samacharsecretary.com

अब नहीं होगी झंझट! एक ही प्लेटफॉर्म से बुक करें नोएडा और दिल्ली मेट्रो टिकट

नई दिल्ली दिल्ली-नोएडा में मेट्रो से सफर करने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है. अब वे एक ही एप से दोनों मेट्रो के टिकट खरीद सकेंगे. पहले अलग-अलग एप डाउनलोड करनी पड़ती थीं, लेकिन अब नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) ने नोएडा और दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में सिगल क्यूआर टिकटिंग सुविधा की शुरुआत की है, इससे यात्रियों को एक ही एप के जरिए टिकट बुक करने की सुविधा मिलेगी. सारथी एप से खरीद सकेंगे टिकट एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक लोकेश एम ने इसके बारे में जानकारी देते हुए कहा- यात्रियों को इस कदम से बड़ी सुविधा मिलेगी. अब नोएडा मेट्रो-दिल्ली मेट्रो के QR कोड एक ही App पर मौजूद होंगे. दिल्ली मेट्रो के टिकट NMRC के एप और नोएडा मेट्रो के QR टिकट DMRC के सारथी एप से भी खरीदे जा सकेंगे. दोनों मेट्रो के टिकट अब एक ही एप से खरीद सकते हैं. यात्री नोएडा-दिल्ली मेट्रो में एक ही क्यूआर कोड से यात्रा कर सकेंगे. टिकट नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड या यूपीआई के जरिए खरीदे जा सकेंगे.” क्या है ये बदलाव दरअसल, पहले पेटीएम या अन्य एप पर नोएडा से नोएडा के किसी स्टेशन के लिए मेट्रो टिकट उपलब्ध नहीं होते थे, यात्रियों को डीएमआरसी और एनएमआरसी की एप्स पर जाकर ही टिकट खरीदने पड़ते थे. अब दोनों टिकट एक ही एप के जरिए ले सकेंगे. लोकेश ने कहा कि बोडाकी से मेट्रो डिपो मेट्रो रूट (2.6 किमी) जल्द ही शुरू होगा. इसे 416 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है. इसी के साथ 2,200 करोड़ रुपये की लागत से सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन रूट को मंजूरी मिल चुकी है. इसे 11.56 किमी का बनाया जाएगा. फिलहाल सरकारी मंजूरी का इंतजार है. एक क्लिक से मिलेगी टिकट खरीदने की सुविधा इसी के साथ दिल्ली मेट्रो ने एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड (एनबीएसएल) के साथ साझेदारी में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दिल्ली मेट्रो सारथी एप के अंदर ‘डीएमआरसी पे पावर्ड बाई भीम’ लॉन्च किया है. इससे यात्रियों को एक क्लिक से तेज और सुरक्षित टिकट खरीदने की सुविधा मिलेगी. इससे बाहरी पेमेंट गेटवे की जरूरत नहीं होगी. भीम वेगा के साथ डीएमआरसी के एकीकरण से यात्रियों को पेमेंट के लिए बड़ी सुविधा मिलेगी. 

