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संसद में जवाब: शिमला रेलवे स्टेशन का होगा मेगा डेवलपमेंट, बढ़ेगा पर्यटन

धर्मशाला रेलवे मन्त्री अश्वनी वैष्णव ने काँगड़ा लोकसभा सांसद डॉक्टर राजीव भारद्वाज को लोकसभा में बताया कि हिमाचल प्रदेश को उत्तरी रेलवे जोन में कवर किया गया है। र इस जोन के लिए वर्ष 2025-26, के लिए ₹2,216 करोड़ रूपये का बजट आबंटित किया गया है जिसमें से अब तक ₹ 919 करोड़ रूपये खर्च किये जा चुके हैं। उन्होंने प्रश्न के उतर में बताया कि अमृत भारत योजना के अन्तर्गत देश में 1337 रेलवे स्टेशन विकसित किये जा रहे हैं जिसमें से हिमाचल प्रदेश के पालमपुर, शिमला, बैजनाथ पपरोला और अम्ब अम्बोटा स्टेशन शामिल हैं।  उन्होंने बताया कि इसमें से पालमपुर, बैजनाथ पपरोला और अम्ब अम्बोटा रेलवे स्टेशनों को विकसित कर दिया गया है जबकि शिमला को मास्टर प्लानिंग के अन्तर्गत कवर किया जा रहा है। रेलवे मन्त्री अश्वनी वैष्णव ने काँगड़ा लोकसभा सांसद डॉक्टर राजीव भरद्वाज को लोकसभा में बताया कि पंचरुखी रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म, शेल्टर, वेटिंग हॉल, पेयजल, शौचालय और यात्रियों के बैठने की उचित सुविधा प्रदान की गई है जो कि तय मापदण्डों से ज्यादा हैं। उन्होंने बताया कि रेल सुविधाओं के बिस्तार के लिए राज्य सरकारों, सांसदों, केन्द्रीय मन्त्रियों और अन्य जन प्रतिनिधियों से सुझाव नियमित रूप से प्राप्त होते हैं जिन्हे पर्याप्त जाँच पड़ताल के बाद कार्यन्वित किया जाता है। उन्होंने बताया कि अमृत भारत योजना के अन्तर्गत रेलवे स्टेशनों पर वेटिंग हॉल, टॉयलेट, वाटर बूथ, बैठने की उचित ब्यबस्था, लिफ्ट, एस्कलेटर/रैंप आदि की आधुनिक सुविधाएँ विकसित की जा रहीं हैं। उन्होंने कहाकि इस योजना के अन्तर्गत रेलवे स्टेशन पर स्थानीय उत्पादों की विक्री को वन स्टेशन वन प्रोडक्ट योजना के अंतर्गत प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा दिव्यांगों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जाएँगी।

