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कलमा पढ़ाने के बहाने साजिश? एयरफोर्स अफसर की पत्नी ने लगाए रेप और ब्लैकमेलिंग के आरोप

छिंदवाड़ा   मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के एक मौलाना का बड़ा कांड सामने आया है। यहां आरोप मौलाना ने एक एयरफोर्स अफसर की पत्नी को जबरन कलमा पढ़ाया और दोस्तों के से पीड़िता को ब्लैकमेल करके दुष्कर्म करवाया। आरोप है कि मौलाना और उसके साथियों ने महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर लगभग सवा तीन लाख रुपए ऐंठे हैं। फिलहाल छिंदवाड़ा का रहने वाला आरोपी मौलाना पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसके दो सहयोगी गिरफ्तार हो चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, पीड़िता महाराष्ट्र के नागपुर में भारतीय वायु सेना के एक अधिकारी की पत्नी है। उसने पुलिस में दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार, 24 वर्षीय पीड़िता नागपुर में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करती है। पति नौकरी के कारण अकसर दूसरे शहर में रहते थे। फरवरी 2025 में पीड़िता के पुराने सहपाठी अयाज ताज मदारे ने जमीन खरीदने की इच्छा जताई और बात करने के लिए वर्धा रोड स्थित एक होटल में बुलाया। पीड़िता का आरोप है कि होटल में बातचीत के दौरान आरोपी ने उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। जिसके बाद वह बेहोश हो गई। पीड़िता का आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और आपत्तिजनक फोटो व वीडियो बना लिए। जब पीड़िता को होश आया तो उसे अपने साथ हुई हैवानियत की जानकारी लगी। उसका आरोप है कि आरोपी यही नहीं रूका उसने बाद में उसकी वीडियो और तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का सिलसिला पीड़िता के मुताबिक, आरोपी कई महीनों तक उसे ब्लैकमेल करता रहा। वीडियो और तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर उसने उससे कई बार पैसे लिए। थोड़े थोड़े करके आरोपी ने उससे लगभग 3 लाख 9 हजार रुपये वसूले गए। हद तो तब हो गई जब मई 2025 में आरोपी ने महिला को नागपुर के समीप कलमेश्वर क्षेत्र बुलाया। वहां उसकी मुलाकात अमीन शेख और छिंदवाड़ा के रहने वाले एक मौलाना से करवाई। तीनों ने मिलकर उससे कलमा पढ़वाया गया और धर्म परिवर्तन का दवाब बनाया। इस दौरान कई तंत्र-मंत्र जैसी गतिविधियां कराई गईं। महिला का आरोप है कि उसकी यह सब उसकी इच्छा के विरुद्ध किया गया और उसे मानसिक रूप से डराने का प्रयास किया गया।  

मुंडेश्वरी धाम के विकास को गति, कैमूर-रोहतास के बीच बनेगा एयरपोर्ट, जल्द शुरू होगा रोप-वे

