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वीजा संकट: भारत में H-1B अपॉइंटमेंट कैंसिल, प्रोसेस में लगेंगे कई महीने

नई दिल्ली भारत में बड़े पैमाने पर पहले से शेड्यूल एच-1बी वीजा अपॉइंटमेंट्स रद्द की गई हैं। इसके चलते अमेरिका जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जो अपॉइंटमेंट रद्द की गई हैं, वे पहले दिसंबर में तय थीं, लेकिन अब उन्हें कई महीनों बाद के लिए शेड्यूल किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सरकार के सख्त नियमों और सोशल मीडिया की निगरानी के लिए ये अपॉइंटमेंट्स रद्द किए गए हैं। दूतावास ने जारी किया बयान जिन आवेदकों की वीजा अपॉइंटमेंट्स 15 दिसंबर के बाद तय थी, वे नए निर्देश से बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं और इनमें से कुछ इंटरव्यू अब अक्तूबर 2026 के लिए शेड्यूल कर दिए गए हैं। भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने वीजा आवेदकों से अपील की है कि वे अपने पहले से तय इंटरव्यू तारीख के लिए काउंसलर ऑफिस न आएं। एक सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिकी दूतावास ने लिखा, 'अगर आपको एक ईमेल मिला है, जिसमें बताया गया है कि आपकी वीजा अपॉइंटमेंट री-शेड्यूल कर दी गई है और आपको नई तारीख दी गई है तो अगर आप फिर भी पुराने शेड्यूल पर इंटरव्यू के लिए आते हैं तो आपको दूतावास में एंट्री नहीं मिलेगी।' कंपनियों और नियोक्ताओं के लिए बढ़ी चुनौती अमेरिका की ट्रंप सरकार ने वीजा नियमों में सख्ती बढ़ाई है, जिसके चलते वीजा प्रक्रिया में लंबा समय लग रहा है। इसके चलते वे लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जो इंटरव्यू के लिए भारत में हैं। अब नया वीजा जारी होने तक वे वापस अमेरिका अपनी नौकरी पर नहीं जा पाएंगे। एच-1बी वीजा कैटेगरी के अलावा कई अन्य कैटेगरी के वीजा आवेदन भी अटक गए हैं। अमेरिका के अप्रवासन संबंधी वकील ने एच-1बी वीजा के अपॉइंटमेंट बड़े पैमाने पर रद्द करने के अमेरिकी सरकार के फैसले की आलोचना की है और कहा है कि इससे अमेरिका में कंपनियों और नियोक्ताओं के लिए चुनौतियां बढ़ेंगी।

दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में खूनी वारदात, राहगीरों पर अंधाधुंध गोलीबारी; 10 लोगों की जान गई

जोहान्सबर्ग दक्षिण अफ्रीका में जोहान्सबर्ग के पास हुई गोलीबारी की घटना में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 10 अन्य घायल होने की खबर है। इनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। एएफपी ने पुलिस के हवाले से यह जानकारी दी है। एजेंसी ने बताया कि एक अज्ञात बंदूकधारी ने जोहान्सबर्ग के पास एक गांव में गोलीबारी की। पुलिस के अनुसार हमलावर के मकसद का अभी भी पता नहीं चला है। पुलिस ने कहा कि गोलीबारी की यह घटना जोहान्सबर्ग से 40 किलोमीटर की दूरी पर हुई। पुलिस ने बताया कि हमलावर ने अचानक रास्ते में आने-जाने वालों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। थोड़ी ही देर में वहां चीख-पुकार मच गई। 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कम से कम 10 लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक गोलीबारी की घटना शराबखाने के पास हुई। यहां आसपास सोने की खदाने हैं और बड़ी संख्या में मजदूर काम करते हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि उस इलाके में अवैध शराब का धंधा होता है। गोतेंग के कार्यवाहक पुलिस कमिश्नर ने बताया कि लोगों से घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है। मौके पर अपराध और खुफिया विभाग की टीमें भी पहुंची हैं। दक्षिण अफ्रीका में आम हो गई गोलीबारी दक्षिण अफ्रीका में हाल ही में गोलीबारी की कई घटनाएं सामने आई हैं। 6 दिसंबर को कुछ बंदूकधारियों ने एक हॉस्टल पर हमला कर दिया था। इसमें कम से कम 12 लोग मारे गए थे। दक्षिण अफ्रीका में शराब का अवैध कारोबार भी चरम पर है।  

