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भाजपा सरकार आएगी तो बंगाल की सड़कों पर झाड़ू लगाएंगे गुंडे, माफिया व मौलानाः योगी आदित्यनाथ

आसनसोल. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को फिर पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरे। बाराबनी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार अरिजीत रॉय के पक्ष में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, वामपंथियों और तृणमूल कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करने के साथ भाजपा के विकास कार्यों को गिनाया। जनसभा स्थल, वाहनों व घरों की छतों और पेड़ों पर चढ़े लोग मुख्यमंत्री की एक झलक पाने को बेताब दिखे। बंगाल की धरा पर तृणमूल कांग्रेस को चुनौती देते हुए सीएम योगी ने मतदाताओं से कहा कि टीएमसी के गुंडे, माफिया क्या कह रहे हैं या कोई मौलाना क्या बक रहा है, आप किसी से भयभीत न होइए। डबल इंजन की भाजपा सरकार आने दीजिए, ये सभी आपकी चाटुकारिता करते और बंगाल की सड़कों पर झाड़ू लगाते दिखाई देंगे।  आप लोग अरिजीत को जिताइए, टीएमसी का सूपड़ा साफ करेंगे  मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से कहा कि जब यहां मेरा कार्यक्रम लगा तो तृणमूल के गुंडे लोगों को परेशान करने लग गए। सभा न होने पाए, इसके लिए भाजपा का झंडा उखाड़ने का भी प्रयास किया। अरिजीत का मतलब जो शत्रु को जीत सके, आप लोग उन्हें जिताइए और डबल इंजन सरकार लाइए, टीएमसी का सूपड़ा साफ हो जाएगा। पीएम मोदी के नेतृत्व में डबल स्पीड से सारी समस्याओं का समाधान होगा। भाजपा ही सुरक्षा-समृद्धि, उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है।  टीएमसी के कारण पैदा हुए सैंड-कोल-लैंड माफिया मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने 15 वर्षों से बंगाल को संकट में ला दिया और इसे टेरर, माफियाराज, कटमनी व करप्शन का अड्डा बना दिया, वह टीएमसी अब नहीं चाहिए। इन लोगों ने आमजन, नौजवानों, बेटी-बहनों के सामने भय का माहौल पैदा किया है। टीएमसी के कारण सैंड माफिया, कोल माफिया, लैंड माफिया पैदा हुए। केंद्र से जो पैसा आता है, उसे टीएमसी के गुंडे हजम कर जाते हैं। सीएम ने स्थानीय नागरिकों को विश्वास दिलाया कि बंगाल में दंगों, भय, अराजकता, माफियाराज को भाजपा समाप्त करेगी।  कांग्रेस, सपा व टीएमसी नहीं रोक पाईं, अयोध्या में बन गया राम मंदिर सीएम ने कहा कि 9 साल पहले इससे भी बुरी स्थिति उत्तर प्रदेश की थी। वहां हर दूसरे-तीसरे दिन दंगा होता था। व्यापारी, बहन-बेटी असुरक्षित थी। गुंडागर्दी-अपराध चरम पर था, माफिया हावी थे। जनता के विकास के लिए आने वाले पैसे में डकैती पड़ती थी, लेकिन डबल इंजन की भाजपा सरकार ने इसका उपचार कर दिया। यूपी में बहुत परिवर्तन हो गया, वहां कोई सड़क पर नमाज नहीं पढ़ सकता। यूपी में पर्व-त्योहार शांति से मनाए जाते हैं। वहां