samacharsecretary.com

यूपी और झारखंड के यात्रियों के लिए खुशखबरी, रेलवे ने शुरू की अजमेर-रांची स्पेशल ट्रेन

लखनऊ  त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है. इसे देखते हुए रेलवे अलग-अलग रूट पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रहा है. इसी कड़ी में अजमेर-रांची-अजमेर के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया गया है. ये ट्रेन यूपी से होकर गुजरेगी तो यूपी के लोगों को भी सीधा फायदा पहुंचाएगी.  उत्तर पश्चिम रेलवे की ओर से चलाई जाने वाली ट्रेन नंबर 09619/09620 अजमेर-रांची-अजमेर साप्ताहिक स्पेशल के संचालन से राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और झारखंड के बीच सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी.  ट्रेन पश्चिम मध्य रेलवे के 10 स्टेशनों पर ठहरेगी. त्योहारों के समय टिकट मिलना यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है. ऐसे में इस स्पेशल ट्रेन के संचालन से यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा. अब जानते हैं कि ट्रेन कब से चलेगी, कितने फेरे लगाएगी और रास्ते में कहां-कहां रुकेगी. अजमेर से रांची जाने वाली ट्रेन कब चलेगी? ट्रेन नंबर 09619 अजमेर-रांची साप्ताहिक स्पेशल 2 अक्टूबर 2026 से 27 नवंबर 2026 तक चलेगी. ट्रेन हर शुक्रवार रात 11:05 बजे अजमेर स्टेशन से रवाना होगी. रास्ते में पश्चिम मध्य रेलवे के कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकने के बाद ट्रेन तीसरे दिन रविवार सुबह 7:30 बजे रांची स्टेशन पहुंचेगी. इस दिशा में ट्रेन के कुल 9 फेरे होंगे. इन 10 स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन अजमेर से रांची जाते समय ट्रेन पश्चिम मध्य रेलवे के इन 10 स्टेशनों पर ठहरेगी:     सवाई माधोपुर: 03:40 से 04:00 बजे     सोगरिया: 05:25 से 05:35 बजे     बारां: 06:18 से 06:20 बजे     छाबड़ा गुगोर: 07:08 से 07:10 बजे     रूठियाई जंक्शन: 08:40 से 08:42 बजे     गुना: 09:10 से 09:20 बजे     सागर: 12:50 से 12:55 बजे     दमोह: 13:52 से 13:54 बजे     कटनी मुड़वारा: 15:40 से 15:50 बजे     ब्योहारी: 17:35 से 17:40 बजे रांची से अजमेर वापसी कब होगी? वापसी में ट्रेन नंबर 09620 रांची-अजमेर साप्ताहिक स्पेशल 4 अक्टूबर 2026 से 29 नवंबर 2026 तक चलेगी. ट्रेन हर रविवार सुबह 10:50 बजे रांची से रवाना होगी. रांची से चलने के बाद ट्रेन ब्योहारी, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, गुना, रूठियाई जंक्शन, छाबड़ा गुगोर, बारां, सोगरिया और सवाई माधोपुर समेत पश्चिम मध्य रेलवे के 10 स्टेशनों पर रुकेगी. इसके बाद ट्रेन तीसरे दिन सोमवार शाम 6:35 बजे अजमेर स्टेशन पहुंचेगी. वापसी दिशा में भी ट्रेन के 9 फेरे होंगे. रास्ते में इन स्टेशनों पर भी होगा ठहराव अजमेर और रांची के बीच इस स्पेशल ट्रेन का ठहराव सिर्फ पश्चिम मध्य रेलवे के 10 स्टेशनों तक सीमित नहीं है. ट्रेन के पूरे रूट पर किशनगढ़, जयपुर जंक्शन, दुर्गापुरा, सवाई माधोपुर, सोगरिया, बारां, छाबड़ा गुगोर, रूठियाई जंक्शन, गुना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, ब्योहारी, सिंगरौली, ओबरा डैम, चोपन, रेनुकूट, गढ़वा रोड जंक्शन, डाल्टनगंज, बरवाडीह जंक्शन, लातेहार, टोरी, लोहरदगा और पिस्का स्टेशन शामिल हैं. त्योहारों में यात्रियों को मिलेगी राहत त्योहारी सीजन में ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे की स्पेशल ट्रेन यात्रियों के लिए राहत वाली खबर है. खासकर उन यात्रियों को इसका फायदा मिल सकता है जिन्हें नियमित ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलने में परेशानी हो रही है. पश्चिम मध्य रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि त्योहारों के दौरान बढ़ती यात्री मांग को देखते हुए इस पूज स्पेशल ट्रेन का लाभ उठाएं और अपनी यात्रा को सुविधाजनक और सुरक्षित बनाएं.      

