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दिवाली की असली तारीख पता करें: 20 अक्टूबर या 21 अक्टूबर?

भारत में हर साल धूमधाम से मनाया जाने वाला दिवाली पर्व बस आने ही वाला है. इस खास दिन माता लक्ष्मी और गणपति जी की पूजा और परिवार में खुशहाली व समृद्धि की कामना की जाती है. लेकिन हर साल लोग दिवाली की तिथि को लेकर कंफ्यूज रहते हैं, क्योंकि कार्तिक अमावस्या की शुरुआत और समापन दोनों ही दिन अलग-अलग होते हैं. आइए, आपके इस कंफ्यूजन को दूर करते हैं और जानते हैं दिवाली 2025 की सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और कुछ खास उपायों के बारे में. दिवाली 2025 की तिथि और समय द्रिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक अमावस्या की शुरुआत 20 अक्टूबर 2025 को सुबह 3 बजकर 44 मिनट पर होगी और इसका समापन 21 अक्टूबर 2025 को सुबह 5 बजकर 54 मिनट पर होगा. इसलिए, दिवाली 2025 का मुख्य पर्व 20 अक्टूबर, सोमवार को मनाया जाएगा. दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा की सही विधि दिवाली के दिन मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा करने से पहले पूरे घर की सफाई करें और प्रवेश द्वार पर रंगोली बनाएं. मुख्य द्वार के दोनों ओर दीपक जलाएं. पूजा स्थल पर एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर देवी लक्ष्मी, गणेश जी और कुबेर जी की प्रतिमाएं स्थापित करें. आचमन करके हाथ में जल लेकर पूजा का संकल्प करें. फिर सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें. उन्हें स्नान कराकर वस्त्र, चंदन, फूल और दूर्वा अर्पित करें. इसके बाद मां लक्ष्मी का पूजन करें. उन्हें कमल का फूल, सिंदूर, अक्षत (चावल), रोली, इत्र, मिठाई और फल अर्पित करें. इस दिन नए बही-खातों, तिजोरी और धन-संपत्ति की भी पूजा की जाती है. पूजा के दौरान 11, 21 या 51 दीपक जलाएं. सबसे आखिर में पूरे परिवार के साथ लक्ष्मी-गणेश की आरती गाएं और सभी में प्रसाद वितरित करें. दिवाली पर किए जाने वाले उपाय!     दिवाली की शाम को तुलसी के पौधे के पास नौ घी के दीपक जलाएं. मान्यता है कि इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं.     दिवाली की रात एक पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाएं और पीछे मुड़कर देखे बिना घर वापस आ जाएं. ऐसा करने से आर्थिक तंगी दूर होती है.     दिवाली की पूजा के दौरान सफेद या पीले कपड़े पहनना शुभ माना जाता है.     अगर घर में किसी प्रकार का कर्ज है, तो दिवाली पर नया आर्थिक योजना बनाना शुभ होता है. दिवाली का महत्व दिवाली, अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. इसे धन की देवी माता लक्ष्मी और बुद्धि के देवता भगवान गणेश की पूजा के लिए मनाया जाता है. इस दिन का महत्व इस बात में है कि घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे. इस दिन माता लक्ष्मी का स्वागत कर परिवार में सुख-समृद्धि आती है. दीप जलाकर अंधकार और नकारात्मक ऊर्जा को दूर किया जाता है. दिवाली का त्योहार रिश्तों को मजबूत करने का अवसर भी है.

