि या उच्च राशि में होकर केंद्र भाव (1, 4, 7, 10) में विराजमान होते हैं, तो पंच महापुरुष योगों में से एक 'मालव्य राजयोग' बनता है. त्रिग्रही शुभ योग (04 अक्टूबर से 06 अक्टूबर 2026) ग्रह व स्थिति: 4 अक्टूबर को चंद्रमा का प्रवेश कर्क राशि में होगा, जहाँ देवगुरु बृहस्पति और मंगल देव पहले से विराजमान रहेंगे. गुरु, मंगल और चंद्र की इस त्रिकोणीय युति से त्रिग्रही शुभ योग का निर्माण होगा. देवगुरु बृहस्पति का सिंह राशि में महागोचर (31 अक्टूबर 2026) ग्रह व स्थिति: 31 अक्टूबर को ज्ञान और समृद्धि के कारक देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) कर्क राशि से निकलकर मित्र ग्रह सूर्य की राशि सिंह में प्रवेश करेंगे. सिंह राशि में गुरु का आगमन एक अत्यंत शक्तिशाली शुभ स्थिति का निर्माण करेगा. ये राशियां पाएंगी लाभ कर्क राशि (Cancer) कर्क राशि के जातकों के लिए अक्टूबर का महीना किस्मत के नए दरवाजे खोलने वाला है. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन (पदोन्नति), इंक्रीमेंट और मनचाहा ट्रांसफर मिल सकता है. निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास में अद्भुत सुधार देखने को मिलेगा. आर्थिक तंगी पूरी तरह दूर होगी और आय के नए स्रोत बनेंगे. सिंह राशि (Leo) अक्टूबर के अंत में देवगुरु बृहस्पति का आपकी ही राशि में प्रवेश आपके लिए स्वर्णिम काल की शुरुआत करेगा. लंबे समय से अटके या रुके हुए काम तेजी से पूरे होने लगेंगे. विदेश यात्रा या उच्च शिक्षा से जुड़े सपने पूरे होंगे. व्यापार में अचानक बड़ा धन-लाभ होगा और संतान पक्ष से कोई बड़ी खुशखबरी मिलेगी. तुला राशि (Libra) अक्टूबर का महीना तुला राशि वालों के लिए अब तक का सबसे बेहतरीन महीना साबित हो सकता है. समाज में पद, प्रतिष्ठा और आकर्षण में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी. नया वाहन, संपत्ति या लग्जरी वस्तुएं खरीदने के मजबूत योग बनेंगे. बिजनेस करने वालों को नए प्रोजेक्ट्स और पार्टनरशिप से भारी मुनाफा होगा. वृश्चिक राशि (Scorpio) वृश्चिक राशि वालों के लिए अक्टूबर का महीना आर्थिक दृष्टिकोण से सबसे ज्यादा फायदेमंद रहेगा. वर्षों से अटका हुआ या फंसा हुआ पैसा वापस मिलेगा. शेयर बाजार, रियल एस्टेट या पुराने निवेश से बंपर रिटर्न (मुनाफा) मिलने की संभावना है. कार्यस्थल पर आपकी कार्यशैली और लीडरशिप की जमकर तारीफ होगी.

