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09 मई को नेशनल लोक अदालत आयोजित, लंबित मामलों का समाधान होगा

09 मई को होगा नेशनल लोक अदालत का आयोजन, लम्बित मामलों का होगा निराकरण  रायपुर भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आम जनता तक पहुचने तथा आपसी सहभागिता एवं सहमति से विवादों के समाधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समाधान समारोह विशेष लोक अदालत 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह आगामी 09 मई 2026 को नेशनल लोक अदालत आरंभ होकर 21, 22 एवं 23 अगस्त को विशेष लोक अदालत के माध्यम से लंबित मामलों का निराकरण सम्पन्न होगा।  विशेष लोक अदालत का आयोजन सर्वोच्च न्यायालय परिसर में 21, 22, 23 अगस्त को किया जाएगा। जिसमें सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित मामलों को भी शामिल किया जाएगा। इस दौरान पूर्व सुलह बैठको का आयोजन राज्य, जिला, तालुका एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के मध्यस्थता केन्द्र में किया जाएगा। वार्ता की प्रक्रिया 21 अप्रैल 2026 से ही प्रारभ हो चुकी है। इस समाधान शिविर के आयोजन का मुख्य उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित उपयुक्त मामलों का आपसी सहमति एवं सुलह के माध्यम से निष्पादन करना है। अधिवक्ता वादीगणों एवं संबंधित सभी पक्षों से अपील की गई है कि, सक्रिय रूप से भाग ले एवं आपसी सहमति से  समाधान की दिशा में प्रयास करें।  सुलाह बैठक में पक्षकार शारीरिक एवं अभासी माध्यम से भी सम्मिलित हो सकते है, इस बैठकों में प्रशिक्षित मध्यस्थता एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी सहयोग प्रदान करेगें। अपने मामले को समाधान समारोह विशेष लोक अदालत में सम्मिलित करने केे लिए सर्वोच्च न्यायालय के वेबसाईट पर गुगल फार्म भरना होगा फार्म भरने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई। अधिक जानकारी एवं समाधान के लिए वन स्टाप सेन्टर (बार रूम) के सम्पर्क नम्बर, या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर से भी सम्पर्क कर सकते है।  आधिक जानकारी के लिए समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) हेतु बनाये गये (वन स्टॉप सेन्टर ) (वार रूम) इंचार्ज का सम्पर्क नम्बर 011-2311565652, 011-23116464, सी.आर.पी निदेशक का सम्पर्क नं.-011-23115652  वन स्टॉप सेन्टर (कक्ष क्रं.806 एवं 808 बी ब्लाक), अतिरिक्त भवन परिसर सर्वोच्च न्यायालय लेण्डलाइन नं.-011-23116464 से संपर्क कर सकते है वहीं ई.मेल आई. डी speciallokadalat 2026@sci.in तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर जिला न्यायालय परिसर मो.नं. 0771-24259’44 मो.नं.-8301508992 से भी सम्पर्क किया जा सकता है।

मोर गांव–मोर पानी अभियान से मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में जल संरक्षण हुआ सफल, बना मॉडल जिला

