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योगी सरकार का उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी खेल केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश खेल और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। इसी क्रम में मेरठ स्थित मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न स्नातक, परास्नातक और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। अभ्यर्थी 10 जुलाई तक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह पहल प्रदेश के खिलाड़ियों और खेल क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आई है। बीएससी योग और एमएससी योग में प्रवेश शुरू इस वर्ष से विश्वविद्यालय में तीन वर्षीय बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (बीपीईएस) और बीएससी योग पाठ्यक्रम में प्रवेश दिए जाएंगे। इसके साथ ही दो वर्षीय एमएससी योग कार्यक्रम में भी दाखिले होंगे। खेल क्षेत्र में नए अवसरों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने स्पोर्ट्स जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा कोर्स भी शुरू किया है। विवि में बीपीईएस कोर्स 2025-26 से शुरू हो चुका है। प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत प्रॉस्पेक्टस वेबसाइट https://sportsuniup.com/ पर उपलब्ध कर दिया गया है। खिलाड़ियों और छात्रों को आवेदन के लिए लगभग एक महीने का समय दिया गया है। कई खेलों में पीजी डिप्लोमा कोर्स भी हो रहा शुरू अगर सीटों की बात करें तो बीपीईएस में 50, बीएससी योग में 40, एमएससी योग में 20 और स्पोर्ट्स जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में 15 सीटों पर प्रवेश होंगे। इसके अलावा इस सत्र से स्कूल ऑफ कोचिंग के अंतर्गत एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, हॉकी, कबड्डी, कुश्ती और योग जैसे खेलों में एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा कोर्स भी शुरू हो रहा है। इन सभी में पीजी डिप्लोमा के लिए 15-15 सीट पर प्रवेश होगा। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को रोजगारोन्मुख और व्यावहारिक शिक्षा उपलब्ध कराना है ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सीधे प्रवेश की सुविधा विश्वविद्यालय में उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सीधे प्रवेश की सुविधा प्रदान की गई है। ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल, विश्व चैंपियनशिप, एशियाई चैंपियनशिप और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को सीधे प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा खेलो इंडिया, एसजीएफआई राष्ट्रीय खेल, सीनियर, जूनियर और सब-जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी विशेष अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय ने सभी पाठ्यक्रमों में 10 प्रतिशत अतिरिक्त सीटें उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए आरक्षित रखने का निर्णय लिया है। ये सीटें स्वीकृत क्षमता के अतिरिक्त होंगी। कुल 12 कोर्सों में होगा प्रवेश मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से विश्वविद्यालय में 9 डिप्लोमा, 2 स्नातक और 1 परास्नातक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। कुल 12 नए कोर्सों में प्रवेश फिटनेस टेस्ट के आधार पर होगा। कक्षा 12वीं के अंकों और फिटनेस टेस्ट के प्रदर्शन को मिलाकर मेरिट तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधे प्रवेश की सुविधा दी जाएगी। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों का समग्र विकास करना है। साथ ही इसका विजन उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी खेल केंद्र बनाना है।

सोमवती अमावस्या पर रेलवे की खास तैयारी, श्रद्धालुओं के लिए स्पेशल ट्रेन सेवा शुरू

