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PAF में हादसों की श्रृंखला जारी, महीनेभर में पांचवां विमान दुर्घटनाग्रस्त; सड़क पर मचा हड़कंप

 खैबर पख्तूनख्वा  पाकिस्तान की सेना को एक बार फिर बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. खैबर पख्तूनख्वा के मरदान जिले में रविवार को एक सैन्य प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हादसा कटलंग रोड के पास जाबर नहर क्षेत्र में हुआ, जहां विमान गिरते ही आग का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया. यह हादसा एक CCTV फुटेज में रिकॉर्ड हो गया. विमान के क्रैश होने के बाद धुआं और आग की लपटें देखी गईं. फुटेज में देखा जा सकता है कि रोड पर लगातार गाड़ियां गुजर रही हैं. जब दो मोटरसाइकिल सवार गुजर रहे थे, तभी यह जेट सीधे आकर रोड के बीच में गिरा और देखते ही रोड के बीच में आग की एक सीधी रेखा बन गई. विमान में सवार दोनों पायलटों की मौत हो गई. राहत एवं बचाव दल और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं. पाकिस्तानी अधिकारियों ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है. इस हादसे के बाद मौके पर लोग जमा हो गए. बाइकसवार लोगों का हाल पता नहीं है. लेकिन बाद में दोनों गाड़ियां सड़क पर ही पड़ी दिखाई दी हैं।  एक महीने में पांचवां सैन्य विमान हादसा यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान के सैन्य विमानों की सुरक्षा पर पहले से सवाल उठ रहे हैं. पिछले एक महीने के भीतर यह पांचवीं बड़ी दुर्घटना मानी जा रही है. सबसे बड़ा झटका 10 जून को लगा था, जब पाकिस्तान आर्मी एविएशन का Mi-17 हेलिकॉप्टर POK में टेकऑफ के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. उस हादसे में 22 सैन्यकर्मियों की मौत हुई थी. पाकिस्तानी सेना ने बाद में सभी के मारे जाने की पुष्टि की थी।  उससे पहले 20 मई को मियांवाली के पास पाकिस्तान एयर फोर्स का FT-7PG ट्रेनर विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था. एक दिन पहले 19 मई को कामरा के पास JF-17 थंडर लड़ाकू विमान भी ट्रेनिंग मिशन के दौरान क्रैश हो गया था. दोनों मामलों में पायलटों ने इजेक्ट कर जान बचा ली थी।  आबादी को बचाने की कोशिश में हादसा स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार मरदान में दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान Super Mushshak (MFI-17) ट्रेनर एयरक्राफ्ट था. बताया जा रहा है कि पायलटों ने विमान को घनी आबादी वाले इलाके से दूर ले जाने की कोशिश की ताकि जमीन पर बड़े पैमाने पर नुकसान न हो. हालांकि इस कोशिश में दोनों पायलट अपनी जान नहीं बचा सके।  लगातार हादसों से बढ़े सवाल जनवरी से जून 2026 के बीच पाकिस्तान को कम से कम पांच बड़े हवाई हादसे सामने आ चुके हैं. इनमें लड़ाकू विमान, ट्रेनर एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर शामिल हैं. ज्यादातर मामलों में शुरुआती वजह तकनीकी खराबी बताई गई है, लेकिन लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने पाकिस्तान के एयरक्राफ्ट्स के रखरखा की कमी को दिखाया है. POK में Mi-17 हेलिकॉप्टर हादसे के कुछ ही दिन बाद हुआ यह नया क्रैश पाकिस्तान के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है। 

महंगाई के मोर्चे पर नई तस्वीर, मई में थोक मुद्रास्फीति 9.68% रही; 2022-23 आधार वर्ष लागू