‘जलसेतु एप’: पानी की जानकारी और शिकायत निवारण के लिए टीना डाबी का अभिनव कदम

बाड़मेर बाड़मेर जिले में पानी संबंधित जानकारी और समस्याओं के समाधान के लिए जिला कलेक्टर टीना डाबी ने एक अभिनव पहल करते हुए जिला प्रशासन द्वारा ‘जलसेतु एप’ तैयार करवाया। यह एप जनता और प्रशासन के बीच मजबूत सेतु का काम करेगा और उपयोगकर्ताओं को पानी की आपूर्ति की स्थिति के बारे में वास्तविक समय की जानकारी प्रदान करेगा। इससे लोगों को पानी की उपलब्धता और वितरण की सटीक जानकारी मिल सकेगी। जिला कलेक्टर टीना डाबी ने बताया कि यह जलसेतु एप एक अभिनव पहल है, जो नागरिकों को जल सेवाओं तक आसान पहुंच प्रदान करेगा। उनका कहना है कि हमारा लक्ष्य पारदर्शिता, दक्षता और स्थिरता के साथ जल प्रबंधन को बदलना है। उन्होंने कहा कि जिले में जनसुनवाई और रात्रि चौपालों में अधिकांश शिकायतें पानी से संबंधित आती हैं, जैसे गांव या शहर में पानी नहीं आना। एप तैयार करते समय सभी समस्याओं के समाधान पर ध्यान दिया गया, जिन्हें आमजन और उपभोक्ताओं द्वारा समय-समय पर बताया जाता रहा है। जलसेतु एप के माध्यम से उपभोक्ता अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे और उन्हें सभी उपयोगी सूचनाएं मोबाइल पर मिलेंगी। जिला कलेक्टर ने बताया कि कोई भी एंड्रॉइड यूजर इसे अपने फोन में डाउनलोड कर सकता है और एपल स्टोर पर भी जल्द ही उपलब्ध होगा। एप डाउनलोड करने के बाद उपयोगकर्ता अपनी आवश्यक सूचनाएं भरकर लोकेशन संबंधित जानकारी फीड कर सकता है। इसके बाद उसे हर रोज पानी सप्लाई का रियल टाइम शेड्यूल मिलेगा। यदि किसी कारण से पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है, तो पांच किलोमीटर के दायरे में निकटतम जल स्रोत की जानकारी गूगल मैप लोकेशन के साथ मिलेगी। साथ ही, उस जल स्रोत पर पानी की उपलब्धता और गुणवत्ता की जानकारी भी एप पर उपलब्ध होगी। टीना डाबी ने बताया कि कई बार पीएचईडी की पानी आपूर्ति लाइन पर मेंटेनेंस वर्क की वजह से जल आपूर्ति बाधित हो जाती है। इस स्थिति में एप पर अलर्ट दिया जाएगा कि लोकेशन पर मेंटेनेंस वर्क चल रहा है और जलापूर्ति बाधित रहेगी। साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी भी तुरंत उपभोक्ता को मिलेगी। यदि कोई उपभोक्ता लीकेज या अवैध कनेक्शन की शिकायत करता है, तो वह एप पर फोटो सहित संबंधित अधिकारी को टैग करके अपलोड कर सकता है। विभाग निर्धारित समय में शिकायत का निस्तारण करेगा। इसके अलावा, जलजीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों और पानी कनेक्शन से संबंधित सूचनाएं भी एप पर उपलब्ध कराई जाएंगी। जिला कलेक्टर ने बताया कि पहले बाड़मेर शहर में एक सप्ताह ट्रायल के रूप में एप चलाया जाएगा। ट्रायल के दौरान आने वाली समस्याओं और सुधारों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद इसे बाड़मेर ग्रामीण क्षेत्र में लॉन्च किया जाएगा और तीन से चार सप्ताह में पूरे जिले में लागू कर दिया जाएगा। प्रभारी मंत्री और पशुपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत, साथ ही बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी और जिला कलेक्टर टीना डाबी ने गुरुवार शाम को कलेक्ट्रेट कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘जलसेतु एप’ का लॉन्च किया। प्रभारी मंत्री ने कहा कि यह एप जिले की जल आवश्यकताओं की पूर्ति और जल समस्या समाधान के लिए मील का पत्थर साबित होगा।  