 बरेली  रेलवे ने सोमवती अमावस्या मेले के दौरान हरिद्वार जाने-आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चार स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। इसमें से दो ट्रेनें बरेली होकर गुजरेंगी। मुरादाबाद मंडल के सीनियर डीसीएम महेश यादव ने बताया कि 04326 हरिद्वार-लखनऊ स्पेशल अनारक्षित ट्रेन 15, 16 और 17 जून को चलेगी। ट्रेन हरिद्वार से 18:35 बजे चलकर मुरादाबाद से 22:50 बजे, रामपुर से 23:21 बजे, बरेली से 00:06 बजे, शाहजहांपुर से 01:10 बजे और लखनऊ 3:30 बजे पहुंचेगी। इसके अलावा 04325 लखनऊ-हरिद्वार स्पेशल अनारक्षित 16, 17 और 18 जून को लखनऊ से 05:30 बजे चलकर शाहजहांपुर से 08:05 बजे, बरेली से 09:24 बजे और हरिद्वार 16:15 बजे पहुंचेगी। 04327 हरिद्वार-बठिंडा स्पेशल अनारक्षित 15 जून को हरिद्वार से बठिंडा और 16 जून को 04328 बठिंडा से हरिद्वार के लिए चलेगी। वंदेभारत एक्सप्रेस अब ऐशबाग तक जाएगी रेलवे ने सहारनपुर-लखनऊ वंदेभारत एक्सप्रेस का विस्तार गोमतीनगर से आगे ऐशबाग तक करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा भी कई ट्रेनों का विस्तार ऐशबाग तक होगा। पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ सुमित कुमार के मुताबिक 15 जून से 26504/26503 गोमती नगर-सहारनपुर-गोमती नगर एक्सप्रेस का मार्ग विस्तार ऐशबाग तक होगा। इसके अलावा 55055 का नकहा जंगल तक, 55061 का ऐशबाग तक, 55062 का गोरखपु तक विस्तार होगा। लखनऊ में ब्लॉक से त्रिवेणी सहित 10 ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी उत्तर रेलवे के लखनऊ स्टेशन पर कानकोर्स के लाचिंग कार्य की वजह से ट्रैफिक और पावर ब्लाक लिया जाएगा। इसकी वजह से 14 से 23 जून तक 15075 शक्तिनगर-टनकपुर एक्सप्रेस, 15073 सिंगरौली-टनकपुर एक्सप्रेस, 15074 टनकपुर-सिंगरौली एक्सप्रेस, 15076 टनकपुर-शक्तिनगर एक्सप्रेस, 15, 18 एवं 22 जून को 14523 बरौनी-अम्बाला एक्सप्रेस, 16, 20 एवं 23 जून को 14524 अम्बाला-बरौनी एक्सप्रेस, 14 से 23 जून तक 15127 बनारस-नई दिल्ली एक्सप्रेस, 15128 नई दिल्ली-बनारस एक्सप्रेस, 15119 बनारस-देहरादून एक्सप्रेस और 15120 देहरादून-बनारस एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग आलमनगर-ट्रांसपोर्ट नगर-उतरेटिया के रास्ते चलाई जाएगी।  

एफएलएन और एनसीईआरटी आधारित शिक्षण होगा मजबूत, यूपी के 232 शैक्षणिक संदर्भदाता लेंगे विशेष ट्रेनिंग

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार निपुण भारत मिशन को विद्यालय स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) तथा एनसीईआरटी आधारित पाठ्यपुस्तकों पर आधारित शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेश के 58 जनपदों से 232 शैक्षणिक संदर्भदाताओं को राज्य स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। तीन चरणों में 22 जून से 10 जुलाई तक राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान (एसआईएचएफडब्ल्यू), लखनऊ में आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण के माध्यम से एआरपी और डायट मेंटरों की ऐसी प्रशिक्षित टीम तैयार की जाएगी, जो आगे चलकर ब्लॉक स्तर पर हजारों शिक्षकों को प्रशिक्षित कर निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को कक्षा-कक्ष तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएगी। योगी सरकार की यह पहल बुनियादी शिक्षा में गुणवत्ता, सीखने के परिणामों और निपुण लक्ष्यों की प्राप्ति को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। योगी सरकार का फोकस केवल विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि कक्षा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने पर भी है। इसी उद्देश्य से शैक्षणिक सत्र 2026-27 में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत एफएलएन और एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों पर आधारित प्राथमिक विद्यालयों के सभी शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों के लिए प्रस्तावित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने हेतु जिला स्तरीय संदर्भदाताओं का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। तीन चरणों में होगा प्रशिक्षण, 232 प्रतिभागी होंगे शामिल राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन एसआईएचएफडब्ल्यू, सेक्टर-18, इंदिरा नगर, लखनऊ में तीन चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण 22 जून से 26 जून, द्वितीय चरण 29 जून से 3 जुलाई तथा तृतीय चरण 6 जुलाई से 10 जुलाई 2026 तक आयोजित होगा। इन तीनों चरणों में कुल 58 जनपदों से 232 प्रतिभागी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रत्येक जनपद से चार संदर्भदाता नामित किए जाएंगे, जिनमें दो एआरपी और दो डायट मेंटर शामिल होंगे। हिंदी, गणित और अंग्रेजी शिक्षण पर विशेष फोकस प्रशिक्षण के लिए चयनित चार संदर्भदाताओं में कम से कम एक-एक प्रतिभागी हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषय से संबंधित होना अनिवार्य किया गया है। जिन जनपदों में एआरपी की संख्या दो से कम होगी, वहां अतिरिक्त डायट मेंटरों को नामित किया जाएगा। विषय की गहरी समझ और प्रशिक्षण संचालन की क्षमता रखने वाले एआरपी एवं डायट मेंटरों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। प्रशिक्षित संदर्भदाता बनेंगे परिवर्तन के वाहक राज्य स्तर पर प्रशिक्षित किए जाने वाले ये संदर्भदाता आगे ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाएंगे। इनके माध्यम से प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षा मित्रों तक एफएलएन आधारित शिक्षण पद्धति, एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों की अवधारणाएं और निपुण लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाएगा। इससे प्रदेशभर में शिक्षण की गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। सीखने के परिणामों में सुधार को मिलेगी नई गति निपुण भारत मिशन का मूल उद्देश्य बच्चों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करना है। योगी सरकार द्वारा लगातार शिक्षक प्रशिक्षण, अकादमिक अनुश्रवण, निपुण मूल्यांकन और गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। संदर्भदाताओं का यह विशेष प्रशिक्षण उसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके माध्यम से बच्चों के सीखने के परिणामों में सुधार, कक्षा-कक्ष शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाना और निपुण लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करना लक्ष्य है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में संरचनात्मक सुधारों के साथ-साथ शैक्षणिक गुणवत्ता संवर्धन पर लगातार कार्य किया जा रहा है। निपुण भारत मिशन के अंतर्गत आयोजित यह राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की क्षमता वृद्धि, अकादमिक नेतृत्व को मजबूत बनाने और विद्यार्थियों को बेहतर अधिगम अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रशिक्षित संदर्भदाताओं के माध्यम से प्रदेशभर में निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को और प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा, जिससे बुनियादी शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी।

