samacharsecretary.com

मेदवेदेव का क्ले पर संघर्ष जारी, फ्रेंच ओपन के पहले राउंड में फिर बाहर हुए रूसी स्टार

 पेरिस  रूस के स्टार टेनिस खिलाड़ी और पूर्व विश्व नंबर एक दानिल मेदवेदेव का फ्रेंच ओपन में निराशाजनक प्रदर्शन एक बार फिर जारी रहा। मंगलवार को छठी वरीयता प्राप्त मेदवेदेव को ऑस्ट्रेलिया के वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी एडम वाल्टन ने पांच सेटों तक चले रोमांचक मुकाबले में 6-2, 1-6, 6-1, 1-6, 6-4 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। रोलां गैरों की धीमी क्ले कोर्ट सतह पर मेदवेदेव का संघर्ष एक बार फिर साफ दिखाई दिया। यह नौ में से छठी बार है जब वह फ्रेंच ओपन के पहले दौर में ही हारकर बाहर हुए हैं। मुकाबले में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिले और दोनों खिलाड़ियों ने बारी-बारी से दबदबा बनाया। वॉल्टन ने की शानदार शुरुआत ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी वॉल्टन ने शानदार शुरुआत करते हुए पहला सेट आसानी से अपने नाम किया, लेकिन मेदवेदेव ने दूसरे सेट में जोरदार वापसी करते हुए केवल एक गेम गंवाया। हालांकि वह लय बरकरार नहीं रख सके और तीसरा सेट गंवा बैठे। चौथे सेट में फिर वापसी करने वाले मेडवेडेव निर्णायक सेट में दबाव नहीं झेल सके। विश्व रैंकिंग में 97वें स्थान पर मौजूद वॉल्टन ने पांचवें सेट में 4-4 की बराबरी पर मेदवेदेव की सर्विस तोड़ी और फिर शानदार होल्ड के साथ करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। यह किसी शीर्ष-10 में शामिल खिलाड़ी के विरुद्ध उनकी पहली जीत भी है। जीत के बाद वॉल्टन ने कहा कि पिछले साल सिनसिनाटी में मेदवेदेव के खिलाफ मिली जीत ने उन्हें आत्मविश्वास दिया था। उन्होंने कहा, "मुझे विश्वास था कि मैं यह कर सकता हूं। मैच में काफी उतार-चढ़ाव रहे, लेकिन निर्णायक सेट में जिस तरह वापसी की, उस पर मुझे गर्व है। मोनफिल्स की भावुक विदाई वहीं स्थानीय खिलाड़ी गेल मोनफिल्स को भी पहले दौर में हमवतन खिलाड़ी ह्यूगो गैस्टन के विरुद्ध हार का सामना करना पड़ा। 2008 में सेमीफाइनल तक का सफर तय करने वाले मोनफिल्स का यह फ्रेंच ओपन में आखिरी मुकाबला रहा। 39 साल के मोनफिल्स अपने पसंदीदा कोर्ट फिलिप-चैटियर पर गैस्टन के विरुद्ध मैच जीतने के बहुत करीब थे। उन्होंने पहला और दूसरा सेट आसानी से 6-2, 6-3 से जीत लिया था। हालांकि, इसके बाद गैस्टन ने शानदार वापसी की और अगले दो सेट 3-6, 2-6 से अपने नाम कर लिए। आखिरी सेट में गैस्टन पूरी तरह हावी रहे और 6-0 से जीत हासिल कर ली। मैच के बाद एक खास ट्रिब्यूट वीडियो दिखाया गया, जिसमें राफेल नडाल, रोजर फेडरर, नोवाक जोकोविक, यानिक सिनर, कार्लोस अलकराज और स्टानिस्लास वावरिंका जैसे बड़े खिलाड़ियों के संदेश शामिल थे। इसके अलावा उनके फ्रेंच साथी गैस्केट, नोआ, गाइल्स साइमन, जो-विल्फ्रेड सोंगा और आर्थर फिल्स ने भी उन्हें सम्मान दिया। शीर्ष वरीय सबालेंका की शानदार शुरुआत महिला सिंगल्स में विश्व की नंबर एक खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने स्पेन की जेसिका बूजास मानेरो को 6-4, 6-2 से शिकस्त देकर अपने अभियान की शुरुआत जोरदार तरीके से की। यह मुकाबला एक घंटे 15 मिनट तक चला। शीर्ष वरीयता प्राप्त सबालेंका ने कोर्ट फिलिप-चैट्रियर पर अपने कौशल का प्रदर्शन करते हुए ग्रैंड स्लैम में पहले दौर में लगातार 22वीं जीत दर्ज की। सबालेंका क्ले-कोर्ट सीजन में कुछ उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन के बाद पेरिस पहुंची थीं। सबालेंका ने ओपन एरा में 'सनशाइन डबल' हासिल करने वाली सिर्फ पांचवीं महिला बनकर इतिहास रचा था। सबालेंका ने पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा। पहले सेट में 4-0 की बढ़त बनाने के बाद सबालेंका ने दूसरे सेट में भी तेजी से आगे बढ़ते हुए 5-0 की बढ़त हासिल कर ली थी। उनका बैकहैंड कोर्ट पर बार-बार जोरदार तरीके से चला, और नेट पर बढ़ते आत्मविश्वास ने उनके खेल में एक नया आयाम जोड़ दिया। दूसरे सेट में भी इस स्पेनिश खिलाड़ी ने कुछ शानदार पल दिखाए, जिसमें एक बेहतरीन एंगल्ड बैकहैंड वाली और एक साहसी 'बैकहैंड डाउन द लाइन' शाट शामिल था, जिसने कुछ देर के लिए मैच के नतीजे को टाल दिया।