हाथी महोत्सव: हाथियों का होगा श्रृंगार, मिलेगा मनपसंद खाना

भोपाल  मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय उद्यानों में हाथी महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। हाथियों की पूजा कर उन्हें उनके पसंद का भोजन दिया जा रहा है। उन्हें सजाकर आसपास रहने वाले लोगों के सामने दर्शन के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। साथ ही हाथियों के सामाजिक व्यवहार की जानकारी दी जा रही है। टाइगर रिजर्व में वन्य जीवों की ट्रैकिंग, गश्त और रेस्क्यू में हाथियों की अहम भूमिका है। आयोजन का उद्देश्य बांधवगढ़ में जंगली हाथियों के लगातार निवास करने के कारण जन-सामान्य में जागरूकता बढ़ाना तथा हाथियों की सेवा, देखभाल और संरक्षण की भावना बढ़ाना है। शहडोल के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 25 सितम्बर से 30 सितम्बर तक रामा हाथी कैम्प, ताला, बांधवगढ़ में हाथी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हाथी महोत्सव के दौरान हाथियों को पूरी तरह से विश्राम दिये जाने के साथ ही उनके मन-पसंद व्यंजन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पार्क प्रबंधन द्वारा इस बार हाथी महोत्सव को हाथियों के पुनर्जीवन के लिए समर्पित किया है। कैंप में कुल 15 हाथी हैं, जिनमें 9 नर तथा 6 मादा शामिल हैं। कैंप में गौतम नाम का हाथी सबसे बुजुर्ग है, जिसकी उम्र 79 वर्ष है, वह रिटायर हो चुका है, जबकि कैंप में सबसे छोटा हाथी गंगा है, जिसकी उम्र मात्र एक साल है। हाथी महोत्सव के पहले दिन हाथियों को सुबह-सुबह चरण गंगा नदी में स्नान कराया गया। जहां पानी में हाथी मस्ती करते हैं। कैंप में वापस लाकर नीम एवं आरंडी के तेल से उनकी मालिश की जाती है। वन्य-जीव विशेषज्ञ डॉक्टर्स डीवार्मिंग, पैर एवं दाँतों की देखभाल करते हैं। इस दौरान हाथियों को चंदन लगाकर सजाया गया। उन्हें पसंदीदा भोजन गन्ना, नाशपाती, नारियल, गुड़, मक्का, केला, सेव, अमरूद तथा रोटी परोसी जाती है। डॉक्टर द्वारा उनकी डाइट तय की जाती है, जिसमें खनिज आहार, पारंपरिक भोजन और ऊर्जा प्रदान करने वाले खाद्य पदार्थ शामिल किए जाते हैं। भोजन के उपरांत दोपहर से शाम तक के लिए इन्हें खुले जंगल में छोड़ दिया जाता है। इस दौरान वे कीचड़ स्नान, तालाब में जल क्रीड़ा तथा वन भ्रमण का आनंद लेते हैं। हाथी महोत्सव में आम नागरिकों के लिए पार्क सीमा में आवाजाही की अनुमति रहती है। सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक लोग इनकी पूजा एवं भोजन खिलाकर दर्शन करते है। हाथी महोत्सव में कैंप में रहने वाले हाथियों को ही नहीं, बल्कि उनकी देखरेख करने वाले कर्मचारियों को भी विशेष सम्मान मिलता है। हाथियों के महावत और उनके हेल्पर का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। हाथियों को लेकर आगे आने वाली चुनौतियों, वर्तमान और भविष्य के बदलाव को लेकर उन्हें विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती है। संजय टाइगर रिजर्व सीधी में हाथी रिजुवनेशन कैंप हाथी महोत्सव-2025 का भव्य आयोजन सीधी में खैरीझील हाथी कैम्प परिसर में किया जा रहा है। महोत्सव का शुभारंभ विधायक कुंवर सिंह टेकाम द्वारा हाथियों की पूजा एवं फल अर्पित कर किया गया। उन्होंने महावतों और चारा कटरों को टॉर्च, मच्छरदानी और बैग वितरित किए।  हाथियों के स्वास्थ्य संवर्धन और देखभाल के लिए यह आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है। आयोजन में हाथी बापू, भरत, चित्रा और शांभवी शामिल हैं। इस दौरान हाथियों को नियमित आहार के साथ केला, सेव, पपीता, गन्ना, नारियल आदि विशेष फल खिलाए जाएंगे। हाथियों की टस्क ट्रिमिंग, नाखून काटना, नीम तेल से पैरों की मालिश तथा स्वास्थ्य परीक्षण जबलपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा है। महावतों एवं चारा कटरों का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा तथा परिचर्चा एवं खेल-कूद कार्यक्रम किये जा रहे हैं। कैंप में हाथियों को कार्य से पूर्णतः मुक्त रखा जा रहा है। 

