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वाराणसी में आयोजित डायरेक्ट सीडेड राइस कॉन्क्लेव में बोले मुख्यमंत्री

यूपी को वैश्विक फूड बास्केट बनाना हमारा संकल्प : योगी आदित्यनाथ  वाराणसी में आयोजित डायरेक्ट सीडेड राइस कॉन्क्लेव में बोले मुख्यमंत्री  योगी बोले- यूपी आज से तीन गुना अधिक उत्पादन करने में सक्षम  2029-30 तक वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का लक्ष्य, कृषि सेक्टर की अहम भूमिका  – ई-सीडर और प्रिसिजन हिल सीडर उपकरण का सीएम ने किया लोकार्पण – यूपी अकेले करता है भारत का 21% खाद्यान उत्पादन : सीएम योगी – 8 हजार साल पुराना है यूपी में धान की खेती का इतिहास : मुख्यमंत्री  – यूपी के पास 80% भूमि सिंचित : सीएम योगी – लखनऊ में बनेगा 250 एकड़ में सीड पार्क : मुख्यमंत्री – काला नमक चावल को भगवान बुद्ध के प्रसाद के रूप में विश्व स्तर पर बढ़ावा : योगी आदित्यनाथ  वाराणसी अंतराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र में आयोजित डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश को भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक फूड बास्केट के रूप में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर तकनीक और बीज उपलब्ध कराए जाएं तो प्रदेश आज से तीन गुना अधिक उत्पादन करने में सक्षम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी ने लक्ष्य तय किया है कि 2029-30 तक प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाया जाएगा, जिसमें कृषि क्षेत्र सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरी (IRRI) और सीआईपी (CIP) जैसे संस्थानों के सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। शिव और नंदी करते हैं उन्नत खेती के लिए प्रेरित योगी आदित्यनाथ ने काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान विश्वनाथ की नगरी और उनके सहयोगी वृषभ हमें उन्नत खेती की ओर प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि "अन्नं बहु कुर्वीत तद् व्रतम्" की परंपरा को आगे बढ़ाना ही हमारा संकल्प है। उर्वरता, सिंचाई और धूप हैं भारतीय कृषि की ताकत मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी कृषि के लिए उर्वरता, सिंचाई और पर्याप्त धूप सबसे आवश्यक हैं और इन तीनों दृष्टियों से भारत अत्यंत संपन्न है। देश के पास 17 करोड़ हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है, जिसमें से 60 फीसदी भूमि सिंचित है। यूपी तो अकेले देश का 21 फीसदी खाद्यान उत्पादन करता है। कृषि में हुए हैं क्रांतिकारी बदलाव योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीते 11 सालों में कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड, कृषि बीमा, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, लागत से डेढ़ गुना एमएसपी और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से जोड़ा गया है। धान, गेहूं, गन्ना, आलू, दलहन और तिलहन की खेती में यूपी अग्रणी मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के पास 11 फीसदी भूभाग और 17 फीसदी जनसंख्या है, लेकिन यह अकेला राज्य 21 फीसदी खाद्यान उत्पादन करता है। धान, गेहूं, गन्ना, आलू, दलहन और तिलहन की खेती में यूपी अग्रणी है। कृषि विश्वविद्यालय और अनुसंधान यूपी के पास राज्य सरकार के चार, केंद्र सरकार के दो और एक निजी कृषि विश्वविद्यालय हैं। इसके अलावा 89 कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को तकनीकी सहायता दे रहे हैं। 2018 में वाराणसी में ईरी का दक्षिण एशिया केंद्र खुलने के बाद धान की विभिन्न वैरायटी पर रिसर्च जारी है। काला नमक चावल और ऐतिहासिक खेती मुख्यमंत्री ने कहा कि काला नमक चावल भगवान बुद्ध द्वारा तीन हजार साल पहले दिया गया था। इसे हम भगवान बुद्ध के प्रसाद के रूप में पूरी दुनिया में बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूपी में धान की खेती का 8 हजार साल पुराना इतिहास है। तंजावुर और रामनाथपुरम के शिलालेखों में प्राचीन भारत की उन्नत खेती के प्रमाण मिलते हैं। खाद्यान उत्पादन में हुई है पांच गुना वृद्धि आजादी के बाद यूपी में 11.77 मिलियन टन खाद्यान का उत्पादन होता था, जो अब बढ़कर 60 ट्रिलियन टन हो गया है। रकबा भी 170 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 240 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। यह पांच गुना की वृद्धि को दर्शाता है।  सीड पार्क और नई पहल की दी जानकारी मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम पर 250 एकड़ में सीड पार्क स्थापित किया जाएगा। यहां से जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए बेहतर बीज किसानों को  उपलब्ध कराए जाएंगे। डीजी ईरी यवोन पिंटो और डीजी सीआईपी डॉ साइमन हेक की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि आगरा में जल्द ही इंटरनेशनल पोटेटो सेंटर स्थापित होगा। ई-सीडर और प्रिसिजन हिल सीडर का सीएम ने किया लोकार्पण कॉनक्लेव में आईआरआरआई और जेएनवीवी द्वारा विकसित बैट्री संचालित ई-सीडर और प्रिसिजन हिल सीडर का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही धान की सीधी बुवाई, जीरो टिलेज गेहूं और समृद्धि धान नेटवर्क पर आधारित प्रकाशन सामग्री का विमोचन भी किया गया। लैब टू लैंड मॉडल मुख्यमंत्री ने उम्मीद जाहिर की कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर वैज्ञानिक अब केवल लैब तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि जमीन पर उतरकर रिसर्च का डेमॉन्स्ट्रेशन करेंगे ताकि किसानों तक नई तकनीक सीधे पहुंचे। उन्होंने कहा कि यूपी में 70 लाख हेक्टेयर में धान, 100 लाख हेक्टेयर में गेहूं और 29 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती की जाती है। दलहन और तिलहन के लिए भी यहां व्यापक भूमि है। इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्य मंत्री रविन्द्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र दयालु, बलदेव सिंह औलख, प्रमुख सचिव कृषि रविन्द्र कुमार, डीजी ईरी यवोन पिंटो और डीजी सीआईपी डॉ साइमन हेक, श्रीलंका के कृषि सचिव डीबी विक्रमसिंघे, डायरेक्टर आईएसएआरसी डॉ सुधांशु सिंह सहित बड़ी संख्या में कृषि वैज्ञानिक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।  

