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खंडवा में ईद जुलूस के मौके पर हंगामा, हिंदू संगठनों ने किया प्रदर्शन

 खंडवा  खालवा के खारकला में शुक्रवार को ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान तनाव की स्थिति बन गई। जानकारी अनुसार जमानत पर रिहा मुबारिक पुत्र मेहबूब ने बजरंग दल कार्यकर्ता विजय बागड़ा को घर के सामने धमकाने का प्रयास किया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों ने आक्रोश जताते हुए खंडवा-खालवा मार्ग को चार घंटे तक जाम रखा। सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और पुरुष धरने पर बैठे रहे और पुलिस कार्रवाई की मांग करते रहे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत किया सूचना पर हरसूद एसडीएम आर.सी. खतेडिया, एसडीओपी लोकेन्द्र सिंह खालवा तहसीलदार राजेश कोचले नायव तहसीलदार विनोद यादव व रोशनी चौकी पुलिस मौके पर पहुंचे। उन्होंने संगठन पदाधिकारियों व ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को समझा। मुस्लिम समुदाय ने निकाला था जुलूस विजय बागड़ा ने बताया कि 13 जून 2024 को उनके भाई विनोद बागड़ा पर मुबारिक ने हमला किया था। इस मामले में खालवा थाने में धारा 307 के तहत प्रकरण दर्ज हुआ था, जिसके बाद आरोपी जमानत पर रिहा है। विजय ने आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय का जुलूस जानबूझकर उनके घर के सामने से निकाला गया, जबकि इससे पहले कभी इस गली से जुलूस नहीं निकला।  

पुलिस ने किया बड़ा एनकाउंटर, शिवपुरी में 30 किलो चरस और तस्कर पकड़ाए, संपत्ति की जांच होगी

शिवपुरी  शिवपुरी पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 किलो 295 ग्राम चरस जब्त की है। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 6 करोड़ 21 लाख रुपए बताई गई है। मामले में आरोपी संदीप सिंह सिख (38), निवासी रमतला की किया गिरफ्तार।  एसपी अमन सिंह राठौड़ के मुताबिक, गुरुवार को देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई को सूचना मिली कि मझेरा गांव, कोटा-झांसी फोर लेन पर एक युवक बड़ी खेप लेकर पहुंचने वाला है। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा। उसके पास से दो बैगों में रखे 60 पैकेट चरस और एक नई किओ कार जब्त की गई। जांच में सामने आया कि संदीप सिंह ने यह खेप नेपाल से मंगवाई थी। नेपाल से टमाटर का व्यापार करने वाला मोहन ठाकुर यह खेप ट्रक में छुपाकर लाया और संदीप को सौंप दी। राजस्थान की पार्टी से सौदा तय हुआ था, लेकिन पुलिस की दबिश से आरोपी पहले ही पकड़ लिया गया। ऐसे आया पुलिस की पकड़ में पुलिस के मुताबिक, कुछ महीने पहले गुना की केंट पुलिस ने आरोपी संदीप सिंह को 650 ग्राम अफीम के साथ पकड़कर जेल भेज दिया था। यहीं जेल में उसकी मुलाकात बंटी नाम के कैदी से हुई। बंटी ने संदीप को भरोसा दिलाया कि वह उसे राजस्थान की बड़ी पार्टी से मिलवा सकता है, जो चरस की भारी खेप खरीदने को तैयार है। करीब एक माह पहले जब दोनों जेल से बाहर आए, तब बंटी ने संदीप की मुलाकात उस राजस्थान की पार्टी से कराई। इसके बाद संदीप सिंह ने नेपाल से चरस की यह खेप मंगवाई। मोहन ठाकुर नाम का टमाटर व्यापारी यह खेप नेपाल से ट्रक में छुपाकर अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पार करके शिवपुरी लाया और संदीप सिंह को सौंप दी। डील तय हुई कि राजस्थान की पार्टी चरस लेने शिवपुरी आएगी और मझेरा गांव (कोटा-झांसी फोर लेन) पर डिलीवरी पॉइंट तय किया गया। लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने दबिश देकर संदीप सिंह को पकड़ लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने सिर्फ 7 दिन पहले ही नई किओ कार खरीदी थी, जिससे वह चरस की डिलीवरी देने पहुंचा था। ढाबे से होटल तक- 7 साल का काला सफर संदीप सिंह के माता-पिता मूलतः पंजाब के रहने वाले हैं। कई साल पहले वे कोलारस आकर बस गए और 10 बीघा जमीन लेकर खेती करने लगे। संदीप दो भाइयों में से एक है। कोरोना काल के दौरान संदीप ने कोलारस बायपास पर एक छोटी झोपड़ी में ढाबा खोला। इसी ढाबे से उसने अवैध नशे का कारोबार शुरू किया। धीरे-धीरे वह अफीम, गांजा और चरस बेचने और सप्लाई करने लगा। सिर्फ 7 साल में जिस झोपड़ी में ढाबा था, वहां अब दो मंजिला होटल खड़ा है। इसके अलावा उसने काली कमाई से कई जमीनें और मकान खरीदे हैं। एसपी अमन सिंह राठौड़ ने यह भी कहा है कि आरोपी ने अचानक ही पैसा बनाया और प्रॉपर्टी खड़ी कर ली। अब उसकी संपत्ति की जांच भी होगी। आरोपी का नेटवर्क और आपराधिक रिकॉर्ड मोहन ठाकुर लखनऊ का रहने वाला है। वही नेपाल से टमाटर की खेप ले जाने वाला व्यापारी है, जिसने नेपाल से चरस लाकर संदीप को देता था। बंटी कैदी साथी जिससे जेल में मुलाकात, जिसने राजस्थान की बड़ी पार्टी से संदीप का कनेक्शन कराया। संदीप सिंह का रिकॉर्ड, पहले भी कई मामले दर्ज, जिनमें एनडीपीएस, आबकारी एक्ट और गुना-कोलारस थानों में अपराध शामिल हैं। पिछले वर्ष उससे 03 करोड़ 49 लाख रुपए की 17 किलो चरस भी जब्त हुई थी।