नई दिल्ली  भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत 'उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग' (DPIIT) ने थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आंकड़े जारी कर दिए हैं। मई 2026 के लिए थोक महंगाई पिछले महीने की तुलना में बढ़कर 9.68% हो गई है। यह आंकड़े नई सीरीज के तहत जारी किए गए हैं। इस नई सीरीज में, आधार वर्ष को 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया गया है। मई 2026 में थोक महंगाई की स्थिति आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 में सालाना थोक महंगाई दर 9.68% दर्ज की गई, जबकि अप्रैल 2026 में यह 8.26% थी। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण ईंधन, बिजली और मिनरल ऑयल की कीमतों में तेजी है। ईंधन सबसे बड़ा झटका थोक महंगाई में सबसे ज्यादा उछाल ईंधन और बिजली क्षेत्र में आई. मई 2026 में फ्यूल एंड पावर की महंगाई 30.33 प्रतिशत रही जो अप्रैल में 24.89 प्रतिशत थी. मिनरल ऑयल यानी पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें 49.82 प्रतिशत उछलीं. कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की महंगाई 61.51 प्रतिशत रही. पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण वैश्विक तेल बाजार में उथलपुथल इसकी मुख्य वजह मानी जा रही है।  प्राथमिक वस्तुएं और मैन्युफैक्चरिंग प्राइमरी आर्टिकल्स यानी खेती और खनन से जुड़ी चीजों की महंगाई मई में 4.99 प्रतिशत रही, जो अप्रैल में 3.78 प्रतिशत थी. नॉन-फूड आर्टिकल्स 9.49 प्रतिशत महंगे हुए. मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की महंगाई 7.48 प्रतिशत रही, जो अप्रैल के 6.68 प्रतिशत से अधिक है. केमिकल्स, बेसिक मेटल्स और टेक्सटाइल में उल्लेखनीय तेजी देखी गई।  खाने-पीने की चीजें WPI फूड इंडेक्स की महंगाई मई 2026 में 4.49 प्रतिशत रही, जो अप्रैल में 3.11 प्रतिशत थी. खाद्य तेल, अंडे-मांस-मछली और खाद्य उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी इसकी वजह रही. हालांकि दालें, आलू और प्याज की कीमतें साल भर पहले के मुकाबले अभी भी कम हैं।  नई WPI सीरीज आज से लागू सरकार ने आज से WPI का आधार वर्ष 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया है. नई सीरीज में वस्तुओं की संख्या 697 से बढ़ाकर 957 की गई है. साथ ही आज से Output Producer Price Index और Service Producer Price Index भी जारी किए गए हैं. सेवा क्षेत्र में बैंकिंग, बीमा, टेलीकॉम, रेलवे और एयर पैसेंजर सेवाएं शामिल की गई हैं. अगली WPI रिपोर्ट जून 2026 के लिए 14 जुलाई को आएगी।  रोजाना जरूरत के सामान, फ्यूल और पावर के दाम बढ़े     रोजाना की जरूरत वाले सामानों (प्राइमरी आर्टिकल्स) की महंगाई 3.78% से बढ़कर 4.99% हो गई।     खाने-पीने की चीजों (फूड इंडेक्स) की महंगाई 3.11% से बढ़कर 4.49% पर पहुंच गई है।     फ्यूल और पावर की थोक महंगाई दर 24.89% से बढ़कर 30.33% हो गई है।     मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स की थोक महंगाई दर 6.68% से बढ़कर 7.48% रही। होलसेल महंगाई के 4 हिस्से प्राइमरी आर्टिकल, जिसका वेटेज 22.62% है। फ्यूल एंड पावर का वेटेज 13.15% और मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट का वेटेज सबसे ज्यादा 64.23% है। प्राइमरी आर्टिकल के भी चार हिस्से हैं।     फूड आर्टिकल्स जैसे अनाज, गेहूं, सब्जियां     नॉन फूड आर्टिकल में ऑयल सीड आते हैं     मिनरल्स     क्रूड पेट्रोलियम मई में रिटेल महंगाई 3.93% रही मई में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.93% पर पहुंच गई, जो अप्रैल में 3.48% थी। पिछले 5 महीनों में यह पहली बार है जब खुदरा महंगाई रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के टारगेट 4% के बेहद करीब पहुंच गई है। होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) का आम आदमी पर असर थोक महंगाई के लंबे समय तक बढ़े रहने से ज्यादातर प्रोडक्टिव सेक्टर पर इसका बुरा असर पड़ता है। अगर थोक मूल्य बहुत ज्यादा समय तक ऊंचे स्तर पर रहता है तो प्रोड्यूसर इसका बोझ कंज्यूमर्स पर डाल देते हैं। सरकार केवल टैक्स के जरिए WPI को कंट्रोल कर सकती है। जैसे कच्चे तेल में तेज बढ़ोतरी की स्थिति में सरकार ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी कटौती की थी। हालांकि, सरकार टैक्स कटौती एक सीमा में ही कम कर सकती है। WPI में ज्यादा वेटेज मेटल, केमिकल, प्लास्टिक, रबर जैसे फैक्ट्री से जुड़े सामानों का होता है। महंगाई कैसे मापी जाती है? भारत में दो तरह की महंगाई होती है। एक रिटेल यानी खुदरा और दूसरी थोक महंगाई होती है। रिटेल महंगाई दर आम ग्राहकों की तरफ से दी जाने वाली कीमतों पर आधारित होती है। इसको कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) भी कहते हैं। वहीं, होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) का अर्थ उन कीमतों से होता है, जो थोक बाजार में एक कारोबारी दूसरे कारोबारी से वसूलता है। महंगाई मापने के लिए अलग-अलग आइटम्स को शामिल किया जाता है। जैसे थोक महंगाई में मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी 63.75%, प्राइमरी आर्टिकल जैसे फूड 22.62% और फ्यूल एंड पावर 13.15% होती है। वहीं, रिटेल महंगाई में फूड और प्रोडक्ट की भागीदारी 45.86%, हाउसिंग की 10.07% और फ्यूल सहित अन्य आइटम्स की भी भागीदारी होती है।  

PM मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री की संयुक्त प्रेस वार्ता, रक्षा, व्यापार और तकनीक पर बने अहम समझौते

