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चंबा में मौत बनकर आई खाई, बोलेरो दुर्घटना में एक ही परिवार के 3 भाइयों सहित 7 लोगों की जान गई

चंबा  हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर से बड़ा हादसा हुआ है. चंबा जिले में हुए इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई है. इसमें तीन सगे भाई भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, चंबा जिले के चुराह के पुखरी-मसरूंड मार्ग पर रात को यह घटना पेश आई है. जिले के माणी जीरो के पास एक बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरा और सात लोगों की जान चली गई. हादसा इतना भयावह था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और सभी सवार सात लोगों की मौके पर ही प्राण त्याग दिए. बताया जा रहा है कि रात 2 बजे यह हादसा पेश आया है, जिसमें चार पुरुष और तीन महिलाओं की मौत हुई है. कुठेड़ गांव से ये सभी लोग थे और गांव में अब मातम परसा हुआ है।  बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार हुई बोलेरो पंचायत कुठेड़ के महल गांव की थी और महल गांव के लोग काकड़ोथा गांव में मुंडन संस्कार की धाम में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे. घटना की सूचना मिलने के बाद लोगों ने शवों को खाई से निकाला और फिर मामले में पुलिस भी मौके पर पहुंची. बताया जा रहा है कि सड़क किनारे क्रैश बैरियर भी नहीं थे, वर्ना हादसा बच सकता था.  एसपी चंबा विजय सकलानी ने बताया कि सभी शवों को खाई से निकाल लिया गया है और मृतकों की पहचान की जा रही है।  विधायक ने जताया दुख चंबा के चुराह के विधायक हंस राज ने कहा कि उन्हें सुबह मामले की जानकारी मिली थी. फौजी परिवार था और उनकी मित्रता थी. उन्होंने कहा कि क्रैश बैरियर इस इलाके में नहीं है और इस वजह से हादसे हो रहे हैं और यह बड़ी समस्या है. एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हुई है. विधायक ने कहा कि हादसे की वजह का तो पता नहीं चला है, लेकिन उन्होंने पुलिस और अस्पताल को अलर्ट किया है।  गौर रहे कि चंबा में हाल ही में बड़े हादसे हुए हैं. इससे पहले, चंबा के बैरागढ़-सच पास-किलाड़ मार्ग पर भी 31 मई को एक इनोवा गाड़ी हादसे का शिकार हो गई थी और इसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी. 17 जून को भी चंबा में कार हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी। 

देशभर में बदलेगा मौसम का मिजाज, 17 राज्यों में बारिश और तूफान का खतरा; आगे बढ़ा मॉनसून

नईदिल्ली  भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2026 (Monsoon) देश के कई हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले 4-5 दिनों के दौरान तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बताई हैं। वर्तमान में मॉनसून की उत्तरी सीमा हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई, मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए 18 जून से 24 जून 2026 तक का विस्तृत अनुमान और चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद में 18 से 22 जून के बीच अधिकांश इलाकों में व्यापक रूप से बारिश की संभावना है। वहीं 23 और 24 जून को छिटपुट बारिश हो सकती है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18 से 24 जून के दौरान लगातार छिटपुट बारिश के आसार हैं। मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली एनसीआर में 18 से 22 जून के बीच गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी यूपी में 18, 19, 23 और 24 जून को, जबकि पूर्वी यूपी में 18-19 जून और फिर 22-24 जून को बारिश हो सकती है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में 18 से 24 जून तक छिटपुट बारिश जारी रहेगी। आंधी-तूफान की चेतावनी जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है। इन राज्यों में 18 और 19 जून को ओलावृष्टि की भी संभावना है। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में 18-22 जून के दौरान 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज और झोंके वाली हवाओं की चेतावनी दी गई है। राजस्थान में धूलभरी आंधी 18 और 19 जून को पश्चिमी राजस्थान में भयंकर धूलभरी आंधी चलने की आशंका है। इसके साथ ही 18 जून को पश्चिमी राजस्थान और 18-19 जून को पूर्वी राजस्थान में 60-70 किमी/घंटे की गति से तीव्र चक्रवाती तूफान आ सकता है। 19 जून को भी पश्चिमी राजस्थान में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश आईएमडी के मुताबिक, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 18 और 19 जून को छिटपुट बारिश की संभावना है। वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश में 18-19 जून और फिर 22-24 जून के दौरान बारिश के आसार हैं। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ में 18 से 24 जून तक लगातार छिटपुट बारिश होने का अनुमान है। मध्य प्रदेश में 18-19 जून को और छत्तीसगढ़ व विदर्भ 18-21 जून को बारिश के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। बंगाल और ओडिशा में भारी बारिश के आसार पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 से 24 जून तक भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। बंगाल में गंगा से सटे इलाकों में 18-19 जून को छिटपुट बारिश के बाद 20 से 24 जून के बीच बारिश की रफ्तार बढ़ेगी। ओडिशा में 19 और 20 जून को तेज और व्यापक बारिश होगी। बिहार और झारखंड में 18 से 24 जून के दौरान इन दोनों राज्यों में छिटपुट से लेकर मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा।

ट्रंप के बदले सुर से मची हलचल, समझौते के बाद ईरान की मिसाइलों पर दिया चौंकाने वाला बयान

