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उद्योगों की स्थापना के साथ-साथ योगी सरकार का हरियाली पर भी विशेष फोकस

पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बनेगा पीएम मित्र पार्क- मुख्यमंत्री योगी उद्योगों की स्थापना के साथ-साथ योगी सरकार का हरियाली पर भी विशेष फोकस लखनऊ में बन रहे पीएम मित्र पार्क में 11% भूमि होगी हरियाली और फलदार वृक्षारोपण को समर्पित विकास और पर्यावरण में संतुलन को लेकर योगी सरकार की प्रतिबद्धता का बनेगा प्रतीक   प्रोजेक्ट के तहत ग्रीन बेल्ट, बफर जोन और वाटर रिजर्वायर से होगा प्राकृतिक संतुलन 55% भूमि पर होगी इंडस्ट्रियल यूनिट्स की स्थापना, 3 फीसदी भूमि पर बनेंगे रेसीडेंस पीएम मित्र पार्क के माध्यम से 1000 करोड़ से अधिक निवेश और एक लाख रोजगार का लक्ष्य   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार एक नए औद्योगिक युग की दिशा में कदम बढ़ा रही है। राज्य में प्रस्तावित पीएम मित्र (पीएम मित्र) पार्क न केवल उद्योगों के लिए वरदान साबित होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी एक आदर्श उदाहरण बनेगा। सरकार की नीति “विकास के साथ पर्यावरण” को साकार करने की दिशा में यह पार्क एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। योगी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी औद्योगिक विकास परियोजना में हरियाली और पारिस्थितिक संतुलन से कोई समझौता नहीं होगा। यही कारण है कि लखनऊ और हरदोई जिलों में प्रस्तावित पीएम मित्र पार्क का लेआउट प्लान पर्यावरणीय दृष्टि से पूरी तरह संतुलित रखा गया है। 11 फीसदी भूमि होगी ग्रीनरी को समर्पित ड्राफ्ट लेआउट प्लान के अनुसार, 55 फीसदी भूमि पर इंडस्ट्रियल यूनिट्स स्थापित की जाएंगी। वहीं, 3 फीसदी भूमि को रेसीडेंशियल उपयोग, 4 फीसदी इंस्टीट्यूशनल, 2 फीसदी ट्रांसपोर्ट हब, और 4 फीसदी यूटिलिटीज व एमेनिटीज के लिए आरक्षित किया गया है। सबसे खास बात यह है कि पूरे पार्क की 11 फीसदी भूमि ग्रीनरी और फ्रूट प्लांटेशन के लिए सुरक्षित रखी गई है, जिसमें ग्रीन एरिया, ग्रीन बेल्ट और बफर जोन विकसित किए जाएंगे। यह कदम न केवल प्रदूषण कम करेगा बल्कि स्थानीय जैव विविधता को भी संरक्षित रखेगा। इसके अलावा, 13 फीसदी क्षेत्र में नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जबकि 0.1 फीसदी हिस्से में मौजूदा सड़कों को सुदृढ़ किया जाएगा। जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 2 फीसदी भूमि नाला और वाटर रिजर्वायर के लिए और 0.5 फीसदी भूमि रीक्रिएशनल उपयोग के लिए निर्धारित की गई है। प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे 1680 करोड़ रुपए सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट पर 1,680 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। यह पार्क कुल 100 एकड़ क्षेत्र में बनाया जाएगा, जिसमें एक लाख से अधिक रोजगार सृजन और 10 हजार करोड़ रुपए के निवेश की संभावना है। पार्क में पर्यावरण के अनुकूल निर्माण सामग्री, ऊर्जा-संवेदनशील डिजाइन, वर्षा जल संचयन, सोलर पावर और ई-वेस्ट मैनेजमेंट जैसे प्रावधान भी शामिल किए जाएंगे। इस पहल के माध्यम से उत्तर प्रदेश न सिर्फ“भारत का ग्रोथ इंजन” बनेगा, बल्कि“ग्रीन स्टेट मॉडल” के रूप में भी विकसित होगा।   

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बृहस्पति कुंड में दक्षिण भारत के तीन महान संगीतज्ञों की मूर्तियों का करेंगी अनावरण