पठानकोट बॉर्डर से घुसपैठ की फिराक में पाक आतंकी, नए साल पर सैन्य ठिकानों पर हमले का प्लान

पठानकोट पाकिस्तान एक बार फिर नए साल पर पंजाब में दहशत फैलाने की योजना बना रहा है। उसने पंजाब के रास्ते घुसपैठ कराने के लिए आतंकियों को तैयार कर लिया है और उनकी मदद के लिए सीमा क्षेत्र के अपने स्लीपर सैल एक्टिवेट कर दिए हैं। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर पंजाब पुलिस ने गंदला लाहड़ी क्षेत्र से आतंकियों के संदिग्ध मददगार बिल्लू गुज्जर को हिरासत में लिया है। दूसरा व्यक्ति नजाकत हुसैन फिलहाल लापता है। उसकी तलाश की जा रही है। एसएसपी दलजिंदर सिंह ने बताया कि बिल्लू को संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। फिलहाल अन्य आरोपों के संबंध में जांच जारी है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठन एक बार फिर पठानकोट में बड़ा हमला करने की साजिश रच रहे हैं। एसएसपी ने बताया कि खुफिया एजेंसियों के मुताबिक कुछ आतंकी जम्मू कश्मीर और पठानकोट में घुसपैठ करने की फिराक में हैं। साजिश का मास्टरमाइंड पाकिस्तानी नागरिक मुजफ्फर अहमद इन आतंकियों का उद्देश्य पठानकोट एयरबेस, रेलवे स्टेशन और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर हमला करना है। इस साजिश का मास्टरमाइंड पाकिस्तानी नागरिक मुजफ्फर अहमद हैं, जो पठानकोट में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए आतंकी नेटवर्क चला रहे हैं।  एजेंसियों को यह इनपुट भी प्राप्त हुआ है कि यह हमला नए साल की पूर्व संध्या यानी 25-31 दिसंबर के बीच हो सकता है। इन आतंकियों ने संचार के लिए वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल किया है, जिससे उनकी पहचान में मुश्किलें आ रही हैं।   पठानकोट एयरबेस और अन्य स्थानों पर नजर खुफिया एजेंसियों ने दो प्रमुख इनपुट साझा किए हैं। पहली जानकारी में बताया गया था कि 17-18 दिसंबर की रात तीन आतंकी अपने स्थानीय मददगारों बिल्लू गुज्जर और नजाकत हुसैन की मदद से पठानकोट में घुसपैठ करेंगे। इन आतंकियों का उद्देश्य पठानकोट के सैन्य ठिकानों और एयरबेस पर हमला करना है। सुरक्षा बढ़ाते हुए जिला पठानकोट में पुलिस, सेना और विशेष कमांडो की तैनाती की गई है। एक अन्य खुफिया सूचना में सामने आया है कि पठानकोट के एक धर्मशाला में कुछ स्लीपर सैल ठहरे हुए हैं जो इलाके की रेकी कर रहे हैं। सुरक्षा बलों हुए अलर्ट पठानकोट जिले के संवेदनशील क्षेत्रों जैसे डमटाल, ढांगू, भदरोया और मीलवां में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एसएसपी दलजिंदर सिंह ने बताया कि रात के समय सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ा दी गई है और पूरी रात विशेष चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। इंटरस्टेट नाकों पर सख्त जांच की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को शहर में प्रवेश न करने दिया जाए।   पठानकोट एयरबेस पर हुआ था हमला पठानकोट में आतंकी घटनाओं का इतिहास भी रहा है। एक जनवरी 2016 को पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले में छह आतंकियों ने भारतीय सेना की वर्दी पहनकर एयरबेस की सुरक्षा में सेंध लगाई थी। यह हमला भी नए साल से पहले हुआ था, जो पठानकोट में आतंकी गतिविधियों की गंभीरता को दर्शाता है। पठानकोट के संवेदनशील इलाकों में 24 घंटे चौकसी और गश्त बढ़ाई गई है। सुरक्षा बलों ने विशेष निगरानी हेतु अतिरिक्त फोर्स तैनात की है।  

