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यूपी में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा, पहली बार हाइड्रोजन बसों का संचालन शुरू

नोएडा सीएम योगी ने शुक्रवार को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथारिटी को नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात दी। इसके साथ ही पहली बार यूपी में हाइड्रोजन बसों के संचालन का भी शुभारंभ हुआ है। यमुना अथारिटी में तीन हाईड्रोजन बसें चलेंगी। सीएम योगी ने लखनऊ स्थित अपने आवास से बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें 45 बसें नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथारिटी में चलेंगी। इन बसों के चलने से जेवर एयरपोर्ट जाना-आना आसान हो जाएगा। सीएम योगी ने हाईड्रोजन बसों के बारे बताते हुए कहा कि तीन हाईड्रोजन बसें यमुना अथारिटी को एनटीपीसी ने उपलब्ध कराया है। कहा कि अब ग्रीन हाईड्रोजन मोबिलिटी नई धारणा बन चुकी है। एक प्रक्रिया के बाद पानी से हाईड्रोजन निकालकर इन बसों का संचालन होगा। पानी में दो हाईड्रोजन और एक ऑक्सीजन होता है। पानी से इन दोनों को अलग किया जाएगा। पानी भी ग्राउंड वाटर या सरफेस वाटर नहीं बल्कि सीवर का लिया जाएगा। सीवर के पानी को ट्रीटमेंट करके इस्तेमाल किया जाएगा। इसी पानी में से ऑक्सीजन को निकालकर वायुमंडल में भेजा जाएगा और हाईड्रोजन को कंप्रेस करके सिलेंडर में भरकर बसों को चलाया जाएगा। इन बसों का संचालन जेवर एयरपोर्ट के पास होने जा रहा है। इससे वहां पर वायु प्रदूषण भी कम होगा। जहरीले वातारण से समाज को बचाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि 15 जून से नोएडा में सबसे बड़ा एयरपोर्ट शुरू हो रहा है। तब तक बसों की संख्या 110 कर दी जाएगी। आने वाले समय में इनकी संख्या बढ़ाकर 500 की जाएगी। जिले के तीनों प्राधिकरण एरिया में पर्यावरण को बेहतर बनाए रखने के लिए इन इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत की गई है। एयरपोर्ट तक मेट्रो शुरू होने तक बसें लोगों की राह आसान करेंगी। आने वाले समय में मेट्रो भी एयरपोर्ट तक जाएगी। पिछली सरकारों पर हमला शुभारंभ के मौके पर सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर हमला करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में टूटी सड़कों और अराजकता का माहौल था। लोगों के सामने पहचान तक का संकट था। यहां पर लोग निवेश से घबराते थे। आज वर्ल्ड क्लास कनेक्टिविटी के कारण विकास को रफ्तार मिली हुई है। डबल इंजन की सरकार में 4 लाख किलोमीटर का रोड नेटवर्क बनकर है। यूपी के पास आज सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे और इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। भगवान श्रीराम पुष्पक विमान से लंका से अयोध्या आए थे लेकिन एयरपोर्ट के लिए वहां के लोग तरस रहे थे।आजादी के इतने साल बाद तक अयोध्या अपमानित हो रही थी। आज वहां पर महर्षि वाल्मिकी के नाम पर इंटरनेशनल एयरपोर्ट है।

