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हरिद्वार अस्थि विसर्जन के लिए जा रहे परिवार पर मौत का साया, करनाल में कार-ट्रक भिड़ंत

करनाल हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में सड़क हादसे में हरियाणा में करनाल के रहने वाले 6 लोगों की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, सभी लोग अस्थियां विसर्जन के लिए हरिद्वार जा रहे थे। पानीपत-खटीमा मार्ग पर उनकी कार सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। जिसमें सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।     मिली जानकारी के अनुसार, मरने वालों में 4 व्यक्ति और 2 महिलाएं शामिल हैं। चीख-पुकार सुन ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायलों को गाड़ी से निकाला। इसके बाद पुलिस को घटना की सूचना दी। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल में भिजवाया है। जानकारी के मुताबिक, हादसे में एक व्यक्ति घायल हो गया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। करनाल के फरीदपुर गांव के रहने वाले महेंद्र सिंह की पिछले दिनों कैंसर से मौत हो गई थी। बुधवार सुबह महेंद्र की पत्नी, जीजा, उसकी 2 बहनें और एक बच्चा अर्टिगा कार में सवार होकर हरिद्वार जा रहे थे। कार ड्राइवर चला रहा था। सुबह साढ़े 5 बजे के करीब खटीमा रोड पर उनकी कार सामने आ रहे ट्रक से टकरा गई।  आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। तितावी पुलिस को भी सूचना दी गई। मिली जानकारी के अनुसार, सभी लोगों को एक-एक कर बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया।     सीएम योगी ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना की व्यक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जनपद मुजफ्फरनगर तितावी में हुए सड़क हादसे का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री जी ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री जी ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है।  

एक बार फिर खुशखबरी! 40 की उम्र में सोनम कपूर दूसरी बार मां बनने वाली हैं

मुंबईआ  बॉलीवुड एक्ट्रेस और अनिल कपूर की लाडली बेटी सोनम कपूर के घर में जल्द ही नन्हे बच्चे की किलकारी गूंजने वाली है. सोनम कपूर प्रेग्नेंट हैं. वो दूसरी बार मां बनने वाली हैं. एक्ट्रेस जल्द ही अपनी सेकंड प्रेग्नेंसी को लेकर ऑफिशियल अनाउंसमेंट कर सकती हैं.  दूसरी बार मां बनने वाली हैं सोनम मिली जानकारी के मुताबिक, सोनम कपूर और उनके पति आनंद आहूजा शादी के 7 साल बाद दूसरी बार पेरेंट क्लब में शामिल होने वाले हैं. सोनम और आनंद अपना सेकंड बेबी एक्सपेक्ट कर रहे हैं. कपूर और आहूजा परिवार में खुशी का माहौल है. दोनों परिवार अब नन्हे मेहमान के बेकरारी से इंतजार कर रहे हैं. हालांकि, सोनम ने अब तक अपनी प्रेग्नेंसी को लेकर कोई हिंट नहीं दिया है. मगर वो जल्द ही ऑफिशियली पोस्ट शेयर करके गुडन्यूज दे सकती हैं.  शादी के 7 साल बाद आएगा दूसरा मेहमान सोनम और आनंद के रिश्ते की बात करें तो दोनों इंडस्ट्री के पावर कपल कहे जाते हैं. उनका प्यार और केमिस्ट्री बेमिसाल है. कई सालों की डेटिंग के बाद सोनम ने साल 2018 में शादी रचाई थी. सोनम और आनंद की शादी में कई जानी-मानी बॉलीवुड हस्तियां शामिल हुई थीं.  शादी के 4 साल बाद कपल ने साल 2022 में बेटे वायु का वेलकम किया था. मां बनने के बाद सोनम अक्सर अपनी मदरहुड जर्नी फैंस संग शेयर करती हैं. बेटे संग उनके पोस्ट वायरल रहते हैं. अब एक्ट्रेस की जिंदगी में एक बार फिर नन्हे मेहमान की एंट्री होने वाली है. ये खबर सामने आते ही फैंस की एक्साइटमेंट भी डबल हो गई है. फैंस अब सोनम के प्रेग्नेंसी पोस्ट का बेताबी से इंतजार कर रहे हैं.  सोनम के वर्क फ्रंट की बात करें तो उन्होंने साल 2007 में संजय लीला भंसाली की फिल्म 'सांवरिया' से ग्रैंड डेब्यू किया था. मगर बॉक्स ऑफिस पर फिल्म कमाल नहीं कर पाई थी. इसके बाद सोनम ने 'दिल्ली-6', 'आएशा', 'खूबसूरत', 'वीरे दी वेडिंग' समेत कई फिल्मों में काम किया. आखिरी बार वो 'ब्लाइंड' फिल्म में दिखी थीं. 