अराजकता-गुंडागर्दी नहीं है, लेकिन बंगाल में गोतस्करी, गोहत्या, त्योहारों के पहले उपद्रव होते हैं। उत्तर प्रदेश में बुलडोजर अब माफिया की हड्डी-पसली ठीक करता है। माफिया की संपत्ति लेकर गरीबों के आवास बनते हैं। यूपी में न कर्फ्यू है न दंगा है, वहां सब चंगा है। रामजन्मभूमि के लिए आंदोलन करना पड़ा। टीएमसी की पार्टनर समाजवादी पार्टी की सरकार ने रामभक्तों पर गोली चलवाईं। जैसे ममता दीदी को राम नाम, दुर्गा पूजा से चिढ़ है, यूपी में भी ऐसे ही चिढ़ होती थी। यूपी में डबल इंजन सरकार आई तो अयोध्या में भगवान श्रीराम का सबसे बड़ा मंदिर बन गया, इसे कांग्रेस, सपा व टीएमसी रोक नहीं पाईं, क्योंकि मोदी हैं तो मुमकिन है।  गारंटी देती है भाजपा- गोमाता को कटने और हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे  सीएम योगी ने कहा कि भाजपा गारंटी देती है कि बंगाल में दंगा, कर्फ्यू नहीं लगेगा। गोमाता को कटने नहीं देंगे और हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे। पहले कांग्रेस, फिर वामपंथियों और 15 वर्ष से टीएमसी ने यहां पहचान का संकट खड़ा किया है। बंगाल कभी कल्चरल कैपिटल के रूप में देश को दिशा देता था, लेकिन इसे क्राइम कैपिटल बनाकर पहचान का संकट खड़ा किया गया। आजादी के बाद बंगाल विकास के पथ पर आगे चल रहा था। देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन था। इकॉनमिक लीडर के रूप में बंगाल की तूती बोलती थी। किसान प्रसन्न, नौजवान को नौकरी-रोजगार, मछली-चावल उत्पादन बढ़ रहा था, लेकिन कांग्रेस, वामपंथियों व टीएमसी ने राज्य को भ्रष्टाचार, भय व अराजकता का केंद्र बना दिया। मछली उत्पादन कम हुआ और चावल उत्पादन घटा। यहां के संसाधनों पर माफिया हावी है, नौजवान के लिए नौकरी-रोजगार गायब है। किसानों को उपज का दाम नहीं मिल पाता। यूपी में आलू का दाम 15-16 रुपये किलो और बंगाल में मात्र एक-डेढ़ रुपये मिल रहा है।  प्रेरणा भूमि रही है बंगाल  सीएम योगी ने कहा कि बंगाल सदैव प्रेरणा भूमि रही है। इसने भारत को राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत दिया। वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर बंगाल की धरती टीएमसी की अराजकता से मुक्त होने का आह्वान कर रही है। इस धरा ने रामकृष्ण परमहंस, स्वामी प्रणवानंद, स्वामी विवेकानंद, खुदीराम बोस, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, अरविंद घोष, जनसंघ के संस्थापक अध्य़क्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे राष्ट्रवादी चिंतक दिए। कश्मीर को पृथक मान्यता देने के लिए कांग्रेस की चाल के कारण आतंकी भारत की एकता को चुनौती दे रहे थे, लेकिन डॉ. मुखर्जी के संकल्प को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा किया और धारा 370 समाप्त कर दी। कश्मीर में भी भारत का कानून वैसे ही लागू हुआ, जैसे बंगाल, बिहार और यूपी में है।