राज्यसभा में चुनाव सुधारों की चर्चा अधूरी, सोमवार को फिर होगा घमासान

नई दिल्ली राज्यसभा में चुनाव सुधारों पर चल रही बहस गुरुवार को स्थगित कर दी गई। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने घोषणा की कि बाकी चर्चा सोमवार को दोपहर 1 बजे होगी। यह फैसला संसद में होने वाली प्रार्थना सभा को देखते हुए लिया गया, जिसके कारण सदस्यों को अपनी बात बीच में ही रोकनी पड़ी। किरेन रिजिजू ने सदन को बताया कि कई सदस्यों ने इस विषय पर पहले ही बात कर ली थी, लेकिन तय समय में बहस पूरी नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि सांसदों को प्रार्थना सभा में हिस्सा लेना है, इसलिए चुनाव सुधारों पर बाकी चर्चा सोमवार को दोपहर 1 बजे होगी और सदस्यों से सोमवार को फिर से इकट्ठा होने का अनुरोध किया। चुनाव सुधारों पर चर्चा शुक्रवार को नहीं होगी, क्योंकि यह दिन प्राइवेट मेंबर्स बिल के लिए तय है। इसके बाद उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने शाम 4 बजे सदन को शुक्रवार तक के लिए संसद को स्थगित कर दिया। चुनाव सुधारों पर बहस मौजूदा सत्र की सबसे गरमागरम चर्चाओं में से एक रही है, जिसमें विपक्षी सांसदों ने मतदाताओं के नाम हटाने, चुनावी सूचियों में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर चिंता जताई है। आप सांसद संजय सिंह, कांग्रेस नेता अजय माकन और जयराम रमेश, और भाजपा सांसदों में सुधांशु त्रिवेदी और जेपी नड्डा ने अपनी राय रखी है और भारत के लोकतंत्र की स्थिति पर बिल्कुल अलग-अलग विचार पेश किए। जहां विपक्षी सदस्यों ने मतदाताओं के नाम मनमाने ढंग से हटाने, मतदान के आंकड़ों में विसंगतियों और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है, वहीं सत्ताधारी पार्टी के सांसदों ने भारत की चुनावी प्रणाली की मजबूती का बचाव किया है और ईवीएम, वोटर आईडी और सीसीटीवी निगरानी जैसे तकनीकी सुरक्षा उपायों का हवाला दिया है। बहस को फिर से शेड्यूल करके, किरेन रिजिजू यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि जिन सदस्यों ने नोटिस दिए थे और अपनी बात रखने की तैयारी की थी, उन्हें अपने विचार पेश करने के लिए पर्याप्त समय मिले। सोमवार के सत्र में और भी गरमागरम बहस होने की उम्मीद है, जिसमें दोनों पक्ष चुनावी निष्पक्षता, सुधारों और संवैधानिक अधिकारियों की भूमिका पर अपने-अपने तर्कों को और मजबूत करेंगे।

भारत तैयार लंबी उड़ान के लिए: 2047 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर देगा जीडीपी को 25% की ताकत

नई दिल्ली भारत 2047 तक वैश्विक औद्योगिक महाशक्ति बनने की राह पर है, जहां सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की हिस्सेदारी वर्तमान के करीब 17 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 25 प्रतिशत होने का लक्ष्य है। यह जानकारी गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई। बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) और जेड47 द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिक वाहन, ऊर्जा और फार्मास्यूटिकल्स ऐसे 5 प्रमुख क्षेत्र हैं, जो 2047 तक 25 ट्रिलियन डॉलर के औद्योगिक अवसर का आधार बन सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर्स के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हो रहा है। भारत की सेमीकंडक्टर मांग 2022 में 33 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 117 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, अब भारत में बिकने वाले 99 प्रतिशत मोबाइल फोन देश में ही बनाए जाते हैं, वित्त वर्ष 2014-15 में यह आंकड़ा मात्र 26 प्रतिशत पर था। यह प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजनाओं के प्रभाव को दर्शाता है। बीसीजी के मैनेजिंग डायरेक्टर और पार्टनर ईशांग जावा ने कहा, "यह सिर्फ आकार की बात नहीं है; बल्कि रणनीतिक आत्मनिर्भरता की बात है। अब भारत केवल असेंबल नहीं कर रहा है, बल्कि डिजाइन, इनोवेट (नया खोज) और वैश्विक वैल्यू चेन में योगदान कर रहा है।" रिपोर्ट में भारत के नोएडा-चेन्नई-होसुर और धोलेरा जैसे क्षेत्रीय मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स का उदाहरण दिया गया है, जो निर्माण में मदद कर रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत ने अपनी नॉन-फॉसिल ऊर्जा क्षमता को लक्ष्य से 5 साल पहले 50 प्रतिशत तक पहुंचा लिया है। रिपोर्ट में अनुसंधान और विकास (आरएंडडी), डिजाइन को बढ़ाने, प्रतिभा को मजबूत करने, ब्रेन ड्रेन (विदेशों से भारत लौटकर आए विशेषज्ञों) को बढ़ावा देने, वर्ल्ड क्लास क्लस्टर इकोसिस्टम्स और निजी क्षेत्र और स्टार्टअप्स के योगदान को बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है, ताकि इस विकास को स्थिर किया जा सके और भारत को वैश्विक नेतृत्व में लाया जा सके। जेड47 के मैनेजिंग डायरेक्टर सुदीप्तो सन्नीग्राही ने कहा, "आधुनिक निर्माण और डीप-टेक (गहरे तकनीकी) में सफलता प्राप्त करना विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने के लिए जरूरी है।"

