samacharsecretary.com

क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 के ऑफ-एयर होने की अफवाहें, मेकर्स ने दी सफाई

17 साल बाद जब ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ की वापसी हुई, तो फैंस बेहद एक्साइटेड नजर आए. अब शो को लेकर एक नई चर्चा तेज हो गई है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह शो जल्द ऑफ एयर हो सकता है. हालांकि अब तक मेकर्स या चैनल की ओर से शो बंद करने को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. यह पहली बार नहीं है जब ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ के बंद होने की खबरें सामने आई हैं. इससे पहले मार्च में भी ऐसी अफवाहें तेजी से वायरल हुई थी. तब मेकर्स और चैनल ने साफ तौर पर इन खबरों को गलत बताया था. स्टार प्लस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा था, “हमने कुछ मीडिया रिपोर्ट्स देखी हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि शो बंद हो रहा है और उसकी जगह ‘क्योंकि रिश्तों के भी रूप बदलते हैं’ ले रहा है. हम साफ करना चाहते हैं कि ये खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं. फिलहाल शो को बंद करने की कोई योजना नहीं है.”  तुलसी और मिहिर की कहानी से जुड़ाव आज भी कायम ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ में स्मृति ईरानी और अमर उपाध्याय ने एक बार फिर तुलसी और मिहिर विरानी के अपने आइकॉनिक किरदारों में वापसी की. इतने सालों बाद भी दर्शकों का इन किरदारों से जुड़ाव कम नहीं हुआ है. शो में इस बार पुराने चेहरों के साथ नई पीढ़ी को भी जोड़ा गया है. रोहित सुचांती, तनिषा मेहता, शगुन शर्मा और अमन गांधी जैसे कलाकार नई कहानी को आगे बढ़ाते नजर आ रहे हैं.

संजीव कपूर का खुलासा: मास्टरशेफ इंडिया में अक्षय कुमार से ज्यादा फीस की थी शर्त

 सेलेब्रिटी शेफ संजीव कपूर ने हाल ही में ‘मास्टरशेफ इंडिया’ को लेकर ऐसा खुलासा किया, जिसे फैंस जानते नहीं होंगे. संजीव ने बताया कि जब उन्हें पहली बार ‘मास्टरशेफ इंडिया’ ऑफर हुआ था, तब उन्होंने शो करने से इनकार कर दिया था. वजह थी उनकी एक खास शर्त, जिसे मेकर्स मानने के लिए तैयार नहीं थे. Sanjeev Kapoor Reveals His Condition: ‘मेरी एक ही शर्त थी’ Culinary Culture से बातचीत में संजीव कपूर ने कहा, “जब वे पहली बार मेरे पास आए थे, तब उन्होंने मेरी शर्त नहीं मानी. मेरी शर्त सिर्फ इतनी थी कि मुझे अक्षय कुमार से एक रुपया ज्यादा फीस मिलनी चाहिए.” उन्होंने आगे कहा, “यह शो का पहला सीजन था और मुझे लगता था कि इस काम को मुझसे बेहतर कोई नहीं कर सकता. जब उन्होंने मुझसे बात की, तो मैंने कहा कि मेरी एक शर्त है. उन्होंने उसे नहीं माना और मैं समझौता नहीं करना चाहता था. मैं अपने फैसले से खुश था.” संजीव ने यह भी बताया कि शो छोड़ने के बाद भी मेकर्स लगातार उन्हें मनाने की कोशिश करते रहे. गेस्ट बनकर भी नहीं पहुंचे शो में शेफ ने बताया कि मेकर्स ने उन्हें कई बार एक एपिसोड के लिए गेस्ट बनकर आने का ऑफर भी दिया, लेकिन उन्होंने हर बार मना कर दिया. संजीव कपूर ने कहा, “वे लोग बार-बार कहते थे कि सर, एक एपिसोड के लिए आ जाइए. लेकिन मैंने साफ कह दिया था कि मैं ऐसा नहीं करूंगा.”  तीसरे सीजन में बदली पूरी कहानी संजीव कपूर ने बताया, “तीसरे सीजन में उन्होंने मुझसे कहा कि शो सही तरीके से नहीं चल रहा है और उन्हें मेरी जरूरत है. मैंने कहा कि मुझे नहीं लगता मैं कर पाऊंगा. तब उन्होंने कहा कि हम बिल्कुल वैसा ही करेंगे जैसा आप कहेंगे.” इसके बाद संजीव ने अपनी शर्तों पर शो साइन किया. जब उनसे पूछा गया कि क्या आखिरकार उन्हें अक्षय कुमार से ज्यादा फीस मिली थी, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, “बिल्कुल मिली थी. वह शर्त कभी बदलने वाली नहीं थी. अगर मैं अपने फील्ड में यह नहीं कर सकता, तो फिर क्या मतलब है?”

