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नगरीय निकायों एवं पंचायतों की मतदाता सूची में नाम जोड़ने- काटने के लिये पहली बार ऑनलाइन आवेदन की सुविधा

नगरीय निकायों एवं पंचायतों की मतदाता सूची में नाम जोड़ने- काटने के लिये पहली बार ऑनलाइन आवेदन की सुविधा 8317 आवेदकों ने किया ऑनलाइन आवेदन भोपाल राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री मनोज श्रीवास्तव ने बताया है कि प्रदेश में पहली बार नगरीय निकायों एवं त्रि-स्तरीय पंचायतों की फोटोयुक्त मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को नाम जोड़ने, कटवाने और नाम संशोधन के लिये ऑनलाइन सुविधा दी गयी। इस सुविधा का लाभ लेते हुए कुल 8317 आवेदकों ने ऑनलाइन आवेदन किया। इनमें से नगरीय निकायों में 1496 और पंचायतों में 6848 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए। नगरीय निकायों में 675 ऑनलाइन आवेदन नाम जोड़ने, 770 नाम कटवाने और 24 आवेदन नाम में संशोधन के लिये प्राप्त हुए हैं। वहीं त्रि-स्तरीय पंचायतों में 1701 आवेदन नाम जुड़वाने, 4960 नाम कटवाने और 187 आवेदन नाम में संशोधन के लिये प्राप्त हुए हैं। इन सभी आवेदनों पर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।  

फिल्म निर्माता और पूर्व CBFC प्रमुख पहलाज निहलानी नहीं रहे, 76 वर्ष की उम्र में निधन

मुंबई  फिल्म प्रोड्यूसर और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पूर्व चेयरमैन पहलाज निहलानी का निधन हो गया है. उन्होंने 76 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली. मीडिया रिपोर्ट के मुताहिक, वे कुछ समय से अस्वस्थ थे और लिवर से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित थे।  निहलानी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एक जानी-मानी हस्ती थे. उन्होंने एक प्रोड्यूसर के तौर पर कई फिल्में सिनेमा को दी हैं. इन सालों में, उन्होंने कई बॉलीवुड फिल्मों को सपोर्ट किया, जिनमें 'आंखें', 'अंदाज', 'तलाश', 'रंगीला राजा' और 'जूली 2' शामिल हैं। 1982 में निहलानी ने अपनी पहली फिल्म बनाई थी, जिसका नाम था- हाथकड़ी. उनकी दूसरी फिल्म आंधी-तूफान थी, जो 1985 में रिलीज हुई थी. 1986 में तीसरी फिल्म इल्जाम रिलीज हुई. इस फिल्म में वह पहली बार गोविंदा के साथ काम किए थे. इसके बाद 1987 में गुनाहों का फैसला और 1988 में पाप की दुनिया जैसी फिल्म को उन्होंने प्रोड्यूस किया है. उन्होंने शोला और शबनम और आंखें जैसी फिल्मों का भी निर्माण किया है। 

अरबाज खान की एक्स गर्लफ्रेंड जॉर्जिया एंड्रियानी का बोल्ड अवतार वायरल, पूलसाइड तस्वीरों की चर्चा

मुंबई  अरबाज खान की एक्स गर्लफ्रेंड, मॉडल-एक्ट्रेस जॉर्जिया एंड्रियानी हॉट लुक को लेकर सुर्खियों में रहती हैं. एक बार फिर उनकी बोल्डनेस चर्चा में है। जॉर्जिया ने अपने इंस्टाग्राम पर मालदीव वेकेशन की तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें वो बिकिनी में नजर आ रही हैं. बिकिनी पहनकर वो पूल टाइम एंजॉय कर रही हैं।  फोटोज में जॉर्जिया पूल में सिजलिंग पोज देती दिखीं. उड़ती जुल्फें, ग्लोइंग फेस और अदाओं से वो फैन्स के दिलों पर छूरियां चला गईं।  जॉर्जिया को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्होंने मालदीव जाकर सुकून से मी-टाइम एंजॉय किया है. मालदीव की खूबसूरती उनके मन को सुकून दे रही है। फोटोज शेयर करते हुए जॉर्जिया ने लिखा कि मालदीव अनपोस्टेड पार्ट 1. जॉर्जिया के फोटोज शेयर करते ही कमेंट सेक्शन में फैन्स के रिएक्श की बाढ़ सी आ गई। एक फैन ने लिखा कि गॉर्जियस. दूसरे ने लिखा कि स्टनिंग. कुछ ने लोगों ने क्यूटी और कूल लिखकर उनकी तारीफ की. कुछ फैन्स ने उन्हें बोल्ड बताया।         ये पहला मौका नहीं जब जॉर्जिया ने अपनी बोल्ड फोटोज से फैन्स को सरप्राइज किया है. वो अकसर ऐसी बोल्ड फोटोज से लाइमलाइट लूटती हैं. कई बार उन्हें ज्यादा स्किन शो ऑफ करने के लिए ट्रोल भी किया गया है। एक्ट्रेस की पर्सनल लाइफ की बात करें, तो जॉर्जिया 4 साल तक अरबाज खान के साथ रिलेशनशिप में थीं. 2023 में दोनों का ब्रेकअप हो गया. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि ब्रेकअप के बाद लंबे समय तक उन्हें खालीपन का एहसास होता रहा. उनके लिए मूव ऑन करना मुश्किल था. 