मोमिना इकबाल विवादों में घिरीं, पाक नेता साकिब खान ने 10 करोड़ के गिफ्ट वापस मांगे

मोमिना इकबाल पाकिस्तानी सिनेमा की मशहूर एक्ट्रेस हैं. 33 साल की मोमिना की खूबसूरती पर फैंस मर मिटते हैं. एक्ट्रेस के दिलकश अंदाज पर पाकिस्तानी नेता साकिब खान चधर भी अपना दिल हार बैठे थे. दोनों के रिलेशनशिप में होने की खबरें थीं. मगर शादी से पहले उनका रिश्ता धोखे और फरेब में फंसकर खत्म हो गया. मोमिना पर Pak नेता ने लगाए आरोप एक्ट्रेस मोमिना इकबाल और साकिब खान चधर कभी प्यार में थे. मगर अब उनके बीच का प्यार नफरत में बदल चुका है. साकिब ने मोमिना पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं और रिश्ता टूटने पर एक्ट्रेस से करोड़ों के तोहफे वापिस मांगे हैं. साकिब ने अपने बयान में कहा है कि वो मोमिना इकबाल को बिल्कुल भी परेशान नहीं कर रहे हैं. वो सिर्फ उनसे अपने कीमती तोहफे वापस मांग रहे हैं, क्योंकि अब वो किसी और से शादी कर रही हैं और उन्हें इससे कोई दिक्कत नहीं है. एमपीए ने यह आरोप भी लगाया कि मोमिना के होने वाले नए पति ने उन्हें धमकी दी थी और उन्होंने उसके खिलाफ मामला भी दर्ज करा दिया है. मोमिना और इकबाल के बीच छिड़े विवाद पर अब पाकिस्तानी सिनेमैटोग्राफर इरशाद भट्टी ने बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि एमपीए साकिब के वकील मियां अली अशफाक ने उन्हें बताया है कि साकिब ने मोमिना को एक फॉर्च्यूनर (Fortuner) और एक होंडा सिविक (Honda Civic) कार तोहफे में दी थी. उस फॉर्च्यूनर का इस्तेमाल अब मोमिना की मां करती हैं. इसके अलावा 84 लाख रुपये की एक घड़ी और अन्य लग्जरी चीजें भी गिफ्ट में दी थीं. इन सभी तोहफों की कुल कीमत करीब 10 करोड़ रुपये है, जिसे साकिब अब वापस मांग रहे हैं. मोमिना ने गुपचुप रचाई शादी मगर इस पूरे विवाद के बीच मोमिना इकबाल ने हमजा हबीब से गुपचुप शादी रचा ली है. शादी की खबर को खुद हमजा हबीब ने कंफर्म किया. उन्होंने मीडिया संग बातचीत में कहा कि दोनों ने सादगी से निकाह कर लिया है. उनकी ये अरेंज मैरिज है. अब वो कानूनी तौर पर खुद को मोमिना का पति मानते हैं. वहीं, नेता साकिब संग रिश्ते के विवाद पर एक्ट्रेस मोमिना इकबाल ने चुप्पी साधी हुई है. हालांकि, कुछ समय पहले मोमिना इकबाल ने बिना किसी का नाम लिए अपने इंस्टाग्राम पर खुलासा किया था कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) का एक एमपीए (MPA) उन्हें धमकियां दे रहा है और उनकी शादी को खराब करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने सरकार से इस पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया था. बाद में इस एमपीए की पहचान साकिब के रूप में हुई. उन्होंने मोमिना इकबाल संग रिलेशनशिप में होने का दावा किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि एक्ट्रेस ने उनसे करोड़ों के तोहफे लिए थे. अब कौन कितना सच बोल रहा है और कितना झूठ…इसका खुलासा भी जल्द हो जाएगा. लेकिन फिलहाल दोनों के रिश्ते का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है.