सीएम ने प्रशासन को दिया निर्देश- गरीबों की जमीन कोई कब्जा न करने पाए

सरकारी जमीनों से तत्काल प्रभाव से हटवाएं अवैध कब्जेः सीएम योगी सीएम ने प्रशासन को दिया निर्देश- गरीबों की जमीन कोई कब्जा न करने पाए ग्राम पंचायत सचिवालय से निवास, आय, जाति प्रमाण-पत्र जारी किए जाने की हो व्यवस्थाः मुख्यमंत्री सीएम ने शहर के अंदर अच्छी सड़क, समुचित साफ सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था सही करने को कहा, बोले- इससे लोगों को अलग आनंद की हो अनुभूति हो मुख्यमंत्री ने पीएम सूर्य घर योजना की बेहतर प्रगति सुनिश्चित किए जाने के साथ ही अधिक से अधिक सोलर पैनल इंस्टॉल कराए जाने पर दिया जोर दीपावली एवं देव दीपावली के दृष्टिगत घाटों के साथ ही गलियों एवं सड़कों की साफ सफाई हो सुनिश्चितः सीएम योगी  सीएम योगी ने दालमंडी सड़क निर्माण कार्य को मिशन मोड में कराए जाने पर दिया विशेष जोर सीएम योगी ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की प्रगति और कानून व्यवस्था की गहन समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा निर्देश  वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सर्किट हाउस सभागार में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की प्रगति जानी और कानून व्यवस्था की गहन समीक्षा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व वादों पर लगातार ध्यान देते हुए सरकारी जमीनों से तत्काल अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने अफसरों से यह भी कहा कि गरीबों की जमीन कोई भी कब्जा न करने पाए। सीएम ने ग्राम पंचायत सचिवालय में सभी आवश्यक कार्यों के निष्पादन समेत निवास, आय, जाति प्रमाण-पत्र वहीं से जारी करने को निर्देशित किया। अधिक से अधिक कल्याण मंडपम के निर्माण पर जोर  मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम के जोनल कार्यालयों में भी सभी सुविधाएं उपलब्ध हों, लोगों को अनावश्यक न दौड़ाया जाए। आईजीआरएस एवं सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त प्रार्थना पत्रों का त्वरित निस्तारण हो एवं इसकी रैंडम चेकिंग की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सीएम ने मौके पर जाने व फीडबैक लेने का भी निर्देश दिया। बोले-कोई भी शिकायत डिफॉल्टर न हो। सीएम ने कहा कि अधिक से अधिक कल्याण मंडपम का निर्माण कराएं। जनप्रतिनिधियों से भी आवश्यक सहयोग लें। इसे कमजोर एवं गरीब परिवारों की बेटियों की शादी एवं अन्य कार्यक्रम के उपयोग में लाया जा सके। बाहरी वार्डों एवं मलिन बस्तियों के विकास कार्य तेजी से कराए जाएं। सीएम ने शहर के अंदर अच्छी सड़क, उचित साफ सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था बेहतर करने को कहा, ताकि लोगों को अलग आनंद की अनुभूति हो। सीएम ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को अभियान चलाकर सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने को कहा।  सोशल मीडिया पर लगातार रखी जाए नजर, अफवाह फैलाने वालों से सख्ती से निपटें  मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर लगातार नजर रखी जाए और अफवाह फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाए। किसी भी घटना एवं शिकायत पर प्रशासन, पुलिस या संबंधित विभाग का क्विक रिस्पॉन्स होना चाहिए। उन्होंने पब्लिक से लगातार संवाद कायम करने और बॉर्डर पर सतर्कता-सुरक्षा पर विशेष ध्यान रखने का का निर्देश दिया। बोले कि अपराधियों एवं गौ तस्करों पर कड़ी नजर रखें तथा ऐसे लोगो पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो। सुरक्षा के दृष्टिगत अधिक से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगवाने को भी सीएम ने निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त तथा जिलाधिकारी को जीएसटी विभाग की मासिक समीक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। पर्व एवं त्योहार मे विशेष सतर्कता बरती जाए। पुलिस बल हर जगह मौजूद रहे। उन्होंने जनपद में गतिमान विकास के कार्यों को गुणवत्ता पूर्ण ढंग से तय समयसीमा में पूरा कराने को कहा।  गंगा महोत्सव व देव दीपावली का हो अविस्मरणीय आयोजन  मुख्यमंत्री ने गंगा महोत्सव एवं देव दीपावली को बेहतर तरीके से किए जाने के लिए ठोस तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बोले कि यह आयोजन अविस्मरणीय होना चाहिए। फ्रेट विलेज परियोजना में आ रही बाधा का तत्काल निस्तारण कराकर परियोजना में तेजी लाए जाने का भी निर्देश दिया। पीएम सूर्य घर योजना की बेहतर प्रगति सुनिश्चित किए जाने के साथ ही अधिक से अधिक सोलर पैनल इंस्टॉल कराए जाने पर जोर दिया। उन्होंने वरुणा एवं अस्सी नदी के समुचित साफ सफाई के साथ ही इनके पुनरोद्धार के कार्य पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। दीपावली एवं देव दीपावली के दृष्टिगत घाटों, गलियों एवं सड़को की साफ सफाई सुनिश्चित करने पर भी उनका जोर रहा। दालमंडी सड़क निर्माण कार्य को मिशन मोड में कराए जाने के लिए कहा। त्योहारी सीजन को देखते हुए बाजार में ट्रैफिक, सिविल पुलिस के साथ होमगार्ड्स की ड्यूटी एवं फूट पेट्रोलिंग कराई जाय। मुख्यमंत्री ने सभी वार्डों में सड़कों, गलियों, सीवर के साथ ही यूरिनल एवं टॉयलेट की नियमित रूप से साफ सफाई सुनिश्चित कराए जाने का निर्देश नगर निगम को दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए केयर टेकर की जिम्मेदारी तय करें।  आयुक्त, पुलिस कमिश्नर, एडीजी व डीएम ने सीएम को दी जानकारी मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने मुख्यमंत्री को देव दीपावली की तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने जनपद की कानून व्यवस्था, प्रदेश में जनपद की रैंक, गौ-तस्करों पर कार्रवाई,  साइबर क्राइम, ऑपरेशन कनविक्शन, मिशन शक्ति 5.0 के दौरान हो रहे कार्यों की जानकारी दी। एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया ने जोन के सभी 9 जनपदों में मिशन शक्ति 5.0, गोतस्करों- अवैध शराब पर करवाई, ई-साक्ष्य की व्यवस्था, ऑपरेशन त्रिनेत्र, फूट पेट्रोलिंग, पैदल गश्त, जनसुनवाई आदि की विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने जनपद में निर्माणाधीन परियोजनाओं की जानकारी दी और बताया कि वर्तमान में लगभग 18 हजार करोड़ के कुल 128 प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। इसमें निर्माणाधीन रिंग रोड फेज दो के कार्यों को जून 2026 तक पूरा करा लिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन पांडेयपुर मेडिकल कॉलेज के कार्यों में मैनपॉवर बढ़ाकर प्रगति लाने का निर्देश दिया।  बैठक में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, स्टांप राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, राय धर्मेंद्र सिंह, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, डॉ. अवधेश सिंह, डॉ. सुनील पटेल, त्रिभुवन राम के साथ ही आलाधिकारी भी मौजूद रहे।