समय पर पुलिस भर्ती, ट्रेनिंग व सुविधाओं से बना सुरक्षा का बेहतर माहौल: सीएम योगी

गोरखपुर.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद पुलिस विभाग में समय पर भर्ती, समय पर ट्रेनिंग और अवस्थापना सुविधाओं के विकास से पुलिसकर्मियों के कार्य की गति बढ़ी है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में सुरक्षा का बेहतर माहौल बना और सुशासन का बेहतरीन मॉडल खड़ा हुआ। सीएम योगी गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बने दो आधुनिक सुरक्षा भवनों के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इन भवनों में मंदिर सुरक्षा से जुड़े अपर पुलिस अधीक्षक व  पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय, कंट्रोल रूम, पुलिस स्टोर रूम और मेंटिनेंस वर्कशाप बनाई गई है। इसके निर्माण पर 9.18 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा भवनों में उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन भी किया।  इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा, सुशासन की पहली शर्त होती है। हर व्यक्ति को सुरक्षा चाहिए। इसके लिए सरकार के स्तर पर प्रयास किए जाते हैं। पर, हम उसका एक ही पक्ष देख पाते थे। पुलिस का सामान्य सिपाही हो या सब इंस्पेक्टर व डिप्टी एसपी, यदि उसकी ट्रेनिंग नहीं है तो वह भी एक कॉमन मैन (सामान्य व्यक्ति) ही होगा। पहले की सरकारों में भर्ती, ट्रेनिंग और अवस्थापना सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जाता था। इसका परिणाम यह होता था कि बहुत से नौजवान पुलिस भर्ती में नहीं आना चाहते थे।  9 वर्ष में 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती मुख्यमंत्री ने पुलिस महकमे में वर्ष 2017 के बाद आए बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि 9 साल पहले जब उनकी सरकार आई तो उस समय पुलिस बल में आधे से अधिक पद खाली थे। बीते 9 वर्ष में 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया गया है। 2017 में पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता एक समय में 3 हजार से अधिक नहीं थी, जबकि वर्तमान में अवस्थापना सुविधाओं के विकास का परिणाम है कि अब एक समय में 60 हजार पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग करवाई जाती है। समय पर लिए गए निर्णय, और समय पर दिए गए संसाधनों के परिणामस्वरूप पुलिस को 200 गुना अधिक सुविधाओं से सम्पन्न किया गया है। पहले नहीं थी पुलिसकर्मियों के लिए अच्छी आवासीय सुविधा सीएम योगी ने कहा कि पहले थाना हो, चौकी हो, पुलिस लाइन हो या पीएसी वाहिनी, कहीं भी पुलिसकर्मियों के लिए अच्छी आवासीय सुविधा और अच्छे बैरक नहीं थे। पुलिसकर्मी किराए पर रहकर जैसे-तैसे जीवन व्यतीत करता था। कई बार शिकायत आती थी कि पुलिस वाले ने घर पर कब्जा कर लिया है। वह कब्जा नहीं करता था। होता यह था कि उसके बच्चे की परीक्षा है और उसी समय मकान मालिक घर खाली करने को कह देता। इस पर वह झल्ला कर कहता, घर नहीं खाली करेंगे। आज ये सारी शिकायतें समाप्त हो गई हैं, क्योंकि सरकार ने हर पुलिस लाइन में आवासीय सुविधा दी है, बैरक बनवाए गए हैं। सुरक्षा में सेंध लगाने वाले का काम तमाम कर देंगे मुस्तैद पुलिसकर्मी मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पुलिस थाने का भवन बनता था, लेकिन उसमें बैरक नहीं बनते थे। अन्य सुविधाएं भी नहीं उपलब्ध हो पाती थीं। बहुत बार पुलिस किसी अपराधी को पकड़कर लाती थी तो उसे रखने की व्यवस्था नहीं होती थी। ऐसे मौकों पर पुलिस असहाय दिखती थी। कई बार अपराधी भाग भी जाता था। लेकिन, पुलिस को अब असहाय बनने की आवश्यकता नहीं है। अब अपराधी भाग नहीं सकता, क्योंकि उसे थाने में ही रोककर रखने की सुविधाएं दी गई हैं। अब कोई थाने पर हमला नहीं कर सकता, क्योंकि थाने में पुलिस कार्मिकों के लिए अलग से बेहतरीन सुविधाओं से युक्त बैरक बनाए गए हैं। हर समय, हर थाने में पर्याप्त संख्या में पुलिस कार्मिक उपलब्ध होंगे। जो थाने की सुरक्षा में सेंध लगाने का काम करेगा, उसका काम तमाम करने के लिए पुलिसकर्मी मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करता दिखाई देगा। इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, एडीजी गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन, एडीजी सुरक्षा तरुण गाबा, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

घबराइए मत, बच्चे के इलाज में नहीं आने देंगे कोई बाधा: मुख्यमंत्री

गोरखपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान श्रावस्ती से आई एक महिला ने गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चे के इलाज में मदद का अनुरोध किया। साथ में आए बच्चे को देखकर मुख्यमंत्री भावुक हो गए। मुख्यमंत्री ने महिला से आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा। जब महिला ने बताया कि उसका कार्ड नहीं बना है, मुख्यमंत्री ने कहा- घबराइए मत, बच्चे के इलाज में कोई भी बाधा नहीं आने देंगे। आयुष्मान कार्ड बनवाएंगे और विवेकाधीन कोष से भी बच्चे के इलाज में आर्थिक सहायता देंगे। महिला का प्रार्थना पत्र लेकर उन्होंने मौके पर मौजूद अफसरों को इस निर्देश के साथ हस्तगत किया कि इसे श्रावस्ती के जिलाधिकारी को भेजकर आयुष्मान कार्ड बनवाया जाए। साथ ही डीएम के जरिये इलाज का इस्टीमेट भी शासन को उपलब्ध कराया जाए।  गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने लगी कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। इत्मीनान से बात सुनते हुए उनके प्रार्थना पत्र लिए। पास में खड़े अधिकारियों को समस्या समाधान हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिए। अलग-अलग मामलों से जुड़े समस्याओं के निस्तारण के लिए उन्होंने संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतोषप्रद होना चाहिए। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाएं। उन्होंने उनसे मिलने आए लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा, घबराइए मत। सरकार हर समस्या पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कराएगी। अपराध व जमीन कब्जा किए जाने से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को अपराधियों व भू माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में कुछ महिलाएं अपने बच्चों को लेकर आई थीं। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों को दुलारा और चॉकलेट के साथ आशीर्वाद दिया।