मोर गांव – मोर पानी महाअभियान से मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी बना जल संरक्षण का मॉडल जिला मनरेगा एवं विभिन्न योजनाओं के अभिसरण से जल संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को मिली नई मजबूती रायपुर राज्य शासन के “मोर गांव – मोर पानी” महाअभियान अंतर्गत मोहला-मानपुर- अम्बागढ़ चौकी जिले ने जल संरक्षण एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी अभिसरण से जिले में जल संवर्धन, भू-जल स्तर सुधार और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में व्यापक कार्य किए गए हैं।   जिले में बनीं 17 सौ से अधिक आजीविका डबरी           “जल संरक्षण हमारी जिम्मेदारी” की थीम पर संचालित इस अभियान के तहत जिले में 1700 से अधिक आजीविका डबरी का निर्माण किया गया। प्रत्येक पंचायत में औसतन 9 डबरी विकसित कर जल संरक्षण को आजीविका संवर्धन से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया गया है। सामुदायिक सहभागिता और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है। पीएम आवासों में बने 2541 सोखता गड्ढे, 87 तलाबों का नवीनीकरण          वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रेरित कर 2541 सोख्ता गड्ढे  का निर्माण कराया गया। इसके अलावा श्रमदान एवं जनसहभागिता से 175 बोरी बंधान, 3600 कंटूर ट्रेंच तथा 87 तालाबों का नवीनीकरण कर जल संरक्षण संरचनाओं को मजबूत किया गया। अभियान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए जिले में रैली, कलश यात्रा, शपथ एवं दीपदान जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।   जल स्तर में 2.19 मीटर की हुई वृद्धि         जलदूत ऐप से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार जिले में भू-जल स्तर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। प्री मानसून 2024 की तुलना में प्री मानसून 2025 में जल स्तर में 1.81 मीटर तथा पोस्ट मानसून 2024 की तुलना में पोस्ट मानसून 2025 में 2.19 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़े अभियान की प्रभावशीलता और जिले में किए गए जल संरक्षण कार्यों की सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।   जिले के तीन विकासखण्ड अब सेफ कैटेगरी में          अभियान के सकारात्मक परिणामों के फलस्वरूप ग्रामीण विकास मंत्रालय की अधिसूचना दिनांक 23 सितम्बर 2025 के अनुसार जिले के तीनों विकासखंड, जो पूर्व में सेमी-क्रिटिकल श्रेणी में शामिल थे, अब “सेफ ब्लॉक” की श्रेणी में वर्गीकृत किए गए हैं। यह उपलब्धि मोहला-मानपुर- अम्बागढ़ चौकी जिले में सामूहिक प्रयास, जनसहभागिता और प्रभावी जल प्रबंधन की एक प्रेरणादायी मिसाल बनकर उभरी है।

घुसपैठियों पर लगेगी लगाम, डिप्टी CM विजय शर्मा ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का दिया भरोसा

रायपुर. छत्तीसगढ़ के डिप्टी CM विजय शर्मा पश्चिम बंगाल के दौरे से लौट आए हैं। बांग्लादेशी घुसपैठिए को लेकर उन्होंने कहा कि देश में घुसपैठ पर लगाम लगाने के लिए इस दिशा में उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। वहीं उन्होंने पद्मश्री फूलबासन यादव के अपहरण और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे की तैयारियों को लेकर होने वाली CM की समीक्षा बैठक पर भी बयान दिया है। बांग्लादेशी घुसपैठिए को लेकर क्या कहा ? पश्चिम बंगाल से लौटने के बाद उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठिए पश्चिम बंगाल के रास्ते देश में प्रवेश करते हैं, लेकिन वहां की सरकार ने केंद्र की एजेंसियों को आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं कराई थी। अब इस दिशा में उचित स्थान और व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, जिससे देश में घुसपैठ पर लगाम लग सके। वहीं उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता खुद ममता बनर्जी को सत्ता से हटाना चाहती थी। छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ताओं के साथ देश के अन्य राज्यों के कार्यकर्ताओं ने भी खूब मेहनत की है। पद्मश्री फूलबासन यादव के अपहरण पर क्या कहा ? पद्मश्री फूलबासन यादव के अपहरण को लेकर डिप्टी CM विजय शर्मा ने कहा कि फूलबासन के पास ही आने जाने वाली एक महिला थी। वो महिला ही उनसे कहती है आपके साथ सेल्फी लेना है एक दिव्यांग है वो गाड़ी में बैठे हैं। उनके साथ वो चली गई थी, फिर महिला ने गाड़ी आगे बढ़ा दी। कारण क्या है इसका जल्द पता चलेगा। पुलिस ने मुस्तैदी से इस पर काम किया है। CM की समीक्षा बैठक पर क्या कहा ? वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 19 मई को छत्तीसगढ़ के दौरे पर आने वाले हैं, जिसकी तैयारियों को लेकर आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समीक्षा बैठक करेंगे। इसको लेकर डिप्टी CM विजय शर्मा का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि पिछले साल 24-25 जून को बनारस में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदूओं पर चर्चा हुई, जिसमें केंद्र और राज्यों की व्यवस्थाओं की समीक्षा भी शामिल थी। इस वर्ष यह अहम बैठक छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित की जाएगी, जिसकी तैयारियों को लेकर आज सीएम के मार्गदर्शन में बैठक आयोजित है। 

