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आज से भोपाल में शुरू हुआ ट्रैफिक अभियान, नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी नजर

 भोपाल यातायात नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध सोमवार से 15 दिन तक (आठ से 22 सितंबर) कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें अर्थदंड लगाने से लेकर नियमों के अनुसार अन्य वैधानिक कार्रवाई होगी। पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (पीटीआरआई) के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शाहिद अबसार ने इस संबंध में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि सड़क सुरक्षा के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति ने हाल ही में प्रदेश का दौरा किया था। समिति ने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जताई थी। इसके साथ ही यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधार करने के लिए कहा था। इसी तारतम्य में 15 दिन का अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। हर साल हो रही 55 हजार सड़क दुर्घटनाएं बता दें कि प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 55 हजार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें 14 हजार लोगों की जान चली जाती है। एडीजी ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, पर यातायात नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध कार्रवाई संतोषजनक नहीं है। अभियान के दौरान कॉलेज विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक कार्रवाई की रिपोर्ट प्रतिदिन पुलिस मुख्यालय को ई-मेल से भेजेंगे। क्या होगा अभियान में तेज गति, बिना हेलमेट व सीट बेल्ट, नाबालिग द्वारा वाहन चलाने, ड्राइविंग के समय मोबाइल का उपयोग, शराब पीकर वाहन चलाना, गलत दिशा में वाहन चलाना, ओवर लोडिंग और बिना लाइसेंस, परमिट और फिटनेस के वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

मौसम अपडेट: MP के कई जिलों में बारिश का अनुमान, बादलों का सफाया शुरू, श्योपुर में दोगुनी बारिश