लेट हो रहा मानसून, लेकिन बारिश बनी राहत! पंजाब में पारा लुढ़का, अगले चार दिन यलो अलर्ट

अमृतसर  पंजाब में भले ही मानसून आने में देरी हो रही है, लेकिन कईं जगहों पर हुई हल्की बारिश से भीषण गरमी से कुछ राहत मिली है। सोमवार को पंजाब के तापमान में 3.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इससे अब पारा सामान्य से 2.3 डिग्री नीचे पहुंच गया है। सबसे अधिक 38.6 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज किया गया।  मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए पंजाब में यलो अलर्ट जारी कर दिया है। इसके तहत पंजाब में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। विभाग ने मंगलवार व बुधवार के लिए पंजाब के 14 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।  इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली शामिल हैं। इसके बाद 25 जून से पश्चिमी विक्षोभ मजबूत होगा और दो दिन पंजाब के सभी जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश पड़ेगी। पंजाब के न्यूनतम तापमान में भी 1.5 डिग्री की कमी दर्ज की गई। यह सामान्य. से 1.7 डिग्री नीचे हो गया है। सबसे कम 23.2 डिग्री का न्यूनतम पारा पठानकोट का दर्ज किया गया। जून के आखिरी हफ्ते में दस्तक दे सकता है मानसून  मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के डायरेक्टर सुरिंदर पाल के मुताबिक मानसून पूर्वी भारत में तेजी से आगे बढ़ चुका है और अब उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। अगर स्थितियां अनुकूल बनी रहीं और इसी तरह से मानसून आगे बढ़ता रहा, तो जून के आखिरी हफ्ते में 29 या फिर 30 जून को यह पंजाब में प्रवेश कर सकता है। डायरेक्टर ने कहा कि पंजाब में 25 जून तक होने वाली बारिश पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पड़ेगी। यह प्रि मानसून की बारिश नहीं है। गौरतलब है कि इससे पहले पंजाब में 20 से 25 जून के बीच मानसून के दस्तक देने की संभावना जताई गई थी।  अमृतसर का अधिकतम पारा 34.9 डिग्री (सामान्य से 3.2 डिग्री नीचे) लुधियाना का 34.2 डिग्री, पटियाला का 36.3 डिग्री, पठानकोट का 36.6 डिग्री, फाजिल्का का 36.0 डिग्री, होशियारपुर का 34.8 डिग्री, एसबीएस नगर का 31.8 डिग्री और रूपनगर का 36.8 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 24.0 डिग्री, लुधियाना का 23.8 डिग्री, पटियाला का 26.7 डिग्री, बठिंडा का 25.5 डिग्री, फाजिल्का का 25.8 डिग्री, होशियारपुर का 24.7 डिग्री और रूपनगर का 25.8 दर्ज किया गया।