गांव से ग्लोबल बाजार तक यूपी की दीदियों की उड़ान, 3 हजार से अधिक उत्पादों को मिलेगा नया बाजार

अब ग्लोबल मार्केट में दिग्गज कंपनियों को टक्कर देंगी यूपी की दीदियां अब गांव से दुनिया के बाजार तक पहुंचेंगे तीन हजार से अधिक उत्पाद ओएनडीसी, ई-सरस, प्रेरणा मार्ट, मीशो, अमेजन और फ्लिपकार्ट के जरिए मंगा सकेंगे स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद योगी सरकार में दीदियों को अब मिलेगी ब्रांडिंग, बिक्री और डिजिटल बाजार की ताकत 543 प्रेरणा सरस स्टोर और स्थानीय उत्पादों के लिए ऑनलाइन-ऑफलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म तैयार लखनऊ  प्रदेश की महिलाएं अब ग्लोबल मार्केट में दिग्गज कंपनियों को टक्कर देंगी। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने के लिए 543 प्रेरणा सरस स्टोर स्थापित किए गए हैं। वहीं 3,000 से अधिक उत्पादों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं। इससे ग्रामीण उत्पादों को ब्रांडिंग, बिक्री और डिजिटल बाजार की ताकत देने का रास्ता खुला है। अब स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद ओएनडीसी, ई-सरस, प्रेरणा मार्ट, मीशो, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए बड़े बाजार तक पहुंच सकेंगे। जनपद और ब्लॉक स्तर पर स्थापित प्रेरणा सरस स्टोर जहां स्थानीय उत्पादों को व्यवस्थित बिक्री मंच दे रहे हैं, वहीं डिजिटल प्लेटफॉर्म उनकी पहुंच गांव और जिले से बाहर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक बढ़ाने का माध्यम बन रहे हैं। छोटे उद्यमों का विस्तार करने का अवसर मिलेगा : अरुण कुमार स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए उत्पादन के बाद बाजार तक पहुंच उनकी उद्यमिता की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। योगी सरकार ने इस कड़ी को मजबूत करने के लिए स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और बिक्री का नेटवर्क तैयार किया है। इससे समूहों को केवल उत्पाद तैयार करने के बजाय बाजार की मांग समझकर अपने छोटे उद्यमों का विस्तार करने का अवसर मिलेगा। ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार के अनुसार, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को केवल बचत और ऋण तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर है। उत्पादन के साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार से जुड़ाव बढ़ने से ग्रामीण महिलाओं के छोटे उद्यमों को विस्तार का अवसर मिल रहा है। स्थानीय उत्पादों को दूर बैठे ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा डिजिटल बाजार की दिशा में बिजनौर राज्य एग्रीगेशन सेंटर के माध्यम से ऑनलाइन विपणन कार्य शुरू किया जा चुका है। अलग-अलग समूहों के उत्पादों को एक मंच पर लाकर उनकी बिक्री और बाजार तक पहुंच को व्यवस्थित करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्थानीय उत्पादों को दूर बैठे ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। खासकर किसी जिले या क्षेत्र विशेष की पहचान वाले उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में यह व्यवस्था मददगार होगी। बाजार से जुड़ाव से बनेगी ब्रांड वैल्यू स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए बाजार तक पहुंच सिर्फ बिक्री बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि उत्पाद की पहचान और ब्रांड वैल्यू बनाने का अवसर भी है। प्रेरणा सरस स्टोर और ऑनलाइन-ऑफलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए उत्पादन से आगे बढ़कर ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर जोर दिया जा रहा है। मिशन निदेशक अरुण कुमार के मुताबिक, बाजार से जुड़ाव महिलाओं को अपने उत्पादों की मांग समझने और उसी के अनुरूप उत्पादन व विपणन की दिशा तय करने का अवसर देता है। इससे समूहों की गतिविधियां केवल आजीविका तक सीमित न रहकर छोटे उद्यमों का रूप ले सकती हैं। लोकल हुनर की ग्लोबल उड़ान 3,000 से अधिक उत्पादों के लिए 543 प्रेरणा सरस स्टोर, मार्केटिंग प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन विपणन ग्रामीण महिला उद्यमिता के बदलते स्वरूप की तस्वीर पेश करते हैं। गांव में तैयार उत्पाद अब गांव में ही बिकने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्टोर से डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्थानीय बाजार से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचेंगे। यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश की ग्रामीण ‘दीदियों’ के स्थानीय हुनर को बाजार, पहचान और ब्रांड वैल्यू देने के साथ उन्हें लोकल से ग्लोबल कारोबार की दिशा में आगे बढ़ाने का नया रास्ता तैयार कर रही है।

कोर्ट ने विवाह पंजीकरण अधिकारियों को निर्देश दिया कि शादी का रजिस्ट्रेशन करने से पहले उम्र की जांच करें

