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चीनी सेना में हलचल! शी जिनपिंग का सफाई अभियान, कई बड़े अधिकारियों पर गिरी गाज

बीजिंग चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को 2026 में गंभीर अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है। यह मुख्य रूप से फरवरी 26, 2026 को हुए एक बड़े पर्ज (शुद्धिकरण) से जुड़ा है, जिसमें 10 पीएलए अधिकारियों को नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के डिप्टी के रूप में उनके पदों से हटा दिया गया। एक रिपोर्ट ऐसा दावा करती है। इसमें आगे कहा गया है कि 26 फरवरी को हुए इस सफाई अभियान (पर्ज) के नतीजे में पांच पुराने शीर्ष अधिकारियों को निकाल दिया गया, जो कभी पीएलए सेना, नौसेना, वायु सेना और एक अन्य यूनिट का नेतृत्व करते थे। इसके अलावा, चीन के फुजियान प्रांत में तैनात 73वें ग्रुप आर्मी से जुड़े दो ऑपरेशनल यूनिट चीनी कमांडर (ताइवान मामले को देख रहे थे) और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी)-स्तर के संगठनों में काम कर रहे तीन जनरलों को उनके पदों से हटा दिया गया। एक जानी-मानी अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका ‘द डिप्लोमैट’ की एक रिपोर्ट में बताया गया, “26 फरवरी को, जरूरी सालाना टू सेशंस मीटिंग से पहले, चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के 10 अधिकारियों को एनपीसी डिप्टी पदों से हटा दिया। चीनी राजनीतिक नियमों के तहत, यह घटनाक्रम आमतौर पर इसमें शामिल लोगों के लिए गंभीर परेशानी का संकेत देता है।” रिपोर्ट में कहा गया, “हालांकि एनपीसी ने उन्हें हटाने की कोई वजह नहीं बताई, लेकिन इन अधिकारियों के बैकग्राउंड के विश्लेषण से पता चलता है कि उन्हें पद से हटाए गए पूर्व जनरलों से कनेक्शन की वजह से हटाया गया था। दूसरे शब्दों में, पूर्व अधिकारियों ने पीएलए के अंदर एक डोमिनो इफेक्ट शुरू कर दिया, जिससे एक्टिव और रिटायर्ड दोनों तरह के अधिकारियों को हटाया जा रहा है।” रिपोर्ट के मुताबिक, जांच का तेजी से बढ़ना पीएलए की ऑपरेशनल तैयारी को कमजोर कर सकता है और ऑफिसर कोर के अंदर चिंता बढ़ा सकता है; आने वाले महीनों में 26 फरवरी के मामलों के सिलसिले में और अधिकारियों के फंसने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है, “रिटायर्ड एडमिरल शेन जिनलोंग, जिन्होंने 2017 से 2021 तक पीएलए नेवी (पीएलएएन) के कमांडर के तौर पर काम किया था, उन्हें एडमिरल किन शेंगजियांग के साथ एनपीसी पद से हटा दिया गया था। शेन एक करियर नेवल ऑफिसर थे जिन्होंने एक स्क्वाड लीडर के तौर पर शुरुआत की थी और रैंक में ऊपर उठने के साथ-साथ उन्होंने काफी ऑपरेशनल अनुभव हासिल किया था।” इसमें कहा गया, “इसके उलट, किन ने अपने करियर का ज्यादातर समय सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) में काम करते हुए बिताया और बाद में 2017 में उन्हें पीएलएएन पॉलिटिकल महासचिव पद से हटाया गया। शेन और किन के लीडरशिप में, चीनी नेवी ने बेड़े का आकार बढ़ाने और दक्षता दोनों में बड़ा विस्तार किया। हालांकि, उनके करियर के दौरान झांग यौक्सिया सीएमसी के उपाध्यक्ष बने, और जनवरी के आखिर में झांग को अचानक हटा दिया गया। इन व्यावसायिक रिश्तों और निजी संबंधों ने शायद शेन और किन को हटाने में मदद की।” रिपोर्ट में बताया गया कि पहले के पर्ज, खासकर 2025 और जनवरी 2026 में हुए पर्ज, पीएलए के अंदर एक लहर जैसा असर डाल रहे हैं। साथ ही, अधिकारियों के बीच बढ़ती असुरक्षा यह इशारा करती है कि और भी सैन्य नेतृत्व, चाहे वे एक्टिव हों या रिटायर्ड, “इस पर्ज में घसीटे जाएंगे।” इसमें कहा गया, “यह बढ़ता हुआ बवंडर फ्रंटलाइन यूनिट्स, जैसे कि ताइवान के दूसरी तरफ 73वीं ग्रुप आर्मी में, मनोबल और नेतृत्व कौशल पर बुरा असर डालेगा।” फरवरी 26, 2026 को, चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस ने 10 पीएलए अधिकारियों को एनपीसी डिप्टी पद से हटा दिया। यह कदम पीएलए में चल रही भ्रष्टाचार विरोधी जांचों का हिस्सा है, जो 2022 से शुरू हुई हैं। इनमें से कई अधिकारी रिटायर्ड थे, लेकिन उनके हटाए जाने से यह संकेत मिलता है कि जांचें सेवाओं और यूनिट्स तक फैल रही हैं। यह घटना जनवरी 2026 में दो शीर्ष जनरलों—झांग यौक्सिया और लियू झेनली—के जांच के बाद हुई, जो सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) के सदस्य थे।

