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बिहार में ग्रीनफील्ड टाउनशिप योजना को मंजूरी, भू-स्वामियों को जमीन बेचने की मिली छूट

पटना  बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार के स्तर से पटना समेत 11 शहरों के पास घोषित सैटेलाइट टाउनशिप के लिए चिन्हित की गई जमीन पर लगी खरीद-बिक्री की रोक हटा दी गई है। ग्रीनफील्ड सैटनेलाइट टाउनशिप क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री की छूट देने से संबंधित प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला सीएम सम्राट चौधरी ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई थी। इसमें लिए गए निर्णयों के बारे में विस्तृत जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने सूचना भवन स्थित सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि इन सैटेलाइट टाउनशिप की जद में जिनकी जमीन आई है, अब वे बिहार राज्य आवास बोर्ड को अपनी जमीन बेच सकते हैं। अब राज्य आवास बोर्ड को बेच सकते हैं जमीन सरकार ने फैसला लिया है कि यह जमीन राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के स्तर से अधिसूचित बिहार रैयती भूमि क्रय नीति-2026 के अंतर्गत बिक्री की जा सकेगी। साथ ही राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद के स्तर से अनुमोदित निवेश परियोजनाओं के लिए संबंधित निवेशक को जमीन की खरीद-बिक्री करने की अनुमति प्रदान करने की भी स्वीकृति दी गई है। इस प्रावधान से भू-स्वामी की तत्कालिक वित्तीय आवश्यकताएं पूरी की जा सकेगी और सरकारी प्राधिकार अपनी योजनाओं के लिए भूमि का प्रबंध भी कर सकेगी। राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद के स्तर से अनुमोदित निवेश परियोजनाओं के लिए भी जमीन का प्रबंध हो सकेगा। राज्य के 500 स्थानों पर लगेगा आईटीएमएस  अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि राज्य में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू करने और सड़क दुर्घटनाओं को 22 फीसदी तक कम करने के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) मॉडल को लागू किया जाएगा। पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर पहले चरण में राज्य के 200 और दूसरे चरण में 300 स्थानों पर इस विशेष प्रणाली को लागू किया जाएगा। इस तरह राज्य में 500 स्थानों पर दो चरणों में इस नई प्रणाली को लागू करने की योजना है। बिहार के ट्रैफिक मैनेजमेंट पर खर्च होंगे 622 करोड़ रुपये इसके क्रियान्वयन पर आगामी 10 वर्षों (2026-27 से 2037-38) में 622 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। आईटीएमएस की मदद से वाहनों का ऑटोमेटिक चालान कटने से लेकर ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों या किसी संदिग्ध वाहनों की पहचान करने तक की व्यवस्था लागू हो जाएगी। इसमें लगाए जाने वाले अत्याधुनिक कैमरों की मदद से किसी वाहन के नंबर प्लेट से पूरी जानकारी एकत्र की जा सकती है। ऐसी कई अन्य सुविधाएं इस प्रणाली में मौजूद है।  

97 परीक्षा केंद्रों पर विशेष इंतजाम, अभिभावकों को मिलेगा पेयजल, शिकंजी और आरामदायक प्रतीक्षा सुविधा