भभुआ. जिले के भगवानपुर प्रखंड में स्थित सबसे प्राचीन माता मुंडेश्वरी धाम परिसर में मंगलवार को आयोजित सभा को संबोधित करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही रोहतास व कैमूर के बीच जमीन चिह्नित कर एयरपोर्ट बनवाया जाएगा। इसके लिए मैंने पदाधिकारियों को निर्देश दे दिया है। उन्होंने कहा कि माता मुंडेश्वरी मंदिर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए कई कार्य होंगे। यहां लंबित रोप-वे निर्माण का कार्य बरसात के बाद शुरू होगा। मैं अगली बार आऊंगा तो रोप-वे का शिलान्यास करूंगा। हेलीकॉप्टर की सेवा भी मिलेगी उन्होंने कहा कि इसके अलावा मां ताराचंडी, तुतला भवानी, गुप्ता धाम आदि धार्मिक स्थलों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए यहां हेलीकॉप्टर की सुविधा शुरू होगी। कैमूर जिले को टूरिस्ट हब के रूप में विकसित करने के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसा पहाड़ का दृश्य विश्व में शायद ही कहीं देखने को मिले। मां मुंडेश्वरी धाम परिसर में स्थित धर्मशाला का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को लाभ मिले। सभी प्रखंडों में खुलेंगे मॉडल स्कूल उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बिहार में दो साल के अंदर सभी प्रखंडों में मॉडल स्कूल खोलेगी। जिसमें सभी तरह की शैक्षणिक व्यवस्था होगी। यहां के बच्चे नीट, जेईई, आईआईटी की तैयारी करने बाहर नहीं जाएंगे। मॉडल स्कूलों में पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के बच्चे भी पढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि जब पदाधिकारी व जनप्रतिनिधियों के बच्चे मॉडल स्कूल में पढ़ेंगे तब लगेगा कि बिहार का विकास हो रहा है। कैमूर के बच्चे वाराणसी के बीएचयू में पढ़ने जाते हैं। हमने पदाधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि बिहार की धरती पर बीएचयू की शाखा खोली जाए। इसके लिए भी काम जल्द शुरू होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सबकी समस्याओं के समाधान के लिए कार्य कर रही है। सहयोग शिविर के एक माह होने वाले हैं। जिसमें तीन लाख 36 हजार 78 आवेदन आए, जिसमें दो लाख 61628 आवेदनों का निष्पादन कर दिया गया है, जो 90 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि जो पदाधिकारी दस दिन में कोई आदेश नहीं करता, उसे 11वें दिन नोटिस दिया जाता है। इसके बाद फिर 20 दिन तक आदेश नहीं देने पर 21वें दिन नोटिस दिया जाता है, फिर 25 दिन तक आदेश नहीं करने पर 26वें दिन नोटिस दिया जाती है और यदि पदाधिकारी 30 दिन तक कोई ओदश नहीं करते हैं तो वे 31वें दिन स्वत: निलंबित (सस्पेंड) हो जाएंगे। सीएम ने कहा कि हमारी सरकारी जनता से संवाद यानी जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना चाहती है, ताकि बिहार की जनता कोई परेशानी न झेले। 'अपराधी या तो बिहार छोड़ दें…' उन्होंने कहा कि बिहार को अपराध मुक्त बनाना है। इसके लिए अपराधी या तो बिहार छोड़ दें या अपराध छोड़ दें। यदि अपराधी पकड़े जाते हैं तो पहले उनसे कहा जाएगा कि वे अपराध छोड़ दें, और यदि इसके बाद भी वे नहीं मानते हैं और अपराध करते हैं तो 48 घंटा के अंदर उन्हें अपराध की श्रेणी की तरह ही जवाब दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि बिहार में बिजली महंगे दर पर खरीदी जाती थी, लेकिन अब बिहार में थर्मल पावर है। यहां जब झारखंड से बिहार अलग हुआ था तब आबादी लगभग 6 करोड़ थी, और अब लगभग 14 करोड़ है। बिहार की आबादी बढ़ने के साथ ही संरचना को भी बढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम गांव-गांव बिजली पहुंचाएंगे तब तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, हम घर-घर बिजली पहुंचाएंगे। अब हमारी सरकारी 25 लाख बीपीएल लोगों के घरों की छत पर सोलर प्लेट लगाएगी। इससे आगामी 25 वर्ष तक बिजली बिल से मुक्ति और 125 यूनिट से अधिक बिजली उत्पादन पर सरकार पैसा देगी।

