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घर में चमगादड़ आना शुभ या अशुभ? जानें वास्तु और वैज्ञानिक कारण

चमकादड़ के घर में घुसने से हर आदमी को डर लगने लगता है क्योंकि उनकी बनावट डरावनी होती है. लेकिन इसके पीछे धार्मिक मान्यता से ज्यादा वैज्ञानिक वजह छुपी है. हालांकि, वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में चमगादड़ का आना अच्छा संकेत नहीं होता है. इसे अक्सर नकारात्मक ऊर्जा, आर्थिक परेशानी या घर में हो रहे तनाव से जोड़ा जाता है. वास्तु मान्यताओं के मुताबिक: – यह घर में अशांति या विवाद का संकेत हो सकता है. – बार-बार आना आर्थिक नुकसान से संबंधित होता है. – अगर घर के अंदर चमकादड़ की मृत्यु हो जाए तो इसे और भी अशुभ माना जाता है. फेंगशुई में चमकादड़ का महत्व फेंगशुई में चमगादड़ को सौभाग्य, खुशहाली और लंबी उम्र का प्रतीक माना जाता है. वहां इसे सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जाता है. धार्मिक उपाय क्या करें? वास्तु शास्त्र के मुताबिक, अगर घर से चमकादड़ की नकारात्मक ऊर्जा दूर रखनी है तो घर में गंगाजल छिड़कें. और शाम को कपूर या लोबान जलाएं.  घर में चमकादड़ घूसने के ये कारण हैं- खाने की तलाश घर में चमकादड़ घूसने की सबसे आम वजह होती है खाने की तलाश. चमगादड़ ज्यादातर कीड़े-मकौड़े खाते हैं. अगर आपके घर या आसपास मच्छर, पतंगे, कॉकरोच या छोटे कीड़े ज्यादा हैं, तो उन्हें पकड़ने के चक्कर में वे घर के अंदर आ सकते हैं. इसके अलावा, अगर कहीं खाना खुला या बासी पड़ा हो, तो भी यह उन्हें आकर्षित कर सकता है. गंदगी और नमी वाली जगहों पर कीड़े ज्यादा होते हैं, और वही चमगादड़ों को खींच लाती है. सुरक्षित जगह की तलाश चमगादड़ दिन में आराम करने के लिए अंधेरी और शांत जगह ढूंढते हैं. अगर आपके घर में स्टोर रूम, छत की दरारें, खिड़की के ऊपर खाली जगह या कम इस्तेमाल होने वाले कोने हैं, तो वे वहां छिप सकते हैं. कई बार वे घर को सुरक्षित जगह समझकर कुछ समय के लिए वहीं टिक जाते हैं. मौसम का भी होता है असर तेज गर्मी, बारिश या मौसम में बदलाव होने पर ये जीव ठंडी और सूखी जगह ढूंढते हैं. ऐसे में घर उन्हें एक सुरक्षित विकल्प लगता है. कभी-कभी रास्ता भटक जाते हैं कई बार छोटे या अनुभवहीन चमगादड़ उड़ते समय रास्ता भटक जाते हैं. खुली खिड़की या दरवाजे से अंदर तो आ जाते हैं, लेकिन बाहर निकलने का रास्ता नहीं समझ पाते हैं. अगर घर में चमकादड़ आ जाए तो क्या करें? – कमरे की लाइट बंद कर दें. – बाहर की खिड़की या दरवाजा खोल दें. – कुछ समय में यह खुद बाहर निकल जाएगा. चमगादड़ अपनी खास क्षमता (इकोलोकेशन) से रास्ता पहचान लेते हैं.