भोपाल  वर्तमान में मध्य प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर चार मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि अब बादल धीरे-धीरे छंटने लगेंगे। इस दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश के रीवा, शहडोल, जबलपुर संभाग के जिलों में मध्यम बारिश हो सकती है। शेष क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है। रविवार को सुबह साढ़े आठ से शाम साढ़े पांच बजे तक मलाजखंड में पांच, जबलपुर में तीन, रतलाम में दो, पचमढ़ी, टीकमगढ़ एवं उमरिया में एक मिलीमीटर बारिश हुई। मध्य प्रदेश के 17 जिलों जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया में आज बारिश हो सकती है। सूखा बीत रहा, अगस्त जाते-जाते जमकर बरसा। वहीं, सितंबर का पहला सप्ताह पूरा मध्यप्रदेश तरबतर हो गया। इससे न सिर्फ प्रदेश में बारिश का कोटा पूरा हो गया, बल्कि इंदौर बेहतर स्थिति में पहुंचा। 7 दिन में इंदौर में 10 इंच पानी गिर गया। ऐसा है मौसम का हाल मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, वर्तमान में उत्तरी गुजरात और उससे लगे दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान पर अवदाब का क्षेत्र मौजूद है। दो दिन में इसके पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। मानसून द्रोणिका गुजरात में बने अवदाब के क्षेत्र से श्योपुर, गुना, दमोह, माना, गोपालपुर से होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। दूसरी ओर, बुरहानपुर में 26 इंच भी पानी नहीं गिरा है। धार, बड़वानी, खंडवा, शाजापुर और खरगोन में अब तक 30 इंच पानी भी नहीं गिरा। हालांकि, औसत बारिश के हिसाब से बड़वानी का कोटा भी पूरा हो चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, सितंबर में अभी करीब 22 दिन बारिश होगी। ऐसे में इन जिलों में भी मानसून की तस्वीर बेहतर हो सकती है। एमपी में कोटे से 4 इंच पानी ज्यादा गिर चुका बता दें, प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 41.2 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 33.1 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 8.1 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है। 4.2 इंच पानी ज्यादा गिर गया है। मौसम विभाग के अनुसार 30 जिले-भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है। कई जिले ऐसे हैं, जहां आंकड़ा डेढ़ सौ प्रतिशत के पार है। श्योपुर में कुल 213 प्रतिशत पानी गिर चुका है। इंदौर-उज्जैन संभाग की तस्वीर बेहतर नहीं इस मानसूनी सीजन में इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं है। यहां सबसे कम पानी गिरा है। सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा खरगोन और शाजापुर शामिल हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में मध्यम बारिश एक अन्य द्रोणिका गुजरात में बने अवदाब के क्षेत्र पर बने चक्रवात से लेकर मध्य प्रदेश से होते हुए छत्तीसगढ़ तक जा रही है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अवदाब का क्षेत्र काफी दूर रहने के कारण फिलहाल मध्य प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में कमी आएगी। हालांकि वातावरण में नमी रहने के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश में मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। शेष क्षेत्रों में भी हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। ग्वालियर, चंबल-सागर सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। यहां बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं। 30 में से भोपाल संभाग के चार, इंदौर संभाग के दो, जबलपुर के चार, ग्वालियर-चंबल के 8, सागर-उज्जैन संभाग के 4-4, रीवा संभाग के 3 और शहडोल संभाग का एक जिला शामिल हैं। नर्मदापुरम संभाग के किसी भी जिले में कोटा पूरा नहीं हुआ। गुना में 65 इंच बारिश, मंडला-श्योपुर में 56 इंच पानी गिरा सबसे ज्यादा बारिश वाले टॉप-5 जिलों की बात करें तो गुना नंबर-1 पर है। यहां 65 इंच, मंडला-श्योपुर में 56 इंच, अशोकनगर में 54 इंच और शिवपुरी में 54.2 इंच पानी गिर चुका है। कई डैम के गेट खुले जुलाई में तेज बारिश की वजह से प्रदेश के कई डैम और तालाब ओवरफ्लो हो गए थे। भोपाल के बड़ा तालाब, केरवा-कलियासोत डैम में भी पानी आया। कई बड़े डैम के गेट भी खुले, लेकिन अगस्त में उतनी बारिश नहीं हुई है। ऐसे में डैम के गेट नहीं खुल सके, लेकिन अगस्त के आखिरी और सितंबर के पहले सप्ताह में तेज बारिश का दौर रहा। इस वजह से भोपाल के भदभदा डैम का गेट भी खुल गया। इस बार जौहिला, बरगी, इंदिरासागर, बारना, अटल सागर, सुजारा, सतपुड़ा, तवा समेत कई डैम के गेट खुल चुके हैं। कुल 54 बड़े डैमों में अच्छा पानी आ चुका है। ऐसे समझें बारिश का गणित… 50 इंच से ज्यादा बारिश वाले जिले     राजगढ़, रायसेन, नरसिंहपुर, मंडला, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, टीकमगढ़, निवाड़ी और श्योपुर। 40 से 50 इंच बारिश वाले जिले     विदिशा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, ग्वालियर, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, रतलाम, नीचम, सिंगरौली, सीधी, नर्मदापुरम, सिंगरौली, सीधी, नर्मदापुरम, हरदा और उमरिया। 30 इंच से ज्यादा बारिश वाले जिले     भोपाल, सीहोर, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, दतिया, देवास, मंदसौर, भिंड, मुरैना, रीवा, सतना, बैतूल, शहडोल और अनूपपुर। इन जिलों में 30 इंच से कम बारिश     उज्जैन, शाजापुर, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा और खरगोन।

स्वास्थ्य शिक्षा में नई पहल: नॉन-क्लिनिकल रेजिडेंट डॉक्टरों को भी मिलेगा कॉलेजों में मौका