बिहार के अस्पताल में दर्दनाक हादसा, आग लगने से 7 मरीजों की जान गई, कई घायल

मुजफ्फरपुर. मुजफ्फरपुर में गुरुवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। ब्रह्मपुरा इलाका स्थित 'प्रसाद हॉस्पिटल' में सुबह अचानक भीषण आग लग गई। आग अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू (ICU) वार्ड में लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग के कारण पूरे अस्पताल भवन में घना धुआं फैल गया, जिससे मरीजों और उनके तीमारदारों के बीच अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक मरीज गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों को रेस्क्यू कर इलाज के लिए अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इन मरीजों की हुई मौत – शशांक कुमार, औराई, मुजफ्फरपुर  गीता देवी, मोतीपुर, मुजफ्फरपुर  ⁠उदय कुमार, तरियानी, शिवहर  कृष्ण नंदन  चंचला कुमारी ब्रेन सर्जरी के बाद आईसीयू में थे भर्ती- विशंभरपुर शिवहर के रहने वाले उदय कुमार चार दिन से अस्पातल में भर्ती थे। ब्रेन सर्जरी होने के बाद आईसीयू में थे। इनसे मिलने पत्नी नीलू देवी, सास बच्ची देवी, बेटा सत्यम, बेटी आकांक्षा अस्पताल में थीं। साला नीतीश भी था। सभी लोग साथ में थे। शोर होने पर जानकारी मिली, लेकिन जब तक पहुंचे, तब तक उदय कुमार की मौत हो चुकी थी। दिस्तौलिया, कथैया की रहने वाली गीता देवी एक जून को भर्ती हुई थीं। शुगर और बीपी से ग्रसित थीं। उनका डायलिसिस चल रहा था। ये जानकारी उनके बेटे अनीश ठाकुर ने दी। गोरिगमा डीह, मीनापुर के रहने वाले कृष्णनंदन सिंह डॉ. संजीव के यूनिट में इलाजरत थे। फेफड़ा में पानी था। 22 मई से भर्ती थे। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की लगभग एक दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और अस्पताल के विभिन्न वार्डों में फंसे मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया। आईसीयू में मौजूद मरीजों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी। देखते ही देखते जहरीला धुआं पूरे अस्पताल में फैल गया, जिससे कई मरीजों की हालत और गंभीर हो गई। कई मरीजों को खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें आसपास के सुरक्षित अस्पतालों में भर्ती कराया गया। आईसीयू वार्ड धुएं से भर गया था- दमकल कर्मी अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सुबह करीब तीन बजे आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। जब दमकल की टीम अस्पताल पहुंची तो आईसीयू वार्ड पूरी तरह धुएं से भरा हुआ था। बचाव अभियान के दौरान कई मरीजों को गंभीर स्थिति में बाहर निकाला गया। अधिकारियों का कहना है कि राहत कार्य के दौरान 20 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, हालांकि कई मरीजों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। शॉर्ट सर्किट माना जा रहा आग की वजह शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने अस्पताल परिसर को अपने कब्जे में लेकर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतकों और घायलों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप कई परिजनों का कहना है कि आग लगने के बाद अस्पताल के चिकित्सक और कर्मचारी मरीजों को उनके हाल पर छोड़कर वहां से चले गए। इससे कई मरीज समय पर सहायता नहीं मिलने के कारण गंभीर स्थिति में पहुंच गए। एक पीड़ित स्वजन ने बताया कि उनके पिता आईसीयू में भर्ती थे और आग लगने के बाद उन्हें बाहर निकालने में काफी देर हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन से किसी प्रकार की मदद नहीं की गई। परिजनों का यह भी कहना है कि हादसे के बाद मृतकों के शवों की जानकारी देने में भी अस्पताल प्रबंधन ने सहयोग नहीं किया। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है। मृतकों की संख्या और हादसे के वास्तविक कारणों को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। 13 बेड के वार्ड में 15 मरीज DM सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि 13 बेड लगे हुए थे, जिसमें 15 मरीज भर्ती थे। अभी 3 मरीजों के मरने की पुष्टि हुई है। आग की घटना के चलते ICU वार्ड के इंचार्ज भी झुलस गए हैं, जिन्हें बगल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी मरीजों का भी रेस्क्यू कर आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। बुजुर्ग महिला ने जान बचाकर गार्ड को जानकारी बीपी लो होने के बाद एक बुजर्ग महिला को इसी ICU वार्ड में भर्ती कराया गया था। आग लगने की घटना के बीच महिला ने न सिर्फ अपनी जान बचाई, बल्कि गार्ड को भी घटना के बारे में बताया। मरीजों के स्वजनों ने डीएम से बताई आपबीती डीएम ने मरीजों के स्वजनों से बात की। इस दौरान मरीजों के स्वजनों ने बताया कि अस्पताल में फायर कंट्रोल सिस्टम काम नहीं कर रहा था। अस्पताल की अव्यवस्था के बारे में शिकायत की। एक स्वजन ने बताया कि सीढ़ी का गेट बंद था, जिसकी वजह से लोगों को नहीं बचाया जा सका। उनका कहना है कि अस्पताल अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहा है।