योगी आदित्यनाथ: बिना भेदभाव के विद्यार्थियों तक पहुँच रही है छात्रवृत्ति

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी के चार लाख छात्र-छात्राओं को दिवाली गिफ्ट देते हुए छात्रवृत्ति वितरित की। कार्यक्रम का आयोजन लखनऊ में किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति सितंबर के महीने में मिल रही है। इसकी सभी विद्यार्थियों को बधाई। पहले जो छात्रवृत्ति फरवरी-मार्च में मिलती थी अब सितंबर में मिला करेगी। सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले छात्रों को छात्रवृत्ति देने में भेदभाव किया जाता था। 2017 में जब हमारी सरकार आई तो हमने 2016-17 और 17-18 की छात्रवृत्ति एक साथ दी। मुख्यमंत्री योगी ने प्रतीकात्मक तौर पर कई विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का चेक प्रदान किया। बता दें कि फरवरी-मार्च में मिलने वाली छात्रवृत्ति इस बार सितंबर में नवरात्र के अवसर पर छात्रों को दी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कई बार विद्यालयों से छात्रवृत्ति के लिए डाटा फीड करने में त्रुटि हो जाती है। ऐसे में छात्र अपने अधिकार से वंचित रह जाता है। इसके लिए हम एआई के माध्यम से प्रक्रिया को सरल बना रहे हैं जिससे कि प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम हो और जैसे ही छात्र का पंजीकरण हो जाए उसके फोन पर पूरी डिटेल उपलब्ध हो और समय पर छात्रवृत्ति पहुंच जाए। इसकी व्यवस्था की जा रही है। सीएम योगी ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी शिक्षा से, अपनी योग्यता से हमारे देश को और समाज को दिशा दी थी। सरकार का प्रयास है कि हर छात्र को सहायता मिले जिससे कि वो अपनी शिक्षा से समाज के विकास में योगदान दे सके। समाज कल्याण मंत्री बोले- जिन्हें पिछले वर्ष छात्रवृत्ति नहीं मिली, उन्हें भी दी जाएगी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूपी सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा है कि योगी सरकार ने पिछले वर्ष 60 लाख बच्चों को छात्रवृत्ति दी है। इस बार एक नई बात ये होगी कि जो बच्चे किसी भी कारणवश भले ही वो तकनीकी कारण रहे हों छात्रवृत्ति लेने से वंचित रहे हैं। उन्हें भी इस वर्ष छात्रवृत्ति मिलेगी साथ ही एक ऐसी एप का भी विकास किया जाएगा जिसमें बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति की पूरी जानकारी होगी। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि कोई भी बच्चा छात्रवृत्ति से वंचित न रह जाए।