खाद्य सुरक्षा टीम का मंडी में छापा, नियम तोड़ने वालों पर सख्ती के संकेत

लुधियाना. लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और कैमिकल से फल पकाने वाले धंधेबाजों के खिलाफ फूड सेफ्टी विभाग ने कमर कस ली है। इसी कड़ी के तहत आज लुधियाना की मुख्य सब्जी मंडी में फूड सेफ्टी टीम द्वारा एक बड़े स्तर पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस औचक कार्रवाई के दौरान मंडी में बिक रहे खाने-पीने के सामान, खासकर पनीर और फलों की गुणवत्ता की बारीकी से पड़ताल की गई। विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से मंडी के मिलावटखोरों और फल विक्रेताओं में हड़कंप मच गया और कई दुकानदार अपनी दुकानें छोड़ कर खिसकते नजर आए। इस पूरी कार्रवाई को लेकर जानकारी देते हुए फूड सेफ्टी टीम के मुख्य अधिकारी डॉ. आशीष चावला ने बताया कि विभाग को पिछले कुछ समय से मिलावटी सामान बेचे जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी के आधार पर आज पूरी टीम के साथ सब्जी मंडी में लगी स्टालों और रेहड़ियों पर बिक रहे पनीर की सघन चेकिंग की गई। चेकिंग के दौरान टीम को मौके पर एक डेयरी स्टाल का पनीर बेहद संदिग्ध और मानकों के विपरीत लगा। टीम ने बिना कोई ढील दिए तुरंत उस पनीर का एक फूड सैंपल कलेक्ट किया और उसे विस्तृत जांच के लिए सरकारी लैबोरेट्री भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि सैंपल भरने के साथ ही जनता की सेहत को ध्यान में रखते हुए मौके पर मौजूद लगभग 18 किलो संदिग्ध पनीर को तुरंत अपनी देखरेख में नष्ट करवा दिया गया, ताकि यह किसी की थाली तक न पहुंच सके। फूड सेफ्टी अधिकारियों ने मौके पर ही सभी पनीर विक्रेताओं को आड़े हाथों लिया और सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि वे गैर-मानकीकृत या घटिया खाद्य पदार्थों की बिक्री तुरंत बंद कर दें। उन्होंने साफ लफ्जों में आगाह किया कि भविष्य में यदि कोई भी दुकानदार इस तरह की लापरवाही या उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट'  के तहत सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान रुकने वाला नहीं है और ऐसी चेकिंग लगातार जारी रहेगी। पनीर के साथ-साथ फूड सेफ्टी विभाग ने इस बार फलों को कत्रिम (आर्टिफिशियल) तरीके से पकाने वाले माफियाओं पर भी नकेल कसी है। डॉ. आशीष चावला की अगुवाई में फूड सेफ्टी अफसरों, हॉर्टिकल्चर (बागवानी) विभाग और पर्यावरण विभाग की एक संयुक्त टीम ने मंडी और आसपास के इलाकों में बने पपीता, आम और केलों के राइपनिंग सेंटरों (फल पकाने वाले केंद्रों) और कोल्ड स्टोरों पर अचानक छापा मारा। इस दौरान टीम ने विशेष रूप से इथाईलीन गैस के जरिए पकाए जा रहे केलों और अन्य मौसमी फलों के स्टॉक को चेक किया।

UD मिंज ने डी-लिस्टिंग का किया विरोध, अरविंद नेताम का बड़ा बयान- देर-सवेर लागू होगी

रायपुर. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जनजाति सांस्कृतिक समागम के मंच पर डी-लिस्टिंग की मांग के बाद छत्तीसगढ़ में भी इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई है. अन्य धर्म अपना चुके लोगों को एसटी सूची से बाहर करने की मांग की जा रही है. इस बहस में एक और समर्थन तो दूसरी तरफ खुलकर विरोध भी किया जा रहा है.  देर-सवेर डी-लिस्टिंग होकर रहेगी : नेताम छत्तीसगढ़ से इस मांग का वनवासी सुरक्षा मंच के बैनर तले पूर्व मंत्री गणेशराम भगत और सांसद भोजराम नाग नेतृत्व कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविन्द नेताम भी कार्यक्रम में शिरकत करने वाले थे, लेकिन किसी कारण से वह नहीं जा पाए. उन्होंने डी-लिस्टिंग को लेकर कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर तैयारी की गई है और समाज की भावनाओं के अनुरूप यह मांग लगातार मजबूत हो रही है. देर-सबेर डी-लिस्टिंग होकर रहेगी. धर्मांतरण के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ में कड़े कानून की दिशा में भी प्रयास हो रहे हैं. अरविन्द नेताम ने कहा कि यह एक संवेदनशील विषय है, जो धीरे-धीरे राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनता जा रहा है, इसलिए सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना पड़ेगा. डी-लिस्टिंग की मांग का विरोध जशपुर में डी-लिस्टिंग की मांग का विरोध का माहौल है. पूर्व संसदीय सचिव यूडी मिंज और गीता उरांव के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया. यूडी मिंज का कहना है कि डी-लिस्टिंग की मांग संविधान की भावना के विपरीत है और इसे अनावश्यक राजनीतिक रंग दिया जा रहा है. धर्म परिवर्तन के बाद भी आदिवासी समाज की परंपराएं, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक पहचान खत्म नहीं होती है. जशपुर जिले में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय निवास करता है और समाज की पहचान उसके सांस्कृतिक जीवन से जुड़ी हुई है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि कांग्रेस सरकार के दौरान रौतिया समेत अन्य समाजों को आदिवासी वर्ग में शामिल करने के लिए टीआरआई के माध्यम से प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था. क्यो होती है डी-लिस्टिंग ? आसान भाषा में डी-लिस्टिंग यानी लिस्ट से बाहर करना. आदिवासियों की इस मांग के सन्दर्भ में डीलिस्टिंग का मतलब, किसी समुदाय को अनुसूचित जनजाति की सूची से बाहर करना है. क्या है संविधान का अनुच्छेद 342?   केंद्र सरकार से आदिवासी नेता संविधान के अनुच्छेद 342 में संशोधन करने की मांग कर रहे हैं. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 342 (article 342) राष्ट्रपति को राज्य के राज्यपाल से परामर्श करने के बाद उस विशिष्ट राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के संबंध में अनुसूचित जनजाति (एसटी) माने जाने वाली जनजातियों या आदिवासी समुदायों को अधिसूचित करने का अधिकार देता है.