भोपाल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में अभी तक क्लीनिकल विषय जैसे मेडिसिन, सर्जरी, हड्डी रोग, गायनी आदि में ही सीनियर रेजिडेंट (एसआर) डॉक्टर पदस्थ किए जाते थे, लेकिन अब नान क्लीनिकल विषयों के डाक्टरों को भी सीनियर रेजिडेंट पदस्थ किया जाएगा। इसमें एनाटामी, फिजियोलाजी, बायोकेमेस्ट्री, फार्मोकोलाजी जैसे विषय शामिल हैं। इसका लाभ रोगी और डाॅक्टर दोनों को होगा। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट के 380 पद स्वीकृत करने के लिए शीघ्र ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। अस्पतालों में ओपीडी, इमरजेंसी ड्यूटी सहित अन्य स्थानों पर नान क्लीनिकल सीनियर रेजिडेंट्स का उपयोग किया जा सकेगा।   बता दें कि नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमएसी) ने नान क्लीनिकल विषयों में सीनियर रेजीडेंट्स बनाने के लिए कहा है। इनका संख्या निर्धारित सीटों में फैकल्टी के कुल पदों के निश्चित अनुपात में रहेगी। इस आधार पर प्रदेश में 380 पद होंगे, जिन्हें 19 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पदस्थ किया जाएगा। अभी निजी मेडिकल कॉलेज तो नान क्लीनिकल विषय में एसआर रख रहे हैं, पर सरकारी में नहीं हैं। नई व्यवस्था से नाॅन क्लीनिकल विषयों में मेडिकल कॉलेजों के लिए फैकल्टी मिलना भी आसान हो जाएगा। अभी सरकारी कॉलेजों में इन विषयों में एमडी कर निकले डाॅक्टर निजी कॉलेजों में एसआर बन जाते हैं। इसके बाद उन्हें उसी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक बनने का अवसर भी आसानी से मिल जाता है। बता दें कि सहायक प्राध्यापक बनने के लिए मेडिकल कॉलेजों में कम से कम तीन वर्ष एसआर रहना आवश्यक होता है। सरकार की तरफ से इन्हें निर्धारित मानदेय दिया जाता है।

मुख्यमंत्री साय ने रायपुर की पहली महिला विधायक स्वर्गीय रजनी ताई को अर्पित की श्रद्धांजलि

रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पुलिस लाइन स्थित रायपुर की पहली महिला विधायक एवं समाजसेवी स्वर्गीय श्रीमती रजनी ताई उपासने के निवास पहुँचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने रजनी ताई उपासने के योगदानों का पुण्य स्मरण किया तथा शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी। इस अवसर पर पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी, संतोष शर्मा, जगदीश उपासने सहित परिजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रजनी ताई का निधन पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। आपातकाल के कठिन दौर में उन्होंने जिस साहस और धैर्य का परिचय दिया, वह प्रेरणादायी है। अपने कार्यकाल में उन्होंने जनता के हितों और रायपुर के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। सादगी, ईमानदारी और समाज से गहरे जुड़ाव के कारण उन्हें विशिष्ट पहचान मिली। वे महिलाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर सक्रिय रहीं। साय ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उल्लेखनीय है कि रायपुर की पहली महिला विधायक और समाजसेवी श्रीमती रजनी ताई उपासने का हाल ही में 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वर्ष 1977 में जनता पार्टी से चुनाव जीतकर उन्होंने इतिहास रचते हुए रायपुर की पहली महिला विधायक बनने का गौरव प्राप्त किया। उस दौर में जब राजनीति में महिलाओं की भागीदारी सीमित थी, ऐसे समय में जनता का विश्वास जीतना उनके साहस और संघर्ष का प्रतीक था।

