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गेहूं का हेल्दी विकल्प: 5 हाई-फाइबर आटे जो बढ़ाएं सेहत

भारतीय यूं तो बहुत से अनाज खाते हैं, लेकिन ज्यादातर घरों में गेहूं के आटे के रोटी ही बनती हैं. गेहूं का आटा खाने के लिए अच्छा होता है, लेकिन इसमें ग्लूटेन की मात्रा ज्यादा होती है. ऐसे इसे पचाने के लिए शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. आजकल की बिगड़ी लाइफस्टाइल में लोग ज्यादातर लैपटॉप या मोबाइल लेकर बैठे रहते हैं, जिसकी वजह से उनका डाइजेस्टिव सिस्टम ढंग काम नहीं कर पाता है और शरीर को बीमारियां घेर लेती हैं. ऐसे में आजकल लोग गेहूं के आटे का हेल्दी ऑप्शन ढूंढ रहे हैं. क्या आप भी इन्हीं लोगों में शामिल हैं? अगर हां, तो ये खबर आपके लिए है. आज हम आपको ऐसे 5 तरह के आटे बताएंगे, जिनमें फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. ये जल्दी पच जाते हैं और इनकी कुछ रोटी खाकर भी पेट लंबे समय तक भरा महसूस करता है. फाइबर डाइजेशन को बेहतर बनाए रखने के लिए भी कारगर है. आइए जानते हैं ऐसे 5 हाई-फाइबर आटों के बारे में, जो आपके खाने को ज्यादा पौष्टिक बना सकते हैं. जौ का आटा: जौ का आटा फाइबर का अच्छा सोर्स माना जाता है. इसे गेहूं के आटे में मिलाकर रोटियां बनाई जा सकती हैं. कई लोग इसे अपनी डाइट में शामिल करते हैं क्योंकि इससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है. जौ का आटा स्वाद और पोषण का अच्छा कॉम्बिनेशन है.   बाजरे का आटा: बाजरा भरतीय खानपन का एक ट्रेडिशनल हिस्सा रहा है. इसका आटा फाइबर के साथ कई जरूरी पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है. बाजरे की रोटी को आप सब्जी, दही या चटनी के साथ खा सकते हैं.   रागी का आटा: रागी को पोषक तत्वों से भरपूर अनाज माना जाता है. इसमें अच्छी मात्रा में फाइबर पाया जाता है. रागी से रोटी, डोसा, चीला और कई डिशेज बनाए जा सकते हैं. इसका इस्तेमाल नाशते से लेकर डिनर तक में किया जा सकता है. ज्वार का आटा: ज्वार का आटा भी हाई-फाइबर आटों के ऑप्शन में शामिल है. इसकी रोटियां भारत के कई राज्यों में बड़े चाव से खाई जाती हैं. ज्वार का स्वाद अलग होता है और ये खाने में नया स्वाद जोड़ने का काम करता है. इसे अन्य आटों के साथ मिलाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है. ओट्स का आटा: ओट्स को फाइबर का अच्छा सोर्स माना जाता है. आप ओट्स को पीसकर उसका आटा तैयार कर सकते हैं. इससे चीला, पैनकेक और रोटियां बनाई जा सकती हैं. ये उन लोगों के लिए भी अच्छा ऑप्शन हो सकता है जो अपनी डाइट में कुछ नया शामिल करना चाहते हैं. डाइट में कैसे करें शामिल ? अगर आप पहली बार इन आटों का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इन्हें सीधे खाने के बजाय गेहूं के आटे में मिलाकर शुरू कर सकते हैं. इससे स्वाद और टेक्शचर दोनों सही रहते हैं. धीरे-धीरे अपनी पसंद के अनुसार इनकी मात्रा बढ़ा सकते हैं. जौ, बाजरा, राग, ज्वार और ओट्स जैसे आटे फाइबर से भरपूर ऑप्शन माने जाते हैं. इन्हे बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बनाकर डाइट में पोषण को बढ़ाया जा सकता है. हालांकि, किसी भी का सेवन लिमिट में ही करना चाहिए और अपनी जरूरत के अनुसार डाइट चुननी चाहिए.

नीदरलैंड्स के खिलाफ मैच में फील्डिंग करते समय लगी गंभीर चोट, भारतीय टीम को बड़ा झटका

