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Flex Fuel वाहनों को मिलेगा बढ़ावा, E85 पेट्रोल लॉन्च को लेकर सरकार की बड़ी तैयारी

  नई दिल्ली पेट्रोल के बढ़ते खर्च से अगर आप भी परेशान रहते हैं, तो आने वाले समय में राहत की खबर मिल सकती है. सरकार अब ऐसे फ्यूल पर बड़ा दांव लगाने जा रही है जो पेट्रोल से काफी सस्ता होगा और देश में पहले से मौजूद इथेनॉल उत्पादन को भी बढ़ावा देगा. बात हो रही है E85 फ्यूल की, जिसमें 85 प्रतिशत तक इथेनॉल मिलाया जाता है. सरकार इसकी कीमत कम रखने, देशभर में फ्यूल स्टेशन बढ़ाने और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को बढ़ावा देने की तैयारी में जुटी है. हीरो की नई फ्लेक्स-फ्यूल बाइक्स और मारुति की फ्लेक्स-फ्यूल वैगनआर इसी बदलाव की शुरुआत मानी जा रही हैं।  दरअसल, केंद्र सरकार E85 फ्यूल को बड़े स्तर पर लागू करने की तैयारी कर रही है. आज मारुति सुजुकी ने अपनी मशहूर फैमिली कार Maruti Wagon R के नए फ्लेक्स फ्यूल (Flex Fuel) वर्जन को पेश किया. इस मौके पर मौजूदा केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि, "E85 फ्यूल सामान्य पेट्रोल के मुकाबले काफी सस्ता होगा. उनका कहना है कि यह फ्यूल केवल उन वाहनों में इस्तेमाल किया जाएगा जो E85 के अनुकूल होंगे. सरकार जल्द ही ऐसी नीतियां लाने पर काम कर रही है जिससे लोगों के लिए इस नए फ्यूल को अपनाना आसान और किफायती बन सके।  पुरी ने कहा कि, "आज देश में तकरीबन 30 करोड़ दोपहिया वाहन और तकरीबन 37 लाख पैसेंजर वाहन मौजूद हैं. जब फ्लेक्स फ्यूल का इस्तेमाल इन वाहनों में बड़े पैमाने पर होगा तो इसका असर भी बड़ा होगा. फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल से देश में एथेनॉल की खपत में बड़ा इजाफा हो सकता है." केंद्रीय मंत्री के अनुसार यदि नए बिकने वाले वाहनों में से 50 प्रतिशत वाहन फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक से लैस हो जाते हैं, तो इथेनॉल की मांग में करीब 400 करोड़ लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है. इससे न केवल वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देश की फ्यूल इंपोर्ट पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी।  E85 फ्यूल क्या है और क्यों है खास? E85 एक विशेष प्रकार का फ्यूल है जिसमें 85 प्रतिशत तक इथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है. यह फ्यूल केवल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों में इस्तेमाल किया जा सकता है, जिन्हें ज्यादा इथेनॉल ब्लेंडिंग पर चलने के लिए डिजाइन किया गया है. सरकार जल्द ही E85 से जुड़े ड्राफ्ट नियम जारी कर सकती है. वहीं सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय पहले ही E85, E100, बायोडीजल और हाइड्रोजन-सीएनजी जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नियमों में बदलाव का प्रस्ताव दे चुका है।  सरकार E85 फ्यूल की उपलब्धता बढ़ाने की भी योजना बना रही है. शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर और मुंबई-पुणे-नागपुर कॉरिडोर में 50 से 100 E85 फ्यूल स्टेशन शुरू किए जाएंगे. इसके बाद इस साल दिसंबर तक इनकी संख्या बढ़ाकर लगभग 500 स्टेशन करने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार की योजना है कि वर्ष 2027 के अंत तक देश के प्रमुख शहरों में करीब 5,000 E85 फ्यूल स्टेशन स्थापित किए जाएं। फलेक्स-फ्यूल वाहनों की एंट्री सरकार की इस पहल के साथ वाहन निर्माता कंपनियां भी फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल लॉन्च करने लगी हैं. हीरो मोटोकॉर्प ने हाल ही में स्प्लेंडर प्लस और एचएफ डीलक्स के फ्लेक्स-फ्यूल वर्जन पेश किए हैं. ये मोटरसाइकिलें E20 से लेकर E85 तक के इथेनॉल बलेंडिंग पर चल सकती हैं. HF Deluxe Flex Fuel की कीमत 72,792 रुपये रखी गई है, जबकि Splendor+ Flex Fuel की कीमत 82,710 रुपये ( एक्स-शोरूम) तय की गई है।  वहीं आज मारुति सुजुकी ने अपनी वैगनआर फ्लेक्स फ्यूल कार को भी पेश किया है. यह देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार मानी जा रही है. कंपनी के 1.2-लीटर K12N पेट्रोल इंजन पर बेस्ड यह कार E20 से E85 तक के इथेनॉल ब्लेंडिंग पर चल सकती है. फिलहाल इसे केवल फ्लीट ऑपरेटरों और ओला-उबर जैसी कैब एग्रीगेटर कंपनियों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. बाद में कंपनी इसे प्राइवेट व्हीकल के तौर पर भी लॉन्च कर सकती है।   

₹2.25 लाख करोड़ की निकासी के बाद सरकार का बड़ा दांव, क्या फिर लौटेंगे विदेशी निवेशक?