धमकी भरे संदेशों से हड़कंप, पंजाब के धार्मिक स्थलों, अदालत और रेलवे स्टेशन को बनाया निशाना

चंडीगढ़. पंजाब में धार्मिक स्थलों, सरकारी संस्थानों और न्यायिक परिसरों को बम से उड़ाने की धमकियों के बीच सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। इसी बीच स्टेट स्पेशल आपरेशन सेल (एसएसओसी) ने मोहाली से एक विदेशी आधारित आतंकी आपरेटिव के दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर एक आईईडी बरामद की है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से महत्वपूर्ण सार्वजनिक ढांचे को निशाना बनाने की साजिश नाकाम कर दी गई। घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पंजाब के  प्रमुख मंदिरों, पंजाब सचिवालय और न्यायिक अदालत परिसरों को ई-मेल के जरिए बम धमकियां मिली हैं। लगातार मिल रही धमकियों के बाद पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। पंजाब पुलिस के अनुसार एसएसओसी की टीम ने मोहाली में कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सार्वजनिक महत्व के ढांचे को निशाना बनाने की साजिश रची जा रही थी। पुलिस अब इस माड्यूल के विदेशी हैंडलरों, सहयोगियों और अन्य लिंक की जांच कर रही है। कंट्रोल रूम में मिला ई-मेल उधर, पंजाब सचिवालय के कंट्रोल रूम को गुरुवार को एक ई-मेल मिला, जिसमें परिसर में बम होने का दावा किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने सचिवालय परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चलाया। हालांकि जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। साइबर सेल ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी है। इसी तरह अमृतसर के दुर्ग्याणा मंदिर, पठानकोट के मुक्तेश्वर मंदिर, जालंधर के देवी तालाब मंदिर, बठिंडा के मैसर मंदिर और पटियाला के काली देवी मंदिर समेत छह धार्मिक स्थलों को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसके बाद इन सभी स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अदालत परिसरों में आम लोगों की एंट्री पर रोक धमकी भरे ई-मेल का असर न्यायिक परिसरों पर भी दिखाई दिया है। मोहाली जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आदेश जारी कर 5 जून तक मोहाली, खरड़ और डेराबस्सी स्थित अदालत परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अदालतों में केवल मुकदमों से संबंधित पक्षकारों और आरोपितों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई है, जबकि आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। आदेशों के अनुसार सभी प्रवेश द्वारों पर सघन जांच की जा रही है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से परिसर को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही सामान्य कामकाज शुरू होगा। न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को भी किसी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां हुई सतर्क लगातार मिल रही धमकियों और मोहाली में आईईडी बरामद होने की घटना को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं। पुलिस का कहना है कि राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है तथा किसी भी आतंकी या आपराधिक नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा।