खुशखबरी: हरियाणा के बिजली उपभोक्ताओं को तीन दिन में मिलेगा नया कनेक्शन

चंडीगढ़ हरियाणा में बिजली का कनैक्शन हासिल करने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। चाहे अस्थाई कनेक्शन हासिल करना हो या फिर स्थाई कनैक्शन के लिए अप्लाई किया हो हरेक सेवा के लिए समय सीमा को कर दिया गया है। राज्य सरकार की ओर से जो नोटिफिकेशन जारी किया गया है उसके अनुसार अब महानगरीय क्षेत्रों में एल.टी. आपूर्ति के लिए बिजली का स्थाई कनेक्शन निगमों द्वारा तीन दिन के अंदर जारी किया जाएगा। जबकि नगरपालिका क्षेत्रों में यह समयसीमा सात दिन तय की गई है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में अगर कोई नया बिजली का कनेक्शन हासिल करना चाहता है तो 15 दिन के भीतर प्रोसेस पूरा हो जाएगा। अतिरिक्त भार जारी करने के लिए भी यही समय सीमा तय की गई है। हालांकि नोटिफिकेशन में यह भी बताया गया है कि जहां प्रणाली का विस्तार कार्य चल रहा है वहां समय सीमा 34 दिन तक हो सकती है। अगर किसी उपभोक्ता को अस्थाई कनेक्शन चाहिए तो उसके लिए भी वही समय सीमा होगी जो कि स्थाई कनेक्शन के लिए तय की गई है। नोटिफिकेशन में इस कार्य के लिए अधिकारियों की भी जिम्मेदारी सुनिश्चित की गई है। स्थाई और अस्थाई कनेक्शन जारी करने के लिए उपमंडल अधिकारी (ऑपरेशंस), कार्यकारी अभियंता और अधीक्षण अभियंता को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।   इससे पहले राज्य सरकार की तरफ से नवम्बर 2023 में उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार की सेवांए देने के लिए समयसीमा जारी की गई थी। जिसमें स्थाई कनैक्शन हासिल करने या फिर अतिरिक्त लोड के लिए निगमों को 37 दिन का समय दिया जाता था जिस कारण कई दिनों तक उपभोक्ताओं को बिना बिजली के रहना पड़ता था। जबकि 11 के.वी. आपूर्ति के नए कनैक्शन के लिए 78 दिन तक लगते थे। इसी तरह एल. टी. आपूर्ति का अस्थाई कनेक्शन जारी करने में भी 19 दिन का समय लिया जाता था। इस वजह से सबसे बड़ी परेशानी बड़े-बड़े उद्योग भी झेल रहे थे जिन्हें नए कनैक्शन के लिए कई दिनों का इंतजार करना पड़ता था। 