नई दिल्ली आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही भारतीय टीम को एक बड़ा झटका लगा है। टीम की स्टार ऑलराउंडर और ऑफ-स्पिनर श्रेयंका पाटिल टखने की गंभीर चोट के कारण टूर्नामेंट के बाकी बचे मैचों से बाहर हो गई हैं। बुधवार को नीदरलैंड्स के खिलाफ खेले गए ग्रुप-ए के मुकाबले के दौरान फील्डिंग करते समय वह चोटिल हो गईं जिसके बाद उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा था। फील्डिंग के दौरान लगी थी चोट यह हादसा मैच के छठे ओवर की पहली गेंद पर हुआ। श्रेयंका की गेंद को नीदरलैंड्स की बल्लेबाज फेबे मोल्केनबोएर ने लेग साइड की तरफ खेला। मिडविकेट पर मौजूद फील्डर गेंद को पूरी तरह रोकने में नाकाम रही जिसके बाद श्रेयंका खुद ही गेंद के पीछे दौड़ पड़ीं। गेंद को उठाने के लिए झुकते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और वह काफी बुरी तरह गिर पड़ीं जिससे उनके दाएं टखने में गंभीर चोट आ गई। श्रेयंका का इस तरह चोटिल होना टीम के लिए इसलिए भी निराशाजनक है क्योंकि वह हाल ही में एक पुरानी चोट से उबरकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापस लौटी थीं। प्रेमा रावत की टीम में एंट्री श्रेयंका के बाहर होने के बाद आईसीसी की टेक्निकल कमेटी ने उनके रिप्लेसमेंट को मंजूरी दे दी है। भारतीय टीम में उनकी जगह 24 वर्षीय लेग-स्पिनर प्रेमा रावत को शामिल किया गया है। प्रेमा पहले से ही इंडिया-ए सेटअप के साथ इंग्लैंड में मौजूद थीं इसलिए वह जल्द ही सीनियर टीम के साथ जुड़ जाएंगी। हालांकि प्रेमा ने अभी तक सीनियर टीम के लिए इंटरनेशनल डेब्यू नहीं किया है लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका हालिया प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। घरेलू सर्किट में शानदार ट्रैक रिकॉर्ड प्रेमा रावत ने हाल के दिनों में विमेंस प्रीमियर लीग और इंडिया-ए के लिए खेलते हुए सेलेक्टर्स को काफी प्रभावित किया है। डब्ल्यूपीएल के बीते सीजन में आरसीबी के लिए तीन मैच खेलते हुए उन्होंने 6 से कम की इकोनॉमी रेट और 8 के बेहतरीन औसत से 2 विकेट चटकाए थे। इसके अलावा, विमेंस एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट में उन्होंने इंडिया-ए की ओर से धारदार गेंदबाजी करते हुए महज 9.62 के औसत से 8 विकेट अपने नाम किए थे।

Working Women Hostel Project: मोहाली में 350 महिलाओं के रहने की सुविधा, आज होगा परियोजना का शुभारंभ

मोहाली  पंजाब सरकार की ओर से अब चंडीगढ़ की तर्ज पर मोहाली में भी वर्किंग वुमेन हॉस्टल बनाया जाएगा। यह अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। करीब 15 साल से इसकी मांग की जा रही थी। इसका नींव पत्थर सेक्टर-66 में आज कैबिनेट मंत्री बलजीत कौर रखेंगी।  अब तीन प्वाइंटों में जानिए हॉस्टल कितना जरूरी     मोहाली में कई कंपनियां व यूनिवर्सिटी: मोहाली में विकास काफी तेज गति से हुआ है। पढ़ाई और रोजगार के लिए पंजाब समेत अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में महिलाएं मोहाली आती हैं। इलाके में कई नामी कंपनियां चल रही है, जहां पर महिलाएं काम करती है। ऐसे में काफी समय से यह मांग चल रही थी कि यहां पर वर्किंग वुमन हास्टल बनाया जाए।     सुरक्षा को लेकर चिंता: शहर में नए एरिया भी बसे हैं। प्राइवेट पीजी और हॉस्टलों में रहने वाली महिलाओं के साथ लूटपाट, धोखाधड़ी और सुरक्षा संबंधी घटनाओं के मामले सामने आते रहे हैं। इतना ही नहीं पीजीआई में हत्या तक हुई। ऐसे में लोगों को सुरक्षा का हर समय डर रहता है।     महंगे किराए से राहत: प्राइवेट पीजी और कमरों का किराया अधिक होने के कारण कई कामकाजी और छात्राएं परेशानी झेलती हैं। सरकारी हॉस्टल उन्हें सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराएगा। प्राइवेट पीजी में किराया बहुत है। महिलाओं को उचित सुविधाएं भी नहीं मिल पाती है। इस प्रोजेक्ट को पहले मिली मंजूरी मोहाली के सबसे बड़े महिला हॉस्टल प्रोजेक्ट पर ₹73.85 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसमें 350 महिलाओं के रहने की व्यवस्था होगी। सेक्टर-79 हॉस्टल के प्रोजेक्ट पर ₹12.57 करोड़ खर्च होंगे। फंडिंग में 60% राशि केंद्र सरकार के निर्भया फंड से और 40% (करीब ₹5.03 करोड़) पंजाब सरकार देगी।