नई दिल्ली  देशभर में 21 जून को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने मानवीय पहल की है। सरकार ने नीट परीक्षार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों की सुविधा का भी विशेष प्रबंध किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पहली बार है, जब परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देने वालों के साथ-साथ उनके माता-पिता और परिजनों के आराम एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए कूलिंग जोन बनाए जा रहे हैं, जहां उनके बैठने की सुविधा, स्वच्छ पेयजल, शिकंजी आदि आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में नीट परीक्षा के लिए कुल 97 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 69 सरकारी विद्यालय में तथा 28 केंद्रीय विद्यालयों में हैं। इन परीक्षा केंद्रों के आसपास जिला प्रशासन द्वारा विशेष कूलिंग जोन स्थापित किए जा रहे हैं, जहां अभिभावकों और परिजनों के बैठने, विश्राम करने तथा गर्मी से राहत पाने की समुचित व्यवस्था रहेगी। उन्होंने कहा कि हर वर्ष लाखों परिवार अपने बच्चों के भविष्य के सपनों के साथ परीक्षा केंद्रों तक पहुंचते हैं। परीक्षा के दौरान परीक्षार्थी तो केंद्र के भीतर होते हैं, लेकिन बाहर कई घंटे तक प्रतीक्षा कर रहे माता-पिता की चिंता, धूप, गर्मी और असुविधा पर अक्सर किसी का ध्यान नहीं जाता। दिल्ली सरकार ने इस मानवीय पहलू को समझते हुए यह निर्णय लिया है कि परीक्षा के दिन अभिभावकों को असुविधा का सामना न करना पड़े। आरामदायक प्रतीक्षा व्यवस्था उपलब्ध होगी रेखा गुप्ता ने आगे कहा कि अब तक अक्सर देखा जाता था कि परीक्षा के दौरान परिजन कभी किसी पेड़ की छांव तलाशते थे, कभी पार्क में बैठकर समय बिताते थे, तो कभी आसपास की बाजारों में इधर-उधर भटकते रहते थे। कई लोगों को भीषण गर्मी में लंबे समय तक खड़ा रहना पड़ता था। अब ऐसी स्थिति नहीं होगी। परीक्षा केंद्रों के बाहर ही उनके लिए आरामदायक प्रतीक्षा व्यवस्था उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि डिविजनल कमिश्नर (डीएम) के निर्देश से संबंधित अधिकारी सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास कूलिंग जोन की व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं। इन कूलिंग जोन में बैठने की सुविधा, स्वच्छ पेयजल, शिकंजी, ओआरएस, चाय तथा प्राथमिक चिकित्सा जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी ताकि अभिभावकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। परीक्षा से जुड़ा अनुभव बनेगा बेहतर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल परीक्षा का सफल आयोजन नहीं, बल्कि परीक्षा से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के अनुभव को बेहतर बनाना है। जब अभिभावक सहज और निश्चिंत रहेंगे तो विद्यार्थियों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और वे अधिक आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे सकेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार शिक्षा और युवाओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों और उनके परिवारों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व है। यह पहल केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि उन लाखों माता-पिता के प्रति सम्मान का प्रतीक है जो अपने बच्चों के सपनों को साकार करने के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़े रहते हैं। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि दिल्ली सरकार की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी और भविष्य में देशभर में परीक्षाओं के दौरान अभिभावकों की सुविधा को भी समान महत्व दिया जाएगा। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूरी दिल्ली उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रार्थना कर रही है। दिल्ली में पहले से 15 कूलिंग जोन मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली सरकार केवल परीक्षा केंद्रों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि भीषण गर्मी से आमजन को राहत पहुंचाने के लिए पहले से व्यापक इंतजाम कर रही है। इसके तहत राजधानी के विभिन्न इलाकों में 85 शेड स्थापित किए गए हैं, 15 कूलिंग जोन संचालित हो रहे हैं तथा 13 मोबाइल राहत वैन (मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट) लगातार विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को गर्मी से राहत पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा के दौरान अभिभावकों के लिए की गई विशेष व्यवस्था भी इसी जनकल्याणकारी और संवेदनशील सोच का विस्तार है। अक्षय श्रीवास्तव