ट्रेड, एनर्जी और डिफेंस पर गहन चर्चा: मोदी–ट्रंप बातचीत से India-US रिश्तों में नई गति

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बीच व्यापार, ऊर्जा और रक्षा के मुद्दे पर बात हुई। पीएम मोदी ने एक्स पर बताया, "राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत हुई। हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की। भारत और अमेरिका वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।" अधिकारियों ने बताया कि दोनों नेताओं ने व्यापार, महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।उन्होंने कहा कि दोनों नेता साझा चुनौतियों से निपटने और साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए। भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील सकारात्मक मोड़ पर अमेरिकी प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील सकारात्मक मोड़ पर है। भारत ने अमेरिका को अब तक का बेस्ट प्रस्ताव दिया है। किन फसलों को मिलेगी भारत में एंट्री? ग्रीर ने कहा कि अमेरिकी ज्वार और सोयाबीन जैसे उत्पादों के लिए भारत अपना बाजार खोलने के लिए तैयार हो गया है। USTR की एक टीम अभी भारत में ही है और वे कृषि क्षेत्र में आई बाधाओं को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। भारत को एथेनॉल बेचना चाहता है अमेरिका ग्रीर ने कहा कि अमेरिकी मक्के और सोयाबीन से निकलने वाले एथेनॉल को भी भारत खरीद सकता है। कई अन्य देशों ने भी अमेरिकी एथेनॉल के लिए अपने बाजार खोल दिए हैं।  

तत्काल टिकट बुकिंग आसान होगी! रेलवे ने 3 करोड़ से ज्यादा फर्जी आईडी बंद कीं

नई दिल्ली  भारतीय रेलवे ने आरक्षण प्रणाली के प्रदर्शन को मजबूत बनाने और तत्काल टिकटों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए लगभग 3.02 करोड़ संदिग्ध यूजर आईडी को निष्क्रिय किया है। यह जानकारी गुरुवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी। लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे नियमित/तत्काल टिकटों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए यूजर्स अकाउंट का कड़ा पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन किया गया है। जनवरी 2025 से अब तक लगभग 3.02 करोड़ संदिग्ध यूजर आईडी को निष्क्रिय कर दिया गया है। साथ ही, अकामाई जैसे एंटी-बॉट समाधानों को फर्जी यूजर्स को हटाने और वैध यात्रियों के लिए सुचारू बुकिंग सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तत्काल बुकिंग में दुरुपयोग को रोकने और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) सत्यापन को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। 4 दिसंबर 2025 तक यह सुविधा 322 रेलगाड़ियों में मिल रही है। इन उपायों के परिणामस्वरूप, इन रेलगाड़ियों में से लगभग 65 प्रतिशत में तत्काल टिकट की उपलब्धता का समय बढ़ गया है। इसके अतिरिक्त, आरक्षण काउंटरों पर तत्काल बुकिंग के लिए आधार-आधारित ओटीपी को भी चरणबद्ध तरीके से शुरू किया गया है और 4 दिसंबर तक इसे 211 रेलगाड़ियों में लागू किया गया है। इन और अन्य उपायों के परिणामस्वरूप, 96 लोकप्रिय रेलगाड़ियों में से लगभग 95 प्रतिशत रेलगाड़ियों में तत्काल टिकट की उपलब्धता का समय बढ़ गया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि साइबर सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए, रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड व्यापक साइबर सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सेवाएं प्रदान करता है, जिनमें टेक-डाउन सेवाएं, खतरा निगरानी, ​​डीप और डार्क वेब निगरानी और डिजिटल जोखिम सुरक्षा शामिल हैं। ये सेवाएं उभरते साइबर खतरों के बारे में सक्रिय और कार्रवाई योग्य जानकारी प्रदान करती हैं और बेहतर घटना प्रतिक्रिया को संभव बनाती हैं।