प्रयागराज इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में नाबालिगों की शादी का रजिस्ट्रेशन होने पर गहरी चिंता जताई है। अदालत ने राज्य के सभी विवाह पंजीकरण अधिकारियों को निर्देश दिया कि शादी का रजिस्ट्रेशन करने से पहले दूल्हा और दुल्हन की उम्र की जांच की जाए। यह निर्देश गाजियाबाद में नाबालिग लड़की की शादी का रजिस्ट्रेशन होने के मामले की सुनवाई के दौरान दिया गया। जस्टिस तेज प्रताप तिवारी ने कहा कि नाबालिगों की शादी के रजिस्ट्रेशन के मामले सिर्फ कभी-कभार सामने नहीं आ रहे हैं, बल्कि ऐसे कई मामले देखने को मिले हैं। हाई कोर्ट ने साफ किया कि शादी के दिन अगर दूल्हा या दुल्हन में से कोई भी कानून के मुताबिक नाबालिग है, तो उस शादी का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जा सकता। इसके लिए अधिकारियों को दोनों की उम्र की जांच भरोसेमंद दस्तावेजों और तय प्रक्रिया के तहत करनी होगी। बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत 18 साल से कम उम्र की लड़की और 21 साल से कम उम्र का लड़का नाबालिग माना जाता है। हाई कोर्ट का सख्त निर्देश अदालत ने कहा कि अगर दस्तावेजों से पता चलता है कि दोनों में से कोई तय उम्र से कम है, तो आवेदन को सामान्य रजिस्ट्रेशन की तरह नहीं लिया जाए। ऐसे मामले की जानकारी तुरंत बाल विवाह निषेध अधिकारी और संबंधित जिले के सक्षम अधिकारी को दी जाए, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। मामला उस समय सामने आया जब एक व्यक्ति ने पॉक्सो कानून के तहत दर्ज मामले में हाई कोर्ट का रुख किया। आरोपी के वकील ने दावा किया कि लड़की बालिग थी और उसने अपनी मर्जी से शादी की थी। शादी के बाद उसका रजिस्ट्रेशन भी हुआ और प्रमाणपत्र जारी किया गया। राज्य सरकार की ओर से इस मामले में कहा गया कि ट्रायल कोर्ट लड़की को नाबालिग मान चुका है। सरकार ने यह भी कहा कि उम्र छिपाकर हासिल किए गए शादी के प्रमाणपत्र से लड़की के बालिग होने की पुष्टि नहीं होती। हाई कोर्ट ने संबंधित विवाह पंजीकरण अधिकारी को तलब कर पूछा कि नाबालिग लड़की की शादी का रजिस्ट्रेशन कैसे हुआ। अधिकारी ने कहा कि उसने पिछले प्रभारी अधिकारी से कार्यभार संभाला था और उसे इस रजिस्ट्रेशन की जानकारी नहीं थी। कोर्ट ने इस जवाब को गंभीर चिंता का विषय बताया। अदालत ने कहा कि विभागीय निर्देशों में पहले से ही दूल्हा-दुल्हन की जन्मतिथि की जांच जरूरी है।

पिछली सरकारों के दौर के गुंडाराज पर निशाना साधते हुए योगी सरकार की कानून-व्यवस्था की सराहना की

लखनऊ  यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए न्यायिक व्यवस्था और प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बड़ा बयान दिया। नए भवन की चाभी सौंपे जाने के अवसर पर डिप्टी सीएम ने अधिवक्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट का गौरवशाली इतिहास पूरे देश की न्यायिक परंपरा की अमूल्य धरोहर है। प्रयागराज एक ओर आस्था का संगम है, तो दूसरी ओर न्याय की समृद्ध परंपरा का प्रतीक। राजनीतिक संदर्भ जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि हर पांच वर्ष में जनता की अदालत में जाते हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा, ‘आप सबका मुकदमा लड़ते हैं, हम 2027 का मुकदमा आपकी अदालत में छोड़कर जा रहे हैं। हमें पूरा भरोसा है कि सरकार के अच्छे कार्यों को आपका समर्थन, न्याय और आशीर्वाद मिलेगा।’ प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए केशव मौर्य ने पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में कानून का राज केवल कागजों पर था और जमीन पर गुंडाराज चलता था। प्रयागराज इसका प्रमुख केंद्र बना हुआ था। आज योगी सरकार की नीति स्पष्ट है, निर्दोष को छेड़ा नहीं जाएगा और दोषी को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार कानून बनाती है, लेकिन उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अधिवक्ता एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाते हैं। डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि न्याय व्यवस्था में प्राथमिकता यही होनी चाहिए कि कानून सबके लिए समान हो, चाहे कोई गरीब हो या प्रभावशाली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश में ‘ईज ऑफ लिविंग’ के साथ-साथ डिजिटल व्यवस्था और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए ‘ईज ऑफ जस्टिस’ को बढ़ावा मिल रहा है। पुराने औपनिवेशिक कानूनों को हटाकर नए न्याय-केंद्रित आपराधिक कानून लागू करना देश की न्याय प्रणाली में युगांतरकारी बदलाव है। ​उपमुख्यमंत्री ने बार और बेंच के समन्वय की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि अधिवक्ताओं को सम्मान, सुरक्षा और आधुनिक कार्य सुविधाएं देना सरकार का संकल्प है, ताकि आम नागरिक को समयबद्ध और सुलभ न्याय मिल सके। चुनौतियों का सामना कर कानून व्यवस्था में किया बदलाव वहीं, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में उपस्थित अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए सीएम ने प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के पूर्व की चुनौतियों का जिक्र करते हुए बताया कि 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद किस तरह से इन चुनौतियों का सामना कर कानून और न्याय व्यवस्था में व्यापक बदलाव किया गया।