सात समंदर पार पहुंचेगी पठानकोट की मशहूर लीची, बंपर फसल से निर्यात को मिली रफ्तार

पठानकोट  पंजाब के पठानकोट की मशहूर लीची इस बार देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी मिठास बिखेरने जा रही है. अनुकूल मौसम और बेहतर उत्पादन के चलते इस बार लीची की बंपर फसल हुई है. यही वजह है कि अब पठानकोट की लीची की सप्लाई देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ लंदन, दुबई और सिंगापुर तक करने की तैयारी शुरू हो गई है. पठानकोट लंबे समय से अपनी उच्च गुणवत्ता वाली लीची के लिए जाना जाता है. जिले का वातावरण लीची की खेती के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है. यही कारण है कि पंजाब में पठानकोट को लीची जोन घोषित किया गया है. यहां बड़े पैमाने पर लीची की खेती की जाती है और बागवानी विभाग भी किसानों को पूरा सहयोग देता है।  जानकारी के अनुसार इस समय पठानकोट में करीब 4 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में लीची की खेती हो रही है. इस बार मौसम लीची के लिए अनुकूल रहा, जिसके चलते उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है. बागवानी विभाग का भी कहना है कि इस बार लीची की फसल बंपर हुई है. पठानकोट में मुख्य रूप से तीन किस्मों की लीची की पैदावार होती है. इनमें देहरादूनी, कलकती और सीडलेस लीची शामिल हैं. इन तीनों किस्मों की बाजार में अच्छी मांग रहती है. जून महीने में लीची की तुड़ाई का काम शुरू हो जाता है और इसके बाद इसे विभिन्न बाजारों तक पहुंचाया जाता है।  मौसम बना मेहरबान, पठानकोट में लीची की बंपर पैदावार एक व्यापारी ने बताया कि उन्होंने लीची का बाग ठेके पर लिया हुआ है. उनके अनुसार यहां से लीची पहले दिल्ली भेजी जाती है और उसके बाद विदेशों में निर्यात की जाती है. इस बार भी बड़े स्तर पर लीची की खेप तैयार की जा रही है, जिसे देश और विदेश के बाजारों तक पहुंचाया जाएगा. वहीं एक बागवान ने बताया कि इस साल लीची की फसल काफी अच्छी हुई है. हालांकि पिछले दिनों आए तूफान और ओलावृष्टि के कारण कुछ नुकसान जरूर हुआ, लेकिन इसके बावजूद उत्पादन पर ज्यादा असर नहीं पड़ा. उन्होंने कहा कि पठानकोट की लीची की मांग पूरे देश में रहती है और अब विदेशों में भी इसकी पहुंच बढ़ रही है।  बागवानों का कहना है कि विदेशी बाजारों में पहुंच मिलने से किसानों को बेहतर अवसर मिलेंगे. इससे पठानकोट की लीची को नई पहचान मिलने की उम्मीद है. इस संबंध में बागवानी विभाग के अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि पठानकोट की लीची पहले से ही देश के विभिन्न हिस्सों में भेजी जा रही है. अब विभाग के सहयोग और बागवानों के प्रयासों से इसे सिंगापुर, दुबई और लंदन भेजने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि जिले की जलवायु और मिट्टी लीची उत्पादन के लिए बेहद उपयुक्त।  बागवानों और बागवानी विभाग की मेहनत से खुला विदेशी बाजार इसी वजह से यहां की लीची की गुणवत्ता बेहतर मानी जाती है. विभाग लगातार किसानों के संपर्क में है और उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है. पठानकोट की लीची की बढ़ती मांग और इस बार की बंपर पैदावार ने किसानों और व्यापारियों दोनों के चेहरे पर खुशी ला दी है. अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि विदेशों के बाजारों में पठानकोट की यह मिठास कितना असर छोड़ती है।   

तकनीकी खराबी से AIIMS बठिंडा में हड़कंप, ब्लड सैंपल और रजिस्ट्रेशन सेवाएं प्रभावित