मंडलीय बैठकों में सड़क-पुल परियोजनाओं की प्राथमिकता तय

लखनऊ  अगले साल होने वाले विधान सभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश सरकार विकास कार्यों को रफ्तार देने में जुट गई है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंडलीय दौरे शुरू कर दिए हैं। इन दौरों में वे जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें कर सड़कें व पुल पुलियों के निर्माण कार्यों के संबंध में उनकी प्राथमिकताएं समझ रहे हैं। लोक निर्माण विभाग जुलाई से ही नई योजनाओं के लिए बजट स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को वाराणसी मंडल में जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक मंडलीय दौरे की शुरूआत कर दी है। रविवार को वे गोरखपुर में गोरखपुर मंडल के जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री का मंडलीय दौरा इस महीने के अंत तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। इन बैठकों के माध्यम से चालू वित्तीय वर्ष में विभागीय बजट से नई सड़कें व पुल-पुलियों के निर्माण कार्यों की प्राथमिकताएं तय की जा रही हैं। जिसके आधार पर पीडब्ल्यूडी नए निर्माण कार्यों को तेजी से शुरू कराएगा। पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव अजय चौहान के मुताबिक जन प्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर सभी जिलों की कार्ययोजना आ गई है। मुख्यमंत्री की मंडलीय बैठकें पूरी हो जाने के बाद चयनित कार्यों का काम तेजी से शुरू कराया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि जुलाई से ही विभाग चयनित कार्यों के लिए बजट स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया का काम शुरू कर देगा, ताकि सितंबर से धरातल पर युद्धस्तर पर काम शुरू कराया जा सके। इस वित्तीय वर्ष में पीडब्ल्यूडी को निर्माण कार्यो के लिए 35,156 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जिसमें से 11,718 करोड़ रुपये से नए कार्यों के लिए है। शेष बजट पहले से चल रही योजनाओं को पूरा करने पर खर्च किया जाना है। चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 35 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली नई सड़कें व पुल-पुलियों का काम शुरू किया जाना है। विभाग ने तय किया है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद पांच करोड़ रुपये तक की लागत वाली योजनाओं को 50 प्रतिशत तथा इससे बड़ी योजनाओं के लिए 20 से 30 प्रतिशत तक बजट जारी किया जाएगा।

डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ में योगी सरकार के नौ साल पर एक्सपर्ट्स ने की चर्चा