अयोध्या में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का भव्य स्वागत  केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बृहस्पति कुंड में दक्षिण भारत के तीन महान संगीतज्ञों की मूर्तियों का करेंगी अनावरण  उत्तर-दक्षिण संस्कृति का संगम बनेगी अयोध्या, योगी सरकार ने संवार दिया बृहस्पति कुंड परिसर अयोध्या मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या बुधवार को एक बार फिर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक क्षण की साक्षी बनी, जब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपनी दो दिवसीय यात्रा पर यहां पहुंचीं। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और कृषि मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने केंद्रीय मंत्री का गरिमामय स्वागत किया। स्वागत के दौरान वाद्ययंत्रों की पारंपरिक धुनों ने अयोध्या की सांस्कृतिक आत्मा को स्पंदित कर दिया। एयरपोर्ट से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच केंद्रीय मंत्री का काफिला सिविल लाइन्स स्थित होटल रेडिशन पहुंचा, जहां कुछ देर विश्राम के बाद वह अपने निर्धारित कार्यक्रमों के लिए रवाना हुईं। बृहस्पति कुंड में होगा सांस्कृतिक आयोजन निर्मला सीतारमण का यह दौरा टेढ़ी बाजार स्थित बृहस्पति कुंड में आयोजित एक विशेष सांस्कृतिक आयोजन के लिए है। इस अवसर पर वह प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ संयुक्त रूप से दक्षिण भारत के तीन महान संगीतज्ञों संत त्यागराज स्वामीगल, पुरंदर दास और अरुणाचल कवि की मूर्तियों का अनावरण करेंगी। संगीत और भक्ति का संगम बनेगा बृहस्पति कुंड बृहस्पति कुंड परिसर में स्थापित की गई ये मूर्तियां भारतीय संगीत, भक्ति और कला परंपरा का जीवंत प्रतीक हैं। इन संत संगीतज्ञों ने भक्ति संगीत को भारतीय संस्कृति का आत्मस्वर बनाया। अब उनकी मूर्तियों का अयोध्या की पावन भूमि पर स्थापित होना उत्तर-दक्षिण सांस्कृतिक एकता का अनुपम उदाहरण है।

रामपुर में सियासी हलचल: अखिलेश-आज़म की तीन साल बाद मुलाकात, मीडिया पर रोक

मुरादाबाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव बुधवार दोपहर बाद रामपुर पहुंचे। उनका हेलीकॉप्टर जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में उतरा। इसके बाद वह सीधे आजम खां के घर पहुंचे। लगभग तीन साल बाद अखिलेश यादव की आजम खां से आमने-सामने मुलाकात हो रही है। उनके पहुंचते ही यूनिवर्सिटी के बाहर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई। पुलिस ने मीडिया कर्मियों को आजम के घर के बाहर ही रोक दिया है। अखिलेश यादव का काफिला जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचा तो सपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। कार्यकर्ताओं की भीड़ नारे लगाती रही। जिले के सपा जिलाध्यक्ष समेत तमाम वरिष्ठ नेता पहले से ही यूनिवर्सिटी परिसर में मौजूद थे। पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन मंगलवार से ही सतर्क था। जौहर यूनिवर्सिटी और आजम खां के घर के आसपास कई थानों की पुलिस तैनात की गई है। पुलिस के आला अधिकारी लगातार मौके पर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। खुफिया विभाग ने भी इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव और आजम खां के बीच यह मुलाकात करीब एक घंटे तक चलेगी। दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चल रहे गिले-शिकवे दूर करने और संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। साथ ही अखिलेश यादव आजम खां की सेहत का हालचाल भी जानेंगे। प्रशासन ने अखिलेश यादव की सुरक्षा के लिए तीन मजिस्ट्रेट और सीओ स्तर के अधिकारी तैनात किए हैं। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। आजम खां के मोहल्ले की ओर जाने वाले कई रास्तों और दुकानों को बंद करा दिया गया है। सपा कार्यकर्ताओं में अखिलेश यादव के दौरे को लेकर जबरदस्त उत्साह है। रामपुर में अखिलेश से मिलेंगे सपाई, दफ्तर प्रकरण पर होगी चर्चा समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी बुधवार को रामपुर में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर जिला कार्यालय विवाद पर उनके साथ चर्चा करेंगे। सपा को कार्यालय खाली करने के लिए प्रशासन ने चार दिनों की मोहलत दी ही हुई है जिसे लेकर सपाइयों में गहरा अंसतोष है। जिलाध्यक्ष जयवीर यादव के अनुसार पार्टी कार्यालय विवाद को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि बुधवार को रामपुर में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से पूरी जानकारी साझा की जाएगी और उनके निर्देशों के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी। रामपुर में जिलाध्यक्ष जयवीर यादव के अलावा जिला महासचिव, कोषाध्यक्ष, महिला सभा की अध्यक्ष और युवा प्रकोष्ठ के कई पदाधिकारी भी जाएंगे जो सपा प्रमुख अखिलेश यादव को सीधा रिपोर्ट करेंगे।