युवा कांग्रेस में अध्यक्ष के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू, तैयारी जोरों पर

रायपुर  छत्तीसगढ़ की राजनीति में युवा कांग्रेस एक बार फिर सक्रिय मोड में है। संगठनात्मक चुनावों की आहट के साथ प्रदेशभर में हलचल तेज हो गई है। यह सिर्फ पदों की अदला-बदली भर नहीं, बल्कि संगठन की दिशा और भविष्य तय करने वाली प्रक्रिया भी है। तीन साल से अधिक समय से प्रदेश अध्यक्ष रहे आकाश शर्मा के कार्यकाल के बाद अब नेतृत्व परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है।इस पूरी कवायद की शुरुआत सदस्यता अभियान से होगी, जो मई-जून में चलाया जाएगा। यही सदस्यता आगामी चुनाव की बुनियाद बनेगी। खास बात यह है कि इस बार सदस्यता शुल्क 50 रुपए से बढ़ाकर 75 रुपए कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी भले छोटी लगे, लेकिन इसके पीछे संगठन की गंभीरता और संसाधनों को मजबूत करने की रणनीति साफ झलकती है। युवा कांग्रेस इस बार प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने पर जोर दे रही है। सदस्यता से लेकर मतदान तक पूरा सिस्टम डिजिटल होगा और चुनाव को ब्लॉक स्तर तक ले जाया जाएगा। यह कदम न सिर्फ भागीदारी बढ़ाने का प्रयास है, बल्कि स्थानीय नेतृत्व को उभारने की भी कोशिश है। चुनाव प्रक्रिया दो चरणों में होगी पहले मतदान और फिर इंटरव्यू। अंतिम चयन वरिष्ठ नेतृत्व के हाथ में रहेगा। इस बार उम्र को भी एक अहम पैमाना बनाया गया है, जिसमें खासतौर पर 1989, 1990 और 1991 आयु वर्ग के दावेदारों पर फोकस रहने की चर्चा है। इससे यह संकेत मिलता है कि संगठन अनुभव और युवा ऊर्जा के बीच संतुलन साधने की कोशिश में है। पिछले सदस्यता अभियान में 11 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी ने संगठन को मजबूती दी थी। इस बार यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। यह सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि कांग्रेस के लिए जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर भी है। दूसरी ओर, दावेदारों की लंबी सूची इस चुनाव को और दिलचस्प बना रही है। नए और पुराने चेहरों के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा। यह प्रतिस्पर्धा जहां संगठन में नई ऊर्जा भर सकती है, वहीं गुटबाजी की चुनौती भी खड़ी कर सकती है। कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस का यह चुनाव महज संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक पुनर्संरचना का संकेत है। सदस्यता, डिजिटल चुनाव और नए चेहरों की एंट्री—ये तीनों फैक्टर मिलकर तय करेंगे कि आने वाले समय में संगठन किस दिशा में आगे बढ़ेगा। अगर यह प्रक्रिया पारदर्शिता और संतुलन के साथ पूरी होती है, तो यह कांग्रेस के लिए प्रदेश में नई ताकत बन सकती है।

DRI की रेड से मचा हड़कंप, रायपुर स्थित हंस ट्रैवल्स ऑफिस में भारी मात्रा में कैश मिला