लखनऊ.  लखनऊ स्थित एक होटल में तीन दिवसीय डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग 'त्रिवेणी' में दूसरे दिन रविवार को उत्तर प्रदेश के सुशासन, संस्कृति और समृद्धि पर गहन चर्चा हुई। इस दौरान विभिन्न अतिथियों ने योगी सरकार की तरीफ करते हुए उनके विकास मॉडल की बात की। उन्होंने बताया कि किस तरह यूपी बीमारू राज्य से प्रगति की तरफ अग्रसर हुआ। इस आयोजन में कई राज्यों के 100 से अधिक डिजिटल क्रिएटर्स, नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। रविवार को आयोजन के दूसरे दिन परिचर्चा सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने सरकार की नौ वर्षों की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले करीब तीन दशकों में यूपी सरकार और केंद्र सरकार के बीच समन्वय नहीं था, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ जनता को नहीं मिल पाता था। 2014 में केंद्र में मोदी सरकार और 2017 में यूपी में योगी सरकार बनने के बाद हालात सुधरे। इस डबल इंजन सरकार के जरिए पीएम आवास योजना, शिक्षा से जुड़ी योजना, स्वच्छ भारत मिशन समेत हर योजना लागू हुई और इनका जनता तक फायदा भी पहुंचा। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने सबसे पहले कानून—व्यवस्था को सुधारा और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई। यूपी पुलिस में काफी संख्या में भर्तियां हुईं। महिलाओं के लिए पुलिस भर्ती में आरक्षण लागू किया गया। पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर बजट में व्यवस्था की गई, ताकि तकनीकी में भी सुधार हो। योगी सरकार में माफियाओं पर कार्रवाई अवनीश अवस्थी ने कहा कि योगी सरकार में ही प्रदेश के सभी माफियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई। साथ ही उनके सभी मुकदमों में सजा भी कोर्ट से तय हुई। कुछ माफियाओं ने सरकारी जमीनों पर कब्जा किया था, जिनको खाली कराकर गरीबों के लिए आवास बनाए गए। वहीं गैंगस्टर एक्ट को भी सख्ती से प्रदेश में लागू किया गया। उन्होंने बताया कि हर रोज सीएम योगी खुद कानून-व्यवस्था की मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों के साथ बैठक करते हैं। योगी सरकार का हर प्रोजेक्ट समय पर पूरा अवनीश अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में कई आसान पॉलिसी के जरिए निवेश आ रहा है। यूपी में ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण से लेकर डिफेंस कॉरिडोर सरकार की बड़ी उपलब्धि का प्रमाण है। आज देशभर के एक्सप्रेसवे का 60 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे समेत हर प्रोजेक्ट समय पर पूरा किया गया। उन्होंने बताया कि जेवर एयरपोर्ट का निर्माण 1997 में ही होना था, लेकिन उसके लिए जमीन नहीं दी गई। वहीं योगी सरकार ने इसे मिशन मोड में पूरा किया और सोमवार (15 जून) से यहां उड़ान शुरू होने जा रही है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों का भी खूब विकास किया है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय बढ़ रही है। साथ ही यूपी बीमारू राज्य से रेवेन्यू सरप्लस वाला राज्य बन गया है। योगी सरकार एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को भी जल्द ही पूरा करेगी। उद्योग क्षेत्र में आया बदलाव दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) के संस्थापक-अध्यक्ष मिलिंद कांबले ने चर्चा के दौरान कहा कि मैंने यूपी को देश का ग्रोथ इंजन बनते हुए देखा है। पहले इसकी छवि केवल कृषि तक सीमित थी और बीमारू राज्य माना जाता था। यहां उद्योग नहीं थे और स्थानीय लोग नौकरी के लिए दूसरे राज्यों की तरफ देखते थे। बतौर निवेशक मैंने देखा कि 2017 के बाद यूपी के उद्योग क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया। कानून-व्यवस्था, सड़क, रेल मार्ग में सुधार, उद्योग लगाने में आसान व्यवस्थाओं से राहत मिली है। यूपी से शुरू हुई एक जिला एक उत्पाद स्कीम को केंद्र सरकार ने भी अपनाया। इसके जरिए लोग अपने ही उद्योग के मालिक बन रहे हैं। आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय (डीईएस प्लानिंग) की निदेशक अलका बहुगुणा ढौंडियाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश की चर्चा अब ग्लोबल स्तर पर होने लगी है। एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल के लिए हर विभाग की मॉनिटरिंग हो रही है। विकास से जुड़ी योजनाओं पर काम जारी है। वहीं यूपी में प्रति व्यक्ति आय 1.09 लाख रुपये तक पहुंच गई है। योगी सरकार में सुधार जमीनी स्तर पर दिखाई पड़ रहा है। यूपी से पलायन पर लगी लगाम विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) साकेत मिश्रा ने कहा कि योगी सरकार आने के बाद यूपी से पलायन काफी कम हो हुआ है। सरकार ने शिक्षा, रोजगार समेत अन्य मामलों पर बेहतर काम किया। बदलाव छोटी-छोटी चीजों से आता है, जिस पर योगी सरकार ने पूरा ध्यान दिया। उदाहरण के तौर पर आज किसानों को आसानी से खाद मिल रही है। गरीबों का विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गुंडा राज खत्म हुआ, जिससे विकास कार्यों और निवेश की राह आसान हुई है। इस आयोजन के दौरान अन्य अतिथियों ने भी योगी सरकार के कार्यों और विकास मॉडल पर अपनी प्रतिक्रिया दी। साथ ही कार्यक्रम में मौजूद कंटेंट क्रिएटर्स के सवालों का जवाब भी दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की