फुटपाथ, डिवाइडर और स्ट्रीट लाइट से सुसज्जित होंगी प्रदेश की प्रमुख सड़कें

 पानीपत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने चार प्रमुख नेशनल और स्टेट हाईवे को माडल रोड के रूप में विकसित करने की योजना पर कार्य प्रारंभ कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना में पानीपत से सफीदों, जींद व भिवानी रोड, गोहाना से खानपुर कलां रोड (सोनीपत), घरौंडा से फुरलक रोड (करनाल) व ओल्ड बाईपास रोड (कैथल) को शामिल किया है। यह पहल प्रदेश की सड़कों की गुणवत्ता में सुधार लाने के साथ-साथ यातायात सुरक्षा को भी बढ़ावा देगी। पीडब्ल्यूडी ने संबंधित मार्गों परहाई टेंशन (एचटी) और लो टेंशन (एलटी) बिजली लाइनों को शिफ्ट करने के संबंध में बिजली निगम को पत्र भेजे हैं। मॉडल रोड परियोजना के तहत सभी चयनित सड़कों के दोनों ओर व्यवस्थित फुटपाथ बनाए जाएंगे। इसके अलावा सड़क के बीचों-बीच आकर्षक डिवाइडर तैयार किए जाएंगे, जिन पर फूलों और सजावटी पौधों का रोपण किया जाएगा। सुरक्षा पर विशेष ध्यान रात्रि में बेहतर रोशनी और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। वहीं, यातायात नियमों के पालन और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से प्रमुख स्थानों पर स्पष्ट और मानक के अनुरूप जेबरा क्रासिंग बनाई जाएंगी। पानीपत पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन सवित पानु ने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस इन मार्गों पर यात्रा अधिक आरामदायक होगी। साथ ही शहरों व कस्बों की कनेक्टिविटी मजबूत होने से स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।     बिजली लाइनों की शिफ्टिंग के लिए कई तरह की औपचारिकताएं पूरी की जानी हैं। ये औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शिफ्टिंग के कार्य तेजी से पूरे किए जाएंगे। -आदित्य कुंडू, एक्सईएन, बिजली निगम, पानीपत।  

टेनिस में बड़ा बदलाव: विंबलडन का प्राइज मनी बढ़ा, खिलाड़ियों की हिस्सेदारी पर बहस तेज

लंदन  खिलाड़ियों की राजस्व में अधिक हिस्सेदारी की मांग के बीच विंबलडन ने गुरुवार को कुल इनामी राशि में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया। अगले महीने होने वाले इस ग्रास कोर्ट ग्रैंडस्लैम टेनिस टूर्नामेंट के एकल चैंपियन को अब 48 लाख डॉलर (करीब 46 करोड़ रुपये) मिलेंगे। वर्ष के तीसरे ग्रैंडस्लैम विंबलडन 29 जून से 12 जुलाई तक खेला जाएगा। ऑल इंग्लैंड क्लब की अध्यक्ष डेबोरा जेवंस ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि खिलाड़ियों के रोजाना भत्ते सहित कुल इनामी राशि 8.58 करोड़ डॉलर (करीब 821 करोड़ रुपये) होगी, जो अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। जेवंस ने कहा कि मुझे आशा है कि खिलाड़ी इसका स्वागत करेंगे। दरअसल, खिलाड़ी लंबे समय से चार ग्रैंडस्लैम से होने वाली कमाई में अधिक हिस्सेदारी की मांग कर रहे हैं और हाल ही में उन्होंने सामूहिक कार्रवाई की दिशा में कदम उठाना शुरू किया है। फ्रेंच ओपन से पहले दुनिया की नंबर एक महिला खिलाड़ी एरिना सबालेंका ने कहा था कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो खिलाड़ियों को किसी ना किसी स्तर पर बहिष्कार करना चाहिए। पुरुषों के नंबर एक खिलाड़ी जानिक सिनर, कोको गफ और अन्य खिलाड़ियों ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। इसके बाद रोलां गैरो पर टूर्नामेंट से पहले हुई प्रेस कांफ्रेंस में शीर्ष 10 खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट से होने वाली कमाई में अपने हिस्से को लेकर सांकेतिक विरोध जताते हुए पत्रकारों के साथ अपने सत्र को 15 मिनट तक ही सीमित रखा। एक साल से कुछ अधिक समय पहले 20 प्रमुख खिलाड़ियों ने चारों ग्रैंडस्लैम के प्रमुखों को एक पत्र भेजा था जिसमें अधिक इनामी राशि और फैसले लेने की प्रक्रिया में अपनी अधिक भागीदारी की मांग की गई थी। ग्रैंडस्लैम में कितनी इनामी राशि (सिंगल्स विजेता)     आस्ट्रेलियन ओपन : 25 करोड़ रुपये     फ्रेंच ओपन : 30 करोड़ रुपये     विंबलडन : 46 करोड़ रुपये     यूएस ओपन : 44 करोड़ रुपये  

Motorola Edge 70 Pro+ Review: 50MP कैमरा और 6500mAh बैटरी के साथ आया पावरफुल ऑलराउंडर फोन