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण संवैधानिक करार

नई दिल्ली मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्य (SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव आयोग के पास SIR का अधिकार है. एसआईआर पर दायर यायिकाओं से जुड़े मामले में सर्वोच्च अदालत ने मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) करने के भारत निर्वाचन आयोग के अधिकार को बरकरार रखा है. अदालत ने कहा कि यह नहीं कहा जा सकता कि ECI ने SIR का प्रयोग करके अपनी वैधानिक शक्तियों के बाहर जाकर कार्य किया है. इसे 'अल्ट्रा वायर्स' भी नहीं कहा जा सकता, क्योंकि यह कार्य-प्रणाली उस सामान्य प्रक्रिया से भिन्न है जो आमतौर पर अपनाई जाती है।  SIR पर सीजेआई ने क्या कुछ कहा? SIR पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि सभी पक्षों की अलग-अलग दलीलों पर गौर करने के बाद, और घटनाओं के क्रम को देखने के बाद, पार्टियों की ओर से पेश की गई दलीलों और रिकॉर्ड में रखी गई सामग्री को देखने के बाद, हमारा मानना ​​है कि इन मुद्दों का एनालिसिस करने की ज़रूरत है. सीजेआई ने तीन सवालों के जरिए अपनी बात रखीं।  SIR पर सीजेआई के तीन सवाल     क्या भारत के इलेक्शन कमीशन के पास SIR जैसी कार्रवाई करने का अधिकार है?     क्या SIR के तहत जांच किसी जायज़ मकसद पर आधारित है और अगर ऐसा है, तो क्या इलेक्शन कमीशन द्वारा अपनाए गए उपाय, हासिल किए जाने वाले लक्ष्यों के हिसाब से सही हैं?     क्या SIR के तहत जांच करने में इलेक्शन कमीशन द्वारा अपनाया गया तरीका रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ द पीपल एक्ट, 1950 के नियमों के खिलाफ़ है या उनका उल्लंघन करता है? मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अगर चुनाव आयोग को एसआईआर कराने का अधिकार है, तो यह भी देखना होगा कि उसकी प्रक्रिया क्या होगी। हालांकि, केवल प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों के आधार पर पूरे एसआईआर को अवैधानिक नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी हैं। पीठ ने यह भी कहा कि यह सवाल उठाया गया कि क्या इस समय एसआईआर कराने की कोई वैध आवश्यकता है। अदालत की राय में एसआईआर के दौरान उठाए गए कदम जरूरत के मुताबिक थे। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि एसआईआर बिहार में चुनाव प्रक्रिया और स्वतंत्र तथा निष्पक्ष चुनाव के संवैधानिक दायित्व से ध्यान नहीं भटकाता। उन्होंने मतदाताओं पर खुद को साबित करने का बोझ डालने वाली दलील को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने पुराने निवास स्थान से कहीं और रहने लगा है, तब भी वह पुरानी एसआईआर प्रक्रिया से बाहर नहीं हो जाता। उसका या उसके परिवार का नाम पुराने रिकॉर्ड में मौजूद होगा। अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग ने दस्तावेजों की विश्वसनीयता के आधार पर उन्हें सूची में शामिल किया है और इसे मनमाना नहीं कहा जा सकता मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह नहीं माना जा सकता कि एसआईआर का उद्देश्य लोगों को मतदाता सूची से बाहर करना था। अगर कोई दस्तावेज सही नहीं पाया जाता है, तो चुनाव आयोग मतदाता सूची में नाम शामिल करने से इनकार कर सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आयोग नागरिकता तय कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए क्या-क्या टिप्पणी की, उन्हें बिंदुवार जानते हैं- 1. चुनाव आयोग की शक्तियां बरकरार सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसे निष्पक्ष और शुद्ध मतदाता सूची तय करने का अधिकार है. अदालत ने यह भी माना कि विशेष परिस्थितियों में अलग प्रक्रिया अपनाना संविधान और कानून के खिलाफ नहीं है. इसलिए SIR पूरी तरह वैध है और इसे प्रोसेस करने का अधिकार चुनाव आयोग के पास है. आयोग इसकी शक्ति रखता है. 2. कोई प्रक्रिया थोड़ी अलग हो तो अवैध नहीं हो जाती है- सुप्रीम कोर्ट बिहार में यह प्रक्रिया शुरू होने के बाद इसे चुनौती दी गई थी. याचिकाकर्ताओं का कहना था कि यह सामान्य संशोधन प्रक्रिया से अलग है और मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित कर सकती है. अदालत ने कहा, 'यह प्रक्रिया कानूनी रूप से मान्य है. 11 दस्तावेजों पर विचार करने और हमारे आदेश के माध्यम से आधार कार्ड को शामिल किए जाने के बाद हम इस तर्क को स्वीकार नहीं कर सकते कि चुनाव द्वारा मांगे गए दस्तावेजों का समूह मनमाना है." सुप्रीम कोर्ट की खास टिप्पणी- सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि SIR प्रक्रिया को केवल इसलिए 'अल्ट्रा वायर्स' (अवैध) करार देकर रद्द नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह मतदाता सूचियों के संशोधन की सामान्य प्रोसेस से अलग है. 3. वोटर लिस्ट से नाम हटना, नागरिकता जाना नहीं- सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने SIR की प्रक्रिया को वैध ठहराते हुए कहा कि इस प्रक्रिया के तहत वोटर लिस्ट से नाम हटाने का मतलब यह नहीं है कि किसी की नागरिकता खत्म हो गई. यह फैसला इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि याचिकाकर्ताओं और विपक्षी दलों का कहना था कि चुनाव आयोग का SIR अभियान 'पिछले दरवाजे से नागरिकता जांच' जैसा है. 4. नागरिकता तय करना चुनाव आयोग का काम नहीं- सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि चुनाव आयोग नागरिकता के सवाल को सिर्फ इस सीमित दायरे में देख सकता है कि किसी व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट में शामिल किया जाए या हटाया जाए. अदालत ने साफ कहा कि चुनाव आयोग किसी का नाम वोटर लिस्ट से हटा सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है वह व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं रहा. नागरिकता तय करना चुनाव आयोग का काम नहीं है. 5.  SIR 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम' और संबंधित नियमों के विपरीत नहीं सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि SIR कानूनी रूप से मान्य और उचित है इसलिए यह 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम' (RP Act) का उल्लंघन भी नहीं करता है. पीठ ने कहा कि अदालत का निष्कर्ष है कि एसआईआर संविधान और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की कसौटी पर खरा उतरता है। मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि इतने विस्तृत कार्य को देखते हुए चुनाव आयोग को नियम और प्रक्रिया तय करने का अधिकार है। चुनाव आयोग नागरिकता तय नहीं करता। हालांकि, वह संदिग्ध लोगों के मामलों को … Read more