असफलता में तलाशें सफलता

क्सर देखने में आता है कि छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर पाते। बिना मंजिल के सफलता नहीं मिलती। मंजिल या लक्ष्य का निर्धारण करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि मुझ में कितनी योग्यता है और क्या-क्या कमियां हैं? मंजिल को प्राप्त 1करने के लिए हमें अपनी योग्यताओं का भरपूर उपयोग करके अपनी कमजोरियों को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। लक्ष्य यह सोचकर बनाना चाहिए कि इस काम को मैं पूरा कर सकता हूं। जब मंजिल के निर्धारण में कठिनाई का अनुभव हो तो हमें अपनी अंतर्रात्मा की सहायता लेनी चाहिए क्योंकि आत्मबल सबसे बड़ा बल है। दूसरों के विचार पूछने पर हमें भिन्न-भिन्न विचार सुनने को मिलेंगे जिससे हमें अपनी मंजिल के निर्धारण में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है कि कौन-सा मार्ग अपनाएं। हमें परमेश्वर ने सोचने समझने की शक्ति दी है। यह सबसे अच्छा हो यदि अपनी मंजिल का निर्धारण हम स्वयं करें। हमें जो आज्ञा अपनी आत्मा या अंतरूकरण से प्राप्त होती है वह हर मौके पर सही रहती है। हमें अपने मार्ग में मिलने वाली असफलताओं की उपेक्षा करनी चाहिए और अपनी सफलताओं पर खुश नहीं होना चाहिए। मंजिल के मार्ग में आने वाली बाधाओं की चिंता नहीं करनी चाहिए और गलतियों को दोहराना नहीं चाहिए। एक कहावत है कि जो जैसा सोचता है, वैसा ही बनता है। कभी गलत ढंग से नहीं सोचना चाहिए और अपने को किसी से कम नहीं समझना चाहिए। जीवन में मिलने वाली असफलताओं से अनुभव प्राप्त होता है जिससे सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। प्रत्येक के विचार और सिद्घांत अलग-अलग होते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए कि वह अपने विचारों और सिद्घांतों को जीवन में उतारें। अपने लक्ष्य की प्राप्ति में वही व्यक्ति सफल हो सकता है जो कठिन परिश्रम कर सके। कल्पना मात्र करने से कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त नहीं कर सकता। कभी-कभी ऐसा लगता है कि कुछ युवा छोटी-सी बात पर निरुत्साहित होकर अपना धीरज छोड़ बैठते हैं और अपनी मंजिल को प्राप्त नहीं कर पाते। केवल योजनाओं के निर्माण से कोई व्यक्ति सफल नहीं हो सकता बल्कि उन्हें पूर्ण करने के लिए सदैव परिश्रम करने के लिए तैयार रहना चाहिए। जीवन की सफलता के शिखर पर परिश्रम करने वाले व्यक्ति ही पहुंचते हैं। तो आइए, सबसे पहले हम अपनी मंजिल का निर्धारण करके अपनी कमजोरियों को दूर करते हुए उचित परिश्रम करें।  

विनेश फोगाट पर फूटा सरपंच का गुस्सा: ‘अब दौरा सिर्फ दिखावा है’

जींद  हरियाणा के जुलाना से कांग्रेस विधायक और पूर्व रेसलर विनेश फोगाट ने गुरुवार को क्षेत्र के गांवों का दौरा किया. इस दौरान खेतों में भरे बरसात के पानी का जायजा लिया और प्रभावित किसानों से बातचीत की. बुआना गांव में पहुंची विनेश फोगाट से बुआना के सरपंच प्रतिनिधि सुधीर ने कहा कि अब दौरा करने का क्या औचित्य है, जब 75 प्रतिशत पानी उतर चुका है. उन्होंने आगे कि जब हमें जरूरत थी, तो विनेश फोगाट के पास 100 से ज्यादा फोन किया गया लेकिन विधायक ने फोन नहीं उठाया. सरपंच प्रतिनिधि ने तो ये तक कह दिया कि जुलाना हलके के लोगों के साथ वोटों की ठगी हो गई है. सुधीर ने कहा, "हमने मिलकर विनेश फोगाट को जिताया था लेकिन आज जब उन पर मुसीबत आई, खेतों और गांव में जलभराव हुआ तो उनके फोन उठाने भी बंद कर दिए. जब पानी उतर गया तो हमें संभालने के लिए आ गईं.  बाढ़ प्रभावित लोगों से विनेश ने की मुलाकात विधायक विनेश फोगाट  दोपहर को हलके के बराड़ खेड़ा, बुआना, खरैंटी, गढ़वाली, झमौला, करेला, मालवी और देवरड़ गांवों में पहुंचीं और ग्रामीणों व बाढ़ से प्रभावित किसानों से बातचीत की. कांग्रेस विधायक ने किसानों की समस्याएं सुनी और उन्हें हर मुमकिन मदद का आश्वासन दिया. उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि खेतों से पानी की निकासी के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं, जिससे किसानों की फसलें बचाई जा सकें. विनेश फोगाट ने कहा कि किसानों की परेशानी को दूर किया जाएगा और नुकसान का आकलन करवाकर उचित मुआवजा दिलाने की दिशा में भी काम किया जाएगा. इसके बाद जब विनेश फोगाट बुआना गांव में पहुंचीं तो सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान और प्रदेश प्रवक्ता सुधीर बुआना ने कहा कि सरपंच एसोसिएशन और पंचायत समिति सदस्यों ने समर्थन देकर विनेश फोगाट को जिताया था, अब विधायक फोन उठाना भी उचित नहीं समझ रही हैं.  सुधीर बुआना ने यहां तक कहा कि सरकार और प्रशासन तो हमारा सहयोग कर रहा है लेकिन विधायक का हमें कोई सहयोग नहीं मिला. विधायक जलभराव का स्थाई समाधान करें. 