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जो ईरान की मिसाइलों के जखीरे को खत्म करना चाहते थे, वो अब अपनी बात से पलट चुके हैं. उन्होंने कहा कि ईरान को कुछ बैलिस्टिक मिसाइलें रखने की इजाजत दी जा सकती है. जी-7 सम्मेलन के दौरान फ्रांस में ट्रंप ने इस बात का बचाव किया. उन्होंने कहा कि अगर दूसरे देशों के पास मिसाइलें हैं तो ईरान को भी कुछ रखने की अनुमति मिलनी चाहिए।  ट्रंप ने स्पष्ट किया कि मिसाइलें कोई बड़ी समस्या नहीं हैं क्योंकि वे सिर्फ एक जगह को नुकसान पहुंचाती हैं, लेकिन न्यूक्लियर हथियार पूरे ग्रह को तबाह कर सकते हैं. उन्होंने सऊदी अरब और कतर जैसे देशों का उदाहरण दिया जिनके पास मिसाइलें हैं।  ट्रंप का कहना है कि ईरान को भी अनुपात में कुछ मिसाइलें रखने की छूट मिलनी चाहिए. इस बयान से अमेरिकी नीति में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं क्योंकि पहले ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने पर जोर दिया जा रहा था।  ईरान के साथ समझौते की पृष्ठभूमि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी. उस समय ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को खत्म करना और उसके न्यूक्लियर हथियार बनाने की कोशिश को रोकना मुख्य लक्ष्य था. लेकिन अब ट्रंप प्रशासन इस मुद्दे को कम महत्व दे रहा है।  ट्रंप ने कहा कि अगर यह समझौता नहीं होता तो और तीन-चार हफ्ते बमबारी जारी रखी जाती, लेकिन इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हो जाता और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारी तबाही आ जाती. ट्रंप ने कहा कि अगर हम बमबारी जारी रखते तो रोज 500-700 मिलियन डॉलर का खर्च होता. हम चार हफ्तों में हथियारों के भंडार खत्म कर देते।  उन्होंने समझौते को आर्थिक तबाही से बचाने वाला बताया. ईरानी विदेश मंत्रालय ने घोषणा की कि दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने इस MOU पर आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. समझौते का पूरा टेक्स्ट अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिसकी वजह से आलोचना हो रही है।  यूरेनियम स्टॉक पर ट्रंप की नरम राय समझौते में ईरान को अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम स्टॉक को सौंपने की शर्त नहीं रखी गई है. यह स्टॉक 11 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त माना जाता है. इसके बजाय दोनों देश अगले दो महीनों में इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे. ट्रंप ने कहा कि ईरान इन स्टॉक तक पहुंच ही नहीं सकता क्योंकि अमेरिका ने उसके तीन मुख्य न्यूक्लियर साइटों को बमबारी से तबाह कर दिया है।   ट्रंप का दावा है कि न्यूक्लियर डस्ट मलबे के नीचे दबा हुआ है और सिर्फ अमेरिका व चीन के पास उसे निकालने का उपकरण है. उन्होंने इसे मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण बताया लेकिन व्यावहारिक रूप से कम मूल्यवान माना. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के पास अन्य जगहों पर भी कम संवर्धित यूरेनियम का स्टॉक हो सकता है. ट्रंप ने फिर भी कहा कि अगले दो महीनों में यह मुद्दा चर्चा का मुख्य विषय रहेगा।  आगे की बातचीत और धमकी ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि अगर ईरान समझौते का उल्लंघन करता है तो अमेरिका फिर से बमबारी करेगा. उन्होंने कहा कि अगर वे समझौते का पालन नहीं करेंगे तो हम उन पर भारी बमबारी करेंगे. MOU एक सामान्य दस्तावेज है जिसमें सख्त कानूनी बाध्यता नहीं है. ट्रंप का कहना है कि बमबारी की धमकी ही काफी है।  उन्होंने यह भी माना कि यह स्थायी रोक तभी तक है जब तक वे राष्ट्रपति हैं. अगर कोई कमजोर राष्ट्रपति आया तो स्थिति बदल सकती है. अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अगले 60 दिनों में स्विट्जरलैंड में और बातचीत होगी. इस दौरान ईरान को कुछ प्रतिबंधों में छूट दी जा रही है, खासकर तेल निर्यात पर. अमेरिका का कहना है कि यह छूट बहुत ज्यादा नहीं है क्योंकि ईरान पहले भी छूट-छूटकर तेल बेच रहा था।  आर्थिक और वैश्विक प्रभाव ट्रंप ने कहा कि ज्यादा बमबारी से वैश्विक तेल कीमतें आसमान छू जातीं और आर्थिक संकट आ जाता. अब समझौते से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला रहेगा. तेल आपूर्ति बनी रहेगी. अमेरिका ईरानी फंड्स को भी वापस करने पर विचार कर रहा है जो पहले फ्रीज किए गए थे. ट्रंप का तर्क है कि अगर अमेरिका वह पैसा नहीं लौटाएगा तो कोई भी डॉलर में निवेश नहीं करेगा।  ईरान पर युद्ध से सैकड़ों अरब डॉलर का नुकसान हुआ है. इसके मुकाबले प्रतिबंधों में छूट सिर्फ कुछ अरब डॉलर की है. अमेरिकी अधिकारी इसे न्यायसंगत समझौता बता रहे हैं. हालांकि इजरायल इस समझौते से संतुष्ट नहीं दिख रहा है. ट्रंप ने इजरायल को MOU की कॉपी भेजने की बात कही, लेकिन इजरायली मीडिया में पहले खबर आई थी कि अमेरिका ने इजरायल को टेक्स्ट दिखाने से इनकार कर दिया था।  समझौते की कमियां और आलोचना यह समझौता काफी सामान्य है. इसमें ईरान सिर्फ यह दोहराता है कि वह न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएगा. ट्रंप का दावा है कि यह ईरान को स्थाई रूप से न्यूक्लियर हथियार से रोकेगा, लेकिन आलोचक कहते हैं कि यह सिर्फ शब्दों का खेल है. ईरान ने स्विट्जरलैंड में होने वाली बैठक को टालने का संकेत दिया है।  अमेरिका का कहना है कि अगले दो महीनों की बातचीत में असली रियायतें ली जाएंगी. इस बीच तेल निर्यात बढ़ाने की कोशिश की जा रही है ताकि अगर फिर युद्ध हुआ तो दुनिया तैयार रहे. कतर के साथ साझा गैस फील्ड का उदाहरण देकर अमेरिका ने कहा कि पैसा या तो विकास में लगाया जा सकता है या आतंकवाद को बढ़ावा देने में।  आगे क्या होगा? यह समझौता अमेरिका-ईरान संबंधों में नया मोड़ है. ट्रंप इसे अपनी कूटनीतिक जीत बता रहे हैं, जबकि आलोचक इसे ईरान को बहुत ज्यादा छूट देने वाला समझौता मान रहे हैं. अगले दो महीनों में होने वाली बातचीत बहुत महत्वपूर्ण होगी. अगर ईरान ने रियायतें दीं तो स्थायी समझौता हो सकता है, वरना फिर तनाव बढ़ सकता है।  ट्रंप की नीति शक्ति के साथ शांति की लगती है- एक तरफ समझौता और दूसरी तरफ बमबारी की धमकी. दुनिया अब देख रही है कि यह रणनीति कितनी सफल होती है. ईरान के पास मिसाइलें रहने की इजाजत, यूरेनियम पर ढील और तेल निर्यात पर छूट- ये सब मिलकर मध्य पूर्व की राजनीति को नया रूप … Read more