Iran Tension: ट्रंप बोले– अमेरिका करेगा हथियारों का उत्पादन 4 गुना, सेना को मिलेगी नई ताकत

वॉशिंगटन ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की तानातनी जारी है। दोनों तरफ से लगातार आठ दिनों से हमले हो रहे हैं। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका अपने हथियारों का उत्पादन चार गुना करने जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ' पर पोस्ट कर लिखा, "हमने अभी-अभी अमेरिका की सबसे बड़ी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के साथ एक बहुत अच्छी मीटिंग खत्म की है, जहां हमने प्रोडक्शन और प्रोडक्शन शेड्यूल पर चर्चा की। वे “एक्सक्विजिट क्लास (उत्तम श्रेणी के हथियार)” हथियारों का प्रोडक्शन चार गुना करने पर सहमत हुए हैं। हम जितनी जल्दी हो सके, क्वांटिटी के सबसे ऊंचे स्तर तक पहुंचना चाहते हैं।" ट्रंप ने आगे लिखा, "मीटिंग से तीन महीने पहले एक्सपेंशन शुरू हो गया था और इनमें से कई हथियारों के प्लांट और प्रोडक्शन पहले से ही चल रहे हैं। हमारे पास मीडियम और अपर-मीडियम ग्रेड म्यूनिशन्स की लगभग अनलिमिटेड सप्लाई है, जिसका इस्तेमाल हम, उदाहरण के लिए, ईरान में कर रहे हैं, और हाल ही में वेनेजुएला में किया है। फिर भी, हमने इन स्तरों पर आर्डरों को भी बढ़ाया है।" उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों ने रिप्रेजेंट किया, उनमें बीएई सिस्टम्स, बोइंग, हनीवेल एयरोस्पेस, एल3हैरिस मिसाइल सॉल्यूशंस, लॉकहीड मार्टिन, नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन और रेथियॉन के सीईओ शामिल थे। देश भर के राज्य इन नए प्लांट्स के लिए बिड लगा रहे हैं। दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने दावा किया कि अमेरिका की यह इच्छा है कि वो तेहरान को बिना शर्त आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करे, लेकिन सपना उसके मरते दम तक पूरा नहीं होगा। ईरान के राष्ट्रपति ने शनिवार को कहा कि अमेरिका का बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग एक ऐसा सपना है जिसे उन्हें अपने साथ कब्र में ले जाना चाहिए। दरअसल, ट्रंप ने ईरान को शुक्रवार को बिना किसी शर्त के आत्मसमर्पण करने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि आत्मसमर्पण के बाद ही कोई समझौता हो पाएगा। इसके साथ ही पेजेशकियान ने खाड़ी देशों पर हमले को लेकर भी बड़ा बयान दिया। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि अब पड़ोसी देशों पर हमले नहीं किए जाएंगे, जब तक कि उन देशों की जमीन से ईरान पर कोई हमला न किया जाए। ईरानी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति ने बताया कि देश के अंतरिम नेतृत्व परिषद ने इस फैसले को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान इन देशों के साथ तनाव बढ़ाना नहीं चाहता और भविष्य में ऐसे हमलों से बचने का प्रयास करेगा। अमेरिका-इजरायल और ईरान संघर्ष के आठवें दिन पेजेशकियान का यह बयान सामने आया। 28 फरवरी को संघर्ष की शुरुआत से अब तक ईरान इजरायल समेत मध्य पूर्व के 10 से ज्यादा देशों को निशाना बना चुका है।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की कार्यशैली की पीएम मोदी ने की तारीफ, बोले— दलों से ऊपर उठकर कर रहे काम