प्रीमियम स्मार्टफोन सस्ता: Galaxy S25 Ultra पर बैंक ऑफर और एक्सचेंज से बड़ी बचत

नया स्मार्टफोन खरीदने जा रहे हैं तो सैमसंग के फ्लैगशिप ग्रेड स्मार्टफोन पर बंपर ऑफर मिल रहा है. सैमसंग गैलेक्सी एस 25 अल्ट्रा एक पावरफुल है, जिसमें दमदार प्रोसेसर, 200MP का कैमरा और कई अच्छे फीचर्स दिए गए हैं. अब इस हैंडसेट पर बंपर डील मिल रही है और इसको करीब आधे दाम में घर लाया जा सकता है. Samsung Galaxy S25 Ultra को Amazon पर 94,977 रुपये में लिस्ट किया है, जबकि इस हैंडसेट को बीते साल 1,29,999 रुपये में लॉन्च किया था. अब इस हैंडसेट पर 35,022 रुपये का फ्लैट डिस्काउंट मिल रहा है. Amazon पे आईसीआईसीआई  बैंक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके यूजर्स को 2849 रुपये का एक्स्ट्रा डिस्काउंट हासिल कर सकते हैं, जिसके बाद ये कीमत घटकर 92,128 रुपये तक हो जाएगी. सैमसंग गैलेक्सी एस 25 अल्ट्रा को खरीदने के लिए अगर पुराने हैंडसेट एक्सचेंज करेंगो तो मैक्सिमम 22,500 रुपये तक की कीमत को कम किया जा सकता है. इसके बाद सैमसंग गैलेक्सी एस 25 अल्ट्रा की कीमत और कम हो जाएगी, जो 72,477 रुपये तक नीचे जा सकती है. एक्सचेंज वैल्यू पुराने हैंडसेट की कंडिशन पर निर्भर करती है. Samsung Galaxy S25 Ultra के स्पेसिफिकेशन्स Samsung Galaxy S25 Ultra में एक बड़ा डिस्प्ले मिलता है, जो 6.9 इंच का डाइनेमिक LTPO AMOLED 2X डिस्प्ले है, जिसके साथ 120Hz का रिफ्रेश रेट्स मिलता है. इसमें HDR10+ का सपोर्ट, 2600 निट्स की पीक ब्राइटनेस मिलेगी. सैमसंग गैलेक्सी एस 25 अल्ट्रा में Snapdragon 8 Elite चिपसेट का यूज किया गया है. इसमें 16GB तक रैम और 1TB तक की स्टोरेज दी गई है. ये ऐप्स को स्मूद परफॉर्मेंस देते हैं Samsung Galaxy S25 Ultra का कैमरा Samsung Galaxy S25 Ultra में क्वाड कैमरा सेटअप दिया गया है, जो 200 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा सेंसर के साथ आता है और इसमें OIS का भी सपोर्ट मिलता है. 50 मेगापिक्सल का अल्ट्रा वाइड एंगल कैमरा, 50 मेगापिक्सल का पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस मिलता है, जो 5X ऑप्टिकल जूम के साथ आता है. इसमें 10 मेगापिक्सल का टेलीफोटो कैमरा भी है, जो 3X ऑप्टीकल जूम के साथ आता है. Samsung Galaxy S25 Ultra की बैटरी Samsung Galaxy S25 Ultra में  5,000mAh की बैटरी दी गई है, जो 45W का फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है. यह 30 मिनट में करीब 65 परसेंट बैटरी को चार्ज कर देता है. इसमें 15W वायरलेस चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है. इसमें एस पेन का सपोर्ट मिलता है.

टेबल टेनिस स्टार मनिका बत्रा ने सेलेक्शन में पारदर्शिता पर उठाए सवाल, PM मोदी से की अपील