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बोले – बिहार की हर सीट पर होगा गौ भक्त उम्मीदवार

छपरा जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती  ने बिहार में सनातनी राजनीति का शंखनाद कर दिया है। गौ मतदाता संकल्प यात्रा के दौरान उन्होंने घोषणा की कि बिहार की सभी विधानसभा क्षेत्रों में गौ भक्तों को चुनाव लड़ाया जाएगा और उनके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार भी किया जाएगा। साथ ही सनातनी हिन्दुओं से अपील की गई कि वे गौ माता को राष्ट्र माता घोषित कराने के लिए मतदान करें। छपरा में गौ सेवकों और गौ रक्षकों को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि “आप जो कर रहे हैं वही धर्म है और वही अधर्म भी हो सकता है। यदि आपका वोट धर्म हो सकता है, तो अधर्म भी हो सकता है। अगर आपने गौ हत्या समर्थकों को वोट दिया तो वह अधर्म होगा।” उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वोट की ताकत से देश में गौ हत्या पर रोक लग सकती है। अपने संबोधन में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के लिए आठ हजार करोड़ का विमान खरीदा गया है और यह उनकी चाय बेचने की कमाई से नहीं आया, बल्कि जनता के वोट की ताकत से आया है। “हमारी ही मां (गौ माता) के हत्यारों को सत्ता दिलाकर हम खुद शर्मिंदा हैं।” शंकराचार्य ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा तभी संभव है जब गौ माता का संरक्षण होगा। गौ रक्षा सिर्फ आस्था का विषय नहीं है, बल्कि समाज और संस्कृति की आधारशिला है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि बिहार की वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए “आई लव मोहम्मद” और “आई लव महादेव” जैसी बयानबाजी कराई जा रही है। इससे जागरूक मतदाताओं का ध्यान भटकाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब नरेंद्र मोदी सत्ता में आने से पहले देशभर में गौ हत्या पर रोक की बातें करते थे, तो लोग उनसे उम्मीद करते थे। लेकिन बीते 12 वर्षों में गौ हत्या पर पाबंदी लगाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। शंकराचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री की कथनी और करनी में बड़ा अंतर साफ झलक रहा है।