गृह ऋण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए भवन का नक्शा स्वीकृत होने के बाद ही आगे बढ़ेगी फाइल

गोरखपुर अब सिर्फ भू-प्रयोग सही होने के आधार पर घर बनाने के लिए के लिए होम लोन पास नहीं किया जा सकेगा। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि भवन का मानचित्र स्वीकृत होने या मानचित्र स्वीकृति के लिए आवेदन किए जाने के बाद ही होम लोन की स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। इससे बिना मानचित्र स्वीकृति के भवन निर्माण के लिए लोन मिलने की संभावना पर रोक लगेगी। अवैध निर्माण पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। गोरखपुर के एनेक्सी भवन में सोमवार को प्राधिकरण और विभिन्न बैंकों के अधिकारियों की बैठक में गृह ऋण प्रक्रिया को लेकर यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने की। उन्होंने बैंकों और प्राधिकरण के बीच बेहतर समन्वय के साथ ऐसी व्यवस्था बनाने पर जोर दिया, जिससे ऋण प्रक्रिया सरल भी हो और भवन निर्माण के नियमों का पालन भी सुनिश्चित हो। प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने आश्वस्त किया कि प्राधिकरण की ओर से अपने एलटीपी (लाइसेंस्ड टाउन प्लानर) का पूरा डेटा संबंधित बैंकों को उपलब्ध कराया जाएगा। बैंकों को निर्देश दिया कि जनसामान्य की सुविधा और जागरूकता के लिए इस डेटा के साथ संबंधित मोबाइल नंबर अपनी शाखाओं में प्रमुखता से प्रदर्शित करें। इससे भवन मानचित्र से जुड़ी जानकारी लेने वाले आवेदकों को सही संपर्क उपलब्ध हो सकेगा। प्रक्रिया में अनावश्यक भ्रम कम होगा। इस बैठक में यह भी तय हुआ कि बैंक गृह ऋण से संबंधित प्राप्त आवेदनों का आवश्यक डेटा नियमित रूप से प्राधिकरण को उपलब्ध कराएंगे। इससे प्राधिकरण अवगत हो सकेगा कि किन क्षेत्रों और भवनों के लिए गृह ऋण के आवेदन मिल रहे हैं। इसके आधार पर मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया में भी बेहतर समन्वय स्थापित होगा। एनबीएफसी और लीड बैंक मैनेजर संग बैठक जल्द बैंक अधिकारियों ने बताया कि गृह ऋण केवल पारंपरिक बैंकों के माध्यम से ही नहीं, बल्कि एनबीएफसी के जरिये भी मिलता है। एसबीआइ और पीएनबी के शाखा प्रबंधकों ने प्रक्रिया में लीड बैंक मैनेजर (एलडीएम) को भी शामिल करने का सुझाव दिया। जीडीए उपाध्यक्ष ने सहमति जताते हुए एनबीएफसी और एलडीएम के साथ शीघ्र अलग बैठक करने का आश्वासन दिया। एक प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी जीडीए की सुविधाएं गोरखपुर विकास प्राधिकरण अपनी आंतरिक कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तेज बनाने की तैयारी में है। इसके लिए प्राधिकरण में इंटीग्रेटेड ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) एवं सिटीजन सर्विसेज प्लेटफॉर्म लागू करेगा। इसके जरिए प्राधिकरण के विभिन्न अनुभागों की कार्यप्रणाली को एकीकृत करने के साथ नागरिक सेवाओं को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। प्रस्तावित सिटीजन सर्विसेज पोर्टल पर ही नागरिकों को ऑनलाइन आवेदन, भुगतान, शिकायत निवारण, नीलामी और आवेदन की स्थिति की ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। डिजिटल होगी फाइलों की आवाजाही ईआरपी में वर्कफ्लो ऑटोमेशन की व्यवस्था होगी। इसके तहत डिजिटल अनुमोदन, फाइल ट्रैकिंग और अधिकारियों-कर्मचारियों को सूचनाएं भेजने की सुविधा रहेगी। प्रत्येक प्रक्रिया का ऑडिट ट्रेल उपलब्ध होने से यह भी पता लगाया जा सकेगा कि फाइल किस स्तर पर और कितने समय से लंबित है। ई-ऑफिस की कार्यक्षमता को भी इसी व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। रियल टाइम डैशबोर्ड से होगी निगरानी प्राधिकरण रियल टाइम एमआईएस और डैशबोर्ड विकसित करेगा। इसके जरिए प्राधिकरण की परियोजनाओं, वित्तीय स्थिति, नागरिक सेवाओं की डिलीवरी और संगठनात्मक प्रदर्शन की निगरानी की जा सकेगी। प्रस्तावित प्रणाली में पेमेंट गेटवे, ओबीपीएएस-फास्टपास, आधार सत्यापन और डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम (डीएमएस) के एकीकरण की व्यवस्था होगी। भूमिका आधारित एक्सेस कंट्रोल से अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके कार्यक्षेत्र के अनुसार सिस्टम तक पहुंच दी जाएगी। प्राधिकरण का मानना है कि इससे आंतरिक कार्यप्रणाली मजबूत होने के साथ फास्टर पब्लिक डिलीवरी और कार्यों में तेजी आएगी। बोर्ड की मंजूरी के बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू प्राधिकरण की ओर से इस प्रस्ताव का उद्देश्य अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने, आंतरिक कार्यप्रणाली को मजबूत करने और नागरिक सेवाओं की डिलीवरी में तेजी लाना है। बोर्ड से सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद इसके क्रियान्वयन की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी।