आलू से पाएं ग्लोइंग फेस: आसान और घर पर बनाएं यह ब्यूटी पैक

व्यक्ति चाहे किसी भी उम्र का हो, उसे दमकती त्वचा की चाहत सदा ही रहती है। परन्तु बाजार में मिलने वाले सौंदर्य प्रसाधन काफी हानिकारक हो सकते हैं। अतः घर पर ही आलू के फेस पैक्स बनाएं। ये आपके चेहरे को प्राकृतिक रूप से चमक देते हैं। आलू के फायदें… -चोट लगने पर आलू का प्रयोग करना चाहिए। चोट लगने के बाद कई बार त्वचा नीली पड़ जाती है। ऐसे में कच्चा आलू पीसकर लगाने से फायदा होता है। -त्वचा की एलर्जी या अन्य त्वचा संबंधी रोग होने पर आलू का प्रयोग करना चाहिए। कच्चे आलू का रस लगाने से भी त्वचा संबंधी रोगों में फायदा होता है। -झुर्रियों पर कच्चे आलू को पीसकर लगाने से लाभ होता है। -आलू को उबालकर या भूनकर खाने से इसके पौष्टिक तत्व आसानी से पच जाते हैं क्योंकि इसमें स्टार्च, पोटेशियम और विटामिन-ए और विटामिन-डी पर्याप्त मात्रा में होता है। -चेहरे की रंगत के लिए आलू बहुत फायदेमंद होता है। आलू पीसकर त्वचा पर लगाने से सौंदर्य में निखार आता है। -उच्च रक्तचाप यानी हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों को आलू खाना चाहिए। इससे ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है।  