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की कार्यशैली और व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा कि वे जितने शानदार सांसद हैं, उतने ही बेहतरीन लोकसभा स्पीकर भी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने ओम बिरला को संविधान के प्रति समर्पित बताते हुए कहा कि उनमें संसदीय परंपराओं व प्रणालियों के प्रति स्पष्ट रूप से निष्ठा दिखाई देती है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोकसभा स्पीकर के रूप में ओम बिरला किसी एक पक्ष के सदस्य नहीं रहते, बल्कि वे पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों से ऊपर उठकर सदन का संचालन करते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी वे सदन में ओम बिरला को देखते हैं तो उन्हें यह एहसास होता है कि यह शायद शिक्षा की नगरी से आने का प्रभाव है कि वे इतनी संतुलित और संयमित भूमिका निभाते हैं। लोकसभा स्पीकर के तौर पर ओम बिरला सदन के एक ऐसे मुखिया की तरह काम करते हैं जो सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं। सदन में मौजूद सभी सांसदों को वे अच्छे से संभालते हैं और उनकी भावनाओं तथा आग्रहों का पूरा सम्मान करते हैं। मोदी ने कहा कि बिरला का स्वभाव ऐसा है कि वे सांसदों का सबसे अधिक सम्मान करने वाले स्पीकरों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि कई बार सदन में कुछ ऐसे सदस्य भी आ जाते हैं जो बड़े घरानों से आते हैं और अहंकारी या उत्पाती व्यवहार कर बैठते हैं, लेकिन तब भी ओम बिरला एक जिम्मेदार मुखिया की तरह पूरे सदन को संयम के साथ संभाल लेते हैं। वे किसी को भी अपमानित नहीं करते और सभी की तीखी व कड़वी बातें भी धैर्यपूर्वक सुनते हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि ओम बिरला की एक खास बात यह भी है कि वे हर समय मुस्कुराते रहते हैं। उनके चेहरे पर हमेशा एक मीठी मुस्कान रहती है, जो उनके व्यक्तित्व को और भी सहज बनाती है। शायद यही कारण है कि सदन में वे सभी सांसदों के बीच बेहद प्रिय हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोकसभा स्पीकर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है और ओम बिरला इस जिम्मेदारी को पूरी गरिमा, संयम और संतुलन के साथ निभा रहे हैं।