बठिंडा. पंजाब के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल AIIMS बठिंडा में गुरुवार सुबह तकनीकी गड़बड़ी के कारण पूरा डिजिटल सिस्टम अचानक ठप पड़ गया। सर्वर बंद होने से ओपीडी पर्चियां बनाने, मरीजों के पंजीकरण, जांच संबंधी प्रक्रियाओं और ब्लड सैंपल लेने जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। इसके चलते दूर-दराज के जिलों और पड़ोसी राज्यों से इलाज के लिए पहुंचे हजारों मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात यूपीएस (अनइंटरप्टेड पावर सप्लाई) में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे सर्वर को मिलने वाली बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इसके बाद अस्पताल का केंद्रीय कंप्यूटर नेटवर्क काम करना बंद कर गया और लगभग पूरा डिजिटल सिस्टम ठप हो गया। सुबह से लगी लंबी कतारें गुरुवार सुबह जैसे ही मरीज इलाज और जांच के लिए AIIMS पहुंचे तो उन्हें पता चला कि कंप्यूटर सिस्टम बंद होने के कारण पर्चियां नहीं बन पा रही हैं। OPD के बाहर लंबी कतारें लग गईं और मरीज घंटों अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कई बुजुर्ग, महिलाएं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज परेशान होकर इधर-उधर भटकते नजर आए। सबसे ज्यादा परेशानी उन मरीजों को हुई जो सुबह खाली पेट ब्लड टेस्ट कराने पहुंचे थे। ब्लड सैंपल लेने की प्रक्रिया प्रभावित होने से उन्हें लंबे समय तक भूखे-प्यासे इंतजार करना पड़ा। कई मरीजों और उनके परिजनों ने अव्यवस्था को लेकर नाराजगी भी जाहिर की। सूत्रों के मुताबिक, AIIMS बठिंडा में यह पहला मौका है जब केंद्रीय सर्वर प्रभावित होने से लगभग पूरा डिजिटल सिस्टम ही ठप पड़ गया हो। अस्पताल की अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन प्रणाली पर आधारित होने के कारण एक तकनीकी खराबी ने पूरे कामकाज को प्रभावित कर दिया। घटना के बाद अस्पताल की तकनीकी टीमें सर्वर को दोबारा चालू करने और सिस्टम को बहाल करने में जुटी रहीं, लेकिन कई घंटों तक सामान्य व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी। इस घटना ने AIIMS की बैकअप व्यवस्था और आपातकालीन प्रबंधन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि देश के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में इस प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का मजबूत होना बेहद जरूरी है, ताकि किसी तकनीकी खराबी का खामियाजा मरीजों को न भुगतना पड़े। हैरानी की बात यह रही कि हजारों मरीजों की परेशानी के बावजूद अस्पताल प्रशासन की ओर से देर शाम तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। अधिकारियों ने मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों के बीच यह सवाल चर्चा का विषय बना रहा कि यदि भविष्य में इससे भी बड़ा तकनीकी संकट पैदा हो जाए तो उससे निपटने के लिए संस्थान के पास क्या वैकल्पिक व्यवस्था मौजूद है।

पाकिस्तानी गैंग्स्टरों और ISI से जुड़े नेटवर्क की जांच तेज, यूपी में पोस्टर लगाने की थी साजिश

लखनऊ  आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की टीम दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ करेगी। एटीएस ने इसके लिए दिल्ली पुलिस से संपर्क कर अभी तक की पूछताछ की जानकारी ली है। एटीएस को मिली जानकारी के अनुसार आरोपित उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में पाकिस्तानी गैंग्सटर शहजाद भट्टी, आबिद जट व अजमल गुर्जर के पोस्टर लगाने की तैयारी कर रहे थे। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने पिछले दिनों गाजियाबाद निवासी अनस, मोहित, आरिफ, साबिर, दीपक, जतन व मेरठ निवासी मोहम्मद रेहान को आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपित पाकिस्तानी गैंग्सटरों के इशारे पर पाक खुफिया एजेंसी आइएसआइ के लिए काम कर रहे थे। इन्हें पंजाब, हरियाणा, दिल्ली व उत्तर प्रदेश में आतंकी वारदातों को अंजाम देने का लक्ष्य दिया गया था। इसके लिए आरोपितों ने कई संवेदनशील इमारतों की रेकी भी की थी। पाक गैंग्सटरों ने इन्हें पुलिसकर्मियों, नेताओं को मारने, राजनीतिक दलों के कार्यालयों व महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों को निशाना बनाने को कहा था। सूत्रों के अनुसार एटीएस की टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपितों ने अपने कितने साथियों को आतंकी गिरोह के साथ जोड़ा था। साथ ही इन्हें पिस्तौल व कारतूस किसने उपलब्ध कराए थे। साथ ही मेरठ में लगाए गए पाकिस्तानी गैंग्सटरों के पोस्टर कहां से छपवाए गए थे। इसके लिए आरोपितों को कितनी राशि उपलब्ध कराई गई थी। आरोपितों के मोबाइल से कई फोटो व वीडियो भी मिले हैं। इन्हें दिल्ली पुलिस ने एटीएस को भेजा है। इनमें एक वीडियो तहरीक-ए-तालिबान-हिंदुस्तान (टीटीएच) से भी संबंधित है। टीटीएच द्वारा इंटरनेट मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं को अपने साथ जोड़कर उन्हें स्लीपर सेल के लिए तैयार किया जा रहा है।