राज्य में बदलेगा सिस्टम, हरियाणा के अफसरों के लिए नई व्यवस्था फायदे का सौदा

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य के विभिन्न नगर निगमों, नगर परिषदों तथा नगर पालिकाओं में तैनात खजाना एवं लेखा विभाग तथा स्थानीय लेखा विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी प्रकार की भौतिक फाइल प्रक्रिया को बंद करें और बिल प्रक्रिया और अनुमोदन से सम्बन्धित सभी कार्य केवल हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स (एचईडब्ल्यूपी पोर्टल के माध्यम से ही किए जाएं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, जिनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्व भी है, ने इस सम्बन्ध में एक पत्र जारी किया है। पत्र के अनुसार, सरकार ने पाया है कि फाइलों का भौतिक रूप से आदान-प्रदान न केवल विलंब का कारण बनता है बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुशासन स्थापित करने के उद्देश्य को भी बाधित करता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य के विभिन्न नगर निगमों, नगर परिषदों तथा नगर पालिकाओं में तैनात खजाना एवं लेखा विभाग तथा स्थानीय लेखा विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अब किसी भी प्रकार की भौतिक फाइल प्रक्रिया को बंद करें और सभी बिल संबंधी कार्यवाही, अनुमोदन तथा कार्यों की निगरानी केवल एचईडब्ल्यूपी पोर्टल के माध्यम से ही की जाए। पत्र में कहा गया है कि इन निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

अर्जेंटीना की जीत, मेसी के स्टेडियम में वेनेजुएला पर दबदबा

ब्यूनस आयर्स फीफा वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स 2026 में अर्जेंटीना का सामना वेनेजुएला से हुआ। इस मैच का आयोजन ब्यूनो आयर्स के मोन्यूमेंटल स्टेडियम में खेला गया। स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी का यह अर्जेंटीना में अपने देश की जर्सी में संभावित आखिरी मैच था। इसलिए मेसी के साथ-साथ फैंस भी काफी ज्यादा भावुक थे। इस मैच को और भी यादगार लियोनेल मेसी ने बना दिया। उन्होंने दो गोल किए और फैंस का जमकर मनोरंजन किया। अर्जेंटीना ने 3-0 से वेनेजुएला को हराया लियोनेल मेसी ने अर्जेंटीना के लिए मैच में पहला गोल दागा। यह गोल 39वें मिनट में आया। इसके बाद 76वें मिनट पर अर्जेंटीना के स्ट्राइकर लौतारो मार्टिनेज ने गोल किया। फिर 80वें मिनट पर लियोनेल मेसी ने एक बार फिर अपना जादू दिखाया और गोल कर दिया। अर्जेंटीना में अपने संभावित फेयरवेल मैच में मेसी ने गजब प्रदर्शन किया। उन्होंने फैंस का जमकर मनोरंजन किया। बता दें कि अर्जेंटीना ने पूरे मैच में 17 शॉट मारे थे। इसके अलावा उनकी बॉल पर 77 परसेंट पॉजेशन थी। पूरा स्टेडियम मेसी…मेसी… से गूंज रहा था। स्टेडियम में बैठे फैंस मेसी का नाम चिल्ला रहे थे और उन्हें वो इज्जत वो सम्मान दे रहे थे, जिसके वह हकदार थे। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में खेल सकते हैं मेसी 38 साल के लियोनेल मेसी ने अब तक अपने संन्यास को लेकर किसी प्रकार का कोई ऐलान नहीं किया है। अब इस बात की पूरी संभावना जताई जा रही है कि लियोनेल मेसी 2026 फीफा वर्ल्ड कप में भी हिस्सा लेंगे। यह उनके करियर का आखिरी वर्ल्ड कप होगा। मेसी हालांकि वर्ल्ड कप के बाद फुटबॉल से संन्यास का ऐलान कर सकते हैं। लियोनेल मेसी फिलहाल क्लब फुटबॉल इंटर मियामी के लिए खेल रहे हैं। एफसी बार्सिलोना छोड़ने के बाद लियोनेल मेसी कुछ वक्त पेरिस सेंट जर्मैन में खेले और फिर उसके बाद उन्होंने इंटर मियामी आने का फैसला किया।  

अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति 2025 हेतु आवेदन प्रांरभ इस वर्ष 2.5 लाख छात्राओं को मिलेगी यह छात्रवृत्ति

(वर्ष 2024-25 कुल 25000 छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई थी जिसमे मध्यप्रदेश की 18,000 से अधिक छात्राएं लाभान्वित हुई । छात्रवृत्ति के पहले वर्ष की धनराशी को इन छात्राओ के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया है) भोपाल अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति पायलट के तौर पर शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और झारखंड के कुछ चुनिन्दा जिलों में लॉन्च किया गया था । इस पायलट कार्यक्रम में 25,000 से अधिक छात्राओ को यह  छात्रवृत्ति दी गई है  मध्य प्रदेश में 18,000 से अधिक छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई जिसमे से भोपाल जिले की लगभग 295 छात्राएं लाभान्वित हुई | अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति का उद्देश्य स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राओ को वित्तीय सहायता प्रदान करना है एवं यह सुनिश्चित करना है की धन की कमी से कोई  भी छात्रा अपनी पढ़ाई न छोड़े | अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन का अनुमान है कि वह शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में 2.5 लाख छात्राओ को अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही होगी । यह कार्यक्रम इस साल से देश के 18 राज्यों में शुरू किया जा रहा है   इस वर्ष छात्रवृत्ति हेतु आवेदन 10 सितंबर से प्रारंभ हो रहे है | प्रथम चरण में आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 सितम्बर है ।  अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा संचालित अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति के बारे में मुख्य बातें: पात्रता: ऐसी छात्रायें जिन्होने सरकारी (पब्लिक) स्कूलों से कक्षा 10वी और 12वी की पढ़ाई की हो। किसी प्रामाणिक उच्च शिक्षा संस्थान (HEI) में डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम में प्रवेश लिया हो। ‘प्रामाणिक’ HEI की सूची में सभी सरकारी (पब्लिक) HEI और चुनिंदा निजी HEI भी शामिल होंगे। उपरोक्त पात्रता  रखने वाली कोई भी छात्रा  इस छात्रवृति  हेतु  ऑनलाइन आवेदन कर सकती है  आवेदन पूर्णतः निःशुल्क है   छात्रवृत्ति: डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम की अवधि के लिए प्रति वर्ष 30,000 रुपये, जब तक छात्रा सफलतापूर्वक कार्यक्रम में जारी रहती है । उदाहरण के लिए, 4 वर्षीय बीएससी नर्सिंग प्रोग्राम करने वाली छात्राओं को उन 4 वर्षों में 1,20,000( एक लाख बीस हजार) रुपये की छात्रवृत्ति सहायता मिलेगी । यह धनराशि हर साल दो किश्तों में छात्राओ के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी । वह अपनी जरूरत के हिसाब से इस धनराशि का उपयोग कर सकती है । । अठारह राज्यों की सूची इस प्रकार है: अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड । कार्यक्रम का विवरण और कार्यक्रम के डिजाइन या कवरेज में कोई भी बदलाव आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत में अधिसूचित किया जाएगा । आने वाले वर्षों में ये संभावना है की छात्रवृत्ति कार्यक्रम में देश के सभी राज्यो को शामिल किया जाएगा  