गैस सिलेंडर महंगा होने पर ममता बनर्जी का हमला, कोलकाता में विरोध मार्च की घोषणा

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध जताया और कोलकाता में रविवार को बड़े पैमाने पर विरोध मार्च निकालने का आह्वान किया है। सीएम ममता बनर्जी ने लोगों से अपील की है कि वे रसोई के बर्तन और घरेलू सामान लेकर इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हों। उन्होंने कहा कि बढ़ती गैस कीमतों का सबसे अधिक असर आम परिवारों, खासकर महिलाओं पर पड़ रहा है, इसलिए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर माताओं और बहनों को सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराना चाहिए। कोलकाता के एस्प्लेनेड इलाके में धरने पर बैठीं सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी आम जनता के लिए बड़ी समस्या बन गई है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार मध्य रात्रि से घरेलू उपयोग वाले गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। तीन दिन पहले ही कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में 49 रुपए का इजाफा किया गया था। उन्होंने कहा कि बड़े सिलेंडर की कीमत करीब 2,100 रुपए तक पहुंच गई है, जबकि छोटे सिलेंडर की कीमत लगभग 1,000 रुपए हो गई है। मुख्यमंत्री ने गैस बुकिंग से जुड़े नियमों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अब एलपीजी सिलेंडर 21 दिन पहले बुक करना होगा। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि अगर किसी घर में गैस खत्म हो जाए तो क्या वह परिवार 21 दिन तक बिना खाना बनाए रह सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी नीतियां बनाते समय सरकार को यह भी सोचना चाहिए कि आम लोग क्या खाएंगे और उनकी रोजमर्रा की जरूरतें कैसे पूरी होंगी। धरने के मंच से सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि रविवार को निकाले जाने वाले जुलूस में लोग बर्तन, कटोरी, चम्मच और रसोई के अन्य सामान लेकर आएं, ताकि यह दिखाया जा सके कि गैस के बिना घरों में खाना बनाना संभव नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर संभव हो तो गैस स्टोव भी साथ लेकर आएं और टोकरी में कच्चा अनाज लेकर विरोध जताएं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़े तो महिलाएं काली साड़ी पहनकर भी इस विरोध में शामिल हो सकती हैं। मुख्यमंत्री ने इसे मानवता की रक्षा का आंदोलन बताते हुए महिलाओं से बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरने का आह्वान किया। इस बीच, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष के खतरे के बीच, केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल किया है। सरकार ने भारतीय रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि अतिरिक्त खरीदी गई एलपीजी मुख्य रूप से घरेलू उपभोक्ताओं को ही उपलब्ध कराई जाए। केंद्र सरकार के फैसले के तहत 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद पहले 879 रुपए में मिलने वाला सिलेंडर अब 939 रुपए में मिलेगा। नई कीमतें शनिवार से लागू हो गई हैं। वहीं, कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में भी प्रति सिलेंडर 50 रुपए का इजाफा किया गया है, जिससे इसकी कीमत बढ़कर लगभग 1,990 रुपए तक पहुंच गई है। गैस की कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर रेस्तरां और होटल उद्योग पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है, जिससे बाहर खाना खाने का खर्च बढ़ सकता है। इसी दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सरकार की नई योजना ‘बांग्लार युवा साथी’ को लेकर भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को शनिवार से ही वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी। योजना के तहत राज्य के ऐसे छात्र जिन्होंने माध्यमिक परीक्षा पास कर ली है, लेकिन अभी तक उन्हें नौकरी नहीं मिली है, उन्हें प्रति माह 1,500 रुपए का भत्ता दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले इस योजना की राशि 1 अप्रैल से देने की बात कही गई थी, लेकिन अब इसे पहले ही लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने वादों को निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाला अनुदान फरवरी से ही दिया जा रहा है। ममता बनर्जी ने कहा, “हम जो कहते हैं, वो करते हैं।”