महज 48 घंटे में खुला क्लिनिक फायरिंग केस, जालंधर पुलिस ने आरोपी को दबोचा

जालंधर. पुलिस कमिश्नरेट जालंधर ने वेरका मिल्क प्लांट के निकट स्थित आर्यन होम्योपैथिक क्लिनिक पर फायरिंग करने के मामले को सुलझाते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित की पहचान गुरपाल सिंह निवासी अशोक विहार कालोनी, वेरका मिल्क प्लांट के निकट के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ दर्ज मामले में कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया है। पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने बताया कि थाना प्रभारी सब-इंस्पेक्टर राकेश कुमार की अगुवाई में पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपित को गिरफ्तार किया। 22 को डॉ. संदीप शर्मा निवासी वीनस वैली, जालंधर के बयान पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि 20 जून की रात उनकी पत्नी डा. विश्वजीत कौर ने सलेमपुर रोड स्थित आर्यन होम्योपैथिक क्लिनिक को बंद किया था। 22 जून की सुबह जब भतीजे मोहित बावा ने क्लिनिक का शटर खोला तो अंदर का शीशा टूटा हुआ मिला। जांच करने पर पता चला कि शीशे पर गोली लगने का निशान था और गोली आर-पार हुई प्रतीत हो रही थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच और सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने आरोपित गुरपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित से पूछताछ जारी है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि फायरिंग के पीछे क्या कारण था और क्या इस घटना में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।

संजीवनी एम्बुलेंस बनी प्रसूति कक्ष, चलते वाहन में हुआ शिशु का जन्म

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही. छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 108 संजीवनी एम्बुलेंस एक बार फिर जीवनदायिनी साबित हुई. ग्राम करजा निवासी गर्भवती महिला गोमती को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें सिम्स अस्पताल बिलासपुर रेफर कर दिया. हालांकि रास्ते में ही प्रसव पीड़ा तेज हो गई, जिसके बाद एम्बुलेंस स्टाफ की तत्परता से महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया. महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया. फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं. जानकारी के अनुसार, कोरजा (गौरेला) निवासी गोमती (28 वर्ष), पति संदीप को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल GPM में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों ने चेकउप के बाद पाया कि ‘ प्रसव में रुकावट’ थी और प्रोग्रेस नहीं हो पा रही थी. इसके साथ जिला अस्पताल में एनेस्थीसिया डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने से डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिम्स (CIMS) बिलासपुर रेफर कर दिया. ​परिजन आनन-फानन में महिला को डायल 108 एम्बुलेंस से बिलासपुर ले जा रहे थे. सफर के दौरान जैसे ही एम्बुलेंस कोनी (बिलासपुर) के पास पहुंची, महिला की प्रसव पीड़ा असहनीय हो गई और स्थिति काफी नाजुक हो गई. ​गंभीरता को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात ईएमटी (EMT) चंद्रिका प्रसाद ने तुरंत गाड़ी रुकवाई. उन्होंने बिना समय गंवाए सहायक पायलट शिवशंकर पुरी और साथ में मौजूद मितानिन के सहयोग से एम्बुलेंस के भीतर ही प्रसव कराने का निर्णय लिया.​ ​स्टाफ की कुशलता से महिला का प्रसव पूरी तरह सफल रहा और एम्बुलेंस में ही किलकारी गूंज उठी. गोमती ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया. सफल प्रसव के बाद संजीवनी 108 की टीम ने बिना देरी किए जच्चा और बच्चा दोनों को सिम्स अस्पताल बिलासपुर में दाखिल कराया. जहां डॉक्टरों की देखरेख में दोनों की स्थिति पूरी तरह सामान्य और स्वस्थ बताई जा रही है. विपरीत परिस्थितियों में सूझबूझ दिखाकर सुरक्षित प्रसव कराने के लिए परिजनों ने संजीवनी 108 के स्टाफ और मितानिन का आभार व्यक्त किया है. सोशल मीडिया पर भी लोग इस जीवन रक्षक टीम की जमकर सराहना कर रहे हैं. व्यवस्था पर सवाल पिछले 25 दिनों से स्थाई एनेस्थीसिया डॉक्टर का जिला अस्पताल में न होना कहीं न कहीं आम लोगों के स्वास्थ्य से साथ खिलवाड़ है. ​वर्तमान में मनेंद्रगढ़ से वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर एनेस्थीसिया डॉक्टर बुलाए जाते हैं. स्थाई डॉक्टर न होने के कारण आपातकालीन स्थितियों में डॉक्टरों को न चाहते हुए भी गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को बिलासपुर रेफर करना पड़ रहा है, जिससे मरीजों की जान जोखिम में बनी रहती है.

