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प्रदेश के सभी जनपदों में गठित हुईं नागरिक सुरक्षा इकाइयां, प्रशिक्षण और भर्ती अभियान को मिलेगी गति

होमगार्ड संगठन को आधुनिक, प्रशिक्षित और तकनीक-सक्षम बनाने पर जोर, मुख्यमंत्री ने दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश होमगार्ड केवल पुलिस बल के सहायक के रूप में ही नहीं, बल्कि आपदा राहत, भीड़ प्रबंधन, चुनावी व्यवस्थाओं, सामुदायिक सेवा तथा जनजागरूकता अभियानों में भी महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री होमगार्ड के जवानों को अनिवार्य रूप से दी जाए सीपीआर व फर्स्ट एड की ट्रेनिंग, गोल्डन ऑवर के महत्व से भी कराया जाए अवगतः मुख्यमंत्री  41,424 पदों पर एनरोलमेंट की प्रक्रिया जारी, सितम्बर में जारी होगा अंतिम परिणाम सेवाकाल में मृत्यु पर आश्रितों को ₹5 लाख की अनुग्रह सहायता, दिसंबर 2020 से अब तक 3,153 मामलों में ₹157.65 करोड़ वितरित ₹104.80 करोड़ की 20 निर्माण परियोजनाएं प्रगति पर, प्रशिक्षण और आधारभूत संरचना को मिलेगा नया आयाम कल्याण, प्रशिक्षण और आधुनिकीकरण पर विशेष फोकस, होमगार्ड संगठन के लिए तैयार की गई व्यापक भविष्य की कार्ययोजना लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  होमगार्ड विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि होमगार्ड संगठन उत्तर प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन तथा जनसेवा का महत्वपूर्ण स्तंभ है। बदलते समय और नई चुनौतियों के अनुरूप इस संगठन को अधिक सक्षम, प्रशिक्षित, तकनीक-सक्षम और आधुनिक बनाया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग के आधुनिकीकरण, प्रशिक्षण क्षमता विस्तार, आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण और मानव संसाधन विकास से जुड़े सभी कार्यों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जाए, ताकि होमगार्ड स्वयंसेवक प्रत्येक परिस्थिति में प्रभावी भूमिका निभा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड केवल पुलिस बल के सहायक के रूप में ही नहीं, बल्कि आपदा राहत, भीड़ प्रबंधन, चुनावी व्यवस्थाओं, सामुदायिक सेवा तथा जनजागरूकता अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन और तकनीकी सशक्तिकरण के माध्यम से होमगार्ड संगठन की कार्यक्षमता को और बढ़ाया जा सकता है।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पुलिस व होमगार्ड का जवान समाज का फर्स्ट रिस्पांडर होता है। किसी भी घटना में पीड़ित के पास सबसे पहले यही पहुंचते हैं, इसलिए इन्हें सीपीआर व फर्स्ट एड की अनिवार्य रूप से ट्रेनिंग दी जाए और गोल्डन ऑवर के महत्व के बारे में भी बताया जाए। इनकी सजगता जीवन बचाने में काफी महत्वपूर्ण होती है। बैठक में बताया गया कि वर्ष 1963 में स्थापित उत्तर प्रदेश होमगार्ड संगठन में 1,18,348 पद स्वीकृत हैं। स्थापना के समय जहां मात्र 2,000 होमगार्ड व्यवस्थापित थे, वहीं आज 67,971 होमगार्ड उपलब्ध हैं। विभाग पुलिस बल के सहयोग, सार्वजनिक व्यवस्था एवं आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने, आपातकालीन सेवाओं तथा लोककल्याण से जुड़े विविध दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। बताया गया कि आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन के क्षेत्र में 3,812 होमगार्डों को ‘आपदा मित्र’ के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। इसके अतिरिक्त 1,091 स्वयंसेवकों को अग्नि बचाव तथा 425 को बाढ़ बचाव कार्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने एनरोलमेंट प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्धता के साथ संपन्न की जाए। बैठक में बताया गया कि 3 नवंबर 2025 को जारी उत्तर प्रदेश राज्य होमगार्ड्स एनरोलमेंट मार्गदर्शिका के अंतर्गत 41,424 रिक्त पदों पर एनरोलमेंट प्रक्रिया के तहत अप्रैल 2026 में लिखित परीक्षा पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई गई। अंतिम परिणाम सितंबर 2026 में घोषित किए जाने की तैयारी है। चयनित अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के प्रशिक्षण संस्थानों में 90 दिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण प्रदान जाना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सक्षम, अनुशासित और पेशेवर होमगार्ड बल के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है।  मुख्यमंत्री ने विभागीय कार्यप्रणाली में तकनीक के व्यापक उपयोग पर बल देते हुए कहा कि पारदर्शिता और दक्षता के लिए डिजिटल प्रणालियों का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। बैठक में बताया गया कि प्रशिक्षण भत्ता ₹260 प्रतिदिन से बढ़ाकर ड्यूटी भत्ते के समकक्ष कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक होमगार्ड को प्रत्येक तीन वर्ष में ₹3,000 वर्दी भत्ता प्रदान किए जाने की व्यवस्था लागू की गई है। आधारभूत संरचना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि लगभग ₹104.80 करोड़ की लागत से स्वीकृत 20 निर्माण परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।  होमगार्ड कल्याण से संबंधित उपायों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयंसेवकों और उनके परिवारों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में बताया गया कि सेवाकाल में मृत्यु की स्थिति में नामित आश्रित को ₹5 लाख की अनुग्रह सहायता प्रदान की जा रही है। दिसंबर 2020 से अब तक 3,153 मामलों में ₹157.65 करोड़ की अनुग्रह राशि वितरित की जा चुकी है। अप्रैल 2022 से अब तक 125 दिवंगत होमगार्ड स्वयंसेवकों के आश्रितों को विभिन्न बैंकिंग बीमा योजनाओं के माध्यम से ₹30 लाख से ₹45 लाख तक की बीमा सहायता प्राप्त हुई है। अंतरजनपदीय संचरण की स्थिति में देय दैनिक भोजन भत्ता ₹30 से बढ़ाकर ₹120 प्रतिदिन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड संगठन को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाया जाए। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान को राज्य स्तरीय अत्याधुनिक संस्थान के रूप में विकसित करने की योजना है। इसमें स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग सिस्टम, आधुनिक परेड ग्राउंड, ड्रिल क्षेत्र, फिजिकल ट्रेनिंग एवं ऑब्स्टेकल कोर्स, आधुनिक छात्रावास, भोजनालय, डिजिटल पुस्तकालय, डिजिटल प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म तथा सीसीटीवी आधारित सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश होमगार्ड संगठन को आधुनिक, सक्षम, अनुशासित और जनसेवा के लिए सदैव तत्पर बल के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी प्रस्तावित योजनाओं एवं सुधारात्मक पहलों को निर्धारित समयसीमा में लागू करने के निर्देश दिए।