Motorola ने अपने नये मॉडल Motorola Edge 70 Pro+ में सिर्फ बड़े-बड़े स्पेसिफिकेशन्स देने पर फोकस नहीं किया है, बल्कि इसे एक ऐसा ऑलराउंडर स्मार्टफोन बनाने की कोशिश की है जो नॉर्मल इस्तेमाल से लेकर मल्टीमीडिया और फोटोग्राफी तक हर चीज में अच्छा एक्सपीरियंस दे. आकर्षक डिजाइन, बेहतरीन डिस्प्ले और दमदार हार्डवेयर के साथ यह फोन अपने प्राइस सेगमेंट में मजबूत दावेदारी पेश करता नजर आ रहा है. आइए जानते हैं इसके बारे में. Motorola Edge 70 Pro+ Review: डिजाइन Motorola Edge 70 Pro+ की सबसे बड़ी खासियत इसका प्रीमियम डिजाइन है. फोन का Satin-Luxe फिनिश लुक देता है, जबकि इसका डीप रेड कलर इसे भीड़ से अलग पहचान देता है. खास बात यह है कि फोन में बड़ी 6500mAh बैटरी होने के बावजूद इसकी थिकनेस सिर्फ 7.19mm है. क्वाड-कर्व्ड डिजाइन और पतले बॉडी प्रोफाइल की वजह से यह फोन देखने में काफी आकर्षक लगता है. Motorola Edge 70 Pro+ Review: डिस्प्ले फोन में 6.8 इंच का क्वाड-कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 1.5K रेजोल्यूशन, 144Hz रिफ्रेश रेट और 5200 निट्स पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है. स्क्रीन पर वीडियो, गेम्स और सोशल मीडिया कंटेंट काफी शार्प और कलरफुल दिखाई देंगे. अककगी पीक ब्राइटनेस के कारण तेज धूप में भी डिस्प्ले अच्छे से दिखाई देगी. वहीं फोन में दिए गए स्टीरियो स्पीकर्स मल्टीमीडिया एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाते हैं. Motorola Edge 70 Pro+ Review: कैमरा फोटोग्राफी के लिए फोन में तीन 50MP रियर कैमरा सेटअप दिया गया है. खास बात यह है कि इसमें 50MP पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस भी मौजूद है, जो 3.5x ऑप्टिकल जूम सपोर्ट करता है. सेल्फी के लिए भी 50MP का ऑटोफोकस कैमरा दिया गया है. इस कीमत के स्मार्टफोन्स में इतनी हाई-रिजोल्यूशन सेल्फी कैमरा और पेरिस्कोप लेंस कम ही देखने को मिलता है. Motorola Edge 70 Pro+ Review: परफॉर्मेंस Motorola Edge 70 Pro+ में MediaTek Dimensity 8500 Extreme प्रोसेसर दिया गया है. यह 12GB LPDDR5X RAM और 256GB UFS 4.1 स्टोरेज को सपोर्ट करता है. फोन गेमिंग, मल्टीटास्किंग और भारी ऐप्स को आसानी से संभाल सकता है. रोजमर्रा के इस्तेमाल में सोशल मीडिया, मल्टीटास्किंग और वीडियो स्ट्रीमिंग के दौरान फोन बिना किसी लैग के काम करेंगे. Motorola Edge 70 Pro+ Review: सॉफ्टवेयर मॉडल Android 16 पर बेस्ड Hello UI पर काम करेगा. साथ ही कंपनी की ओर से तीन बड़े Android अपडेट्स 5 साल तक सिक्योरिटी अपडेट्स देने का वादा किया गया है. इसमें Moto AI, Circle to Search, Gemini इंटीग्रेशन और कैमरा व नोट्स से जुड़े कुछ काम के फीचर्स मिलते हैं, जो रोजमर्रा के इस्तेमाल को आसान बनाते हैं. Motorola Edge 70 Pro+ Review: बैटरी और चार्जिंग Motorola Edge 70 Pro+ में 6500mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो 90W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है. फोन नॉर्मल इस्तेमाल में अच्छा खासा बैकअप देता है. खरीदें या नहीं? करीब 48,000 रुपये की कीमत में Motorola Edge 70 Pro+ एक बेहद बैलेंस्ड स्मार्टफोन दिखाई देता है. जहां इस प्राइस रेंज में कई फोन सिर्फ कैमरा या परफॉर्मेंस पर फोकस करते हैं, वहीं Motorola ने एक ऐसा पैकेज पेश करने की कोशिश की है, जो लगभग हर फीचर्स में मजबूत है. ऐसे में अगर आपको 50 हजार से कम में ऐसा ऑलराउंडर प्रीमियम बजट स्मार्टफोन चाहिए, जिसमें बड़ी बैटरी स्मूद डिस्प्ले, बढ़िए डिजाइन और फास्ट परफॉर्मेंस हो तो फिर मोटोरोला का यह स्मार्टफोन आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन हो सकता है.