कनावनी झुग्गियों में आग का तांडव, गैस सिलेंडर धमाकों से मचा हड़कंप

गाजियाबाद  लखनऊ के बाद गाजियाबाद की झुग्गियों में भीषण आग लगने का मामला सामने आया है। ये आग इंदिरापुरम क्षेत्र में कनावनी के पास मौजूद झुग्गियों में लगी है। झुग्गियों में मौजूद गैस सिलेंडरों में धमाके होने की भी खबर सामने आ रही है। शुरूआती जानकारी के मुताबिक, आग लगने के बाद से 20 से ज्यादा बच्चे गायब हैं, उनकी तलाश जारी है। भयंकर आग को देखते हुए मौके पर दमकल गाड़ियां मौजूद हैं, आग बुझाने का काम जारी है। 250 से ज्यादा झुग्गियों में लगी आग जानकारी के मुताबिक, इंदिरापुरम इलाके में कनावनी के पास सैकड़ों की संख्या में झुग्गी-झोपड़ी मौजूद हैं। इनमें से करीब ढाई सौ से ज्यादा झुग्गियों में आग लगने की खबर है। बताया जा रहा है कि इस इलाके में कबाड़ के गोदाम भी हैं, जिनमें आग फैलने के कारण और भी भयानक हो गई है। झुग्गियों में लोगों के खाना बनाने वाले गैस सिलेंडर मौजूद हैं, जिनमें आग के चलते लगातार धमाके हो रहे हैं। इधर बचाव दल पूरी ताकत के साथ आग बुझाने में जुटा हुआ है। गाजियाबाद में आगगाजियाबाद में आग धुएं का गुबार और खोए बच्चों की तलाश करते परिवार सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो में काला धुएं का गुबार दिखाई दे रहा है। इसे सड़क पर दूर से देखा जा सकता है। झुग्गियां पूरी तरह जलकर खाक हो गई हैं। झुग्गीवासियों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिन परिवारों के बच्चे लापता हैं, वो अपने खोए हुए बच्चों को इधर-उधर खोजने में जुटे हुए हैं। इधर दमकल की गाड़ियां स्थिति को कंट्रोल करने में जुटी हुई हैं। लखनऊ की आग में 200 झुग्गियां खाक, 2 बच्चों की मौत आपको बताते चलें कि लखनऊ के विकास नगर में रिंग रोड के पास एक झुग्गी बस्ती में बुधवार शाम लगी आग ने तेजी से करीब 200 झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया और सारा का सारा सामान जलकर राख हो गया। सैकड़ों लोग, जिनमें ज़्यादातर घरेलू काम करने वाले और दिहाड़ी मजदूर थे, बेघर हो गए। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि यहां विकास नगर इलाके में एक झुग्गी बस्ती में लगी भीषण आग में दो बच्चों की मौत हो गई। आग में जलने वाले बच्चों की उम्र 2 साल पुलिस डिप्टी कमिश्नर (ईस्ट) दीक्षा शर्मा ने बताया कि दोनों बच्चों की लाशें बुधवार देर रात बरामद की गईं थीं। इनकी उम्र करीब दो साल बताई गई है। उन्होंने रिपोर्टर्स से कहा, “लाशों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। उनके माता-पिता को बता दिया गया है और पहचान की प्रक्रिया चल रही है।”  

नोएडा प्रोटेस्ट में कर्मचारियों के अलावा थे कई ‘उपद्रवी’, पब्लिक पोस्टरों से होगा खुलासा

 नोएडा  हाल ही में हुई हिंसक झड़पों के बाद नोएडा में अब हालात सामान्य होते नजर आ रहे हैं, लेकिन पुलिस की कार्रवाई और भी सख्त हो गई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, हालांकि हिंसा को भड़काने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा.इसी सड़ी में नोएडा के कर्मचारियों के प्रदर्शन के मामले में अब तक की कार्रवाई में बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जांच में सामने आया है कि हिंसा, आगजनी और पथराव में शामिल अधिकांश लोग असल में मजदूर हैं ही नहीं।  साजिश रचने में चार गिरफ्तार विरोध के नाम पर उत्पात, तोड़फोड़ और आगजनी की घटना में अब तक 17 लोगों की पहचान की गई है, जिनमें से 11 को गिरफ्तार किया जा चुका है.  वहीं हिंसा भड़काने के मामले में 32 लोगों की पहचान हुई है, जिनमें से 19 को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा साजिश रचने के आरोप में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो इस पूरे विवाद में मुख्य भूमिका निभाने के आरोपी हैं।  66 गिरफ्तारियों में से 45 लोग श्रमिक नहीं उत्पात और हिंसा दोनों मामलों को मिलाकर 34 ऐसे लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जो कंपनियों के कर्मचारी नहीं हैं बल्कि बाहरी तत्व के रूप में सामने आए हैं. इन आरोपियों में से कई के मजदूर बिगुल और कथित अर्बन नक्सल नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं. इसके अलावा पूरे मामले में कुल मिलाकर हुई 66 गिरफ्तारियों में से 45 लोग श्रमिक नहीं हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि हिंसा में बाहरी तत्वों की बड़ी भूमिका रही है।  पब्लिक प्लेस में लगेंगे उपद्रवियों के पोस्टर इस खुलासे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर स्थिति की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अफवाह और दुष्प्रचार फैलाने वालों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए और सोशल मीडिया की लगातार निगरानी रखी जाए. साथ ही, गैर-श्रमिक उपद्रवी तत्वों की पहचान कर उनकी तस्वीरें सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।  नोएडा में पूरे सप्ताह रहा था बवाल बता दें कि बीते सप्ताह नोएडा में प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन हुआ था दो काफी उग्र रहा. वेतन बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतर आए जहां पथराव और पुलिस से भिड़ंत के बाद नोएडा फेज-2 छावनी बन गया. इन लोगों ने सेक्टर-84 और आसपास के इलाकों में जमकर उत्पात मचाया, पथराव किया और वाहनों को आग के हवाले कर दिया था. प्रदर्शनकारियों ने सेक्टर-84 में खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाया जिसमें दो गाड़ियां पूरी तरह जलकर खाक हो गई हैं. स्थिति को बिगड़ता देख भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन बेकाबू भीड़ ने पुलिस पर भी पथराव शुरू कर दिया. जवाब में पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. हालांकि , अब शहर में स्थिति शांत है। 

