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प्रयागराज में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण कर मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

राहुल याद रखें, आजादी के लिए नेहरू ही नहीं, मसुरियादीन पासी भी गए थे जेल : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   प्रयागराज में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण कर मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस पर साधा निशाना   मुख्यमंत्री योगी बोले- मसुरियादीन ने नौ वर्ष जेल में रहकर लड़ी आजादी की लड़ाई, इतिहास ने भुला दिया उनका योगदान   महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं, वंचितों और दलितों के लिए संघर्ष करने वालों को भी मिलना चाहिए सम्मान   नेहरू के साथ 1952 में संसद पहुंचे थे मसुरियादीन, चार बार बने सांसद, जरायम पेशा कानून के खिलाफ उठाई आवाज   मसुरियादीन के नाम पर होगा प्रयागराज का चौराहा और एक प्रमुख संस्था, मुख्यमंत्री ने महापौर से मांगा प्रस्ताव   प्रयागराज  स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और महापुरुषों के सम्मान के मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी जी, एक बात नोट करना। जेल में देश की आजादी के लिए केवल और केवल नेहरू जी नहीं गए थे, देश की आजादी के लिए महाशय मसुरियादीन पासी जी भी जेल गए थे।' मुख्यमंत्री ने कहा कि मसुरियादीन ने एक-दो महीने या चार-छह महीने नहीं, बल्कि 1932 से 1944 के बीच नौ वर्ष जेल में रहकर आजादी की लड़ाई लड़ी। इतिहास के कालचक्र में उनके जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी को विस्मृत कर दिया गया। विरासत और विकास में विश्वास करने वाली भाजपा की डबल इंजन सरकार अपने महापुरुषों को भुला नहीं सकती। उन्होंने कहा कि महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं है। जिन्होंने वंचितों और दलितों को सम्मान दिलाने के लिए संघर्ष किया, उन्हें भी उनका उचित सम्मान मिलना चाहिए।   मुख्यमंत्री योगी तेलियरगंज स्थित महाशय मसुरियादीन स्मारक इंटर कॉलेज और टीवी कॉलोनी चौराहे के पास में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो अक्टूबर 1911 को जन्मे मसुरियादीन की जयंती महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के दिन ही पड़ती है। इसके बावजूद उनके योगदान को इतिहास में भुला दिया गया। आज उनकी भव्य प्रतिमा की स्थापना कर सरकार ने उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाने का कार्य किया है।   नेहरू के साथ संसद पहुंचे, फिर भी भुला दिए गए मसुरियादीन मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महाशय मसुरियादीन ने अपना जीवन देश की स्वतंत्रता और समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। अपने लगभग 66-67 वर्ष के जीवन में उन्होंने नौ वर्ष जेल में बिताए। जेल से बाहर रहकर भी स्वतंत्रता आंदोलन के लिए जनजागरण करते रहे। जनता के बीच उनके प्रति सम्मान का परिणाम था कि वर्ष 1946 में वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने। स्वतंत्र भारत में वर्ष 1952 से 1972 के बीच चार बार लोकसभा के लिए चुने गए।   मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1952 में एक ही सीट से दो सांसद चुने जाते थे। उस समय पंडित जवाहरलाल नेहरू और महाशय मसुरियादीन पासी एक साथ चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि देश की आजादी में ऐसे अनेक महापुरुषों ने योगदान दिया, जिनकी स्मृतियों को सम्मान मिलना चाहिए।   जरायम पेशा कानून के खिलाफ आंबेडकर और मसुरियादीन ने लड़ी लड़ाई मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में अंग्रेजों को चुनौती देने वाली कई जातियों को अपमानित करने के लिए अंग्रेजी हुकूमत ने 1871 में जरायम पेशा कानून बनाया था। पासी समाज सहित कई जातियों को इसकी श्रेणी में रखा गया। वर्ष 1952 में संसद पहुंचने के बाद महाशय मसुरियादीन ने इस कानून के खिलाफ आवाज उठाई।   उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और महाशय मसुरियादीन पासी ने इस काले कानून को समाप्त कराने की लड़ाई लड़ी। इस संघर्ष से पासी, सोनकर और अन्य वंचित समाजों को सम्मानजनक जीवन जीने तथा राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे महापुरुषों का योगदान आने वाली पीढ़ियों को बताया जाना चाहिए।   महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देश और समाज के लिए जीवन समर्पित करने वाले हर महापुरुष को सम्मान मिलना चाहिए। यह सम्मान किसी एक परिवार तक सीमित नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वंचितों और दलितों की आवाज उठाई, उन्हें आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष किया, उनकी स्मृतियों को जीवंत रखना आवश्यक है। महापुरुषों को सम्मान देकर ही समाज आगे बढ़ सकता है। अतीत को सम्मान देने से वर्तमान संवरेगा और वर्तमान संवरेगा तो भविष्य भी उज्ज्वल होगा।   मुख्यमंत्री ने महाशय मसुरियादीन की पुत्री कमला कुमारी और पौत्र सचिन कुमार को आश्वस्त किया कि उनके सम्मान पर किसी प्रकार की आंच नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि महाशय मसुरियादीन का सम्मान भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान है।   मसुरियादीन के नाम पर होगा चौराहा, संस्था को भी मिलेगी पहचान मुख्यमंत्री योगी ने महाशय मसुरियादीन की स्मृतियों को स्थायी बनाने के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने महापौर से कहा कि जिस चौराहे पर उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है, उसका नाम महाशय मसुरियादीन पासी के नाम पर रखने का प्रस्ताव भेजें। प्रयागराज की किसी एक प्रमुख संस्था का नाम भी उनके नाम पर रखा जाएगा। उस संस्था में उनकी भव्य प्रतिमा भी स्थापित होगी, ताकि वर्तमान और भावी पीढ़ियां उनके जीवन से प्रेरणा ले सकें।   महाराजा बिजली पासी के किले का पुनरुद्धार करा रही सरकार मुख्यमंत्री ने पासी समाज के शौर्य और पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि महाराजा बिजली पासी ने 12वीं शताब्दी में लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में 12 गढ़ बनवाए थे। विदेशी आक्रांताओं से मुकाबले के लिए इन किलों का निर्माण कराया गया था। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2000 में महाराजा बिजली पासी की प्रतिमा स्थापित कराई थी। अब डबल इंजन सरकार उनके लखनऊ स्थित किले का पुनरुद्धार करा रही है और इसके लिए धन उपलब्ध कराया गया है।   मुख्यमंत्री ने मक्का पासी और वीरांगना ऊदा देवी के बलिदान को भी याद किया। कहा कि मक्का पासी के बलिदान के … Read more