पुलिस के हत्थे चढ़ा फरार मौलवी, एयरफोर्स अधिकारी की पत्नी से रेप और जबरन धर्मांतरण मामले में गिरफ्तारी

नागपुर   महाराष्ट्र के नागपुर में वायुसेना के एक अधिकारी की पत्नी के साथ मारपीट, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्म परिवर्तन कराने के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले का तीसरा आरोपी मौलाना मजरत महमूद मकसूद, जो लंबे समय से फरार चल रहा था, बुधवार देर रात सोनेगांव पुलिस स्टेशन में सरेंडर कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मौलाना को आज यानी गुरुवार (18 जून) को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उसकी रिमांड की मांग करेगी। दरअसल, वायुसेना के एक अधिकारी की पत्नी के कथित धर्म परिवर्तन और दुर्व्यवहार का सनसनीखेज मामला इस सप्ताह की शुरुआत में सामने आया था। महिला ने अपने एक पुराने सहपाठी और उसके साथियों पर बलात्कार, ब्लैकमेल, काला जादू और जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया है। इस मामले में मुख्य आरोपी अय्याज मदारे उसका साथी अमीन शेख पहले से ही पुलिस हिरासत में हैं। वहीं गिरफ्तार मौलवी ने धर्मांतरण और निकाह में सक्रिय भूमिका निभाई थी । पूछताछ में होगा खुलासा मौलाना को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस का कहना है कि इससे पूछताछ के दौरान और भी जानकारी सामने आने की संभावना है। पुलिस अब निकाहनामा ( विवाह प्रमाण पत्र) प्राप्त करने और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या इसमें और भी लोग शामिल थे। वे यह भी पता लगाएंगे कि क्या अन्य महिलाओं को भी इसी तरह जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया था। क्या है पूरा मामला एफआईआर के अनुसार, 8 फरवरी, 2025 को एक होटल में हुई बैठक के दौरान, अयाज ने 24 वर्षीय महिला के पेय में मादक पदार्थ मिला दिया। इसके बाद महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए थे। वीडियो और तस्वीरों के आधार पर महिला को ब्लैकमेल किया और धमकी दी कि वह वीडियो उसके पति को भेज देगा और उन्हें सोशल मीडिया पर फैला देगा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ बार-बार यौन उत्पीड़न किया गया और उससे लगभग 4 लाख रुपये जबरन वसूले गए। वीडियो में महिला रोती हुई और आरोपी अयाज मदारे से उसे छोड़ने की गुहार लगाती हुई दिखाई दे रही है। वीडियो में महिला को " छोड़ो मुझे " कहते हुए सुना जा सकता है, जबकि अयाज जबरदस्ती उसके हाथ पकड़े हुए धार्मिक मंत्रों का जाप कर रहा है और बार-बार उस पर फूंक मार रहा है। महिला खुद को छुड़ाने के लिए संघर्ष करती हुई दिखाई दे रही है। महिला का आरोप है कि बाद में उसे धर्म परिवर्तित घोषित कर दिया गया और उसके बाद उसके साथ बलात्कार करने का प्रयास किया गया। एफआईआर में महिला ने आरोप लगायै कि अयाज उसके लिए अक्सर एक प्लास्टिक की बोतल में कोई तरल पदार्थ भरकर लाता था और उसे जबरदस्ती पिलाता था। इसके बाद वह कथित तौर पर उर्दू में कुछ बुदबुदाता था, उसके चेहरे पर फूंकता था और कहता था कि यह सम्मोहन और काला जादू है, फिर उसके साथ बलात्कार करता था। 31 मई को मदारे और उसके साथी ने महिला को जबरन कलमेस्वर ले गए। वहां, तीसरे आरोपी मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया गांव के हजरत मौलाना ने धार्मिक अनुष्ठान किए और महिला को जबरन कुबूल है कहने के लिए मजबूर किया ताकि वह इस्लाम धर्म अपना ले। महिला का कहना है कि यह सब उसके इच्छा के विरुद्ध किया गया था। अनुष्ठान के बाद, मौलाना ने घोषणा की कि महिला ने इस्लाम धर्म अपना लिया है और उसका अयाज के साथ निकाह हो गया है।

मैदान पर भारी पड़ी गलती! वैभव सूर्यवंशी की आधी मैच फीस कटी, अन्य खिलाड़ी भी हुए दंडित

नई दिल्ली भारत-ए और श्रीलंका-ए के बीच दांबुला में 15 जून को खेले गए त्रिकोणीय सीरीज के मुकाबले के बाद हुए विवाद में श्रीलंका-ए के खिलाड़ी विशेन हलम्बगे और वैभव सूर्यवंशी पर कार्रवाई की गई है।  रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैच रेफरी प्रदीप जेयप्रकाश ने हलम्बगे को वैभव सूर्यवंशी को उकसाने और मैदान पर तनाव बढ़ाने का दोषी माना है. विशेन हलम्बगे और वैभव सूर्यवंशी की 50 प्रतिशत मैच फीस काटी गई है।  वहीं भारत-ए के कप्तान तिलक वर्मा की मैच फीस का 30 प्रतिशत जुर्माना लगा है. श्रीलंका-ए के विकेटकीपर निरोशन डिकवेला पर मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना लगा है।  यह विवाद उस समय हुआ जब सुपर ओवर में रोमांचक जीत के बाद श्रीलंका-ए के खिलाड़ियों और भारत-ए के 15 साल के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के बीच तीखी बहस हो गई थी।  वैभव सूर्यवंशी श्रीलंका में मौजूदा त्रिकोणीय सीरीज में अपने बल्ले से उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं. वैभव ने 4 मैचों में महज 117 रन ही बनाए हैं।  मामला इतना बढ़ गया कि दोनों खिलाड़ियों के बीच धक्का-मुक्की भी देखने को मिली थी. ओर बात हाथापाई तक पहुंच गई थी. इंडिया-ए यह मुकाबला सुपर ओवर में हार गया था. यह घटना सुपर ओवर में बेहद तनावपूर्ण मुकाबले के बाद हुई थी।  भारत-ए के स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने सूर्यवंशी का बचाव करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ी इस घटना से सीखेंगे, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि श्रीलंकाई खिलाड़ियों को भी मैदान पर व्यवहार को लेकर शिक्षित किया जाना चाहिए।  वैभव सूर्यवंशी श्रीलंका में इस त्रिकोणीय सीरीज में अपने बल्ले से उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं. वैभव ने 4 मैचों में महज 117 रन ही बनाए हैं। 