एक हजार झुग्गियां जलकर खाक: सिलेंडर धमाकों से फैली आग

लखनऊ लखनऊ के विकास नगर में बुधवार की शाम लगी आग आठ घंटे की मशक्कत के बाद देर रात बुझा तो ली गई लेकिन कई अपनों की तलाश अब भी जारी है। इस बीच पुलिस ने आग बुझाने के बाद दो बच्चों की लाश बरामद की है। दोनों बच्चों की उम्र दो साल के आसपास बताई जा रही है। लगभग एक हजार झुग्गी झोपड़ियों में लगी आग से सबकुछ खाक हो गया है। सौ के करीब एलपीजी सिलेंडर और बाइकों की टंकियां फटने से आग भड़कती रही। इससे करीब दस किलोमीटर के इलाके में धुएं का गुबार देखा गया। विकास नगर में मुंशीपुलिया से आगे सीतापुर बाईपास किनारे सैकड़ों झुग्गी झोपड़ियां लंबे समय से आबाद थीं। बस्ती के विशाल गौतम का दावा है कि शाम करीब चार बजे देशी शराब ठेके के बगल में बनी कैंटीन से आग की लपटें एकाएक उठीं और विकराल होने लगीं। उनके साथ ही पड़ोसी धर्मेंद्र, बबलू, विमलेश, राम स्वरूप, मंत्री, मो. आसिफ कुरैशी, रहमान, सुनीता और करन की झोपड़ियां जलने लगीं। लोगों ने पानी फेंककर काबू पाने का प्रयास किया पर सफलता नहीं मिली। इस बीच, झोपड़ियों में रखे गैस सिलेंडर ताबड़तोड़ धमाकों के साथ फटने लगे और पूरी बस्ती धू-धूकर जलने लगी। करीब डेढ़ घंटे बाद दमकल और पुलिस पहुंची। राहत व बचाव के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ भी पहुंच गए। मौके पर कोई कह रहा था कि मेरा बच्चा गायब है तो कोई बेटी को खोज रहा था। किसी को पिता तो कोई भाई को तलाश रहा था। पुलिस और सिविल डिफेंस के लोग उन्हें रोक रहे थे लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं था। सिविल डिफेंस ने मानव शृंखला बनाकर लोगों को रोका। इस बीच, दम घोंटू धुएं से आसपास के लोग बेचैनी महसूस करने लगे। सभी अपने घरों को सुरक्षित करने की कोशिश में थे। बस्ती के लोग नम आंखों से अपने आशियाने राख होते देख रहे थे। देर रात तक कोहराम जैसी स्थिति बनी रही। फायर ब्रिगेड ने चारों तरफ से पानी डाल कर किसी तरह देर रात आग पर काबू पाया जा सका। इसके बाद शुरू हुई तलाशी में दो बच्चों की लाश मिली है। डीसीपी पूर्वी दीक्षा शर्मा ने बताया आग पर काबू पा लिया गया था। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ अब भी राहत कार्य में लगी है। इस पूरी घटना में दो बच्चों की मौत हुई है। फोटो के जरिए उनके पैरेंट्स की पहचान कराई जा रही है। कुछ लोगों को रात में रैन बसेरे में रखा गया तो काफी लोग सड़क किनारे ही खुले में रातभर रहे। सुबह होते ही लोग अपने बचे सामानों को बंटोरने और अपनों को खोजने में जुटे रहे। हालांकि भीषण आग में सबकुछ राख होने से खाने के भी लाले पड़ने की आशंका हो गई है।