राम नगरी अयोध्या में दिव्यता की नई झलक, राम की पैड़ी पर बन रहे हैं 6 विशाल दीपक

अयोध्या  भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या एक बार फिर ऐतिहासिक और धार्मिक भव्यता की मिसाल बनने जा रही है. दीपावली से पूर्व आयोजित होने वाले दीपोत्सव को इस बार और भी दिव्य और अद्भुत स्वरूप देने की तैयारी जोरों पर है. विशेष आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं राम की पैड़ी पर बन रहे छह विशालकाय दीपक, जो इस आयोजन को एक नई पहचान देंगे.  बिहार के कुशल शिल्पकारों द्वारा इन पत्थर के दीपों का निर्माण किया जा रहा है. ये दीपक बिजली से प्रज्वलित करने की तकनीक से भी लैस होंगे. निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है और इन्हें 10 अक्टूबर तक पूरा करने की समयसीमा तय की गई है, जिससे दीपोत्सव में ये आकर्षण का केंद्र बन सकें.  इन दीपों को विशेष रूप से इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि ये अयोध्या में होने वाले भव्य दीपोत्सव का स्थायी प्रतीक बन जाएं. हालांकि, बिजली से जलाने के लिए आवश्यक प्रोजेक्टरों की स्थापना फिलहाल समय की कमी के चलते संभव नहीं दिख रही है, इसलिए उच्चस्तरीय चर्चा के बाद इन्हें फिलहाल तेल से प्रज्वलित किए जाने की योजना बनाई जा रही है.  राम की पैड़ी का हो रहा भव्य सौंदर्यीकरण इन दीपों के निर्माण के साथ-साथ राम की पैड़ी का भी भव्य सौंदर्यीकरण किया जा रहा है. यूपीपीसीएल द्वारा करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से सीढ़ियों, घाटों और आसपास की संरचनाओं को सजाया जा रहा है. यह क्षेत्र न केवल धार्मिक महत्त्व रखता है, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आभार का केंद्र भी है.  इस बार पैड़ी के किनारे ऐसी सीढ़ियां बनाई जा रही हैं जिन्हें ओपन थियेटर के रूप में भी उपयोग किया जा सकेगा. इससे भविष्य में सांस्कृतिक और धार्मिक प्रस्तुतियों के लिए स्थायी मंच उपलब्ध होगा. हालांकि, कुछ निर्माण कार्य जैसे छत्री, राम-लक्ष्मण-सीता के स्तंभ दीपोत्सव से पूर्व पूर्ण नहीं हो पाएंगे, लेकिन इन्हें उत्सव के बाद पूरा किया जाएगा.  ये है खास प्लान  इस बार का दीपोत्सव 2025 नए विश्व रिकॉर्ड बनाएगा. क्योंकि, दीपोत्सव में 26 लाख से ज्यादा मिट्टी के दीये जलाए जाएंगे. 2,100 श्रद्धालुओं द्वारा भव्य आरती की जाएगी. साथ ही साथ 1,100 ड्रोन से हवाई प्रदर्शन भी होगा. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों और कार्यान्वयन एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि दीपोत्सव 2025 अब तक का सबसे भव्य उत्सव बने.   विशेष राम परिक्रमा यात्रा दीपोत्सव से पूर्व 12 अक्टूबर को एक विशेष राम परिक्रमा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है जिसकी अगुवाई राम जन्मभूमि ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास करेंगे. यह आयोजन निर्मोही अखाड़ा द्वारा किया जा रहा है जिसमें देशभर से डेढ़ हजार से अधिक संत भाग लेंगे.  रामकोट बैरियर से शुरू होकर यह परिक्रमा पूरे अयोध्या क्षेत्र में भ्रमण करेगी, जिसमें आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे. इस परिक्रमा का उद्देश्य अयोध्या को फिर से रामराज्य की भावना से जोड़ना और दीपोत्सव के आध्यात्मिक पक्ष को मजबूत करना है.  महंत राम दिनेश आचार्य ने दीपोत्सव के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि जब भगवान श्रीराम लंका विजय के बाद अयोध्या लौटे थे, तो नगरवासियों ने उनके स्वागत में घर-घर दीप जलाकर नगर को आलोकित किया. तभी से यह परंपरा दीपावली के रूप में मनाई जाती है.  दीप जलाना केवल रोशनी करना नहीं बल्कि अंधकार पर प्रकाश की विजय, अज्ञान पर ज्ञान की जीत, और भक्ति की अभिव्यक्ति है. सनातन धर्म में दीपक जलाकर पूजा आरंभ करने की परंपरा इसका प्रमाण है. अयोध्या में इस वर्ष का दीपोत्सव न केवल भक्ति और आस्था का प्रतीक होगा बल्कि यह भारत की सनातन परंपरा, सांस्कृतिक धरोहर और आध्यात्मिक चेतना का उत्सव भी बनेगा. राम की पैड़ी पर बन रहे विशाल दीप भव्य परिक्रमा और रामनगरी की चमक यह दर्शाते हैं कि अयोध्या केवल एक स्थान नहीं बल्कि आस्था ऊर्जा और परंपरा की जीवंत प्रतीक है. 

नारी स्वावलंबन को मिली मजबूती, सीएम योगी ने 15 सेवा शक्ति केंद्रों का किया शुभारंभ

