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यूपी में महिला सशक्तिकरण का नया मॉडल: सोलर दीदी अभियान तेज

वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की आधी आबादी अब न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही है, बल्कि हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करने के लिए भी तैयार है। धर्म और संस्कृति की नगरी काशी (वाराणसी) में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'सोलर दीदी' नामक एक क्रांतिकारी पहल की शुरुआत की गई है। इस अभियान के जरिए स्थानीय महिलाओं को अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देकर 'सोलर लीडर' के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो राज्य में ऊर्जा स्वावलंबन और महिला सशक्तिकरण का एक अनूठा मॉडल बनकर उभरा है। यूपी नेडा (UPNEDA) के अनुसार, चयनित महिलाओं को उनके गृह जनपद वाराणसी में ही रोजगार के बेहतरीन अवसर दिए जा रहे हैं। आकर्षक वेतन के साथ मिलेंगे कई मुफ्त लाभ यूपी नेडा के डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि विभाग से जुड़ी प्रमुख वेंडर कंपनियों द्वारा इन 'सोलर दीदियों' को ₹14,196 प्रति माह का फिक्स वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा, महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कंपनियों द्वारा प्रत्येक सोलर दीदी के घर पर ₹1.30 लाख मूल्य का 2 किलोवाट क्षमता वाला सोलर प्लांट बिल्कुल मुफ्त लगाया जाएगा, जिससे उनका अपना घर भी सौर ऊर्जा से रोशन हो सके। आधुनिक रसोई को बढ़ावा देने के लिए उन्हें एक इंडक्शन स्टोव (चूल्हा) भी मुफ्त मिलेगा। यही नहीं, भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा हर सफल सोलर इंस्टॉलेशन पर ₹1000 की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। 7 दिन का विशेष प्रशिक्षण और टेस्ट अनिवार्य इस महाअभियान का हिस्सा बनने के लिए विभाग ने महिलाओं से एक विशेष अपील की है। सभी इच्छुक प्रशिक्षुओं को तय समय पर प्रशिक्षण केंद्र पहुंचकर सात दिवसीय व्यावहारिक ट्रेनिंग को गंभीरता से पूरा करना होगा। इस ट्रेनिंग के बाद होने वाले टेस्ट को उत्तीर्ण करने वाली महिलाओं को ही 'सोलर दीदी' के रूप में फील्ड में काम करने और इन सभी सुविधाओं का लाभ उठाने का मौका मिलेगा। यह कदम ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को तकनीकी रूप से कुशल बनाने में गेम-चेंजर साबित हो रहा है। उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा की रिकॉर्ड रफ्तार वाराणसी की इस पहल के बीच पूरे उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर का नेटवर्क तेजी से फैला है। प्रदेश में अब तक कुल 9,68,548 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 5,44,810 से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। इस बड़े बदलाव के कारण राज्य में 1,844.87 मेगावाट की स्थापित क्षमता तैयार हुई है। इस पूरी योजना को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा ₹3,539.06 करोड़ और राज्य सरकार द्वारा ₹1200 करोड़ से अधिक की भारी-भरकम सब्सिडी जारी की जा चुकी है। रोजाना बन रही 5 करोड़ रुपये की मुफ्त बिजली योगी सरकार के इन प्रयासों का सबसे बड़ा फायदा सीधे जनता और पर्यावरण को मिल रहा है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के घरों की छतों पर लगे इन सोलर प्लांटों के माध्यम से प्रतिदिन 82 लाख यूनिट से अधिक मुफ्त बिजली पैदा की जा रही है। अगर बाजार भाव से इसकी तुलना करें, तो प्रदेश के नागरिक रोजाना लगभग 5 करोड़ रुपये से अधिक की बिजली पूरी तरह मुफ्त और सीधे सूरज की रोशनी से बना रहे हैं। वाराणसी का यह 'सोलर दीदी' मॉडल जल्द ही प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।  