सोनी सब के कलाकारों ने साझा किए अपने गुरुओं से मिले सबक

मुंबई,  सोनी सब के कलाकारों ने शिक्षक दिवस के अवसर पर अपने गुरुओं से मिले सबक को प्रशंसकों के साथ साझा किया है। उफ़्फ…ये लव है मुश्किल में कैरी की भूमिका निभा रहीं आशी सिंह ने कहा, “इस शिक्षक दिवस पर, मैं उन सभी की आभारी हूं जिन्होंने मुझे सिखाया कि अभिनय सिर्फ प्रदर्शन नहीं है, बल्कि भीतर से जीवन को जीना और समझना भी है। हर निर्देशक, सह-कलाकार और गुरु जिनके साथ मैंने काम किया, किसी न किसी रूप में मेरे शिक्षक रहे, जिन्होंने मुझे मेरे किरदारों के ज़रिए खुद के नए पहलुओं को खोजने का मार्ग दिखाया। मुझे लगता है कि हम लगातार सीखते और विकसित होते रहते हैं, चाहे सेट पर हों या जीवन में। आज मैं अपने सभी शिक्षकों को धन्यवाद देना चाहती हूं, जिन्होंने मुझे केवल कलाकार ही नहीं बल्कि इंसान के रूप में भी गढ़ा। कैरी जैसे जटिल किरदार को निभाते हुए मैंने धैर्य, संवेदनशीलता और ईमानदारी जैसे अनगिनत सबक सीखे हैं।” उफ़्फ…ये लव है मुश्किल में मायरी की भूमिका निभा रहीं सुप्रिया शुक्ला ने कहा, “कई बरसों से पर्दे पर मां का किरदार निभाना ही धैर्य, करुणा और बिना शर्त प्रेम का एक बड़ा सबक रहा है। मुझे ऐसे अद्भुत कोच और निर्देशक मिले जिन्होंने हमेशा यही कहा,‘इसे सच्चा महसूस करो, इसे मायने दो।’ शिक्षक दिवस पर मुझे याद आता है कि गुरु कई रूपों में आते हैं—कभी शिक्षक बनकर, कभी सह-कलाकार बनकर और कभी उन किरदारों के रूप में जिन्हें हम निभाते हैं। हर किसी ने कोई न कोई सबक दिया है जो मेरे साथ हमेशा जुड़ा रहा, और आज मैं उन सबके प्रति गहरी कृतज्ञता महसूस करती हूं जो मुझे निरंतर मार्गदर्शन और प्रेरणा देते रहे।” इत्ती सी खुशी में विराट की भूमिका निभा रहे रजत वर्मा ने कहा, “चाहे वह मेरा पहला डायलॉग कोच हो या कोई वरिष्ठ सह-कलाकार जिसने मुझे ‘एक बार और कोशिश करो’ कहकर प्रेरित किया, ऐसे हर पल मेरे लिए सीखने का अवसर रहा है। ये सबक सेट तक ही सीमित नहीं रहे बल्कि उन्होंने मेरे काम के प्रति दृष्टिकोण और जीवन जीने के तरीके को भी गढ़ा है। अनुशासन, रचनात्मकता और ईमानदारी ऐसी चीज़ें हैं जिन्हें किताबें पूरी तरह नहीं सिखा सकतीं, बल्कि ये साथ काम करने वाले लोग अपने आचरण से हमें सिखाते हैं। इस शिक्षक दिवस पर मैं उन सभी के प्रति आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने जान-बूझकर या अनजाने में मेरे सफर में शिक्षक की भूमिका निभाई। मेरा हर किरदार उनकी सीख की नींव पर खड़ा है, और इसके लिए मैं हमेशा सम्मान और आभार के साथ उन्हें याद रखूंगा।” वीर हनुमान में केसरी की भूमिका निभा रहे आरव चौधरी ने कहा, “जब एक बच्चा जन्म लेता है, तो उसकी पहली गुरु मां होती है, फिर परिवार के बड़े और निश्चित रूप से स्कूल के शिक्षक। लेकिन मेरा मानना है कि एक सबसे बड़ा शिक्षक, जिसका अक्सर उल्लेख नहीं होता, वह है समय। अच्छे और कठिन दौर से समय जो सिखाता है, वह वास्तव में अनमोल होता है। मैं अपने सभी गुरुओं का आभारी हूं, जिनमें मेरे आध्यात्मिक गुरु तर्नेवजी भी शामिल हैं, और हर वह शिक्षक जिन्होंने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से मुझे गढ़ा है। फिल्मकारों, निर्देशकों, निर्माताओं और दिग्गज कलाकारों से लेकर हर किसी ने मेरे लिए मार्गदर्शक का काम किया है। शिक्षक दिवस पर मैं इन सभी प्रभावों के प्रति गहरी कृतज्ञता महसूस करता हूं, क्योंकि यही मेरे जीवन के सच्चे शिक्षक रहे हैं।”  