साजिश का पर्दाफाश: NIA ने जम्मू-कश्मीर समेत पांच राज्यों में छापेमारी की

श्रीनगर  एनआईए ने आतंकी साजिश मामले में जम्मू-कश्मीर और पांच राज्यों में ताबड़तोड़ ऐक्शन शुरू किया है। सोमवार को कम से कम 22 ठिकानों पर छापेमारी हुई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई एक आतंकी साजिश से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में की जा रही है। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में बारामूला, कुलगाम, अनंतनाग और पुलवामा जिलों में तलाशी जारी है। जानकारी के मुताबिक मामला आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। एनआईए की टीम सोमवार सुबह ही बारामूला के जंगम गांव पहुंच गई। यहां रशीद लोन के घर पर छापेमारी की गई। इस मामले पर एनआईए ने अब तक कोई बयान जारी नहीं किया है। रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जम्मू-कश्मीर का दौरा करने वाले हैं। अधिकारियों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के कुलगाम, अनंतनाग, पुलवामा और बारामुला में तलाशी जारी है। कई जगहों से मोबाइल फोन और संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इससे पहले जून में एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में ही 32 ठिकानों पर छापेमारी की थी। बिहार में एनआईए को बड़ी सफलता बिहार में एनआईए को बड़ी सफलता मिली है। एनआईए की टीम ने खालिस्तानी आतंकी शरणजीत को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को छापेमारी के दौरान गोपालपुर से गिरप्तार किया गया। स्वर्ण मंदिर में ग्रेनेड अटैक मामले में शरणजीत कुमार उर्फ शनी आरोपी है। वह पंजाब के गुरदासपुर के बटाला का रहने वाला है।

मोदी का संदेश: पार्टी के साथियों से सीखना जरूरी; GST स्लैब बदलाव पर जताया धन्यवाद

 नई दिल्ली भाजपा सांसदों की दो दिवसीय कार्यशाला रविवार को संसद परिसर में शुरू हुई। उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले इस कार्यशाला का शुभारंभ हुआ, जिसमें पीएम मोदी सहित भाजपा के सभी सांसद शामिल हुए। इस दौरान पीएम मोदी का अनोखा अंदाज एक बार फिर देखने को मिला। वह बैठक में एक साधारण सांसद की तरह सबसे पीछे बैठे नजर आए। अब उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। साधारण सांसद की तरह दिखे पीएम मोदी  सुबह शुरू हुई इस कार्यशाला में भाजपा सांसदों ने पीएम मोदी को जीएसटी सुधारों के लिए बधाई दी। इसके बाद सभी सांसदों को उपराष्ट्रपति चुनाव से जुड़ी जानकारी दी गई। इस दौरान पीएम मोदी सबसे पीछे की पंक्ति में एक आम सांसद की तरह बैठे दिखे। गोरखपुर सांसद रवि किशन ने इसकी तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की और लिखा कि सांसदों की कार्यशाला में आखिरी पंक्ति में बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। यही है भाजपा की ताकत। यहां हर कोई कार्यकर्ता है। इससे पहले, जीएसटी में ऐतिहासिक सुधारों के लिए भाजपा सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन और सम्मान किया। इस मौके पर जगदंबिका पाल ने जीएसटी सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने जीएसटी को लेकर एक बड़ा फैसला लिया, जो अंतरराष्ट्रीय टैरिफ के दबाव का विकल्प है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले विपक्ष जीएसटी को 'गब्बर सिंह टैक्स' कहता था, और अब वे इसका श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। पूरा देश उनकी सच्चाई जानता है। दो दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य बता दें कि इस दो दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य विधायी कौशल, शासन रणनीतियों और राजनीतिक संचार पर ध्यान देना है। नेताओं ने केंद्र सरकार के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने और विपक्ष का मुकाबला करने के तरीकों पर चर्चा की। रविवार को सांसद पूरे दिन की कार्यशाला में शामिल हुए। सोमवार को भी तीन घंटे का एक और सत्र निर्धारित है। 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति चुनाव बता दें कि उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर को होगा। पीएम मोदी उपराष्ट्रपति चुनाव से एक दिन पहले, सोमवार को भाजपा और उसके सहयोगी दलों के सांसदों के लिए रात्रिभोज का आयोजन भी कर रहे हैं। गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन और विपक्ष के उम्मीदवार, सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी के बीच सीधा मुकाबला है। हालांकि, संख्या बल के आधार पर राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