एक ही पेड़ पर बौर, कच्चे और पके आम एक साथ, हैरान कर रही वैरायटी

सहारनपुर  मीठे-मीठे आमों का सीजन चल रहा है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला पूरे देश में आम की बेहतरीन किस्मों के लिए मशहूर है। इस बार यहां आम की एक ऐसी अनोखी वैरायटी हुई है, जो हर तरफ चर्चा में है। आमतौर पर आम के पेड़ पर साल में एक बार बौर आती है और फिर निश्चित समय पर फल तैयार होते हैं। लेकिन, इस वैरायटी की खासियत यह है कि ये केवल मौसम विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे साल फल देने की क्षमता रखता है। आम की इस दुर्लभ किस्म को 'सदाबहार' नाम दिया गया है। सदाबहार 'आम' के पेड़ की सबसे खास बात यह है कि इसके ऊपर एक साथ बौर, छोटे फल और पकने के लिए तैयार आम दिखाई देते हैं। यानी पेड़ पर हर समय किसी न किसी अवस्था में फल मौजूद रहता है। यही वजह है कि इसे देखने के लिए दूर-दराज के इलाकों से लोग सहारनपुर पहुंच रहे हैं। खासकर वो लोग, जिन्होंने आम के बड़े-बड़े बाग लगा रखे हैं। नई बोर के साथ छोटे फल और पके फल आम की अनोखी किस्म को संरक्षित और विकसित करने का काम कर रहे किसान राजेंद्र अटल बताते हैं कि उनके पास कई दुर्लभ और विशेष पौधों का संरक्षण किया जा रहा है। सदाबहार आम का यह पेड़ अब अपने तीसरे साल में प्रवेश कर चुका है और लगातार बेहतर फल दे रहा है। पिछले साल भी इस पेड़ ने सालभर फल दिए थे और इस समय भी नई बौर के साथ छोटे और पकने के लिए तैयार फल एक साथ मौजूद हैं। दूसरे आम से कितना अलग है सदाबहार राजेंद्र अटल बताते हैं कि इस किस्म की एक और विशेषता इसका आकार है। अन्य आम के पेड़ों के मुकाबले यह छोटा रहता है, जिससे इसकी देखभाल और फल तोड़ने का काम आसान हो जाता है। साइज में छोटा होने के बावजूद इसकी उत्पादकता काफी अच्छी मानी जाती है। ये आम बेहद मीठे और खुशबूदार होते हैं। यही कारण है कि एक बार इसका स्वाद चखने वाले लोग इसकी तारीफ किए बिना नहीं रहते। जैविक तरीके से उगाया जाता है सदाबहार आम एक और खास बात यह भी है कि इस वैरायटी की खेती पूरी तरह जैविक तरीके से की जा रही है। राजेंद्र अटल बताते हैं कि इसके उत्पादन में किसी प्रकार की रासायनिक खाद या केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता। प्राकृतिक तरीकों से तैयार होने के बावजूद यह पेड़ लगातार फल देने में सक्षम है, जो इसे अन्य किस्मों से अलग बनाता है। फिलहाल राजेंद्र अटल के पास सदाबहार आम के करीब 20 पेड़ हैं। साथ ही कलम विधि के जरिए नए पौधे भी तैयार किए जा रहे हैं।  