मध्य प्रदेश में UCC बिल की तैयारी, क्या इंटरकास्ट मैरिज से प्रभावित होंगे आदिवासी अधिकार?

भोपाल   मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का ड्राफ्ट अगले 10 दिनों में तैयार हो जाएगा. देश की सबसे बड़ी आदिवासी आबादी वाले राज्य मध्यप्रदेश में यूसीसी के दायरे में आदिवासी समाज को कुछ मामलों में लाने की तैयार की जा रही है. आदिवासी समाज में अंतरजातीय विवाह करने पर उन्हें मिलने वाले आदिवासी अधिकारों को खत्म किया जा सकता है. इसे लेकर आए सुझावों पर गठित की गई उच्च स्तरीय कमेटी विचार कर ही है. उधर आदिवासियों के लिए भी विवाह का रजिस्ट्रेशन का विकल्प खुला रखा जा सकता है।  आदिवासियों की संपत्ति बंटवारे पर भी विचार समान नागरिक संहिता के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने भोपाल में अलग-अलग वर्गों से सुझाव लिए हैं. समिति सभी जिलों से सुझाव प्राप्त कर चुकी है. उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्षता कर रहे उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह के मुताबिक, '' उम्मीद है कि अगले दस दिनों में समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तय कर लिया जाएगा. यूसीसी के दायरे में अंतरजातीय विवाह करने वाले आदिवासी युवक-युवतियों को भी लाया जा सकता है. ऐसे मामलों में उनके संपत्ति बंटवारे को भी यूसीसी के दायरे में लाए जाने पर विचार किया जा रहा है. यूसीसी में बहु विवाह पर रोक लगाने, विवाह के रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने के साथ आदिवासियों के लिए विवाह रजिस्ट्रेशन का विकल्प रखा जाएगा।  आदिवासियों का मिल सकती है ये राहत यूसीसी के दायरे में आदिवासियों को भी लाए जाने पर सुझाव आए हैं. समिति सदस्य और उत्तरखंड के पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने कहा, '' एक विचार बिलकुल साफ है कि संविधान में अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं. उनकी परंपराओं, संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए संविधान में अलग से व्यवस्था की गई है, इस व्यवस्था को हम नजरअंदाज नहीं कर सकते. लेकिन क्या उसके अंतर्गत रहते हुए यूसीसी के प्रावधानों का लाभ उनको दिया जाय या न दिया जाए इसको लेकर चर्चा हुई है. यदि कोई स्वैच्छिक रूप से वैवाहिक पंजीयन कराना चाहे तो करें और यदि कोई न चाहे कि उनकी संपत्ति का अधिकार यूसीसी के नियमों के तहत मिलना चाहिए, इस प्रावधान को शामिल किया जाए या न किया जाए इसको लेकर विचार चल रहा है।   गैर आदिवासी समुदाय में विवाह करने पर छिनेंगे अधिकार अनुसूचित समुदाय का कोई व्यक्ति गैर अनुसूचित समुदाय में विवाह करता है, तो उसे फैमिली लाॅ में जो अधिकार मिलते हैं वह यूसीसी से तय होंगे या उनकी पारंपरिक नियमों से तय होंगे इसको लेकर कुछ विचार आए हैं. यदि आदिवासी समाज की महिला गैर अनुसूचित जनजाति में विवाह करती है तो ऐसे में आदिवासी को मिलने वाले अधिकार को समाप्त माना जाए, क्योंकि विवाह के बाद महिला आदिवासी कल्चर को फाॅलो नहीं करेगी. इसी तरह यदि कोई आदिवासी पुरुष गैर आदिवासी महिला से विवाह करता है तो क्या उस पर भी यह नियम लागू किया जाए? इस पर समिति विचार करेगी।  मानूसन सत्र में आ सकता है विधेयक शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि यूसीसी के फाइनल ड्राफ्ट के साथ दो रिपोर्ट तैयार होंगी, इसमें एक में व्यक्तियों, विशेषज्ञों और समूहों से लिए गए सुझावों को रखा जाएगा, जबकि दूसरे में इन सुझावों का निचोड़ होंगे, जिसे ड्राफ्ट में शामिल किया जाएगा। माना जा रहा है कि सरकार यूसीसी के इस विधेयक को आगामी मानसून सत्र में पेश कर सकती है. मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव इसे लेकर पहले ही इशारा कर चुके हैं।  लिव इन रिलेशनशिप गुजरात और उत्तराखंड दोनों राज्यों में लिव इन रिलेशनशिप में रजिस्ट्रेषन अनिवार्य किया गया है.गुजरात में प्रावधान किया गया है कि 21 साल से कम आयु की स्थिति में अभिभावक को सूचित किया जाएगा. 30 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन कराना होगा. बिना रजिस्ट्रेशन एक माह से अधिक समय तक लिव इन में रहने पर 3 माह की कैद या 10 हजार रुपए का जुर्माने का प्रावधान है. दोनों राज्यों में लिव इन रिलेशनशिप में जन्मे बच्चे को वैध माना जाएगा और दोनों को बच्चे को अपना नाम देना होगा।  संपत्ति का अधिकार गुजरात में संपत्ति के अधिकार में प्रावधान किया गया है कि वसीयत न करने की स्थिति में पति-पत्नी और बच्चों को संपत्ति समान रूप से बांटी जाएगी. उत्तराखंड में संपत्ति पर पति या पत्नी (जो भी जीवित हो) के अलावा पुत्र के साथ पुत्री का भी समान अधिकार दिया गया है. मृतक की संपत्ति में भी दोनों के समान अधिकार दिए गए हैं. पहले उत्तराखंड में प्रावधान था कि मृतक की पत्नी को ही संपत्ति दी जाएगी। 