नई दिल्ली भारत की स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी मन‍िका बत्रा ने एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिलने के बाद सेलेक्शन प्रोसेस पर गंभीर सवाल उठाए हैं. देश की टॉप महिला पैडलर ने कहा कि उन्हें टीम से बाहर किए जाने का फैसला बेहद निराशाजनक है और इस संबंध में उन्हें कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बताया गया. वैसे मन‍िका बत्रा की हाल‍िया और ताजा आईटीटीएफ टेबल टेनिस विश्व रैंकिंग में 51वें नंबर पर हैं. 31 वर्षीय मन‍िका बत्रा को टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) द्वारा घोषित एशियन गेम्स स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया. उन्हें मुख्य टीम के बजाय रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में स्वस्तिका घोष के साथ रखा गया है. सेलेक्शन प्रोसेस पर उठाए सवाल मन‍िका ने अपने बयान में कहा कि उन्हें सिर्फ सेलेक्शन ना होने का दुख नहीं है, बल्कि इस बात ने ज्यादा निराश किया है कि सेलेक्शन मानदंडों की व्याख्या और उनका इस्तेमाल किस तरह किया गया. उनका दावा है कि उन्हें बाहर करने के पीछे कोई व‍िशेष्ज्ञ कारण शेयर न हीं किया गया. भारतीय स्टार ने कहा कि सेलेक्शन प्रोसेस में एकरूपता को लेकर सवाल उठते हैं. उनके मुताबिक, पिछले एशियन गेम्स सेलेक्शन साइक‍िल में जिन मानकों और नियमों को अपनाया गया था, इस बार उनके मामले में अलग तरीके से लागू किया गया. यदि नियम वही थे, तो फिर उनके साथ अलग व्यवहार क्यों किया गया, इसका जवाब मिलना चाहिए. घरेलू टूर्नामेंट नहीं खेलने का पड़ा असर मन‍िका बत्रा का चयन नहीं होने की मुख्य वजह घरेलू प्रतियोगिताओं में उनकी अनुपस्थिति मानी जा रही है. घरेलू इवेंट्स में हिस्सा नहीं लेने के कारण वह टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया की रैंकिंग में शामिल नहीं हैं. यही कारण उनके चयन के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बना. हालांकि मन‍िका का मानना है कि पूरे मामले में पारदर्शिता की कमी रही है और चयन से जुड़ी जानकारी खिलाड़ियों को स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए. पीएम मोदी और खेल मंत्री से की अपील मन‍िका बत्रा ने इस मुद्दे को लेकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) से हस्तक्षेप की अपील की है.   उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि उन्होंने सेलेक्शन प्रोसेस लेकर स्पष्टता मांगी है और संबंधित संस्थाओं से अनुरोध किया है कि मामले की जांच की जाए ताकि सेलेक्शन क्राइटेर‍िया का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पालन सुनिश्चित हो सके. मन‍िका ने कहा कि एशियन गेम्स 2026 टीम में उनका सेलेक्शन न होना बेहद दुखद है. उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों के लिए यह जानना जरूरी है कि सेलेक्शन के फैसले किन आधारों पर लिए जा रहे हैं. भारतीय टेबल टेनिस में बड़ा नाम हैं मन‍िका मन‍िका बत्रा भारतीय टेबल टेनिस की सबसे सफल खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं. राष्ट्रमंडल खेलों और इंटरनेशनल लेव पर उन्होंने भारत को कई महत्वपूर्ण पदक दिलाए हैं. ऐसे में एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए उनका मुख्य टीम में चयन न होना खेल जगत में चर्चा का विषय बन गया है. अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि भारतीय ओलंपिक संघ, खेल मंत्रालय या टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया इस पूरे विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं.

NDA में दरार के संकेत? उम्मीद से ज्यादा वोट मिलने पर कांग्रेस उत्साहित, BJP की बढ़ी चिंता