 नई दिल्ली भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों के निकलने का सिलसिला लगातार जारी है और FPIs की भारी बिकवाली का दबाव शेयर मार्केट में साफ नजर आ रहा है. इस साल सिर्फ फरवरी महीने को छोड़ दें, तो हर महीने एफपीआई ने बाजार से पैसे निकाले हैं. अब इन निवेशकों की वापसी के लिए मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है, जिससे इन निवेशकों के यू-टर्न (FPIs U-Turn) की उम्मीद जागी है।  दरअसल, विदेशी निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से उठाए गए एक महत्वपूर्ण कदम के तहत मोदी सरकार (Modi Govt) ने भारतीय सरकारी बांडों में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों पर पूंजीगत लाभ कर यानी कैपिटल गेन टैक्स को हटाने का निर्णय लिया है।  मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी सूत्रों के हवाले से ये बात सामने आई है कि कैश फ्लो को बढ़ावा देने, भारतीय करेंसी रुपये (Indian Rupee) को सपोर्ट करने और ईरान संघर्ष के चलते कच्चे तेल की हाई कीमतों के प्रभाव से इकोनॉमी को बचाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों के तहत मोदी कैबिनट ने बुधवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।  इसे सरकार की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. इसका सीधा उद्देश्य विदेशी निवेशकों के लिए टैक्स के जटिल जंजाल को कम करना है ताकि वे अपनी पूंजी भारत से बाहर ले जाने के बजाय यहीं निवेश करने के लिए प्रोत्साहित हों. एक्सपर्ट्स का मानना है कि विदेशी निवेशकों को मिलने वाली इस प्रस्तावित टैक्स राहत से न सिर्फ घरेलू शेयर बाजार में लिक्विडिटी (नकदी) बढ़ेगी, बल्कि रुपये पर बना भारी दबाव भी काफी हद तक कम हो जाएगा।  रिजर्व बैंक भी कर सकता है महत्‍वपूर्ण घोषणा सरकार का यह अध्यादेश भारतीय रिजर्व बैंक के साथ बनाई गई एक संयुक्त और समन्वित रणनीति का हिस्सा है. रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक बुधवार से शुरू हो चुकी है. शुक्रवार को एमपीसी के फैसलों की घोषणा होगी. ऐसा माना जा रहा है कि केंद्रीय बैंक इस अध्यादेश को सपोर्ट करने वाले कुछ और बड़े और महत्वपूर्ण वित्तीय बदलावों का ऐलान भी कर सकता है।  अर्थव्यवस्था को झटकों से बचाने की तैयारी विदेशी निवेशकों को लुभाने और रुपये को मजबूत करने के साथ ही सरकार विभिन्न क्षेत्रों द्वारा उठाई गई चिंताओं को दूर करने के लिए अन्य नीतिगत कदमों पर भी काम कर रही है. विभिन्न उद्योगों और कारोबारों को मंदी से बचाने के लिए सरकार समर्थित क्रेडिट लाइन दी जा सकती है. वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण संकट से जूझ रहे भारतीय निर्यातकों (Exporters) के लिए विशेष राहत पैकेज लाया जा रहा है. कैबिनेट ने आयकर अधिनियम में संशोधन करने के लिए एक अध्यादेश को भी मंजूरी दे दी है, जिससे इन बदलावों को लागू किया जा सके. बता दें कि राष्ट्रपति से अप्रूवल मिलने के बाद यह निर्णय प्रभावी हो जाएगा।  सरकार ने क्यों लिया फैसला?  मोदी सरकार की ओर से यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है, जबकि देश वेस्ट एशिया संघर्ष से विदेशी निवेशकों की रिकॉर्ड बिकवाली से जूझ रहा है. इसके साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट से लेकर बढ़ती ऊर्जा लागत की मार भी पड़ रही है।  सूत्रों के अनुसार, इन सबके बीच सरकार का उद्देश्य भारतीय ऋण बाजारों में अधिक विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करना है, जिससे Iran War के चलते पैदा हुए चुनौतियों का कुछ समाधान किया जा सके. इस कदम के तहत सरकार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) द्वारा भारतीय सरकारी प्रतिभूतियों (G-secs) में किए गए निवेश पर कैपिटल गेन्स टैक्स को पूरी तरह समाप्त करेगी।  अभी कितना लगता है टैक्स?  गौरतलब है कि फिलहाल विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों को 12 महीने से अधिक समय तक रखे गए बॉन्ड और लिस्टेड शेयरों पर 12.5% का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स देना होता है. इसके अलावा, उन्हें सरकारी बॉन्ड से मिले ब्याज पर 20% का विदहोल्डिंग टैक्स भी चुकाना पड़ता है. इस पर पहले मिलने वाली 5% की रियायत को सरकार ने 2023 में समाप्त कर दिया था।  2026 में अब तक ₹2.50 लाख करोड़ निकाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPIs का बीते लंबे समय से भारतीय शेयर बाजार को लेकर मूड खराब है. इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि 2026 में फरवरी महीने को छोड़कर हर महीने बिकवाली हुई है और अब तक करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये निकाले हैं. इस हिसाब ये साल विदेशी निवेश जाने के मामले में अब तक के सबसे खराब सालों में से एक बन गया है। 