CM नीतीश ने चौंकाया, सीट शेयरिंग से पहले घोषित किया उम्मीदवार

पटना/बक्सर  बिहार विधानसभा चुनाव की औपचारिक घोषणा भले ही अभी न हुई हो, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बक्सर के राजपुर (सुरक्षित) सीट पर एनडीए उम्मीदवार का नाम घोषित कर सबको चौंका दिया है. पिछले दिनों एक जनसभा में उन्होंने पूर्व मंत्री संतोष कुमार निराला को पार्टी का उम्मीदवार बताते हुए जनता से उनके पक्ष में वोट करने की अपील की. इस कदम से सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह नीतीश का मास्टरस्ट्रोक है या फिर उनकी मजबूरी? सीएम ने मंच से की घोषणा खास बात ये है कि नीतीश के इस ऐलान के वक्त बीजेपी कोटे के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंच पर मौजूद थे. नीतीश कुमार ने मंच से कहा, “कुछ ही दिन में चुनाव होने वाला है. आप लोग ध्यान दीजिएगा, इन्हें जिताइएगा.” उन्होंने जनता से बिहार को आगे बढ़ाने के लिए एनडीए को भारी संख्या में जिताने की अपील की. इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “कांग्रेस वाले केवल गड़बड़ करते रहे हैं.” उन्होंने बिहार में पिछले 20 सालों में हुए विकास कार्यों पर भी जोर दिया. बाद में ना बीजेपी और ना ही जेडीयू ने इसे तूल दिया. बता दें कि यह सीट पारंपरिक तौर पर जेडीयू की ही रही है. मुख्यमंत्री ने राजपुर विधानसभा और बक्सर जिले के लिए 325 करोड़ 13 लाख रुपये की 5 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करने पहुंचे थे. इनमें सड़कों का चौड़ीकरण, गंगा तटबंध का सुदृढ़ीकरण और ‘भारत रत्न’ उस्ताद बिस्मिल्ला खां संगीत कॉलेज की स्थापना शामिल है. 2015 में जीतकर बने थे मंत्री संतोष कुमार निराला का इस सीट से पुराना रिश्ता है. वे 2015 में जदयू-राजद गठबंधन से जीतकर परिवहन मंत्री बने थे. हालांकि, 2020 में उन्हें कांग्रेस के प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा था. इस बार समय से पहले ही उनके नाम का ऐलान करना यह दिखाता है कि जदयू इस सीट पर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती. राजपुर सुरक्षित सीट का इतिहास बताता है कि यहां मुकाबला हमेशा कड़ा होता है. मुख्यमंत्री के इस खुले समर्थन से संतोष निराला को भले ही बढ़त मिल जाए, लेकिन विपक्ष का मजबूत गणित इस लड़ाई को और भी रोचक बना सकता है. यह देखना दिलचस्प होगा कि एनडीए में सीट बंटवारे से पहले लिया गया नीतीश का यह फैसला कितना प्रभावी साबित होता है.