पार्टी के बाद शिवपाल से छिना लोहिया ट्रस्ट, अखिलेश यादव पर राजभर-कश्यप ने साधा निशाना

अखिलेश ने शिवपाल से छीनी लोहिया ट्रस्ट की कमान, राजभर बोले- भरोसा नहीं; मंत्री नरेंद्र कश्यप ने भी उठाए सवाल पार्टी के बाद शिवपाल से छिना लोहिया ट्रस्ट, अखिलेश यादव पर राजभर-कश्यप ने साधा निशाना शिवपाल के हाथों से लिया लोहिया ट्रस्ट, सियासत तेज; ओपी राजभर बोले- अखिलेश को चाचा पर भरोसा नहीं लखनऊ  सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के हाथों अब लोहिया ट्रस्ट की कमान होगी। अब तक इसकी कमान पूर्व कैबिनेट मंत्री और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव के हाथों थी। शिवपाल सिंह यादव से कमान लिए जाने को लेकर भाजपा ने सपा पर निशाना साधा है। योगी सरकार के मंत्री ओपी राजभर और नरेंद्र कश्यप ने इसे लेकर अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि अखिलेश यादव को शिवपाल यादव पर भरोसा नहीं है, इसलिए उनसे ट्रस्ट की कमान ले ली गई। ओपी राजभर ने साधा निशाना, भरोसे पर उठाया सवाल योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने इस बदलाव को लेकर अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को शिवपाल यादव पर भरोसा नहीं है। राजभर ने शिवपाल के पुराने राजनीतिक रुख का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश यादव को शिवपाल यादव जी पर भरोसा नहीं है। इससे पहले शिवपाल यादव अखिलेश यादव को छोड़कर चले गए थे। उन्होंने अपनी खुद की पार्टी बना ली थी। उस दौरान उन्होंने सपा को क्या-क्या नहीं कहा। चोर-उचक्कों की पार्टी बताया, शराब-माफियाओं की पार्टी, जमीन हड़पने वाली पार्टी तक बताया था। ऐसे में अखिलेश यादव शिवपाल यादव पर कैसे ट्रस्ट करेंगे? इसीलिए उन्होंने शिवपाल यादव से लोहिया ट्रस्ट की कमान ले ली है। मंत्री नरेंद्र कश्यप बोले- सपा में लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं योगी सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने भी इस फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की जिम्मेदारी शिवपाल यादव से अखिलेश यादव के पास जाना अपने आप में कोई बड़ा बदलाव नहीं है, क्योंकि कमान अब भी परिवार के ही हाथों में है। नरेंद्र कश्यप ने कहा कि किसी संस्था की जिम्मेदारी परिवार के सदस्यों के बीच ही केंद्रित रहना लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं कहा जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है अखिलेश यादव को आशंका रही हो कि आगे चलकर शिवपाल यादव अपनी शर्तों या अपने तरीके से ट्रस्ट चलाएं, इसलिए उन्होंने खुद इसकी जिम्मेदारी संभाल ली। बता दें कि शिवपाल और अखिलेश के बीच राजनीतिक रिश्तों में उतार-चढ़ाव का लंबा इतिहास रहा है। शिवपाल सिंह यादव अलग होकर अपनी पार्टी बना चुके हैं और बाद में दोबारा समाजवादी पार्टी के साथ आए। ऐसे में ट्रस्ट का जिम्मा उनके हाथों से निकलकर अखिलेश के पास जाना सामान्य बदलाव नहीं, बल्कि परिवार और पार्टी की मौजूदा शक्ति-संरचना के बीच भरोसे को लेकर भी देखा जा रहा है। अखिलेश के पास अब पार्टी, लोहिया ट्रस्ट और जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट की कमान शिवपाल यादव से लोहिया ट्रस्ट लिए जाने और उसकी कमान खुद के हाथों में लेने के बाद अब अखिलेश के पास सपा के साथ लोहिया ट्रस्ट और जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट की भी कमान आ गई है। बता दें कि लोहिया ट्रस्ट का गठन सपा के गठन से पहले हुआ था। इसका उद्देश्य समाजवादी विचारधारा और डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों का प्रचार-प्रसार करना रहा है।