झारखंड राज्यसभा चुनाव में सियासी गणित और क्रॉस वोटिंग की अटकलें तेज

 रांची झारखंड विधानसभा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए गुरुवार को मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया. राज्य के सभी 81 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया है. अब सबकी नजरें मतगणना और नतीजों पर टिकी हैं. शाम चार बजे से मतों की गिनती शुरू होगी और करीब सात बजे तक तस्वीर साफ हो जाएगी. अगले चार घंटे झारखंड की राजनीति के लिए सबसे बेचैन करने वाले साबित हो सकते हैं, क्योंकि दावे बहुत हैं और गणित उससे भी ज्यादा दिलचस्प है. तीन उम्मीदवारों के बीच है मुकाबला राज्यसभा चुनाव में कुल तीन उम्मीदवार मैदान में हैं. झामुमो ने बैजनाथ राम को प्रत्याशी बनाया है, कांग्रेस की ओर से प्रणव झा चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में परिमल नथवानी मैदान में हैं. दो सीटों के लिए हो रहे इस चुनाव में मुकाबला संख्या बल, रणनीति और संभावित क्रॉस वोटिंग के इर्द-गिर्द घूम रहा है. यही वजह है कि मतदान समाप्त होने के बावजूद राजनीतिक हलचल थमी नहीं है. रिजॉर्ट पॉलिटिक्स भी रही चर्चा में इस बार राज्यसभा चुनाव के दौरान झारखंड में रिजॉर्ट पॉलिटिक्स भी चर्चा का विषय बनी रही. मंगलवार से कांग्रेस और एनडीए के कई विधायकों को रांची के विभिन्न होटलों में ठहराया गया था. इसका मकसद विधायकों को एकजुट रखना और किसी भी तरह की राजनीतिक उठापटक से दूर रखना बताया गया. हालांकि झामुमो ने अपने विधायकों को किसी होटल या रिसॉर्ट में नहीं रखा. पार्टी नेतृत्व का कहना रहा कि उन्हें अपने विधायकों पर पूरा भरोसा है. हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका पर भी नजर राज्यसभा चुनाव के दौरान हॉर्स ट्रेडिंग की आशंकाओं ने भी राजनीतिक माहौल को गर्म रखा. कई नेताओं ने साफ कहा कि यदि इंडिया गठबंधन के निर्धारित 56 वोटों से अधिक या एनडीए के 24 वोटों से काफी ज्यादा मत सामने आते हैं, तो स्वाभाविक रूप से क्रॉस वोटिंग और हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर सवाल उठेंगे. यही कारण है कि मतगणना शुरू होने से पहले ही राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हैं. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विधानसभा में कोई “खेला” होता है या फिर चुनावी मैदान में कोई “घोड़ा बिदक” जाता है. इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायकों का समर्थन 81 सदस्यीय विधानसभा में इंडिया गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं. इनमें झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और माले के 2 विधायक शामिल हैं. इसी संख्या बल के आधार पर गठबंधन ने दो उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं. झामुमो के बैजनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा को जीत दिलाने का दावा इंडिया गठबंधन लगातार कर रहा है. एनडीए के पास 24 वोट, नथवानी पर दांव दूसरी तरफ एनडीए के पास कुल 24 वोट हैं. भाजपा के 21 विधायक हैं, जबकि आजसू, जदयू और लोजपा के एक-एक विधायक हैं. इसी समर्थन के आधार पर एनडीए ने निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी का समर्थन किया है. हालांकि मौजूदा संख्या के आधार पर नथवानी की राह आसान नहीं मानी जा रही है. ऐसे में उनकी जीत की संभावना काफी हद तक अतिरिक्त समर्थन और संभावित क्रॉस वोटिंग पर निर्भर मानी जा रही है. 28 वोट का जादुई आंकड़ा करेगा फैसला राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए 28 वोट का जादुई आंकड़ा पार करना जरूरी है. बैजनाथ राम की स्थिति सबसे मजबूत मानी जा रही है, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और परिमल नथवानी के बीच असली मुकाबला माना जा रहा है. अब शाम सात बजे तक झारखंड की राजनीति की धड़कनें तेज रहेंगी. सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि कौन राज्यसभा जाएगा, बल्कि यह भी है कि क्या संख्या का गणित जीत जाएगा या फिर राजनीति का रसायन एक बार फिर सबको चौंका देगा. आखिर लोकतंत्र में बैलेट बॉक्स खुलने तक हर दावा सिर्फ दावा ही होता है, नतीजा नहीं.