अली नैनी जेल से हटाए गए अतीक अहमद के बेटे, रंगदारी मामले में भेजा गया झांसी

लखनऊ  यूपी में केंद्रीय कारागार नैनी में पिछले 38 महीने से बंद माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को आखिरकार बुधवार को झांसी जेल में ट्रांसफर कर दिया। नैनी जेल से सुबह लगभग आठ बजे हाई सिक्योरिटी के साथ अली को झांसी जेल ले जाने के लिए टीम रवाना हुई। प्रयागराज के प्रॉपर्टी डीलर से पांच करोड़ रुपये रंगदारी मांगने के आरोप में 30 जुलाई 2022 से अली नैनी जेल के हाई सिक्योरिटी सेल में बंद था। उसका नाम उमेश पाल हत्याकांड में भी आया है। इसी साल 17 जून को डीआईजी जेल के औचक निरीक्षण में अली के बैरक में 1100 रुपये नकदी भी मिली थी। शासन के आदेश पर अली को झांसी जेल भेजा गया है। माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद ने पांच करोड़ की रंगदारी मामले में 30 जुलाई 2022 को कोर्ट में सरेंडर किया था। प्रॉपर्टी डीलर जीशान उर्फ जानू की ओर से एफआईआर दर्ज कराने के बाद अली ने लंबे समय तक फरार रहने के बाद कोर्ट में सरेंडर किया था। उमेश पाल हत्याकांड के बाद उसे हाई सिक्योरिटी बैरक से हाई सिक्योरिटी सेल के आठ बाई दस के कमरे में शिफ्ट कर दिया गया था। साथ ही उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए चार सीसीटीवी कैमरे और तीन शिफ्ट में दो-दो सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई थी। हालांकि 17 जून को डीआईजी राजेश कुमार श्रीवास्तव की औचक जांच में अली के पास 1100 रुपये नकद मिले थे। इस मामले में डिप्टी जेलर और एक हेड वार्डन को निलंबित किया गया था। तभी से अली को दूसरे जिले के जेल में स्थानांतरण किए जाने की चर्चा शुरू हो गई थी। केंद्रीय कारागार नैनी के वरिष्ठ जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर अली अहमद को बुधवार की सुबह आठ बजे हाई सिक्योरिटी के साथ झांसी जेल रवाना किया गया है। कुछ महीने पहले प्रयागराज कमिश्नरेट पुलिस ने अतीक की मौत के बाद अली को गैंग का लीडर घोषित किया था। उसके साथ ही गिरोह के कई बदमाशों पर गैंगस्टर के तहत भी कार्रवाई की गई थी। सूत्रों की मानें तो अली के नैनी जेल में बंद होने से अतीक गिरोह का गतिविधियां पूरी तरह बंद नहीं हो सकी थी। आए दिन रंगदारी, मारपीट व जमीनों पर कब्जा करने के मामले सामने आते रहे हैं।

एक तरफ Arattai की धड़ाधड़ डाउनलोडिंग, दूसरी ओर WhatsApp बीटा वर्जन में यूज़र्स परेशान

मुंबई  मैसेजिंग ऐप Arattai आजकल चर्चा में है. इस स्वदेशी ऐप का मुकाबला विदेशी ऐप WhatsApp से है. जहां आजकल Arattai डाउनलोडिंग में नए-नए रिकॉर्ड बना रहा है. वहीं यूजर्स से WhatsApp का एक वर्जन इंस्टॉल ना करने को कहा है.  दरअसल, WhatsApp के अपकमिंग फीचर को ट्रैक करने वाली वेबसाइट WABetainfo ने पोस्ट करके बताया है कि ये वर्जन इंस्टॉल ना करें, जिसके बाद कई यूजर्स ने रिपोर्ट की है कि उनके मैसेज डिसअपीयर हो रहे हैं. हालांकि ये हो सकता है कि UI Bug हो, जो मैसेज को डिस्प्ले होने से रोक रहा हो.  साथ ही पोस्ट में बताया है कि अगर आप ये वर्जन पहले अपडेट कर चुके हैं और आपके मैसेज नहीं दिखाई दे रहे हैं. इसके लिए जल्द ही एक नया अपडेट जारी किया जाएगा.  WABetaInfo का पोस्ट  देसी मैसेजिंग ऐप Arattai बना नंबर-1 Arattai अपने ऑफिशियल X अकाउंट पर पोस्ट करके पहले ही बता चुका है कि वह ऐप स्टोर पर सोशल नेटवर्किंग कैटेगरी में पहले नंबर-1 पहुंच गया है. एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर इसे पहले ही काफी पसंद किया जा रहा है. इस ऐप को जोहो कॉर्पोरेशन ने डेवलप किया है.  काफी कुछ WhatsApp जैसा  Arattai मैसेजिंग ऐप में कई फीचर्स हैं, जो पहले आप व्हाट्सऐप में भी कई बार देखे जा चुके हैं. इसमें मैसेजिंग,कॉलिंग और वीडियो कॉलिंग जैसी सुविधा मिलती है. हालांकि कलर थीम आदि आपको Arattai की थोड़ी कमजोर नजर आ सकती हैं. आने वाले दिनों में इसमें कई और अपडेट मिलेंगे. Arattai में मिलता है मीटिंग का ऑप्शन  Arattai मैसेजिंग ऐप के अंदर का एक खास मीटिंग का ऑप्शन मिलता है. इसकी मदद से आप मीटिंग शेड्यूल कर सकते हैं और मौजूदा मीटिंग को जॉइन भी कर सकते हैं. यहां यूजर्स अपनी अपकमिंग मीटिंग को देख भी सकेंगे. 