निकाय चुनाव परिणाम घोषित, 5 नगर पंचायतों में बंटी जीत, भाजपा ने 3 और कांग्रेस ने 2 सीटें जीतीं

रायपुर. छत्तीसगढ़ में 1 जून को संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकायों के आम और उपचुनावों के नतीजे आज घोषित किए जा रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की निगरानी में जारी मतगणना के बीच कई सीटों के परिणाम सामने आ चुके हैं। प्रदेशभर में नगर पंचायत अध्यक्ष, पार्षद, जनपद सदस्य, सरपंच और पंच समेत कुल 1310 रिक्त पदों के लिए मतदान कराया था। नगरीय निकाय चुनाव के तहत पांच नगर पंचायत अध्यक्ष पदों के लिए हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए तीन सीटों पर कब्जा जमाया है, जबकि कांग्रेस ने दो नगर पंचायतों में जीत दर्ज की है। इस चुनाव में नवगठित नगर पंचायतों घुमका, बम्हनीडीह, शिवानंदनपुर और पलारी के परिणामों पर विशेष नजर रही। इन क्षेत्रों में पहली बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों के चुनाव को लेकर मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सहसपुर लोहारा में भाजपा की सरिता मिश्रा विजयी कवर्धा जिले की सहसपुर लोहारा नगर पंचायत में केवल अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराया गया था। यहां भाजपा की महिला प्रत्याशी सरिता संतोष मिश्रा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 754 वोटों से पराजित कर अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। घुमका नगर पंचायत में कांग्रेस की फूलमती वर्मा की जीत राजनांदगांव जिले की नवगठित घुमका नगर पंचायत में कांग्रेस प्रत्याशी फूलमती वर्मा ने अध्यक्ष पद का चुनाव 85 मतों से जीत लिया। वहींं, 11 वार्डों में भाजपा, 3 वार्डों में कांग्रेस और 1 वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। बम्हनीडीह नगर पंचायत में BJP का दबदबा जांजगीर-चांपा जिले की बम्हनीडीह नगर पंचायत में भाजपा प्रत्याशी रमेश डडसेना ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। वार्ड परिणामों में भी भाजपा का दबदबा देखने को मिला। वहींं, 11 वार्डों में भाजपा, 3 वार्डों में कांग्रेस और 1 वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। शिवानंदनपुर में BJP समर्थित अध्यक्ष निर्वाचित सूरजपुर जिले की शिवानंदनपुर नगर पंचायत में BJP के प्रत्याशी रितेश जायसवाल अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने में सफल रहे। वार्ड चुनावों में यहां भी मुकाबला कांटे का रहा। कुल 15 वार्डों में से 8 वार्डों में कांग्रेस और 7 वार्डों में भाजपा प्रत्याशी विजयी हुए। पलारी नगर पंचायत में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत बालोद जिले की नवगठित पलारी नगर पंचायत में कांग्रेस प्रत्याशी यानेश कुमार ने अध्यक्ष पद का चुनाव जीत लिया है। इसके साथ ही कांग्रेस ने इस नगर पंचायत में अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। वार्ड चुनाव परिणामों में भी कांग्रेस को बढ़त मिली है। यहां 9 वार्डों में कांग्रेस, 5 वार्डों में भाजपा के प्रत्याशी विजयी हुए हैं, जबकि 1 वार्ड में दोनों प्रत्याशियों को बराबर मत मिले हैं। इस वार्ड के विजेता का फैसला अब टॉस के जरिए किया जाएगा। अन्य वार्डों में हुए उपचुनाव के नतीजे बस्तर जिले के जगदलपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक-1 इंदिरा वार्ड में हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रामकृष्ण तिवारी ने जीत हासिल कर नए पार्षद के रूप में निर्वाचित हुए। यह सीट पूर्व पार्षद अब्दुल रशीद के निधन के बाद रिक्त हुई थी, जिसके चलते उपचुनाव कराया गया था। बिलासपुर के संजय गांधी नगर वार्ड में कांग्रेस का कब्जा बिलासपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक-29 संजय गांधी नगर (तारबाहर) में हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज की। कांग्रेस प्रत्याशी शेख आज़म ने भाजपा उम्मीदवार वी. मधुसूदन राव को पराजित कर पार्षद पद पर कब्जा जमाया। जशपुर नगर पालिका के दो वार्डों में भाजपा की जीत जशपुर नगर पालिका में हुए उपचुनाव में भाजपा ने दोनों सीटों पर जीत दर्ज की। वार्ड क्रमांक-8 से भाजपा प्रत्याशी प्रेमलता साहू विजयी रहीं, जबकि वार्ड क्रमांक-14 से भाजपा उम्मीदवार प्रिया सिंह ने जीत हासिल की। मई में जारी हुआ था चुनाव कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग ने मई में नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन, जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद 1 जून को मतदान कराया गया, जबकि आज यानी 4 जून को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जा रहे हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार पूरे चुनावी कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। मतदान के दौरान सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी रखी गई थी। पंचायतों में भी कई महत्वपूर्ण पदों का फैसला पंचायत चुनाव में 10 जनपद पंचायत सदस्य, 34 सरपंच और 107 पंच पदों के लिए मतदान कराया गया था। कई जगहों पर मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है। स्थानीय मुद्दों, विकास कार्यों और ग्रामीण नेतृत्व को लेकर मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था, जिसका परिणाम आज सामने आएगा। मतदान में दिखा था जबरदस्त उत्साह 1 जून को हुए मतदान में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। नगरीय निकाय चुनाव में 31,928 मतदाताओं में से 27,006 मतदाताओं ने मतदान किया, जिससे 84.58 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। वहीं पंचायत चुनाव में 1,02,797 मतदाताओं में से 79,968 लोगों ने वोट डाले और 78.61 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया। मतदान के लिए नगरीय निकाय क्षेत्रों में 96 और पंचायत क्षेत्रों में 274 मतदान केंद्र बनाए गए थे। राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह शांतिपूर्ण बताया था।