बिना तेल और बिना गैस वाला हेल्दी पोहा, फिटनेस फ्रीक्स के लिए बना परफेक्ट नाश्ता

आजकल लोग खाने में स्वाद के साथ-साथ सेहत भी ढूंढ रहे हैं. आलम ये है कि ये लोग मुंह में कुछ भी देने से पहले हजार बार सोचते हैं. इसी वजह से उनका नाश्ते से लेकर डिनर करने तक का स्टाइल बदल गया है. भारी-भरकम नाश्ते की जगह अब ऐसी चीजें पसंद की जा रही हैं जो जल्दी बन जाएं, पेट भी हल्का रखें और शरीर को जरूरी पोषण भी दें. यूं तो ऐसे बहुत से फूड्स हैं, लेकिन इनमें बिना तेल से बनने वाला पोहा लोगों का फेवरेट बनता जा रहा है. जी हां, पोहा बिना तेल के भी बन जाता है. खास बात ये है कि इसे बनाने के लिए आपको गैस जलाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी. इसे बनाने के लिए ना कड़ाही चाहिए और ना ही ज्यादा मेहनत. कुछ ताजी सब्जियां, भीगा हुआ पोहा और हल्के मसाले मिलाकर आप कुछ ही मिनटों में टेस्टी और हेल्दी नाश्ता तैयार कर सकते हैं. ये बेशक बिना तेल के बनता हो, लेकिन खाने में बहुत स्वादिष्ट होता है. वजन कम करने वाले लोग, फिटनेस फॉलो करने वाले और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं. चलिए जानते हैं कैसे बनाते हैं हेल्दी पोहा. इंग्रेडिएंट्स:     1 कप पतला पोहा     1 बारीक कटा प्याज     1 छोटा टमाटर     1 हरी मिर्च     थोड़ा हरा धनिया     1 छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर     स्वादानुसार काला नमक     1 नींबू का रस     थोड़ी मूंगफली     चाहें तो अंकुरित मूंग, खीरा और अनार के दाने भी डाल सकते हैं ऐसे बनाएं बिना गैस वाला पोहा 1. बिना कड़ाही चढ़ाए और बिना तेल के पोहा बनाने के लिए सबसे पहले पोहे को हल्के पानी से धो लें और 2-3 मिनट के लिए छोड़ दें ताकि वो अच्छे से सॉफ्ट हो जाए. 2. जब पोहा फूलकर सॉफ्ट हो जाए तब इसमें बारीक कटा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनिया डालें. सभी चीजें डालने के बाद खूब अच्छे से मिलाएं. 3. इसके बाद इसमें काला नमक, भुना जीरा और नींबू का रस मिलाकर अच्छे से मिक्स करें. ऊपर से मूंगफली, अंकुरित मूंग या अनार डाल दें. बस आपका हेल्दी और टेस्टी पोहा तैयार है. फिटनेस फ्रीक्स को क्यों आ रहा पसंद? ये पोहा बिना तेल और कम कैलोरी वाला होता है, इसलिए डाइट फॉलो करने वाले लोग इसे अपने मील प्लान में शामिल कर रहे हैं. इसमें फाइबर और ताजी सब्जियां होने की वजह से डाइजेशन भी बेहतर रहता है.    

पानी और लौह अयस्क सप्लाई के खेल में बड़ा खुलासा, दंतेवाड़ा में निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार

दंतेवाड़ा. बस्तर में एक बार फिर संसाधनों के दोहन को लेकर सवाल उठने लगे हैं. सरकार जहां नक्सल मुक्त बस्तर और औद्योगिक विकास की बात कर रही है, वहीं बस्तर का लौह अयस्क और पानी दूसरे राज्यों के उद्योगों की ताकत बन रहा है. किरंदुल की खदानों से रोजाना हजारों टन लौह अयस्क स्लरी पाइपलाइन के जरिए बाहर भेजा जा रहा है. साथ ही शबरी नदी और मदाड़ी नाले का पानी भी बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट में उपयोग हो रहा है. बताया जा रहा है कि आंध्रप्रदेश में लगने वाला विशाल स्टील प्लांट देश के सबसे बड़े संयंत्रों में शामिल होगा. इधर बस्तर के युवाओं का सवाल है कि जब संसाधन यहां के हैं, तो रोजगार और उद्योग बाहर क्यों जा रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इससे क्षेत्र के हजारों युवाओं की रोजगार संभावनाएं प्रभावित हुई हैं. ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि खनन और अपशिष्ट से खेती और नदी-नाले प्रभावित हो रहे हैं. लोगों का कहना है कि बस्तर केवल कच्चा माल देने वाला इलाका बनकर रह गया है. रॉयल्टी और औद्योगिक लाभ का बड़ा हिस्सा दूसरे राज्यों को मिलने का भी मुद्दा उठ रहा है. अब मांग उठ रही है कि दक्षिण बस्तर में ही बड़ा इस्पात संयंत्र स्थापित कर स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए. स्थानीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि बस्तर के हितों की अनदेखी हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा.