​गोरखपुर.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को एनेक्सी भवन में गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शासन तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से दोनों मंडलों में संचालित पुरानी व गतिमान परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि युद्धस्तर पर अभियान चलाकर सड़क निर्माण के कार्यों में तेजी लाई जाए और हर काम गुणवत्ता के साथ समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने मानसून (बरसात) से पहले की परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देने और उन्हें समय से पूरा कराने का निर्देश दिया। बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव ने पिछले वर्ष के कार्यों का लेखा-जोखा भी प्रस्तुत किया। ​जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों पर प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराएं कार्य मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर प्राथमिकता तय कर सड़कों का काम तत्काल शुरू कराया जाए, जिससे आम नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिल सके। जून के अंत तक सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर ली जाएं और इसके तुरंत बाद शिलान्यास कराया जाए। सभी जरूरी संसाधनों की व्यवस्था करने के बाद ही कार्य प्रारंभ किया जाए, ताकि काम बीच में न रुके और समय से पूरा हो। ​आयुक्त व जिलाधिकारी भी समय-समय पर करें समीक्षा मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के मद्देनजर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल के सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर सड़कों का निर्माण कराएं। इसकी कार्ययोजना तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय से धनराशि स्वीकृत हो सके। साथ ही टेंडर प्रक्रिया भी समय से पूरी की जाए। कार्यों में गति लाने के लिए संबंधित कमिश्नर व जिलाधिकारी अपने-अपने स्तर पर नियमित बैठकें कर समीक्षा करें, जिससे निर्माण कार्यों की प्रगति हर हाल में सुनिश्चित हो सके। ​श्रमिकों की सुरक्षा के हों पुख्ता इंतजाम मुख्यमंत्री ने कार्यों की प्रभावी निगरानी पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मौके का मुआयना करें और तकनीक के माध्यम से ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने सेतु निगम के कार्यों में सुरक्षा मानकों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए और उनके लिए सुरक्षा किट का पूरा इंतजाम रहे। सभी विभाग आपस में बेहतर समन्वय के साथ काम करें। ​मुख्यमंत्री ने मोहन सेतु की प्रगति की भी ली जानकारी मुख्यमंत्री ने देवरिया में निर्माणाधीन 'मोहन सेतु' के कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को कार्यस्थल का निरीक्षण करने और सेतु निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जो भी ठेकेदार 'बिलो टेंडर' ले रहे हैं, उन पर पैनी नजर रखी जाए और ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाए। ​बैठक में केंद्रीय मंत्री व बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान, गोरखपुर के सांसद रवि किशन, कुशीनगर के सांसद विजय दुबे, प्रदेश सरकार के मंत्री सूर्य प्रताप शाही, दयाशंकर सिंह, विजयलक्ष्मी गौतम, राज्यसभा सांसद आरपीएन सिंह, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, रतनपाल सिंह, विधायक श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, फतेह बहादुर सिंह, महेंद्र पाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, राजेश त्रिपाठी, विमलेश पासवान, सरवन निषाद, शलभ मणि त्रिपाठी, ऋषि त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र सिंह, जयप्रकाश निषाद, पीएन पाठक, विवेकानंद पांडेय समेत गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल के विधानसभा क्षेत्रों के विधायक मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में किया जनता दर्शन, 200 लोगों की सुनीं समस्याएं