राघव चड्ढा को मिला बड़ा पद! राज्यसभा में महत्वपूर्ण समिति की कमान संभालेंगे

नई दिल्ली हाल ही में आम आदमी पार्टी को छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें राज्यसभा की याचिका समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति का पुनर्गठन करने के बाद सदन के 10 सदस्यों को इस पैनल के लिए नामित किया गया है। याचिका समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया राज्यसभा की एक अधिसूचना में कहा गया है कि राघव चड्ढा को याचिका समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसमें यह भी बताया गया कि राज्यसभा के सभापति ने 20 मई से प्रभावी रूप से इस पैनल का पुनर्गठन किया है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने याचिका समिति का पुनर्गठन करने के बाद सदन के 10 सदस्यों को इस पैनल के लिए नामित किया। चड्ढा के अलावा पैनल के सदस्यों में हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बीधा, जेबी माथेर हिशाम, सुभाशीष खुंटिया, रंगव्रा नारज़ारी और संदोश कुमार पी शामिल हैं। एक अन्य अधिसूचना में राज्यसभा सचिवालय ने कहा कि राज्यसभा के सभापति ने 20 मई 2026 को राज्यसभा के सदस्य डॉ. मेनका गुरुस्वामी को कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर संयुक्त समिति के सदस्य के रूप में नामित किया है। आप के 7 सांसदों ने थामा था बीजेपी का हाथ बता दें कि आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं में एक रहे राघव चड्ढा ने राज्यसभा के छह अन्य सांसदों के साथ पार्टी को अलविदा कह दिया था। सभी सात सांसदों ने 27 अप्रैल को आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली। राज्यसभा में 10 सांसदों वाली आप के अब केवल 3 सांसद बचे हैं। आप ने की थी बर्खास्त करने की मांग इन नेताओं के बीजेपी में शामिल होने के बाद आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से उन्हें बर्खास्त करने की मांग की थी। बीजेपी में शामिल होने वाले सांसदों में राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी हैं। दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया इस बीच राघव चड्ढा की ओर से दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर किया गया है। इसमें सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों पर उनके बारे में प्रसारित किए जा रहे फर्जी, एआई-जनरेटेड और डीपफेक कंटेंट को तत्काल हटाने और ब्लॉक करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि संबंधित सामग्री दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और राघव चड्ढा की प्रतिष्ठा व व्यक्तित्व अधिकारों को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाली है। याचिका में यह भी कहा गया है कि एआई और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर छेड़छाड़ की गई सामग्री तैयार करना और प्रसारित करना न केवल कानूनी और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि इससे अपूरणीय प्रतिष्ठात्मक क्षति भी हो रही है। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा दिल्ली हाई कोर्ट में दायर इस याचिका पर जस्टिस सुब्रह्मण्यम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई की। जस्टिस प्रसाद ने कहा कि यह राघव चड्ढा के व्यक्तिगत अधिकारों के उल्लंघन का मामला नहीं बनता। उनकी आलोचना उनके राजनीतिक फैसले को लेकर और बीजेपी में जाने को लेकर की जा रही है। हाई कोर्ट ने कहा कि व्यक्तित्व अधिकारों का व्यवसायिक इस्तेमाल और आलोचना करने में अंतर है। कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. श्रीमती सरोज देवी माहेश्वरी को दी श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सतना पहुंचकर मणिकांत माहेश्वरी की माताजी स्व. श्रीमती सरोज देवी माहेश्वरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिटी कोतवाली के पीछे स्थित माहेश्वरी निवास में स्व. श्रीमती माहेश्वरी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोक संतप्त परिजन से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद सतना गणेश सिंह, खजुराहो सांसद बीडी शर्मा, महापौर योगेश ताम्रकार, समाजसेवी श्रीकृष्ण माहेश्वरी, पूर्व महापौर ममता पाण्डेय, पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र, समाजसेवी डॉ. स्वप्ना वर्मा, सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। 