नौतपा में भी नहीं मिली राहत, MP में भीषण गर्मी जारी; अब आंधी-बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्यप्रदेश में नौतपा की शुरुआत भले ही आंधी और बूंदाबांदी के साथ हुई हो, लेकिन गर्मी का सितम कम नहीं हुआ। प्रदेश के 16 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 28 मई से अगले तीन दिन तक कई जिलों में प्री-मानसून एक्टिविटी तेज हो सकती है। तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।   एमपी में नौतपा के शुरुआती 2 दिन आंधी-बारिश का दौर रहा। वहीं, 28 मई से लगातार 3 दिन तक प्रदेश के अधिकांश हिस्से में पानी गिरने का अलर्ट है। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल की माने तो यह प्री-मानसून की दस्तक है। 10 से 16 जून के बाद प्रदेश में मानसून एंट्री कर सकता है।  बुधवार को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में तीव्र लू का रेड अलर्ट है। टीकमगढ़ में रात में पारा बढ़ा हुआ रहेगा। वहीं, ग्वालियर, जबलपुर में तीव्र लू का अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल में भी लू चल सकती है। खजुराहो और नौगांव बने हीट सेंटर मंगलवार को छतरपुर का खजुराहो प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नौगांव में पारा 45.6 डिग्री तक पहुंच गया। दतिया में 45.2 डिग्री, दमोह, सतना और टीकमगढ़ में 45 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। रीवा 44.8 डिग्री और राजगढ़ 44.6 डिग्री के साथ भीषण गर्मी की चपेट में रहे। ग्वालियर, श्योपुर, गुना, नरसिंहपुर, सागर, मंडला, मुरैना और रायसेन समेत कई शहरों में भी पारा 44 डिग्री के आसपास पहुंच गया। बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ज्यादा गर्म रहा, जहां तापमान 44.1 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 43.2 डिग्री, जबलपुर में 43.9 डिग्री, उज्जैन में 42 डिग्री और इंदौर में 41.2 डिग्री तापमान रहा। नौतपा में पहली बार नहीं बदला मौसम भोपाल में नौतपा के दौरान बारिश या बूंदाबांदी का सिलसिला नया नहीं है। पिछले 14 साल में 7 बार नौतपा के दौरान बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि 2 बार हल्की बूंदाबांदी हुई थी। इस बार भी शुरुआती दिनों में मौसम ने करवट ली है। हालांकि 2018 और 2019 जैसे साल में नौतपा के दौरान रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ी थी और औसत तापमान 43 डिग्री से ऊपर पहुंच गया था। कई जिलों में लू और तीव्र लू का अलर्ट रेड अलर्ट: निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा। ऑरेंज अलर्ट: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, सीधी, सिंगरौली, मंडला, बालाघाट समेत 19 जिले। येलो अलर्ट: भोपाल, उज्जैन, विदिशा, रायसेन, सीहोर, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर सहित 22 जिले। इधर, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, हरदा और नर्मदापुरम जैसे जिलों में तेज गर्मी का असर बना रहेगा। दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को दोपहर 12 से 3 बजे के बीच विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलें, पर्याप्त पानी पीते रहें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चों और बुजुर्गों को खास सतर्क रहने को कहा गया है।  

‘वेलकम टू द जंगल’ में होगा 5 गानों का धमाल, डार्क ह्यूमर से भरपूर होगी अक्षय कुमार की फिल्म