गोरखपुर.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित दिग्विजय नाथ स्मृति भवन के बाहर ‘जनता दर्शन’ किया। यहां प्रदेश के विभिन्न जनपदों से लगभग 200 लोग अपनी पीड़ा लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी की समस्या सुनी और उचित निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है, सभी की उचित समस्या का निदान कराएगी। सीएम योगी ने मामलों के निस्तारण के लिए प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित करते हुए निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण निष्पक्ष और समयसीमा के भीतर होना चाहिए।  समयसीमा के भीतर पीड़ितों को न्याय दिलाएं ‘जनता दर्शन’ में पुलिस व राजस्व संबंधी शिकायतों पर सीएम ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि राजस्व संबंधी शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। समयसीमा के भीतर पीड़ितों को न्याय दिलाना सुनिश्चित करें।  इलाज की चिंता सरकार पर छोड़ दें इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोगों से मुख्यमंत्री ने कहा कि आप परिजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। इलाज की चिंता सरकार पर छोड़ दें, सरकार इलाज में मदद करेगी। जरूरतमंद लोगों का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाएगा। लोगों को विवेकाधीन कोष से भी सहायता दिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने हर जरूरतमंद, पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।  गोरक्षपीठाधीश्वर ने की गोसेवा, बच्चों पर लुटाया प्यार गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान रविवार सुबह भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। प्रातःकाल महायोगी गुरु गोरखनाथ, ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ जी का आशीर्वाद लेने के बाद सीएम योगी ने मंदिर की गोशाला में गोसेवा की। गोवंश को अपने हाथ से गुड़-रोटी खिलाकर उन पर स्नेह बरसाया। फिर मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए परिजनों के साथ आए बच्चों को पास बुलाकर उन्हें दुलारा, पढ़ाई के बारे में बातचीत की और उन्हें चॉकलेट दी। ‘जनता दर्शन’ के दौरान भी सीएम ने बच्चों को चॉकलेट दी और खूब मन लगाकर पढ़ने-आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया।

सीएम योगी ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति व्यक्त की संवेदना

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कई जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से हुई जनहानि के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनहानि, पशुहानि का आकलन कर पीड़ित परिवारों को 24 घंटे में मुआवजा उपलब्ध कराएं। किसी भी आवश्यकता पर शासन को तत्काल अवगत कराएं।  शनिवार को कासगंज, चंदौली, मीरजापुर, बाराबंकी जिले में वर्षा व आकाशीय बिजली गिरने से जनहानि व पशुहानि हुई। इसकी जानकारी होने पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रशासन के आलाधिकारी प्रभावित परिवारों से संवाद बनाकर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाएं। मुख्यमंत्री ने आंधी, पानी, ओलावृष्टि आदि के मद्देनजर वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में रहकर आमजन से संवाद करने और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घायलों के सम्बंध में भी जानकारी ली। आपदा पीड़ित मंडलों के आयुक्त, जनपदों के जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उन्होंने निर्देश दिया कि घायलों का उचित इलाज हो, उन्हें दवाएं व स्वास्थ्य सुविधाएं समय से उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री ने घायलों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।  मुख्यमंत्री ने आमजन से भी अपील की कि विपरीत मौसम में बचाव का विशेष ध्यान रखें। आंधी में होर्डिंग, ग्लोसाइन बोर्ड, बिजली के तार आदि के पास न खड़ें हों। घर के बच्चों, बुजुर्गों के साथ ही पशुओं का भी विशेष ध्यान रखें।

गो संरक्षण विशेष: अमेरिका और यूरोपीय देशों तक पहुंच रहा सीएम योगी के गो संरक्षण का प्रभाव