निकाय चुनाव में BJP गठबंधन की बड़ी बढ़त, शिवसेना-NCP संग 200 से ज्यादा सीटों पर आगे

मुंबई महाराष्ट्र की 23 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में अध्यक्ष और सदस्यों के पदों के साथ-साथ इन स्थानीय निकायों में रिक्त सदस्य के 143 पदों के लिए मतदान शनिवार को संपन्न हुआ। पहले चरण में 263 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए मतदान हुआ था। आज सभी 286 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए मतों की गिनती हो रही है। शुरुआती रुझानों में राज्य की सत्ता में काबिज महायुति गठबंधन को बढ़त दिख रही है। दोपहर 12:10 बजे के आंकड़े के मुताबिक, नगर परिषद में अकेली भाजपा 99 सीटों पर आगे चल रही है। इसके अलावा शिवसेना 42 और एनसीपी 31 सीटों पर बढ़त बनाए हुई है। वहीं, नगर पंचायत में भाजपा 25, शिवसेना 7 और एनसीपी 2 सीटों पर आगे चल रही है। सुबह 11:15 बजे तक के आंकड़े के मुताबिक, नगर परिषद की 246 सीटों में से भाजपा 86, शिवसेना 47 और अजीत पवार की एनसीपी 31 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, शिवसेना यूबीटी सिर्फ 8, एनसीपी (शरद पवार) 12 और कांग्रेस 27 पर बढ़त बनाए हुए। अन्य के खाते में 23 सीटें जाती दिख रही हैं। इसी तरह नगर पंचायत की 42 सीटें में से भाजपा 24, शिवसेना 6 औप एनसीपी 3 सीटें पर आगे चल रही है। शिवसेना (यूबीटी) एक, एनसीपी (एसपी) शून्य और कांग्रेस 4 पर बढ़त बनाए हुए हैं। अन्य के खाते में एक सीट जाती दिख रही है। नगर परिषद की बात करें तो शुरुआती रुझानों में 243 में से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 84 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 41 पर बढ़त बनाए हुई हैं। महायुति में शामिल अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को 29 सीटों पर बढ़त है। वहीं, विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) का प्रदर्शन निराशाजनक दिख रहा है। शिवसेना (यूबीटूी) 9, एनसीपी (शरद पवार) 12 और कांग्रेस 14 सीटों पर आगे चल रही है। महाराष्ट्र में 42 नगर पंचायत पर हुए चुनाव के लिए भी गिनती जारी है। इनमें से भी भाजपा गठबंधन का शानदार प्रदर्शन दिख रहा है। भाजपा 23, शिवसेना 5 और एनसीपी 3 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) 1 और कांग्रेस 4 सीटों पर बढ़त बनाए हुई है।

दिल्ली से राजस्थान तक अरावली को लेकर टकराव, आखिर किस बात का है विवाद?