किसानों के लिए बड़ी अपडेट, PM Kisan की नई किस्त की तारीख पर आया ताजा संकेत

नई दिल्ली  PM Kisan Yojana 23rd Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त का इंतजार क्या खत्म होने वाला है? ऐसे सवाल इस समय देशभर के करोड़ों किसानों के मन में उठ रहे हैं। अगर आप भी किसान हैं और पीएम किसान योजना की 23वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं, तो यह खबर आपके मतलब की हो सकती है। दरअसल, अब तक पीएम किसान योजना (PM Kisan Yojana) की 22 किस्तें जारी हो चुकी है। हर किस्त के जरिए किसानों के खाते में 2 हजार रुपये की राशि भेजी जाती है। हालांकि, कई बार तकनीकी कारणों से लाखों किसानों की कई किस्तें अटक भी चुकी हैं। लेकिन आगामी किस्त में उन किसानों के खाते में पिछली किस्त का भी पैसा आ जाता है। अगर आपकी भी 22वीं किस्त अटक गई है, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है, 23वीं किस्त में पिछली किस्त का पैसा आ सकता है। आइए जानते हैं कि आखिर 23वीं किस्त का इंतजार कब खत्म होगा? PM Kisan Yojana 23rd Installment: कब खत्म होगा 23वीं किस्त का इंतजार? पीएम किसान योजना की 23वीं किस्त के तहत आखिर किसानों के खाते में 2-2 हजार रुपये कब क्रेडिट होंगे? यह सवाल हर किस्त से पहले होता है कि आखिर पैसा कब आएगा। दरअसल, केंद्र सरकार के तहत आने वाला कृषि मंत्रालय ही इस योजना को देखता है। वही किसानों का डेटा तैयार करता है और किस्त भेजने की पूरी तैयारी करता है। इस समय भारत के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान हैं। वह समय-समय पर अलग-अलग राज्य जाकर किसानों के साथ बातचीत करते हैं। कई तरह के कृषि कार्यक्रमों में भी वो शामिल होते है। इन कार्यक्रमों के जरिए वह किसानों से जुड़ी योजनाओं के बारे में बताते हैं। कई बार पीए किसान योजना का भी जिक्र करते हैं। हालांकि, अभी 23वीं किस्त को लेकर उनकी तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। और ना ही कृषि मंत्रालय की ओर से यह सूचना दी गई है कि 23वीं किस्त का पैसा कब आएगा। लेकिन पीएम किसान योजना के शुरू होने के बाद से ही वित्त वर्ष की पहली किस्त भेजने को जो समय रहा है वह जून-जुलाई का रहा है। यानी हर साल वित्त वर्ष की पहली किस्त फरवरी या मार्च और कैलेंडर वर्ष की दूसरी किस्त जून या जलुाई में जारी होती रही है। अगर थोड़ा लेट हुआ तो यह तारीख अगस्त के पहले या दूसरे सप्ताह तक भी गई है। लेकिन अधिकतर जून और जुलाई में ही आने का ट्रेंड रही है। पिछले साल (2025) 20वीं किस्त 2 अगस्त को जारी हुई थी। उससे पहले 2024 में 17वीं किस्त 18 जून को जारी की गई थी। ऐसे में अगर पिछली तारीखों को देखें तो संभावना है कि पीएम किसान योजना की 23वीं किस्त 18 जून के बाद आ सकती है। यानी किसानों का इंतजार 18 जून के बाद खत्म हो सकता है। हालांकि, किसानों को आधिकारिक सूचना आने तक इंतजार करना चाहिए। कैसे चेक करेंPM Kisan Yojana का ताजा स्टेटस पीएम किसान योजना का ताजा स्टेटस चेक करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें। स्टेप 1: PM-KISAN के आधिकारिक पोर्टल https://pmkisan.gov.in/ पर जाएं। स्टेप 2: होमपेज पर “Know Your Status” (अपनी स्थिति जानें) विकल्प पर क्लिक करें। स्टेप 3: अब, दिए गए फ़ील्ड में अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।  अगर आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर याद नहीं है “Know Your Registration Number” (अपना रजिस्ट्रेशन नंबर जानें) पर क्लिक करें मोबाइल नंबर या आधार कार्ड से खोजें OTP का इस्तेमाल करके वेरीफाई करें, और आप अपना रजिस्ट्रेशन नंबर देख पाएँगे। स्टेप 4: अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP का इस्तेमाल करके अपना वेरिफिकेशन पूरा करें। स्टेप 5: वेरिफिकेशन के बाद, आप स्क्रीन पर अपनी PM-KISAN की जानकारी देख पाएंगे, जिसमें ये शामिल हैं: किसान का नाम रजिस्ट्रेशन की स्थिति eKYC की स्थिति किस्त के भुगतान का इतिहास बैंक खाते की जानकारी लंबित या अस्वीकृत स्थिति (यदि कोई हो)