मोरहाबादी से बीआईटी मेसरा तक PNG कनेक्शन की तैयारी, संजय सेठ ने की समीक्षा बैठक

 रांची  राजधानी रांची के मोरहाबादी, हेहल, लालपुर, एचईसी क्षेत्र, स्मार्ट सिटी और बीआईटी मेसरा इलाके में जल्द ही पाइपलाइन के माध्यम से गैस आपूर्ति शुरू होगी। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शुक्रवार को रांची स्थित गेल (इंडिया) लिमिटेड के क्षेत्रीय कार्यालय में सिटी गैस वितरण परियोजना और पाइपलाइन गैस आपूर्ति (पीएनजी) कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को नेटवर्क विस्तार में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक में अधिकारियों ने मंत्री को जानकारी दी कि वर्तमान में अशोक नगर, हरमू, हीनू, अरगोड़ा, पुंदाग, बरियातू, कांके, कोकर, तातीसिलवे, नामकुम और खेलगांव सहित कई इलाकों में पीएनजी नेटवर्क उपलब्ध है। वहीं मोरहाबादी, हेहल, लालपुर, एचईसी क्षेत्र, स्मार्ट सिटी और बीआईटी मेसरा में पाइपलाइन विस्तार का कार्य तेजी से चल रहा है। रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि सुरक्षित, सस्ती और पर्यावरण अनुकूल गैस सुविधा उपलब्ध कराना केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक घरों तक पाइपलाइन गैस पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसके लिए टास्क फोर्स का गठन कर युद्धस्तर पर पीएनजी कनेक्शन देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों ने बताया कि रांची में अब तक 854 किलोमीटर एमडीपीई पाइपलाइन और 70 किलोमीटर स्टील पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। शहर में 28 सीएनजी स्टेशन संचालित शहर में 28 सीएनजी स्टेशन संचालित हो रहे हैं, जहां प्रतिदिन 38 हजार से 42 हजार किलोग्राम सीएनजी की बिक्री हो रही है। पीएनजी परियोजना के तहत अब तक 79,071 घरेलू अवसंरचना विकसित की गई है, जबकि 23,628 घरेलू उपभोक्ताओं को पाइपलाइन गैस से जोड़ा जा चुका है। इसके अलावा 165 वाणिज्यिक और 16 औद्योगिक उपभोक्ता भी इस सुविधा का लाभ ले रहे हैं। बैठक में झिरी स्थित पांच टीपीडी क्षमता वाले कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यह प्लांट नगर निगम के ठोस अपशिष्ट को हरित ईंधन और जैव उर्वरक में बदल रहा है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा और सतत अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा मिल रहा है। समीक्षा बैठक के बाद रक्षा राज्य मंत्री ने दो फायर बाइक का उद्घाटन भी किया। गेल अधिकारियों ने बताया कि संकरी गलियों और ऐसे मोहल्लों में, जहां दमकल की बड़ी गाड़ियां नहीं पहुंच पातीं, वहां इन फायर बाइक का उपयोग पाइपलाइन से संबंधित आग बुझाने में किया जाएगा। बाइक में पानी और अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रहेंगे। मंत्री ने गेल की इस पहल की सराहना की। बैठक में रांची की मेयर रौशनी खलखो, पूर्व राज्यसभा सांसद अजय मारू, चेंबर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन से जुड़े अजय भंडारी और विनय टिबरेवाल तथा होटल एसोसिएशन के चंद्रकांत रायपत सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

जल जीवन मिशन 2.0 में पेयजल योजनाओं को पूर्ण करने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बनाया रोडमैप