संभल में सरकारी जमीन पर बने इमामबाड़ा और ईदगाह पर चला बुलडोजर, जमींदोज किया गया

 संभल उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है. सदर कोतवाली क्षेत्र के बिछौली गांव में सरकारी जमीन पर बने इमामबाड़ा और ईदगाह को ध्वस्त करने के लिए प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची. इस दौरान बुलडोजर से अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया गया।  यह कार्रवाई एसडीएम निधि पटेल के नेतृत्व में की गई, जिसमें नायब तहसीलदार दीपक जुरैल और राजस्व विभाग के कई कर्मचारी शामिल रहे. मौके पर किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. सदर कोतवाली पुलिस के साथ-साथ आरआरएफ और पीएसी के जवान भी तैनात रहे, जिससे पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में रखा गया।  प्रशासन के अनुसार, गाटा संख्या 1240 की 168 वर्गमीटर जमीन, जो राजस्व रिकॉर्ड में खाद के गड्ढों के रूप में दर्ज है, उस पर इमामबाड़ा बनाकर अवैध कब्जा किया गया था. वहीं गाटा संख्या 1242 की 87 वर्गमीटर भूमि, जो पशुचर के लिए आरक्षित है, उस पर ईदगाह का निर्माण कर लिया गया था।  इस मामले की शुरुआत जनवरी महीने में हुई थी, जब लेखपालों की टीम ने मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश की थी. 14 जनवरी को जांच रिपोर्ट तैयार कर तहसीलदार को सौंपी गई, जिसमें स्पष्ट रूप से अवैध कब्जे की पुष्टि हुई. इसके बाद 18 जनवरी को धारा 67 के तहत कब्जा हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।  कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 31 जनवरी को तहसीलदार कोर्ट ने अवैध कब्जा हटाने का आदेश जारी किया. उसी आदेश के बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।  अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जो भी व्यक्ति या संस्था नियमों का उल्लंघन करेगी, उसके खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी. कार्रवाई के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया गया।   

गाजियाबाद के इंदिरापुरम में लगी भीषण आग, लखनऊ जैसी स्थिति, आसमान में काले धुएं का गुबार

 गाजियाबाद लखनऊ के बाद अब गाजियाबाद के इंदिरापुरम में भीषण आग की घटना सामने आई है. यहां के कनावनी इलाके में स्थित झुग्गियों में आज अचानक आग लग गई, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया. आग इतनी तेजी से फैली कि कई झुग्गियां इसकी चपेट में आ गई हैं. आसमान पूरी तरह से काले धुएं के गुबार से भर गया है और तेजी से उठती लपटों को देख पूरे इलाके में अफरा-तफरी मची हुई है. अपनी जान बचाने के लिए लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर भाग रहे हैं।  जैसे ही आग लगने की सूचना मिली, स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर विभाग को इसकी जानकारी दी. मौके पर दमकल की कई गाड़ियां पहुंच चुकी हैं और आग पर काबू पाने का काम जारी है. दमकल कर्मी लगातार मशक्कत कर रहे हैं ताकि आग को और ज्यादा फैलने से रोका जा सके. फिलहाल मौके पर फायर ब्रिगेड की टीमें तैनात हैं और लपटों को बुझाने की कोशिश की जा रही है। 

सीएम योगी ने किया पूर्वी यूपी के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का लोकार्पण

मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित हुआ यूपी: मुख्यमंत्री सीएम योगी ने किया पूर्वी यूपी के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का लोकार्पण टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन भी रहे मौजूद नौ वर्ष पहले यूपी में न नीति थी और न ही नीयत: मुख्यमंत्री सीएम ने कहा, टेक्नोलॉजी से जुड़कर हर क्षेत्र में पारंगत बनेंगे प्रदेश के युवा गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़ी सौगात दी। उन्होंने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की तरफ से संचालित महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) फाउंडेशन के सहयोग से बने पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) का लोकार्पण किया। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन की उपस्थिति में लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने खुद को न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेट, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भी स्थापित किया है। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन देखने को मिल रहा है, वैसा नौ वर्ष पहले हो पाना कठिन था। तब सड़कें अच्छी नहीं थीं, बिजली का अता-पता नहीं था। सुरक्षा संकट में थी। न नीति थी और न नीयत। सुरक्षा का माहौल और नीति नहीं होने के कारण निवेश भी नहीं होता था। जब निवेश नहीं होगा तो स्वाभाविक रूप से रोजगार भी नहीं मिलेगा। यही स्थिति तब यूपी की थी, लेकिन आज का यूपी हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे जितना टेक्नोलॉजी के नजदीक जाएंगे, टेक्नोलॉजी हाथ का खिलौना बनती जाएगी। नौजवान जब टेक्नोलॉजी के साथ जुड़ेंगे, पारंगत बनेंगे तो उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, नवाचार सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। वर्तमान व भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस सीएम योगी ने इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने में सहयोग के लिए टाटा समूह के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह सेंटर वर्तमान व भविष्य की इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सहायक होगा। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के रोडमैप को एक महत्वपूर्ण प्लेटफार्म मिलेगा। इस सेंटर को एआई, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, स्पेस टेक्नोलॉजी, थ्रीडी प्रिंटिंग जैसी डिजिटल युग की जरूरतों पर फोकस करते हुए आगे बढ़ाया जा रहा है। यह सेंटर तकनीकी उन्नयन, रिसर्च, इनोवेशन, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की दृष्टि से युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा। एमपीआईटी में स्थापित यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पीएम मोदी की डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया मुहिम को भी आगे बढ़ाने में प्रभावी भूमिका का निर्वहन करेगा।  युवाओं, किसानों व महिलाओं के लिए टेक्नोलॉजी की नई ज्योति मुख्यमंत्री ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस गोरखपुर, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमोत्तर बिहार और नेपाल की तराई से जुड़े नौजवानों, अन्नदाता किसानों और महिलाओं के लिए टेक्नोलॉजी की ज्योति बनकर आया है। यह न केवल पूर्वी उत्तर प्रदेश, बल्कि भारत के विकास को एक नया प्रकाश देने का माध्यम बनेगा। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि यह सेंटर ऐसे क्षेत्र में बना है, जिसे कभी उत्तर प्रदेश का सबसे बैकवर्ड एरिया माना जाता था। अब इस क्षेत्र में युवा, किसान और नारी शक्ति तकनीकी दृष्टि से सशक्त होकर पीएम मोदी के विजन के अनुरूप पूरे क्षेत्र की समृद्धि में योगदान देंगे। एमपी शिक्षा परिषद की स्थापना और इसके योगदान का उल्लेख अपने संबोधन में सीएम योगी ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना और इसके योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि देश जब पराधीन था तब 1932 में तत्कालीन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत श्रीदिग्विजयनाथ जी महाराज ने गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। यह वही शिक्षा परिषद है, जिसने पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए अपने दो संस्थान सरकार को देकर विश्वविद्यालय का शुभारंभ कराया। इसी शिक्षा परिषद के उपक्रम महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में टाटा ग्रुप के सहयोग से शानदार सेंटर आफ एक्सीलेंस यहां के युवाओं को प्राप्त हुआ है। नॉलेज पावर हाउस बन रहा गोरखपुर सीएम योगी ने कहा कि एक समय था जब पूर्वी उत्तर प्रदेश सबसे पिछड़ा माना जाता था। जबकि आज पीएम मोदी की प्रेरणा से यह क्षेत्र आगे बढ़ता हुआ, नॉलेज पावर हाउस के रूप में अपने आप को स्थापित कर रहा है। गोरखपुर में चार पूर्ण क्रियाशील विश्वविद्यालय कार्यरत हैं। इसके साथ ही अभी कुछ दिन पहले भारत सरकार के सहयोग से सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क की भी स्थापना गोरखपुर में की गई है। एक्सप्रेसवे प्रदेश बना उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ वर्ष में यूपी ने खुद को एक्सप्रेसवे प्रदेश के रूप में स्थापित किया है। देश मे 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे यूपी के पास है। गंगा एक्सप्रेसवे इसी माह हम राष्ट्र को समर्पित कराने जा रहे हैं। तब उत्तर प्रदेश का देश के एक्सप्रेसवे में 60 फीसदी हिस्सा होगा। पीएम मोदी के हाथों मंगलवार को लोकार्पित दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर का 65 से 70 फीसदी हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है, जिसका भरपूर फायदा प्रदेश को मिलेगा। यूपी और टेक्नोलॉजी, दोनों में अनलिमिटेड पोटेंशियल मुख्यमंत्री ने कहा टेक्नोलॉजी का विभिन्न क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा सकता है, इसमें अनलिमिटेड पोटेंशियल है, ठीक उत्तर प्रदेश की तरह। यूपी के पोटेंशियल को आगे बढ़ाने में टेक्नोलॉजी बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती है। सरकार की तरफ से अनुकूल वातावरण बनाने का परिणाम है कि भारत में 55 फीसदी मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग अकेले उत्तर प्रदेश में हो रही है और बड़ी संख्या में रोजगार मिल रहा है। 55 से 60 फ़ीसदी इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट भी उत्तर प्रदेश में बन रहे हैं। 96 लाख से अधिक एमएसएमई यूपी के पास हैं। वर्तमान में 32000 से अधिक बड़े कारखाने उत्तर प्रदेश में संचालित हैं। 22000 से अधिक स्टार्टअप प्रदेश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। बुंदेलखंड में 56000 एकड़ में बन रही इंडस्ट्रियल सिटी मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में एनसीआर आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का हब बना है। कानपुर लेदर व ड्रोन टेक्नोलॉजी हब बना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश एग्रीटेक और एमएसएमई का हब बन रहा है। … Read more