सुबह की ये 5 गलत आदतें चुपचाप कमजोर कर रही हैं आपका दिल

आज की भागदौड़ भरी इस जिंदगी में अगर हम किसी चीज़ को सबसे ज़्यादा नजरअंदाज कर रहे हैं, तो वह है हमारी सेहत. खासकर जब बात हार्ट हेल्थ का ख्याल रखने की आती है, तो हम सबसे ज़्यादा इसे ही अनदेखा करने लगे हैं. आज का यह आर्टिकल उन सभी लोगों के लिए है, जो अपनी हार्ट हेल्थ का बेहतर तरीके से ख्याल रखना चाहते हैं. आज हम आपको सुबह की कुछ ऐसी आदतों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें अगर आप समय रहते सुधार नहीं लेते हैं, तो इसका आपकी हार्ट हेल्थ पर काफी बुरा असर पड़ सकता है. तो चलिए जानते हैं सुबह की ऐसी 5 गलत आदतों के बारे में, जो धीरे-धीरे आपके दिल को कमजोर करने का काम कर रही हैं और आपको इस बात का अंदाजा भी नहीं लग रहा है. सोकर उठते ही अचानक से बिस्तर से उठ जाना सुबह जैसे ही हमारी आंख खुलती है, हमारा शरीर एकदम रेस्ट मोड से जागने की स्थिति में आ रहा होता है. ऐसे में कई लोग क्या करते हैं कि अलार्म बजते ही झटके से बिस्तर से उठकर खड़े हो जाते हैं. सच मानिए, यह आदत आपके दिल के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकती है. अचानक ऐसे उठने से ब्लड प्रेशर एकदम से बढ़ जाता है, जिससे दिल पर अचानक बहुत ज्यादा प्रेशर पड़ता है. सबसे सही तरीका यह है कि जब भी सुबह आपकी आंख खुले, तो तुरंत हड़बड़ाकर न उठें. कम से कम दो मिनट आराम से बिस्तर पर ही बैठे रहें, शरीर को थोड़ा स्ट्रेच करें और उसके बाद धीरे से उठें. इससे आपके शरीर का ब्लड सर्कुलेशन एकदम नॉर्मल रहता है और दिल पर कोई फालतू का लोड नहीं पड़ता. खाली पेट चाय या कॉफी पीना भारत में ज्यादातर लोगों के दिन की शुरुआत बेड-टी यानी बिस्तर पर चाय या कॉफी पीने से होती है. लेकिन खाली पेट कैफीन का सेवन करना आपकी हार्ट हेल्थ के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है. खाली पेट चाय या कॉफी पीने से शरीर में एसिडिटी बढ़ती है और हार्ट रेट तेज हो सकती है. इसके अलावा, आपकी यह आदत आपके ब्लड प्रेशर को भी अचानक से बढ़ा सकता है. सुबह उठकर सबसे पहले एक या दो ग्लास गुनगुना पानी पीना चाहिए ताकि शरीर हाइड्रेट हो सके, उसके बाद ही कुछ खाना या पीना चाहिए. हैवी और अनहेल्दी ब्रेकफास्ट करना या उसे स्किप कर देना ब्रेकफास्ट हमारे पूरे दिन का सबसे जरूरी डाइट होता है. कुछ लोग समय की कमी के कारण ब्रेकफास्ट स्किप कर देते हैं, तो कुछ लोग सुबह-सुबह ही बहुत ज्यादा तला-भुना, कचौड़ी, समोसा या पैक्ड चीजें खा लेते हैं. ये दोनों ही आदतें आपकी हार्ट हेल्थ के लिए काफी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं. ब्रेकफास्ट स्किप करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा होता है जिससे मोटापा बढ़ने लगता है. इसकी वजह से दिल की बीमारी का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है. वहीं, दूसरी ओर, सुबह-सुबह ज्यादा तेल और फैट वाली चीजें खाने से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जिससे दिल की नसें ब्लॉक हो सकती हैं. हद से ज्यादा स्ट्रेस लेना या गुस्सा करना सुबह उठते ही ऑफिस की टेंशन, काम का प्रेशर या किसी बात पर गुस्सा करना आपकी हार्ट हेल्थ को बुरी तरह से बिगाड़ सकता है. जब आप सुबह-सुबह स्ट्रेस लेते हैं, तो शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे स्ट्रेस हॉर्मोन्स रिलीज होते हैं. ये हॉर्मोन्स दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर को बढ़ा देते हैं. अगर यह रोज की आदत बन जाए, तो समय के साथ आपका दिल कमजोर होने लगता है. अगर आप नहीं चाहते हैं कि ऐसा हो, तो सुबह के समय खुद को शांत रखने की कोशिश करें. इसके लिए आप थोड़ी देर मेडिटेशन या डीप ब्रीदिंग की प्रैक्टिस कर सकते हैं. फिजिकल एक्टिविटी बिल्कुल भी न करना आपको शायद यह जानकर हैरानी हो लेकिन, रात भर सोने के बाद सुबह हमारे शरीर की नसें और मसल्स थोड़ी टाइट हो जाती हैं. अगर आप सुबह उठकर सीधे कुर्सी या सोफे पर बैठ जाते हैं और कोई फिजिकल मूवमेंट नहीं करते, तो यह आपके दिल के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं है. सुबह के समय कम से कम 20 से 30 मिनट की लाइट वॉकिंग, योगा या स्ट्रेचिंग करना बहुत जरूरी है. फिजिकल एक्टिविटी न करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन स्लो हो जाता है, जिसकी वजह से दिल को काम करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है.

पंजाब कांग्रेस में चुनावी मंथन तेज, वरिष्ठ नेता ऑब्जर्वर कमेटी के साथ करेंगे रणनीति पर चर्चा