बल्ले और गेंद से चमकी इंडिया A, तिलक-प्रियांश के धमाके के बाद निशांत सिंधु ने अफगानों की उड़ाई धज्जियां

  दांबुला श्रीलंका A के खिलाफ सुपर ओवर में दिल तोड़ने वाली हार झेलने के दो दिन बाद इंडिया A ने जोरदार वापसी की. दांबुला में बुधवार (17 जून) को खेले गए 'करो या मरो' के मुकाबले में भारतीय टीम ने अफगानिस्तान A को 101 रन से हराकर त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल (21 जून) में जगह पक्की कर ली. इंड‍िया ए के सामने सिर्फ जीत हासिल करने की चुनौती नहीं थी, बल्कि नेट रन रेट के समीकरण के तहत अफगानिस्तान को 236 रन के भीतर रोकना भी जरूरी था. टीम ने दोनों काम शानदार अंदाज में पूरे किए।  पहले बल्लेबाजी करते हुए इंडिया A ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 319 रन बनाए. कप्तान तिलक वर्मा, प्रियांश आर्य और कुमार कुशाग्र ने अर्धशतक जड़कर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया. जवाब में अफगानिस्तान A की टीम 36.5 ओवर में 218 रन पर ऑलआउट हो गई. भारत की जीत के हीरो रहे बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर निशांत सिंधु, जिन्होंने 31 रन देकर 4 विकेट झटके।  अफगानिस्तान के कप्तान इमरान मीर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी और शुरुआती ओवरों में वैभव सूर्यवंशी को खूब परेशान किया. 15 वर्षीय बल्लेबाज पहले ही गेंद पर बीट हुए. दूसरे ओवर में उन्हें जीवनदान मिला, जब पॉइंट पर लिया गया शानदार कैच टीवी अंपायर ने ग्राउंड टच होने की संभावना के चलते नॉट आउट करार दिया. अगले ही ओवर में शॉर्ट फाइन लेग पर उनका एक और कैच छूट गया. उस समय वह सिर्फ 7 रन पर थे।  हालांकि सूर्यवंशी ने इन मौकों का फायदा उठाते हुए कुछ आक्रामक शॉट लगाए. उन्होंने अब्दुल्लाह अहमदजई और फरीदून दावूदजई की गेंदों पर दो शानदार छक्के जड़े. भारत की पारी में लगे तीन छक्कों में से दो उनके बल्ले से निकले. लेकिन आठवें ओवर में दावूदजई की शॉर्ट गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वह पॉइंट पर कैच दे बैठे. उन्होंने 38 रन बनाए और गेंदबाज ने उनका विकेट लेने के बाद फिंगर-ऑन-द-लिप्स सेलिब्रेशन किया।  प्रभसिमरन सिंह की जगह प्लेइंग इलेवन में आए प्रियांश आर्य शुरुआत से ही शानदार लय में दिखे. अफगान गेंदबाजों ने ऑफ स्टंप के बाहर लगातार गेंदें फेंकी आर्य ने इसका पूरा फायदा उठाया. उन्होंने सिर्फ 34 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया. 15वें ओवर में फारमनुल्लाह ने उन्हें पॉइंट पर कैच आउट कराया. आर्य ने 58 रन बनाए और जब वह आउट हुए तब भारत का स्कोर 115 रन था।  इसके बाद पहली बार इस सीरीज में खेल रहे कुमार कुशाग्र ने कप्तान तिलक वर्मा के साथ पारी को संभाला. दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 104 रन की साझेदारी की. गुजरात टाइटन्स  के लिए आईपीएल 2026 में सिर्फ एक मैच खेलने वाले कुशाग्र ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए ड्राइव, स्वीप और फुटवर्क का बेहतरीन प्रदर्शन किया. उन्होंने 67 गेंदों में 58 रन बनाए. हालांकि आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में दावूदजई ने उन्हें बोल्ड कर दिया।  तिलक वर्मा ने शुरुआत में संयम दिखाया. एक समय वह 15 गेंदों पर सिर्फ 8 रन बनाकर खेल रहे थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने रफ्तार बढ़ाई और 67 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया. यह इस सीरीज में उनकी चार पारियों में तीसरी फिफ्टी रही. ऋतुराज गायकवाड़ के 30 रन पर आउट होने के बाद तिलक ने मध्यक्रम की जिम्मेदारी संभाली और स्पिनरों के खिलाफ स्ट्राइक रोटेट करते हुए पारी को आगे बढ़ाया. उनके 59 रन भारत के बड़े स्कोर की नींव बने।  तिलक के आउट होने के बाद भारत की रनगति थोड़ी धीमी पड़ी, लेकिन निशांत सिंधु और विप्र निगम की उपयोगी पारियों ने टीम को 319 रन तक पहुंचा दिया. अफगानिस्तान की ओर से फारमनुल्लाह और अब्दुल्लाह अहमदजई ने दो-दो विकेट लिए।  कैसा रहा अफगान‍िस्तान का रनचेज  320 रन के टारगेट का पीछा करते हुए अफगानिस्तान ने शुरुआत में मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा. यश ठाकुर और अंशुल कंबोज ने दोनों ओपनरों को पवेलियन भेजा, लेकिन कप्तान इमरान मीर ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 27 गेंदों पर 32 रन बनाए. पावरप्ले के आखिरी ओवर में निशांत सिंधु ने उन्हें स्लॉग स्वीप के प्रयास में आउट कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई।  इसके बाद बाहिर शाह और फैसल शिनोजाजा ने चौथे विकेट के लिए 76 गेंदों में 87 रन जोड़कर भारत की मुश्किलें बढ़ा दीं. दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया और 25वें ओवर तक स्कोर 3 विकेट पर 157 रन पहुंचा दिया।  यहीं से मैच का रुख बदल गया. बाएं हाथ के स्पिनर ऑलराउंडर अनुकूल रॉय ने फैसल शिनोजाजा को 46 रन पर अपना ही कैच पकड़कर आउट किया और भारत को वापसी का मौका दिलाया. बाहिर शाह ने 52 गेंदों पर 57 रन बनाकर अर्धशतक पूरा किया, लेकिन विपराज निगम ने अपनी लेग स्पिन से उनका विकेट लेकर अफगानिस्तान की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया।  इसके बाद निशांत सिंधु ने पुराने गेंद के साथ अफगानिस्तान की निचली बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया. उन्होंने 31 रन देकर 4 विकेट लिए, जबकि यश ठाकुर ने 2 विकेट झटके. विपराज निगम और अनुकूल रॉय ने भी महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं. नतीजा यह रहा कि 157/3 की मजबूत स्थिति में दिख रही अफगानिस्तान A की टीम अगले 61 रन के भीतर अपने बाकी सात विकेट गंवा बैठी और 218 रन पर सिमट गई।  101 रन की इस बड़ी जीत के साथ इंडिया A ने न सिर्फ फाइनल में जगह बनाई, बल्कि टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी भी मजबूत कर दी. सुपर ओवर की निराशा के बाद भारतीय टीम ने जिस अंदाज में वापसी की, उसने फाइनल से पहले उसके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दे दी है।   