अल्मोड़ा नहीं पहुंच सके राहुल गांधी, हेलीकॉप्टर उतारना पड़ा; मोबाइल से किया संबोधन

पंतनगर  आज गुरुवार से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा शुरू हुआ है. उत्तराखंड पहुंचते ही राहुल गांधी को मौसम के बिगड़े मूड से जूझना पड़ा. दिल्ली से उड़ा राहुल गांधी का विमान अल्मोड़ा पहुंचने वाला था कि वहां मौसम खराब हो गया. इसके बाद उनके विमान को वापस लौटकर पंतनगर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।  राहुल गांधी के विमान की पंतनगर में इमरजेंसी लैंडिग: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर पहुंच गए हैं. राहुल गांधी के दौरे पर थोड़ी देर के लिए मौसम ने अड़ंगा डाला. राहुल का विमान दिल्ली से अल्मोड़ा के लिए उड़ा था. अल्मोड़ा में मौसम खराब होने के कारण विमान को वापस लाया गया और पंतनगर एयरपोर्ट पर उसकी इमरजेंसी लैंडिंग हुई. इसका फायदा स्थानीय नेताओं को हुआ।  राहुल गांधी के हेलीकॉप्टर की खराब मौसम के कारण पंतनगर में लैंडिंग करानी पड़ी  कांग्रेस नेताओं ने किया राहुल गांधी का स्वागत: पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे राहुल गांधी का कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जोरदार स्वागत किया. एयरपोर्ट पर किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा और महानगर अध्यक्ष ममता रानी ने उन्हें बुके भेंट कर स्वागत किया. इसके बाद राहुल गांधी अल्मोड़ा नहीं जा सके. उन्हें पूर्व सैनिकों के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में हिस्सा लेना था।  राहुल गांधी दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर हैं: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी गुरुवार को अपने दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे के तहत पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे. दिल्ली से विशेष विमान के माध्यम से पहुंचे राहुल गांधी का एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया. उनके आगमन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।  कांग्रेस नेताओं ने किया राहुल गांधी का स्वागत: पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे राहुल गांधी का कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जोरदार स्वागत किया. एयरपोर्ट पर किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा और महानगर अध्यक्ष ममता रानी ने उन्हें बुके भेंट कर स्वागत किया. इसके बाद राहुल गांधी अल्मोड़ा नहीं जा सके. उन्हें पूर्व सैनिकों के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में हिस्सा लेना था।  राहुल गांधी दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर हैं: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी गुरुवार को अपने दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे के तहत पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे. दिल्ली से विशेष विमान के माध्यम से पहुंचे राहुल गांधी का एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया. उनके आगमन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।  दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे राहुल गांधी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल के समर्थन में नारे लगाए: पंतनगर एयरपोर्ट पर किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा और महानगर अध्यक्ष ममता रानी ने राहुल गांधी को बुके भेंट कर उनका स्वागत किया. इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, जिन्होंने राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए और उनका अभिवादन किया।  पंतनगर से मोबाइल से किया संबोधन: स्वागत कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी ने अल्मोड़ा में आयोजित पूर्व सैनिकों के एक विशेष कार्यक्रम को मोबाइल से ही संबोधित किया. राहुल गांधी पूर्व सैनिकों से पंतनगर से ही मोबाइल पर संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना. माना जा रहा है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से कांग्रेस पूर्व सैनिक समुदाय के साथ अपने संवाद को और मजबूत करने का प्रयास करेगी।  राहुल का दौरा राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण: राहुल गांधी का यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. उत्तराखंड में आगामी राजनीतिक गतिविधियों और संगठनात्मक मजबूती के मद्देनजर कांग्रेस नेतृत्व लगातार राज्य में सक्रिय नजर आ रहा है. राहुल गांधी के इस दौरे को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।  दो दिन का है राहुल का दौरा: दो दिन के इस प्रवास के दौरान राहुल गांधी विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ-साथ पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात कर सकते हैं. उनके दौरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और पार्टी इसे संगठन को मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रही है। 