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्लोवाकिया के ब्रातिस्लावा में स्लोवाक रिपब्लिक के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ जॉइंट प्रेस मीट को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने भारत स्लोवाकिया के रिश्ते को रेखांकित किया. दोनों देशों के प्रधानमंत्री ने रक्षा सहयोग के लिए लेटर ऑफ इंटेट साइन किया है।  पीएम ने अपने संबोधन में कहा, "मैं स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री को गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद देता हूं. वह एक अनुभवी नेता और भारत के सच्चे दोस्त हैं. भारत-स्लोवाकिया की दोस्ती को ऊंचाइयों तक ले जाने में उनका अहम रोल रहा है. मुझे खुशी है कि उनसे मिलकर मुझे हमारे दोनों देशों के रिश्तों में एक ऐतिहासिक पल देखने का मौका मिला।  रक्षा सहयोग के लिए साइन की डील पीएम ने कहा, "मेरी यह यात्रा किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा है. मुझे खुशी है कि इस ऐतिहासिक अवसर पर हमने अपने संबंधों को व्यापक भागीदारी का दर्जा देने का फैसला किया है।  पीएम मोदी ने कहा, "रक्षा सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास और रणनीतिक अभिसरण का प्रमाण है. मुझे खुशी है कि इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आज हमने लेटर ऑफ इंटेंट साइन किया. इससे संयुक्त विकास, संयुक्त उत्पादन और रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को नई गति मिलेगी।     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्लोवाकिया के ब्रातिस्लावा में स्लोवाक रिपब्लिक के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ जॉइंट प्रेस मीट को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने भारत स्लोवाकिया के रिश्ते को रेखांकित किया. दोनों देशों के प्रधानमंत्री ने रक्षा सहयोग के लिए लेटर ऑफ इंटेट साइन किया है।  पीएम ने अपने संबोधन में कहा, "मैं स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री को गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद देता हूं. वह एक अनुभवी नेता और भारत के सच्चे दोस्त हैं. भारत-स्लोवाकिया की दोस्ती को ऊंचाइयों तक ले जाने में उनका अहम रोल रहा है. मुझे खुशी है कि उनसे मिलकर मुझे हमारे दोनों देशों के रिश्तों में एक ऐतिहासिक पल देखने का मौका मिला।  रक्षा सहयोग के लिए साइन की डील पीएम ने कहा, "मेरी यह यात्रा किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा है. मुझे खुशी है कि इस ऐतिहासिक अवसर पर हमने अपने संबंधों को व्यापक भागीदारी का दर्जा देने का फैसला किया है."  पीएम मोदी ने कहा, "रक्षा सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास और रणनीतिक अभिसरण का प्रमाण है. मुझे खुशी है कि इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आज हमने लेटर ऑफ इंटेंट साइन किया. इससे संयुक्त विकास, संयुक्त उत्पादन और रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को नई गति मिलेगी।  दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के बीच संबंध हमारे संबंधों को मजबूत आधार प्रदान करते हैं. भारत के प्राचीन उपनिषदों का “स्लोवाक” भाषा में अनुवाद किया जाना हमारी सांस्कृतिक निकटता का उत्कृष्ट उदाहरण है. स्लोवाकिया में रह रहे भारतीय मूल के लोग यहां की अर्थव्यवस्था और समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।  भारत स्लोवाकिया स्पेस मिशन को किया याद पीएम मोदी बोले, "2017 में स्लोवाकिया की पहली सैटेलाइट भारत द्वारा लांच की गई थी. आज भारत में स्पेस सेक्टर अभूतपूर्व गति से नई ऊंचाइयां छू रहा है. मैं स्लोवाकिया की कंपनियों को इस विकास-यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूं। 

जहांगीर खान का नया वीडियो चर्चा में, कभी कान पकड़ते तो कभी हाथ जोड़कर दिखे नेता

 कोलकाता पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता जहांगीर खान एक बार फिर सुर्खियों में हैं. पुलिस की मौजूदगी में उनकी परेड का वीडियो वायरल है. सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे वीडियो में जहांगीर खान नंगे पैर दिखाई दे रहे हैं. उनकी कमर में रस्सी बंधी है और चलते-चलते वह कभी हाथ जोड़ते नजर आते हैं तो कभी कान पकड़ते हुए दिखाई देते हैं।  एक के बाद एक वायरल हो रहे वीडियो जहांगीर खान से जुड़े वीडियो पिछले कुछ दिनों से लगातार चर्चा में हैं. इससे पहले भी उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. उस वीडियो में भी वह हाथ जोड़कर लोगों के बीच चलते दिखाई दे रहे थे. अब सामने आए नए वीडियो ने फिर से नई बहस शुरू कर दी है. वीडियो में दिख रहा है कि जहांगीर खान के आसपास पुलिसकर्मी मौजूद हैं. वह नंगे पैर सड़क पर चल रहे हैं और कई बार हाथ जोड़कर लोगों की ओर देखते हैं. कुछ सेकेंड के वीडियो में वह कान पकड़ते हुए भी नजर आते हैं. यही वजह है कि वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है और लोग इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।  फलता विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल उपचुनाव के दौरान सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो गई थी. यहां से टीएमसी ने जहांगीर खान को उम्मीदवार बनाया था. चुनाव प्रचार के दौरान लगातार आरोप लग रहे थे कि कुछ इलाकों में मतदाताओं पर दबाव बनाने और उन्हें प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. स्थानीय स्तर पर मिली शिकायतों के बाद चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हुईं. इसी क्रम में यूपी के आईपीएस अजय पाल शर्मा की टीम भी क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही थी. चुनावी माहौल उस समय और गर्म हो गया जब अजय पाल शर्मा अपनी टीम के साथ जहांगीर खान के करिबियों के घर पहुंचे. वहां उन्होंने परिवार के सदस्यों को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि मतदान के दौरान किसी मतदाता को डराने-धमकाने या मतदान प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।  उन्होंने यह भी कहा था कि यदि ऐसी कोई शिकायत सामने आती है तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो गया. अजय पाल शर्मा की चेतावनी के बाद जहांगीर खान ने एक चुनावी सभा में ऐसा बयान दिया, जिसने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया था. उन्होंने कहा, अगर वह सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूं. फिल्मी अंदाज में दिया गया यह बयान देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। 

छात्रा के सुझाव पर बड़ा बदलाव! IRCTC की नई वेबसाइट से टिकट बुकिंग होगी और तेज व आसान