रायपुर  उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  अरुण साव ने आज लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों तथा मैदानी अधिकारियों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों, नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों की पेयजल योजनाओं एवं प्रदेश में ग्रीष्म काल में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की। राज्य के सभी जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक में शामिल हुए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव तथा जल जीवन मिशन के संचालक  मोहम्मद कैसर अब्दुलहक और प्रमुख अभियंता  के.के. मरकाम भी बैठक में मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने आगामी दो वर्षों के रोडमैप पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को मिशन के शेष कार्यों को गंभीरता, सक्रियता और तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर काम की गति और पूर्णता से ही केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा कार्यों के लिए राशि जारी की जाएगी। जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को और ज्यादा फोकस एवं बारीकी से करना है। उन्होंने कहा की वर्तमान समय में पेयजल आपूर्ति अधिकांशतः शासकीय व्यवस्था पर ही आश्रित है। जल आपूर्ति की अपर्याप्त व्यवस्था या इसमें किसी तरह की बाधा आने पर लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके लिए विभाग को दूरदृष्टि एवं पूर्वानुमान के साथ काम करने की जरूरत है। उप मुख्यमंत्री  साव ने बैठक में हर गांव की पेयजल व्यवस्था की समय-समय पर जांच करने और किसी तरह की दिक्कत होने पर तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने जहां-जहां जल जीवन मिशन के काम पूरे हो गए हैं, वहां हर घर जल का सत्यापन कराकर योजनाओं के संचालन-संधारण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंपने को कहा। उन्होंने विभाग के सभी मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को कलेक्टरों से चर्चा कर प्रत्येक योजना की प्रगति पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यपालन अभियंताओं के कार्यों में सक्रिय सहयोग कर योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करने को कहा।  उप मुख्यमंत्री ने ग्रीष्म काल में प्रदेश की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत करने और जलस्तर के नीचे चले जाने के कारण सूख चुके हैंडपंपों में राइजर पाइप बढ़ाकर जलापूर्ति दुरूस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने जरूरत पड़ने पर तत्परता से नया ट्यूबवेल भी खोदने को कहा।  साव ने आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए जलजनित रोगों से बचाव के लिए भी पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए गंदे पानी की आपूर्ति रोकने, नालियों से गुजरने वाले पाइपलाइनों को बदलने तथा जल की गुणवत्ता का नियमित परीक्षण करने को कहा। उप मुख्यमंत्री  साव ने विभागीय अधिकारियों से लोगों को बारिश के पानी को संचित करने, वृक्षारोपण, जलस्रोतों के संरक्षण-संवर्धन और रेन-वाटर हार्वेस्टिंग के लिए प्रेरित करने को कहा। भविष्य में जल की पर्याप्त उपलब्धता के लिए ये बहुत जरूरी है। उन्होंने बैठक में नक्सल प्रभावित रहे जिलों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों को गति देते हुए पहुंचविहीन एवं दूरस्थ वनांचलों में भी स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के विभिन्न प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। जल जीवन मिशन के अतिरिक्त मिशन संचालक  ओंकेश चंद्रवंशी और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता  एस.एल. पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे। वर्ष 2026-27 में 13,183 और 2027-28 में 7352 योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में जल जीवन मिशन के तहत प्रगतिरत 13 हजार 183 योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं 2027-28 में 7352 योजनाओं को पूर्ण किया जाएगा। इस दौरान क्रमशः 22 और 48 समूह जल प्रदाय …

कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026: ऐश्वर्या राय का रेड कार्पेट लुक और फैंस के साथ खास पल