लू से मचा हाहाकार: तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 67 से ज्यादा लोगों की जान गई

हैदराबाद  तेलंगाना राज्य में गर्मी लोगों पर भारी पड़ रही है. शनिवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हीटस्ट्रोक से 51 लोगों की मौत हो गई. सबसे ज़्यादा मौतें वारंगल जिले में हुईं, जहां 23 लोगों की मौत हुई. संयुक्त करीमनगर जिले में 11, खम्मम में सात, आदिलाबाद में पांच और नलगोंडा में पांच लोगों की जान चली गई. उनमें से एक की मौत सरस्वती अंतिम संस्कार में शामिल होने के दौरान हीटस्ट्रोक से हुई. वहीं शुक्रवार को तेज गर्मी की वजह से 34 लोगों की मौत हो गई. राज्य के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने ऐलान किया कि मरने वालों के परिवारों को 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. तेज़ गर्मी और लू को देखते हुए, मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने सचिवालय में इमरजेंसी रिव्यू किया. उन्होंने बताया कि जिन मंडलों और गांवों में सबसे ज़्यादा तापमान रिकॉर्ड किया जाता है, उनकी पहचान की जानी चाहिए और वहां के लोगों को पहले से चेतावनी दी जानी चाहिए और जागरूकता फैलाई जानी चाहिए. मंत्री ने आदेश दिया कि बस स्टैंड, बाजार, मुख्य सड़कों, उन इलाकों में जहां मजदूर ज़्यादा काम करते हैं और जहां लोग ज़्यादा आते-जाते हैं, वहां ठंडा पीने का पानी, छाछ और ओआरएस पैकेट उपलब्ध कराए जाने चाहिए. जीवों की रक्षा करना हमारी ज़िम्मेदारी: उन्होंने कहा कि कलेक्टरों को खुद हीटवेव की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए और गांव और मंडल लेवल के सभी स्टाफ को फील्ड लेवल पर रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि सनस्ट्रोक के लक्षण दिखते ही इमरजेंसी मेडिकल सर्विस को इलाज के लिए तैयार रहना चाहिए. मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि लोगों के साथ-साथ जीवों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है और उन्होंने पानी की टंकियों और मिट्टी के बर्तनों के जरिए पक्षियों और जानवरों को पीने का पानी देने की अपील की. तेलंगाना के 15 जिलों में 45 डिग्री से ज़्यादा तापमान रिकॉर्ड किया गया. सबसे ज़्यादा 46.3 डिग्री तापमान कोठागुडेम जिले में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम 39.8 डिग्री तापमान नारायणपेट जिले में रिकॉर्ड किया गया. आंध्र प्रदेश में हीटस्ट्रोक से 16 लोगों की मौत दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश में तेज गर्मी की वजह से, अकेले शनिवार को अलग-अलग इलाकों में हीटस्ट्रोक से 16 लोगों की मौत हो गई. इनमें से बारह मौतें एनटीआर, कृष्णा और गुंटूर जिलों में हुईं. मचावरम मंडल (पलनाडु ज़िला) के वेमावरम गांव के जल्ला कोंडालू (54), केथनकोंडा के पठान नागुलमीरा (32), कोटिकलापुडी की मेका निर्मला (50), कांचीकाचेरला के मोहम्मद अबिदुन्निसा (26) और मेडिकोंडुरु मंडल (गुंटूर ज़िला) के सिरिपुरम के कडियाला बलैया (94) की मौत हीटस्ट्रोक की वजह से हुई. वहीं विजयवाड़ा के पंडित नेहरू बस स्टेशन पर हीटस्ट्रोक की वजह से तीन यात्रियों की मौत हो गई. इसी तरह सत्यनारायणपुरम पुलिस स्टेशन के इलाके में एक अनजान व्यक्ति (60) की मौत हो गई, जबकि पेनामलुरु मंडल (कृष्णा ज़िला) के चोडावरम में एक भिखारी (45) की मौत हो गई. वारंगल के वी. नरसय्या (50) की विजयवाड़ा के ओल्ड टाउन इलाके में राजकुमारी थिएटर के पास हीटस्ट्रोक से मौत हो गई. मुटलुरु, वट्टीचेरुकुरु मंडल (गुंटूर जिला) में, पदावला बसवैया (86) तेज़ गर्मी के कारण बीमार पड़ गए और बाद में उनकी मौत हो गई. आखिर में, पिडुगुराल्ला शहर (पलनाडु जिला) में डोंडेती वेंकटरावम्मा (80) और केबीपी अग्रहारम, रविकामथम मंडल (अनकापल्ली जिला) में दिव्यांग गडिगोयिला सत्यनारायण (28) की भी हीटस्ट्रोक से मौत हो गई. एलुरु जिले के पेडावेगी मंडल के पेडावेगी निवासी मारगानी श्रीनिवास राव (60) और उसी मंडल के कोप्पाका निवासी चल्लारी रत्नाला राव (55) की मौत हो गई.