लद्दाख में पानी और बिजली संकट दूर करने की तैयारी, ₹3,350 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन

लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के लिए गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3350 करोड़ रुपये की पांच बड़ी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया।इन परियोजनाओं का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना, ऊर्जा बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और जल सुरक्षा को बढ़ाना है। प्रधानमंत्री ने दोपहर करीब साढ़े 12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक सभा को संबोधित किया। इन प्रमुख परियोजनाओं में लेह के कुशोक बकुला रिम्पोछे हवाई अड्डे पर बनी नई यात्री टर्मिनल बिल्डिंग भी शामिल है। इसे बनाने में 640 करोड़ रुपये की लागत आई है। करीब 23800 वर्ग मीटर में फैले इस टर्मिनल की सालाना यात्री क्षमता 35 लाख है। ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए इसमें जियोथर्मल एनर्जी सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। यह लद्दाख के पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में टिकाऊ बुनियादी ढांचे पर दिए गए जोर को दर्शाता है। आधुनिक यात्री सुविधाओं और लद्दाख की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित वास्तुकला के साथ डिजाइन किया गया यह टर्मिनल, यात्रियों की सुविधा को बेहतर बनाएगा और देश के बाकी हिस्सों के साथ हवाई संपर्क को मजबूत करेगा। निम्मू-पदुम-दारचा सड़क का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) द्वारा बनाई गई 298 किलोमीटर लंबी निम्मू-पदुम-दारचा सड़क को भी राष्ट्र को समर्पित किया। यह सड़क लेह के निम्मू को हिमाचल प्रदेश के दारचा से जोड़ती है और दुर्गम जंस्कार घाटी से होकर गुजरती है। यह श्रीनगर-लेह और मनाली-लेह राजमार्गों के अलावा लद्दाख तक पहुंचने का एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करती है। हिमालय के कठिन इलाकों और अधिक ऊंचाई वाले शिनकुन ला दर्रे से होकर गुजरने वाली यह सड़क, सशस्त्र बलों की आवाजाही और लॉजिस्टिक सपोर्ट को बेहतर बनाएगी। इससे जंस्कार क्षेत्र के निवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बाजारों और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच भी आसान हो जाएगी। ऊर्जा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने 9 मेगावाट की 'हनु स्मॉल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट' और 66 kV की 'डबल-सर्किट दाह-हनु-खालत्सी ट्रांसमिशन लाइन' का उद्घाटन किया।इन परियोजनाओं का लक्ष्य बिजली वितरण बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, बिजली आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय बनाना और लद्दाख की अक्षय ऊर्जा क्षमता का उपयोग करना है। हेरिटेज टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा प्रधानमंत्री मोदी लेह के सिंधु घाट पर भारत के पहले 'पेट्रोग्लिफ कंजर्वेशन पार्क' (प्राचीन शैल-चित्र संरक्षण पार्क) का उद्घाटन किया। लद्दाख में प्रागैतिहासिक काल की सैकड़ों ऐसी जगहें हैं जहां चट्टानों पर वन्यजीवों, इंसानों और विभिन्न प्रतीकों की आकृतियां उकेरी गई हैं। ये आकृतियां हजारों साल पुराने मानव इतिहास के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देती हैं। यह संरक्षण पार्क इन पुरातात्विक अवशेषों को सुरक्षित रखने लोगों में जागरूकता बढ़ाने और जिम्मेदार हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित जगह प्रदान करेगा। 40 जल निकायों का भी उद्घाटन प्रधानमंत्री ने 'प्रोजेक्ट हिम सरोवर' के तहत 40 गांवों में तैयार किए गए 40 जल निकायों का उद्घाटन भी किया। 'मिशन अमृत सरोवर' के उद्देश्यों के अनुरूप, यह पहल लद्दाख में जल संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों को दूर करने पर केंद्रित है। लद्दाख में खेती के लिए पानी की उपलब्धता में मौसमी असंतुलन रहता है। साल के कुछ समय तो बर्फ पिघलने और ग्लेशियरों से काफी पानी मिलता है, लेकिन बुवाई के अहम समय में किसानों को अक्सर पानी की कमी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इसका किसानों को बहुत फायदा मिलेगा।