पाकिस्तान नहीं, भारत पर फोकस जरूरी; ट्रंप को समझाया पूर्व US अधिकारियों ने

वाशिंगटन  भारत और अमेरिका के बीच संबंध इस समय अभूतपूर्व तनाव के दौर से गुजर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय आयात पर भारी टैरिफ लगाने के बाद दोनों देशों के बीच जारी व्यापार वार्ता ठप हो गई है। इस बीच बाइडेन प्रशासन के दौर के पूर्व शीर्ष अमेरिकी अधिकारी- पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जेक सुलिवन और पूर्व उप-विदेश सचिव कर्ट एम. कैंपबेल ने चेतावनी दी है कि अगर मौजूदा स्थिति बनी रही तो वॉशिंगटन एक अहम रणनीतिक साझेदार खो सकता है और चीन को इनोवेशन के क्षेत्र में बढ़त मिल सकती है। उन्होंने ये भी चेतावनी दी कि भारत की तुलना पाकिस्तान के साथ नहीं की जानी चाहिए क्योंकि भारत कहीं ज्यादा जरूरी है। विदेश नीति पर लेख में जताई चिंता ‘फॉरेन अफेयर्स’ मैग्जीन में लिखे अपने संयुक्त संपादकीय में सुलिवन और कैंपबेल ने कहा कि भारत-अमेरिका साझेदारी को लंबे समय से द्विदलीय समर्थन मिला है और इस रिश्ते ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की “लापरवाह आक्रामकता” को हतोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अमेरिकी सहयोगियों से कहा कि वे भारत को समझाएं कि “राष्ट्रपति ट्रंप की नाटकीय बयानबाजी में अक्सर किसी सौदेबाजी की भूमिका होती है।” भारत को ‘प्रतिद्वंद्वियों की ओर धकेलने’ का खतरा दोनों पूर्व अधिकारियों ने लिखा कि ट्रंप प्रशासन की नीतियों- 50% तक टैरिफ, रूस से तेल खरीद और पाकिस्तान पर बढ़ते तनाव ने दोनों देशों के रिश्तों में तेज गिरावट ला दी है। हाल में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई बैठक का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अगर यही स्थिति रही तो अमेरिका, भारत को प्रतिद्वंद्वियों की ओर धकेल देगा। पाकिस्तान नीति को भारत से अलग रखने की सलाह सुलिवन और कैंपबेल ने अमेरिका को सलाह दी कि वह अपनी विदेश नीति में “भारत-पाकिस्तान” की एक साथ तुलना न करे। उनका कहना था कि पाकिस्तान के साथ आतंकवाद से निपटने और परमाणु हथियार प्रसार को रोकने जैसी अहम चिंताएं हैं, लेकिन ये भारत से जुड़े बहुआयामी और दीर्घकालिक हितों के मुकाबले कहीं कम महत्व रखती हैं। अमेरिका-पाकिस्तान में नजदीकी और भारत पर टैरिफ ट्रंप हाल ही में भारत-पाकिस्तान संघर्ष में संघर्षविराम का श्रेय लेते दिखे थे, जबकि भारत ने इसका खंडन किया था। इसके बाद पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर का वाइट हाउस में स्वागत किया गया और अमेरिका ने पाकिस्तान को व्यापार, आर्थिक विकास और क्रिप्टोकरेंसी सहयोग का आश्वासन दिया। कुछ दिनों बाद ही अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ तेल समझौते की घोषणा की और उसी समय भारत के सामान पर 25% तक का अतिरिक्त शुल्क लगा दिया। नई रणनीतिक संधि का प्रस्ताव सुलिवन और कैंपबेल ने दावा किया कि भारत-अमेरिका के बीच नई रणनीतिक साझेदारी एक संधि के रूप में होनी चाहिए, जिसे अमेरिकी सीनेट की मंजूरी मिले। यह संधि पांच प्रमुख स्तंभों पर आधारित होगी और इसका लक्ष्य दोनों देशों की सुरक्षा, समृद्धि और साझा मूल्यों को मजबूत करना होगा। तकनीकी साझेदारी पर जोर उन्होंने सुझाव दिया कि भारत और अमेरिका को 10 वर्षीय कार्ययोजना पर सहमत होना चाहिए, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, बायोटेक्नोलॉजी, क्वांटम, स्वच्छ ऊर्जा, दूरसंचार और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में तकनीकी साझेदारी शामिल हो। इसका उद्देश्य साझा तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना होगा, ताकि अमेरिका और उसके लोकतांत्रिक सहयोगी चीन जैसे प्रतिद्वंद्वियों को नवाचार के क्षेत्र में बढ़त न लेने दें। संपादकीय में कहा गया है कि दोनों देशों को “प्रमोट” एजेंडा (साझा निवेश, अनुसंधान एवं विकास और प्रतिभा साझेदारी) और “प्रोटेक्ट” एजेंडा (निर्यात नियंत्रण और साइबर सुरक्षा सहयोग) दोनों पर मिलकर काम करना होगा।   रणनीतिक साझेदारी का महत्व पूर्व अमेरिकी अधिकारियों ने याद दिलाया कि भारत पिछले एक पीढ़ी से अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदार बनकर उभरा है। उन्होंने भारत-अमेरिका नागरिक परमाणु समझौते (जॉर्ज डब्ल्यू. बुश और मनमोहन सिंह के बीच) और बाइडेन-मोदी के बीच एआई, जैव प्रौद्योगिकी और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में सहयोग का उल्लेख किया। उन्होंने तर्क दिया कि भारत के साथ साझेदारी ने "इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के लापरवाह हरकतों को प्रभावी ढंग से हतोत्साहित किया है।"  