मुंबई  IRCTC वेबसाइट पर ट्रेन टिकट बुकिंग आसान होने वाली है. रेलवे के डिजिटल प्लेटफॉर्म में जल्द ही बड़ा बदलाव होगा. लॉगिन और तकनीकी खामियां दूर होंगी, जिसका फायदा करोड़ों रेल यात्रियों को मिलेगा. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि 15 जुलाई तक आईआरसीटीसी वेबसाइट का पूरी तरह से कायाकल्प कर दिया जाएगा. पीक ऑवर्स और सुबह के समय तत्काल टिकट बुकिंग भी आसान होगी. इससे सर्वर पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा. और यह सब कुछ आसान हुआ है, जयपुर की लाभिषा मीणा के सुझावों की वजह से. छात्रा ने खुद ही रेल मंत्री के सामने टिकट बुकिंग में आने वाली परेशानियों को रखा था. इसके बाद रेलवे ने वेबसाइट में बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है।  यूजर फ्रेंडली होगी रेलवे की वेबसाइट रेलवे मंत्रालय के अनुसार, 15 जुलाई को लॉन्च होने वाली इस नई वेबसाइट का मुख्य उद्देश्य टिकट बुकिंग की पूरी प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक तेज, सरल और भरोसेमंद बनाना है. सबसे बड़ा बदलाव यूजर इंटरफ़ेस में किया जा रहा है, जिसे बेहद यूजर-फ्रेंडली बनाया जाएगा. इसके अलावा, वेबसाइट की कुल प्रतिक्रिया क्षमता को कई गुना बढ़ाया जा रहा है।  इस बदलाव की कहानी हाल ही में जयपुर से शुरू हुई. जयपुर स्थित मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT Jaipur) में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और छात्रों के बीच सीधा संवाद कार्यक्रम हुआ. तभी इंजीनियरिंग छात्रा लाभिषा मीणा ने आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर टिकट बुकिंग की परेशानियों के बारे में बताया. छात्रा ने बताया कि वेबसाइट की धीमी गति और बार-बार आने वाले जटिल कैप्चा के कारण आम यात्रियों को कितनी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. विशेष रूप से पीक ऑवर्स और तत्काल बुकिंग के दौरान वेबसाइट का सर्वर ठप हो जाता है, जिससे आम नागरिक टिकट बुक करने से वंचित रह जाते हैं।  नई वेबसाइट के लिए छात्रा से मांगे थे सुझाव शिकायत को सुनने के बाद रेल मंत्री ने तुरंत निर्देश दिए कि 30 दिनों के भीतर ही IRCTC के डिजिटल प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाया जाए. रेल मंत्री के इस त्वरित संज्ञान और कड़े निर्देशों के बाद रेलवे प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया. नतीजा यह हुआ कि अगले ही दिन रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने छात्रा लाभिषा मीणा के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की. उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों ने न केवल छात्रा की चिंताओं को गहराई से समझा, बल्कि प्रस्तावित नई वेबसाइट के प्रोटोटाइप को साझाकर उस पर छात्रा से सुझाव भी मांगे।  PNR स्टेटस से रिफंड तक यात्रियों को मिलेगा फायदा  प्रशासन की प्रतिक्रिया का स्वागत करते हुए छात्रा लाभिषा मीणा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा कि मेरी शिकायत पर अगले ही दिन अधिकारियों ने संपर्क कर नई वेबसाइट के प्रोटोटाइप पर सुझाव मांगे. मैं इसके लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेलवे बोर्ड का आभार जताती हूं. यह देखकर अच्छा लगा कि नागरिकों की प्रतिक्रिया को इतनी गंभीरता से लिया जा रहा है. नए डिजिटल प्लेटफॉर्म में जटिल कैप्चा के जाल को आसान या समाप्त किया जाएगा, जिससे यात्रियों का बहुमूल्य समय बचेगा. साथ ही, पीएनआर स्टेटस जांचने, रिफंड की स्थिति देखने और अन्य यात्री सेवाओं तक पहुंच को बेहद सुगम और त्वरित बनाया जा रहा है। 

होर्मुज से आगे की कहानी: US-Iran समझौते से भारत को मिल सकते हैं दो बड़े आर्थिक फायदे