 गुरुग्राम अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा ने दिल्ली से राजस्थान तक विरोध के सुर तेज कर दिए हैं। पर्यावरण कार्यकर्ताओं को डर है कि बदली हुई परिभाषा देश की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक अरावली के इकोलॉजिकल संतुलन को बिगाड़ सकती है। नई परिभाषा के अनुसार केवल उसी भू-आकृति को अरावली पहाड़ियों में शामिल किया जाएगा, जो अपने स्थानीय धरातल से कम से कम 100 मीटर ऊंची हो। अरावली रेंज ऐसी दो या दो से ज्यादा पहाड़ियों का समूह है जो एक-दूसरे से 500 मीटर की दूरी पर हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम में शनिवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के सदस्यों और स्थानीय लोगों हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के घर के बाहर एकत्रित होकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी बैनर और तख्तियां लिए हुए थे। वे "अरावली बचाओ, भविष्य बचाओ" और "अरावली नहीं तो जीवन नहीं" जैसे नारे लगा रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने नई परिभाषा को मंजूरी देने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भी गहरी चिंता व्यक्त जताई। अरावली की नई परिभाषा के बारे में क्या कहते हैं एक्टिविस्ट? पीटीआई की एक रिपोर्ट में बताए गए एक्टिविस्ट्स के मुताबिक, नई परिभाषा से माइनिंग, कंस्ट्रक्शन और कमर्शियल एक्टिविटीज को बढ़ावा मिल सकता है, जिससे अरावली रेंज की प्राकृतिक सुंदरता नष्ट होने का खतरा बढ़ जाएगा। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि हमारा मानना ​​है कि यह फैसला इसके इकोलॉजिकल संतुलन के लिए नुकसानदायक हो सकता है। एक्टिविस्ट्स का कहना है कि अरावली पर्वत श्रृंखला दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम करती है, जो प्रदूषण, रेगिस्तान बनने और पानी के संकट को रोकने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने मांग की कि सरकार अरावली को पूरी तरह से संरक्षित क्षेत्र घोषित करे और एक सख्त और स्पष्ट संरक्षण नीति लागू करे। एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, "विकास के नाम पर प्रकृति से समझौता नहीं किया जा सकता, क्योंकि अरावली का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा है। हवा में जहर धीरे-धीरे फैलता जा रहा है।'' राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने शनिवार को केंद्र सरकार के अरावली रेंज को फिर से परिभाषित करने के कदम की आलोचना की, जिससे 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों वाले इलाकों में माइनिंग की इजाजत मिल जाएगी। जूली ने चेतावनी दी कि इससे बड़े पैमाने पर इकोलॉजिकल नुकसान होने के साथ ही रेगिस्तान बन सकता है, क्योंकि अरावली रेंज रेगिस्तान बनने से रोकने और ग्राउंडवॉटर लेवल बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। जूली ने एएनआई को बताया, "एक तरफ आप 'एक पेड़ मां के नाम' नाम से कैंपेन चला रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आप अपने दोस्तों के लिए लाखों पेड़ काट रहे हैं। यह गलत है… अरावली राजस्थान की जीवनरेखा है। यह अरावली ही रेगिस्तान को रोकती है… वैज्ञानिकों ने भी माना है कि अगर अरावली पर्वत श्रृंखला नहीं होती, तो दिल्ली तक का पूरा इलाका रेगिस्तान बन गया होता।" सुप्रीम कोर्ट ने 20 नवंबर 2025 को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एक कमेटी की अरावली पहाड़ियों और पर्वत श्रृंखलाओं की परिभाषा संबंधी सिफारिशों को स्वीकार कर लिया था। अरावली पर्वतमाला की नई परिभाषा तय किए जाने के विरोध में शानिवार को राजस्थान के उदयपुर में बड़ी संख्या में वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया।इन वकीलों ने अरावली पर्वतमाला की ऊंचाई पर आधारित नई परिभाषा पर चिंता जताई। वकीलों ने नारेबाजी करते हुए न्यायालय परिसर से जिला कलेक्ट्रेट तक मार्च किया। वहां उन्होंने अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

उस्मान हादी का दफन भारी तनाव के बीच, इंकलाब मंच का यूनुस सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम

 ढाका बांग्लादेश की राजधानी ढाका में प्रमुख युवा नेता और 'इंकलाब मंच' के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी को शनिवार को राष्ट्रीय कवि काजी नजरूल इस्लाम की कब्र के बगल में दफनाया गया। हादी की पार्टी ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम जारी कर उनकी (हादी की) हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की दिशा में "स्पष्ट प्रगति" की मांग की। इससे पहले, ढाका में कड़ी सुरक्षा के बीच हादी के जनाजे की नमाज अदा की गई, जिसके लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस अपनी सलाहकार परिषद के सदस्यों और सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमां के साथ माणिक मिया एवेन्यू स्थित संसद भवन परिसर के ‘साउथ प्लाजा’ में 'इंकलाब मंच' के प्रवक्ता हादी (32) के जनाजे की नमाज में शामिल हुए। यूनुस ने जनाजे की नमाज से पहले संक्षिप्त बयान दिया। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी), जमात-ए-इस्लामी और छात्रों के नेतृत्व वाली नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के नेताओं ने भी जनाजे की नमाज में हिस्सा लिया। हादी पिछले साल छात्रों के नेतृत्व में हुए विरोध-प्रदर्शनों में शामिल प्रमुख नेताओं में से एक थे। इन विरोध-प्रदर्शनों की वजह से तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिर गई थी। वह 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव में उम्मीदवार थे। नकाबपोश बंदूकधारियों ने 12 दिसंबर को मध्य ढाका के विजयनगर इलाके में हादी के सिर में उस समय गोली मार दी थी, जब वह अपना चुनाव प्रचार शुरू कर रहे थे। बाद में सिंगापुर में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। हादी की मौत के बाद देश में अशांति फैल गई है। उनकी मौत के बाद बांग्लादेश में एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया था। हादी की पार्टी के सदस्य सचिव अब्दुल्ला अल जबीर ने शाहबाग में आयोजित एक विरोध रैली के मंच से कहा, "अगर सरकार कल शाम 5:15 बजे तक शरीफ उस्मान हादी के हत्यारों की गिरफ्तारी के संबंध में जवाब नहीं देती है, तो हम अपना विरोध-प्रदर्शन फिर से शुरू कर देंगे।" लगभग तीन घंटे के प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने शाहबाग खाली कर दिया, जिसके बाद आसपास के इलाकों में यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो गया टेलीविजन चैनल पर प्रसारित दृश्यों में देखा जा सकता है कि हादी के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद सरकारी सुह्रावर्दी अस्पताल से लाए जाने के बाद जनाजे की नमाज अदा की गई। हादी के बड़े भाई अबू बकर ने जनाजे की नमाज अदा करवाई और फिर शव की अंत्येष्टि के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ढाका विश्वविद्यालय परिसर लाया गया एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "केवल चुनिंदा लोगों को ही अंतिम संस्कार में शामिल की अनुमति दी गई।" पुलिस ने हजारों लोगों को जनाजे की नमाज में हिस्सा लेने की इजाजत दी थी। नमाज से पहले लोगों ने "दिल्ली या ढाका-ढाका, ढाका" और "भाई हादी का खून जाया नहीं जाने दिया जाएगा" जैसे भारत-विरोधी नारे लगाए। गुरुवार को यूनुस द्वारा हादी की मौत की पुष्टि करने के बाद ढाका और कई अन्य प्रमुख शहरों में हिंसक विरोध-प्रदर्शन हुए। देश के विभिन्न हिस्सों में हमले और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं, जिनमें चटगांव में सहायक भारतीय उच्चायुक्त के आवास पर पथराव, प्रमुख समाचार पत्रों डेली स्टार और प्रोथोम आलो के कार्यालयों पर हमले तथा बंगबंधु मेमोरियल म्यूजियम में तोड़फोड़ शामिल है। मयमनसिंह शहर में ईशनिंदा के आरोप में एक हिंदू व्यक्ति की पीटकर हत्या कर दी गई और उसके शव को जला दिया गया। मृतक की पहचान 25 वर्षीय दीपू चंद्र दास के रूप में हुई है, जो शहर में एक कारखाने में काम करता था। राजधानी में नये सिरे से अशांति फैलने के बीच, जब हादी का शव सिंगापुर से ढाका लाया गया, तो अंतरिम सरकार ने शुक्रवार को नागरिकों से "अराजक तत्वों" द्वारा की जा रही हिंसा का विरोध करने की अपील की। पुलिस ने बताया कि हादी का शव ढाका लाए जाने के कुछ ही समय बाद कथित दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने राजधानी में वामपंथी झुकाव वाले उदिची शिल्पीगोष्ठी के मुख्य कार्यालय में आग लगा दी।  

तिहाड़ जेल का नया नियम: खतरनाक कैदियों को मोबाइल देने की तैयारी, सुरक्षा के बीच क्या है वजह?