ट्विशा मौत मामले के आरोपी समर्थ सिंह की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में पुलिस निगरानी बढ़ाई गई

भोपाल  भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में आरोपी सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह न्यायिक हिरासत में भोपाल सेंट्रल जेल में हैं। जेल में पहले दिन गिरिबाला सिंह ज्यादातर खामोश रहीं। उन्होंने पीने को साफ पानी मांगा। इधर समर्थ सिंह को इलाज के लिए मेडिकल वार्ड में भर्ती किया गया है। उसके पैर में चोट है जिसका इलाज चल रहा है। वार्ड की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की गई है। चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब भोपाल पुलिस की कथित लापरवाही भी जांच के दायरे में आ गई है। सीबीआइ ने लिगेचर से संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए हैं। गिरि बाला सिंह ने भोपाल सेंट्रल जेल में अपना पहला दिन शांत और सामान्य तरीके से बिताया जेल सूत्रों के अनुसार ट्विशा केस में आरोपी सास, रिटायर्ड जिला जज गिरि बाला सिंह ने भोपाल सेंट्रल जेल में अपना पहला दिन शांत और सामान्य तरीके से बिताया। वे जेल में आम कैदियों की तरह रहीं। रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को मंगलवार शाम को यहां लाया गया था। अपनी बैरक में गिरिबाला सिंह ने कढ़ी-पकौड़े और रोटियां खाईं। पूरे समय संयमित, सहयोगी और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नजर आईं जेल अधिकारियों के अनुसार गिरिबाला सिंह पूरे समय संयमित, सहयोगी और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नजर आईं। उन्होंने साफ पानी की मांग भी की। विचाराधीन बंदियों को मिलने वाली सुविधाएं और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा डेथ केस की संवेदनशीलता को देखते हुए गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को अलग- अलग रखा गया है। जेल अधिकारियों के अनुसार शाम दोनों को जेल लाने के बाद से ही उन्हें विचाराधीन बंदियों को मिलने वाली सामान्य सुविधाएं और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को इलाज के लिए जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया न्यायिक हिरासत में पूर्व जज गिरिबाला सिंह को महिला वार्ड में रखा गया है। मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को इलाज के लिए जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके पैर में चोट लग गई थी जिसके कारण खंड-बी स्थित मेडिकल वार्ड में भर्ती कराकर इलाज किया जा रहा है। समर्थ सिंह, कड़ी निगरानी में है। उन्हें भी आम बंदियों के समान नाश्ते के रूप में सुबह दलिया और नमकीन के साथ चाय भी दी गई। 14 दिन की न्यायिक हिरासत जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 16 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया. सेशन जज शोभना भालवी की अदालत ने यह फैसला दिया. इससे पहले 29 जून को कोर्ट ने दोनों को 5 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा था. आज यानी 2 जून को दोनों की रिमांड खत्म हो रही थी।  27 मई को हुई थी गिरिबाला की गिरफ्तारी सीबीआई ने गुरुवार (27 मई) को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में गिरिबाला सिंह के घर पर सात घंटे से ज्यादा की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था. गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी गुरुवार (27 मई) को तब हुई, जब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी. समर्थ सिंह को 12 मई को ट्विशा शर्मा की मौत के बाद, लगभग एक सप्ताह तक लापता रहने के बाद, भोपाल पुलिस ने 22 मई को जबलपुर से गिरफ्तार किया था।  समर्थ सिंह को सबसे पहले 23 मई को भोपाल में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास की अदालत में पेश किया गया था. इसके बाद अदालत ने उन्हें 29 मई तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया था. मध्य प्रदेश सरकार की सिफारिश पर जांच का जिम्मा संभालने के बाद सीबीआई ने आगे की पूछताछ के लिए समर्थ की हिरासत की मांग की थी. कोर्ट के आदेश के बाद वह 16 जून तक हिरासत में रहेंगे।  कथित तौर पर ट्विशा शर्मा अपने ससुराल कटारा हिल्स में फंदे से लटकी हुई मिली थीं. बाद में उनके परिवार ने उनके पति और ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया, जिसके बाद मामले की विस्तृत जांच की मांग उठी थी. मामले की जांच सीबीआई कर रही है. रिमांड के दौरान सीबीआई समर्थ को कथित अपराध स्थल पर ले गई और विस्तृत फॉरेंसिक जांच की. सीबीआई टीम ने कटारा हिल्स स्थित घर पर कई घंटे बिताए. इस दौरान उन्होंने फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी की और सबूत इकट्ठा किए, साथ ही समर्थ से 12 मई की रात की घटनाओं के बारे में पूछताछ भी की। 