चार्ली कर्क पर जानलेवा हमला: गर्दन पर वार, कैमरे में कैद हुई वारदात

न्यूयॉर्क अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जिगरी दोस्त चार्ली कर्क (Charlie Kirk) की हत्या ने गन वायलेंस और सिक्योरिटी को लेकर नए सिरे से बहस छेड़ दी है. कर्क की यूटा यूनिवर्सिटी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. अब शूटर का मौके से फरार होते एक वीडियो वायरल हो रहा है. कर्क की हत्या की जांच कर रही एफबीआई की टीम ने एक नया वीडिया जारी किया है, जिसमें कर्क की हत्या के कुछ सेकंड बाद ही एक एक संदिग्ध को यूटा यूनिवर्सिटी की छत से भागते देखा जा सकता है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि संदिग्ध पहले तो भागता है और फिर कैंपस से छत से छलांग लगा देता है. कंजरवेटिव चार्ली कर्क की यूटा वैली यूनिवर्सिटी में उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब वह छात्रों के सवालों का जवाब दे रहे थे. उन्हें सुनने के लिए कैंपस में लगभग तीन हजार लोग जुटे थे. यह कार्यक्रम कैंपस में खुले में हो रहा था.  एफबीआई का कहना है कि यह काम किसी स्किल्ड शूटर का है, जो काले कपड़ों में छत पर छिपा था. FBI ने इसे प्रोफेशनल हिट बताया, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं है. एफबीआई ने एक लाख डॉलर का इनाम घोषित किया है.  चार्ली कर्क टर्निंग पॉइंट यूएसए (TPUSA) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर थे. यह एक छात्र संगठन है जिसका मकसद लिबरल अमेरिकी कॉलेजों में कंजर्वेटिव विचारधारा का प्रचार-प्रसार करना है. वह 32 साल के थे और ट्रंप के करीबियों में से एक थे. वह अमेरिका के सबसे हाई प्रोफाइल कंजर्वेटिव एक्टिविस्ट और मीडिया पर्सनैलिटीज में से एक थे।. कर्क के पिता आर्किटेक्ट थे. उन्होंने शिकागो के एक कॉलेज से पढ़ाई की लेकिन राजनीति में आने के लिए पढ़ाई छोड़ दी. कर्क ने 2020 में 'The Maga Doctrine' किताब लिखी थी, जिसमें ट्रंप के 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' का भी जिक्र था. चार्ली और उनकी टीम ने पिछले साल हुए राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप और रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटाने में भी अहम भूमिका निभाई थी.  कर्क अपने विवादित बयानबाजी के लिए हमेशा चर्चा में रहते थे. उनके धुर दक्षिणपंथी विचारों की वजह से वह हमेशा लिबरल्स के निशाने पर रहते थे. वह स्लेवरी से लेकर गर्भपात, महिला विरोधी बयानों और रंगभेद पर की गई अपनी टिप्पणियों की वजह से विवादित थे. कैसे दिया हत्या को अंजाम घटनास्थल के वीडियो में दिख रहा है कि चार्ली एक बड़ी भीड़ को संबोधित कर रहे हैं, तभी एक गोली चलने की आवाज आई. कैमरे के तेजी से हिलने से पहले चार्ली अपनी कुर्सी पर गिरता हुआ दिखे और दर्शकों में घबराहट की आवाजें आने लगीं. जांचकर्ताओं ने कहा कि उनका मानना ​​है कि गोली कैंपस की छत से चली थी, जो काले कपड़े पहने किसी व्यक्ति द्वारा चलाई गई थी. यह एक टारगेट बनाकर हत्या करने का मामला प्रतीत होता है. इस इवेंट में मौजूद यूटाह के पूर्व कांग्रेसी जेसन चाफेट्ज ने फॉक्स न्यूज को बताया कि गोली तब चली जब चार्ली कर्क भीड़ के साथ सवाल-जवाब सेशन कर रहे थे. बुरी तरह से सहमे हुए चाफेट्ज ने नेटवर्क को बताया, "पहला सवाल धर्म के बारे में था. वह लगभग 15-20 मिनट तक बोलते रहे. दिलचस्प बात यह है कि दूसरा सवाल ट्रांसजेंडर शूटर्स, सामूहिक शूटर्स के बारे में था और उसी के बीच में गोली चल गई… जैसे ही वह गोली चली, वह पीछे गिर गया. हर कोई डेक से टकराया… बहुत सारे लोग चिल्लाने लगे और फिर सभी लोग भागने लगे."

अखिलेश यादव की रणनीति: 2027 चुनाव में तीन जिलों को देंगे प्राथमिकता, खास घोषणा पत्र की तैयारी

लखनऊ 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी पीडीए को अभी एकजुट करने में लग गई है। इस बीच गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को भाजपा की साजिशों के प्रति सावधान रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार में आगरा, हाथरस एवं मथुरा के विकास के लिए तमाम योजनाएं शुरू की गई थी, जो भाजपा सरकार में अब बर्बाद हो गई हैं। समाजवादी पार्टी का 2027 के चुनावों में इन तीनों जिलों के लिए अलग घोषणा पत्र होगा। जिसमें नई विकास योजनाओं की घोषणा होगी। गुरुवार को प्रदेश कार्यालय पर आगरा, मथुरा और हाथरस जिलों के पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र के विरुद्ध चुनावों में धांधली की योजना बनाने की रणनीति पर काम करने में जुट गई है। जबकि जनता 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्य सामाजिक न्याय के राज की स्थापना करना है। जातीय जनगणना से समाज के सभी वर्गों को उनकी संख्या के आधार पर हक और सम्मान मिल सकेगा। पीडीए पंचायतों से समाज में जाग्रति हुई है और लोगों को उसकी ताकत का एहसास भी हुआ है। पीडीए की ताकत से भाजपा घबड़ाई हुई है। उसे चुनाव में हार का डर दिखने लगा है। सपा प्रमुख ने कहा कि मतदाता सूची में कोई गड़बड़ी न हो, इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। वोट बनवाने, वोट डलवाने के साथ इस पर भी निगाह रखनी है कि अपने लोगों को वोट कटने न पाए। भाजपा मतदाता सूची में हेरफेर करके और मतदान में धांधली के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की पवित्रता को नष्ट करके सत्ता हासिल करने की साज़िश करती है। आगरा, मथुरा इंटरनेशनल सिटी है। इसलिए उसकी विशेष स्थिति भी है। अंतरर्राष्ट्रीय पर्यटन में भी उसकी प्रमुखता से गणना होती है। मथुरा भी विश्व स्तर पर जाना पहचाना नाम है। भगवान कृष्ण का जन्म स्थान है। वहां की पवित्रता बनाए रखना है। भाजपा तो सिर्फ सत्ता का दुरुपयोग कर मथुरा की जनता को गुमराह कर रही है जबकि सच्चाई यह है कि मथुरा में विकास कार्य सपा सरकार में ही हुए थे। भाजपा सरकार पर भी साधा निशाना अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था ही नहीं, शिक्षा-स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बहुत गिरावट है। महंगाई कम नहीं हो रही हैं नौजवानों को नौकरियां नहीं मिल रही है। महिलाएं-बच्चियां असुरक्षित हैं। अपराधी बेलगाम हैं और भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। जनता त्रस्त है। लोग परिवर्तन चाहते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एकजुट होकर परस्पर सहयोगी बनकर चुनाव में बूथ स्तर तक सफलता हासिल करनी है। भाजपा ने लूट की इंतिहा कर दी है। भ्रष्टाचार चरम पर है। लोग किसी भी तरह भाजपा सरकार से छुटकारा पाने के लिए व्याकुल हैं। जनता की खुशहाली तभी मिलेगी जब भाजपा जाएगी, समाजवादी सरकार आएगी। छात्र, नौजवान, व्यापारी, किसान खुशहाल होगा और बहन-बेटियों सुरक्षित होंगी।  