राहत की खबर: दुबई एयरपोर्ट से कुछ उड़ानें फिर शुरू, यात्रियों को मिली आंशिक राहत

दुबई एमिरेट्स एयरलाइंस के बाद दुबई एयरपोर्ट ने आंशिक तौर पर हवाई सेवा शुरू करने का ऐलान किया है। एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी गई। एमिरेट्स के ऑपरेशन फिर से शुरू करने के बयान के बाद, दुबई एयरपोर्ट ने ये घोषणा की। सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "हमने शनिवार, 7 मार्च से आंशिक ऑपरेशन फिर से शुरू कर दिया है, जिसमें कुछ फ्लाइट्स डीएक्सबी (मुख्य एयरपोर्ट) और डीडब्ल्यूसी (साउथ-वेस्ट में अल मकतूम एयरपोर्ट, इसे दुबई वर्ल्ड सेंट्रल भी कहा जाता है) से ऑपरेट हो रही हैं।" इसके साथ ही एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरलाइन से संपर्क कर, अपनी फ्लाइट की पूरी जानकारी लेकर ही हवाईअड्डे पहुंचे, ऐसा इसलिए भी क्योंकि अंत समय में शेड्यूल में बदलाव संभव है। इससे पहले अमीरात एयरलाइन ने परिचालन शुरू करने की बात कही थी। बताया कि एमिरेट्स उड़ान सेवा शनिवार से शुरू कर रही है। एमिरेट्स ने बयान जारी कर कहा कि दुबई आने-जाने वाली फ्लाइट्स को कुछ समय के लिए रोकने की घोषणा के बाद अपना ऑपरेशन फिर से शुरू करेगी। हालांकि, इससे पहले कंपनी ने सभी फ्लाइट्स निलंबित करने की सूचना दी थी, एक बयान जारी कर कहा कि उनके लिए यात्री और क्रू की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा। शनिवार को दुबई में दो धमाके और बहरीन की राजधानी मनामा में एक धमाका सुना गया, जिसके साथ ही इलाकों में सायरन बजने लगे थे। बहरीन के गृह मंत्रालय ने एक्स पोस्ट में कहा कि नागरिकों और निवासियों से शांत रहने और सबसे पास की सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की जाती है। दुबई के अधिकारियों ने दावा किया कि इंटरसेप्शन के बाद मलबा गिरने से एक “छोटी घटना” हुई थी, जिसे तुरंत काबू में कर लिया गया। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का शनिवार को एक इंटरव्यू प्रसारित किया गया। स्टेट टीवी पर प्रसारित साक्षात्कार में ईरानी राष्ट्रपति कहते सुने गए कि अब पड़ोसी देशों पर हमले नहीं किए जाएंगे, जब तक कि उन देशों की जमीन से ईरान पर कोई हमला न किया जाए।

अमेरिका की 30 दिन की मोहलत पर भारत का दोटूक रुख, रूस से तेल खरीद पर नहीं झुकेगा

नई दिल्ली भारत को रूस से तेल आयात करने की छूट देने वाले अमेरिकी दावे पर भारत ने कड़ा पलटवार किया है। शनिवार को भारत सरकार ने साफ कहा है कि रूसी तेल खरीदने के लिए किसी की इजाजत की जरूरत नहीं है। भारत ने कहा कि वह रूस से तेल का आयात जारी रखेगा। ईरान के खिलाफ अमेरिकी और इजरायली हमलों ने दुनिया के एनर्जी सेक्टर को उलट-पुलट कर रख दिया है। इससे दुनियाभर में तेल की कीमतों में तेजी आई है। ईरान के स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से जहाजों को न निकलने देने की धमकी के बाद कच्चे तेल पर असर पड़ा है। भारत सरकार के प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ने एक बयान में कहा कि नई दिल्ली ऐसी खरीद के लिए शॉर्ट-टर्म छूट पर निर्भर नहीं है। बयान में कहा गया, "भारत रूसी तेल खरीदने के लिए कभी भी किसी देश की इजाजत पर निर्भर नहीं रहा है।" बयान में आगे कहा गया, ''भारत फरवरी 2026 में भी रूसी तेल इंपोर्ट कर रहा है, और रूस अभी भी भारत का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल सप्लायर है।" वॉशिंगटन ने फरवरी में एक अंतरिम ट्रेड डील के तहत भारतीय एक्सपोर्ट पर 25 फीसदी ड्यूटी वापस ले ली थी, जिसे उसने रूसी तेल खरीदना बंद करने के नई दिल्ली के 'कमिटमेंट' के तौर पर बताया था। बयान में कहा गया है कि भारत के पास शॉर्ट टर्म रुकावटों से निपटने के लिए 250 मिलियन बैरल से ज्यादा क्रूड और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का अच्छा स्टॉक है। हालांकि, भारत ने शनिवार को खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले घरेलू लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) सिलेंडर की कीमत 60 रुपये बढ़ा दी। इसके साथ ही, कमर्शियल सिलेंडरों के दाम में भी इजाफा हुआ है। दुनिया भर में, शुक्रवार को क्रूड 8.5 फीसदी बढ़ गया और प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने के बाद कि सिर्फ ईरान का बिना शर्त सरेंडर ही मिडिल ईस्ट युद्ध को खत्म करेगा, इस हफ्ते यह लगभग 30 परसेंट बढ़ गया। वहीं, रूस ने शुक्रवार को कहा कि वह भारत को किए जाने वाले कच्चे तेल निर्यात के आंकड़े सार्वजनिक नहीं करेगा और इसे 'बहुत से बुरा चाहने वालों' से छिपाकर रखेगा। रूसी राष्ट्रपति कार्यालय 'क्रेमलिन' के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने यह टिप्पणी अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के उस बयान के बाद की जिसमें पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट देने की बात कही गई है। पेसकोव ने भारत को दिए गए तेल के बारे में पूछे जाने पर कहा, ''नहीं, हम साफ वजहों से मात्रा का कोई आंकड़ा नहीं देने जा रहे हैं। यह पहली बात है। बुरा चाहने वाले बहुत लोग हैं।''  