मुजफ्फरपुर में राजनीतिक माहौल गरम, चिराग ने एलजेपी-राजद के MY के अंतर को बताया

मुजफ्फरपुर बिहार में विधानसभा चुनाव जल्द होने वाला है। चुनाव ही हमलोगों का भविष्य निर्धारित करेगा। ऐसे में हमसब की जिम्मेदारी है कि इसे गंभीरता से समझें और विस चुनाव की तैयारी में जुट जाएं। अगर चूक हुई तो फिर से हमलोग पिछड़ों में धकेले जाएंगे। मुजफ्फरपुर के एमआइटी इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में आयोजित लोजपा (रा) के नव-संकल्प महासभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने आरजेडी के एम वाई समीकरण के काट में अपने MY समीकरण का मतलब समझाया चिराग ने कहा कि मेरा समीकरण एम फॉर महिला और वाई फॉर युवा है। लेकिन, उनका समीकरण सांप्रदायिक व जाति पर आधारित है। एम से मुसलमान और वाई से यादव। लेकिन, मैं सबको साथ लेकर चलता हूं। बिहार फस्ट बिहारी फर्स्ट के विजन से चलता हूं। उन्होंने कहा कि यह चुनाव युवा, नई पीढ़ी, महिला, बेरोजगार, किसान, मजदूर सभी वर्ग के लिए महत्वपूर्ण है। अपने संबोधन में चिराग ने राजद और कांग्रेस पर जोरदार प्रहार किया। विकास के मुद्दों पर भी घेरा। कहा कि कांग्रेस ने कई दशक राज किया। राजद भी 90 के दशक में बिहार में शासन किया। दोनों ने बिहार को पिछड़ेपन में धकेलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ‘आप’ (जनता) साथ दें, मैं विकसित बिहार बनाकर दूंगा। इसका मैं वादा करता हूं। संकल्प लेता हूं। मेरी मां व बहन पर भी की थी टिप्पणी पीएम मोदी की मां के अपमान पर चिराग पासवान ने कहा कि मेरा संस्कार महिलाओं का सम्मान करना है। राजद और कांग्रेस की संस्कृति गाली देने की रही है। अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माता को अपशब्द कहा है। लोकसभा में राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने मेरी मां और बहन को गाली दी थी। यह उनका संस्कार है। लोजपा (रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने संदेश को हर गांव तक पहुचाने का आह्वान किया। चिराग ने कांग्रेस और राजद से कई तीखे सवाल भी किये। उन्होंने पूछा के दशकों शासन करने के बाद बिहार में बेरोजगारी, शिक्षा और चिकित्सा का स्तर निम्न क्यों है? वह अपने पिताजी के अधूरे सपनों को पूरा करने आए हैं। चिराग मुख्यमंत्री का चेहरा पार्टी के तमाम सांसदों ने चिराग पासवान को मुख्यमंत्री का चेहरा बताया। वैशाली की सांसद वीणा देवी ने कहा कि हमलोग बिहार के 243 सीटों की तैयारी कर रहे हैं। चिराग के नेतृत्व में बिहार में शिक्षा व रोजगार के बेहरत अवसर मिलेंगे। खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा ने कहा कि चिराग पासवान को बिहार की कमान देनी चाहिए। वे सक्षम हैं। समस्तीपुर सांसद शांभवी ने कहा कि प्रदेश युवा नेतृत्व चाहती है। चूके तो फिर जंगलराज पार्टी के जिलाध्यक्ष विश्व क्रमेन्दो देव उर्फ चुलबुल शाही ने कहा कि चिराग के नेतृत्व में बिहार प्रगति के पथ पर चलेगा। वहीं गायघाट की पूर्व प्रत्याशी कोमल सिंह ने कहा कि चुनाव जनता लड़ती है। इस बार चूके तो जंगलराज फिर से आएगा। चिराग पासवान को बिहार का नेतृत्व करना चाहिए। वहीं वैशाली के पूर्व सांसद रामा किशोर सिंह उर्फ रामा सिंह ने कहा कि आने वाला समय चिराग पासवान का है।  