दतिया के होटल में विवादित सेलिब्रेशन, ASI और कॉन्स्टेबल पर एसपी ने लगाई सस्पेंशन

दतिया  दतिया के सिविल लाइन थाने में पदस्थ एक एएसआई का बार डांसर्स के साथ अश्लील डांस वीडियो सामने आया है। वीडियो में एएसआई संजीव गौड़ दो महिलाओं के साथ फिल्मी गानों पर अश्लील हरकत करते नजर आ रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी सूरज वर्मा ने ASI और एक कॉन्स्टेबल को सस्पेंड किया।  दरअसल, 2 सितंबर को सिविल लाइन थाने में पदस्थ आरक्षक राहुल बौद्ध की बर्थडे पार्टी एक होटल में रखी गई थी। इस दौरान 2 बार डांसर्स को भी बुलाया गया था। सामने आए वीडियो में एएसआई संजीव गौड़ और कुछ अन्य युवक दोनों महिलाओं के साथ फिल्मी गानों पर डांस करते हुए अश्लील हरकतें करते दिखे। ASI समेत बर्थडे बॉय कॉन्स्टेबल राहुल बौद्ध पर एक्शन वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग हरकत में आया। दतिया एसपी ने फौरन कार्रवाई करते हुए एएसआई संजीव गौड़ और आरक्षक राहुल बौद्ध को सस्पेंड कर दिया है। एसपी सूरज वर्मा ने कहा- पुलिस विभाग की छवि खराब करने वाले किसी भी व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

स्टेप-बाय-स्टेप Google Maps पर अपने घर का पता ऐसे जोड़ें

नई दिल्ली ऑनलाइन डिलीवरी की गलत लोकेशन, कैब ड्राइवर का सवाल कि कहां आना है? और रिश्तेदारों को घर का पता समझाने के झंझट से अब छुटकारा मिल सकता है। दरअसल आप Google Maps का सही इस्तेमाल करें, तो आपके घर या दुकान के पते को भी मैप्स पर सर्च किया जा सकता है। इसके लिए आपको सिर्फ अपने घर का पता ऐप में जोड़ना होगा। इसके बाद कोई भी आपके घर, दुकान या ऑफिस की लोकेशन को मैप्स पर नेविगेट करके आप तक पहुंच सकता है। इसके लिए आपको एक सिंपल से प्रोसेस को फॉलो करना होगा। चलिए इसके बारे में डिटेल में समझते हैं। ऐसे जोड़ अपना एड्रेस गूगल मैप्स में अपने घर या दुकान का पता जोड़ने के लिए Google Map ऐप को खोल लें।     इसके बाद नीचे दिख रहे Contributeऑप्शन पर टैप करें।     अब Add Place के ऑप्शन पर टैप करें।     अब आपको लोकेशन के बारे में बेसिक जानकारी उपलब्ध करानी होगी। जैसे कि नाम, कैटेगरी, पूरा पता आदि।     इसके बाद मैप पर भी सही लोकेशन को चुन लें।     अगर जगह आपकी दुकान या ऑफिस है तो आप उसमें अतिरिक्त जानकारी भी जोड़ पाएंगे जैसे कि वर्किंग आवर्स या वेबसाइट आदि     इसके अलावा आप चाहें, तो अपने पते के साथ फोटो भी जोड़ सकते हैं। इससे आपके पते पर आने वाले को फोटो की मदद से पहुंचने में ज्यादा आसानी होगी।     इसके बाद Submit पर टैप करके एड्रेस को गूगल मैप पर जोड़ दें।     इस तरह से आप बेहद आसानी से अपने पते को गूगल मैप पर जोड़ सकते हैं। क्या है फायदा वैसे आप इस फीचर का इस्तेमाल किसी भी जरूरी पते को गूगल मैप्स पर जोड़ने के लिए कर सकते हैं। एक बार लोकेशन के सेव हो जाने के बाद आप इसे आसानी से किसी के साथ शेयर भी कर सकते हैं। साथ ही आपका एड्रेस मैप्स पर सर्च किए जाने पर दिखाई भी देने लगेगा। ध्यान रखने वाली बातें अगर आप Google Maps के Contribute फीचर का इस्तेमाल करके अपने घर या किसी दूसरी जगह का पता जोड़ने वाले हैं, तो ध्यान रहे कि उस समय आप उसी लोकेशन पर हों और आपके फोन की लोकेशन सर्विस ऑन हो। इससे आप मैप पर अपनी सही-सही लोकेशन को मार्क कर पाएंगे। इसके अलावा आप मैप पर पॉइंटर को थोड़ा आगे-पीछे करके मैप पर अपने एड्रेस के लिए सही लोकेशन सेट कर सकते हैं।  