ईरान को मदद के आरोपों पर घिरा श्रीलंका? अमेरिकी दबाव की खबरों पर मंत्री का जवाब

कोलंबो श्रीलंका ईरान के नाविकों के साथ अंतराष्ट्रीय कानून के तहत व्यवहार करेगा। अमेरिकी हमले के शिकार हुए ईरानी जहाज पर सवार यह नाविक फिलहाल श्रीलंका में रुके हुए हैं। श्रीलंका के एक मंत्री शनिवार को यह जानकारी दी। ऐसी खबरें आ रही हैं कि अमेरिका, श्रीलंका पर दबाव डाल रहा है कि इन ईरानी नाविकों को उनके देश वापस न लौटने दे। हालांकि जब श्रीलंकाई मंत्री से अमेरिकी दबाव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसका कोई सीधा जवाब नहीं दिया। बता दें कि ईरानी जहाज आइरिस डेना को अमेरिकी पनडुब्बी ने डुबो दिया था। इस हमले में कुछ नाविक मारे गए थे और कुछ घायल भी हुए थे। दूसरे युद्धपोत को भी सुरक्षा विदेश मंत्री विजिथा हिराथ ने नई दिल्ली में एक सम्मेलन को बताया कि श्रीलंका ईरानी फ्रिगेट आइरिस डेना के 32 नाविकों का कोलंबो की अंतरराष्ट्रीय संधि के तहत ख्याल रख रहा है। उन्होंने कहाकि हमने अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के अनुसार सभी कदम उठाए हैं। श्रीलंका ने एक दूसरे ईरानी युद्धपोत, आइरिस बुशेहर, को भी सुरक्षित आश्रय प्रदान किया। डेना पर हमले के एक दिन बाद इसके 219 नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इंजन समस्याओं से जुड़ी रिपोर्ट के बाद जहाज को श्रीलंका के उत्तर-पूर्वी तट पर स्थित त्रिनकोमाली ले जाया गया। इस बीच, भारत ने शनिवार को कहा कि उसने तीसरे ईरानी युद्धपोत, आइरिस लावान, को भी अपने किसी बंदरगाह पर मानवीय आधार पर ठहरने की अनुमति दी थी, क्योंकि उसने भी परिचालन समस्याओं की सूचना दी थी। तीन जहाज भारत द्वारा मध्य पूर्व में युद्ध शुरू होने से पहले आयोजित की गई एक बहु-राष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू का हिस्सा थे। भारतीय प्रधानमंत्री एस जयशंकर ने कहाकि मुझे लगता है कि यह मानवीय काम था और हम इसके तहत ही काम कर रहे थे।  