सीएम योगी के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत देवीपाटन मंडल में हर सोमवार को विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों के लिए अायोजित किया जा रहा कार्यक्रम

मिशन शक्ति 5.0  मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद के पहले दिन 45 से अधिक महिलाओं ने साझा की समस्याएं, त्वरित निस्तारण के निर्देश से खिले चेहरे  सीएम योगी के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत देवीपाटन मंडल में हर सोमवार को विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों के लिए अायोजित किया जा रहा कार्यक्रम जनसुनवाई कार्यक्रम का मंडल मुख्यालय में 6 अक्टूबर को किया गया शुभारंभ, महिला अधिकारियों ने भी सुनीं समस्याएं – मौके पर ही चार महिलाओं की समस्या का किया गया निस्तारण, तुरंत समस्या के निस्तारण से गदगद नजर आईं शिकायतकर्ता  – मंडलायुक्त ने कई अधिकारियों को जनसुनवाई के दौरान किया तलब, तत्काल समस्या के निस्तारण के दिये निर्देश  – विभिन्न विभागों के अधिकारियों को समस्या के निस्तारण के लिए व्हाट्सएप पर भेजा गया प्रार्थना पत्र  – मंडलायुक्त बोले, व्हाट्सएप पर भेजे गये सभी प्रार्थना पत्र को अधिकारी गंभीरता से लेते हुए निस्तारित करें  लखनऊ/गोंडा  योगी सरकार के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत देवीपाटन मंडल मुख्यालय में साेमवार को महिलाओं और बेटियों के लिए “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद”, संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान मंडल के चार जिलों (गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती) से आईं 45 से अधिक महिलाओं ने अपनी समस्या साझा की। मंडलायुक्त ने महिलाओं की समस्या सुनने के साथ कई मामले के तत्काल निस्तारण के निर्देश दिये। इतना ही नहीं अधिकारी महिलाओं की समस्या के निस्तारण के लिए खुद उनके द्वार पर जाएंगे क्योंकि कार्यक्रम में कई महिलाएं ऐसी आईं, जो अपनी समस्या की बेसिक चीजें बताने में असमर्थ थीं। संवाद कार्यक्रम में चार महिलाओं की समस्या का मौके पर ही निस्तारण किया गया। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति अभियान के तहत देवीपाटन मंडल मुख्यालय में हर सोमवार को महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इतना ही नहीं महिलाओं की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है, जिसमें अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी महिलाएं हैं।  मंडलायुक्त ने संवाद कार्यक्रम में डिप्टी कमिश्नर फूड को किया तलब देवीपाटन मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत मंडल की विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए हर सोमवार को “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद” संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत 6 अक्टूबर सोमवार को कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें मंडल के चार जिलों क्रमश: गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती से 45 से अधिक महिलाओं ने प्रतिभाग किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में सभी महिलाओं ने विस्तार से अपनी समस्याओं को बताया। इसमें भूमि विवाद, चकरोड मार्ग, राशन कार्ड, आवास समेत अन्य विभागीय मामलों से संबंधित विषय प्रमुख रूप से सामने आए। मंडलायुक्त ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण प्राथमिकता के अाधार पर जल्द से जल्द किया जाए। मंडलायुक्त ने राशन कार्ड से संबंधित समस्याओं काे देखते हुए डिप्टी कमिश्नर फूड विजय प्रभा को तत्काल आफिस बुलाया। उन्होंने डिप्टी कमिश्नर फूड को निर्देशित किया कि राशन कार्ड से संबधित समस्याओं को दो से तीन दिन के अंदर निस्तारित करें और उन्हे सूचित करें।  महिला अधिकारियों को अपने बीच पा गदगद नजर आईं महिलाएं  महिला जनसुनवाई के दौरान महिलाओं की सुविधा के लिए महिला हेल्प डेस्क की स्थापना भी की गई थी। यह डेस्क उन महिलाओं के लिए सहायक साबित हुई जो स्वयं प्रार्थना पत्र लिखने में असमर्थ थीं। हेल्प डेस्क के कर्मचारियों ने उनकी समस्याओं को सुनकर उचित प्रारूप में आवेदन तैयार कराया और अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। इस पहल से महिलाओं को बड़ी राहत मिली और वे आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकीं। जनसुनवाई में नाजरीन, लक्ष्मी देवी, पूनम, सीमा, चंदा देवी, काजल, विनीता, राजकुमारी, मोनिका और उमा सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। सभी ने अपनी समस्याओं को सीधे आयुक्त के समक्ष रखकर त्वरित निस्तारण की उम्मीद जताई। महिला अधिकारी अपर आयुक्त न्यायिक देवीपाटन मीनू राणा तथा उपायुक्त खाद्य देवीपाटन विजय प्रभा भी उपस्थित रहीं। उन्होंने भी जनसुनवाई के दौरान कई महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए। महिला अधिकारियों की मौजूदगी ने जनसुनवाई को और अधिक संवेदनशील एवं भरोसेमंद बनाया। मंडलायुक्त के आदेश पर समस्या के निस्तारण को व्हाट्सएप पर भेजा गया प्रार्थना पत्र जनसुनवाई के दौरान मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने कई अधिकारियों को फोन पर ही शिकायतकर्ताओं की समस्याओं से अवगत कराया और जल्द से जल्द निस्तारण कर आख्या उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए। इससे महिलाओं में प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ।  विशेष जनसुनवाई ने महिलाओं में यह भरोसा जगाया कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर और प्रतिबद्ध है। महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी आवाज उठाने के लिए एक सशक्त मंच मिल गया है। इसके साथ ही मंडल के जिलों के अधिकारियों के व्हाट्सएप पर प्रार्थना पत्र भेजे गये ताकि मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जा सके। इतना ही नहीं महिलाओं को विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के बारे में विस्तार से बताया गया। इस दौरान कई महिलाओं ने विकसित उत्तर प्रदेश @2047 को लेकर अपने सुझाव भी दिये।    