NCRB रिपोर्ट में दिख रहा योगी सरकार की सख्ती का असर, महिलाओं के खिलाफ अपराध दर राष्ट्रीय औसत से 11% कम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति से यूपी में महिला सुरक्षा मजबूत NCRB रिपोर्ट में दिख रहा योगी सरकार की सख्ती का असर, महिलाओं के खिलाफ अपराध दर राष्ट्रीय औसत से 11% कम  सख्त कानून और मिशन शक्ति के दम पर महिलाओं की सुरक्षा हुई बेहतर, देश में अब 17वें स्थान यूपी – योगी सरकार की कड़ी कार्रवाई ने घटाए विभिन्न श्रेणियों में महिलाओं के खिलाफ अपराध लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिलाओं के खिलाफ अपराध पर जीरो टॉलरेंस नीति और मिशन शक्ति अभियान के प्रभावी कार्यान्वयन ने यूपी को महिलाओं की सुरक्षा के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर स्थिति में ला खड़ा किया है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की क्राइम इन इंडिया 2023 रिपोर्ट में योगी सरकार की बेहतर कानून व्यवस्था और महिलाओं सुरक्षा को लेकर सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध दर राष्ट्रीय औसत से कम रही। वर्ष 2023 में महिलाओं से जुड़े 66,381 मामले दर्ज हुए, लेकिन प्रति लाख महिला आबादी पर अपराध दर केवल 58.6 रही, जो राष्ट्रीय औसत 66.2 से करीब 11 प्रतिशत कम है। इस आधार पर यूपी महिलाओं के खिलाफ अपराध दर में देशभर में 17वें स्थान पर है। विभिन्न श्रेणियों में महिलाओं के खिलाफ अपराध में यूपी का बेहतरीन प्रदर्शन  वहीं प्रदेश में विभिन्न श्रेणियों में महिलाओं के खिलाफ अपराध में भी उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट के अनुसार, महिला सम्मान भंग (शील भंग) से जुड़े मामलों में भी यूपी राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति में रहा। देशभर में ऐसे मामलों की संख्या 83,891 रही और अपराध दर 12.4 रही। जबकि उत्तर प्रदेश में केवल 9,453 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 8.3 रही। इस श्रेणी में यूपी अन्य राज्यों की तुलना में 19वें स्थान पर है। वहीं दुष्कर्म (IPC 376) के मामलों में भी उत्तर प्रदेश की स्थिति संतोषजनक रही। पूरे देश में ऐसे 29,670 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 4.4 रही। वहीं यूपी में 3,516 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 3.1 रही। इस आधार पर प्रदेश 22वें स्थान पर है, यानी राष्ट्रीय औसत से नीचे। बच्चों के यौन शोषण से जुड़े POCSO एक्ट के मामलों में भी यूपी की तस्वीर बेहतर दिखी। देशभर में कुल 67,694 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 15.2 रही। वहीं उत्तर प्रदेश में 8,706 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 10.2 रही। इस श्रेणी में यूपी देश में 24वें स्थान पर है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। यदि कुल मिलाकर देखा जाए तो महिलाओं के खिलाफ अपराधों में यूपी का क्राइम रेट 58.6 रहा, जबकि देश का औसत 66.2 था। इस लिहाज से यूपी कई बड़े राज्यों से बेहतर स्थिति में है। मिशन शक्ति, सख्त कानून व्यवस्था और कार्रवाई का दिख रहा असर महिला अपराध दर में आई कमी केवल पुलिस की सक्रियता का परिणाम नहीं है, बल्कि महिलाओं की शिकायत दर्ज कराने की बढ़ती प्रवृत्ति और त्वरित कानूनी कार्रवाई का भी नतीजा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति अभियान ने महिलाओं को आत्मविश्वास दिया है कि वे अपने अधिकारों के लिए खुलकर आगे आएं। घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और छेड़छाड़ जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से न्याय सुनिश्चित हुआ है।