पंडाल घूमने वालों के लिए खुशखबरी! रेलवे ने चलाईं पूजा स्पेशल ट्रेनें

पटना आगामी पर्व-त्यौहार के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ के मद्देनजर उनकी सुविधा के लिए रेलवे द्वारा कई स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में रांची से आरा, जयनगर, पूर्णिया कोर्ट एवं कामाख्या के लिए एक-एक जोड़ी तथा टाटा से बक्सर के लिए एक जोड़ी स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। रांची-आरा-रांची पूजा स्पेशल बोकारो, गोमो, कोडरमा, गया, सासाराम के रास्ते रांची और आरा के मध्य रांची-आरा-रांची पूजा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन रांची से 28 सितंबर से 2 नवंबर तक प्रत्येक रविवार को तथा आरा से 29 सितंबर से 3 नवंबर तक प्रत्येक सोमवार को किया जाएगा। रांची-जयनगर-रांची दीपावली छठ स्पेशल बोकारो, धनबाद, झाझा, किउल, बरौनी, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी के रास्ते रांची और जयनगर के मध्य रांची-जयनगर-रांची दीपावली छठ स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन रांची से 18 अक्टूबर से एक नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को तथा जयनगर से 19 अक्टूबर से दो नवंबर तक प्रत्येक रविवार को किया जायेगा। रांची-पूर्णिया कोर्ट-रांची दीपावली छठ स्पेशल बोकारो, धनबाद, आसनसोल, रामपुर हाट, मालदा टाउन, कटिहार के रास्ते रांची और पूर्णिया कोर्ट के मध्य रांची-पूर्णिया कोर्ट-रांची दीपावली छठ स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन रांची से 17 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक प्रत्येक शुक्रवार को तथा पूर्णिया कोर्ट से 18 अक्टूबर से एक नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को किया जाएगा। रांची-कामाख्या-रांची पूजा स्पेशल बोकारो, धनबाद, झाझा, किउल, न्युू बरौनी, खगड़िया, कटिहार के रास्ते रांची और कामाख्या के मध्य रांची-कामाख्या-रांची पूजा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन रांची से 27 सितंबर से एक नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को तथा कामाख्या से 29 सितंबर से तीन नवंबर तक प्रत्येक सोमवार को किया जाएगा। टाटा-बक्सर-टाटा दीपावली छठ स्पेशल आसनसोल, झाझा, किउल, पटना के रास्ते टाटा और बक्सर के मध्य गाड़ी टाटा-बक्सर-टाटा दीपावली छठ स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन टाटा से 17 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक प्रत्येक शुक्रवार को तथा बक्सर से 18 अक्टूबर से एक नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को किया जाएगा।

सोयाबीन उत्पादक किसानों को दी जायेगी भावान्तर राशि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