नौकरी के साथ कमाई के नए रास्ते! मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा रोजगार, PG-टिफिन बिजनेस भी चमका

चंडीगढ़  पंजाब में विनिर्माण क्षेत्र सबसे अधिक रोजगार प्रदान कर रहा है। प्रदेश में कुल 3.05 लाख प्रतिष्ठान काम कर रहे हैं। इनमें से 1.27 लाख प्रतिष्ठानों में एक से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। लोग अब पेइंग गेस्ट और टिफिन सर्विस से भी कमाई कर रहे हैं। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अखिल भारतीय छठे आर्थिक सर्वे में यह जानकारी सामने आई है। सर्वे के अनुसार, सभी कृषि और गैर-कृषि गतिविधियों में बड़े प्रतिष्ठानों की भागीदारी अभी भी कम है। केवल 2.69 फीसदी प्रतिष्ठानों में ही 10 से अधिक कर्मी कार्यरत हैं। मंत्रालय ने संगठित और असंगठित क्षेत्र पर यह सर्वे किया है।  रिपोर्ट बताती है कि घरों से छोटी-मोटी गतिविधियों से कमाई की प्रवृत्ति बढ़ी है। प्रदेश में कुल 36.46 लाख प्रतिष्ठान काम कर रहे हैं। इनमें से 23.63 लाख प्रतिष्ठानों पर एक या उससे अधिक कर्मी लगे हुए हैं। खुदरा व्यापार और सेवा क्षेत्र   खुदरा व्यापार में इस समय 3.64 लाख इकाइयां कार्यरत हैं। इनमें से 91835 इकाइयों पर एक या उससे अधिक कर्मी हैं। आवास और खाद्य सेवा गतिविधियों में कुल 56,448 प्रतिष्ठान शामिल हैं। इनमें से 20,821 प्रतिष्ठानों पर एक से अधिक कर्मी काम कर रहे हैं। शहरों में अधिकतर लोग पेइंग गेस्ट चला रहे हैं। किराए पर मकान देकर और टिफिन सर्विस से भी लोग आय अर्जित कर रहे हैं। पिछले कुछ  समय से इनका चलन बढ़ा है। यह काम भी असंगठित क्षेत्र का प्रमुख हिस्सा बनता जा रहा है। पशुपालन और शिक्षा क्षेत्र प्रदेश में पशुपालन क्षेत्र में 2.61 लाख प्रतिष्ठान हैं। इनमें से 49,187 प्रतिष्ठान एक या उससे अधिक कर्मियों के साथ चल रहे हैं। पिछले कुछ समय से प्रदेश में डेयरी का चलन भी बढ़ा है। काफी संख्या में किसान परिवार कृषि के साथ ही डेयरी भी चला रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कुल 44,325 संस्थान इस समय चल रहे हैं। इनमें से 36,763 प्रतिष्ठानों पर एक से अधिक कर्मी हैं। शिक्षा में बढ़ती प्रतियोगिता के कारण कोचिंग संस्थानों की संख्या पहले से बढ़ रही है। निर्माण और अन्य सेवाएं निर्माण कार्य में कुल 31,654 प्रतिष्ठान चल रहे हैं। इनमें से 8849 संस्थान अन्य लोगों के लिए भी रोजगार का साधन बन रहे हैं। मछली पालन के कुल 291 प्रतिष्ठान हैं। इनमें से 74 प्रतिष्ठान एक और अधिक कर्मियों से चल रहे हैं। बिजली, गैस और एयर कंडीशनिंग की आपूर्ति में लगे प्रतिष्ठानों की कुल संख्या 1350 है। इनमें 1277 प्रतिष्ठानों पर एक से ज्यादा