 नई दिल्ली  अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो गया है और स्विट्जरलैंड में इस डील पर साइन होंगे। इसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने और व्यापार फिर से शुरू करने का एलान भी शामिल है। होर्मुज से शिपिंग फिर से शुरू होने या सामान्य होने से भारत को बड़ी राहत मिलेगी। भारत दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल के आयातकों में से एक है। ऐसे में तेल की सप्लाई को लेकर चिंता कम होने, माल ढुलाई का खर्च घटने और महंगाई का दबाव कम होने से उसे फायदा होगा। क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट? ईरान और ओमान के बीच के इस संकरे जलमार्ग से दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाले तेल का लगभग पांचवां हिस्सा सप्लाई होता है और खाड़ी के प्रमुख उत्पादक देशों जैसे सऊदी अरब, इराक, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और कतर के लिए निर्यात का मुख्य रास्ता है। ये सभी देश भारत को ऊर्जा की सप्लाई करने वाले अहम देश हैं। फरवरी के आखिर में अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध की वजह से इस स्ट्रेट से कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई में रुकावट आई। इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों और एनालिस्ट्स का कहना है कि दोबारा खुलने और तनाव कम होने से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में स्थिरता आने और भारत जैसे एनर्जी इम्पोर्ट करने वाले देशों के लिए हालात बेहतर होने की संभावना है। तेल की कीमतों में आई गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के एलान के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्धविराम समझौता कर लिया है और होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की टोल-फ्री आवाजाही हो सकेगी। डोनल्ड ट्रंप ने पोस्ट किया, "मैं इसके जरिए होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी रोक-टोक के खोलने की पूरी मंजूरी देता हूं और साथ ही अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने का भी आदेश देता हूं। दुनिया भर के जहाजों अपने इंजन चालू करो। तेल का प्रवाह शुरू होने दो!" युद्धविराम की खबर से तेल की कीमतों में गिरावट आई। तेल के लिए ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 4 प्रतिशत गिरकर लगभग 84 डॉलर प्रति बैरल हो गई। युद्ध की वजह से आई रुकावटों के बाद ग्लोबल ऑयल की कीमतें फरवरी में 70-72 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। भारत को सबसे बड़ा फायदा तेल में भारत अपनी जरूरत का करीब 80-85 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है. इसमें खाड़ी क्षेत्र की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समझौता लागू होता है और ईरानी तेल फिर से बाजार में आता है तो ब्रेंट क्रूड की कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है. इसका सीधा असर दुनिया के बाकी देशों के साथ-साथ भारत पर पड़ेगा. पहले समझें की भारत को क्या फायदा होगा।      पेट्रोल और डीजल के दामों पर दबाव कम होगा.     महंगाई को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.     भारत का तेल आयात बिल घटेगा.     देशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा और रुपये को भी मजबूती मिलेगी. भारत के लिए सबसे अच्छी खबर क्या है? रिपोर्ट के मुताबिक ड्राफ्ट में ईरान के तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी छूट मिलेगी. साथ ही 25 अरब डॉलर की फ्रीज ईरानी संपत्तियां जारी करने पर भी सहमति बनी है. भारत पहले ईरान से बड़ी मात्रा में सस्ता तेल खरीदता था, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद यह व्यापार लगभग बंद हो गया था. खास बात ये है कि ईरान से तेल का व्यापार डॉलर में न होकर रुपये में होता था. अब अगर प्रतिबंध धीरे-धीरे हटते हैं तो भारत फिर से ईरानी क्रूड खरीद सकता है. इससे भारत को सस्ता तेल मिल सकता है।  चाबहार पोर्ट को मिलेगी नई जान इस डील का दूसरा बड़ा असर भारत के रणनीतिक चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट पर पड़ सकता है. ईरान के चाबहार बंदरगाह में भारत ने भारी निवेश किया है. यह प्रोजेक्ट भारत को पाकिस्तान को बायपास करके अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच देती है. अमेरिका और ईरान के रिश्तों में नरमी आने से चाबहार पर अमेरिकी दबाव कम हो सकता है. इससे भारत को पोर्ट के विस्तार, नए निवेश और व्यापार बढ़ाने में आसानी होगी. इसके साथ ही इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) में भी तेजी आने की उम्मीद है।  समझौते में क्या-क्या हुआ?     रॉयटर्स के मुताबिक अंतिम ड्राफ्ट में कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं.     ईरान तुरंत होर्मुज जलडमरूमध्य खोलेगा.     अमेरिका 30 दिनों के भीतर नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा.     अमेरिका नए प्रतिबंध नहीं लगाएगा.     ईरान को तेल बेचने की अनुमति मिलेगी.     25 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्तियां जारी की जाएंगी.     ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा.     यूरेनियम एनरिचमेंट और परमाणु कार्यक्रम पर अगले 60 दिनों तक विस्तृत बातचीत होगी.   मई के मध्य तक सरकार ने रिटेल कीमतों में नहीं किया था बदलाव इससे पेट्रोल और डीजल बनाने की लागत बढ़ गई, लेकिन सरकार ने मई के मध्य तक रिटेल कीमतों में बदलाव नहीं किया। सरकार ने 27 मार्च को पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की, ताकि पश्चिम बंगाल समेत पांच अहम राज्यों में चुनाव के दौरान रिटेल कीमतों में बढ़ोतरी से बचा जा सके। विधानसभा चुनावों के बाद बढ़े तेल के दाम विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर लगभग 7.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई, जबकि सीएनजी के दाम 6 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाए गए। एलपीजी की कीमतों में भी दो किस्तों में 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर पर 89 रुपये की बढ़ोतरी की गई। कीमतें बढ़ने के बावजूद, सरकारी तेल कंपनियों को रोजाना लगभग 650 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है क्योंकि रिटेल कीमतें लागत से कम हैं। इंडस्ट्री के सूत्रों और एनालिस्ट्स का कहना है कि तेल की कीमतों में नरमी और स्ट्रेट के फिर से खुलने के साथ, ये धीरे-धीरे कम हो जाएंगी।

पश्चिम बंगाल में फिर गरमाया स्कूल भर्ती घोटाला, ED ऑफिस पहुंचेंगे अभिषेक बनर्जी

कोलकाता तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और पार्टी के लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी को पश्चिम बंगाल में स्कूल में नौकरी के लिए करोड़ों रुपये नकद मामले में सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश होना है।  वह केंद्रीय एजेंसी की चल रही जांच के संबंध में पूछताछ के लिए दिन में कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में ईडी के साल्ट लेक कार्यालय में होंगे. ईडी अधिकारियों ने जून में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे बनर्जी को पूछताछ के लिए नोटिस दिया था।  उन्हें 3 जून को आज के लिए यानी 15 जून को दोपहर तक ईडी कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया. संयोग से अभिषेक बनर्जी का नाम केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर आरोप पत्र में था, जो स्कूल-नौकरी मामले में समानांतर जांच कर रहा है. हालाँकि, उन्हें वहां आरोपी के रूप में नामित नहीं किया गया था।  मामले की जांच में ईडी द्वारा दायर आरोप पत्र में उनका नाम भी सामने आया था. ईडी सूत्रों के मुताबिक अभिषेक को उनकी संलिप्तता के बारे में जांच में तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए फिर से ईडी कार्यालय में बुलाया गया है. उनका बयान दर्ज किया जाएगा।  स्कूल नौकरी मामले में ईडी के कार्यालय में अभिषेक से पूछताछ हस्ताक्षर बेमेल मामले में चल रही जांच के संबंध में पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के अधिकारियों द्वारा रविवार को साढ़े आठ घंटे तक मैराथन पूछताछ का सामना करने के ठीक एक दिन बाद हो रही है।  फिर, 16 जून यानी मंगलवार को उन्हें दक्षिण कोलकाता के भबानी भवन में सीआईडी के मुख्यालय में उपस्थित होना होगा. उनके खिलाफ दर्ज एक एफआईआर के संबंध में पूछताछ के लिए जहां उन पर राज्य में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों से पहले हिंसा भड़काने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देने का आरोप लगाया गया था. सीआईडी ​​अधिकारियों ने उन्हें 12 जून की शाम को नोटिस दिया था. अभिषेक बनर्जी ने पहले ही कहा था कि वह किसी भी मामले में किसी भी जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करेंगे, जैसा कि वह करते रहे हैं। 