युवाओं को मुफ्त आवास-भोजन के साथ मिलेगा ₹24 हजार से ₹1.20 लाख तक का आकर्षक पैकेज

गोरखपुर में रोजगार महाकुम्भ-2025 यूएई-ओमान में 10 हजार से अधिक नौकरियां देगी योगी सरकार  युवाओं को मुफ्त आवास-भोजन के साथ मिलेगा ₹24 हजार से ₹1.20 लाख तक का आकर्षक पैकेज  मिशन रोजगार के तहत योगी सरकार युवाओं को लगातार दे रही है विदेशों में रोजगार के अवसर  रोजगार महाकुम्भ में श्रमिक से सुपरवाइज़र तक, हर स्किल्ड युवाओं को मिलेगा मौका  – पारदर्शिता और निष्पक्षता से होगी भर्ती, एडमिट कार्ड पर क्यूआर कोड होगा अनिवार्य – सेवायोजन विभाग ने युवाओं से की तत्काल पंजीकरण करने की अपील लखनऊ योगी सरकार के मिशन रोजगार के तहत प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखनऊ में तीन दिवसीय रोजगार महाकुम्भ के बाद अब सेवायोजन विभाग द्वारा गोरखपुर में आगामी 14 से 15 अक्टूबर तक मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 'रोजगार महाकुम्भ-2025' का आयोजन किया जा रहा है। इस मेगा जॉब फेयर के माध्यम से यूएई और ओमान जैसे देशों में कंस्ट्रक्शन और अन्य क्षेत्रों में 10,855 रिक्तियों के लिए विभिन्न पदों पर भर्तियां की जाएंगी, जिसमें मासिक वेतन 24,000 रुपये से लेकर 1,20,769 रुपये तक निर्धारित किया गया है। योगी सरकार की यह पहल न केवल बेरोजगारी को कम करेगी, बल्कि रेमिटेंस के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। गोरखपुर में आयोजित यह रोजगार महाकुम्भ पूर्वांचल के युवाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा, जो अपने कौशल को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर पाएंगे। सरकार का लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करते हुए हर युवा को रोजगार के योग्य बनाना है।  बता दें कि अगस्त महीने में लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय रोजगार महाकुम्भ 2025 में 10 हजार युवाओं को देश व विदेश में रोजगार के अवसर प्रदान किये जाने का लक्ष्य था, परन्तु इस महाकुम्भ में कुल 16897 युवाओं को विभिन्न संस्थानों एवं कम्पनियों के माध्यम से चयन किया गया है। योगी सरकार प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पर प्रदान कर रही है। गोरखपुर में लगने वाले रोजगार महाकुम्भ में विभिन्न क्षेत्रों में कुल 10,855 रिक्तियों पर भर्तियां की जाएंगी। इसमें निर्माण श्रमिकों, सुपरवाइजर्स, ड्राइवर्स और कार्पेंटर्स जैसे कुशल व अकुशल पदों पर भर्ती का विशेष जोर रहेगा। प्रमुख पदों में शामिल हैं- •    कंस्ट्रक्शन वर्कर्स सहित सुपरवाइजर रिगिंग: 6 पद (यूएई व ओमान), वेतनमान 1,20,760 रुपये प्रतिमाह। •    मोबाइल पंप ऑपरेटर: 50 पद, वेतनमान 90,643 रुपये प्रतिमाह। •    ट्रांजिट मिक्सर ड्राइवर (यूएई): 50 पद, वेतनमान 72,514 रुपये प्रतिमाह। •    फोरमैन सिविल: 15 पद, वेतनमान 66,422 रुपये प्रतिमाह। •    हैवी ट्रक ड्राइवर (यूएई): 50 पद, वेतनमान 58,011 रुपये प्रतिमाह। •    हैवी बस चालक (यूएई लाइसेंस): 50 पद, वेतनमान 53,177 रुपये प्रतिमाह। •    शटरिंग कार्पेंटर: 1,000 पद, वेतनमान 28,800 रुपये प्रतिमाह। •    कंस्ट्रक्शन हेल्पर: 4,500 पद, वेतनमान 24,000 रुपये प्रतिमाह। सेवायोजन विभाग ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए सभी रिक्तियों का विवरण अपने आधिकारिक पोर्टल rojgaarsangam.up.gov.in पर अपलोड किया है। इच्छुक अभ्यर्थी इस पोर्टल पर पंजीकरण और आवेदन कर सकते हैं। साक्षात्कार के लिए चयनित उम्मीदवारों को क्यूआर कोड लिंक्ड एडमिट कार्ड डाउनलोड करना जरूरी होगा। यह डिजिटल व्यवस्था न केवल प्रक्रिया को सुगम बनाएगी, बल्कि पारदर्शिता और निष्पक्षता भी सुनिश्चित करेगी। रोजगार महाकुम्भ में भाग लेने के लिए सेवायोजन विभाग ने युवाओं से तत्काल पंजीकरण करने की अपील की है। सेवायोजन विभाग के अपर निदेशक पीके पुन्डीर ने बताया कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए न केवल रोजगार का सुनहरा अवसर है, बल्कि वैश्विक स्तर पर उनकी पहचान स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने की बाबा विश्वनाथ की आराधना, ‘काशी कोतवाल’ काल भैरव के दर पर भी झुकाया शीश