नई दिल्ली  दिल्ली की तिहाड़ जेल में कैदियों से जुड़े नियमों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।आमतौर पर सख्त नियमों और पाबंदियों के लिए जानी जाने वाली तिहाड़ जेल में प्रशासन अब अच्छे आचरण वाले कैदियों को मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति देने की तैयारी कर रहा है। इसे जेल सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ओपन जेल में रह रहे कैदियों को इस फेसिलिटी से परिवार और कामकाज से जुड़े रहने में मदद मिलेगी। हालांकि यह सुविधा पूरी तरह नियमों और देखरेख के दायरे में दी जाएगी। इसके लिए एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार की जा रही है। जेल अधिकारियों का कहना है कि इससे कैदियों को दोबारा समाज में घुलने-मिलने में मदद मिलेगी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद लिया गया फैसला इस बदलाव की शुरुआत दिल्ली हाईकोर्ट के अक्टूबर में दिए हुए निर्देश देने के बाद हुई। कोर्ट ने जेल प्रशासन को ओपन जेल के कैदियों के लिए मोबाइल एक्सेस की संभावनाओं पर सोचने को कहा गया था। अदालत का कहना था कि सेफ्टी के साथ समझौता किए बिना कैदियों के पुनर्वास की दिशा में यह एक सकारात्मक कदम हो सकता है। यह मोबाइल उन कैदियों को देने का बात की जा रही है, जिनको 20 साल से ज्यादा या आजीवन कारावास की सजा मिली हुई है और जेल में उनका आचरण सही हो गया है।   ओपन जेल क्या होती है? ओपन जेल की फेसिलिटी को सुधार की एक खास व्यवस्था मानी जाती है। यहां पर उन्हीं कैदियों को रखा जाता है, जिनका आचरण अच्छा होता है और जिन्हें समाज के लिए ज्यादा खतरा नहीं माना जाता है। ओपन जेल में रहने वाले लोग दिन के समय काम करने के लिए बाहर जाते हैं और शाम को निर्धारित समय तक वापस आ जाते हैं। तिहाड़ की ओपन जेल को साल 2026 में दस साल होने वाले हैं। अभी यहां सिर्फ 3 कैदी रह रहे हैं, जबकि यहां पर 25 से 30 कैदियों के रहने की व्यवस्था है। इस तरह की जेल का मकसद कैदियों को सजा के साथ धीरे-धीरे बाहर की नॉर्मल जिंदगी के लिए तैयार करना होता है। पहले यहां जेसिका लाल हत्याकांड के दोषी मनु शर्मा और अपनी पत्नी की हत्या के मामले में दोषी पूर्व कांग्रेस नेता सुशील शर्मा जैसे कैदी भी रह चुके हैं। मोबाइल इस्तेमाल को लेकर क्या होंगे नियम? जेल अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल फोन की अनुमति सख्त नियमों के साथ दी जाएगी। इसके लिए तिहाड़ जेल का लीगल सेल एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार कर रहा है, जो तैयार होने वाला है और अब अंतिम चरण में है। अधिकारियों के अनुसार कैदी सिर्फ उन्हीं मोबाइल नंबरों पर बात कर सकेंगे, जो पहले से जेल प्रशासन के पास रजिस्टर हैं और वेरिफाई किया हुए हैं। इसके अलावा मोबाइल इस्तेमाल करने की लिमिट भी तय रहेगी। सुबह काम पर निकलते समय उन्हें फोन दिया जाएगा और शाम को वापस आते ही फोन अधिकारियों को जमा कराना होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी तरह से सुनिश्चित किया जाएगा कि इस सुविधा का दुरुपयोग नहीं किया जाएगा।

Weather Update: Western Disturbance के असर से 7 दिन तक शीतलहर, इन राज्यों में कंपकंपाती ठंड