ट्रंप के गाजा प्लान पर समर्थन से घिरा पाकिस्तान, सोशल मीडिया पर भड़के लोग – ‘शहबाज ने सरेंडर कर दिया

इस्लामाबाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 20-सूत्री गाजा शांति योजना ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर हलचल मचा दी है। लेकिन इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का इस योजना का खुला समर्थन उनके लिए मुसीबत बन गया है। उनके विरोधी कह रहे हैं कि शहबाज शरीफ ने ट्रंप के आगे सरेंडर कर दिया है। विपक्षी नेता और आम नागरिक उन्हें 'गद्दार' करार दे रहे हैं जिसने फिलिस्तीन के साथ धोखा किया है। मामला बिगड़ता देख शहबाज सरकार ने सफाई दी है कि ट्रंप की गाजा योजना में पाकिस्तान की सभी मागों को शामिल नहीं किया गया है। ट्रंप ने सोमवार को वाइट हाउस में अपनी गाजा योजना का ऐलान किया। ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच वार्ता के बाद प्रस्तुत की गई इस योजना में गाजा में युद्ध तत्काल खत्म करने, हमास द्वारा बंधक बनाए गए सभी लोगों को रिहा करने और गाजा के असैन्यीकरण का प्रस्ताव है। योजना में इजरायल को गाजा के आसपास सुरक्षा परिधि बनाने और फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई का प्रावधान है, लेकिन कई आलोचकों का मानना है कि यह प्लान इजरायल के हितों को प्राथमिकता देता है और फिलिस्तीनियों की सहमति को नजरअंदाज करता है। ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की खुलेआम तारीफ की। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और फील्ड मार्शल शुरू से हमारे साथ थे। उन्होंने 100% समर्थन का बयान जारी किया है। वे कमाल के लोग हैं।" इसके बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गाजा योजना का स्वागत करते हुए कहा कि “फिलिस्तीनी जनता और इजरायल के बीच स्थायी शांति ही क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक विकास ला सकती है।” लेकिन उनके इस बयान ने पाकिस्तान के भीतर कड़ी प्रतिक्रिया पैदा कर दी। राजनीतिक दलों, विश्लेषकों, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं ने इसे "सरेंडर" करार देते हुए सरकार पर ऐतिहासिक रुख से पीछे हटने का आरोप लगाया। 'मुस्लिम दुनिया ने पूरी तरह आत्मसमर्पण कर दिया' पूर्व राजनयिक अब्दुल बासित ने कहा कि मुस्लिम दुनिया ने पूरी तरह आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि फिलिस्तीन राष्ट्र की स्थापना से पहले अब्राहम समझौते में शामिल होना पाकिस्तान के लिए “भारी भूल” होगी। मजलिस वहदत-ए-मुस्लिमीन के नेता अल्लामा राजा नासिर ने योजना को “त्रुटिपूर्ण और अन्यायी” बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना फिलिस्तीनियों की राय को दरकिनार कर अमेरिकी और इजरायली हितों को आगे बढ़ाती है। मानवाधिकार कार्यकर्ता इमान जैनब मजारी ने कहा, “फिलिस्तीन मुद्दे पर पाकिस्तान की जनता एकमत है। प्रधानमंत्री का यह कदम देश की ऐतिहासिक स्थिति से विश्वासघात है।” लेखिका फातिमा भुट्टो ने कहा कि पाकिस्तान का इजरायल से सामान्य संबंध स्थापित करना नैतिक और धार्मिक कर्तव्य से पलायन है। उन्होंने लिखा, “पाकिस्तानी जनता कभी दो-राष्ट्र नीति के सरेंडर को स्वीकार नहीं करेगी। केवल एक फिलिस्तीन है और वह इजरायल के कब्जे में है।” पत्रकारों और राजनीतिक नेताओं की नाराजगी पत्रकार तलत हुसैन ने योजना की आलोचना करते हुए कहा, “कोई फिलिस्तीनी राष्ट्र नहीं, गाजा में फिलिस्तीनी अथॉरिटी नहीं, हमास का सफाया- और नेतन्याहू हत्याओं के बाद शांति-दूत बन जाएंगे। यह सब ताजा खून की धरती पर ट्रंप का रियल एस्टेट सौदा है।” पत्रकार जर्रार खुहरो ने इसे “इजरायल को पाक-साफ करने और फिलिस्तीनियों के गुस्से को भटकाने की चाल” बताया। वहीं कार्यकर्ता अम्मार अली जान ने शहबाज शरीफ़ के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “जनसंहार कर रहे जायोनी देश से शांति की बात करना शर्मनाक है। पाकिस्तान की जनता कभी इसे माफ नहीं करेगी।” सीनियर नेता जावेद हाशमी ने कहा कि पाकिस्तान के संस्थापक जिन्ना का रुख स्पष्ट था कि इजरायल “एक नाजायज देश” है। जमात-ए-इस्लामी प्रमुख हाफिज नईमुर रहमान ने कहा कि उनकी पार्टी प्रधानमंत्री के बयान को पूरी तरह खारिज करती है। उन्होंने लिखा, “66,000 शहीद फिलिस्तीनियों की लाशों पर खड़ी किसी भी तथाकथित शांति योजना की तारीफ करना दरअसल गुनहगारों के साथ खड़ा होना है।” पूर्व वित्त मंत्री असद उमर ने भी प्रधानमंत्री की आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि “जब इजरायल का इतिहास हर समझौते को तोड़ने का रहा है, तो उसे चरणबद्ध वापसी का भरोसा क्यों? गाजा में 20 लाख की आबादी के लिए केवल 600 ट्रक राहत क्यों?” पाक सरकार की सफाई पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ईशाक डार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रस्तावित गाजा शांति योजना पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह योजना पाकिस्तान द्वारा सुझाए गए सभी बदलावों को शामिल नहीं करती है। डार ने एक टीवी चैनल पर कहा कि वाशिंगटन द्वारा तैयार अंतिम मसौदा पाकिस्तान के 24 घंटे के भीतर सौंपे गए संशोधनों को नजरअंदाज करता है। डार ने कहा, "ट्रंप की टीम ने कुछ बिंदु साझा किए थे, और हमने 24 घंटे के भीतर अपने संशोधन सौंपने का वादा किया। लेकिन वाशिंगटन द्वारा तैयार दस्तावेज में हमारे सभी सुझावों को शामिल नहीं किया गया।" उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान की नीति फिलिस्तीन मुद्दे पर स्पष्ट और अपरिवर्तित बनी हुई है। उप प्रधानमंत्री ने कहा कि योजना के तहत फिलिस्तीन में एक स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों की सरकार स्थापित की जाएगी, जिसकी निगरानी मुख्य रूप से फिलिस्तीनियों से बनी एक पर्यवेक्षी संस्था करेगी। उन्होंने गाजा में युद्ध विराम और पूर्ण शांति लाने के प्रयासों के बारे में बात की, जिसमें पिछले सप्ताह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप के साथ आठ मुस्लिम देशों के नेताओं की तैयारी बैठक भी शामिल थी।