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ट्रंप की चेतावनी, 24 घंटे में हो सकता है बड़ा फैसला

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि वह ईरान के ताजा प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए अपने वार्ताकारों से मिल रहे हैं और संभवतः अगले एक दिन में रविवार तक यह फैसला कर लेंगे कि युद्ध फिर से शुरू करना है या नहीं। ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया आउटलेट Axios को बताया कि इस बात की पूरी 50/50 संभावना है कि वह कोई अच्छा समझौता कर पाएंगे या फिर उन्हें पूरी तरह तबाह कर देंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह तेहरान के प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर से मिलेंगे। उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस, जो अभी ओहायो में हैं, संभवतः इस बैठक में शामिल होने के लिए वॉशिंगटन लौटेंगे। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर शांति समझौते की बारीकियों पर वार्ताकारों से चर्चा करने के लिए तेहरान में थे। वहीं, दिल्ली में, विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा, "कुछ प्रगति हुई है, कुछ काम आगे बढ़ा है। अभी जब मैं आपसे बात कर रहा हूं, तब भी कुछ काम चल रहा है। इस बात की संभावना है कि, चाहे आज बाद में हो, कल (रविवार को), या कुछ दिनों में, हमारे पास कहने के लिए कुछ हो सकता है।" रूबियो भारत की चार-दिवसीय यात्रा पर हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने साफ कहा है कि चाहे कुछ भी हो जाए, ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं हो सकते। होर्मुज स्ट्रेट बिना किसी टोल के खुला रहना चाहिए और तेहरान को अपना अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम सौंप देना चाहिए। ट्रंप ने एक्सियोस को बताया कि वह केवल ऐसा समझौता स्वीकार करेंगे जिसमें यूरेनियम संवर्धन और ईरान के मौजूदा भंडार के भविष्य जैसे मुद्दे शामिल हों। अमेरिका और ईरान युद्ध समाप्त करने और 30 दिनों तक और अधिक गहन बातचीत करने की प्रतिबद्धता जताने वाले एक इरादा पत्र पर बातचीत कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि इन दो में से एक चीज होगी। या तो मैं उन पर अब तक का सबसे जोरदार हमला करूंगा, या फिर हम एक ऐसा समझौता करेंगे जो अच्छा होगा।" ट्रंप की यह टिप्पणी पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के ईरान दौरे के संपन्न होने के तुरंत बाद आई है। ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता के इस्लामाबाद के बढ़ते प्रयासों के बीच मुनीर ने वरिष्ठ इरानी अधिकारियों के साथ गहन बैठकें की थीं। पाकिस्तान ने बाद में कहा कि इन वार्ताओं से कोई अंतिम समझौता तो नहीं हुआ है, लेकिन एक अंतिम सहमति की दिशा में उत्साहजनक प्रगति हुई है। ट्रंप ने संकेत दिया कि किसी भी अंतिम समझौते में यूरेनियम संवर्धन और ईरान के मौजूदा परमाणु भंडार के भविष्य जैसे प्रमुख मुद्दों का समाधान होना आवश्यक होगा। ये विषय वार्ताओं में सबसे कठिन बाधाओं में से बने हुए हैं। हालांकि, वार्ताओं से परिचित राजनयिकों का कहना है कि वर्तमान में अमेरिका और इरान के बीच चर्चा के तहत चल रहे अंतरिम 'आशय पत्र' के तहत इन मुद्दों के पूरी तरह से सुलझने की संभावना कम है। इसके बजाय, प्रस्तावित रूपरेखा सक्रिय संघर्ष को समाप्त करने और एक व्यापक समझौते तक पहुंचने के उद्देश्य से आगे की वार्ताओं के लिए 30 दिनों की अवधि स्थापित करने पर केंद्रित होगी। ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि दो में से एक बात होगी। या तो मैं उन पर अब तक का सबसे भीषण हमला करूंगा, या फिर हम एक ऐसे समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे जो अच्छा होगा।" उन्होंने इस सुझाव को भी खारिज कर दिया कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस बात को लेकर चिंतित थे कि अमेरिका अंततः ईरान के लिए बहुत अधिक अनुकूल शर्तों पर सहमत हो सकता है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि इजराइली नेता इस बात को लेकर बिल्कुल चिंतित नहीं हैं कि यह वार्ता किस दिशा में आगे बढ़ रही है।