नई दिल्ली देश के विभिन्न हिस्सों में ठंड लगातार बढ़ती जा रही है। कुछ राज्यों में लोग अब सुबह और रात के समय ही ठंड का अनुभव कर रहे हैं, जबकि कुछ राज्यों में कड़ाके की सर्दी ने लोगों को कंपकंपी में डाल दिया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दिनों एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है, जिससे इस बार सर्दी अपने चरम पर पहुंच सकती है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले सात दिनों के लिए कई राज्यों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है। उत्तर-पश्चिम भारत उत्तर-पश्चिमी राज्यों में ठंड की मार अगले हफ्ते और तेज होने वाली है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों में शीतलहर के कारण ठंड का प्रकोप रहेगा। इसके अलावा, सुबह के समय कई इलाकों में घना कोहरा रहने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी ठंड और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी और मध्य भारत मध्य और पूर्वी राज्यों में भी अगले सात दिनों में ठंड बढ़ने वाली है। मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में शीतलहर से ठिठुरन बढ़ेगी। मौसम विभाग ने इस क्षेत्र में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। पश्चिमी भारत पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से महाराष्ट्र के मध्य जिलों में भी अगले सप्ताह शीतलहर के असर की संभावना है। इससे वहां के तापमान में गिरावट आएगी और ठंड बढ़ेगी। दक्षिण भारत दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी ठंड के बढ़ने का अनुमान है। कर्नाटक के दक्षिणी आंतरिक इलाकों और तेलंगाना के कई क्षेत्रों में शीतलहर के कारण लोगों को ठंड का अनुभव अधिक होगा। उत्तरी-पूर्वी भारत उत्तरी-पूर्वी राज्यों में सुबह के समय घना कोहरा और ठंड का प्रभाव देखा जाएगा। मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और नागालैंड में शीतलहर को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले सात दिन कई राज्यों में सर्दी के चरम अनुभव के संकेत दे रहे हैं, इसलिए लोगों को गर्म कपड़े पहनने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।  

कैसे भारत बनेगा AI का केंद्र: 2030 तक लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार

नई दिल्ली केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा को बताया कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के क्षेत्र में स्किल्स के मामले में दुनिया के सबसे अच्छे देशों में शामिल है। उन्होंने स्टैनफोर्ड AI इंडेक्स रिपोर्ट 2025 का हवाला देते हुए कहा कि भारत AI प्रतिभा को अपनी ओर खींचने में पूरी दुनिया में पहले नंबर पर है। हर साल भारत में AI से जुड़ी नौकरियों में करीब 33% की बढ़ोतरी हो रही है। साल 2016 से अब तक भारत में AI प्रतिभा की संख्या तीन गुना से ज्यादा हो गई है। सरकार का मानना है कि AI से भारत मजबूत बनेगा और हर क्षेत्र में फायदा होगा। सरकार की एआई को लेकर प्लानिंग ANI की रिपोर्ट (Ref.) के मुताबिक, मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत सरकार इस बात को अच्छी तरह समझती है कि जैसे-जैसे अलग-अलग क्षेत्र में AI का इस्तेमाल होगा, वैसे-वैसे अधिक स्किल वाले लोगों की जरूरत होगी। सरकार अपनी AI योजनाओं को इसी दिशा में बना रही है। दुनिया भर की रिपोर्ट्स भी भारत के AI कर्मचारियों की तारीफ कर रही हैं। 2027 तक दोगुना होगा एआई टैलेंट बेस अनुमान है कि भारत में AI का टैलेंट बेस 2027 तक दोगुने से ज्यादा हो जाएगा। हर साल करीब 15 प्रतिशत की दर से यह बढ़ोतरी होगी। भारत के AI एक्सपर्ट्स की बढ़ती संख्या का असर दुनिया भर में दिख रहा है। गिटहब पर AI प्रोजेक्ट्स में भारत का योगदान 2024 में दूसरा सबसे बड़ा था, जो कुल प्रोजेक्ट्स का 19.9 प्रतिशत था। इससे साफ पता चलता है कि भारत के AI डेवलपर्स कितने मजबूत हैं। भारत का IndiaAI मिशन मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ये आंकड़े भारत सरकार के बड़े स्तर पर AI कौशल, रिसर्च और नवाचार पर ध्यान देने का नतीजा हैं। IndiaAI मिशन के तहत सरकार कई बड़े कदम उठा रही है। इसमें 500 पीएचडी विद्वानों, 5,000 पोस्टग्रेजुएट और 8,000 ग्रेजुएट छात्रों को AI से जुड़े काम के लिए मदद दी जा रही है। छोटे शहरों में 27 IndiaAI डेटा और AI लैब्स बनाए गए हैं, जहां डेटा तैयार करने करने जैसे कोर्स चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा, 174 आईटीआई और पॉलिटेक्निक में भी ऐसे लैब्स बनाए जा रहे हैं। ये सब काम दूसरे और तीसरे दर्जे के शहरों में हो रहा है ताकि हर जगह के युवाओं को मौका मिले। 2030 तक 1 करोड़ लोग एआई से जुड़े का करेंगे सरकार नासकॉम के साथ मिलकर युवाओं को AI, बिग डेटा और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी नई स्किल्स की ट्रेनिंग दे रही है। ये कोर्स राष्ट्रीय कौशल मानकों से जुड़े हैं। प्लेटफॉर्म पर 500 से ज्यादा कोर्स हैं। अब तक 16 लाख से ज्यादा लोग इन कोर्स में नामांकन कर चुके हैं या ट्रेनिंग ले चुके हैं। इसके अलावा एक फ्री नेशनल कोर्स 'युवा AI फॉर ऑल' शुरू किया गया है, जो हर किसी को AI की बेसिक जानकारी देता है। नासकॉम की रिपोर्ट कहती है कि भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल कौशल वाला टैलेंट पूल है। साल 2030 तक भारत 80 से 100 लाख लोगों को AI से जुड़े कामों के लिए तैयार कर सकता है।