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को पूर्व विधायक स्वर्गीय डी.पी. बोरा की 85वीं जयंती के अवसर पर मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत मातृशक्ति वंदन और 15 सेवा शक्ति केंद्रों (सिलाई प्रशिक्षण केंद्र) का शुभारंभ किया। इसी दौरान उन्होंने स्व. डी.पी. बोरा की प्रतिमा का वर्चुअल अनावरण किया और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाली मातृशक्तियों का सम्मान भी किया। सीएम योगी ने नारी सशक्तीकरण और सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए स्वर्गीय डी.पी. बोरा के संघर्षों और समाज सेवा के प्रति उनके समर्पण को याद किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हिए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महर्षि वाल्मीकि और परम कृष्ण भक्त मीराबाई की जयंती का दिन भी है। उन्होंने कहा कि आज का दिन उत्तर प्रदेश के लिए विशेष महत्व रखता है। यह शरद पूर्णिमा का पावन पर्व है, जो महर्षि वाल्मीकि की जयंती और मीराबाई के जन्मदिन के साथ-साथ स्वर्गीय डी.पी. बोरा की जयंती के रूप में भी मनाया जा रहा है। मैं इस अवसर पर महर्षि वाल्मीकि और मीराबाई को नमन करता हूं और स्वर्गीय डी.पी. बोरा को प्रदेश सरकार और प्रदेशवासियों की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। सीएम योगी ने किया मातृ शक्ति का सम्मान व सेवा शक्ति केंद्रों का उद्घाटन कार्यक्रम में सीएम योगी ने मिशन शक्ति 5.0 के तहत 15 सेवा शक्ति केंद्रों का उद्घाटन किया गया, जो महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इन केंद्रों का संचालन डी.पी. बोरा स्मृति समिति के सहयोग से किया जा रहा है। सीएम योगी ने इन केंद्रों को नारी स्वावलंबन का प्रतीक बताते हुए कहा कि ये केंद्र महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही, समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली मातृ शक्तियों को सम्मानित किया गया। इनमें पद्मश्री हिन्दी साहित्यकार प्रो. विद्या बिन्दु सिंह, शास्त्रीय संगीतज्ञ सुनीता झींगरन, शीला मिश्रा, शालू सिंह और डॉ. चंद्रावती जैसी विभूतियां शामिल रहीं। इन महिलाओं ने शिक्षा, साहित्य, संगीत, स्वास्थ्य और समाज सेवा के क्षेत्र में अपनी मेहनत और समर्पण से समाज को नई दिशा दी है। सीएम ने सम्मानित महिलाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन मातृ शक्तियों ने अपने कार्यों से समाज को प्रेरित किया है। इनका सम्मान हम सभी के लिए गर्व का विषय है। एक संघर्षशील नेता के साथ साथ समाज के वंचित, दलित और शोषित वर्गों की आवाज थे स्वर्गीय डी.पी. बोरा मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय डी.पी. बोरा को एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व बताते हुए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि डी.पी. बोरा जी ने लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष के रूप में और बाद में विधायक के रूप में समाज के वंचित, दलित और शोषित वर्गों की आवाज को बुलंद किया। उस समय लखनऊ में गैंगवार और अराजकता का माहौल था, लेकिन डी.पी. बोरा जी ने अपने संघर्षों से न केवल गरीबों और व्यापारियों के हितों की रक्षा की, बल्कि समाज को एक नई दिशा भी प्रदान की। उनकी मूर्ति का अनावरण और सेवा शक्ति केंद्रों का शुभारंभ उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। कार्यक्रम में प्रख्यात कवि सर्वेश अस्थाना ने अपनी कविता के माध्यम से सामाजिक संवेदनाओं को जागृत किया। उनकी कविता में नारी गरिमा, सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के साथ-साथ दहेज जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूकता का संदेश था। सीएम योगी ने उनकी लेखनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक कवि की लेखनी समाज की विसंगतियों पर प्रहार करती है और उसे नई दिशा देती है। सर्वेश अस्थाना अपनी कविता के माध्यम से भगवान राम के चरित्र और सामाजिक मूल्यों को उजागर किया, जो समाज के लिए प्रेरणादायी है। रामायण एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि सामाजिक मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण का भी प्रतीक है- सीएम योगी सीएम योगी ने महर्षि वाल्मीकि की रामायण को सामाजिक, धार्मिक और भौगोलिक दृष्टिकोण से अद्वितीय बताते हुए कहा कि यह केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि सामाजिक मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि रामायण में भगवान राम का चरित्र धर्म का मूर्त रूप है। महर्षि वाल्मीकि ने समाज को एक आदर्श चरित्र प्रदान किया, जो आज भी प्रासंगिक है। सीएम योगी ने श्री राम जन्मभूमि आंदोलन और अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक मंदिर का निर्माण नहीं, बल्कि रामराज्य की स्थापना की दिशा में एक कदम है। उन्होंने कहा कि  रामायण काल की वनस्पतियों और पर्यावरण को पुनर्जनन करने का कार्य भी चल रहा है। यह हमारी सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित करने का प्रयास है। इसी तरह, मीराबाई की भक्ति और सामाजिक समरसता को याद करते हुए उन्होंने कहा कि मीराबाई ने अपने गुरु रविदास जी के सान्निध्य में कृष्ण भक्ति के माध्यम से समाज में आस्था और समरसता का संदेश दिया। मिशन शक्ति अभियान नारी सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण- सीएम  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनथ ने मिशन शक्ति अभियान को प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए कहा कि यह अभियान महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, और आर्थिक स्वावलंबन के क्षेत्र में सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति के तहत हम महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रहे हैं, बल्कि उनकी सुरक्षा और सम्मान को भी सुनिश्चित कर रहे हैं। डी.पी. बोरा स्मृति समिति के माध्यम से संचालित सौ से अधिक सेवा शक्ति केंद्र इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