दिनदहाड़े कुख्यात अपराधी सुरेश यादव की हत्या, पुलिस जांच में जुटी

गोपालगंज गोपालगंज जिले के नगर थाना क्षेत्र के कुकुरभुक्का गांव निवासी कुख्यात अपराधी सुरेश यादव को पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित संध्या बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात से स्थानीय अपराध जगत में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक सुरेश यादव बिहार पुलिस के लिए लंबे समय से एक बड़ा सिरदर्द बने हुए थे। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सुरेश यादव पर ट्रिपल मर्डर, एक मुखिया हत्याकांड समेत दो दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। इन मामलों में वह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसे तलाश रही थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुरेश यादव अपनी पहचान छिपाकर हावड़ा में रह रहे थे। मंगलवार रात वह हावड़ा के संध्या बाजार इलाके में थे, तभी अज्ञात अपराधियों ने उन्हें घेर लिया और गोलियों से छलनी कर दिया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। गोपालगंज पुलिस ने इस घटना की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सुरेश यादव की हत्या पुरानी रंजिश या आपसी गैंगवार का नतीजा हो सकती है। चूंकि अपराधी बिहार का था और उसकी हत्या पश्चिम बंगाल में हुई, इसलिए गोपालगंज पुलिस ने हावड़ा पुलिस से संपर्क साधा है और मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि सुरेश यादव इतनी दूर हावड़ा में क्या कर रहे थे और वहां किन अपराधियों के साथ उनका संबंध था। साथ ही उनके आपराधिक नेटवर्क के बंगाल तक फैले होने की संभावना पर भी जांच जारी है।