भोपाल में अमित शाह के दौरे की तैयारी तेज, DGP ने अधिकारियों संग की समीक्षा

भोपाल  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित मध्य प्रदेश दौरे और तीन अक्टूबर से आयोजित होने वाली नवीन आपराधिक कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी की तैयारियों की डीजीपी कैलाश मकवाणा ने रविवार को पुलिस मुख्यालय में समीक्षा की। बैठक में साइबर अपराध, कानून-व्यवस्था, आतंकवाद प्रतिरोध, माओवादी समस्या उन्मूलन, पुलिस आधुनिकीकरण और पड़ोसी राज्यों के साथ सुरक्षा समन्वय सहित पुलिसिंग के विभिन्न विषयों पर अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण दिए। अधिकारियों ने ई-जीरो एफआईआर, 1930 साइबर हेल्पलाइन, साइबर कमांडो प्रशिक्षण और सेफ क्लिक अभियान की जानकारी दी। सेफ क्लिक के माध्यम से 8.6 करोड़ लोगों तक पहुंच बनाए जाने की जानकारी दी गई। ई-साक्ष्य, न्याय श्रुति, ई-समन, फॉरेंसिक सेवाओं और 57 मोबाइल फोरेंसिक वैन की जानकारी भी दी गई। विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज श्रीवास्तव ने प्रदर्शनी की तैयारियों की जानकारी दी। इसमें अपराध घटित होने से नागरिक को न्याय मिलने तक की प्रक्रिया को पुलिस, एफएसएल, अभियोजन और जेल की भूमिका के साथ प्रदर्शित किया जाएगा। प्रदर्शनी करीब पांच दिन चलेगी और तीन अक्टूबर से आम नागरिकों के लिए शुरू होगी।

मध्य प्रदेश में मानसून विदाई की उल्टी गिनती, बारिश का कोटा 95.8% पूरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून अब आखिरी दौर में पहुंच गया है। प्रदेश में सीजन की कुल बारिश 37.7 इंच हो चुकी है, जो सामान्य कोटे का 95.8 प्रतिशत है। सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचने के लिए अब सिर्फ 0.2 प्रतिशत पानी की जरूरत है। अगले तीन-चार दिन में कहीं हल्की बारिश भी होती है तो प्रदेश सामान्य बारिश की श्रेणी में पहुंच सकता है। इसी बीच मानसून की विदाई की उल्टी गिनती भी शुरू हो गई है। मौसम केंद्र, भोपाल के अनुसार, अगले चार दिन प्रदेश में भारी या अति भारी बारिश की संभावना नहीं है। सोमवार से बारिश की गतिविधियां कमजोर रहेंगी। मंगलवार से उज्जैन, इंदौर और ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज धूप का असर दिखाई देने लगेगा। आने वाले दिनों में प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में मौसम साफ रहने के आसार हैं। मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई एक सप्ताह के अंदर होने लगेगी। मौसम केंद्र (IMD), भोपाल के मुताबिक- अगले 4 दिन प्रदेश के किसी भी जिले में अति भारी या भारी बारिश होने का अनुमान नहीं है। मंगलवार से उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज धूप खिलेगी। रविवार तक प्रदेश में औसत 37.7 इंच बारिश हो गई, जो कोटे की 95.8 प्रतिशत है। 0.2% बारिश होने के बाद प्रदेश 'सामान्य बारिश' की कैटेगिरी में आएगा। 3 दिन में यदि कहीं हल्की बारिश भी हुई तो प्रदेश सामान्य बारिश की कैटेगिरी में आ सकता है। 48 घंटे की तेज बारिश के बाद थमा दौर पिछले दिनों गहरे अवदाब के असर से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में करीब 48 घंटे तक तेज बारिश हुई। कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ा और बांधों के गेट खोलने पड़े। रविवार से मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने लगी, जिसके बाद भारी बारिश का दौर थम गया। भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई शहरों में रविवार को धूप-छांव की स्थिति रही। अब बारिश की गतिविधि कमजोर होने के साथ तापमान बढ़ने और धूप तेज होने की संभावना है। पूर्वी एमपी में बारिश का आंकड़ा बेहतर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग की औसत बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2 से 20 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी हिस्से में स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। इन जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। 48 घंटे भारी बारिश, फिर कमजोर हुआ सिस्टम गहरे अवदाब की वजह से 48 घंटे तक प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अति भारी या भारी बारिश का दौर बना रहा। इस वजह से नदियां उफान पर आ गईं, जबकि कई डैम के गेट भी खुल गए। रविवार से सिस्टम कमजोर होने लगा और भारी बारिश का दौर थमा रहा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई जिलों में धूप-छांव वाला मौसम रहा। सोमवार से सिस्टम की एक्टिविटी नहीं होने से कई जिलों में तीखी धूप खिलेगी। तीसरे दिन आधे से ज्यादा हिस्से में धूप खिलेगी। इसी बीच मानसून की विदाई भी शुरू होने का अनुमान है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। अधिकांश जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है, लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 2% से 20% तक कम बारिश हुई है। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है। इन 23 जिलों में ज्यादा बारिश IMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में अबकी बार सामान्य की 100 प्रतिशत बारिश होने की उम्मीद कम है। जून की कमी पूरी नहीं हो पाई इस मानसून सीजन में जून की कम बारिश का असर अब भी कुल आंकड़े में दिखाई दे रहा है। जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन बाद में मानसून के दो ब्रेक आए और कई दिनों तक बारिश गतिविधियां कमजोर रहीं। जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश से कमी काफी हद तक कम हुई। सितंबर के आखिरी दौर में भी तेज बारिश हुई, लेकिन जून की पूरी कमी की भरपाई नहीं हो सकी। प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश है। प्रदेश में सीजन की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच के बीच रहती है। अब मानसून की विदाई से पहले होने वाली हल्की बारिश ही प्रदेश को सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचा सकती है।  

LPU हिंसा पर महिला आयोग सख्त, DC-SSP से मांगी रिपोर्ट; यूनिवर्सिटी में छुट्टी,इंटरनेट बंद

फगवाड़ा/जालंधर सोमवार सुबह LPU के बाहर हाईवे पर आवाजाही सामान्य है। यूनिवर्सिटी के बाहर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है। डीजीपी गौरव यादव ने यूनिवर्सिटी पहुंचकर मीडिया से बात की। एसएसपी गौरव तूरा ने पुलिस फोर्स को गाइड किया। पंजाब से BJP के राज्यसभा मेंबर अशोक मित्तल की फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हुए बवाल के बाद अगले आदेश तक यहां इंटरनेट बंद कर दिया गया है। किसी तरह के भड़काऊ वीडियो से माहौल फिर खराब न हो, इसके लिए ये आदेश दिए गए हैं।  छात्र प्रदर्शन के बीच डीजीपी गौरव यादव खुद स्थिति का जायजा लेने एलपीयू पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को हिंसा और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। डीजीपी ने कहा कि मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। डीजीपी ने बताया कि छात्रों और यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट के बीच आज फिर बैठक होगी। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों की बात सुनी जाएगी और उनकी समस्याओं को मैनेजमेंट के सामने रखा जाएगा। वहीं, पुलिस के मुताबिक देर रात कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ते हुए पुलिस और मीडिया की गाड़ियों पर पथराव किया तथा तोड़फोड़ की। इस संबंध में जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है। डीजीपी ने पुलिस कमिश्नर और एसएसपी को निर्देश दिए कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जो भी दोषी मिले, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और मीडिया से भी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही खबर प्रकाशित करने की अपील की।  वहीं CM भगवंत मान ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उनके निर्देश पर DGP गौरव यादव ने यूनिवर्सिटी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद DGP ने कहा- पुलिस ने मिनिमम फोर्स यूज की। स्टूडेंट्स से बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की कोशिश की गई। अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बना दी गई है। वहीं हंगामे के बाद LPU को 10 दिन के लिए बंद कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी ने कहा है कि जो स्टूडेंट्स अपने घर जाना चाहते हैं, वह पेरेंट्स को बुला लें। जो स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी में ही रुकना चाहते हैं, वे बेवजह हॉस्टल से न निकलें। केवल जरूरी काम के लिए ही हॉस्टल से बाहर आएं। यूनिवर्सिटी में मिड-टर्म एग्जाम रद्द कर दिए गए। इसके अलावा, रविवार सुबह करीब 6 बजे से करीब 18 घंटे तक जाम रहा दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे रविवार रात करीब 12 बजे खुल गया। इसी बीच हंगामे के दौरान मॉल से सामान लूटा गया, अज्ञात लड़कों ने गर्ल्स हॉस्टल में घुसने की कोशिश की। बता दें कि यूनिवर्सिटी में छात्रा से रेप का मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शनिवार-रविवार की दरमियानी रात बवाल शुरू हुआ था, जो रविवार आधी रात को