‘सपा में नाई, गोंड, पाल, प्रजापति और राजभर समाज की इज्जत कहां?’: राजभर

अखिलेश पर ओपी राजभर और राकेश त्रिपाठी का हमला, PDA से लैपटॉप योजना तक उठाए सवाल सपा ने युवाओं को लैपटॉप के नाम पर दिया लॉलीपॉप: राकेश त्रिपाठी 'अखिलेश के PDA में परिवारवाद, धन्ना सेठ और अपराधी की पूछ': राकेश त्रिपाठी लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने लैपटॉप वितरण, महिला आरक्षण, राम मंदिर और PDA की राजनीति को लेकर सपा पर निशाना साधा। ओपी राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की राजनीति में परिवार और दौलतमंदों को प्राथमिकता दी जाती है। वहीं राकेश त्रिपाठी ने PDA को परिवार, धन्ना सेठ और अपराधियों को संरक्षण देने वाला बताया। ‘विरासत में सत्ता मिल सकती है, बुद्धि नहीं’: राजभर ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव की सरकार के दौरान लैपटॉप वितरण योजना पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अखिलेश यादव की सरकार थी तो उस समय लैपटॉप घोटाला चर्चित रहा था। राजभर ने कहा कि मौजूदा सरकार में 62 लाख टैबलेट बांटे जा चुके हैं और दो करोड़ वितरण का लक्ष्य है। उन्होंने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि मौजूदा वितरण में गड़बड़ी का कोई मामला सामने लाकर दिखाएं। भाजपा से सपा में शामिल हुए भवानी शुक्ला को अखिलेश यादव द्वारा ब्लॉक प्रमुख संबोधित करने पर ओम प्रकाश राजभर ने सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि ब्लॉक प्रमुख भवानी शुक्ला नहीं, बल्कि उनकी पत्नी हैं। अखिलेश यादव लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। राजभर ने इस मुद्दे को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी से जोड़ते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे पर सपा और कांग्रेस पर विरोध करने का आरोप लगाया। राजभर ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव का विरोध करना महिलाओं को अधिकार और राजनीतिक भागीदारी देने से वंचित करने जैसा है। इसको लेकर राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा, “विरासत में सत्ता मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं मिलेगी बबुआ।” PDA में पिछड़ों और दलितों की पूछ कहां?: राजभर ओम प्रकाश राजभर ने राज्यसभा चुनाव का हवाला देते हुए अखिलेश यादव पर परिवार और धनवानों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा ने नाई, गोंड, पाल, प्रजापति, बिंद, केवट, मल्लाह, राजभर, चौहान, यादव और पटेल समेत कई वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया। राजभर ने कहा कि इन वर्गों के लोगों ने सपा विधायकों को जिताया, लेकिन राज्यसभा में मौका देने के समय पार्टी ने दूसरे विकल्पों को प्राथमिकता दी। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी में सामाजिक प्रतिनिधित्व के बजाय धनवानों की पूछ अधिक है। लैपटॉप की जगह लॉलीपॉप दिया: राकेश त्रिपाठी राकेश त्रिपाठी ने लैपटॉप वितरण योजना को लेकर अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि सपा की सरकार में युवाओं को लैपटॉप देने के नाम पर लॉलीपॉप दिया गया था। त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि उस समय अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए लाभार्थियों को चुनकर लैपटॉप बांटे गए। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा उस दौर को भूले नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने दो करोड़ टैबलेट वितरण का लक्ष्य रखा है और 65 लाख से अधिक टैबलेट बांटे जा चुके हैं। उनके मुताबिक, योगी सरकार विद्यार्थियों को बिना भेदभाव तकनीकी सहायता देकर उनकी पढ़ाई में लगातार सहयोग कर रही है। परिवार और धन्ना सेठों तक सिमटी सपा: राकेश त्रिपाठी अखिलेश यादव के PDA पर निशाना साधते हुए राकेश त्रिपाठी ने इसे परिवार, धन्ना सेठ और अपराधियों से जोड़कर तंज कसा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव में परिवार और धनवानों को प्राथमिकता दिए जाने से समाजवादी पार्टी की राजनीति पर सवाल खड़े हुए हैं।