बेंगलुरु  भारत की राजनीति में इन दिनों विपक्षी खेमे में टूट की खबरें लगातार आती रही हैं। वर्षों के बाद यह पहला मामला सामने आया है जिसमें केंद्र की सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन को तगड़ा झटका लगा है। कर्नाटक में गुरुवार को घोषित हुए विधान परिषद चुनाव के नतीजों में कांग्रेस ने पांच सीटों पर आरामदायक जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही विपक्षी भाजपा-जेडीएस गठबंधन के खेमे में हड़कंप मच गया है। चुनाव के आंकड़ों से यह साफ हो गया है कि विपक्ष के कई विधायकों ने पाला बदलकर कांग्रेस के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग की है। इस भीतरघात के बाद अब कर्नाटक में NDA के नेता अपनी ही पार्टियों में छिपे गद्दारों की तलाश में जुट गए हैं। चुनाव में गद्दारी के पुख्ता सबूत तो मिल चुके हैं, लेकिन गुप्त मतदान होने के कारण दोषियों का कोई स्पष्ट सुराग हाथ नहीं लग रहा है। कांग्रेस को मिले उम्मीद से ज्यादा वोट कांग्रेस उम्मीदवार विनय कार्तिक सबसे ज्यादा 32 वोट पाकर विजयी घोषित हुए। यह संख्या जीत के लिए जरूरी कोटे से कहीं अधिक थी और कांग्रेस विधायकों की अपनी ताकत से भी काफी ज्यादा थी। वोटों के इस गणित से अंदाजा लगाया जा रहा है कि उन्हें भाजपा और जेडीएस के कम से कम एक दर्जन 12 विधायकों का साथ मिला है। भाजपा के नेताओं का कहना है कि उनके खेमे से केवल तीन विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की है। भाजपा ने आरोप लगाया कि जेडीएस के कम से कम 8 विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवारों का समर्थन किया है। जेडीएस नेताओं ने भाजपा के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उनका तर्क है कि उनके खेमे से केवल 4 वोट ही कांग्रेस को जा सकते थे, बाकी की पूरी मदद भाजपा विधायकों की तरफ से मिली है। शक के घेरे में आए बड़े नाम इस उलटफेर के बाद जेडीएस के जीटी देवगौड़ा और एमआर मंजूनाथ तथा भाजपा के दिग्गज नेता रमेश जारकीहोली, बीपी हरीश, एम चंद्रप्पा और एचके सुरेश तुरंत जांच के दायरे में आ गए हैं। हालांकि, इन सभी नेताओं ने क्रॉस-वोटिंग के आरोपों से साफ इनकार किया है। गठबंधन की सिरदर्दी इस चुनाव में गुप्त मतदान प्रणाली होने की वजह से जिम्मेदारी तय करना बेहद मुश्किल हो गया है। राज्यसभा या अन्य ओपन वोटिंग के उलट जहां पार्टी व्हिप के जरिए यह जांचा जा सकता है कि किसने किसे वोट दिया, विधान परिषद की इस प्रक्रिया ने संदेह के लिए तो बहुत जगह छोड़ दी है, लेकिन सबूत जुटाने का कोई मौका नहीं दिया है। इस अनिश्चितता ने गठबंधन के भीतर अविश्वास को और गहरा कर दिया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पार्टी इन गद्दारों की पहचान करेगी और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर जेडीएस के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इस मामले पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद इसे अपनी पहली चुनावी जीत बताते हुए डीके शिवकुमार काफी उत्साहित दिखे। हालांकि, उन्होंने इस कयासबाजी को हवा न देते हुए हल्के अंदाज में कहा, "मुझे कोई अंदाजा नहीं है कि किसने क्रॉस-वोटिंग की है।" NDA के लिए बड़ा झटका यह चुनावी नतीजा भाजपा और जेडीएस दोनों के लिए ही आने वाले दिनों में बड़ी मुसीबतें खड़ी कर सकता है। पहले से ही अस्तित्व के संकट से जूझ रही जेडीएस के लिए यह हार एक बड़ा झटका है। अब पार्टी आलाकमान को अपने दूसरे स्तर के नेताओं और पार्टी के भीतर पनप रहे असंतोष पर गंभीरता से ध्यान देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। भाजपा में विजयेंद्र पर बढ़ेगा दबाव भाजपा के लिए भी यह परिणाम बेहद चिंताजनक है। इस बगावत से पार्टी के भीतर मौजूद असंतुष्ट गुट को बल मिलेगा, जो लगातार यह दावा कर रहा है कि राज्य में नेतृत्व की कमी के कारण पार्टी भटक रही है। विरोधी नेता अब प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र को पद से हटाने के लिए दबाव और तेज कर सकते हैं।

सिकल सेल स्क्रीनिंग में मध्यप्रदेश अव्वल, राष्ट्रपति ने प्रदर्शनी का किया अवलोकन; CM ने गिनाईं उपलब्धियां