लखनऊ.  देश-दुनिया के लिए यूपी रोल मॉडल बनकर उभरा है। प्रदेश की देशी गायों के पंचगव्य और आयुर्वेदिक उत्पाद अब अमेरिका, जर्मनी, जापान, ऑस्ट्रेलिया और खाड़ी देशों तक पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गो संरक्षण को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की नीति उत्तर प्रदेश को देश-विदेश में नई पहचान दिला रही है। यही नहीं, गो संरक्षण में यूपी देश का पथप्रदर्शक बन चुका है। इसी का परिणाम है कि गुजरात, केरल, हरियाणा समेत 15 राज्यों के लोग यूपी से गो संरक्षण सीख रहे हैं। सात समंदर पार पहुंचे यूपी के दुग्ध उत्पाद उत्तर प्रदेश में देसी गायों के जरिए तैयार किए जा रहे करीब 200 प्रकार के उत्पाद आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना रहे हैं। पंचगव्य घृत, ब्राह्मी घृत, गोमूत्र अर्क, घनवटी, च्यवनप्राश, गो घृत, शतधौता घृत और आयुर्वेदिक काजल जैसे उत्पादों की मांग विदेश में लगातार बढ़ रही है। अमेरिका, कनाडा, यूएई, सिंगापुर, मलेशिया, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, जापान, सऊदी अरब और थाईलैंड समेत कई देशों में इन उत्पादों की पहुंच बनी है। प्राकृतिक जीवनशैली, आयुर्वेद और पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति के प्रति बढ़ते आकर्षण ने यूपी के गो-आधारित उत्पादों के लिए नए बाजार तैयार किए हैं। गोशाला से ग्लोबल मार्केट का सफर उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी सफलता यह है कि यहां गो संरक्षण को आर्थिक मूल्य से जोड़ा गया। अब गोबर, गोमूत्र, घी और पंचगव्य आधारित उत्पादों को व्यवस्थित उद्योग का स्वरूप दिया जा रहा है। इस बदलाव ने देसी गाय को केवल पशुधन नहीं, बल्कि ग्रामीण आय और उद्यमिता के स्रोत के रूप में स्थापित किया है। गांवों में स्वयं सहायता समूह, गोशालाएं और छोटे उद्यमी भी इस क्षेत्र से जुड़कर आर्थिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं। आईटी इंजीनियर ने दिखाई नई राह गाजियाबाद के असीम रावत ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करने के बाद देसी गायों के संरक्षण और उनसे जुड़े उत्पादों के निर्माण का क्षेत्र चुना। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से शुरू हुई उनकी पहल आज 'हेता (HETHA)' के रूप में देश और विदेश के बाजारों तक पहुंच चुकी है। असीम रावत का मानना है कि यदि देसी गायों के उत्पादों को वैज्ञानिक तरीके से विकसित कर बाजार से जोड़ा जाए तो यह क्षेत्र ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभा सकता है। देशभर के लिए बना मॉडल उत्तर प्रदेश का यह मॉडल अब अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है। गुजरात, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पंजाब, तेलंगाना, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गोवा, ओडिशा और आंध्र प्रदेश समेत 15 से अधिक राज्यों के लोगों को यहां असीम रावत प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसके माध्यम से लोगों को गो संरक्षण की बारीकियां सिखाई जाती हैं। गो संरक्षण, नस्ल सुधार और गो आधारित उत्पादों के व्यावसायिक मॉडल को समझने के लिए लगातार अन्य राज्यों के दल प्रदेश का दौरा कर रहे हैं। साहीवाल, गिर, गंगातीरी और थारपारकर जैसी नस्लों के संरक्षण पर विशेष जोर : मुकेश मेश्राम पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम के अनुसार योगी सरकार उन्नत देसी नस्ल की गायों के पालन के लिए 50 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध करा रही है। साहीवाल, गिर, गंगातीरी और  थारपारकर जैसी नस्लों के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। योगी सरकार की विभिन्न योजनाओं ने डेयरी और गो आधारित उद्योग को नई गति दी है, जिससे किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने में मदद मिली है। आस्था के साथ अर्थव्यवस्था पर केंद्रित योजना जिस देसी गाय को कभी आर्थिक बोझ माना जाता था, वही आज सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में करोड़ों रुपये की गो इकोनॉमी की धुरी बन रही है। यही वजह है कि गो संरक्षण का यूपी मॉडल अब देश-दुनिया में चर्चा का विषय बन चुका है। गो संरक्षण को अर्थव्यवस्था से जोड़कर देखने का परिणाम है कि यूपी का मॉडल अब दूसरे राज्यों के साथ ही अन्य देशों के लिए भी मिसाल बन रहा है।

पहली बार कक्षा 6-8 के छात्र भी खेल प्रतियोगिताओं में शामिल, प्रदेशीय खेलों में बड़ा बदलाव