किसानों को मिलेगा उनकी उपज का वाजिब दाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोयाबीन उत्पादक किसानों को दी जायेगी भावान्तर राशि किसानों को फसलों की क्षति का दिया जाएगा मुआवजा मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में देश में प्रथम बनाया जाएगा मुख्यमंत्री ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन योजना में सिंगल विंडो पोर्टल का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम की हुई शुरुआत 215 करोड़ लागत के विकास कार्यों की दी सौगात मुख्यमंत्री सागर के जैसीनगर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में जहां भी सोयाबीन की फसल अतिवृष्टि अथवा रोग के कारण खराब हुई है, ऐसे सभी क्षेत्रों में सोयाबीन की फसल क्षति का सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि सर्वे के बाद किसानों को सोयाबीन की फसल की क्षति का समुचित मुआवजा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा सोयाबीन की फसल का एमएसपी 5328 रूपये निर्धारित किया गया है। मध्यप्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी यही रेट दिया जाएगा। किसी भी किसान को घाटा नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में धान पर भी बोनस बढ़ाया गया है। किसानों को भावांतर भुगतान योजना से उनके खाते में बोनस का पैसा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एमएसपी से कम दर पर फसल बिकती है तो भावान्तर की राशि सरकार द्वारा दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के किसानों की जिदंगी बेहतर और खुशहाल बनाने के लिए सरकार और प्रदेश सरकार द्वारा किसान सम्मान निधि दी जा रही है। मध्यप्रदेश में लाड़ली बहनों के जीवन में खुशियां लाने के लिए लाड़ली बहनों को दीपावली की भाईदूज से हर माह 1500 रूपये की राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास योजनाएं चलाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार के पास धन की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को सागर जिले के सुरखी विधानसभा क्षेत्र की नगर पंचायत जैसीनगर में पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर आयोजित मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा लगभग 215 करोड़ के निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि के साथ ही पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। आज मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। मध्यप्रदेश को हम दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में पहले नंबर पर लाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए मध्यप्रदेश में किसानों को गाय पालने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौशाला खोलने पर किसानों को लभगग 40 लाख रूपये की राशि मुहैया कराई जा रही है। इसमें 10 लाख रूपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिनके घर गाय है, वह गोपाल है, मध्यप्रदेश का हर बच्चा कृष्ण है। भगवान कृष्ण हो या भगवान राम इनके जीवन का एक-एक प्रसंग हम सभी को प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण का एक नाम दीनदयाल भी है, दीनदयाल यानि गरीब से गरीब आदमी की चिंता करने वाला। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी गरीबों की चिंता कर रही है। पं. दीन दयाल उपाध्याय के विचारों को आत्मसात करते हुए मध्यप्रदेश सरकार गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने का प्रयास कर रही है। भगवान कृष्ण ने गाय और मोर पंख का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गौवंश हत्या को प्रतिबंधित करने का सख्त कानून बनाया है। इस कानून का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध सख्त सजा का प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार गौवंश के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार ने गाय के संरक्षण के लिए प्रति गाय 40 रूपये प्रतिदिन तक का खर्च बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मैं बुंदेलखंड की धरती पर आया हूं तो मुझे अत्यंत गौरव महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की यह धरती हीरों, वीरों और महावीरों की धरती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती ने अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए देश भक्ति की मिसाल पेश की है।समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता संकल्प कार्यक्रम एवं सिंगल विंडो पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से गैस कनेक्शन घर-घर तक मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसकी शुरुआत आज जैसीनगर से हो रही है। जैसीनगर का नाम जयशिवनगर और नगर परिषद बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैसीनगर को नगर परिषद बनाने और जैसीनगर का नाम जयशिवनगर रखने की घोषणा की। साथ ही सागर जिले में बेवस नदी परियोजना की स्वीकृति की घोषणा की। वहीं जैसीनगर में महाविद्यालय के अधूरे निर्माण कार्य को पूर्ण कर उसका नाम पं. दीनदयाल उपाध्याय के रखने, जैसीनगर में कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्कूल बनाने और सुरखी विधानसभा क्षेत्र में मसुरयाही-तोडा मार्ग लगभग 25 कि.मी. के निर्माण की भी घोषणा की। सागर की श्रद्धांजलि योजना प्रदेश के लिए बनेगी मॉडल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर जिले में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने के लिए शुरू की गई श्रद्धांजलि योजना संपूर्ण प्रदेश के लिए मॉडल बनेगी। उन्होंने नियुक्ति-पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं से कहा कि आप सभी और आगे बढ़े इसके लिए राज्य सरकार आपके साथ हमेशा खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धांजलि योजना के अंतर्गत 100 से अधिक लाभान्वित ग्रामीणों के साथ संवाद भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह योजना न केवल सागर के लिए बल्कि संपूर्ण प्रदेश के लिए मॉडल बनेगी। इस योजना को प्रदेश में लागू कर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने खेला शतरंज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्र भौतिक सिंह जाट के साथ शतरंज खेला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम सफेद मोहरे को चुना और खेलना शुरू किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के लिए अच्छी पहल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोवर्धन मंदिर में की पूजा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैसीनगर के गोवर्धन टोरी पर स्थित गोवर्धन मंदिर पहुंचकर भगवान गोवर्धन की पूजा कर आरती उतारी। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले कलाकारों की सराहना मुख्यमंत्री … Read more