 अक्षय कुमार की अपकमिंग फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ लगातार चर्चा में बनी हुई है. फिल्म की बड़ी स्टारकास्ट और मजेदार गानों को लेकर फैंस पहले से ही काफी एक्साइटेड हैं. अब निर्देशक अहमद खान ने फिल्म को लेकर नया अपडेट दिया है. उन्होंने बताया कि फिल्म में कुल 5 गाने होंगे, जो कहानी और कॉमेडी को और ज्यादा मजेदार बनाएंगे. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ एक कॉमेडी फिल्म नहीं, बल्कि एक पूरा ‘मसाला एंटरटेनर पैकेज’ है. अहमद खान: “डार्क ह्यूमर का मिलेगा तड़का” फिल्म के बारे में बात करते हुए अहमद खान ने बताया कि ‘वेलकम टू द जंगल’ सिर्फ एक साधारण कॉमेडी फिल्म नहीं है. इसमें डार्क ह्यूमर का भी खास तड़का देखने को मिलेगा. उन्होंने कहा कि फिल्म को इस तरह बनाया गया है ताकि दर्शक थिएटर में बैठकर शुरुआत से आखिर तक पूरा एंटरटेन महसूस करें और बोर न हों. फिल्म में होंगे 5 खास गाने अहमद खान ने खुलासा किया कि इस फिल्म में 5 खास गाने रखे गए हैं. ये गाने सिर्फ नाचने-गाने के लिए नहीं हैं, बल्कि ये फिल्म की कहानी और उसके मजाक को और ज्यादा बढ़ाएंगे. गानों की डांस स्टेप्स को भी इस तरह से तैयार किया गया है जिसे देखकर लोगों की हंसी छूट जाएगी. फिल्म के दो गाने पहले ही रिलीज होकर लोगों का दिल जीत चुके हैं. निर्माता फिरोज नाडियाडवाला की तारीफ अहमद खान ने फिल्म के निर्माता फिरोज नाडियाडवाला की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी मल्टीस्टारर फिल्म बनाना आसान नहीं होता. उन्होंने आगे कहा कि फिरोज फिरोज भाई बहुत हिम्मत वाले इंसान हैं. फिल्म बनाने में कई तरह की मुश्किलें और रुकावटें आईं, लेकिन वह कभी पीछे नहीं हटे. उन्होंने पूरी टीम का साथ दिया ताकि फिल्म ठीक वैसे ही बने जैसी वह बनाना चाहते थे. फिल्म में कौन-कौन से स्टार हैं? ‘वेलकम टू द जंगल’ में बहुत बड़ी स्टार कास्ट देखने को मिलेगी. फिल्म में अक्षय कुमार के साथ सुनील शेट्टी, परेश रावल, जॉनी लीवर, अरशद वारसी, राजपाल यादव, तुषार कपूर, श्रेयस तलपड़े, जैकी श्रॉफ, रवीना टंडन, दिशा पटानी, जैकलीन फर्नांडिस, उर्वशी रौतेला और कई बड़े कलाकार नजर आएंगे. करीब 30 कलाकारों वाली यह फिल्म साल की सबसे बड़ी कॉमेडी फिल्मों में से एक मानी जा रही है. कब रिलीज होगी फिल्म? ‘वेलकम टू द जंगल’ 26 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. फिल्म को एक बड़े फैमिली एंटरटेनर के रूप में तैयार किया गया है.

रोलां गैरो डेब्यू में इतिहास: भारतीय मूल के निशेश ने फ्रिट्ज को दी करारी शिकस्त

नई दिल्ली फ्रेंच ओपन 2026 में रविवार को 21 साल के भारतीय मूल के अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी निशेश बसावरेड्डी ने बड़ा उलटफेर किया, जिसने टेनिस जगत को हैरान कर दिया। विश्व नंबर 9 और 7वीं वरीयता प्राप्त टेलर फ्रिट्ज को विश्व नंबर 148 निशेश ने हराकर अपने रोलां गैरो डेब्यू मैच में इतिहास रच दिया। उन्होंने कोर्ट सुजैन लेंगलेन पर 7-5, 7-6, 6-5, 6-1 से 4 सेट के मुकाबले में अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। साल 2000 में जैन-माइकल गैम्बिल के बाद इस क्ले-कोर्ट ग्रैंड स्लैम में किसी टॉप-10 खिलाड़ी को हराने वाले वो पहले अमेरिकी बन गए हैं। घुटने की चोट से वापसी कर रहे थे फ्रिट्ज दरअसल, विश्व नंबर- 9 के खिलाड़ी टेलर फ्रिट्ज घुटने की चोट के कारण दो महीने तक कोर्ट से बाहर रहने के बाद बहुत कम अभ्यास मैचों के साथ पेरिस पहुंचे थे, जहां उन्हें मैच पर अपनी पकड़ बनाने में संघर्ष करते हुए देखा गया और लगभग तीन घंटे की कड़ी टक्कर के बाद वह अपने हमवतन युवा खिलाड़ी से हार गए। वहीं, निशेश ने शुरुआत से ही अपना आत्मविश्वास दिखाया और प्रेशर वाले इस खेल में जीत हासिल कर इतिहास रचा। भारतीय मूल के इस युवा प्रतिभा के लिए ये एक ऐतिहासिक उपलब्धि रही, जिन्होंने USTA की रोलां गैरो वाइल्ड कार्ड चैलेंज जीतकर पेरिस में अपना वाइल्डकार्ड स्थान पक्का किया था। बता दें कि बसावरेड्डी पेरिस में अपना सफर जारी रखेंगे, जहां अगले दौर में उनका मुकाबला एक और युवा अमेरिकी खिलाड़ी एलेक्स मिशेलसन से हो सकता है, जो पहले दौर में अलेक्सांद्र शेवचेंको का सामना कर रहे हैं। कौन हैं निसेश बसावरेड्डी? निशेश बसावरेड्डी, भारतीय मूल के अमेरिकी खिलाड़ी हैं, जिनका जन्म 2 मई 2005 को हुआ था। उनके माता-पिता 1999 में आंध्र प्रदेश से अमेरिका शिफ्ट हो गए थे। कैलिफोर्निया में जन्मे निशेश का जूनियर करियर शानदार रहा, जहां वह  ITF जूनियर रैंकिंग में विश्व नंबर 3 पर पहुंचे और उन्होंने 2022 जूनियर यूएस ओपन का बॉयज डबल्स खिताब जीता। पूर्व डबल्स वर्ल्ड नंबर 1 राजीव राम के मार्गदर्शन में, बसावरेड्डी ने साल 2024 में प्यूर्टो वालार्टा और टिब्यूरॉन में दो एटीपी चैलेंजर खिताब जीते। इसी साल उन्होंने सऊदी अरब में 'एटीपी नेक्स्टजेन फाइनल्स' में भी हिस्सा लिया था। उन्होंने 2025 में ऑस्ट्रेलियन ओपन से अपने ग्रैंड स्लैम करियर की शुरुआत की थी। पहले दौर में उनका सामना दिग्गज नोवाक जोकोविच से हुआ, जहां पहले सेट में शानदार शुरुआत करने के बाद वह 6-4, 3-6, 4-6, 2-6 से मैच हार गए थे। जून 2025 में, वह एटीपी (ATP) रैंकिंग में शीर्ष 100 में शामिल हो गए और विंबलडन तथा यूएस ओपन के मुख्य ड्रॉ में खेले, लेकिन दोनों ग्रैंड स्लैम के पहले दौर में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