मनरेगा में मध्य प्रदेश की बड़ी छलांग, सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मिली ऐतिहासिक सफलता

वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जनजाति वर्ग को रोजगार दिलाने में देश में मध्यप्रदेश प्रथम भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार अनुसूचित जनजाति वर्ग को रोजगार उपलब्ध कराने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में प्रदेश ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2025-26 में मनरेगा अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग को अब तक सर्वाधिक रोजगार देने वाला राज्य मध्यप्रदेश बना है। वर्तमान में मध्यप्रदेश देशभर में पहले पायदान पर है। प्रदेश में 62 लाख 56 हजार परिवार जॉबकार्ड धारी प्रदेश में कुल 62 लाख 56 हजार परिवार जॉबकार्ड धारी परिवारों के 1 करोड़ से अधिक श्रमिक सक्रिय रूप से पंजीकृत हैं। 32 लाख से अधिक परिवारों को मिला रोजगार वर्ष 2025-26 में मनरेगा अंतर्गत प्रदेश में 32 लाख से अधिक परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इस अवधि में 47 लाख 38 हजार श्रमिकों ने विभिन्न कार्यों में भाग लिया, जिनमें से 10 लाख 37 हजार परिवारों के 15 लाख 81 हजार श्रमिक अनुसूचित जनजाति वर्ग से थे। प्रदेश में कुल सृजित मानव दिवस 11 करोड़ 55 लाख में से 3 करोड़ 53 लाख मानव दिवस आदिवासी परिवारों द्वारा सृजित किया गया, जो कि अन्य प्रदेशों की तुलना में अधिक है और योजना की सफलता का स्पष्ट प्रमाण हैं। मनरेगा के अंतर्गत प्रदेश में किए जाने वाले कार्य मनरेगा के माध्यम से प्रदेश में विभिन्न प्रकार के सामुदायिक एवं हितग्राही मूलक विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें खेत तालाब, अमृत सरोवर, डगवेल रिचार्ज जैसे संरचनाओं का निर्माण, ग्रामीण सड़कों का निर्माण व मरम्मत, व्यापक स्तर पर पौधरोपण, बोरी बंधान, मेड़ बंधान, चेक-डैम, भूमि समतलीकरण, बागवानी, पशुशेड निर्माण एवं अन्य ग्रामीण विकास कार्य शामिल हैं। रोजगार के साथ अनुसूचित जनजाति वर्ग को आर्थिक रूप से बनाया जा रहा समृद्ध मनरेगा आयुक्त श्री अवि प्रसाद ने बताया कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य अनुसूचित जनजाति वर्ग के परिवारों को केवल रोजगार देना ही नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना भी है। प्रदेश में वर्ष 2025-26 में मनरेगा योजना के अंतर्गत अब तक देशभर में सबसे अधिक अनुसूचित जनजाति वर्ग के जरूरतमंद परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।  