कर्मी काम कर रहे हैं। पानी की आपूर्ति, सीवरेज और कचरा प्रबंधन में 16,097 प्रतिष्ठान शामिल हैं। इनमें से 6409 संस्थान और लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। मोटर वाहनों व मोटरसाइकिलों की मरम्मत के काम में कुल 47,167 प्रतिष्ठान हैं। इनमें से 21,146 प्रतिष्ठानों में एक या ज्यादा कर्मी काम कर रहे हैं। कला, मनोरंजन और खेल में भी कुल 10,013 संस्थान कार्यरत हैं।

मॉनसून सक्रिय, कई जिलों में बारिश की संभावना, पलामू में लू का खतरा

रांची  मॉनसून की रुक-रुक कर बारिश से जहां रांची, मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस और चाईबासा का अधिकतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस गिर गया है. वहीं पलामू, गढ़वा और चतरा में 23, 24 और 25 को लू चलने की संभावना व्यक्त की गई है. जबकि झारखंड के अन्य इलाकों में 28 तक जून मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवा के तक मेघ साथ बारिश होने की संभावना है. वज्रपात से तीन की मौत इस बीच सोमवार को वज्रपात से तीन लोगों की मौत हो गई है. इनमें हजारीबाग जिला अंतर्गत विष्णुगढ़ के नरकी पंचायत स्थित नावाडीह टोला में वज्रपात से गोवर्धन महतो (68 वर्ष) की मौत हो गई वह बकरियों को चराने गए थे. वहीं गढ़वा के मेराल थाना क्षेत्र अंतर्गत विकताम गांव में वज्रपात से महिला ममता कुंवर (53 वर्ष) की मौत हो गई. सिमडेगा जिले के केरसई थाना के भंडारटोली गांव में वज्रपात से 15 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चे घायल हो गए. राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश सोमवार को सबसे अधिक चाईबासा (जगन्नाथपुर) में 14 मिमी, सिमडेगा में 10 मिमी, खूंटी में चार मिमी, देवघर और सरायकेला में दो-दो मिमी, बहरागोड़ा में 2.5 मिमी, लोहरदगा में एक मिमी, रांची में छिटपुट बारिश हुई. अधिकतम तापमान की स्थिति     रांची –  28.4     जमशेदपुर – 31.8     मेदिनीनगर – 37.1     बोकारो – 36.1     चाईबासा – 30.8 झारखंड में 60% कम बारिश मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले 24 घंटे में राज्य के कई इलाकों में मॉनसून के सक्रिय होने से अच्छी बारिश हो सकती है. मॉनसून के आने के बाद भी झारखंड में 22 दिनों में 60 प्रतिशत कम बारिश हुई है. 1 जून 2026 से 22 जून 2026 तक सामान्य वर्षापात 112.1 मिमी है, जबकि इस दौरान वास्तविक वर्षापात 44.7 मिमी हुई है. रांची में सामान्य से दो मिमी अधिक बारिश हो गयी है. वहीं 23 जिलों सामान्य से कम बारिश हुई है. गढ़वा में में 99% कम बारिश हुई है. रांची में सामान्य वर्षापात 115.6 मिमी है, है, जबकि इस दौरान 118.2 मिमी बारिश हो गई है.