कान फिल्म फेस्टिवल 2026 में ऐश्वर्या राय ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। उन्होंने डिजाइनर अमित अग्रवाल के बनाए एक शानदार नीले गाउन में रेड कार्पेट पर वॉक किया। कान से ऐश्वर्या राय का एक वीडियो सामने आया है, जिसने उनके फैन का दिल जीत लिया है। उन्होंने यहां मौजूद अपने फैंस के साथ पोज दिए। यह वीडियो फाफी वायरल हो रहा है। फैंस इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वायरल वीडियो में क्या है? वायरल हो रहे वीडियो में ऐश्वर्या राय को होटल परिसर के अंदर जाते हुए देखा गया, जहां उनके चारों ओर सुरक्षाकर्मी और फोटोग्राफर मौजूद थे। इस बीच ऐश्वर्या अपने फैंस के साथ बातचीत कर रही हैं और उनके साथ पोज दे रही हैं। यहां पहले से कई फैंस अपनी पसंदीदा एक्ट्रेस के साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए लाइन में लगे हुए थे। एक युवा फैन उनके पास आई और ऐश्वर्या ने उसके बगल में खड़े होकर तस्वीर के लिए पोज दिया। जब वह वहां से जा रही थीं, तो एक्ट्रेस ने कहा अपना ख्याल रखना। ऐश्वर्या ने महिला के साथ दिया पोज इसके बाद एक और बुजुर्ग फैन उनके पास आईं और वह ऐश्वर्या के साथ फोटो खिंचवाना चाहती थीं। जब सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की तो ऐश्वर्या ने कहा कि उन्होंने उनसे वादा किया था। उस फैन ने एक्ट्रेस का हाथ पकड़ा और उनसे कहा कि वह सबसे बेहतरीन महिला हैं। ऐश्वर्या राय ने आभार व्यक्त किया और फिर वहां से चली गईं। यूजर्स को पसंद आई ऐश्वर्या की अदा इस वीडियो पर कई फैंस ने कमेंट किए हैं और ऐश्वर्या की तारीफ की है। एक फैन ने लिखा, 'ऐश्वर्या बहुत अच्छी हैं।' एक और यूजर ने लिखा 'वह सबसे अच्छी और कोमल हैं।' एक और यूजर ने उन्हें 'विनम्र' कहा है। एक और यूजर ने लिखा 'वह पल अच्छा लगा जब ऐश्वर्या ने कहा,  'मैंने उनसे वादा किया है, उन्हें मेरे साथ तस्वीर खिंचवाने दो।'

आंधी-बारिश के चलते उड़ानों पर पड़ सकता है असर, इंडिगो ने फ्लाइट स्टेटस चेक करने की दी सलाह

नई दिल्ली  इंडिगो एयरलाइन ने शनिवार को दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की। राष्ट्रीय राजधानी में आंधी और बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए एयरलाइन ने कहा कि खराब मौसम के कारण उड़ानों के आगमन और प्रस्थान पर असर पड़ सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए इंडिगो एयरलाइन ने कहा कि दिल्ली के मौसम की स्थिति अस्थायी रूप से उड़ान संचालन को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, एयरपोर्ट और एयरलाइन की टीमें व्यवधान को कम करने के लिए पहले से तैयारी कर रही हैं। इंडिगो ने अपनी एडवाइजरी में क्या कहा इंडिगो ने कहा, 'दिल्ली में तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना है, जिसके कारण उड़ानों के आगमन और प्रस्थान पर असर पड़ सकता है। हमारी टीमें संचालन को सुचारू बनाए रखने के लिए पहले से तैयारी कर रही हैं, लेकिन मौसम की वजह से थोड़ी देरी हो सकती है।' एयरलाइन ने यात्रियों को सलाह दी कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए जरूर चेक कर लें। फ्लाइट्स की स्टेटस देखकर ही घर से निकलें इसके अलावा, यात्रियों से अतिरिक्त समय लेकर चलने को कहा गया है, क्योंकि बारिश और जलभराव के कारण शहर के कई हिस्सों में सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। एयरलाइन ने कहा कि अगर आप आज यात्रा कर रहे हैं, तो एयरपोर्ट जाने से पहले हमारी वेबसाइट या ऐप पर अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें। इससे पहले शुक्रवार को भी एयरलाइन ने मुंबई आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की थी। यात्रियों को असुविधा नहीं हो इसलिए एडवाइजरी यात्रियों से कहा गया था कि वे खराब मौसम के कारण संभावित देरी से बचने के लिए सामान्य समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचें। एयरलाइन ने कहा था कि ट्रैफिक अपडेट पर नजर रखें और एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले ऐप या वेबसाइट पर अपनी फ्लाइट की स्थिति जांच लें। मई की शुरुआत में खराब मौसम का असर पूर्वी भारत में इंडिगो की उड़ानों पर भी पड़ा था। कोलकाता से पटना जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट को खराब मौसम के कारण पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने की अनुमति नहीं मिल सकी थी, जिसके बाद विमान को लखनऊ डायवर्ट करना पड़ा था।  

यूपी में रोजगार और कौशल विकास पर फोकस, मुख्यमंत्री ने श्रम योजनाओं की व्यापक समीक्षा की