अखिलेश यादव का आरोप: जनता का ध्यान भटकाने के लिए लाई जा रही यूसीसी

लखनऊ  यूसीसी को लेकर अमित शाह के बयान पर अखिलेश की प्रतिक्रिया आई है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर सियासत तेज होती जा रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूसीसी लागू करने के ऐलान पर पहली प्रतिक्रिया दी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भाजपा पर निशाना साधते हुए यूसीसी के मुद्दे को लेकर तंज कसा है। अखिलेश ने कहा कि हम तो बस इतना कहेंगे कि पहले पिछले वादे निभाओ, यूसीसी फिर बाद में लाओ। नया जुमला न लेकर आओ और न जनता को बहकाओ। 15 लाख खाते में पहुंचाओ। दरअसल, गृहमंत्री अमित शाह ने बीते दिनों NDA शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू करने का ऐलान किया था। अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहा कि जनता समझ रही है कि भाजपा जिस यूसीसी की बात कर रही है, दरअसल उसकी पूर्ण रूप "अंडरग्राउंड कम्युनल कॉन्सपिरेसी" है। उन्होने सोशल मीडिया पर जारी बयान में भाजपा के पुराने चुनावी वादों को याद दिलाते हुए कहा कि सरकार को नए मुद्दे उठाने से पहले पिछले वादों को पूरा करना चाहिए। इसमें लोगों के खातों में 15 लाख रुपये पहुंचाने और दो करोड़ रोजगार देने जैसे वादों का जिक्र किया गया। अखिलेश ने भाजपा के 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे पर भी सवाल उठाया बयान में तंज कसते हुए कहा गया- "पहले पिछले वादे निभाओ, यूसीसी फिर बाद में लाओ। नया जुमला न लेकर आओ और न जनता को बहकाओ।" अखिलेश ने भाजपा के 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे पर भी सवाल उठाया और कहा कि सरकार को पहले इन दावों को जमीन पर साबित करना चाहिए। सपा पीडीए को एकजुट कर भाजपा सरकार हटाएगी: अखिलेश इससे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि यूपी के भविष्य और आने वाली पीढ़ी की खुशहाली के लिए भाजपा को सत्ता से हटाना लोकतंत्र के हित में है। यूपी की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था चौपट है। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार की हद हो गई है। इसलिए भाजपा सरकार को सत्ता से हटाना ही एकमात्र उपाय है। समाजवादी पार्टी पीडीए को एकजुट करके यूपी से भाजपा सरकार का सफाया करने के लिए संकल्पित है। बुनियादी मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए नए राजनीतिक मुद्दे उठाए जा रहे उन्होंने कहा है कि इसके साथ ही स्कूलों को बंद होने से बचाने, बेटियों को सुरक्षा देने, महिलाओं के सम्मान की रक्षा करने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई। बयान में लगातार दोहराया गया कि "यूसीसी फिर बाद में लाओ"। विपक्ष ने आरोप लगाया कि रोजगार, महंगाई, शक्षिा, महिला सुरक्षा और अन्य बुनियादी मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए नए राजनीतिक मुद्दे उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनहितकारी विजन से खड़ी हो रही कल्याण मंडपम की श्रृंखला

गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी विधायक निधि से गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा बनवाए गए कल्याण मंडपम का लोकार्पण 16 सितंबर (बुधवार) को अपराह्न में करेंगे। समाज के अल्प एवं मध्यम आय वर्ग के लोगों के मांगलिक-पारिवारिक आयोजनों के लिए मैरिज हाउस का रियायती विकल्प देने के लिए वार्ड नंबर 54 उर्वरक नगर के जंगल नकहा नंबर 2 में यह भव्य ‘कल्याण मंडपम’ बनकर तैयार है। इसके पहले मुख्यमंत्री ने 29 अगस्त को बशारतपुर में कल्याण मंडपम का उपहार दिया था। सीएम योगी के ईज ऑफ लिविंग (जीवन सुगमता) विजन के अनुरूप गोरखपुर में वार्ड स्तर पर सर्वसुविधायुक्त कल्याण मंडपम की श्रृंखला खड़ी हो रही है। समाज के हर वर्ग के जीवन में सुगमता लाने के लिए योगी सरकार ने बीते साढ़े नौ वर्षों में आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण से लेकर जनकल्याण तक कई पहल की है। कल्याण मंडपम की मुख्यमंत्री की परिकल्पना भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) और नगर निगम को यह विजन दिया था कि वे निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों को उनके मांगलिक आयोजनों के लिए कल्याण मंडपम बनाकर मैरिज हाउस का बेहतरीन विकल्प दें। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कल्याण मंडपम का निर्माण शुरू हुआ। कल्याण मंडपम की पहल के साथ ही मुख्यमंत्री ने अपनी विधायक निधि से धनराशि की व्यवस्था भी कराई। गोरखपुर में अब तक सात कल्याण मंडपम का लोकार्पण मुख्यमंत्री के हाथों हो चुका है और आठवें का लोकार्पण बुधवार (16 सितंबर) को जंगल नकहा नंबर 2 में होने जा रहा है। जीडीए के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि वार्ड नंबर 54, उर्वरक नगर के अंतर्गत जंगल नकहा नंबर 2 में कल्याण मंडपम का निर्माण 2461 वर्गमीटर भूमि पर 3.08 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। आधुनिक शहरी सुविधाओं और आकर्षक वास्तुकला से सुसज्जित कल्याण मण्डप दो तल में बना है जहां 300 व्यक्तियों की क्षमता के विभिन्न मांगलिक, सामाजिक और उत्सवी आयोजन किए जा सकेंगे। कल्याण मंडपम में बड़े हाल के साथ किचन, स्टोर, ऑफिस, चेंज रूम और दोनों तलों पर महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग टॉयलेट बनाए गए हैं। कल्याण मंडपम आने वाले वाहनों के लिए परिसर के अंदर ही इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाकर अलग से पर्याप्त पार्किंग का प्रावधान किया गया है। परिसर में फव्वारे के साथ लॉन भी विकसित किया गया है। कल्याण मंडपम से विवाह, समाजिक आयोजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा सामूहिक उत्सवों के लिए आमजन को काफी सहूलियत मिलेगी। जीडीए के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल बताते हैं कि जीडीए के दो अन्य कल्याण मंडपम का निर्माण भी प्रगति पर है। इनमें से एक वार्ड नंबर 7 महादेव झारखंडी तथा दूसरा वार्ड नंबर 2 बाबा राघवदास नगर के सेमरा में बनाया जा रहा है। दोनों के निर्माण पर क्रमशः ढाई-ढाई करोड़ रुपये की लागत आएगी। अब तक लोकार्पित कल्याण मंडपम खोराबार, सूरजकुंड, मानबेला, राप्तीनगर विस्तार क्षेत्र के टोला पीरू शहीद, बिछिया जंगल तुलसीराम, जंगल बेनी माधव और बशारतपुर। आईएमए के चैरिटेबल ब्लड सेंटर का उद्घाटन करेंगे मुख्यमंत्री बुधवार को गोरखपुर दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) गोरखपुर के चैरिटेबल ब्लड सेंटर का उद्घाटन करेंगे। यह ब्लड सेंटर आईएमए के तारामंडल क्षेत्र स्थित भवन में स्थापित किया गया है।

बुनकरों के हुनर को मिलेगा सरकारी बाजार, अस्पतालों में गूंजेगी हथकरघे की पहचान

लखनऊ  प्रदेश की योगी सरकार हथकरघा क्षेत्र को मजबूत करने और बुनकरों को उनके उत्पादों के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रही है। अब सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में इस्तेमाल होने वाले हथकरघा निर्मित उत्पादों की खरीद के जरिए प्रदेश के बुनकरों को बड़ा और सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराने की तैयारी है। इससे सरकारी संस्थानों की जरूरतें पूरी होने के साथ बुनकर परिवारों को नियमित रोजगार और आर्थिक मजबूती मिलने का रास्ता तैयार होगा। मंगलवार को खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, तिलक मार्ग, डालीबाग स्थित सभाकक्ष में खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग में प्रयुक्त होने वाले हथकरघा उत्पादों की खरीद एवं आपूर्ति व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुपालन में सरकारी चिकित्सा संस्थानों में हथकरघा निर्मित बेडशीट और गॉज बैंडेज की खरीद एवं आपूर्ति सुनिश्चित करने की कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। सरकारी खरीद से बुनकरों को मिलेगा बड़ा बाजार मंत्री राकेश सचान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपूर्ति व्यवस्था को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए। सरकार का उद्देश्य सरकारी खरीद को केवल सामान की खरीद तक सीमित रखना नहीं, बल्कि इसके माध्यम से बुनकर परिवारों को निरंतर रोजगार, स्थायी बाजार और आर्थिक मजबूती देना है। सरकारी संस्थानों में स्थानीय बुनकरों द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीद बढ़ने से बुनकरी क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत उत्तर प्रदेश राज्य हथकरघा निगम लिमिटेड के माध्यम से सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में आवश्यकतानुसार बेडशीट, तकिया कवर और गॉज बैंडेज क्लॉथ की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए प्रदेश के बुनकरों और बुनकर सहकारी समितियों से गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कराया जाएगा। गुणवत्ता और समयबद्ध आपूर्ति पर जोर मंत्री ने निर्देश दिए कि चिकित्सा संस्थानों को उपलब्ध कराए जाने वाले उत्पाद निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले होने चाहिए। इसके साथ ही प्राथमिकता के आधार पर अंतिम रूप देने और आवश्यक दिशा-निर्देश शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग अनिल सागर, विशेष सचिव शेषमणि पांडेय, संयुक्त आयुक्त पीसी ठाकुर सहित चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