शुभमन गिल और ईशान किशन का धमाका, अफगानिस्तान पर बड़ी जीत के साथ Team India ने जीती सीरीज

लखनऊ  टीम इंडिया ने बुधवार को दूसरे वनडे में अफगानिस्तान के परखच्चे उड़ा दिए। भारत ने लखनऊ के मैदान पर 170 रनों से दमदार जीत हासिल की। शुभमन गिल और ईशान किशन ने 'शतकीय बम' फोड़े, जिससे भारत ने 403 रन का विशाल टारगेट दिया। जवाब में अफगानिस्तान टीम 44.3 ओवर में 232 रन ही जुटा सकी। दरविश रसूली (6) रिटायर्ड आउट हुए। अफगानिस्तान की ओर से सर्वाधिक रन रहमत शाह (89 गेंदों में 79, आठ चौके) ने बनाए। भारत के लिए गुरनूर बराड़ और अर्शदीप सिंह ने तीन-तीन शिकार किए। डेब्यूटेंट प्रिंस यादव को दो सफलता मिली। वॉशिंगटन सुंदर ने एक विकेट हासिल किया। विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए अफगानिस्तान ने सधी हुई शुरुआत की। रहमानुल्लाह गुरबाज और इब्राहिम जादरान ने पहले विकेट के लिए 52 रनों की साझेदारी की। गुरनूर बराड़ ने आठवें ओवर में गुरबाज का शिकार किया। उन्होंने 33 गेंदों में सात चौकों और एक छक्के की मदद से 41 रन बनाए। अर्शदीप सिंह ने 14वें ओवर में इब्राहिम जादरान (31 गेंदों में 21) को पवेलियन भेजा। वॉशिंगटन सुंदर ने 24वें ओवर में सेदिकुल्लाह अटल (50 गेंदों में 42) को एलबीडब्ल्यू किया। उन्होंने रहमत शाह के संग तीसरे विकेट के लिए 47 रनों की साझेदारी की। दरविश रसूली (6) रिटायर्ड हर्ट हो गए हैं। गुरनूर ने 26वें ओवर में कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी (4) को बोल्ड किया। डेब्यूटेंट प्रिंस यादव ने 31वें ओवर में नांगेयालिया खरोटी (6) को बोल्ड किया। राशिद खान (12), सलीम सफी (9) और अल्लाह गनजफर (1) सस्ते में लौटे। प्रिंस ने रहमत शाह को गुरनूर के हाथों लपकवाया और अफगानिस्तान की पारी को समेटा। इससे पहले, भारतीय टीम 49.5 ओवर में 402 पर सिमटी। शुभमन गिल और ईशान किशन ने अफगानी गेंदबाजों को कूटा। दोनों ने शतकीय पारी खेली। भारत ने आठवीं बार वनडे क्रिकेट में 400 रनों का आंकड़ा पार किया है। अफगानिस्तान के लिए नांगेयालिया खरोटी ने चार और राशिद खान ने तीन विकेट चटकाए। टॉस गंवाकर बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। यशस्वी जायसवाल मौके को भुना नहीं पाए। उन्होंने 9 गेंदों में 4 रन बनाए और दूसरे ओवर में सलीम सफी का शिकार बने। इसके बाद, रोहित शर्मा ने शुभमन के साथ दूसरे विकेट के लिए 87 रनों की साझेदारी की। रोहित दो रन से फिफ्टी से चूक गए। उन्होंने 39 गेंदों में छह चौकों और दो छक्कों की मदद से 48 रन बटोरे। उन्हें राशिद ने 14वें ओवर में बोल्ड किया। शुभमन ने ईशान किशन के साथ बखूबी मोर्चा संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 224 रनों की साझेदारी की। ईशान ने 79 गेंदों में 125 रन जुटाए, जिसमें 14 चौके और सात छक्के हैं। उन्हें नांगेयालिया खरोटी ने 37वें ओवर में पवेलियन भेजा। खरोटी ने 43वें ओवर में शुभमन और केएल राहुल का शिकार किया। गिल ने 110 गेंदों में 22 चौकों और दो छक्कों की मदद से 154 रन बटोरे। राहुल का खाता नहीं खुला। खरोटी ने 45वें ओवर में श्रेयस अय्यर (24 गेंदों में 26) को आउट किया। गुरनूर बराड़ (3) और अर्शदीप सिंह (3) दहाई अंक में नहीं पहुंचा जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने 19 गेंदों में 19 रन का योगदान दिया। प्रिंस यादव (5) भारत की ओर से आउट होने वाले आखिरी प्लेयर रहे। अफगानिस्तान: 232/10 (44.3 ओवर) भारत: 402/10 (49.5 ओवर)