ओंकारेश्वर ओंकारेश्वर में विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंची। सिकल सेल से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। 1.25 करोड़ लोगों के स्क्रीनिंग की लक्ष्य समय से पहले पूरा हुआ।  राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने कहा आज सिकल सेल दिवस पर लोगों के स्वास्थय के बारे में जागरुक करना है। सिकल सेल एनिमिया में मध्यप्रदेश सरकार ने बहुआयामी उपलब्धि हासिल किया है। इसके लिए मैं राज्य सरकार की सराहना करती हूं। ये संतोष की बात है कि 2023 में राष्ट्र मिशन में उन्होंने जो लक्ष्य देश के सामने रखे थे। उसमें स्क्रीनिंग का लक्ष्य समय से पहले पूरा हुआ है। जितना मुझे अवगत कराया गया है उसमें सवा करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग पूरी हो गई है। लोगों को कॉउंसलिंग कार्ड भी दिया गया इनमें ज्यादातर को लोगों को जेनेटिक कॉउंसलिंग कार्ड भी दिया गया है। सिकल सेल से जुड़े चुनौती को भारत सरकार ने बहुत ही गंभीरता से लिया है। पिछले कुछ वर्षों से समग्र रुप से जो प्रयास किए है, वो अत्यंत सराहनीय है। लगभग तीन वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्यप्रदेश के शहडोल से एनिमिया सिकल सेल मिशन को लॉंच किया था। इस पहल के पीछे न केवल सरकार का दृढ़ संकल्प था। बल्कि इस चुनौती से जुड़े हर आयाम का समुचित निष्कर्ष देने का दूरदर्शी सोच भी थी। मुझे बताया गया कि केंद्रीय स्वास्थय मंत्रालय और केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय के संयुक्त मॉडल के रुप में देश में पहली बार ऐसा मिशन पूरा किया गया। केवल स्वास्थय से जुड़ी समस्याओं के रुप में नहीं देखा जाता है। इसे जनजातीय स्वास्थय का मुद्दा, अनुवांशिका से जुड़े जागरुकता और प्रीवेंटिव हेल्थ कैयर की चुनौती से सामाजिक आचरण में बदलाव के रुप में भी देखा गया है। मुझे बताया गया है कि इस मिशन की पृष्टभूमि में स्तरों पर किए गए वैज्ञानिक और सामाजिक अध्ययन रहे हैं। आईसीएमआर, ट्राइबल हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट, AIIMS, NAHM, WHO और विभिन्न राज्यों सरकारों ने इस विषय पर विभिन्न आयामों पर काम किया है। मैं यह जानकार खुश हूं, आज मैं कुछ स्टॉल को देख रही थी। केवल एलोपेथ नहीं, आयुर्वेद भी इसमें रिसर्च करके निकाले है। 2027 तक लक्षित लोगों की स्क्रीनिंग करना लक्ष्य आज विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर ओंकारेश्वर में माननीय राष्ट्रपति महोदया की उपस्थिति में जनजागरूकता का यह महत्वपूर्ण आयोजन हो रहा है। हमें प्रसन्नता है कि मध्य प्रदेश ने सिकल सेल स्क्रीनिंग के क्षेत्र में कम समय में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। हमारा लक्ष्य वर्ष 2027 से पहले सभी लक्षित लोगों की स्क्रीनिंग पूरी करना है, ताकि इसके बाद उपचार और प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा सके। सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित जनजातीय समाज सदैव इस अभियान को याद रखेगा। सरकार इस बीमारी के उन्मूलन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सीएम बोले- 2027 तक 1.60 करोड़ स्क्रीनिंग का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ओंकार महाराज और मां नर्मदा की पावन भूमि पर आज विश्व सिकल सेल दिवस कार्यक्रम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नेतृत्व में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और राज्यपाल मंगूभाई पटेल शासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे, तभी इस अभियान की नींव रखी गई थी। वर्ष 2023 में शहडोल से सिकल सेल उन्मूलन अभियान 2.0 की शुरुआत हुई। पिछले तीन वर्षों में मध्य प्रदेश में 1 करोड़ 32 लाख लोगों की सिकल सेल जांच (स्क्रीनिंग) की जा चुकी है। वर्ष 2027 से पहले 1 करोड़ 60 लाख स्क्रीनिंग का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल मंगूभाई पटेल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने इस अभियान की लगातार निगरानी की और हर दो महीने में समीक्षा बैठक लेकर इसे सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इलाज प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई कार्यक्रम में सिकल सेल मरीजों, नियमित रक्तदाताओं और समाज में जागरूकता फैलाने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. आनंद ओनकर ने बताया कि खालवा, छैगांव माखन, पुनासा और पंधाना विकासखंडों से ऐसे सरपंचों का चयन किया गया है, जिन्होंने अपने गांवों में सिकल सेल स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आयोजन स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी के माध्यम से सिकल सेल एनीमिया की पहचान, स्क्रीनिंग और इलाज प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें मरीजों को उपलब्ध सरकारी सुविधाओं और बीमारी से बचाव के तरीकों पर भी प्रकाश डाला जाएगा। विशेषज्ञ चिकित्सक स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श भी प्रदान की गई। डॉक्टर बोले-सिकल सेल एनीमिया आनुवंशिक बीमारी डॉक्टर ओनकर ने बताया कि सिकल सेल एनीमिया एक आनुवंशिक बीमारी है, जिसकी पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ोतरी को विवाह पूर्व जांच से रोका जा सकता है। विवाह से पहले युवक-युवती दोनों की जांच कर उन्हें संभावित जोखिमों की जानकारी दी जाती है। जांच रिपोर्ट और सिकल सेल कार्ड के आधार पर संतान में बीमारी की संभावना बताई जाती है, जिसके बाद नवयुगल स्वयं निर्णय लेते हैं। कलेक्टर ऋषभ गुप्ता के निर्देशन में खंडवा जिले में बड़े पैमाने पर सिकल सेल स्क्रीनिंग अभियान चलाया गया है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जनजागरूकता, समय पर जांच और उचित परामर्श से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। विश्व सिकल सेल दिवस का यह आयोजन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सोना-चांदी खरीदने वालों की बल्ले-बल्ले, चांदी ₹22,000 लुढ़की; गोल्ड रेट में भी बड़ी गिरावट

नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों में एक बार फिर से बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है और दोनों कीमती धातुएं दो दिनों से क्रैश (Gold-Silver Price Crash) हो रही हैं. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही अचानक चांदी की वायदा कीमत में फिर बड़ी गिरावट आ गई. महज दो दिनों में ही ये कीमती धातु 22000 रुपये सस्ती हो गई है. दूसरी ओर से सोना भी काफी सस्ता हो गया है और 10 Gram 24 Karat Gold Rate गिरकर 1.46 लाख रुपये पर आ गया है।  खुलते ही 8000 रुपये टूटी चांदी MCX पर चांदी की कीमत में आई गिरावट पर नजर डालें, तो 3 जुलाई की एक्सपायरी वाली सिल्वर का प्राइस बीते कारोबारी दिन टूटते हुए 2,37,572 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुआ था और शुक्रवार को कारोबार की ओपनिंग के साथ ही ये फिसलकर 2,29,561 रुपये प्रति किलो पर आ गया. ऐसे में एक झटके में 1 Kg Silver 8,011 रुपये सस्ती हो गई।  Silver दो दिन में 22000 रुपये सस्ती  चांदी की वायदा कीमत में बीते कारोबारी दिन गुरुवार को भी बड़ी गिरावट आई थी और ये कारोबार के अंत तक फिसलती रही थी. इस हिसाब से अगर दो दिनों में आई गिरावट को देखें, तो चांदी की कीमत बुधवार को 2,51,807 रुपये पर क्लोज हुई थी और ये गुरुवार को 2,37,572 रुपये, जबकि शुक्रवार को 2,29,561 रुपये पर आ गई. ऐसे में चांदी दो दिन में ही 22,246 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई है।  Gold Rate में इतनी गिरावट चांदी के बाद बात करें सोने की वायदा कीमत के बारे में, तो ये भी Silver Price के कदम से कदम मिलाकर चल रही है और लगातार टूटती नजर आई है. 5 अगस्त की एक्सपायरी वाला 10 Gram 24 Karat Gold का भाव खुलने के साथ ही गिरकर 1,46,252 रुपये के लेवल पर आ गया, जो बीते कारोबारी दिन 1,49,309 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था. यानी सोना अचानक 3,057 रुपये सस्ता हो गया।  हाई से कितना टूट गया सोना?  बीते दो कारोबारी दिनों में सोने की कीमत में आई गिरावट की बात करें, तो 17 जून को 10 ग्राम सोने का भाव 1,53,879 रुपये था और यहां से ये कीमती पीली धातु 7,627 कमजोर हो गई है. वहीं अगर हाई लेवल से तुलना करें, तो बीते जनवरी महीने में वायदा सोने की कीमत पहली बार 2 लाख रुपये के पार निकली थी और इस एक्सपायरी वाले वायदा सोना का हाई 2,04,375 रुपये है, जिससे अब गोल्ड 58,123 रुपये सस्ता मिल रहा है।  अचानक क्यों बिखरने लगे सोना-चांदी?  Gold Silver Rate Crash के पीछे के कारणों की बात करें, तो ये अमेरिका से जुड़ा हुआ है. दरअसल, US Fed ने जून 2026 की बैठक रेपो रेट को स्थिर रखने का ऐलान किया है यानी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया और ये 3.50% से 3.75% के दायरे में हैं. ही बरकरार रखा है, लेकिन फेड अधिकारियों ने महंगाई बढ़ने की चिंता जताते हुए आगे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका जताई है, जिसका असर सोने चांदी की कीमतों पर भी देखने को मिला है।  (नोट- सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)

विक्रम भट्ट की हॉरर फिल्म ‘हॉन्टेड 3D: इकोज ऑफ द पास्ट’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल

बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस पर इस हफ्ते एक बड़ा सरप्राइज देखने को मिला है. निर्देशक विक्रम भट्ट की हॉरर फिल्म हॉन्टेड 3D: ईकोज ऑफ द पास्ट ने सभी उम्मीदों से बढ़कर प्रदर्शन किया है. कमाई के मामले में बाकी रिलीज फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है. फिल्म के साथ रिलीज हुईं “मैं वापस आऊंगा” और “भारत भाग्य विधाता” को पीछे छोड़ते हुए इस हॉरर फ्रेंचाइजी ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है. फिल्म की सफलता पर बात करते हुए विक्रम भट्ट ने बात की. विक्रम भट्ट बोले- हमने सोच-समझकर प्रमोशन किया था शोशा से बातचीत में फिल्म की सफलता पर बात करते हुए विक्रम भट्ट ने कहा कि उन्हें फिल्म की परफॉर्मेंस देखकर कोई हैरानी नहीं हुई. उन्होंने कहा, “मैं हैरान नहीं हूं, क्योंकि फिल्म का प्रमोशन किया गया था, लेकिन वहां जहां हमें लगा कि हमारा ऑडियंस मौजूद है. हमारे पास इतना बजट नहीं था कि हम हर जगह प्रचार करते, इसलिए हमने चुनिंदा जगहों पर ही फोकस किया.” उन्होंने आगे कहा, “होर्डिंग्स लगाए गए थे, लेकिन हमने जरूरत से ज्यादा दिखावा नहीं किया क्योंकि हमें पता था कि यह एक मास फिल्म है और असली ऑडियंस वहीं से आएगी.” एआई विवाद पर भी दिया जवाब फिल्म में एआई के इस्तेमाल को लेकर उठे सवालों पर भी विक्रम भट्ट ने खुलकर बात की. उन्होंने कहा , “लोग असली लोकेशन को भी एआई मान रहे हैं, जो मजेदार है. अगर पहले से प्रचार में यह बोल दिया जाए कि एआई इस्तेमाल हुआ है, तो हर चीज एआई लगने लगती है.” उन्होंने यह भी कहा, “हमने एआई इसलिए इस्तेमाल किया क्योंकि इतने बड़े विजुअल्स इतने कम बजट में बनाना संभव नहीं था. कुछ लोगों ने कहा कि ये भूत तो एआई है. अरे, मैं कहां से असली भूत लाऊं? भूत तो एआई, स्पेशल इफेक्ट्स, सीजीआई या प्रोस्थेटिक्स से ही बना होगा ना. मैं एक असली भूत नहीं ला सकता और उसे सुबह नौ बजे शूटिंग के लिए आने के लिए नहीं कह सकता.” अन्य रिलीज फिल्मों से तुलना पर विक्रम भट्ट का बयान विक्रम भट्ट ने अन्य रिलीज फिल्मों से तुलना पर बात करते हुए कहा, “मुझे बिल्कुल भी खुशी नहीं होती. क्योंकि मैं खुद भी कई बार इस स्थिति से गुजर चुका हूं. मैं नहीं चाहता कि किसी की फिल्म के खराब नंबर आएं. उन्होंने आगे कहा, “हां, मैं चाहता हूं कि मेरी फिल्म के अच्छे नंबर आएं, लेकिन किसी और के नुकसान पर नहीं. मुझे लगता है कि हमारे देश में इतनी जगह है कि दो या तीन फिल्में एक साथ सफल हो सकती हैं. मैं बस खुश हूं कि मेरी फिल्म अच्छा कर रही है.”

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के नेतृत्व में योग दिवस के उपलक्ष्य में अधिकारी हुए शामिल

 जयपुर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के उपलक्ष्य में राजस्थान विधानसभा परिसर स्थित कर्तव्य द्वार पर शुक्रवार प्रातः 6 बजे सामूहिक योग कार्यक्रम योगोत्‍सव का आयोजन किया गया। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विधायकगण, विधानसभा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।  इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। योग स्वस्थ शरीर, संतुलित मन एवं सकारात्मक जीवन दृष्टि प्रदान करता है। शारीरिक समन्वय, मानसिक एकाग्रता और आत्मविश्वास को बढ़ाता है। देवनानी ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग तनावमुक्त जीवन, रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि तथा स्वस्थ समाज के निर्माण का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।   सामूहिक योगाभ्यास की शुरुआत देवनानी ने दीप प्रज्‍ज्‍वलन के साथ किया। कार्यक्रम में विधायक गोपाल शर्मा, गोपीचन्‍द मीणा, हरि सिंह रावत, शंकर सिंह रावत, ताराचन्‍द जैन, श्रीमती गीता बरवड और श्रीमती शोभा रानी कुशवाहा मौजूद थे। वैदिक मंगलाचरण एवं प्रार्थना के साथ सूक्ष्म व्यायाम जैसी शिथिलीकरण क्रियाएं कराई गई। योगाचार्य सत्‍यपाल सिंह और योगाचार्य मेघसिंह ने सामान्‍य योग प्रोटोकाल के अनुरूप योगासन, प्राणायम, ध्‍यान और शांतिपाठ कराया। ताड़ासन, वृक्षासन, अर्धचक्रासन, पादहस्तासन एवं त्रिकोणासन का अभ्यास खडे होकर कराया गया। भद्रासन, वज्रासन, उष्‍ट्रासन, शशकासन, उन्‍तानमंडूकासन, वक्रासन और अर्ध-उष्ट्रासन का अभ्यास बैठकर कराया गया। उदर के बल लेट कर मकरासन, भुजंगासन, शलभासन, वहीं पीठ के बल लेट कर किए जाने वाले आसनों में सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अर्ध-हलासन, पवनमुक्तासन एवं शवासन का अभ्यास कराया गया। योगाभ्यास के दौरान प्रतिभागियों ने प्राणायाम एवं ध्यान की विभिन्न विधियों का भी अभ्यास किया, जिससे शारीरिक स्फूर्ति, मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन का अनुभव प्राप्त हुआ।  कार्यक्रम का समापन देवनानी ने सामूहिक संकल्प के साथ किया। देवनानी ने विश्व कल्याण, मानव एकता और स्वस्थ जीवन की कामना के साथ योग ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को सशक्त बनाते हुए सम्पूर्ण मानवता को स्वस्थ, सद्भाव और संतुलित जीवन को दिशा प्रदान करने का संकल्‍प कराया। योग कार्यक्रम में प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा, विशिष्‍ट सहायक के.के. शर्मा सहित विधानसभा सचिवालय के अधिकारीगण, कर्मचारीगण एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।