गांव से दुनिया के बाजार तक पहुंचेंगे यूपी के 3 हजार से अधिक उत्पाद, दीदियों को मिलेगी डिजिटल मार्केट की ताकत

अब ग्लोबल मार्केट में दिग्गज कंपनियों को टक्कर देंगी यूपी की दीदियां अब गांव से दुनिया के बाजार तक पहुंचेंगे तीन हजार से अधिक उत्पाद ओएनडीसी, ई-सरस, प्रेरणा मार्ट, मीशो, अमेजन और फ्लिपकार्ट के जरिए मंगा सकेंगे स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद योगी सरकार में दीदियों को अब मिलेगी ब्रांडिंग, बिक्री और डिजिटल बाजार की ताकत 543 प्रेरणा सरस स्टोर और स्थानीय उत्पादों के लिए ऑनलाइन-ऑफलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म तैयार लखनऊ  प्रदेश की महिलाएं अब ग्लोबल मार्केट में दिग्गज कंपनियों को टक्कर देंगी। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने के लिए 543 प्रेरणा सरस स्टोर स्थापित किए गए हैं। वहीं 3,000 से अधिक उत्पादों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं। इससे ग्रामीण उत्पादों को ब्रांडिंग, बिक्री और डिजिटल बाजार की ताकत देने का रास्ता खुला है। अब स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद ओएनडीसी, ई-सरस, प्रेरणा मार्ट, मीशो, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए बड़े बाजार तक पहुंच सकेंगे। जनपद और ब्लॉक स्तर पर स्थापित प्रेरणा सरस स्टोर जहां स्थानीय उत्पादों को व्यवस्थित बिक्री मंच दे रहे हैं, वहीं डिजिटल प्लेटफॉर्म उनकी पहुंच गांव और जिले से बाहर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक बढ़ाने का माध्यम बन रहे हैं। छोटे उद्यमों का विस्तार करने का अवसर मिलेगा : अरुण कुमार स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए उत्पादन के बाद बाजार तक पहुंच उनकी उद्यमिता की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। योगी सरकार ने इस कड़ी को मजबूत करने के लिए स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और बिक्री का नेटवर्क तैयार किया है। इससे समूहों को केवल उत्पाद तैयार करने के बजाय बाजार की मांग समझकर अपने छोटे उद्यमों का विस्तार करने का अवसर मिलेगा। ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार के अनुसार, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को केवल बचत और ऋण तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर है। उत्पादन के साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार से जुड़ाव बढ़ने से ग्रामीण महिलाओं के छोटे उद्यमों को विस्तार का अवसर मिल रहा है। स्थानीय उत्पादों को दूर बैठे ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा डिजिटल बाजार की दिशा में बिजनौर राज्य एग्रीगेशन सेंटर के माध्यम से ऑनलाइन विपणन कार्य शुरू किया जा चुका है। अलग-अलग समूहों के उत्पादों को एक मंच पर लाकर उनकी बिक्री और बाजार तक पहुंच को व्यवस्थित करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्थानीय उत्पादों को दूर बैठे ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। खासकर किसी जिले या क्षेत्र विशेष की पहचान वाले उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में यह व्यवस्था मददगार होगी। बाजार से जुड़ाव से बनेगी ब्रांड वैल्यू स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए बाजार तक पहुंच सिर्फ बिक्री बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि उत्पाद की पहचान और ब्रांड वैल्यू बनाने का अवसर भी है। प्रेरणा सरस स्टोर और ऑनलाइन-ऑफलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए उत्पादन से आगे बढ़कर ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर जोर दिया जा रहा है। मिशन निदेशक अरुण कुमार के मुताबिक, बाजार से जुड़ाव महिलाओं को अपने उत्पादों की मांग समझने और उसी के अनुरूप उत्पादन व विपणन की दिशा तय करने का अवसर देता है। इससे समूहों की गतिविधियां केवल आजीविका तक सीमित न रहकर छोटे उद्यमों का रूप ले सकती हैं। लोकल हुनर की ग्लोबल उड़ान 3,000 से अधिक उत्पादों के लिए 543 प्रेरणा सरस स्टोर, मार्केटिंग प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन विपणन ग्रामीण महिला उद्यमिता के बदलते स्वरूप की तस्वीर पेश करते हैं। गांव में तैयार उत्पाद अब गांव में ही बिकने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्टोर से डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्थानीय बाजार से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचेंगे। यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश की ग्रामीण ‘दीदियों’ के स्थानीय हुनर को बाजार, पहचान और ब्रांड वैल्यू देने के साथ उन्हें लोकल से ग्लोबल कारोबार की दिशा में आगे बढ़ाने का नया रास्ता तैयार कर रही है।