तख़्त या ताबूत? इमरान खान के करीबी जनरल फैज़ हमीद को पाक आर्मी कोर्ट से 14 साल की सज़ा

इस्लामाबाद  मुगल साम्राज्य के जमाने से चली आ रही ‘तख्त या ताबूत’ वाली कहावत पाकिस्तान के वर्तमान हालात पर सटीक बैठ रही है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान इस समय जेल में हैं और उनके करीबी सैन्य जनरल फैज हमीद को पाकिस्तान आर्मी की कोर्ट ने 14 साल कैद की सजा सुनाई है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के प्रमुख रहे फैज हमीद किसी वक्त पाकिस्तानी सेना के चीफ बनाए जाने के संभावित नामों में शामिल थे, लेकिन फिर हालात बदले और इमरान खान समेत वह जेल में पहुंच गए।   जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व आईएसआई चीफ लेफ्टिनेंट जनरलन (रिटायर) फैज हमीद को 14 साल की कड़ी सजा सुनाई गई है। पाकिस्तानी सेना की सार्वजनिक मामलों की शाखा, आईएसपीआर ने गुरुवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि एक सैन्य अदालत ने फैज हमीद पर कदाचार, सैन्य सेवा नियमों में उल्लंघन राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने, अधिकारों और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग, व्यक्तियों को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के आरोप में सजा सुनाई है। आईएसपीआर ने बताया कि लंबी और कठिन सुनवाई के बाद सैन्य अदालत ने फैज हमीद को सभी आरोपों में दोषी पाया गया है। इसी के तहत 11 दिसंबर को आधिकारिक रूप से फैज को 14 साल की कड़ी सजा सुनाई गई है। पाकिस्तानी सेना की गुरिल्ला अदालत की वकालत करते हुए आईएसपीआर ने जोर देकर कहा कि इस मुकदमे के दौरान सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है। हमीद को अपनी पसंद का वकील नियुक्त करने का अधिकार दिया या था और उन्हें इस फैसले के खिलाफ सही मंच पर अपील करने का अधिकार भी प्राप्त है। गौरतलब है कि हमीद उस वक्त वैश्विक हेडलाइन में आए थे, जब आईएसआई चीफ के रूप में वह 2021 में अमेरिका के अफगानिस्तान से जाने के बाद तालिबान के साथ बैठक करने काबुल जा पहुंचे थे। यहां पर उनकी चाय पीते हुए एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसकी चर्चा बाद में पूरी दुनिया में हुई थी। इमरान खान की सरकार के दौरान उन्हें पाकिस्तानी सेना और सरकार के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता था। इसके अलावा जब तत्कालीन जनरल बाजवा के रिटायर होने की खबरें सामने आई तो सेना प्रमुख के लिए भी फैज हमीद का नाम आगे था।  