पीएम मोदी की ‘मन की बात’ से प्रेरित होकर डॉ. वर्णिका ने सुनी बच्चों के दिल की बात

पीएम मोदी की ‘मन की बात’ सुन डॉ वर्णिका ने सुनी बच्चो के मन की बात पीएम मोदी की ‘मन की बात’ से प्रेरित हुए बाल आश्रम के बच्चे, वर्णिका शर्मा ने कराई आम प्रदर्शनी की सैर रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात के 134वें संस्करण का श्रवण छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा ने बाल आश्रम के बच्चों के साथ किया। इस दौरान बच्चों ने प्रधानमंत्री के संदेशों को उत्साहपूर्वक सुना। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के युवा धावक अनिमेष कुजूर की उपलब्धियों का विशेष उल्लेख किया। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि देश के युवा खिलाड़ी लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं और अनिमेष कुजूर इसका उत्कृष्ट उदाहरण हैं। राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ी की सराहना होने से बच्चों में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। वहीं, प्रधानमंत्री जी ने अपने संबोधन में देश के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध आमों और गर्मी के मौसम में पारंपरिक पेय पदार्थों का भी जिक्र किया। आम की विभिन्न प्रजातियों के बारे में सुनकर बाल आश्रम के बच्चों ने आम के प्रति विशेष रुचि दिखाई और आम प्रदर्शनी देखने की इच्छा व्यक्त की। बच्चों की इस मांग को देखते हुए राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा ने तत्काल पहल करते हुए बच्चों को आम प्रदर्शनी ले जाने के लिए विशेष बस की व्यवस्था कराई। प्रदर्शनी में बच्चों ने विभिन्न किस्मों के आमों को देखा, उनके बारे में जानकारी प्राप्त की और इस अनूठे अनुभव का आनंद लिया। प्रदर्शनी के दौरान बच्चों के चेहरे पर उत्साह और खुशी साफ झलक रही थी। वर्णिका शर्मा ने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ ऐसे ज्ञानवर्धक और अनुभवात्मक अवसर उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रेरणादायक संदेश और बच्चों की जिज्ञासाओं को प्रोत्साहित करने वाली गतिविधियां उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