शैक्षिक सत्र 2026-27 में शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए ₹362.56 करोड़ और वित्तीय सहायता के लिए ₹335.70 करोड़ आवंटित

– आगामी वित्तीय वर्ष 2027-28 में 1.70 लाख नए प्रवेश की संभावना, इसके लिए ₹85 करोड़ की वित्तीय आवश्यकता का आकलन – वर्ष 2026-27 के अध्ययनरत और वर्ष 2027-28 में संभावित नए प्रवेश वाले बच्चों के लिए कुल ₹431.71 करोड़ की धनराशि का बजट प्रस्ताव लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के अंतर्गत पात्र बच्चों को शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने और उनकी शैक्षिक यात्रा को आर्थिक संबल देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। शैक्षिक सत्र 2026-27 की अद्यतन रिपोर्ट के अनुसार, शुल्क प्रतिपूर्ति और वित्तीय सहायता के लिए कुल ₹698.27 करोड़ आवंटित किए गए हैं। आरटीई के अंतर्गत बच्चों के नामांकन में बढ़ती भागीदारी के साथ आगामी वित्तीय वर्ष की आवश्यकताओं का भी आकलन किया गया है। उपलब्ध विभागीय विवरण के अनुसार, वर्ष 2025-26 तक 5,36,285 बच्चे अध्ययनरत थे। वर्ष 2026-27 में 1,57,127 नए प्रवेश होने के बाद बच्चों की कुल संख्या बढ़कर 6,93,412 हो गई है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2027-28 में लगभग 1,70,000 नए प्रवेश होने की संभावना के आधार पर ₹85 करोड़ की वित्तीय आवश्यकता का आकलन किया गया है। वर्ष 2026-27 में अध्ययनरत बच्चों और वर्ष 2027-28 में संभावित नए प्रवेश वाले बच्चों को ध्यान में रखते हुए कुल ₹431.71 करोड़ की धनराशि का बजट प्रस्ताव तैयार किया गया है। शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए ₹362.56 करोड़ आवंटित शैक्षिक सत्र 2026-27 की अद्यतन रिपोर्ट के अनुसार, आरटीई के अंतर्गत शुल्क प्रतिपूर्ति मद में ₹362.56 करोड़ आवंटित किए गए हैं। यह व्यवस्था पात्र बच्चों को निजी विद्यालयों में शिक्षा प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की शैक्षिक निरंतरता को सहयोग प्रदान करती है। जबकि आरटीई के अंतर्गत वित्तीय सहायता मद में ₹335.70 करोड़ का आवंटन किया गया है। शुल्क प्रतिपूर्ति और वित्तीय सहायता के लिए निर्धारित कुल ₹698.27 करोड़ की राशि पात्र बच्चों की शिक्षा से जुड़ी वित्तीय व्यवस्था को मजबूती प्रदान करती है। नामांकन में वृद्धि के आधार पर आगामी वर्ष की तैयारी विभागीय विवरण के अनुसार, वर्ष 2026-27 में 1,57,127 नए बच्चों का प्रवेश दर्ज किया गया है। इस बढ़ती भागीदारी को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2027-28 में लगभग 1,70,000 नए प्रवेश होने की संभावना व्यक्त की गई है। इसके लिए ₹85 करोड़ की वित्तीय आवश्यकता का आकलन किया गया है। यह आकलन आगामी वर्ष में पात्र बच्चों को शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की योजना बनाने में सहायक होगा। बच्चों की शिक्षा के लिए ₹431.71 करोड़ का बजट प्रस्ताव विभागीय पत्र में वर्ष 2026-27 में अध्ययनरत बच्चों और वर्ष 2027-28 में संभावित नए प्रवेश वाले बच्चों के दृष्टिगत कुल ₹43,170.60 लाख यानी ₹431.706 करोड़ की धनराशि का बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। इसमें वर्ष 2025-26 तक अध्ययनरत 5,36,285 बच्चों के लिए ₹268.1425 करोड़, वर्ष 2026-27 में नए प्रवेश पाने वाले 1,57,127 बच्चों के लिए ₹78.5635 करोड़ और वर्ष 2027-28 में संभावित 1,70,000 नए प्रवेश