स्मृति-शेफाली का धमाका, भारत का विश्व कप में सबसे बड़ा स्कोर; नीदरलैंड पर 95 रन की जीत

लीड्स भारत ने महिला टी20 विश्व कप 2026 के अपने दूसरे मुकाबले में एकतरफा जीत हासिल की है। टीम इंडिया के सामने नीदरलैंड की चुनौती थी। लीड्स के हेडिंग्ले मैदान पर ग्रुप ए के इस मुकाबले पहले बैटिंग करते हुए भारत ने 5 विकेट पर 209 रन बनाए। यह टूर्नामेंट के इतिहास में भारत का सबसे बड़ा स्कोर भी है। नीदरलैंड की टीम सिर्फ 114 रनों पर ऑलआउट हो गई और भारत ने मैच को 95 रनों से जीत लिया। इस जीत से भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया को पछाड़कर ग्रुप ए में टॉप पर पहुंच गई है। महिला टी20 में भारत की रनों से सबसे बड़ी जीत 142 रन vs मलेशिया, कुआलालंपुर (2018) 104 रन vs यूएई, सिलहट (2022) 100 रन vs बारबाडोस, एजबेस्टन (2022) 97 रन vs इंग्लैंड, ट्रेंट ब्रिज (2025) 95 रन vs नीदरलैंड, हेडिंग्ले (2026) स्मृति और शेफाली के बीच शतकीय साझेदारी नीदरलैंड की कप्तान बेबेट डी लीडे ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया। शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना की जोड़ी ने 70 गेंदों में 115 रन की साझेदारी की। शेफाली 38 गेंदों में 55 रन बनाकर आउट हुईं। उनकी इस पारी में 10 चौके शामिल रहे। इसके बाद मंधाना ने जेमिमा रोड्रिगेज के साथ मोर्चा संभाला। दोनों खिलाड़ियों ने दूसरे विकेट के लिए 26 गेंदों में 47 रन जुटाए। भारत को 16वें ओवर की अंतिम गेंद पर स्मृति मंधाना के रूप में दूसरा झटका लगा। मंधाना 47 गेंदों में 1 छक्के और 11 चौकों के साथ 74 रन बनाकर आउट हुईं। जेमिमा 13 गेंदों में 2 चौकों की मदद से 19 रन बनाकर आउट हुईं। यास्तिका भाटिया सिर्फ तीन रन बना सकीं। भारतीय टीम 168 के स्कोर तक 4 विकेट गंवा चुकी थी। ऋचा घोष (नाबाद 20) ने कप्तान हरमनप्रीत कौर (12) के साथ पांचवें विकेट के लिए 15 गेंदों में 31 रन की साझेदारी करते हुए भारत को विशाल स्कोर तक पहुंचाया। दीप्ति शर्मा पारी की अंतिम दो गेंदें खेलने मैदान पर उतरीं, जिसमें एक छक्का और एक चौका लगाया। नीदरलैंड की तरफ से कैरोलिन डी लैंग ने 2 विकेट हासिल किए। एक रन बनाने में आखिरी 5 विकेट गिरे लक्ष्य का पीछा करने उतरी नीदरलैंड की टीम 17.3 ओवरों में 114 रन पर सिमट गई। हीथर सीगर्स ने फीबे मोल्केनबोअर के साथ पहले विकेट के लिए 34 रन जोड़े। हीथर 16 गेंदों में 21 रन बनाकर आउट हुईं, जिसके बाद कप्तान बैबेट डी लीडे ने छोटी-छोटी साझेदारियां करते हुए टीम को संभालने की कोशिश की। इस टीम को 96 के स्कोर पर कप्तान के रूप में चौथा झटका लगा। बैबेट 27 गेंदों में 28 रन बनाकर लौटीं, जिसके बाद विकेटों का पतझड़ लग गया और टीम 114 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई। 16वें ओवर के बाद टीम का स्कोर 5 विकेट पर 113 रन था। अगले 9 गेंदों में एक रन बनाकर नीदरलैंड के आखिरी 5 विकेट गिर गए। भारत के लिए श्री चरणी ने 19 रन देकर 4 विकेट हासिल किए, जबकि शेफाली वर्मा ने 20 रन देकर 3 विकेट निकाले। नंदिनी शर्मा ने 2 विकेट अपने नाम किए।

FIFA के अनिवार्य हाइड्रेशन ब्रेक्स पर बवाल, फैंस बोले- मैच का फ्लो हो रहा खराब, मजा हो रहा किरकिरा