मानसून ने पकड़ी रफ्तार, देश में बारिश की शुरुआत; यूपी और बिहार के लिए बड़ा अपडेट

तिरुवनन्तपुरम झुलसाती गर्मी, तपती सड़कें और उमस भरी हवाओं के बीच आखिरकार वह खबर आ गई जिसका पूरे देश को इंतजार था. दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में आधिकारिक तौर पर दस्तक दे दी है. इसके साथ ही भारत में बारिश के सबसे बड़े मौसम की शुरुआत हो चुकी है. मौसम विभाग (IMD) की घोषणा के बाद केरल के कई इलाकों में तेज बारिश शुरू हो गई है और आसमान में घने बादलों ने गर्मी की तपिश को काफी हद तक कम कर दिया है. हर साल की तरह इस बार भी मानसून की एंट्री सिर्फ मौसम की खबर नहीं है, बल्कि करोड़ों किसानों, व्यापारियों और आम लोगों के लिए राहत और उम्मीद का संकेत है. खेतों से लेकर शहरों तक अब नजरें बारिश के अगले दौर पर टिक गई हैं. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और देश के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लेगा. ऐसे में अब छाता और रेनकोट निकालने का वक्त आ गया है।  IMD ने गुरुवार को पुष्टि की कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में आधिकारिक रूप से प्रवेश कर लिया है. इसके साथ ही लक्षद्वीप और तटीय इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं. मौसम विभाग ने 4 जून से 9 जून के बीच केरल में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. कई जगहों पर 7 सेंटीमीटर से 20 सेंटीमीटर तक बारिश होने की संभावना जताई गई है. IMD के मुताबिक, तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम और त्रिशूर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. विभाग ने कहा है कि इन इलाकों में तेज बारिश के साथ जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।  मानसून की एंट्री के साथ बदला मौसम का मिजाज     केरल में मानसून की एंट्री के बाद मौसम पूरी तरह बदल गया है. कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर केरल के कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में भी भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है. जैसे-जैसे मानसून मजबूत होगा, वैसे-वैसे बारिश का दायरा बढ़ता जाएगा।      IMD ने अपने बयान में कहा कि ‘दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में प्रवेश कर चुका है और अगले कुछ दिनों में इसके तेजी से आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं.’ विभाग के मुताबिक, अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी मानसून सक्रिय हो रहा है।      मानसून की यह शुरुआत देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद अहम मानी जाती है. भारत की लगभग आधी आबादी किसी न किसी रूप में खेती पर निर्भर है. कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश की करीब 51 प्रतिशत खेती बारिश पर आधारित है. ऐसे में मानसून अच्छा रहने का मतलब है बेहतर फसल, मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बाजार में सकारात्मक असर।      पिछले कुछ दिनों से मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी मानी जा रही थी. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी प्रशांत महासागर में विकसित हो रहे एक टाइफून और लक्षद्वीप के पास बने चक्रवाती परिसंचरण की वजह से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी खिंच गई थी. इसी कारण मानसून की शुरुआती प्रगति कमजोर पड़ी. हालांकि अब परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं और मानसून तेजी पकड़ रहा है।  UP-बिहार में कब आएगा मानसून? मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक 12 से 15 जून के बीच हो सकती है, हालांकि राज्य के कुछ इलाकों में यह थोड़ा पहले भी पहुंच सकता है. मानसून के पूरे बिहार में सक्रिय होने में इसके बाद करीब 2 से 3 दिन का समय लग सकता है. वहीं उत्तर प्रदेश में मानसून चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा।   पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून 15 से 20 जून के बीच पहुंचने की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसकी एंट्री 20 से 25 जून तक हो सकती है. मानसून के पहुंचने के साथ दोनों राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होने और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।  कई राज्यों में आंधी-तूफान और तेज बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने सिर्फ केरल ही नहीं बल्कि देश के कई हिस्सों के लिए भी अलर्ट जारी किया है. IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. कई जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।  विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के आगे बढ़ने के साथ दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।  मौसम विभाग ने सिर्फ केरल ही नहीं बल्कि देश के कई हिस्सों के लिए भी अलर्ट जारी किया है।  किसानों और आम लोगों के लिए क्यों अहम है मानसून? भारत में मानसून सिर्फ मौसम नहीं बल्कि अर्थव्यवस्था की धड़कन माना जाता है. अच्छी बारिश होने पर खेती बेहतर होती है, जलाशयों में पानी भरता है और बिजली उत्पादन पर भी सकारात्मक असर पड़ता है. ग्रामीण बाजारों में मांग बढ़ती है और इसका असर पूरे आर्थिक ढांचे पर दिखाई देता है।  यही वजह है कि हर साल मानसून की एंट्री पर पूरे देश की नजर रहती है. इस बार भी मानसून की शुरुआत को राहत भरी खबर माना जा रहा है. हालांकि मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की भी सलाह दी है क्योंकि भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।  आने वाले दिनों में तेजी से आगे बढ़ेगा मानसून मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अब मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और जुलाई के मध्य तक देश के ज्यादातर हिस्सों को कवर कर लेगा. अगले कुछ दिनों में कर्नाटक, तमिलनाडु, गोवा और महाराष्ट्र के कई इलाकों में भी तेज बारिश शुरू हो सकती है. फिलहाल केरल में मानसून की धमाकेदार एंट्री ने गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत दी है. अब पूरे देश की नजर इस बात पर है कि मानसून की रफ्तार आगे कैसी … Read more