वाले बच्चों के लिए ₹85 करोड़ की आवश्यकता पड़ेगी। इस प्रकार, बच्चों की संख्या के अनुरूप वित्तीय संसाधनों की योजना बनाकर आरटीई के अंतर्गत शिक्षा के अवसरों का विस्तार करने की दिशा में तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आरटीई के अंतर्गत पात्र बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का कोई भी बच्चा गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा आरटीई के अंतर्गत नामांकन और वित्तीय आवश्यकताओं के अनुरूप जनपदवार प्रगति की समीक्षा की जा रही है। हमारा ध्यान पात्र बच्चों को योजना का लाभ उपलब्ध कराने और उनकी शैक्षिक निरंतरता सुनिश्चित करने पर है। मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

22,419 बेटियों के घर बजी शहनाई, फिजूलखर्ची और कुरीतियों पर लगी लगाम

शत-प्रतिशत पात्र परिवारों तक लाभ पहुंचाने में जुटा समाज कल्याण विभाग लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का घर बसाने और उन्हें सम्मानजनक जीवन देने के अपने संकल्प को निरंतर सिद्ध कर रही है। प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना निर्धन व जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। प्रदेश भर में इस कल्याणकारी योजना के तहत अब तक कुल 22,419 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। सरकार की पारदर्शी कार्यप्रणाली और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी इस पहल ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों की बेटियों के विवाह की चिंता पूरी तरह दूर कर दी है। 22,419 बेटियों के घर बजी शहनाई, पीलीभीत ने मारी बाजी प्रदेश में कुल 22,419 जोड़ों का विवाह सामूहिक आयोजनों के माध्यम से धूमधाम व विधि-विधान से कराया गया है। इस अभियान में तराई का जिला पीलीभीत सबसे आगे रहा, जहां सर्वाधिक 1,271 बेटियों का विवाह संपन्न कराया गया। योजना के सफल क्रियान्वयन से न केवल फिजूलखर्ची और दहेज जैसी कुरीतियों पर लगाम लग रही है, बल्कि सर्वधर्म समभाव और सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल भी देखने को मिल रही है। बेटी का विवाह अब चिंता नहीं, निर्धन परिवारों को मिला आर्थिक संबल योगी सरकार ने इस योजना के माध्यम से गरीब कन्याओं के विवाह में आने वाली आर्थिक अड़चनों को जड़ से समाप्त किया है। योजना के अंतर्गत नवदंपति को गृहस्थी स्थापित करने के लिए आवश्यक उपहार, वधू के बैंक खाते में सीधी आर्थिक सहायता तथा भव्य आयोजन की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाती है। सीधे बैंक खाते में राशि जाने से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी है और बिचौलियों की भूमिका शून्य हो गई है। पात्र परिवारों तक शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना ही प्राथमिकता समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्पष्ट मंशा है कि प्रदेश का कोई भी निर्धन परिवार अपनी बेटी के विवाह को लेकर आर्थिक तंगी का सामना न करे। शासन के निर्देशानुसार सभी जनपदों में पारदर्शी तरीके से सत्यापन कर पात्र कन्याओं का सामूहिक विवाह कराया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026- 27 में अब तक 22,419 शादियां सफलता पूर्वक संपन्न कराई जा चुकी हैं। जिन जिलों में कार्यक्रम शेष हैं, वहां भी तिथियां निर्धारित कर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाएगा।