भीषण गर्मी का असर: यूपी में 669 मिलियन यूनिट बिजली खपत, सप्लाई पर दबाव बढ़ा

लखनऊ भीषण गर्मी से बिजली की खपत के सभी पुराने रिकॉर्ड टूट गए हैं। शुक्रवार (24 घंटे में) को प्रदेश में पहली बार 669 मिलियन (66.90 करोड़) यूनिट बिजली की खपत रही। बिजली की अधिकतम मांग भी शनिवार को 31 हजार मेगावाट के पार पहुंच गई है। दिन में तो मांग के मुताबिक बिजली की उपलब्धता है लेकिन शहर से लेकर गांव के ज्यादातर उपभोक्ताओं को तय शेड्यूल के अनुसार बिजली नहीं मिल पा रही है क्योंकि विद्युत वितरण सिस्टम में कहीं भी फाल्ट होने पर उसे जल्द ठीक करने के लिए पर्याप्त मैनपावर ही नहीं हैं। रात में मांग के मुताबिक पावर कारपोरेशन को कहीं से बिजली उपलब्ध न होने के कारण कई क्षेत्रों में घंटों कटौती हो रही है। बिजली कटौती से प्रदेशवासियों को हो रही दिक्कतों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ऊर्जा विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई है। पारा चढ़ने से राज्य में इनदिनों 31 हजार मेगावाट से भी अधिक बिजली की मांग है। सुबह से ही पारा चढ़ने से स्थिति यह है कि सात बजे के आसपास भी बिजली की मांग 24-25 हजार मेगावाट से नीचे नहीं जा रही है। बिजली की बढ़ती मांग का ही नतीजा है कि पिछले वर्ष 12 जून को जहां 655.9 मिलियन यूनिट बिजली की खपत का रिकॉर्ड बना था वहीं अबकी 22 मई को ही 669 मिलियन यूनिट खपत का नया रिकॉर्ड बन गया है। पावर कारपोरेशन प्रबंधन का अनुमान है कि जून में बिजली की अधिकतम मांग 34 हजार मेगावाट तक पहुंच सकती है। प्रबंधन ने मांग के अनुमान के मुताबिक बिजली की उपलब्धता बनाए रखने के लिए कई अनुबंध तो पहले से किए ही हैं, बढ़ती मांग को देखते हुए पावर एक्सचेंज तथा विभिन्न राज्यों से बैंकिंग के जरिए भी बिजली का इंतजाम करने की कोशिश में है। हालांकि, देशभर में बिजली की मांग बढ़ने से एक्सचेंज से प्रबंधन को 10 रुपये यूनिट में भी पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। ऐसे में सौर ऊर्जा के सहारे दिन में तो शहर से लेकर गांव तक को बिजली की आपूर्ति हो जा रही है लेकिन रात में आपूर्ति के लिए 33 हजार मेगावाट तक बिजली ही उपलब्धता ही नही है। ऐसे में खासतौर से गांवों में रात में बिजली की कटौती की जा रही है। हालांकि, रात में कटौती के एवज में दिन में अतिरिक्त बिजली देने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन लोकल फाल्ट के चलते प्रदेशवासियों को घंटों बिजली कटौती से जूझना पड़ रहा है प्रबंधन का दावा जरूर है कि उद्योगों से लेकर महानगर, मंडल व जिला मुख्यालयों को 24 घंटे जबकि तय शेड्यूल से नगर पंचायतों को 22, तहसील को 21.52 घंटे, बुंदेलखंड को 21 घंटे बिजली दी जा रही है। कारपोरेशन की रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को गांवों को 18 घंटे 37 मिनट बिजली दी गई है।  