मार्केट में जोरदार उछाल, JBM और Lupin के शेयरों ने दिखाई दमदार रफ्तार

नई दिल्ली शेयर बाजार आज भी तेजी पर खुला, लेकिन इसमें बड़ी उछाल नहीं देखी जा रही है. 9.23 बजे सुबह सेंसेक्‍स 155.26 अंक चढ़कर 81,703.99 पर कारोबार कर रहा था. वहीं निफ्टी 51.80 अंक चढ़कर 25,057.30 पर कारोबार कर रहा था. निफ्टी बैंक में तेज गिरावट आई है, ये अभी 54.95 अंक गिरकर 54,614.65 पर कारोबार कर रहा है.  बीएसई टॉप 30 शेयरों की बात करें तो 9 शेयरों में गिरावट आई है, जबकि 21 शेयर तेजी दिखा रहे हैं. इंफोसिस के शेयर में 2 फीसदी और मारुति, टाटा मोटर्स जैसे शेयर्स में 1 फीसदी की तेजी आई है. हिंदुस्‍तान लीवर और HDFC Bank के शेयर में आज 1 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है.  FMCG, मीडिया और पीएसयू बैंक सेक्‍टर में गिरावट है. ऑटो, आईटी, मेटल और फार्मा के शेयर में अच्‍छी तेजी है.  क्‍यों नहीं चल रहा शेयर बाजार?  शेयर बाजार में तेजी तो आ रही है, लेकिन निवेशकों के उम्‍मीद के मुताबिक उतनी उछाल नहीं देखी जा रही है. एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि टैरिफ पर अन‍िश्चितता बने रहने के कारण भारतीय मार्केट को मोमेंटम नहीं मिल पा रहा है. टैरिफ के कारण ग्‍लोबल स्‍तर पर मार्केट भी प्रभावित हुआ है. रुपये में भी गिरावट देखी जा रही है. वहीं अमेरिका और भारत के रिश्‍तों में अभी सुधार नहीं आई है. इसके अलावा, विदेशी निवेशक भी भारतीय बाजार से लगातार बिकवाली कर रहे हैं.  94 शेयरों में अपर सर्किट  बीएसई के 3,187 शेयरों में से सिर्फ 1,947 शेयरों में तेजी आई है. 1055 शेयरों में गिरावट आई है और 185 शेयर अनचेंज हैं. 43 शेयरों ने आज लोअर सर्किट लगाया है, जबकि 94 शेयरों ने अपर सर्किट लगाया है. 20 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर और 56 शेयर 52 सप्‍ताह के उच्‍चतम स्‍तर पर है.  इन शेयरों में अच्‍छी तेजी JBM Auto के शेयर में आज 8 फीसदी की तेजी है. शक्ति पम्‍प के शेयर में 7.30 फीसदी की उछाल है. धानी सर्विस के शेयर में 6 फीसदी, लक्ष्‍मी ऑर्गेनिक के शेयर में 4%, एमसीएक्‍स और बीएसई के शेयर में 2 फीसदी से ज्‍यादा की उछाल आई है. Infosys और Lupin के शेयरों में भी 2 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आई है. 

सरकारी कर्मचारियों का प्रदर्शन: बजट अमल में देरी पर 24 सितंबर को जयपुर में आंदोलन