बिहार के किसानों के लिए बड़ी खबर, गेहूं समेत रबी फसलों की खेती बढ़ाने पर जोर

पटना  बिहार में रबी फसलों की खेती का दायरा बढ़ाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को वासंतिक (रबी) महाअभियान जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ विभिन्न जिलों में जाकर किसानों को रबी फसलों की खेती, गुणवत्तापूर्ण बीज और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करेगा। इस साल राज्य में 48 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में रबी खेती का लक्ष्य तय किया गया है। गेहूं की खेती के लिए 24 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य पिछले वर्ष बिहार में करीब 42 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में वासंतिक फसलों की खेती हुई थी। इस बार लक्ष्य बढ़ाकर 48 लाख हेक्टेयर किया गया है। इसमें 24 लाख हेक्टेयर में गेहूं, छह लाख हेक्टेयर में वासंतिक मक्का और पांच लाख हेक्टेयर में दलहन की खेती का लक्ष्य है। इसके अलावा चार लाख हेक्टेयर में तिलहन और नौ लाख हेक्टेयर में आलू, सब्जी, मसाला व अन्य फसलें उगाने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती के निर्धारित लक्ष्य सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। खेतों में इसका वास्तविक परिणाम दिखना चाहिए। लक्ष्य हासिल करने के लिए जिलों, प्रखंडों और पंचायतों की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा कमियों को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। दलहन-तिलहन और प्राकृतिक खेती पर जो सरकार मसूर, चना और सरसों जैसी फसलों का उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान देगी। गुणवत्तापूर्ण बीज और आधुनिक कृषि तकनीकों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर जोर रहेगा। कृषि में युवाओं और महिलाओं के लिए अवसर कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों की ओर से विकसित तकनीकों को किसानों तक पहुंचाना जरूरी है। कृषि यंत्र, बीज उत्पादन, मशरूम, नर्सरी, ड्रोन, प्रसंस्करण और विपणन जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं हैं। उन्होंने महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने की जरूरत पर भी बल दिया।  