निपुण भारत मिशन को नई रफ्तार! योगी सरकार ने शुरू किया मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण का दूसरा चरण

निपुण भारत मिशन को नई गति देने में जुटी योगी सरकार, जनपद स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण का दूसरा चरण शुरू – राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में 20 जनपदों के एसआरजी सदस्य और डायट मेंटर्स ले रहे भाग – प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स आगे जिला और ब्लॉक स्तर पर हजारों शिक्षकों को देंगे प्रशिक्षण – आधारभूत साक्षरता, गणितीय दक्षता और गतिविधि आधारित शिक्षण पर विशेष फोकस – दीक्षा और निपुण टीचर ऐप जैसे डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर भी दिया जा रहा प्रशिक्षण लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार निपुण भारत मिशन को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए शिक्षकों के क्षमता संवर्धन की मजबूत शृंखला तैयार कर रही है। इसी क्रम में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जनपद स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स के लिए पांच दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा चरण सोमवार से प्रारंभ हो गया।  राज्य स्तर पर आयोजित इस प्रशिक्षण में सहभागी जनपदों से चयनित राज्य संसाधन समूह (एसआरजी) सदस्यों और डायट मेंटर्स को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जो आगे जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण का नेतृत्व करते हुए लाखों शिक्षकों तक निपुण भारत मिशन की अवधारणाओं, नवीन शिक्षण पद्धतियों और अधिगम सुधार की रणनीतियों को पहुंचाएंगे। यह प्रशिक्षण निपुण भारत मिशन के अंतर्गत संचालित राज्यव्यापी शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम की दूसरी कड़ी है। प्रशिक्षण का पहला चरण 16 से 20 मई के बीच सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। इसके बाद जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण के लिए दो और चरण आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश भर में एक सुदृढ़ शैक्षणिक प्रशिक्षण तंत्र विकसित किया जा सके। वर्तमान बैच में प्रदेश के 20 जनपदों के प्रतिनिधि शामिल हैं। प्रत्येक सहभागी जनपद से दो राज्य संसाधन समूह (एसआरजी) सदस्य और दो डायट मेंटर्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स की जिम्मेदारी आगे जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन करना होगी, ताकि निपुण भारत मिशन की रणनीतियां और शिक्षण पद्धतियां प्रभावी ढंग से विद्यालय स्तर तक पहुंच सकें। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आधारभूत भाषा एवं गणितीय दक्षताओं के विकास के लिए प्रभावी कक्षा-कक्ष क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत दक्षता आधारित शिक्षण पद्धति, गतिविधि आधारित शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाएं, प्रिंट-समृद्ध शैक्षणिक सामग्री और टीएलएम के उपयोग, कक्षा मूल्यांकन की प्रभावी रणनीतियों तथा दीक्षा, कैच-अप शिक्षण एवं रीडिंग कैंपेन जैसे कार्यक्रम पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डिजिटल संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष बल है। प्रशिक्षण कार्यक्रम को पूरी तरह सहभागितापूर्ण और व्यावहारिक स्वरूप में तैयार किया गया है। इसमें प्रदर्शन, चिंतन, सहकर्मी अधिगम, समूह चर्चा और कक्षा में प्रत्यक्ष उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि प्रशिक्षण के दौरान विकसित शैक्षणिक समझ और कौशल सीधे शिक्षण व्यवहार में परिलक्षित हों तथा विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में निपुण भारत मिशन को मिशन मोड में लागू किया जा रहा है। विद्यालय कायाकल्प, बाल वाटिका, डिजिटल शिक्षण संसाधनों के विस्तार, शिक्षक क्षमता संवर्धन और अधिगम गुणवत्ता सुधार जैसे प्रयासों के साथ सरकार बुनियादी शिक्षा की मजबूत नींव तैयार करने में जुटी है।