रूस-जापान विवाद पर चीन की सीख: बीजिंग ने कहा— बात का बतंगड़ मत बनाओ

जापान  चीन और रूस द्वारा की गई पेट्रोलिंग पर जापान के रिएक्शन पर अब ड्रैगन ने नई नसीहत दी है। चीनी विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि टोक्यो को चीन और रूस की सेनाओं द्वारा की गई इस पेट्रोलिंग से परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह उनके वार्षिक साझा कार्यक्रम का हिस्सा है। गौरतलब है कि चीन और रूस की साझा पेट्रोलिंग के बाद जापान ने भी गुरुवार को इस बात की घोषणा की थी कि उसने अमेरिका के साथ मिलकर एक संयुक्त हवाई अभ्यास किया है। जापानी प्रधानमंत्री के ताइवान पर दिए बयान के बाद चीन और जापान के बीच कूटनीतिक तनाव अपने चरम पर है।   रूस और चीन द्वारा की गई इस पेट्रोलिंग पर चिंता जाहिर करते हुए जापान के संयुक्त चीफ्स ऑफ डिफेंस स्टाफ ने बुधवार को कहा कि इससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बढ़ता है। जापान ने आरोप लगाया कि एक दिन पहले दो रूसी Tu-95 परमाणु क्षमता वाले बॉम्बर जापान सागर से उड़कर दो चीनी H-6 बॉम्बर्स से पूर्वी चीन सागर में मिले और फिर दोनों देशों ने जापान के चारों ओर संयुक्त उड़ान भरी। जापान की तरफ से कहा गया कि इसी तनाव को कम करने के लिए जापानी सेना ने भी अमेरिकी सेना के साथ एक संयुक्त अभ्यास किया है। चीन के विमानों ने जापानी फाइटर जेट को किया रडार लॉक इससे पहले भी जापान द्वारा चीन के ऊपर आरोप लगाया गया था कि बीजिंग ने इंटरनेशनल वॉटर्स में दो बार जापानी फाइटर जेट्स को रडॉर लॉक कर दिया था। इसके बाद उसे अपने जहाजों को स्क्रैंबल (तेजी से उड़ान भरकर खतरे की जांच करने) का आदेश देना पड़ा। इसके बाद जापान ने चीनी राजदूत को तलब किया। हालांकि, इस घटना के बाद दोनों पक्षों ने अपने-अपने तरीकों से बयान जारी किया। चीन की तरफ से कहा गया कि जापानी जहाजों ने बिना अनुमति के चीनी क्षेत्र में प्रवेश करके जासूसी करने की कोशिश की थी, इसके बाद तनाव पैदा हुआ। क्या है हालिया विवाद? जापान और चीन के बीच में वैसे तो विवाद काफी पुराना है लेकिन हाल ही में जापान की नई नवेली प्रधानमंत्री तकाइची के एक बयान के बाद विवाद बढ़ गया है। दरअसल, उन्होंने खुले तौर पर ताइवान की तरफदारी करते हुए कहा कि अगर चीन ताइवान की और सैन्य खतरा पैदा करता है या सैन्य कार्रवाई करने की कोशिश करता है तो जापान इसमें हस्तक्षेप करेगा। ताइवान को अपना अभिन्न अंग मानने वाले बीजिंग ने इस बयान के प्रति कड़ी प्रतिक्रिया जताई। कूटनीतिक ही नहीं सैन्य तरीके से भी जापान को परेशान करने के लिए चीन ने अंतर्राष्ट्रीय समंदर में दादागिरी दिखानी शुरू कर दी। इसके बाद से ही दोनों देशों के बीच में लगातार तनाव बढ़ा हुआ है।  

CJI सूर्यकांत की कड़ी टिप्पणी: ‘ऐसी याचिकाएं लेना बंद कीजिए’, आखिर क्या था मामला?