4 जून को भारत में लॉन्च होगा Xiaomi 17T, मिलेगा 6500mAh बैटरी और 67W फास्ट चार्जिंग

शाओमी भारत में अपना लेटेस्ट फ्लैगशिप सीरीज का स्मार्टफोन लेकर आ रहा है. भारत में इस हैंडसेट की लॉन्चिंग 4 जून को होगी. इसका नाम शाओमी 17टी होगा. उससे पहले इस हैंडसेट को ग्लोबल मार्केट में लॉन्च किया जाएगा, जिसकी तारीख 28 मई है. शाओमी की तरफ से टीजर वीडियो जारी हो चुका है, जिसमें बैक पैनल को साफ तौर पर दिखाया गया है. इससे पता चलता है कि बैक पैनल पर ट्रिपल कैमरा सेटअप होगा, जिसमें 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा होगा. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं. ऑफिशियल लॉन्चिंग से पहले इस हैंडसेट के स्पेसिफिकेशन सामने आ चुके हैं. इस हैंडसेट का डिस्प्ले, बैटरी और चार्जिंग स्पीड आदि की डिटेल्स सामने आ चुकी हैं. इस हैंडसेट को भारत में ऐमेजॉन इंडिया, मी डॉट कॉम और ऑफलाइन स्टोर्स से खरीदा जा सकेगा. शाओमी 17टी के स्पेसिफिकेशन्स शाओमी 17टी में 6.59 इंच का 1.5K+ रेजोल्युशन का डिस्प्ले होगा, जिसमें 144 हर्ट्स का रिफ्रेश रेट्स होगा. इसमें एलटीपीओ स्क्रीन मिलेगी. शाओमी के अपकमिंग हैंडसेट में मीडियाटेक डाइमेंसिटी 8500 चिपसेट का यूज किया जाएगा. इसके साथ पावरफुल रैम और स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा. लॉन्चिंग के बाद रैम और स्टोरेज की जानकारी का खुलासा होगा. शाओमी 17टी का कैमरा सेटअप शाओमी 17टी में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप देखने को मिलेगा. इसमें 50MP का मेन कैमरा है और 12MP का अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस है. 50 मेगापिक्सल का लीका 5X पेरिस्कॉप टेलीफोटो लेंस मिलेगा. स्मार्टफोन की सुरक्षा के लिए इसमें IP68 रेटिंग दी गई है, जो इसको डस्ट और पानी से बचाने का काम करता है. इसमें 6500mAh की बैटरी का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसके साथ 67W का हाइपर चार्जिंग सपोर्ट काम करेगा. हालांकि भारत में इसकी क्या कीमत होगी, वो तो आने वाले भविष्य में ही पता चलेगा.