ममता बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें, विवादित बयान को लेकर सिलीगुड़ी में मामला दर्ज

सिलीगुड़ी  पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। कोलकाता में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान बांग्लादेश के एक हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में केंद्रीय गृह मंत्रालय और गृह मंत्री अमित शाह का नाम घसीटने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह शिकायत सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक वकील द्वारा दर्ज कराई गई है। क्या है पूरा मामला और ममता बनर्जी का दावा? यह विवाद 2 जून 2026 को कोलकाता के धर्मतला (Y-चैनल) में टीएमसी के एक धरना प्रदर्शन के दौरान शुरू हुआ। अपने भाषण में ममता बनर्जी ने दावा किया कि उन्हें बांग्लादेश में हुई एक 'बड़ी हत्या' के पीछे की पूरी साजिश और लोगों के नामों की जानकारी है, लेकिन वह उनका खुलासा नहीं करेंगी क्योंकि इससे पड़ोसी देश में उथल-पुथल मच सकती है। क्या बोलीं थी ममता बनर्जी सभा में ममता बनर्जी ने बांग्लादेश में हुए विवादित ओसमान हादी हत्याकांड का जिक्र किया. नाम लिये बिना ममता बनर्जी बोलीं “बांग्लादेश से एक बड़ा खूनी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था, जिसे लेकर बांग्लादेश में बड़ा बवाल हुआ. मैं दूसरे देश की बात नहीं कर रही. मैं जो पॉइंट बता रही हूं, वो मेघालय से बंगाल आते हैं. यहां आने पर हमारी एसटीएफ पकड़ती है. होम मिनिस्टर खुद कह रहे हैं… इतने दिन नहीं बोली, आज अत्याचार की सीमा पार कर गया इसलिए बोल रही हूं. उन्होंने कहा… आप बंगाल पुलिस को कह दीजिए ये बात बाहर न जाये. ये देश के लिए है. किससे मर्डर करवाया था, किन-किन के नाम आये थे… मैं सब जानती हूं।  विवाद की वजह दरअसल, दिसंबर में बांग्लादेश में ओसमान हादी की हत्या हुई थी. जनवरी में हत्यारे मेघालय बॉर्डर से बंगाल आये तो एसटीएफ ने दो को पकड़ा. ममता ने सभा में इसी केस को लेकर गृह मंत्रालय पर इशारों में टिप्पणी की. गत जनवरी में मेघालय की सीमा पार कर इस राज्य में आते सम ही बंगाल एसटीएफ ने दो लोगों को गिरफ्तार किया।  एफआईआर में क्या आरोप है शिकायत में कहा गया कि ममता ने देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामले पर सार्वजनिक मंच से बयान दिया. गृहमंत्री का हवाला देकर उकसाने वाली बात कही. इसे ‘देशविरोधी’ बताते हुए सिलीगुड़ी साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज हुआ है. तृणमूल का कहना है कि ममता ने सच बोला है, वहीं भाजपा इसे ‘राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़’ बता रही है।  कौन थे ओसमान हादी ओसमान हादी (शरीफ़ उस्मान हादी) बांग्लादेश के एक युवा नेता और लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता थे. जुलाई 2024 में शेख हसीना सरकार के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन और ‘इंकलाब मंच’ से जुड़े थे. 12 दिसंबर 2025 को ढाका में चुनावी प्रचार के दौरान नकाबपोश हमलावरों ने उनके सिर में गोली मार दी थी. इसके बाद 18 दिसंबर 2025 को सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गयी थी। उनका इशारा स्पष्ट रूप से बांग्लादेशी छात्र नेता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या की ओर था। ममता बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब मार्च 2026 में पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने इस हत्याकांड के संदिग्धों को राज्य से गिरफ्तार किया था, तब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन किया था। ममता का दावा है कि अमित शाह ने "राष्ट्रीय हित" का हवाला देते हुए उनसे इस गिरफ्तारी की खबर को दबाने और बाहर न आने देने के लिए कहा था। रिंकी सेन चटर्जी ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए ममता बनर्जी चाहतीं तो इस मामले को सीधे गृह मंत्रालय के समक्ष उठा सकती थीं। उनका आरोप है कि अब वह यह दावा कर रही हैं कि बांग्लादेश में हुई हत्या गृह मंत्रालय के निर्देश पर कराई गई थी। ममता के बयान कट्टरपंथी तत्वों को प्रोत्साहित करने वाले हैं शिकायतकर्ता के अनुसार, इस तरह के आरोप भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव बढ़ा सकते हैं तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसे बयान बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संवैधानिक पद पर रहते हुए ममता बनर्जी ने देश की गोपनीयता और हितों की रक्षा की शपथ ली थी, लेकिन पद छोड़ने के बाद उनके बयान कट्टरपंथी तत्वों को प्रोत्साहित करने वाले हैं। FIR में क्या आरोप लगाए गए हैं? ममता बनर्जी के इस सनसनीखेज दावे के बाद, सिलीगुड़ी की वकील रिंकी चटर्जी सिंह ने उनके खिलाफ सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में आपराधिक मामला दर्ज कराया है। शिकायत के अनुसार, एक पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा बिना सबूत के केंद्रीय गृह मंत्रालय पर ऐसे गंभीर आरोप लगाना जनता में भ्रम और सामाजिक अशांति पैदा करने का प्रयास है। इस तरह की बयानबाजी भारत और बांग्लादेश के संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय और कूटनीतिक संबंधों को नुकसान पहुंचा सकती है। बयान को असंवैधानिक और भड़काऊ बताते हुए कहा गया है कि यह राजनीतिक फायदे के लिए गढ़ा गया नैरेटिव है।