अब तय समय में मिलेंगी पुलिस और प्रशासनिक सेवाएं, हरियाणा में नई व्यवस्था लागू

चंडीगढ़ हरियाणा गृह विभाग की 33 सेवाओं को हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम (राइट टू सर्विस), 2014 के दायरे में शामिल कर दिया गया है। इसके तहत अब विभिन्न लाइसेंस, सत्यापन, अनुमति और एनओसी से जुड़ी सेवाओं के लिए निश्चित समय-सीमा तय कर दी गई है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को निर्धारित अवधि के भीतर सेवाएं प्रदान करनी होंगी। ऐसा नहीं होने पर नागरिक शिकायत और अपील भी कर सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत हथियार लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया, यदि लाइसेंस की अवधि समाप्त नहीं हुई है और आवेदन उसी जिले में किया गया है, तो 15 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी। वहीं पुलिस सत्यापन वाले मामलों में यह प्रक्रिया 22 दिनों में पूरी होगी। हथियार लाइसेंस में हथियार जोड़ने या हटाने, हथियार खरीदने की अवधि बढ़ाने तथा धरना, प्रदर्शन, जुलूस और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अनुमति जैसी सेवाएं 7 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाएंगी। विदेशियों के आगमन और प्रस्थान का पंजीकरण तत्काल किया जाएगा। इसके अलावा एफआईआर या डीडीआर की प्रति भी तुरंत या ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। लाउडस्पीकर उपयोग की अनुमति, मेले, प्रदर्शनी, खेल आयोजनों के लिए एनओसी, अजनबी सत्यापन, विदेशी नागरिकों के आवासीय परमिट का विस्तार और पुराने वाहनों के लिए एनओसी जैसी सेवाओं की समय-सीमा 5 दिन तय की गई है। घरेलू सहायक, किरायेदार, कर्मचारी और चरित्र सत्यापन, पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट तथा खोई हुई संपत्ति के निस्तारण से संबंधित सेवाएं 21 दिनों के भीतर पूरी की जाएंगी। पेट्रोल पंप और सिनेमा हॉल स्थापित करने के लिए एनओसी 15 दिनों में जारी होगी। सिनेमा लाइसेंस जारी करने में 30 दिन और उसके नवीनीकरण में 25 दिन का समय लगेगा। इसके अलावा पेट्रोलियम और विस्फोटक नियमों के तहत विभिन्न एनओसी, आतिशबाजी भंडारण एवं बिक्री अनुमति तथा लाइसेंस नवीनीकरण जैसी सेवाओं के लिए 30 दिनों की समय-सीमा तय की गई है। ऑनलाइन शिकायतों और निजी सुरक्षा एजेंसियों के सत्यापन का निपटारा 60 दिनों में किया जाएगा। सरकार ने प्रत्येक सेवा के लिए नामित अधिकारी और शिकायत निवारण अधिकारियों की भी नियुक्ति की है। यदि किसी नागरिक को तय समय में सेवा नहीं मिलती है तो वह अधिनियम के तहत अपील कर सकेगा। इससे सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ने और लोगों को समयबद्ध सेवाएं मिलने की उम्मीद है।  