कराटे में विंध्य की बेटी का कमाल, राज्य स्तर पर सफलता के बाद राष्ट्रीय मंच पर चुनौती

शहडोल खेल की बात हो और शहडोल का नाम ना आए ऐसा हो नहीं सकता है. शहडोल जिले में क्रिकेट ही नहीं बल्कि और भी खेलों के गजब टैलेंट है. अभी हाल ही में शहडोल से काव्या सिंह वैश्य कराटे के खेल में नेशनल खेलने देहरादून गई हुई हैं, जिनसे गोल्ड मेडल की आस है. 4 जून से 7 जून तक उत्तराखंड के देहरादून में कराटे का नेशनल होना है।  ये फेडरेशन नेशनल है, जिसे बहुत ही अहम चैंपियनशिप माना जा रहा है. इस नेशनल गेम्स में काव्या सिंह वैश्य से गोल्ड मेडल की उम्मीद जताई जा रही है. उनके कोच रामकिशोर चौरसिया का मानना है कि, काव्या की तैयारी पूरी है और जिस तरह से उसने स्टेट में गोल्ड मेडल जीता है, ठीक उसी तरह से नेशनल में भी इससे बेहतर की उम्मीद है।  कौन हैं काव्या सिंह वैश्य? काव्या सिंह वैश्य शहडोल जिले की उभरती हुई युवा कराटे खिलाड़ी हैं. जिनकी उम्र अभी लगभग 15 साल के करीब है. हाल ही में देहरादून में होने वाले नेशनल गेम्स में 14 से 15 कैडेट वर्ग में हिस्सा लेंगी. जिसमें 61 किलोग्राम वर्ग में खेलेंगी. ये नेशनल फेडरेशन उनके करियर के लिए अहम मानी जा रही है. काव्या सिंह वैश्य बताती हैं कि, ''वो पिछले 5 साल से कराटे सीख रही हैं. अब तक तीन स्टेट और दो नेशनल खेल चुकी हैं. जिसमें नेशनल में एक गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल है।  काव्या सिंह कहती हैं कि, ''वो कराटे में शुरुआत से ही अपना 100 परसेंट दे रही हैं. उनके जीवन का लक्ष्य बेस्ट कराटे प्लेयर बनना है और देश का नाम रोशन करना है.'' वो कहती है कि, ''उनकी प्रैक्टिस बहुत ही अच्छी चल रही है. किसी भी खिलाड़ी के करियर में सबसे बड़ा सपोर्ट उनकी फैमिली का होता है और उनकी फैमिली इस खेल के लिए उनका पूरा सपोर्ट कर रही है. इसीलिए वह चाहती है कि इस खेल में वह कुछ बेहतर करके दिखाएं, जिससे उनकी फैमिली और देश का नाम रोशन हो सके।  कई सालों से कर रहीं कोचिंग काव्या सिंह के कोच रामकिशोर चौरसिया बताते हैं कि, ''काव्या उनके पास चार-पांच साल पहले आई थी और जब से आई है तब से बड़े ही डिसिप्लिन तरीके से कोचिंग कर रही है. उसमें खास बात यह है कि वह मेहनत करती हैं और उससे भागती नहीं है. ज्यादातर बच्चों में देखने को आता है कि जब वह ट्रेनिंग करने आते हैं जब तक ध्यान न दो प्रैक्टिस नहीं करते. लेकिन काव्या के साथ ऐसा नहीं है. अगर उसे कोई टास्क दिया गया है तो उसे वो ईमानदारी से पूरा करती है और यही उसकी सफलता का राज है। 