पंजाब के जालंधर में कोर्ट को बम धमकी से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू की जांच

जालंधर. जालंधर के अदालत परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। धमकी की सूचना सामने आने के बाद अदालत परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था अचानक बढ़ा दी गई है। पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं, जबकि डॉग स्क्वायड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें भी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई हैं। जानकारी के अनुसार अदालत परिसर में सामान्य दिनों की तरह कामकाज चल रहा था। इसी बीच बम धमकी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से सख्त कर दिया गया। हालांकि अदालत में मौजूद अधिकांश वकीलों, कर्मचारियों और अन्य लोगों को प्रारंभिक तौर पर इस धमकी की जानकारी नहीं थी, लेकिन परिसर में अचानक बढ़ी पुलिस गतिविधियों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कोर्ट में हर व्यक्ति की ली जा रही तलाशी पुलिस ने अदालत परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जांच शुरू कर दी है। परिसर में आने-जाने वाले वाहनों की भी गहन तलाशी ली जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर संदिग्ध वस्तुओं और गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। डॉग स्क्वायड की टीमें परिसर के विभिन्न हिस्सों में जांच कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके। धमकी किस माध्यम से दी गई और इसके पीछे कौन लोग हैं, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस और जांच एजेंसियां धमकी के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। पुलिस ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की पुलिस अधिकारियों ने फिलहाल लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सहयोग करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि अदालत परिसर और आसपास के क्षेत्र की पूरी तरह जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। हाल के महीनों में देश के विभिन्न हिस्सों में शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक भवनों और संवेदनशील परिसरों को धमकी मिलने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में अदालत परिसर को मिली यह धमकी भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस धमकी देने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान करने के प्रयास में जुटी हुई है।

हिमाचल के मंडी में भाजपा का एकछत्र राज बरकरार, कांग्रेस सिर्फ 4 सीटों पर सिमटी

मंडी  हिमाचल प्रदेश में मंडी जिला परिषद और नगर निगम चुनाव में भाजपा ने परचम लहराया है. पूर्व सीएम जयराम ठाकुर के जिले में भाजपा ने जहां नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को बुरी तरह हराया. वहीं, जिला परिषद में भी भाजपा का डंका देखने को मिला।  जानकारी के अनुसार, मंडी जिले में कुल 36 जिला परिषद की सीटें हैं. इसमें भाजपा ने 25 सीटों पर जीत दर्ज की और तीन पर भाजपा के बागी जीते. जबकि कांग्रेस 4 सीटों पर सिमट गई. सीपीआईएम को दो सीटें मिली हैं. इन चुनावों में कुछ दिग्गज भी चुनाव हारे हैं, जिनमें सबसे प्रमुख नाम मंडी जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा एवं पूर्व मंत्री कौल सिंह की बेटी चंपा ठाकुर का है. वह कोटली वार्ड से भाजपा की प्रत्याशी से चुनाव हार गई।  इसके बाद पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की बेटी वंदना गुलेरिया भी टिहरा वार्ड से चुनाव हार गई. सराज से कांग्रेस के नेता चेत राम ठाकुर का बेटा तरुण ठाकुर भी ब्रयोगी वार्ड से चुनाव हार गया है. सुंदरनगर में कांग्रेस के पूर्व विधायक सोहन सिंह का भतीजा चुनाव जीत गया।  ये हैं भाजपा के 25 अधिकृत विजेता प्रत्याशी मंडी जिला परिषद चुनाव में भाजपा ने कुल कितनी सीटों पर जीत दर्ज की?     वार्ड नंबर 2 बथेरी से रोशन लाल     वार्ड नंबर 3 नेर घरवासड़ा से बिंदु बाला     वार्ड नंबर 6 नगवाईं से विद्या देवी     वार्ड नंबर 7 स्योग से धर्मपाल ठाकुर     वार्ड नंबर 8 कटौला से दीपक कुमार शर्मा     वार्ड नंबर 9 थाची से बोदी देवी     वार्ड नंबर 10 बासा से पदमा देवी     वार्ड नंबर 11 मझोठी से इंद्र देव     वार्ड नंबर 12 रोड़ से शिव चंद     वार्ड नंबर 13 ब्रयोगी से रोहित कुमार     वार्ड नंबर 14 नौण से टिक्कम सिंह     वार्ड नंबर 15 चुराग से शकुंतला देवी     वार्ड नंबर 16 लोअर करसोग से अनिता देवी     वार्ड नंबर 17 सराहन से नोमलता     वार्ड नंबर 18 सांवीधार से कमल सिंह     वार्ड नंबर 19 डैहर से रोशन लाल     वार्ड नंबर 21 खिलड़ा से अमरू राम     वार्ड नंबर 23 कोट बल्ह से प्रेम सिंह     वार्ड नंबर 25 बैहल से संजय कुमार रावत     वार्ड नंबर 27 कोट गोपालपुर से सुष्मिता शर्मा     वार्ड नंबर 30 सदयाणा से परस राम     वार्ड नंबर 31 कोटली से हेमलता     वार्ड नंबर 32 सरी से रीना देवी     वार्ड नंबर 33 नवाही से श्याम लाल     वार्ड नंबर 35 सोहर से अंजना कुमारीवार्ड     नंबर 4 डलाह से चंपा देवी (भाजपा से बागी)     वार्ड नंबर 24 गोड़ा गागल से डिम्पल कुमार सैनी (भाजपा से बागी)     वार्ड नंबर 28 भाम्बला से अभिलाषा ठाकुर(भाजपा से बागी). कांग्रेस कहां कहां जीती     वार्ड नंबर 20 सलापड़ से मोहित ठाकुर     वार्ड नंबर 26 लोअर रिवालसर से पवन कुमार     वार्ड नंबर 34 टिहरा से अनिता कुमारी     वार्ड नंबर 29 थौना से अंजनी देवी     वार्ड नंबर 22 महादेव से किरणा कुमारी (कांग्रेस की बागी) मंडी के सेरी मंच पर विजेताओं के साथ जयराम. सीपीआईएम ने दो सीटें जीतीं     वार्ड नंबर 1 भडयाडा से कुशाल भारद्वाज     वार्ड नंबर 5 कुफरी से शिवानी ठाकुर     वार्ड नंबर 36 लांगणा से राखी शर्मा निर्दलीय. जयराम को जीत का श्रेय 2027 में जब भाजपा विधानसभा चुनाव जीती थी तो मंडी जिले की 10 विधानसभा सीटों मेंसे 9 भाजपा ने जीती थी. इसके बाद 2022 में भाजपा ने 9 सीटें जीती और एक कांग्रेस को गई. इसके बाद लोकसभा चुनाव में जयराम का डंका बजा और वह कंगना को जिताने में कामयाब रहे. अब नगर निगम चुनाव और जिला परिषद चुनाव में जयराम ठाकुर को पूरी तरह से क्रेडिट जाता है. जीत के बात जयराम ठाकुर ने मंडी में कहा कि मंडी भाजपा की थी और भाजपा की रहेगी। 

CM शुभेंदु ने क्रिकेटर पर जताया भरोसा, बंगाल कैबिनेट में मिली बड़ी जिम्मेदारी

कलकत्ता पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार 1 जून (सोमवार) को संपन्न हुआ. राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आरएन रवि की मौजूदगी में कुल 35 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली. इस दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।  नबन्ना में आयोजित समारोह की शुरुआत कैबिनेट मंत्रियों के शपथ ग्रहण से हुई. सबसे पहले 7 विधायकों को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई. इसके बाद तीन विधायकों ने राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली, जबकि अंत में 19 विधायकों ने राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण किया।  टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज अशोक डिंडा भी बंगाल सरकार में मंत्री बने हैं. उन्होंने राज्य मंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ ली. डिंडा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर हालिया विधानसभा चुनाव में मोयना सीट से धमाकेदार जीत हासिल की थी. डिंडा ने अपने निकटमतम प्रतिद्वंद्वी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) के चंदन मंडल को 16241 मतों से हराया था।  यह लगातार दूसरी बार है जब अशोक डिंडा ने मोयना सीट पर जीत दर्ज की है. इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में 42 वर्षीय डिंडा ने तृणमूल कांग्रेस के संग्राम डोलुई को बेहद करीबी मुकाबले में 1260 वोटों से हराया था. क्रिकेट के बाद राजनीति में उनकी यह जीत भाजपा के लिए भी बड़ा संदेश मानी गई थी।  अशोक डिंडा का क्रिकेट करियर भी काफी चर्चित रहा है. उन्होंने दिसंबर 2009 में श्रीलंका के खिलाफ भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया था. दाएं हाथ के तेज गेंदबाज डिंडा ने भारत के लिए 13 वनडे और 9 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले. वनडे इंटरनेशनल में उन्होंने 12 विकेट लिए, जबकि टी20 इंटरनेशनल में उनके नाम 17 विकेट दर्ज हैं।  IPL में इन टीमों के लिए खेले घरेलू क्रिकेट में बंगाल के लिए अशोक डिंडा का योगदान बेहद अहम रहा. वहीं इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई. डिंडा ने IPL में कुल 78 मैच खेलते हुए 69 विकेट झटके. इस दौरान वह कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR), दिल्ली कैपिटल्स (DC), पुणे वॉरियर्स इंडिया (PWI), रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स (RPS) जैसी टीमों का हिस्सा रहे।  क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अशोक डिंडा ने फरवरी 2021 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था. इसके बाद उन्होंने राजनीति में तेजी से अपनी पहचान बनाई और अब मंत्री पद तक पहुंचकर यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ क्रिकेट मैदान पर ही नहीं, राजनीति की पिच पर भी लंबी पारी खेलने के लिए तैयार हैं। अशोक डिंडा-जॉयल मुर्मू समेत कई MLA's बने राज्य मंत्री समारोह में जॉयल मुर्मू, पूर्व क्रिकेटर व विधायक अशोक डिंडा और आनंदमय बर्मन ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली. इनके अलावा बीजेपी विधायक शांतनु प्रमाणिक, पूर्णिमा चक्रवर्ती और उमेश राय को भी शुभेंदु अधिकारी कैबिनेट में राज्य मंत्री (MoS) के तौर पर शामिल किया गया है।  पश्चिम बंगाल सरकार का ये शपथ ग्रहण समारोह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के शपथ लेने के ठीक तीन हफ्ते बाद हुआ है. शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई को ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की गरिमामयी उपस्थिति में शपथ ली थी. उनके अलावा इस शपथ ग्रहण समारोह में दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निशित प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू मंत्री पद की शपथ ली थी।  सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश वहीं, बंगाल में मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए बीजेपी ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को साधने की कोशिश की है. नए मंत्रिमंडल में ब्राह्मण, ओबीसी (OBC), आदिवासी, मतुआ और राजबंशी समुदायों को उचित प्रतिनिधित्व दिया गया है।  आपको बता दें कि हाल में संपन्न हुआ बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत हासिल कर ममता बनर्जी की 15 साल पुरानी सत्ता को फेंका. बीजेपी ने 294 सीटों में से अकेले दम पर 200 से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज की।     

बदल रहा हरियाणा! कम हुए बाल विवाह, महिलाएं तेजी से जुड़ रहीं डिजिटल दुनिया से

रोहतक. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-6, 2023-24) की ताजा रिपोर्ट ने प्रदेश की सामाजिक तस्वीर में कई बड़े बदलावों को उजागर किया है। जहां एक ओर महिलाओं की शिक्षा, इंटरनेट उपयोग और आर्थिक भागीदारी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, वहीं परिवार नियोजन के तरीकों में तेजी से बदलाव देखने को मिला है। आंकड़े बताते हैं कि अब हर चार में से लगभग तीन महिलाएं इंटरनेट का इस्तेमाल कर चुकी हैं। यह आंकड़ा 2019-21 में केवल 48.4 प्रतिशत था। यानी तीन साल में महिलाओं की डिजिटल पहुंच में करीब 26 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी हुई है। आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि हरियाणा बदलाव के दौर से गुजर रहा है और आने वाले वर्षों में इन संकेतकों पर सरकार की नीतियों का असर और अधिक स्पष्ट दिखाई देगा। रिपोर्ट बताती है कि प्रदेश अब केवल कृषि और उद्योग के लिए ही नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के मामले में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। महिलाओं ने पिछले तीन वर्षों में ऐसी डिजिटल छलांग लगाई है, जिसने राज्य की सामाजिक तस्वीर बदल दी है। 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की 74 प्रतिशत महिलाएं अब इंटरनेट उपयोग कर रही हैं। मोबाइल फोन का स्वयं इस्तेमाल करने वाली महिलाओं की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं की डिजिटल पहुंच तेजी से बढ़ी है। एनएफएचएस-5 में जहां यह आंकड़ा 50.4 प्रतिशत था, वहीं अब बढ़कर 64.9 प्रतिशत हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्टफोन, आनलाइन सेवाओं और डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग ने महिलाओं को अधिक आत्मनिर्भर बनाया है। शिक्षा में भी दिखा बड़ा सुधार शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य ने प्रगति दर्ज की है। 10 या उससे अधिक वर्ष की स्कूली शिक्षा प्राप्त महिलाओं का प्रतिशत 49.5 से बढ़कर 55.2 हो गया है। पुरुषों में यह आंकड़ा 62.2 प्रतिशत से बढ़कर 64.4 प्रतिशत तक पहुंचा है। महिलाओं के स्कूल जाने की दर में भी सुधार देखने को मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा और डिजिटल पहुंच में बढ़ोतरी आने वाले वर्षों में रोजगार और सामाजिक भागीदारी को और मजबूत करेगी। आर्थिक रूप से मजबूत हुई महिलाएं आर्थिक सशक्तिकरण के मोर्चे पर भी महिलाओं की स्थिति बेहतर हुई है। पिछले 12 महीनों में नकद भुगतान के साथ कार्य करने वाली महिलाओं का प्रतिशत 18.8 से बढ़कर 25.1 हो गया है। वहीं स्वयं उपयोग करने वाले बैंक खातों वाली महिलाओं की संख्या 73.6 प्रतिशत से बढ़कर 85.2 प्रतिशत तक पहुंच गई है। घर या जमीन में महिलाओं की हिस्सेदारी भी 11.8 प्रतिशत से बढ़कर 14.7 प्रतिशत दर्ज की गई है। कम हो रही बाल विवाह की समस्या हरियाणा में बाल विवाह के मामलों में भी गिरावट दर्ज हुई है। रिपोर्ट में परिवार और समाज से जुड़े संकेतकों में भी बदलाव दिखाई देता है। 18 वर्ष से पहले विवाह करने वाली महिलाओं का प्रतिशत 12.5 से घटकर 11.9 प्रतिशत रह गया है। वहीं 21 वर्ष से पहले विवाह करने वाले पुरुषों का प्रतिशत 16 से घटकर 13.3 प्रतिशत हो गया है। इससे स्पष्ट है कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर धीरे-धीरे नियंत्रण हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं की घरेलू निर्णयों में भागीदारी 87.5 प्रतिशत से बढ़कर 91.1 प्रतिशत हो गई है। घर की खरीदारी, स्वास्थ्य और पारिवारिक निर्णयों में महिलाओं की भूमिका पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में हरियाणा की उपलब्धियां उल्लेखनीय रही हैं। गर्भावस्था के दौरान कम से कम चार प्रसवपूर्व जांच कराने वाली महिलाओं का प्रतिशत 60.9 से बढ़कर 79 प्रतिशत हो गया है। परिवार नियोजन के क्षेत्र में भी नया रुझान देखने को मिला है। महिला नसबंदी का प्रतिशत घटकर 28.5 रह गया है, जबकि पारंपरिक गर्भनिरोधक तरीकों का उपयोग बढ़कर 21.4 प्रतिशत हो गया है। इससे संकेत मिलता है कि परिवार नियोजन के प्रति लोगों की पसंद और व्यवहार में बदलाव आ रहा है। बदलते हरियाणा की नई तस्वीर एनएफएचएस-6 के आंकड़े बताते हैं कि हरियाणा में बदलाव सिर्फ सड़कों, भवनों या उद्योगों तक सीमित नहीं है। डिजिटल तकनीक, शिक्षा और आर्थिक अवसरों ने महिलाओं के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया है। राज्य की नई पहचान अब डिजिटल महिला शक्ति के रूप में उभरती दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि रिपोर्ट हरियाणा में सामाजिक और तकनीकी बदलाव की मजबूत तस्वीर पेश करती है। महिलाओं की शिक्षा, डिजिटल पहुंच और आर्थिक भागीदारी में सुधार राज्य के लिए सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन पोषण और परिवार नियोजन से जुड़े क्षेत्रों में अभी भी गंभीर प्रयासों की जरूरत बनी है।

पंजाब के लुधियाना में फैक्ट्री हादसा, गैस लीक से तीन मजदूरों की मौत, इलाके में हड़कंप

लुधियाना. पंजाब के लुधियाना में सोमवार तड़के हुए एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। पाना-चाबी बनाने वाली एक फैक्ट्री में अचानक जहरीली गैस का रिसाव होने से वहां काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में पिता और पुत्र सहित तीन की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूरों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। मृतकों की पहचान मान सिंह और उनके पुत्र अमित के रूप में हुई है, जबकि तीसरे मृतक का नाम श्रीराम है। तीनों फैक्ट्री में कार्यरत थे और रोज की तरह सोमवार सुबह भी अपनी ड्यूटी पर पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह कामकाज सामान्य रूप से चल रहा था। इसी दौरान अचानक किसी पाइपलाइन अथवा गैस सिलेंडर से जहरीली गैस का रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते गैस पूरे परिसर में फैल गई और वहां मौजूद कर्मचारियों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन तथा घुटन महसूस होने लगी।  मजदूर मौके पर ही हुए बेहोश कुछ मजदूरों ने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन गैस का प्रभाव इतना तेज था कि कई कर्मचारी मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। घटना की जानकारी मिलते ही फैक्ट्री प्रबंधन, स्थानीय प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच गए। बचाव कर्मियों ने सुरक्षा उपकरणों की मदद से फैक्ट्री के भीतर फंसे कर्मचारियों को बाहर निकालना शुरू किया। गंभीर रूप से प्रभावित मान सिंह और उनके पुत्र अमित को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। अन्य प्रभावित मजदूरों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ कर्मचारियों की हालत अभी भी निगरानी में रखी गई है। मृतकों का शव पोसटमार्टम के लिए भेजा दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए कैंसर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही संबंधित विभागों की टीमें भी गैस रिसाव के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा तकनीकी खराबी, सुरक्षा मानकों में लापरवाही या किसी अन्य वजह से हुआ। हादसे के बाद फैक्ट्री क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की मांग उठाई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। प्रशासन ने भी जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है।

छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र का महापर्व, निकाय और पंचायत उपचुनाव में वोटिंग शुरू

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम अनुसार राज्य में चल रहे नगरीय निकायों और त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम-उपचुनाव के लिए आज मतदान किया जा रहा है. नगरीय निकायों में अध्यक्ष के 05 पदों और पार्षद के 71 पदों के निर्वाचन के लिए बनाए गए 96 मतदान केन्द्रों में कुल 31928 मतदाताओं (15720 पुरूष मतदाता, 16207 महिला मतदाता तथा 01 अन्य मतदाता) द्वारा अपने मताधिकार का प्रयोग किया जायेगा. वहीं त्रि-स्तरीय पंचायत में जनपद पंचायत सदस्य के 10, सरपंच के 34 और वार्ड पंच के 107 पदों के निर्वाचन के लिए बनाए गए 274 मतदान केन्द्रों में कुल 102797 मतदाताओं (51465 पुरूष मतदाता, 51331 महिला मतदाता तथा 01 अन्य मतदाता) द्वारा अपने मताधिकार का प्रयोग किया जायेगा. नगरीय निकायों में मतदान समय सुबह 8:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक और त्रि-स्तरीय पंचायतों में मतदान समय सुबह 7 बजे से शाम 3 बजे तक निर्धारित है.

पंजाब में शिक्षा क्रांति का दावा, CM मान ने करवाई PTM; सरकारी स्कूलों ने हासिल किया पहला स्थान

 चंडीगढ़ राष्ट्रीय शिक्षा रैंकिंग में पंजाब द्वारा शीर्ष स्थान हासिल करने की उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने आज राज्य के 19,000 से अधिक सरकारी स्कूलों में मेगा अभिभावक-शिक्षक मिलन (पीटीएम) आयोजित किया। इस दौरान पूरे प्रदेश में सहभागी शिक्षा का उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला।  ‘शिक्षा का महा उत्सव’ के बारे में जानकारी साझा करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री स हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह विशेष आयोजन नीति आयोग की स्कूल शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में पंजाब को प्रथम स्थान मिलने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। इस रिपोर्ट में पंजाब ने बुनियादी शिक्षा के प्रमुख मानकों पर केरल को पीछे छोड़ दिया, जिसे लंबे समय से देश में स्कूली शिक्षा का स्वर्ण मानक माना जाता रहा है। पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि इस सामूहिक उपलब्धि के सम्मान में आज शिक्षकों तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों को उनके अथक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा बोर्ड परीक्षाओं के टॉपरों, इंग्लिश एज कार्यक्रम के उपलब्धि हासिल करने वाले विद्यार्थियों तथा जेईई क्वालिफायर छात्रों सहित उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विशेष सम्मान और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस उपलब्धि को बनाए रखने में अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि मेगा पीटीएम और अभिभावक कार्यशालाओं में 20 लाख से अधिक अभिभावकों ने भाग लिया। यह व्यापक कार्यक्रम ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बच्चों की सीखने की निरंतरता बनाए रखने, अवकाश गृहकार्य के प्रभावी प्रबंधन तथा सकारात्मक दिनचर्या विकसित करने पर केंद्रित था। इस व्यापक कार्यक्रम के सफल और गुणवत्तापूर्ण संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सभी शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों को लाइव यूट्यूब सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षित सहयोगी स्टाफ और सक्रिय स्कूल प्रबंधन समितियों ने अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने, समन्वय स्थापित करने तथा गतिविधियों के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंत्री बैंस ने इस उपलब्धि को ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ का एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताते हुए कहा, “यह नंबर-1 रैंक केवल सरकार की उपलब्धि नहीं है, बल्कि हर उस अभिभावक की है जिसने सरकारी स्कूलों पर विश्वास जताया, हर उस विद्यार्थी की है जिसने मेहनत की और हर उस शिक्षक की है जिसने पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर शिक्षा प्रदान की। हमने सरकारी स्कूलों को अंतिम विकल्प से पहली पसंद में बदल दिया है। दशकों तक यह माना जाता रहा कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संभव नहीं है, लेकिन पंजाब ने इस धारणा को गलत साबित कर दिखाया है। यह रैंक हमारे कक्षाओं से उत्पन्न हुई शिक्षा क्रांति का प्रमाण है।” 

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों का असर, अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई; धमतरी में 5 मशीनें जब्त

मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों का असर : अवैध खनन पर राज्य भर में हो रही कार्रवाई, धमतरी में 5 चैन माउंटेन मशीनें जब्त सूक्ष्म निगरानी, तकनीक और सख्त कार्रवाई से अवैध खनन पर लग रहा अंकुश रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देशों के परिपालन में प्रदेशभर में व्यापक अभियान चलाकर लगातार छापेमारी और कठोर कार्रवाई की जा रही है। सरकार की सूक्ष्म निगरानी, तकनीक आधारित मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई के कारण अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना संभव हो पा रहा है।                 इसी क्रम में खनिज विभाग के सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम द्वारा दिनांक 31 मई 2025 की रात्रि में जिला धमतरी अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम नारी स्थित महानदी में 05 चैन माउंटेन मशीनें रेत के उत्खनन में संलग्न पाई गईं। मौके पर रेत उत्खनन के संबंध में किसी प्रकार की वैध अनुमति अथवा आदेश प्रस्तुत नहीं किए जाने पर खनिज के अवैध उत्खनन का प्रकरण दर्ज किया गया।                खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत सभी मशीनों को जब्त कर सील किया गया तथा जवाब प्रस्तुत करने हेतु मशीनों के मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा किया गया। जांच कार्रवाई के दौरान केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। प्रदेश सरकार द्वारा अवैध खनन के विरुद्ध लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों और सतत निगरानी तंत्र के कारण अब ऐसी गतिविधियों पर लगातार नियंत्रण स्थापित हो रहा है। राज्यभर में अभियानात्मक कार्रवाई जारी है और अवैध खनन में संलिप्त लोगों को स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि नियमों के उल्लंघन पर किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।