कटरा यात्रा अब और आसान! ‘वंदे भारत ट्रेन’ आज से शुरू

जालंधर  दशहरा, दीपावली व त्यौहारी सीजन के चलते यात्रियों की भीड़ ट्रेनों की ओर बढ़ रही है, जिसके चलते रेलवे द्वारा रद्द चल रही विभिन्न ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जा रहा है। इसी क्रम में अमृतसर से वैष्णों देवी कटड़ा जाने वाली वंदे भारत 26405 का परिचालन 1 अक्तूबर से शुरू किया जा रहा है। उक्त ट्रेन शाम 5.31 पर सिटी स्टेशन से आगे कटरा के लिए रवाना होगी। अंतिम अपडेट के मुताबिक उक्त ट्रेन में 100 से अधिक सीटें उपलब्ध थी, जिसके चलते यात्री अपनी बुकिंग करवा सकते हैं। ट्रेनों की देरी के बात की जाए तो अमृतसर से दिल्ली जाने वाली शान-ए-पंजाब 12498 अपने निर्धारित समय से करीब 20 मिनट की देरी के साथ साढ़े 4 बजे के बाद पहुंची। वहीं, दिल्ली से आने वाली वंदे भारत एक्सप्रैस 22487 करीब 13 मिनट लेट रही। वहीं, अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि नियमित ट्रेनों में भी सीटें उपलब्ध हैं और यात्री अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं। इसके लिए विभाग की वैबसाइट यां काऊंटर पर जाकर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। वहीं, उन्होंने कहा कि बिना पूर्व सूचना के ट्रेनों को रद्द किया जा सकता है, यात्री पूरी जानकारी लेकर ही यात्रा को निकलें। 

कैथल NIILM यूनिवर्सिटी डिफॉल्टर: UGC का बड़ा फैसला, जानें अब क्या होगा

नई दिल्ली विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यू.जी.सी.) ने यू.जी.सी. अधिनियम, 1956 की धारा 13 के तहत अनिवार्य जानकारी जमा न करने और अपनी वैबसाइट पर सार्वजनिक जानकारी न देने के कारण कम से कम 54 राज्य स्तरीय निजी विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर (चूककर्त्ता) घोषित किया है, जिसमें NIILM विश्वविद्यालय भी शामिल है। ई-मेल और ऑनलाइन बैठकों के माध्यम से भेजे गए कई स्मरणपत्रों (रिमाइंडर्स) का हवाला देते हुए यू.जी.सी. ने कहा कि विश्वविद्यालयों को निरीक्षण के लिए विस्तृत जानकारी, रजिस्ट्रार द्वारा विधिवत सत्यापित सहायक दस्तावेजों के साथ जमा करने का निर्देश दिया गया है। यू.जी.सी. सचिव मनीष जोशी ने कहा, "उन्हें भरे हुए प्रारूप और परिशिष्टों को होम पेज पर एक लिंक देकर अपनी वैबसाइट पर अपलोड करने का भी निर्देश दिया गया है ताकि जानकारी छात्रों और आम जनता के लिए सुलभ हो सके। इसके बाद ई-मेल और ऑनलाइन बैठकों के माध्यम से कई स्मरणपत्र भेजे गए।" सार्वजनिक जानकारी देने से संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार उच्च शिक्षा संस्थानों को हितधारकों को जानकारी प्रदान करने के लिए एक वैबसाइट रखनी होगी, जो चालू हो।