जयपुर से जैसलमेर तक तपिश का कहर, 45 डिग्री पार तापमान, हीटवेव का अलर्ट

जयपुर राजस्‍थान में शनिवार को मौसम ने करवट ली. कई जगहों पर हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाओं ने तापमान थोड़ा कम किया. जयपुर, हनुमानगढ़, अलवर, टोंक जिलों के आस पास तेज हवाएं चलने से रात में गर्मी का असर कम रहा. हालांकि, शेखावाटी क्षेत्र के आस पास पश्चिमी विक्षोभ बनने से आज भी हल्की बरसात हो सकती है, लेकिन आज से भीषण गर्मी का दौर शुरू होने वाला है. 2 जून तक रहेगा नौतपा    कल यानी 25 मई से प्रदेश में नौतपा शुरू हो रहा है. 25 मई से 2 जून तक प्रदेश में नौतपा रहेगा. इस दौरान भीषण गर्मी का अलर्ट है. मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के कई इलाकों में तापमान 3 डिग्री तक बढ़ने का अनुमान है. पश्चिमी और पूर्वी भागों में हीटवेव का अलर्ट है.    जैसलमेर में तापमान 45 के पार पिछले 24 घंटे में जैसलमेर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 45.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके अलावा बाड़मेर 45.1, फलोदी 45, बीकानेर में 44.9 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश के कई शहरों में 40 से अधिक तापमान दर्ज हुआ.  राजधानी जयपुर का तापमान 42.6 डिग्री तक पहुंच गया है.     19 शहरों में येलो अलर्ट मौसम विभाग ने आज 19 शहरों के लिए हीटवेव का येलो अलर्ट और 3 शहरों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. प्रदेश के अलवर, बारां, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, डीग, धौलपुर, झालावाड़, झुंझनू, खैरथल तिजारा, कोटपुतली बहरोड़, कोटा, प्रतापगढ़, सीकर, बालोतरा, बाड़मेर, चूरू, हनुमानगढ़, जोधपुर, श्रीगंगानर में हीटवेव का येलो अलर्ट और बीकानेर, जैसलमेर और फलोदी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.   अभी तक 43 लोग लू की चपेट में आ चुके भीषण गर्मी से अभी तक 43 लोग लू की चपेट में आ चुके हैं. हालांकि, अच्छी बात रही सभी लोग इलाज के बाद स्वस्थ है. विभाग की अपील है कि हीटवेव के इन दिनों में लोग सावधानी से रहे. दिन के समय कम से कम घर से बाहर निकले. अगर कोई जरूरी काम से बाहर निकालना पड़े तो चेहरे और सर को सूती कपड़े से ढक कर निकले. अपने साथ पानी या अन्य पेय पदार्थ रखें. उसका सेवन करते रहे.