किसानों को मिलेगा भावांतर योजना का लाभ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों का कल्याण मध्यप्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावान्तर योजना लागू की जा रही है। किसानों को किसी भी हालत में घाटा नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसानों को सोयाबीन का उचित मूल्य दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने सोयाबीन के लिए एमएसपी प्रति क्विंटल 5328 रुपए घोषित की है। किसान संघों के सुझाव पर राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि इस वर्ष सोयाबीन के किसानों को भावान्तर का लाभ दिया जाएगा। भावांतर योजना में पंजीयन होगा आवश्यक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान पहले की भांति मंडियों में सोयाबीन का विक्रय करेगा। अगर एमएसपी से कम कीमत पर सोयाबीन बिकता है तो किसानों के घाटे की भरपाई भावान्तर योजना के तहत सरकार द्वारा की जाएगी। फसल के विक्रय मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP के अन्तर की राशि सीधे सरकार देगी। उन्होंने कहा कि भावांतर योजना में किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जा रही है। ऐसे होगा क्षतिपूर्ति का आकलन यदि मंडी में औसत गुणवत्ता की कृषि उपज का विक्रय मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम हो लेकिन राज्य सरकार द्वारा घोषित औसत मॉडल भाव से अधिक हो तो किसान को केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य और वास्तविक बिक्री मूल्य के अंतर की क्षतिपूर्ति दी जाएगी। यदि मंडी में कृषि उपज का विक्रय मूल्य राज्य सरकार द्वारा घोषित औसत मॉडल भाव से भी कम हो तो किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य और घोषित औसत मॉडल भाव के अंतर की क्षतिपूर्ति दी जाएगी। किसानों के साथ सदैव खड़ी है राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व में भी फसलों की क्षति पर किसानों को राहत राशि प्रदान की गई है। किसान हितैषी निर्णय पहले भी लिए गए हैं। बाढ़ से प्रभावित किसानों को भी सहायता दी गई। सकंट की घड़ी में किसानों के साथ सरकार सदैव खड़ी है। पीले मोजेक से हुए नुकसान के लिए भी सर्वे करवाया जा रहा है। किसानों को प्रभावित फसलों के लिये आवश्यक राहत प्रदान की जाएगी।  

बेहतर सेवाओं की ओर कदम: उच्चदाब उपभोक्ताओं की दिक्कतें अब होंगी दूर

भोपाल  आंधी-बारिश या तूफान जैसी किसी भी परिस्थिति में उच्‍चदाब औद्योगिक उपभोक्ताओं को हर समय मिलेगी बिजली सेवाएं और निर्बाध बिजली आपूर्ति। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने भोपाल वृत्‍त के मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र, ग्‍वालियर के मानलपुर एवं बिलौआ सहित मुरैना के बांमोर औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत उच्च दाब औद्योगिक उपभोक्ताओं की सेवाओं को और अधिक बेहतर बनाने के लिए गठित अतिरिक्त एफओसी की सेवाओं में दिसंबर 2025 तक विस्‍तार करने का निर्णय लिया है। अब उपभोक्ता संतुष्टि बढ़ने के साथ 24 घंटे/, सातों दिवस गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति करने में भी मदद मिलेगी।     गौरतलब है कि कंपनी द्वारा गठित एफओसी टीम 24 घंटे अलग-अलग शिफ्ट में काम करेगी। औद्योगिक क्षेत्र के उच्च दाब उपभोक्ताओं के लिए गठित एफओसी टीम में कंपनी द्वारा प्रदाय स्मार्ट फोन सहित 6 कुशल तथा 6 अकुशल कर्मचारी सभी साजो-समान और जरूरी उपकरणों से लैस एफओसी वाहन सहित कार्यरत रहेंगे। यह एफओसी टीम 24 घंटे /सातों दिवस उपभोक्ताओं की बिजली से संबंधित समस्याओं का निराकरण तथा कम्पनी के राजस्व वसूली, नए कनेक्शन, विद्युत उपकरणों का रख-रखाव और संधारण के साथ ही उपभोक्ता शिकायतों को दूर करने के लिए त्वरित काम करेगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने कहा है कि कंपनी कार्यक्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्रों में इन एफओसी टीमों के विस्‍तार से बिलिंग दक्षता और कलेक्शन एफिशिएंसी तथा एटीएण्डसी हानियों में कमी आएगी और उपभोक्‍ता संतुष्ठि में बढ़ोतरी होगी।  कंपनी औद्योगिक उपभोक्ताओं के साथ ही निम्नदाब उपभोक्ताओं को निरंतर विद्युत आपूर्ति और उपभोक्ता सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी लगातार इस दिशा में कारगर कदम उठा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को निरंतर विद्युत आपूर्ति और सेवाएं मिल रही हैं। इसी दिशा में कंपनी द्वारा गठित एफओसी टीम उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निराकरण करेगी साथ ही विद्युत आपूर्ति के दौरान प्राकृतिक और अप्राकृतिक कारणों से आने वाले व्यवधानों  को 24 घंटे त्वरित रूप से दूर करेगी। साथ ही कंपनी के राजस्व संग्रहण का काम और बिजली उपकरणों, लाइनों, ट्रांसफार्मरों आदि का उचित रख-रखाव कर उपभोक्ता सेवाओं में विस्तार करेगी।  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने आमजन और उपभोक्ताओं से अपील की है वे अपने बिजली बिलों का समय पर भुगतान कर निरंतर पेयी कंज्यूमर बने रहें। विद्युत का अनधिकृत उपयोग न करें साथ ही विद्युत चोरी करने वालों की सूचना देकर विद्युत चोरी की रोकथाम में सहयोग करें और कंपनी द्वारा चलाई जा रही इनफॉर्मर स्कीम का लाभ उठाएं।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बिलकिसगंज में स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान शिविर का किया शुभारंभ