नई दिल्ली  देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच आज भी मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इस मामले में लगातार दायर हो रही याचिकाओं पर सीजेआई ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ये सब पब्लिसिटी पाने के लिए किया जा रहा है। CJI सूर्यकांत ने कहा कि हमें सिर्फ SIR जैसे बड़े मामलों पर फोकस न रहकर बल्कि आम आदमी से जुड़े मुकदमों पर भी ध्यान देने की जरूरत है। इस दौरान उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा, “रेलवे एक्सीडेंट का मामला देख लीजिए… एक व्यक्ति की ट्रैक पर मौत हो गई… हमने कुछ मुआवजा दिया फिर भी वारिसों को कुछ नहीं मिला। मुआवजा न मिलने पर वे कहीं गायब हो गए। अब हमने उन्हें ढूँढ़ निकाला और फिर पक्का किया कि उन्हें पैसे मिलें.. सोचिए उस विधवा के चेहरे पर मुस्कान कैसी होगी?”   इसी बीच, CJI सूर्यकांत ने कहा, "अब हर मामले में बार के सदस्यों को एक टाइमलाइन देनी होगी क्योंकि कुछ मामले जो ज़रूरी लगते हैं, वे कोर्ट का सारा समय ले लेते हैं और कई जरूरी खासकर MACT मामले में याचिकाकर्ताओं को समय नहीं मिल पाता है।" उन्होंने कहा, “मैं इस कोर्ट में सभी मामलों के लिए समय का बराबर बंटवारा चाहता हूँ, SIR जैसे जरूरी मामलों में पूरा दिन लग जाता है, जो पिटीशनर मुआवज़े के मामलों वगैरह के लिए आते हैं, वे आखिरी लाइन में बैठे रहते हैं और शाम 4 बजे बिना सुनवाई के घर वापस चले जाते हैं, वे नहीं जानते कि उनका नंबर कब आएगा?”   इसके बाद CJI सूर्यकांत ने कहा, "मैं रजिस्ट्री को इस मामले में (SIR केस में) कोई और नई याचिका स्वीकार न करने का निर्देश दे रहा हूँ। कई लोग अब सिर्फ़ पब्लिसिटी के लिए आ रहे हैं। अब किसी नए मामले की ज़रूरत नहीं है। मुझे ऐसा कहते अफसोस हो रहा है।" इसके बाद जस्टिस सूर्यकांत ने SIR के मुद्दे पर दायर अलग-अलग राज्यों के मामलों की अलग-अलग सुनवाई करने का फैसला करते हुए सभी राज्यों के लिए अलग-अलग तारीखें भी तय कर दीं। UP, केरल के मामले 18 दिसंबर को सुने जाएंगे CJI ने कहा कि तमिलनाडू का मामला 16 तारीख को सुना जाएगा। इस बीच सिब्बल बोले, पश्चिम बंगाल का मामला 17 तारीख तक के लिए टाल दिया गया है। CJI ने बिना उस पर ध्यान देते हुए आगे कहा कि बिहार के सभी मामले आज सुने जाएंगे, जबकि असम के मामले 16 को, WB के मामले भी 16 को और UP, केरल के मामले 18 दिसंबर को सुने जाएंगे।  

तलाक में पत्नी ने छोड़ी हर मांग, सुप्रीम कोर्ट बोला— अनोखा समझौता, जीवन में खुशियां मिलें

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक आपसी सहमति से तलाक के मामले में महिला की जमकर तारीफ की। दअसल महिला ने तलाक लेते समय किसी तरह का गुजारा भत्ता यानी एलिमनी नहीं मांगी। इतना ही नहीं, विवाह के समय पति की मां द्वारा उपहार में दिए गए सोने के कंगन भी वापस कर दिए। अदालत ने इसे अत्यंत दुर्लभ समझौता बताते हुए अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत विवाह को भंग कर दिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई हेतु सूचीबद्ध था। सुनवाई की शुरुआत में ही महिला की ओर से पेश वकील ने अदालत को सूचित किया कि उनकी मुवक्किल किसी प्रकार का भरण-पोषण या अन्य आर्थिक प्रतिपूर्ति की मांग नहीं कर रही हैं। अदालत को बताया गया कि केवल सोने के कंगन लौटाना शेष है। पीठ ने पहले गलतफहमी में यह समझा कि पत्नी अपना स्त्री-धन वापस मांग रही है, लेकिन जैसे ही वकील ने स्पष्ट किया कि ये कंगन तो महिला खुद लौटा रही है, जो शादी के समय पति की मां ने उन्हें भेंट किए थे, तो न्यायमूर्ति पारदीवाला मुस्कुरा उठे। उन्होंने कहा- यह बहुत ही दुर्लभ समझौता है जो हमने देखा है। आजकल ऐसे उदाहरण कम ही देखने को मिलते हैं। अदालत ने अपने आदेश में लिखा- यह उन विरले मामलों में से एक है, जहां किसी भी प्रकार की मांग नहीं की गई। उलटे पत्नी ने विवाह के समय मिले सोने के कंगन लौटा दिए। हमें बताया गया कि ये कंगन पति की मां के हैं। हम इस कदम की सराहना करते हैं, क्योंकि ऐसा आजकल कम ही देखने को मिलता है। सुनवाई के दौरान जैसे ही पत्नी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़ीं, तो न्यायमूर्ति पारदीवाला ने उनसे कहा- हमने इस बात का उल्लेख किया है कि यह उन दुर्लभ मामलों में से है जहां किसी प्रकार का लेन-देन नहीं हुआ। हम आपकी सराहना करते हैं। अतीत को भूलकर खुशहाल जीवन बिताइए। इसके बाद अदालत ने अंतिम आदेश पारित करते हुए कहा- उपरोक्त परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, हम अनुच्छेद 142 के तहत अपने विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए दोनों पक्षों के बीच विवाह संबंध को समाप्त करते हैं। यदि पक्षकारों के बीच कोई अन्य कार्यवाही लंबित है, तो वह भी यहीं समाप्त की जाती है। यह निर्णय ऐसे समय आया है जब अक्सर तलाक मामलों में संपत्ति, भरण-पोषण और अन्य आर्थिक दावों को लेकर लंबी कानूनी प्रक्रिया देखने को मिलती है। इस मामले में महिला द्वारा किसी भी दावे से परहेज करना और उपहार वापस करना अदालत के अनुसार असाधारण और सराहनीय कदम है।