धान के कटोरे चंदौली में बाढ़ से तबाही, फसलें बर्बाद, जनजीवन अस्त-व्यस्त

चंदौली उत्तर प्रदेश के चंदौली और आसपास के इलाकों में पिछले तीन-चार दिनों से हो रही भारी बारिश और डैम से छोड़े गए पानी ने 'जल प्रलय' जैसे हालात पैदा कर दिए हैं. जिले की सड़कें डूब गई हैं, कच्चे मकान धराशाई हो रहे हैं और 'धान का कटोरा' कहे जाने वाले चंदौली में सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई है. लोग त्राहिमाम कर रहे हैं.  सड़कें जलमग्न, खेतों में डूबी धान की फसल चंदौली में लगातार बारिश से मिर्जापुर के जलाशय लबालब भर गए, जिससे उनका पानी रिलीज किया गया. यह पानी पहाड़ी नदियों के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में पहुंच गया. पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर से चकिया जाने वाली स्टेट हाईवे पर शिवनाथपुर गांव के पास डेढ़ से 2 फीट तक पानी भर गया, जिससे लोगों को जोखिम उठाकर सड़क पार करनी पड़ रही है. ग्रामीणों ने बताया कि डैम से अचानक पानी छोड़े जाने से हजारों बीघा धान की फसल डूब गई है और यदि पानी जल्द नहीं निकला तो फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी.  नियमताबाद में कच्चे मकान धराशाई लगातार बारिश और डैम के पानी से केवल खेत और सड़कें ही नहीं डूबी हैं, बल्कि आबादी के इलाके भी प्रभावित हुए हैं. नियमितबाद ब्लॉक के चंदाईत गांव में जलजमाव की वजह से कच्चे मकान धराशाई हो रहे हैं. गोपाल मौर्य का कच्चा मकान रात में अचानक भरभराकर गिर गया. राहत की बात रही कि परिवार के सदस्य बाल-बाल बच गए, लेकिन एक कमरे में बंधी दो गायें गंभीर रूप से घायल हो गईं. गोपाल मौर्य के भाई ओमप्रकाश ने बताया कि उनका खाने-पीने का सामान भी बर्बाद हो गया है. देखें ग्राउंड के हालात-  स्कूल-पंचायत भवन में भी भरा पानी चंदौली के हालात इतने गंभीर हैं कि गांव के सरकारी भवन भी सुरक्षित नहीं हैं. चंदाईत गांव में प्राइमरी स्कूल हो या पंचायत भवन, हर जगह पानी ही पानी भरा है. सुनील कुमार मौर्य ने बताया कि गांव के स्कूल में भी पानी भर गया है, जिसके चलते बच्चों के पठन-पाठन में भी समस्या आ रही है. स्थानीय निवासी रब्बु खान के मुताबिक, बारिश और पानी की वजह से गांव के 8 से 10 घर गिर गए हैं. प्रभावित ग्रामीण त्राहिमाम कर रहे हैं. 

मिशन शक्ति 5.0 : 22 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच 71,473 स्थानों की 24,457 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने वाहनों की चेकिंग की

योगी सरकार की यूपी पुलिस ने साढ़े आठ लाख वाहनों को किया चेक, 9 हजार से अधिक वाहनों से हटाई काली फिल्म 22 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच 71,473 स्थानों की 24,457 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने वाहनों की चेकिंग की 18,215 वाहनों का चालान किया गया, अपर पुलिस महानिदेशक से लेकर थाना प्रभारियों ने की फुट पैट्रोलिंग  लखनऊ योगी सरकार के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत महिलाओं और बेटियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए गाड़ियों की काली फिल्म हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। यह अभियान 22 सितंबर से प्रदेशभर में चलाया गया, जो वर्तमान में भी चल रहा है। वहीं 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक साढ़े आठ लाख से अधिक वाहनों की चेकिंग की गयी। इसके साथ ही उच्च अधिकारियों अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिदेशक, उप महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी द्वारा अपनी टीम के साथ फुट पैट्रोलिंग की गयी।  2,817 हूटर और 1,087 बत्तियां वाहनों से हटाई गईं मिशन शक्ति 5.0 अभियान की नोडल अधिकारी एडीजी पद्मजा चौहान ने बताया कि अभियान के तहत पुलिस अधिकारियों द्वारा सड़क पर गाड़ियों की जांच की गयी। इस दौरान गाड़ियों की काली फिल्म को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। इस दौरान 71,473 स्थानों की 24,457 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा 8,50,182 वाहनों की चेकिंग की गयी। अब तक 9,488 काली फिल्में हटाई जा चुकी हैं। इसके अलावा 2,817 हूटर और 1,087 बत्तियां भी हटाई गई हैं। यह कदम सड़क पर अपराधों को रोकने और महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इसके साथ ही, गलत स्थान पर पार्क किए गए वाहनों के खिलाफ 18,215 चालान भी किए गए हैं, ताकि ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके और सड़क पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके। महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से वाहन पर शासकीय और जाति सूचक शब्दों के इस्तेमाल पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है और 14,504 ऐसे मामले सामने आए हैं। अभियान के दौरान 3,38,305 व्यक्तियों को चेतावनी दी गयी।  263 स्टंटबाजों को किया गया गिरफ्तार एडीजी ने बताया कि वाहन नियमों का उल्लंघन करने पर 1,93,829 वाहनों का चालान किया गया है, जबकि 3,654 वाहनों को सीज भी किया गया है। कुल 251 पंजीकृत अभियोगों के साथ-साथ 450 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है, जो ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। इसके अलावा स्टंटबाजों के लिखाफ भी कड़ी कार्रवाई की गयी। इस दौरान 55,832 स्थानों की 21,324 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा 5,26,184 वाहनों की चेकिंग की गयी। अभियान के दौरान 770 स्टंटबाजी के मुकदमे दर्ज किये गये जबकि 263 स्टंटबाजों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही 31,609 वाहनों का चालान और 1,388 वाहनों को सीज किया गया। वहीं, मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत पुलिस विभाग द्वारा फुट पैट्रोलिंग भी की गयी ताकि सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जा सके। इस पहल से पुलिस विभाग ने महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने के लिए अपनी तैनाती सुनिश्चित की है। प्रदेश के 57,265 स्थानों पर फुट पैट्रोलिंग की गयी। इसमें अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिदेशक, उप महानिरीक्षक द्वारा 239 स्थानों, पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक द्वारा 1,670 स्थानों, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी द्वारा 9,616 और थाना प्रभारी द्वारा अपनी टीम के साथ 45,837 स्थानों पर फुट पैट्रोलिंग की गयी। फुट पैट्रोलिंग के दौरान 7,44,482 व्यक्तियों की चेकिंग की गयी जबकि पीआरवी द्वारा 52,039 स्थानों की पैट्रोलिंग की गयी।   