गर्मी से मिलेगी राहत! 12 राज्यों में झमाझम बारिश के आसार, धूलभरी आंधी की चेतावनी जारी

नई दिल्ली जून की शुरुआत में हुई बारिश से लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली थी। हालांकि अब तापमान एक बार फिर भड़ने लगा है। इसी बीच मौसम विभाग ने फिर से मौसम के करवट लेने का अलर्ट जारी किया है। IMD के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल मेत पूर्वोत्तर के राज्यों में तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 6 से सात दिनों तक पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश हो सकती है। इसके चलते पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है। कहां पहुंचा है मॉनसून मॉनसून इस समय महाराष्ट्र पहुंच चुका है और लगातार आगे बढ़ रहा है। कर्नाटक, तेलंगाना, आध्र प्रदेशष पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्से में दक्षिण पश्चिम मॉनसून पहुंच चूका है। वहीं अगले चार से पांच दिन में यह छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर सकता है। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मॉनसून की रफ्तार कम हुई है। इसी वजह से अब तक मॉनसून उत्तर प्रदेश के सीमा में दाखिल नहीं हो पाया है कहां होगी झमाझम बारिश मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, गिलगित-बाल्टिस्तान, लद्दाख, मुजफ्फराबाद, उत्तराखंड में 15 से 20 तारीख तक बारिश का अनुमान है। इसके अलावा 15 जून से अगेल चार दिनों तक पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान में भी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर में असम, मेघालय, त्रिपुरा, सिक्किम, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश का अनुमान है। 15 जून को पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी चल सकती है। मध्य भारत की बात करें तो 15 जून को छत्तीसगढ़,मध्य प्रदेश और विदर्भ में भी हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। पूर्वोत्तर में मूसलाधार बारिश का अलर्ट आगामी छह से सात दिनों के दौरान पश्चिम बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने आसार हैं, जबकि अगले तीन से चार दिनों के दौरान महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों में कुछ जगहों पर लू चलने का अनुमान है। मौसम विभाग के रविवार को जारी बुलेटिन के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और इसकी उत्तरी सीमा हरनाई (महाराष्ट्र) सोलापुर (महाराष्ट्र), हैदराबाद (तेलंगाना) भद्राद्री कोठागुडेम (तेलंगाना), कलिंगपट्टनम (आंध्र प्रदेश), पारादीप (ओडिशा), पारीपदा (ओडिशा), पुरुलिया (पश्चिम बंगाल), धनबाद (झारखंड) और मुजफ्फरपुर (बिहार)से होकर गुजर रही है। अगले चार से पांच दिनों के दौरान महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बाकी हिस्सों के साथ-साथ ओडिशा, झारखंड, बिहार और दक्षिण छत्तीसगढ़ में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। दूसरी तरफ, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों और सिक्किम में अगले एक सप्ताह तक व्यापक बारिश होगी। बिहार में 16 जून को भारी बारिश की संभावना है, वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 17 से 19 जून के बीच मूसलाधार बारिश का अनुमान है। तटीय कर्नाटक, केरल, कोंकण और गोवा में भी इस दौरान व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम के मिजाज की बात करें तो 14 जून की शाम या रात के समय आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और धूलभरी आंधी के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जिससे हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इस दौरान दिल्ली में अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। इसके बाद 15 और 16 जून को भी दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ मौसम बदलने की संभावना है और तापमान 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। हालांकि 17 जून से दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों के तापमान में बढ़ोतरी होगी और यह 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा। यूपी और बिहार का मौसम का मौसम उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, गोंडा, बलिया,म ऊ, चंदौली, मिर्जापुर, वाराणसी, सोनभद्र शामिल हैं। पश्चिमी यूपी में मथुरा, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, मैनपुरी, कानपुर, झांसी और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। बिहार की बात करें तो पश्चिमी चंपारण, सारण, सिवान, भोजपुर, कैमूर बक्सर, रोहतास और औरंगाबाद में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

रातों-रात गैर-अमेरिकियों के लिए बंद हुए दो बड़े AI मॉडल, भारत के लिए खतरा या मौका? जानिए