सरकारी कॉलोनियों को जोड़ने के लिए दिल्ली में बनेगा 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर

नई दिल्ली  जनरल पूल रेजिडेंशल अकोमोडेशन (जीपीआरए) के तहत केंद्र सरकार ने जो 7 रेजिडेंशल कॉलोनियां डिवेलप की हैं, उनसे रिंग रोड पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए 13.65 किमी लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर की योजना बनाई गई है। रेजिडेंशल कॉलोनियों से एलिवेटेड कॉरिडोर पर चढ़ने और उतरने के लिए चार जगहों पर रैप बनाए जाएंगे। इनमें एक सरोजानी नगर और नेताजी नगर के पास, दूसरा लक्ष्मीबाई नगर, तीसरा मुनिरका और चौथा रैप जेएनयू कैंपस के पास होगा। जेएनयू कैंपस से आगे एयरपोर्ट तक एलिवेटेड कॉरिडोर पर चढ़ने और उतरने की सुविधा नहीं होगी। कॉरिडोर 6 लेन चौड़ा होगा। जीपीआरए कॉलोनियों से रिंग रोड पर वर्तमान में जितना ट्रैफिक है, उसमें कुल 17.6 पसेंट हिस्सेदारी इन 7 कॉलोनियों की है। पीडब्ल्यूडी ने 7 जीपीआरए कॉलोनियों से रिंग रोड पर आकलन कराया है एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, पीडब्ल्यूडी ने 7 जीपीआरए कॉलोनियों से रिंग रोड पर आने-जाने वाले ट्रैफिक वॉल्यूम का आकलन कराया है। इसमें पाया गया कि अफ्रीका एवेन्यू के पास नेताजी नगर और नौरोजी नगर से रोजाना रिंग रोड पर सबसे अधिक 3,215 गाड़ियों का भार पड़ता है। रिंग रोड और लीला पैलेस होटल के बीच रोजाना 2,608 गाड़ियां इन कॉलोनियों से आती-जाती है। किदवई नगर के सामने रिंग रोड पर रोजाना 1,628 गाड़ियां कॉलोनियों से आती-जाती है। सरकार ने श्रीनिवासपुरी में डिवेलप की गई रेजिडेंशल कॉलोनी को कनेक्ट करने के लिए अलग योजना तैयार की है। इन इलाकों में फ्लाईओवर बनाने का प्लान साउथ एक्सटेंशन फ्लाईओवर और एम्स क्लोवरलीफ फ्लाईओवर को जोड़ने के लिए एक अलग फ्लाईओवर बनाने का प्लान है। इसके अलावा, किदवई नगर की बेसमेट पार्किंग में आने-जाने के लिए एक एल-शेप अंडरपास बनाने की भी योजना है।

ऑनलाइन प्यार पड़ा भारी! Tinder के जरिए जज को लगाया लाखों का चूना, मामले में FIR दर्ज