IND vs AFG: हैमस्ट्रिंग इंजरी ने बढ़ाई टीम इंडिया की चिंता, वनडे सीरीज नहीं खेलेंगे विराट कोहली

मुंबई   टीम इंडिया को अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज शुरू होने से पहले बड़ा झटका लगा है. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने रिपोर्ट किया है कि स्टार बल्लेबाज विराट कोहली हैमस्ट्रिंग में चोट लगने के कारण इस तीन मैचों की सीरीज से बाहर हो गए हैं. हालांकि BCCI ने अभी तक इस सीरीज के लिए कोहली के रिप्लेसमेंट की पुष्टि नहीं की है।  कोहली को कब लगी थी चोट? कोहली को यह चोट IPL 2026 के फाइनल के दौरान लगी थी, जब उन्होंने RCB को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ 156 रनों का लक्ष्य हासिल करते समय नाबाद 75 रनों की शानदार पारी खेली थी. मैच के दौरान कोहली को रन बनाते समय कुछ परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, जिसकी वजह से उन्हें कई बार मेडिकल टीम से भी मदद लेनी पड़ी थी।  बता दें कि अफगानिस्तान एक टेस्ट और तीन वनडे मैच खेलने के लिए भारत के दौरे पर है. टेस्ट मैच 6-10 जून तक न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा. जबकि तीन वनडे मैच 13 जून से 20 जून तक खेले जाएंगे. इसके बाद टीम इंडिया इंग्लैंड के दौरे पर जाएगी, जहां उसे 14 जुलाई से 19 जुलाई के बीच तीन वनडे मैच खेलने हैं।  गलत समय पर लगी चोट यह चोट इस स्टार बल्लेबाज के लिए बिल्कुल गलत समय पर आई है. विराट कोहली टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट से संन्यास लेने के बाद सिर्फ वनडे फॉर्मेट ही खेल रहे हैं, और वो इस समय इस फॉर्मेट में अपने सबसे शानदार फॉर्म से भी गुजर रहे हैं. 2025 में इस फॉर्मेट में कोहली 13 मैचों में 651 रन बनाकर भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने थे, जिसमें तीन शतक और चार अर्धशतक शामिल थे. उन्होंने इस फॉर्म को 2026 में भी जारी रखा और न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में 240 रन बनाए, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल था।  विराट फैंस को बड़ा झटका विराट कोहली के करोड़ों फैंस चाह रहे हैं कि ये स्टार बल्लेबाज 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेले और सेंचुरी की सेंचुरी भी पूरी करे, जिससे वो सिर्फ 15 शतक दूर हैं. कोहली के टेस्ट में 30 वनडे में 54 और टी20 इंटरनेशनल में 1 शतक हैं. अगर कोहली वनडे में अपनी शानदार फॉर्म को बरकरार रख पाते हैं तो फिर वो सचिन तेंदुलकर के सेंचुरी की सेंचुरी के रिकॉर्ड को भी तोड़ सकते हैं।  अफगानिस्तान सीरीज के लिए टीम इंडिया का वनडे स्क्वाड शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), हार्दिक पांड्या, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बरार, हर्ष दुबे।  इस स्क्वाड में से रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या को सब्जेक्टेड टू फिटनेस की कैटेगरी में रखा गया है. जिसका मतलब साफ है कि इन दोनों स्टार खिलाड़ियों को सीरीज शुरू होने अपनी फिटनेस साबित करनी होगी।