रामलीला स्थलों, दशहरा मेलों और शोभायात्रा मार्गों पर खंभे होंगे दुरुस्त

दशहरा-दीपावली पर गांव से लेकर महानगर तक रोशन रहेंगे घर और बाजार, यूपीपीसीएल ने तेज की तैयारियां बिजली सुरक्षा के लिए उपभोक्ताओं से अपील, गुणवत्तापूर्ण लाइट्स के इस्तेमाल और ओवरलोडिंग से बचने पर जोर लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार आगामी दशहरा, दीपावली सहित अन्य त्योहारों पर प्रदेशवासियों को निर्बाध, सुरक्षित और सुचारु विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए तैयारियों में जुट गई है। त्योहारों के दौरान घरों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने बिजली व्यवस्था को दुरुस्त रखने, उपकरणों के अनुरक्षण और आपूर्ति की निरंतर निगरानी के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। योगी सरकार की मंशा है कि प्रदेशवासी त्योहारों का उल्लास के साथ मना सकें। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी जनपदों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बिजली विभाग के अधिकारी दिन के साथ-साथ रात में भी विद्युत आपूर्ति की निगरानी करें, ताकि किसी क्षेत्र में अनावश्यक व्यवधान होने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। गांवों से लेकर महानगरों तक निर्धारित शेड्यूल के अनुरूप विद्युत आपूर्ति बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रामलीला स्थलों और शोभायात्रा मार्गों पर विशेष अभियान त्योहारों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बिजली विभाग प्रदेशभर में विशेष अभियान चला रहा है। इसके तहत रामलीला स्थलों, दशहरा मेलों, शोभायात्राओं और विसर्जन यात्राओं के मार्गों के आसपास ढीले अथवा झूलते बिजली तारों और झुके हुए विद्युत पोलों को चिन्हित कर समय से दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही ट्रांसफार्मरों की सुरक्षित घेराबंदी और विद्युत उपकरणों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप रखने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे भीड़भाड़ वाले इलाकों में दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सके। सेवा संकल्प अभियान 2026 से मजबूत हो रहा बिजली नेटवर्क प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत अनुरक्षण माह में व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। यूपीपीसीएल की टीमें फील्ड में बिजली उपकरणों, ट्रांसफार्मरों और विद्युत नेटवर्क की आवश्यक देखरेख में जुटी हैं। विभिन्न जनपदों में बिजलीकर्मी रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान भी तत्परता से अनुरक्षण कार्य कर रहे हैं, ताकि त्योहारों के दौरान बिजली आपूर्ति में व्यवधान की आशंका को कम किया जा सके। इस अभियान के तहत विद्युत व्यवस्था की नियमित जांच, संभावित तकनीकी खामियों की पहचान और जरूरी सुधार कार्यों पर ध्यान दिया जा रहा है। विभागीय टीमों को निर्देशित किया गया है कि त्योहारों से पहले आवश्यक अनुरक्षण कार्य पूरे कर लिए जाएं और आपूर्ति से संबंधित समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। बिजली सुरक्षा के लिए उपभोक्ताओं से भी सहयोग की अपील प्रदेशवासियों से त्योहारों के दौरान सजावट करते समय बिजली सुरक्षा के नियमों का पालन करने की अपील की गई है। विभाग के अनुसार घरों और बाजारों को रोशन करने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाली लाइट्स और तारों का इस्तेमाल किया जाए। एक ही कनेक्शन पर जरूरत से अधिक विद्युत भार डालने से बचें और खराब कनेक्शन अथवा क्षतिग्रस्त तारों को नजरअंदाज न करें। बिजली से संबंधित मरम्मत का कार्य हमेशा प्रशिक्षित इलेक्ट्रिशियन से ही कराया जाए। त्योहारों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना प्राथमिकता- एमडी, यूपीपीसीएल यूपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक नीतीश कुमार ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रदेशवासियों को दशहरा, दीपावली सहित सभी त्योहारों पर निर्बाध, सुरक्षित और सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को समय से आवश्यक तैयारियां पूरी करने तथा दिन-रात विद्युत आपूर्ति की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

शंकर नगर निवास पर आत्मीय भेंट कर दी जन्मदिन की शुभकामनाएं, उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की

रायपुर छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित निवास पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से आत्मीय भेंट कर उन्हें जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मंत्री  अग्रवाल ने डॉ. रमन सिंह के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुख-समृद्धि एवं खुशहाल जीवन की मंगलकामना की। पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने संस्कृत के मंगलवाक्य ‘जीवेत शरदः शतम्’ के साथ डॉ. रमन सिंह को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ईश्वर उन्हें स्वस्थ, सुदीर्घ एवं यशस्वी जीवन प्रदान करें। वे इसी प्रकार जनसेवा, समाज कल्याण और छत्तीसगढ़ की प्रगति के लिए निरंतर कार्य करते रहें तथा उनका स्नेह, आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन हम सभी को मिलता रहे। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि डॉ. रमन सिंह का लंबा राजनीतिक एवं प्रशासनिक अनुभव छत्तीसगढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण धरोहर है। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में जनसेवा, सुशासन और प्रदेश के सर्वांगीण विकास को सदैव प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री के रूप में उनके लंबे कार्यकाल में प्रदेश के विकास को नई दिशा मिली और विभिन्न जनकल्याणकारी पहलों के माध्यम से आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयास किए गए।  अग्रवाल ने कहा कि डॉ. रमन सिंह का सरल, सहज एवं आत्मीय व्यक्तित्व तथा जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सार्वजनिक जीवन में कार्य करने वाले सभी लोगों के लिए प्रेरणादायी है। उनका अनुभव, दूरदर्शिता और मार्गदर्शन प्रदेश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष के रूप में वे लोकतांत्रिक परंपराओं, संसदीय मर्यादाओं एवं संवैधानिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। पर्यटन मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों का अनुभव और मार्गदर्शन नई पीढ़ी के जनप्रतिनिधियों को जनसेवा के प्रति और अधिक समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। डॉ. रमन सिंह का स्नेह और मार्गदर्शन सदैव प्रेरणास्रोत रहा है।  अग्रवाल ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि डॉ. रमन सिंह के जीवन में सदैव सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे। वे स्वस्थ एवं दीर्घायु रहकर छत्तीसगढ़ की जनता की सेवा करते रहें और प्रदेश को उनके अनुभव एवं मार्गदर्शन का लाभ निरंतर मिलता रहे।