चंडीगढ़  ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए ठगी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। हरियाणा की एक महिला जज कथित तौर पर हनी ट्रैप (Honey Trap) का शिकार हो गईं। उनसे 52 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली गई। दिल्ली की एक अदालत ने इस मामले के मुख्य आरोपी की जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री पहली नजर में ऑनलाइन रोमांस घोटाले के पैटर्न को दर्शाती है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि इस केस में हुए वित्तीय लेनदेन हनी ट्रैप की परिकल्पना के अनुकूल हैं। कोर्ट ने जांच के शुरुआती चरण और महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के गायब होने का हवाला देते हुए आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया। सीक्रेट ऑफिसर बनकर जाल में फंसाया यह मामला नवंबर 2025 का है, जब पीड़िता मोबाइल डेटिंग ऐप टिंडर (Tinder) के माध्यम से आरोपी के संपर्क में आई थीं। आरोपी ने कथित तौर पर खुद को एक गुप्त सरकारी विभाग का अधिकारी बताते हुए अपना नाम अभिमन्यु वशिष्ठ बताया था। इसके बाद दोनों के बीच संबंध विकसित हुए। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस दौरान आरोपी ने जज साहिबा को ऊंचे मुनाफे का झांसा देकर निवेश करने के लिए प्रेरित किया, जिसके बाद उन्होंने आरोपी से जुड़े बैंक खातों में 52 लाख रुपये से अधिक ट्रांसफर कर दिए। कोई रिटर्न नहीं मिला और अंततः यह मामला धोखाधड़ी में बदल गया। नौकरानी के नाम पर दर्ज कराई गई FIR इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि ठगी की शिकार होने के बाद भी जज साहिबा ने खुद एफआईआर दर्ज नहीं कराई। शिकायत उनकी घरेलू सहायिका यानी कि नौकरानी के नाम पर दर्ज कराई गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसके साथ एक ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए धोखाधड़ी हुई है। सत्र अदालत ने जब आरोपी की जमानत याचिका और बैंक खातों की जांच की तो पाया कि लगभग सभी संदिग्ध लेनदेन न्यायिक अधिकारी के खातों से हुए थे न कि घरेलू सहायिका के खाते से। इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा, "दर्ज की गई शिकायत असली शिकायतकर्ता को प्रतिबिंबित नहीं करती है। एक न्यायिक अधिकारी, जिसे खुद न्याय देने और कानून के सामने सच्चाई को बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसने खुद आगे आने के बजाय अपनी नौकरानी के नाम का सहारा लेकर अदालत का रुख किया है।" अदालत ने माना कि रोमांस स्कैम का शिकार होने पर व्यक्तिगत शर्मिंदगी हो सकती है, लेकिन यह जांचकर्ताओं से महत्वपूर्ण तथ्यों या सबूतों को छिपाने का आधार नहीं हो सकता। कोर्ट ने कहा, "किसी अधिकारी की व्यक्तिगत असुविधा को आपराधिक जांच की अखंडता से समझौता करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।" जांच और दोनों पक्षों के रवैये पर कोर्ट नाराज अदालत ने इस बात पर भी चिंता जताई कि केस से जुड़े कई महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक सबूत जांच से गायब हैं। डेटिंग ऐप से शुरू हुई इस बातचीत के न तो टिंडर चैट्स और न ही जज साहिबा के पूरे व्हाट्सऐप संदेश रिकॉर्ड पर रखे गए हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी एकत्र नहीं किए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता एक न्यायिक अधिकारी होने के नाते कानून को बेहतर समझती हैं, इसलिए उन्हें जल्द से जल्द जांच अधिकारी या मजिस्ट्रेट के सामने आकर अपनी पूरी व्हाट्सऐप चैट हिस्ट्री, टिंडर चैट और लेनदेन की पूरी सच्चाई पेश करनी चाहिए। वहीं, अदालत ने आरोपी की भी खिंचाई की और कहा कि वह आंख-मिचौली खेल रहा है। आरोपी ने केवल जज द्वारा भेजे गए संदेशों को पेश किया और अपने जवाब छिपा लिए, साथ ही उसने अपने मोबाइल फोन का एक्सेस देने से भी इनकार कर दिया।

नई पहचान पाएंगी हरियाणा की सड़कें, 4 हाईवे को मॉडल रोड के रूप में किया जाएगा विकसित

पानीपत. लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने चार प्रमुख नेशनल और स्टेट हाईवे को माडल रोड के रूप में विकसित करने की योजना पर कार्य प्रारंभ कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना में पानीपत से सफीदों, जींद व भिवानी रोड, गोहाना से खानपुर कलां रोड (सोनीपत), घरौंडा से फुरलक रोड (करनाल) व ओल्ड बाईपास रोड (कैथल) को शामिल किया है। यह पहल प्रदेश की सड़कों की गुणवत्ता में सुधार लाने के साथ-साथ यातायात सुरक्षा को भी बढ़ावा देगी। पीडब्ल्यूडी ने संबंधित मार्गों परहाई टेंशन (एचटी) और लो टेंशन (एलटी) बिजली लाइनों को शिफ्ट करने के संबंध में बिजली निगम को पत्र भेजे हैं। मॉडल रोड परियोजना के तहत सभी चयनित सड़कों के दोनों ओर व्यवस्थित फुटपाथ बनाए जाएंगे। इसके अलावा सड़क के बीचों-बीच आकर्षक डिवाइडर तैयार किए जाएंगे, जिन पर फूलों और सजावटी पौधों का रोपण किया जाएगा। सुरक्षा पर विशेष ध्यान रात्रि में बेहतर रोशनी और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। वहीं, यातायात नियमों के पालन और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से प्रमुख स्थानों पर स्पष्ट और मानक के अनुरूप जेबरा क्रासिंग बनाई जाएंगी। पानीपत पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन सवित पानु ने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस इन मार्गों पर यात्रा अधिक आरामदायक होगी। साथ ही शहरों व कस्बों की कनेक्टिविटी मजबूत होने से स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। बिजली लाइनों की शिफ्टिंग बिजली लाइनों की शिफ्टिंग के लिए कई तरह की औपचारिकताएं पूरी की जानी हैं। ये औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शिफ्टिंग के कार्य तेजी से पूरे किए जाएंगे। -आदित्य कुंडू, एक्सईएन, बिजली निगम, पानीपत।