AAP नेताओं की कार्रवाई: बरेली में पुलिस ने घर और दफ्तर पर रोका, संजय सिंह का विरोध जारी

लखनऊ आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल राजधानी लखनऊ से बरेली जाने के लिए निकला तो कार्यालय गेट पर पुलिस से सामना हुआ। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें जाने से रोका। लेकिन, आप कार्यकर्ता जाने पर अड़े रहे। इस पर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच खींचतान देखी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस ने आप नेता नदीम अशरफ और सरबजीत मक्कड़ को हाउस अरेस्ट किया। जबकि, इमरान लतीफ को गोमती नगर स्थित पार्टी कार्यालय पर रोक लिया गया। पार्टी नेताओं के बरेली जाने की सूचना पर पुलिस प्रशासन पहले से ही सतर्क था। पार्टी कार्यालय पर सुबह से ही पुलिस तैनात हो गई। दूसरी तरफ पूर्व विधायक दिलीप पांडेय अपने दिल्ली आवास से दोपहर 2 बजे बरेली के लिए निकलेंगे। हालांकि, उनको भी पुलिस जाने देगी, इसकी कम संभावना है। वहीं पार्टी ने इस मामले में प्रदेश सरकार की नीति को दमनकारी बताते हुए, आगे भी अपना विरोध जारी रखने की घोषणा की है। नफरत फैलाने और गुंडागर्दी करने की खुली छूट-सजंय सिंह आप कार्यकर्ताओं को कार्यालय और घर में रोका गया तो सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा कि 'न कोई आदेश है, न कोई कानून। यूपी पुलिस मनमानी तरीके से लोकतांत्रिक ढंग से आवाज उठाना भी बंद कर रही है। बरेली के पीड़ितों से मिलने की भी इजाजत नहीं है। यहां नफरत फैलाने और गुंडागर्दी करने की खुली छूट है।' सजंय सिंह ने आगे लिखा कि 'बौद्ध प्रांत के अध्यक्ष इमरान लतीफ, अयोध्या प्रांत के अध्यक्ष विनय पटेल और मुख्य प्रवक्ता वंशराज दुबे, अभिषेक सिंह को पुलिस ने बिना किसी आदेश के रोका है। तानाशाही के खिलाफ AAP की आवाज को रोका नहीं जा सकता है।'   पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोका बताते चलें कि बरेली में 26 सितंबर 2025 को हुए बवाल के बाद सूबे में सियासत जारी है। इसको लेकर राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आप के प्रतिनिधिमंडल के बरेली जाने का एलान किया था। तय समय के अनुसार 7 अक्तूबर को कार्यकर्ता निकले। लेकिन, गोमती नगर के विवेकखंड स्थित कार्यालय के बाहर ही पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। इससे पहले कानून व्यवस्था का हवाला देकर सपा के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने बरेली जाने से रोक दिया था।  