कैंपस में अब नहीं चलेगी प्लास्टिक, कुल्हड़ और जूट को बढ़ावा

 लखनऊ यूपी के स्टेट यूनिवर्सिटी और डिग्री कॉलेजों में सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया गया है। इसके अलावा पॉलीथीन बैग, प्लास्टिक की बोतलें, चम्मच और प्लास्टिक के कप-प्लेट पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा है। अब इनकी जगह पर कुल्हड़, कागज के बर्तन, जूट के थैले समेत अन्य का प्रयोग किया जाएगा। वहीं, जनभवन की ओर से इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। राज्यपाल व कुलाधिपति के विशेष कार्याधिकारी डॉ. पंकज एल जॉनी की ओर से जारी किए गए आदेश के अनुसार विश्वविद्यालय व कॉलेज परिस की कैंटीन, हॉस्टल व कार्यक्रमों में प्लास्टिक की जगह पर कुल्हड़, जूट के थैले व कागज के बर्तन का प्रयोग किया जाए। वहीं, नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत में छात्रों, शिक्षकों व कर्मचारियों को प्लास्टिक मुक्त परिसर की शपथ दिलाई जाएगी। गीले व सूखे कचरे के लिए अलग-अलग कूड़ेदान की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा प्लास्टिक कचरे की रिसाइक्लिंग की उचित व्यवस्था की जाए। हर उच्च शिक्षण संस्थान में प्लास्टिक मुक्त परिसर बनाने के लिए समिति का गठन के साथ हर शुक्रवार व शनिवार को विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। प्लास्टिक की बोतल में रखी कोल्ड ड्रिंक-जूस हो, फिर टिफिन में रखा लंच या प्लास्टिक के बर्तन में रखकर माइक्रोवेब में खाना गरमा रहे हैं तो यह दिमाग के संतुलन को बिगाड़ सकता है। दिमाग में ऐसा केमिकल लोचा पैदा हो सकता है जिससे भूलमने की क्षमता पर कुठाराघात हो सकता है। प्लास्टिक के बर्तन, बोतल बनने में बड़ी मात्रा में बिस्फेनॉल ए यानी बीपीए का इस्तेमाल होता है। यह निष्कर्ष भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों के अध्ययन में आए हैं। यह अध्ययन जर्नल ऑफ बॉयोलॉजिकल केमिस्ट में प्रकाशित हो चुका है। इन बीमारियों के होने का है खतरा याददाश्त कमजोर होना, सीखने की क्षमता में कमी, चिंता, अवसाद, स्वभाव में चिड़चिड़ापन, महिला व पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर बुरा असर, हार्मोनल असंतुलन, मोटापा और डायबिटीज, दिल की बीमारियां होने का खतरा है। 25 किलो से अधिक प्रतिबंधित सामग्री जब्त उधर, हरदोई में यूपी शासन के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन अनुभाग-6, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में चलाए जा रहे सिंगल यूज प्लास्टिक जब्तीकरण अभियान के तहत नगर पालिका परिषद संडीला ने कार्रवाई की। बीते शनिवार को अभियान के दौरान 25 किलो से अधिक प्रतिबंधित पॉलीथिन एवं सिंगल यूज प्लास्टिक सामग्री जब्त की गई। साथ ही 82 हजार का जुर्माना भी वसूला गया।