झुर्रियों और फाइन लाइन्स से छुटकारा, चावल-अलसी का मास्क देगा त्वचा को निखार

 बढ़ती उम्र, प्रदूषण और तनाव के कारण चेहरे पर समय से पहले महीन रेखाएं (Fine Lines) और झुर्रियां नजर आने लगती हैं. ऐसे में त्वचा का लचीलापन कम हो जाता है और स्किन ढीली पड़ने लगती है. अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं और अपनी त्वचा को फिर से जवां, कसावदार और गुलाबी निखार से भरपूर बनाना चाहते हैं, तो एक सही स्किन केयर आपके रूटीन का सबसे जरूरी हिस्सा होना चाहिए. रात के समय हमारी त्वचा खुद को रिपेयर करती है, इसलिए इस दौरान सही पोषण मिलने से त्वचा तेजी से रिकवर होती है. चावल और अलसी का मास्क करेगा कमाल हमारी त्वचा धूप, धूल और प्रदूषण से लड़ती है. ऐसे में अगर आप रेगुलर चावल और अलसी से बना मास्क या क्रीम अपने चेहरे पर यूज करते हैं तो इसके एक्टिव इंग्रीडिएंट्स त्वचा की गहरी परतों में जाकर ढीली हो चुकी कोशिकाओं में कसाव लाते हैं और महीन रेखाओं को धीरे-धीरे कम करते हैं. बनाने और इस्तेमाल करने का तरीका इसके लिए सबसे पहले एक कटोरी में पानी गर्म करें. फिर इसमें चावल का आटा डालें. इसके बाद अलसी के बीज मिलाएं और सभी को अच्छी तरह उबालें. चेहरे को किसी माइल्ड क्लींजर या फेस वॉश से अच्छी तरह साफ करें. इसके बाद चेहरे पर ये मास्क ठंडा करके लगाएं. मास्क जब सूख जाए तो हल्का पानी लेकर अपने चेहरे और गर्दन पर ऊपर की दिशा में हल्के हाथों से मसाज करें. नियमित रूप से इसका इस्तेमाल करने पर कुछ ही हफ्तों में त्वचा टाइट होने लगती है और चेहरे पर गुलाबी चमक दिखाई देने लगती है.

‘तुम देना साथ मेरा है’ अपडेट: अपराजिता और ललित आमने-सामने, बढ़ा ड्रामा

सीरियल ‘तुम देना साथ मेरा है’ के लेटेस्ट एपिसोड की शुरुआत अपराजिता और ललित के आमने-सामने आने से होती है. अपराजिता घबरा जाती है. रामगोपाल साफ कर देते हैं कि वह अपनी बेटी के फैसले के साथ हैं और ललित को उसकी जिंदगी में नहीं आने देना चाहते. हालांकि मालती चाहती है कि ललित को एक मौका मिले और वह अपराजिता से बात कर सके. दूसरी ओर ललित को पूरा भरोसा है कि मालती उसका साथ देगी और वह अपराजिता तक पहुंच जाएगा. रक्षित ने बताई अपराजिता की सच्चाई रक्षित अपने दोस्त दुबे को अपराजिता की पूरी स्थिति बताता है. वह कहता है कि पहले उसे लगता था कि अपराजिता अपनी शादीशुदा जिंदगी में खुश है, लेकिन अब उसे सच्चाई समझ आ गई है कि ललित सिर्फ दिखावा कर रहा था. रक्षित यह भी बताता है कि अपराजिता के पैनिक अटैक की असली वजह ललित है. इस पर दुबे कहता है कि असली इंसान वही होता है जो महिलाओं का सम्मान करे. वहीं रक्षित अपराजिता की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहता है. ऑफिस में अपराजिता पर उठा सवाल अगले दिन मालती, रक्षित को कार में सोते हुए देखती है और उसे समझाती है कि उसे अपराजिता से दूरी बनाए रखनी चाहिए. रक्षित फिर भी उसकी मदद को लेकर चिंतित रहता है. बाद में जब अपराजिता ऑफिस पहुंचती है तो उसे सहकर्मी सहानुभूति की नजरों से देखते हैं. इससे वह नाराज हो जाती है और रक्षित पर आरोप लगाती है कि उसने उसकी निजी बातें सबके सामने बता दी. आने वाले एपिसोड में अपराजिता, रक्षित को धन्यवाद देती है और खुद को “अपराजिता 2.0” कहती है. इसी बीच उसे पता चलता है कि ललित और उसकी मां उसके पड़ोस में रहने आने वाले हैं.