चंडीगढ़. प्रदेश में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच कांग्रेस भी चुनावी रणनीति बनाने में तेजी से जुट गई है। आज नई दिल्ली में पंजाब कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं को तलब किया गया है। सुबह दस बजे से हाईकमान की ओर से गठित तीन सदस्य ऑब्जर्वर कमेटी पंजाब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व उपमुख्यमंत्री और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के अलावा विधायक परगट सिंह सहित अन्य विधायकों और संगठन के लोगों से कमेटी मुलाकात करेगी। इस संबंध में सोमवार को सभी नेताओं को दिल्ली पहुंचने के आदेश दिए गए। कुछ नेता सोमवार ही दिल्ली पहुंच गए हैं। जानकारी अनुसार आब्जर्वर कमेटी में शामिल पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन, पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन और पूर्व मंत्री भजनलाल जाटव पंजाब कांग्रेस नेताओं के साथ मीटिंग करेंगे। नेताओं से मुलाकात कर पंजाब में चुनावी तैयारियों की लेंगे रिपोर्ट साथ ही सभी नेताओं से एक-एक कर मुलाकात कर पंजाब में चुनावी तैयारियों को लेकर रिपोर्ट लेंगे। तीनों आब्जर्वर के साथ होने वाली इस बैठक को इस समय काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक के बाद ही चुनाव को लेकर कांग्रेस की रणनीति को लेकर स्थिति स्प्षट हो पाएगी। सूत्रों अनुसार आब्जर्वर कमेटी पंजाब को लेकर अपनी रिपोर्ट इसी हफ्ते कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपे देगी। जिसके बाद पंजाब कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष के साथ ही चुनाव को लेकर पार्टी के अन्य रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर फैसला लिया जाएगा। लंबे समय से पंजाब कांग्रेस में प्रदेेश अध्यक्ष के बदलाव करने या नहीं होने को लेकर चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन अभी हाईकमान ने कोई फैसला नहीं लिया है। बीते महीने भर में चार से पांच बार पंजाब कांग्रेस नेताओं को दिल्ली तलब किया जा चुका है। विधानसभा चुनाव में जीत के लिए कांग्रेस नेताओं के बीच चल रही धड़ेबाजी को खतम करना कांग्रेस हाईकमान के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। मंगलवार की बैैठक के बाद ही कांग्रेस की आगे की रणनीति स्पष्ट हो पाएगी।

शिक्षकों को पोस्टिंग में बड़ी राहत, सम्राट चौधरी बोले- अब पढ़ाई पर कोई समझौता नहीं

 पटना बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग और स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एक बेहद सख्त बयान सामने आया है। कैमूर में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने साफ लहजे में शिक्षकों को चेतावनी दी है कि सरकार उनकी सुविधाओं का पूरा ख्याल रख रही है, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों की पढ़ाई से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। शिक्षकों के ट्रांसफर नीति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि "ट्रांसफर जहां कराना है, करा लीजिए, लेकिन पढ़ाना तो पड़ेगा। कोई बहाना नहीं चलेगा।" मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख से साफ है कि सरकार अब राज्य की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पूरी तरह से एक्शन मोड में है और लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर गाज गिरना तय है। शिक्षकों को पोस्टिंग की बड़ी राहत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षकों की सहूलियत के लिए ट्रांसफर के नियमों को काफी आसान बनाया है। उन्होंने कहा, "शिक्षकों के लिए हम लोगों ने तय किया है कि आप अपने गांव के बिल्कुल बगल में चले जाइए, इसमें सरकार को कोई दिक्कत नहीं है।" उन्होंने महिला शिक्षिकाओं के लिए कहा कि जो हमारी बहनें शिक्षिका हैं, उन्हें उनके घर या गांव के ठीक बगल वाले पंचायत में ही पढ़ाने के लिए पोस्टिंग दी जाएगी। वहीं, जो हमारे भाई शिक्षक हैं, उन्हें भी ज्यादा दूर न भेजकर उनके बगल वाले प्रखंड में ही काम करने का अवसर दिया जाएगा। सम्राट चौधरी बोले- 'पढ़ाने के लिए अब कोई एक्सक्यूज नहीं मिलेगा' शिक्षकों को बड़ी राहत देने के साथ ही मुख्यमंत्री ने अपनी दूसरी शर्त भी बेहद कड़े शब्दों में सामने रख दी। उन्होंने मंच से हुंकार भरते हुए कहा, "बगल के पंचायत और प्रखंड में पोस्टिंग तो मैं दे दूंगा, लेकिन पढ़ाना तो आपको हर हाल में पड़ेगा। अब पढ़ाने के लिए किसी भी तरह का कोई एक्सक्यूज नहीं मिलेगा।" उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे पूरी निष्ठा से स्कूल जाएं, बच्चों को पढ़ाएं और बिहार के भविष्य को आगे बढ़ाने का काम करें। मुख्यमंत्री ने राज्य में हुए ढांचागत बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि आज बिहार की पूरी स्कूल व्यवस्था बदल चुकी है और लगभग 75 हजार सरकारी स्कूलों को खोला व सुधारा जा चुका है। अब सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि इन स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और किसान के बच्चों को देश की सबसे बेहतरीन शिक्षा मिल सके।