 नई दिल्ली/वाशिंगटन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने तकनीकी विशेषज्ञों और दुनियाभर की सरकारों को चौंका दिया है। अमेरिका ने एक बेहद सख्त कदम उठाते हुए मशहूर एआई स्टार्टअप एंथ्रोपिक (Anthropic) को निर्देश दिया है कि वह अपने सबसे पावरफुल एआई मॉडल्स- क्लॉड फैबल 5 (Claude Fable 5) और मिथोस 5 (Mythos 5) का एक्सेस भारतीयों सहित सभी गैर-अमेरिकी नागरिकों के लिए तुरंत रोक दे। इस सरकारी आदेश के बाद कंपनी को मजबूरन ग्लोबल लेवल पर इन मॉडल्स को बंद करना पड़ा है। अमेरिका ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है और गैर अमेरिकियों के लिए पावरफुल AI मॉडल के एक्सेस को बैन कर दिया है. यह नियम एंथ्रोपिक के सबसे एडवांस्ड एआई मॉडल्स Claude Fable 5 और Mythos 5 पर लागू होगा. अमेरिका ने एंथ्रोपिक के लिए एक्सपोर्ट कंट्रोल के निर्देश दिए हैं, जो इन मॉडल्स पर लागू होंगे।  दरअसल, अमेरिकी सरकार के एक विभाग ने पावरफुल एआई मॉडल्स Claude Fable 5 और Mythos 5 के ग्लोबल एक्सेस पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है, जिसकी जानकारी शनिवार को मिली. यह बैन अमेरिका के बाहर के सभी यूजर्स, जिसमें एंथ्रोपिक के विदेशी कर्मचारी भी शामिल हैं।  अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स के मुताबिक, इन मॉडल्स में कुछ ऐसी खामियां हैं, जिनका इस्तेमाल करके हैकर्स सॉफ्टवेयर में मौजूद कमजोरियों का पता लगा सकते हैं और बड़े साइबर हमलों से बच सकते हैं. हैकर्स के हाथ में यह तकनीक पहुंचती है तो बड़ा नुकसान हो सकता है।  अमेरिका ने क्यों लगाया प्रतिबंध? AI जगत में इसे एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि पहली बार किसी सरकार ने सीधे AI सॉफ्टवेयर की पहुंच पर रोक लगाई है। यह कोई सामान्य प्रतिबंध नहीं है, बल्कि एक संकेत है कि दुनिया में एआई को लेकर नियम कितनी तेजी से बदल रहे हैं। आइए इस पूरे विवाद को विस्तार से समझते हैं:     12 जून को अमेरिकी प्रशासन ने एंथ्रोपिक को स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी विदेशी नागरिक (चाहे वह अमेरिका के अंदर हो या बाहर) इन नए मॉडल्स का उपयोग नहीं कर सकेगा। यह आदेश इतना व्यापक था कि इसमें कंपनी के अपने गैर-अमेरिकी कर्मचारी भी शामिल थे। नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए एंथ्रोपिक के पास इन दोनों मॉडल्स को पूरी तरह से बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। हालांकि, यूजर्स कंपनी के अन्य पुराने मॉडल्स का इस्तेमाल पहले की तरह कर सकेंगे।     वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेजन के कुछ शोधकर्ताओं ने टेस्टिंग के दौरान फैबल 5 (Fable 5) मॉडल में कुछ सॉफ्टवेयर कमजोरियों का पता लगाया था। यह जानकारी अमेरिकी वाणिज्य विभाग के साथ साझा की गई। अमेरिकी अधिकारियों को यह डर सताने लगा कि इस सिस्टम के सुरक्षा घेरे को आसानी से तोड़ा जा सकता है। सरकार का मानना है कि अगर इतनी शक्तिशाली तकनीक गलत हाथों में पड़ गई, तो इसका इस्तेमाल सरकारी नेटवर्क्स, बैंकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर खतरनाक साइबर हमले करने के लिए किया जा सकता है।     कंपनी ने सरकार के इस फैसले को असंगत बताया है। एंथ्रोपिक का तर्क है कि जिन कमजोरियों का जिक्र किया जा रहा है, वे पहले से ही सार्वजनिक रूप से ज्ञात हैं और बाजार में मौजूद अन्य एआई मॉडल्स भी उन्हें आसानी से ढूंढ सकते हैं। कंपनी का दावा है कि उसने लॉन्च से पहले अमेरिकी और ब्रिटिश सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर इन मॉडल्स की हफ्तों तक कड़ी टेस्टिंग की थी। एंथ्रोपिक इसे एक 'गलतफहमी' मान रही है और अधिकारियों के साथ मिलकर इस प्रतिबंध को जल्द से जल्द हटाने की कोशिशों में जुटी है।     यह बैन रातों-रात नहीं लगा है। पिछले कुछ समय से अमेरिकी प्रशासन और एंथ्रोपिक के बीच मतभेद चल रहे हैं। कंपनी ने पहले अपने एआई का इस्तेमाल घरेलू निगरानी और स्वचालित हथियारों के लिए करने से साफ इनकार कर दिया था। इसके बाद पेंटागन ने एंथ्रोपिक को "सप्लाई-चेन रिस्क" तक घोषित कर दिया था। यह सब ऐसे समय हो रहा है जब कंपनी जल्द ही अपना आईपीओ (IPO) लाने की तैयारी कर रही है, जिससे इसकी वैल्यूएशन लगभग एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। विदेशी यूजर्स के लिए सेवा पूरी तरह बंद रिपोर्ट के अनुसार, एंथ्रोपिक के पास ऐसा कोई विश्वसनीय तंत्र नहीं है जिससे हर उपयोगकर्ता की राष्ट्रीयता की सटीक पहचान की जा सके। इसी कारण कंपनी को अमेरिका के बाहर के सभी उपयोगकर्ताओं के लिए इन मॉडलों की पहुंच बंद करनी पड़ी है। इस फैसले को सोशल मीडिया पर टेक उद्योग का ‘9/11’ तक कहा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि व्यावसायिक एआई इतिहास में यह पहली बार है जब किसी अमेरिकी कंपनी के अत्याधुनिक और खुले बाजार में उपलब्ध मॉडल को अचानक वैश्विक स्तर पर प्रतिबंधित किया गया है। साइबर सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता विशेषज्ञों के अनुसार, ‘फेबल-5’ और ‘मायथोस-5’ जैसे उन्नत मॉडल साइबर सुरक्षा की कमजोरियों का विश्लेषण करने, मालवेयर जांचने, सैन्य रणनीति और जैविक अनुसंधान जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में उपयोग किए जा सकते हैं। यदि कोई एआई मॉडल सॉफ्टवेयर की कमियां खोजने और सिस्टम को तोड़ने के तरीके सुझाने में सक्षम हो जाए, तो वह साइबर हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। यही कारण है कि अमेरिकी सरकार ने इस पर कड़ी निगरानी और नियंत्रण लागू किया है। भारत के लिए दो बड़े सबक कोरोवर. एआई के फाउंडर और सीईओ अंकुश सभरवाल ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा कि इस फैसले से सबसे बड़ा आर्थिक नुकसान खुद एंथ्रोपिक और अमेरिका को होगा। उनका कहना है कि जब किसी कंपनी का सबसे उन्नत सॉफ्टवेयर वैश्विक बाजार में उपलब्ध नहीं रहेगा, तो उसके व्यापार और निर्यात पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी टेक उद्योग में बड़ी संख्या में भारतीय, चीनी और अन्य एशियाई मूल के डेवलपर्स काम करते हैं। ऐसे में पूरी तरह प्रतिबंध लागू करना व्यावहारिक चुनौती भी है। अंकुश सभरवाल के अनुसार, भारत के लिए इससे दो महत्वपूर्ण सबक निकलते हैं। पहला, भारतीय स्टार्टअप्स को केवल विदेशी एआई एपीआई पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। यदि भविष्य में जियो-ब्लॉकिंग या एक्सपोर्ट बैन लागू होते हैं, … Read more