मूंग दाल पकौड़े बनेंगे खस्ता और कम तेल वाले, जानें सीक्रेट ट्रिक

बारिश का मौसम हो या शाम की चाय, गरमा-गरम पकौड़े मिल जाएं तो मजा आ जाता है. लेकिन अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि मूंग दाल के पकौड़े या तो बहुत ज्यादा तेल सोख लेते हैं या फिर कढ़ाई से निकलते ही मुलायम पड़ जाते हैं. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो अब चिंता छोड़ दीजिए. आज हम आपको एक ऐसी चीज के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे दाल के बैटर में मिलाते ही आपके पकौड़े एकदम करारे, खस्ता और ऑयल-फ्री बनेंगे. आइए जानते हैं क्या है वो सीक्रेट चीज और कैसे बनाएं परफेक्ट मूंग दाल पकौड़े. ये है वो सीक्रेट चीज अगर आप बैटर में चावल का आटा या बारीक सूजी मिलाते हैं तो इससे ये करारे बनते हैं. इसके अलावा बैटर में थोड़ा सा गर्म तेल मिलाने से भी पकौड़े तेल नहीं पीते और लंबे समय तक क्रिस्पी रहते हैं. सामग्री धुली या छिलके वाली मूंग दाल – 1 कप (3-4 घंटे भीगी हुई) चावल का आटा या सूजी – 2 बड़े चम्मच (सीक्रेट सामग्री) हरी मिर्च – 2-3 (बारीक कटी हुई) अदरक – 1 इंच टुकड़ा (घिसा हुआ) हरा धनिया – आधा कप (बारीक कटा हुआ) साबुत धनिया और सौंफ – 1 छोटा चम्मच (दरदरा कुटा हुआ) हींग – 1 चुटकी लाल मिर्च पाउडर – आधा छोटा चम्मच गरम तेल – 1 बड़ा चम्मच (बैटर में मिलाने के लिए) नमक – स्वादानुसार तेल – तलने के लिए बनाने का तरीका भीगी हुई मूंग दाल का पूरा पानी निकालकर उसे मिक्सर में बिना पानी (या सिर्फ 1-2 चम्मच पानी) डाले दरदरा पीस लें. ध्यान रहे, पेस्ट को एकदम बारीक नहीं करना है. पिसी हुई दाल को एक बड़े बर्तन में निकालें और 3-4 मिनट तक एक ही दिशा में अच्छी तरह फेंटें. इससे दाल हल्की हो जाएगी और पकौड़े अंदर से जालीदार बनेंगे. अब इस बैटर में 2 चम्मच चावल का आटा मिलाएं. साथ ही इसमें 1 बड़ा चम्मच गर्म तेल डालें. यह ट्रिक पकौड़ों को बाहर से क्रिस्पी बनाएगी और वह एक्स्ट्रा तेल नहीं सोखेंगे. अब बैटर में कटी हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया, कुटा हुआ साबुत धनिया-सौंफ, हींग, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर अच्छी तरह मिक्स करें. एक कढ़ाई में तेल गरम करें. तेल मध्यम से तेज गरम होना चाहिए. अब हाथों से या चम्मच से छोटे-छोटे पकौड़े तेल में डालें. पकौड़ों को मीडियम आंच पर अलट-पलट कर सुनहरा और करारा होने तक तल लें. आंच को बहुत धीमा न रखें, नहीं तो पकौड़े तेल सोख सकते हैं. तैयार हैं आपके एकदम करारे, बिना तेल पिए और क्रिस्पी मूंग दाल के पकौड़े. इन्हें तीखी हरी चटनी और गरम चाय के साथ सर्व करें.