अल्मोड़ा नहीं पहुंच सके राहुल गांधी, हेलीकॉप्टर उतारना पड़ा; मोबाइल से किया संबोधन

पंतनगर  आज गुरुवार से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा शुरू हुआ है. उत्तराखंड पहुंचते ही राहुल गांधी को मौसम के बिगड़े मूड से जूझना पड़ा. दिल्ली से उड़ा राहुल गांधी का विमान अल्मोड़ा पहुंचने वाला था कि वहां मौसम खराब हो गया. इसके बाद उनके विमान को वापस लौटकर पंतनगर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।  राहुल गांधी के विमान की पंतनगर में इमरजेंसी लैंडिग: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर पहुंच गए हैं. राहुल गांधी के दौरे पर थोड़ी देर के लिए मौसम ने अड़ंगा डाला. राहुल का विमान दिल्ली से अल्मोड़ा के लिए उड़ा था. अल्मोड़ा में मौसम खराब होने के कारण विमान को वापस लाया गया और पंतनगर एयरपोर्ट पर उसकी इमरजेंसी लैंडिंग हुई. इसका फायदा स्थानीय नेताओं को हुआ।  राहुल गांधी के हेलीकॉप्टर की खराब मौसम के कारण पंतनगर में लैंडिंग करानी पड़ी  कांग्रेस नेताओं ने किया राहुल गांधी का स्वागत: पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे राहुल गांधी का कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जोरदार स्वागत किया. एयरपोर्ट पर किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा और महानगर अध्यक्ष ममता रानी ने उन्हें बुके भेंट कर स्वागत किया. इसके बाद राहुल गांधी अल्मोड़ा नहीं जा सके. उन्हें पूर्व सैनिकों के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में हिस्सा लेना था।  राहुल गांधी दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर हैं: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी गुरुवार को अपने दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे के तहत पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे. दिल्ली से विशेष विमान के माध्यम से पहुंचे राहुल गांधी का एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया. उनके आगमन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।  कांग्रेस नेताओं ने किया राहुल गांधी का स्वागत: पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे राहुल गांधी का कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जोरदार स्वागत किया. एयरपोर्ट पर किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा और महानगर अध्यक्ष ममता रानी ने उन्हें बुके भेंट कर स्वागत किया. इसके बाद राहुल गांधी अल्मोड़ा नहीं जा सके. उन्हें पूर्व सैनिकों के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में हिस्सा लेना था।  राहुल गांधी दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर हैं: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी गुरुवार को अपने दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे के तहत पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे. दिल्ली से विशेष विमान के माध्यम से पहुंचे राहुल गांधी का एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया. उनके आगमन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।  दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे राहुल गांधी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल के समर्थन में नारे लगाए: पंतनगर एयरपोर्ट पर किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा और महानगर अध्यक्ष ममता रानी ने राहुल गांधी को बुके भेंट कर उनका स्वागत किया. इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, जिन्होंने राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए और उनका अभिवादन किया।  पंतनगर से मोबाइल से किया संबोधन: स्वागत कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी ने अल्मोड़ा में आयोजित पूर्व सैनिकों के एक विशेष कार्यक्रम को मोबाइल से ही संबोधित किया. राहुल गांधी पूर्व सैनिकों से पंतनगर से ही मोबाइल पर संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना. माना जा रहा है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से कांग्रेस पूर्व सैनिक समुदाय के साथ अपने संवाद को और मजबूत करने का प्रयास करेगी।  राहुल का दौरा राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण: राहुल गांधी का यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. उत्तराखंड में आगामी राजनीतिक गतिविधियों और संगठनात्मक मजबूती के मद्देनजर कांग्रेस नेतृत्व लगातार राज्य में सक्रिय नजर आ रहा है. राहुल गांधी के इस दौरे को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।  दो दिन का है राहुल का दौरा: दो दिन के इस प्रवास के दौरान राहुल गांधी विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ-साथ पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात कर सकते हैं. उनके दौरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और पार्टी इसे संगठन को मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रही है। 