भयंकर संकट में गाजा, यूएन ने किया अलर्ट, इजरायल की सुप्रीम कोर्ट भी हुई नाराज

गाजा  गाजा में इजरायली हमलों में अब तक 64 हजार लोगों की जान गई है। वहीं भुखमरी से मरने वालों को कोई आंकड़ा ही सामने नहीं आया है। अंतरराष्ट्रीय संगठन गाजा में अकाल को लेकर बेहद चिंतित हैं। यूएन की एजेंसी का भी कहना है कि अगर इजरायल चाहे तो गाजा अकाल से बच सकता है। ग्लोबल हंगर मॉनीटर के मुताबिक हजारों फिलिस्तीनी अब भी भुखमरी का शिकार हैं। वहीं गाजा सिटी में इजरायली हमला तेज होने के बाद यहां स्थिति काफी खराब हो गई है। इजरायल ने मार्च से मई तक 11 महीने के लिए गाजा में मानवीय सहायता पर भी रोक लगा दी थी। वहीं अब इजरायल का दावा है कि वह आम लोगों तक राशन पहुंचा रहा है। वहीं यूएन की एजेंसी के मुताबिक यह सहायता पर्याप्त नहीं है। यूएन ऐड के चीफ टॉम फ्लेचर ने कहा कि समय तेजी से गुजर रहा है। अगर गाजा को अकाल से बचाना है तो इसके लिए बहुत कम समय बचा है। इजरायल की रक्षा एजेंसी COGAT कहना है कि पिछले सप्ताह गाजा में 1900 ट्रंक भेजे गए हैं। धीरे-धीरे सप्लाई बढ़ाई जा रही है। एजेंसी ने कहा, यह सहायता केवल आम लोगों के लिए है ना कि हमास के लिए। इजरायल का कहना है कि गाजा सिटी की बहुमंजिला इमारतों पर हमास का कब्जा है इसलिए आम लोग इसे खाली कर दें। बीते दिनों इजरायल ने गाजा सिटी की कई हाई राइज को निशाना बनाया है। इन हमलों में कम से कम 14 लोग मारे गए। गाजा के लोगों का कहना है कि गाजा सिटी राफाह बन जाए, इससे पहले हमास को इजरायल के साथ बात करके युद्ध खत्म करना चाहिए। इजरायल में भी आम जनता गाजा के इस युद्ध का समर्थन नहीं करती है। शनिवार को भी हजारों लोगों ने युद्ध खत्म करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। माना जा रहा है कि गाजा में अब भी 48 इजरायली बंधक जिंदा हैं। इजरायली सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार को लताड़ा इजराइल के सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को कहा कि सरकार फलस्तीनी कैदियों को पर्याप्त मात्रा में भोजन उपलब्ध नहीं करा रही। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कैदियों को पर्याप्त भोजन मुहैया कराएं। यह लगभग ढाई साल में ऐसा दुर्लभ मामला है, जिसमें उच्चतम न्यायालय ने सरकार के खिलाफ कोई फैसला सुनाया है। युद्ध शुरू होने के बाद से इजराइल ने गाजा में हमास से जुड़े होने के संदेह में हजारों लोगों को कैद किया है। हजारों लोगों को महीनों हिरासत में रखने के बाद छोड़ा भी गया है। अधिकार समूहों ने जेलों और हिरासत केंद्रों में कैदियों के साथ बड़े पैमाने पर दुर्व्यवहार होने की जानकारी दी है, जिनमें पर्याप्त मात्रा में भोजन व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध न कराना और अस्वच्छता जैसी समस्याएं शामिल हैं। मार्च में इजराइली जेल में 17 वर्षीय फलस्तीनी लड़के की मौत हो गई थी, जिसके बाद चिकित्सकों ने कहा था कि मौत का मुख्य कारण भूख हो सकती है।