संघर्ष से सफलता तक: ट्रक ड्राइवर की बेटी ने UPSC में हासिल की बड़ी रैंक

हरिद्वार  फातिमा अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं और फिलहाल वह दिल्ली में भारतीय रिजर्व बैंक में डिप्टी मैनेजर के पद पर काम कर रही हैं। वे रग्बी खेलने की शौकीन हैं। पिता चलाते हैं ट्रक, इकलौती बेटी ने UPSC में लहराया परचम; हासिल की इतनी रैंक यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम 2025 में उत्तराखंड के हरिद्वार जिले की फैरुज फातिमा ने भी परचम लहराया है। फातिमा ने एग्जाम में ऑल इंडिया 708वीं रैंक हासिल की है। 27 वर्षीय फातिमा ने तीसरे प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की है। परिवार में खुशी की लहर है और बधाईयों का ताता लगा हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे इलाके में गर्व और खुशी का माहौल है। रुड़की के पिरान कलियर की रहने वाली फातिमा के पिता इकबाल अहदम (52) पेशे से ट्रक ड्राइवर हैं जबकि मां हाउस वाइफ हैं। फातिमा अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं और फिलहाल वह दिल्ली में भारतीय रिजर्व बैंक में डिप्टी मैनेजर के पद पर काम कर रही हैं। वे रग्बी खेलने की शौकीन हैं। फातिमा ने ये साबित कर दिया है कि हालात कैसे भी हों मेहनत करने वालों से सफलता कोई नहीं छिन सकता। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया है। माता-पिता की मेहनत ने ही फातिमा को हौसला दिया। 8 साल से तैयारी कर रही थीं फातिमा सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने फातिमा को पढ़ाई में हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। बेटी ने भी माता-पिता की ख्वाहिशों को ध्यान रखा और सफलता की सीढ़ी चढ़ती गईं। वे करीब 8 साल से तैयारी कर रही थीं और पिछले दो एग्जाम में असफल होने के बावजूद हार नहीं मानी। इन उम्मीदवारों ने भी हासिल की सफलता टिहरी की मीनल नेगी ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 66वीं रैंक हासिल की है। मीनल के पिता स्कूल टीचर हैं और उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में एग्जाम पास किया है। वहीं चंपावत के बाराकोट ब्लॉक के छुलापे गांव के अनुज पंत ने 69वीं रैंक हासिल की है। पिथौरागढ़ के राई क्षेत्र के आदित्य पाठक ने 189वीं रैंक हासिल की। बनाल पट्टी के गुलाडी गांव के होनहार युवा आशुतोष नौटियाल ने 398वीं रैंक हासिल की है हालांकि उनका चयन इंडियन पुलिस सर्विस में हुआ है। वहीं उत्तरकाशी के पुरोला स्थित सुनाली गांव के ऋषभ नौटियाल ने 552वीं रैंक हासिल की है और उनका चयन इंडियन सिविल सर्विस के लिए हुआ है।

ईरान का बदला रुख: राष्ट्रपति पेजेशकियन बोले– पड़ोसी देशों पर हमले नहीं होंगे, मांगी माफी

तेहरान पेजेशकियन ने कहा कि सैन्य बलों को एक आदेश दिया गया है। अब से, पड़ोसी देशों पर तब तक हमला न करें जब तक कि उन पर पहले हमला न हो। जो लोग इस मौके का फायदा उठाकर ईरान पर हमला करने की सोच रहे हैं, उन्हें साम्राज्यवाद की कठपुतली नहीं बनना चाहिए। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पड़ोसी देशों से माफी मांगते हुए कहा है कि अब ईरान उन देशों पर हमला नहीं करेगा। पेजेशकियान ने ईरान के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक वीडियो संदेश में कहा, "मुझे लगता है कि उन पड़ोसी देशों से माफी मांगना जरूरी है जिन पर हमला हुआ है।" उन्होंने कहा, "हमारा पड़ोसी देशों पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है। हम शांति और सुकून कायम करने के लिए इलाके में सहयोग की अपील करते हैं।" पेजेशकियन ने कहा, "सैन्य बलों को एक आदेश दिया गया है। अब से, पड़ोसी देशों पर तब तक हमला न करें जब तक कि उन पर पहले हमला न हो।" उन्होंने कहा, "जो लोग इस मौके का फायदा उठाकर ईरान पर हमला करने की सोच रहे हैं, उन्हें साम्राज्यवाद की कठपुतली नहीं बनना चाहिए।" उन्होंने कहा कि इजरायल या अमेरिका का समर्थन करना इज्जत और आजादी का रास्ता नहीं है। सऊदी अरब ने दी थी ईरान को चेतावनी इससे पहले, सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने देश के सैन्य ठिकानों और तेल केंद्रों पर हुए सिलसिलेवार मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद ईरान को 'गलतफहमी और गलत आकलन' से बचने की कड़ी चेतावनी दी थी। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बयान जारी कर बताया कि अमेरिकी सैन्य कर्मियों की मौजूदगी वाले एक एयर बेस और एक प्रमुख तेल क्षेत्र को निशाना बनाकर किये गये हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, राजधानी रियाद के दक्षिण-पूर्व स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस की ओर दागी गयी एक बैलिस्टिक मिसाइल को बीच में ही रोककर नष्ट कर दिया गया। सऊदी प्रेस एजेंसी ने मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से पुष्टि की है कि इसी एयर बेस पर एक और मिसाइल हमला हुआ, जिसे भी विफल कर दिया गया। इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात की सीमा के पास स्थित शयबाह तेल क्षेत्र को निशाना बनाकर किए गए कई ड्रोन हमलों और रियाद के पूर्व में एक अन्य ड्रोन हमले को भी सेना ने नाकाम कर दिया है।  