न्यू ईयर से पहले बुरी खबर: केंद्रीय कर्मचारियों का DA बढ़ना अब अधर में?

नई दिल्ली  केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को नए साल में अपनी सैलरी में मामूली बढ़ोतरी से ही संतोष करना पड़ सकता है। जनवरी 2026 से लागू होने वाला महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) संशोधन इस बार सिर्फ 2 प्रतिशत बढ़ने की संभावना है। अगर ऐसा हुआ तो केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58% से बढ़कर 60% हो जाएगा। यह पिछले सात वर्षों में सबसे कम बढ़ोतरी होगी। बता दें कि महंगाई भत्ते की गणना औद्योगिक श्रमिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आधार पर होती है। जुलाई 2025 से अक्टूबर 2025 तक सूचकांक लगातार बढ़ा है। यह मुद्रास्फीति के बढ़ने का संकेत है। इसके बावजूद बढ़ोतरी इतनी तेज नहीं है कि भत्ते को 61% तक कर दिया जाए। यह 7वें वेतन आयोग के 10-वर्षीय चक्र से बाहर होने वाला पहला संशोधन होगा। 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रहा है जबकि 8वें वेतन आयोग ने अभी अपना काम शुरू किया है। इसके संदर्भ-शर्तों (ToR) में लागू करने की तारीख का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है। आयोग के पास रिपोर्ट देने के लिए 18 माह हैं और आमतौर पर नई वेतन संरचना लागू होने में रिपोर्ट के बाद 1–2 साल लग जाते हैं। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग के लाभ 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत में मिल सकते हैं। टेंशन में केंद्रीय कर्मचारी कर्मचारियों की बड़ी चिंता यह है कि जनवरी 2026 से नई वेतन संरचना लागू होगी या नहीं क्योंकि सरकार ने संसद में इस पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इस वजह से यह लगभग तय माना जा रहा है कि महंगाई भत्ता मौजूदा संरचना के अनुसार ही अगले कुछ वर्षों तक जारी रहेगा, जब तक 8वां वेतन आयोग पूरी तरह लागू नहीं हो जाता। भत्ते में यह मामूली बढ़ोतरी इसलिए भी अहम है क्योंकि 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर उस समय का DA बेसिक पे में जोड़ा जाता है और DA फिर शून्य से शुरू होता है। यानी जनवरी 2026 से लेकर जुलाई 2027 तक होने वाले चार भत्ता संशोधन सीधे तौर पर नई वेतन संरचना में आपकी बेसिक सैलरी तय करेंगे।