मुख्यमंत्री ने की बाबा विश्वनाथ की आराधना, 'काशी कोतवाल' काल भैरव के दर पर भी झुकाया शीश सीएम योगी ने श्रद्धालुओं का किया अभिवादन, रास्ते में बच्चों को बांटी चॉकलेट  मुख्यमंत्री ने नवजात को दिया आशीर्वाद  सीएम योगी ने नमो घाट पर गंगा आरती का शुभारंभ भी किया वाराणसी  मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने शरद पूर्णिमा के पावन पर्व पर सोमवार को काशी विश्वनाथ धाम व 'काशी कोतवाल' काल भैरव का दर्शन-पूजन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ गर्भगृह में षोडशोपचार पूजन कर बाबा के चरणों में हाजिरी लगाई। सीएम योगी ने मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने काल भैरव मंदिर में भी विधि विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि की कामना की। सीएम योगी ने नमो घाट पर गंगा आरती का औपचारिक शुभारंभ भी किया। बच्चों को बांटी चॉकलेट, नवजात को दिया आशीर्वाद मुख्यमंत्री के रूप में पूरे दिन 'कर्म पथ' से गुज़रने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शाम को 'धर्म पथ' भी पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों का अभिवादन किया। वहीं सीएम को देखकर बाबा के भक्तों ने भी हर-हर महादेव का जयकारा लगाया। काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन के उपरांत मुख्यमंत्री ने रास्ते में बच्चों को टॉफी व चॉकलेट बांटा। सीएम ने बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में भी पूछा। मंदिर के पास ही मां की गोद में नवजात को देखकर रुके सीएम ने उसे आशीर्वाद भी दिया।   दर्शन-पूजन के दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, स्टांप राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र सिंह, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, डॉ. अवधेश सिंह, टी. राम आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने पं. छन्नूलाल मिश्र को दी श्रद्धांजलि, परिजनों से मिलकर व्यक्त की संवेदना

मुख्यमंत्री ने पं. छन्नूलाल मिश्र को दी श्रद्धांजलि, परिजनों से मिलकर व्यक्त की संवेदना   सिद्धगिरी बाग, (बड़ी गैबी)सिगरा स्थित आवास पर पहुंचकर अर्पित किया श्रद्धासुमन  वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शास्त्रीय संगीत के दिग्गज पंडित छन्नूलाल मिश्र को सोमवार को श्रद्धांजलि दी। पं. मिश्र का विगत दिनों निधन हो गया था। मुख्यमंत्री देर शाम उनके सिद्धगिरी बाग, (बड़ी गैबी) सिगरा स्थित आवास पर गए। मुख्यमंत्री ने स्व. मिश्र के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पं. मिश्र के परिवार में उनकी बेटी नमता, बहन शकुंतला, भांजे गगन समेत परिवार के अन्य सदस्यों को भी ढांढस बंधाया। पंडित छन्नूलाल मिश्र को 2020 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।  इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, स्टांप राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ दयाशंकर मिश्र 'दयालु' आदि भी मौजूद रहे।

गोरखपुर में रोजगार महाकुम्भ-2025, युवाओं को मुफ्त आवास-भोजन के साथ मिलेगा ₹24 हजार से ₹1.20 लाख तक का आकर्षक पैकेज