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक कल्याण, कौशल विकास और रोजगार सृजन को और व्यापक तथा परिणाममुखी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने बाल श्रमिक विद्या योजना को प्रदेश के सभी 75 जनपदों में विस्तारित करने, ‘सेवामित्र व्यवस्था’ को और प्रभावी बनाने, निर्माण श्रमिकों के लिए बड़े शहरों में आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र विकसित करने तथा रोजगार मिशन को वैश्विक अवसरों से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि श्रमिक केवल उत्पादन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि श्रमिकों, युवाओं और कमजोर वर्गों को सम्मानजनक जीवन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित कार्य वातावरण और बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध हों। शनिवार को श्रम एवं सेवायोजन विभाग की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और प्रस्तावित योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी बच्चा आर्थिक मजबूरी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर बच्चों को विद्यालयों से जोड़ा जाए और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए। 75 जनपदों में लागू करने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के सहयोग से इन बच्चों के कौशल विकास की कार्ययोजना भी तैयार की जाए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2020 में प्रारंभ की गई इस योजना के तहत 8 से 18 वर्ष आयु वर्ग के कामकाजी बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वर्तमान में योजना 20 जनपदों में संचालित है। मुख्यमंत्री ने इसे नए प्रावधानों के साथ प्रदेश के सभी 75 जनपदों में लागू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ‘सेवामित्र व्यवस्था’ को रोजगार और जनसुविधा का अभिनव मॉडल बताते हुए कहा कि तकनीक आधारित ऐसी व्यवस्थाएं युवाओं और कुशल कामगारों के लिए नए अवसर तैयार करती हैं। उन्होंने इसे और अधिक प्रभावी तथा जनोपयोगी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2021 से संचालित इस व्यवस्था के तहत नागरिक मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल अथवा कॉल सेंटर के माध्यम से घरेलू सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में पोर्टल पर 1097 सेवा प्रदाता, 5049 सेवामित्र और 54,747 कुशल कामगार पंजीकृत हैं। मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों में भी आवश्यकता के अनुसार सेवामित्र व्यवस्था के उपयोग के प्रस्ताव को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग में हुए संस्थागत सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि उद्योगों के अनुकूल वातावरण और श्रमिक हितों के बीच संतुलन बनाना सरकार की नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 32,583 कारखाने पंजीकृत हो चुके हैं। मार्च 2017 तक जहां यह संख्या 14,176 थी, वहीं अप्रैल 2017 के बाद 18,407 नए कारखानों का पंजीकरण हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 4860 कारखानों का पंजीकरण किया गया। विभाग को बीआरएपी सुधारों के क्रियान्वयन में ‘टॉप अचीवर’ के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है तथा उद्योग समागम 2025 में श्रम क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया गया। आवास सुविधा उपलब्ध कराना भी आवश्यक मुख्यमंत्री ने निर्माण श्रमिकों के लिए सभी औद्योगिक शहरों में प्रस्तावित श्रमिक सुविधा केंद्रों यानी ‘लेबर अड्डों’ को व्यवस्थित रूप से विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों को केवल श्रमिकों के एकत्रीकरण स्थल के रूप में नहीं, बल्कि श्रमिक सहायता एवं सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में दूसरे क्षेत्रों से आने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित आवास सुविधा उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कानपुर में प्रस्तावित औद्योगिक श्रमिक प्रशिक्षण संस्थान और छात्रावास योजना को कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना समय की मांग है।  

वानखेड़े में भिड़ंत: मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स आमने-सामने