देश ने खोया संवैधानिक मामलों का बड़ा विद्वान, डॉ. सुभाष कश्यप नहीं रहे

नई दिल्ली देश के जाने-माने संविधान विशेषज्ञ और पूर्व लोकसभा महासचिव डॉ. सुभाष सी. कश्यप का निधन हो गया है। अपने निवास स्थान पर उन्होंने 97 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। जानकारी के अनुसार डॉ. सुभाष कश्यप का निधन कार्डियो-पल्मोनरी अरेस्ट (हृदय और फेफड़ों की गति रुक जाने) के कारण हुआ है।  नेहरू के दौर से नौवीं लोकसभा तक डॉ. सुभाष सी. कश्यप का संसदीय करियर अपने आप में एक जीवंत इतिहास रहा है। उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल वाली पहली लोकसभा से लेकर नौवीं लोकसभा तक, कुल 37 वर्षों से भी अधिक समय तक भारतीय संसद की अनवरत और निष्पक्ष सेवा की। इस सुदीर्घ सेवाकाल के दौरान उन्होंने न केवल विधायी प्रक्रियाओं का संचालन किया, बल्कि देश के कई ऐतिहासिक फैसलों और कानून निर्माण की प्रक्रियाओं के वे प्रत्यक्ष गवाह भी रहे। उनके इस अद्वितीय अनुभव और ज्ञान के कारण देश के शीर्ष राजनेता और कानूनविद समय-समय पर संवैधानिक संकटों के समाधान के लिए उनका मार्गदर्शन प्राप्त करते थे। क्रांतिकारी छात्र जीवन और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी डॉ. कश्यप का जन्म वर्ष 1929 में तत्कालीन संयुक्त प्रांत (जो वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश के नाम से जाना जाता है) के बिजनौर जिले के चांदपुर नामक स्थान पर एक प्रतिष्ठित स्वतंत्रता सेनानी परिवार में हुआ था। देशभक्ति के माहौल में पले-बढ़े होने के कारण उनके भीतर बचपन से ही राष्ट्र सेवा का जज्बा कूट-कूट कर भरा था। यही वजह रही कि उन्होंने अपनी किशोरावस्था में ही भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेना शुरू कर दिया था। अपने छात्र जीवन के दौरान उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ पहले बिजनौर और बाद में मेरठ में कई बड़े और ऐतिहासिक छात्र आंदोलनों का अत्यंत कुशलतापूर्वक नेतृत्व किया था। कालजयी कृतियों के रचनाकार एक प्रशासनिक अधिकारी और स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ-साथ डॉ. सुभाष सी. कश्यप एक अत्यंत प्रखर लेखक, विचारक और शिक्षक भी थे। उन्होंने संविधान, संसद और राजनीतिक व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर शोध करते हुए 100 से अधिक प्रामाणिक पुस्तकों की रचना की। उनकी लिखी पुस्तकें आज भी देश-विदेश के विश्वविद्यालयों में राजनीति विज्ञान और कानून के विद्यार्थियों के लिए संदर्भ ग्रंथ का काम करती हैं। उनकी सबसे प्रसिद्ध और कालजयी कृतियों में ‘आवर पार्लियामेंट’ (हमारी संसद) और ‘आवर कॉन्स्टिट्यूशन’ (हमारा संविधान) जैसी पुस्तकें शामिल हैं, जिन्होंने आम नागरिकों तक भी देश की जटिल संवैधानिक व्यवस्था को बेहद सरल भाषा में पहुंचाने का अद्भुत कार्य किया। पद्म भूषण से सम्मानित और राष्ट्र के प्रति उनका अमर योगदान भारतीय संविधान, विधायी प्रक्रियाओं और संसदीय लोकतंत्र के विकास में दिए गए उनके असाधारण, अतुलनीय और जीवनपर्यंत योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से नवाजा था। डॉ. कश्यप का पूरा जीवन देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को सहेजने और उन्हें मजबूत करने के प्रति समर्पित रहा। उनका निधन देश के बौद्धिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। वे भले ही आज हमारे बीच भौतिक रूप से मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनकी लिखी पुस्तकें, उनके विचार और संसदीय प्रक्रियाओं में किए गए उनके सुधार हमेशा भारतीय लोकतंत्र और आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

दिल्ली में चिराग पासवान से मिली MP लोजपा टीम, संगठन विस्तार और मजबूती पर हुई चर्चा