संवेदनशील पहल से बदली दाखू देवी की जिंदगी, मिली सरकारी योजनाओं की सौगात

जैसलमेर जैसलमेर जिले की राजमथाई ग्राम पंचायत निवासी दाखू देवी जोगी पूर्व में हुई एक भीषण आगजनी की घटना में लगभग 75 प्रतिशत तक झुलस गई थी। इस दुर्घटना में उनका चेहरा एवं हाथों की उंगलियां भी गंभीर रूप से प्रभावित हो गई थी। शारीरिक स्थिति के कारण उनका आधार कार्ड नहीं बन पा रहा था, जिसके चलते वे विभिन्न सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के लाभ से वंचित थी।  पहले पोकरण विधायक महंत प्रताप पुरी की उपस्थिति में पंचायत समिति भणियाणा के विकास अधिकारी हनुमान राम ने दाखू देवी की समस्या का समाधान करने का संकल्प लिया था। इसके बाद उन्होंने अपने निजी वाहन से दाखू देवी को पांच बार जोधपुर ले जाकर आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करवाईं। इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप दाखू देवी का आधार कार्ड,जन आधार कार्ड एवं बैंक खाता बनवाया गया एवं उनकी वृद्धावस्था पेंशन भी स्वीकृत करवाई गई। ग्राम पंचायत राजमथाई में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में पोकरण विधायक महंत प्रताप पुरी ने दाखू देवी को पेंशन पीपीओ सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रदान किए।  दस्तावेज प्राप्त कर भावुक हुई दाखू देवी ने कहा कि अब उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा और उनका जीवन पहले से अधिक सुरक्षित एवं सम्मानजनक बनेगा। उन्होंने पोकरण विधायक महंत प्रताप पुरी, विकास अधिकारी हनुमान राम, ग्राम विकास अधिकारी भीमदान चारण तथा वरिष्ठ सहायक राणा राम गौरा सहित सभी संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों का आभार व्यक्त किया।   दाखू देवी की यह सच्ची कहानी दर्शाती है कि यदि प्रशासन संवेदनशीलता, समर्पण और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करे तो कठिन से कठिन समस्या का समाधान संभव है।

सामूहिक विवाह से सामाजिक बदलाव की मिसाल बना जगदलपुर, 17 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे

जगदलपुर. जगदलपुर के टाउन हॉल में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह सिर्फ शादी का कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक बदलाव का प्रतीक बन गया. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 17 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे. वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच समारोह संपन्न हुआ. कार्यक्रम की सबसे खास तस्वीर दो पूर्व नक्सली जोड़ों की रही. आत्मसमर्पण के बाद दोनों जोड़ों ने गृहस्थ जीवन की नई शुरुआत की. यह कदम पुनर्वास नीति की सफलता के रूप में देखा जा रहा है. योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ा सहारा बन रही है. बेटियों के विवाह का आर्थिक बोझ कम करने में यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो रही है. समारोह में नवदंपत्तियों को सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया गया. जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की. बस्तर में शांति और सामाजिक समरसता का संदेश इस आयोजन से स्पष्ट दिखाई दिया. मुख्यधारा से जुड़ने की यह कहानी क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा पर त्वरित कार्रवाई, ग्रामीणों की मांगों को मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा पर त्वरित अमल, ग्रामीणों की मांगों को मिली स्वीकृति सुशासन तिहार में किए गए वादे हो रहे पूरे, पंचायत भवन, पीडीएस भवन और मुक्तिधाम निर्माण को मिली मंजूरी रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार केवल जनसंवाद का मंच नहीं, बल्कि जनआकांक्षाओं को शीघ्रता से पूरा करने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। आम नागरिकों की समस्याओं और मांगों के त्वरित निराकरण के लिए राज्य शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा लगातार संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा सरगुजा प्रवास के दौरान ग्रामीणों की मांगों पर की गई घोषणाओं को शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर अमल में लाया गया है। उल्लेखनीय है कि 03 मई 2026 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के अंतर्गत सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत सिलमा के शांतिपारा पहुंचे थे। जन चौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए उन्होंने क्षेत्र की आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली तथा विभिन्न विकास कार्यों की घोषणाएं की थीं। मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुरूप जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की है। ग्राम सिलमा में डीएमएफ एवं मनरेगा के अभिसरण से 18.30 लाख रुपये की लागत से नवीन पंचायत भवन, डीएमएफ मद से 2.50 लाख रुपये की लागत से मुक्तिधाम तथा मनरेगा मद से 11.63 लाख रुपये की लागत से नवीन पीडीएस भवन निर्माण को मंजूरी दी गई है। इसी प्रकार ग्राम कुनकुरीकला में डीएमएफ एवं मनरेगा के अभिसरण से 18.30 लाख रुपये की लागत से नवीन पंचायत भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणाओं पर त्वरित अमल के लिए प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनका आभार जताया है। उनका कहना है कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन और प्रशासन सीधे जनता तक पहुंचकर न केवल समस्याएं सुन रहा है, बल्कि उनके समाधान के लिए समयबद्ध कार्रवाई भी सुनिश्चित कर रहा है। राज्य शासन की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त मांगों और जनसमस्याओं के निराकरण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे विकास कार्यों का लाभ समय पर आमजन तक पहुंच रहा है और सुशासन की अवधारणा जमीनी स्तर पर साकार हो रही है।