स्लोवाकिया में पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत, पारंपरिक सम्मान के बीच दोस्ती को मिलेगी नई उड़ान

नई दिल्ली/ ब्रैटिस्लावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के बाद अब स्लोवाकिया के दौरे पर पहुंच गए हैं. स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में भारतीय प्रधानमंत्री का शानदार स्वागत किया गया. स्लोवाकिया के गठन के बाद, वहां का दौरा करने वाले पीएम मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं. ब्रातिस्लावा पहुंचने पर स्लोवाकिया के विदेश और यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराज ब्लानार ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया. पारंपरिक स्लोवाक रीति के अनुसार उन्हें ‘रोटी और नमक’ भेंट किया गया, जो वहां सम्मान, सद्भावना और आतिथ्य का प्रतीक माना जाता है।  पीएम मोदी आज स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा होगी. इसके बाद पीएम मोदी ‘टॉम्ब ऑफ द अननोन सोल्जर’ पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे. इसके अलावा वह डेन्यूब नदी पर आयोजित विशेष हाई-टी कार्यक्रम में भी शामिल होंगे. पीएम मोदी आज शाम राष्ट्रपति भवन में स्लोवाकिया के राष्ट्रपति के साथ बेहद अहम बैठक करने वाले हैं, जबकि दिन का समापन राष्ट्रपति की ओर से आयोजित राजकीय रात्रिभोज के साथ होगा।  प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत को और खास बनाने के लिए प्रसिद्ध स्लोवाक सांस्कृतिक समूह लुसनिका एन्सेम्बल ने ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति दी. इस दौरान भारतीय संस्कृति और स्लोवाक लोक परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिला. प्रधानमंत्री ने कलाकारों से मुलाकात भी की और उनकी प्रस्तुति की सराहना की. उनके इस दौरे को लेकर स्लोवाकिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों में भी काफी उत्साह है. पीएम मोदी के स्लोवाकिया पहुंचते ही भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका ज़ोरदार स्वागत किया. लोगों ने मोदी-मोदी..वंदे मातरम..और भारत माता की जय के नारे लगाए।  स्लोवाकिया दौरे के बाद फिर फ्रांस लौटेंगे पीएम मोदी, करेंगे G-7 नेताओं से बात स्लोवाकिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर फ्रांस लौटेंगे, जहां वे 16-17 जून को होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इसके अलावा वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई वैश्विक नेताओं के साथ सीधी बात करेंगे. इस दौरे के अंतिम चरण में मोदी 18 जून को पेरिस में आयोजित यूरोप के सबसे बड़े स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी कार्यक्रम ‘वीवाटेक 2026’ में भी शामिल होंगे।  पीएम मोदी के दौरे से स्लोवाकिया संग रिश्तों को मिलेगी नई उड़ान पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, नवाचार, ऑटोमोबाइल निर्माण, रेलवे क्षेत्र और नई प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा. भारत और स्लोवाकिया हाल के वर्षों में आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं. अप्रैल 2025 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की स्लोवाकिया यात्रा और फरवरी 2026 में स्लोवाक राष्ट्रपति की भारत यात्रा के बाद यह दौरा संबंधों को नई गति देने वाला माना जा रहा है।  'सचमुच बहुत खास… ' ब्रातिस्लावा में मिले स्वागत पर बोले पीएम मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया पहुंचने के बाद सोशल मीडिया पर लिखा कि यह यात्रा भारत और स्लोवाकिया के संबंधों को नई ऊंचाई देने तथा सहयोग के नए क्षेत्रों की तलाश का अवसर है. उन्होंने राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री फिको के साथ होने वाली बैठकों को लेकर उत्साह भी जताया. पीएम मोदी ने आज सुबह एक्स पोस्ट में लिखा, ‘कल शाम ब्रातिस्लावा में मिला स्वागत सचमुच बहुत खास था. मैं भारतीय समुदाय के स्नेह और आत्मीयता के लिए उनका आभारी हूं. ऐसे भाव उन मज़बूत रिश्तों को दर्शाते हैं जो हमारे लोगों को जोड़ते हैं और भारत-स्लोवाकिया की दोस्ती को और मजबूत बनाते हैं।   वंदे मातरम्, महादेव कीर्तन… पीएम मोदी की स्लोवाकिया यात्रा की बेहद खास शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत को बेहद खास बनाने के लिए प्रसिद्ध स्लोवाक सांस्कृतिक समूह लुसनिका एन्सेम्बल ने ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति दी. इस दौरान भारतीय संस्कृति और स्लोवाक लोक परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिला. प्रधानमंत्री ने कलाकारों से मुलाकात भी की और उनकी प्रस्तुति की सराहना की. समूह के कलाकारों ने इसे अपने जीवन का यादगार क्षण बताया।  पीएम मोदी ने ब्रातिस्लावा में स्लोवाक संगीत समूह ‘महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट’ की आध्यात्मिक प्रस्तुति भी देखी. इसके अलावा प्रसिद्ध बाल लोकनृत्य दल ‘कोपानिचियारिक’ ने पारंपरिक स्लोवाक नृत्य प्रस्तुत कर भारतीय प्रधानमंत्री का स्वागत किया. सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर बढ़ती नजदीकियों की झलक भी दिखाई दी।