थमा। इस दौरान यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ हुई। इस माहौल को शांत करने के लिए पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले भी दागे। छात्रों ने भी पुलिस की गाड़ियां फूंक दीं, पथराव किया। अब स्थिति पुलिस के कंट्रोल में है और यूनिवर्सिटी में पुलिसबल तैनात है। पुलिस ने छात्रों की मांग पर यूनिवर्सिटी में छात्रा से रेप की FIR दर्ज कर ली है। रेप के मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का भी गठन किया है, जिसमें 5 स्टूडेंट्स हैं। DIG नवीन सिंगला ने छात्रों का भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच की जाएगी। शाह की जालंधर में रैली से पहले जानबूझकर तो नहीं भड़काई गई हिंसा: बलियावाल पंजाब भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रितपाल सिंह बलियावाल ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के बवाल पर सवाल उठाया है। बलियावाल ने कहा कि एलपीयू में जो कुछ भी हो रहा है, वह पंजाब में कानून और व्यवस्था की एक गंभीर विफलता है। कैंपस में हिंसा, तोड़फोड़ और झड़पों की खबरों ने आम आदमी पार्टी सरकार के स्थिति से निपटने के तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।   ऐसी प्रामाणिक रिपोर्टें आ रही हैं कि बाहरी लोग हथियारों या संचार उपकरणों के साथ परिसर में दाखिल हुए थे। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे कौन थे, उन्हें किसने भेजा था और उनका मकसद क्या था? इस बात पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या इस अशांति को जानबूझकर भड़काया गया था और क्या इसका 30 सितंबर को होने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के कार्यक्रम से कोई संबंध है? इन दावों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। भाजपा के 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' कार्यक्रमों के दौरान भी पंजाब आप कार्यकर्ताओं की ऐसी ही हरकतें देख चुका है। पंजाब की जनता तथ्यों, जवाबदेही और एक पारदर्शी जांच की हकदार है! पंजाब देख रहा है। भारत देख रहा है। बाहर से आए लोगों ने की तोड़फोड़ विशाल कुमार नाम के एक छात्र ने एजेंसी को बताया कि छात्र विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन रात को बाहर से बड़ी संख्या में लोग मास्क पहनकर आए और स्थिति हिंसक हो गई। कैंपस में तोड़-फोड़ हुई। वे एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में जाकर सब कुछ तोड़-फोड़ रहे थे। वे छात्र नहीं थे। रात में बहुत हिंसा हुई। फिर हमें यूनिवर्सिटी से 10 दिन की छुट्टी का मैसेज मिला। अब सब घर जा रहे हैं। सुरक्षा एक चिंता का विषय है। कल रात के मंजर बहुत डरावने थे।   दातर के साथ पकड़े पांच युवक छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर 27वीं बटालियन की कमांडेंट गुरमीत कौर ने बताया कि पांच युवकों को पकड़ा गया है। उनके पास से एक 'दातर' और एक वॉकी-टॉकी सेट बरामद किया गया है। अब उनसे पूछताछ की जाएगी।   डीआईजी-एसएसपी की गाड़ियां तोड़ी शनिवार देर रात शुरू हुए हंगामे के बाद रविवार देर रात पुलिस के लाठीचार्ज के बाद हालात तेजी से बिगड़े। छात्रों ने पुलिस पर पथराव किया और पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला और एसएसपी की गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त कर दी गईं। कई अन्य पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ हुई और कई वाहनों में आग लगाए जाने की सूचना है। तनाव को देखते हुए 5 हजार से ज्यादा पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं।  

CM भजनलाल का आज भरतपुर दौरा, 8 जिलों को 1,109 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

भरतपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज भरतपुर और खैरथल-तिजारा जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे पूर्वी राजस्थान के 8 जिलों को कई बड़ी सौगात देंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 1,109 करोड़ रुपए की लागत वाले 345 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण करेंगे। इनमें भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर, अलवर, कोटपुतली-बहरोड़ और खैरथल-तिजारा जिले शामिल हैं। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सुबह 11.50 बजे जयपुर से हेलीकॉप्टर से बयाना पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे उपखण्ड बयाना की ग्राम पंचायत बिडयारी पहुंचकर नायरा पेट्रोल पंप के पास विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण करेंगे। साथ ही जनसभा को संबोधित करेंगे। इस मौके पर सीएम भजनलाल शर्मा 8 जिलों को 1,109 करोड़ की सौगात देंगे। वे 345 विकास कार्यों का शिलान्यास-लोकार्पण करेंगे। दोपहर 1 से 2 बजे तक वे कार्यकर्ताओं के साथ संवाद भी करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर 2.45 बजे हेलीकॉप्टर से खैरथल-तिजारा के लिए रवाना होंगे। यहां इस्माइलपुर रोड स्थित होटल ग्रीनलैंड में भाजपा के 'कार्यकर्ता-संवाद' कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान वे पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे। पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री का सम्मान भी किया जाएगा। इस दौरान केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहेंगे। इन विकास कार्यों का करेंगे शिलान्यास सवयार्ड ग्राम निठार, भुसावर में भूमि समतलीकरण एवं चारदीवारी तथा किसान पथ नगला गुठाकर से नयागाँव की सीमा तक कृषि उपज मण्डी समिति, वैर के निर्माण कार्य (लागत राशि 2.15 करोड़ रुपए) सार्वजनिक निर्माण विभाग के 125 कार्य (लागत राशि 185.20 करोड़ रुपए) ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के 7 कार्य (लागत राशि 1.56 करोड़ रुपए) स्कूल शिक्षा विभाग के 13 कार्य (लागत राशि 27.72 करोड़ रुपए) यूडब्ल्यूएसएस नदबई का विस्तार कार्य (लागत राशि 6.47 करोड़ रुपए) जल संसाधन विभाग के 6 कार्य (लागत राशि 44.35 करोड़ रुपए) चुली एवं अनियाला में 33 केवी सब स्टेशन के निर्माण कार्य (लागत राशि 2.55 करोड़ रुपए) ट्रोमा सेन्टर एवं MCH अस्पताल का निर्माण कार्य (लागत राशि 160.15 करोड़ रुपए) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के 20 कार्य (लागत राशि 96.58 करोड़ रुपए) नगरीय विकास विभाग के 3 कार्य (लागत राशि 13.43 करोड़ रुपए) पशु चिकित्सा उपकेन्द्रों बिचपुरी गुजरान, दरगमां एवं बालौती के भवन निर्माण कार्य नवीनीकरण एवं सौंर्दीकरण सड़क, भिवाड़ी से खिजुरीवास टोल, भिवाड़ी (लागत राशि 40 करोड़ रुपए) कठूमर से डेहरा मोड (वाया मसारी, भरीथल होते हुए अटारी) सड़क का चौड़ाईकरण (18 किमी.) (कठूमर, नदबई) -अलवर, भरतपुर (लागत राशि 11 करोड़ रुपए) विधानसभा क्षेत्र थानागाजी में मिसिंग लिंक सड़कों के 16 कार्य (लागत राशि 9 करोड़ रुपए) नयागाँव बोलका से धौलान टहला, राजगढ़ SH-25 तक 11 किमी सड़क निर्माण कार्य (थानागाजी) – अलवर (लागत राशि 5 करोड़ रुपए) इन विकास कार्यों का होगा लोकार्पण     ऊर्जा विभाग के 14 कार्य (लागत राशि 273.48 करोड़ रुपए) जल संसाधन विभाग के 11 कार्य (लागत राशि 128.20 करोड़ रुपए) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के 11 कार्य (लागत राशि 11.96 करोड़ रुपए) सार्वजनिक निर्माण विभाग के 6 कार्य (लागत राशि 24.84 करोड़ रुपए) उच्च प्राथमिक विद्यालय, नागला केवाल के निर्माण कार्य (लागत राशि 1.10 करोड़ रुपए) ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के 10 कार्य (लागत राशि 1.24 करोड़ रुपए) राजकीय कन्या महाविद्यालय, बाडी में निर्माण कार्य (लागत राशि 7.50 करोड़ रुपए) राजकीय आयुर्वेद औषधालय धौर एवं कासिमपुर के भवन निर्माण कार्य वन विभाग के 5 कार्य बायो परीक्षण प्रयोगशाला एवं संयुक्त निदेशक कार्यालय के भवन निर्माण कार्य (लागत राशि 2.42 करोड़ रुपए) पशु चिकित्सालय उदई खुद एवं अनियाला के नवीन भवन के निर्माण कार्य सीसी अटल पथ का निर्माण, ईशाक हाउस से सरकारी अस्पताल ग्राम इस्माइलपुर तक (लागत राशि 2 करोड़ रुपए) सीसी अटल पथ का निर्माण, SH-14 राय मोड़ से हरी टेलर से भावनी बड़सिवा, ग्राम ततरपुर (लागत राशि 2 करोड़ रुपए) बी.टी. सड़क निर्माण कार्य, अलावपुर बासवा से चम्मुनी ढाणी से धनियों सैयद रोड अटल प्रगति पथ का निर्माण, नाई हाउस से टाइल ग्राम गुवालड़ा (लागत राशि 2 करोड़ रुपए)

विनय कुमार के VRS के बाद बिहार में नए DGP की कवायद तेज, वरिष्ठ IPS के नामों पर मंथन

पटना पुलिस महानिदेशक विनय कुमार की स्वैच्छिक सेवानिवृति के बाद बिहार के नए डीजीपी की तलाश तेज हो गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, सरकार को नए डीजीपी का चयन करने के लिए यूपीएससी के नये पैनल का इंतजार है। कार्यकारी व्यवस्था के तहत वर्तमान पैनल में से सबसे वरिष्ठ आईपीएस प्रीता वर्मा को कार्यवाहक डीजीपी बनाया जा सकता है। गौर हो कि विनय कुमार निजी कारणों का हवाला देते हुए 15 सितंबर से 05 अक्तूबर 2026 तक 21 दिनों की छुट्टी पर गए थे। इस दौरान 1991 बैच की आईपीएस प्रीता वर्मा को डीजीपी का प्रभार सौंपा गया था। सूत्रों की मानें तो राज्य में डीजीपी का चयन केंद्र व राज्य सरकार के समन्वय से होता है। डीजीपी