रोजगार महाकुम्भ में श्रमिक से सुपरवाइज़र तक, हर स्किल्ड युवाओं को मिलेगा मौका पारदर्शिता और निष्पक्षता से होगी भर्ती, एडमिट कार्ड पर क्यूआर कोड होगा अनिवार्य सेवायोजन विभाग ने युवाओं से की तत्काल पंजीकरण करने की अपील लखनऊ,  योगी सरकार के मिशन रोजगार के तहत प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखनऊ में तीन दिवसीय रोजगार महाकुम्भ के बाद अब सेवायोजन विभाग द्वारा गोरखपुर में आगामी 14 से 15 अक्टूबर तक मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 'रोजगार महाकुम्भ-2025' का आयोजन किया जा रहा है। इस मेगा जॉब फेयर के माध्यम से यूएई और ओमान जैसे देशों में कंस्ट्रक्शन और अन्य क्षेत्रों में 10,855 रिक्तियों के लिए विभिन्न पदों पर भर्तियां की जाएंगी, जिसमें मासिक वेतन 24,000 रुपये से लेकर 1,20,769 रुपये तक निर्धारित किया गया है। योगी सरकार की यह पहल न केवल बेरोजगारी को कम करेगी, बल्कि रेमिटेंस के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। गोरखपुर में आयोजित यह रोजगार महाकुम्भ पूर्वांचल के युवाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा, जो अपने कौशल को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर पाएंगे। सरकार का लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करते हुए हर युवा को रोजगार के योग्य बनाना है। बता दें कि अगस्त महीने में लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय रोजगार महाकुम्भ 2025 में 10 हजार युवाओं को देश व विदेश में रोजगार के अवसर प्रदान किये जाने का लक्ष्य था, परन्तु इस महाकुम्भ में कुल 16897 युवाओं को विभिन्न संस्थानों एवं कम्पनियों के माध्यम से चयन किया गया है। योगी सरकार प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पर प्रदान कर रही है। गोरखपुर में लगने वाले रोजगार महाकुम्भ में विभिन्न क्षेत्रों में कुल 10,855 रिक्तियों पर भर्तियां की जाएंगी। इसमें निर्माण श्रमिकों, सुपरवाइजर्स, ड्राइवर्स और कार्पेंटर्स जैसे कुशल व अकुशल पदों पर भर्ती का विशेष जोर रहेगा। प्रमुख पदों में शामिल हैं- •    कंस्ट्रक्शन वर्कर्स सहित सुपरवाइजर रिगिंग: 6 पद (यूएई व ओमान), वेतनमान 1,20,760 रुपये प्रतिमाह। •    मोबाइल पंप ऑपरेटर: 50 पद, वेतनमान 90,643 रुपये प्रतिमाह। •    ट्रांजिट मिक्सर ड्राइवर (यूएई): 50 पद, वेतनमान 72,514 रुपये प्रतिमाह। •    फोरमैन सिविल: 15 पद, वेतनमान 66,422 रुपये प्रतिमाह। •    हैवी ट्रक ड्राइवर (यूएई): 50 पद, वेतनमान 58,011 रुपये प्रतिमाह। •    हैवी बस चालक (यूएई लाइसेंस): 50 पद, वेतनमान 53,177 रुपये प्रतिमाह। •    शटरिंग कार्पेंटर: 1,000 पद, वेतनमान 28,800 रुपये प्रतिमाह। •    कंस्ट्रक्शन हेल्पर: 4,500 पद, वेतनमान 24,000 रुपये प्रतिमाह। सेवायोजन विभाग ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए सभी रिक्तियों का विवरण अपने आधिकारिक पोर्टल rojgaarsangam.up.gov.in पर अपलोड किया है। इच्छुक अभ्यर्थी इस पोर्टल पर पंजीकरण और आवेदन कर सकते हैं। साक्षात्कार के लिए चयनित उम्मीदवारों को क्यूआर कोड लिंक्ड एडमिट कार्ड डाउनलोड करना जरूरी होगा। यह डिजिटल व्यवस्था न केवल प्रक्रिया को सुगम बनाएगी, बल्कि पारदर्शिता और निष्पक्षता भी सुनिश्चित करेगी। रोजगार महाकुम्भ में भाग लेने के लिए सेवायोजन विभाग ने युवाओं से तत्काल पंजीकरण करने की अपील की है। सेवायोजन विभाग के अपर निदेशक पीके पुन्डीर ने बताया कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए न केवल रोजगार का सुनहरा अवसर है, बल्कि वैश्विक स्तर पर उनकी पहचान स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