इंदौर में जल संकट पर सख्ती: GPS से होगी टैंकरों की निगरानी, पीने के पानी से गाड़ी धोने पर जुर्माना

इंदौर  मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में जल संकट से निपटने के लिए गुरुवार को कई उपायों की घोषणा की गई। इनमें GPS आधारित निगरानी प्रणाली के जरिए टैंकरों से पानी की आपूर्ति करना और ट्यूबवेल की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत करना शामिल है। इंदौर जिले में 1 जून से 30 सितंबर के बीच 633.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य मानसून बारिश (868.1 मिमी) से 27 प्रतिशत कम है। 30 प्रतिशत हिस्से में अभी भी नर्मदा की पाइपलाइनें नहीं पहुंची इंदौर शहर अपनी पेयजल जरूरतों के लिए मुख्य रूप से नर्मदा नदी पर निर्भर है। नगर निगम की पाइपलाइनों के जरिए लगभग 80 किमी दूर खरगोन जिले के जलूद से नर्मदा का पानी इंदौर लाया जाता है। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि लगभग 35 लाख की आबादी वाले इस शहर के 30 प्रतिशत हिस्से में अभी भी नर्मदा की पाइपलाइनें नहीं पहुंची हैं।  

फरक्का बराज और गंगा जल बंटवारे पर मंथन, बिहार अपने हितों को रखेगा मजबूती से

पटना  गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग की 19वीं बैठक 27 अक्टूबर को दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में होगी। इसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी बिहार का पक्ष रखेंगे। बैठक में फरक्का बराज, गंगा जल बंटवारे और बिहार में बाढ़ की समस्याओं पर प्रमुखता से चर्चा होगी। दिसंबर में भारत-बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे पर नए समझौते की संभावना को देखते हुए बैठक महत्वपूर्ण है। इसके साथ बाढ़ नियंत्रण के लिए जोखिम आधारित मास्टर प्लान, नदियों के जल प्रबंधन, एआई आधारित डीपीआर और राष्ट्रव्यापी डैशबोर्ड पर भी मंथन होगा। बैठक में फरक्का बराज और बाढ़ की समस्या पर चर्चा होगी। दिसंबर में हो सकता है समझौता भारत और बांग्लादेश के साथ फरक्का बराज और गंगा जल बंटवारे को लेकर दिसम्बर में नए सिरे से समझौता होने की उम्मीद है। इसमें बिहार अपने हितों को लेकर लगातार मुखर है। ऐसे में यह बैठक बिहार के लिए अहम है। साथ ही बिहार में गंगा नदी को लेकर हो रही समस्याएं, उसके समाधान पर भी चर्चा होगी। साथ ही पिछली यानी 18वीं बैठक में लिए गए निर्णयों पर मुहर लगेगी। जीएफसीसी में हुए बदलाव पर लगेगी मुहर बैठक में जीएफसीसी में हुए बदलाव पर मुहर लगेगी। इसके अलावा बाढ़ नियंत्रण को लेकर पूरे देश के लिए जोखिम आधारित मास्टर प्लान तैयार करने पर चर्चा होगी। रेलवे व रोड को लेकर वाटर वेज बनाने के लिए गाइडलाइन बनाने को लेकर चर्चा होगी। बाढ़ नियंत्रण को लेकर पहले जो भी काम हुए हैं, उससे क्या परिणाम निकले, उसकी समीक्षा होगी। बाढ़ नियंत्रण को लेकर तैयार होने वाले एसओपी और गाइडलाइन तैयार करने पर भी मंथन होगा। नदियों का पानी प्रबंधन करने को लेकर भी विमर्श होगा। राष्ट्रव्यापी डैशबोर्ड बनाने को लेकर भी बैठक में विमर्श होगा। डीपीआर बनाने में आधुनिक तकनीक बनाने और एआई के उपयोग पर भी इस बैठक में मंथन होगा।