चयन को लेकर 30 साल की सेवा अवधि पूरी कर चुके आईपीएस का नाम वर्तमान की सेवानिवृति के कम से कम तीन माह पूर्व भेजना होता है। मगर विनय कुमार के सितंबर में ही स्वैच्छिक सेवानिवृति लेने की वजह से केंद्र और राज्य सरकार आपसी समन्वय से इस पर निर्णय लेगी। राज्य सरकार से मिली अनुशंसा के आधार पर यूपीएससी आईपीएस अधिकारियों की वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड, नेतृत्व अनुभव और शेष कार्यकाल को ध्यान में रखते हुए अंतिम तीन नाम का पैनल तैयार कर राज्य सरकार को भेजती है। राज्य सरकार को उनमें से ही किसी एक को डीजीपी चुनना होता है। बता दें कि बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने दिसंबर में होने वाली सेवानिवृत्ति से पहले ही भारतीय पुलिस सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले ली है। बिहार सरकार ने उनका वीआरएस तत्काल प्रभाव से मंजूर करते हुए उन्हें बिहार का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त भी कर दिया था। राज्य गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी वियन कुमार ने 25 सितंबर को वीआरएस के लिए आवेदन किया था। सरकार ने तीन महीने के नोटिस की अनिवार्य अवधि में छूट देते हुए उनका आवेदन तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया था। उनका डीजीपी के रूप में कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा होना था। सामान्य प्रशासन विभाग की अलग अधिसूचना के अनुसार, विनय कुमार को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से बिहार का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया है। विनय कुमार सितंबर के मध्य से अवकाश पर थे। उनकी अनुपस्थिति में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा को बिहार के कार्यवाहक डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। इस घटनाक्रम के साथ बिहार में नए नियमित डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण हो गई है। राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम केंद्र को भेजे जाने और उसके बाद संघ लोक सेवा आयोग की प्रक्रिया के तहत नए डीजीपी के चयन की कवायद चल रही है।

यूपी में बजट खर्च पर योगी की सख्ती, विभागों को 60% व्यय सुनिश्चित करने का टारगेट

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में बजट प्राविधानों के सापेक्ष वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने और व्यय की गति तेज करने के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी ने सुस्त विभागों पर सख्ती दिखाई उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष की पहली छमाही समाप्त हो रही है, ऐसे में जिन विभागों में बजट खर्च की गति अपेक्षित नहीं है, वहां तत्काल सुधार किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अगले दो माह में हर हाल में 70 प्रतिशत वित्तीय स्वीकृतियां जारी हों और कुल आवंटित बजट के सापेक्ष कम से कम 60 प्रतिशत व्यय सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री रविवार शाम को एक महत्वपूर्ण बैठक में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की उपस्थिति में चालू वित्तीय वर्ष के बजट प्राविधानों, वित्तीय स्वीकृतियों और वास्तविक व्यय की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में प्रदेश के सर्वाधिक बजट वाले 30 प्रमुख विभागों के कार्यों और वित्तीय प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट का उद्देश्य केवल धनराशि आवंटित करना नहीं, उसका समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करते हुए उसका लाभ जनता तक पहुंचाना है। उन्होंने वित्त मंत्री को निर्देश दिए कि विभागीय मंत्रियों के साथ बैठक कर बजट खर्च की नियमित और बिंदुवार समीक्षा करें। जिन विभागों में नीतिगत, प्रक्रियात्मक या तकनीकी कारणों से स्वीकृतियों अथवा व्यय में अड़चन आ रही है, उसका तत्काल समाधान कराया जाए। वित्त विभाग भी इसकी नियमित निगरानी करे और प्रगति की जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराए। हर किसान को मिले क्रेडिट कार्ड का लाभ मुख्यमंत्री ने प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बैंकों के क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात में सुधार पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र किसान को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए गांवों में और किसानवार मैपिंग कराई जाए, ताकि पात्र किसानों को चिन्हित कर उन्हें बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ा जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण की उपलब्धता बढ़ाने और बैंकिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए ‘रूरल क्रेडिट कॉन्क्लेव’ जैसे आयोजनों की रूपरेखा तैयार करने के भी निर्देश दिए। जिम्मेदार अधिकारियों की तय करें जवाबदेही मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जनहित की योजनाओं और विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता तथा समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कार्यों में अनावश्यक देरी या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। केंद्र सहायतित योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन योजनाओं में भारत सरकार से धनराशि प्राप्त होनी है, उनमें विभागीय स्तर पर प्रभावी समन्वय किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय मंत्री संबंधित केंद्रीय मंत्रियों से सीधे संवाद कर लंबित धनराशि और स्वीकृतियों से जुड़े विषयों का समाधान कराएं, ताकि केंद्रीय सहायता से संचालित योजनाओं की गति प्रभावित न हो। 9,99,056.48 करोड़ है यूपी का कुल बजट समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश का कुल बजट 9,99,056.48 करोड़ है। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 1,58,474.15 करोड़ अधिक है। इसमें विकास योजनाओं के लिए 5,01,957.09 करोड़ का प्राविधान किया गया है। अब तक शासन स्तर से 5,15,918.44 करोड़, यानी 51.6 प्रतिशत की वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जा चुकी हैं। इनमें योजनाओं से संबंधित 2.13 लाख करोड़ से अधिक की स्वीकृतियां शामिल हैं। इसके सापेक्ष प्रदेश में अब तक 2,83,870.11 करोड़ का वास्तविक व्यय दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बजट का आकलन वास्तविक आवश्यकता और व्यावहारिक उपयोगिता के आधार पर किया जाए, ताकि धनराशि अनावश्यक रूप से प्राविधानित न रहे और उसका बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके। अधिकारी फील्ड में जाकर करें समीक्षा मुख्यमंत्री ने सभी विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड में जाकर विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करें और जहां कार्यों की गति धीमी है, वहां तत्काल सुधार कराएं। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष की शेष अवधि में विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करें। विकास और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन उपलब्ध बजट का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।

LPU हिंसा के बाद CM मान का एक्शन, DGP गौरव यादव को ग्राउंड पर जाने के निर्देश

 चंडीगढ़  लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में छात्रा से दुष्कर्म के आरोपों को लेकर स्टूडेंट के प्रदर्शन और नेशनल हाईवे जाम किए जाने के मामले में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सख्त रुख अपनाया है।मुख्यमंत्री ने मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। साथ ही डीजीपी गौरव यादव को खुद ग्राउंड पर जाकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। डीजीपी गौरव यादव को मौके पर पहुंचकर कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने के साथ स्टूडेंट से बातचीत और पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। अफवाह इंटरनेट पर वायरल होने के बाद भड़के छात्र  एलपीयू में छात्रा से दुष्कर्म के आरोपों से जुड़ा मैसेज इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद स्टूडेंट बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए थे। नेशनल हाईवे जाम कर दिए जाने के कारण जालंधर और लुधियाना के बीच यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। एलपीयू से रामा मंडी होते हुए पीएपी तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया। रामा मंडी की तरफ आने वाले वाहनों को होशियारपुर रोड की ओर भेजा गया, जबकि जालंधर से कैंट की तरफ जाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से कैंट और नकोदर के रास्ते हाईवे पर भेजने की व्यवस्था की गई। स्टूडेंट का प्रदर्शन जारी रहने के कारण पुलिस को यातायात सामान्य करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। यूनिवर्सिटी ने वायरल दावों को बताया झूठा एलपीयू की रजिस्ट्रार डा मोनिका गुलाटी ने इंटरनेट मीडिया पर फैल रहे संदेशों और दावों को झूठा, बेबुनियाद और मनगढ़ंत बताया है। यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया है कि कुछ असामाजिक तत्व इंटरनेट मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिये अफवाहें फैला रहे हैं, जिससे स्टूडेंट के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है और यूनिवर्सिटी के शांतिपूर्ण शैक्षणिक माहौल को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट, अभिभावकों और आम लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करें और केवल यूनिवर्सिटी के आधिकारिक माध्यमों से जारी जानकारी को ही सही मानें। एफआइआर दर्ज, मैसेज के स्रोत की भी जांच इस मामले में पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर ली है। अब पुलिस पूरे घटनाक्रम के साथ इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए मैसेज के स्रोत की भी जांच कर रही है। साइबर सेल यह पता लगाने में जुटा है कि संदेश सबसे पहले किस नंबर या अकाउंट से सामने आया और इसके बाद किस तरह इसे आगे फैलाया गया। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब डीजीपी स्तर पर मामले की निगरानी की जा रही है। ग्राउंड पर स्थिति का जायजा लेने के बाद पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश देकर साफ किया है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Bank Strike Postponed: IBA-UFBU की बातचीत से बनी सहमति, बैंक रहेंगे खुले

नई दिल्ली  इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) से अपनी मांगों पर भरोसा मिलने के बाद जिसमें हफ्ते में पांच दिन काम करना भी शामिल है, बैंक यूनियनों ने अपनी तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल टाल दी. देशव्यापी हड़ताल सोमवार यानी आज से शुरू होने वाली थी. इससे कारोबारी समेत आम लोगों को बड़ी राहत मिली है।  सोमवार से शुरू होने वाली हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने किया था. हड़ताल टालने के साथ बैंक सोमवार यानी आज से काम करेंगे. यूएफबीयू ने एक बयान में कहा, 'यह समिति सभी संभावित विकल्पों का पता लगाएगी, सभी हितधारकों के साथ चर्चा करेगी और सभी हितधारकों और अधिक महत्वपूर्ण रूप से ग्राहकों के लिए स्वीकार्य समाधान निकालेगी।  इस फैसले की घोषणा यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 27 सितंबर को रात 9:30 बजे IBA के साथ मीटिंग के बाद जारी एक सर्कुलर में की. स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम पर दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि यूनियनों और एसोसिएशनों द्वारा उठाए गए आपत्तियों को दूर करने के लिए इंडियन बैंक्स एसोसिएशन द्वारा सरकार को बदलाव का प्रस्ताव देने के साथ चर्चा शुरू हो सकती है।  सर्कुलर में कहा गया है कि 8 मार्च, 2024 के मिनट्स में बताए गए बाकी मुद्दों पर भी जल्द समाधान के लिए चर्चा की जाएगी. सर्कुलर में आगे कहा गया, 'इन बातों को देखते हुए यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस इस बात पर सहमत हुआ कि प्रस्तावित आंदोलनकारी प्रोग्राम और हड़ताल की कार्रवाई टाल दी जाएगी।  यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने शुक्रवार को तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की थी. यूएफबीयू हिमाचल प्रदेश के संयोजक और बैंकर्स यूनाइटेड फोरम ऑफ हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा ने कहा कि यूनियनों को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि ढाई साल से भी पहले सरकार के साथ हुए समझौते में किए गए वादे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं।  शर्मा ने कहा, 'हमारी मुख्य मांग पांच दिन का बैंकिंग वीक लागू करना है, जिसमें शनिवार और रविवार को साप्ताहिक छुट्टियां हों. दूसरा बड़ा मुद्दा नई परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम को वापस लेना है, जिसे डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज ने एकतरफा लागू किया है।  समझौते पर साइन हुए ढाई साल से भी ज्यादा समय हो गया है, लेकिन इसमें किए गए वादे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं. इसलिए हमारे पास आंदोलन का सहारा लेने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है.' उन्होंने आगे कहा, 'हम यह साफ करना चाहते हैं कि बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों का कस्टमर्स को परेशान करने का कोई इरादा नहीं है।  हम बिना रुकावट बैंकिंग सर्विस की अहमियत और हड़ताल के दौरान कस्टमर्स को होने वाली मुश्किलों को समझते हैं लेकिन, जब हमारी जायज मांगें और एग्रीमेंट में किए गए वादे इतने लंबे समय तक पेंडिंग रहते हैं, तो हम सरकार का ध्यान खींचने के लिए ऐसे एक्शन लेने पर मजबूर हो जाते हैं।