वाराणसी में आयोजित डायरेक्ट सीडेड राइस कॉन्क्लेव में बोले मुख्यमंत्री

 8 हजार साल पुराना है यूपी में धान की खेती का इतिहास : मुख्यमंत्री यूपी के पास 80% भूमि सिंचित : सीएम योगी लखनऊ में बनेगा 250 एकड़ में सीड पार्क : मुख्यमंत्री काला नमक चावल को भगवान बुद्ध के प्रसाद के रूप में विश्व स्तर पर बढ़ावा : योगी आदित्यनाथ वाराणसी, अंतराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र में आयोजित डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश को भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक फूड बास्केट के रूप में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर तकनीक और बीज उपलब्ध कराए जाएं तो प्रदेश आज से तीन गुना अधिक उत्पादन करने में सक्षम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी ने लक्ष्य तय किया है कि 2029-30 तक प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाया जाएगा, जिसमें कृषि क्षेत्र सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरी (IRRI) और सीआईपी (CIP) जैसे संस्थानों के सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। शिव और नंदी करते हैं उन्नत खेती के लिए प्रेरित योगी आदित्यनाथ ने काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान विश्वनाथ की नगरी और उनके सहयोगी वृषभ हमें उन्नत खेती की ओर प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि "अन्नं बहु कुर्वीत तद् व्रतम्" की परंपरा को आगे बढ़ाना ही हमारा संकल्प है। उर्वरता, सिंचाई और धूप हैं भारतीय कृषि की ताकत मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी कृषि के लिए उर्वरता, सिंचाई और पर्याप्त धूप सबसे आवश्यक हैं और इन तीनों दृष्टियों से भारत अत्यंत संपन्न है। देश के पास 17 करोड़ हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है, जिसमें से 60 फीसदी भूमि सिंचित है। यूपी तो अकेले देश का 21 फीसदी खाद्यान उत्पादन करता है। कृषि में हुए हैं क्रांतिकारी बदलाव योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीते 11 सालों में कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड, कृषि बीमा, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, लागत से डेढ़ गुना एमएसपी और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से जोड़ा गया है। धान, गेहूं, गन्ना, आलू, दलहन और तिलहन की खेती में यूपी अग्रणी मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के पास 11 फीसदी भूभाग और 17 फीसदी जनसंख्या है, लेकिन यह अकेला राज्य 21 फीसदी खाद्यान उत्पादन करता है। धान, गेहूं, गन्ना, आलू, दलहन और तिलहन की खेती में यूपी अग्रणी है। कृषि विश्वविद्यालय और अनुसंधान यूपी के पास राज्य सरकार के चार, केंद्र सरकार के दो और एक निजी कृषि विश्वविद्यालय हैं। इसके अलावा 89 कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को तकनीकी सहायता दे रहे हैं। 2018 में वाराणसी में ईरी का दक्षिण एशिया केंद्र खुलने के बाद धान की विभिन्न वैरायटी पर रिसर्च जारी है। काला नमक चावल और ऐतिहासिक खेती मुख्यमंत्री ने कहा कि काला नमक चावल भगवान बुद्ध द्वारा तीन हजार साल पहले दिया गया था। इसे हम भगवान बुद्ध के प्रसाद के रूप में पूरी दुनिया में बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूपी में धान की खेती का 8 हजार साल पुराना इतिहास है। तंजावुर और रामनाथपुरम के शिलालेखों में प्राचीन भारत की उन्नत खेती के प्रमाण मिलते हैं। खाद्यान उत्पादन में हुई है पांच गुना वृद्धि आजादी के बाद यूपी में 11.77 मिलियन टन खाद्यान का उत्पादन होता था, जो अब बढ़कर 60 ट्रिलियन टन हो गया है। रकबा भी 170 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 240 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। यह पांच गुना की वृद्धि को दर्शाता है। सीड पार्क और नई पहल की दी जानकारी मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम पर 250 एकड़ में सीड पार्क स्थापित किया जाएगा। यहां से जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए बेहतर बीज किसानों को  उपलब्ध कराए जाएंगे। डीजी ईरी यवोन पिंटो और डीजी सीआईपी डॉ साइमन हेक की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि आगरा में जल्द ही इंटरनेशनल पोटेटो सेंटर स्थापित होगा। ई-सीडर और प्रिसिजन हिल सीडर का सीएम ने किया लोकार्पण कॉनक्लेव में आईआरआरआई और जेएनवीवी द्वारा विकसित बैट्री संचालित ई-सीडर और प्रिसिजन हिल सीडर का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही धान की सीधी बुवाई, जीरो टिलेज गेहूं और समृद्धि धान नेटवर्क पर आधारित प्रकाशन सामग्री का विमोचन भी किया गया। लैब टू लैंड मॉडल मुख्यमंत्री ने उम्मीद जाहिर की कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर वैज्ञानिक अब केवल लैब तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि जमीन पर उतरकर रिसर्च का डेमॉन्स्ट्रेशन करेंगे ताकि किसानों तक नई तकनीक सीधे पहुंचे। उन्होंने कहा कि यूपी में 70 लाख हेक्टेयर में धान, 100 लाख हेक्टेयर में गेहूं और 29 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती की जाती है। दलहन और तिलहन के लिए भी यहां व्यापक भूमि है। इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्य मंत्री रविन्द्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र दयालु, बलदेव सिंह औलख, प्रमुख सचिव कृषि रविन्द्र कुमार, डीजी ईरी यवोन पिंटो और डीजी सीआईपी डॉ साइमन हेक, श्रीलंका के कृषि सचिव डीबी विक्रमसिंघे, डायरेक्टर आईएसएआरसी डॉ सुधांशु सिंह सहित बड़ी संख्या में कृषि वैज्ञानिक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

तौकीर रज़ा के सात मददगारों को खोजने की मुहिम चल पड़ी, बरेली पुलिस दे रही 15,000 रुपये इनाम

बरेली  उत्तर प्रदेश पुलिस ने इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल (IMC) के नेता तौकीर रज़ा के सात सहयोगियों की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने पर 15-15 हजार रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है. ये सभी पिछले महीने 'आई लव मुहम्मद' पोस्टर को लेकर भड़की हिंसा के सिलसिले में फरार हैं. बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य ने रविवार को बताया कि 26 सितंबर को भड़की हिंसा के बाद दर्ज की गई एफआईआर में सात लोगों के नाम हैं. वांछित सूची में शामिल लोगों में इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल (IMC) के युवा जिला अध्यक्ष साजिद सकलानी, शहर युवा अध्यक्ष अल्तमस राजा, अफजल बेग, नायाब उर्फ ​​निम्मा, बबलू खान, नदीम और अदनान सकलानी शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, साजिद और अल्तमस बारादरी थाने में दर्ज मामलों में वांछित हैं, जबकि अफ़ज़ल बेग किला और बारादरी थानों में दर्ज मामलों में वांछित है. पुलिस ने बताया कि नायाब उर्फ़ निम्मा और बबलू खान बारादरी थाने में हिस्ट्रीशीटर के रूप में सूचीबद्ध हैं, जबकि नदीम पर सामूहिक बलात्कार का भी आरोप है. पुलिस ने पीटीआई को बताया कि अदनान सकलानी ने कथित तौर पर युवकों को हिंसा में शामिल होने के लिए उकसाया था. एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं. पुलिस अफसर ने कहा कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. जल्द ही गिरफ्तारियां की जाएंगी. आपको बता दें कि यह विवाद 9 सितंबर को तब शुरू हुआ जब कानपुर पुलिस ने 4 सितंबर को एक धार्मिक जुलूस के दौरान 'आई लव मुहम्मद' लिखे बोर्ड लगाने के आरोप में 24 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. बरेली में 26 सितंबर को उस वक्त तनाव फैल गया, जब 'आई लव मुहम्मद' पोस्टरों को लेकर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन रद्द होने के बाद शुक्रवार की नमाज के बाद शहर के मध्य में स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी. विरोध प्रदर्शन के दौरान, जब पुलिस ने खलील तिराहे पर भीड़ को रोकने की कोशिश की, तो झड़पें शुरू हो गईं. पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया, जिन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया. झड़पों में कई लोग घायल हो गए थे. पुलिस जांच में बाद में पता चला कि आईएमसी के कुछ नेताओं ने विरोध प्रदर्शन की आड़ में दंगे भड़काने की कथित तौर पर साजिश रची थी. पुलिस ने अब तक इस मामले में 80 से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया है, जिनमें आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा खान, राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता नफ़ीस, पूर्व ज़िला अध्यक्ष नदीम खान, सोशल मीडिया प्रभारी फरहत खान, शहर अध्यक्ष अनीस सकलानी, संस्थापक सदस्य मोइन सिद्दीकी, पूर्व ज़िला अध्यक्ष मुनीर इदरीशी और ज़िला अध्यक्ष शमसाद शामिल हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के सिलसिले में कोतवाली, कैंट, बारादरी, प्रेमनगर और किला थानों में दस एफआईआर दर्ज की गईं हैं, जिनमें 125 लोगों को नामज़द किया गया और लगभग 3,000 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.