रायपुर. राजधानी रायपुर के रिंग रोड स्थित हंस ट्रैवल्स कार्यालय में डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने बड़ी छापेमार कार्रवाई की है। ट्रैवल कंपनी के जरिए करोड़ों रुपये के जाली नोट दूसरे राज्यों में भेजे जाने की सूचना पर डीआरआई की टीम ने रेड डाली। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने 10, 20 और 50 रुपये के नोटों से भरे तीन बोरे बरामद किए हैं, जिन्हें जांच के लिए अपने टीम अपने साथ ले गई है। बताया जा रहा है कि डीआरआई के पांच अधिकारियों की टीम ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जानकारी के मुताबिक डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की टीम को जाली नोटों को दूसरे राज्यों में पहुंचाने की सूचना मिली थी। जिसके बाद पाँच अफसरों की टीम ने रिंग रोड स्थित हंस ट्रैवल्स में रेड कार्रवाई को अंजाम दिया। इस छापेमारी के दौरान अफसरों को तीन बोरों से भरे नोट मिले हैं, जिन्हें पश्चिम बंगाल के कोलकाता से दिल्ली भेजने के लिए बस में चढ़ाया गया था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कोलकाता से किसी उदय सिंह बिस्वाल नामक व्यक्ति ने नोटों से भरे बोरों को दिल्ली भेजने के लिए रखा था और दिल्ली में किसी कमल किशोर गुप्ता के पास पहुंचाया जा रहा था। लेकिन डीआरआई की टीम ने रेड कार्रवाई कर नोटों के बोरों को जब्त कर लिया है।

अंधेरे से उजाले की ओर: कृष्णा और अनिता के जीवन में सुशासन ने जगाई नई उम्मीद

अंधेरे से उजाले की ओर- कृष्णा और अनिता के जीवन में सुशासन ने भरी उम्मीद की रोशनी रायपुर, जब हौसले बुलंद हों और शासन का साथ मिल जाए, तो शारीरिक बाधाएं भी प्रगति का रास्ता नहीं रोक सकतीं। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम गोविंदपुर (सरगड़ी) में रहने वाले कृष्णा पहाड़ी कोरवा और उनकी पत्नी अनिता की कहानी आज सुशासन और संवेदनशीलता की जीवंत मिसाल बन चुकी है। विशेष पिछड़ी जनजाति से ताल्लुक रखने वाला यह दंपति दृष्टिबाधित है, लेकिन आज इनके चेहरे की मुस्कान सरकार की अंतिम व्यक्ति तक विकास की प्रतिबद्धता को बयां कर रही है। प्रधानमंत्री के हाथों मिली खुशियों की चाबी        कृष्णा और अनिता के परिवार के जीवन का सबसे ऐतिहासिक मोड़ राज्य स्थापना की रजत जयंती (2025) के अवसर पर आया। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं अपने हाथों से कृष्णा को प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्मित पक्के घर की चाबी सौंपी। यह मात्र एक कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि वर्षों के अभाव और असुरक्षा के बाद मिला वह सम्मान था, जिसकी इस दंपति ने कल्पना की थी। अपनी मेहनत और शासकीय अनुदान के मेल से इन्होंने न केवल घर बनाया, बल्कि अपने भविष्य की सुरक्षित बुनियाद भी रखी। मनरेगा- आत्मनिर्भरता की नई इबारत       पक्के घर के साथ-साथ आर्थिक स्वावलंबन के लिए महात्मा गांधी नरेगा (डळछत्म्ळ।) इस परिवार का सबसे बड़ा संबल बना। दृष्टिबाधित होने के बावजूद कृष्णा और अनिता ने हार नहीं मानी। वे मनरेगा कार्यस्थलों पर श्रमिकों को पानी पिलाने का कार्य करते हैं। वर्ष 2024-25 में 86 दिनों का रोजगार और चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 14 दिनों का काम मिलने से उन्हें दैनिक जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। कृष्णा और अनिता के लिए सुशासन का अर्थ केवल सरकारी सहायता नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीने का अवसर और भविष्य की एक नई किरण है। योजनाओं के सुरक्षा कवच और बदला जीवन        शासन की बहुआयामी योजनाओं ने इस परिवार के इर्द-गिर्द सुरक्षा का एक घेरा तैयार कर दिया है। अंत्योदय अन्न योजना के तहत राशन की उपलब्धता, आयुष्मान भारत कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी मिली, जिससे इलाज की चिंता खत्म हुई और दिव्यांग पेंशन के माध्यम से निरंतर वित्तीय सहायता के साथ सामाजिक सुरक्षा प्राप्त हुआ।          'अंधेरे से उजाले की ओर' कृष्णा और अनिता के जीवन में सुशासन  के सकारात्मक प्रभाव की एक प्रतीकात्मक कहानी है, जो दर्शाती है कि कैसे सरकारी योजनाएं, पारदर्शिता और जवाबदेही आम नागरिकों का जीवन बदल सकती हैं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने धमधा में 7 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