मैच देखने जाना हुआ आसान! दिल्ली-साबरमती के बीच रेलवे चलाएगा स्पेशल ट्रेन

अहमदाबाद अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को होने वाले हाई-वोल्टेज टी-20 फाइनल मुकाबले को लेकर देशभर में क्रिकेट का खुमार सिर चढ़कर बोल रहा है। प्रशंसकों के इसी जबरदस्त उत्साह और अहमदाबाद जाने वाली उड़ानों के आसमान छूते किरायों को देखते हुए भारतीय रेलवे ने एक बड़ा राहतकारी फैसला लिया है। उत्तर रेलवे ने दिल्ली और एनसीआर के प्रशंसकों के लिए 'साबरमती टी-20 स्पेशल' ट्रेन चलाने की घोषणा की है। महंगी फ्लाइट और वेटिंग टिकटों से मिलेगी निजात फाइनल मैच के कारण दिल्ली से अहमदाबाद जाने वाली नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट और हवाई टिकटों की कीमतों में तीन से चार गुना बढ़ोतरी देखी जा रही थी। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि यात्रियों की इसी परेशानी को दूर करने के लिए रेलवे ने नई दिल्ली से साबरमती के बीच विशेष ट्रेन (संख्या 04062) के संचालन का निर्णय लिया है।      इस बड़े खेल आयोजन के मद्देनजर नियमित ट्रेनों और फ्लाइट्स पर भारी दबाव था। यह स्पेशल ट्रेन उन प्रशंसकों के लिए एक किफायती और सुविधाजनक विकल्प साबित होगी जो स्टेडियम में बैठकर फाइनल का आनंद लेना चाहते हैं।- हिमांशु शेखर उपाध्याय, CPRO, उत्तर रेलवे ट्रेन का शेड्यूल और स्टॉपेज क्रिकेट प्रशंसकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन का समय इस प्रकार निर्धारित किया गया है कि यात्री मैच शुरू होने से पहले आराम से साबरमती पहुंच सकें।     प्रस्थान (नई दिल्ली): शनिवार रात 11:45 बजे।     आगमन (साबरमती): रविवार दोपहर 2:30 बजे।     प्रमुख स्टॉपेज: दिल्ली कैंट, गुरुग्राम, रेवाड़ी और जयपुर। 19 कोचों वाली 'क्रिकेट स्पेशल' की खासियत रेलवे ने इस विशेष ट्रेन में कुल 19 कोच लगाए हैं। यात्रियों की आरामदायक यात्रा के लिए इसमें सेकेंड एसी (2AC) और थर्ड एसी (3AC) श्रेणी के डिब्बे शामिल किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सीटों की संख्या पर्याप्त रखी गई है ताकि अधिक से अधिक क्रिकेट प्रेमी इस सुविधा का लाभ उठाकर रविवार शाम को होने वाले महामुकाबले का गवाह बन सकें। यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए तत्काल प्रभाव से अपनी टिकट बुक करा लें। यह ट्रेन न केवल दिल्ली बल्कि गुरुग्राम और जयपुर के प्रशंसकों के लिए भी अहमदाबाद पहुंचने का सबसे सुलभ जरिया बनेगी। इस पहल से उन हजारों युवाओं और प्रशंसकों के चेहरे खिल गए हैं जो बजट के कारण अपनी यात्रा को लेकर असमंजस में थे। अब 'साबरमती स्पेशल' के जरिए दिल्ली का जोश सीधे अहमदाबाद के मैदान पर नजर आएगा।