सीएम योगी के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत देवीपाटन मंडल में हर सोमवार को विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों के लिए आयोजित किया जा रहा कार्यक्रम

– मंडलायुक्त ने कई अधिकारियों को जनसुनवाई के दौरान किया तलब, तत्काल समस्या के निस्तारण के दिये निर्देश – विभिन्न विभागों के अधिकारियों को समस्या के निस्तारण के लिए व्हाट्सएप पर भेजा गया प्रार्थना पत्र – मंडलायुक्त बोले, व्हाट्सएप पर भेजे गये सभी प्रार्थना पत्र को अधिकारी गंभीरता से लेते हुए निस्तारित करें लखनऊ/गोंडा, योगी सरकार के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत देवीपाटन मंडल मुख्यालय में साेमवार को महिलाओं और बेटियों के लिए “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद”, संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान मंडल के चार जिलों (गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती) से आईं 45 से अधिक महिलाओं ने अपनी समस्या साझा की। मंडलायुक्त ने महिलाओं की समस्या सुनने के साथ कई मामले के तत्काल निस्तारण के निर्देश दिये। इतना ही नहीं अधिकारी महिलाओं की समस्या के निस्तारण के लिए खुद उनके द्वार पर जाएंगे क्योंकि कार्यक्रम में कई महिलाएं ऐसी आईं, जो अपनी समस्या की बेसिक चीजें बताने में असमर्थ थीं। संवाद कार्यक्रम में चार महिलाओं की समस्या का मौके पर ही निस्तारण किया गया। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति अभियान के तहत देवीपाटन मंडल मुख्यालय में हर सोमवार को महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इतना ही नहीं महिलाओं की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है, जिसमें अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी महिलाएं हैं। मंडलायुक्त ने संवाद कार्यक्रम में डिप्टी कमिश्नर फूड को किया तलब देवीपाटन मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत मंडल की विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए हर सोमवार को “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद” संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत 6 अक्टूबर सोमवार को कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें मंडल के चार जिलों क्रमश: गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती से 45 से अधिक महिलाओं ने प्रतिभाग किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में सभी महिलाओं ने विस्तार से अपनी समस्याओं को बताया। इसमें भूमि विवाद, चकरोड मार्ग, राशन कार्ड, आवास समेत अन्य विभागीय मामलों से संबंधित विषय प्रमुख रूप से सामने आए। मंडलायुक्त ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण प्राथमिकता के अाधार पर जल्द से जल्द किया जाए। मंडलायुक्त ने राशन कार्ड से संबंधित समस्याओं काे देखते हुए डिप्टी कमिश्नर फूड विजय प्रभा को तत्काल आफिस बुलाया। उन्होंने डिप्टी कमिश्नर फूड को निर्देशित किया कि राशन कार्ड से संबधित समस्याओं को दो से तीन दिन के अंदर निस्तारित करें और उन्हे सूचित करें। महिला अधिकारियों को अपने बीच पा गदगद नजर आईं महिलाएं महिला जनसुनवाई के दौरान महिलाओं की सुविधा के लिए महिला हेल्प डेस्क की स्थापना भी की गई थी। यह डेस्क उन महिलाओं के लिए सहायक साबित हुई जो स्वयं प्रार्थना पत्र लिखने में असमर्थ थीं। हेल्प डेस्क के कर्मचारियों ने उनकी समस्याओं को सुनकर उचित प्रारूप में आवेदन तैयार कराया और अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। इस पहल से महिलाओं को बड़ी राहत मिली और वे आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकीं। जनसुनवाई में नाजरीन, लक्ष्मी देवी, पूनम, सीमा, चंदा देवी, काजल, विनीता, राजकुमारी, मोनिका और उमा सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। सभी ने अपनी समस्याओं को सीधे आयुक्त के समक्ष रखकर त्वरित निस्तारण की उम्मीद जताई। महिला अधिकारी अपर आयुक्त न्यायिक देवीपाटन मीनू राणा तथा उपायुक्त खाद्य देवीपाटन विजय प्रभा भी उपस्थित रहीं। उन्होंने भी जनसुनवाई के दौरान कई महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए। महिला अधिकारियों की मौजूदगी ने जनसुनवाई को और अधिक संवेदनशील एवं भरोसेमंद बनाया। मंडलायुक्त के आदेश पर समस्या के निस्तारण को व्हाट्सएप पर भेजा गया प्रार्थना पत्र जनसुनवाई के दौरान मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने कई अधिकारियों को फोन पर ही शिकायतकर्ताओं की समस्याओं से अवगत कराया और जल्द से जल्द निस्तारण कर आख्या उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए। इससे महिलाओं में प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ।  विशेष जनसुनवाई ने महिलाओं में यह भरोसा जगाया कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर और प्रतिबद्ध है। महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी आवाज उठाने के लिए एक सशक्त मंच मिल गया है। इसके साथ ही मंडल के जिलों के अधिकारियों के व्हाट्सएप पर प्रार्थना पत्र भेजे गये ताकि मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जा सके। इतना ही नहीं महिलाओं को विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के बारे में विस्तार से बताया गया। इस दौरान कई महिलाओं ने विकसित उत्तर प्रदेश @2047 को लेकर अपने सुझाव भी दिये।