रायपुर : नगर पालिका बनेगा धमधा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की घोषणा  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने धमधा में 7 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और सांसद विजय बघेल भी हुए शामिल रायपुर लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में दुर्ग जिले के धमधा नगर पंचायत पहुंचे उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने धमधा नगर पंचायत के नगर पालिका में उन्नयन की घोषणा की। धमधावासी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। नगर पालिका के रूप में उन्नयन के बाद शहर को विकास कार्यों के लिए और ज्यादा मिलेगी तथा विकास कार्यों में तेजी आएगी। लोगों की बहुप्रतीक्षित मांग को पूर्ण करने वाली उप मुख्यमंत्री साव की इस घोषणा से धमधा के सुव्यवस्थित विकास तथा जनसुविधाएं विकसित करने के कामों को और अधिक गति मिलेगी। नगर पालिका बनेगा धमधा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की घोषणा  उप मुख्यमंत्री साव ने अपने धमधा प्रवास के दौरान करीब 7 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसमें 4 करोड़ 60 लाख रुपए के कार्यों का लोकार्पण और 2 करोड़ 39 लाख रुपए के कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। उन्होंने शहर के विकास के लिए 2 करोड़ रुपए देने की भी घोषणा की। साव ने बताया कि विगत दो वर्षों में धमधा नगर पंचायत के विकास के लिए 13 करोड़ रुपए दिए गए हैं। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के विकास के लिए सक्रियता और गंभीरता से काम किए जा रहे हैं।  स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, दुर्ग के सांसद विजय बघेल, विधायकगण सर्वडोमनलाल कोर्सेवाड़ा, ईश्वर साहू और ललित चन्द्राकर भी कार्यक्रम में शामिल हुए। तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, धमधा नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती श्वेता अग्रवाल, उपाध्यक्ष ब्रिजेन्द्र दानी, जनपद पंचायत के अध्यक्ष लिमन साहू और पूर्व मंत्री जागेश्वर साहू सहित सर्वसुरेन्द्र कौशिक, जितेन्द्र वर्मा, प्रीतपाल बेलचंदन, पार्षदगण एवं जनप्रतिनिधि भी इस दौरान मौजूद थे।

धमधा के विकास को मिलेगा नया रफ्तार, नगर पालिका गठन का ऐलान

रायपुर. लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में दुर्ग जिले के धमधा नगर पंचायत पहुंचे उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने धमधा नगर पंचायत के नगर पालिका में उन्नयन की घोषणा की। धमधावासी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। नगर पालिका के रूप में उन्नयन के बाद शहर को विकास कार्यों के लिए और ज्यादा मिलेगी तथा विकास कार्यों में तेजी आएगी। लोगों की बहुप्रतीक्षित मांग को पूर्ण करने वाली उप मुख्यमंत्री श्री साव की इस घोषणा से धमधा के सुव्यवस्थित विकास तथा जनसुविधाएं विकसित करने के कामों को और अधिक गति मिलेगी। उप मुख्यमंत्री साव ने अपने धमधा प्रवास के दौरान करीब 7 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसमें 4 करोड़ 60 लाख रुपए के कार्यों का लोकार्पण और 2 करोड़ 39 लाख रुपए के कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। उन्होंने शहर के विकास के लिए 2 करोड़ रुपए देने की भी घोषणा की। साव ने बताया कि विगत दो वर्षों में धमधा नगर पंचायत के विकास के लिए 13 करोड़ रुपए दिए गए हैं। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के विकास के लिए सक्रियता और गंभीरता से काम किए जा रहे हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, दुर्ग के सांसद विजय बघेल, विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, ईश्वर साहू और ललित चन्द्राकर भी कार्यक्रम में शामिल हुए। तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, धमधा नगर पंचायत की अध्यक्ष श्वेता अग्रवाल, उपाध्यक्ष ब्रिजेन्द्र दानी, जनपद पंचायत के अध्यक्ष लिमन साहू और पूर्व मंत्री जागेश्वर साहू सहित सुरेन्द्र कौशिक, जितेन्द्र वर्मा, प्रीतपाल बेलचंदन, पार्षद एवं जनप्रतिनिधि भी इस दौरान मौजूद थे।