लखनऊ प्रदेश के विद्यालयों में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शैक्षिक सत्र 2026-27 का प्रदेशीय विद्यालयी खेलकूद कैलेंडर जारी कर दिया है। 30 जून से शुरू होकर 17 नवंबर तक चलने वाली इन प्रतियोगिताओं में 31 खेल शामिल किए गए हैं पहली बार बेसिक शिक्षा विभाग के कक्षा 6 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को भी सभी स्तरों पर प्रतिभाग का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मौका मिल सकेगा शिक्षा निदेशक माध्यमिक की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, प्रदेश के राजकीय, सहायता प्राप्त, वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों, उच्च प्राथमिक विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) के छात्र-छात्राएं प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं को एक अलग यूनिट के रूप में प्रतियोगिताओं में शामिल किया जाएगा। इनके लिए जिला और मंडल स्तर पर अलग प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। अंतरमंडलीय प्रदर्शन के आधार पर प्रदेशीय टीम का चयन किया जाएगा। चयन प्रक्रिया का निर्धारण समग्र शिक्षा के बालिका प्रकोष्ठ द्वारा किया जाएगा। हर विद्यालय के लिए दो खेलों में भागीदारी अनिवार्य प्रत्येक विद्यालय के छात्र-छात्राओं को कम से कम दो अलग-अलग खेलों में प्रतिभाग करना होगा। इनमें एक टीम गेम और एक व्यक्तिगत खेल अथवा दोनों टीम गेम हो सकते हैं। खेलों का चयन विद्यालय अपनी सुविधा के अनुसार करेंगे। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) द्वारा सीबीएसई और सीआईएससीई बोर्ड को अलग यूनिट की मान्यता दिए जाने के कारण इन बोर्डों से संबद्ध विद्यालयों के खिलाड़ी उत्तर प्रदेश की विद्यालयी खेल प्रतियोगिताओं में भाग नहीं ले सकेंगे। नौ नए खेल ट्रायल आधार पर जारी वुशू, मलखम्भ, गतका, कलारीपयट्टू, शतरंज, योगासन, थांगता मार्शल आर्ट और कुराश आदि को ट्रायल आधार पर इस वर्ष भी प्रतियोगिताओं में शामिल किया गया है। इसके अलावा नेटबाल, रग्बी, स्केटिंग, तलवारबाजी, साइक्लिंग, टेनिस और मॉडर्न पेंटाथलॉन में चयन ट्रायल कराकर प्रदेशीय टीमों का गठन किया जाएगा। प्रतियोगिताएं 14 वर्ष से कम (सब जूनियर), 17 वर्ष से कम (जूनियर) और 19 वर्ष से कम (सीनियर) आयु वर्ग में आयोजित की जाएंगी। प्रदर्शन के आधार पर होगा प्रदेशीय टीम चयन टीम स्पर्धाओं में खिलाड़ियों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। तैराकी और एथलेटिक्स जैसी व्यक्तिगत स्पर्धाओं में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त खिलाड़ी प्रदेशीय टीम में शामिल किए जाएंगे। एथलेटिक्स की रिले टीम का चयन अलग से किया जाएगा। 25 जून तक तय करनी होगी मेजबानी शिक्षा विभाग ने सभी मंडलीय और जिला अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अपने यहां आयोजित होने वाली प्रदेशीय प्रतियोगिताओं के स्थल और तिथि का निर्धारण कर 25 जून तक इसकी सूचना सहायक शिक्षा निदेशक खेल, लखनऊ और डॉ. भीमराव आंबेडकर राज्य विद्यालयी क्रीड़ा संस्थान, अयोध्या को उपलब्ध कराएं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विषम परिस्थितियों को छोड़कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं की तिथियों में परिवर्तन नहीं किया जाएगा। प्रमुख प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम     30 जून से तीन जुलाई : सब जूनियर व जूनियर नेहरू हाकी (झांसी)     5 से 8 अगस्त : तैराकी, डाइविंग व वाटर पोलो, अलीगढ़     17 से 20 अगस्त : तीरंदाजी (मिर्जापुर), कराटे (लखनऊ), शूटिंग (मेरठ), जिम्नास्टिक (आगरा)     21 से 25 अगस्त : हैंडबॉल (अयोध्या)     21 से 24 अगस्त : टेबल टेनिस व बैडमिंटन (कानपुर)     30 अगस्त से तीन सितंबर : फुटबॉल (वाराणसी) और कुश्ती (गोरखपुर)     नौ से 13 सितंबर : जूडो (बरेली) और बास्केटबॉल (गोरखपुर)     15 से 19 सितंबर : मलखम्भ (झांसी), हॉकी (मुरादाबाद), भारोत्तोलन (सहारनपुर), वॉलीबॉल (प्रयागराज)     19 से 21 सितंबर : कलारीपयट्टू (लखनऊ)     23 से 26 सितंबर : बॉक्सिंग (लखनऊ) और वुशू (वाराणसी)     29 सितंबर से दो अक्टूबर : कुराश (मेरठ)     एक से तीन अक्टूबर : सेपक टाकरा (बरेली)     तीन से छह अक्टूबर : गतका (अयोध्या)     नौ से 12 अक्टूबर : थांगता मार्शल आर्ट (अयोध्या) और योगासन (आजमगढ़)     15 से 18 अक्टूबर : शतरंज (आजमगढ़) और बालिका क्रिकेट (मुरादाबाद)     20 से 23 अक्टूबर : कबड्डी (आजमगढ़) और बालक क्रिकेट (कानपुर)     24 से 27 अक्टूबर : खो-खो (अयोध्या)     29 अक्टूबर से दो नवंबर : ताइक्वांडो (गोरखपुर)     13 से 17 नवंबर : एथलेटिक्स (प्रयागराज)