रामायण वाटिका उद्घाटन समेत 1088 विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास करेंगे योगी

बरेली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित बरेली दौरे को लेकर लोकार्पण और शिलान्यास के कार्यक्रमों की सूची लगभग फाइनल हो चुकी है। सीएम के हाथों करीब चार हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण कराया जाएगा। इसमें 3530.75 करोड़ के 1,013 कामों का शिलान्यास और 534.49 करोड़ के 75 कामों का लोकार्पण शामिल है। दौर की तिथि अभी निश्चित नहीं हुई है, लेकिन 20 जून के आसपास उनके आने की संभावना है। जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री मुरादाबाद में जनसभा को संबोधित करने के बाद बरेली आ सकते हैं। सर्किट हाउस में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ मंडलीय समीक्षा बैठक के बाद वह बरेली कॉलेज में जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद शाम को रामायण वाटिका का उद्घाटन करेंगे। वहां लेजर शो के बीच वाटिका का भ्रमण करेंगे। जिले में रात्रि विश्राम के बाद सुबह वह शाहजहांपुर जा सकते हैं। वहां भी जनसभा प्रस्तावित है। रामगंगा नगर में रामायण वाटिका का विकास बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की ओर से कराया गया है। 33 हजार वर्गमीटर में बनी इस वाटिका पर बीडीए ने 46 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। दौरे को देखते हुए बीडीए ने रामगंगानगर के ट्री-गार्डों को भगवा रंग में रंग दिया है। सोमवार को भी रामायण वाटिका में बीडीए की टीम लगी रही। नगर निगम की ओर से सड़कों की मरम्मत भी शुरू करा दी गई है। पीलीभीत बाइपास के गड्ढों को भरा जा रहा है। प्रमुख सचिव ने परखीं तैयारियां मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले सोमवार को प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग व नोडल अधिकारी सौरभ बाबू ने अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों को परखा। कलक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में विभिन्न योजनाओं और राजस्व से जुड़े कार्यों की जानकारी ली।  कहा कि जिन परियोजनाओं पर काम चल रहा है और 90 फीसदी से ज्यादा निर्माण हो चुका है उसे जल्दी पूरा कराएं। जो परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, उन्हें हस्तांतरित किया जाए।   छात्रवृत्ति, निराश्रित महिला पेंशन, दिव्यांग पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन योजना की समीक्षा कर पात्रों को इसके दायरे में लाने के निर्देश दिए। बिजली निगम की समीक्षा में बताया गया कि ट्रांसफार्मरों के खराब होने की शिकायत मिलने पर शहर में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 72 घंटे में उन्हें बदला जा रहा है। निर्देश दिए कि पात्रों को ही आवास योजनाओं का लाभ दिया जाए। जल जीवन मिशन, फैमिली आईडी की भी समीक्षा की। बैठक में डीएम अविनाश सिंह, सीडीओ देवयानी, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद उन्होंने सीबीगंज में निर्माणाधीन आईटी पार्क का निरीक्षण किया। कार्यदायी संस्था को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य कराने की हिदायत दी। मीरगंज के सिधौली में निर्माणाधीन आईटीआई परिसर का जायजा लिया। झुमका चौराहा के पास स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला और लोक निर्माण विभाग की ओर से निर्मित 19.5 किलोमीटर लंबे मीरगंज-सहोड़ा वाया सिहोर मार्ग का भी जायजा लिया।