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस से प्रारंभ किए गए सेवा पखवाड़ा एवं स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत सीहोर जिले के बिलकिसगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में आयोजित स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ करते हुए कहा कि अस्पतालों में 2000 विशेष डॉक्टर्स की भर्ती की जाएगी। उन्होंने शिविर में दी जा रही चिकित्सा सेवाओं और रक्तदान शिविर का अवलोकन किया तथा रक्तदान करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित भी किया। अस्पताल के निरीक्षण के दौरान  शुक्ल ने चिकित्सकों से योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की और प्रबंधन एवं संचालन को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी मरीजों को पोषण टोकरी भी प्रदान की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार और सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचें और विशेष रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों की स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी समस्याओं की पहचान कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। इस अभियान में ईट-राइट, पोषण माह, योग जैसे वेलनेस कार्यक्रम और निक्षय मित्र जैसी पहल भी शामिल हैं। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत रक्तदान शिविरों का आयोजन कर जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि यह अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रधानमंत्री  मोदी के जन्म दिवस से प्रारंभ होकर 2 अक्टूबर तक चलेगा। स्वास्थ्य शिविरों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, विभिन्न प्रकार के कैंसर, एनीमिया और सिकल सेल रोग जैसी गंभीर बीमारियों की जांच और उपचार की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है, वहाँ इस कमी को दूर करने के लिए 2,000 विशेषज्ञ डॉक्टर्स की भर्ती की जाएगी। साथ ही टेलीमेडीसिन प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि नागरिकों को विशेषज्ञ परामर्श के लिए अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े और वे डिजिटल माध्यम से सीधे स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकें।  

माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2024 का रिज़ल्ट घोषित, ऐसे करें चेक

भोपाल  मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने माध्यमिक शिक्षक एवं प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2024 का परिणाम जारी कर दिया है। यह परीक्षा मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत कुल 9,882 पदों पर शिक्षकों की सीधी भर्ती के लिए आयोजित की गई थी। अभ्यर्थी अपना परिणाम ई.एस.बी की वेबसाइट http://www.esb.mp.gov.in/ से डाउनलोड या मुद्रित कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि चयन परीक्षा का आयोजन 20 अप्रैल 2025 से 29 अप्रैल 2025 तक मध्यप्रदेश के 11 प्रमुख शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रतलाम, रीवा, सागर, सतना, सीधी एवं उज्जैन में किया गया था। परीक्षा विभिन्न विषयों हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, खेल, संगीत (गायन-वादन) एवं नृत्य में आयोजित की गई थी। कुल 1,85,065 अभ्यर्थियों ने विभिन्न विषयों में पंजीकरण कराया था, जिनमें से 1,60,360 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए।