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ऐप से ई-रिक्शा लॉक होने का दावा कितना सच? साइबर एक्सपर्ट ने बताई हकीकत

नई दिल्ली  एक वायरल वीडियो से ईवी की बैटरी सुरक्षा को सस्ती लिथियम बैटरी वाले ई-रिक्शा में लग सकता है 'रिमोट ब्रेक' लेकर सवाल उठ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें ई-रिक्शा को चलते चलते एक ऐप(BAT/BMS) से लॉक होने की बात कही जा रही है। बैटरियों में नहीं होती ब्लूटूथ की सुविधा साइबर एक्सपर्ट शौर्य कौशिक ने बताया कि वायरल वीडियो में जो दावा किया जा रहा है, वैसा कमजोर बैटरी वाले ई-रिक्शा में हो सकता है। भारत में लिथियम बैटरी वाले कई ई-रिक्शा निर्माता अपनी अलग-अलग बैटरी मैनेजमेंट तकनीक और अलग मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करते है। इन्हें इस ऐप से कनेक्ट नहीं किया जा सकता। लेड एसिड बैटरियों पर चल रहे हैं ई-रिक्शा साथ ही कई ई-रिक्शा पारंपरिक लेड एसिड बैटरियों पर चल रहे हैं। इन बैटरियों में भी ब्लूटूथ की सुविधा नहीं होती। उन्होंने साफ कहा कि यह साइबर सुरक्षा में सेंध या साइबर हमला नहीं है, बल्कि कुछ बैटरी सिस्टम में मौजूद कमजोर सुरक्षा व्यवस्था की समस्या है। 'सभी ई-रिक्शा नहीं हो सकते ऐप से ऑफ' एनबीटी रिपोर्टर ने इस ऐप को डाउनलोड कर हकीकत जानने की कोशिश की। ई-रिक्शा स्टैंड के बाहर जब इस ऐप को ऑन किया तो इस पर कुछ ब्लूटूथ डिवाइस कनेक्ट हुए, लेकिन इन्हें कनेक्ट करने पर भी बैटरी को बंद करने का विकल्प ऐप पर नही दिखा। द्वारका के ई-रिक्शा डीलर सुमित अग्रवाल ने बताया कि यह ऐप बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम के लिए है। यह सिर्फ उन्हीं बैटरियों के साथ काम करता है, जिनमें संबंधित बीएमसी और ब्लूटूथ मॉड्यूल मौजूद होता है। ऐसे ई-रिक्शा को उस ऐप से कट्रोल करना संभव है।

एयरटेल का नया 200 रुपये वाला प्लान देगा अनलिमिटेड 5G डेटा और OTT सब्सक्रिप्शन

 भारतीय टेलीकॉम ऑपरेटर भारती एयरटेल ने एक नया प्रीपेड प्लान लॉन्च किया है। इसकी कीमत 200 रुपये है। खासबात तो यह है कि इस पैक में अनलिमिटेड 5G डेटा के साथ 30GB 4G डेटा भी मिलता है। इतना ही नहीं प्लान में Jiohotstar जैसे कई लोकप्रिय ओटीटी प्लेटफॉर्म का फ्री सब्सक्रिप्शन भी दिया जा रहा है। हालांकि, यह एक ऐड-ऑन प्लान है। कंपनी के इस प्लान से जियो के 200 रुपये वाले प्लान को कड़ी टक्कर मिल रहा है। आइये, इसके बारे में जानते हैं। 28 दिन है वैलेडिटी लोकप्रिय टेलीकॉम कंपनी एयरेटल के इस 200 रुपये वाले प्लान की वैलेडिटी 28 दिन है। इस प्लान में 28 दिनों के लिए 30GB हाई-स्पीड डेटा मिल रहा है। इतना ही नहीं, कंपनी अपने यूजर्स को अनलिमिटेड 5G डेटा भी दे रहा है, जिसका यूज केवल 5G नेटवर्क वाले क्षेत्रों में किया जा सकता है। प्लान एयरटेल की आधिकारिक वेबसाइट और ऐप पर उपलब्ध है। फ्री मिल रहा कई ओटीटी का सब्सक्रिप्शन     एयरटेल के इस प्रीपेड प्लान के तहत यूजर्स को 149 रुपये की कीमत वाला 28 दिन का JioHotstar मोबाइल का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलेगा, जिससे वे मोबाइल पर लाइव स्पोर्ट्स, फिल्में, Hotstar स्पेशल और अन्य सीरीज-मूवी देख सकेंगे।     इतना ही नहीं, इस पैक में 28 दिनों के लिए Airtel Xstream प्ले प्रीमियम भी दिया जा रहा है। इसके जरिए यूजर्स को Sony LIV, Lionsgate Play, Aha Premium, Chaupal, SunNXT और अन्य सहित 18 से ज्यादा OTT प्लेटफॉर्म का एक्सेस मिलेगा।     30GB मोबाइल डेटा खत्म हो जाने के बाद यूजर को एक MB के लिए 50 पैसे देने होंगे। इस ऐड-ऑन प्लान का मकसद यूजर्स को उनके मौजूदा प्लान के साथ अधिक डेटा और ओटीटी प्लेटफॉर्म का एक्सेस देना है। चूंकि यह एड-ऑन प्लान है तो इसका मतलब है कि यूजर्स को इसके लिए एक नॉर्मल प्लान से रिचार्ज करमा जरूरी होगा। Jio का 200 रुपये का प्लान बता दें कि जियो का भी एक 200 रुपये का डेटा पैक आता है। इसे ओटीटी पास कहा जाता है। इसमें यूजर्स को 15 OTT के साथ 1000 से ज्यादा टीवी चैनल का एक्सेस मिलता है। ओटीटी प्लेटफॉर्म में Jiohotstar, SonyLiv, प्राइम वीडियो, यूट्यूब प्रीमियम, Z5 आदि शामिल है। इसमें भी 28 दिनों के लिए 30GB डेटा और अनलिमिटेड 5G डेटा मिलता है।

दिल्ली की नई ईवी पॉलिसी में सब्सिडी, रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क से बड़ी राहत

नई दिल्ली मुख्यमंत्रीा रेखा गुप्ता का कहना है कि नई ईवी पॉलिसी 2026 सिर्फ प्रदूषण कम करने की योजना नहीं, बल्कि आम लोगों के पैसे बचाने वाली नीति भी है। सीएम रेखा गुप्ता के मुताबिक, ईवी खरीदारों को इलेक्ट्रिक टू वीलर पर 50 हजार रुपये, ई-ऑटो पर 75 हजार और कमर्शल एन-1 गुड्स कैरियर पर 1.50 लाख रुपये तक की शुरुआती बचत हो सकती है। रेखा गुप्ता का कहना है कि इस नीति का मकसद ईवी की शुरुआती खरीद लागत के साथ-साथ उनके पूरे जीवनकाल में होने वाले खर्च को कम करना है ताकि  अधिक से अधिक लोग ईवी अपनाने के लिए प्रेरित हों। सरकार देती है प्रोत्साहन राशि, आजीवन रोड टैक्स में छूट मुख्यमंत्री ने दावा किया कि नई ईवी पॉलिसी नई गाड़ी खरीदने के लिए प्रोत्साहित करता है, प्रदूषण वाली पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने पर प्रोत्साहन राशि देता है, आजीवन रोड टैक्स में छूट है, रजिस्ट्रेशन शुल्क में माफी और पेट्रोल व डीजल गाड़ियों की तुलना में इसे चलाने में कम खर्च और रखरखाव भी सस्ता है। यही कारण है कि ईवी अब घरों, व्यावसायिक चालकों और छोटे-बड़े व्यवसायों के लिए सबसे समझदारी भरा आर्थिक विकल्प बन रहे हैं। इलेक्ट्रिक दोपहिया पर सब्सिडी     सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि इलेक्ट्रिक दोपहिया पर 30,000 रुपये तक की सब्सिडी, स्क्रैपिंग पर 10,000 रुपये की छूट, गाड़ी के पूरे जीवनकाल के लिए रोड टैक्स में छूट, रजिस्ट्रेशन शुल्क में पूरी माफी मिलेगी।     इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा (एल-5) खरीदने वाले को 50,000 रुपये तक की छूट नया ऑटो खरीदने पर मिलेगी। 25,000 रुपये स्क्रैपिंग के एवज में मिलेगे।     इलेक्ट्रिक ग्रामीण सेवा गाड़ी खरीदने वालो को पुरानी गाड़ियो को स्क्रैप कराने पर 15,000 रुपये, इलेक्ट्रिक एन-1 गुड्स कैरियर को 1 लाख रुपये तक नई गाड़ी खरीदने पर मिलेंगे, इन्हें 50,000 रुपये स्क्रैपिंग पर मिलेगा। पॉलिसी में कई वित्तीय फायदे जोड़े सीएम ने बताया कि खरीद प्रोत्साहन, स्क्रैपिंग प्रोत्साहन, आजीवन रोड टैक्स छूट और एकमुश्त रजिस्ट्रेशन शुल्क माफी का लाभ लेकर गाड़ी की वास्तविक खरीद लागत को काफी कम कर सकते है। इससे ईवी खरीदने के लिए दिल्ली देश के सबसे आकर्षक राज्यों में से एक बन गई है। रोड टैक्स की छूट सबसे अहम     सीएम ने कहा कि इस नीति के तहत रोड टैक्स से मिलने वाली छूट केवल नीति की अवधि तक ही सीमित नहीं है, बल्कि गाड़ी के पूरे जीवन काल तक लागू रहेगी। साथ ही गाड़ी खरीदते समय रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी पूरी छूट मिलेगी।     प्राइवेट इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर प्रोत्साहन का प्रावधान नहीं है। लेकिन पारंपरिक ईंधन वाली कार को स्क्रैप कर इलेक्ट्रिक कार खरीदता है तो एक लाख रुपये तक की राशि मिलेगी।

भजनलाल सरकार ने ट्रांसफर विंडो बढ़ाई, 10 जुलाई तक होंगे तबादले जारी

जयपुर  राजस्थान में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के बड़ी खबर हैं. भजनलाल सरकार ने कर्मचारियों-अधिकारियों के तबादलों की तारीख को आगे बढ़ा दिया है. ट्रांसफर पर लगी रोक में दी गई छूट की अवधि 5 दिन के लिए बढ़ाई गई है. प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग ने शुक्रवार को आदेश जारी कर तबादलों की छूट की अंतिम तिथि 10 जुलाई कर दी है, जो पहले 5 जुलाई थी. यानी ट्रांसफर की लिस्ट 10 जुलाई तक जारी हो सकेगी. थर्ड ग्रेड टीचर्स को राहत नहीं पिछले महीने 19 जून को सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के ट्रांसफर विंडो खोली गई थी. प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग ने बैन हटाते हुए तबादलों की अनुमति 5 जुलाई तक दी. आदेश के तहत, स्थानांतरण पर लगे पूर्ण प्रतिबंध में 5 जुलाई तक छूट दी गई थी. अब इस छूट की अवधि को 5 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है.  सरकार के इस फैसले के बाद अब विभिन्न विभागों में लंबित तबादला प्रस्तावों पर अगले कुछ दिनों तक कार्रवाई जारी रह सकेगी. हालांकि, सरकार ने कुछ श्रेणियों को इस छूट से बाहर रखा है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षा विभाग के तृतीय श्रेणी वेतन श्रृंखला के अध्यापकों के तबादलों पर बैन जारी रहेगा. वहीं, चिकित्सकों को भी छूट नहीं दी गई है.वर्षाकाल में संचालित बीमारियों को देखते हुए चिकित्सा विभाग के कार्मिकों के लिए स्थानांतरण पर प्रतिबंध अगले आदेश तक यथावत रहेगा.

सुबह हथेलियाँ देखने की परंपरा: लक्ष्मी, सरस्वती और विष्णु का आशीर्वाद माना गया

सनातन धर्म और वास्तु शास्त्र में सुबह के समय को बहुत ही ज्यादा कीमती माना गया है. ऐसा कहा जाता है कि अगर दिन की शुरुआत अच्छी और पॉजिटिव एनर्जी के साथ हो, तो हमारा पूरा दिन ही खुशियों से भरा हुआ और सफल बना रहता है. दिन को इसी तरह की एक अच्छी और पॉजिटिव शुरुआत देने के लिए हमारे घर के बड़े-बुजुर्ग सुबह सबसे पहले अपनी हथेलियों को देखा करते हैं और परिवार के बाकी सभी सदस्यों को भी ऐसा ही करने की सलाह देते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि वे ऐसा क्यों करते हैं और हमें भी इसकी सलाह क्यों देते हैं? अगर आपके दिमाग में भी यही सवाल आ रहा है, तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ लें. आज हम आपको बहुत ही आसान शब्दों में समझाने वाले हैं कि इस पुरानी और सुंदर परंपरा के पीछे क्या धार्मिक, वास्तु से जुड़े और प्रैक्टिकल कारण छिपे हुए हैं. तो चलिए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से. हमारी हथेलियों में होता है देवी-देवताओं का वास शास्त्रों और वास्तु की अगर माने तो हमारे हाथों में ब्रह्मांड की सबसे बड़ी शक्तियां निवास करती हैं. इसके लिए हमारे सनातन धर्म में एक बहुत ही प्रसिद्ध श्लोक भी बताया गया है, जो ‘कराग्रे वसते लक्ष्मी’ से शुरू होता है. इस श्लोक का बिल्कुल सीधा और आसान अर्थ होता है कि हमारी उंगलियों के सबसे आगे वाले हिस्से में धन की देवी मां लक्ष्मी का वास होता है. हमारी हथेली के ठीक बीच वाले हिस्से में ज्ञान और बुद्धि की देवी मां सरस्वती रहती हैं. वहीं, हथेली के नीचे यानी कलाई के पास भगवान विष्णु का स्थान माना जाता है. इसलिए, जब हम सुबह जागते ही सबसे पहले अपने दोनों हाथों को देखते हैं, तो एक साथ हमें धन, बुद्धि और जीवन में सही रास्ते पर चलने का आशीर्वाद मिल जाता है. निगेटिव एनर्जी से बचाव और वास्तु का फायदा वास्तु शास्त्र के अनुसार जब हम रात को सोने के बाद अगली सुबह सोकर उठते हैं, तो हमारा शरीर और दिमाग पूरी तरह से शांत सिचुएशन में होते हैं. वास्तु शास्त्र की अगर माने तो सुबह आंख खुलते ही हमें किसी भी ऐसी चीज को नहीं देखना चाहिए जो मन में उदासी या निगेटिविटी को पैदा करे. उदाहरण के लिए, सुबह-सुबह बंद घड़ी, गंदा कमरा या आईना देखना बिल्कुल भी अच्छा नहीं माना जाता. कहा जाता है कि सुबह उठते ही आईना देखने से रात भर की निगेटिव एनर्जी हमारे अंदर दोबारा आ सकती है. इसके ठीक विपरीत, अपने खुद के हाथों को देखना सबसे शुद्ध और पवित्र माना गया है. इससे घर और जीवन का वास्तु दोष दूर होता है और मन में सुबह से ही अच्छे ख्याल आने लगते हैं. सेल्फ-कॉन्फिडेंस और मेहनत की सबसे बड़ी सीख इस ट्रेडिशन के पीछे एक बहुत डीप प्रैक्टिकल मैसेज भी छिपा हुआ है, जो हमें जीवन में आगे बढ़ने की सीख देता है. हमारी हथेलियां हमारी मेहनत यानी हमारे ‘कर्म’ की पहचान हैं. हम अपने जीवन में जो कुछ भी हासिल करते हैं या जो भी सफलता पाते हैं, वह अपने हाथों की मेहनत से ही पाते हैं. ऐसे में हर सुबह सोकर उठने के बाद अपने ही हाथों को देखने से हमें यह याद रहता है कि हमारे भाग्य को बनाने की ताकत भगवान ने हमारे अपने हाथों में ही दी है. यह छोटी सी आदत हमारे अंदर सेल्फ-रिलायंस और कॉन्फिडेंस की भावना जगाती है. इससे हम पूरे दिन ईमानदारी और लगन के साथ अपना काम करने के लिए मोटिवेटेड रहते हैं. सुबह उठकर हथेलियों को देखने का सही तरीका इस ट्रेडिशन का पूरा फायदा उठाने के लिए सुबह जैसे ही आपकी आंखें खुले, तुरंत उठकर बिस्तर से नीचे न उतरें. सोकर उठते ही सबसे पहले आराम से बिस्तर पर ही बैठ जाएं और अपने दोनों हाथों को मिलाकर एक खुली किताब की तरह अपने चेहरे के सामने लाएं. इसके बाद बिल्कुल शांत मन से अपने हाथों की रेखाओं और उंगलियों को देखें. अगर आपको श्लोक याद है तो मन में उसका जाप कर लें, और अगर याद नहीं है तो बस अपने भगवान का नाम ले लें. इसके बाद अपनी दोनों हथेलियों को आपस में थोड़ा रगड़ें ताकि उनमें हल्की सी गर्मी आ जाए. फिर इन गर्म हथेलियों को अपने पूरे चेहरे, आंखों और सिर पर धीरे से फेर लें. ऐसा करने से आपके शरीर में तुरंत एक नई एनर्जी और फ्रेशनेस आ जाएगी और आप पूरे दिन खुद को बेहतर महसूस करेंगे. यह एक बहुत ही आसान वास्तु का उपाय है, जो आपकी जिंदगी में सुख और शांति ला सकता है.

पुरानी मतदाता सूची से मैपिंग न होने से मतदाताओं की बढ़ी परेशानी

नई दिल्ली  स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया जारी है। घर-घर पहुंच रहे बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को अब नई समस्या का सामना करना पड़ रहा है। लोग 2002 की मतदाता सूची से अपना मिलान नहीं कर पा रहे हैं। कई लोग ऐसे हैं जो 2002 में ही मतदाता बनने के लिए एजिलिबल हो गए थे, लेकिन उन्होंने अपने वोटर कार्ड नहीं बनवाए। ऐसे लोगों के नाम नहीं मिल रहे हैं। तकनीकी दिक्कतों से माता-पिता से नाम की मैपिंग नहीं करा पा रहे हैं। सूची से मैपिंग कराने में करना पड़ रहा दिक्कतों का सामना पुरानी मतदाता सूची से मैपिंग कराने में लोगों को सर्वाधिक दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग ऐसे हैं जो 2002 में 18 वर्ष के हो गए थे। लेकिन उन्होंने अपना मतदाता पहचान पत्र 2005 या उसके बाद बनवाया। इससे उनका नाम सूची में नहीं मिल रहा है। चुनाव आयोग ने व्यवस्था की है कि जो 2002 की सूची में नहीं है वह अपने माता-पिता या दादा-दादी के नाम के साथ मैपिंग कर सकते हैं। अब समस्या आ रही है कि उनकी मैपिंग माता-पिता के नाम के साथ नहीं हो पा रही है। कुछ ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं जिनमें माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है। दादा-दादी के बारे में भी जानकारी नहीं है। 2002 में वे मतदाता नहीं थे और अब मैपिंग में अपना नाम नहीं दिखा पा रहे हैं। कई मामलो में माता-पिता की मौत हो चुकी पटपड़गंज इलाके में एन्युमरेशन फॉर्म भरवा रहे BLO अरुण कुमार ने बताया कि ऐसे कई मामले सामने आ रहे है, जिनमें 2002 में एलिजिबल होकर भी मतदाता पहचान पत्र नहीं बनवाया, अब उनके नाम नहीं मिल रहे हैं। कई मामलो में माता-पिता की मौत हो चुकी है। उनके नाम की मैपिंग करना चुनौतीभरा साबित हो रहा है। उत्तर भारत पहुंचा मॉनसून, दिल्ली-यूपी-बिहार से लेकर पंजाब-हरियाणा तक कैसी होगी बरसात? हम उनको समझा रहे हैं कि अगर आपका नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाले ड्राफ्ट रोल में नहीं आता है, तो उनके पास दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का मौका है। इसके बाद जरूरी 12 दस्तावेज में से कोई भी एक पेश करके वह अपना नाम जुड़वा सकते हैं। लेकिन, लोगों में डर का माहौल है कि उनका नाम कट जाएगा तो वापस नहीं जुड़ेगा। ऐसे में लोगों को समझाने में काफी मुश्किल हो रही है। चुनाव आयोग के मुताबिक 2002 में एलिजिबल होकर भी मतदाता पहचान पत्र नहीं बनवा सके तो माता-पिता से अपनी मैपिंग करा सकते हैं। इसमें कोई दिक्कत नहीं है। 3 दिनों में बांटे 21 लाख से ज्यादा फॉर्म SIR के तीसरे दिन बीएलओ ने घर-घर जाकर एन्युमरेशन फॉर्म बांटे। गुरुवार की रात 8 बजे तक दिल्ली में कुल 21 लाख 2 हजार 79 चुनावी फॉर्म वांटे जा चुके है, जो कि कुल मतदाताओं का 14.49 प्रतिशत है। हालांकि, बांटे गए फॉर्मों को डिजिटल प्लैटफॉर्म पर दर्ज करने यानी डिजिटाइजेशन की रफ्तार अभी काफी धीमी है। अब तक केवल 63 हजार 620 फॉर्मों का ही डिजिटाइजेशन हो पाया है।

Aamir Khan Wedding: 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट से शादी की चर्चा, घर पर सादगी से होंगी रस्में

मुंबई   बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने  5 जुलाई को अपनी तीसरी शादी को लेकर मीडिया से बात की। जब मीडिया ने उनसे उनकी शादी के बारे में पूछा तो 61 वर्षीय आमिर ने बताया कि यह बहुत छोटी सी शादी है, जो घर पर ही होगी। जानकारी के अनुसार, शादी का कार्यक्रम अत्यंत सीमित दायरे में रखा गया है और केवल करीबी लोग ही इस खुशी के मौके पर शामिल होंगे। रिपोर्ट्स की मानें तो आमिर खान ये शादी बहुत सिंपल तरीके से करने वाले हैं। आमिर खान, गौरी स्प्रैट ने शादी करने वाले हैं। आमिर के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनके फैंस की प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। लोग उन्हें नई शुरुआत के लिए बधाई दे रहे हैं। वहीं, कुछ लोग शादी के बारे में और जानने के लिए उत्सुक हैं। आमिर खान और उनकी दूसरी पत्नी किरण राव से अलग हो चुके हैं। दोनों ने 2021 में अलग होने का ऐलान किया था। किरण का एक बेटा आजाद राव खान है। इससे पहले आमिर की शादी रीना दत्ता से हुई थी, जिनसे उनके दो बच्चे जुनैद और इरा हैं। गौरी स्प्रैट और आमिर खान दो दशकों से एक-दूसरे को जानते हैं। सालों तक दोनों दोस्त रहे। मार्च 2025 में अपने 60वें बर्थडे सेलिब्रेशन में आमिर खान ने गौरी संग रिलेशनशिप कंफर्म किया था। इस दौरान उन्होंने बताया था कि दोनों करीब 25 साल से दोस्त हैं, लेकिन कुछ समय पहले ही उनके बीच प्रेम संबंध की शुरुआत हुई। रिश्ते को सार्वजनिक करने के बाद से गौरी स्प्रैट कई मौकों पर आमिर खान के साथ नजर आ चुकी हैं। गौरी एक सात वर्षीय बेटे की मां हैं। बताया जाता है कि आमिर और गौरी लगभग 25 वर्षों से एक-दूसरे को जानते हैं और लंबे समय तक दोस्त रहने के बाद दोनों ने अपने रिश्ते को नया नाम देने का फैसला किया। अभिनेता की यह तीसरी शादी होगी। आमिर की पहली शादी रीना दत्ता से हुई थी। वर्ष 2002 में दोनों का तलाक हो गया था। इसके बाद आमिर ने वर्ष 2005 में किरण राव से दूसरी शादी की। इस विवाह से उनका एक बेटा आजाद राव खान है। आमिर और किरण ने वर्ष 2021 में अलग होने का फैसला किया था।

प्रदेश के जिला जेलों में बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल को मिल रही गति

रायपुर : कौशल विकास से बंदियों के पुनर्वास को नई दिशा प्रदेश के जिला जेलों में बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल को मिल रही गति जिला जेल सूरजपुर में 12 दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वरोजगार, वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता विकास से जोड़ा जा रहा है बंदियों को रायपुर राज्य में बंदियों के पुनर्वास, कौशल उन्नयन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में जिला जेल सूरजपुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई) द्वारा 12 दिवसीय कौशल विकास एवं स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 35 बंदियों को अगरबत्ती निर्माण एवं साबुन निर्माण का व्यावहारिक, तकनीकी एवं उद्यमिता आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य बंदियों को रोजगारपरक कौशलों से सशक्त बनाते हुए रिहाई के उपरांत सम्मानजनक आजीविका अर्जित करने के लिए सक्षम बनाना है। कार्यक्रम के माध्यम से बंदियों को उत्पादन आधारित गतिविधियों से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सकारात्मक जीवन की नई शुरुआत कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अगरबत्ती एवं साबुन निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है, जिसमें कच्चे माल का चयन, उत्पादन तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, मशीनों एवं उपकरणों का सुरक्षित उपयोग, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन, लागत निर्धारण तथा लघु उद्योग स्थापना से संबंधित विषय शामिल हैं। इसके साथ ही बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय साक्षरता, बचत, ऋण सुविधाओं, सरकारी स्वरोजगार योजनाओं तथा उद्यमिता विकास संबंधी पहलुओं पर भी विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ आत्मविश्वास, अनुशासन, समय प्रबंधन, टीम भावना और स्वावलंबन की भावना विकसित करना है, ताकि वे रिहाई के पश्चात स्वयं का रोजगार स्थापित कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकें। जेल प्रशासन के अनुसार कौशल विकास आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम बंदियों के पुनर्वास की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रहे हैं। ऐसे प्रयास बंदियों को नया जीवन प्रारंभ करने का अवसर प्रदान करते हैं तथा उन्हें समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं। आरएसईटीआई के अधिकारियों ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। इसी उद्देश्य के अनुरूप विभिन्न रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नियमित संचालन किया जा रहा है, जिनके माध्यम से युवाओं, महिलाओं एवं विशेष वर्गों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।

आधा किलो वजनी आम ने खींचा सबका ध्यान, यूपी मैंगो फेस्टिवल में CM योगी ने की सराहना

 लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में 'उत्तर प्रदेश मैंगो फेस्टिवल 2026' का उद्घाटन कर राज्य के आम उत्पादकों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की. देश में आम की कुल खेती वाले क्षेत्रफल का मात्र 9 प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद उत्तर प्रदेश देश का 26 फीसदी आम पैदा करता है. इस तीन दिवसीय महोत्सव का आयोजन किसानों, वैज्ञानिकों और खरीदारों को एक मंच पर लाने के लिए किया गया है. सरकार द्वारा बनाए गए आधुनिक पैक हाउसों के माध्यम से यूपी के आमों को दुनिया के कई बड़े देशों में एक्सपोर्ट किया जा रहा है।  सीएम योगी ने देखी आमों की विविधता  इस दौरान प्रदर्शनी में रखे करीब आधा किलो वजनी आम को देखकर सीएम योगी मुस्कुरा पड़े. उन्होंने दोनों हाथों में आम लेकर तस्वीर भी खिंचवाई. कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।  मुख्यमंत्री ने बताया कि इस महोत्सव में राज्य भर से आम की लगभग 800 किस्में प्रदर्शित की गई हैं. इसमें मलिहाबाद का दशहरी, वाराणसी और गोरखपुर का लंगड़ा, बागपत व सहारनपुर का रतौल और बस्ती का आम्रपाली शामिल है. आम की यह विविधता उत्तर प्रदेश की असली ताकत है. उन्होंने कहा कि एक एकड़ में आम की खेती से किसान करीब 2.5 लाख रुपये की शुद्ध आय कमा सकता है. अगर इसे वैल्यू एडिशन, प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट से जोड़ा जाए, तो किसानों का मुनाफा कई गुना बढ़ सकता है।  'काकोरी' ब्रांड नाम से वैश्विक पहचान मलिहाबाद के प्रसिद्ध दशहरी आम को भौगोलिक संकेतक यानी जीआई (GI) टैग मिला हुआ है, जिससे यह एक ग्लोबल ब्रांड बन चुका है. राज्य सरकार ने मलिहाबाद के आमों को 'काकोरी' ब्रांड नाम के तहत प्रमोट किया है. यह नाम काकोरी ट्रेन एक्शन के शहीदों के बलिदान को सम्मान देने के लिए रखा गया है, जो राष्ट्र के प्रति समर्पण और किसानों की मेहनत की मिठास को एक साथ दर्शाता है।  निर्यात बढ़ाने के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर यूपी के आमों को विदेशों में भेजने के लिए सहारनपुर, लखनऊ, अमरोहा और वाराणसी में चार आधुनिक मैंगो पैक हाउस स्थापित किए गए हैं. इनके जरिए आमों की ग्रेडिंग, छंटनी और पैकेजिंग की जा रही है. यूपी का आम अब ब्रिटेन, यूएई, मलेशिया, सिंगापुर, कुवैत, न्यूजीलैंड, बेल्जियम, जापान, इटली, कतर और रूस जैसे देशों में निर्यात हो रहा है. इसके अलावा, जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कृषि उत्पादों के निर्यात की सुविधा के लिए एक इंटीग्रेटेड टेस्टिंग एंड ट्रीटमेंट पार्क भी विकसित किया जाएगा। 

18 दिन थाने बुलाकर प्रताड़ना पर हाईकोर्ट की फटकार, नार्को-पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए सहमति जरूरी

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति की सहमति के बिना उसे नार्को-एनालिसिस, पॉलीग्राफ या अन्य वैज्ञानिक जांच के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। रायगढ़ जिले के एक हत्या के मामले में पुलिस प्रताड़ना की शिकायत पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को राहत देते हुए उनके नार्को, पॉलीग्राफ, ब्रेन मैपिंग और अन्य वैज्ञानिक परीक्षणों पर रोक लगा दी। इसी के साथ हाईकोर्ट ने पुलिस को इस तरह सख्ती नहीं बरतने की हिदायत दी है। दरअसल, मामला रायगढ़ जिले के चक्रधरनगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने हत्या और सबूत मिटाने के आरोप में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 238(A) के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस ने संदेह के आधार पर ग्राम बेहरापाली निवासी किसान लक्ष्मीनारायण पटेल और ग्राम महापल्ली निवासी अर्धना भगत को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। दोनों का आरोप है कि पुलिस उन्हें लगातार कई दिनों तक थाने बुलाकर प्रताड़ित करती रही। इससे परेशान होकर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 18 दिनों तक लगातार थाने बुलाने का आरोप याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि उनका नाम FIR में नहीं है और न ही उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत है। 16 जून 2026 की जांच रिपोर्ट में भी उनके खिलाफ कोई आपत्तिजनक तथ्य सामने नहीं आया। इसके बावजूद पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के तहत कोई विधिवत नोटिस जारी किए बिना उन्हें 18 दिनों तक लगातार थाने बुलाया, लंबे समय तक हिरासत में रखा और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। याचिका में यह भी कहा गया कि पुलिस ने दबाव डालकर सुपुर्दनामा पर दस्तखत कराए और बिना उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाए उनका मोबाइल भी जब्त कर लिया। ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट के लिए भी दबाव याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने बिना न्यायिक अनुमति और उनकी सहमति के ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को-एनालिसिस टेस्ट कराने के लिए 20 जून को नोटिस जारी किया। नोटिस में उन्हें 22 और 23 जून 2026 को रायपुर में पेश होने के लिए कहा गया। हाईकोर्ट ने वैज्ञानिक जांच पर लगाई रोक मामले की सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी याचिकाकर्ताओं को नार्को-एनालिसिस, पॉलीग्राफ परीक्षा, ब्रेन इलेक्ट्रिकल एक्टिवेशन प्रोफाइल (BEAP) टेस्ट या किसी अन्य समान वैज्ञानिक जांच तकनीक से गुजरने के लिए बाध्य नहीं कर सकती। कोर्ट ने कहा कि यदि ऐसे किसी परीक्षण की आवश्यकता हो, तो वह केवल संबंधित व्यक्ति की स्वतंत्र, स्पष्ट और पूरी जानकारी के साथ दी गई सहमति के आधार पर ही कराया जा सकता है।