मुंबई इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का 69वां मुकाबला मुंबई इंडियंस (MI) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच खेला जाएगा। MI का इस संस्करण ये आखिरी मुकाबला होगा। वहीं, RR अभी भी प्लेऑफ की दौड़ में बनी हुई है। ऐसे में वह इस मैच को अपने नाम करना चाहेगी। MI को इस सीजन 4 मुकाबलों में जीत मिली है। 9 मैच में टीम ने हार का सामना किया है। RR ने 7 मैच में जीत और 6 में हार झेली है। दोनों टीमों के बीच कांटे की रही है टक्कर IPL के इतिहास में दोनों टीमों के बीच अब तक 32 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान MI को 16 मैच में जीत मिली है। RR ने 15 मुकाबले अपने नाम किए हैं। एक मैच में कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। इस सीजन दोनों टीमों के बीच ये दूसरा मुकाबला होगा। पहले मैच में RR को 27 रन से जीत मिली थी। पिछले सीजन दोनों के बीच हुए एकमात्र मैच को MI ने 100 रन से अपने नाम किया था। इस संयोजन के साथ नजर आ सकती है RR RR को पिछले मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ 7 विकेट से जीत मिली थी। ऐसे में वह अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बड़ा बदलाव करने को नहीं देखेंगे। वैभव सूर्यवंशी से एक और ताबड़तोड़ पारी की उम्मीद होगी। वह इम्पकैट प्लेयर के रूप में उतर सकते हैं। संभावित एकादश: यशस्वी जयसवाल (कप्तान), लुआन-ड्रे प्रिटोरियस, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), डोनोवन फरेरा, शुभम दुबे, दासुन शनाका, जोफ्रा आर्चर, सुशांत मिश्रा, संदीप शर्मा, बृजेश शर्मा और यश राज पुंजा। इस प्लेइंग इलेवन के साथ नजर आ सकती है MI MI को पिछले मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में हार्दिक पांड्या और रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और रघु शर्मा बेहतर करना चाहेंगे। संभावित एकादश: रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), रोहित शर्मा, नमन धीर, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या (कप्तान), विल जैक्स, कॉर्बिन बॉश, दीपक चाहर, जसप्रीत बुमराह और रघु शर्मा। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर MI: शार्दुल ठाकुर, मयंक रावत, रॉबिन मिंज, कृष भगत और अल्लाह गजनफर। RR: वैभव सूर्यवंशी, युद्धवीर सिंह, अमन राव पेराला, रवि बिश्नोई और रियान पराग। कैसा है वानखेड़े स्टेडियम की पिच का मिजाज? वानखेड़े स्टेडियम को बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग माना जाता है। यहां की पिच उन्हें काफी रास आती है। यहां की सीमा रेखा अन्य स्टेडियम के मुकाबले थोड़ी छोटी है। दूसरी ओर एक गेंदबाज के नजरिये से पिच स्पिनरों को कुछ हद तक सहायता प्रदान करती है, लेकिन ज्यादा उम्मीद रखना बेमानी होगी। तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवर में मदद मिलती है, ऐसे में वह जल्दी विकेट लेना चाहेंगे। हाउस्टेट के मुताबिक, यहां पहली पारी का औसत स्कोर 171 रन है। ऐसा रहेगा मुंबई का मौसम एक्यूवेदर के अनुसार, 24 मई को मुंबई का मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान के 31 डिग्री रहने का अनुमान है। बारिश की कोई संभावना नहीं है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजर रिकेल्टन ने पिछले 8 मुकाबलों में 193.14 की स्ट्राइक रेट से 338 रन बनाए हैं। तिलक के बल्ले से पिछले 10 मैच में 151.17 की स्ट्राइक रेट से 322 रन निकले हैं। वैभव ने पिछले 10 मैचों में 45.7 की औसत से 457 रन बनाए हैं। गेंदबाजी में गजनफर ने पिछले 8 मैच में 9.12 की इकॉनमी से 12 विकेट चटकाए हैं। आर्चर ने पिछले 10 मैचों में 9.61 की इकॉनमी से 15 विकेट अपने नाम किए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? MI और RR के बीच यह मुकाबला मुंबई के वानखेड़े क्रिकेट स्टेडियम में 24 मई को दोपहर 3:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

राजस्थान में जल जीवन मिशन के तहत बड़ी पहल, जैसलमेर की आर्टिफिशियल झील का जल्द होगा उद्घाटन