एनआईए का बड़ा खुलासा: लखनऊ में आतंकी लॉन्चपैड की साजिश नाकाम

लखनऊ राजधानी लखनऊ में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसमें पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर सक्रिय अल-कायदा हैंडलर उमर हेलमंडी पर राजधानी लखनऊ को आतंकी गतिविधियों का लॉन्चपैड बनाने की साजिश रचने का आरोप सामने आया है। एनआईए की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि 15 अगस्त 2021 से पहले देश में बड़े आतंकी हमलों की योजना बनाई गई थी, जिसकी कमान सीमा पार से संचालित हो रही थी और जिसका संचालन लखनऊ जैसे संवेदनशील शहर से किया जाना था। इस मामले में एनआईए-एटीएस की विशेष अदालत ने मुसीरुद्दीन उर्फ मुसीर, मिनहाज अहमद और तौहीद अहमद शाह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह राज्य के खिलाफ सुनियोजित युद्ध जैसी साजिश थी, जिसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। सोशल मीडिया से तैयार हुआ आतंकी मॉड्यूल जांच में सामने आया कि अल-कायदा के इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (AQIS) हैंडलर उमर हेलमंडी को भारत में नेटवर्क तैयार करने, युवाओं को रेडिकलाइज करने और छोटे-छोटे आतंकी मॉड्यूल बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। उसने सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को चुना और उन्हें संगठन की विचारधारा से जोड़कर आतंकी शपथ दिलवाई, जिसका वीडियो भी बाद में बरामद हुआ और अदालत में इसे महत्वपूर्ण सबूत माना गया। लखनऊ में तैयार हो रहा था लॉन्चपैड जांच एजेंसियों के अनुसार लखनऊ को केवल एक ठिकाने के रूप में नहीं बल्कि आतंकी लॉन्चपैड के रूप में विकसित किया जा रहा था। मड़ियांव, काकोरी, मदेयगंज, वजीरगंज और ठाकुरगंज जैसे इलाकों में हथियार जुटाए गए और स्थानीय स्तर पर नेटवर्क बनाने की कोशिश की गई। डिजिटल माध्यमों से संपर्क और प्रचार भी लगातार किया जा रहा था। सीमा पार से कश्मीर तक फैला नेटवर्क डिजिटल ट्रेल की जांच में यह भी सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क सीमा पार से लगातार निर्देश प्राप्त कर रहा था और इसकी कड़ियां कश्मीर तक भी जुड़ी हुई थीं। योजना के तहत भीड़भाड़ वाले इलाकों, सरकारी प्रतिष्ठानों और संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाने की तैयारी थी, जिसमें मानव बम और विस्फोटक हमलों की साजिश शामिल थी। अदालत का सख्त संदेश एनआईए कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि आतंकवादी हमला हो या न हो, उसकी तैयारी और साजिश ही अपने आप में पूर्ण अपराध है। अदालत ने यह भी माना कि आरोपियों ने केवल विचारधारा साझा नहीं की, बल्कि सक्रिय रूप से आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाया और नेटवर्क तैयार करने में भूमिका निभाई। मददगार भी साजिश में शामिल जांच में यह भी सामने आया कि शकील, मुस्तकीम और मोहम्मद मोईद ने जानते हुए इस आतंकी नेटवर्क को सहायता दी। अदालत ने इसे केवल मदद नहीं बल्कि सक्रिय सहभागिता माना और कहा कि यह एक संगठित आतंकी साजिश का हिस्सा था, जिसे गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा जाना चाहिए। बिजनौर में भी बड़ी कार्रवाई इसी बीच बिजनौर पुलिस ने राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इनमें समीर उर्फ रुहान और राजू राम गेदारा शामिल हैं। आरोप है कि ये लोग सोशल मीडिया और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे और गतिविधियों को आगे बढ़ाने में भूमिका निभा रहे थे। सोशल मीडिया और टेलीग्राम से चल रहा था नेटवर्क जांच में यह भी सामने आया कि पूरा मॉड्यूल टेलीग्राम और व्हाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए सक्रिय था। इसमें युवाओं को जोड़कर उन्हें गाड़ियों में आगजनी, रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने और अन्य राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए प्रेरित किया जा रहा था।