राज्यसभा में बड़ा बदलाव: राघव चड्ढा बने पिटीशन्स कमेटी के चेयरमैन

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा की याचिका समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने समिति का पुनर्गठन करते हुए इस संबंध में अधिसूचना जारी की है. राज्यसभा की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सभापति ने 20 मई से प्रभावी रूप से याचिका समिति का पुनर्गठन किया है. इसके तहत सदन के 10 सदस्यों को पैनल में नामित किया गया है. इसमें लिखा है, "राघव चड्ढा को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है." राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के अलावा याचिका समिति में हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बीधा, जेबी माथेर हिशाम, सुभाशीष खुंटिया, र्वंग्रा नारजरी और संतोष कुमार पी. को सदस्य बनाया गया है. इसी के साथ राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी एक अन्य अधिसूचना में कहा गया कि राज्यसभा के सभापति ने 20 मई 2026 को राज्यसभा सदस्य डॉ. मेनका गुरुस्वामी को 'कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026' पर बनी संयुक्त समिति का सदस्य नामित किया है. वहीं लोकसभा सचिवालय की अलग अधिसूचना में कहा गया कि लोकसभा अध्यक्ष ने 21 मई से प्रभावी रूप से अरविंद गणपत सावंत को 'कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक' पर बनी संयुक्त समिति के लिए नामित किया है. गौरतलब है कि राघव चड्ढा दो तिहाई ज्यादा AAP के राज्यसभा सांसदों के साथ बीजेपी में शामिल हुए थे. उनके साथ हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी और अशोक मित्तल सहित कई नेता शामिल रहे. उस वक्त राघव चड्ढा ने कहा था, 'पिछले कुछ वर्षों से मुझे यह महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं. हमने यह फैसला किया है कि हम संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को BJP में मिला लेंगे.'' उन्होंने कहा था कि जिस आम आदमी पार्टी को खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, वो अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिकता से भटक गई है. अब यह पार्टी देश के हित में नहीं, बल्कि अपने निजी फायदे के लिए काम करती है.

गर्मियों के लिए परफेक्ट तड़के वाला प्याज-टमाटर रायता, स्वाद और सेहत दोनों में बेहतरीन

 गर्मियों के मौसम में जब तेज धूप और लू से शरीर बेहाल होने लगता है. तब दोपहर के खाने में ठंडी-ठंडी चीजें पेट को सुकून देती हैं. ऐसे में प्याज-टमाटर के तड़के वाला रायता एक ऐसा परफेक्ट ऑप्शन है, जो न सिर्फ खाने का स्वाद दोगुना करता है बल्कि सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. गर्मियों में इस रायते को खाने के कई बेमिसाल फायदे हैं. दही में भरपूर मात्रा में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो चिलचिलाती गर्मी में आपके डाइजेशन को दुरुस्त रखते हैं और पेट को ठंडक पहुंचाते हैं. वहीं, इसमें मौजूद प्याज शरीर को लू से बचाने का काम करती है और टमाटर बॉडी को हाइड्रेट रखकर जरूरी विटामिन्स देता है. जब इस कॉम्बिनेशन में राई, कढ़ी पत्ते और सूखी लाल मिर्च का देसी तड़का लगता है, तो इसकी तासीर और पाचक गुण दोनों और बढ़ जाते हैं. यह रायता गर्मियों में छाछ और सादे रायते से बोर हो चुके लोगों के लिए एक रिफ्रेशिंग और लजीज चॉइस है. तड़के वाला प्याज-टमाटर रायता रेसिपी सामग्री: ताजा दही: 2 कप (अच्छे से फेंटा हुआ) प्याज: 1 मीडियम (बारीक कटा हुआ) टमाटर: 1 मीडियम (बारीक कटा हुआ, बीज निकाले हुए) हरी मिर्च: 1 (बारीक कटी हुई) हरा धनिया: बारीक कटा हुआ काला नमक व सादा नमक: स्वादानुसार भुना जीरा पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच चाट मसाला: 1/4 छोटा चम्मच तड़के के लिए: तेल या घी: 1 छोटा चम्मच राई- 1/2 छोटा चम्मच कढ़ी पत्ता: 5-6 साबुत सूखी लाल मिर्च: 1 बनाने का तरीका एक बड़े बर्तन में फेंटे हुए दही को लें. इसमें कटा हुआ प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें काला नमक, सादा नमक, भुना जीरा पाउडर और चाट मसाला डालकर मिक्स करें. तड़का पैन में 1 चम्मच तेल या घी गर्म करें. गर्म होने पर राई चटकाएं, फिर कढ़ी पत्ता और सूखी लाल मिर्च डालें. इस गरमा-गरम तड़के को तुरंत दही के मिक्चर के ऊपर डालें और ढक दें ताकि तड़के की खुशबू रायते में समा जाए. आपका टेस्टी तड़का रायता तैयार है, इसे ठंडा-ठंडा सर्व करें.