शिक्षा विभाग का सख्त निर्देश: ग्रीष्मावकाश से पहले स्कूलों में पढ़ाई जारी रहेगी

पटना बिहार में शिक्षकों की छुट्टी पर 27 से 31 मई तक रोक लगा दी गई है। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि ग्रीष्मावकाश से पहले बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। सभी शिक्षक ग्रीष्मावकाश शुरू होने से पहले अंतिम कार्य दिवस तक विद्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। इस दौरान छात्रों को विषयवार गृहकार्य दिया जायेगा और उसकी प्रविष्टि छात्रों की डायरी में भी करनी होगी। विभागीय निर्देश में कहा गया है कि हाल के दिनों में बड़ी संख्या में शिक्षक अवकाश आवेदन दे रहे हैं। ऐसे में ग्रीष्मावकाश से पहले विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। कॉलेजों का टॉप 10 विश्वविद्यालयों से करार टीचरों की छुट्टियों पर रोक लगाने के अलावा मंगलवार को सम्राट चौधरी सरकार ने बिहार में शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम फैसले लिए। जिसके तहत अब बिहार के कॉलेजों का देश के शीर्ष दस विश्वविद्यालयों से करार होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उच्च शिक्षा विभाग को बिहार के कॉलेजों को संबद्ध करने के लिए देश के टॉप 10 विश्वविद्यालयों से करार करने का निर्देश दिया है, ताकि बाहर से भी बिहार आकर बच्चे शिक्षा हासिल कर सकें। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को लोक सेवक आवास में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान पदाधिकारियों को कई निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जुलाई से उन 211 प्रखंडों में स्नातक की पढ़ाई शुरू कराएं, जहां पूर्व से डिग्री कॉलेज नहीं हैं। ऐसे प्रखंडों में नए महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। उनमें शिक्षकों और कर्मियों की नियुक्ति के लिए कमेटी का शीघ्र गठन कर वैकेंसी को एक साथ अटैच करें। प्रखंडों में स्थापित होने वाले महाविद्यालय ऐसी जगह पर हों, जहां विद्यार्थियों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो तथा सुगमतापूर्वक वे आ-जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि वित्तरहित महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या, आधारभूत संरचना, भवन और दी जाने वाली अनुदान राशि का आकलन करें। भूमि देने वाले के नाम पर होंगे डिग्री कॉलेज मुख्यमंत्री ने कहा कि डिग्री कॉलेज रहित प्रखंडों में महाविद्यालय स्थापित करने के लिए भूमि दान देने वाले व्यक्ति या उनके द्वारा अनुशंसित व्यक्ति के नाम पर उस महाविद्यालय का नामकरण किया जाएगा। महाविद्यालय में भवन निर्माण/आंशिक रूप से सहयोग करने वाले व्यक्ति या उनके द्वारा अनुशंसित व्यक्ति के नाम पर भी महाविद्यालय परिसर के किसी हिस्से का नामकरण कराया जायेगा। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री संजय सिंह टाइगर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, उच्च शिक्षा सचिव राजीव रौशन सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे। राज्य में खुला विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ेगी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में संचालित ओपेन यूनिवर्सिटी का अध्ययन करें। इसके साथ ही बिहार में और अधिक संख्या में ओपेन यूनिवर्सिटी स्थापित करें, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया करायी जा सके। इससे राज्य के विश्वविद्यालयों पर बोझ भी घटेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विक्रमशिला विश्वविद्यालय को पुनर्स्थापित करने के लिए भारत सरकार को शीघ्र भूमि हस्तांतरित की जायेगा। इस संबंध में भारत सरकार को पत्र भेजकर सूचित किया जायेगा। बिहार के शोध संस्थानों को सुव्यवस्थित किया जाएगा मुख्यमंत्री ने एएन सिन्हा समाज अध्ययन संस्थान को फिर से व्यवस्थित करने के लिए कहाा है, ताकि इसका अधिक से अधिक उपयोग हो सके। उन्होंने कहा कि बिहार में विश्वविद्यालय के साथ जितने भी रिसर्च सेंटर हैं, उन्हें फिर से व्यवस्थित कर नियमित और विशिष्ट बनाएं। शोध संस्थान सुव्यवस्थित होगा, तो नियमित रूप से शोध होगा और सरकार की पॉलिसी या प्लान का परीक्षण हो सकेगा।