फेसबुक खाता बार-बार बंद, मार्क जुकरबर्ग ने META पर किया कानूनी हमला

वॉशिंगटन अमेरिका में एक वकील ने फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा के खिलाफ केस किया है। अब केस करने की वजह भी बड़ी दिलचस्प है, क्योंकि वकील का नाम मार्क जुकरबर्ग है। उनका कहना है कि फेसबुक बार-बार उनका अकाउंट सस्पेंड कर रहा है, जिसके चलते बिजनेस में हजारों डॉलर का नुकसान हुआ है। खबर है कि मामला कोर्ट पहुंचने के बाद कंपनी ने माफी मांगी है। खास बात है कि फेसबुक को फाउंडर का नाम भी मार्क जुकरबर्ग है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इंडियाना के रहने वाले वकील जुकरबर्ग का कहना है कि कंपनी ने उनका अकाउंट गलत कारणों से ब्लॉक किया है। वह 38 सालों से कानूनी पेशे में हैं। उनका आरोप हैं कि फेसबुक ने बीते 8 सालों में 5 बार उनका खाता ब्लॉक किया है और हर बार उनपर आरोप लगाए गए कि वह किसी और के होने का नाटक करने के आरोप लगाए हैं। वकील के ये भी आरोप हैं कि बार-बार बैन होने के कारण उनकी प्रैक्टिस पर असर पड़ा है। उन्होंने मैरियन सुपीरियर कोर्ट में केस किया और दावा किया है कि मेटा ने 11 हजार डॉलर की कीमत के विज्ञापन हटाकर अपनी एग्रीमेंट का उल्लंघन किया है। जुकरबर्ग का कहना है कि उन्होंने फोटो आईडी, क्रेडिट कार्ड और खुद की कई फोटोज समेत कई पहचान दे दी हैं। उन्होंने कहा, 'उन्होंने मुझसे जो भी कहा मैंने किया। उन्होंने मुझसे कहा कि अगर आपको लगता है कि निलंबन उचित नहीं है तो आप अपील कर सकते हैं, तो मैंने अगले ही दिन अपील की। इसपर मुझे उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला और इस बात को अब 4 महीने हो गए हैं।' वकील ने कहा, 'उन्होंने आखिरी बार जब ऐसा किया था, तब खाता चालू करने में 6 महीने से ज्यादा का समय लग गया था। तो मुझे नहीं पता कि मैं और उनका ध्यान किस तरह आकर्षित करूं।' आखिरी बार उनका खाता मई में बंद किया गया था और केस करने के बाद ही उसे बहाल किया गया था। कंपनी ने इसे गलती बताया था और कहा था, 'हम जुकरबर्ग के धैर्य की सराहना करते हैं और भविष्य में इस तरह की किसी घटना से बचने के लिए काम कर रहे हैं।' वकील ने कहा है कि इस बैन के चलते उनके बिजनेस पर असर हुआ है।