महर्षि वाल्मीकि प्रकट दिवस समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सफाई कर्मचारी के साथ अप्रिय घटना पर 35-40 लाख देने की करेंगे व्यवस्था: सीएम योगी महर्षि वाल्मीकि प्रकट दिवस समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  बोले-आपकी सुरक्षा समाज की सुरक्षा, आपका सम्मान भगवान वाल्मीकि की विरासत का सम्मान महापुरुषों की परंपरा के भाग्य विधाता हैं महर्षि वाल्मीकिः सीएम योगी  स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में विदेशियों से कहा-तुम्हारी पहचान पहनावे से बनती है, लेकिन हमारी चरित्र से राम ने मर्यादा की लक्ष्मण रेखा का कभी उल्लंघन नहीं कियाः योगी सीएम की वाल्मीकि समाज से अपील- बच्चों को पढ़ाइए, स्कूल भेजिए, वे योग्य होंगे तो समाज में नेतृत्व प्रदान करेंगे सामाजिक न्याय के पुरोधाओं के स्मारक को तोड़ने की धमकी देने वालों से भाजपा ने कहा था कि यूपी की जनता तुम्हें तोड़कर रख देगीः मुख्यमंत्री   सपा पर हमलावर रहे सीएम,  बोले- इनके चेहरे दोहरे, यह हर कार्य को वोटबैंक की दृष्टि से देखते हैं समाजवादी पार्टी के गुंडे लालापुर के आश्रम पर कब्जा कर रहे थे, हमने कहा कि गुंडों का नाम नोट करो, इनके बाप-दादाओं ने जो प्रॉपर्टी जमा की है, उसे आश्रम के नाम पर करवा डालोः योगी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाल्मीकि समाज के लोगों से कहा कि आपकी सुरक्षा समाज की सुरक्षा है। आपका सम्मान भगवान वाल्मीकि की विरासत का सम्मान है। सीएम ने इस दौरान उन्हें खुशखबरी भी दी और कहा कि अभी बड़ा कार्य करने जा रहे हैं। सफाई, संविदा कर्मचारी को अब आउटसोर्सिंग कंपनी नहीं, बल्कि सरकार का कॉरपोरेशन सीधे अकाउंट में पैसा देगा। स्वच्छता कर्मियों को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा का कवर भी देंगे। जब अकाउंट में कॉरपोरेशन से पैसा आएगा तो यह व्यवस्था करेंगे कि दुर्भाग्य से किसी सफाई कर्मचारी के साथ घटना-दुर्घटना हुई या वह आपदा की चपेट में आ गया तो बैंक से बात करेंगे कि बैंक के माध्यम से 35-40 लाख रुपये देने की व्यवस्था की जानी चाहिए। यूपी के 80 हजार होमगार्ड को यह कवर दे दिया गया है। अब सफाई कर्मचारियों को इस व्यवस्था से जोड़ने जा रहे हैं।  सीएम योगी मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर महासभा ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित महर्षि वाल्मीकि प्रकट दिवस समारोह में शामिल हुए। सीएम ने भगवान वाल्मीकि की जयंती पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। कार्यक्रम में लघु फिल्म भी दिखाई गई।  चरित्र से युक्त व्यक्ति ही लोककल्याण व राष्ट्र कल्याण का माध्यम बन सकता है सीएम योगी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि भारत के महापुरुषों की परंपरा के भाग्य विधाता हैं। तप और साधना से तपे हुए ऋषि को जब लेखनी चलानी थी, तब लोककल्याण व मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने और नई कृति की रचना के लिए उन्होंने हजारों वर्ष पहले देवर्षि नारद से प्रश्न किया कि चरित्र से युक्त कौन ऐसा व्यक्ति है, जिसके बारे में मैं कुछ लिख सकूं, क्योंकि महर्षि वाल्मीकि जानते थे कि चरित्र से युक्त व्यक्ति ही लोककल्याण व राष्ट्र कल्याण का माध्यम बन सकता है। स्वामी विवेकानंद जब शिकागो की धर्मसभा में गए तो उनकी वेशभूषा देख विदेशी हंस रहे थे। तब उन्होंने कहा कि तुम्हारी पहचान पहनावे से बनती है, लेकिन हमारे देश और हमारी पहचान चरित्र से बनती है। हमारे लिए चरित्र महान है।  भगवान वाल्मीकि का कृतज्ञ है मानव समाज सीएम योगी ने कहा कि वाल्मीकि रामायण लिखते समय उन्होंने पूरी कथा को राम पर आधारित किया। उन्होंने यह भी बताया कि राम को क्यों आधार बनाया, क्योंकि राम ही साक्षात धर्म हैं। मानव समाज भगवान वाल्मीकि का कृतज्ञ है। जब भी किसी भारतीय के मन में संदेह पैदा होता है तो महर्षि वाल्मीकि ने हर स्थिति में जो आदर्श रखा, वह मर्यादा पुरुषोत्तम राम का था। उन्होंने राम के चरित्र को दिया, जो हर काल, देश, परिस्थिति में प्रासंगिक है। भाई-भाई, पिता-पुत्र, मां-बेटे, राजा-प्रजा में क्या रिश्ते होने चाहिए, उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम कहकर यह भाव भरा। राम ने मर्यादा की लक्ष्मण रेखा का कभी उल्लंघन नहीं किया।  भारत के देवतुल्य ऋषियों की परंपरा ने सभी कालखंड में समाज का किया मार्गदर्शन  सीएम योगी ने कहा कि भगवान वाल्मीकि की फोटो लगाकर आज हर देव मंदिर में अखंड रामायण पाठ चल रहा है। सीएम ने अपील की कि महर्षि वाल्मीकि का चित्र हर भारतीय के घर में होना चाहिए। भारत का हर कथावाचक सबसे पहली वंदना भगवान वाल्मीकि की करते हैं। वह जिस पीठ पर बैठते हैं, वह सबसे पवित्र व्यास पीठ कही जाती है। भारत के देवतुल्य ऋषियों की परंपरा ने सभी कालखंड में समाज का मार्गदर्शन किया। रामायण कालखंड में महर्षि वाल्मीकि, महाभारत कालखंड में महर्षि वेदव्यास, मध्यकाल में सद्गुरु रविदास और देश जब आजादी की लड़ाई लड़ रहा था तो बाबा साहेब समाज का मार्गदर्शन करते दिखाई देते थे। सभी की दृष्टि एक है। पीएम मोदी इसे एक भारत-श्रेष्ठ भारत, सबका साथ और सबका विकास कहते हैं। सीएम ने कहा कि रामराज्य वही है, जहां जाति, मजहब, संप्रदाय के नाम पर भेदभाव न हो। आज यही कार्य भाजपा की डबल इंजन सरकार कर रही है। वोटबैंक के नाम पर जाति का सहारा लेने वालों पर हमलावर रहे सीएम  मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग राम को गाली देते हैं, वे भगवान वाल्मीकि का अपमान करते हैं। भगवान वाल्मीकि का अपमान करने वाले भगवान राम का भी अपमान करते हैं। उन्होंने वोटबैंक के नाम पर जाति का सहारा लेने वालों पर हमला किया। सीएम ने कहा कि 2012 में जब सपा सरकार आई थी तो सामाजिक न्याय के पुरोधाओं के स्मारक को तोड़ने की धमकी दी थी, तब भाजपा ने कहा था कि इन स्मारकों को तोड़ने वालों को यूपी की जनता तोड़कर रख देगी। आज यह लोग प्रत्येक प्रेसवार्ता में बाबा साहेब का स्मरण करते हैं, लेकिन तब सपा के मुख्यमंत्री ने कन्नौज मेडिकल कॉलेज से बाबा साहेब का नाम बदल दिया था। हमने फिर उसे बाबा साहेब के नाम पर रख दिया। लखनऊ का भाषा विश्वविद्यालय मान्यवर कांशीराम के नाम पर था, सपा ने उसे भी बदल दिया। सहारनपुर मेडिकल कॉलेज का नाम भी बदल दिया। इनके दोहरे चेहरे हैं। यह हर कार्य को वोटबैंक की दृष्टि से देखते हैं।  लालापुर के आश्रम पर कब्जा कर रहे थे सपा के गुंडे सीएम ने कहा कि यह राम व कृष्ण का विरोध करते हैं। विपक्षी … Read more