जयपुर राजस्थान सरकार द्वारा बजट 2025 में की गई घोषणाओं को लागू करने में हो रही देरी से राज्य कर्मचारियों में असंतोष गहराता जा रहा है। सरकार दो बार डेडलाइन देने के बाद भी वादों पर अमल नहीं कर पाई, जिस कारण कर्मचारी संगठन अब विरोध की राह पर उतर आए हैं। इसको लेकर कर्मचारियों के दल ने जयपुर में एक बैठक आयोजित की है। राज्य केंद्रीय मुद्रणालय में हुई बैठक अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) की आपात बैठक मंगलवार को राज्य केंद्रीय मुद्रणालय, जयपुर में हुई। बैठक में पदाधिकारियों ने सरकार की वादाखिलाफी पर कड़ा रोष जताया। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि बजट घोषणाओं को लागू नहीं करने से नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ संविदा, प्लेसमेंट एजेंसी से कार्यरत कर्मचारी, मंत्रालयिक कर्मचारी और जेल प्रहरियों में गहरा असंतोष है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे चुका है और यह नाराज़गी आंदोलन का रूप ले रही है। शहीद स्मारक पर एक दिवसीय धरना महासंघ ने घोषणा की कि 24 सितम्बर को प्रदेशभर के कर्मचारी जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर एक दिवसीय धरना देंगे। महासंघ के प्रदेश महामंत्री मोहनलाल शर्मा ने बताया कि बजट में सरकार ने संविदा कर्मचारियों को ठेकेदारों से मुक्त कर नई संस्था गठित करने का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। महासंघ के आंदोलन को समर्थन देने का एलान किया वहीं, राजस्थान राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री देवेंद्र सिंह नरूका ने मंत्रालयिक कर्मचारियों के कैडर रिव्यू और निदेशालय गठन की मांग पूरी न होने पर गहरी नाराज़गी जताई और महासंघ के आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया। बैठक की अध्यक्षता महासंघ के संरक्षक कुलदीप यादव ने की। इस दौरान कई कर्मचारी नेताओं ने कर्मचारियों के अधिकारों के लिए संघर्ष तेज करने पर जोर दिया। महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि बजट घोषणाओं को तुरंत लागू नहीं किया गया, तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।

रूपाली गांगुली का ट्रेडिशनल अवतार, बंगाली गाने पर किया फैन्स को मंत्रमुग्ध

मुंबई, लोकप्रिय टेलीविजन अभिनेत्री रूपाली गांगुली अक्सर सोशल मीडिया पर पोस्ट करती रहती हैं। उन्होंने गुरुवार को एक लेटेस्ट वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह एक गाने पर डांस करती नजर आ रही हैं। रूपाली ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह बंगाली गाना ‘मेलार गान’ पर अपने शानदार एक्सप्रेशन के साथ डांस कर रही हैं। वीडियो में उन्होंने मल्टीकलर के लहंगे के साथ गुलाबी रंग का ब्लाउज पेयर किया है। वहीं, पीले रंग की चुनरी को खूबसूरती से सजाया है। माथे पर बिंदी, कानों में झुमके और ढीली चोटी में बंधे बाल उनके पारंपरिक अंदाज को निखार रहे हैं। इसके साथ ही, उनके हाथों में साधारण कंगन सादगी और सुंदरता को दिखा रहे हैं। इस वीडियो में रूपाली का आत्मविश्वास और ऊर्जा देखते ही बनती है। वीडियो के साथ रूपाली ने कैप्शन में लिखा, “ये गाना बहुत प्यारा है। इसे सुनकर बचपन की यादें ताजा हो जाती हैं।” इस वीडियो को देखकर प्रशंसकों ने उनकी तारीफ में कमेंट्स की बौछार कर दी। कई यूजर्स ने उनके डांस और लुक की सराहना करते हुए उन्हें ‘मल्टी-टैलेंटेड’ बताया। रूपाली गांगुली टीवी इंडस्ट्री का जाना-माना चेहरा हैं। ‘अनुपमा’ जैसे लोकप्रिय धारावाहिक में उनकी भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई है। सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता और प्रशंसकों के साथ जुड़ाव उन्हें और भी खास बनाता है। अभिनेत्री इन दिनों पॉपुलर टेलीविजन सीरियल ‘अनुपमा’ में नजर आ रही हैं। शो का निर्माण राजन शाही ने किया है और यह बंगाली सीरियल ‘श्रीमयी’ का रीमेक बताया जाता है। शो में अब दूसरी पीढ़ी के किरदारों के रूप में अद्रिजा रॉय और शिवम खजुरिया भी नजर आ रहे हैं। ‘अनुपमा’ की शुरुआत 13 जुलाई 2020 को हुई थी और तब से यह शो टीआरपी की लिस्ट में टॉप पर बना है। बता दें कि रूपाली गांगुली को ‘अनुपमा’ से पहले ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ जैसे सीरियल में भी देखा जा चुका है।