प्रशासनिक कसावट के लिए बड़ा फेरबदल, राजस्व निरीक्षकों का हुआ ट्रांसफर

जांजगीर-चांपा. जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने भू-अभिलेख शाखा अंतर्गत कार्यरत राजस्व निरीक्षकों की नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश प्रशासनिक एवं कार्यालयीन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है। जारी आदेश के तहत अशोक कुमार साहू को राजस्व निरीक्षक मंडल जांजगीर से अमोरा, मिमांशु भास्कर को सुकली से मुलमुला, ऋचा राठौर को बिरगहनी से नजूल चांपा, चंदराम साहू को नवागढ़ से पहरिया तथा किशोर सिंह सिदार को शिवरीनारायण से सारागांव पदस्थ किया गया है। वहीं जितेंद्र सिंह को कोटगढ़ एवं अकलतरा से बलौदा, जागेश्वर सिहानी को बलौदा से अकलतरा, रामायण प्रसाद सूर्यवंशी को पहरिया से बम्हनीडीह, जयनारायण भूपेंद्र को मुलमुला से शिवरीनारायण तथा आदित्य झा को राहौद से पामगढ़ भेजा गया है। इसके अलावा संजय सोनी को खरौद से राहौद, शीला देवांगन को नजूल चांपा से सुकली, भागवत सिंह गौड़ को सारागांव से जांजगीर, शेख मोहम्मद मुजीब को बम्हनीडीह से नवागढ़ तथा साहेब लाल टंडन को राजस्व निरीक्षक वर्कलोड से नजूल शाखा जिला कार्यालय में पदस्थ किया गया है। कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। प्रशासन का मानना है कि इस फेरबदल से राजस्व कार्यों के संचालन में तेजी आएगी और आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

ऑनलाइन ठगी पर सरकार का अलर्ट, अनधिकृत लोन ऐप्स और फर्जी पार्ट-टाइम जॉब ऑफर्स से बचने की सलाह

 जयपुर राज्य सरकार द्वारा साइबर स्वच्छता को बढ़ावा देने तथा डिजिटल माध्यमों से होने वाली धोखाधड़ी के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से दो साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की गई है। एडवाइजरी में अवैध एवं अनधिकृत इंस्टेंट लोन ऐप्स के माध्यम से होने वाली जबरन वसूली ओर डिजिटल उत्पीड़न से बचाव पर विशेष बल दिया गया है। साथही टास्क स्कैम से बचाव के लिए आमजन को सावधान रहने की अपील की गई है।  इंस्टेंट लोन ऐप आधारित जबरन वसूली के मामलों से सावधान रहें। अनधिकृत इंस्टेंट लोन ऐप्स द्वारा तत्काल वित्तीय आवश्यकता वाले व्यक्तियों को निशाना बनाने के लिए बिना गारंटी केतुरंत नकद देने का वादा किया जाता है। एक बार एप इंस्टॉल करने पर स्कैमर्स उपयोगकर्ताओं के मोबाइल डेटा, संपर्क सूची एवं निजी जानकारी तक पहुंच प्राप्त कर लेते हैं। इसके बाद अत्यधिक ब्याज, धमकी, ब्लैकमेल और मॉर्फ्ड तस्वीरों के माध्यम से दबाव बनाकर अवैध वसूली करते हैं। नागरिकों को केवल अधिकृत प्लेटफॉर्म एवं आधिकारिक ऐप स्टोर से ही वित्तीय एप्लीकेशन डाउनलोड करने तथा किसी भी ऐप को अनावश्यक अनुमति प्रदान करने सेबचने की सलाह दी गई है। ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव हेतु विशेष एडवाइजरी जारी, टास्क स्कैम के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता गृह विभाग द्वारा जारी दूसरी एडवाइजरी में "टास्क स्कैम" अथवा ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब धोखाधड़ी के संबंध में नागरिकों को सचेत किया गया है। साइबर अपराधी प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधि बनकर लोगों को आसान कार्यों के बदले आकर्षक आय का प्रलोभन देते हैं तथा प्रारंभिक भुगतान कर विश्वास अर्जित करने के बाद उनसे बड़ी धनराशि निवेश करवाने का प्रयास करते हैं। आमजन से अपील की गई है कि बिना सत्यापन के किसी भी ऑनलाइन कार्य या निवेश प्रस्ताव पर विश्वास न करें तथा किसी अज्ञात व्यक्ति या संस्था को धन राशि हस्तांतरित न करें। संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल रिपोर्टिंग का आह्वान प्रदेश सरकार ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी,ऑनलाइन ठगी, जबरन वसूली अथवा संदिग्ध डिजिटल गतिविधि की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें तथा शिकायत को https://www.cybercrime.gov.inपर दर्ज कराएं। साथ ही, संबंधित बैंक अथवा वित्तीय संस्था को तत्काल सूचित कर आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की भी सलाह दी गईहै। 

सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, बोले उन्नाव से अब दिल्ली तक होगा आसान और तेज सफर

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के उन्नाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को 570 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। सौगातों की बारिश के बाद योगी विपक्ष पर खूब बरसे। सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारें सिर्फ परिवार तक सीमित थीं। कांग्रेस के लिए नेहरू और सपा के लिए सैफई परिवार ही सबकुछ था। आवाज उठाने वालों की आवाज बंद कर दी जाती थी। रामायण में खर-दूषण की तरह कांग्रेस और सपा में माफिया राज था। दोनों दल देश की दुर्गति के लिए जिम्मेदार हैं। दंगा-कर्फ्यूग्रस्त बनाने वाले आज उपदेश दे रहे हैं, इनके दोहरे चरित्र पर हंसी आती है। सीएम योगी ने कहा कि पिछली बार वादा किया था कि विकास की हर योजना उन्नाव तक पहुंचेगी। आज उन्नाव का व्यक्ति लखनऊ को बाईपास कर सीधे दिल्ली जा सकता है। डिफेंस कॉरिडोर और एक्सप्रेस-वे के पास उद्योग लगेंगे। यहां के नौजवानों को यहीं रोजगार मिलेगा। लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल का प्रस्ताव बनाया जा रहा सीएम ने ऐलान किया कि 700 एकड़ लैंड डिफेंस कॉरिडोर के लिए और 200 एकड़ इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए ली जा रही है। उन्नाव स्टेट कैपिटल रीजन में शामिल क्या जायेगा। अब जो विकास लखनऊ में होगा, वही उन्नाव में भी होगा। लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। रायबरेली, सीतापुर भी इससे जुड़ेंगे। विकास की योजना आज को नहीं, आगामी 100 वर्ष को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। जनप्रतिनिधियों का नाम 100 वर्ष तक लोग याद रखेंगे। नारी सुरक्षा-सम्मान के कार्यक्रम आगे बढ़ रहे हैं मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सभी संकट से निपटा गया। संकट के लिए जिम्मेदार अमेरिका आज त्रस्त है, हमारा देश सुरक्षित है। आंतरिक सुरक्षा में सेंध लगानेवालों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जा रहा है। गरीब, महिला, किसान और नौजवानों के लिए युद्धस्तर पर योजनाएं चल रही हैं। नारी सुरक्षा-सम्मान के कार्यक्रम आगे बढ़ रहे हैं। अब किसी को जरूरत के लिए हाथ फैलाने की जरूरत नहीं। अधिकारी खुद लाभार्थी के घर जाकर जानकारी दे रहे हैं। पहले बिना सिफारिश और घूस कुछ नहीं मिलता था। लोग ट्वीट करते थे- देख सपाई बिटिया घबराई योगी ने कहा कि जो कार्य डबल इंजन सरकार कर रही है, ये कार्य विपक्षी सरकारों को किसने रोका था? गलत लोग चुनकर जाते थे तो उनकी सोच संकुचित थी। सैफई को ही प्रदेश मान लेते थे। लेकिन आपने अच्छे लोग चुनकर भेजे हैं, इसलिए विकास हो रहा है। यूपी का युवा कभी दोनों दलों को स्वीकार नहीं करेगा, यही 2014 से कर रहा है।     काशी-वृंदावन की कृपा, त्योहारों में सुरक्षा का माहौल सीएम ने कहा कि जो भी प्रस्ताव उन्नाव के आए, सबको स्वीकार किया। यूपी पर काशी, वृंदावन, गंगा और प्रभु श्री राम की कृपा बरसती है। अब त्योहार में सुरक्षा का माहौल बनता है। उन्नाव को विकास की प्रक्रिया के लिए पैसे की कमी नहीं पड़ेगी। बिन रुके, बिन थके विकास होगा।