छांगुर पर विदेशी फंडिंग से धर्मांतरण का आरोप, ATS ने खोले बड़े राज

लखनऊ  एटीएस ने अवैध धर्मांतरण के मामले में जलालुद्दीन उर्फ छांगुर, उसकी करीबी नीतू समेत छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। इसमें लिखा है कि छांगुर लखनऊ से मुम्बई तक अवैध धर्मांतरण करा रहा था। विदेशी फंडिंग के जरिए नीतू उर्फ परवीन और उसके पति नवीन रोहरा के खातों में करोड़ों रुपये जमा हुए। चार्जशीट में बलरामपुर की कोर्ट में कार्यरत राजेश उपाध्याय का नाम भी शामिल है। एसटीएफ ने पिछले साल छांगुर की करतूतों की जांच कर साक्ष्य जुटाए थे। इसके बाद छांगुर, बेटे महबूब, नवीन रोहरा, नवीन की पत्नी नीतू उर्फ परवीन, सबरोज, सहाबुद्दीन समेत कई को नामजद कराया था। यह एफआईआर एटीएस ने की थी। छांगुर की गिरफ्तारी के बाद एक-एक कर कई बड़े खुलासे हुए थे। ईडी ने भी छांगुर, नीतू और नवीन की कई सम्पत्तियां चिन्हित कर जब्त कर ली थी। एटीएस ने विवेचना में कई साक्ष्य जुटाए। इसके बाद छांगुर, नवीन, नीतू, सबरोज, महबूब, सहाबुद्दीन और राजेश उपाध्याय के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कई अन्य के खिलाफ भी जल्दी चार्जशीट दाखिल होगी। तीन और आरोपियों की तलाश जारी है। धर्मांतरण के धंधेबाज छांगुर का साम्राज्य कितना बड़ा? धर्मांतरण के खुलासे के बाद देश भर में चर्चा का विषय बने जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के गिरोह ने 300 करोड़ रुपये से अधिक की सम्पत्ति बनाई। धर्मांतरण के धंधेबाज छांगुर बाबा का साम्राज्य कितना बड़ा है? यह पता लगाने में जुटी पुलिस और प्रशासन को बाकायदा दस्तावेज मिले हैं। छांगुर गिरोह के साथ तीन हजार से अधिक लोग जुड़े होने के साक्ष्य मिले है पर इसमें करीब 400 लोग ऐसे है जो मुख्य रूप से इस गिरोह के लिए ही पिछले कई सालों से काम करते रहे। पाकिस्तान, दुबई, कनाडा, नेपाल और सऊदी अरब से छांगुर को फंडिंग की जाती रही। पांच जुलाई से 31 जुलाई के बीच एटीएस, ईडी और बलरामपुर पुलिस की जांच रिपोर्ट में ऐसे ही कई तथ्य साक्ष्यों के साथ सामने आए है। छांगुर के धर्मांतरण गिरोह को लेकर शासन बेहद गम्भीर रहा। वह रोजाना जांच एजेन्सियों से प्रगति रिपोर्ट लेता रहा। शासन ने बलरामपुर पुलिस व प्रशासन के साथ ही एटीएस व एसटीएफ को भी जांच रिपोर्ट तैयार करने को कहा था।