ईद-उल-अजहा पर मुरादाबाद में 500 पुलिसकर्मी और ड्रोन से होगी निगरानी

 मुरादाबाद बकरीद को लेकर मुरादाबाद नगर निगम ने पूरे महानगर को चार जोन में बांटा है। दस क्यूआरटी टीमों का भी गठन किया गया है। सूचना मिलते ही टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर समस्या का समाधान करेंगी। हर तीस मिनट के भीतर ओज उठाए जाने के भी व्यवस्था की गई है। नगरायुक्त दिव्यांशु पटेल ने मंगलवार को अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। गलशहीद स्थित ईदगाह और मस्जिदों के आसपास जल का छिड़काव, चूना-फॉगिंग और नियमित सफाई की जाएगी। ईदगाह के आसपास अतिक्रमण के खिलाफ भी अभियान चलेगा। ईदगाह के आसपास चला सफाई अभियान, पकड़े आवारा डॉग बकरीद के त्योहार को लेकर मंगलवार को नगर निगम टीम द्वारा ईदगाह व आसपास के इलाकों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इसके अलावा आवारा कुत्तों को भी पकड़ने की कार्रवाई की गई। सुरक्षा को लेकर ईदगाह क्षेत्र को 11 सेक्टरों में बांटा ईद-उल-अजहा(बकरीद) की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। ईदगाह और उसके आसपास के इलाके को 11 सेक्टर में बांट कर पुलिस ड्यूटी लगाई गई है। पूरे शहर को बीस सेक्टर में बांटा गया है। सुरक्षा के मद्देनजर पांच सौ से अधिक पुलिसकर्मियों और दो कंपनी पीएसी जवानों की लगाई गई है। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि व्यवस्था बनाने के लिए ईदगाह और उसके आसपास के इलाके को 11 सेक्टरों में बांटा गया है। हर सेक्टर की जिम्मेदारी सीओ और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को दी गई है। दस सीओ के नेतृत्व में करीब 500 पुलिसकर्मियों और दो कंपनी पीएसी जवानों की लगाई गई है। निगरानी के लिए वॉच टावर और रूफ टॉप ड्यूटी भी लगी है। ईदगाह और उसके आसपास 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ईदगाह के सामने स्थित बिल्डिंग में कंट्रोल रूम मनाया गया है, जहां से नियमित निगरानी की जाएगी। ड्रोन से भी निगरानी होगी। ईदगाह रोड नमाज के दौरान बंद रहेगी बकरीद के दिन नमाज सकुशल संपन्न कराने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने सुबह के छह घंटे ईदगाह के आसपास डायवर्जन प्लान लागू रहेगा। ट्रैफिक पुलिस द्वारा तैयार प्लान के अनुसार 28 मई को छह बजे से दोपहर 12 बजे तक ईदगाह के आसपास वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान शहर में भारी वाहन और बसों को भी नहीं घुसने दिया जाएगा। एसपी ट्रैफिक सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि यह डायवर्जन प्लान सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक के लिए लागू किया गया है। जरूरत पड़ने पर इसका समय बढ़ाया और घटनाया जाएगा। ट्रैफिक प्लान को प्रभावी तरीके से लागू कराने के लिए जगह-जगह बैरियर लगाकर ट्रैफिक पुलसकर्मियों की तैनाती की गई है। बकरीद को लेकर प्रशासन ने भी जारी की गाइडलाइन बकरीद को लेकर प्रशासनिक मशीनरी तैयार हो चुकी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर एडीएम सिटी ने महानगर और एडीएम प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्र में व्यवस्थाओं की कमान संभाल ली है। ऑन लाइन मीटिंग में सभी तहसीलों और निकायों को अफसरों ने बताया कि किस तरह कार्य करना है। आगामी 28 मई को बकरीद का पर्व मनाया जा रहा है। जिलाधिकारी डा. राजेंद्र पैंसिया और एसएसपी सतपाल अंतिल ने एक दिन पूर्व पीस कमेटी की बैठक में भी स्थिति स्पष्ट कर दी थी कि कैसे कार्य करना है। कुर्बानी खुले में न हो ओज खुले में न जाए इसपर फोकस है। एडीएम सिटी अंकुर श्रीवास्तव ने बकरीद की तैयारियों पर स्थिति का जायजा लिया। वहीं एडीएम प्रशासन संगीता गौतम ने ऑन लाइन मीटिंग में सभी निकायों के ईओ और संबंधित एसडीएम व तहसीलदार को पर्व पर जिम्मेदारी सौंपी।