 अटलांटा FIFA वर्ल्ड कप 2026 में पहली बार लागू किए गए अनिवार्य हाइड्रेशन ब्रेक्स को लेकर नई बहस छिड़ गई है. खिलाड़ियों को अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की गर्मी से राहत देने के उद्देश्य से शुरू की गई यह व्यवस्था अब खेल की लय और रोमांच को प्रभावित करने के आरोपों का सामना कर रही है. आलोचकों का कहना है कि इन ब्रेक्स ने मैचों का प्राकृतिक प्रवाह तोड़ा है और कोचों को रणनीति बदलने का अतिरिक्त मौका दे दिया है।  इस बहस की सबसे बड़ी मिसाल जर्मनी और कुरासाओ के बीच खेले गए मुकाबले में देखने को मिली. वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करने वाला सबसे छोटी आबादी वाला देश कुरासाओ चार बार के चैम्प‍ियन जर्मनी के खिलाफ 1-1 की बराबरी पर था. लिवानो कोमेनेंसिया के गोल के बाद कुरासाओ के खिलाड़ी और फैन्स उत्साह से भरे हुए थे और बड़ा उलटफेर संभव नजर आ रहा था।  हालांकि इसके तुरंत बाद हाइड्रेशन ब्रेक हो गया. खेल दोबारा शुरू होने के बाद कुरासाओ अपनी लय कायम नहीं रख सका. जर्मनी ने हाफ टाइम से पहले दो गोल दाग दिए और आखिरकार मुकाबला 7-1 से जीत लिया।  इंग्लैंड के पूर्व स्ट्राइकर एलन शियरर ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें कुरासाओ के लिए बुरा लगा. उनके अनुसार टीम ने गोल कर मोमेंटम हासिल किया था, लेकिन कुछ ही सेकंड बाद खेल रुक गया और उसी के साथ उनकी लय भी टूट गई।  पूर्व आयरलैंड कप्तान रॉय कीन ने भी FIFA के फैसले पर सवाल उठाए. उनका मानना है कि फुटबॉल की सबसे बड़ी खूबसूरती उसकी लगातार चलने वाली गति है, लेकिन ये ब्रेक मैच की रफ्तार और रोमांच दोनों को प्रभावित कर रहे हैं. उन्होंने इसे अमेरिकी खेलों में दिखने वाले टाइमआउट जैसा बताया।  कोचों के लिए बन गया रणनीतिक हथियार हाइड्रेशन ब्रेक का उद्देश्य खिलाड़ियों को पानी पिलाना था, लेकिन कोच इस समय का इस्तेमाल रणनीतिक चर्चा के लिए भी कर रहे हैं. नीदरलैंड्स के कोच रोनाल्ड कोमैन ने खुलकर स्वीकार किया कि ब्रेक के दौरान खिलाड़ियों को सुधार, रणनीति और मैच की स्थिति के बारे में निर्देश दिए जा सकते हैं और उनकी टीम भी इसका फायदा उठा रही है।  शुरुआती 16 मैचों में से 8 मुकाबलों में हाइड्रेशन ब्रेक के 10 मिनट के भीतर गोल देखने को मिले. इससे यह धारणा और मजबूत हुई है कि इन ब्रेक्स का सीधा असर मैच के रुख पर पड़ रहा है।  ब्राजील और मोरक्को के मैच में भी ऐसा ही देखने को मिला. मोरक्को ने शुरुआत से दबदबा बनाया और पहले हाइड्रेशन ब्रेक से ठीक पहले बढ़त हासिल कर ली. लेकिन खेल दोबारा शुरू होने के 10 मिनट से भी कम समय बाद विनीसियस जूनियर ने ब्राजील के लिए बराबरी का गोल दाग दिया।  कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, स्कॉटलैंड, स्वीडन और ईरान जैसी टीमों ने भी ब्रेक के बाद गोल कर फायदा उठाया. कई मैचों के मोमेंटम मैप्स में भी यह साफ दिखाई दिया कि खेल रुकने के बाद मुकाबलों की दिशा बदल गई।  स्टेड‍ियम में बैठे फैन्स भी नाखुश  इन ब्रेक्स का असर केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है. स्टेडियम में मौजूद दर्शक भी इससे नाराज नजर आए हैं. मैसाचुसेट्स के फॉक्सबोरो में इराक और नॉर्वे के मुकाबले के दौरान पहले हाइड्रेशन ब्रेक पर दर्शकों ने हूटिंग तक की।  FIFA के नियमों के मुताबिक रेफरी हर हाफ के 22वें मिनट में खेल रोकते हैं और खिलाड़ियों को लगभग तीन मिनट का समय दिया जाता है. खास बात यह है कि यह नियम मौसम, तापमान या स्टेडियम की स्थिति से अलग सभी मैचों में लागू किया जा रहा है।  सोमवार को अटलांटा में स्पेन और केप वर्डे के बीच मैच एयर-कंडीशंड और छत वाले स्टेडियम में खेला गया, फिर भी हाइड्रेशन ब्रेक लागू किया गया. FIFA का कहना है कि सभी टीमों और मैचों के लिए समान परिस्थितियां सुनिश्चित करने के लिए ऐसा किया जा रहा है।  स्पेन के कोच लुइस डे ला फुएंते ने माना कि अत्यधिक गर्मी में यह फैसला समझ में आता है, लेकिन हर मैच में इसकी आवश्यकता पर उन्होंने सवाल उठाए. वहीं नॉर्वे के कोच स्टाले सोलबाकेन का भी मानना है कि 35 डिग्री सेल्सियस जैसी भीषण गर्मी में यह व्यवस्था सही है, लेकिन सामान्य परिस्थितियों में इसकी जरूरत नहीं है।  टीवी ब्रॉडकास्ट भी विवाद की वजह हाइड्रेशन ब्रेक्स को लेकर एक और बड़ी आलोचना प्रसारण से जुड़ी है. अमेरिका में ब्रॉडकास्टर फॉक्स इन ब्रेक्स के दौरान सीधे विज्ञापनों पर चला जाता है. दूसरी तरफ स्पेनिश भाषा के चैनल टेलीमुंडो ऐसा नहीं करता।  फुटबॉल में पारंपरिक रूप से हाफ टाइम के अलावा विज्ञापन ब्रेक देखने को नहीं मिलते. ऐसे में कई लोगों का मानना है कि ये रुकावटें दर्शकों के अनुभव को प्रभावित कर रही हैं।  नीदरलैंड्स के कप्तान वर्जिल वैन डाइक ने कहा कि लगातार विज्ञापनों पर जाना उन्हें पसंद नहीं है और तटस्थ दर्शकों के लिए भी यह अनुभव बेहतर नहीं माना जा सकता।  हालांकि फ्रांस के कोच डिडिएर डेशां का मानना है कि फुटबॉल बदल रहा है और अब मुकाबले दो हाफ की बजाय चार हिस्सों में बंटे हुए नजर आते हैं. उनके अनुसार खिलाड़ियों और कोचों को इस नई वास्तविकता के साथ तालमेल बैठाना होगा।  फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि FIFA भविष्य के सभी वर्ल्ड कप में इस व्यवस्था को जारी रखेगा या नहीं. हालांकि इंग्लैंड फुटबॉल एसोसिएशन ने संकेत दिए हैं कि 2028 में ब्रिटेन और आयरलैंड में होने वाली यूरोपीय चैम्प‍ियनशिप में ऐसे हाइड्रेशन ब्रेक लागू होने की संभावना बेहद कम है। 

महाराणा प्रताप की वीरता आज भी देश की प्रेरणा, CM डॉ. मोहन यादव बोले- राष्ट्र गौरव के अमर प्रतीक हैं वीर शिरोमणि