परीक्षा पर चर्चा 2026: टेंशन नहीं टैलेंट पर होगी बात, पीएम मोदी से संवाद का मौका; ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

नई दिल्ली  PPC 2026: बोर्ड परीक्षा की तैयारी, तनाव और भविष्य की उलझनों को कम करने के लिए ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ एक बार फिर युवाओं की उम्मीद बनकर उभरा है। इस बार आयोजन ने रजिस्ट्रेशन के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। करोड़ों छात्र, शिक्षक और अभिभावक पीएम मोदी के इस इवेंट से जुड़कर अपनी बात रखने को तैयार हैं। प्रधानमंत्री के लोकप्रिय संवाद कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा (PPC) 2026 के नौवें संस्करण में अब तक कुल 1,27,38,536 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें 1,18,22,663 छात्र, 8,04,094 शिक्षक, और 1,11,779 अभिभावक शामिल हैं। PPC 2026: कौन कर सकता है रजिस्ट्रेशन? PPC 2026 में भाग लेने के लिए कक्षा 6 से 12 तक के छात्र, स्कूल शिक्षक, और अभिभावक पात्र हैं। इच्छुक प्रतिभागी 11 जनवरी 2026 तक आधिकारिक पोर्टल के जरिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। सभी रजिस्टर्ड प्रतिभागियों को Participation Certificate भी दिया जाएगा। छात्र दो तरीकों से PPC 2026 में हिस्सा ले सकते हैं। पहले स्वयं रजिस्ट्रेशन के जरिए। दूसरा टीचर लॉगिन के माध्यम से, जिसमें छात्र अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज कर सकते हैं। इस व्यवस्था का मकसद ज्यादा से ज्यादा छात्रों को इस संवाद से जोड़ना है। PPC 2026: आपका सवाल बन सकता है चर्चा का हिस्सा PPC 2026 में सवाल पूछने का मौका भी बेहद खास है। सरकार MCQ आधारित प्रतियोगिता के जरिए प्रतिभागियों का चयन करेगी। यह प्रतियोगिता MyGov पोर्टल पर 11 जनवरी 2026 तक आयोजित की जा रही है। छात्र, शिक्षक और अभिभावक इसी मंच पर अपने सवाल भेज सकते हैं। चुने गए सवालों को सीधे परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। PPC 2026: जनवरी 2026 में होगा आयोजन प्रधानमंत्री का यह अनोखा इंटरएक्टिव कार्यक्रम जनवरी 2026 में आयोजित किया जाएगा। इसमें पीएम मोदी छात्रों से परीक्षा के तनाव, समय प्रबंधन, करियर और जीवन से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात करेंगे। PPC 2026: परीक्षा पे चर्चा के बारे में ‘परीक्षा पे चर्चा’ एक वार्षिक आयोजन है, जिसकी शुरुआत फरवरी 2018 में नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम से हुई थी। तब से लेकर अब तक यह कार्यक्रम छात्रों के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती का बड़ा स्रोत बन चुका है।