जयपुर  भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान केरेगिस्तानी जिले जैसलमेर में कृत्रिम झील (आर्टिफिशियलझील) बनकर तैयार हुई है। इस झील को गड़ीसर झील भी कहा जाता है। सीमावर्ती क्षेत्र के दो जिलों के करीब 50 लाख लोगोंएवं मवेशियां की प्यास बुझाने के लिए 242 करोड़ रूपए की लागत से बनकर तैयार हुई इस कृत्रिम झील का उद्धाटन जुलाई में होने की उम्मीद है। झील जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई है। रेगिस्तान की मिट्टी झील के पानी को सोंख नहीं ले,इसके लिए इसमें नीचे (बेस एरिया में) तीन सौ माइक्रोन कीविशेष प्लास्टिक शीट बिछाई गई है। इस प्लास्टिक पर ढ़ाई फीट मिट्टी की परत बिछाई गई है। सरकारी अधिकारियों का दावा है कि यह एक सौ साल तक खराब नहीं होगी। करीब 28 किलोमीटर लंबी और 33 फीट गहरी झील में 141 करोड़ लीटर पानी का भराव हो सकेगा। कृत्रिम झील इंदिरा गांधी नहर के पानी से भरी जाएगी। दरअसल, प्रतिवर्ष मानसून से पहले इंदिरा गांधी नहर की मरम्मत के समय आम लोगों एवं मवेशियों को पानी को लेकर होने वाली परेशानी से बचाने के लिए यह नहर तैयार की गई है। इंदिरा गांधी नहर का पानी इस नहर में भरा जाएगा और फिर फिल्टर प्लांट से जैसलमेर एवं बाड़मेर जिलोंके घरों में पहुंचाया जाएगा। इस कारण हुआ नहर का निर्माण जलदाय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र में प्रतिवर्ष मानसून से पहले एक माह के लिए इंदिरा गांधी नहर की मरम्मत की जाती है,जिसे नहरबंदी कहा जाता है। इस दौरान नहर में पंजाब की तरफ से बहकर आने वाले पानी को रोक दिया जाता है। नहरबंदी के दौरान जैसलमेर एवं बाड़मेर जिलों के लोगों को प्रतिवर्ष परेशानी होती है। इस परेशानी को दूर करने के लिए इस झील का निर्माण हुआ है। नहरबंदी से पहले इंदिरा गांधी नहर से पानी कृत्रिम नहर में भरा जाएगा।जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता रामपाल मूंधियाड़ा ने बताया कि कृत्रिम नहर का निर्माण साल,2024 से शुरू हुआथा,अब बनकर तैयार हुई है। पंजाब से श्रीगंगानगर होते हुए आने वाली इंदिरा गांधी गांधी नहर से इस झील को जोड़ा गया है।उन्होंने बताया कि मानसून के दिनों में जब पंजाब और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश होती है तो इंदिरा गांधी नहर में क्षमता सेअधिक पानी आ जाता है। बारिश के दिनों में खेतों में भी पानी भर जाता है। ऐसे में किसानों को भी सिंचाई के लिए नहरी पानी की जरूरत नहीं रहती है। इस दौरान नहर के अतिरिक्त बहने वाले पानी को मोड़कर इसमें भरा जाएगा। इसके लिए एकस्क्रेप चैनल बनाया गया है।इसके दो गेट हैं,जिसमें एक गेट इंदिरा गांधी नहर से पानी आने के लिए और दूसरा झील में पानी डालने के लिए खोला जाएगा। इसलिए कहा जाता है कृत्रिम नहर इस झील को कृत्रिम झील इसलिए कहा जाता है,क्योंकि यह प्रकृति द्वारा नहीं बनाई गई,बल्कि यह मानव निर्मित है। उल्लेखनीय है कि 127 किलोमीटर लंबी इंदिरा गांधी नहर पंजाब के हरिके बैराज से शुरू होकर हरियाणा के उत्तर-पश्चिमी भाग से थोड़ी दूरी तक बहती है और पश्चिमी राजस्थान में सीमावर्ती गड़रा रोड़ के पास स्थित रेगिस्तान में समाप्त हो जाती है।