“मेहनती युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त”, CGPSC आरोपी को HC से राहत नहीं

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि पेपर लीक करना मेहनत करने वाले युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है। मामले की सुनवाई जस्टिस बिभु दत्त गुरु की सिंगल बेंच में हुई। सीजी पीएससी की परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोपों की जांच सीबीआई कर रही है। इस मामले में रायपुर के शांति नगर निवासी उत्कर्ष चंद्राकर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि उसने चयन के बदले उम्मीदवारों से 50 से 60 लाख रुपए तक की मांग की थी। मामले की जांच में पता चला कि परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को रायपुर के सिद्धि विनायक पैलेस, बारनवापारा रिजॉर्ट और होटल वेंकटेश इंटरनेशनल में ठहराया गया था। प्रारंभिक परीक्षा से एक दिन पहले 12 फरवरी 2022 को उत्कर्ष ने करीब 30-35 उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र और उसके जवाब दे दिए थे। मुख्य परीक्षा के समय भी मोबाइल से प्रश्नपत्र मंगवाकर रिजॉर्ट में ठहरे उम्मीदवारों को याद कराया जाता था। मामले की अहम गवाह सुषमा अग्रवाल ने धारा 164 के तहत दिए बयान में बताया कि उत्कर्ष ने उससे 25 लाख रुपए लिए थे। 8 मई 2022 को बुक की गई बस से उम्मीदवारों को बारनवापारा रिजॉर्ट ले जाया गया, जहां लीक प्रश्नपत्रों के जरिए मुख्य परीक्षा की तैयारी करवाई गई। मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया। प्रदेश सरकार ने मामला सीबीआई को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और साक्ष्य बरामद किए हैं। बता दें कि CGPSC 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को हुई, जिसमें 2 हजार 565 पास हुए थे। इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को हुई मेंस परीक्षा में 509 अभ्यर्थी पास हुए। इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की सलेक्शन लिस्ट जारी की गई थी।

07 मई को ग्राम पंचायतों में चावल महोत्सव, रोजगार और आवास दिवस का होगा त्रिवेणी संगम

07 मई को ग्राम पंचायतों में चावल महोत्सव, रोजगार और आवास दिवस का त्रिवेणी संगम छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार के अवसर पर ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति रायपुर  छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों में कल 07 मई को विकास और जन-सेवा का एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। सुशासन तिहार के तत्वावधान में राज्य भर की पंचायतों में एक साथ चावल महोत्सव, रोजगार दिवस और आवास दिवस का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास की योजनाओं को गति देना और धरातल पर मौजूद समस्याओं का तत्काल समाधान करना है। प्रमुख उद्देश्य एवं समाधान         इस अभियान के केंद्र में ग्रामीण हितग्राही हैं। आयोजन का मुख्य लक्ष्य मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से संबंधित लंबित शिकायतों और तकनीकी समस्याओं का मौके पर ही निपटारा। पात्र हितग्राहियों को शासन की जनहितकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करना। विकास के तीन मुख्य स्तंभ         रोजगार दिवस 7 मई को मनरेगा कार्यों की सघन समीक्षा की जाएगी और आने वाले समय के लिए रोजगार के नए अवसरों के सृजन पर कार्ययोजना बनाई जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। शासन का विशेष लक्ष्य स्वीकृत आवासों को आगामी 90 दिनों के भीतर पूर्ण कराना है। जल संरक्षण हेतु “मोर गांव- मोर पानी- मोर तरिया” अभियान के अंतर्गत “नवा तरिया आय के जरिया” थीम पर विशेष चर्चा और कार्य होंगे, जिससे मत्स्य पालन या अन्य माध्यमों से आजीविका बढ़ सके। तकनीक और सहभागिता से सुशासन         अब योजनाओं की जानकारी हासिल करना और भी आसान होगा। सरकार क्यूआर (फत्) कोड आधारित सूचना प्रणाली को बढ़ावा दे रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। यह आयोजन केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।