महाराणा प्रताप राष्ट्र गौरव के अमर प्रतीक, उनका अदम्य साहस हर पीढ़ी के लिए प्रेरक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में हो रही वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप लोक की स्थापना, लोकार्पण जल्द ही समाज के युवाओं को पार्थ योजना से पुलिस एवं सेना में भर्ती के लिए व्यवस्थित प्रशिक्षण दिलायेगी सरकार स्कूली कक्षाओं में पढ़ाई जायेगी महाराणा प्रताप की जीवनी महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पर हुआ राज्य स्तरीय समारोह मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में सहभागिता कर महाराणा प्रताप को अर्पित किए श्रद्धासुमन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का जीवन वीरता, शौर्य, पराक्रम, त्याग का प्रतीक है। उनका नाम स्मरण करते ही मन श्रद्धा से भर जाता है। महाराणा प्रताप ने तमाम कठिनाइयों के बीच भी 'राष्ट्र प्रथम' को सर्वोपरि रखा। समाज का हर वर्ग देश की अस्मिता और आत्म सम्मान के लिए महाराणा प्रताप को एक आदर्श व्यक्तित्व के रूप में देखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि महाराणा प्रताप सिर्फ़ एक राजा नहीं, स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रभक्ति के अनुपम प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि साहस और वीरता मनुष्य का आभूषण है। यह पराक्रमी राजा का नैसर्गिक गुण होता है। महाराणा प्रताप वीरता के पर्याय हैं। उन्होंने जीवन में अनेक कष्ट सहे, पर अपने लक्ष्य से कभी भी विचलित नहीं हुए। उनका जीवन आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती के अवसर पर भोपाल के महाराणा प्रताप नगर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में यह उद्गार व्यक्त किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिसोदिया-राजपूत-क्षत्रिय समुदाय द्वारा आयोजित इस सामाजिक कार्यक्रम में सहभागिता कर महान योद्धा महाराणा प्रताप को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाज के प्रतिभाशाली डाक्टर, युवाओं, खिलाड़ियों और समाजसेवियों को मंच से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड का गठन किया है और आज इसी बोर्ड के माध्यम से यह राज्य स्तरीय कार्यक्रम किया गया है। हमारी सरकार महापुरुषों की विरासत को संरक्षित करते हुए इसे और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सेना और पुलिस बल में युवाओं की भर्ती के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग के माध्यम से "पार्थ योजना" की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत तैयारी कर रहे युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रदेश के अधिकांश जिले इस योजना के दायरे में ले लिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि क्षत्रिय समाज के सभी युवाओं को भी इसी योजना में पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए व्यवस्थित प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके अतिरिक्त इंटर्नशिप की व्यवस्था और समायोजन के लिए भी प्रभावी पहल की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाराणा प्रताप लोक निर्माण का शेष कार्य तेजी से पूरा कराकर इसका बहुत जल्द लोकार्पण किया जाएगा। म.प्र.पर्यटन विकास निगम और महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड के समन्वय से सरकार महाराणा प्रताप के स्वर्णिम अतीत को दुनिया के सामने लाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश इकलौता राज्य है, जिसने महाराणा प्रताप की जयंती पर अवकाश घोषित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप की जीवनी अब स्कूलों में पढ़ाई जायेगी। हम महाराणा प्रताप के जीवन के प्रेरक प्रसंगों को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने जा रहे हैं। इससे हमारी भावी पीढ़ी महाराणा की वीरता और देशभक्ति से प्रेरणा लेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया के सभी देशों में अपना अग्रणी स्थान बना रहा है। हमारी सरकार विरासत से विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ते हुए भारत के गौरवशाली अतीत को दुनिया के सामने लाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप अद्वितीय वीरता, शौर्य, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति के प्रेरणा स्त्रोत हैं। आज इस जयंती समारोह में महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड के बैनर तले संपूर्ण क्षत्रिय समाज एक मंच पर आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अत्यंत बलशाली महाराणा प्रताप का कवच 72 किलो और भाला 80 किलोग्राम वजनी था। यह उनके अद्भुत व्यक्तित्व का परिचायक है। उन्होंने हर युद्ध में महान शौर्य दिखाया। महाराणा प्रताप के घोड़े "चेतक" के साथ उनके लगाव की कहानियां सुनकर मन रोमांचित हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य शोध पीठ की स्थापना कर विक्रमादित्य महानाट्य के माध्यम से उनके उत्कृष्ट जीवन से दुनिया का परिचय कराया है। युवाओं को सम्राट विक्रमादित्य पर शोक के लिए फैलोशिप प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही उज्जैन में मां क्षिप्रा के किनारे शहीद दुर्गादास राठौर का भव्य संग्रहालय भी तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमें गुलामी की मानसिकता से मुक्ति का जो संकल्प दिया है, उसकी प्रेरणा हमें महाराणा प्रताप से ही मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराणा प्रताप के संघर्षमय जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मातृभूमि, संस्कृति और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए जीवनभर संघर्ष किया , परंतु विकट विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने आत्मसम्मान से कोई समझौता नहीं किया। इतिहास गवाह है कि महाराणा प्रताप को जीवन के कठिनतम समय में घास की रोटियां तक खानी पड़ीं, तब भी उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों के सामने कभी सिर नहीं झुकाया। अपने नाम के अनुरूप वे सचमुच प्रतापी थे। उनका गौरवशाली व्यक्तित्व भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में सदैव अमर रहेगा। मुख्यमंत्री ने देश-प्रदेश के युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। समारोह में पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड का गठन एक प्रकार से प्रदेश में शौर्य की स्थापना करने जैसा है। कुछ व्यक्तित्व समय, युग और जाति के साथ नहीं बंधते हैं। वे सदैव मानव कल्याण, स्वाभिमान और देश के कल्याण के लिए होते हैं। महाराणा प्रताप ने कल्याण बोर्ड बनाकर एक महान वीर के गुणों से परिचित कराने का प्रशंसनीय कार्य किया है। देश के कई राज्य मध्यप्रदेश की योजनाओं का अनुसरण कर रहे हैं। महाराणा प्रताप के समान ही … Read more