दिल्ली में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से मिली मध्य प्रदेश लोजपा की टीम; प्रदेश में संगठन विस्तार और जमीनी मजबूती पर हुई सार्थक चर्चा ​नई दिल्ली  केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान से दिल्ली स्थित पंचशील भवन में मध्य प्रदेश लोजपा (रामविलास) युवा के पदाधिकारियों एवं युवा मोर्चा के जुझारू कार्यकर्ताओं ने शिष्टमंडल के रूप में भेंट की। इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य रूप से मध्य प्रदेश में पार्टी के संगठन विस्तार, आगामी सांगठनिक कार्यक्रमों की रूपरेखा और जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को और अधिक मजबूत बनाने को लेकर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं के समर्पण की सराहना और संगठन विस्तार का मंत्र ​बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मध्य प्रदेश से आए युवा नेताओं और कार्यकर्ताओं के जोश, कर्मठता और युवा लोजपा (रामविलास) के नीति-निर्देशों के अनुरूप किए जा रहे कार्यों की जमकर सराहना की। आगामी रणनीतियों और सदस्यता अभियान पर विमर्श दिल्ली में लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ​से मुलाकात के दौरान मध्य प्रदेश में पार्टी को एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करने के लिए नए सदस्यों और ऊर्जावान पदाधिकारियों को जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। आगामी दिनों में राज्य में चलाए जाने वाले विभिन्न राजनैतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी केंद्रीय अध्यक्ष के साथ गंभीर मंथन हुआ, जिस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपनी सहमति और मार्गदर्शन प्रदान किया। बैठक में यह प्रमुख पदाधिकारी रहे उपस्थित ​इस महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक में मध्य प्रदेश युवा लोजपा (रामविलास) की ओर से मुख्य रूप से प्रदेश प्रधान महासचिव सावन जायसवाल, प्रदेश मीडिया प्रभारी आदित्य शंकर तिवारी, प्रदेश महासचिव निशिता सिंह एससी/एसटी मोर्चा के अध्यक्ष अरविन्द रत्नाकर प्रदेश महासचिव एवं चंबल प्रभारी नीतेश राय के साथ पार्टी के अन्य पदाधिकारी शामिल हुए l

बंगाल में NIA का ताबड़तोड़ एक्शन, बम धमाके की जांच में 9 स्थानों पर रेड

कलकत्ता पश्चिम बंगाल के भांगर में चुनावी हिंसा के दौरान हुए विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ा एक्शन लिया है. NIA की टीम ने आज पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक शौकत मुल्ला (Shaukat Mollah) के आवास पर छापेमारी की है।  सूत्रों के अनुसार, विस्फोट की घटना के पीछे छिपे पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए एनआईए एक साथ 9 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. संदिग्धों के घरों और ठिकानों को खंगालकर ब्लास्ट से जुड़े नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है. 19 मार्च को भांगर इलाके में हुए बम विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. जांच एजेंसी इस घटना को चुनावी हिंसा से जोड़कर देख रही है।  इसी क्रम में NIA ने आज शौकत मुल्ला के घर पर छापेमारी की है. इस छापेमारी के दौरान NIA की टीमें मौके से महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्स और डिजिटल सबूतों को खंगालने में जुटी हुई हैं. अधिकारियों को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से भांगर ब्लास्ट केस में बहुत जल्द कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।  इस बड़ी कार्रवाई के बीच शौकत मोल्लाह की पत्नी सायरा बानू मोल्लाह का भी बयान सामने आया है. उनका कहना है कि उन्हें एनआईए द्वारा बुलाया गया था, इसके अलावा उन्हें कोई और जानकारी नहीं दी गई।  दरअसल, 19 मार्च को भांगर में हुए विस्फोट की घटना चुनावी हिंसा के दौरान हुई थी. इस ब्लास्ट में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई अन्य लोग घायल भी हुए थे. NIA ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और इसमें चुनावी हिंसा व विस्फोट के बीच संभावित कनेक्शन की गहन छानबीन कर रही है।  NIA की इस कार्रवाई से पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मच गई है. शौकत मुल्ला TMC के पूर्व विधायक हैं और भांगर इलाका लंबे वक्त से राजनीतिक हिंसा के लिए जाना जाता रहा है। 

केरल पहुंचने वाला है मॉनसून, कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी

नई दिल्ली भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जानकारी दी है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरल में 4 जून 2026 के आसपास दस्तक दे सकता है. इसके साथ ही अगले 5-7 दिनों में राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश (7-20 सेंटीमीटर) की संभावना जताई गई है. IMD ने कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।  मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून के आगमन के साथ केरल में व्यापक बारिश होने वाली है. मलप्पुरम, कोझीकोड और वयनाड जिलों में ऑरेंज अलर्ट जबकि बाकी 11 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया. इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।  मौसम विभाग ने लिए केरल के चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. जबकि गुरुवार को आठ जिलों में और शुक्रवार को सात जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है. वहीं, बाकी जिलों में इन दिनों येलो अलर्ट रहेगा।  IMD ने 6 जून तक पूरे राज्य में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी है. तिरुवनंतपुरम और कोल्लम को छोड़कर लगभग सभी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।  पड़ोसी राज्यों पर भी असर केरल के अलावा तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी अगले 6-7 दिनों तक भारी बारिश की संभावना है. IMD ने इन राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान लगाया है. मॉनसून की इस शुरुआती दस्तक से केरल के कृषि क्षेत्र को फायदा होने की उम्मीद है।